मई 2026: ग्रेगोरियन कैलेंडर के अनुसार मई साल का पांचवा महीना होता है। सामान्यत: यह मास ऊर्जा, परिवर्तन और नई योजनाओं की शुरुआत का प्रतीक होता है। इस माह में सूर्य का वृषभ राशि में गोचर होता है और सूर्य की यह स्थिति आत्मविश्वास, निर्णय लेने की शक्ति और नेतृत्व करने की क्षमता को प्रभावित करती है। इस दौरान सरकारी कार्यों में गति आ सकती है, करियर के क्षेत्र में नई जिम्मेदारियां और पद मिल सकते हैं एवं इस समय अहंकार और क्रोध से बचने की सलाह दी जाती है।

वैसे तो, साल के हर महीने की अपनी ख़ासियत होती है जो उसे सबसे अलग और विशिष्ट बनाती है जैसे कि जनवरी में मकर संक्रांति व सकट चौथ का पर्व हो, फरवरी में बसंत पंचमी और मार्च अपने साथ होली के रंग लेकर आता है। इसी क्रम को मई 2026 भी बरकरार रखेगा और ऐसे में, आपके मन में यह जानने की उत्सुकता होगी कि यह महीना करियर, नौकरी, विवाह, प्रेम जीवन, व्यापार और पारिवारिक जीवन में किस तरह के परिणाम देगा? तो आपको इन सभी सवालों के जवाब मिलेंगे एस्ट्रोसेज एआई के मई 2026 के इस विशेष ब्लॉग में।
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एस्ट्रोसेज एआई का यह ख़ास ब्लॉग न सिर्फ़ आपके मन में उठने वाले सवालों और जिज्ञासाओं को शांत करेगा, बल्कि मई 2026 में पड़ने वाले व्रत, त्योहार, ग्रहण, गोचर और बैंक अवकाशों की तिथियों के बारे में भी विस्तृत जानकारी प्रदान करेगा। साथ ही, इस महीने में शादी-विवाह जैसे शुभ कार्यों के लिए कब-कब मुहूर्त उपलब्ध हैं? इसकी भी आपको सूची प्रदान करेंगे। तो आइए बिना देर किए शुरुआत करते हैं इस विशेष लेख की।
मई 2026 का ज्योतिषीय तथ्य और हिंदू पंचांग की गणना
01 मई, 2026 को इस मास की शुरुआत शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि पर चित्रा नक्षत्र में होगी और इसका समापन कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि को ज्येष्ठा नक्षत्र में रविवार के दिन 31 मई, 2026 को होगा। मई 2026 का पंचांग जानने के बाद अब हम चर्चा करेंगे इस माह में पड़ने वाले व्रत-त्योहारों के बारे में।
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मई 2026 के व्रत एवं त्योहार
साल 2026 के मई में अनेक व्रतों और त्योहारों को मनाया जाएगा जिनकी संपूर्ण सूची आपको नीचे दी जा रही है।
| मई 2026 | त्योहार |
| 1 शुक्रवार | वैशाख पूर्णिमा व्रत |
| 5 मंगलवार | संकष्टी चतुर्थी |
| 13 बुधवार | अपरा एकादशी |
| 14 गुरुवार | प्रदोष व्रत (कृष्ण) |
| 15 शुक्रवार | मासिक शिवरात्रि, वृष संक्रांति |
| 16 शनिवार | ज्येष्ठ अमावस्या |
| 27 बुधवार | पद्मिनी एकादशी |
| 28 गुरुवार | प्रदोष व्रत (शुक्ल) |
| 31 रविवार | पूर्णिमा व्रत |
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मई 2026 का धार्मिक महत्व
आज दुनियाभर में ग्रेगोरियन कैलेंडर सबसे ज्यादा प्रचलित है और इसमें एक वर्ष के अंदर बारह महीने आते हैं। हर महीने का अपना एक अलग महत्व होता है। मई 2026 का भी धार्मिक रूप से अत्यंत महत्व है। अगर हम हिंदू कैलेंडर के अनुसार इस महीने का पंचांग देखें, तो मई के महीने की शुरुआत वैशाख माह के तहत होगी जिसको बहुत शुभ माना गया है। वहीं, इसकी समाप्ति ज्येष्ठ माह के अंतर्गत होगी और हिंदू धर्म में इन दोनों महीनों को ही विशेष स्थान प्राप्त है।
हिंदू पंचांग के अनुसार, चैत्र पूर्णिमा तिथि के बाद वैशाख मास शुरू होता है। सामान्य शब्दों में कहें तो, वैशाख हिंदू वर्ष का दूसरा महीना होता है। वैशाख मास के धार्मिक महत्व की बात करें तो, इस महीने में दान-पुण्य और गंगा स्नान करना बेहद शुभ होता है। ऐसा माना जाता है कि इस दौरान किए गए दान-पुण्य और धार्मिक कार्यों से व्यक्ति को कई गुना फलों की प्राप्ति होती है।
हिंदू वर्ष में ज्येष्ठ तीसरा महीना होता है और इस माह को भी कल्याणकारी माना जाता है। ज्येष्ठ मास को जेट के नाम से भी जाना जाता है। बता दें कि हिंदू धर्म में हर महीने का नाम नक्षत्र पर आधारित होता है और इसी प्रकार, ज्येष्ठ माह की पूर्णिमा पर चंद्रमा ज्येष्ठ नक्षत्र में होता है इसलिए इस माह को ज्येष्ठ कहा जाता है। चलिए अब हम आगे बढ़ते हैं और नज़र डालते हैं मई 2026 के बैंक अवकाशों पर।
मई 2026 के बैंक अवकाशों की संपूर्ण सूची
मई 2026 में कब-कब नहीं खुलेंगे बैंक? इसकी जानकारी भी हम आपको इस ब्लॉग में प्रदान कर रहे हैं जो कि इस प्रकार है:
| तारीख | दिन | छुट्टियां |
| 01 मई 2026 | शुक्रवार | बुद्ध पूर्णिमा |
| 27 मई 2026 | बुधवार | बकरीद/ईद-अल-अधा |
मई 2026 में मनाये जाने वाले व्रत-त्योहारों का धार्मिक महत्व
वैशाख पूर्णिमा व्रत: 01 मई, शुक्रवार के दिन वैशाख पूर्णिमा पड़ रही है। यह वर्ष में एक बार आती है और इस पूर्णिमा को बुद्ध पूर्णिमा एवं सत्य विनायक पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है। ऐसा माना जाता है कि इस दिन भगवान बुद्ध का जन्म हुआ था इसलिए बौद्ध धर्म के अनुयायियों के लिए वैशाख पूर्णिमा का दिन ख़ास महत्व रखता है।
संकष्टी चतुर्थी: 05 मई, 2026 को मंगलवार के दिन संकष्टी चतुर्थी है। यह तिथि एवं पर्व प्रथम पूज्य भगवान गणेश को समर्पित होती है। श्री गणेश की कृपा पाने के लिए भक्त संकष्टी चतुर्थी का व्रत करते हैं।
अपरा एकादशी: 13 मई, 2026 को बुधवार के दिन अपरा एकादशी पड़ रही है। इसे अजला एकादशी के नाम से भी जाना जाता है। अपरा एकादशी हर साल ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की ग्यारहवीं तिथि पर आती है। मान्यता है कि अपरा एकादशी का व्रत करने से केदारनाथ और बद्रीनाथ के दर्शन के समान फल मिलता है।
प्रदोष व्रत (कृष्ण): 14 मई, 2026 को गुरुवार के दिन प्रदोष व्रत रखा जाएगा। कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी पर प्रदोष व्रत रखने का विधान है। यह व्रत माता पार्वती और भगवान शिव को समर्पित है। इस व्रत को सच्चे मन से करने पर मनचाहा वर मिलता है।
वृषभ संक्रांति: 15 मई, 2026 को शुक्रवार को वृषभ संक्रांति है। इस दिन सूर्य देव मेष राशि से निकलकर वृषभ राशि में प्रवेश करेंगे। जब-जब सूर्य अपनी राशि परिवर्तन करते हैं, वह दिन सभी तरह के शुभ कार्यों के लिए श्रेष्ठ होता है।
मासिक शिवरात्रि: 15 मई, 2026 को शुक्रवार के दिन वृषभ संक्रांति के साथ ही मासिक शिवरात्रि भी है। मासिक शिवरात्रि हर महीने आती है। यह पर्व भगवान शिव को समर्पित होता है। पंचांग के अनुसार, प्रत्येक माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को मासिक शिवरात्रि का व्रत किया जाता है।
ज्येष्ठ अमावस्या: 16 मई, 2026 को ज्येष्ठ अमावस्या है। ज्येष्ठ माह में आने वाली अमावस्या को ज्येष्ठ अमावस्या के नाम से जाना जाता है। इस दिन शनि जयंती का पर्व भी मनाया जाता है। उत्तर भारत में सुहागिन महिलाएं ज्येष्ठ अमावस्या के दिन अपने पति की लंबी आयु के लिए वट सावित्री का व्रत करती हैं।
पद्मिनी एकादशी: 27 मई, 2026 को बुधवार के दिन पद्मिनी एकादशी है। इसे कमला या पुरुषोत्तमी एकादशी भी कहा जाता है। इस एकादशी का व्रत रखने के लिए कोई चंद्र मास तय नहीं है। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा होती है।
पूर्णिमा व्रत: 28 मई, 2026 को गुरुवार के दिन पूर्णिमा व्रत है। इस दिन चंद्रमा अपनी पूर्ण कलाओं के साथ दिखता है। नए कार्यों की शुरुआत के लिए पूर्णिमा के दिन को अत्यंत शुभ माना जाता है।
प्रदोष व्रत (शुक्ल): 28 मई, 2026 को शुक्रवार के ही दिन शुक्ल पक्ष में आने वाला प्रदोष व्रत भी है। यह व्रत माता पार्वती और भगवान शिव को समर्पित होता है। प्रदोष व्रत से जातक को दीर्घायु और अच्छे स्वास्थ्य की प्राप्ति होती है।
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मई 2026 में पड़ने वाले ग्रहण और गोचर
मई के माह में कई ग्रह गोचर करने जा रहे हैं। इस महीने में होने वाले सभी ग्रहों के गोचर की जानकारी आगे विस्तार से दी गई है।
बुध मेष राशि में अस्त: 01 मई, 2026 को रात्रि 11 बजकर 08 मिनट पर बुध मेष राशि में अस्त होने जा रहे हैं।
मंगल का मेष राशि में गोचर: 11 मई 2026, सोमवार को दोपहर 12:50 बजे मंगल ग्रह अपने मित्र बृहस्पति की मीन राशि से निकलकर अपनी स्वामित्व वाली मेष राशि में प्रवेश करेंगे।
शुक्र का मिथुन राशि में गोचर: वर्ष 2026 में 14 मई को प्रातः 10:35 बजे शुक्र ग्रह अपनी स्वराशि वृषभ को छोड़कर मिथुन राशि में प्रवेश करेंगे।
बुध का वृषभ राशि में गोचर: वर्ष 2026 में 15 मई को रात्रि 00:18 बजे, बुध ग्रह मेष राशि को छोड़कर वृषभ राशि में प्रवेश करेंगे।
वृषभ राशि में सूर्य का गोचर: सूर्य 15 मई, शुक्रवार को प्रातः 06:00 बजे अपनी उच्च राशि मेष से निकलकर शुक्र ग्रह की स्वामित्व वाली वृषभ राशि में प्रवेश करेंगे।
बुध का वृषभ राशि में उदय: वैदिक ज्योतिष में बुध को बुद्धि, वाणी, तर्क और संचार कौशल का कारक ग्रह माना जाता है जो 26 मई 2026 की रात 11 बजकर 19 मिनट पर वृषभ राशि में उदित होने जा रहे हैं।
बुध का मिथुन राशि में गोचर: ग्रहों के राजकुमार के नाम से प्रसिद्ध बुध ग्रह 29 मई, 2026 की सुबह 11 बजे मिथुन राशि में गोचर करेंगे।
नोट: मई 2026 के दौरान कोई ग्रहण नहीं लगेगा।
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मई 2026 में जन्मे जातकों की विशेषताएं
हर महीने में पैदा होने वाले जातकों के अंदर कुछ खासियतें होती हैं। आज इस ब्लॉग में हम आपको बताने जा रहे हैं कि जिन लोगों का जन्म मई मास में होता है, उनका स्वभाव कैसा होता है और उनके अंदर क्या विशेषताएं होती हैं।
इस महीने में पैदा होने वाले जातकों में व्यवहारिकता और सहजता का अनूठा मिश्रण देखने को मिलता है जो उन्हें विविध गुणों के साथ आकर्षक बनाता है। आगे विस्तार से बताया गया है कि मई में जन्मे जातकों की विशेषताएं, ताकत और कमज़ोरी क्या होती है। एक बार ये जो लक्ष्य बना लेते हैं, फिर उसे पाने के लिए निरंतर प्रयास करते हैं। चाहे उसमें कितना भी समय क्यों न लगे, उसे छोड़ते नहीं हैं। ये असफलताओं से निराश नहीं होते हैं और आगे बढ़ने का रास्ता ढूंढ ही लेते हैं।
खासतौर पर मई में जन्मे मिथुन राशि वाले लोग आकर्षक होते हैं और ये अपनी बातों से दूसरों को प्रभावित करने में सक्षम होते हैं। ये किसी से भी बात कर सकते हैं और लोगों को सहज महसूस करवाने में निपुण होते हैं। इनका हंसमुख व्यवहार और जीवंत व्यक्तित्व इन्हें किसी भी पार्टी की जान बना देता है।
मई 2026 में मुंडन संस्कार के लिए शुभ मुहूर्त
| दिनांक | आरंभ काल | समाप्ति काल |
| शुक्रवार, 01 मई | 05:40:51 | 22:55:30 |
| सोमवार, 04 मई | 09:58:33 | 29:27:40 |
| सोमवार, 11 मई | 15:27:41 | 25:29:33 |
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मई 2026 में विवाह के लिए शुभ मुहूर्त
| दिनांक | दिन | नक्षत्र | तिथि | मुहूर्त का समय |
| 01 मई 2026 | शुक्रवार | हस्त | अष्टमी | शाम 7 बजकर 55 मिनट से अगली सुबह 06 बजकर 23 मिनट तक |
| 02 मई 2026 | शनिवार | हस्त | नवमी | सुबह 06 बजकर 23 मिनट से सुबह 10 बजकर 26 मिनट तक |
| 03 मई 2026 | रविवार | स्वाती | दशमी | शाम 06 बजकर 57 मिनट से 04 मई की सुबह 06 बजकर 22 मिनट तक |
मई 2026 में अन्नप्राशन संस्कार के शुभ मुहूर्त
अगर आप अपनी संतान का अन्नप्राशन संस्कार संपन्न करने का मन बना रहे हैं, लेकिन कोई शुभ मुहूर्त आपको मिल नहीं रहा है, तो यहां हम आपको मई 2026 में उपलब्ध अन्नप्राशन संस्कार के शुभ मुहूर्तों की संपूर्ण सूची प्रदान कर रहे हैं।
| तिथि | दिन | समय |
| 1 मई | शुक्रवार | 10:00 AM – 09:13 PM |
| 3 मई | रविवार | 07:10 AM – 10:28 PM |
| 5 मई | मंगलवार | 07:39 PM – 05:37 AM (6 मई) |
| 6 मई | बुधवार | 05:37 AM – 03:54 PM |
| 7 मई | गुरुवार | 06:46 PM – 05:35 AM (8 मई) |
| 8 मई | शुक्रवार | 05:35 AM – 12:21 PM |
| 13 मई | बुधवार | 08:55 PM – 05:31 AM (14 मई) |
| 14 मई | गुरुवार | 05:31 AM – 04:59 PM |
नये साल में करियर की कोई भी दुविधा कॉग्निएस्ट्रो रिपोर्ट से करें दूर
मई 2026 में कर्णवेध संस्कार के लिए शुभ मुहूर्त
मई 2026 में जो माता-पिता अपनी संतान का कर्णवेध संस्कार संपन्न करना चाहते हैं, उनके लिए हम कर्णवेध संस्कार के शुभ मुहूर्त लेकर आये हैं।
| तारीख | समय |
| 3 मई 2026 | 07:39-13:22, 15:39-20:15 |
| 4 मई 2026 | 06:47-10:58 |
| 9 मई 2026 | 06:28-08:23, 10:38-17:32 |
| 10 मई 2026 | 06:24-08:19, 10:34-17:28 |
| 14 मई 2026 | 06:08-12:39, 14:56-18:23 |
| 15 मई 2026 | 08:00-10:14 |
नए वर्ष की भविष्यवाणी प्राप्त करें वार्षिक कुंडली 2026 से
मई मासिक भविष्यवाणी 2026: 12 राशियों का भविष्यफल
मेष राशि
मेष राशि वालों के लिए मई का महीना सामान्य तौर पर मिले-जुले परिणाम देता हुआ प्रतीत हो रहा है। महीने की शुरुआत से लेकर……(विस्तार से पढ़ें)
वृषभ राशि
इस महीने सूर्य ग्रह क्रमशः आपके द्वादश और पहले भाव में गोचर करेंगे। सूर्य के लिए ये दोनों ही स्थितियां अनुकूल नहीं कही जाएगी। हालांकि…(विस्तार से पढ़ें)
मिथुन राशि
इस महीने सूर्य ग्रह आपको मिले-जुले परिणाम दे सकता है। हालांकि, 15 मई से पहले सूर्य देव आपको शुभ फल प्रदान करेंगे और उसके बाद…(विस्तार से पढ़ें)
कर्क राशि
मई में सूर्य से आप अच्छे परिणामों की उम्मीद रख सकते हैं। वहीं, मंगल ग्रह 11 मई तक आपके भाग्य भाव में रहेंगे और इसे थोड़ी कमजोर…(विस्तार से पढ़ें)
सिंह राशि
महीने के पहले भाग में सूर्य देव उच्च और दूसरे पक्ष में दशम भाव में रहेंगे। ऐसे में, आपको अच्छे परिणाम देंगे। मंगल देव…(विस्तार से पढ़ें)
कन्या राशि
अपनी राशि में होने के कारण मंगल देव कुछ मामलों में आपको अच्छे परिणाम भी दे सकेंगे, इसलिए इनसे सकारात्मक की उम्मीद नहीं रखनी चाहिए। वहीं बुध ग्रह …(विस्तार से पढ़ें)
कालसर्प दोष रिपोर्ट – काल सर्प योग कैलकुलेटर
तुला राशि
इस महीने सूर्य देव आपके सप्तम और अष्टम भाव में रहेंगे। सूर्य के ये दोनों ही गोचर अच्छे नहीं माने जाएंगे। हालांकि, महीने के पहले हिस्से में…(विस्तार से पढ़ें)
वृश्चिक राशि
महीने के पहले हिस्से में सूर्य आपको बहुत अच्छे और दूसरे हिस्से में कमजोर परिणाम दे सकते हैं। मंगल देव 11 मई तक आपको थोड़े कमजोर…(विस्तार से पढ़ें)
धनु राशि
पांचवे भाव में सूर्य के गोचर को बहुत अच्छा नहीं माना जाता है, लेकिन उच्च राशि में होने के कारण सूर्य आपको औसत से बेहतर परिणाम दे सकते हैं। वहीं, 15 मई के बाद…(विस्तार से पढ़ें)
मकर राशि
इस महीने सूर्य से कोई विशेष उम्मीद नहीं रखनी चाहिए। मंगल ग्रह 11 मई तक आपके तीसरे भाव में होंगे जो…(विस्तार से पढ़ें)
कुंभ राशि
मई मासिक राशिफल 2026 के अनुसार, इस महीने सूर्य ग्रह आपके तीसरे और चौथे भाव में रहेंगे। 15 मई तक सूर्य का गोचर…(विस्तार से पढ़ें)
मीन राशि
मई मासिक राशिफल 2026 के अनुसार, इस महीने सूर्य ग्रह का गोचर आपके दूसरे और तीसरे भाव में होगा। 15 मई तक सूर्य उच्च अवस्था में आपके…(विस्तार से पढ़ें)
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्नों
05 मई को संकष्टी चतुर्थी का व्रत है।
01 मई, 2026 को इस मास की शुरुआत शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि पर चित्रा नक्षत्र में होगी।
15 मई को मासिक शिवरात्रि है।