मंगल का कर्क राशि में गोचर: एस्ट्रोसेज एआई अपने पाठकों के लिए ‘मंगल का कर्क राशि में गोचर” का यह विशेष ब्लॉग लेकर आया है जिसमें आपको मंगल के इस गोचर से जुड़ी समस्त जानकारी प्राप्त होगी। साथ ही, मंगल का कर्क राशि में होने वाला यह राशि परिवर्तन सभी राशियों के साथ-साथ देश-दुनिया को कैसे प्रभावित करेगा? इससे भी आपको अवगत करवाएंगे। तो आइए बिना देर किए शुरू करते हैं मंगल गोचर का यह ब्लॉग।

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वैदिक ज्योतिष में मंगल ग्रह को साहस, शक्ति और ऊर्जा के कारक ग्रह माना जाता है जो भूमि पुर्त के नाम से भी जाने जाते हैं। देश के भिन्न-भिन्न हिस्सों में मंगल का संबंध अलग-अलग देवी-देवताओं से माना गया है। दक्षिण भारत में इसका संबंध भगवान कार्तिकेय या मुरुगन, उत्तर भारत में भगवान हनुमान और महाराष्ट्र में भगवान गणेश से माना जाता है।
मंगल को लाल ग्रह के नाम से भी जाना जाता है जो मनुष्य शरीर में ऊर्जा, शक्ति, सहनशक्ति, इच्छाशक्ति, आत्मविश्वास और कार्य पूरा करने की क्षमता का प्रतिनिधित्व करते हैं। मंगल ग्रह से प्रभावित लोग अक्सर मज़बूत, तेज़ और विचारों के स्पष्ट होते हैं। इसके अलावा, मंगल महाराज भूमि, संपत्ति, तकनीक औ इंजीनियरिंग को भी दर्शाते हैं। ऐसे में, मानव जीवन में मंगल की भूमिका महत्वपूर्ण हो जाती है। चलिए अब जानते हैं मंगल का कर्क राशि में गोचर आपके लिए कैसा रहने वाला है।
ज्योतिषीय दृष्टि से मंगल ग्रह
मंगल ग्रह को सेना, नौसेना, वायुसेना, पुलिस, इंजीनियर, अपराधी, फायरफाइटर और हथियार आदि का प्रतिनिधित्व करते हैं। इसे युद्ध हिंसा और संघर्ष का ग्रह माना जाता है। बता दें कि मंगल देव का जुड़ाव आग की घटनाओं, विस्फोट, डेंटिस्ट, सर्जन और तख्तापलट से भी है। साथ ही, यह अपहरण, दुर्घटनाओं और चोरी आदि को भी नियंत्रित करते हैं।
मंगल महाराज का जुड़ाव घुसपैठ, गुप्त शत्रुओं, और अप्राकृतिक मृत्यु से भी माना जाता है। यदि किसी व्यक्ति की कुंडली में मंगल मज़बूत अवस्था में होते हैं, तो यह मैन्युफैक्चरिंग, औद्योगिक विकास और लौह-इस्पात से जुड़े उद्योगों को बढ़ावा देने का काम करते हैं। वहीं, कुंडली में मंगल देवग्रह अशुभ स्थिति में होता है, वह बड़ी दुर्घटनाओं, राजनीतिक अशांति, विद्रोह, आगजनी, हादसों, यौन अपराधों, चोरी और अचानक होने वाली दुर्घटनाओं, राजनीतिक अशांति, विद्रोह, आगजनी, हादसों, यौन अपराधों, चोरी और अचानक होने वाली घटनाओं को नियंत्रित करते हैं। मंगल देव का संबंध हवाई, रेल और सड़क दुर्घटनाओं, खनन दुर्घटनाओं, तूफान, चक्रवात, ज्वालामुखी विस्फोट जैसी प्राकृतिक आपदाओं से होता है।
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मुंडेन एस्ट्रोलॉजी में कर्क राशि
राशि चक्र में कर्क राशि चौथे स्थान पर आती हैं और इसके स्वामी ग्रह चंद्र देव हैं। कर्क राशि का संबंध जल तत्व से है जो पालन-पोषण, भावनाओं, देखभाल, घर और माता के साथ रिश्ते से जुड़ी है। साथ ही, यह घर में सुख-सुविधाएं, फेफड़ों, भूमि, संपत्ति और मातृभूमि का भी दर्शाती है।
मुंडेन ज्योतिष में कर्क राशि भूमि, फसल, कृषि उद्योग, खनन, खनिज, भू-संपत्ति, रियल एस्टेट, झुग्गी-झोपडी और होटल आदि क्षेत्रों को भी नियंत्रित करती है। इसके अलावा, मौसम और प्राकृतिक आपदाओं जैसे भूस्खलन, जंगलों में आग, ज्वालामुखी विस्फोट, खनन दुर्घटनाएं, भूकंप और बाढ़ से भी कर्क राशि संबंधित है।
बता दें कि कर्क राशि कॉलेज, स्कूल, और अन्य शैक्षिक संस्थानों, विपक्षी दलों, देशभक्ति, राष्ट्र के नेतृत्व या सत्ता, लोकतांत्रिक आंदोलनों, नगर निगम, जनता, खुशियों, ट्रेड और कृषि आदि का भी प्रतिनिधित्व करता है।
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मंगल का कर्क राशि में गोचर: समय और विशेषताएं
मंगल का कर्क राशि में गोचर 18 सितंबर 2026 की शाम 05 बजकर 03 मिनट पर कर जाएंगे। चलिए अब हम बिना देर किए आगे बढ़ते हैं और आपको अवगत करवाते हैं कर्क राशि में मंगल ग्रह की विशेषताओं से।
- मंगल का कर्क राशि में गोचर के दौरान लोग अपने प्रियजनों, प्राइवेट प्लेस और मानसिक शांति को लेकर भावुक हो सकते हैं।
- इस समय जातकों में भावनात्मक विस्फोट या फिर भावनात्मक संतुलन की कमो नज़र आ सकती है।
- जातक ऊर्जा का सही इस्तेमाल घर-परिवार, घरेलू मामलों, घर या संपत्ति की मरम्मत और रेनोवेशन में कर सकते हैं।
- मंगल का कर्क राशि में गोचर के दौरान लोग अपने घर और उसकी नींव को मज़बूत बनाकर जीवन को बेहतर बना सकते हैं।
- ज्योतिष में मंगल देव को स्वास्थ्य, रक्त, मांसपेशियों, ऊर्जा और सहनशक्ति के कारक माना है। कर्क राशि में मंगल के अशुभ होने पर जातकों को दुर्घटना, सीने में जलन, एसिडिटी, ब्लड प्रेशर और पाचन से जुड़ीं समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।
- कर्क राशि द्वारा भूमि, संपत्ति और घर को दर्शाया जाता है इसलिए इस दौरान रियल एस्टेट में तेज़ी आ सकती है जो अपने साथ कुछ समस्याएं लेकर आ सकती हैं।
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मंगल का कर्क राशि में गोचर: विश्व पर प्रभाव
- मंगल का कर्क राशि में गोचर के दौरान देशों का ध्यान सीमा की सुरक्षा पर केंद्रित होगा।
- दुनियाभर के बड़े नेता संवेदनशील, रक्षात्मक और कार्रवाई के लिए तैयार नजर आ सकते हैं।
- जल स्रोतों और जल क्षेत्रों पर अधिकार को लेकर विवाद बढ़ सकते हैं।
- समुद्र या विश्व के अन्य क्षेत्रों में दुर्घटनाएं जैसे जहाज दुर्घटना या सुनामी घटने की आशंका है।
- जल आपूर्ति या पावर ग्रिड से जुड़ी समस्याएं पैदा हो सकती हैं।
- हालांकि, रियल एस्टेट के बिज़नेस में तेज़ी आ सकती है।
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सरकार पर प्रभाव
- मंगल का कर्क राशि में गोचर की अवधि में पडोसी देशों के साथ तनाव बढ़ सकता है।
- सरकार, सेना और सीमा सुरक्षा देश की सीमाओं की रक्षा पर ध्यान देंगे।
- सरकारी डिबेट नाटकीय रूप ले सकती है और निजी आरोप-प्रत्यारोप भी बढ़ सकते हैं।
- सरकार आवास, भूमि और निर्माण से जुड़े प्रोजेक्ट शुरू कर सकती है।
- भावनाओं के उग्र होने से जनता में आक्रोश या विरोध देखने को मिल सकता है।
- मंगल का यह गोचर किसानों के लिए अच्छा रहेगा और उनका अपनी भूमि एवं फसल के प्रति भावनात्मक जुड़ाव बढ़ेगा। साथ ही, खेती-कटाई से जुड़े कार्यों पर ध्यान केंद्रित रहेगा।
मंगल का कर्क राशि में गोचर: शेयर बाजार भविष्यवाणी
- शेयर बाजार भविष्यवाणी के अनुसार, मंगल का संबंध खनिजों में तांबा और सोने से माना जाता है इसलिए मंगल गोचर के दौरान इन धातुओं से जुड़े कारोबार में गिरावट आने की संभावना है।
- कमोडिटी में मंगल का जुड़ाव मसूर दाल, लाल मिर्च, हथियार और गुड़ से माना जाता है। ऐसे में, इन चीज़ों का व्यापार सुस्त पड़ सकता है।
- मंगल का कर्क राशि में गोचर के दौरान शेयर मार्केट में तेज़ी से बदलाव नज़र आ सकते हैं। साथ ही, भावनाओं के वश में आकर ट्रेडिंग करने से लोगों को हानि हो सकती है।
- रियल एस्टेट बिज़नेस में तेजी आ सकती है, लेकिन इसके साथ कई चुनौतियां भी बनी रह सकती हैं।
मंगल का कर्क राशि में गोचर: इन राशियों के लिए रहेगा लाभदायी
कर्क राशि
कर्क राशि के जातकों के लिए मंगल योगकारक ग्रह हैं जो आपके पहले/लग्न भाव में गोचर कर रहे हैं। ऐसे में, मंगल का कर्क राशि में गोचर आपके लिए बेहतरीन अवसर, सहराहना और पेशेवर जीवन में होने वाले कम्पटीशन में सफलता लेकर आ सकता है। हालांकि, बाहरी विवादों से ज्यादा नकारात्मक विचारों और भावनात्मक तनाव से आपको सावधान रहना होगा।
कर्क राशि में मंगल के नीच अवस्था में बैठे होने के कारण आपका स्टैमिना कमज़ोर, कार्यों में देरी या मूड में बदलाव जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। मंगल गोचर के दौरान आपको कपनी या दूसरों की आलोचनना करने से बचना होगा। साथ ही, आपको तनाव दूर करने के लिए एक्सरसाइज, योग और रचनात्मक कार्यों में समय लगाने की सलाह दी जाती है।
तुला राशि
तुला राशि के जातकों के लिए मंगल देव आपके दूसरे और सातवें भाव के स्वमी हैं जो अब आपके दसवें भाव में गोचर करने जा रहे हैं। कुंडली में दसवां भाव कार्यक्षेत्र और रोज़गार का होता है। ऐसे में, मंगल का कर्क राशि में गोचर आपके शक्ति, ऊर्जा, आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता को बढ़ाने का काम करेगा। हालांकि, इस दौरान आपको बेकार के विवादों से बचना होगा और किसी नए व्यापार में बड़ी रकम निवेश करने की सलाह दी जाती है।
इन जातकों को कार्यक्षेत्र में कूटनीति के साथ चलना होगा और ऑफिस पॉलिटिक्स या मैनेजमेंट में होने वाले अचानक बदलाव पर तुरंत करें। धैर्य और समझदारी से उठाए गए कदम आपको नौकरी में मान-सम्मान दिलाने का काम करेंगे।
कुंभ राशि
कुंभ राशि के जातकों के लिए मंगल महाराज आपके तीसरे और दसवें भाव के स्वामी हैं जो अब आपके छठे भाव में गोचर करने जा रहे हैं। इस भाव का संबंध दैनिक जीवन, विरोधियों, स्वास्थ्य और प्रतियोगिता से होता है। मंगल का कर्क राशि में गोचर आपको समस्याओं से बाहर आने, छिपे हुए शत्रुओं और कार्यक्षेत्र की चुनौतियों पर जीत हासिल करने में आपकी सहायता करेगा।
इस दौरान आप मुश्किल कामों को आसानी से पूरा करने में सक्षम होंगे। साथ ही, आप अपने प्रतिद्वंदियों से आगे रहेंगे। हालांकि, आपको मंगल के इस गोचर के दौरान हल्की सूजन, मांसपेशियों में थकान या तनाव जैसे समस्याएं परेशान कर सकती हैं इसलिए आपको सावधान रहना होगा। ऑफिस में सहकर्मियों के साथ विवाद में पड़ने के बजाय अपनी ऊर्जा कार्यों और प्रोजेक्ट्स को पूरा करने में लगाएं।
मंगल का कर्क राशि में गोचर: इन राशियों को रहना होगा सतर्क
मेष राशि
मेष राशि के जातकों के लिए मंगल देव आपके लग्न भाव और आठवें भाव के स्वामी हैं जो अब आपके चौथे भाव में गोचर करेंगे। सामान्य रूप से मंगल का चौथे भाव में गोचर आपके पारिवारिक जीवन की ख़ुशियों के लिए शुभ नहीं माना जाता है। हालांकि, पहले भाव के स्वामी होने के कारण इस दौरान आपका ध्यान घर और संपत्ति से जुड़े मामलों पर केंद्रित रहेगा।
कुंडली में मंगल ग्रह कमज़ोर अवस्था में होने पर आपको मानसिक बेचैनी और घर या प्रॉपर्टी से जुड़े विवादों का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि, कुंडली में दशाएं अनुकूल होने पर आपको संपत्ति प्राप्त होने के योग बनेंगे। मंगल गोचर के दौरान आपको अपनी माता की सेहत का ध्यान रखना होगा। साथ ही, इस दौरान आप घर की मरम्मत या प्रॉपर्टी खरीदने से जुड़े फैसले जल्दबाजी में लेने से बचना होगा।
वृश्चिक राशि
वृश्चिक राशि वालों के लिए मंगल ग्रह आपके लग्न भाव और छठे भाव के स्वामी हैं। अब यह आपके नौवें भाव में गोचर करके नीच अवस्था में होंगे। ऐसे में, पहले भाव और छठे भाव के स्वामी का नीच अवस्था में मौजूद होना आपकी सेहत के लिए अच्छा नहीं कहा जा सकता है। मंगल का कर्क राशि में गोचर आपके नौवें भाव में होगा इसलिए आपको लंबी दूरी की यात्रा करते समय विशेष सावधानी बरतनी होगी।
इस समय आप धर्म के नाम पर धोखाधड़ी के शिकार हो सकते हैं। छात्रों को उच्च शिक्षा में समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। आपकी योजनाओं में भी देरी हो सकती है। मंगल गोचर की अवधि में आपको यात्रा या क़ानूनी मामलों में धैर्य बनाए रखना होगा। इस समय आप टीचगेर्स, मेंटर्स या पिता तुल्य लोगों के साथ मतभेद में पड़ने से बचना होगा। इस समय आप खुद पर ध्यान दें और तरक्की के मार्ग पर आगे बढ़ें।
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धनु राशि
धनु राशि वालों को मंगल के कर्क राशि में गोचर के दौरान सावधान रहना होगा क्योंकि इनका यह गोचर आपके आठवें भाव में हो रहा है। बता दें कि आठवें भाव में मंगल के गोचर को ज्यादा अच्छा नहीं कहा जाता है क्योंकि इस भाव का संबंध अचानक बदलाव, संयुक्त धन, संयुक्त संपत्ति और मानसिक स्थिति में होने वाले परिवर्तन से होता है। ऐसे में, मंगल आपके जीवन में समस्याएं, तनाव या स्वास्थ्य समस्या दे सकता है। इसके परिणामस्वरूप, आपको वाहन चलाते समाय या धारदार वस्तुओं का इस्तेमाल करते समय सावधान रहने की सलाह दी जाती है। साथ ही, सट्टेबाजीया कोई बड़ा जोखिम उठाने से बचें।
मंगल का कर्क राशि में गोचर: सरल उपाय
- हनुमान जी, भगवान कार्तिकेय या गणेश जी की पूजा करें और मंगलवार के दिन मिठाई का दान करें।
- प्रतिदिन हनुमान चालीसा, गणेश चालीसा या श्री सुब्रह्मण्य चालीसा का पाठ करें।
- नियमित रूप से मंगल ग्रह के बीज मंत्र “ॐ क्रां क्रीं क्रौं सः भौमाय नमः” का जाप करें।
- आप शारीरिक गतिविधियों जैसे तेज़ चलना, व्यायाम, योग या अपनी पसंद के कार्यों को करके खुद को सक्रिय रखें।
- रोज़ाना गुड़ का सेवन करें।
- अपनी भावनाओं पर नियंत्रण रखें और जल्दबाजी में कोई फैसला न लें।
- महिलाएं रसोई में काम करते समय सावधान रहें।
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इसी आशा के साथ कि, आपको यह लेख भी पसंद आया होगा एस्ट्रोसेज के साथ बने रहने के लिए हम आपका बहुत-बहुत धन्यवाद करते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
मंगल का कर्क राशि में गोचर 18 सितंबर 2026 को होगा।
मंगल कर्क राशि में 12 नवंबर 2026 तक रहेंगे।
हनुमान जी की पूजा करें और नियमित रूप से हनुमान चालीसा का पाठ करें।