क्‍या है वैशाख के महीने का महत्‍व?

कब शुरू हो रहा है वैशाख माह 2026, देख लें सारे व्रत-त्‍योहारों की लिस्‍ट!

वैशाख माह 2026: धर्म साधक के लिए वैशाख का महीना सबसे अच्‍छा माना जाता है। इस महीने में जल दान का बहुत महतव है क्‍योंकि वैशाख के महीने में जल का दान करने से समृद्धि और संपन्‍नता प्राप्‍त होती है। इसके अलावा वैशाख में स्‍नान दान करने का भी विशेष महत्‍व है।

एस्‍ट्रोसेज एआई के इस विशेष ब्‍लॉग वैशाख माह 2026 में आगे विस्‍तार से बताया गया है कि इस मास की शुरुआत और समापन कब हो रहा है, इसका क्‍या महत्‍व है, इस माह में क्‍या किया जाता है और इससे जुड़ी पौराणिक कथा क्‍या है।

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वैशाख माह 2026 की तिथि

हिंदू पंचांग के अनुसार वैशाख मास का साल का दूसरा महीना होता है। यह माह भगवान विष्‍णु को अतिप्रिय होता है। माना जाता है कि त्रेता युग की शुरुआत इसी महीने में हुई थी। इसे ‘माधव माह’ के नाम से भी जाना जाता है जो कि भगवान विष्‍णु के अवतार श्रीकृष्‍ण का ही एक नाम है।

धार्मिक अनुष्‍ठानों के लिए वैशाख माह बहुत खास एवं महत्‍वपूर्ण होता है। इस बार 03 अप्रैल, 2026 से वैशाख के महीने की शुरुआत हो रही है और इसका समापन 1 मई, 2026 को होगा। विशाखा नक्षत्र से संबंध होने के कारण इस महीने का नाम वैशाख पड़ा है।

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वैशाख माह 2026 का महत्‍व

शास्‍त्रों में वैशाख के महीने को बहुत खास बताया गया है। मान्‍यता है कि इसी महीने में भगवान विष्‍णु ने अपने कई अवतार जैसे कि नर-नारायण, नृसिंह और परशुराम के रूप में धरती पर अवतरित हुए थे। इसके अलावा माता सीता का जन्‍म भी वैशाख मास की शुक्‍ल पक्ष की नवमी तिथि को हुआ था जिसे सीता नवमी के नाम से मनाया जाता है। शुभ कार्य करने, दान-पुण्‍य करने के लिए वैशाख माह 2026 को अत्‍यंत शुभ माना जाता है। पद्म पुराण के अनुसार वैशाख के महीने में प्रात: काल गंगा नदी या किसी पवित्र नदी या तालाब में स्‍नान करने से अश्‍वमेघ यज्ञ जितना फल प्राप्‍त होता है।

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वैशाख माह का कैसे पड़ा यह नाम

विशाखा नक्षत्र से संबंध होने के कारण इस महीने को वैशाख का महीना कहा गया। विशाखा नक्षत्र के स्वामी देवगुरु बृहस्पति और देवता इंद्र हैं। ऐसे में इस पूरे महीने में स्नान-दान, व्रत और पूजा से अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है। यह महीना बहुत ही शुभ माना जाता है और इस महीने कुछ राशि के जातकों को शुभ फल की प्राप्ति होगी।

वैशाख माह 2026 से जुड़ी मान्‍यताएं

शास्‍त्रों में कहा गया है कि वैशाख के जैसा कोई अन्‍य माह नहीं है, सतयुग की तरह कोई युग नहीं है और वेदों के समान कोई शास्‍त्र नहीं है। इसी विशेषता के कारण वैशाख माह को सभी मासों में उत्तम माना गया है। ऐसा कहा जाता है कि भगवान विष्‍णु ने मधु दैत्‍य का वध इसी महीने में किया था इसलिए इस महीने को माधव मास कहा जाता है।

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वैशाख माह 2026 से जुड़ी पौराणिक कथा

पौराणिक कथा के अनुसार एक बार देवर्षि नारद ने राजा अम्‍बरीश से कहा कि स्‍वयं ब्रह्मा जी ने वैशाख के महीने को अन्‍य सभी मासों में सबसे उत्तम बताया है। इस दौरान सभी तीर्थ और देवी-देवता जल में निवास करते हैं। विष्‍णु जी की आज्ञा से मनुष्‍य जाति के कल्‍याण के लिए वे सूर्योदय से लेकर छह घड़ी तक जन में ही उपस्थित रहते हैं। जो पुण्‍य किसी मनुष्‍य को दान और और जो फल सभी तीर्थों के दर्शन से मिलता है, वह पुण्‍य और फल वैशाख मास में केवल जल का दान करने से मिल जाता है। महर्षि नामक एक राजा को वैशाख मास में केवल पवित्र नदी में स्‍नान करने से ही मोक्ष की प्राप्‍त‍ि हो गई थी।

मान्‍यता है कि वैशाख में आने वाली पूर्णिमा को ब्रह्मा जी ने तिल उत्‍पन्‍न किए थे। वहीं एक अन्‍य पौराणिक कथा के अनुसार भगवान विष्‍णु के स्‍वेद से सफेद एवं काले तिल उत्‍पन्‍न हुए थे। इसी वजह से वैशाख के महीने में सभी प्रकार के धार्मिक अनुष्‍ठानों में काले तिलों का प्रयोग किया जाता है। लेकिन इस मास में देवी-देवताओं की पूजा में केवल सफेद तिलों का उपयोग किया जाता है। इस मास में तिल के दान के साथ-साथ जल, छाता, पंखा, चटाई और चरण पादुका का दान करना भी विशेष रूप से फलदायी माना जाता है।

जिस तरह माघ के महीने में प्रयाग में कल्‍पवास करना शुभ रहता है, उसी तरह वैशाख के महीने में उज्‍जैन में कल्‍पवास करना पुण्‍यदायी माना गया है। चैत्र पूर्णिमा से लेकर वैशाख पूर्णिमा तक रोज़ शिप्रा स्‍नान करने का बहुत महत्‍व है। ऐसा माना जाता है कि जो व्‍यक्‍ति वैशाख के महीने में यहां वास करता है, वह साक्षात शिव स्‍वरूप हो जाता है।

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वैशाख माह 2026 के त्‍योहारों की सूची

व्रत-त्‍योहारतिथि
वरुथिनी एकादशी13 अप्रैल, 2026, सोमवार
मेष संक्रांति14 अप्रैल, 2026, मंगलवार
सोलर नववर्ष14 अप्रैल, 2026, मंगलवार
परशुराम जयंती19 अप्रैल, 2026, रविवार
अक्षय तृतीया19 अप्रैल, 2026, रविवार
गंगा सप्‍तमी23 अप्रैल, 2026 गुरुवार
सीता नवमी25 अप्रैल, 2026, शनिवार
मोहिनी एकादशी27 अप्रैल, 2026, सोमवार
नृसिंह जयंती30 अप्रैल, 2026, गुरुवार
बुद्ध पूर्णिमा01 मई, 2026, शुक्रवार
वैशाख पूर्णिमा01 मई, 2026, शुक्रवार

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वैशाख माह 2026 के त्‍योहारों का महत्‍व

वैशाख के महीने में कई बड़े एवं महत्‍वपूर्ण त्‍योहार आते हैं जिनके बारे में आगे विस्‍तार से बताया गया है:

वरुथिनी एकादशी: हिंदू पूर्ण‍िमांत कैलेंडर के अनुसार वैशाख मास की कृष्‍ण पक्ष की एकादशी और अमांत हिंदू पंचांग के अनुसार चैत्र मास की कृष्‍ण पक्ष की एकादशी को वरूथिनी एकादशी पड़ती है। इस एकादशी पर व्रत एवं पूजन करने से सभी मनोकामनाओं की पूर्ति होती है।

परशुराम जयंती: माना जाता है कि इस दिन भगवान परशुराम का प्रादुर्भाव हुआ था। इस दिन को भगवान परशुराम के जन्‍मोत्‍सव के रूप में मनाया जाता है। माना जाता है कि आज भी भगवान परशुराम महेंद्र पर्वत पर तपस्‍या कर रहे हैं।

अक्षय तृतीया: हिंदू धर्म में अक्षय तृतीया को बहुत शुभ माना गया है। इस दिन भगवान विष्‍णु एवं माता लक्ष्‍मी की पूजा की जाती है। भगवान विष्‍णु को प्रसन्‍न करने और अक्षय पुण्‍य की प्राप्‍ति के लिए इस दिन हवन, पूजा, तर्पण और दान आदि किया जाता है।

गंगा सप्‍तमी: इस दिन का संबंध गंगा जी के पुनर्जन्‍म से जुड़ा है। पौराणिक मान्‍यता के अनुसार एक बार गंगा जी के वेग से एक ऋषि का आश्रम नष्‍ट हो गया था। इससे कूपिक होकर ऋषि ने अपने तपोबल से समस्‍त नदी के जल को पी लिया था। इसके बाद देवताओं के आग्रह पर उ9 ऋषि ने पुन: गंगा जी को मुक्‍त किया। यही वजह है कि गंगा जी को ऋषि जाह्नु की पुत्री जाह्नवी कहा जाता है।

सीता नवमी: वैशाख मास में शुक्‍ल पक्ष की नवमी तिथि को सीता माता का जन्‍म हुआ था। उनके जन्‍म दिवस को सीता नवमी के रूप में मनाया जाता है। इस दिन विवाहित स्त्रियां अपने पति की लंबी आयु की कामना के लिए व्रत रखती हैं।

मो‍हिनी एकादशी: वैशाख माह 2026 में शुक्‍ल पक्ष को आने वाली एकादशी को मोहिनी एकादशी के नाम से जाना जाता है। ऐसा माना जाता है कि इस एकादशी पर व्रत रखने से क्‍लेश समाप्‍त होते हैं और मनुष्‍य मोह के बंधन से मुक्‍त हो जाता है।

नृसिंह जयंती: माना जाता है कि इस दिन भगवान विष्‍णु ने हिरण्‍यकश्‍यपु का वध करने के लिए नृसिंह अवतार लिया था। इस्‍कॉन और वैष्‍णव संप्रदाय के लोग इस तिथि को श्री नृसिंह चतुर्दशी के रूप में मनाते हैं।

बुद्ध पूर्ण‍िमा: मान्‍यता है कि भगवान बुद्ध विष्‍णु जी के नौवें अवतार थे। उन्‍होंने मनुष्‍यों को सत्‍य, अहिंसा, करुणा, दया एवं परम शांति का मार्ग दिखाया था।

कूर्म जयंती: इस दिन भगवान विष्‍णु ने कूर्म अवतार लिया था। विष्‍णु जी के दस अवतारों में से द्वितीय अवतार को कूर्म अवतार के रूप में जाना जाता है।

इन राशियों के लिए शुभ रहेगा वैशाख माह 2026

अप्रैल से मई के बीच वैशाख का महीना आता है और यह मास कुछ राशि वाले जातकों के लिए भाग्‍य, करियर में वृद्धि और नई ऊर्जा लेकर आएगा। इस माह के स्‍वामी सूर्य देव हैं जो विकास, शुद्धि, संपन्‍नता और कर्मों के फल का वहन करते हैं। आगे जानिए कि वैशाख के महीने में किन राशियों की किस्‍मत खुलने वाली है।

मेष राशि

सूर्य की मजबूत स्थिति के कारण मेष राशि के लोगों के आत्‍मविश्‍वास में वृद्धि होगी और वे आर्थिक स्‍तर पर विकास करेंगे। नौकरीपेशा जातकों को प्रमोशन मिलने की प्रबल संभावना है। इन्‍हें लीडर बनने का मौका भी मिल सकता है। वहीं व्‍यापारी अपने बिज़नेस का विस्‍तार कर सकते हैं। आपको अचानक से धन लाभ होने के संकेत हैं। पहले किए गए निवेश से भी अच्‍छा लाभ मिल सकता है। आपके लिए प्रॉपर्टी खरीदने के योग बन रहे हैं। आपके रिश्‍तों में स्‍पष्‍टता आएगी। सिंगल जातकों के लिए शादी का प्रस्‍ताव आ सकता है। स्‍वस्‍थ रहने के लिए ओवरईटिंग और तनाव से बचें। आप रोज़ सूर्य को अर्घ्‍य दें।

मेष राशिफल 2026

वृषभ राशि

वृषभ राशि के जातकों के भौतिक सुख में वृद्धि होने के संकेत हैं। आप भावनात्‍मक रूप से संतुष्‍ट महसूस करेंगे। आपको अपने कार्यक्षेत्र में अपनी कड़ी मेहनत के लिए पहचान मिल सकती है। वहीं क्रिएटिव क्षेत्र में काम करने वाले लोग शानदार प्रदर्शन करेंगे। आप कोई लग्‍ज़री चीज़ खरीद सकते हैं। आप आभूषण या किसी कीमती चीज़ की खरीदारी भी कर सकते हैं। आपके लिए बचत के योग भी बन रहे हैं।। प्रेम संबंधों के लिए अनुकूल समय है। पति–पत्‍नी का रिश्‍ता मजबूत होगा। आपका स्‍वास्‍थ्‍य भी उत्तम रहने वाला है।

वृषभ राशिफल 2026

सिंह राशि

आपक प्रतिष्‍ठा और समाज में मान-सम्‍मान में वृद्धि होगी। करियर में आपका नाम बढ़ेगा। आपकी आमदनी में भी बढ़ोतरी होने के संकेत हैं। आप मोलभाव अच्‍छे से कर पाएंगे। प्रेम संबंध में आकर्षण बढ़ेगा। हालांकि, आपके और आपके पार्टनर के बीच कभी-कभी अहं का टकराव हो सकता है। स्‍वास्‍थ्‍य के मामले में आप अपने हार्ट का ख्‍याल रखें और ध्‍यान करें।

वृश्चिक राशि

वृश्चिक राशि के जातकों को करियर के क्षेत्र में सफलता मिलने के संकेत हैं। आप कोई डील भी कर सकते हैं। धन के मामले में आपको अचानक लाभ होने के आसार हैं। पैतृक संपत्ति से लाभ हो सकता है और रुका हुआ पैसा वापस आ सकता है। आपके और आपके पार्टनर का रिश्‍ता भावनात्‍मक स्‍तर पर मजबूत होगा। रिश्‍ते में पुरानी गलतफहमियां दूर होंगी। सेहत की बात करें, तो पुरानी समस्‍याएं ठीक हो सकती हैं। आप मंगलवार के दिन हनुमान मंदिर जाएं।

वृश्चिक राशिफल 2026

मीन राशि

मीन राशि वालों की आय स्थिर रहेगी और उन्‍हें दीर्घकालिक निवेश से लाभ होने के आसार हैं। करियर में आपके लिए एक नई शुरुआत हो सकती है और आपको कोई बड़ा एवं रचनात्‍मक अवसर मिल सकता है। प्रेम संबंध की बात करें, तो आपके और आपके पार्टनर के बीच भावनात्‍मक स्‍तर पर स्‍पष्‍टता आएगी। सिंगल जातकों के लिए घर पर शादी की बात चल सकती है। आप मानसिक रूप से शांत एवं स्थिर महसूस करेंगे। आध्‍यात्मिक कार्यों से शक्‍ति मिलेगी। आप बृहस्‍पतिवार के दिन पीले रंग की वस्‍तुओं का दान करें।

मीन राशिफल 2026


वैशाख माह 2026 में करें ज्‍योतिषीय उपाय

वैदिक ज्‍योतिष में वैशाख के महीने को सबसे पवित्र और फलदायी मास माना जाता है। इस मास का संबंध सूर्य देव और भगवान विष्‍णु का संबंध है। इस महीने में आप निम्‍न ज्‍योतिषीय उपाय कर सकते हैं:

  • तांबे के लोटे में जल भरकर रोज़ सूर्य को अर्घ्‍य दें।
  • सूर्य देव को प्रसन्‍न करने के लिए रविवार के दिन गेहूं, गुड़ या तांबे का दान करें।
  • वैशाख माह 2026 में आने वाली एकादशी को व्रत रखें। भगवान विष्‍णु को तुलसी के पत्ते अर्पित करें। गुरुवार के दिन चना दाल या पीले रंग के वस्‍त्रों का दान करें। ऐसा करने से आपको आर्थिक स्थिरता प्राप्‍त होगी और घर में सुख-शांति बनी रहेगी।
  • वैशाख मास में जल दान का बहुत महत्‍व है। इस दौरान आप मटका, छाता और चप्‍पल आदि दान कर सकते हैं। पशु-पक्षियों के लिए जल की व्‍यवस्‍था करें। गरीब लोगों को ठंडा पानी या मीठे पेय पदार्थ पिलाएं।
  • यदि संभव हो, तो वैशाख पूर्णिमा पर पवित्र नदी में स्‍नान करें। इससे पाप कर्मों से मुक्‍ति मिलती है। सेहत में सुधार आता है और पितरों का आशीर्वाद मिलता है।
  • शनि दोष से मुक्‍ति पाने, नकारात्मकता से सुरक्षा पाने और मानसिक शांति के लिए काले तिलों का दान करें। शनिवार के दिन तिल के तेल का दीपक जलाएं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

1. वैशाख मास कब शुरू हो रहा है?

इस बार 03 अप्रैल, 2026 से वैशाख के महीने की शुरुआत हो रही है।

2. वैशाख मास में क्‍या आता है?

इस महीने में अक्षय तृतीया आती है।

3. किस तिथि पर वैशाख मास खत्‍म कब होगा?

01 मई, 2026 को वैशाख मास खत्‍म हो जाएगा