अप्रैल 2026: ग्रेगोरियन कैलेंडर के अनुसार अप्रैल साल का चौथा महीना होता है। ज्योतिषीय दृष्टि से इस महीने को ऊर्जा, परिवर्तन और नई शुरुआत का प्रतीक माना जाता है। इस ज्योतिषीय दृष्टि से इस महीने को ऊर्जा, परिवर्तन और नई शुरुआत का प्रतीक माना जाता है। इस समय सूर्य मेष राशि में प्रवेश करते हैं जिससे आत्मविश्वास, लीडरशिप और निर्णय लेने की क्षमता में वृद्धि होती है।

उत्तरी गोलार्ध में अप्रैल खगोलीय वसंत का दूसरा महीना और दक्षिणी गोलार्ध में खगोलीय पतझड़ का दूसरा महीना होता है। इस दौरान ईद, वैशाख, राम नवमी और हनुमान जयंती जैसे कई बड़े पर्व और त्योहार आते हैं इसलिए यह मास ज्योतिषीय और धार्मिक दृष्टि से बहुत महत्व रखता है। इस दौरान अप्रैल फूल डे, ईस्टर और पृथ्वी दिवस आदि भी मनाए जाते हैं।
महाराष्ट्र में अप्रैल के महीने में गुड़ी पड़वा का पर्व मनाया जाता है। इस महीने में मुस्लिम धर्म के लोग ईद मनाते हैं तो वहीं, सिख और पंजाबी समुदाय वैशाख का पर्व मनाते हैं। अप्रैल में कभी-कभी राम नवमी भी पड़ती है जो कि हिंदुओं के लिए बहुत महत्व रखती है।
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अब जल्द ही मार्च का महीना विदा लेने वाला है और अप्रैल 2026 दस्तक देने के लिए तैयार हैं। ऐसे में, हम सभी में यह जानने की उत्सुकता रहती है कि हमारे लिए आने वाला महीना कैसा रहेगा? क्या प्रेम जीवन में बनी रहेगी मिठास या होगी तकरार? करियर और व्यापार में कैसे मिलेंगे परिणाम? यह सभी सवाल हमारे दिमाग में घूमते रहते हैं। अब आपको एस्ट्रोसेज एआई के इस खास ब्लॉग अप्रैल 2026 में इन सभी सवालों का जवाब मिलने जा रहा है।
इसके साथ ही इस विशेष ब्लॉग में हम आपको अप्रैल 2026 में पड़ने वाले महत्वपूर्ण व्रत-त्योहार, तिथियों आदि से भी अवगत करवाएंगे। साथ ही, इस माह में पड़ने वाले ग्रहण-गोचर के साथ-साथ सार्वजनिक अवकाश के बारे में भी विस्तृत जानकारी प्रदान करेंगे।
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अप्रैल 2026 का ज्योतिषीय तथ्य और हिंदू पंचांग की गणना
अप्रैल साल का चौथा महीना होता है और हिंदू वर्ष में अधिकतर यह साल का पहला महीना होता है। हिंदू पंचांग के अनुसार, अप्रैल 2026 का आरंभ उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र के तहत शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि यानी कि 01 अप्रैल 2026 को होगा जबकि इस महीने का अंत चित्रा नक्षत्र के अंतर्गत शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि अर्थात 30 अप्रैल 2024 को होगा।
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अप्रैल 2026 के हिंदू व्रत व त्योहार
| अप्रैल 2026 | त्योहार |
|---|---|
| 2 गुरुवार | हनुमान जयंती, चैत्र पूर्णिमा व्रत |
| 5 रविवार | संकष्टी चतुर्थी |
| 13 सोमवार | वरुथिनी एकादशी |
| 14 मंगलवार | मेष संक्रांति |
| 15 बुधवार | मासिक शिवरात्रि, प्रदोष व्रत (कृष्ण) |
| 17 शुक्रवार | वैशाख अमावस्या |
| 19 रविवार | अक्षय तृतीया |
| 27 सोमवार | मोहिनी एकादशी |
| 28 मंगलवार | प्रदोष व्रत (शुक्ल) |
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अप्रैल 2026 में आने वाले व्रत एवं त्योहार का महत्व
प्रदोष व्रत: हिंदू पंचांग के अनुसार, हर महीने के कृष्ण और शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि पर प्रदोष व्रत रखा जाता है। इस तिथि पर भगवान शिव और माता पार्वती का पूजन फलदायी होता है। इस माह प्रदोष व्रत 06 अप्रैल 2024 शनिवार के दिन पड़ रहा है। पुराणों में कहा गया है कि इस व्रत को करने से भक्त को लम्बी आयु का आशीर्वाद मिलता है।
मासिक शिवरात्रि: भगवान शिव की कृपा एवं आशीर्वाद पाने के लिए यह व्रत किया जाता है। हिंदू पंचांग के अनुसार, हर मास की कृष्ण पक्ष चतुर्दशी तिथि को मासिक शिवरात्रि के रूप में मनाया जाता है। यह व्रत भगवान शिव को समर्पित होता है और इस व्रत को शिव भक्तों द्वारा आस्था से किया जाता है।
मेष संक्रांति: सूर्य देव प्रत्येक महीने अपना राशि परिवर्तन करते हैं यानी कि एक राशि से दूसरी राशि में गोचर करते हैं। जब वह अपनी राशि बदलकर नई राशि में जाते हैं उसे संक्रांति कहते हैं। अब सूर्य महाराज 14 अप्रैल 2026 के दिन राशि चक्र की पहली राशि मेष में प्रवेश करने जा रहे हैं जिसके चलते इस दिन मेष संक्रांति का पर्व मनाया जाएगा।
मोहिनी एकादशी व्रत: यह व्रत श्रीहरि का सबसे उत्तम व्रत माना गया है और इस तिथि पर भगवान वासुदेव और विष्णु जी की उपासना की जाती है। इस व्रत के दौरान भक्तजन जगत के पालनहार भगवान विष्णु की विधि-विधान से पूजा-अर्चना और व्रत करते हैं। ऐसा करने से भक्त की सभी मनोकामनाओं की पूर्ति होती हैं। हिंदू धर्म के अनुसार, इस व्रत को करने से जाने-अनजाने में किए हुए सभी पापों से मुक्ति मिल जाती है और जातकों के सभी मनोरथ पूर्ण होते हैं।
हनुमान जयंती: हनुमान जयंती को हनुमान जी के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है। हिंदू पंचांग के अनुसार, चैत्र मास की पूर्णिमा तिथि के दिन हनुमान जी का जन्म हुआ था। इस बार हनुमान जयंती बृहस्पतिवार के दिन पड़ रही है।
संकष्टी चतुर्थी: संकष्टी चतुर्थी व्रत का आरंभ सूर्योदय के साथ होता है और इसका समापन चंद्रमा के उदय होने पर होता है। हिंदू पंचांग के अनुसार, एक माह में दो बार चतुर्थी तिथि आती है और इस दिन विघ्नहर्ता भगवान गणेश की पूजा विधि-विधान से की जाती है। कहते हैं कि भगवान गणेश अपने भक्तों के जीवन से सभी दुखों को हर लेते हैं।
वैशाख अमावस्या: यह हिंदू वर्ष का दूसरा महीना है। अमावस्या तिथि पर पितरों के लिए तर्पण करने का बहुत महत्व है।
अक्षय तृतीया: हर साल वैशाख मास की शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को अक्षय तृतीया पड़ती है। इस दिन खरीदारी और दान पुण्य करने का बहुत महत्व है।
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अप्रैल 2026 के अन्नप्राशन मुहूर्त
| तिथि व दिन | समय (IST) |
| 20 अप्रैल, सोमवार | 04:35 AM – 07:28 AM |
| 21 अप्रैल, मंगलवार | 04:15 AM – 04:58 AM |
| 26 अप्रैल, रविवार | 04:53 AM – 08:27 PM |
| 27 अप्रैल, सोमवार | 09:18 PM – 09:35 PM |
| 29 अप्रैल, बुधवार | 04:51 AM – 07:52 PM |
अप्रैल 2026 के कर्णवेध मुहूर्त
| तारीख | दिन (वार) | शुभ समय |
| 2 अप्रैल 2026 | गुरुवार | 07:18–10:49, 13:03–18:08 |
| 3 अप्रैल 2026 | शुक्रवार | 07:14–13:00, 15:20–19:53 |
| 6 अप्रैल 2026 | सोमवार | 17:25–19:42 |
| 12 अप्रैल 2026 | रविवार | 06:39–10:09, 12:24–14:44 |
| 13 अप्रैल 2026 | सोमवार | 06:35–12:20, 14:41–16:58 |
| 18 अप्रैल 2026 | शनिवार | 06:24–07:50, 09:46–12:01 |
| 23 अप्रैल 2026 | गुरुवार | 07:31–11:41, 14:01–18:35 |
| 24 अप्रैल 2026 | शुक्रवार | 09:22–13:57, 16:15–18:31 |
| 29 अप्रैल 2026 | बुधवार | 07:07–09:03, 11:17–18:11 |
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अप्रैल के सार्वजनिक अवकाश की सूची
| तिथि | अवकाश | राज्य |
| 01 अप्रैल 2026 (बुधवार) | उड़ीसा दिवस | उड़ीसा |
| 03 अप्रैल 2026 (शुक्रवार) | गुड फ्राइडे | राष्ट्रीय अवकाश (हरियाणा और जम्मू-कश्मीर राज्य को छोड़कर) |
| 04 अप्रैल 2026 (शनिवार) | ईस्टर सैटरडे | नागालैंड |
| 05 अप्रैल 2026 (रविवार) | बाबू जगजीवन राम जयंती | आंध्र प्रदेश और तेलंगाना |
| 05 अप्रैल 2026 (रविवार) | ईस्टर रविवार | केरल और नागालैंड |
| 14 अप्रैल 2026 (मंगलवार) | बैसाखी | चंडीगढ़, जम्मू-कश्मीर और पंजाब |
| 14 अप्रैल 2026 (मंगलवार) | बीजू महोत्सव | त्रिपुरा |
| 14 अप्रैल 2026 (मंगलवार) | डॉ. अम्बेडकर जयंती | राष्ट्रीय अवकाश (अंडमान-निकोबार, अरुणाचल प्रदेश, असम, दादरा और नगर हवेली, दमन और दीव, दिल्ली, लक्षद्वीप, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड और त्रिपुरा को छोड़कर) |
| 14 अप्रैल 2026 (मंगलवार) | तमिल नव वर्ष | पुडुचेरी और तमिलनाडु |
| 14 अप्रैल 2026 (मंगलवार) | विषु | केरल |
| 14 अप्रैल 2026 (मंगलवार) | महा विशुबा संक्रांति | उड़ीसा |
| 14 अप्रैल 2026 (मंगलवार) | बोहाग बिहू | असम |
| 14 अप्रैल 2026 (मंगलवार) | चेइरोबा | मणिपुर |
| 15 अप्रैल 2026 (बुधवार) | बोहाग बिहू | अरुणाचल प्रदेश |
| 15 अप्रैल 2026 (बुधवार) | बोहाग बिहू अवकाश | असम |
| 15 अप्रैल 2026 (बुधवार) | बंगाली नव वर्ष | त्रिपुरा और पश्चिम बंगाल |
| 15 अप्रैल 2026 (बुधवार) | हिमाचल दिवस | हिमाचल प्रदेश |
| 19 अप्रैल 2026 (रविवार) | महर्षि परशुराम जयंती | गुजरात, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, मध्य प्रदेश और राजस्थान |
| 20 अप्रैल 2026 (सोमवार) | बसव जयंती | कर्नाटक |
| 21 अप्रैल 2026 (मंगलवार) | गरिया पूजा | त्रिपुरा |
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अप्रैल में पड़ने वाले ग्रहण और गोचर
मंगल का धनु राशि में गोचर: मंगल महाराज 02 अप्रैल 2026 की दोपहर 15:27 बजे शनि देव के प्रभाव वाली कुंभ राशि से निकल कर अपने मित्र बृहस्पति के आधिपत्य वाली मीन राशि में गोचर करने जा रहे हैं। ये यहां पर 11 मई 2026 की दोपहर 12:50 बजे तक विराजमान रहेंगे।
बुध का मीन राशि में गोचर: बुध ग्रह शनिवार, 11 अप्रैल 2026 को रात्रि 00:57 मिनट पर अपने मित्र ग्रह शनि की कुम्भ राशि से निकलकर देवगुरु बृहस्पति के आधिपत्य वाली मीन राशि में प्रवेश करेंगे।
सूर्य का मेष राशि में गोचर: यह गोचर 14 अप्रैल, सोमवार को प्रातः 9 बजकर 9 मिनट पर होगा। इस विशेष क्षण पर सूर्य देव अपने परम मित्र मंगल के स्वामित्व वाली मेष राशि में प्रवेश करेंगे।
शुक्र का वृषभ राशि में गोचर: 19 अप्रैल 2026, रविवार को दोपहर 15:28 बजे शुक्र ग्रह अपनी स्वराशि वृषभ में प्रवेश करेंगे।
बुध का मेष राशि में गोचर: ग्रहों के राजकुमार के नाम से प्रसिद्ध बुध ग्रह 30 अप्रैल 2026 की सुबह 06 बजकर 38 मिनट पर मेष राशि में गोचर करने जा रहे हैं।
अप्रैल में कोई ग्रहण नहीं है।
कैसे होते हैं अप्रैल में जन्मे लोग
जिन लोगों का जन्म अप्रैल माह में होता है, उन पर प्रेम, ऐश्वर्य और भौतिक सुखों के कारक ग्रह शुक्र देव का आधिपत्य होता है। इन जातकों का व्यक्तित्व दूसरों की तुलना में सबसे अलग होता है और यह बेहद आकर्षक व्यक्तित्व के मालिक होते हैं। ये रचनात्मक, बुद्धिमान और उत्साह से भरे होते हैं।
इनके अंदर आत्मविश्वास कूट-कूटकर भरा होता है और यह अपने जीवन की महत्वाकांक्षाओं को लेकर सजग होते हैं। ये बहुत जुनूनी होते हैं। हालांकि, यह जुनून सकारात्मक और नकारात्मक दोनों ही चीजों में इनके काम होता है। ये मीडिया, स्पोर्ट्स, राजनीति और एडवरटाइजिंग आदि क्षेत्रों में अच्छा काम कर सकते हैं।
ये किसी भी जोखिम भरे काम को करने से डरते नहीं हैं। यह लोग मुश्किल से मुश्किल परिस्थिति में भी सफलता पाने में सक्षम होते हैं जो कि इनके व्यक्तित्व का खास गुण होता है। ये अपने दोस्तों के लिए बहुत स्पेशल होते हैं। दोस्तों के प्रिय होने के साथ-साथ रिश्तेदारों के भी पसंदीदा होते हैं। साथ ही, यह लोग बेहद रोमांटिक होते हैं और अपने पार्टनर को प्रसन्न रखने में माहिर होते हैं।
अप्रैल महीने में जन्म लेने वाले जातकों का शुभ रंग: संतरी, मेहरून और गोल्डन
अप्रैल महीने में जन्म लेने वाले जातकों का शुभ दिन: रविवार, बुधवार और शुक्रवार
अप्रैल महीने में जन्म लेने वाले जातकों का शुभ अंक: 1, 4, 5, 8
अप्रैल महीने में जन्म लेने वाले जातकों का शुभ रत्न: माणिक
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अप्रैल 2026: 12 राशियों का भविष्यफल
मेष राशि
इस महीने सूर्य ग्रह का गोचर क्रमशः आपके द्वादश और पहले भाव में रहेगा। यद्यपि ये दोनों ही भाव सूर्य के गोचर के दृष्टिकोण से……(विस्तार से पढ़ें)
वृषभ राशि
इस महीने सूर्य ग्रह क्रमशः आपके लाभ और व्यय भाव में भ्रमण करने वाले हैं। महीने की शुरुआत से लेकर 14 अप्रैल तक सूर्य ग्रह आपके……(विस्तार से पढ़ें)
मिथुन राशि
इस महीने सूर्य ग्रह का गोचर आपके लिए क्रमशः दशम और एकादश भाव में रहेगा। सामान्य तौर पर सूर्य के ये दोनों ही गोचर अच्छे माने जाएंगे। अतः इस महीने सूर्य से……(विस्तार से पढ़ें)
कर्क राशि
14 अप्रैल के बाद सूर्य ग्रह उच्च अवस्था में आपके कर्म स्थान पर रहेंगे जो आपको बहुत अच्छे परिणाम दे सकते हैं। मंगल ग्रह का गोच……(विस्तार से पढ़ें)
सिंह राशि
महीने की शुरुआत से लेकर 14 अप्रैल तक सूर्य का गोचर कमजोर तो वहीं 14 अप्रैल के बाद……(विस्तार से पढ़ें)
कन्या राशि
कन्या राशि में जन्मे जातकों के लिए मंगल ग्रह का गोचर 2 अप्रैल तक छठे भाव में है। जिसे सामान्य तौर पर बहुत अच्छा कहा जाएगा लेकिन यह अवधि सिर्फ दो दिनों की है। इसके बाद……(विस्तार से पढ़ें)
तुला राशि
सूर्य से मिलेजुले परिणामों की उम्मीद की जा सकती है। महीने की शुरुआत से लेकर 14 अप्रैल तक सूर्य ग्रह आपके छठे भाव में रहेंगे। हालांकि, शनि की……(विस्तार से पढ़ें)
वृश्चिक राशि
14 अप्रैल तक सूर्य आपके पांचवे भाव में रहेंगे और शनि के साथ रहेंगे। सूर्य के लिए यह अनुकूल स्थिति नहीं कही जाएगी लेकिन 14 अप्रैल के बाद सूर्य ……(विस्तार से पढ़ें)
धनु राशि
धनु राशि के जातकों के लिए महीने के पहले हिस्से में सूर्य का गोचर कमजोर तो वहीं दूसरे हिस्से में मिले-जुले परिणाम दे सकता है।
मंगल ग्रह का गोचर 2 अप्रैल तक तीसरे भाव में रहेगा, यह……(विस्तार से पढ़ें)
मकर राशि
14 अप्रैल तक सूर्य के तीसरे भाव में रहेंगे। वैसे तो सूर्य का तीसरे भाव में गोचर अनुकूल माना गया है लेकिन शनि की संगति में होने के कार……(विस्तार से पढ़ें)
कुंभ राशि
कुंभ राशि में जन्मे जातकों के लिए 14 अप्रैल के बाद सूर्य का गोचर उनके तीसरे भाव में उच्च अवस्था में रहेगा। यानी कि सूर्य आपको काफी अच्छे परिणाम देने वाले हैं।
मंगल ग्रह 2 अप्रैल तक आपके पहले……(विस्तार से पढ़ें)
मीन राशि
इस महीने सूर्य ग्रह का गोचर क्रमशः आपके पहले और दूसरे भाव में रहेगा। यद्यपि इन दोनों ही भावों में सूर्य के गोचर को अच्छा नहीं माना जाता है लेकिन……(विस्तार से पढ़ें)
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्नों
05 अप्रैल को संकष्टी चतुर्थी का व्रत है।
अप्रैल 2026 का आरंभ उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र के तहत शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि यानी कि 01 अप्रैल 2026 को होगा
15 अप्रैल को मासिक शिवरात्रि है।