मार्च 2026 में क्‍या होगा खास?

मार्च 2026 में है होली का त्‍योहार, देख लें विवाह मुहूर्त और बैंक अवकाश की पूरी लिस्‍ट!

मार्च 2026: मौसम और ज्‍योतिष की दृष्टि से मार्च का महीना बहुत खास होता है। इस समय ठंड जाने लगती है और हल्‍की गर्मी शुरू हो जाती है। इस महीने पेड़ों पर नई पत्तियां और फूल आने लगते हैं और वसंत ऋतु का प्रभाव दिखाई देता है।

ज्‍योतिषीय और धार्मिक दृष्टि से मार्च इसलिए भी खास होता है क्‍योंक‍ि इस दौरान फाल्‍गुन का अंत होता है और चैत्र के महीने की शुरुआत होती है। इस महीने में होलिका दहन और होली जैसे प्रमुख त्‍योहार आते हैं। धार्मिक दृष्टि से यह महीना नए आरंभ का प्रतीक माना जाता है। यह रबी की फसल के पकने का सयम होता है। मार्च साल का तीसरा महीना है।

मार्च केवल मौसम में बदलाव का समय नहीं है बल्कि यह माह सांस्‍कृतिक महत्‍व भी रखता है और इस दौरान कई महत्‍वपूर्ण त्‍योहार और उत्‍सव मनाए जाते हैं। इस ब्‍लॉग में मार्च के व्रत एवं त्‍योहारों के साथ-साथ बैंक अवकाश और मुंडन मुहूर्त आदि के बारे में भी बताया गया है।

मार्च बदलाव का समय है, जब सर्दियों की ठंडक धीरे-धीरे वसंत की गर्माहट में बदलने लगती है। इस महीने के हर दिन की शुरुआत के साथ हमारा मन अपने भविष्‍य को लेकर कई तरह के सवालों और उम्‍मीदों से घिर जाता है। बात चाहे करियर की हो या प्रेम जीवन की, जिंदगी के हर पहलू को लेकर लोगों के मन में सवाल उठना स्‍वाभाविक है। नए माह की शुरुआत पर हम सभी के मन में इस तरह के सवाल उठते हैं और एस्‍ट्रोसेज एआई के इस खास ब्‍लॉग में हम आपको इन्‍हीं सवालों के स्‍पष्‍ट उत्तर देने जा रहे हैं।

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मार्च 2026 का ज्योतिषीय तथ्य और हिंदू पंचांग की गणना

हिंदू पंचांग के अनुसार मार्च 2026 की शुरुआत 01 मार्च, 2026 को पुष्‍य नक्षत्र में शुक्‍ल पक्ष की द्वादशी तिथि को होगी। वहीं मार्च 2026 का समापन 31 मार्च को उत्तरा फाल्‍गुनी नक्षत्र में शुक्‍ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि को होगा।

आगे जानिए मार्च माह के प्रमुख त्‍योहारों और व्रतों के बारे में।

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मार्च 2026 में पड़ने वाले महत्वपूर्ण व्रत एवं त्योहार

मार्च के महीने में कई व्रत एवं त्‍योहार आते हैं लेकिन इनमें से कुछ प्रमुख हैं जिनके बारे में आगे विस्‍तार से बताया गया है:

  • प्रदोष व्रत: हर महीने की त्रयोदशी तिथि पर प्रदोष व्रत किया जाता है। इस दिन भगवान शिव और मां पार्वती की पूजा की जाती है। हिंदू पंचांग के अनुसार हर महीने की शुक्‍ल और कृष्‍ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को यह व्रत किया जाता है।
  • होलिका दहन: हिंदू धर्म में होली एक बहुत बड़ा त्‍योहार और होली से ठीक एक रात पहले होलिका दहन किया जाता है। इस दिन लोग अलाव जलाकर प्रार्थना करते हैं कि उनके जीवन से नकारात्‍मकता और बुराई का नाश हो। होलिका दहन विश्‍वास और सकारात्‍मकता का प्रतीक है।
  • होली: हिंदू धर्म में होली के त्‍योहार को बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है। यह त्‍योहार बुराई पर अच्‍छाई की जीत का प्रतीक है। फाल्‍गुन मास की पूर्ण‍िमा तिथि पर होली का त्‍योहार मनाया जाता है। होली को रंगों को त्‍योहार भी कहा जाता है।
  • मीन संक्रांति: सूर्य के मीन राशि में गोचर करने को मीन संक्रांति के नाम से जाना जाता है। यह संक्रांति सर्दियों के खत्‍म होने और वसंत की शुरुआत का प्रतीक है। इस दिन दान-पुण्‍य करने, पवित्र नदियों में स्‍नान करने और भगवान सूर्य की उपासना करने का बहुत महत्‍व है।
  • फाल्‍गुन पूर्णिमा व्रत: फाल्‍गुन मास की पूर्णिमा तिथि पर यह व्रत किया जाता है। इस दिन भगवान विष्‍णु की पूजा एंव व्रत करने का विधान है।
  • संकष्टी चतुर्थी:  संकष्‍टी चतुर्थी विघ्‍नहर्ता भगवान गणेश को समर्पित है। इस व्रत को रखने से भक्‍तों के जीवन के सारे कष्‍ट और अड़चनें दूर हो जाती हैं।
  • पापमोचिनी एकादशी: चैत्र माह में कृष्‍ण पक्ष की एकादशी तिथि को पापमोचिनी एकादशी व्रत किया जाता है। मान्‍यता है कि पापमोचिनी एकादशी पर भगवान विष्‍णु का व्रत एवं पूजन करने से पिछले जन्‍म के सारे पाप धुल जाते हैं और मोक्ष की प्राप्ति होती है।
  • मासिक शिवर‍ात्रि: हर माह की कृष्‍ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मासिक शिवरात्रि का पर्व मनाया जाता है। इस दिन भगवान शिव का आशीर्वाद प्राप्‍त करने और पाप कर्मों से छुटकारा पाने के लिए व्रत एवं पूजन किया जाता है।
  • चैत्र नवरात्रि: चैत्र नवरात्रि का पहला दिन हिंदू नव वर्ष की शुरुआत को दर्शाता है। चैत्र नवरात्रि में मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा की जाती है। नवरात्रि में छोटी कन्‍याओं को मां दुर्गा का स्‍वरूप मानकर पूजा जाता है।
  • उगादी: यह हिंदू नव वर्ष की शुरुआत का प्रतीक है। यह पर्व खासतौर पर आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक और महराष्‍ट्र में मनाया जाता है। चैत्र माह के पहले दिन को इन राज्‍यों में उगादी के रूप में मनाया जाता है।
  • गुड़ी पड़वा: यह महाराष्‍ट्र का प्रमुख त्‍योहार है। चैत्र माह के पहले दिन गुड़ी पड़वा पड़ती है। यह पर्व भगवान राम के लंकापति रावण को हराकर अयोध्‍या लौटने की खुशी में मनाया जाता है।
  • चेटी चंड: सिंधी चंद्र कैलेंडर के अनुसार इस दिन से सिंधी हिंदुओं के नव वर्ष की शुरुआत होती है। सिंधी हिंदू चेटी चंड को नए साल की शुरुआत के रूप में मनाते हैं। चैत्र महीने के पहले दिन को चेटी चंड के रूप में मनाया जाता है। इस पर्व को सम्‍मानित संत भगवान झूलेलाल के जन्‍मदिवस की स्‍मृति के रूप में मनाया जाता है।

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रविवार से होगी मार्च 2026 की शुरुआत

मार्च 2026 की शुरुआत रविवार के दिन से हो रही है। वैदिक ज्‍योतिष में रविवार के दिन को अत्‍यंत शुभ माना जाता है एवं इस दिन के स्‍वामी सूर्य देव हैं। यदि आप मार्च 2026 के पहले दिन यानी रविवार को कुछ विशेष उपाय करते हैं, तो आपको सूर्य देव का आशीर्वाद प्राप्‍त हो सकता है और आपकी सभी मनोकामनाओं की पूर्ति हो सकती है।

  • सूर्य देव को प्रसन्‍न करने का सबसे सरल उपाय है रोज़ सूर्य को अर्घ्‍य देना।
  • इसके अलावा सूर्य के मंत्र ‘ॐ सूर्याय नम:’ का जाप भी कर सकते हैं।
  • गरीब एवं जरूरतमंद लोगों की सहायता एवं दान करें।
  • सूर्य को मजबूत करने के लिए माणिक्‍य रत्‍न पहन सकते हैं।

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मार्च 2026: सार्वजनिक अवकाश

तिथिअवकाशराज्य
03 मार्च 2026 (मंगलवार)होलीराष्ट्रीय अवकाश (केरल, कर्नाटक, लक्षद्वीप, मणिपुर, पुडुचेरी, तमिलनाडु, तेलंगाना और पश्चिम बंगाल आदि राज्यों को छोड़कर)
03 मार्च 2026 (मंगलवार)याओसांग मणिपुर
03 मार्च 2026 (मंगलवार)डोलजात्रापश्चिम बंगाल
04 मार्च 2026 (बुधवार)याओसांग दिन 2मणिपुर
05 मार्च 2026 (गुरुवार)पंचायती राज दिवसउड़ीसा
06 मार्च 2026 (शुक्रवार)चपचार कुटमिजोरम
17 मार्च 2026 (मंगलवार)शब-ए-कद्रजम्मू-कश्मीर
20 मार्च 2026 (शुक्रवार)उगादीआंध्र प्रदेश, दमन और दीव, दादरा और नगर हवेली, गोवा, जम्मू-कश्मीर, कर्नाटक, राजस्थान और तेलंगाना
20 मार्च 2026 (शुक्रवार)तेलुगु नव वर्षतमिलनाडु
20 मार्च 2026 (शुक्रवार)जुमात-उल-विदाजम्मू-कश्मीर
20 मार्च 2026 (शुक्रवार)गुड़ी पड़वामहाराष्ट्र
21 मार्च 2026 (शनिवार)ईद उल-फितरराष्ट्रीय अवकाश 
21 मार्च 2026 (शनिवार)सरहुलीझारखंड
22 मार्च 2026 (रविवार)बिहार दिवसबिहार
22 मार्च 2026 (रविवार)ईद उल-फितर अवकाशतेलंगाना
23 मार्च 2026 (सोमवार)सरदार भगत सिंह शहादत दिवस हरियाणा
27 मार्च 2026 (शुक्रवार)रामनवमीअंडमान-निकोबार, अरुणाचल प्रदेश,  बिहार, छत्तीसगढ़, दमन और दिव,  गुजरात, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, महाराष्ट्र, मणिपुर, उड़ीसा, पंजाब, राजस्थान, उत्तराखंड और उत्तरप्रदेश 
31 मार्च 2026 (मंगलवार)महावीर जयंतीचंडीगढ़, छत्तीसगढ़, दमन और दीव, दिल्ली, दादरा और नगर हवेली, गुजरात, हरियाणा, झारखंड, कर्नाटक, लक्षद्वीप मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, मिजोरम, पंजाब , राजस्थान, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश

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मार्च 2026: विवाह मुहूर्त

दिनांक नक्षत्रतिथिमुहूर्त का समय
07 मार्च 2026उत्तराफाल्गुनीद्वादशीशाम 10 बजकर 52 मिनट से अगली सुबह 07 बजकर 12 मिनट तक
08 मार्च 2026हस्तद्वादशी, त्रयोदशीसुबह 07 बजकर 12 मिनट से शाम 08 बजकर 48 मिनट तक
10 मार्च 2026स्वातीचतुर्दशीसुबह 07 बजकर 10 मिनट से सुबह 10 बजकर 43 मिनट तक
12 मार्च 2026अनुराधाप्रतिपदा द्वितीयासुबह 08 बजकर 26 मिनट से दोपहर 03 बजकर 48 मिनट तक
14 मार्च 2026मूलचतुर्थीशाम 06 बजकर 36 मिनट से 15 मार्च की सुबह 07 बजकर 06 मिनट तक
15 मार्च 2026मूलचतुर्थीसुबह 07 बजकर 06 मिनट से दोपहर 02 बजकर 31 मिनट तक
16 मार्च 2026उत्तराषाढ़ाषष्ठीशाम 05 बजकर 26 मिनट से 17 मार्च की सुबह 07 बजकर 04 मिनट तक
17 मार्च 2026उत्तराषाढ़ाषष्ठीसुबह 07 बजकर 04 मिनट से शाम 08 बजे तक
22 मार्च 2026उत्तराभाद्रपदएकादशी, द्वादशीशाम 98 बजे से23 मार्च की सुबह 06 बजकर 58 मिनट तक
23 मार्च 2026रेवतीद्वादशीसुबह 06 बजकर 58 मिनट से 24 मार्च की मध्यरात्रि 12 बजकर 50 मिनट तक
27 मार्च 2026रोहिणी, मृगशिराप्रतिपदा, द्वितीयासुबह 08 बजकर 31 मिनट से 28 मार्च की सुबह 06 बजकर 53 मिनट तक
28 मार्च 2026मृगशिराद्वितीया, तृतीयासुबह 06 बजकर 53 मिनट से रात 11 बजकर 14 मिनट तक

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मार्च 2026 में अन्‍नप्राशन मुहूर्त

तिथिदिनसमय 
20 मार्चशुक्रवार09:45 – 11:40
20 मार्चशुक्रवार11:40 – 13:55
20 मार्चशुक्रवार13:55 – 16:14
25 मार्चबुधवार09:25 – 11:21
25 मार्चबुधवार13:35 – 14:20
27 मार्चशुक्रवार10:37 – 11:13
27 मार्चशुक्रवार11:13 – 13:28

मार्च 2026 के हिंदू व्रत व त्योहार

मार्च 2026त्योहार
3 मंगलवारहोलिका दहन, फाल्गुन पूर्णिमा व्रत
4 बुधवारहोली
6 शुक्रवारसंकष्टी चतुर्थी
15 रविवारपापमोचिनी एकादशी, मीन संक्रांति
16 सोमवारप्रदोष व्रत (कृष्ण)
17 मंगलवारमासिक शिवरात्रि
19 गुरुवारचैत्र नवरात्रि, उगाडी, घटस्थापना, गुड़ी पड़वा
20 शुक्रवारचेटी चंड
26 गुरुवारराम नवमी
27 शुक्रवारचैत्र नवरात्रि पारणा
29 रविवारकामदा एकादशी
30 सोमवारप्रदोष व्रत (शुक्ल)

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मार्च 2026 में मुंडन संस्कार के मुहूर्त

दिनांकआरंभ कालसमाप्ति काल
शुक्रवार, 06 मार्च09:30:3317:56:15
सोमवार, 16 मार्च09:43:5230:30:28
बुधवार, 25 मार्च06:20:0113:52:38
शुक्रवार, 27 मार्च10:09:1930:17:42

मार्च 2026 में चैत्र नवरात्रि

चैत्र नवरात्रि हिंदुओं का एक बहुत बड़ा पर्व है। इससे हिंदू नववर्ष की शुरुआत होती है। चैत्र नवरात्रि का अर्थ है चैत्र के माह में आने वाली नौ रात्रियां। इन नव रात्रियों में मां दुर्गा के अलग-अलग नौ रूपों की पूजा की जाती है। इसके साथ ही कुछ भक्‍त पूरे नौ दिन तक व्रत भी रखते हैं। नवरात्रि के नौ दिनों में मां दुर्गा के मंदिरों में भक्‍तों की भारी भीड़ रहती है। आखिरी नवरात्रि यानी नवमी तिथि पर 9 छोटी कन्‍याओं का पूजन किया जाता है एवं मां को हलवा पूरी का भोग लगाने के बाद कन्‍याओं को भी भोजन करवाया जाता है। इन 9 कन्‍याओं को मां दुर्गा के नौ स्‍वरूपों का प्रतीक माना जाता है।

मार्च 2026 में आने वाले चैत्र मास का महत्‍व

मार्च में चैत्र का महीना पड़ता है और भारत के कई हिस्‍सों में चैत्र मास से चंद्र वर्ष की शुरुआत होती है। हिंदू चंद्र कैलेंडर का पहला महीना चैत्र ही है और ग्रेगोरियन कैलेंडर के अनुसार चैत्र का महीना मार्च और अप्रैल के बीच में आता है। यह मास नई शुरुआत, आध्‍यात्मिक रूप से जीवंत होने और रंगों से भरे उत्‍सव का प्रतीक है।

चैत्र अमावस्‍या से इस महीने की शुरुआत होती है और उसके बाद चैत्र नवरात्रि का पर्व आता है। चैत्र के महीने में उगादी, गुड़ी पड़वा और चेटी चंड जैसे बड़े त्‍योहार आते हैं। भारत के विभिन्‍न समुदायों में इन त्‍योहारों से नववर्ष की शुरुआत होती है।

चैत्र मास के दौरान रोज़ सूर्य देव को अर्घ्‍य दें। इस माह में मां दुर्गा के अलावा भगवान विष्‍णु की उपासना करने का भी विशेष महत्‍व है। इस दौरान पक्षियों और जानवरों के लिए भोजन, दाना और पानी रखें।

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कैसे होते हैं मार्च में जन्‍मे लोग

जिन लोगों का जन्‍म मार्च के महीने में होता है, उनके अंदर अपने आप ही बॉस बनने की खूबी होती है। इस महीने में पैदा होने वाले सबसे मशहूर लोगों में अल्‍बर्ट आइंस्‍टीन, एंजेलो का नाम शामिल है। ये लोग निडर और साहसी स्‍वभाव के होते हैं। इनके अंदर आत्‍मविश्‍वास की कोई कमी नहीं होती है। ये दूसरों को प्रभावित भी कर सकते हैं और दूसरों के लिए उदाहरण भी बन सकते हैं। ये खुशमिजाज़ स्‍वभाव के होते हैं और इनके अंदर आशावादी रवैया छिपा होता है। ये अपनी पॉजिटिविटी से दूसरों को प्रेरित करने की क्षमता रखते हैं।

इनके अंदर उदारता की भी कोई कमी नहीं होती है। ये जहां भी जाते हैं, लोग इन्‍हें पसंद करते हैं। इन्‍हें अपने तरीके से काम करना पसंद होता है। ये आत्‍मनिर्भर होते हैं और इनकी सोच काफी मजबूत होती है। ये अविश्‍वसनीय रूप से एक्टिव और जिंदादिल होते हैं। ये भविष्‍य की चिंता करने के बजाय वर्तमान में जीना पसंद करते हैं।

मार्च 2026 का इतिहास

मार्च महीने का नाम युद्ध के देवता मंगल ग्रह के नाम पर पड़ा है। चूंकि, यह महीना सैन्‍य अभियानों के लिए शुभ माना जाता था इसलिए इसका नाम युद्ध के देवता पर रखा गया। रोमन कैलेंडर में पहले यह साल का पहना महीना हुआ करता था और जनवरी-फरवरी के आने के बाद यह तीसरा महीना बन गया। इस महीने में रोम के वास युद्ध के अभियान शुरू करते थे। बता दें कि मार्च नाम लैटिन शब्‍द के मार्टियस से जुड़ा है। 

मार्च में पड़ने वाले ग्रहण और गोचर

मार्च के महीने में होने वाले अधिकतर गोचर मीन राशि में हो रहे हैं। आगे बताया गया है कि मार्च में किस तिथि पर किस ग्रह का गोचर होने जा रहा है।

शुक्र का मीन राशि में गोचर: शुक्र ग्रह 02 मार्च 2026 की रात 12 बजकर 38 मिनट पर मीन राशि में गोचर करने जा रहे हैं।

बृहस्पति मिथुन राशि में मार्गी : बृहस्पति देव 11 मार्च 2026 की सुबह 06 बजकर 17 मिनट पर मिथुन राशि में मार्गी होने जा रहे हैं।

बुध कुंभ राशि में उदय: 13 मार्च, 2026 को रात 10 बजकर 14 मिनट पर कुंभ राशि में बुध उदित होंगे।

सूर्य का मीन राशि में गोचर: सूर्य 14 मार्च 2026 की रात 12 बजकर 41 मिनट पर मीन राशि में गोचर करेंगे।

बुध कुंभ राशि में मार्गी: बुध ग्रह 21 मार्च 2026 की रात 12 बजकर 42 मिनट कुंभ राशि में मार्गी होंगे।

मंगल का कुंभ राशि में उदय: मंगल ग्रह 26 मार्च 2026 की दोपहर 12 बजकर 53 मिनट पर कुंभ राशि में उदित होने जा रहे हैं।

मार्च 2026 में फाल्‍गुन मास का महत्‍व

हिंदू पंचांग का आखिरी और बारहवां महीना फाल्‍गुन का है। इस महीने में कई बड़े व्रत और त्‍योहार आते हैं इसलिए इस मास का अत्‍यधिक महत्‍व है। मार्च में होलिका दहन, होली और रामनवमी जैसे बड़े पर्व पड़ रहे हैं।

फाल्‍गुन माह का संबंध भगवान कृष्‍ण और चंद्र देव की उपासना से भी संबंधित है। हिंदू पौराणिक कथा के अनुसार इसी महीने में चंद्र देव का जन्‍म हुआ था और इसलिए इस महीने को चंद्र देव की उपासना और उनसे संबंधित अनुष्‍ठान करने के लिए खास माना जाता है।

मार्च 2026 12 राशियों का राशिफल

मेष राशि 

आर्थिक तौर पर यह महीना उतार-चढ़ाव से भरा रहेगा। जहां महीने की शुरुआत में……(विस्तार से पढ़ें)

वृषभ राशि 

यह महीना आपके लिए कई मायनों में बहुत अनुकूल रह सकता है। महीने की शुरुआत से ही बृहस्पति आपके दूसरे भाव में विराजमान रहेंगे जो……(विस्तार से पढ़ें)

मिथुन राशि

नौकरीपेशा लोगों की नौकरी में स्थानांतरण के योग बन सकते हैं। कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत बढ़ेगी। व्यवसाय में आपको सफलता मिलेगी और आपके……(विस्तार से पढ़ें)

कर्क राशि 

खर्चों में बहुत तेजी आएगी और आपकी आर्थिक स्थिति में उतार-चढ़ाव आने के प्रबल योग बनेंगे। हालांकि, 2 तारीख को शुक्र आपके……(विस्तार से पढ़ें)

सिंह राशि 

ग्रहों की स्थिति स्वास्थ्य समस्याओं की ओर इशारा करती है। आपको अपनी स्वास्थ्य समस्याओं के प्रति सचेत रहना होगा नहीं तो……(विस्तार से पढ़ें)

कन्या राशि 

कन्या राशि में जन्मे जातकों को अपने स्वास्थ्य पर ध्यान देना होगा। स्वास्थ्य समस्याएं चुनौती बन सकती हैं। इसके अतिरिक्त कार्यस्थल पर और आपके निजी जीवन में……(विस्तार से पढ़ें)

तुला राशि 

तुला राशि में जन्मे जातकों के लिए यह महीना मध्यम रहने की संभावना है। आपको अपने जीवन में चल रही समस्याओं के प्रति सावधानी के साथ-साथ……(विस्तार से पढ़ें) 

वृश्चिक राशि 

आपको उत्तम सफलता प्राप्त हो सकती है। विद्यार्थी वर्ग के लिए मेहनत से सफलता प्राप्त करने का अच्छा……(विस्तार से पढ़ें)

धनु राशि 

यह महीना धनु राशि के जातकों के लिए कई मामलों में अनुकूल रहने की संभावना है। आपकी राशि से चतुर्थ स्थान में शनि, सप्तम स्थान में बृहस्पति, नवम स्थान में……(विस्तार से पढ़ें)

मकर राशि 

कुछ लोगों से आपके संबंध इसके कारण मधुर बनेंगे तो कुछ के कारण समस्याएं बढ़ेंगी। किसी से लड़ाई झगड़े की स्थिति……(विस्तार से पढ़ें)

कुंभ राशि 

कुंभ राशि में जन्मे जातकों के लिए यह महीना उतार-चढ़ाव से भरा रहने की संभावना है। महीने की शुरुआत में ही सूर्य, मंगल, बुध, शुक्र और राहु, ये पांच ग्रह आपकी……(विस्तार से पढ़ें)

मीन राशि

स्वास्थ्य समस्याओं में बढ़ोतरी होने का स्पष्ट संकेत मिलता है। आपके खर्चों में भी बढ़ोतरी होगी और खर्च परेशान करेंगे जो……(विस्तार से पढ़ें)

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्नों

1. मार्च 2026 में सकट चौथ कब है?

06 मार्च को संकष्टी चतुर्थी का व्रत है।

2. इस बार मार्च 2026 की शुरुआत किस नक्षत्र में हो रही है?

मार्च 2026 की शुरुआत 01 मार्च को पुष्‍य नक्षत्र में शुक्‍ल पक्ष की द्वादशी तिथि को होगी।

3. चैत्र नवरात्रि कब हैं?

19 मार्च से चैत्र नवरात्रि आरंभ हैं।