हरियाली अमावस्या पर पितृ कृपा के लिए करें ये उपाय!

हरियाली अमावस्या 2026 पर लगेगा साल का दूसरा सूर्य ग्रहण, जानें तिथि, महत्व एवं पूजा मुहूर्त!

हरियाली अमावस्या 2026: देवों के देव महादेव को समर्पित सावन माह का धार्मिक, ज्योतिषीय एवं आध्यात्मिक रूप से विशेष महत्व माना गया है। सावन या श्रावण माह के शुरू होते ही त्योहारों की झड़ी लग जाती है। इस दौरान कई बड़े पर्व मनाए जाते हैं और इन्हीं में से एक है हरियाली अमावस्या, जिसे श्रावण अमावस्या के नाम से भी जाना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, हरियाली अमावस्या के दिन दान-स्नान, व्रत,तर्पण आदि करने से अपार पुण्य की प्राप्ति होती है। इस अमावस्या के नाम से हरियाली जुड़ी हुई है इसलिए यह तिथि पौधे लगाने के लिए बहुत शुभ मानी जाती है।

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हरियाली अमावस्या का दिन मनुष्यों की कुंडली में उपस्थित अशुभ योगों को समाप्त करने का अपार सामर्थ्य रखता है। इसी क्रम में, एस्ट्रोसेज एआई आपके लिए “हरियाली अमावस्या 2026” का यह विशेष ब्लॉग लेकर आया है जिसके अंतर्गत आपको इस अमावस्या से जुड़ी हर जानकारी प्राप्त होगी जैसे तिथि एवं मुहूर्त आदि। साथ ही, इस साल की श्रावण अमावस्या क्यों है ख़ास? इस दिन आप किन कार्यों को कर सकते हैं और किन उपायों को अपनाना आपके लिए फलदायी साबित होगा, इससे भी हम आपको अवगत करवाएंगे। तो आइए बिना देर किए अब हम आगे बढ़ते हैं और जानते हैं हरियाली अमावस्या के बारे में सब कुछ। 

हरियाली अमावस्या 2026: तिथि एवं शुभ मुहूर्त 

धार्मिक दृष्टि से सावन या श्रावण माह की हर तिथि का अपना महत्व होता है। हरियाली अमावस्या को श्रावण अमावस्या के अलावा आदि अमावसाई के नाम से भी जाना जाता है। हिंदू पंचांग के अनुसार, हर साल सावन माह के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि पर हरियाली अमावस्या आती है। वहीं, अंग्रेजी कैलेंडर में यह अमावस्या जुलाई-अगस्त में मनाई जाती है।  यह अमावस्या सामान्य रूप से हरियाली तीज से तीन दिन पहले पड़ती है। आइए अब नज़र डालते हैं हरियाली अमावस्या की तिथि और मुहूर्त पर।

हरियाली अमावस्या की तिथि: 12 अगस्त, 2026, बुधवार   

हरियाली अमावस्या तिथि आरंभ: 12 अगस्त 2026 की रात 01 बजकर 55 मिनट से,

हरियाली अमावस्या तिथि समाप्त: 12 अगस्त 2026 की रात 11 बजकर 08 मिनट तक 

नोट: उदया तिथि के अनुसार, हरियाली अमावस्या या श्रावण अमावस्या 12 अगस्त 2026 को मनाई जाएगी। 

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हरियाली अमावस्या 2026 पर बनेंगे शुभ योग

सावन माह में पड़ रहे अनेक व्रत एवं त्योहार शुभ योगो में मनाए जाएंगे। इन्हीं में से एक है हरियाली अमावस्या 2026, जो 12 अगस्त को मनाई जाएगी। इस दिन सुबह से ही एक नहीं अनेक शुभ मुहूर्त निर्मित हो रहे हैं, जिनमें से पहला शुभ योग चर-सामान्य मुहूर्त होगा और यह सुबह 05 बजकर 37 मिनट से सुबह 7 बजकर 21 मिनट तक रहेगा। 

इसके बाद लाभ-उन्नति मुहूर्त का आरंभ सुबह 07 बजकर 21 मिनट पर होगा और यह सुबह 09 बजकर 04 मिनट तक रहेगा। इसके पश्चात, अमृत-सर्वोत्तम मुहूर्त हरियाली अमावस्या 2026 पर सुबह 09 बजकर 03 मिनट से सुबह 10 बजकर 45 मिनट तक रहेगा। साथ ही, इस दिन दोपहर के समय शुभ-उत्तम मुहूर्त 12 बजकर 27 मिनट से दोपहर 02 बजकर 10 मिनट तक रहेगी। 

हरियाली अमावस्या पर लगेगा साल का दूसरा सूर्य ग्रहण 

हरियाली अमावस्या 2026 को श्रावण अमावस्या भी कहा जाता है। इस वर्ष की यह अमावस्या बेहद ख़ास रहने वाली है क्योंकि इस दिन साल 2026 का दूसरा एवं अंतिम सूर्य ग्रहण लगने जा रहा है। यह सूर्य ग्रहण श्रावण मास के कृष्ण पक्ष की अमावस्या परलगेगा जो 12 अगस्त 2026 को पड़ रही है। इस दिन लगने वाला सूर्य ग्रहण खग्रास होगा और इसकी शुरुआत रात 09 बजकर 04 मिनट पर होगी, जबकि इसकी समाप्ति 13 अगस्त 2026 की सुबह 04 बजकर 25 मिनट पर होगी। यह सूर्य ग्रहण दुनिया के विभिन्न हिस्सों में देखा जा सकेगा, लेकिन यह भारत में नज़र नहीं आएगा। ऐसे में, सूतक काल मान्य नहीं होगा और सभी धार्मिक कार्य निर्विघ्न होते रहेंगे। 

आइए अब हम आपको रूबरू करवाते हैं हरियाली अमावस्या के महत्व से। 

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हरियाली अमावस्या 2026 का महत्व 

हरियाली अमावस्या या श्रावण अमावस्या को गटारी अमावस्‍या, चितलगी अमावस्‍या और चुक्कला अमावस्‍या के नाम से भी जाना जाता है। सावन माह की यह तिथि प्रकृति, हरियाली और पर्यावरण के संरक्षण को समर्पित होती है इसलिए इस दिन नए पेड़-पौधे लगाए जाते हैं। हरियाली अमावस्या को मानसून आने का प्रतीक माना जाता है और इसी समय वर्षा ऋतु का प्रभाव स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगता है। इस शुभ दिन से बारिश की शुरुआत होती है और इसी के आधार पर गणना की जाती है कि इस वर्ष कृषि कैसी रहेगी। चारों ओर फैली हरियाली के कारण इस अमावस्या का विशेष महत्व माना जाता है। यह पर्व हरियाली तीज से तीन दिन पहले मनाया जाता है।          

बता दें कि श्रावण मास हिंदू माह का पांचवां महीना होता है, जिसे भगवान शिव की उपासना के लिए अत्यंत पवित्र माना जाता है। पूरे सावन में भक्तजन शिव जी के लिए व्रत, पूजा और जलाभिषेक के माध्यम से महादेव की कृपा प्राप्त करते हैं। सनातन धर्म में प्रकृति को ईश्वर का स्वरूप माना गया है। यही कारण है कि हरियाली अमावस्या के दिन पीपल और तुलसी पूजा का विशेष महत्व होता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पीपल के वृक्ष में त्रिदेव अर्थात ब्रह्मा, विष्णु और महेश का वास होता है और वहीं, तुलसी भगवान विष्णु को अत्यंत प्रिय है, इसलिए इस दिन इन दोनों वृक्षों की पूजा करना बहुत कल्याणकारी सिद्ध होता है। 

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हरियाली अमावस्या 2026 का धार्मिक महत्व 

धार्मिक एवं आध्यात्मिक दृष्टि से हरियाली अमावस्या या श्रावण अमावस्या को विशेष स्थान दिया गया है। साथ ही, सावन माह में आने के कारण इस अमावस्या का महत्व कई गुना बढ़ जाता है। ऐसा माना जाता है कि श्रावण अमावस्या 2026 की तिथि भगवान शंकर को प्रसन्न करने और उनका आशीर्वाद पाने के लिए उत्तम होती है। 

धर्मग्रंथों में ऐसा वर्णित है कि हरियाली अमावस्या की शुभ तिथि पर भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा-अर्चना करना फलदायी होता है। साथ ही, इस दिन स्नान-दान करने का भी विशेष महत्व होता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जो भक्त भगवान शंकर की उपासना सच्चे मन से करते हैं, उसके जीवन से नकारात्मक ऊर्जा का अंत हो जाता है। 

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हरियाली अमावस्या 2026 पर पवित्र नदियों, कुंडों और जलाशयों में स्नान करने के बाद दान करना पुण्यदायक होता है। इस अवसर पर देशभर में पेड़-पौधे लगाए जाते हैं। जैसे कि हमने आपको ऊपर बताया कि श्रावण अमावस्या के दिन मुख्य रूप से तुलसी और पीपल के पेड़ की पूजा-अर्चना की जाती है। हिंदू मान्यताओं के अनुसार, सभी देवी-देवताओं का वास पीपल के वृक्ष में होता है इसलिए इस दिन पीपल वृक्ष के पूजन से आपको देवी-देवताओं का आशीर्वाद मिलता है। 

सनातन धर्म में अमावस्या तिथि का संबंध पूर्वजों से होता है। ऐसे में, हर माह आने वाली अमावस्या की तरह ही श्रावण अमावस्या भी पितृ तर्पण और श्राद्ध कर्म के लिए सर्वश्रेष्ठ होती है। एक साल में कुल 12 अमावस्या तिथियां आती हैं और प्रत्येक माह की अमावस्या का अपना महत्व होता है। इसी क्रम में, श्रावण अमावस्या पर पितृ कर्म, पितृ शांति पूजा और श्राद्ध आदि अनुष्ठान किए जा सकते हैं। 

हरियाली अमावस्या 2026 पर कैसे करे पूजा? अब हम आपको सही पूजा विधि देने जा रहे हैं। 

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हरियाली अमावस्या 2026: पूजा विधि 

  • हरियाली अमावस्या पर भक्त सूर्योदय से पूर्व उठकर पवित्र नदी, कुंड या तालाब में स्नान करें। यदि ऐसा करना संभव न हो, तो नहाने के पानी में आप गंगा जल मिलाकर स्नान करें। .
  • नित्य कर्मों से निवृत्त होने के बाद आप साफ वस्त्र धारण करें। साथ ही, मंदिर में दीपक जलाएं और सूर्य देव को अर्घ्य दें। अगर व्रत करने का सोच रहे हैं, तो व्रत का संकल्प लें।
  • इसके पश्चात, आप भगवान शिव और माता पार्वती की विधि-विधान से पूजा करें, और माता का श्रृंगार करें।  
  • अमावस्या को पितरों से संबंधित कार्यों के लिए भी श्रेष्ठ माना जाता है। ऐसे में, हरियाली अमावस्या के दिन पितरों के निमित्त तर्पण और दान अवश्य करना चाहिए। 
  • इस अमावस्या तिथि पर भगवान का ध्यान करें और धार्मिक कार्यों में ज्यादा से ज्यादा समय बिताएं। 
  • भगवान शिव के प्रिय सावन माह में आने के कारण हरियाली अमावस्या पर रुद्राभिषेक करना बहुत माना जाता है। इससे आपको भगवान शिव का आशीर्वाद प्राप्त होता है। 
  • श्रावण अमावस्या 2026 की रात्रि में जागरण और शिव पुराण का पाठ जरूर करना चाहिए। 

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हरियाली अमावस्या पर भूल से भी न करें ये काम 

  • हरियाली अमावस्या के दिन कुंडली में उपस्थित पितृ दोष के अशुभ प्रभाव को कम करने के लिए इस दिन आप नाख़ून और बाल काटने से बचें। 
  • श्रावण अमावस्या 2026 पर शुभ और मांगलिक कार्यों को नहीं करना चाहिए। साथ ही, वाहन जैसे कार, स्कूटी आदि भी नहीं खरीदनी चाहिए। 
  • अमावस्या तिथि पर बाल नहीं धोने चाहिए क्योंकि ऐसा करने से आपको कुंडली में नकारात्मक प्रभावों का सामना करना पड़ सकता है। 
  • इसके अलावा, इस दिन तुलसी, बेलपत्र और पीपल के पत्ते नहीं तोड़ने चाहिए। 
  • इस अमावस्या के दिन झूठ बोलने और लालच करने से परहेज़ करें। 

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हरियाली अमावस्या 2026 की रात अवश्य करें ये उपाय 

  • हरियाली अमावस्या 2026 पर तुलसी के सामने गाय के घी का दीपक जलाएं। साथ ही, देवी लक्ष्मी का स्मरण करें। इस उपाय को करने से जीवन में खुशियों और धन का आगमन होता है। 
  • श्रावण अमावस्या 2026 के दिन चंद्रमा को एक कटोरी में कच्चे चावल और थोड़ा दूध मिलाकर अर्घ्य दें। अर्घ्य देते समय आप ‘ॐ सोम सोमाय नमः’ मंत्र का जाप लगातार करते रहें। ऐसा करने से कुंडली में चंद्र ग्रह की स्थिति मजबूत होती है। 
  • सावन माह की अमावस्या तिथि की रात आप पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएं। साथ ही, आप ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ मंत्र का 108 बार जाप करें और फिर पीपल के वृक्ष की सात बार परिक्रमा करें। यह उपाय आपके जीवन से आर्थिक समस्याओं को दूर करता है।
  • माता लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए श्रावण अमावस्या 2026 क्ले दिन एक लाल कपड़े में 11 गोमती चक्र, 7 कौड़ियां और एक श्री यंत्र रखें। इसके बाद, इसे आप अपनी तिजोरी या धन स्थान पर स्थापित करें। इस उपाय को करने से घर में सदैव बरकत बनी रहती है।

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इसी आशा के साथ कि, आपको यह लेख भी पसंद आया होगा एस्ट्रोसेज के साथ बने रहने के लिए हम आपका बहुत-बहुत धन्यवाद करते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

1. हरियाली अमावस्या 2026 कब है?

इस साल हरियाली अमावस्या 12 अगस्त 2026 को पड़ेगी।

2. क्या श्रावण अमावस्या या हरियाली अमावस्या एक होती है?

हाँ, हरियाली अमावस्या को ही श्रावण अमावस्या के नाम से जाना जाता है।

3 अगस्त 2026 में सूर्य ग्रहण कब लगेगा?

हाँ, हरियाली अमावस्या के दिन यानी 12 अगस्त 2026 को साल का दूसरा सूर्य ग्रहण लगने जा रहा है।