बुध वक्री का वैश्विक स्तर पर असर

बुध कुंभ राशि में वक्री: भाग्य का ताला खुलेगा इन राशियों के लिए, बाकी रहें सतर्क!

एस्ट्रोसेज एआई के इस विशेष ब्लॉग में हम आपको बुध कुंभ राशि वक्री के बारे में विस्तार से जानकारी प्रदान करेंगे। साथ ही, यह भी बताएंगे कि बुध वक्री का प्रभाव सभी 12 राशियों पर किस प्रकार से पड़ेगा।

बता दें कुछ राशियों को बुध ग्रह वक्री से बहुत अधिक लाभ होगा तो, वहीं कुछ राशि वालों को इस अवधि बहुत ही सावधानी से आगे बढ़ने की आवश्यकता होगी क्योंकि उन्हें कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। इसके अलावा, इस ब्लॉग में बुध ग्रह को मजबूत करने के कुछ शानदार व आसान उपायों के बारे में भी बताएंगे और देश-दुनिया व शेयर मार्केट पर भी इसके प्रभाव के बारे में चर्चा करेंगे। 

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बता दें कि ग्रहों के राजकुमार के नाम से जाने वाले बुध ग्रह 26 फरवरी 2026 की सुबह 11 बजकर 50 मिनट पर बुध ग्रह शनि की राशि कुंभ में वक्री होने जा रहे हैं। 

बुध कुंभ राशि में वक्री: ज्योतिष में बुध वक्री का महत्व

ज्योतिष में बुध वक्री एक जाना-पहचाना समय होता है। इस दौरान अक्सर बातचीत में गलतफहमी, मोबाइल या तकनीकी दिक्कतें, यात्रा में देरी और बातों का उलझना देखने को मिलता है। लोग आमतौर पर इसे अशुभ मानते हैं, लेकिन इसका एक सकारात्मक पहलू भी होता है। यह समय रुककर सोचने, पुराने कामों की समीक्षा करने और खुद को बेहतर समझने का मौका देता है। इस दौरान अधूरे काम पूरे करने रुके हुए मामलों को सुलझाने और चीज़ों को साफ तरीके से समझने में मदद मिलती है।

कई लोग इस समय पुरानी रचनात्मक सोच को फिर से अपनाते हैं, बीते समय से जुड़ते हैं और बिगड़े रिश्तों को सुधारने की कोशिश करते हैं। जब बुध कुंभ राशि में वक्री होता है, तो यह कुछ चुनौतियों के साथ गहरे आत्म-मंथन का समय बन जाता है। इस दौरान अंतर्ज्ञान और भावनाएं ज्यादा सक्रिय हो जाती हैं, जिससे कभी-कभी भ्रम या ज़्यादा सोचने की स्थिति पैदा हो सकती है। ऐसे समय में सोच-समझकर बात करना, धैर्य रखना और अपनी भावनात्मक व मानसिक स्थिति पर ध्यान देना ज़रूरी होता है। 

कुंभ राशि भले ही बाहर से तर्कसंगत दिखती हो, लेकिन इसके भीतर गहरी भावनाएं भी होती हैं। इस समय पुराने भावनात्मक घाव फिर उभर सकते हैं या आप पुराने रिश्तों और अनुभवों को नए नज़रिए से समझने लगते हैं। यह दौर मन की उलझनों को सुलझाने और दबाई हुई भावनाओं को बाहर निकालने में सहायक होता है।

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बुध कुंभ राशि में वक्री: दुनिया भर पर प्रभाव

बुध ग्रह व्यक्ति की समझ और तर्क शक्ति का प्रतीक माना जाता है, जबकि शनि गणना और रणनीति से जुड़ा होता है। ऐसे में जब कुंभ राशि में बुध वक्री होता है, तो इसका असर देश और दुनिया की घटनाओं पर साफ दिखाई देता है। अब सवाल यह है कि यह असर अच्छा होगा या मुश्किलें बढ़ाएगा? आइए जानते हैं।

राजनीति और सरकार

  • भारत सरकार के प्रवक्ता और बड़े नेता विवादों में घिर सकते है और मीडिया की नजर उन पर बनी रह सकती है, क्योंकि उनसे कुछ गलत बयान निकल सकते हैं या उनकी बातों को गलत तरीके से समझा जा सकता है।
  • सरकार की कार्यशैली और नीतियां चाहे कितनी भी अच्छी क्यों न हों, फिर भी उनकी आलोचना हो सकती है या लोग उन्हें नकारात्मक रूप ले सकते हैं।
  • नौवें भाव विदेश और दूर की यात्राओं से जुड़ा होता है, इसलिए इस दौरान सरकार को विदेशी देशों की तरफ से दबाव या धमकियों का सामना करना पड़ सकता है, हालांकि हालात काबू में रहेंगे। 
  • इस समय नेता कड़े और आक्रामक फैसले लेते हुए नजर आ सकते हैं, लेकिन कुछ मामलों में सोच-विचार की कमी भी दिखाई दे सकती है।

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संचार और मीडिया

  • कुंभ राशि में बुध के वक्री होने के दौरान खबरों को गलत समझा जा सकता है या बातों को तोड़-मरोड़ कर पेश किया जा सकता है। किसी नेता, सरकार या संस्था के बयान लोगों में भ्रम पैदा कर सकते हैं, जिससे बहस या विरोध की स्थिति बन सकती है।
  • पुराने इंटरव्यू, सोशल मीडिया पोस्ट या अधूरी रह गई खबरें फिर से सामने आ सकती हैं और लोगों का ध्यान दोबारा उन पर जा सकता है।
  • इस समय खबरों से जुड़ी वेबसाइट्स, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और प्रसारण सिस्टम में तकनीकी दिक्कतें भी आ सकती हैं, जिससे जानकारी पहुंचने में देरी, गलतियां या रुकावटें देखने को मिल सकती हैं।

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रचनात्मक क्षेत्र और पेशे

  • बुध कुंभ राशि में वक्री आम तौर पर कठिन माना जाता है, क्योंकि बुध बोलने और गायन का कारक ग्रह है। ऐसे में आवाज़, अभिव्यक्ति और रचनात्मक कामों में रुकावटें आ सकती हैं।
  • बुध वक्री के कारण संगीत उद्योग पर नकारात्मक असर पड़ सकता है। इस समय कुछ बड़े और महंगे म्यूज़िक प्रोजेक्ट असफल हो सकते हैं, जिससे संगीत जगत को भारी नुकसान झेलना पड़ सकता है।
  • फिल्म इंडस्ट्री को भी नुकसान का सामना करना पड़ सकता है, क्योंकि इस दौरान रिलीज़ होने वाली फिल्में उम्मीद के मुताबिक अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाएंगी।

बुध कुंभ राशि में वक्री: शेयर बाज़ार पर प्रभाव

  • बुध कुंभ राशि में वक्री होने से 26 फरवरी 2026 के बाद शेयर बाजार पर भी कुछ हद तक नकारात्मक असर पड़ सकता है। इस समय शेयर मार्केट में निवेश करते समय थोड़ी सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।
  • बुध के कुंभ राशि में वक्री होने के कारण केमिकल फर्टिलाइजर इंडस्ट्री, चाय  उद्योग, कॉफी  उद्योग, स्टील इंडस्ट्री, हिंदाल्को, ऊनी मिल्स आदि क्षेत्रों में सुस्ती देखने को मिल सकती है।
  • रिलायंस इंडस्ट्रीज़, परफ्यूम और कॉस्मेटिक इंडस्ट्री, कंप्यूटर सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी, सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) और अन्य सेक्टर भी महीने के अंत तक धीमी गति से काम कर सकते हैं। हालांकि, इनमें आगे चलकर काम जारी रहने की संभावना बनी रहेगी।
  • वेब डिज़ाइनिंग कंपनियों और पब्लिशिंग फर्म्स की प्रगति रुक सकती है और इनके ग्राफ़ में गिरावट देखने को मिल सकती है।
  • मार्च के पहले हफ्ते में कुछ नई विदेशी कंपनियां भारतीय बाज़ार में प्रवेश कर सकती हैं, जिससे पेट्रोल, डीज़ल और कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी होने की संभावना है।

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बुध कुंभ राशि में वक्री: इन राशियों पर पड़ेगा नकारात्मक प्रभाव

मेष राशि

मेष राशि के जातकों के लिए बुध तीसरे और छठे भाव के स्वामी हैं और अब वक्री होकर ग्यारहवें भाव में आ रहा है। इस दौरान करियर से जुड़ी स्थिति थोड़ी परेशान करने वाली हो सकती है। नौकरी के सिलसिले में अचानक और अनचाही यात्राएं करनी पड़ सकती हैं, जिससे मानसिक तनाव बढ़ सकता है। अगर आप बिजनेस से जुड़े हैं, तो इस समय सही योजना की कमी महसूस हो सकती है और इसके कारण आर्थिक नुकसान होने की आशंका है। 

इसलिए बुध वक्री के इस दौर में सोच-समझकर और सही रणनीति बनाकर ही कोई कदम उठाएं। इस अवधि में किसी को भी पैसा उधार देने से बचें, क्योंकि धन हानि के योग बन रहे हैं। यदि आप काफी समय से वेतन बढ़ोतरी का इंतज़ार कर रहे थे, तो उसमें भी देरी हो सकती है, जिससे निराशा और झुंझलाहट महसूस हो सकती है।

कर्क राशि

कर्क राशि के जातकों के लिए बुध तीसरे और बारहवें भाव के स्वामी हैं और वक्री होकर आठवें भाव में स्थित हो रहे हैं। इस दौरान आपकी छवि या प्रतिष्ठा पर थोड़ा असर पड़ सकता है और किस्मत भी कुछ मामलों में आपका साथ कम देती हुई दिख सकती है।

करियर के लिहाज से आप बेहतर अवसरों की तलाश में नौकरी बदलने का विचार कर सकते हैं, क्योंकि वर्तमान नौकरी आपको संतुष्टि नहीं दे पाएगी या आपके उद्देश्यों को पूरा नहीं करेगी। व्यवसाय से जुड़े लोगों के इस समय लेन-देन में सावधानी रखनी होगी। कंपनी से जुड़े सौदों में अपेक्षित लाभ न मिलने के कारण आमदनी में कमी आ सकती है। 

हालांकि इस दौरान कुछ धन हानि के योग बन सकते हैं, फिर भी लंबे समय के हिसाब से आप आर्थिक रूप से अच्छी प्रगति कर सकते हैं और आगे चलकर मजबूत स्थिति बना सकते हैं।

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कन्या राशि

कन्या राशि के जातकों के लिए बुध पहले और दसवें भाव के स्वामी हैं और वक्री होकर छठे भाव में जा रहा है। इस कारण बुध वक्री के दौरान दोस्तों और सहयोगियों के साथ रिश्तों में तनाव या गलतफहमियां हो सकती हैं। कामकाज के दौरान आपको अधिक सतर्क रहने की जरूरत होगी। करियर के क्षेत्र में सीनियर्स और सहकर्मियों के साथ मतभेद हो सकते हैं। आपकी मेहनत के बावजूद बॉस पूरी तरह संतुष्ट नज़र नहीं आ सकते।

व्यवसाय करने वालों को भी सावधानी बरतनी चाहिए, क्योंकि इस समय कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ सकता है। आर्थिक रूप से इस दौरान खर्चे बढ़ सकते हैं और उन्हें संभालना थोड़ा मुश्किल हो सकता है, इसलिए बजट पर विशेष ध्यान देना ज़रूरी रहेगा।

तुला राशि

तुला राशि के जातकों के लिए बुध नौवें और द्वादश भाव के स्वामी हैं और वक्री होकर पांचवें भाव में स्थित हो रहा है। इस कारण बुध वक्री के दौरान भाग्य का साथ थोड़ा कम मिल सकता है और आपके प्रयास अटके हुए महसूस हो सकते हैं। पेशेवर जीवन में यदि आप अपनी वर्तमान नौकरी से संतुष्ट नहीं हैं, तो नौकरी बदलने का विचार मन में आ सकती है। इस समय काम का दबाव भी पहले से अधिक रह सकता है।

व्यवसाय के क्षेत्र में प्रतिद्वंद्वियां से कड़ी प्रतिस्पर्धा के कारण आप अपने पार्टनर्स को कम समय दे पाएंगे, जिससे तालमेल पर असर पड़ सकता है। आर्थिक रूप से खर्च काफी बढ़ सकते हैं और उन्हें संभालना कठिन हो सकता है। इसलिए पहले से बेहतर योजना बनाकर चलना इस समय बहुत जरूरी रहेगा।

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बुध कुंभ राशि वक्री: इन राशियों पर पड़ेगा सकारात्मक प्रभाव

मकर राशि

मकर राशि के जातकों के लिए बुध छठे और नौवें भाव के स्वामी हैं और वक्री होकर दूसरे भाव में स्थित होगा। इसके कारण इस समय आपके द्वारा किए जा रहे प्रयासों में अच्छा विकास देखने को मिल सकता है। भाई-बहनों के साथ आपके संबंध बेहतर रहेंगे और आपसी तालमेल बढ़ेगा। करियर के क्षेत्र में कामकाज में प्रगति होगी और इस दौरान विदेश से जुड़े नए अवसर भी मिल सकते हैं। व्यवसाय करने वालों के लिए यह समय अच्छा रह सकता है।

कारोबार में अच्छा टर्नओवर होने के साथ-साथ ठीक-ठाक मुनाफा भी मिलने के योग बन रहे हैं। आर्थिक रूप से आपकी लगातार की जा रही मेहनत का फल आपको मिलेगा और आय में बढ़ोतरी हो सकती है। साथ ही,  इस दौरान बचत करने के अच्छे अवसर भी मिलेंगे।

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बुध कुंभ राशि में वक्री: उपाय

  • बुध का बीज मंत्र पढ़ें।
  • गाय को पालक जैसी हरी पत्तेदार सब्जियां खिलाएं।
  • अपनी बहनों या परिवार की महिलाओं को हरे रंग के कपड़े या दूसरे तोहफ़े दें।
  • महिलाओं और अपनी बहनों का सम्मान करें।
  • कबूतरों और तोतों को दाना डालें।
  • अपने मुंह की अच्छी तरह से सफ़ाई रखें।

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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

1. बुध ग्रह को किस राशि में कमजोर माना जाता है?

मीन राशि

2. क्या बुध कुंभ राशि में सहज महसूस करता है?

हाँ, कुंभ राशि बुध के लिए एक अनुकूल राशि है

3. कौन सा ग्रह जब वक्री होता है, तो गलतफहमी पैदा करता है?

बुध राशि