इन ग्रहों की वजह से शादी में आती है रुकावट, जल्द कर लें उपाय, कहीं हो न जाए देर!

हर माता-पिता की इच्छा होती है कि उनके बच्चों की शादी सही जगह और सही समय पर हो जाए। इस बात की चिंता उन्हें हर बार सताती रहती है। यह चिंता तब बढ़ जाती है जब लड़का लड़की शादी के योग्य हो जाते हैं और शादी में कई प्रकार की बाधाएं आने लगती है। शादी में देरी होने की कई वजहें हो सकती हैं। कई बार आपकी शादी विवाह की बात बनते-बनते बिगड़ जाती है, तो कई बार बात आगे ही नहीं बढ़ पाती है। इन वजहों के उसके सही कारणों का पता लगाना हर किसी के लिए मुश्किल हो जाता है। ज्योतिष के अनुसार, शादी में देरी होने के अन्य समस्या के अलावा, कुछ ग्रह दोष भी कारण हो सकते हैं। 

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कुंडली में कई ऐसे ग्रह मौजूद होते हैं जो शादी विवाह के मामलों में बाधा पैदा करने लगते हैं। जो ग्रह शादी में देरी का कारण बनते हैं उनकी पहचान कुंडली देखकर की जा सकती है। लेकिन यदि आप इन ग्रहों के बारे में ठीक से जानकारी ले लेते हैं और कुछ आसान ज्योतिष उपायों को अपनाते हैं तो आप विवाह में आने वाली समस्या से निपट सकते हैं। तो चलिए इसी क्रम में आगे बढ़ते हैं और जानते हैं उन ग्रहों के बारे में जो विवाह में समस्याएं पैदा करते हैं और साथ ही, इन समस्याओं से लड़ने के उपायों स के बारे में भी जानेंगे।

शादी में रुकावट के पीछे ये है बड़ा कारण

कुंडली के ये भाव पैदा कर सकते हैं रुकावट

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, जब कुंडली में सातवें भाव की दशा या फिर अन्तर्दशा, सातवें भाव में स्थित ग्रहों की दशा या अंतर्दशा या सातवें भाव को देखने वाले ग्रहों की दशा या अंतर्दशा हो या छठे भाव से संबंधित कोई दशा या अंतर्दशा चल रही हो तभी शादी विवाह में देरी होती है। ज्योतिष के अनुसार, कुंडली में छठा तथा दसवां भाव विवाह में रुकावटें पैदा कर सकता है। शनि सातवें भाव में हो तब भी शादी विवाह में देरी हो सकती है।

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इन ग्रहों की युति से भी विवाह में होता है विलंब 

वहीं, यदि मंगल, राहु और केतु यदि सातवें भाव में हो तो भी शादी विवाह में देरी हो सकती है। शनि, मंगल, शनि राहु, मंगल राहु, या शनि सूर्य, सूर्य मंगल, सूर्य राहु की युति सातवें भाव या आठवें भाव में हो तो भी विवाह में अड़चन आ सकती है। 

मांगलिक होना भी है कारण

विवाह में देरी होने का एक बड़ा महत्वपूर्ण कारण कुंडली में मांगलिक होना भी है। जो लोग मांगलिक होते हैं उन लोगों के विवाह के योग काफी उम्र में बनते हैं। सातवें और बारहवें भाव में गुरु या शुभ ग्रह योग कारक न हो और चंद्रमा कमज़ोर हो तो विवाह में बाधाएं आ सकती है।

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कुंडली के इस भाग में होता है विवाह का योग

सातवें भाव विवाह का कारक होता है इस पर शुभ ग्रहों तथा देवगुरु बृहस्पति व शुक्र की दृष्टि हो तो शादी के योग जल्दी बनते हैं। गुरु सातवें भाव में हो तो शादी 25 की उम्र तक हो जाती है। लेकिन यदि गुरु पर सूर्य या मंगल का प्रभाव हो तो शादी में एक साल या डेढ़ साल देरी हो सकती है और यदि कुंडली में राहु या शनि का प्रभाव हो तो 2 से 3 साल तक देरी का सामना करना पड़ सकता है।

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शादी में आ रही रुकावटें को दूर करने के आसान उपाय

यदि आप विवाह में देरी या किसी प्रकार की रुकावटों का सामना कर रहे हैं तो आपको नीचे दिए गए उपायों को जरूर करना चाहिए।

पारद शिवलिंग की करें पूजा

यदि आपके विवाह में लंबे समय से देरी हो रही है और बात होते-होती बिगड़ जाती है तो आपको पारद शिवलिंग की पूजा करनी चाहिए। इसके अलावा, आपको भगवान गणेश की पूजा नियमित रूप से करनी चाहिए। इसके साथ ही जल्द विवाह के लिए भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की गुरुवार के दिन विधि-विधान से पूजा करके खीर का भोग लगाना चाहिए।

माता पार्वती को चढ़ाएं सुहाग का सामान

विवाह में बाधाएं उत्पन्न करने वाले ग्रह गुरु, शनि और मंगल के लिए अवश्य उपाय करना चाहिए।  ऐसे जातकों को सावन के हर सोमवार का व्रत रखना चाहिए और भगवान शिवजी के साथ ही माता पार्वती की भी पूजा करनी चाहिए। साथ ही, माता पार्वती को सुहाग का सामान चढ़ाना चाहिए इससे विवाह से जुड़ी बाधाएं दूर हो सकती हैं।

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मांगलिक दोष के लिए उपाय

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, कुंडली में मांगलिक दोष लगने पर विवाह में बाधा आती है। ज्योतिष के अनुसार, मांगलिक जातक को मांगलिक जातक से ही शादी करनी चाहिए। अन्यथा जीवन में कई प्रकार की समस्या का सामना करना पड़ सकता है। इसके लिए उपायों को अपनाना बहुत जरूरी है। मंगल के प्रभाव को खत्म करने के लिए मंगलवार के दिन व्रत करें। वहीं, हनुमान मंदिर जाकर बजरंगबली को लड्डू का भोग लगाएं। साथ ही, भगवान हनुमान को नारंगी सिंदूर अर्पित करें। ऐसा करने से मंगल दोष का प्रभाव कम हो सकता है।

गुरुवार का व्रत रखें

ज्योतिष में, देवगुरु बृहस्पति को विवाह का कारक माना जाता है और यदि कुंडली में गुरु कमज़ोर स्थिति में मौजूद हों तो जातक को विवाह से संबंधित समस्याओं के सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में, गुरु की स्थिति में सुधार लाने के लिए गुरुवार के दिन पीले कपड़े पहनकर भगवान विष्णु की विधि-विधान से पूजा करनी चाहिए। साथ ही, आपको पीले चीज़ों का जैसे- चने की दाल, केला, हल्दी और केसर का सेवन करना आपके लिए भी लाभप्रद होता है। अगर संभव हो तो आप 11 या 21 गुरुवार का व्रत भी कर सकते हैं। ऐसा करना आपके लिए फलदायी साबित होगी।

गुप्त दान करें

यदि आपकी शादी में बाधा आ रही है, तो अपनी आर्थिक स्थिति के अनुसार विवाह में गुप्त दान करें। इस उपाय को करने से विवाह में आ रही बाधाएं दूर होंगी। ज्योतिष के अनुसार, विवाह में गुप्त दान करने से राहु की स्थिति मजबूत होती है।

शिवलिंग पर काले तिल चढ़ाएं

माना जाता है कि शनि की अशुभ स्थिति से भी विवाह में रुकावट आती है। शनि के कारण आने वाली बाधा को दूर करने के लिए हर शनिवार के दिन आप शिवलिंग पर काले तिल अर्पित करें। ऐसा करना बेहद लाभकारी माना जाता है। इसके अलावा, शनिवार को काले कपड़े में साबुत उड़द, लोहा, काला तिल और साबुन बांधकर दान करने से भी लाभ मिलता है।

बेडरूम में राधा कृष्ण की फोटो लगाएं

ज्योतिषियों की मानें तो यदि आपकी शादी की बात बनते-बनते बिगड़ जा रही है तो अपने बेडरूम में राधा कृष्ण जी की तस्वीर लगाएं। इस बात का ध्यान दें कि राधा कृष्ण जी की तस्वीर पूर्व या उत्तर दिशा में ही लगाएं तभी इसका फल प्राप्त होगा।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रश्न 1. कौन सा ग्रह अचानक विवाह देता है?

उत्तर 1. बुध शीघ्र ही शादी करवाता है। सातवें घर में बुध हो तो शादी जल्दी होने के योग होते हैं।

प्रश्न 2. देर से विवाह के लिए कौन सा ग्रह जिम्मेदार है?

उत्तर 2. विवाह में विलंब के लिए मंगल, बृहस्पति, शनि ग्रह जिम्मेदार होते हैं।

प्रश्न 3. विवाह के योग कब बनते हैं?

उत्तर 3. शादी के योग 20 वें वर्ष से बनने लगते हैं। हालांकि, बुध पर किसी अशुभ ग्रह की दृष्टि न हो।

प्रश्न 4. कौन सा घर विवाह का संकेत देता है?

उत्तर 4.  कुंडली में सातवां भाव विवाह और साझेदारी का प्रतिनिधित्व करता है।0

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