मासिक अंक फल 2026: जून

मासिक अंक फल 2026 से जानें, इस सप्ताह किन राशियों पर मेहरबान रहेगी किस्मत?

मासिक अंक फल जून 2026: एस्ट्रोसेज एआई इस विशेष ब्लॉग “मासिक अंकफल 2026” के माध्यम से आपको जून महीने के लिए मूलांक 1 से लेकर 9 तक की संपूर्ण भविष्यवाणी प्रदान करने जा रहा है। मासिक अंक फल जून 2026 से हम जानेंगे कि मूलांक 1 से लेकर 9 तक के लोगों के लिए जून 2026 का महीना कैसा रहने वाला है? आइए जानते हैं जून माह की भविष्यवाणी। 

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अंक ज्योतिष के अनुसार, जून का महीना साल का छठा महीना होने के कारण अंक 6 का विशेष प्रभाव लिए हुए होता है। इस महीने पर शुक्र ग्रह का विशेष प्रभाव रहता है। साथ ही, साल 2026 का कुल योग 1 होता है, इसका भी प्रभाव इस महीने पर रहेगा। जून के महीने पर मुख्य रूप से अंक 6 और 1 का प्रभाव रहेगा। साथ ही, अंक 6 और 1 को मिलाकर अंक 7 बनता है। अतः शुक्र और सूर्य के प्रबल प्रभाव के साथ-साथ केतु का प्रभाव भी इस महीने रहने वाला है। 

हालांकि, मूलांक के अनुसार अलग-अलग लोगों पर शुक्र, सूर्य और बुध का अलग-अलग प्रभाव रहेगा। लेकिन जून 2026 का महीना आमोद-प्रमोद और मनोरंजन जगत पर विशेष प्रभाव डालेगा, यानी कि सिनेमा जगत से कुछ अच्छी-बुरी खबरें उनने को मिल सकती है। हालांकि, संभव है कि सकारात्मक खबरें ही देखने को मिलें। स्त्रियों से संबंधित मामलों में भी यह महीना अच्छे परिणाम दे सकता है, परंतु कुछ स्कैंडल या स्त्रियों से जुड़ी समस्याओं के लिए भी इस महीने को जाना जा सकता है। धर्म और अध्यात्म से जुड़े लोग भी चर्चा का केंद्र बिंदु रह सकते हैं।

आइए जानते हैं कि आपके मूलांक के लिए जून 2026 का महीना किए रहेगा। 

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मूलांक 1

यदि आपका जन्म किसी भी महीने की 1, 10, 19 अथवा 28 तारीख को हुआ है, तो आपका मूलांक 1 होगा। मूलांक 1 वालों को जून 2026 का महीना क्रमशः 8, 1, 6, 7, 5, और 2 अंकों का प्रभाव देना चाह रहा है क्योंकि इस महीने कुछ अंक पूरी तरह से आपके सपोर्ट में हैं, तो वहीं कुछ अंक पूरी तरह से विरोध भी कर रहे हैं। इस महीने सबसे ज्यादा प्रभाव डालने वाला अंक 8 आपके फेवर में नहीं रहेगा इसलिए इस महीने कुछ संघर्ष देखने को मिल सकता है। 

आप यदि किसी नए काम की शुरुआत करना चाह रहे हैं या करने जा रहे हैं तो उस मामले में कुछ विलंब हो सकता है। मान-सम्मान को लेकर या फिर किसी भी सामाजिक गतिविधि को लेकर के भी इस महीने अपेक्षाकृत अधिक सचेत रहना होगा। भले ही आपके संबंध बड़े और मजबूत लोगों से हों, लेकिन इसके बावजूद भी इस महीने प्रत्येक काम को पूरी जिम्मेदारी के साथ और अनुशासन के दायरे में रहते हुए करना है, तभी जाकर परिणाम अनुकूल हो सकेंगे। 

किसी भी काम में जल्दबाजी न दिखाएं, विशेषकर आर्थिक मामलों में। आप कामों में कुछ बदलाव लाना चाह रहे हैं या फिर किसी नए काम की शुरुआत के इरादे में हैं, तो अंक 1 और 8 के बीच के संबंधों को देखते हुए अभी थोड़ा सा धैर्य रखने की आवश्यकता रहेगी, तभी जाकर आप स्थितियों को मेंटेन कर पाएंगे।

उपाय: गरीब और जरूरतमंद लोगों का सहयोग करना शुभ रहेगा।

मूलांक 2

यदि आपका जन्म किसी भी महीने की 2, 11, 20 अथवा 29 तारीख को हुआ है, तो आपका मूलांक 2 होगा। मूलांक 2 वालों को जून 2026 का महीना क्रमशः 9, 1, 6, 7, 5, और 2 अंकों का प्रभाव देना चाह रहा है। इस महीने 5 और 2 अंक आपके सपोर्ट में रहेंगे, बाकी के अंक या तो आपके विरोध में रहेंगे या फिर औसत रहेंगे क्योंकि इस महीने सबसे अधिक प्रभाव डालने वाला अंक 9 आपके सपोर्ट में नहीं होगा, बल्कि आपका विरोध कर सकता है। ऐसे में, इस महीने बहुत ही समझदारी के साथ निर्वाह करने की आवश्यकता रहेगी। 

हालांकि अंक 9 ऊर्जा, साहस और निर्णायक कदम के लिए जाना जाता है इसलिए आपके भीतर इस महीने अच्छी ऊर्जा देखने को मिलेगी। आप कुछ मामलों में साहसी और कुछ में दु:साहसी भी हो सकते हैं। यही एक कारण है कि हम आपको धैर्य के साथ काम करने का सुझाव दे रहे हैं क्योंकि अंक 9 गुस्सा और विवाद भी करवाता है। अंक 9 के भीतर धैर्य का थोड़ा अभाव रह सकता है। ऐसे में जल्दबाजी में आकर आप अपने किसी काम को नुकसान न पहुंचाएं, बल्कि अपने भीतर के जोश को अधूरे पड़े कामों को कंप्लीट करने में लगाएं। 

यह महीना अधूरे कामों को पूरा करने में आपको सहयोग दे सकता है। यहां तक कि रिश्तो को निभाने में भी अच्छी भूमिका निभाएगा। लेकिन रिश्ते वाले मामले में खतरा भी बरकरार रह सकता है क्योंकि हो सकता है कि कोई व्यक्ति आपको वैसा सम्मान न दे जैसी मेहनत और जैसी लगन के साथ आप उसकी मदद कर रहे हैं। ऐसे में, आपकी प्रतिक्रिया कुछ ऐसी हो सकती है कि आपके संबंध और खराब हो जाएं। अतः उस मामले में या तो शांति के साथ निर्वाह करना जरूरी रहेगा या फिर उस मामले से दूर रहना ही फायदेमंद रहेगा। लेकिन कार्यों को कंप्लीट करने में आप अपनी ऊर्जा का सदुपयोग कर सकते हैं, परंतु क्रोध पर नियंत्रण पाने की कोशिश करनी होगी और धैर्य के साथ काम करना होगा। 

उपाय: नियमित रूप से हनुमान चालीसा का पाठ करें। 

मूलांक 3

यदि आपका जन्म किसी भी महीने की 3, 12, 21 अथवा 30 तारीख को हुआ है, तो आपका मूलांक 3 होगा। मूलांक 3 वालों को जून 2026 का महीना क्रमशः 1, 6, 7, 5, और 2 अंकों का प्रभाव देना चाह रहा है। अंक 2 और 7 को छोड़कर  बाकी के सभी अंक या तो आपके लिए औसत रहेंगे या फिर आपके लिए एंटी नंबर की तरह बर्ताव कर सकते हैं। यही कारण है कि इस महीने आपको सावधानी पूर्वक निर्वाह करने की आवश्यकता होगी। हालांकि, इस महीने सबसे ज्यादा प्रभाव डालने वाला अंक 1 अपनी नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास और नई शुरुआत के लिए जाना जाता है। अतः आप इस महीने इस तरह के कामों से जुड़ सकते हैं यानी कि कोई नई शुरुआत करने की कोशिश कर सकते हैं। 

सामान्य तौर पर आपका आत्मविश्वास अच्छा रहेगा। आपके भीतर नेतृत्व क्षमता भी डेवलप होगी, लेकिन ये सारी चीज आसानी से नहीं होंगी। इनके लिए आपको बहुत मेहनत करनी पड़ेगी और बहुत सावधानी बरतनी होगी। हो सकता है कि राजनीति से जुड़े किसी व्यक्ति से आपने अधिक उम्मीदें लगा रखी हों, वह आपकी बस थोड़ी ही मदद कर पाए। अतः जो कुछ भी वादे किसी और से करने हैं, उसे अपनी क्षमताओं को ध्यान में रखते ही हुए ही करें। 

हालांकि, प्रमोशन, नई जिम्मेदारी या नए प्रोजेक्ट के लिए यह महीना मददगार हो सकता है। बस इन सबके लिए आपको पूरी लगन, धैर्य और निष्ठा के साथ काम करने की जरूरत रहेगी। स्वयं के भीतर अहंकार को बिल्कुल न आने दें। बेवजह की जिद भी न करें। दूसरों की बात सुनें, लेकिन फैसला अपने बुद्धि और विवेक से ही लें। पिता, बॉस और सरकारी मामलों से जुड़े कामों में सावधानी बरतें। यदि सिर दर्द, आंखों की जुड़ी समस्या या ब्लड प्रेशर से संबंधित कोई परेशानी पहले से है, तो इस महीने आपको सचेत रहकर बेहतर परिणाम प्राप्त होसकेंगे।

उपाय: स्नान करने के पश्चात सूर्य भगवान को कुमकुम मिला हुआ जल अर्पित करें। 

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मूलांक 4

यदि आपका जन्म किसी भी महीने की 4, 13, 22 अथवा 31 तारीख को हुआ है, तो आपका मूलांक 4 होगा। मूलांक 4 के लिए जून 2026 का महीना क्रमशः 2, 1, 6, 7 और 5 अंकों का प्रभाव देना चाह रहा है। इस महीने अंक 1 और 6 आपके फेवर में नहीं होंगे, बाकी के अंक आपके पक्ष में रहेंगे। विशेषकर अंक 2 आपको कोई परेशानी नहीं देगा, बल्कि कुछ मदद कर सकता है। यही कारण है कि यदि संबंधियों के साथ आपके संबंध किसी गलतफहमी के तहत खराब हुए थे, तो उन्हें इस महीने ठीक करने के मौके मिलेंगे। 

अंक 2 संबंधों को सुधारने में मदद करता है और आपको समर्थन भी देना चाह रहा है। इसलिए पुरानी बातों को छोड़कर नए सिरे से संबंधों को सजाने और संवारने का प्रयास करना फायदेमंद रहेगा। साझेदारी के कामों में भी आपसी संदेह से बचना है और एक-दूसरे का समर्थन करना है। एक-दूसरे की बातों को गंभीरता के साथ सुनना है। इससे साझेदारी के कामों में भी उन्नति देखने को मिलेगी। धैर्य के साथ किया गया हर काम आपको सफलता देगा, लेकिन शासन-प्रशासन से संबंधित मामलों में बहुत ही सावधानी से निर्वाह करने की आवश्यकता रहेगी क्योंकि इन मामलों में आपसे कोई गलती हो सकती है जिसका नुकसान भी देखने को मिल सकता है। 

इस महीने किसी भी स्त्री से किसी भी तरीके का विवाद नहीं करना है। चाहे वह स्त्री घर की कोई सदस्य हो या फिर बाहरी स्त्री। लग्जरी से संबंधित चीजों की खरीदारी में भी व्यर्थ के खर्च नहीं करने हैं। साथ ही, मनोरंजन पर ज्यादा खर्च करना भी उचित नहीं रहेगा। इन बातों का ख्याल रखते हुए निर्वाह करने की स्थिति में आपको अच्छे परिणाम मिल सकेंगे।

उपाय: शिव जी का अभिषेक करें। 

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मूलांक 5 

यदि आपका जन्म किसी भी महीने की 5, 14 अथवा 23 तारीख को हुआ है, तो आपका मूलांक 5 होगा। मूलांक 5 वालों को जून 2026 का महीना क्रमशः 3, 1, 6, 7, 5, और 2 अंकों का प्रभाव देना चाह रहा है। इस महीने कोई भी अंक आपका विरोध में नजर नहीं आ रहा है, बल्कि सबसे ज्यादा प्रभाव डालने वाले अंक 3 और 1 आपको अच्छा सपोर्ट दे सकते हैं। यही कारण है कि इस महीने सामान्य तौर पर आपको अच्छी उपलब्धियां मिल सकती हैं। 

यदि आप सामाजिक मामलों में रुचि रखते हैं अथवा किसी सामाजिक कार्यक्रम में भाग लेने जा रहे हैं तो, वहां से आपको अच्छी प्रसिद्धि और अच्छी प्रतिष्ठा मिल सकती है। क्रिएटिव कामों के लिए भी यह महीना अच्छा रहेगा। संबंधों को सुधारने में भी यह महीना आपकी मदद करेगा, विशेषकर मित्रों के साथ बिगड़े हुए संबंधों को सुधारने में।  मित्रता को प्रगाढ़ करने का मामला हो या फिर नए मित्र बनाने का मामला; लगभग सभी मामलों में यह महीना आपकी अच्छी मदद कर सकता है। 

वैसे तो आपको भावनात्मक असंतुलन से बचने की सलाह दी जाती है, लेकिन यदि किसी मामले में आप भावुक होकर भी निर्णय लेंगे, तो उससे कोई नुकसान नहीं होगा। भले ही कोई बड़ा फायदा हो या न हो लेकिन नुकसान भी नहीं होगा। स्त्रियों से संबंधित मामलों में भी सामान्य तौर पर संतुलन बना रहेगा। आर्थिक और पारिवारिक मामलों में भी अच्छे परिणाम देखने को मिल सकेंगे।

उपाय: मंदिर में पीले फल चढ़ाना शुभ रहेगा।

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मूलांक 6

यदि आपका जन्म किसी भी महीने की 6, 15 अथवा 24 तारीख को हुआ है, तो आपका मूलांक 6 होगा। मूलांक 6 को जून 2026 का महीना क्रमशः 4, 1, 6, 7, 5, और 2 अंकों का प्रभाव देना चाह रहा है। यह महीना सामान्य तौर पर आपको औसत परिणाम देता हुआ नजर आ रहा है। विशेष बात यह रहेगी कि इस महीने कोई भी अंक आपसे शत्रुता नहीं रख रहा है। यही कारण है कि आपको आपकी मेहनत के अनुरूप परिणाम मिलते रहेंगे। लेकिन किसी भी अंक से ऐसा सपोर्ट नहीं मिल रहा है कि भाग्यवश कोई काम हो सके। मतलब जितनी मेहनत उतने परिणाम। 

अंक 4 मेहनत के लिए जाना जाता है, लेकिन मेहनत के बाद परिणाम जरूर देता है। इस महीने स्वयं को अनुशासित रखने की भी आवश्यकता रहेगी, इससे स्थितियां और भी बेहतर होंगी। मित्रता-शत्रुता वाली स्थिति को देखें, तो महीना औसत परिणाम दे सकता है। वहीं, अंक 4 के स्वभाव के आधार पर कड़ी मेहनत के बाद अच्छे परिणाम मिलते हुए प्रतीत हो रहे हैं। ये सभी स्थितियां इस बात का संकेत कर रही हैं कि पारिवारिक मामलों में आपसी संदेह से बचना है। 

कार्य-व्यापार या नौकरी में अपनी जिम्मेदारियों का निर्वाह ईमानदारी से करना है। शासन-प्रशासन से संबंधित मामले हों या फिर अपने से सीनियर लोगों से जुड़े हुए मामले, इनमें किसी भी तरीके की बेअदबी नहीं करनी है। अगर आप इन सावधानियां को अपनाएंगे तो सामान्य तौर पर आप संतोषप्रद परिणाम प्राप्त कर सकेंगे।

उपाय: सफाईकर्मी को जरूरत की चीज भेंट करें। 

मूलांक 7 

यदि आपका जन्म किसी भी महीने की 7, 16 अथवा 25 तारीख को हुआ है, तो आपका मूलांक 7 होगा। मूलांक 7 को जून 2026 का महीना क्रमशः 5, 1, 6, 7, और 2 अंकों का प्रभाव देना चाह रहा है। इस महीने अंक 2 आपके विरोध में होगा। वहीं अंक 1 आपके लिए औसत रहेगा, बाकी के सभी अंक आपके फेवर में रहेंगे। विशेष बात यह है कि सबसे ज्यादा प्रभाव डालने वाला अंक 5 आपके पक्ष में होगा इसलिए इस महीने आपको काफी अच्छे परिणाम मिल सकते हैं। बस ध्यान रखना है कि अपने भावनात्मक नियंत्रण पर यानी कि इमोशनल होकर कोई डिसीजन नहीं लेना है। 

इस माह माता या माता तुल्य स्त्रियों से संबंधित मामलों में सावधानी पूर्वक काम करना होगा, बाकी सभी मामलों में आपको अच्छे परिणाम मिलते हुए प्रतीत हो रहे हैं। शासन-प्रशासन से संबंधित मामलों में आपको कोशिश के अनुरूप अच्छे परिणाम मिलेंगे। आपका कोई नुकसान इन मामलों में नहीं होगा, बाकी सभी मामलों में काफी अच्छे परिणाम मिल सकते हैं। 

यदि आप कोई बदलाव करना चाह रहे हैं, तो उस मामले में भी यह महीना आपको काफी अच्छे परिणाम दे सकता है। सामान्य तौर पर आप हर मामले में संतुलन बिठाकर चलने का प्रयास करेंगे और उस प्रयास में सफल भी रहेंगे। यात्राओं के लिए भी यह महीना सकारात्मक रहेगा। आमोद-प्रमोद और मनोरंजन के लिए भी महीना अनुकूल रहेगा। स्वयं को और विस्तार देने के लिए यह महीना अच्छा मददगार हो सकता है।

उपाय: नियमित रूप से गणेश जी की पूजा-अर्चना करना शुभ रहेगा।

मूलांक 8 

यदि आपका जन्म किसी भी महीने की 8, 17 अथवा 26 तारीख को हुआ है, तो आपका मूलांक 8 होगा। मूलांक 8 को जून 2026 का महीना क्रमशः 6, 1, 7, 5, और 2 अंकों का प्रभाव देना चाह रहा है। इस महीने अधिकांश अंक आपको औसत परिणाम दे सकते हैं जबकि अंक 1 आपको विपरीत परिणाम भी दे सकता है। ऐसे में, शासन-प्रशासन से संबंधित मामलों में बहुत ही सजग रहकर बर्ताव करने की आवश्यकता रहेगी। 

पिता से संबंधित मामले में भी सावधानी की जरूरत रहेगी। विशेषकर यदि पिता का स्वास्थ्य ठीक नहीं है अथवा पिता के साथ आपके वैचारिक तालमेल कमजोर रह सकते हैं, तो उस पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता रहेगी जिससे कि परिस्थितियां खराब न होने पाएं। यदि संबंध सुधरने की उम्मीद न हो, तो संबंध जैसे हैं वैसे ही बने रहें, इतना कर लेना ही समझदारी मानी जाएगी। अंक 6 का प्रभाव इस बात का संकेत कर रहा है कि स्त्रियों से संबंधित मामलों में संतुलन बिठाकर चलने की कोशिश कामयाब रहेगी। 

लक्ज़री चीजों की खरीदारी करने में भी आप सफल रहेंगे। हालांकि, यदि बहुत जरूरी न हो, तो उन चीजों की खरीदारी बाद में भी की जा सकती है क्योंकि इस महीने अर्थव्यवस्था को सही दिशा देना ज्यादा जरूरी होगा। यदि घर के सभी सदस्य उस खरीदारी के लिए सहमत हैं, तो उनकी बात मान लेना ज्यादा उचित रहेगा क्योंकि यह महीना घर-परिवार और रिश्तेदारों को जोड़ने में मदद करेगा। ऐसे में, सभी के दृष्टिकोण को समझना और सभी के मंतव्य को जानना, फायदेमंद रहेगा। विवाह या वैवाहिक जीवन से संबंधित मामला हो, आपको दोनों में ही सकारात्मक परिणाम मिलने की अच्छी संभावनाएं हैं।

उपाय: कन्याओं का पूजन कर उनका आशीर्वाद लेना शुभ रहेगा।

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मूलांक 9 

यदि आपका जन्म किसी भी महीने की 9, 18 अथवा 27 तारीख को हुआ है, तो आपका मूलांक 9 होगा। मूलांक 9 वालों को जून 2026 का महीना क्रमशः 7, 1, 6, 7, 5, और 2 अंकों का प्रभाव देना चाह रहा है। इस महीने 5 और 6 अंक आपके फेवर में नहीं रहेगा। वहीं, सबसे ज्यादा प्रभाव डालने वाला अंक 7 आपको औसत परिणाम देना चाह रहा है। ऐसे में, इस महीने हर मामले में संतुलन बिठाने की आवश्यकता रहेगी, लेकिन स्त्रियों से संबंधित मामलों में विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता रहेगी। 

अंक 5 का विरोध इस बात का संकेत कर रहा है कि बातचीत के तौर-तरीके को बहुत अधिक सौम्य रखना होगा और किसी भी मामले में अति नहीं करनी है। वही, अंक 6 का विरोध इस बात का संकेत कर रहा है कि चाहे घर की कोई स्त्री सदस्य हो या फिर बाहर की कोई स्त्री; उनका पूरा सम्मान जरूरी रहेगा। उनसे किसी भी तरीके का विवाद नहीं करना है। 

वहीं, बाकी के अंकों का औसत सपोर्ट इस बात का संकेत कर रहा है कि यदि आप संतुलन बिठाकर चलेंगे तो आप सच्चाई तक पहुंच सकेंगे क्योंकि अंक 7 सच्चाई तक पहुंचने में पूरी मदद करता है। आप अच्छे-बुरे की पहचान कर सकेंगे जिससे सही निर्णय लेकर अच्छे परिणाम भी प्राप्त कर सकेंगे। धर्म और अध्यात्म से संबंधित मामलों में भी यह महीना आपको सकारात्मक परिणाम देगा। इससे आपके मन की अशांति दूर होगी और आप बेहतरी का अनुभव कर सकेंगे।

उपाय: मंदिर में चने की दाल का दान करें।

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हम आशा करते हैं कि आपको ये आर्टिकल पसंद आया होगा। एस्ट्रोसेज के साथ जुड़े रहने के लिए आपका बहुत-बहुत धन्यवाद!

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

1. कौन सा मूलांक शुभ होता है?

अंक ज्योतिष के अनुसार, मूलांक 7 को बेहद भाग्यशाली माना जाता है।

2. मूलांक 6 वालों के लिए जून का महीना कैसा रहेगा?

मूलांक 6 वालों को जून का माह औसत परिणाम दे सकता है। 

3. अंक 5 का स्वामी कौन है?

अंक 5 के अधिपति देव बुध ग्रह हैं। 

19 या 20 कब है वरदा चतुर्थी में?

अधिकमास में रखा जाएगा वरदा चतुर्थी का व्रत? इस दिन भूलकर भी न करें ये काम!

वरदा चतुर्थी 2026: हिंदू धर्म में वरदा चतुर्थी का विशेष धार्मिक महत्व माना गया है। यह पावन दिन भगवान शिव और माता पार्वती के पुत्र भगवान गणेश को समर्पित होता है। बता दें कि चतुर्थी तिथि पर गणेश जी की पूजा करना कल्याणकारी माना जाता है। इसी क्रम में, जब यह चतुर्थी अधिकमास में पड़ती है, तब इसका महत्व कई गुना बढ़ जाता है। अधिकमास में पड़ने वाली इस चतुर्थी को वरदा चतुर्थी के नाम से जाना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन विधिपूर्वक भगवान गणेश की पूजा और व्रत करने से भक्तों के जीवन से बाधाएं दूर होती हैं। साथ ही, उन्हें सुख-समृद्धि, संतान सुख, यश और लंबी आयु का आशीर्वाद देते हैं। 

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दुनियाभर के विद्वान ज्योतिषियों से करें कॉल/चैट पर बात और जानें अपने संतान के भविष्य से जुड़ी हर जानकारी

एस्ट्रोसेज एआई का यह विशेष ब्लॉग आपको “वरदा चतुर्थी 2026” से जुड़ी समस्त जानकारी प्रदान करेगा जैसे तिथि, मुहूर्त आदि। साथ ही, इस दिन किन कार्यों को करना चाहिए और किन उपायों को अपना सकते हैं, इसके बारे में भी हम आपको अवगत करवाएंगे। तो आइए बिना देर किए आगे बढ़ते हैं और जानते हैं वरदा चतुर्थी के बारे में सब कुछ।

वरदा चतुर्थी 2026: तिथि और मुहूर्त 

यह बात हम भली-भांति जानते हैं कि हिंदू धर्म में अधिक मास तीन साल में एक बार आता है इसलिए इसे बेहद ख़ास माना जाता है। ऐसे में, इस माह में पड़ने वाले हर व्रत एवं पर्व का महत्व बढ़ जाता है। वैदिक पंचांग के अनुसार, ज्येष्ठ अधिक मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि पर वरदा चतुर्थी मनाई जाती है। यह दिन भगवान गणेश जी की उपासना के लिए विशेष माना गया है। हालांकि, इस साल वरदा चतुर्थी की तिथि को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। विभिन्न पंचांगों में वरदा चतुर्थी की तिथि भिन्न-भिन्न बता रहा है और ऐसे में, अगर आप यह जानना चाहते हैं कि 19 या 20 कब है वरदा चतुर्थी। तो नीचे आपको सही तिथि प्रदान की जा रही है।  

वरदा चतुर्थी 2026 की तिथि: 20 मई 2026, बुधवार

चतुर्थी मध्याह्न मुहूर्त: सुबह 10 बजकर 56 मिनट से, 

                          सुबह 11 बजकर 06 मिनट तक 

वर्जित चंद्रदर्शन का समय: सुबह 8 बजकर 43 मिनट से रात 11 बजकर 08 मिनट तक 

चतुर्थी तिथि का आरंभ: 19 मई 2026 की दोपहर 02 बजकर 21 मिनट तक

चतुर्थी तिथि समाप्त: 20 मई 2026 की सुबह 11 बजकर 10 मिनट तक

नोट: हिंदू मान्यताओं के अनुसार, चतुर्थी तिथि और सूर्योदय के आधार पर व्रत की सही तिथि निर्धारित की जाती है। जैसे कि हमने आपको ऊपर बताया कि पंचांग के अनुसार, चतुर्थी तिथि 19 मई की दोपहर शुरू से होकर 20 मई तक रहेगी। ऐसे में, उदया तिथि के आधार पर वरदा विनायक चतुर्थी का व्रत 20 मई को रखा जाएगा। बता दें कि अलग-अलग क्षेत्रों में पंचांग के अनुसार तिथि में थोड़ा अंतर देखने को मिल सकता है।   

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वरदा चतुर्थी 2026 का शुभ योग 

वरदा चतुर्थी 2026 पर भगवान गणेश की पूजा के लिए प्रातःकाल का समय सबसे शुभ माना गया है। भक्त स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करते हैं और इस अवसर पर भगवान गणेश को दूर्वा, मोदक, लाल पुष्प तथा सिंदूर आदि सामग्री श्रद्धाभाव से अर्पित करते हैं। 

हिंदू धर्म में गणेश पूजा के लिए सुबह का समय सबसे शुभ माना जाता है। भक्त स्नान के बाद साफ वस्त्र पहनकर भगवान गणेश को दूर्वा, मोदक, लाल फूल और सिंदूर अर्पित करते हैं। मध्यान्ह काल में पूजा करना विशेष फलदायी माना जाता है। 

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क्यों ख़ास होती है वरदा विनायक चतुर्थी?

  • अधिक मास को “अतिशय पुण्यप्रद मास” के नाम से भी जाना जाता है, इसलिए इस माह में किया गया गणपति व्रत जातक को सहस्र गुणा फल दिलाने का काम करता है। 
  • यह व्रत भक्त के जीवन से सभी तरह की समस्याओं का अंत करता है और उन्हें सुख, शांति एवं समृद्धि का आशीर्वाद देता है। 
  • धर्मग्रंथों के अनुसार, मलमास या अधिक मास की चतुर्थी व्रत को भक्तिभाव और नियम पूर्वक करने से जातक के पूर्वजन्म के दोष और वर्तमान जीवन की समस्याओं का नाश हो जाता है। 
  • वरदा चतुर्थी 2026 व्रत से जातक का लौकिक और पारलौकिक दोनों तरह से कल्याण होता है। साथ ही, इस व्रत के शुभ प्रभाव से पितरों और देवताओं की तृप्ति भी हो जाती है। 

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वरदा चतुर्थी का धार्मिक महत्व 

सनातन धर्म में भगवान गणेश को प्रथम पूज्य का दर्जा दिया गया है इसलिए किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत उनके पूजन के बिना अधूरी मानी जाती है। हर माह आने वाली विनायक चतुर्थी गणेश पूजा की आराधना के लिए अत्यंत शुभ होती है। इनमें वरदा विनायक चतुर्थी का खास महत्व माना गया है। अगर हम बात करें वरदा चतुर्दशी के अर्थ की, तो सामान्य रूप से ‘वरदा’ शब्द का अर्थ वरदान देने वाला से होता है। 

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, वरदा चतुर्थी के दिन भगवान गणेश की पूजा-अर्चना करने से व्यक्ति के जीवन से समस्याओं का अंत होता हैं। साथ ही, जीवन में सकारात्मकता का संचार होता है। कुछ भक्त इस पावन अवसर पर व्रत करते हैं और गणेश जी के मंत्रों का जाप भी करते हैं।

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शास्त्रों में ऐसा कहा गया है कि वरदा चतुर्थी का व्रत रखने से बुद्धि, सुख, समृद्धि और सौभाग्य की प्राप्ति होती है। इस शुभ दिन को नए कार्यों के आरंभ के लिए भी बेहद मंगलकारी माना जाता है। ऐसा कहा जाता है कि भगवान गणेश की कृपा पाने के लिए सच्चे मन से पूजा करना फलदायी होता है।

आइए अब हम बिना देर किए आगे बढ़ते हैं और आपको रूबरू करवाते हैं वरदा चतुर्थीक की पूजा विधि से। 

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वरदा चतुर्थी 2026: पूजा विधि

  • वरदा चतुर्थी के दिन भक्तजन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें। ‘
  • इसके बाद लाल या पीले रंग के स्वच्छ वस्त्र धारण करें। 
  • अब पूजा स्थान को गंगा जल का छिड़काव करके शुद्ध करें और चौकी पर भगवान गणेश की प्रतिमा या मूर्ति की स्थापना करें। 
  • पूजा के दौरान भगवान गणेश को सिंदूर का तिलक करें क्योंकि यह उन्हें अत्यंत प्रिय माना गया है। 
  • गणपति बप्पा की पूजा में दूर्वा को विशेष स्थान दिया गया है, इसलिए वरदा चतुर्हति की पूजा करते समय “ॐ गं गणपतये नमः” मंत्र का जाप करते रहें और बप्पा को 21 दूर्वा दल चढ़ाएं। 
  • इसके पश्चात, भगवान गणेश को मोदक या फिर उनकी प्रिय मिठाई का भोग अर्पित करें। विघ्नहर्ता गणेश की विधि-विधान से उपासना करें, फिर अंत में आरती करें। 
  • धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, वरदा चतुर्थी का व्रत करने से घर-परिवार में सुख-शांति, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का वास रहता है। 
  • वरदा चतुर्थी 2026 के दिन गणेश पूजा के उपरांत ब्राह्मण या जरूरतमंद व्यक्ति को भोजन अवश्य कराएं। साथ ही, आप अपनी क्षमता के अनुसार दान करना बहुत शुभ होता है। 
  • धर्मग्रंथों के अनुसार “ॐ गणेशाय नमः” मंत्र का जाप करने से जीवन में उत्पन्न धन समस्याओं का अंत होता हैं। साथ ही, स्वास्थ्य से जुड़ी परेशानियों से राहत मिलती है। 

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वरदा चतुर्थी पर इस मंत्र से करें सिंदूर अर्पित

॥ सिन्दूरं शोभनं रक्तं सौभाग्यं सुखवर्धनम् । शुभदं कामदं चैव सिन्दूरं प्रतिगृह्यताम् ॥

सिंदूर अर्पित का लाभ: हिंदू धर्म में सिंदूर को ऊर्जा और शक्ति का प्रतिनिधित्व करता है। ऐसे में, वरदा चतुर्थी के शुभ दिन भगवान गणेश जी को सिंदूर चढ़ाने से मानसिक शक्ति और आत्मविश्वास में बढ़ोतरी होती है। 

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 वरदा चतुर्थी 2026 के दिन भूल से भी न करें ये काम  

काले रंग के वस्त्र धारण न करें: हिन्दू धर्म में शुभ कार्य को करते समय काले रंग के कपड़े धारण करना अशुभ माना जाता है। ऐसे में, वरदा चतुर्थी 2026 के शुभ अवसर पर काले रंग के कपड़े पहनने नहीं चाहिए। ऐसा करने से जीवन में नकारात्मकता आती है और भक्त से गणेश जी रुष्ट हो सकते हैं।

तुलसी का न करें प्रयोग: हिंदू ग्रंथों के अनुसार, तुलसी को भगवान विष्णु का प्रिय माना जाता है, लेकिन गणेश जी की पूजा में तुलसी दल का इस्तेमाल वर्जित होता है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, भगवान गणेश द्वारा तुलसी को श्राप दिया गया था इसलिए गणेश जी की पूजा-अर्चना में तुलसी के पत्ते को स्थान नहीं देना चाहिए।

बड़े बुजुर्गों का अपमान: वरदा चतुर्थी के दिन माता-पिता या घर के बुजुर्गों का अपमान करने से बचना चाहिए और न ही उन्हें ऐसे शब्द बोलने चाहिए जिससे उनके दिल को ठेस पहुंचें। 

तामसिक भोजन के सेवन से बचें: वरदा चतुर्थी के दिन तामसिक भोजन का सेवन करने से बचना चाहिए। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन सात्विक आहार ग्रहण करना शुभ माना जाता है। ऐसा करने से गणेश जी अप्रसन्न हो सकते हैं। 

मतभेद और विवादों से बचें: वरदा चतुर्थी के शुभ अवसर पर किसी भी प्रकार के वाद-विवाद और कलह से दूर रहना चाहिए। साथ ही, किसी के प्रति मन में गलत विचार भी न करें। मान्यता है कि ऐसा करने से पूजा का पुण्य फल प्राप्त नहीं होता है। 

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हम उम्मीद करते हैं कि आपको हमारा यह ब्लॉग ज़रूर पसंद आया होगा। अगर ऐसा है तो आप इसे अपने अन्य शुभचिंतकों के साथ ज़रूर साझा करें। धन्यवाद!

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

1. वरदा चतुर्थी 2026 में कब है?

इस साल वरदा चतुर्थी 20 मई 2026, बुधवार को मनाई जाएगी। 

2. वरदा चतुर्थी क्यों ख़ास होती है?

हिंदू पंचांग के अनुसार, तीन साल में एक बार आने वाले अधिक मास की चतुर्थी तिथि को वरदा चतुर्थी कहते हैं।  

3. वरदा चतुर्थी पर किसकी पूजा करें?

वरदा चतुर्थी के दिन भगवान शिव और माता पार्वती के पुत्र गणेश जी की पूजा-अर्चना की जाती है।   

जून 2026 के खास व्रत-त्‍योहार!

जून मासिक राशिफल 2026: इस महीने है र्निजला एकादशी, देखें नामकरण मुहूर्त की पूरी लिस्‍ट!

जून मासिक राशिफल 2026: आध्‍यात्मिक एवं ज्‍योतिषीय दृष्टि से जून का महीना बहुत खास होता है। उत्तर भारत में इस दौरान भीषण गर्मी पड़ती है। ग्रेगोरियन कैलेंडर के अनुसार जून साल का छठा महीना होता है जो कि ऊर्जा, परिवर्तन और विकास का प्रतीक है। जून माह में कुल 30 दिन होते हैं और उत्तरी गोलार्ध में यह ग्रीष्‍म ऋतु का पहला महीना होता है।

जब भी किसी नए महीने की शुरुआत होती है, तब हर किसी के मन में नई आशाएं और सपने जरूर आने लगते हैं। उन्‍हें नए महीने से नई-नई उम्‍मीदें रहती हैं और मन जोश एवं उत्‍साह से भरा रहता है। लोगों के मन में इस माह को लेकर कई तरह के सवाल आते हैं जैसे कि उनका करियर कैसा रहेगा, सेहत अच्‍छी रहेगी या नहीं, परिवार में खुशी रहेगी या तनाव आएगा आदि।

जून मासिक राशिफल 2026 के इस विशेष ब्‍लॉग में आपको अपने इन सभी सवालों का जवाब मिल जाएगा। साथ ही इस ब्‍लॉग में यह भी जानकारी दी गई है कि जून में कौन से ग्रह किस तिथि पर गोचर करने वाले हैं और जून में किन तिथियों पर बैंक का अवकाश रहेगा एवं विवाह मुहूर्त क्‍या हैं।

तो चलिए अब आगे बढ़ते हैं और जानते हैं कि इस बार जून के महीने में क्‍या खास है।

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जून मासिक राशिफल 2026: ज्योतिषीय तथ्य और हिंदू पंचांग की गणना 

हिंदू पंचांग के अनुसार 01 जून, 2026 को ज्‍येष्‍ठा नक्षत्र में कृष्‍ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि को जून 2026 की शुरुआत होगी। वहीं जून 2026 का समापन 30 जून को पूर्वा आषाढ़ नक्षत्र में शुक्‍ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि को होगा।

AstroSage AI पॉडकास्ट सुनें – यहां आपको मिलेंगे ज्योतिष, जीवन के रहस्य, किस्मत के संकेत और AI द्वारा बताए गए सटीक ज्योतिषीय समाधान। अपनी ज़िंदगी के अहम सवालों के जवाब अब आवाज़ में, आसान भाषा में।

जून मासिक राशिफल 2026: इतिहास

जून महीने के इतिहास की बात करें, तो इस महीने में 06 जून,1994 को द्वितीया विश्‍व युद्ध के दौरन मित्र राष्‍ट्रों ने फ्रांस के नॉर्मंडी तट पर हमला बोल दिया था और इससे पूरे युद्ध का रुख ही बदल गया था। वहीं 28 जून, 1914 को ऑस्ट्रिया के राजकुमार फ्रांज फर्डिनेंड की हत्‍या कर दी गई थी जिससे प्रथम विश्‍व युद्ध शुरू हुआ था।

जून से संबंधित भारत के इतिहास की बात करें, तो 23 जून,1757 को पासी के युद्ध में रॉबर्ट क्‍लाइव ने नवाब सिराजुद्दौला को हराया था जिससे भारत के अंदर अंग्रेज़ों की जगह मजबूत हुई थी। 25 जून, 1975 को प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने देश में इमेरजेंसी लगा दी थी। हर साल 05 जून को विश्‍व पर्यावरण दिवस और 21 जून को अंतर्राष्‍ट्रीय योग दिवस मनाया जाता है।

जून मासिक राशिफल 2026: अंक और शुभ रंग

जिन लोगों का जन्‍म जून के महीने में हुआ है, उनका भाग्‍यशाली अंक 3 और 6 होता है। इनके लिए शुभ रंग की बात करें, तो उसमें पीला, हल्‍का हरा, आसमानी नीला, क्रीम और सिल्‍वर का नाम आता है।

इतना ही नहीं हर महीने के हिसाब से भाग्‍यशाली रत्‍न भी होता है और जून में पैदा हुए लोगों के लिए मोती एवं मूनस्‍टोन शुभ रहता है। इनके लिए गुलाब, लैवेंडर और लिली का फूल शुभ माना जाता है। बुधवार, शुक्रवार और सोमवार का दिन इनके लिए मंगलकारी रहता है। इस मास में जन्‍मे लोगों के लिए बुधवार, शुक्रवार और सोमवार का दिन शुभ रहता है।

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जून में जन्‍मे लोगों की राशि

जिन लोगों का जन्‍म जून मास में होता है, उनकी मिथुन या कर्क राशि होती है। मिथुन राशि के स्‍वामी बुध ग्रह हैं इसलिए इस राशि वाले लोग बुद्धिमान, उत्‍साह से भरपूर और तेज होते हैं। वहीं बात करें, कर्क राशि की तो, ये भावुक और संवेदनशील स्‍वभाव के होते हैं।

विस्‍तार से बात करें, तो जिन लोगों का जन्‍म 21 मई से 20 जून के बीच हुआ है, उनकी राशि मिथुन होती है। इसके अलावा 21 जून से 22 जुलाई के बीच पैदा हुए लोगों की कर्क राशि होती है।

जून मासिक राशिफल 2026: हिंदू व्रत एवं त्योहार

तिथिदिनव्रत एवं त्योहार  
03 जून 2026 बुधवारसंकष्टी चतुर्थी
11 जून 2026गुरुवारपरम एकादशी
12 जून 2026शुक्रवारप्रदोष व्रत (कृष्ण)
13 जून 2026शनिवारमासिक शिवरात्रि
15 जून 2026सोमवारअमावस्या, मिथुन संक्रांति
15 जून 2026सोमवारमिथुन संक्रांति
25 जून 2026गुरुवारनिर्जला एकादशी
27 जून 2026शनिवारप्रदोष व्रत (शुक्ल)
29 जून 2026सोमवारज्येष्ठ पूर्णिमा व्रत

नये साल में करियर की कोई भी दुविधा कॉग्निएस्ट्रो रिपोर्ट से करें दूर

जून मासिक राशिफल 2026: ज्‍येष्‍ठ पूर्णिमा व्रत

29 जून, 2026 को ज्‍येष्ठ पूर्णिमा व्रत किया जाएगा। सुहागिन स्त्रियां अपने पति की लंबी आयु एवं स्‍वास्‍थ्‍य के लिए इस व्रत को करती है। इस दिन वट वृक्ष की पूजा होती है और सावित्री एवं सत्‍यवान की कथा सुनी एवं पढ़ी जाती है। यह व्रत वट सावित्री के 15 दिन बाद आता है। इस दिन सुबह के समय भगवान विष्‍णु और मां लक्ष्‍मी की पूजा के बाद शाम को चंद्रमा को अर्घ्‍य देकर व्रत संपन्‍न किया जाता है।

आज का गोचर

जून मासिक राशिफल 2026: ग्रहण और गोचर

जून 2026 में कई ग्रहों के गोचर होने जा रहे हैं जिनके बारे में आगे विस्‍तार से बताया गया है:

  • 02 जून 2026 की सुबह 06 बजकर 30 मिनट पर गुरु का कर्क राशि में गोचर होगा। 
  • शुक्र ग्रह को स्त्रीत्व और सौंदर्य का कारक माना जाता है। अब 08 जून 2026 की शाम 05 बजकर 28 मिनट पर शुक्र का कर्क राशि में गोचर होने जा रहा है।
  • 15 जून 2026 को दोपहर 12 बजकर 34 मिनट पर सूर्य वृषभ राशि से निकलकर बुध की राशि मिथुन में प्रवेश करेंगे।
  • 21 जून को 00:23 को वृषभ राशि में मंगल का गोचर होने जा रहा है। यह गोचर इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि मंगल एक अग्नि तत्व और ऊर्जावान ग्रह है, जबकि वृषभ एक स्थिर, पृथ्वी तत्व वाली और भौतिक सुख-सुविधाओं से जुड़ी राशि मानी जाती है।
  • 22 जून, 2026 को दोपहर 3 बजकर 9 मिनट पर बुध का कर्क राशि में गोचर होने वाला है।
  • 29 जून, 2026 को रात 10 बजकर 45 मिनट पर बुध ग्रह कर्क राशि में वक्री होने जा रहे हैं।

जून मासिक राशिफल 2026: मुंडन मुहूर्त

बुधवार, 17 जून05:22:5721:41:34
बुधवार, 24 जून05:24:1829:24:18
गुरुवार, 25 जून05:24:3416:30:01

जून मासिक राशिफल 2026: विवाह मुहूर्त 

जून में विवाह के लिए कोई भी शुभ दिन उपलब्ध नहीं है।

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जून मासिक राशिफल 2026: कर्णवेध मुहूर्त

तारीखसमय
15 जून 202610:33-17:26
17 जून 202605:54-08:05, 12:42-19:37
22 जून 202612:23-14:39
24 जून 202609:57-14:31
27 जून 202607:25-09:46, 12:03-18:57

जून मासिक राशिफल 2026: विद्यारंभ मुहूर्त

तारीखवारशुभ मुहूर्त का समय
1 जून 2026सोमवारसुबह 05:49 से 08:35, दोपहर 10:09 से शाम 03:43
3 जून 2026बुधवारसुबह 05:47 से 08:33, दोपहर 10:07 से शाम 03:41
5 जून 2026शुक्रवारसुबह 05:45 से 08:31, दोपहर 10:05 से शाम 03:39
8 जून 2026सोमवारसुबह 05:42 से 08:28, दोपहर 10:02 से शाम 03:36
10 जून 2026बुधवारसुबह 05:40 से 08:26, दोपहर 10:00 से शाम 03:34
12 जून 2026शुक्रवारसुबह 05:39 से 08:25, दोपहर 09:59 से शाम 03:33
15 जून 2026सोमवारसुबह 05:37 से 08:23, दोपहर 09:57 से शाम 03:31
17 जून 2026बुधवारसुबह 05:36 से 08:21, दोपहर 09:55 से शाम 03:29
19 जून 2026शुक्रवारसुबह 05:35 से 08:20, दोपहर 09:54 से शाम 03:28
22 जून 2026सोमवारसुबह 05:34 से 08:18, दोपहर 09:52 से शाम 03:26
24 जून 2026बुधवारसुबह 05:34 से 08:18, दोपहर 09:52 से शाम 03:26
26 जून 2026शुक्रवारसुबह 05:34 से 08:18, दोपहर 09:52 से शाम 03:26
29 जून 2026सोमवारसुबह 05:34 से 08:18, दोपहर 09:52 से शाम 03:26

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जून मासिक राशिफल 2026: उपनयन मुहूर्त

जून17/6/202605:54 – 08:05, 12:42 – 19:37
19/6/202606:23 – 10:17
24/6/202609:57 – 16:51

जून मासिक राशिफल 2026: नामकरण मुहूर्त

दिनांकवारआरंभ कालसमाप्ति काल
17 जूनबुधवार13:38:2021:41:34
21 जूनरविवार09:32:0929:23:36
22 जूनसोमवार05:23:4915:42:19
24 जूनबुधवार05:24:1829:24:18
25 जूनगुरुवार05:24:3416:30:01
26 जूनशुक्रवार19:16:5129:24:52

जून मासिक राशिफल 2026: अन्नप्राशन मुहूर्त

तिथि व दिनसमय (IST)
21 जून, रविवार09:31 AM – 11:21 AM
22 जून, सोमवार06:01 AM – 04:44 AM (23 जून)
23 जून, मंगलवार04:44 AM – 05:43 AM
24 जून, बुधवार09:29 AM – 02:38 AM (25 जून)
26 जून, शुक्रवार02:46 PM – 04:45 AM (27 जून)
27 जून, शनिवार04:45 AM – 05:41 PM

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जून मासिक राशिफल 2026: सभी 12 राशियों का भविष्‍यफल

मेष राशि

जून मासिक राशिफल 2026 के अनुसार इस महीने आपको मिलेजुले परिणाम मिलने वाले हैं। मेष राशि के जातकों में आध्‍यात्मिक प्रवृत्ति अधिक देखी जा सकती है। वहीं राहु के ग्‍यारहवें भाव में होने से आपकी असीमित इच्‍छाएं हो सकती हैं।

करियर: आपके ऊपर सालभर काम का भारी दबाव रह सकता है। आपका किसी अनजान जगह पर ट्रांसफर हो सकता है जो कि आपको पसंद नहीं आएगा।

शिक्षा: अगर इस महीने आप प्रोफेशनल स्‍टडीज़ करना चाहते हैं, तो यह समय इसके लिए अनुकूल नहीं रहने वाला है। अधिक अंक प्राप्‍त करने के लिए आपको पढ़ाई पर अधिक ध्‍यान देने की जरूरत है।

पारिवारिक जीवन: आपको पारिवारिक स्‍तर पर मिलेजुले परिणाम देखने पड़ सकते हैं। आपके और आपके घरवालों के बीच बहस या विवाद हो सकते हैं।

प्रेम और वैवाहिक जीवन: प्रेम संबंध और वैवाहिक जीवन में आकर्षण की कमी देखी जा सकती है। आपको अपने पार्टनर के साथ बातचीत करने में समस्‍याएं आ सकती हैं। आपके और आपके पार्टनर बीच बहस बढ़ सकती है।

आर्थिक जीवन: इस महीने आपको अपने परिवार पर अधिक खर्चे करने पड़ सकते हैं। पैसों की कमी के कारण आप परेशान और महत्‍वपूर्ण निर्णय लेने में असमर्थ रह सकते हैं।

स्‍वास्‍थ्‍य: आपको गले से संबंधित समस्‍याएं और जुकाम आदि होने का डर है। आपको आंखों में जलन की शिकायत भी हो सकती है।

उपाय: शनिवार के दिन शनि ग्रह के लिए यज्ञ-हवन करें।

मेष साप्ताहिक राशिफल

वृषभ राशि

जून मासिक राशिफल 2026 के अनुसार इस महीने आपको सकारात्‍मक परिणाम मिलने के संकेत हैं। आपके खर्चों में बढ़ोतरी हो सकती है। आपको अच्‍छा धन लाभ होने की भी संभावना है।

करियर: आप आगे बढ़ने, नौकरी के नए अवसर पाने और उच्‍च स्‍तर की सफलता पाने के लिए कार्यक्षेत्र में प्रगति करने में सक्षम होंगे। यदि आप बिज़नेस करते हैं, तो उसमें भी आपको इसी तरह के परिणाम मिलेंगे।

शिक्षा: जून मासिक राशिफल 2026 के अनुसार आपको उच्‍च स्‍तर की सफलता मिलने की संभावना है। आपमें से कुछ छात्रों को जून 2026 के दौरान उच्‍च शिक्षा के लिए विदेश जाने का मौका भी मिल सकता है।

पारिवारिक जीवन: आपके पारिवारिक जीवन में अधिक तालमेल देखने को मिलेगा। आप अपने परिवार के प्रति प्‍यार दिखा सकते हैं। आप मीठा और बेधड़क बोलेंगे।

प्रेम और वैवाहिक जीवन: आप अपने प्रेमी के साथ अच्‍छे मूल्‍य विकसित करने में सक्षम होंगे। लव और मैरिड लाइफ में अच्‍छा तालमेल देखने को मिलेगा। शादीशुदा जिदंगी में प्‍यार, खुशियां और स्‍नेह बढ़ेगा।

आर्थिक जीवन: आप अधिक लाभ कमाने, पैसों की बचत करने के लिए सचेत रह सकते हैं। आपको इस महीने अप्रत्‍याशित स्रोतों से धन लाभ होने के आसार हैं।

स्‍वास्‍थ्‍य: आपके अंदर साहस और दृढ़ संकल्‍प रहेगा जिससे आपको उत्तम स्‍वास्‍थ्‍य की प्राप्‍ति होगी। आपकी इम्‍युनिटी भी बढ़ेगी और इस तरह आपका स्‍वास्‍थ्‍य बेहतर रहेगा।

उपाय: वृषभ राशि वाले रोज़ ‘ॐ शुक्राय नम:’ मंत्र का जाप करें।

वृषभ साप्ताहिक राशिफल

मिथुन राशि

मिथुन राशि के लोगों के ऊपर काम दबाव बहुत ज्‍यादा बढ़ सकता है। आपको काम दबाव बहुत ज्‍यादा बढ़ सकता है। आपको भाग्‍य का साथ मिलने में बाधाओं का सामना करना पड़ सकता है। इसकी वजह से आप आगे प्रगति करने में असमर्थ रह सकते हैं।

करियर: आपको प्रमोशन एवं अन्‍य लाभ के रूप में उच्‍च स्‍तर का फायदा होने के आसार हैं। आप इस महीने मजबूत सिद्धांतों और मूल्‍यों पर टिके रह सकते हैं।

शिक्षा: इस महीने आपको पढ़ाई के मामले में औसत सफलता के रूप में मिलेजुले परिणाम मिल सकते हैं। आपको पढ़ाई के मामले में असीम प्रगति मिलने की संभावना है।

पारिवारिक जीवन: परिवार के सदस्‍यों के बीच अधिक बहस होने की आशंका है। आप अपने परिवार में अच्‍छे मूल्‍यों को बढ़ावा देने में सक्षम हो सकते हैं।

प्रेम और वैवाहिक जीवन: आपको अपने प्रेम और वैवाहिक जीवन में अनुकूल परिणाम मिल सकते हैं। अगर आप शादीशुदा हैं, तो आप प्रेम और वैवाहिक जीवन में अच्‍छी सफलता हासिल कर सकते हैं।

आर्थिक जीवन: मिथुन राशि के लोगों को धन लाभ और पैतृक संपत्ति के ज़रिए लाभ होने के मामले में औसत परिणाम मिलने की संभावना है। आपको अपने जीवनसाथी की सेहत पर खर्चा करना पड़ सकता है।

स्‍वास्‍थ्‍य: आपके पिता को स्‍वास्‍थ्‍य समस्‍याएं होने का डर है। आपको कंधों में दर्द और अकड़न एवं गर्दन में दर्द हो सकता है।

उपाय: आप रोज़ प्राचीन ग्रंथ नारायणीयम का पाठ करें।

मिथुन साप्ताहिक राशिफल

कालसर्प दोष रिपोर्ट – काल सर्प योग कैलकुलेटर

कर्क राशि

जून मासिक राशिफल 2026 कहता है कि यह महीना कर्क राशि के लोगों के लिए बेहतर परिणाम लेकर आएगा। आपको करियर में उतार-चढ़ाव देखने पड़ सकते हैं क्‍योंकि शनि नवम भाव में बैठे हैं।

करियर: आपको अपने काम पर अधिक ध्‍यान देने की जरूरत है। आपमें से कुछ लोगों की नौकरी में बदलाव आने या किसी दूर जगह पर ट्रांसफर होने की संभावना है।

शिक्षा: कभी-कभी छात्रों की एकाग्रता में भी कमी आ सकती है। मुमकिन है कि आप शिक्षा के क्षेत्र में मानक स्‍थापित करने में सक्षम न हों। कुल मिलाकर यह महीना पढ़ाई को लेकर आपके लिए ज्‍यादा अनुकूल नहीं दिखाई दे रहा है।

पारिवारिक जीवन: परिवारजनों के बीच रिश्‍तों में खटास आने की आशंका है। आप अपने परिवार के साथ अच्‍छे और मजबूत संबंध बनाए रखने में असमर्थ हो सकते हैं।

प्रेम और वैवाहिक जीवन: आपको अपने प्रेम और वैवाहिक जीवन में अत्‍यधिक परेशानियां देखनी पड़ सकती हैं। आपको अपनी शादीशुदा जिंदगी में परिस्थितियों को ज्‍यादा अच्‍छी तरह से संभालने की जरूरत हो सकती है।

आर्थिक जीवन: आपको मिलेजुले परिणामों के साथ-साथ अधिक खर्चे देखने पड़ सकते हैं। आपके खर्चे बहुत बढ़ सकते हैं। इस समय आपको अनचाही चिंताएं घेर सकती हैं।

स्‍वास्‍थ्‍य: आपको पेट से संबंधित परेशानियां होने की आशंका है। आपको पैरों और जांघों आदि में दर्द की शिकायत हो सकती है।

उपाय: आप शनिवार के दिन राहु ग्रह के लिए यज्ञ-हवन करें।

 कर्क साप्ताहिक राशिफल

सिंह राशि

जून मासिक राशिफल 2026 के अनुसार इस महीने आपको करियर के क्षेत्र में प्रगति या विकास करने के मार्ग में कई बाधाओं का सामना करना पड़ सकता है।

करियर: कड़ी मेहनत करने के बावजूद भी आपको पूरी तरह से संतुष्टि नहीं मिल पाएगी। अगर आप बिज़नेस करते हैं, तो आपके हाथ से मुनाफा छूट सकता है।

शिक्षा: आप शिक्षा के क्षेत्र में सफलता पाने में सक्षम होंगे। आप विदेश में अवसर तलाश सकते हैं। आप प्रतियोगी परीक्षा में सफलता पाने के लिए कुछ कदम उठा सकते हैं।

पारिवारिक जीवन: आपको अपने पारिवारिक जीवन में अच्‍छे परिणाम मिलने के संकेत हैं। आपके परिवार में कई विवाद होने की आशंका है। इसकी वजह से आपके परिवार से खुशियां कम हो सकती हैं।

प्रेम और वैवाहिक जीवन: यदि आप अविवाहित हैं, तो इस महीने आप शादी के बंधन में बंध सकते हैं। इस महीने आपके प्रेम और वैवाहिक संबंध में खुशियों में भी कमी आ सकती है।

आर्थिक जीवन: इस महीने धन का प्रवाह औसत रहने वाला है। आपके खर्चों में बढ़ोतरी हो सकती है। परिवार में आपके खर्चे बढ़ सकते हैं। अपनी आर्थिक स्थिति को अच्‍छा करने के लिए आप अपनी जीवनशैली को बदलने में असमर्थ हो सकते हैं।

स्‍वास्‍थ्‍य: आपको अपने जीवनसाथी की सेहत पर अधिक खर्चा करना पड़ सकता है। आपके जीवनसाथी को कोई बड़ी स्‍वास्‍थ्‍य समस्‍या भी नहीं होगी।

उपाय: आप रोज़ आदित्‍य हृदयम का पाठ करें।

सिंह साप्ताहिक राशिफल

कन्‍या राशि

जून मासिक राशिफल 2026 बताता है कि यह महीना आपके स्‍वास्‍थ्‍य और संबंधों के लिए प्रतिकूल साबित हो सकता है। आपको अपने रिश्‍तों एवं करियर में परेशानियां देखनी पड़ सकती हैं।

करियर: आपको करियर में प्रमोशन मिलने की संभावना है। आपके ऊपर काम का दबाव बढ़ सकता है। काम को लेकर आपकी ईमानदारी पर आपके वरिष्‍ठ अधिकारी सवाल खड़े कर सकते हैं।

शिक्षा: आपकी पढ़ाई में रुचि बढ़ सकती है। आपको उच्‍च शिक्षा के लिए अच्‍छे अवसर प्राप्‍त होंगे और आप प्रोफेशनल स्‍टडीज़ भी कर सकते हैं।

पारिवारिक जीवन: आपके अपने परिवार के सदस्‍यों के साथ अच्‍छे संबंध रहेंगे। आपके अपने परिवार के सदस्‍यों के साथ मजबूत संबंध विकसित होंगे।

प्रेम और वैवाहिक जीवन: आपके और आपके पार्टनर के बीच अच्‍छा तालमेल देखने को मिलेगा। आपका साथी आपके व्‍यवहार से खुश होगा और इस तरह आपका प्रेम एवं वैवाहिक जीवन अच्‍छा रहेगा।

आर्थिक जीवन: आपको अधिक धन लाभ होने के संकेत हैं। आपको अप्रत्‍याशित धन लाभ होने की संभावना है। साथ ही आप अधिक ऋण लेकर धन प्राप्‍त कर सकते हैं।

स्‍वास्‍थ्‍य: इस महीने आपकी सेहत अच्‍छी रहेगी। आपको कोई बड़ी स्‍वास्‍थ्‍य समस्‍या नहीं होगी, बस सिरदर्द और पाचन से संबंधित परेशानियां हो सकती हैं।

उपाय: 41 बार रोज़ ‘ॐ बुधाय नम:’ का जाप करें।

कन्या साप्ताहिक राशिफल

तुला राशि

जून 2026 में आपकी ऊर्जा एवं उत्‍साह में वृद्धि देखने को मिल सकती है। आप अधिक आशावादी बनेंगे और सफलता प्राप्‍त कर सकते हैं। आपको अप्रत्‍याशित स्रोतों से धन लाभ होने के संकेत हैं।

करियर: आपके करियर को बढ़ावा मिलेगा और आपको नौकरी के नए अवसर भी मिल सकते हैं। यदि आप बिज़नेस करते हैं या बिज़नेस शुरू करना चाहते हैं, तो उच्‍च मुनाफा कमाने के लिए यह महीना अनुकूल साबित होगा।

शिक्षा: आप पढ़ाई में उच्‍च अंक और रैंक प्राप्‍त करने में सक्षम हो सकते हैं। आप किसी नई शिक्षा, कोर्स या रिसर्च या किसी विशेष विषय की पढ़ाई शुरू कर सकते हैं।

पारिवारिक जीवन: परिवार के सदस्‍यों के साथ आपकी नज़दीकियां बढ़ सकती हैं और आप अपने प्रियजनों के साथ अच्‍छा समय बिता सकते हैं।

प्रेम और वैवाहिक जीवन: आप अपने प्रेमी और जीवनसाथी के साथ रिश्‍ते में अधिक तालमेल देख सकते हैं। आपको लव और मैरिड लाइफ में कुछ परेशानियां देखने को मिल सकती हैं।

आर्थिक जीवन: इस महीने आपके लिए धन का प्रवाह बेहतर रहने वाला है। अगर आप कोई बड़ा निवेश कर रहे हैं, तो इस महीने आपको उससे लाभ होने के आसार हैं।

स्‍वास्‍थ्‍य: जून मासिक राशिफल 2026 के अनुसार आपको गले में संक्रमण और आंखों में जलन जैसी स्‍वास्‍थ्‍य समस्‍याएं होने की आशंका है। आपको आंखों में दर्द, जलन और आंखों से जुड़ी समस्‍याएं होने का डर है।

उपाय: आप मंगलवार के दिन केतु ग्रह के लिए यज्ञ-हवन करें।

तुला साप्ताहिक राशिफल

वृश्चिक राशि

जून मासिक राशिफल 2026 के अनुसार यह महीना आपके लिए प्रतिकूल साबित हो सकता है। आपको अपने करियर में चुनौतियां देखनी पड़ सकती हैं। आध्‍यात्मिक कार्यों के ज़रिए आपको अपने काम में अधिक लाभ मिल सकता है।

करियर: आपको अपने कार्यक्षेत्र में अधिक दबाव और चुनौतियां देखनी पड़ सकती हैं। आपको काम का अधिक दबाव झेलना पड़ सकता है।

शिक्षा: आपको शिक्षा के क्षेत्र में सफलता मिलने की संभावना है। आपको परीक्षा के लिए तैयारी करने पर और अधिक ध्‍यान देने की जरूरत है। आपको पढ़ाई में उच्‍च मानक प्राप्‍त करने के लिए तैयार कर सकते हैं।

पारिवारिक जीवन: जून मासिक राशिफल 2026 दर्शाता है कि इस महीने आपके पारिवारिक जीवन में अधिक खुशियां देखने को मिल सकती है। आप किसी शुभ कार्यक्रम में भी हिस्‍सा ले सकते हैं।

प्रेम और वैवाहिक जीवन: आपके और आपके पार्टनर के बीच आकर्षण बढ़ सकता है। आपकी लव लाइफ आनंदमय रहेगी। इस महीने आपके और आपके जीवनसाथी के बीच अच्‍छी आपसी समझ देखने को मिलेगी।

आर्थिक जीवन: आपके धन लाभ में वृद्धि होने के संकेत हैं जिससे आप अधिक संतुष्‍ट महसूस करेंगे। आपको अपने परिवार पर अप्रत्‍याशित खर्चे करने पड़ सकते हैं।

स्‍वास्‍थ्‍य: आपके आत्‍मविश्‍वास में वृद्धि होगी जिससे आपकी ऊर्जा और उत्‍साह में बढ़ोतरी देखने को मिलेगी। आपको नींद की कमी और पाचन से संबंधित समस्‍याएंं हो सकती है।

उपाय: आप नियमित रूप से 108 बार ‘ॐ राहवे नम:’ का जाप करें।

वृश्चिक साप्ताहिक राशिफल

धनु राशि

जून मासिक राशिफल 2026 के अनुसार आपको अपने प्रयासों में प्रगति और निरंतरता मिल सकती है। आप नए प्रोजेक्‍ट के लिए विदेश भी जा सकते हैं।

करियर: आपको करियर में सकारात्‍मक परिणाम प्राप्‍त होंगे। आपके वरिष्‍ठ आपके कौशल को देखकर हैरान हो सकते हैं। व्‍यापारियों को बड़ा मुनाफा हो सकता है।

शिक्षा: छात्रों को पढ़ाई के क्षेत्र में अधिक अड़चनें देखनी पड़ सकती हैं। यदि आपकी एकाग्रता कम होती है, तो आप पढ़ाई के मामले में अच्‍छा प्रदर्शन नहीं कर पाएंगे।

पारिवारिक जीवन: परिवार के सदस्‍यों के साथ आपके संबंध ज्‍यादा अच्‍छे नहीं रहने वाले हैं। परिवार के सदस्‍यों के बीच नैतिक मूल्‍यों की कमी हो सकती है।

प्रेम और वैवाहिक जीवन: आप अपने रिश्‍ते में प्‍यार को बनाए रखने और अपने पार्टनर के प्रति प्‍यार दिखाने में असमर्थ हो सकते हैं। आपकी लव या मैरिड लाइफ में परेशानियां उत्‍पन्‍न हो सकती हैं।

आर्थिक जीवन: आपके खर्चे बढ़ सकते हैं और आपके बचत करने की संभावना भी औसत रहेगी। आपको बैंक से लोन या फिर किसी जानकार से कर्ज़ लेना पड़ सकता है।

स्‍वास्‍थ्‍य: इस महीने आपकी सेहत ज्‍यादा अच्‍छी नहीं रहने वाली है। आपको स्‍वास्‍थ्‍य समस्‍याएं जैसे कि गले में संक्रमण और मोटापे की शिकायत हो सकती है।

उपाय: आप नियमित रूप से 108 बार ‘ गुरुवे नम:’ का जाप करें।

धनु साप्ताहिक राशिफल

मकर राशि

मकर राशि वालों को इस महीने औसत सफलता मिलने की संभावना है। आपको अपने प्रयासों में अड़चनें और देरी देखनी पड़ सकती है। आपको असुविधा होने का डर है।

करियर: जून मासिक राशिफल 2026 कहता है कि आपको इस महीने अच्‍छे परिणाम मिलने के संकेत हैं। आपको नौकरी में बड़े लाभ प्राप्‍त हो सकते हैं।

शिक्षा: छात्रों को पढ़ाई में अधिक अड़चनों का सामना करना पड़ सकता है। छात्रों की पढ़ाई में एकाग्रता कम हो सकती है। प्रतियोगी परीक्षा में हिस्‍सा लेने के लिए यह महीना अनुकूल नहीं है।

पारिवारिक जीवन: आपके परिवार में बहस या विवाद होने की आशंका है। इस महीने परिवार में कलह और अनचाहे विवाद से बचा जा सकता है।

प्रेम और वैवाहिक जीवन: आपको अपने प्रेम और वैवाहिक जीवन में उतार-चढ़ाव देखना पड़ सकता है। आपके और आपके पार्टनर के बीच बहस हो सकती है।

आर्थिक जीवन: इस महीने आपके खर्चों में बढ़ोतरी हो सकती है। आपके ऊपर परिवार की ओर से अधिक जिम्‍मेदारियां आ सकती हैं। आपको लोन के रूप में पैसे उधार लेने पड़ सकते हैं।

स्‍वास्‍थ्‍य: आपकी सेहत ज्‍यादा अच्‍छी नहीं रहने वाली है। आपको एड़ियों और कंधों में दर्द एवं नसों में दर्द की शिकायत हो सकती है। इससे आपको चिंता होने का डर है।

उपाय: आप शनिवार के दिन शनि ग्रह के लिए यज्ञ हवन करें।

मकर साप्ताहिक राशिफल

कुंभ राशि

जून मासिक रा‍शिफल 2026 बताता है कि इस महीने आपके अवसरों में कमी आ रही है। आपको अपने करियर, वित्तीय जीवन और निजी जीवन आदि को लेकर महत्‍वपूर्ण निर्णय लेते समय बहुत सावधानी बरतनी चाहिए।

करियर: आपके ऊपर काम का दबाव बढ़ सकता है। आप इस बात पर विचार कर सकते हैं कि इस महीने आपको किन चीज़ों से बचना चाहिए।

शिक्षा: छात्रों को इस महीने कुछ परेशानियां देखनी पड़ सकती हैं। आपके लिए अधिक अंक प्राप्‍त कर पाना आसान नहीं होगा। आप अधिक अंक प्राप्‍त करने से पीछे रह सकते हैं।

पारिवारिक जीवन: आपके अपने परिवार के सदस्‍यों के साथ अच्‍छे संबंध नहीं रह पाएंगे। परिवार में विवाद होने की आशंका है। आपको परिवारजनों के साथ तालमेल बिठाने की जरूरत है।

प्रेम और वैवाहिक जीवन: आपको अपने प्रेम और वैवाहिक जीवन में सुख से वंचित रहना पड़ सकता है। आपके और आपके पार्टनर के बीच खुशियों में कमी आ सकती है।

आर्थिक जीवन: आपके लिए धन का प्रवाह ज्‍यादा अच्‍छा नहीं रहने वाला है। इसके अलावा आप पैसों की बचत करने में भी असमर्थ हो सकते हैं।

स्‍वास्‍थ्‍य: आपको अपनी सेहत को लेकर अधिक सतर्क रहने की जरूरत है। आपको आंखों से संबंधित समस्‍याएं होने का डर है जिस पर आपको ध्‍यान देना चाहिए।

उपाय: शनिवार के दिन शनि ग्रह के लिए पूजा करें।

कुंभ साप्ताहिक राशिफल

मीन राशि

धन के मामले में आपके अधिक खर्चे होने की आशंका है। आप बहुत ज्‍यादा तनाव में आ सकते हैं। इन सभी चीज़ों की वजह से आप परेशान हो सकते हैं।

करियर: आपके ऊपर काम का दबाव बढ़ सकता है और आपको अपने कार्य में अड़चनों का सामना करना पड़ सकता है। आपको अपने उच्‍च अधिकारियों की ओर से अत्‍यधिक काम का दबाव मिल सकता है।

शिक्षा: पढ़ाई में कुछ अड़चनें देखनी पड़ सकती हैं। आपकी सीखने की क्षमता भी कमज़ोर हो सकती है और इससे आप पीछे रह सकते हैं। राहु पढ़ाई के मामले में आपके धैर्य की परीक्षा ले सकता है।

पारिवारिक जीवन: आपको अपने पारिवारिक जीवन में खुशियां देखने को मिल सकती हैं। आपको परिवार और संतान को लेकर समस्‍याएं देखनी पड़ सकती हैं।

प्रेम और वैवाहिक जीवन: इस महीने अपने पार्टनर के प्रति आपका आकर्षण और संयम खो सकता है। वैवाहिक जीवन में तनाव और अहंकार से संबधित समस्‍याएं कम हो सकती हैं।

आर्थिक जीवन: आपके लिए धन का प्रवाह अच्‍छा रहेगा। आपने इस महीने जो धन कमाया है, उसका लाभ उठाने और आनंद लेने में असमर्थ रह सकते हैं।

स्‍वास्‍थ्‍य: आपका स्‍वास्‍थ्‍य दुरुस्‍त रहेगा। आपकी स्‍वास्‍थ्‍य समस्‍याएं बढ़ सकती हैं जैसे कि आपको पैरों और जांघों में दर्द और अकड़न की शिकायत हो सकती है।

उपाय: मंगलवार के दिन राहु-केतु की पूजा करें।

मीन साप्ताहिक राशिफल

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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

प्रश्‍न 1. जून में निर्जला एकादशी कब है?

उत्तर. 25 जून को है।

प्रश्‍न 2. जून में मिथुन संक्रांति कब है?

उत्तर. 15 जून 2026 को मिथुन संक्रांति है।

प्रश्‍न 3. जून में पैदा होने वाले जातकों का शुभ अंंक क्‍या है?

उत्तर. भाग्‍यशाली अंक 3 और 6 है।

साप्ताहिक राशिफल: 18 से 24 मई, 2026

मई के इस सप्ताह में चमक उठेगी इन राशि वालों की किस्मत, ख़ूब होगी धन वर्षा!

साप्ताहिक राशिफल 18 से 24 मई 2026: एस्ट्रोसेज एआई हर बार की तरह इस बार भी अपने पाठकों के लिए साप्ताहिक राशिफल का यह विशेष ब्लॉग लेकर हाज़िर है, जिसके अंतर्गत आपको मई 2026 के तीसरे सप्ताह अर्थात 18 से 24 मई, 2026 से जुड़ी विस्तृत जानकारी प्राप्त होगी। साथ ही, यह हफ्ता आपके जीवन को किस दिशा में लेकर जाएगा? प्रेम जीवन रहेगा ख़ुशियों से भरा या मतभेद बने रहेंगे? करियर और व्यापार में मिलेगी सफलता या फिर समस्याओं का होगा सामना? वैवाहिक जीवन में बनी रहेगी मिठास या होंगे विवाद? आपके मन में उठ रहे इन सभी सवालों के सटीक जवाब आपको हमारे साप्ताहिक राशिफल के इस ब्लॉग में प्राप्त होंगे। साथ ही, ग्रहों के अशुभ प्रभावों से बचने के लिए किन उपायों को करना आपके लिए फायदेमंद साबित होगा, यह भी हम आपको बताएंगे। आइए बिना देर किए शुरुआत करते हैं इस ब्लॉग की। 

यह भी पढ़ें: राशिफल 2026

दुनियाभर के विद्वान ज्योतिषियों से करें कॉल/चैट पर बात और जानें अपने संतान के भविष्य से जुड़ी हर जानकारी

सिर्फ़ इतना ही नहीं, साप्ताहिक राशिफल का यह ब्लॉग पूर्ण रूप से वैदिक ज्योतिष पर आधारित है जिसे हमारे अनुभवी और विद्वद ज्योतिषियों द्वारा ग्रह-नक्षत्रों की चाल, दशा और स्थिति का विश्लेषण करने के बाद तैयार किया गया है। यहाँ आपको न केवल इस सप्ताह में    पड़ने वाले व्रत और त्योहारों की सही तिथियों की जानकारी प्राप्त होगी, बल्कि इस सप्ताह में किन मशहूर हस्तियों का जन्मदिन आएगा, इससे भी हम आपको रूबरू करवाएंगे। तो आइए बिना देर किए अब हम आगे बढ़ते हैं और सबसे पहले नज़र डालते हैं 18 मई से 24 मई के पंचांग पर। 

इस सप्ताह के ज्योतिषीय तथ्य और हिंदू पंचांग की गणना 

बात करें मई 2026 के इस सप्ताह के हिंदू पंचांग की, तो 18 से 24 मई 2026 का यह सप्ताह मई का तीसरा सप्ताह होगा जिसका आगाज़ रोहिणी नक्षत्र के अंतर्गत शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि यानी कि 18 मई 2026 को होगा जबकि इसका समापन पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र के तहत शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि अर्थात 24 मई 2026 को हो जाएगा। बता दें कि मई का यह सप्ताह धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से विशेष रहने वाला है क्योंकि इस दौरान व्रत, पर्व, ग्रहण और गोचर होते हुए नज़र आ सकते हैं जिनके बारे में आगे विस्तार से चर्चा करेंगे।   

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इस सप्ताह में पड़ने वाले व्रत और त्योहारों की संपूर्ण जानकारी

सनातन धर्म में हर व्रत-त्योहार को विशेष स्थान दिया गया है जो हमारे जीवन का ख़ास हिस्सा बन गए हैं। लेकिन, वर्तमान समय में इंसान की ज़िंदगी इतनी व्यस्त हो गई है कि उनके लिए महत्वपूर्ण तिथियों को भी याद रख पाना मुश्किल हो गया है। आपको अपने जीवन में ऐसे किसी भी परिस्थिति का सामना न करना पड़ें इसलिए साप्ताहिक राशिफल के इस सेक्शन को तैयार किया गया है जिसमें आपको इस सप्ताह के व्रत एवं पर्वों की तिथियां प्राप्त होगी। बात करें इस सप्ताह की, तो मई 2026 के तीसरे सप्ताह (18 मई से 24 मई, 2026) में कोई भी व्रत और त्योहार नहीं मनाया जाएगा। 

इस सप्ताह (18 मई से 24 मई, 2026) पड़ने वाले ग्रहण और गोचर

वैदिक ज्योतिष में हर ग्रह एक निश्चित समय के बाद राशि परिवर्तन करता है। सरल शब्दों में कहें, तो प्रत्येल ग्रह निर्धारित अवधि के बाद एक राशि से निकलकर दूसरी राशि में प्रवेश कर जाते हैं। ज्योतिषी की दुनिया में इस घटना को गोचर कहा जाता है जिसे महत्वपूर्ण माना जाता है क्योंकि यह मनुष्य जीवन को सीधा प्रभावित करने का सामर्थ्य रखती है। जब बात आती है इस सप्ताह के गोचर की, तो मई 2026 के इस हफ़्ते यानी कि 18 मई से 24 मई 2026 के दौरान कोई भी ग्रह अपनी राशि, चाल और स्थिति में बदलाव नहीं करेगा। 

नोट: मई का यह सप्ताह अर्थात 18 से 24 मई 2026 के दौरान कोई ग्रहण नहीं लगने जा रहा है। 

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इस सप्ताह से शुरू होगा अधिक मास

साल 2026 के इस सप्ताह में अधिक मास लग चुका होगा। बता दें कि अधिक मास को सनातन धर्म में अशुभ माना जाता है जो तीन साल में एक बार आता है और इस दौरान सभी तरह के शुभ एवं मांगलिक कार्यों को करना वर्जित होता है। इस साल अधिक मास ज्येष्ठ माह में 17 मई 2026 को लग जाएगा जो अगले महीने अर्थात 15 जून 2026 को ख़त्म होगा। इस प्रकार, इस बार ज्येष्ठ का महीना 60 दिन का होगा और ऐसे में, इस अवधि में भगवान विष्णु की पूजा-अर्चना, जप-तप, स्नान-दान आदि धार्मिक कार्य करना शुभ माना जाएगा।    

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इस सप्ताह के बैंक अवकाशों की सूची

इस साप्ताहिक राशिफल ब्लॉग में व्रत और पर्वों की तिथियों की जानकारी देने के बाद हम आपको मई 2026 के तीसरे सप्ताह में आने वाले बैंक अवकाशों से भी अवगत करवाएंगे, ताकि आप बैंक से जुड़े जरूरी कार्यों को समय पर पूरा कर सकें। हालांकि, आपको बता दें कि 18 से 24 मई, 2026 के इस हफ्ते में कोई भी बैंक अवकाश नहीं पड़ने जा रहा है। ऐसे में, इस सप्ताह के सातों दिन बैंक खुले रहेंगे और आप आराम से अपने कार्य पूरे कर सकते हैं। 

चलिए अब हम आपको अवगत करवाते हैं इस सप्ताह में कब-कब मुहूर्त उपलब्ध होंगे। 

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इस सप्ताह (18 मई से 24 मई, 2026) के शुभ मुहूर्त

हिंदू धर्म में शुभ मुहूर्त को अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। यह एक ऐसी अवधि होती है जब ग्रहों एवं नक्षत्रों की स्थिति अनुकूल होती है और इस दौरान किया गया मांगलिक कार्य फलदायी सिद्ध होता है। इसी क्रम में, विवाह, मुंडन, अन्नप्राशन, कर्णवेध संस्कार जैसे कार्यों को शुभ मुहूर्त में किया जाता है। बात करें मई 2026 के इस सप्ताह की, तो 18 से 24 मई 2026 की अवधि में विवाह, नामकरण, मुंडन, अन्नप्राशन संस्कार के लिए कोई शुभ मुहूर्त उपलब्ध नहीं है।

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इस सप्ताह (18 मई से 24 मई 2026) के विद्यारंभ मुहूर्त 

यदि आप अपनी संतान की शिक्षा का आरंभ करने के लिए विद्यारंभ के शुभ मुहूर्त देख रहे हैं, तो यहाँ हम आपको 18 से 26 मई 2026 के बीच उपलब्ध विद्यारंभ संस्कार शुभ मुहूर्त की सूची आपको प्रदान कर रहे हैं। 

दिनांकमुहूर्त का समय 
18 मई 2026, सोमवारसुबह 06:02 से 08:48, दोपहर 10:22 से शाम 03:56
20 मई 2026, बुधवारसुबह 06:00 से 08:46, दोपहर 10:20 से शाम 03:54
22 मई 2026, शुक्रवारसुबह 05:58 से 08:44, दोपहर 10:18 से शाम 03:52

 AstroSage AI पॉडकास्ट सुनें – यहां आपको मिलेंगे ज्योतिष, जीवन के रहस्य, किस्मत के संकेत और AI द्वारा बताए गए सटीक ज्योतिषीय समाधान। अपनी ज़िंदगी के अहम सवालों के जवाब अब आवाज़ में, आसान भाषा में।

इस सप्ताह में जन्मे मशहूर सितारे

18 मई 2026:  डिएगो पेरेज़, अलाना स्टीवर्ट, पसुपथ्य,  

19 मई 2026: लाल थान्हावला, नवाजुद्दीन सिद्दीकी, रस्किन बांड

20 मई 2026: डेरिल मिशेल, विजय वसंत, मनोज मंचू

21 मई 2026: अखिलेश प्रताप सिंह, मॉरीस आंद्रे, जेफरी डामर

22 मई 2026: सरफराज अहमद, सुहाना खान, सोफिया अब्राहो

23 मई 2026: मधुमिला, रोरी जॉन गेट्स, सिद्धेश लाड

24 मई 2026: आर्य बब्बर, जीत गांगुली, रानी विक्टोरिया

एस्ट्रोसेज इन सभी सितारों को जन्मदिन की ढेरों शुभकामनाएं देता है। यदि आप अपने पसंदीदा सितारे की जन्म कुंडली देखना चाहते हैं तो आप यहां पर क्लिक कर सकते हैं। 

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साप्ताहिक राशिफल 18 मई से 24 मई, 2026

यह भविष्यफल चंद्र राशि पर आधारित है। अपनी चंद्र राशि जानने के लिए क्लिक करें:
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मेष साप्ताहिक राशिफल 

ग्यारहवें भाव में राहु की उपस्थिति के कारण, पिछले सप्ताह के मुकाबले….. (विस्तार से पढ़ें) 

मेष प्रेम राशिफल 

 प्रेम में पड़े इस राशि के जातकों के लिए, यह हफ्ता शुभ….(विस्तार से पढ़ें)

वृषभ साप्ताहिक राशिफल

केतु के चौथे भाव में होने के कारण, इस सप्ताह आपके ऊपर कुछ अधिक….(विस्तार से पढ़ें)

वृषभ प्रेम राशिफल

अपने प्रेमी के प्रति आपकी सुन्दर भावनाओं में वृद्धि देखी जाएगी। परंतु….(विस्तार से पढ़ें)

मिथुन साप्ताहिक राशिफल

इस सप्ताह की शुरुआत आपके लिए ऊर्जा से भरी नहीं होने वाली….(विस्तार से पढ़ें)

मिथुन प्रेम राशिफल

प्रेम की भविष्यवाणी के अनुसार इस सप्ताह, आपके और प्रियतम….(विस्तार से पढ़ें)

कर्क साप्ताहिक राशिफल

बृहस्पति के बारहवें भाव में होने के कारण, पिछले सप्ताह में …. (विस्तार से पढ़ें)

कर्क प्रेम राशिफल

इस सप्ताह आपको प्रेम संबंधों को बेहतर बनाए रखने के लिए….(विस्तार से पढ़ें)

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सिंह साप्ताहिक राशिफल

इस सप्ताह आपको अनुभव होगा कि, आस-पास के लोग आपसे….(विस्तार से पढ़ें)

सिंह प्रेम राशिफल

यदि आपके और प्रेमी के बीच लंबे वक़्त से कोई विवाद चलता आ……(विस्तार से पढ़ें)

कन्या साप्ताहिक राशिफल

बृहस्पति के दसवें भाव में होने के कारण, इस सप्ताह आपके स्वास्थ्य….(विस्तार से पढ़ें)

कन्या प्रेम राशिफल

इस सप्ताह प्रेम में पड़े इस राशि के जातक अपने प्रेमी-प्रेमिका को….(विस्तार से पढ़ें)

तुला साप्ताहिक राशिफल

इस सप्ताह आपको नेत्र से जुड़ी कुछ समस्या परेशान कर सकती…..(विस्तार से पढ़ें)

तुला प्रेम राशिफल

ये सप्ताह प्रेम और रोमांस के नज़रिए से, कोई ख़ास अच्छा नहीं देखा ….. (विस्तार से पढ़ें)

वृश्चिक साप्ताहिक राशिफल

बृहस्पति के आठवें भाव में होने के कारण, आपका ज़रूरत से ज़्यादा…..(विस्तार से पढ़ें)

वृश्चिक प्रेम राशिफल

प्यार का अद्भुत अहसास आपको इस समय हो सकता है। कोई…..(विस्तार से पढ़ें)

धनु साप्ताहिक राशिफल

शनि के चौथे भाव में होने के कारण, भावनात्मक तौर पर ये सप्ताह,…..(विस्तार से पढ़ें)

धनु प्रेम राशिफल

 प्रेम में पड़े इस राशि के लोगों को इस सप्ताह अपने लवमेट…..(विस्तार से पढ़ें)

विद्वान ज्योतिषियों से प्रश्न पूछें और पाएं हर समस्या का समाधान

मकर साप्ताहिक राशिफल

घर परिवार और निजी जीवन में चल रही तनाव ग्रस्त गतिविधियाँ, आपको….(विस्तार से पढ़ें)

मकर प्रेम राशिफल

इस सप्ताह अपने प्रेमी प्रेमिका को रिझाने के लिए आप कई स्वांग रच….(विस्तार से पढ़ें)

कुंभ साप्ताहिक राशिफल

 बृहस्पति के पांचवें भाव में होने के कारण, आपका सेहत में इ…. (विस्तार से पढ़ें)

कुंभ प्रेम राशिफल

ये हफ्ता प्रेम में पड़े जातकों के लिए, अच्छा रहेगा। क्योंकि ….(विस्तार से पढ़ें)

मीन साप्ताहिक राशिफल 

राहु के बारहवें भाव में होने के कारण, भरे-पूरे और संतुष्ट जीव…..(विस्तार से पढ़ें)

मीन प्रेम राशिफल

इस सप्ताह प्रेम के लिहाज़ से कुछ जातकों का रोमांटिक….(विस्तार से पढ़ें)

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

1. क्या मई 2026 में गुरु ग्रह का गोचर होगा?

ज्योतिष के अनुसार, मई 2026 में गुरु ग्रह का कोई गोचर नहीं होने जा रहा है। 

2. सिंह राशि का स्वामी कौन है?

राशि चक्र की पांचवीं राशि सिंह के अधिपति देव सूर्य ग्रह हैं।

3. वट सावित्री व्रत 2026 में कब है?

इस साल वट सावित्री व्रत 16 मई 2026 को रखा जाएगा। 

साल 2026 में होंगे 13 महीने, कैसे? जानें

12 नहीं 13 महीनों का होगा साल 2026, पूरे 60 दिन चलेगा ये महीना; जरूर करें इन नियमों का पालन!

अधिक मास 2026: धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से साल 2026 बेहद ख़ास रहेगा क्योंकि जहां सामान्य वर्ष में 365 दिन होते हैं। वहीं, लीप वर्ष में 366 दिन होते हैं, लेकिन हिंदू कैलेंडर में एक ऐसा वर्ष भी आता है जिसमें 12 नहीं 13 महीने होते हैं। बता दें कि हिंदू वर्ष में यह महीना 03 सालों में एक बार आता है और साल 2026 भी एक ऐसा ही वर्ष रहने वाला है। सरल शब्दों में कहें, तो विक्रम संवत 2083 में एक चंद्र मास बढ़ जाएगा जिससे इस साल ज्येष्ठ माह में अधिकमास लग जाएगा जो लगातार 60 दिनों तक चलेगा। इस प्रकार, इस वर्ष 13 महीने होंगे और ऐसे में, इस साल का महत्व कई गुना बढ़ जाता है। 

अधिकमास को धार्मिक, ज्योतिषीय और आध्यात्मिक दृष्टि से विशेष माना गया है। इसे अधिकमास या पुरुषोत्तम मास के नाम से भी जाना जाता है। बता दें कि अधिकमास एक दुर्लभ और ख़ास खगोलोय घटना होती है जो इस साल में आपको देखने को मिलेगी। हालांकि, ज्योतिष शास्त्र में अधिक मास को अत्यंत पवित्र माना जाता है। साथ ही, इस मास में पूजा-पाठ, जप-तप, दान, और भगवान विष्णु की उपासना को बहुत शुभ माना जाता है। हिंदू धर्म में अधिकमास के स्वामी जगत के पालनहार भगवान विष्णु को माना गया है। 

यह भी पढ़ें: राशिफल 2026

दुनियाभर के विद्वान ज्योतिषियों से करें कॉल/चैट पर बात और जानें अपने संतान के भविष्य से जुड़ी हर जानकारी

“अधिक मास 2026” को लेकर आपके मन में भी उत्सुकता होगी और आप भी इस महीने के बारे में ज्यादा से ज्यादा जानने के लिए इच्छुक होंगे। इसी क्रम में, एस्ट्रोसेज एआई ने “अधिक मास 2026” का यह ब्लॉग विशेष रूप से अपने पाठकों के लिए तैयार किया गया है जिसके अंतर्गत आपको अधिक मास शुरू और समाप्त होने की तिथि, अधिकमास का धार्मिक महत्व आदि के बारे में जानकारी प्राप्त होगी। साथ ही जानेंगे, इस माह में किन सावधानियों को बरतना होगा, इससे भी हम आपको अवगत करवाएंगे। तो आइए बिना देर किए अब हम आगे बढ़ते हैं और जानते हैं अधिकमास 2026 के बारे में सब कुछ। 

कब से कब तक रहेगा अधिक मास 2026 में?

जैसे कि हम भली-भांति जानते हैं कि हिन्दू वर्ष में कुल 12 महीने होते हैं और इसका का आरंभ चैत्र माह से होता है। बात करें साल 2026 की, तो इस बार हिंदू वर्ष के अनुसार, विक्रम संवत 2083 में 13 महीने पड़ने वाले हैं क्योंकि इस बार अधिकमास लगने जा रहा है। हिंदू नववर्ष में ज्‍येष्‍ठ मास 2 महीने का रहेगा जिसकी वजह अधिकमास का ज्‍येष्‍ठ मास में पड़ना होगा इसलिए ज्येष्ठ का महीना 30 की बजाय 60 दिन का होगा। अधिकमास में भगवान विष्णु की पूजा-अर्चना करना फलदायी माना जाता है और इस दौरान किए गए धार्मिक अनुष्ठान कल्याणकारी साबित होते है। 

अधिक मास 2026 का आरंभ: 17 मई 2026, रविवार

अधिक मास समाप्त: 15 जून 2026, सोमवार 

सूर्योदय का समय: सुबह 05 बजकर 48 मिनट पर ,

सूर्यास्त का समय: शाम 06 बजकर 57 मिनट पर 

शायद ही आप जानते होंगे कि अधिक मास 3 साल में एक बार आने वाला एक अतिरिक्त महीना होता है, जो चंद्र मास और सौर मास के बीच के दिनों के अंतर को पूरा करने के लिए जोड़ा जाता है। अधिकमास को पुरुषोत्तम मास और मलमास के नाम से भी जाना जाता है। 

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साल 2026 में दो माह का होगा ज्येष्ठ मास 

हिंदू पंचांग के अनुसार, विक्रम संवत 2083 में अधिक मास ज्येष्ठ महीने में पड़ेगा। अधिक ज्येष्ठ मास की शुरुआत 17 मई 2026 से होगी जबकि इसका समापन 15 जून 2026 को हो जाएगा। वहीं, इस साल सामान्य ज्येष्ठ माह का आरंभ 02 मई 2026 को होगा और इसकी समाप्ति 16 मई 2026 को होगी। इसके अलगे दिन ही अधिक ज्येष्ठ माह लग जाएगा और ऐसे में, इस साल अधिक मास के कारण ज्येष्ठ मास के बाद आने वाले सभी व्रत और त्योहारों की तिथियां लगभग 15 से 20 दिन आगे बढ़ जाएंगी। आमतौर पर 15 अगस्त के आसपास पड़ने वाला रक्षाबंधन साल 2026 में 28 अगस्त 2026 को मनाया जाएगा, तो वहीं दिवाली भी 08 नवंबर 2026 को मनाई जाएगी।

अधिकमास 2026 में पड़ेंगे कौन-कौन से व्रत एवं त्योहार?

इस साल अधिक मास 17 मई 2026 से लेकर 15 जून 2026 तक रहेगा और ऐसे में, हम आपको उन व्रतों और पर्वों की सूची दे रहे हैं जो इस महीने में मनाए जाएंगे। 

तिथिपर्व का नाम 
27 मई 2026, बुधवारपद्मिनी एकादशी
28 मई 2026, गुरुवारप्रदोष व्रत (शुक्ल)
31 मई 2026,  रविवारपूर्णिमा व्रत
03 जून 2026, बुधवारसंकष्टी चतुर्थी
11 जून 2026, गुरुवारपरम एकादशी
12 जून 2026, शुक्रवारप्रदोष व्रत (कृष्ण)
13 जून 2026, शनिवारमासिक शिवरात्रि
15 जून 2026, सोमवारअमावस्या, मिथुन संक्रांति

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अधिक मास का धार्मिक महत्व 

सनातन धर्म में तीन वर्षों में एक बार आने वाले अधिक मास को मलमास, मलिम्मचा और पुरुषोत्तम मास भी कहा जाता है। ऐसी मान्यता है कि कि मलमास का व्रत करने से मनुष्य के सभी पाप नष्ट हो जाते हैं। यह बात हम जानते हैं कि चंद्र वर्ष में 12 महीने होते हैं और इन्हें सौर कैलेंडर के दिनों और ऋतुओं के साथ मिलाने के लिए ऋषि-मुनियों द्वारा गणना करके एक अतिरिक्त महीना यानी कि अधिक मास जोड़ा गया था।

हिंदू धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, हिंदू वर्ष के प्रत्येक माह का संबंध किसी न किसी देवता से था, लेकिन अधिक मास का कोई देवता नहीं था, इसलिए इसे मलमास या मलिम्मचा कहकर सबसे अलग अलग रखा गया था। उस समय मलमास या अधिकमास ने अपनी पीड़ा और दर्द को जगत के पालनहार भगवान विष्णु को बताया और उनकी शरण ली। भगवान विष्णु को उस पर दया आई और उन्होंने स्वयं को इस महीने का स्वामी घोषित किया इसलिए इस महीने का नाम पुरुषोत्तम मास पड़ा। 

साथ ही, भगवान विष्णु ने यह भी कहा कि अन्य महीनों में जो पुण्य जप, तप और अच्छे कर्मों का फल मिलता है, वह इस एक महीने में किए गए जप  तप और अच्छे कर्मों से भी प्राप्त किया जा सकता है, तब से ही इस महीने का महत्व बाकी महीनों से भी अधिक माना जाने लगा। प्राचीन समय में राजा नहुष ने मलमास का व्रत करके सभी बंधनों से मुक्ति पाई थी और उन्हें देवताओं का पद प्राप्त हुआ था। 

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अधिक मास 2026 में संतान का जन्म, शुभ या अशुभ?

अक्सर लोगों के मन में यह सवाल उठता है कि अधिक मास के दौरान जन्म लेने वाले शिशु शुभ होते हैं या अशुभ। हालांकि, हिंदू शास्त्रों में अधिक मास में जन्मे बच्चे को अशुभ नहीं माना जाता है। इस अवधारणा का संबंध सामान्य तौर पर पारंपरिक गलतफहमियों से हो सकता है, लेकिन धर्म से बिल्कुल नहीं है।

इसके विपरीत, धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पुरुषोत्तम मास भगवान विष्णु का प्रिय और अत्यंत पवित्र महीना माना जाता है। ऐसे में, अधिक मास में जन्मे बच्चे को भगवान विष्णु का विशेष आशीर्वाद प्राप्त होता हैं। इस बच्चे में श्रीहरि की कृपा से आध्यात्मिक गुण विकसित हो सकते हैं। 

अधिक मास से जुड़ी पौराणिक कथा 

धार्मिक ग्रंथों में अधिकमास से जुड़ी एक कथा का वर्णन मिलता है और उस कथा के अनुसार,  माता लक्ष्मी ने भगवान श्रीहरि से पूछा कि अधिक मास में पूजा कैसे करनी चाहिए? तब श्रीहरि ने बताया कि इस महीने के स्वामी वे स्वयं हैं इसलिए इसका नाम पुरुषोत्तम मास है। उन्होंने कहा कि इस महीने में जप, तप, हवन जैसे धार्मिक कार्य करने से अक्षय फल (कभी न खत्म होने वाला फल) मिलता है। 

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भगवान विष्णु ने यह भी बताया कि जो लोग इस महीने में पुण्य कार्य नहीं करते हैं, उन्हें दरिद्रता, पुत्र शोक आदि कष्ट झेलने पड़ते हैं। श्रीहरि ने आगे माता लक्ष्मी को बताया कि जो लोग पूरे महीने पुण्य कार्य नहीं कर पाते, वे कम से कम कुछ विशेष तिथियों जैसे कृष्ण पक्ष की अष्टमी, नवमी, द्वादशी, चतुर्दशी और पूर्णिमा तिथि आदि पर ये कार्य कर सकते हैं ।  

क्यों पड़ता है अधिक मास?

मलमास या पुरुषोत्तम मास के नाम से प्रसिद्ध अधिकमास हिंदू चंद्र कैलेंडर में लगभग हर 3 साल में एक बार आता है। यह अतिरिक्त महीना चंद्र और सौर चक्र के बीच के अंतर को संतुलित करने के लिए जोड़ा गया है। सरल शब्दों में कहें, तो चंद्र वर्ष सौर वर्ष की तुलना में थोड़ा छोटा है इसलिए इस अंतर् को पूरा करने के लिए एक अतिरिक्त महीना अधिक मॉस के रूप में रखा जाता है। 

जहाँ सौर वर्ष में कुल 365 दिन होते हैं, तो वहीं चंद्र वर्ष में करीब 354–355 दिन आते हैं। इस प्रकार, हर साल दोनों में लगभग 11 दिनों का अंतर हो जाता है जो 3 साल में बढ़कर 32–33 दिनों का हो जाता है। इसी अंतर को संतुलित करने के लिए एक अतिरिक्त महीना जोड़ा जाता है और इसे ही अधिक मास कहा जाता है। 

कब-कब और किस वर्ष पड़ेगा अधिकमास? 

हम यह आपको ऊपर बता चुके हैं कि अधिकमास हर साल नहीं आता है। ऐसे में, हम आपको नीचे आने वाले वर्षों में अधिकमास कब-कब पड़ेगा, इसकी पूरी सूची प्रदान करने जा रहे हैं। 

वर्ष अधिक मास का नाम 
2026ज्येष्ठ अधिक मास
2029भाद्रपद अधिक मास
2031चैत्र अधिक मास
2034आषाढ़ अधिक मास
2037ज्येष्ठ अधिक मास
2039 आश्विन अधिक मास
2042श्रावण अधिक मास

इस प्रकार, भविष्य में भी अधिक मास समय-समय पर अलग-अलग महीनों में पड़ेगा जिससे चंद्र और सौर कैलेंडर के बीच संतुलन बना रहे।    

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शुभ कार्यों पर लग जाएगी रोक 

साल 2026 के हिंदू वर्ष के ज्येष्ठ माह में अधिक मास लगने जा रहा है जिससे वह लगातार 60 दिनों तक चलेगा। लेकिन, जब 17 मई 2026 को अधिक मास लगेगा, उसके साथ ही अगले 30 दिनों यानी कि एक महीने के लिए शुभ कार्यों पर रोक लग जाएगी। बता दें कि अधिक मास और खरमास के दौरान शुभ एवं मांगलिक कार्य वर्जित होते हैं।  

हिंदू धर्म में अधिक मास के दौरान विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन, नामकरण, भूमि पूजन या नए व्यापार की शुरुआत जैसे शुभ कार्यों को नहीं किया जाता है। ऐसा माना जाता है कि इस दौरान ग्रहों की स्थिति अनुकूल नहीं होती है इसलिए अधिक मास में किए गए मांगलिक कार्यों का मन मुताबिक फल नहीं मिलता है। इस वजह अधिक मास में बड़े और मांगलिक कार्यों को नहीं करने की सलाह दी जाती है। 

अधिक मास में क्या करें और क्या न करें?

क्या करें?

पुरुषोत्तम माह का नाम भगवान विष्णु के नाम पर पड़ा है क्योंकि इस महीने के स्वामी श्रीहरि हैं, इसलिए इस दौरान कुछ विशेष कार्यों को करना बहुत शुभ माना जाता है जो कि इस प्रकार हैं:

  • अधिक मास के दौरान प्रार्थना, व्रत, दान और मंत्र जाप करना अत्यंत शुभ होता है। 
  • धार्मिक ग्रंथों का पाठ, विशेष रूप से गीता का पाठ बेहद फलदायी माना जाता है। 
  • अधिक मास में दान-पुण्य को बहुत महत्व दिया गया है, खासकर गरीबों को अन्न दान करने का।
  • संभव हो, तो जरूरतमंद लोगों की सहायता करें जिससे पुण्यदायी माना जाता है।
  • भगवान विष्णु के नाम का जाप और हवन करने से भी लाभ की प्राप्ति होती है।
  • इसी पवित्रता और धार्मिक लाभ के कारण अधिक मास को पुरुषोत्तम माह कहा जाता है। 

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क्या न करें?

अधिक मास के दौरान कुछ कार्यों को करने की मनाही होती है इसलिए उन कार्यों को करने से आपको बचना चाहिए, जिससे आप पर भगवान विष्णु की कृपा सदा बनी रहें। 

  • मलमास या अधिकमास के दौरान शुभ कार्य जैसे विवाह, मुंडन, गृह प्रवेश, भूमि पूजन, नए व्यापार की शुरुआत या फिर नामकरण आदि को नहीं करना चाहिए। 
  • अधिकमास की अवधि  में आपको मांस-मदिरा के सेवन से परहेज़ करना चाहिए। ऐसा करने से आपको दोष लग सकता है और गरीबी, दुर्भाग्य और बीमारी जैसी समस्याएं घेरती हैं। 
  • इस दौरान गलती से भी असहाय, गरीबों या जरूरतमंदों का अपमान करने से बचें। साथ ही, न तो उन्हें परेशान करें और न ही उन्हें कष्ट पहुंचाएं। 

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अधिक मास 2026 में पूजा और धार्मिक कार्यों के लाभ 

  • अधिक मास में व्रत रखना सौ यज्ञ करने के बराबर माना जाता है और इससे आपको जीवन में सुख, शांति और समृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त होता है। 
  • जो लोग इस माह अच्छे कर्म करते हैं और अपनी इन्द्रियों पर नियंत्रण रखते हैं, उन्हें दुखों से मुक्ति मिलती है।
  • अधिक मास के दौरान विष्णु पूजन से व्यक्ति को पुनर्जन्म अर्थात जन्म-मरण के चक्र से भी छुटकारा मिलता है। 
  • इस माह में अपने पापों के लिए पश्चाताप करने से भी आध्यात्मिक लाभ में वृद्धि होती है। 
  • कुंडली में मौजूद दोषों को दूर करने के लिए अधिक मास में विशेष पूजा या दोष निवारण पूजा करना लाभकारी माना जाता है।
  • इस माह में साधक पुराणों और धार्मिक ग्रंथों जैसे श्रीमद्भागवत पुराण, भविष्योत्तर पुराण, देवी भागवत और विष्णु पुराण का पाठ करते हैं।
  • अधिक मास का संबंध भगवान पुरुषोत्तम यानी कि विष्णु जी से है इसलिए इनके श्लोक विष्णु सहस्रनाम और सूक्तों का जाप करना फलदायी होता है। 

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अधिक मास 2026 में अवश्य करें ये 5 काम 

  1.  भगवान श्रीकृष्ण की पूजा: अधिक मास के स्वामी भगवान विष्णु हैं इसलिए इस महीने में भगवान विष्णु के अवतार नरसिंह जी और श्रीकृष्ण की पूजा शुभ मानी जाती है। इस मास में इन दोनों का पूजन आपके जीवन से सभी संकटों का नाश करता है। जो जातक अधिक मास में भगवान कृष्ण की पूजा, व्रत और उपासना करता है, उसको पापों से मुक्ति मिलती है और बैकुंठ प्राप्त होता है।
  2. स्नान और सेवा: पुरुषोत्तम मास जिसे अधिकमास भी कहते हैं। बता दें कि भगवान जगन्नाथ पुरी के क्षेत्र को पुरुषोत्तम क्षेत्र कहा जाता है और पुराणों में इस स्थान को धरती का बैकुंठ माना गया है। पुरुषोत्तम मास के दौरान जगन्नाथ की यात्रा को अत्यंत शुभ और कल्याणकारी माना जाता है। अगर ऐसा करना आपके लिए संभव न हो, तो आप गंगा या पवित्र नदियों के जल में स्नान करें। 
  3. व्रत: अधिक मास 2026 के दौरान व्रत करना फलदायी रहेगा अर्थात इस माह आप केवल एक समय भोजन करें। साथ ही, भोजन में चावल, गेहूं, मूंग, जौ, बथुआ, तिल, चौलाई, मटर, केला, ककड़ी, दूध, आंवला, घी, दही, पीपल, सोंठ, जीरा, इमली, मेथी, सेंधा नमक, शहतूत, पान-सुपारी आदि का सेवन करें। वहीं, मलमास में मांस, चावल का मांड, शहद, राई, उड़द, मूली, मसूर, लहसुन, प्याज, नशीले पदार्थ, बासी अन्न आदि को खाने से बचना चाहिए।  
  4. अखंड दीपक जलाएं: अधिक मास के दौरान शालिग्राम की मूर्ति के सामने घर के मंदिर में घी का अखंड दीपक पूरे महीने जलाकर रखें। शालिग्राम न होने की स्थिति में श्रीहरि विष्णु की मूर्ति या चित्र के समक्ष दीपक जलाएं। अधिकमास में इस उपाय को करने से जन्म-जन्मांतर के पाप नष्ट हो जाते हैं और जातक का जीवन सुख-शांति एवं समृद्धि से भर जाता है। 
  5. धार्मिक ग्रंथों का पाठ: अधिकमास के दौरान पुरुषोत्तम-माहात्म्य का पाठ लाभकारी सिद्ध होता है। अगर आप इसका पाठ न कर सकें, तप आप इस महीने में श्रीमद्भागवत की कथा अवश्य पढ़ें या फिर गीता के पुरुषोत्तम नाम के 14वें अध्याय का नियमित रूप से अर्थ सहित पाठ करें। मलमास में विष्णु सहस्रनाम का पाठ भी आप कर सकते हैं। 

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

1. हिंदू नववर्ष 2026 क्यों खास है?

इस साल हिंदू वर्ष 12 नहीं 13 महीने का होगा क्योंकि इस साल अधिक मास लगने जा रहा है। 

2. अधिक मास 2026 में कब और किस महीने में लगेगा?

इस साल अधिक मास 17 मई 2026 से लगेगा जो ज्येष्ठ माह में लगने जा रहा है।

3. अधिक मास में किसकी पूजा करें?

हिंदू धर्म में अधिक मास के स्वामी भगवान विष्णु को बताया गया है इसलिए इस माह इनका पूजन फलदायी सिद्ध होता है।    

टैरो साप्ताहिक राशिफल: 17 मई से 23 मई 2026

टैरो साप्ताहिक राशिफल (17 मई से 23 मई, 2026): ये सप्ताह रहेगा इन लोगों के लिए लकी?

टैरो साप्ताहिक राशिफल 17 मई से 23 मई 2026: दुनियाभर के कई लोकप्रिय टैरो रीडर्स और ज्योतिषियों का मानना है कि टैरो व्यक्ति की जिंदगी में भविष्यवाणी करने का ही काम नहीं करता बल्कि यह मनुष्य का मार्गदर्शन भी करता है। कहते हैं कि टैरो कार्ड अपनी देखभाल करने और खुद के बारे में जानने का एक ज़रिया है।

टैरो इस बात पर ध्यान देता है कि आप कहां थे, अभी आप कहां हैं या किस स्थिति में हैं और आने वाले कल में आपके साथ क्‍या हो सकता है। यह आपको ऊर्जा से भरपूर माहौल में प्रवेश करने का मौका देता है और अपने भविष्‍य के लिए सही विकल्प चुनने में मदद करता है। जिस तरह एक भरोसेमंद काउंसलर आपको अपने अंदर झांकना सिखाता है, उसी तरह टैरो आपको अपनी आत्‍मा से बात करने का मौका देता है।

आपको लग रहा है कि जैसे जिंदगी के मार्ग पर आप भटक गए हैं और आपको दिशा या सहायता की ज़रूरत है। पहले आप टैरो का मजाक उड़ाते थे लेकिन अब आप इसकी सटीकता से प्रभावित हो गए हैं या फिर आप एक ज्योतिषी हैं जिसे मार्गदर्शन या दिशा की ज़रूरत है। या फिर आप अपना समय बिताने के लिए कोई नया शौक ढूंढ रहे हैं। इन कारणों से या अन्‍य किसी वजह से टैरो में लोगों की दिलचस्पी काफी बढ़ गई है। टैरो डेक में 78 कार्ड्स की मदद से भविष्य के बारे में जाना जा सकता है। इन कार्ड्स की मदद से आपको अपने जीवन में मार्गदर्शन मिल सकता है।

टैरो की उत्पति 15वीं शताब्‍दी में इटली में हुई थी। शुरुआत में टैरो को सिर्फ मनोरंजन के रूप में देखा जाता था और इससे आध्‍यात्मिक मार्गदर्शन लेने का महत्‍व कम था। हालांकि, टैरो कार्ड का वास्तविक उपयोग 16वीं सदी में यूरोप के कुछ लोगों द्वारा किया गया जब उन्होंने जाना और समझा कि कैसे 78 कार्ड्स की मदद से भविष्य के बारे में जाना जा सकता है, उसी समय से इसका महत्व कई गुना बढ़ गया।

टैरो एक ऐसा ज़रिया है जिसकी मदद से मानसिक और आध्यात्मिक प्रगति को प्राप्‍त किया जा सकता है। आप कुछ स्‍तर पर अध्‍यात्‍म से, थोड़ा अपनी अंतरात्मा से और थोड़ा अपने अंतर्ज्ञान और आत्म-सुधार लाने से एवं बाहरी दुनिया से जुड़ें।

तो आइए अब इस साप्ताहिक राशिफल की शुरुआत करते हैं और जानते हैं कि 17 से 23 मई 2026 तक का यह सप्ताह राशि चक्र की सभी 12 राशियों के लिए किस तरह के परिणाम लेकर आएगा?

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टैरो साप्ताहिक राशिफल 17 मई से 23 मई 2026: राशि अनुसार राशिफल

मेष राशि

प्रेम जीवन: सिक्स ऑफ वैंड्स  

आर्थिक जीवन: जस्टिस

करियर: फोर ऑफ वैंड्स

स्वास्थ्य: एस ऑफ स्वॉर्ड्स (रिवर्स)

सिक्स ऑफ वैंड्स बताता है कि आपका रिश्ता सफल और खुशहाल रहेगा। यह जीत और सफलता का संकेत देने वाला कार्ड है। आपका पार्टनर आपको पाकर और आपको अपना साथी बनाकर खुद को बहुत गर्व और खुशी महसूस करता है। ज्योतिष के अनुसार, यह कार्ड सिंह राशि में बृहस्पति को दर्शाता है। बृहस्पति भाग्य, विस्तार और ज्ञान का ग्रह है, जबकि सिंह राशि शाही और आकर्षक व्यक्तित्व को दर्शाती है। इसका मतलब है कि आप दोनों मिलकर एक पावर कपल बन सकते हैं। साथ मिलकर आप बड़ी सफलता हासिल कर सकते हैं और लोगों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित करेंगे।

आर्थिक स्थिति की बात करें तो जस्टिस कार्ड बताता है कि आर्थिक मामलों में संतुलित और सोच-समझकर फैसले लेना बहुत जरूरी है। यह कार्ड चेतावनी देता है कि केवल तुरंत लाभ के पीछे भागने की बजाय लंबे समय की स्थिरता और ईमानदारी को महत्व दें। यह आपको सही तरीके से योजना बनाने और हर पहलू को ध्यान में रखकर निर्णय लेने की सलाह देता है। अगर आप अपनी नौकरी या स्थिति को लेकर असमंजस में हैं, तो फायदे और नुकसान को अच्छे से समझ कर ही निर्णय लें।

करियर की बात करें तो फोर ऑफ वैंड्स संकेत देता है कि आपके नए सफर या करियर में बहुत अच्छे अवसर मिलने वाले हैं। आप अपने काम से संतुष्ट महसूस करेंगे और आपके सहकर्मी भी आपकी मदद करेंगे। इस नए माहौल में आपको आगे बढ़ने के कई मौके मिलेंगे। बस ध्यान रखें कि आप अपने लक्ष्य से भटकें नहीं और फोकस बनाए रखें। अगर आप अपनी वर्तमान स्थिति को लेकर कंफ्यूज हैं, तो मेहनत जारी रखें, आपकी प्रगति और सफलता साफ दिखाई दे रही है और आपके लक्ष्य अब पास हैं।

स्वास्थ्य के क्षेत्र में एस ऑफ स्वॉर्ड्स (रिवर्स) कार्ड आने पर यह मानसिक उलझन, गलत निर्णय लेने की स्थिति और तनाव से जुड़ी समस्याओं का संकेत देता है। यह माइग्रेन, नर्वस सिस्टम से जुड़ी परेशानी या चोट (खासकर तेज चीजों से) का इशारा भी हो सकता है। इस समय आपको अपने मन को शांत रखने, ज्यादा सोचने से बचने और अपनी स्थिति का अच्छे से विश्लेषण करने की जरूरत है।

शुभ पौधा: केयेन मिर्च

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वृषभ राशि

प्रेम जीवन: नाइन ऑफ वैंड्स

आर्थिक जीवन: व्हील ऑफ फॉर्च्यून

करियर: सेवन ऑफ स्वॉर्ड्स

स्वास्थ्य: एट ऑफ कप्स

प्रेम जीवन की बात करें तो नाइन ऑफ वैंड्स कार्ड संकेत देता है कि आपके रिश्ते में मजबूती और संघर्ष करने की क्षमता बनी हुई है। यह कार्ड बताता है कि आप अपने रिश्ते को बचाने और आगे बढ़ाने के लिए हर मुश्किल का सामना करने के लिए तैयार हैं। चाहे बाहरी परिस्थितियां हों, दूरी हो या आपकी मतभेद, आप दोनों इन चुनौतियों से लड़ने का जज्बा रखते हैं। यह भी हो सकता है कि आपका पार्टनर अपने अंदर की समस्याओं से जूझ रहा हो, जैसे कि गलत आदतों या भटकाव, लेकिन  वह उन्हें सुधारने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। कुल मिलाकर, यह रिश्ता मजबूत है और आप दोनों इसे बचाने के लिए पूरी कोशिश करेंगे।

आर्थिक स्थिति में व्हील ऑफ फॉर्च्यून कार्ड निकाला है, तो यह आपकी आर्थिक स्थिति में अचानक बदलाव का संकेत देता है। यह बदलाव लाभ भी दे सकता है और हानि भी। यह कार्ड बताता है कि पैसों के मामले में स्थिरता हमेशा बनी नहीं रहती, बल्कि समय-समय पर उतार-चढ़ाव आते रहते हैं। इसलिए आपको हर परिस्थिति के लिए तैयार रहना चाहिए। यह भी दर्शाता है कि सफलता और असफलता एक चक्र की तरह घूमती रहती है, इसलिए समझदारी से फैसले लेना बेहद जरूरी है। 

करियर सेवन ऑफ स्वॉर्ड्स कार्ड संकेत देता है कि आपको अपनी नई नौकरी या कार्यक्षेत्र में बहुत समझदारी और सतर्कता के साथ आगे बढ़ना होगा। अपने आसपास के लोगों, ऑफिस के माहौल और काम की जिम्मेदारियों को ध्यान से समझें। किसी भी तरह के झूठे वादों या संदिग्ध स्थितियों से सावधान रहें। अगर कुछ भी गलत या अस्पष्ट लगे, तो अपने मन की आवाज़ जरूर सुनें और सवाल पूछने से न हिचकें। यह कार्ड आपको होशियार और सतर्क रहने की सलाह देता है। 

स्वास्थ्य के मामले में एट ऑफ कप्स यह संकेत देता है कि आपको अपनी भावनात्मक स्थिति पर ध्यान देने की जरूरत है। यह समय है यह सोचने का कि आप किन चीजों या भावनाओं से दूर जाना चाहते हैं और क्या आपकी आत्मा किसी बदलाव की मांग कर रही है। लंबे समय तक भावनात्मक थकान या अपने दिल की बात को नजरअंदाज करने से शरीर पर भी असर पड़ सकता है। इसलिए अपने अंदर की आवाज़ को सुनें और जो चीजें आपको नुकसान पहुंचा रही हैं, उन्हें छोड़कर आगे बढ़ें।

शुभ पौधा: अनार

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मिथुन राशि

प्रेम जीवन: नाइट ऑफ कप्स

आर्थिक जीवन: टेन ऑफ स्वॉर्ड्स

करियर: नाइन ऑफ पेंटाकल्स

स्वास्थ्य: द हीरोफेंट 

प्रेम जीवन में नाइट ऑफ कप्स बहुत ही रोमांटिक और खूबसूरत संकेत देता है। यह दिखाता है कि आपने अपने रिश्ते को संभालने और आगे बढ़ाने में बहुत अच्छा काम किया है, वाकई सराहनीय है। आमतौर पर यह कार्ड रिश्ते की शुरुआत या शुरुआती दिनों को दर्शाता है, लेकिन अगर यह लंबे समय के रिश्ते में आता है, तो इसका मतलब है कि आज भी आज भी आपके बीच प्यार, रोमांस और जुनून वैसा ही बना हुआ है। आपका रिश्ता ताजगी और भावनाओं से भरा है, जो इसे ख़ास और मजबूत बनाता है।

आर्थिक जीवन टेन ऑफ स्वॉर्ड्स कार्ड थोड़ा चुनौतीपूर्ण संकेत देता है। यह धोखा, हार या आर्थिक नुकसान भी ओर इशारा करता है। हो सकता है कि आपने किसी पर भरोसा किया हो या कोई फैसला लिया हो, जिसका परिणाम निराशाजनक रहा हो। यह कार्ड एक ऐसा समय को दर्शाता है जब आपको अपनी गलतियों या परिस्थितियों का सामना करना पड़ा सकता है। इसलिए अब आपको बेहद सोच-समझकर निर्णय लेने की जरूरत है, ताकि भविष्य में नुकसान से बचा जा सके। 

करियर में नाइन ऑफ पेंटाकल्स सकारात्मक कार्ड है, जो सफलता और उपलब्धियों का संकेत देता है। यह बताता है कि आपकी मेहनत अब रंग लाने वाली है और आपको उसका फल मिलने वाला है। जिस सफलता का आप लंबे समय से इंतजार कर रहे थे, वह अब आपके सामने है। यह कार्ड आत्मनिर्भरता, शक्ति और आर्थिक समृद्धि का भी प्रतीक है। आप अपने दम पर आगे बढ़ रहे हैं और एक मजबूत पहचान बना रहे हैं।

स्वास्थ्य के मामले द हीरोफेंट यह कार्ड सलाह देता है कि आपको पारंपरिक और प्रमाणित तरीकों पर भरोसा करना चाहिए। डॉक्टर की सलाह, नियमित दिनचर्या और सही इलाज को अपनाना आपके लिए फायदेमंद रहेगा। किसी भी अनजाने या प्रयोगात्मक तरीकों से बचें और स्थापित चिकित्सा पद्धतियों का पालन करें। सही मार्गदर्शन और अनुशासन से ही आप बेहतर स्वास्थ्य प्राप्त कर सकते हैं।

शुभ पौधा: लैवेंडर

कर्क राशि 

प्रेम जीवन: नाइन ऑफ स्वॉर्ड्स

आर्थिक जीवन: किंग ऑफ पेंटाकल्स

करियर:  टेम्पेरेन्स 

स्वास्थ्य: डेथ 

कर्क राशि के प्रेम जीवन में नाइन ऑफ स्वॉर्ड्स रोमांटिक ऊर्जा नहीं मानी जाती है। यह ऊर्जा ज्यादा दिमागी और प्रोफेशनल होती है न कि भावनात्मक। कई बार इसे लोग रुचि की कमी समझ लेते हैं, लेकिन ऐसा जरूरी नहीं है कि रिश्ता बन ही नहीं सकता। इसका मतलब सिर्फ इतना है कि आपको यह समझने की जरूरत है कि सामने वाला इंसान प्यार और रिश्तों को किस नजर से देखता है। जब आप उसकी सोच को समझ लेंगे, तब ही आप यह तय कर पाएंगे कि यह रिश्ता आगे बढ़ सकता है या नहीं।

आर्थिक जीवन में किंग ऑफ पेंटाकल्स बहुत ही शानदार और मजबूत संकेत देता है। यह एक ऐसे समय को दर्शाता है जब आपको बड़ी उपलब्धियां और आर्थिक मजबूती मिलने वाली है। आपकी मैनेजमेंट स्किल्स और लीडरशिप क्वालिटी आपको सफलता की ओर ले जा रही हैं। अगर आप करियर बदलने का सोच रहे हैं, तो यह कार्ड बताता है कि आपके पास पैसा कमाने और प्रभावशाली बनने की जबरदस्त क्षमता है। आपकी समझदारी  और प्रैक्टिकल सोच आपको ऊंचाई तक ले जाएगी। 

करियर में टेम्पेरेन्स का मतलब है संतुलन बनाकर चलना। ज्यादा काम का बोझ लेना या खुद को ओवरवर्क करना आपके लिए सही नहीं रहेगा। सफलता का असली राज है, पर्सनल और प्रोफेशनल लाइफ के बीच सही बैलेंस बनाना। यह कार्ड आपको सिखाता है कि आप सीखने के लिए तैयार रहें, अच्छा प्रदर्शन करें, लेकिन साथ ही खुद को नई परिस्थितियों में ढलने का समय भी दें। अपनी क्षमताओं को काम की जरूरतों के साथ सही तरीके से मिलना बहुत जरूरी है। जो लोग अपने मौजूदा काम को लेकर कंफ्यूज हैं, उनके लिए यह सलाह है कि बिना सोचे-समझे खुद को थकाएं नहीं और अपनी जरूरतों को नजरअंदाज न करें। 

स्वास्थ्य के मामले में डेथ कार्ड का मतलब वास्तविक मृत्यु नहीं होता, बल्कि यह एक बड़े बदलाव का संकेत देता है। यह दर्शाता है कि अब समय आ गया है कि आप अपनी पुरानी गलत आदतों को छोड़ें और एक हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाएं। यह एक नया दौर शुरू होने का संकेत है, जहां आप खुद को बेहतर बना सकते हैं। अगर आप अपनी सेहत को लेकर गंभीर बदलाव करते हैं, तो आपको सकारात्मक परिणाम जरूर मिलेंगे।

शुभ पौधा: पुदीना

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सिंह राशि

प्रेम जीवन: नाइन ऑफ कप्स

आर्थिक जीवन: स्ट्रेंथ

करियर: क्वीन ऑफ पेंटाकल्स

स्वास्थ्य: क्वीन ऑफ वैंड्स

बात करें सिंह राशि के प्रेम जीवन में नाइन ऑफ कप्स बहुत ही शुभ संकेत देता है। यह बताता है कि आप अपने रिश्ते में बेहद खुश और संतुष्ट हैं। आप दोनों खुद को एक-दूसरे के जीवन में पाकर बहुत भाग्यशाली महसूस करते हैं। इस कार्ड को अक्सर संतुष्टि और गर्व का कार्ड भी कहा जाता है, इसलिए हो सकता है कि कुछ लोगों को आपका रिश्ता देखकर ईर्ष्या हो। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि आप अपनी खुशियों को रोक लें। बिना किसी परवाह के आप दोनों को अपने रिश्ते को खुलकर और पूरे दिल से जीना चाहिए।

आर्थिक मामलों में यह कार्ड दर्शाता है कि आप अपनी मेहनत, धैर्य और अंदरूनी ताकत दे दम पर सफलता हासिल करेंगे। रास्ते में चुनौतियां जरूर आ सकती हैं, लेकिन आपकी हिम्मत और दृढ़ निश्चय आपको हर मुश्किल से बाहर निकाल देगा। यह कार्ड संकेत देता है कि आप अपने आत्मबल और सहनशक्ति का सही इस्तेमाल करके आर्थिक स्थिरता और सुरक्षा प्राप्त कर सकते हैं। 

करियर में क्वीन ऑफ पेंटाकल्स बताता है कि अगर आप अपने वर्तमान काम को लेकर असमंजस में हैं, तो आपको यह देखना चाहिए कि क्या आपकी नौकरी आपके लक्ष्य और मूल्यों के अनुसार है या नहीं। अगर नहीं तो बदलाव करने या नए विकल्प तलाशने का समय आ सकता है। यह कार्ड यह भी सिखाता है कि सिर्फ पैसा कामना ही सब कुछ नहीं है, बल्कि अपने काम में संतुष्टि और उद्देश्य का होना भी उतना ही जरूरी है।  इसलिए सोच-समझकर और समझदारी से निर्णय लें। 

स्वास्थ्य के मामले में क्वीन ऑफ वैंड्स बहुत ही सकारात्मक संकेत देता है। यह मजबूत ऊर्जा, उत्साह और तेजी से रिकवरी का प्रतीक है। अगर आप किसी बीमारी या कमजोरी से जूझ रहे हैं, तो यह कार्ड बताता है कि आप जल्द ही बेहतर महसूस करेंगे। यह आपको सलाह देता है कि आप आत्मविश्वास, सकारात्मक सोच और सक्रियता के साथ अपनी सेहत का ध्यान रखें। यह कार्ड गर्भधारण के लिए भी एक अच्छा संकेत माना जाता है और बताता है कि आप अपने स्वास्थ्य को सही तरीके से संभालकर अच्छी स्थिति में ला सकते हैं।

शुभ पौधा: कैमोमाइल

कालसर्प दोष रिपोर्ट – काल सर्प योग कैलकुलेटर

कन्या राशि 

प्रेम जीवन: नाइट ऑफ पेंटाकल्स

आर्थिक जीवन: टू ऑफ कप्स

करियर: एट ऑफ स्वॉर्ड्स

स्वास्थ्य: नाइन ऑफ कप्स

कन्या राशि के जातकों को प्रेम जीवन में नाइट ऑफ पेंटाकल्स यह दर्शाता है कि आपका पार्टनर बहुत ही सच्चे इरादों वाला है और उसे यह अच्छे से पता है कि वह रिश्ते से क्या चाहता है। भले ही कुछ लोग उसे थोड़ा बोरिंग मानें, लेकिन कई बार यह स्थिरता और सादगी रिश्ते को मजबूत बनाती है। यह व्यक्ति खेल या टाइमपास में विश्वास नहीं रखता। जब भी वह किसी रिश्ते में आता है, तो उसके पीछे लंबी अवधि की सोच होती है। वह सिर्फ आकर्षण या थोड़े समय की खुशी के लिए रिश्ता नहीं बनाता, बल्कि ऐसे व्यक्ति के साथ जुड़ता है जिस पर वह भरोसा कर सके और जिसके साथ भविष्य देख सके।

आर्थिक जीवन में टू ऑफ कप्स के अनुसार आर्थिक सफलता पाने के लिए मजबूत रिश्ते और सही साझेदारी बहुत जरूरी होगी। यह कार्ड बताता है कि प्रोफेशनल रिलेशनशिप्स और बिजनेस पार्टनरशिप आपके लिए फायदे का सौदा साबित हो सकती हैं। टीमवर्क और आपसी सहयोग से आप अपने करियर में आर्थिक उन्नति हासिल कर सकते हैं। अगर आप किसी नए करियर या बिजनेस के बारे में सोच रहे हैं, तो सही लोगों के साथ जुड़ना आपको शानदार अवसर दिला सकता है।

करियर के मामले में यह कार्ड संकेत देता है कि आपको अपने सोचने के तरीके पर दोबारा विचार करने की जरूरत है। हो सकता है कि आप खुद ही अपनी क्षमताओं को कम आंक रहे हों या अपने ऊपर बेवजह की सीमाएं लगा रहे हों। यह कार्ड आपको प्रेरित करता है कि आप अपने डर और नकारात्मक सोच से बाहर निकलें। याद रखें, हर कोई शुरुआत में नया होता है, और मेहनत व धैर्य से आप अपने नए काम में सफल हो सकते हैं। यह कार्ड यह भी बताता है कि आपकी सफलता आपके अपने हाथ में है, बस आपको अपने करियर की जिम्मेदारी खुद लेनी होगी। 

स्वास्थ्य के मामले में नाइन ऑफ कप्स बहुत ही शुभ संकेत देता है। यह अच्छे स्वास्थ्य, ऊर्जा और मानसिक संतुष्टि का प्रतीक है। अगर आप किसी बीमारी से जूझ रहे थे, तो अब सुधार देखने को मिल सकता है या आपकी कोई हेल्थ से जुड़ी इच्छा पूरी हो सकती है। आप अपने शरीर और स्वास्थ्य से खुश महसूस करेंगे। हालांकि, यह कार्ड एक छोटी सी चेतावनी भी देता है कि जरूरत से ज्यादा आराम या लापरवाही न करें, वरना संतुलन बिगड़ सकता है।

शुभ पौधा: सोआ

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तुला राशि 

प्रेम जीवन: किंग ऑफ वैंड्स

आर्थिक जीवन: द हैंग्ड मैन

करियर: क्वीन ऑफ कप्स

स्वास्थ्य: सेवन ऑफ वैंड्स

बात करें तुला राशि के जातकों की तो किंग ऑफ वैंड्स कार्ड एक जोशीली और नई शुरुआत का संकेत देता है।यह एक परिपक्व प्रेम को दर्शाता है, जहां सामने वाला व्यक्ति शुरुआत से ही साफ होता है कि उसे रिश्ते से क्या चाहिए। भले ही उसे लोगों का काफी ध्यान मिलता हो, लेकिन वह पूरी तरह अपना फोकस सिर्फ आप पर रखेगा। यह मत सोचिए कि यह परिपक्व व्यक्ति बोरिंग होगा किंग ऑफ वैंड्स टैरो में सबसे ज्यादा मस्ती करने वाला और जिंदगी को एन्जॉय करने वाला माना जाता है। आपका पार्टनर आपको बाहर घुमाने, नए अनुभव देने और अलग-अलग चीजें एक्सप्लोर करने के लिए हमेशा उत्साहित रहेगा।

आर्थिक जीवन में द हैंग्ड मैन सलाह देता है कि कोई भी बड़ा फैसला लेने से पहले धैर्य रखें और अच्छे से सोच-विचार करें। जल्दबाजी में लिया गया निर्णय नुकसान पहुंचा सकता है। यह कार्ड संकेत देता है कि अगर आप विकल्प को ध्यान से समझेंगे और थोड़ा समय देंगे, तो आपको बेहतर और सही निर्णय लेने में मदद मिलेगी। कभी-कभी चीज़ों को अलग नजरिए से देखना ही सही रास्ता दिखाता है।

करियर क्वीन ऑफ कप्स बताती है कि अगर आप नई नौकरी शुरू कर रहे हैं, तो अच्छे रिश्ते बनाना आपकी सफलता की कुंजी होगा। आपके लोगों से जुड़ने की क्षमता और एक सकारात्मक माहौल बनाने की कला आपको आगे बढ़ाएगी। आपको खुले दिल से लोगों से बात करनी चाहिए और फीडबैक को स्वीकार करना चाहिए। अपने सहकर्मियों और क्लाइंट्स के प्रति सहानुभूति रखें और उनकी जरूरतों को समझने की कोशिश करें। अगर आप अपने वर्तमान काम को लेकर कंफ्यूज हैं, तो अपने इमोशंस को संतुलित रखें और ऐसा काम ढूंढें जिसमें आपको संतुष्टि मिले। 

स्वास्थ्य के मामले में सेवन ऑफ वैंड्स यह बताता है कि आपको अपनी सेहत की सुरक्षा के लिए खुद आगे आना होगा। आपको मजबूत इरादे और हिम्मत के साथ अपनी हेल्थ से जुड़ी चुनौतियों का सामना करना होगा। यह कार्ड दिखाता है कि आप में समस्याओं से लड़ने की ताकत है, लेकिन साथ ही यह चेतावनी भी देता है कि ज्यादा तनाव और दबाव से बर्नआउट हो सकता है। इसलिए अपनी ऊर्जा को संभालकर रखें और खुद का ध्यान रखना न भूलें।

शुभ पौधा: तुलसी

वृश्चिक राशि

प्रेम जीवन: थ्री ऑफ कप्स

आर्थिक जीवन:  द हाई प्रीस्टेस

करियर: पेज ऑफ कप्स

स्वास्थ्य: एस ऑफ पेंटाकल्स 

बात करें वृश्चिक राशि की लव लाइफ की तो थ्री ऑफ कप्स ऐसे रिश्ते का संकेत देता है जो जश्न मनाने लायक है। आप दोनों एक-दूसरे के साथ खुश रहते हैं और समाज में भी आपकी अच्छी पहचान बनती है। यह पावर कपल वाला कार्ड भले न हो, लेकिन आप दोनों की जोड़ी लोगों के बीच पसंद की जाती है और सम्मान पाती है। यह कार्ड खुशहाली और प्रचुरता का भी प्रतीक है, इसलिए आप एक-दूसरे के लिए लकी साबित हो सकते हैं। साथ ही, आपका पार्टनर आपका मजबूत सपोर्ट सिस्टम होगा और आप भी उसे हर कदम पर सपोर्ट करेंगे। आप दोनों हमेशा एक-दूसरे को अपने सपनों को पूरा करने के लिए प्रेरित करेंगे।

आर्थिक जीवन में द हाई प्रीस्टेस कार्ड बताती है कि आर्थिक फैसले लेते समय आपको सिर्फ दिखावे पर नहीं, बल्कि अपनी अंतरात्मा पर भरोसा करना चाहिए। हो सकता है कि जो चीज़ें ऊपर से साफ न दिख रही हों, उनका सही जवाब आपके अंदर ही छुपा हो। यह कार्ड संकेत देता है कि आपकी फाइनेंशियल स्थिति में कुछ छुपे हुए पहलू या मौके हो सकते हैं, जिन्हें पहचानने की जरूरत है। अगर आप अपने करियर या पैसों को लेकर गहराई से सोचेंगे, तो आपको सही दिशा मिल सकती है।

करियर में पेज़ ऑफ कप्स सलाह देता है कि आप अपने फैसले क्रिएटिविटी और दिल की आवाज के आधार पर लें। जो चीज़ आपको अंदर से खुशी दे, उसी दिशा में आगे बढ़ें। नए अवसरों को अपनाने से न डरें, खासकर वे जो आपके जुनून और मूल्यों से मेल खाते हों। खुले दिमाग से सोचें और समझदारी से रिस्क लेने के लिए तैयार रहें, इससे आपको अपने काम में ज्यादा संतुष्टि और खुशी मिल सकती है। 

स्वास्थ्य के मामले में एस ऑफ पेंटाकल्स बहुत ही अच्छा संकेत देता है। यह अच्छे स्वास्थ्य, ऊर्जा और नई शुरुआत का प्रतीक है। अगर आप कोई नया फिटनेस रूटीन, डाइट या हेल्थ प्लान शुरू करना चाहते हैं, तो यह सही समय है। यह कार्ड दर्शाता है कि आप अपनी सेहत में निवेश करेंगे और उसका सकारात्मक परिणाम भी पाएंगे। अगर आप पहले किसी बीमारी से गुजर रहे थे, तो अब सुधार और रिकवरी के अच्छे संकेत हैं।

शुभ पौधा: एलोवेरा

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धनु राशि

प्रेम जीवन: नाइन ऑफ स्वॉर्ड्स

आर्थिक जीवन: पेज़ ऑफ स्वॉर्ड्स

करियर: सिक्स ऑफ स्वॉर्ड्स

स्वास्थ्य: सेवन ऑफ कप्स

अगर आप प्रेम जीवन की बात करें तो धनु राशि के लिए नाइन ऑफ स्वॉर्ड्स कार्ड संकेत देता है कि इस समय आपको अपनी मानसिक शांति और भावनात्मक स्वास्थ्य को सबसे पहले रखना चाहिए। यह समय है खुद के प्रति और अपने पार्टनर के प्रति दया और समझदारी दिखाने का। अगर कोई व्यक्ति तलाक या ब्रेकअप जैसी मुश्किल स्थिति से गुजर रहा है, तो उसे नई रिलेशनशिप के लिए मजबूर न करें। वहीं, अगर आप खुद भी कई चेतावनी संकेत के बावजूद सिर्फ अकेलेपन से बचने के लिए रिश्ता बना रहे हैं, तो रुककर सोचने की जरूरत है। याद रखें, मानसिक सुकून उतना ही जरूरी है जितना शारीरिक स्वास्थ्य।

आर्थिक स्थिति की बात करें तो पेज़ ऑफ स्वॉर्ड्स बताता है कि पैसों से जुड़े नए आइडियाज या अवसरों में आपको सतर्क रहना चाहिए। अच्छी तरह रिसर्च करें, हर जानकारी को समझें और फिर प्लान बनाएं। यह समय सीखने और जानकारी इकट्ठा करने का है। हो सकता है कि कुछ फाइनेंशियल न्यूज या परिणाम देर से मिलें इसलिए धैर्य रखें। जल्दबाजी में फैसले लेने से बचें और सोच-समझकर, लॉजिकल तरीके से निर्णय लें।

करियर के मामले में सिक्स ऑफ स्वॉर्ड्स यह संकेत देता है कि अब समय है अपने पिछले  अनुभवों से सीख लेने का और उन्हें भविष्य में लागू करने का। अपने मन में कोई नकारात्मक भावना या पुराने गिले-शिकवे हैं, तो उन्हें छोड़ दें क्योंकि ये आपकी प्रोफेशनल ग्रोथ को रोक सकते हैं। यह कार्ड टीमवर्क और अच्छी कम्युनिकेशन पर जोर देता है। अपने सहकर्मियों के साथ मिलकर काम करने से आप शुरुआत की समस्याओं को आसानी से सुलझा सकते हैं और एक बेहतर कार्य वातावरण बना सकते हैं। 

स्वास्थ्य के मामले में सेवन ऑफ कप्स यह बताता है कि आपको भ्रम और ज्यादा विकल्पों से बाहर निकलकर स्पष्टता लानी होगी। बहुत सारे ऑप्शन या जल्दी-जल्दी बदलने वाली हेल्थ आदतें आपको कंफ्यूज कर सकती हैं। इसलिए फोकस करें उन आदतों पर जो लंबे समय तक फायदा दें। यह कार्ड यह भी चेतावनी देता है कि ज्यादा तनाव और मानसिक दबाव से हो सकता है,  सही दिशा में आगे बढ़ें।

 शुभ पौधा: जैतून का पौधा

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मकर राशि

प्रेम जीवन: द वर्ल्ड

आर्थिक जीवन: सिक्स ऑफ स्वॉर्ड्स 

करियर: किंग ऑफ स्वॉर्ड्स

स्वास्थ्य: एट ऑफ कप्स

प्रेम जीवन में द वर्ल्ड कार्ड पूरी संतुष्टि, किसी चीज के पूरा होने और गहरे संतुलन को दर्शाता है। यह किसी बड़े बदलाव का संकेत भी देता है, जैसे शादी, जीवन का नया अध्याय या खुद से गहरा प्यार करना। यह कार्ड बताता है कि एक पुराना दौर खत्म हो रहा है और अब नई शुरुआत होगी, जिसमें खुशी, संतोष और एक जुड़ाव का एहसास रहेगा। जो लोग सिंगल हैं, उनके लिए इसका मतलब है कि वे खुद में खुश रहेंगे या उन्हें उनका सही साथी मिल सकता है। जो कपल्स हैं, उनके बीच गहरी समझ और एक जैसे लक्ष्य होंगे, जिससे या तो रिश्ता और मजबूत होगा या शांति से अलग होने का फैसला भी हो सकता है। 

आर्थिक जीवन की बात करें तो, अगर आप पैसों के मामले में भविष्य जानना चाहते हैं, तो सिक्स ऑफ स्वॉर्ड्स कार्ड आता है, तो यह संकेत देता है कि आपकी आर्थिक स्थिति अब ज्यादा सुरक्षित और स्थिर होने वाली है। यह कार्ड बताता है कि आप कठिन समय को पार करके अब ऐसे दौर में जा रहे हैं, जहां सब कुछ पहले से ज्यादा साफ आसान और नियंत्रण में होगा। 

करियर में किंग ऑफ स्वॉर्ड्स यह दिखाता है कि आप एक समझदार और भरोसेमंद व्यक्ति हैं, जिसे पता है कि वह क्या चाहता है। आपको अपनी क्षमताओं पर पूरा विश्वास है और आप सही व मजबूत फैसले लेने की क्षमता रखते हैं। इसलिए सारात्मक बने रहे और अपने दिल की सुनकर फैसले लें, क्योंकि आगे आपके लिए अच्छे मौके आने वाले हैं। ज्यादा चिंता न करें क्योंकि  ब्रह्मांड को पता है कि आप सही दिशा में जा रहे हैं। 

स्वास्थ्य के मामले में, एट ऑफ कप्स यह बताता है कि आपको अपनी उन आदतों, रूटीन या भावनात्मक पैटर्न को छोड़ना होगा जो आपकी सेहत के लिए सही नहीं हैं। यह कार्ड मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान देने, संतुलित जीवनशैली अपनाने और जरूरत पड़ने पर आराम करने की सलाह देता है। 

शुभ पौधा: लकी बैंबू

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कुंभ राशि

प्रेम जीवन: जजमेंट

आर्थिक जीवन: नाइट ऑफ वैंड्स 

करियर: द एम्प्रेस

स्वास्थ्य: फाइव ऑफ स्वॉर्ड्स 

कुंभ राशि के जातकों के प्रेम जीवन में जजमेंट कार्ड यह संकेत देता है कि आप और आपका पार्टनर मानते हैं कि यह रिश्ता किस्मत से बना है। अगर आप दोनों में से किसी का पहले प्यार में बुरा अनुभव रहा है, तो अब आप एक-दूसरे को अच्छे कर्म की तरह देख सकते हैं। यह रिश्ता बहुत गहरा और आध्यात्मिक जुड़ाव लेकर आता है, जो आपको जीवन के सही रास्ते की ओर आगे बढ़ाता है। इस रिश्ते में सोच समझ, आत्म विकास और गहराई होती है। जैसे-जैसे आप दोनों एक-दूसरे के साथ आगे बढ़ते हैं और बदलते हैं, वैसे-वैसे रिश्ते की कुछ चुनौतियां भी सामने आ सकती हैं। लेकिन इन्हें समझने के बाद  आप अपने रिश्ते को और मजबूत करने और कमिटमेंट बढ़ाने की इच्छा रखते हैं। 

आर्थिक स्थिति के लिए, नाइट ऑफ वैंड्स सलाह देता है कि अगर आप अपनी फाइनेंशियल स्थिति सुधारना चाहते हैं, तो आपको खुद आगे बढ़कर कदम उठाने होंगे। यह कार्ड बताता है कि पैसों के मामलों में एक्टिव और आत्मविश्वासी बनें, नए मौके तलाशें और इनकम बढ़ाने के लिए हिम्मत से फैसले लें। अगर आप पहल करेंगे और बड़े कदम उठाएंगे, तो अच्छे परिणाम मिल सकते हैं। 

करियर के मामले में, एम्प्रेस कार्ड यह दर्शाता है कि आप खुद को बेहतर बनाने और अपनी क्रिएटिविटी को पहचानने के रास्ते पर हैं। यह समय आपके लिए बहुत शुभ है, आप अपनी स्किल्स को निखार सकते हैं, नई चीजें सीख सकते हैं और अपने काम में अच्छा योगदान दे सकते हैं। अपने साथ काम करने वालों से सीखते रहें और जो भी मौके मिलें, उनका पूरा फायदा उठाएं। आपकी मेहनत और लगन का सही फल मिलेगा और करियर में सफलता के रास्ते खुलेंगे।

स्वास्थ्य के मामले में, फाइव ऑफ स्वॉर्ड्स यह बताता है कि आप बहुत ज्यादा तनाव, मानसिक थकान या किसी बीमारी से उबरने की स्थिति में हो सकते हैं। यह संकेत देता है कि लगातार संघर्ष करने से आप थक चुके हैं। अब आपको थोड़ा रुककर आराम करने, अपनी ऊर्जा बचाने और खुद को नुकसान पहुंचाने वाली आदतों से दूर रहने की जरूरत है। 

शुभ पौधा: पैशन फ्लावर

मीन राशि

प्रेम जीवन: फाइव ऑफ स्वॉर्ड्स

आर्थिक जीवन: फोर ऑफ स्वॉर्ड्स

करियर: द सन

स्वास्थ्य: टेन ऑफ स्वॉर्ड्स (रिवर्स)

मीन राशि के प्रेम जीवन की बात करें तो फाइन ऑफ स्वॉर्ड्स यह संकेत देता है कि आने वाले रिश्ते में झगड़े, तनाव और मतभेद ज्यादा हो सकते हैं। आप या आपका पार्टनर दोनों में से कोई एक या दोनों ही पुराने रिश्तों के दर्द से अभी पूरी तरह बाहर नहीं आए हैं। अक्सर जो लोग खुद आहत होते हैं, वहीं दूसरों को भी आहत कर देते हैं। जब हम किसी से प्यार करते हैं, तो हम उनकी पुरानी तकलीफों को ठीक करने की कोशिश करते हैं, लेकिन इसके साथ ही आपको अपनी सीमाएं तय करना बहुत जरूरी है। खुद को बचाने के लिए एक स्पष्ट लाइन खीचें, ताकि आप दोबारा किसी दर्द से न गुजरे।

आर्थिक जीवन में फोर ऑफ स्वॉर्ड्स बताता है कि आपको  “फाइनेंशियल ब्रेक” लेने की जरूरत है। यानी कुछ समय के लिए पैसों की ज्यादा चिंता, प्लानिंग या बड़ा निवेश से दूर रहें।यह समय आराम करने और पिछली आर्थिक परेशानियों या खर्चों से उबरने का है। जल्दबाजी में कोई फैसला लेने के बजाय, शांति से अपनी स्थिति को समझें और फिर आगे बढ़ें।

करियर के मामले में द सन कार्ड बहुत शुभ संकेत देता है। यह सफलता, पॉजिटिविटी और एनर्जी से भरा समय दर्शाता है। आपकी मेहनत का फल मिलने वाला है, प्रमोशन, अच्छी नौकरी या नए मौके मिल सकते हैं। यह ‘हां’ कार्ड है, यानी अब अपने लक्ष्यों के पीछे पूरे आत्मविश्वास के साथ जाने का सही समय है और अपनी उपलब्धियों को दिखाने का भी।

स्वास्थ्य के मामले में, टेन ऑफ स्वॉर्ड्स (रिवर्स) यह दर्शाता है कि अब आप धीरे-धीरे ठीक हो रहे हैं और मुश्किल समय पीछे छूट रहा है। आपकी ताकत वापस आ रही है और सेहत में सुधार होगा, भले ही रिकवरी थोड़ी लंबी चले। साथ ही यह चेतावनी भी देता है कि पुरानी गलत आदतों की ओर वापस न जाएं। 

शुभ पौधा: वाटर लिली 

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इसी आशा के साथ कि, आपको यह लेख भी पसंद आया होगा एस्ट्रोसेज के साथ बने रहने के लिए हम आपका बहुत-बहुत धन्यवाद करते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

1. क्या टैरो के सवाल ओपन-एंडेड हो सकते हैं?

सटीकता और सही मार्गदर्शन के लिए, ओपन-एंडेड सवालों के बजाय सही ढंग से बनाए गए सवाल ज़रूरी होते हैं।

2. क्या टैरो लंबे समय से जुड़े सवालों के जवाब दे सकता है?

नहीं, टैरो सबसे सटीक जवाब तब देता है जब सवाल कम समय के लक्ष्यों या घटनाओं के बारे में पूछे जाते हैं।

3. क्या ‘द एम्प्रेस’ एक माइनर आर्काना कार्ड है?

‘द एम्प्रेस’ एक मेजर आर्काना कार्ड है।

अंक ज्योतिष साप्ताहिक राशिफल (17 से 23 मई 2026)

अंक ज्योतिष साप्ताहिक राशिफल: 17 मई से 23 मई, 2026

कैसे जानें अपना मुख्य अंक (मूलांक)? 

अंक ज्योतिष साप्ताहिक भविष्यफल जानने के लिए अंक ज्योतिष मूलांक का बड़ा महत्व है। मूलांक जातक के जीवन का महत्वपूर्ण अंक माना गया है। आपका जन्म महीने की किसी भी तारीख़ को होता है, उसको इकाई के अंक में बदलने के बाद जो अंक प्राप्त होता है, वह आपका मूलांक कहलाता है। मूलांक 1 से 9 अंक के बीच कोई भी हो सकता है, उदाहरणस्वरूप- आपका जन्म किसी महीने की 10 तारीख़ को हुआ है तो आपका मूलांक 1+0 यानी 1 होगा। 

इसी प्रकार किसी भी महीने की 1 तारीख़ से लेकर 31 तारीख़ तक जन्मे लोगों के लिए 1 से 9 तक के मूलांकों की गणना की जाती है। इस प्रकार सभी जातक अपना मूलांक जानकर उसके आधार पर साप्ताहिक राशिफल जान सकते हैं।

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अपनी जन्मतिथि से जानें साप्ताहिक अंक राशिफल (17 मई से 23 मई, 2026)

अंक ज्योतिष का हमारे जीवन पर सीधा प्रभाव पड़ता है क्योंकि सभी अंकों का हमारे जन्म की तारीख़ से संबंध होता है। नीचे दिए गए लेख में हमने बताया है कि हर व्यक्ति की जन्म तिथि के हिसाब से उसका एक मूलांक निर्धारित होता है और ये सभी अंक अलग-अलग ग्रहों द्वारा शासित होते हैं। 

जैसे कि मूलांक 1 पर सूर्य देव का आधिपत्य है। चंद्रमा मूलांक 2 का स्वामी है। अंक 3 को देव गुरु बृहस्पति का स्वामित्व प्राप्त है, राहु अंक 4 का राजा है। अंक 5 बुध ग्रह के अधीन है। 6 अंक के राजा शुक्र देव हैं और 7 का अंक केतु ग्रह का है। शनिदेव को अंक 8 का स्वामी माना गया है। अंक 9 मंगल देव का अंक है और इन्हीं ग्रहों के परिवर्तन से जातक के जीवन में अनेक तरह के परिवर्तन होते हैं।

 बृहत् कुंडली में छिपा है, आपके जीवन का सारा राज, जानें ग्रहों की चाल का पूरा लेखा-जोखा

मूलांक 1

(अगर आपका जन्म किसी भी महीने की 1, 10, 19, 28 तारीख़ को हुआ है)

इस नंबर में जन्मे लोग इस अंक में जन्म लेने वाले लोगों में इस समय ज्यादा दृढ़ निश्चय और आत्मविश्वास देखने को मिलेगा। उनके विचारों में सकारात्मक बदलाव आएगा, जिससे जीवन में आगे बढ़ने के अवसर मिलेंगे। उनके सोचने का तरीका और बेहतर होगा, जिसका असर उनकी पूरी जिंदगी पर पड़ सकता है।

प्रेम जीवन: इस सप्ताह जीवनसाथी के साथ आपका रिश्ता अच्छा और संतुलित रहेगा। आप दोनों के बीच आपसी समझ और अच्छी बातचीत होगी, जिससे आपके चेहरे पर खुशी बनी रहेगी। 

शिक्षा: इस हफ्ते आप अपनी पढ़ाई को ज्यादा प्रोफेशनल तरीके से सुधारने के लिए सकारात्मक कदम उठा सकते हैं। पढ़ाई में ध्यान और मेहनत बढ़ेगी।

पेशेवर जीवन: नौकरी में आप अच्छा प्रदर्शन करेंगे। अगर आप सरकारी क्षेत्र में हैं, तो यह सप्ताह आपके लिए सुनहरे समय जैसा रहेगा। अगर आप व्यापार करते हैं, तो आउटसोर्स डीलिंग्स या बाहरी संपर्कों के माध्यम से अच्छा लाभ मिल सकता है।

स्वास्थ्य: इस सप्ताह आपका स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। आप खुश और उत्साहित महसूस करेंगे। नियमित व्यायाम करने से आप और ज्यादा फिट रहेंगे और अच्छी सेहत का आनंद लेंगे।

उपाय: प्रतिदिन “ॐ रुद्राय नमः” मंत्र का 19 बार जप करें। 

मूलांक 2

(अगर आपका जन्म किसी भी महीने की 2, 11, 20, 29 तारीख़ को हुआ है)

इस हफ्ते आप फैसले लेते समय थोड़ा डगमगा सकते हैं। मन एक जगह टिक नहीं पाएगा, जिससे आगे बढ़ने में रुकावट आ सकती है। इसलिए इस सप्ताह आपको पहले से योजना बनाकर चलना चाहिए और हर काम को सोच समझकर करना चाहिए, तभी अच्छे परिणाम मिलेंगे।

प्रेम संबंध: जीवनसाथी के साथ छोटी-मोटी बहस हो सकती है। कोशिश करें कि बात बढ़े नहीं। रिश्ते में खुशी बनाए रखने के लिए आपको थोड़ा समझौता और तालमेल बैठाना जरूरी होगी।

शिक्षा: पढ़ाई में आपको समझदारी और तर्क का इस्तेमाल करना होगा ताकि आप अपने साथियों से अलग पहचान बना सकें। ध्यान भटक सकता है, इसलिए फोकस बढ़ाने की जरूरत है। मन लगाकर पढ़ेंगे तो अच्छा प्रदर्शन कर पाएंगे।

पेशेवर जीवन: अगर आप नौकरी करते हैं, तो काम में कुछ उतार-चढ़ाव या अस्थिरता रह सकती है, जिससे आगे बढ़ने में रुकावट महसूस हो सकती है। अगर आप व्यापार करते हैं, तो प्रतिस्पर्धियों के दबाव के कारण नुकसान की स्थिति बन सकती है। इसलिए सोच-समझकर फैसले लें।

सेहत: सेहत के मामले में आपको थोड़ा सावधान रहने की जरूरत है। खांसी जैसी समस्या हो सकती है। साथ ही, एलर्जी या त्वचा से जुड़ी दिक्कत भी परेशान कर सकती है। यह सब आपकी कमजोर इम्यूनिटी की वजह से हो सकता है, इसलिए खान-पान और फिटनेस पर ध्यान दें।

उपाय: शनिवार के दिन राहु ग्रह के लिए यज्ञ-हवन कराएं या पूजा करें।

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मूलांक 3

(अगर आपका जन्म किसी भी महीने की 3, 12, 21, 30 तारीख़ को हुआ है)

इस हफ्ते आप जरूरी फैसले लेने में ज्यादा हिम्मत दिखाएंगे, जिससे आपका भला होगा। आपके अंदर आध्यात्मिक भावना भी बढ़ेगी। हो सकता है कि आप किसी धार्मिक या आध्यात्मिक काम से लंबी यात्रा भी करें।

प्रेम जीवन: आप अपने प्रिय के प्रति ज्यादा प्यार और अपनापन दिखाएंगे। आपस में खुलकर बात करेंगे, जिससे समझ और मजबूत होगी। इस हफ्ते आप जीवनसाथी के प्रति ईमानदार और सच्चे रहेंगे, जिससे रिश्ता और बेहतर बनेगा। 

शिक्षा: पढ़ाई के मामले में यह हफ्ता कभी ऊपर तो कभी नीचे जैसा रह सकता है। लेकिन आप प्रोफेशनल तरीके से अच्छा प्रदर्शन करने में सफल रहेंगे। अगर आप बिज़नेस एडमिनिस्ट्रेशन, लॉजिस्टिक्स जैसे प्रोफेशनल कोर्स कर रहे हैं, तो उनमें अच्छे अंक ला सकते हैं। इन विषयों में आपकी रुचि भी बढ़ सकती है।

पेशेवर जीवन: इस हफ्ते आपको नई नौकरी के अवसर मिल सकते हैं, जिससे आप खुश होंगे। आपकी मेहनत के कारण प्रमोशन या कोई अतिरिक्त लाभ भी मिल सकता है। अगर आप व्यापार करते हैं, तो नया बिज़नेस शुरू कर सकते हैं, जिससे अच्छा मुनाफा होने की संभावना है। पार्टनरशिप में व्यापार करने का भी मौका मिल सकता है। 

सेहत: इस सप्ताह आपकी सेहत अच्छी रहेगी। आप खुद को ऊर्जावान और उत्साहित महसूस करेंगे। इसी वजह से आप अच्छी सेहत बनाए रख पाएंगे। 

उपाय: रोज़ 21 बार “ॐ बृहस्पतये नमः” मंत्र का जप करें।

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मूलांक 4

(अगर आपका जन्म किसी भी महीने की 4, 13, 22, 31 तारीख़ को हुआ है)

इस अंक में जन्मे लोग अपने काम और सोच में कभी-कभी जरूरत से ज्यादा लगाव या जुनून दिखा सकते हैं। इन्हें ऐशो- आराम की चीज़ों का शौक होता है और ये चाहते हैं कि जीवन में ज्यादा से ज्यादा सुख-सुविधाएं हों और वही बनाए रखें।

प्रेम जीवन: जीवनसाथी के साथ बहस या तकरार हो सकती है। यह गलतफहमी के कारण हो सकती है, जो अनजाने में बढ़ सकती है। खुशहाल जीवन के लिए आपको अपने जीवनसाथी के साथ समझौता और तालमेल बनाकर चलना जरूरी होगा।

शिक्षा: पढ़ाई में ध्यान कम लग सकता है। मन भटकने की वजह से ऐसा हो सकता है। याद रखने की क्षमता भी थोड़ी कमजोर रह सकती है, जिससे अंक कम आने की संभावना है।

पेशेवर जीवन: आप अपनी मौजूदा नौकरी से संतुष्ट नहीं रह सकते, क्योंकि मेहनत के अनुसार पहचान नहीं मिल पा रही होगी। अगर आप व्यापार करते हैं, तो मुनाफा उम्मीद के मुताबिक नहीं मिल सकता है। साथ ही, व्यापारिक साझेदारों के साथ संबंधों में भी तनाव आ सकता है।

सेहत: इस सप्ताह पाचन से जुड़ी समस्या हो सकती है। इसलिए समय पर भोजन करना जरूरी है। खानपान पर नियंत्रण रखना आपके लिए लाभदायक रहेगा। 

उपाय: प्रतिदिन 22 बार “ॐ दुर्गाय नमः” का जाप करें।

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मूलांक 5

(अगर आपका जन्म किसी भी महीने की 5, 14, 23 तारीख़ को हुआ है)

इस अंक जन्मे लोग अपनी बुद्धि बढ़ाने और तर्क से काम करने पर जोर देते हैं, ताकि उन्हें अधिक सफलता मिल सके। ये लोग आमतौर पर साफ-साफ और सीधे तरीके से बात  करने वाले होते हैं। 

प्रेम संबंध: जीवनसाथी के साथ प्रेम में कमी महसूस हो सकती है। यह परिवार से जुड़े मामलों और आपसी समझ की कमी के कारण हो सकता है। आप दोनों के बीच जुड़ाव कम हो सकता है, जिसका असर रिश्ते पर पड़ सकता है। 

शिक्षा: अगर आप फाइनेंशियल अकाउंटिंग या बिज़नेस एडमिनिस्ट्रेशन जैसी पढ़ाई कर रहे हैं, तो इस सप्ताह आपको अच्छे अंक लाने के लिए पढ़ाई पर ज़्यादा ध्यान देना होगा। 

पेशेवर जीवन: नौकरी में सहकर्मियों से रुकावटें आ सकती हैं और इस सप्ताह आप अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन नहीं कर पाएंगे। यदि आप व्यापार करते हैं, तो इस सप्ताह मुनाफा कम हो सकता है या नुकसान भी हो सकता है।

सेहत: इस सप्ताह रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होने के कारण नसों से जुड़ी परेशानी हो सकती है। असुरक्षा की भावना भी स्वास्थ्य को कमजोर कर सकती है। 

उपाय: प्रतिदिन 41 बार “ॐ बुधाय नमः” का जाप करें।

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मूलांक 6

(अगर आपका जन्म किसी भी महीने की 6, 15, 24 तारीख़ को हुआ है)

इस अंक से जन्मे लोग ऐशो-आराम, लगाव और घूमने-फिरने की ओर आकर्षित रहते हैं। ये लोग रचनात्मकता और व्यक्तित्व के आकर्षण पर ज्यादा ध्यान देते हैं। 

प्रेम जीवन: इस सप्ताह आप अपने जीवनसाथी के साथ खुशी और प्यार बांट पाएंगे। आपसी तालमेल अच्छा रहेगा, जिससे आपका रिश्ता और मजबूत होगा।

शिक्षा: इस सप्ताह आप उच्च शिक्षा या प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में अच्छा प्रदर्शन कर सकते हैं। आप अपनी क्षमता से बढ़कर मेहनत करेंगे और अच्छे अंक प्राप्त कर सकते हैं।

पेशेवर जीवन: इस सप्ताह नई नौकरी के अवसर मिल सकते हैं, जिससे आपकी प्रतिभा सबके सामने आएगी। अगर आप व्यापार करते हैं, तो आप अपने काम को बेहतर ढंग से संभाल पाएंगे, अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं और संतुष्ट महसूस करेंगे। 

सेहत: आपके अंदर ऊर्जा और आत्मविश्वास बना रहेगा। मन प्रसन्न रहेगा और चेहरे पर मुस्कान रहेगी, जिससे आपका स्वास्थ्य भी अच्छा बना रहेगा। 

उपाय: प्रतिदिन 33 बार “ॐ शुक्राय नमः” का जाप करें।

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मूलांक 7

(अगर आपका जन्म किसी भी महीने की 7, 16, 25 तारीख़ को हुआ है)

मूलांक 7 के जुड़े लोगों को इस सप्ताह खुद में आत्मविश्वास की कमी और असुरक्षा की भावना महसूस हो सकती है। आप अपने भविष्य और प्रगति को लेकर चिंतित रह सकते हैं। आकर्षण और आत्मबल की कमी के कारण स्थिरता पाने में रुकावट आ सकती है।

प्रेम जीवन: इस सप्ताह जीवनसाथी के साथ ज्यादा प्रेम और खुशी का आनंद नहीं ले पाएंगे। परिवार से जुड़े कुछ मुद्दे आपकी शांति को प्रभावित कर सकते हैं। चिंता करने के बजाय बड़ों की सलाह लेना बेहतर रहेगा, जिससे पारिवारिक समस्याएं सुलझें और जीवनसाथी के साथ समझ और प्रेम बढ़े।

शिक्षा: विद्यार्थियों की याद रखने की क्षमता सामान्य रह सकती है, जिससे इस सप्ताह ज्यादा अंक लाने में थोड़ी कमी रह सकती है। मन को शांत रखने के लिए योग करना लाभदायक रहेगा, जिससे पढ़ाई में बेहतर प्रदर्शन कर पाएंगे।

पेशेवर जीवन: इस सप्ताह आप कुछ नई योग्यताएं सीख सकते हैं और अपने काम के लिए सराहना भी पा सकते हैं। लेकिन साथ ही काम का दबाव ज्यादा महसूस हो सकता है, जो संभालना कठिन लग सकता है। अगर आप व्यापार में हैं, तो नुकसान की संभावना हो सकती है। इसलिए पहले से योजना बनाकर और ध्यानपूर्वक काम करना जरूरी होगा। 

सेहत: इस सप्ताह एलर्जी के कारण त्वचा में जलन या खुजली हो सकती है। पाचन से जुड़ी समस्या भी हो सकती है। तैलीय भोजन से परहेज करें, क्योंकि इससे सेहत और मन दोनों प्रभावित हो सकते हैं। हालांकि कोई बड़ी स्वास्थ्य समस्या नहीं दिख रही है। 

उपाय: प्रतिदिन 41 बार “ॐ केतवे नमः” का जाप करें।

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मूलांक 8 

(अगर आपका जन्म किसी भी महीने की 8, 17, 26 तारीख़ को हुआ है)

इस अंक से जुड़े लोगों के लिए यह हफ्ता थोड़ा चुनौतीपूर्ण रह सकता है। इस समय आप धैर्य खो सकते हैं और सफलता पाने में थोड़ी देरी महसूस कर सकते हैं। इसलिए जरूरी है कि आप पहले से योजना बनाकर, सही तरीके से और व्यवस्थित ढंग से काम करें। धैर्य रखें और हर काम सोच-समझकर करें, तभी आप आगे बढ़ पाएंगे।

प्रेम जीवन: इस हफ्ते परिवार में चल रही प्रॉपर्टी से जुड़ी बातों को लेकर आप परेशान हो सकते हैं। इन कारणों से आपके और आपके पार्टनर के बीच थोड़ा दूरी का एहसास हो सकता है। रिश्ते में पहले जैसी नजदीकी बनाए रखना थोड़ा मुश्किल लग सकता है। ऐसे में शांति और समझदारी से काम लें।

शिक्षा: पढ़ाई के मामले में यह हफ्ता थोड़ा मेहनत वाला रह सकता है। मेहनत करने के बाद भी आपको लगेगा कि और ज्यादा प्रयास करने की जरूरत है। धैर्य बनाए रखें और हिम्मत न हारें। अगर आप मैकेनिकल इंजीनियरिंग या ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहे हैं, तो आपको खास तौर पर ज्यादा ध्यान लगाने की जरूरत होगी, तभी अच्छे अंक मिल पाएंगे।

पेशेवर जीवन: अगर आप नौकरी कर रहे हैं, तो आपके काम की उतनी सराहना नहीं हो पाएगी जितनी आप उम्मीद कर रहे हैं, जिससे आपको निराशा हो सकती है। आपको कुछ नई और खास स्किल्स सीखने की जरूरत पड़ेगी, ताकि आप दूसरों से अलग पहचान बना सकें। अगर आप व्यापार करते हैं, तो इस समय अच्छा मुनाफा और काम का स्तर बनाए रखना थोड़ा कठिन हो सकता है। 

सेहत: तनाव के कारण पैरों और जोड़ों में दर्द हो सकता है। यह असंतुलित खान-पान की वजह से भी हो सकता है। इसलिए खान-पान पर ध्यान दें और आराम भी करें। 

उपाय: शनिवार के दिन शनि ग्रह के लिए यज्ञ या हवन करें।

मूलांक 9

(अगर आपका जन्म किसी भी महीने की 9, 18, या 27 तारीख को हुआ है)

इस नंबर से जुड़े लोगों के लिए यह हफ्ता संतुलित और आपके पक्ष में रहने वाला हो सकता है। आप हालात को अपने हक में करने की स्थिति में रहेंगे। इस सप्ताह आप आत्मविश्वास और आकर्षण के साथ आगे बढ़ेंगे। नंबर 9 लोग नए फैसले लेने में ज्यादा साहस दिखा सकते हैं, जो उनके जीवन के लिए फायदेमंद साबित होंगे।

प्रेम जीवन: आप अपने जीवनसाथी के साथ सिद्धांतों और मूल्यों को महत्व देते हुए रिश्ता निभाने की कोशिश करेंगे। इस वजह से आप दोनों के बीच समझदारी और तालमेल बढ़ेगा। अपने प्रिय के साथ आपका रिश्ता और भी मजबूत होगा और एक खूबसूरत प्रेम कहानी जैसे एहसास हो सकता है।

शिक्षा: पढ़ाई के मामले में आप इस हफ्ते पूरी लगन और मेहनत से आगे बढ़ेंगे। खासकर मैनेजमेंट, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग और केमिकल इंजीनियरिंग जैसे विषयों में अच्छा प्रदर्शन कर सकते हैं। जो पढ़ेंगे, उसे जल्दी याद रख पाएंगे और परीक्षा में बेहतरीन परिणाम दे सकते हैं। आप अपने साथियों के लिए एक अच्छा उदाहरण बन सकते हैं। साथ ही, इस हफ्ते आप अपनी रुचि के अनुसार कोई प्रोफेशनल कोर्स भी शुरू कर सकते हैं और उसमें सफलता पा सकते हैं। 

पेशेवर जीवन: नौकरी करने वालों के लिए यह समय बहुत अच्छा रह सकता है। आपके काम की सराहना होगी और प्रमोशन मिलने के योग भी बन सकते हैं। इससे आपकी स्थिति मजबूत होगी और सहकर्मियों के बीच सम्मान बढ़ेगा। यदि आप व्यापार करते हैं, तो अच्छा मुनाफा कमाने और अपनी साख बनाए रखने के अच्छे मौके मिल सकते हैं। आप प्रतिस्पर्धियों के बीच अपनी पहचान मजबूत कर पाएंगे। 

सेहत: इस हफ्ते आपका स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। आपका उत्साह और सकारात्मक सोच आपको ऊर्जा से भरपूर रखेगी। कोई बड़ी स्वास्थ्य समस्या नहीं दिखती। मन में खुशी बनी रहेगी, जिससे आप एक्टिव और जोशीले रहेंगे। 

उपाय : रोज़ाना 27 बार “ॐ भौमाय नमः” मंत्र का जाप करें।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्‍न

1. मूलांक क्या होता है?

मूलांक आपकी जन्म तारीख से निकाला गया एक अंक होता है, जो 1 से 9 के बीच होता है। यह अंक आपके स्वभाव, सोच और जीवन की दिशा को दर्शाता है।

2. अपना मूलांक कैसे निकालें?

आप जिस तारीख को पैदा हुए हैं, उस तारीख के अंकों को जोड़कर एक अंक बना लें। जैसे – अगर आपका जन्म 10 तारीख को हुआ है, तो 1+0 = 1। यही आपका मूलांक होगा।
अगर 23 तारीख है, तो 2+3 = 5।

3. क्या मूलांक और राशि अलग होते हैं?

हाँ, दोनों अलग हैं। राशि आपकी जन्म कुंडली और चंद्र राशि पर आधारित होती है, जबकि मूलांक सिर्फ आपकी जन्म तारीख से निकाला जाता है।

कब है वट सावित्री व्रत 2026 में?

पति की लंबी उम्र के लिए इस दिन रखा जाएगा वट सावित्री व्रत, जानें तिथि, मुहूर्त और व्रत नियम

वट सावित्री व्रत 2026: हिंदू धर्म में प्रत्येक वर्ष अनेक व्रतों एवं पर्वों को मनाया जाता है जिनमें से एक है वट सावित्री व्रत। धार्मिक दृष्टि से इस व्रत को विशेष महत्व दिया गया है और वट सावित्री व्रत को मुख्य रूप से उत्तर और पश्चिम भारत की सुहागिन महिलाओं द्वारा किया जाता है। यह केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि प्रेम, समर्पण और अटूट पतिव्रता की भावना का प्रतीक है। इस व्रत का संबंध सत्यवान और सावित्री की पौराणिक कथा से माना गया है क्योंकि सावित्री ने अपने पति सत्यवान के प्राण यमराज से वापिस पाने के लिए तप, प्रेम और बुद्धि का सहारा लिया था इसलिए विवाहित महिलाओं के लिए यह व्रत धर्म, निष्ठा और शक्ति का प्रतिनिधित्व करता है।

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एस्ट्रोसेज एआई के इस विशेष ब्लॉग में आपको “वट सावित्री व्रत 2026” के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी प्राप्त होगी। सुहागिन महिलाओं को समर्पित इस व्रत को किस दिन रखा जाएगा और क्या रहेगा पूजा मुहूर्त? कैसे करें वट सावित्री व्रत की पूजा और व्रत के दौरान किन नियमों का पालन करें? साथ ही, राशि अनुसार किन उपायों को करना आपके लिए फलदायी साबित होगा, इस बारे में भी आपको अवगत करवाएंगे। लेकिन, आइए पहले शुरू करते हैं “वट सावित्री व्रत 2026” का यह स्पेशल ब्लॉग। 

वट सावित्री व्रत 2026: तिथि और समय

विवाहित महिलाओं द्वारा पति की लंबी आयु और अखंड सौभाग्य की कामना के लिए वट सावित्री व्रत को किया जाता है जो साल में दो बार आता है। बात करें वट सावित्री व्रत की, तो हिंदू पंचांग के अनुसार, प्रत्येक वर्ष ज्येष्ठ माह की अवसाया पर वट सावित्री व्रत को रखा जाता है। इस दिन शनि जयंती का त्योहार भी मनाया जाता है। बता दें कि साल में दो बार किए जाने वाला वट सावित्री का व्रत ज्येष्ठ अमावस्या और ज्येष्ठ पूर्णिमा पर आता है। इस दिन विवाहित महिलाएं अखंड सौभाग्य और सुख-शांति पूर्ण वैवाहिक जीवन के लिए कठोर व्रत करती हैं। साथ ही, वट वृख का पूजा और कथा सुनती हैं। 

वट सावित्री व्रत 2026 की तिथि: 16 मई 2026, शनिवार

वट सावित्री व्रत पूजा का मुहूर्त: सुबह 7 बजकर 12 मिनट से सुबह 08 बजकर 24 मिनट तक
अमावस्या तिथि आरंभ: 16 मई 2026 की सुबह 05 बजकर 13 मिनट से,

अमावस्या तिथि समाप्त: 17 मई 2026 की रात 01 बजकर 33 मिनट तक। 

आइए हम आगे बढ़ते हैं और नज़र डालते हैं वट सावित्री व्रत 2026 पर बनने वाले शुभ योगों पर। 

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वट सावित्री व्रत 2026 पर बनेंगे दो शुभ योग 

ज्येष्ठ अमावस्या के दिन किए जाने वाला वट सावित्री व्रत विवाहित महिलाओं के लिए विशेष महत्व रखता है। ऐसे में, वट सावित्री व्रत के दिन दो शुभ योगों का निर्माण होने से इस पर्व के महत्व में वृद्धि होगी। बता दें कि ज्येष्ठ अमावस्या या वट सावित्री व्रत के दिन सौभाग्य योग का निर्माण हो रहा है। हालांकि, यह योग 16 मई 2026 की सुबह 10 बजकर 25 मिनट तक रहेगा और इस दौरान वट सावित्री व्रत की पूजा करना विवाहित महिलाओं के लिए अत्यंत फलदायी रहेगा। 

इसके अलावा, इस तिथि पर दूसरा बनने वाला शुभ योग बुधादित्य होगा। वट सावित्री व्रत पर सूर्य ग्रह और बुध देव वृषभ राशि में विराजमान होंगे और ऐसे में, बुधादित्य योग के प्रभाव से वट सावित्री व्रत की शुभता में वृद्धि होगी। साथ ही, महिलाओं को सुखी वैवाहिक जीवन का भी आशीर्वाद मिलेगा। 

वट सावित्री व्रत का महत्व 

धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से वट सावित्री व्रत को विशेष माना जाता है और यह दिन विवाहित महिलाओं के लिए ख़ास मायने रखता है। हम यह बात भली-भांति जानते हैं कि भारतीय संस्कृति में विवाह को पवित्र और सात जन्मों का बंधन माना जाता है। विवाह भगवान द्वारा बनाया गया एक ऐसा रिश्ता होता है जिसको दो लोग जीवनभर प्रेम और समर्पण के साथ निभाते हैं और जीवन में आने वाली हर मुश्किल का सामना डटकर करते हैं। 

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सावित्री और सत्यवान की कहानी जो अटूट प्रेम और समर्पण का गहरा उदाहरण है, महाभारत के वनपर्व में वर्णित है। इसके अलावा, इस कथा का वर्णन मार्कंडेय पुराण, विष्णु पुराण और भागवत पुराण में भी मिलता है। देश के विभिन्न हिस्सों और अनेक धार्मिक ग्रंथों में हमें वट सावित्री व्रत के अनेक रूप देखने को मिलते हैं, लेकिन इसका संदेश सदैव एक ही रहा है कि सावित्री ने अपने अटूट प्रेम और पतिव्रता धर्म से अपने पति के प्राणों को यमराज से छीन लाई थी और उनके भाग्य को बदल दिया था।   

वट सावित्री व्रत का धार्मिक महत्व 

हिंदू धर्म में वट सावित्री व्रत को अत्यंत शुभ और फलदायी माना जाता है। इस दिन व्रत रखने वाली महिलाओं के सभी पापों का नाश हो जाता है और उन्हें अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद प्राप्त होता है। यह व्रत विशेष रूप से सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी आयु, अच्छे स्वास्थ्य और परिवार में सुख-समृद्धि की कामना के लिए करती हैं।  

मान्यताओं के अनुसार, वट सावित्री व्रत को सच्चे मन से करने पर वैवाहिक जीवन में प्रेम, समझ और स्थिरता बनी रहती है। पति-पत्नी के बीच संबंध और मजबूत होते हैं और जीवन में आने वाली परेशानियां भी कम होती हैं।

इसके अलावा, ऐसा भी कहा जाता है कि वट सावित्री व्रत रखने से परिवार पर देवी-देवताओं की कृपा बनी रहती है और घर में हमेशा सुख, शांति और समृद्धि का वास रहता है। यह व्रत न केवल धार्मिक रूप से महत्व रखता है, बल्कि पारिवारिक और सामाजिक जीवन को भी सकारात्मक ऊर्जा से भर देता है। 

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वट सावित्री व्रत में क्यों होती हैं वट वृक्ष की पूजा?

वट सावित्री व्रत के नाम से ही पता चल रहा है कि इस दिन वट वृक्ष का विशेष महत्व होता है। बता दें कि वट सावित्री व्रत के दिन वट वृक्ष अर्थात बरगद के पेड़ की पूजा विधि-विधान से की जाती है। हिंदू धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, बरगद के पेड़ में साक्षात् ब्रह्मा, विष्णु और महेश का वास माना जाता है। ऐसा कहा जाता है कि बरगद के पेड़ की जड़ में भगवान ब्रह्मा, तने में भगवान विष्णु और शाखाओं में भगवान शिव का वास होता है। भारत के कुछ राज्यों जैसे बिहार और उत्तर प्रदेश में वट सावित्री व्रत को बहुत धूमधाम और आस्था से किया जाता है। इस शुभ अवसर पर विवाहित महिलाएं सोलह श्रृंगार करके व्रत की पूजा करती हैं और व्रत कथा सुनती या पढ़ती हैं। पूजा के बाद मंत्र जाप अवश्य करना चाहिए। 

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क्यों ख़ास है बरगद? 

हिंदू धर्म के अनेक धार्मिक ग्रंथों में कहा गया है कि माता सीता द्वारा दिए गए आशीर्वाद से बरगद के वृक्ष की महिमा संसार में फैल गई। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, त्रेतायुग में  भगवान श्रीराम, लक्ष्मण और सीता द्वारा वनवास के दौरान  गया में किए गए श्राद्धकर्म के लिए आए थे। इसके पश्चात श्रीराम और लक्ष्मण श्राद्ध कर्म के लिए आवश्यक सामग्री लेने के लिए चले गए और तब ही  राजा दशरथ प्रकट हो गए। उन्होंने माता सीता से पिंडदान करने और उन्हें मोक्ष दिलाने का आदेश दिया। माता सीता ने फल्गु नदी, पंडा, वटवृक्ष, केतकी के फूल और गाय को साक्षी मानकर पिंडदान कर दिया। 

जब भगवान राम लौटकर आए, तब माता सीता ने उन्हें सारी बात बताई, लेकिन श्रीराम को उनकी बात पर विश्वास नहीं हुआ। तब माता सीता ने जिन्हें साक्षी मानकर पिंडदान किया था, उन सबको वह अपने स्वामी श्रीराम के सामने लेकर आई। फल्गु नदी, पंडा, केतकी का फूल और गाय ने झूठ बोल दिया, परंतु वट वृक्ष ने रामजी को सब सच-सच बता दिया, तब माता सीता ने फल्गु नदी, गाय, पंडा तथा केतकी फूल को श्राप दिया। वहीं, वटवृक्ष को अक्षय रहने का आशीर्वाद दिया। 

 वट सावित्री व्रत पर करें इन मंत्रों का जाप 

अवैधव्यं च सौभाग्यं देहि त्वं मम सुव्रते। 

पुत्रान्‌ पौत्रांश्च सौख्यं च गृहाणार्घ्यं नमोऽस्तुते।। 

यथा शाखाप्रशाखाभिर्वृद्धोऽसि त्वं महीतले। 

तथा पुत्रैश्च पौत्रैश्च सम्पन्नं कुरु मा सदा।।

वट सावित्री व्रत 2026: पूजा विधि 

हिंदू धर्म की विवाहित महिलाएं अपने पति के उत्तम स्वास्थ्य, धन-समृद्धि और लंबी आयु की कामना को मन में लेकर पूरे श्रद्धा और भक्तिभाव से वट पूर्णिमा व्रत करती हैं और इस दिन व्रत की पूजा पूरे विधि-विधान से करती हैं। नीचे हम आपको वट सावित्री व्रत की पूजा विधि प्रदान करने जा रहे हैं। 

  • वट सावित्री व्रत के दिन विवाहित महिलाएं प्रातःकाल जल्दी उठकर स्नान करें और अपने दैनिक कार्यों को पूरा करने के बाद स्वच्छ वस्त्र धारण कर लें। इस दिन लाल या पारंपरिक साड़ी पहनना शुभता का प्रतीक माना गया है।
  • महिलाओं द्वारा वट सावित्री व्रत पर कुमकुम, बिंदी, आलता और चूड़ियां जैसी सुहाग की वस्तुओं से अपना श्रृंगार करना बहुत पवित्र माना जाता है।
  • इस व्रत का मुख्य अनुष्ठान वट वृक्ष या बरगद के पेड़ की पूजा होती है इसलिए वट सावित्री व्रत के दिन विवाहित महिलाएं बरगद की जड़ों और तने पर दूध, जल, सिंदूर, ताजे फूल और जल अर्पित करती हैं। 
  • इसके बाद, वह वट वृक्ष के तने के चारों तरफ एक पवित्र लाल धागा (कलावा) बांधती हैं और वृक्ष की सात बार परिक्रमा करती हैं जिसे उनके पति की लंबी उम्र और वैवाहिक जीवन की मजबूती की प्रार्थना को मन में लेकर किया जाता है।
  • वट सावित्री व्रत की पूजा के दौरान सावित्री और सत्यवान की कथा को अवश्य पढ़ा जाता है क्योंकि यह कथा दृढ़ संकल्प, भक्ति और निष्ठा जैसे आदर्शों को जीवन में पालन करने के लिए प्रेरित करती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सावित्री ने अपने अटूट प्रेम और पतिव्रता धर्म के बल पर ही मृत्यु के देवता यमराज से अपने पति के प्राण पुनः प्राप्त किए थे। 
  • कथा को पढ़ने या सुनने के बाद विवाहित महिलाएं अपने पति की दीर्घायु, खुशी और बेहतर जीवन के लिए सच्चे मन से प्रार्थना करती हैं। 
  • इसके बाद, देवता को मिठाई, फल, भीगे हुए चने और नारियल का प्रसाद के रूप में भोग लगाया जाता है। 
  • देश के कुछ हिस्सों में ब्राह्मणों को भी भोग लगाने का विधान है और महिलाएं एक सुखी वैवाहिक जीवन के लिए उनका आशीर्वाद लेती हैं। 
  • वट सावित्री व्रत को पूरे दिन रखा जाता है और  संध्या के समय अंतिम प्रार्थना करने के बाद व्रत का समापन होता है। इसके उपरांत, आप व्रत खोलने के लिए पूजा के प्रसाद का भोग लगाया जाता है।

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वट सावित्री व्रत 2026 के नियम 

अगर विवाह के बाद आप पहली बार वट सावित्री व्रत को रखने जा रही हैं, तो इस व्रत के कुछ  नियमों का पालन करना आपके लिए आवश्यक होगा, ताकि वट सावित्री व्रत 2026 से आपको देवी-देवताओं की कृपा प्राप्त हो सके। साथ ही, आपकी कोई छोटी सी भूल भी आपका व्रत भंग होने का कारण बन सकती है। 

  • वट सावित्री व्रत के दिन अगर सुहागन महिलाएं सुहाग के प्रतीक लाल रंग के कपड़े धारण करके पूजा करती हैं, तो इसे अत्यंत शुभ माना जाता है।
  • इस शुभ अवसर पर महिलाएं पूजा शुरू करने से पहले वट वृक्ष यानी बरगद के पेड़ के नीचे अच्छी तरह साफ-सफाई करें और वहां गंगाजल का छिड़काव करें ताकि पूजा का स्थान शुद्ध हो सके। 
  • इसके पश्चात, वट या बरगद के वृक्ष के नीचे घी का दीपक जलाएं और साथ ही, धूप भी दिखाएं। फिर श्रद्धाभाव से वृक्ष के चारों ओर कच्चा सूत लपेटते हुए वृक्ष की 5 या 7 बार परिक्रमा करें। 
  • पूजा के संपन्न होने के बाद बरगद के पेड़ के नीचे बैठकर वट सावित्री व्रत की कथा ध्यानपूर्वक सुनें। इसके बाद अपनी सास और घर के बड़े-बुजुर्गों के पैर छूकर उनका आशीर्वाद लें और उन्हें आदर के रूप में कुछ पैसे या भेंट दें। 
  • पूजा के उपरांत फल, कपड़े और अनाज आदि सामग्री अपने सामर्थ्य के अनुसार किसी ब्राह्मण को दान करनी चाहिए। ऐसा करने से घर-परिवार में सुख-समृद्धि बनी रहती है। 

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वट सावित्री व्रत की पौराणिक कथा

वट सावित्री व्रत कथा का वर्णन अनेक हिंदू धार्मिक ग्रंथों में मिलता है जिसकी जड़ें गहराई से सावित्री से जुड़ी हुई है। यह व्रत सावित्री की पतिव्रता धर्म और दृढ़ संकल्प के सम्मान में हर साल भक्तिभाव से मनाया जाता है जिन्होंने यमराज से अपने पति सत्यवान को वापस लाने के लिए अनेक प्रयास किए थे। 

पौराणिक कथा के अनुसार, प्राचीन समय में एक पराक्रमी और धर्मपरायण राजा अश्वपति थे जिनकी कोई संतान नहीं थी। उन्होंने संतान प्राप्ति के लिए कई वर्षों तक देवी सावित्री की उपासना की। अंत में देवी प्रसन्न हुईं और उन्हें एक तेजस्वी पुत्री का आशीर्वाद मिला, जिसका नाम उन्होंने सावित्री रखा। सावित्री बचपन से ही अत्यंत बुद्धिमान, सुंदर और गुणों से भरपूर थीं। विवाह योग्य होने पर उन्होंने स्वयंवर के माध्यम से वन में रहने वाले राजकुमार सत्यवान को अपना जीवनसाथी चुना। लेकिन नारद मुनि ने सावित्री को यह बताया कि सत्यवान अल्पायु हैं और वह केवल एक ही वर्ष तक जीवित रहेगा। 

इस बात को सुनने के बाद भी सावित्री ने धैर्य नहीं खोया और सत्यवान से विवाह करने का निश्चय किया। विवाह के पश्चात सावित्री अपने सास-ससुर के साथ वन में निवास करने लगी और हर दिन अपने पति की सेवा पूरी निष्ठा से करती। जिस दिन सत्यवान के जीवन का अंतिम दिन था, उस दिन सावित्री ने पूरे दिन उपवास किया। सत्यवान लकड़ियां काटने के लिए जंगल गया था, तो सावित्री भी उसके साथ चली गई। वहां सत्यवान को चक्कर आया और वह उसकी गोद में ही बेहोश हो गया। उस समय यमराज आए और सत्यवान के प्राण लेकर जाने लगे, तब सावित्री भी यमराज के पीछे-पीछे चलने लगीं। यमराज ने अनेक बार सावित्री को लौटने के लिए कहा, परंतु सावित्री अपनी बुद्धिमानी और धर्म ज्ञान से यमराज को प्रसन्न करने में सफल हुई। 

सावित्री ने मृत्यु के देवता यमराज से अपने सास-ससुर की आंखों की रोशनी, राज्य का पुनः प्राप्त होना और सौ पुत्रों का वरदान मांग लिया। यमराज ने तथास्तु कहते हुए सभी वरदान दे दिए, लेकिन उन्होंने जब सावित्री को सौ पुत्रों का वरदान दिया, तब वह समझ गए कि सत्यवान के बिना यह संभव नहीं है। अंत में यमराज ने सत्यवान के प्राण सावित्री को लौटा दिए। सावित्री सत्यवान के साथ वापस वन में लौट आईं और सभी वरदान पूरे हुए। इस प्रकार, सावित्री की सच्ची भक्ति प्रेम और पतिव्रता ने मृत्युलोक से भी अपने पति के प्राण वापस ला दिए।

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वट सावित्री व्रत 2026 के उपाय 

वैवाहिक जीवन में शांति: अगर आपके वैवाहिक जीवन में अशांति या कलह बना हुआ है, तो  वट सावित्री व्रत के दिन भगवान विष्णु और माँ लक्ष्मी की पूजा करें और घी का दीपक जलाएं। साथ ही, पति-पत्नी दोनों वट वृक्ष की 11 बार परिक्रमा करें। इस उपाय को करने से दांपत्य जीवन खुशहाल बना रहता है।

आर्थिक समस्याओं से मुक्ति: जो लोग अपने जीवन में आर्थिक समस्याओं का सामना कर रहे हैं या लगातार कर्ज़ में डूब रहे हैं, तो वह वट सावित्री व्रत के दिन देवी लक्ष्मी को पीले रंग की 11 कौड़ियां चढ़ाएं। अगर पीली कौड़ियां न मिल सकें, तो सफेद कौड़ियों पर हल्दी लगाएं और उन्हें अर्पित करें। ऐसा करने से आपके जीवन से धन जुड़ी समस्याओं का अंत हो जाएगा। इस उपाय को आप और आपके जीवनसाथी दोनों मिलकर कर सकते हैं। 

वैवाहिक जीवन में बढ़ेगा प्रेम: वट सावित्री व्रत 2026 पर 11 सुहागिन महिलाओं को श्रृंगार का सामान भेंट करें क्योंकि ऐसा करने से आपके शादीशुदा जीवन में मिठास बढ़ती है। साथ ही, पति-पत्नी दोनों के बीच प्रेम बना रहता है। 

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

1. वट सावित्री व्रत 2026 में कब है?

इस साल वट सावित्री व्रत 16 मई 2026 को रखा जाएगा। 

2. 2026 में ज्येष्ठ अमावस्या कब है?

वर्ष 2026 में ज्येष्ठ अमावस्या 16 मई 2026 को पड़ेगी। 

3. ज्येष्ठ माह की अमावस्या पर कौन-कौन से त्योहार मनाए जाते हैं?

हिंदू धर्म में ज्येष्ठ अमावस्या पर शनि जयंती और वट सावित्री व्रत जैसे दो बड़े त्योहारों को मनाया जाता है। 

शनि जयंती 2026: तिथि और पूजा मुहूर्त

शनि जयंती पर भूलकर भी न करें ये काम, झेलना पड़ सकता है शनि देव का प्रकोप!

शनि जयंती 2026: भगवान सूर्य और माता छाया के पुत्र भगवान शनि देव को समर्पित होती है शनि जयंती। शनि देव को हिंदू धर्म और ज्योतिष शास्त्र में महत्वपूर्ण स्थान प्राप्त है। वैदिक ज्योतिष में भगवान शनि को न्यायाधीश और कर्मफल दाता माना गया है जो मनुष्य को उनके कर्मों के अनुसार अच्छे और बुरे कर्मों का फल प्रदान करते हैं। सनातन धर्म में शनि देव को एक ऐसे भगवान का दर्जा दिया गया है जिनका नाम सुनते ही लोग भयभीत हो जाते हैं क्योंकि यह व्यक्ति को राजा से रंक और रंक से राजा बनाने की शक्ति रखते हैं। ऐसे में, शनि जयंती 2026 का पर्व बहुत ख़ास हो जाता है और आज हम अपने इस ब्लॉग में शनि जयंती 2026 के बारे में बात करेंगे। 

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एस्ट्रोसेज एआई के इस ब्लॉग को विशेष रूप से हमारे पाठकों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है जिसके अंतर्गत आपको “शनि जयंती 2026” से जुड़ी जानकारी विस्तारपूर्वक प्राप्त होगी जैसे तिथि और समय। साथ ही, इस दिन कैसे कर सकते हैं कुपित शनि को शांत? किन कामों को इस दिन करना चाहिए और किन कार्यों को करने से शनिदेव का प्रकोप आप पर टूट सकता है? इन सभी सवालों के जवाब हम आपको प्रदान करेंगे। लेकिन, इस बारे में विस्तार से जानने के लिए आपको हमारे ब्लॉग को अंत तक पढ़ना जारी रखना होगा। 

शनि जयंती 2026: तिथि और पूजा मुहूर्त 

न्याय और कर्म के देवता भगवान शनि को समर्पित होता है शनि जयंती का पर्व। इस दिन भगवान शनि की कृपा और आशीर्वाद को पाने के लिए भक्तजन पूजा-पाठ करते हैं। शनि ग्रह की साढ़ेसाती, ढैय्या और महादशा को काफी प्रभावशाली माना जाता है। हिंदू पंचांग के अनुसार, हर साल ज्येष्ठ माह के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि को शनि जयंती के रूप में मनाया जाता है। इस तिथि को ज्येष्ठ अमावस्या के नाम से भी जाना जाता है। ग्रेगोरियन कैलेंडर के अनुसार, यह तिथि सामान्य तौर पर मई या जून के महीने में आती है। 

शनि जयंती 2026 की तिथि:  16 मई 2026, शनिवार

अमावस्या तिथि आरंभ: 16 मई 2026 की सुबह 05 बजकर 13 मिनट से,

अमावस्या तिथि समाप्त: 17 मई 2026 की रात 01 बजकर 33 मिनट तक। 

चलिए अब हम आपको बताने जा रहे हैं कि शनि जयंती 2026 पर बन रहे शुभ योगों के बारे में। 

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शनि जयंती 2026 पर बनेंगे दो शुभ योग 

इस साल शनि जयंती का पर्व बहुत ख़ास रहने वाला है क्योंकि इस दिन दो बहुत शुभ योगों का निर्माण होने जा रहा हैं। बता दें कि शनि जयंती 2026 पर सौभाग्य योग निर्मित होने जा रहा है और यह 16 मई 2026 की सुबह 10 बजकर 25 मिनट तक रहेगा। इस दौरान किए गए कार्य जीवन में सुख-समृद्धि और सफलता लेकर आते हैं। साथ ही, व्यक्ति के जीवन को उज्जवल बनाने का काम करता है। वहीं,  शनि जयंती के दिन दूसरा बनने वाला शुभ योग बुधादित्य योग होगा। इस दिन सूर्य और बुध ग्रह वृषभ राशि में विराजमान होंगे और ऐसे में, शनि जयंती पर बुधादित्य योग में शनि देव की पूजा-पाठ करना फायदेमंद साबित होगा। 

शनि जयंती 2026 का महत्व 

 धर्मग्रंथों के अनुसार, शनि जयंती का पर्व बहुत ख़ास माना जाता है क्योंकि इस दिन शनि देव का जन्म हुआ था इसलिए इसे सूर्य पुत्र के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है। ज्योतिष में शनि देव को न्याय का देवता कहा जाता है जो हर व्यक्ति को उसके कर्मों के अनुसार फल प्रदान करते हैं। जिन लोगों के कर्म अच्छे होते हैं, उन्हें शनिदेव से डरने की जरूरत नहीं होती है। इसके विपरीत, शनि महाराज मेहनत करने वालो को सफलता देने के साथ-साथ उन्हें ऊँचाइयों तक पहुंचाेने का काम करते हैं। वहीं, जो लोग पापी होते हैं या फिर जिनके कर्म अच्छे नहीं होते है, उन्हें अपने जीवन में शनि का प्रकोप झेलना पड़ता है। 

अब हम बात करते हैं शनि जयंती पर भगवान शनि की पूजा कैसे करनी चाहिए, ताकि उनके बुरे प्रभाव कम हो सकें। इस दिन कई लोग व्रत भी रखते हैं। अगर किसी की कुंडली में शनि दोष मौजूद हैं या फिर कुंडली में शनि कमज़ोर अवस्था में होते हैं, उन्हें इस दिन व्रत करना चाहिए। इसके अलावा, शनि मंदिर जाकर सरसों का तेल, काले तिल, नीले फूल और शमी के  पत्ते चढ़ाने चाहिए। इससे शनि ग्रह शांत होते हैं और आपके जीवन से उनका नकारात्मक प्रभाव कम होता है। शनि जयंती के अवसर पर जो व्यक्ति सच्चे मन से पूजा करता है, उसे साढ़ेसाती और ढैय्या के बुरे असर से राहत मिलती है। साथ ही, व्यक्ति को करियर, नौकरी और व्यापार में भी अपार सफलता की प्राप्ति होती है।

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शनि जयंती 2026 का धार्मिक महत्व 

धार्मिक दृष्टि से भी शनि जयंती को महत्वपूर्ण माना गया है, विशेष रूप से शनि देव को शांत करने और उनका आशीर्वाद पाने के लिए। बता दें कि शनि देव को भगवान शिव का परम भक्त कहा जाता है जो सेवा, मेहनत और न्याय से जुड़े क्षेत्रों को भी नियंत्रित करते हैं। ज्योतिष में शनि ग्रह की गिनती सबसे प्रमुख ग्रहों में होती है। मान्यताओं के अनुसार, जहाँ भी शनि ग्रह की सीधी दृष्टि पड़ती हैं, तो वह व्यक्ति के जीवन में बदलाव और समस्याएं लेकर आती हैं। 

पौराणिक ग्रंथों में वर्णित कथा के अनुसार, रावण ने शनिदेव को अपने महल में बंदी बनाया हुआ था और उन्हें हनुमान जी ने मुक्त करवाया था। इससे प्रसन्न होकर भगवान शनि ने कहा कि जो भी व्यक्ति सच्चे मन से हनुमान जी की पूजा करेगा, उस पर शनि दोष का प्रभाव नहीं पड़ेगा। ऐसे लोगों पर हमेशा शनि देव की कृपा बनी रहेगी। 

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शनि जयंती से जुड़ी पौराणिक कथा 

धार्मिक ग्रंथों में वर्णित कथा के अनुसार, सूर्य देव का विवाह राजा दक्ष की पुत्री संज्ञा के साथ हुआ था और उनसे उन्हें तीन संताने मनु, यमराज और यमुना हुए। पौराणिक कथा के अनुसार, संज्ञा ने एक बार अपने पिता दक्ष से सूर्य के तेज से होने वाली परेशानी के बारे में जिक्र किया, तो राजा दक्ष ने अपनी पुत्री की इस बात पर ध्यान देना उचित नहीं समझा। प्रजापति दक्ष ने अपनी पुत्री से कहा कि अब तुम सूर्य देव की अर्धांगिनी हो, और पिता के ऐसा कहने पर संज्ञा ने अपने तपोबल के प्रभाव से अपनी छाया को उत्पन्न किया जिसका नाम उन्होंने सवर्णा रखा और वह उसे अपने स्थान पर रखकर तपस्या के लिए वन चली गई।

कुछ समय बाद सूर्य देव की पत्नी संज्ञा की छाया ने अपने गर्भ से शनि देव को जन्म दिया। शनि देव का रंग बेहद ही श्याम था। जब सूर्य देव को इस बात के बारे में पता चला कि सवर्णा उनकी अर्धांगिनी नहीं हैं, बल्कि उनकी पत्नी की छाया है, तो उन्होंने शनि देव को अपना पुत्र मानने से इनकार कर दिया। इस बात से शनि देव कुपित हो गए और उनकी दृष्टि सूर्य देव पर पड़ गई और इसके प्रभाव से सूर्य देव का रंग काला पड़ गया। 

इस घटना से पूरे संसार में अंधकार छा गया और परेशान होकर सूर्य देवता भगवान शिव के पास सहायता के लिए गए। उस समय भगवान शिव ने सूर्य देव को देवी छाया से क्षमा मांगने के लिए कहा और उन्होंने शिव जी के कहे अनुसार किया। सूर्य देव के ऐसा करने के बाद उन्हें शनि देव के क्रोध से मुक्ति मिल गई। 

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शनि जयंती 2026: सही पूजा विधि  

शनि देव को कर्मफल दाता और न्याय के देवता का दर्जा दिया गया है क्योंकि यह मनुष्य को उसके अच्छे और बुरे कर्मों के आधार पर फल प्रदान करते हैं। ऐसे में, शनि जयंती 2026 पर शनि पूजा का महत्व कई गुना बढ़ जाता है। बता दें कि इस दिन शनि महाराज का पूजन साढ़े साती, ढैय्या और कुपित शनि को शांत करता है और उनका आशीर्वाद दिलाता है इसलिए इनकी पूजा शनि जयंती पर सही विधि से करना जरूरी होता है। इसकी सही पूजा विधि हम आपको नीचे प्रदान कर रहे हैं। 

  • शनि जयंती के दिन भक्त सुबह सूर्योदय से पहले उठकर स्नान करें। 
  • इसके बाद,  स्वच्छ कपड़े पहनकर व्रत और पूजा का संकल्प लें।
  • अब आप घर के पास स्थित शनि मंदिर जाएं और शनि देव के चरणों के दर्शन करें। 
  • मंदिर में आप शनिदेव को सरसों का तेल अर्पित करें।
  • भगवान शनि को पूजा के दौरान काले तिल, सरसों का तेल, दीपक और नीले फूल श्रद्धाभाव से चढ़ाएं। 
  • शनि स्तोत्र, शनि चालीसा, शनि मंत्र और हनुमान चालीसा का पाठ करें। 
  • संभव हो, तो शाम के समय शनि मंदिर पुनः जाकर उनका दर्शन और पूजन करें। 
  • अंत में शनि देव की आरती करें और अनजाने में हुई भूल के लिए क्षमा याचना करें। 

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शनि जयंती 2026 पर न करें ये काम 

शनि देव की दृष्टि अशुभ मानी जाती है इसलिए इनसे बचने के लिए भगवान शनि की मूर्ति के सामने खड़े होने और उनकी आँखों में आंखें डालकर बचना चाहिए। साथ ही, शनि देव की पूजा के दौरान अपना मुख पश्चिम दिशा की तरफ रखें। 

  • शनि जयंती 2026 हो या सामान्य दिन कभी भी भगवान शनि की पूजा में तांबे के बर्तन का प्रयोग न करें क्योंकि तांबे का संबंध भगवान सूर्य से माना गया है। बता दें कि सूर्य देव के साथ शनि देव शत्रुवत संबंध रखते हैं इसलिए इनकी पूजा में तांबे का उपयोग करने से बचें। 
  • शनि जयंती के अवसर पर शनि ग्रह से जुड़ी कोई वस्तु खरीदकर लेकर आने से बचें क्योंकि इससे आपको उनका प्रकोप झेलना पड़ सकता है। 
  • शनि जयंती के दिन तेल. लोहा, नमक नहीं खरीदना चाहिए। अगर आपको इस दिन इन चीज़ों का दान करना है, तो इन्हें एक दिन पहले खरीदकर रख लें। 
  • शनि जयंती के शुभ अवसर पर मांस-मदिरा का सेवन करने से बचें, अन्यथा शनि ग्रह आपसे रुष्ट हो सकते हैं।  
  • इस दिन गलती से भी गरीबों और असहाय लोगों को परेशान नहीं करना चाहिए क्योंकि शनि देव को गरीबों के रक्षक कहा जाता है इसलिए शनि जयंती पर गरीबों को कष्ट न पहुंचाएं। 
  • शनि जयंती 2026 के दिन भूलकर भी पशु-पक्षियों को परेशान नहीं करें। 

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साढे साती और ढैय्या से राहत के लिए शनि जयंती पर करें ख़ास उपाय 

शनि चालीसा का पाठ: जीवन से दुखों के अंत के लिए शनि जयंती के अवसर पर शनि पूजा के दौरान शनि चालीसा का पाठ अवश्य करें। इस उपाय को करने से सकारात्मक  परिणाम प्राप्त होते हैं। 

शनि जयंती पर दान: शनि जयंती के शुभ दिन पर उड़द की दाल, जूते, चप्पल, काले रंग की वस्तुओं और छाता दान करना फलदायी माना जाता है।

पीपल के पेड़ का पूजन: शनि जयंती पर पीपल के पेड़ को जल अर्पित करें। साथ ही, शाम के समय पीपल के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएं। ऐसा कहा जाता है कि इस उपाय को करने से साढ़ेसाती और ढैय्या का प्रभाव कम होता है।

शनि बीज मंत्र का जाप: इस दिन भगवान शनि के बीज मंत्र ‘ॐ प्रां प्रीं प्रों स: शनैश्चराय नमः‘ मंत्र का जाप करना शुभ होता है क्योंकि इससे शनि देव प्रसन्न होते हैं।

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शनि जयंती 2026 पर राशि अनुसार जरूर करें ये अचूक उपाय 

मेष राशि: मेष राशि वाले शनि जयंती के दिन हनुमान जी को सिंदूर अर्पित करें और जरूरतमंदों को जूते-चप्पल का दान करें। 

वृषभ राशि: वृषभ राशि के जातक इस दिन दही और चीनी का दान करें। साथ ही, आपके लिए भगवान शिव की पूजा करना शुभ रहेगा। इस उपाय से शनिदेव शांत होते हैं।

मिथुन राशि: मिथुन राशि वालों को शनि जयंती के अवसर पर  ‘ॐ शं शनैश्चराय नमः’ मंत्र का 108 बार जाप करना चाहिए। इस दिन हनुमान जी की पूजा भी कल्याणकारी रहेगी। 

कर्क राशि: शनि जयंती 2026 पर कर्क राशि के जातकों को शनि स्तोत्र का पाठ करना चाहिए। आप इस दिन चावल और तिल का भी दान कर सकते हैं। 

सिंह राशि: सिंह राशि वालों के लिए इस अवसर पर गेहूं और गुड़ का दान करना फलदायी साबित होगा। साथ ही, आप शनि मंत्र का भी जाप करें। 

कन्या राशि: शनि जयंती के दिन कन्या राशि के जातक जरूरतमंदों को वस्त्र या कंबल का दान करें। साथ ही, भगवान शिव की पूजा करें। 

तुला राशि: तुला राशि वाले शनि जयंती के दिन दही और चीनी का दान करें। इसके अलावा, इस अवसर पर आप शिवलिंग पर जल अर्पित करें। 

वृश्चिक राशि: शनि जयंती पर वृश्चिक राशि वाले हनुमान जी की पूजा करें और प्रसाद के रूप में बूंदी के लड्डू का भोग लगाएं। 

धनु राशि: धनु राशि के जातक शनि जयंती पर काले तिल और काले वस्त्र का दान करें। साथ ही, पीले वस्त्र पहनकर शिवलिंग का जल से अभिषेक करें। 

मकर राशि: मकर राशि के लोगों को इस दिन शनि देव को सरसों का तेल चढ़ाना चाहिए। शनि जयंती पर आप काले वस्त्र पहनकर शनि स्तोत्र का पाठ करें।

कुंभ राशि: कुंभ राशि वालों को शनि जयंती 2026 पर शनि स्तोत्र का पाठ करना शुभ रहेगा। साथ ही, आप इस दिन जानवरों को रोटी या पक्षियों को दाना खिलाएं। 

मीन राशि: शनि जयंती के दिन मीन राशि वालों को सफाई कर्मचारियों को वस्त्र या मिठाई का दान करना चाहिए। इस दिन आप भगवान शिव के मंत्रों का भी जाप करें। 

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

1. साल 2026 में शनि जयंती कब है?

इस वर्ष शनि जयंती का पर्व 16 मई 2026 को मनाया जाएगा। 

2. शनि देव का आशीर्वाद कैसे पाएं?

भगवान शनि की कृपा और आशीर्वाद पाने के लिए शनिदेव का सरसों का तेल अर्पित करें और शनि चालीसा का पाठ करें। 

3. किस भगवान की पूजा से शनिदेव प्रसन्न होते हैं और क्यों?

हनुमान जी की पूजा से शनिदेव प्रसन्न होते हैं क्योंकि रावण ने अपनी लंका में भगवान शनि को बंदी बनाया हुआ था और हनुमान जी ने उन्हें लंकेश रावण की कैद से मुक्त कराया था। 

सूर्य का वृषभ राशि में गोचर: जानें विश्व पर प्रभाव

सूर्य का वृषभ राशि में गोचर: किसे होगा नफा-नुकसान?

सूर्य का वृषभ राशि में गोचर: ज्योतिषशास्‍त्र में सूर्य को आत्मा, आत्मविश्वास, पिता, मान, सम्मान, नेतृत्व क्षमता और सरकारी क्षेत्र का कारक माना गया है। जब सूर्य अपनी राशि परिवर्तन करते हैं, तो इसका प्रभाव सभी 12 राशियों के जीवन पर स्पष्ट रूप से देखने को मिलता है। अब सूर्य देव मेष राशि से निकलकर वृषभ राशि में गोचर करने जा रहे हैं। वृषभ राशि में सूर्य के होने पर व्‍यक्‍ति के जीवन और स्‍वभाव पर इसका गहरा असर देखने को मिलता है।

वृषभ राशिचक्र की दूसरी राशि है और इसका प्रतीक बैल है। इस राशि पर शुक्र ग्रह का स्‍वामित्‍व है। यह स्थिर एवं पृथ्‍वी तत्‍व की राशि है जो धैर्य, मेहनत और विलासिता का प्रतिनिधित्‍व करती है। सूर्य का वृषभ राशि में गोचर होने परव्‍यक्‍ति सोच-समझकर निर्णय लेता है और आर्थिक स्थिरता एवं आरामदायक जीवन पाना उनकी प्राथमिकता होती है। इनका संगीत, कला और लग्‍ज़री से भरपूर जीवन की ओर आकर्षण रहता है। ये एक बार जो ठान लेते हैं, फिर उसे पूरा कर के ही मानते हैं। ये स्‍वभाव से शांत होते हैं लेकिन अपनी बात पर अडिग भी रह सकते हैं।

इस ब्लॉग में हम विस्तार से जानेंगे कि सूर्य का वृषभ राशि में गोचर सभी 12 राशियों के जीवन को कैसे प्रभावित करेगा, इसके शुभ-अशुभ प्रभाव क्या होंगे और किन उपायों से आप इस गोचर का अधिकतम लाभ उठा सकते हैं। तो चलिए सबसे पहले जानते हैं, सूर्य के वृषभ राशि में गोचर की तिथि और समय।

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सूर्य का वृषभ राशि में गोचर : तिथि और समय 

वर्ष 2026 में सूर्य 15 मई, शुक्रवार को प्रातः 06:00 बजे अपनी उच्च राशि मेष से निकलकर शुक्र ग्रह की स्वामित्व वाली वृषभ राशि में प्रवेश करेंगे। सूर्य इस राशि में 15 जून 2026 तक रहेंगे। इस विशेष ज्योतिषीय घटना को वृषभ संक्रांति के नाम से जाना जाता है, जो स्थिरता, भौतिक सुख और संसाधनों से जुड़ी ऊर्जा को सक्रिय करती है।

वृषभ राशि में सूर्य: विशेषताएं

जब सूर्य वृषभ राशि में गोचर करता है, तब यह स्थिरता, धैर्य, आर्थिक योजनाओं और भौतिक सुख-सुविधाओं पर विशेष प्रभाव डालता है। वृषभ एक स्थिर पृथ्वी तत्व की राशि है, जो धैर्य, व्यावहारिकता, संपत्ति और संसाधनों से जुड़ी होती है इसलिए इस अवधि में लोग अपने आर्थिक मामलों, निवेश, बचत और जीवन की स्थिरता पर अधिक ध्यान देने लगते हैं।

जब सूर्य ग्रह वृषभ राशि में होते हैं, तब व्‍यक्‍ति जल्‍दी निर्णय नहीं ले पाते हैं लेकिन अगर एक बार फैसला ले लिया तो फिर वे पीछे नहीं हटते हैं। ये हर चीज़ में स्थिरता चाहते हैं फिर चाहे वह पैसा हो, रिश्‍ता हो या करियर। ये अपने रिश्‍तों में बहुत वफादार होते हैं लेकिन एक बार इनका भरोसा टूट जाए, तो वापस जुड़ना मुश्किल होता है। जब वृषभ राशि में सूर्य होता है, फाइनेंस, बैंकिंग, रियल एस्‍टेट और लग्‍ज़री एवं कला जैसे क्षेत्रों में अच्‍छा काम करते हैं। इन्‍हें धीरे-धीरे लेकिन दीर्घकालिक सफलता मिलती है। इन्‍हें रिस्‍क लेना पसंद नहीं होता है। ये अपने रिश्‍तों में गहराई और स्थिरता चाहते हैं। ये प्‍यार में थोड़े पोज़ेसिव या जलन रख सकते हैं। इन्‍हें ब्रांडेड चीज़ें और अच्‍छा खाना पसंद करते हैं। इस राशि में सूर्य के होने पर व्‍यक्‍ति पैसे बचाकर रखते हैं। जानिए इस दौरान किन राशियों को मिलेगा भाग्य का साथ, किसके करियर में आएगा बड़ा बदलाव, और किन लोगों को रहना होगा सतर्क।

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सूर्य किन राशियों के स्‍वामी हैं

वैदिक ज्‍योतिष के अनुसार सूर्य देव सिंह राशि के स्‍वामी हैं। सूर्य अग्नि, तेज, आत्‍मविश्‍वास और नेतृत्‍व करने की क्षमता के प्रतीक हैं। मेष राशि सूर्य की उच्‍च राशि है और तुला नीच राशि है। सूर्य के लिए मेष राशि को सबसे शुभ माना जाता है। इस राशि में सूर्य सबसे शक्‍तिशाली होता है और शुभ फल प्रदान करता है। इससे ऊर्जा, आत्‍मविश्‍वास और नेतृत्‍व करने की क्षमता में बढ़ोतरी होती है।

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12 भावों में सूर्य ग्रह का महत्व

ज्‍योतिषशास्‍त्र में सूर्य ग्रह को आत्‍मा, आत्‍मविश्‍वास, पिता, मान-सम्‍मान और नेतृत्‍व करने की क्षमता का कारक माना गया है। जन्‍मकुंडली के 12 भाव अलग-अलग क्षेत्रों को दर्शाते हैं और इन भावों में सूर्य का अलग-अलग फल या परिणाम होता है। आइए जानते हैं 12 भावों में सूर्य ग्रह का क्‍या महत्व है।

पहला भाव

पहले भाव में सूर्य व्यक्ति को प्रभावशाली, आत्मविश्वासी और नेतृत्व करने वाला बनाता है। जातक का व्यक्तित्व तेजस्वी रहता है, पर कभी-कभी अहं या गुस्सा अधिक हो सकता है।

दूसरा भाव

इनकी बातों में अधिकार और आत्मसम्मान झलकता है। परिवार में प्रतिष्ठा मिलती है, पर पारिवारिक मतभेद भी संभव हैं। इनकी धन कमाने की क्षमता मज़बूत होती है, पर खर्च भी तेज हो सकता है।

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तीसरा भाव

तीसरे भाव में साहस, पराक्रम और संचार क्षमता बढ़ती है। इनके अपने भाई-बहनों के साथ संबंध प्रभावशाली रहते हैं। मीडिया, लेखन, प्रशासन या सेना जैसा क्षेत्रों में सफलता मिल सकती है।

चौथा भाव

चौथे भाव में माता, घर, जमीन और वाहन से जुड़ा भाव है। यहां सूर्य व्यक्ति को संपत्ति दिला सकता है, लेकिन माता से विचारों का टकराव संभव है।

पांचवां भाव

कुंडली का पांचवा भाव बुद्धि, शिक्षा और संतान का भाव है। ये तेज बुद्धि वाले और रचनात्मक होते हैं। इन्‍हें अपनी संतान पर गर्व होता है।

छठा भाव

यह शत्रु, रोग और प्रतियोगिता का भाव है। यहां सूर्य शत्रुओं पर विजय दिलाता है। सरकारी नौकरी या प्रतियोगी परीक्षा में सफलता मिल सकती है, पर स्वास्थ्य का ध्यान जरूरी रहता है।

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सातवां भाव

सातवें भाव में विवाह और साझेदारी का भाव है। दांपत्य जीवन में अहं टकराव ला सकता है। जीवनसाथी उच्च पद वाला हो सकता है, लेकिन समझदारी जरूरी रहती है।

आठवां भाव

यह आयु, रहस्य और अचानक घटनाओं का भाव है। यहां सूर्य जीवन में उतार-चढ़ाव ला सकता है। रिसर्च, ज्योतिष या गूढ़ विद्या में रुचि बढ़ सकती है।

नौवां भाव

नौवे भाव में सूर्य भाग्य, धर्म और गुरु का कारक है। इन्‍हें पिता से सहयोग मिलता है और जीवन में सम्मान बढ़ता है।

दसवां भाव

दसवें भाव में सूर्य बहुत शुभ माना जाता है। प्रशासन, राजनीति, सरकारी सेवा या उच्च पद मिलने के प्रबल योग बनते हैं। समाज में मान-प्रतिष्ठा मिलती है।

ग्यारहवां भाव

यह लाभ और आय का भाव है। इन्‍हें उच्च पद वाले मित्र मिलते हैं और आय के अच्छे स्रोत बनते हैं। इनकी सभी इच्‍छाओं की पूर्ति होती है।

बारहवां भाव

बारहवें भाव में खर्च, विदेश और आध्यात्म का भाव है। यहां सूर्य विदेश से लाभ दे सकता है या व्यक्ति को अध्यात्म की ओर झुका सकता है।

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सूर्य ग्रह को मजबूत करने के उपाय

  • सूर्य को मज़बूत करने के लिए रविवार के दिन नमक कम लें, लाल रंग के वस्त्र पहनें और सूर्य मंत्र का जप करें।
  • इस दिन सूर्य से संबंधित चीज़ों का दान करना शुभ रहता है।
  • सूर्य देव की कृपा पाने के लिए प्रतिदिन या रविवार को आदित्य हृदय स्तोत्र पढ़ने से आत्मबल और मानसिक शक्ति बढ़ती है।
  • रविवार के दिन गेहूं, गुड़, तांबा, लाल कपड़ा या लाल मसूर का दान करें। हमेशा सच्‍चे मन से दान करें।
  • सूर्य पिता के कारक हैं इसलिए पिता, गुरु और सरकारी अधिकारियों का सम्मान करने से सूर्य मजबूत होता है।
  • प्रतिदिन 11 बार सूर्य नमस्कार करने से शरीर और आत्मविश्वास दोनों मजबूत होते हैं।
  • माणिक सूर्य का रत्न है, लेकिन इसे धारण करने से पहले किसी योग्य ज्योतिषी से कुंडली दिखाना जरूरी है।
  • झूठ, आलस्य और अहंकार से बचें। नियमित दिनचर्या रखें और सूर्योदय से पहले उठने की आदत डालें।

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सूर्य का वृषभ राशि में गोचर: राशि अनुसार प्रभाव और उपाय 

मेष राशि

इस समय आप पहले से ज्यादा आत्मविश्वासी और प्रभावशाली दिखाई देंगे। आपकी पर्सनैलिटी में एक अलग चमक दिखाई दे सकती है, लेकिन…(विस्तार से पढ़ें)

वृषभ राशि

इस दौरान आपके अंदर आत्मविश्वास के साथ थोड़ा अभिमान भी बढ़ सकता है। यदि इस पर नियंत्रण नहीं रखा तो रिश्तों में दूरी आ सकती है। खासकर…(विस्तार से पढ़ें)

मिथुन राशि

परिवार का कोई सदस्य विदेश जाने की तैयारी कर सकता है, जिससे आपको उनकी कमी महसूस हो सकती है। स्वास्थ्य के मामले में आंखों से जुड़ी परेशानी, नींद की…(विस्तार से पढ़ें)

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कर्क राशि

प्रेम जीवन में थोड़ी नीरसता या विचारों का टकराव देखने को मिल सकता है। ऐसे में संवाद बनाए रखना बेहद जरूरी होगा। विद्यार्थियों को इस समय…(विस्तार से पढ़ें)

सिंह राशि

इस दौरान आपको कार्यक्षेत्र में बड़ी सफलता मिल सकती है। नौकरी करने वाले लोगों को प्रमोशन या नई जिम्मेदारी मिल सकती है। वरिष्ठ अधिकारियों का…(विस्तार से पढ़ें)

कन्या राशि

इस समय समाज में आपका मान-सम्मान बढ़ सकता है और आप धार्मिक या परोपकारी कार्यों में रुचि ले सकते हैं। तीर्थ यात्रा का योग भी बन सकता है जिससे…(विस्तार से पढ़ें)

तुला राशि

कुछ लोगों को निजी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याएं भी परेशान कर सकती हैं, इसलिए इस समय नियमित जांच और संतुलित…(विस्तार से पढ़ें)

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वृश्चिक राशि

इस दौरान कार्यक्षेत्र में आपको अच्छे अवसर मिल सकते हैं। व्यापार में लाभ मिलने की संभावना बन सकती है और नौकरी करने वाले लोगों को प्रमोशन या सैलरी…(विस्तार से पढ़ें)

धनु राशि

यदि आपका पैसा कहीं अटका हुआ है तो उसके वापस मिलने की संभावना बन सकती है। कर्ज से जुड़े मामलों में भी राहत मिलने के संकेत…(विस्तार से पढ़ें)

मकर राशि

छात्रों के लिए यह समय थोड़ा चुनौतीपूर्ण हो सकता है क्योंकि ध्यान भटकने की संभावना बनी रह सकती है। आपको अपने शरीर में गर्मी या पित्त से जुड़ी…(विस्तार से पढ़ें)

कुंभ राशि

इस दौरान आपके भौतिक सुख-सुविधाओं में वृद्धि हो सकती है लेकिन मानसिक रूप से संतोष थोड़ा कम महसूस हो सकता है। परिवार में छोटी-छोटी…(विस्तार से पढ़ें)

मीन राशि

इस गोचर के दौरान पुराने दोस्तों से मुलाकात होने की संभावना बन सकती है, जिससे आपको खुशी मिलेगी। आपके विरोधी कमजोर पड़ सकते हैं और आप…(विस्तार से पढ़ें)

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अक्‍सर पूछे जाने वाले प्रश्‍न

1. सूर्य का वृषभ राशि में गोचर कब होगा?

वर्ष 2026 में सूर्य 15 मई, शुक्रवार को प्रातः 06:00 बजे अपनी उच्च राशि मेष से निकलकर शुक्र ग्रह की स्वामित्व वाली वृषभ राशि में प्रवेश करेंगे।

2. मीन राशि वालों के लिए सूर्य का यह गोचर कैसा रहेगा?

आपके विरोधी कमजोर पड़ सकते हैं और आप अपने प्रयासों से सफलता प्राप्त कर सकते हैं।

3. मेष राशि पर इस गोचर का क्‍या प्रभाव होगा?

आपकी पर्सनैलिटी में एक अलग चमक दिखाई दे सकती है।