शारदीय नवरात्रि 2026 आठवां दिन!

अष्टमी पर कन्या पूजन से पाएं माँ महागौरी का आशीर्वाद, जानें तिथि एवं पूजा मुहूर्त!

शारदीय नवरात्रि 2026 आठवां दिन: नवरात्रि के आठवें दिन को महाष्टमी या दुर्गाष्टमी के नाम से जाना जाता है। बता दें कि अष्टमी तिथि माँ दुर्गा के आठवें स्वरूप मां महागौरी को समर्पित है। हिंदू पंचांग के अनुसार, अश्विन मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि पर देवी की पूजा भक्तिभाव से की जाती है। इस तिथि का संबंध पवित्रता, शांति, क्षमा और आध्यात्मिक प्रगति का माना जाता है। 

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धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान शिव को पति के रूप में पाने के लिए कठोर तप किया था जिससे माता पार्वती का रंग सांवला पड़ गया था। माँ की भक्ति से प्रसन्न होकर भगवान शिव ने गंगाजल से उन्हें स्नान कराया, जिससे उनका रंग फिर उज्ज्वल हो गया। मां महागौरी की पूजा से मन और आत्मा की शुद्धि, नकारात्मकता की मुक्ति, सुख-समृद्धि और आध्यात्मिक प्रगति प्राप्त होगी। एस्ट्रोसेज एआई का यह विशेष ब्लॉग आपको शारदीय नवरात्रि 2026 के आठवें दिन की तिथि, पूजा विधि, शुभ मुहूर्त और इस तिथि पर किए जाए वाले सरल उपाय भी प्रदान करेंगे।  

शारदीय नवरात्रि 2026 महाष्टमी: तिथि एवं शुभ मुहूर्त

वर्ष 2026 में शारदीय नवरात्रि की महाष्टमी या दुर्गाष्टमी का पर्व 19 अक्टूबर 2026, सोमवार को मनाया जाएगा। इस दिन माता महागौरी के साथ-साथ कन्या पूजन भी किया जाता है। मान्यता है कि अष्टमी तिथि पर कन्या पूजन से जीवन में धन-समृद्धि, खुशियां, शांति और आधयात्मिक प्रगति प्राप्त होती है। भक्त अष्टमी तिथि का व्रत रखते हैं और मन की शुद्धि, मनोकामनाओं की पूर्ति और खुशहाली का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं।

शारदीय नवरात्रि आठवां दिन: 19 अक्टूबर 2026, सोमवार
अष्टमी तिथि प्रारंभ:  18 अक्टूबर 2026 की सुबह 08 बजकर 29 मिनट से
अष्टमी तिथि समाप्त:  19 अक्टूबर 2026 की सुबह 10 बजकर 53 मिनट तक
अभिजीत मुहूर्त : सुबह 11 बजकर 43 मिनट से दोपहर 12 बजकर 29 मिनट तक

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मां महागौरी और कन्या पूजन का आध्यात्मिक महत्व

सनातन धर्म में देवी दुर्गा का आठवां स्वरूप मां महागौरी का है जिनकी चार भुजाएं हैं। इनका वाहन सफेद वृषभ है। इनके एक दाएं हाथ में त्रिशूल और दूसरा हाथ अभय मुद्रा में है। बाई  भुजा में डमरू लिया हुआ है जबकि दूसरी भुजा वरद मुद्रा में है। माता महागौरी ने सफेद वस्त्र धारण किए हैं और इन्हें पवित्रता और शांति का प्रतीक माना जाता हैं।

महाअष्टमी पर कन्या पूजा या कुमारी पूजा का धार्मिक रूप से विशेष महत्व होता है। इस पूजा के अंतर्गत छोटी कन्याओं की मां दुर्गा के नौ स्वरूप मानकर पूजा की जाती है। वहीं, एक बालक को भैरव बाबा के रूप में पूजा जाता है। भक्तजन कन्याओं के पैर धोते हैं और उन्हें भोजन एवं भेंट स्वरूप उपहार देते हैं। साथ ही, इन कन्यों के माध्यम से देवी दुर्गा का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं।

ज्योतिष में मां महागौरी का संबंध राहु ग्रह से माना जाता है। इनके पूजन से राहु के अशुभ प्रभाव कम होते हैं, सभी तरह के भ्रम और भय दूर होते हैं तथा मानसिक स्पष्टता, स्थिरता और शक्ति बढ़ती है।

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शारदीय नवरात्रि अष्टमी तिथि: पूजा विधि

  • आप अष्टमी तिथि पर ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें और पूजा स्थल की सफ़ाई करें। इसके बाद. आप सफेद, गुलाबी या पीकॉक ग्रीन रंग कपड़े पहनें।
  • पूजास्थल पर मां महागौरी की मूर्ति या चित्र की स्थापना स्थापित करें। अब माँ के सामने घी का दीपक जलाएं और उन्हें मोगरा, रातरानी या अन्य सफेद फूल, अक्षत, कुमकुम और चंदन आदि सामग्री अर्पित करें।
  • मां को नारियल या इससे बनी मिठाइयों, हलवा, पूरी और चने का प्रसाद के रूप में भोग लगाएं। 
  • अष्टमी तिथि पर 2 से 10 वर्ष की कन्याओं को मां दुर्गा का स्वरूप मानकर पूजा करें। उनके पैर धोएं, तिलक करें और पूरी, चना व हलवा का भोग लगाएं, फिर उन्हें दक्षिणा या भेंट दें और पैर छूकर उनका आशीर्वाद लें।
  • पूजा के अंत में दुर्गा सप्तशती का पाठ करें और मां महागौरी की आरती करें। अब प्रसाद सबको दें और स्वयं भी ग्रहण करें। 

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शारदीय नवरात्रि 2026 अष्टमी: शुभ रंग और उपाय

  • शारदीय नवरात्रि अष्टमी तिथि का शुभ रंग: शारदीय नवरात्रि की अष्टमी पर पीकॉक ग्रीन रे या सफेद रंग के कपड़े धारण करना शुभ माना जाएगा। इन रंगों को शांति, सौहार्द पवित्रता, नई शुरुआत और देवी की कृपा का प्रतीक माना जाता है।
  • नारियल का लगाएं भोग: अष्टमी तिथि पर माँ महागौरी को साबुत नारियल या नारियल से बनी मिठाइयों का भोग लगाएं। ऐसा करने से आर्थिक समस्याएं दूर होती हैं और परिवार में सुख-समृद्धि आती है।
  • माँ महागौरी मंत्र जाप: ममता महागौरी की पूजा के दौरान आप “ॐ देवी महागौर्यै नमः” या “श्वेते वृषे समारूढ़ा श्वेताम्बरधरा शुचिः, महागौरी शुभं दद्यान्महादेवप्रमोददा” मंत्र का 108 बार जाप करें। 

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

1.  शारदीय नवरात्रि 2026 में अष्टमी कब है?

इस साल महाष्टमी 19 अक्टूबर 2026, सोमवार को मनाई जाएगी।

2. महाष्टमी पर किसकी पूजा होती है?

शारदीय नवरात्रि की अष्टमी तिथि पर माँ महागौरी की पूजा की जाती है।

3.माँ महागौरी को अष्टमी पर क्या भोग लगाएं?

अष्टमी तिथि पर माता महागौरी को प्रसाद में नारियल, हलवा, पूरी और काले चने का भोग लगाएं।