क्‍या है होली भाई दूज का महत्‍व?

होली भाई दूज पर क्‍या करती हैं बहनें? जानें सही तिथि!

होली भाई दूज: हिंदू पंचांग के अनुसार चैत्र माह की द्वितीया तिथि को होली भाई दूज का पर्व मनाया जाता है। सनातन धर्म में हर साल दीपावली और होली के त्‍योहार के दो दिन के बाद द्वितीया तिथि पर भाई दूज मनाने का रिवाज़ है। यह पर्व भाई-बहन के बीच के प्रेम और स्‍नेह को दर्शाता है। इस दिन भाई अपने घर पर भोजन नहीं करते हैं बल्कि अपनी बहन के घर जाकर उसके हाथों का बना भोजन खाते हैं।

एस्‍ट्रोसेज एआई के इस विशेष ब्‍लॉग में आगे विस्‍तार से बताया गया है कि होली भाई दूज का क्‍या महत्‍व है, इस बार यह किस तिथि पर पड़ रहा है और इस दिन क्‍या करना चाहिए। तो चलिए अब बिना देर किए आगे बढ़ते हैं और जानते हैं होली भाई दूज के बारे में।

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कब है होली भाई दूज

इस बार होली भाई दूज का त्‍योहार 05 मार्च, 2026 को गुरुवार के दिन पड़ रहा है। 04 मार्च, 2026 को शाम 04 बजकर 51 मिनट पर द्वितीया तिथि आरंभ होगी और यह 05 मार्च, 2026 को शाम 05 बजकर 06 मिनट पर खत्‍म होगी।

होली भाई दूज का महत्‍व

होली भाई दूज को भ्रातृ द्वितीया के नाम से भी जाना जाता है। हिंदू पंचांग में दो बार भाई दूज का पर्व आता है, एक होली के दो दिन बाद और दूसरा दीपावली के दो दिन बाद। भारत में दीपावली के बाद आने वाला भाई दूज अधिक लोकप्रिय है। हालांकि, कुछ क्षेत्रों में होली भाई दूज भी बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है लेकिन यह त्‍योहार ज्‍यादा प्रसिद्ध नहीं है।

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होली भाई दूज से जुड़ी पौराणिक कथा

पौराणिक कथा के अनुसार एक बार भगवान कृष्‍ण राक्षस नरकासुर का वध करने के बाद अपनी बहन सुभद्रा के पास जाते हैं। सुभद्रा ने दीपक, पुष्‍प और मिठाई से उनका स्‍वागत किया और अपने भाई कृष्‍ण के माथे पर तिलक लगाया। वहीं एक अन्‍य कथा के अनुसार जैन धर्म के संस्‍थापक महावीर ने जब निर्वाण प्राप्‍त किया, तब उनके भाई राजा नंदीवर्धन उनके विरह से व्‍याकुल हो गए थे। तब उनकी बहन सुदर्शन ने उन्‍हें सांत्‍वना दी। भाई दूज का इससे भी संबंध बताया जाता है।

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होली भाई दूज पर क्‍या करते हैं?

यह पर्व रक्षा बंधन जितना ही महत्‍व रखता है। इस दिन लड़कियां एवं स्त्रियां अपने हाथों पर मेहंदी लगाती हैं और अपने भाई की पसंद की मिठाई एवं पकवान बनाती हैं। भाई अपनी बहनों के घर जाते हैं और बहनें उनके माथे पर तिलक लगाकर उन्‍हें मिठाई खिलाती हैं और उनकी लंबी उम्र एवं सुख-समृद्धि की कामना करती हैं।

इस दिन भाई अपनी बहन की रक्षा करने का संकल्‍प लेते हैं। भाई अपनी बहनों को स्‍नेह के रूप में उपहार देते हैं।

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भाई दूज पर तिलक और पूजन विधि

  • भाई दूज वाले दिन सुबह जल्‍दी उठें और स्‍नान आदि करने के बाद धुले हुए वस्‍त्र धारण कर लें।
  • इसके बाद बहनें पूजा की थाली सजाएं जिसमें रोली, अक्षत, फल-फूल, मिठाई, सुपारी और नारियल शामिल हो।
  • पूजन या तिलक के दौरान भाई-बहन को उत्तर या पश्चिम दिशा की ओर मुख कर के बैठना चाहिए।
  • तिलक करने से पहले भगवान गणेश और विष्‍णु जी का स्‍मरण करें एवं उनसे मंगलकामना की प्रार्थना करें।
  • इसके बाद बहन अपने भाई को चौक या आसन पर बैठाकर रोली और अक्षत से उसके तिलक करती है।
  • फिर बहन भाई को बताशे, पान, फूल और नारियल देती है और उसके सुखी एवं सफल जीवन की कामना करती है।
  • स्‍नेह स्‍वरूप भाई अपनी बहन को उपहार देता है और जीवनभर उसकी रक्षा करने का वचन देता है।

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होली भाई दूज के दिन भूल से भी ना करें यह गलतियां 

  • भाई दूज के दिन भूल से भी भाई-बहन आपस में लड़ाई झगड़ा ना करें। 
  • भाई दूज के दिन झूठ ना बोलें और कोई गलत काम ना करें।
  • बहनें अपने भाई के तोहफे का अपमान ना करें। यह बहुत ही अशुभ माना जाता है। 
  • इसके अलावा इस दिन भाई या बहन काले रंग के वस्त्र न पहनें।
  • बहनें इस बात का ध्यान रखें कि पहले भाई को तिलक करें और उसके बाद ही अन्न ग्रहण करें। 
  • मुमकिन हो तो तिलक के बाद साथ बैठकर भोजन करें। 
  • तिलक सही दिशा में बैठकर करें। बहनें पूर्व की तरफ मुख करें और भाई उत्तर की तरफ मुख करके बैठ जाएं।

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होली भाई दूज के रीति रिवाज़ और अनुष्ठान 

इस दिन बहनें मिठाई, दिया और तिलक के साथ एक विशेष थाली तैयार करती हैं। भाई एक स्थान पर बैठते हैं और बहन उनके सिर के चारों ओर थाली घूमाकर आरती करती हैं, टीका लगाती है और अपने भाई को मिठाई खिलाती हैं और उनकी सलामती के लिए प्रार्थना करती हैं। 

बदले में भाई अपनी बहन को अपने स्नेह के प्रतीक के रूप में कोई उपहार या फिर पैसे देते हैं और आजीवन उनकी रक्षा करने की का भी वचन देते हैं। इस दिन विशेष व्यंजन और मिठाइयां बनाई जाती है और सभी लोग खुशी-खुशी इस त्योहार का जश्न मनाते हैं। बहुत सी जगहों में इस दिन लोक नृत्य और सांस्कृतिक प्रदर्शन उत्सव भी किए जाते हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

होली भाई दूज 2026 कब है?

यह  05 मार्च, 2026 को गुरुवार के दिन पड़ रहा है।

होली भाई दूज को और क्‍या कहते हैं?

इसे भ्रातृ द्वितीया भी कहते हैं।

होली भाई दूज पर क्‍या करते हैं?

इस दिन बहनें अपने भाई के माथे पर तिलक लगाती हैं।