सूर्य ग्रहण 2026: साल 2026 का दूसरा और अंतिम सूर्य ग्रहण 12 अगस्त 2026 को लग चुका है। ग्रहण के समाप्त होने के बाद आप अशुभ प्रभावों से बचने के लिए पूजा-पाठ और कुछ सरल उपाय कर सकते हैं। वैदिक ज्योतिष में सूर्य देव आत्मा, पिता अधिकार, आत्मविश्वास, स्वास्थ्य, मान-सम्मान और सरकार के कारक ग्रह माने जाते हैं। ऐसे में, ग्रहण के पश्चात कुछ सरल एवं प्रभावी उपाय करके आप सूर्य ग्रह का आशीर्वाद प्राप्त कर सकते हैं। आइए हम आगे बढ़ते हैं और आपको अवगत करवाते हैं पूर्ण सूर्य ग्रहण 2026 के बाद किए जाने वाले उपायों से।

आप एस्ट्रोसेज एआई से सूर्य यंत्र को प्राप्त कर सकते हैं और विधि-विधान से पूजा स्थल पर इसकी स्थापना कर सकते हैं।
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पूर्ण सूर्य ग्रहण 2026 के बाद अवश्य करें ये ज्योतिषीय उपाय
सूर्य देव को अर्घ्य दें
उगते हुए सूर्य को जल अर्पित करना सूर्य देव की कृपा पाने का सबसे सरल उपाय माना जाता है। आप तांबे के लोटे में जल लें और उसमें थोड़ा-सा सिंदूर मिलाकर सूर्य को अर्पित करें।
सूर्य मंत्र का जाप
सूर्य ग्रहण के समाप्त होने के बाद आप सूर्य मंत्र “ॐ घृणि सूर्याय नमः” का जाप करते हुए सूर्य देव का आशीर्वाद पाने के लिए प्रार्थना करें। इसके अलावा, आप सूर्य बीज मंत्र का जाप भी कर सकते हैं।
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भगवान विष्णु की उपासना
पूर्ण सूर्य ग्रहण 2026 के समाप्त होने के बाद सूर्य देव या भगवान विष्णु की पूजा-अर्चना करना शुभ माना जाता है। सूर्य से जुड़े ज्योतिषीय उपायों के अलावा आप आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ या फिर भगवान राम की पूजा भी कर सकते हैं।
रविवार के दिन व्रत करें
वर्ष के इस अंतिम सूर्य ग्रहण के बाद आने वाले रविवार का व्रत रखना सूर्य देव का एक प्रभावी उपाय माना गया है। ऐसी मान्यता है कि इस उपाय को करने से सूर्य का नकारात्मक प्रभाव कम होता है और यह जातक के भीतर आत्मविश्वास, इच्छाशक्ति, मानसिक शक्ति एवं स्वास्थ्य को मज़बूत बनाने में सहायता करता है। जो जातक रविवार का व्रत नहीं कर सकते हैं, वह इस दिन सात्विक भोजन का सेवन करते हुए अपना ध्यान पूजा-पाठ में लगाएं।
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सूर्य से जुड़ी वस्तुओं का दान
सूर्य ग्रहण की समाप्ति के बाद आप गुड़, गेहूं, तांबा या लाल रंग से जुड़ी वस्तुओं का दान करें। आप यह दान अपनी क्षमता के अनुसार और गरीबों एवं जरूरतमंदों की सहायता का भाव मन में लेकर करें।
पिता और बड़ों का आदर करें
सूर्य को पिता, अधिकार, मान-सम्मान और सरकार का कारक माना जाता है। ऐसे में, आप ग्रहण के बाद अपने पिता, पिता तुल्य व्यक्ति या फिर बड़े बुजुर्गों का आशीर्वाद लें और उनके प्रति सम्मान व्यक्त करें। इसे सूर्य कृपा पाने का उत्तम उपाय माना जाता है।
सूर्य यंत्र से करें सूर्य मज़बूत
सूर्य देव के शुभ प्रभाव में वृद्धि के लिए आप घर में सूर्य यंत्र की स्थापना करें। ऐसा माना जाता है कि सूर्य यंत्र के प्रभाव से सूर्य ग्रह की सकारात्मकता में वृद्धि होती है। साथ ही, यह जीवन में सफलता पाने में भी सहायक साबित होता है। आप एस्ट्रोसेज एआई से सूर्य यंत्र को प्राप्त कर सकते हैं और विधि-विधान से पूजा स्थल पर इसकी स्थापना कर सकते हैं।
माणिक्य धारण करें
वैदिक ज्योतिष में माणिक्य रत्न का संबंध सूर्य ग्रह से माना जाता है। ऐसी मान्यता है कि माणिक्य धारण करने से जातक को सूर्य ग्रह से सकारात्मक परिणामों की प्राप्ति होती है। साथ ही, व्यक्ति का आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता, ऊर्जा और आत्मसम्मान में बढ़ोतरी होती है। हालांकि, माणिक्य को कुंडली में सूर्य की स्थिति देखने के बाद ही धारण करना चाहिए। आप एस्ट्रोसेज एआई द्वारा भी माणिक्य रत्न को प्राप्त कर सकते हैं और अनुभवी ज्योतिषी के परामर्श पर इस रत्न को धारण कर सकते हैं।
पूर्ण सूर्य ग्रहण 2026: कैसे करें घर का शुद्धिकरण?
सूर्य ग्रहण के समाप्त होने के बाद आप घर और पूजा स्थल की शुद्धि के लिए आप कुछ आसान उपाय अपना सकते हैं।
- ग्रहण के बाद घर और पूजा स्थान की अच्छे से सफाई करें।
- स्नान करके साफ वस्त्र धारण करें।
- पूजा में रखी हुई मूर्तियों और बर्तनों को साफ करें।
- घर के मंदिर से उपयोग की गई सामग्री और फूल को हटा दें।
- भगवान को भोग लगाने के लिए ताज़ा भोजन तैयार करें।
- घर के मंदिर में दीपक जलाएं।
- घर और पूजा स्थान में गंगाजल का छिड़काव करें।
- ग्रहण के बाद इस्तेमाल किए गए पूजा के कपड़ों और अन्य वस्तुओं को धो लें या बदल दें।
- शुद्धिकरण को करने के बाद धार्मिक कार्यों को पुनः करें।
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
सूर्य ग्रह से जुड़े उपाय, पूजा-पाठ, दान और शुद्धिकरण आदि कार्य करें।
सूर्य ग्रहण के बाद आप “ॐ घृणि सूर्याय नमः” का जाप करें।
हाँ, ज्योतिषी को कुंडली के बाद आप माणिक्य रत्न धारण कर सकते हैं।