महाकुंभ 2025 के दौरान जरूर करें ये उपाय, गंगा स्नान के समान मिलेगा पुण्य; ग्रह दोष भी होंगे दूर!

आस्था का पर्व कहे जाने वाले महाकुंभ का आरंभ पौष पूर्णिमा के साथ हो गया है। इस महाकुंभ में लाखों भक्त आस्था की डुबकी लगाएंगे। हालांकि, ज्योतिष शास्त्र में ऋषि-मुनियों ने अनेक वैदिक उपायों के बारे में बताया है जिसमें हवन, यज्ञ, दान, मंदिर जाना, औषधि, आयुर्वेद ज्ञान आदि शामिल हैं जिन्हें अपनाकर महाकुंभ स्नान के दौरान आप ग्रह दोष से मुक्ति पा सकते हैं। एस्ट्रोसेज एआई के इस लेख में हम आपको महाकुंभ मेला 2025 की तिथि और इस दौरान किये जाने वाले उपाय के बारे में बताएंगे। साथ ही जानेंगे, गंगा स्नान में राहु की भूमिका के विषय में। 

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महाकुंभ 2025: तिथि एवं समय 

भारतीय संस्कृति, आस्था और अध्यात्म का प्रतीक महाकुंभ का मेला उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में 13 जनवरी, 2025 से शुरू होकर 26 फरवरी 2025 को समाप्त होगा। महाकुंभ का मेला प्रत्येक  12 वर्ष में आयोजित किया जाता है जो कि प्रयागराज में संगम के किनारे आयोजित होता है जहां पर गंगा, यमुना और सरस्वती नदी का मिलन होता है। यहां हम आपको महाकुंभ के अलावा यह भी बताएंगे कि ज्योतिष के अनुसार राहु की स्थिति गंगा स्नान के लिए किस तरह शुभ होती है, आइए जानते हैं।   

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राहु की स्थिति गंगा स्नान के लिए होती है शुभ 

गंगा स्नान और राहु के संबंध में ज्योतिषी कहते हैं कि जब सूर्य या राहु दशम भाव में होते हैं, तब वह गंगा स्नान आयोजित हो सकता है। अब आप सोच रहे होंगे कि सूर्य एक सात्विक ग्रह है, लेकिन राहु जैसा पापी ग्रह कैसे गंगा स्नान के लिए जिम्मेदार हो सकता है। बता दें कि राहु के दशम भाव में होने पर गंगा स्नान करने से कष्ट कम होते हैं। ऐसे ही, राहु के द्वादश भाव और नवम भाव में स्थिति भी स्नान के महत्व को दर्शाती है जिसके अंतर्गत चंद्रमा स्नान भी आता है।

कुंभ मेला में स्नान का महत्व 

कुंभ के मेले में स्नान का क्या महत्व है? यह आप भी जानते होंगे कि इस दौरान धर्मगुरु, साधु और संत दूर-दूर से महाकुंभ में भाग लेने के लिए पहुंचते हैं और गंगा के पवित्र जल में तीन बार डुबकी लगाते हैं। ज्योतिष के आधार पर चंद्रमा, केतु, राहु, शनि के साथ हो या छठे,आठवें,बारहवें भाव में होता है या शकट योग या केमद्रुम योग होता है अर्थात चंद्रमा या नवम भाव से जुड़े जितने भी दोष होते हैं, वह स्नान के माध्यम से दूर हो सकते हैं, विशेषकर गंगा स्नान से।  

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महाकुंभ में गंगा स्नान से दूर होंगे कष्ट

महाकुंभ में किया गया गंगा स्नान न सिर्फ मनुष्य के पाप नष्ट करने की क्षमता रखता है, बल्कि ग्रहों के नकारात्मक प्रभाव से भी मुक्ति प्रदान करता है। महाकुंभ स्नान से जातक के जन्म-जन्मांतर के पाप नष्ट हो जाते हैं और असीम पुण्य की प्राप्ति होती है। हालांकि, ग्रहों के अशुभ प्रभाव को कम करने के लिए औषधि स्नान भी फलदायी माना जाता है। अगर आप गंगा स्नान नहीं कर सकते हैं, तो इन उपायों को अपनाकर स्नान करके ग्रह दोष दूर कर सकते हैं। चलिए नज़र डालते हैं इन उपायों पर।

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महाकुंभ 2025 के दौरान ऐसे करें स्नान, ग्रह दोष से मिलेगी मुक्ति  

  • कुंडली में शुक्र देव के कमज़ोर होने पर नहाने के जल में इत्र डालकर स्नान करें। ऐसा करने से शुक्र का अशुभ प्रभाव कम होगा। 
  • जिन लोगों की कुंडली में चंद्र देव दुर्बल हैं, वह स्नान के जल में दूध मिलाकर नहाएं। 
  • ऐसे जातक जिनकी कुंडली में मंगल कमज़ोर हैं, उनके लिए मुल्तानी मिट्टी से स्नान करना फलदायी सिद्ध होगा। 
  • यदि आपकी कुंडली में चंद्रमा या नवम भाव से संबंधित कोई भी दोष है, तो आप तीर्थ स्थान का जल लेकर स्नान करें। संभव हो, तो आप महाकुंभ मेला 2025 में गंगा स्नान भी कर सकते हैं जो आपके लिए सर्वश्रेष्ठ रहेगा। 

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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

1. साल 2025 में महाकुंभ कब से शुरू है?

इस वर्ष महाकुंभ 13 जनवरी 2025 से शुरू होकर 26 फरवरी 2025 तक चलेगा।

2. महाकुंभ का आयोजन कहां होगा?

वर्ष 2025 में महाकुंभ प्रयागराज में संगम के किनारे आयोजित होगा।

3. महाकुंभ कितने वर्ष में आयोजित होता है?

महाकुंभ का आयोजन हर 12 वर्ष में होता है।  

माघ के महीने में राशि अनुसार करें उपाय, मिट जाएंगे हर जन्‍म के पाप!

हिंदू धर्म में पवित्र नदी में स्‍नान करने और दान-पुण्‍य एवं तप आदि के लिए माघ महीने 2025 को बहुत शुभ और पवित्र माना जाता है। इस महीने में भगवान सूर्य, मां गंगा और भगवान विष्‍णु की उपासना की जाती है। ऐसी मान्‍यता है कि जो भी व्‍यक्‍ति इस पावन महीने में पवित्र नदी में स्‍नान करता है, उसके पिछले जन्‍म के सारे पाप धुल जाते हैं और उसे पुण्‍य की प्राप्‍ति होती है।

वहीं दूसरी ओर, इस माह में भगवान सूर्य और भगवान विष्‍णु की पूजा करने से मोक्ष के द्वार खुल जाते हैं।

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कब शुरू हो रहा है माघ माह 2025

वर्ष 2025 में 14 जनवरी से माघ माह 2025 की शुरुआत हो रही है और यह 12 फरवरी, 2025 को समाप्‍त होगा। इस माह में कई बड़े व्रत एवं त्‍योहार पड़ रहे हैं जिनके बारे में आगे विस्‍तार से बताया जा रहा है।

माघ माह 2025 का महत्व 

शास्‍त्रों के अनुसार माघ के महीने में गौतम ऋषि ने इंद्रदेव को श्राप दिया था। इस श्राप से मुक्‍ति पाने के लिए माघ के महीने में ही इंद्रदेव ने गंगा नदी में स्नान किया था। यही वजह है कि इस दौरान पूर्णिमा और अमावस्या तिथि पर विशेष तौर पर गंगा में स्नान करने को अत्‍यंत पवित्र और लाभकारी माना जाता है।  

मान्‍यता है कि इस माह में दान करने से मृत्यु काल में लाभ मिलता है। मन की ग्रंथियां खुलती हैं और शुभ फलों की प्राप्ति होती है। इसके अलावा इस माह में पवित्र नदियों में स्नान करने से दस हज़ार अश्वमेध यज्ञ करने के बराबर फल की प्राप्ति होती है।

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माघ माह में पड़ने वाले व्रत एवं त्‍योहार

दिनव्रत-त्‍योहार
14 जनवरी, 2025गंगा स्‍नान, मकर संक्रां‍ति
17 जनवरी, 2025संकष्‍टी चतुर्थी, सकट चौथ
21 जनवरी, 2025कालाष्‍टमी
25 जनवरी, 2025षटतिला एकादशी
26 जनवरी, 2025गणतंत्र दिवस
27 जनवरी, 2025प्रदोष व्रत, मासिक शिवरात्रि
29 जनवरी, 2025अमावस्‍या, मौनी अमावस्‍या
30 जनवरी, 2025माघ गुप्‍त नवरात्रि
01 फरवरी, 2025गणेश जयंती, वरद चतुर्थी
02 फरवरी, 2025बसंत पंचमी
04 फरवरी, 2025रथ सप्‍तमी
05 फरवरी, 2025बुधाष्‍टमी व्रत, दुर्गाष्‍टमी व्रत
06 फरवरी, 2025महानंदा नवमी
07 फरवरी, 2025रोहिणी व्रत
08 फरवरी, 2025जया एकादशी
10 फरवरी, 2025प्रदोष व्रत
12 फरवरी, 2025पूर्णिमा व्रत, कुंभ संक्रांति, रविदास जयंती, माघ पूर्णिमा, माघस्‍नान समाप्‍त

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माघ मास 2025 के नियम

माघ के महीने में पवित्र नदी या गंगा नदी में स्नान करने का बहुत महत्व है। यदि आप ऐसा नहीं कर सकते हैं, तो अपने नहाने के पानी में गंगाजल की कुछ बूंदें मिलाकर उससे स्नान कर लें। इससे भी आपको फायदा होगा।

माघ के महीने में रोज़ श्रीमद्भगवद्गीता गीता का पाठ करें। ऐसा करने से भगवान विष्‍णु का आशीर्वाद मिलता है और घर में सुख-शांति आती है।

आप नहाने के पानी में तिल के बीज डाल सकते हैं या इनका सेवन भी कर सकते हैं।

माघ मास में रोज़ तुलसी के पौधे के आगे घी का दीपक जलाएं और उसकी पूजा करें। ऐसा करने से भगवान विष्‍णु प्रसन्‍न होते हैं और जीवन के सारे कष्‍ट दूर होते हैं।

माघ माह 2025 में क्‍या करें या क्‍या न करें

  • अगर आपको शनि दोष है, तो आप माघ महीने में इससे मुक्‍ति पाने के लिए काले तिल का दान कर सकते हैं।
  • वहीं राहु दोष से मुक्‍ति पाने के लिए माघ माह में कंबल या गर्म कपड़ों का दान करना चाहिए।
  • शास्‍त्रों के अनुसार इस महीने में ब्रह्मचर्य का पालन करने का बहुत महत्‍व है।
  • इसके अलावा माघ के पवित्र मास में आलस से बचना चाहिए, सुबह देर तक सोना नहीं चाहिए और रोज़ स्‍नान करना चाहिए।
  • इस मास में तुलसी की पूजा एवं गीता का पाठ करना चाहिए। इससे ईश्‍वर आपसे प्रसन्‍न होंगे।
  • माघ के महीने में कल्‍पवास की शुरुआत भगवान शालिग्राम और मां तुलसी के पूजन से होती है।
  • इस महीने में मूली का सेवन करना वर्जित माना गया है।
  • इसके अलावा इस दौरान तामसिक भोजन करने एवं मदिरा का पान करने से बचना चाहिए।

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माघ माह 2025 में राशि अनुसार उपाय

आगे बताया गया है कि आप अपनी राशि के अनुसार माघ के महीने में कौन से उपाय कर सकते हैं।

  • मेष राशि: आप माघ मास में रोज़ हनुमान जी की पूजा करें या हनुमान चालीसा का पाठ करें। ऐसा करने से आपके मार्ग की सभी बाधाएं दूर होंगी और आपके आत्‍मविश्‍वास में वृद्धि होगी।।
  • वृषभ राशि: आप माघ मास में सोमवार के दिन भगवान शिव की पूजा करें और उन्‍हें बेल पत्र चढ़ाएं। इसके अलावा महामृत्‍युंजय मंत्र का जाप करने से भी लाभ होगा।
  • मिथुन राशि: आप नियमित रूप से गायत्री मंत्र का जाप करें और रविवार के दिन पीपल के पेड़ पर जल चढ़ाएं।
  • कर्क राशि: माघ मास में गरीब एवं ज़रूरतमंद लोगों को चावल या गेहूं का दान करें। इससे आपकी आर्थिक स्थिति में सुधार आएगा।
  • सिंह राशि: आप रविवार के दिन सूर्य देव को सूरजमुखी के बीज या लाल रंग के पुष्‍प अर्पित करें।
  • कन्‍या राशि: किसी मंदिर में या गरीब व्‍यक्‍ति को सफेद रंग के वस्‍त्र या दूध दान करें। इससे आपके भाग्‍य में वृद्धि होगी।
  • तुला राशि: मानसिक शांति के लिए तुला राशि वाले शुक्रवार के दिन घी और चीनी का दान करें।
  • वृश्चिक राशि: आप बुधवार के दिन भगवान गणेश को मोदक चढ़ाएं और गणपति स्‍तोत्र का पाठ करें।
  • धनु राशि: बृहस्‍पतिवार के दिन धनु राशि वाले भगवान विष्‍णु को हल्‍दी और पीले रंग के पुष्‍प अर्पित करें।
  • मकर राशि: करियर और जीवन में प्रगति पाने के लिए आप तिल के बीजों और काले रंग के वस्‍त्रों का दान करें।
  • कुंभ राशि: भाग्‍य में वृद्धि के लिए कुंभ राशि वाले गरीब लोगों को जल का दान करें और जल अभिषेक करें।
  • मीन राशि: आर्थिक संकट दूर करने के लिए आप दूध, चीनी और चावल का दान करें।

माघ पूर्णिमा का महत्‍व

माघ के महीने में पड़ने वाली अमावस्‍या और पूर्णिमा का बहुत महत्‍व है। माघ माह 2025 में पूर्णिमा तिथि 11 फरवरी को शाम 06 बजकर 58 मिनट पर शुरू होगी और इसका समापन 12 फरवरी को शाम 07 बजकर 26 मिनट पर होगा।

माघी पूर्णिमा को लेकर पद्म पुराण में कहा गया है कि, अगर माघ पूर्णिमा वाले दिन व्यक्ति पवित्र नदी में स्नान करे, इसके बाद ध्यान, तप, दान कर, तो इससे श्री हरि प्रसन्‍न होते हैं। 

इसके अलावा इस दिन दान का विशेष महत्व होता है। ऐसे में आप चाहें तो इस दिन गोदान, तिल, गुड़ और कंबल का दान कर सकते हैं। इसके साथ ही आप वस्त्र, गुड, घी, कपास, लड्डू, फल, आदि का भी दान कर सकते हैं। इसके साथ ही माघी पूर्णिमा के दिन गंगा स्नान का विशेष महत्व होता है। ऐसे में अगर आपके लिए मुमकिन हो तो इस दिन गंगा स्नान अवश्य करें, गरीबों और ज़रूरतमंद लोगों की मदद करें।

माघ माह 2025 में किए जाने वाले ज्‍योतिषीय उपाय

  • गरीबों को भोजन खिलाने, मंदिरों एवं तीर्थस्‍थलों पर दान आदि करने के लिए माघ क महीना बहुत उत्तम माना जाता है। वैदिक ज्‍योतिष के अनुसार गरीब एवं ज़रूरतमंद लोगों की मदद करने से नकारात्‍मक कर्मों का नाश होता है और भाग्‍य में वृद्धि होती है। इस दौरान सफेद या हल्‍के रंग के वस्‍त्रों का दान करने, चावल, दाल या अनाज, अन्‍न या जल और बच्‍चों को किताबों का दान करना चाहिए।
  • चंद्रमा को मज़बूत करने के लिए माघ का महीना बहुत महत्‍वपूर्ण होता है। चंद्रमा मन, भावनाओं और मस्तिष्‍क का कारक हैं और जल के पास ध्‍यान करने, पौधों को जल चढ़ाने या चंद्रमा के नीचे बैठकर प्रार्थना करने से मानसिक स्‍वास्‍थ्‍य बेहतर होता है और भावनात्‍मक ऊर्जा मिलती है।
  • शाम के समय खासतौर पर घर के प्रवेश द्वार या मंदिर में घी का दीपक जलाएं। कहते हैं कि इस उपाय को करने से ईश्‍वर की कृपा प्राप्‍त होती है और नकारात्‍मक ऊर्जा खत्‍म होती है। माघ के महीने में घी का दीया जलाने का बहुत महत्‍व है।
  • माघ के महीने में धार्मिक ग्रंथों का पाठ करना अच्‍छा रहता है। आप इस दौरान श्रीमद्भगवद्गीता का पाठ कर सकते हैं। इससे मानसिक शांति, आध्‍यात्मिक शक्‍ति मिलती है और नकारात्‍मक ऊर्जाओं से सुरक्षा मिलती है।

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इसी आशा के साथ कि, आपको यह लेख भी पसंद आया होगा एस्ट्रोसेज के साथ बने रहने के लिए हम आपका बहुत-बहुत धन्यवाद करते हैं।

अक्‍सर पूछे जाने वाले प्रश्‍न

प्रश्‍न 1. माघ का महीना कब शुरू हो रहा है?

उत्तर. 14 जनवरी से माघ माह शुरू हो रहा है।

प्रश्‍न 2. माघ माह कब खत्‍म होगा?

उत्तर. यह 12 फरवरी को खत्‍म होगा।

प्रश्‍न 3. माघ माह में किसकी पूजा की जाती है?

उत्तर. इसमें भगवान विष्‍णु की उपासना होती है।

पौष पूर्णिमा 2025: इस दिन राशि अनुसार इन चीज़ों का करें दान, दोगुना होगा पुण्‍य

हिंदू धर्म में पूर्णिमा और अमावस्‍या तिथि का बहुत महत्‍व होता है। साल में कई पूर्णिमा तिथियां आती हैं लेकिन इनमें से पौष पूर्णिमा और माघ पूर्णिमा को अत्‍यंत महत्‍वपूर्ण माना जाता है। हिंदू कैलेंडर में पौष पूर्णिमा को बहुत खास माना गया है। माघ के महीने में पौष पूर्णिमा एक महीने तक की जाने वाली तपस्‍या की शुरुआत का प्रतीक है। चंद्र कैलेंडर के अनुसार पौष पूर्णिमा के अगले दिन से ही माघ के महीने का आरंभ हो जाता है।

माघ के महीने में श्रद्धालु प्रात:काल ब्रह्म मुहूर्त में गंगा या यमुना नदी में स्‍नान करते हैं। इस स्‍नान का आरंभ पौष पूर्णिमा से होता है और इसका समापन माघ पूर्णिमा पर होता है। मान्‍यता है कि जो भी व्‍यक्‍ति इस बीच दान करता है, उसे दोगुना पुण्‍य प्राप्‍त होता है।

आगे जानिए कि पौष पूर्णिमा व्रत 2025 कब है, इसका महत्‍व क्‍या है और पौष पूर्णिमा के दिन कौन-से ज्‍योतिषीय उपाय कर सकते हैं।

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कब है पौष पूर्णिमा व्रत 2025

13 जनवरी की प्रात: काल 05 बजकर 05 मिनट पर पूर्णिमा तिथि आरंभ होगी और इसका समापन 14 जनवरी की सुबह 03 बजकर 59 मिनट पर होगा। इस प्रकार पौष पूर्णिमा 13 जनवरी को पड़ रही है।

पौष पूर्णिमा व्रत 2025 का महत्‍व

पौष पूर्णिमा माघ या जनवरी के महीने में पूर्णिमा तिथि पर मनाई जाती है। इस दिन मंत्र जाप करना बहुत शुभ माना जाता है एवं इस पावन अवसर पर भगवान विष्‍णु और मां लक्ष्‍मी की उपासना का विधान है। इस दिन श्रद्धालु पूर्णिमा का व्रत रखते हैं एवं सत्‍यनारायण व्रत कथा पढ़ते हैं। ऐसा माना जाता है कि पौष पूर्णिमा पर इस कथा को पढ़ने से सभी मनोकामनाओं की पूर्ति होती है। इस शुभ दिन पर पवित्र नदी में डुबकी लगाने से पिछले जन्‍मों के सारे पाप धुल जाते हैं।

हिंदू पंचांग के अनुसार एक वर्ष में बारह पूर्णिमा आती हैं और इनमें से पौष पूर्णिमा का अत्‍यधिक महत्‍व होता है। इस दिन को भगवान विष्‍णु और मां लक्ष्‍मी का आशीर्वाद पाने के लिए सबसे अधिक शुभ माना जाता है। पौष पूर्णिमा को शाकंभरी पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है। लोक मान्‍यता के अनुसार शाकंभरी देवी ने पृथ्‍वी को सूखे और अकाल की‍ स्थिति से बचाया था एवं शाकंभरी देवी मां दुर्गा का अवतार थीं। मां शाकंभरी को फलों, हरी पत्तियों और सब्जियों की देवी के रूप में जाना जाता है और वे अपने भक्‍तों की राक्षसों से सुरक्षा करती हैं।

पौराणिक कथाओं के अनुसार देवी शाकंभरी ने दुर्गमा नाम के राक्षस का वध किया था। पौष पूर्णिमा पर मां शाकंभरी का आशीर्वाद लेने के बाद दुर्गा चालीसा का पाठ किया जाता है। इस दिन भगवद् गीता और रामायण का पाठ करना भी शुभ माना गया है। कृष्‍ण मंदिरों में इस दिन पुष्‍यभिषेक यात्रा निकाली जाती है। 

वैदिक ज्‍योतिष के अनुसार चंद्रमा मन और भावनाओं का कारक हैं इसलिए अगर कोई व्‍यक्‍ति पौष पूर्णिमा या पूर्णिमा के दिन चंद्रमा या मां दुर्गा की उपासना करता है, तो उसे चंद्र देव की कृपा प्राप्‍त होती है और उनके नकारात्‍मक प्रभावों में कमी आती है।

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पौष पूर्णिमा व्रत 2025 की विधि

पौष पूर्णिमा के दिन प्रात:काल स्‍नान करने के बाद आप गेहूं और अनाज की पांच ढेर बनाएं और उसके ऊपर भगवान विष्‍णु, सूर्य, रुद्र, ब्रह्मा जी और मां लक्ष्‍मी को स्‍थापित करें। यदि‍ इनमें से किसी आराध्‍य की तस्‍वीर नहीं है, तो आप उनका ध्‍यान करते हुए उनके नाम से एक फूल उस ढेर पर रख दें। अब आप क्रम के अनुसार इनकी पूजा करें और घी का दीपक जलाकर देवी-देवताओं को तिल, गुड़ और फलों का प्रसाद चढ़ाएं।

इसके बाद आरती करें और अगले दिन इस अनाज को किसी गरीब या ब्राह्मण को दान कर दें। पौष पूर्णिमा के व्रत में शाम के समय खीर बनाकर मां लक्ष्‍मी को भोग लगाएं और आरती करें। ऐसा करने से आपके घर से दुख और गरीबी खत्‍म होगी एवं परिवार में खुशियां आएंगी।

कल्‍प वास होता है शुरू

हिंदू धर्म में पौष पूर्णिमा से ही माघ स्‍नान की शुरुआत हो जाती है। पौष पूर्णिमा के व्रत में सूर्यादय से पहले माघ स्‍नान करने का बहुत महत्‍व है और पौष पूर्णिमा के बाद पूरे माघ के महीने में इस नियम का पालन किया जाता है। माघ के महीने में सर्दी बहुत तेज होती है इसलिए जो भी व्‍यक्‍ति इस दौरान सूर्योदय से पहले गंगा में स्‍नान करता है, उसे मोक्ष की प्राप्ति होती है। यदि कोई व्‍यक्‍ति गंगा के तट पर माघ के महीने में रहकर कल्‍पवास करते हुए स्‍नान नहीं कर सकता है, तो वह घर पर ही नहाने के पानी में गंगा जल मिलाकर स्‍नान कर सकता है। इससे भी पुण्‍य की प्राप्ति होती है।

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पौष पूर्णिमा के दिन क्‍या करें, क्‍या न करें

पौष पूर्णिमा के दिन निम्‍न उपाय करने से पुण्‍य एवं मोक्ष की प्राप्ति होती है:

  • पूर्णिमा के दिन चावल का दान करना चाहिए। शास्‍त्रों के अनुसार चावल का संबंध चंद्रमा से होता है और पूर्णिमा के दिन चावल का दान करने से कुंंडली में चंद्रमा मज़बूत होता है।
  • इस दिन सफेद रंग की चीज़ों का दान करने से भी चंद्रमा को बल मिलता है।
  • पूर्णिमा के शुभ दिन पर सत्‍यनारायण भगवान की कथा सुनने का बहुत महत्‍व है।
  • इस पवित्र दिन पर भगवान शिव की पूजा करने से भी लाभ होता है।
  • यदि आप मां लक्ष्‍मी को प्रसन्‍न करना चाहते हैं, तो पूर्णिमा के दिन पीपल के पेड़ की पूजा करें। मान्‍यता है कि पीपल के पेड़ में मां लक्ष्‍मी का वास होता है इसलिए उसकी पूजा करने से मां लक्ष्‍मी की कृपा प्राप्‍त होती है।
  • प‍ूर्णिमा या पौष पूर्णिमा व्रत 2025 के दिन प्‍याज, लहसुन, मांस-मदिरा या तामसिक चीज़ों का सेवन करने से बचना चाहिए।
  • इस‍ दिन किसी से भी बहस या झगड़ा न करें और न ही किसी को अपशब्‍द कहें।
  • पूर्णिमा के दिन जो भी गरीब या ज़रूरतंद आपके घर आता है, उसकी मदद करें।
  • पौष पूर्णिमा के दिन शरीर पर सरसों का तेल लगाकर स्‍नान करें और अपने नहाने के पानी में थोड़ा-सा परफ्यूम डालकर उस पानी से स्‍नान करें।
  • लड्डू गोपाल की मूर्ति पर घी चढ़ाएं।
  • श्री विष्‍णु, देवराज और बृहस्‍पति देव के मंत्रों का जाप करें।

पूर्णिमा के दिन सिंदूर लगाना चाहिए या नहीं

भारत में कई स्‍थानों पर ऐसी मान्‍यता है कि पूर्णिमा के दिन महिलाओं को मांग में सिंदूर नहीं लगाना नहीं क्‍योंकि ऐसा करना अशुभ होता है। वहीं कुछ हिस्‍सों में पूर्णिमा के दिन महिलाएं सिंदूर ज़रूर लगाती हैं। इस संबंध में सभी के अपने विचार हैं लेकिन शास्‍त्रों में इसका कोई उल्‍लेख नहीं मिलता है।

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पौष पूर्णिमा व्रत 2025 पर इन चीज़ों का करें दान

  • पूर्णिमा के दिन अरहर की दाल और चावल की खिचड़ी में घी डालकर किसी गरीब या ज़रूरतमंद व्‍यक्‍ति को खिलाना चाहिए।
  • पूर्णिमा पर लाल रंग का बहुत महत्‍व है, इसलिए अगर आप पौष पूर्णिमा का व्रत रख रहे हैं, तो इस दिन लाल रंग के वस्‍त्र पहनने की कोशिश करें। माघ के महीने में तांबे के बर्तन दान करने का बहुत महत्‍व है।
  • ज़रूरतमंद एवं गरीब लोगों को इस दिन या माघ माह में तिल, गुड़, कंबल और ऊन से बनी चीज़ों का दान करें।

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पौष पूर्णिमा व्रत 2025 पर राशि अनुसार उपाय

आगे बताया गया है कि पौष पूर्णिमा पर राशि अनुसार क्‍या उपाय कर सकते हैं:

  • मेष राशि: आप इस दिन तांबे के लोटे में जल भरकर भगवान सूर्य को अर्घ्‍य दें और लाल रंग के वस्‍त्रों एवं गुड़ का दान करें।
  • वृषभ राशि: आप मां लक्ष्‍मी की पूजा करें और उन्‍हें सफेद रंग के फूल और मिठाई अर्पित करें। इसके साथ ही आप पूर्णिमा के दिन चावल और दूध का दान करें।
  • मिथुन राशि: पौष पूर्णिमा व्रत 2025 पर पवित्र नदी में डुबकी लगाएं और भगवान विष्‍णु को तुलसी का पत्ते चढ़ाएं। आप हरे रंग के वस्‍त्रों और मूंग की दाल का दान करें।
  • कर्क राशि: पूर्णिमा की रात्रि को चंद्रमा को अर्घ्‍य दें और दूध एवं चावल से बनी खीर का भोग लगाएं। आप सफेद मिठाई और चावल दान में दें।
  • सिंह राशि: आप पौष पूर्णिमा पर पीपल के पेड़ के नीचे घी का दीया जलाएं। सिंह राशि वाले गेूहं और गुड़ का दान करें।
  • कन्‍या राशि: आप पौष पूर्णिमा पर हनुमान जी को सिंदूर और तिल का तेल चढ़ाएं। आप हरे मूंग और किताबों का दान कर सकते हैं।
  • तुला राशि: इस राशि वाले मां दुर्गा को लाल रंग की चुनरी चढ़ाएं और फल अर्पित करें। आप सुगंधित कपड़े और मिठाई दें।
  • वृश्चिक राशि: पौष पूर्णिमा पर आप शिवलिंग पर जल और बेलपत्र चढ़ाएं। आप तांबे से बनी चीज़ों और गुड़ का दान कर सकते हैं।
  • धनु राशि: जिन लोगों की धनु राशि है, वे पूर्णिमा के दिन भगवान विष्‍णु की पूजा करें और उन्‍हें पीले रंग के फूल चढ़ाएं। आप चना दाल और घी का दान कर सकते हैं।
  • मकर राशि: आप पीपल के पेड़ पर जल चढ़ाएं और दीपक जलाएं। आप इस दिन काले तिल और लोहे के बर्तनों का दान कर सकते हैं।
  • कुंभ राशि: पूर्णिमा के दिन आप शिवलिंग पर कच्‍चा दूध और सफेद रंग के फूल चढ़ाएं। आपको इस दिन काले तिल और चावलों का दान करना चाहिए।
  • मीन राशि: आप भगवान विष्‍णु की पूजा करें और उन्‍हें हल्‍दी एवं तुलसी अर्पित करें। आप पीले रंग के वस्‍त्रों और गुड़ का दान करें।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रश्‍न 1. वर्ष 2025 में पौष पूर्णिमा का व्रत कब पड़ रहा है?

उत्तर. 13 जनवरी को पौष पूर्णिमा व्रत है।

प्रश्‍न 2. पौष पूर्णिमा पर क्‍या किया जाता है?

उत्तर. इस दिन पवित्र नदियों में स्‍नान करने का बहुत महत्‍व है।

प्रश्‍न 3. पौष पूर्णिमा व्रत 2025 पर व्रत रखने से क्‍या होता है?

उत्तर. इस दिन व्रत रखने से मोक्ष की प्राप्ति होती है।

इस सप्ताह सूर्य गोचर के साथ शुरू हो जाएंगे मांगलिक कार्य, जानें पूरे हफ़्ते का लेखा-जोखा!

एस्ट्रोसेज का साप्ताहिक राशिफल का यह ब्लॉग आपको जनवरी 2025 के दूसरे सप्ताह यानी कि 13 जनवरी से लेकर 19 जनवरी, 2025 के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान करेगा। इस ब्लॉग की सहायता से हम आपको बताएंगे कि जनवरी के इस सप्ताह में 12 राशियों के जातकों के जीवन के विभिन्न आयामों जैसे व्यापार, करियर, विवाह, प्रेम, स्वास्थ्य सहित रिलेशनशिप आदि का हाल कैसा रहने वाला है। इस हफ़्ते किन राशियों का भाग्य उदय होगा और किन राशियों को मुसीबतों से होना होगा दो-चार? इन सभी सवालों के सही एवं सटीक जवाब आपको हमारे इस ब्लॉग में मिलेंगे। साथ ही, इस दौरान किन उपायों को अपनाकर आप अशुभ ग्रहों के नकारात्मक प्रभावों को दूर कर सकते हैं? इस बारे में भी हम आपको अवगत करवाएंगे। बता दें कि यह ब्लॉग हमारे अनुभवी और विद्वान ज्योतिषियों द्वारा ग्रह एवं नक्षत्रों की गणना के आधार पर तैयार किया गया है। 

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इसके अलावा, साप्ताहिक राशिफल के इस लेख में हम अपने पाठकों को 13 जनवरी से 19 जनवरी के बीच पड़ने वाले व्रत, त्योहारों, ग्रहण और गोचर आदि की सही तिथियां भी प्रदान करेंगे। सिर्फ इतना ही नहीं, इस हफ़्ते में जन्म वाले मशहूर सितारों के जन्मदिन के बारे में भी हम चर्चा करेंगे। इस दौरान कब-कब है शुभ एवं मांगलिक कार्यों के मुहूर्त? इससे भी हम आपको रूबरू करवाएंगे। तो आइए अब बिना देर किये आगे बढ़ते हैं और राशि अनुसार जानते हैं कि जनवरी 2025 का यह दूसरा सप्ताह आपके लिए कैसा रहेगा। 

इस सप्ताह के ज्योतिषीय तथ्य और हिंदू कैलेंडर की गणना

आगे बढ़ने से पहले हम नज़र डाल लेते हैं इस सप्ताह के पंचांग पर, जनवरी 2025 का दूसरा सप्ताह आर्द्रा नक्षत्र के अंतर्गत शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि अर्थात 13 जनवरी 2025 को शुरू होगा और इस सप्ताह का अंत हस्त नक्षत्र के तहत कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि यानी कि 19 जनवरी 2025 को होगा। हालंकि, यह सप्ताह बेहद ख़ास रहने वाला है क्योंकि 14 जनवरी 2025 को खरमास का अंत हो जाएगा और शुभ एवं मांगलिक कार्यों का पुनः आरंभ हो जाएगा। अब हम आगे बढ़ते हैं और आपको रूबरू करवाते हैं जनवरी के इस हफ्ते में पड़ने वाले व्रत एवं त्योहारों की सही तिथियों से। 

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इस सप्ताह में पड़ने वाले व्रत और त्योहार 

साप्ताहिक राशिफल ब्लॉग के इस सेक्शन को ख़ास तौर पर उन लोगों को ध्यान में रखकर बनाया गया है जो अपनी व्यस्त ज़िन्दगी की भागदौड़ की वजह से प्रमुख व्रत एवं त्योहार की तिथियों को याद नहीं रख पाते हैं और भूल जाते हैं। ऐसे में, आपको दोबारा ऐसी किसी भी परिस्थिति का सामना न करना पड़ें इसलिए यहाँ हम आपको 13 जनवरी से लेकर 19 जनवरी 2025 के दौरान पड़ने वाले व्रत-पर्वों की तिथियां की सूची प्रदान कर रहे हैं। तो चलिए नज़र डालते हैं इस सप्ताह के प्रमुख व्रत-त्योहारों पर।

पौष पूर्णिमा व्रत (13 जनवरी 2025, सोमवार): पौष मास के शुक्ल पक्ष में आने वाली पूर्णिमा को पौष पूर्णिमा कहते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जो भक्त पौष पूर्णिमा के दिन सच्चे मन और श्रद्धापूर्वक व्रत रखता है। साथ ही, चंद्र देव और देवी लक्ष्मी की पूजा करता है, उसे धन-समृद्धि का आशीर्वाद मिलता है। 

लोहड़ी (13 जनवरी 2025, सोमवार): नए साल के पहले महीने जनवरी में आना वाला मुख्य पर्व होता है लोहड़ी। इस त्योहार को पूरे देश में बेहद जोश एवं उत्साह के साथ मनाया जाता है। यह सिख और पंजाबी समुदाय के लोगों का प्रमुख पर्व है जिसकी विशेष रौनक पंजाब में देखने को मिलती है। 

पोंगल (14 जनवरी 2025, मंगलवार): पोंगल तमिलनाडु का सबसे प्रमुख पर्व है जो कि लगातार चार दिनों तक मनाया जाता है। तमिलनाडु में नववर्ष का आरंभ पोंगल से माना जाता है और इस  दिन देवराज इंद्र की पूजा की जाती है। 

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उत्तरायण (14 जनवरी 2025, मंगलवार): हिंदू धर्म में सूर्य देव एकमात्र ऐसे देवता हैं जो अपने भक्तों को साक्षात दर्शन देते हैं। हालांकि, जब सूर्य देव मकर राशि से मिथुन राशि में गोचर करते हैं, तो इस अवधि को उत्तरायण कहा जाता है और इन्हें देवी-देवताओं का माह माना गया है। 

मकर संक्रांति (14 जनवरी 2025, मंगलवार): सूर्य महाराज जब धनु राशि से मकर राशि में प्रवेश करते हैं, तो इसे मकर संक्रांति कहा जाता है। इस पर्व का धार्मिक दृष्टि से विशेष महत्व है क्योंकि इस दिन से मौसम में बदलाव आने शुरू हो जाते हैं। साथ ही, खरमास का अंत होता है और शुभ कार्यों का पुनः आरंभ होता है। 

संकष्टी चतुर्थी (17 जनवरी 2025 शुक्रवार): संकष्टी चतुर्थी का व्रत प्रथम पूज्य भगवान गणेश को समर्पित होता है और इस दिन गणेश जी की कृपा प्राप्ति के लिए भक्तजन व्रत करते हैं। कहते हैं कि संकष्टी चतुर्थी के व्रत से भगवान गणेश अपने भक्तों के कष्टों को दूर करते हैं।

हम आशा करते हैं कि यह व्रत-त्योहार आपके जीवन में खुशियाँ और आशा की नई किरण लेकर आयेंगे।

इस सप्ताह में पड़ने वाले ग्रहण और गोचर 

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, नौ ग्रहों में से हर ग्रह एक निश्चित समय के बाद अपनी राशि, चाल या स्थिति में परिवर्तन करता है। ऐसे में, जब भी कोई ग्रह अपनी दशा या राशि में बदलाव करता है, तो इसका असर सभी 12 राशियों समेत विश्व पर पड़ता है। इस सप्ताह की बात करें तो, जनवरी के दूसरे सप्ताह 13 से 19 जनवरी 2025 में केवल 1 ग्रह का गोचर होगा जबकि 1 ग्रह अपनी स्थिति में परिवर्तन करेगा।

सूर्य का मकर राशि में गोचर (14 जनवरी 2025): ग्रहों के राजा कहे जाने वाले सूर्य देव 14 जनवरी 2025  की सुबह 08 बजकर 41 मिनट पर अपने पुत्र शनि ग्रह की राशि मकर में प्रवेश कर जाएंगे।

बुध धनु राशि में अस्त (18  जनवरी 2025): बुध महाराज को बुद्धि, वाणी और संचार के कारक ग्रह कहा जाता है और अब यह 18 जनवरी 2025 की सुबह 06 बजकर 14 मिनट पर धनु राशि में अस्त होने जा रहे हैं।

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इस सप्ताह में जन्मे मशहूर सितारे

13 जनवरी 2025: पीयूष मिश्रा, माइकल पेना, कन्हैया कुमार 

14 जनवरी 2025: फेय ड्यूनवे, जूलियन बॉण्ड, हिलेरी रयान

15 जनवरी 2025: विक्रम प्रभु, मंजोत कालरा, मैरी पिएर्स

16 जनवरी 2025: जगदीशा सुचित, डेबी एलेन, खुशबू ग्रेवाल

17 जनवरी 2025: सजल अली, नकुल मेहता, कैल्विन हैरिस

18 जनवरी 2025: विनोद कांबली, जय मेहता, ब्रैडी एंडरसन

19 जनवरी 2025: मानसी साल्वी, लॉयड रॉबर्टसन, मिशेल स्टेनली

एस्ट्रोसेज इन सभी सितारों को जन्मदिन की ढेरों शुभकामनाएं देता है। यदि आप अपने पसंदीदा सितारे की जन्म कुंडली देखना चाहते हैं तो आप यहां पर क्लिक कर सकते हैं। 

साप्ताहिक राशिफल 13 जनवरी से 19 जनवरी, 2025

यह भविष्यफल चंद्र राशि पर आधारित है। अपनी चंद्र राशि जानने के लिए क्लिक करें:
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मेष साप्ताहिक राशिफल 

इस सप्ताह आपके पास भरपूर मात्रा में प्रचुर ऊर्जा होगी, लेकिन काम का….. (विस्तार से पढ़ें) 

मेष प्रेम राशिफल 

प्रेम का आह्लाद महसूस करने के लिए, इस सप्ताह आप किसी नए व्यक्ति से….(विस्तार से पढ़ें)

वृषभ साप्ताहिक राशिफल

इस सप्ताह आप शारीरिक और मानसिक रूप से, बेहतर महसूस करेंगे। बावजूद इसके आने वाले….(विस्तार से पढ़ें)

वृषभ प्रेम राशिफल

प्रेम राशिफल के अनुसार आप अपनी प्यारी और मीठी बातों में अपने प्रियतम को लुभाने….(विस्तार से पढ़ें)

मिथुन साप्ताहिक राशिफल

इस सप्ताह आपके लिए काम और आराम के बीच में, सही संतुलन स्थापित करना बेहद….(विस्तार से पढ़ें)

मिथुन प्रेम राशिफल

यदि आप अभी तक सिंगल थे तो, आपको इस सप्ताह प्रेम जीवन की नई शुरुआत करने….(विस्तार से पढ़ें)

कर्क साप्ताहिक राशिफल

इस सप्ताह आप अपने अच्छे स्वास्थ्य के कारण, उन लोगों को गलत साबित कर देंगे, जो सोचते…. (विस्तार से पढ़ें)

कर्क प्रेम राशिफल

इस हफ्ते आप अपने अतीत से जुड़े कई राज, अपने प्रियतम के साथ साझा करने का फैसला ले….(विस्तार से पढ़ें)

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सिंह साप्ताहिक राशिफल

इस सप्ताह आप अत्यधिक भावनात्मक दिखाई देंगे, जिसके कारण आपको अपनी भावनाओं….(विस्तार से पढ़ें)

सिंह प्रेम राशिफल

इस हफ्ते आपको अपने प्रेम जीवन में, सकारात्मक बदलाव देखने……(विस्तार से पढ़ें)

कन्या साप्ताहिक राशिफल

इस सप्ताह आप शारीरिक और मानसिक रूप से, बेहतर महसूस करेंगे। बावजूद इसके….(विस्तार से पढ़ें)

कन्या प्रेम राशिफल

यदि इस सप्ताह आप किसी मित्र को प्रपोज करने का सोच….(विस्तार से पढ़ें)

तुला साप्ताहिक राशिफल

इस सप्ताह आपके स्वास्थ्य राशिफल को देखें तो, आपका स्वास्थ्य बेहतरीन रहेगा। जिसके चलते…..(विस्तार से पढ़ें)

तुला प्रेम राशिफल

इस पूरे ही सप्ताह प्रेमी जातकों के बीच, प्रेम और समर्पण का भाव बना….. (विस्तार से पढ़ें)

वृश्चिक साप्ताहिक राशिफल

तनाव का सीधा असर तबियत को ख़राब कर सकता है, और ऐसा ही कुछ आप इस सप्ताह भी…..(विस्तार से पढ़ें)

वृश्चिक प्रेम राशिफल

इस सप्ताह आपका स्वभाव यूँ तो खुशमिजाज़ रहेगा, परंतु न चाहते हुए…..(विस्तार से पढ़ें)

धनु साप्ताहिक राशिफल

इस सप्ताह आपको एक बेहतर ज़िंदगी जीने के लिए, अपनी सेहत और व्यक्तित्व में सुधार लाने…..(विस्तार से पढ़ें)

धनु प्रेम राशिफल

अपनी भावनाओं को यदि आप केवल खुद तक ही सीमित रखेंगे तो इससे…..(विस्तार से पढ़ें)

विद्वान ज्योतिषियों से प्रश्न पूछें और पाएं हर समस्या का समाधान

मकर साप्ताहिक राशिफल

इस सप्ताह करियर को लेकर तनाव के चलते, आपको कुछ छोटी-मोटी बीमारी से दो-चार….(विस्तार से पढ़ें)

मकर प्रेम राशिफल

यह समय एक तरीके से आपको अपनी लव लाइफ में, भाग्य का साथ लेकर….(विस्तार से पढ़ें)

कुंभ साप्ताहिक राशिफल

इस सप्ताह आप अपनी व्यस्त दिनचर्या में से, कुछ सुकून भरे पल निकालते हुए, ख़ुद को पर्याप्त समय…. (विस्तार से पढ़ें)

कुंभ प्रेम राशिफल

प्यार में पड़े जातक इस दौरान, अपने साथी को खुश करने में….(विस्तार से पढ़ें)

मीन साप्ताहिक राशिफल 

इस सप्ताह आपकी सेहत में सुधार देखा जाएगा, जिसके कारण खेलों और…..(विस्तार से पढ़ें)

मीन प्रेम राशिफल

इस सप्ताह प्रेमी के साथ आपका मतभेद, आपके व्यक्तिगत संबंधों….(विस्तार से पढ़ें)

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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

जनवरी 2025 में प्रदोष व्रत कब है?

वर्ष 2025 में प्रदोष व्रत 11 जनवरी 2025 को किया जाएगा। 

बुध ग्रह कब और कौन सी राशि में अस्त होंगे?  

तर्क और वाणी के कारक बुध 18 जनवरी 2025 को धनु राशि में अस्त हो जाएंगे। 

जनवरी 2025 में खरमास कब खत्म होगा?

वर्ष 2025 में खरमास का अंत 14 जनवरी 2025 को होगा।

ग्रहण 2025 से जानें, नए साल में कब-कब लगेगा सूर्य और चंद्र ग्रहण?

वैदिक ज्योतिष में ग्रहण को अशुभ घटना माना जाता है और इस दौरान सभी तरह के शुभ कार्यों को करना वर्जित होता है। हालांकि, ग्रहण दो प्रकार के होते हैं, सूर्य ग्रहण और चंद्र ग्रहण। जब-जब सूर्य या चंद्र ग्रहण लगता है, तब नकारात्मक ऊर्जा बढ़ जाती है। साथ ही, प्रकृति में कई तरह के बदलाव देखने को मिलते हैं। जैसे कि अब हम नए वर्ष में प्रवेश करने जा रहे हैं और हर साल की तरह ही इस बार भी कई ग्रहण लगेंगे। एस्ट्रोसेज एआई का यह ब्लॉग विशेष रूप से आपको वर्ष 2025 में लगने वाले सूर्य और चंद्र ग्रहण के बारे में समस्त जानकारी प्रदान करेगा। साथ ही जानेंगे, ग्रहण काल के दौरान किन सावधानियों का पालन करना चाहिए? कौन से काम करने चाहिए और किन कामों को करने से बचें? तो आइए बिना देर किये शुरुआत करते हैं इस लेख की। 

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भविष्य से जुड़ी किसी भी समस्या का समाधान मिलेगा विद्वान ज्योतिषियों से बात करके 

हम सब इस बात को भली-भांति जानते हैं कि सूर्य और चंद्र ग्रहण समय-समय पर लगते रहते हैं जिसका अशुभ प्रभाव देश-दुनिया समेत विश्व पर भी नज़र आता है। ग्रहण काल के दौरान गर्भवती महिलाओं को विशेष रूप से सावधानी बरतनी होती है, इस बारे में हम विस्तार से बात करेंगे। लेकिन आइए सबसे पहले जानते हैं साल 2025 में लगने वाले ग्रहण के ज्योतिषीय महत्व के बारे में।

ज्योतिष की दृष्टि से ग्रहण

वैदिक ज्योतिष में सूर्य और चंद्रमा को प्रमुख ग्रह माना जाता है। सूर्य देव आत्मा के कारक हैं जबकि चंद्रमा मन के कारक कहे गए हैं।  यह दोनों ग्रह राहु-केतु के शत्रु माने जाते हैं इसलिए इन दोनों से बदला लेने के लिए समय-समय पर राहु-केतु ग्रहण लगाते हैं। ग्रहण काल सूर्य और चंद्रमा के लिए कष्टकारी अवधि होती है और इस समय बुरी शक्तियां हावी हो जाती हैं। इसी प्रकार, जिन बच्चों का जन्म ग्रहण काल में होता है, उन पर ग्रहण दोष लग जाता है। हालांकि, ग्रहण लगने से पहले और इसके समाप्त होने के बाद भी विश्व पर अशुभ प्रभाव नज़र आते हैं। यह मनुष्यों के साथ-साथ जीव-जंतुओं को भी प्रभावित करता है। 

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नए साल में कितने ग्रहण लगेंगे?

सनातन धर्म में राहु और केतु को ग्रहण के लिए जिम्मेदार माना जाता है जो कि समय-समय पर सूर्य और चंद्रमा पर ग्रहण लगाते हैं। अगर बात करें वर्ष 2025 की, तो ग्रहण 2025 के अनुसार, इस साल में कुल 4 ग्रहण लगेंगे जिसमें 2 सूर्य ग्रहण और 2 चंद्र ग्रहण होंगे। ग्रहण की तिथियों को जानने से पहले जान लेते हैं कि क्या होता है सूर्य ग्रहण और नए साल में कब-कब लगेगा सूर्य ग्रहण?

क्या होता है सूर्य ग्रहण?

सूर्य ग्रहण के बारे में आपने अवश्य सुना होगा, लेकिन आज हम आपको बताने जा रहे हैं कि    सूर्य ग्रहण क्या होता है। खगोलीय रूप से पृथ्वी और चंद्रमा के अपने परिक्रमा मार्ग पर आगे बढ़ते  हैं और जब परिक्रमा करते समय सूर्य और पृथ्वी के बीच में चंद्रमा आ जाता है, तब पृथ्वी पर पड़ने वाले सूर्य की किरणों को चंद्रमा कुछ देर के लिए रोक देता है। इस पूरी घटना को ही सूर्य ग्रहण कहते हैं। 

साल 2025 में कितने सूर्य ग्रहण लगेंगे?

सूर्य ग्रहण की बात करें तो, साल 2025 में कुल दो सूर्य ग्रहण लगने जा रहे हैं। पहला सूर्य ग्रहण 29 मार्च 2025, शनिवार के दिन लगेगा जो कि खंडग्रास सूर्य ग्रहण होगा। 

वहीं, इस वर्ष का दूसरा सूर्य ग्रहण 21 सितंबर 2025, रविवार के दिन पड़ेगा और यह खंडग्रास सूर्य ग्रहण होगा।

वर्ष 2025 में सूर्य ग्रहण किस समय लगेगा और क्या भारत में भी दिखाई देगा सूर्य ग्रहण, जानने के लिए पढ़ें: सूर्य ग्रहण 2025 

सूर्य ग्रहण के बाद अब आपको अवगत करवाते हैं चंद्र ग्रहण 2025 और इससे जुड़े तथ्यों से।  

क्या होता है चंद्र ग्रहण?

सूर्य ग्रहण की तरह ही चंद्र ग्रहण को भी अशुभ कहा गया है और यह उस समय लगता है जब अपने-अपने परिक्रमा मार्ग पर आगे बढ़ते हुए पृथ्वी और चंद्रमा ऐसी स्थिति में आ जाते हैं जहां चंद्रमा पर पड़ने वाले सूर्य के प्रकाश को पृथ्वी थोड़ी देर के लिए रोक देती है, इसे ही चंद्र ग्रहण कहा जाता है। 

साल 2025 में कब-कब पड़ेगा चंद्र ग्रहण?

बात करें चंद्र ग्रहण 2025 की, तो नए साल अर्थात वर्ष 2025 में कुल 2 चंद्र ग्रहण पड़ेंगे। इस साल का पहला चंद्र ग्रहण 14 मार्च 2025, शुक्रवार के दिन लगेगा जो कि खग्रास चंद्र ग्रहण होगा। वहीं साल का दूसरा और अंतिम चंद्र ग्रहण भी खग्रास चंद्र ग्रहण होगा। हिंदू पंचांग के अनुसार, यह चंद्र ग्रहण भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि यानी कि 7-8 सितंबर 2025, रविवार/सोमवार के दिन लगेगा। 

वर्ष 2025 में चंद्र ग्रहण किस समय लगेगा और क्या भारत में भी दिखाई देगा चंद्र ग्रहण, जानने के लिए पढ़ें: चंद्र ग्रहण 2025 

क्या होता है सूतक काल?

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सूतक काल एक ऐसी अवधि होती है जो ग्रहण से कुछ समय पूर्व शुरू होती है और ग्रहण के समाप्त होने के साथ ही खत्म हो जाती है। बता दें कि सूर्य ग्रहण का सूतक लगभग 12 घंटे पहले लग जाता है जबकि चंद्र ग्रहण के सूतक का आरंभ ग्रहण से 9 घंटे पूर्व होता है। इस समय सभी तरह के शुभ कार्य वर्जित होते हैं। 

सूतक काल के बारे में विस्तारपूर्वक जानने के लिए क्लिक करें: ग्रहण 2025 

ग्रहण के दौरान जरूर करें ये काम?

  • ग्रहण के समाप्त होने के बाद व्यक्ति को स्नान अवश्य करना चाहिए। 
  • ग्रहण के शुरू होने से पहले आपको दही, दूध, अचार, घी, मुरब्बा, चटनी जैसी खाद्य पदार्थों में तुलसी की पत्तियां रखनी चाहिए।
  • ग्रहण काल के दौरान आप किसी धार्मिक ग्रंथ का पाठ करें या फिर शुभ मंत्रों का जाप कर सकते हैं। 
  • गर्भवती स्त्रियों को अपने उदर पर गाय का गोबर पतले लेप के रूप में लगाना चाहिए। साथ ही, सिर को पल्लू से ढक कर उस पर थोड़ा गेरू लगाना चाहिए।
  • ग्रहण काल के समय पितरों का श्राद्ध करना फलदायी होता है।

ग्रहण के दौरान इन सावधानियों को अवश्य बरतें

  • सूतक काल के दौरान किसी भी तरह का शुभ एवं मांगलिक काम करने से बचें। 
  • सूर्य ग्रहण को नग्न आंखों से देखने से बचें, अन्यथा आपकी आंखों की रोशनी जा सकती है। 
  • घर और मंदिर में भगवान की मूर्तियों को भूल से भी स्पर्श न करें। 
  • ग्रहण काल के दौरान न तो भोजन पकाना चाहिए और न ही खाना चाहिए।
  • ग्रहण की अवधि में तेल मालिश नहीं करनी चाहिए और न ही बाल, दाढ़ी या नाखून आदि काटने चाहिए।
  • गर्भवती महिलाओं को ग्रहण काल और सूतक काल के दौरान कटाई-सिलाई, बुनाई आदि कार्य करने से बचना चाहिए। 

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इसी आशा के साथ कि, आपको यह लेख भी पसंद आया होगा एस्ट्रोसेज के साथ बने रहने के लिए हम आपका बहुत-बहुत धन्यवाद करते हैं। 

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सूर्य ग्रहण कब लगता है?

ज्योतिष के अनुसार, जब सूर्य और पृथ्वी के बीच में चंद्रमा आ जाता है, तब सूर्य ग्रहण लगता है। 

साल 2025 में कितने ग्रहण लगेंगे?

नए साल यानी कि वर्ष 2025 में कुल चार ग्रहण लगेंगे। 

चंद्र ग्रहण का सूतक काल कितने घंटे पूर्व लगता है? 

हिंदू धर्म के अनुसार, चंद्र ग्रहण का सूतक काल ग्रहण से 9 घंटे पूर्व शुरू हो जाता है।

13 या 14 जनवरी कब मनाई जाएगी लोहड़ी? जानें सही तिथि एवं राशि अनुसार उपाय!

लोहड़ी 2025 का यह विशेष ब्लॉग एस्ट्रोसेज एआई अपने पाठकों के लिए लेकर आया है जिसके माध्यम से आपको नए वर्ष के पहले बड़े पर्व लोहड़ी के बारे में समस्त जानकारी प्राप्त होगी जैसे कि तिथि, समय आदि। साथ ही, इस त्योहार का धार्मिक महत्व, रीति-रिवाज़ों और इस दिन किन उपायों को करने से चमक सकती है आपकी किस्मत, इससे भी हम आपको अवगत करवाएंगे। सिर्फ इतना ही नहीं, लोहड़ी के दिन अपनी राशि के आधार पर अग्नि में कौन सी चीज़ें अर्पित की जाएं, इस बारे में आपको बताएंगे। लेकिन, सबसे पहले बिना देर किये शुरुआत करते हैं लोहड़ी 2025 स्पेशल ब्लॉग की। 

यह भी पढ़ें: राशिफल 2025

भविष्य से जुड़ी किसी भी समस्या का समाधान मिलेगा विद्वान ज्योतिषियों से बात करके 

भारत को एक धर्मनिरपेक्ष देश का दर्जा प्राप्त है जहाँ हर धर्म का त्योहार पूरे उत्साह के साथ मनाया जाता है। साल भर मनाये जाने वाले पर्वों में से एक है लोहड़ी का पर्व जो कि सिख समुदाय के लोग बहुत जोश और धूमधाम के साथ मनाते हैं। इस त्योहार की एक अलग ही रौनक पंजाब और हरियाणा में देखने को मिलती है। बता दें कि यह उत्तर भारत का प्रमुख पर्व है जिसे मकर संक्रांति से ठीक एक दिन पहले मनाया जाता है। इस दिन उपलों और लकड़ियों से घर के बाहर या खुले स्थान पर आग जलाकर अग्नि की परिक्रमा की जाती हैं। लोहड़ी के बारे में हम विस्तार से बात करेंगे, लेकिन सबसे पहले जान लेते हैं कि इस साल कब मनाई जाएगी लोहड़ी और क्या रहेगा पूजा का मुहूर्त। 

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लोहड़ी 2025 तिथि और पूजा मुहूर्त 

लोहड़ी की तिथि को लेकर हर साल कन्फ्यूजन रहता है कि 13 या 14 कब है लोहड़ी? इसलिए हम अपने ब्लॉग में आपको लोहड़ी की सही डेट बताने जा रहे हैं। हम आपको पहले ही बता चुके हैं कि मकर संक्रांति से एक दिन पहले लोहड़ी का पर्व मनाया जाता है। इस बार मकर संक्रांति 14 जनवरी 2025 को पड़ रही है इसलिए लोहड़ी 13 जनवरी 2025 को मनाई जाएगी। मकर संक्रांति की पूर्व संध्या पर लोहड़ी की पवित्र अग्नि जलाने का विधान है। इस साल लोहड़ी का क्षण 14 जनवरी 2025 की सुबह 09 बजकर 03 मिनट पर होगा। 

क्यों ख़ास है लोहड़ी 2025?

नए साल अर्थात वर्ष 2025 में पड़ने वाली लोहड़ी बेहद खास होगी क्योंकि इस दिन पौष पूर्णिमा भी पड़ रही है जो कि अपने आप में ही शुभ दिन माना जाता है। ऐसे में, लोहड़ी पर्व का महत्व बढ़ जाता है और इस दिन जब रात को पूजा के लिए अग्नि जलाई जाएगी, तब आसमान में चंद्र देव अपने पूर्ण आकार में होंगे। चलिए अब हम आपको रूबरू करवाते हैं लोहड़ी के धार्मिक महत्व से। 

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लोहड़ी का धार्मिक महत्व 

लोहड़ी 2025 सिखों एवं पंजाबियों का प्रमुख त्योहार है। यह दिन किसानों के लिए बेहद ख़ास होता है क्योंकि पारंपरिक रूप से लोहड़ी पुरानी फसल की कटाई और नई फसल की बुआई से जुड़ा है। इस दिन से किसान अपनी फसलों की कटाई की शुरुआत करते हैं और इसका सबसे पहले भोग अग्नि देव को लगाते हैं। लोहड़ी पर किसान अच्छी फसल के लिए ईश्वर के प्रति आभार व्यक्त करते हैं और साल भर अच्छी फसल के लिए प्रार्थना करते हैं। 

इस अवसर पर अग्नि देव की पूजा का भी विधान है और ऐसी मान्यता है कि इनके पूजन से व्यक्ति को जीवन में धन-धान्य और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है। इसके अलावा, लोहड़ी का पर्व उत्तरायण के दिन मनाया जाता है और इस दिन से रातें छोटी होने लगती हैं और दिन बड़े। सामान्य शब्दों में कहें तो, लोहड़ी से सर्दी कम होने लगती है और गर्मी धीरे-धीरे दस्तक देने लगती है। 

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लोहड़ी से जुड़े रीति-रिवाज़ एवं परंपराएं 

पंजाब एवं हरियाणा राज्य में बड़े स्तर पर मनाये जाने वाले पर्व लोहड़ी की लोक्रप्रियता देशभर में फैली है इसलिए इसे पूरे देश में प्रेम एवं उत्साह से लोग मनाते हैं। हालांकि, लोहड़ी के पर्व से कुछ परंपराएं भी जुड़ी हैं जिसके बारे में हम आपको बताने जा रहे हैं। 

●  इस पर्व के दिन बच्चे घर-घर जाकर लोक गीत गाते हैं और लोग उन्हें मिठाई और पैसे देते हैं। 

●  मान्यता है कि बच्चों को खाली हाथ वापिस भेजना अशुभ होता है इसलिए उन्हें गजक, चीनी, मूँगफली, गुड़ और मक्का आदि दी जाती है, इसे ही लोहड़ी कहते हैं।  

● रात को आग जलाकर सभी लोगों में लोहड़ी बांटी जाती है और दुल्ला-भट्टी के गीत गाये जाते हैं। 

●  लोहड़ी के अवसर पर सबके घर पर अधिकांश पंजाब का सांस्कृतिक भोजन सरसों का साग और मक्के की रोटी बनाई जाती है। 

कालसर्प दोष रिपोर्ट – काल सर्प योग कैलकुलेटर

नवविवाहितों के लिए क्यों ख़ास होती है लोहड़ी?

लोहड़ी का पर्व नव विवाहितों के लिए विशेष होता है क्योंकि इसका संबंध भगवान शिव और माता सती से है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, प्रजापति दक्ष ने यज्ञ में शिव जी और माता सती का अपमान किया था जिससे क्रोधित होकर देवी सती ने प्राण त्याग दिए थे। इसके बाद, महादेव ने क्रोधवश राजा दक्ष का सिर धड़ से अलग कर दिया था, परंतु ब्रह्मा जी के कहने पर भगवान शिव ने राजा दक्ष को पुनः जीवनदान देते हुए उनके शरीर पर बकरे का सिर लगा दिया। 

जब माता सती का पुनर्जन्म देवी पार्वती के रूप में हुआ, तब लोहड़ी के दिन प्रजापति दक्ष ने अपनी गलती की क्षमा मांगते हुए माता पार्वती के ससुराल में उपहार भेजे थे। उस समय से ही लोहड़ी पर नवविवाहित जोड़े को आशीर्वाद और उपहार देने की परंपरा आज भी चली आ रही है। साथ ही, इस दिन लोग नव विवाहितों के सुखी दांपत्य जीवन की कामना करते हैं। 

लोहड़ी की पौराणिक कथा 

लोहड़ी के पर्व से एक पौराणिक कथा जुड़ी है जिसका संबंध दुल्ला भट्टी से माना गया है। मान्यता है कि लोहड़ी की कथा के बिना यह त्योहार अधूरा रहता है। मध्यकाल के दौर में भारत में दुल्ला भट्टी नाम का साहसी और वीर व्यक्ति रहता था और उस समय पंजाब पर मुगल राजा अकबर का शासन था। पौराणिक कथा के अनुसार, जब पंजाब के संदल में लड़कियों को अमीर सौदागरों को बेचा जा रहा था उस समय दुल्ला भट्टी ने उनकी रक्षा की थी। दुल्ला भट्टी ने इन सौदागरों से लड़कियों को आज़ाद करवाकर उनकी शादी करवाई थी। इस प्रकार, प्रत्येक वर्ष लोहड़ी पर दुल्ला भट्टी को याद किया जाता है जो हमें गलत कामों के खिलाफ आवाज उठाने के लिए प्रेरित करते हैं। 

आइए अब हम बात करते हैं लोहड़ी के दिन किये जाने वाले अचूक उपायों के बारे में। 

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धन-समृद्धि पाने के लिए लोहड़ी पर करें ये 3 उपाय 

  • लोहड़ी 2025 के दिन लाल रंग के कपड़े में गेहूं बांधें और किसी गरीब या जरूरतमंद को दान करें। ऐसा करने से देवी लक्ष्मी का आशीर्वाद मिलता है।
  • लोहड़ी के पर्व पर अग्नि देव और माता लक्ष्मी का पूजन करने से शुभ फल प्राप्त होते हैं और जीवन से समस्याएं दूर होती हैं। 
  • घर में चल रहे कलह को दूर करने और शांति के लिए काली उड़द की खिचड़ी बनाकर गाय को खिला दें। ऐसे करने में परिवार में सुख-शांति बनी रहती है। 

इस लोहड़ी पवित्र अग्नि में राशि अनुसार डालें ये चीज़ें, संकट होंगे दूर 

मेष राशि

मेष राशि वाले लोहड़ी के दिन अग्नि में बताशे के साथ लौंग का जोड़ा डालें। ऐसा करने से आरोग्यता प्राप्त होती है। 

वृषभ राशि

वृषभ राशि के जातकों को इस अवसर पर अग्नि में एक मुट्ठी चावल डालने चाहिए। इससे आपके घर में धन-संपदा आती है। 

मिथुन राशि

मिथुन राशि वाले एक मुट्ठी मूंग अग्नि में अर्पित करें और ऐसा करने से परिवार में प्रेमपूर्ण माहौल बना रहेगा। 

कर्क राशि

कर्क राशि के जातक माता-पिता की लंबी उम्र के लिए लोहड़ी की पवित्र अग्नि में एक मुट्ठी खील बताशे डालें। इससे जीवन में सुख-समृद्धि रहेगी। 

सिंह राशि

सिंह राशि वाले दुखों एवं कष्टों के अंत के लिए आग में एक मुट्ठी गेहूं के साथ खील-बताशे डालें। 

कन्या राशि

कन्या राशि के.जातक एक मुट्ठी मूंग और एक लौंग का जोड़ा लेकर अग्नि में अर्पित करें। ऐसा करने से वैवाहिक जीवन में सुखी बना रहेगा। 

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तुला राशि

तुला राशि वाले लोहड़ी की अग्नि में दाएं हाथ से एक मुट्ठी ज्वार और बताशे डालें। इससे व्यापार बढ़ता है। 

वृश्चिक राशि

वृश्चिक राशि के लोगों के लिए लोहड़ी की अग्नि में एक मुट्ठी रेवड़ी और दो लौंग का जोड़ा डालना शुभ रहेगा और इससे पति-पत्नी के बीच प्रेम में वृद्धि होगी ,

धनु राशि

धनु राशि वाले इस अवसर पर अग्नि में एक हल्दी की गांठ और एक मुट्ठी चने की दाल अर्पित करें। ऐसा करने से व्यापार में उत्पन्न सभी अड़चनें दूर होती हैं। 

मकर राशि

मकर राशि के जातकों द्वारा लोहड़ी की अग्नि में एक मुट्ठी काली सरसों और दो लौंग डालने से सौभाग्य में वृद्धि होती है। 

कुंभ राशि

कुंभ राशि वाले अग्नि में एक मुट्ठी काली चने की दाल और दो बताशे डालें। इससे नौकरी में चल रही समस्याएं दूर होंगी। 

मीन राशि

मीन राशि के जातकों को लोहड़ी की अग्नि में पीली सरसों और हल्दी की गांठ डालनी चाहिए। ऐसा करने से आपको और आपके परिवार को आरोग्यता का आशीर्वाद मिलेगा। 

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इसी आशा के साथ कि, आपको यह लेख भी पसंद आया होगा एस्ट्रोसेज के साथ बने रहने के लिए हम आपका बहुत-बहुत धन्यवाद करते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

2025 में कब है लोहड़ी?

वर्ष 2025 में लोहड़ी का पर्व 13 जनवरी 2025 को मनाया जाएगा। 

मकर संक्रांति कब है वर्ष 2025 में?

नए साल यानी कि वर्ष 2025 में मकर संक्राति का त्योहार लोहड़ी के अगले दिन अर्थात 14 जनवरी 2025 को मनाया जाएगा। 

साल 2025 पौष पूर्णिमा कब है  

पौष पूर्णिमा 13 जनवरी 2025 को है। 



टैरो साप्ताहिक राशिफल (12 जनवरी से 18 जनवरी, 2025): जानें इस सप्ताह कैसा रहेगा आपका हाल!

टैरो साप्ताहिक राशिफल 12 जनवरी से 18 जनवरी, 2025: दुनियाभर के कई लोकप्रिय टैरो रीडर्स और ज्‍योतिषयों का मानना है कि टैरो व्‍यक्‍ति की जिंदगी में भविष्‍यवाणी करने का ही काम नहीं करता बल्कि यह मनुष्‍य का मार्गदर्शन भी करता है। कहते हैं कि टैरो कार्ड अपनी देखभाल करने और खुद के बारे में जानने का एक ज़रिया है।

टैरो इस बात पर ध्‍यान देता है कि आप कहां थे, अभी आप कहां हैं या किस स्थिति में हैं और आने वाले कल में आपके साथ क्‍या हो सकता है। यह आपको ऊर्जा से भरपूर माहौल में प्रवेश करने का मौका देता है और अपने भविष्‍य के लिए सही विकल्‍प चुनने में मदद करता है। जिस तरह एक भरोसेमंद काउंसलर आपको अपने अंदर झांकना सिखाता है, उसी तरह टैरो आपको अपनी आत्‍मा से बात करने का मौका देता है।

आपको लग रहा है कि जैसे जिंदगी के मार्ग पर आप भटक गए हैं और आपको दिशा या सहायता की ज़रूरत है। पहले आप टैरो का मज़ाक उड़ाते थे लेकिन अब आप इसकी सटीकता से प्रभावित हो गए हैं या फिर आप एक ज्‍योतिषी हैं जिसे मार्गदर्शन या दिशा की ज़रूरत है। या फिर आप अपना समय बिताने के लिए कोई नया शौक ढूंढ रहे हैं। इन कारणों से या अन्‍य किसी वजह से टैरो में लोगों की दिलचस्‍पी काफी बढ़ गई है। टैरो डेक में 78 कार्ड्स की मदद से भविष्य के बारे में जाना जा सकता है। इन कार्ड्स की मदद से आपको अपने जीवन में मार्गदर्शन मिल सकता है।

टैरो की उत्पति 15वीं शताब्‍दी में इटली में हुई थी। शुरुआत में टैरो को सिर्फ मनोरंजन के रूप में देखा जाता था और इससे आध्‍यात्मिक मार्गदर्शन लेने का महत्‍व कम था। हालांकि, टैरो कार्ड का वास्तविक उपयोग 16वीं सदी में यूरोप के कुछ लोगों द्वारा किया गया जब उन्होंने जाना और समझा कि कैसे 78 कार्ड्स की मदद से भविष्य के बारे में जाना जा सकता है, उसी समय से इसका महत्व कई गुना बढ़ गया।

टैरो एक ऐसा ज़रिया है जिसकी मदद से मानसिक और आध्‍यात्मिक प्रगति को प्राप्‍त किया जा सकता है। आप कुछ स्‍तर पर अध्‍यात्‍म से, थोड़ा अपनी अंतरात्‍मा से और थोड़ा अपने अंर्तज्ञान और आत्‍म-सुधार लाने से एवं बाहरी दुनिया से जुड़ें।

तो आइए अब इस साप्ताहिक राशिफल की शुरुआत करते हैं और जानते हैं कि जनवरी का यह सप्ताह यानी कि 12 जनवरी से 18 जनवरी, 2025 तक का समय सभी 12 राशियों के लिए कैसे परिणाम लेकर आएगा?

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टैरो साप्ताहिक राशिफल 12 जनवरी से 18 जनवरी, 2025: राशि अनुसार राशिफल

मेष राशि

प्रेम जीवन: टेन ऑफ पेंटाकल्‍स

आर्थिक जीवन: किंग ऑफ पेंटाकल्‍स

करियर: फोर ऑफ स्‍वॉर्ड्स

स्वास्थ्य: द मून (रिवर्स्‍ड)

मेष राशि के जातकों को प्‍यार के मामले में इस सप्‍ताह टेन ऑफ पेंटाकल्‍स कार्ड मिला है जो भाग्य, प्रेम और प्रचुरता को दर्शाता है। इस कार्ड का कहना है कि आप और आपका पार्टनर दोनों ही भावनात्‍मक और भौतिक रूप से अच्‍छी स्थिति में हैं। आप परिवार को बढ़ाने के बारे में सोच सकते हैं क्‍योंकि इस समय आपके परिवार की नींव मज़बूत है। आप अपने प्रेमी या पार्टनर के साथ रहना शुरू कर सकते हैं, नया घर खरीद सकते हैं या परिवार शुरू करने के बारे में सोच सकते हैं।

किंग ऑफ पेंटाकल्‍स कार्ड मेहनत का फल मिलने को दर्शाता है। यह कार्ड लकी चार्म भी है। इस समय आपकी आर्थिक स्थिति अच्‍छी रहेगी। आज आपका आर्थिक रूप से सुरक्षित और स्थिर हो पाना, कोई संयोग नहीं है बल्कि यह आपकी कड़ी मेहनत का परिणाम है।

आपके लिए काम बहुत ज्‍यादा थका देने वाला या निराशाजनक रहा है। हो सकता है कि आप लंबे समय से कड़ी मेहनत कर रहे हैं और उस तनाव की वजह से आपकी मानसिक या शारीरिक सेहत में गिरावट आ रही है। थोड़ा आराम करें और अपने शरीर पर ध्‍यान दें।

द मून रिवर्स्‍ड कार्ड सेहत के संतुलित रहने के संकेत दे रहा है। अगर आप किसी टेस्‍ट या निदान का इंतज़ार कर रहे हैं, तो अब आपको जल्‍द ही समझ आ जाएगा कि आपकी स्‍वास्‍थ्‍य समस्‍याओं का क्‍या कारण है।

घूमने के लिए कहां जाएं: न्‍यूजीलैंड

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वृषभ राशि

प्रेम जीवन: द स्‍टार

आर्थिक जीवन: टू ऑफ स्‍वॉर्ड्स

करियर: ऐट ऑफ कप्‍स

स्वास्थ्य: ऐट ऑफ स्‍वॉर्ड्स

प्रेम जीवन में वृषभ राशि के जातकों को द स्‍टार कार्ड मिला है जो कि रोमांटिक संबंध के विकसित होने का संकेत दे रहा है। अगर आप सिंगल हैं, तो इस कार्ड के अनुसार अब आप अपने पुराने रिश्‍ते के बोझ से छुटकारा पाने के लिए तैयार हैं। इससे आपको प्‍यार के मामले में अधिक अवसर मिलेंगे और आपकी नए लोगों से मुलाकात होगी।

पैसों के मामले में टू ऑफ स्‍वॉर्ड्स कार्ड कहता है कि आप वास्‍तविकता का सामना करने से भाग रहे हैं या आपके अंदर इसका सामना करने की क्षमता नहीं है। इसके साथ ही यह कार्ड मुश्किल या ऐसे विकल्‍पों को चुनने की ओर इशारा कर रहा है जो आपको पसंद नहीं हैं। अगर इस समय आप किसी आर्थिक परेशानी का सामना कर रहे हैं, तो आपको उसे अनदेखा नहीं करना चाहिए।

ऐस ऑफ कप्‍स कार्ड नई संभावनाओं और अच्‍छे विचारों को दर्शाता है। करियर के मामले में आप इस विचार को कई तरह से देख सकते हैं। नौकरी की तलाश कर रहे जातकों के लिए यह कार्ड करियर में एक नई शुरुआत का संकेत दे रहा है।

ऐट ऑफ स्‍वॉर्ड्स रिवर्स कार्ड आपको बीमारी से उबरने, मानसिक रूप से मज़बूत रहने और चिंता से राहत पाने का रास्‍ता दिखा रहा है। इसके साथ ही यह कार्ड आपको याद दिला रहा है कि आप आरोग्‍य रहने और स्‍वस्‍थ जीवन जीने के लिए सक्षम हैं।

घूमने के लिए कहां जाएं: इटली

मिथुन राशि

प्रेम जीवन: द एंप्रेस

आर्थिक जीवन: ऐट ऑफ वैंड्स

करियर: पेज ऑफ कप्‍स

स्वास्थ्य: द सन

मिथुन राशि के जातकों को एक बहुत ही शुभ कार्ड मिला है। द एंप्रेस कार्ड का संबंध विवाह, साझेदारी और प्रेम से होता है। यह कार्ड आपकी जिंदगी में एक नए साथी के साथ नई शुरुआत की ओर इशारा कर रहा है। इस कार्ड के अनुसार आप अपने मौजूदा रिश्‍ते को आगे बढ़ा सकते हैं या दोनों एकसाथ खुश रह सकते हैं। द एंप्रेस कार्ड प्रेम, गर्भधारण, गर्भावस्‍था या मातृ शक्‍ति दर्शाता है।

ऐट ऑफ वैंड्स कार्ड का कहना है कि इस सप्‍ताह आपके पास जितनी जल्‍दी पैसा आएगा, उतनी ही जल्‍दी यह आपके हाथ से चला भी जाएगा। इस कार्ड के अनुसार आपको इस समय आवेग में आकर खर्चा नहीं करना चाहिए। भले ही आपको कोई चीज़ बहुत लुभावनी क्‍यों न लगे, आपको खर्चा करने से बचना है।

पेज ऑफ कप्‍स कार्ड उन लोगों के लिए खासतौर पर एक अच्‍छा संकेत है जो करियर में बदलाव करने की सोच रहे हैं। य‍ह कार्ड आपको शुभ समाचार और नौकरी के नए अवसर मिलने की ओर इशारा कर रहा है। इसके अलावा आप नौकरी के लिए आवेदन करने या पदोन्‍नति पाने में सफल होंगे।

द सन कार्ड जीवनशक्‍ति, शांति और उत्तम स्‍वास्‍थ्‍य का प्रतीक है। इस कार्ड का कहना है कि आप अब जल्‍दी ठीक हो जाएंगे और पहले से ज्‍यादा बेहतर महसूस करेंगे। इसके अलावा इस दौरान आपका आध्‍यात्मिक और व्‍यक्‍तिगत विकास होगा।

घूमने के लिए कहां जाएं: टोक्‍यो

कर्क राशि

प्रेम जीवन: नाइट ऑफ स्‍वॉर्ड्स

आर्थिक जीवन: सिक्‍स ऑफ कप्‍स

करियर: द एंपेरर

स्वास्थ्य: ऐट ऑफ कप्‍स

कर्क राशि के जातकों को प्‍यार के मामले में नाइट ऑफ स्‍वॉर्ड्स कार्ड मिला है। आपका पार्टनर साहसी, सरल और बुद्धिमान हो सकता है या फिर आपके अंदर ये गुण हो सकते हैं। यह कार्ड आत्‍मविश्‍वास से भरपूर और साहसी प्रेमी बनने या फिर आपके इस तरह के रिश्‍ते में आने के संकेत दे रहा है।

सिक्‍स ऑफ कप्‍स कार्ड दान या उपहार के लेन-देन का संकेत दे रहा है। इस कार्ड के अनुसार आपको पैतृक संपत्ति भी मिल सकती है। सिक्‍स ऑफ कप्‍स कार्ड तब भी दिखाई देता है, जब आप वसीयत के बारे में या इसे बनाने पर विचार कर रहे हों। अपने माता-पिता के घर जाकर रहने से आप अपने लिए अधिक पैसों की बचत कर पाएंगे। वहीं दूसरी ओर, आप अपने घर में परिवार के सदस्‍यों को वापस बुला सकते हैं और अपने संसाधनों को साझा कर सकते हैं।

आपको अपने करियर में अपनी कड़ी मेहनत, फोकस और व्‍यवस्थित दृष्टिकोण की वजह से सफलता प्राप्‍त होने की उम्‍मीद है। अगर वर्तमान समय में आपका कार्यक्षेत्र या आपके काम करने की प्रक्रिया थोड़ी अव्‍यवस्थित या परेशान करने वाली है, तो अब आप कमान अपने हाथ में ले सकते हैं और काम करने के लिए एक नया ढांचा बना सकते हैं। इससे आपको और आपके सहकर्मियों को अच्‍छे से काम करने में मदद मिलेगी। इस कार्ड के अनुसार आपको अपने कार्यक्षेत्र में सहकर्मी या निरीक्षक से अपने करियर में मार्गदर्शन या सहायता मिलने के योग हैं।

सेहत के मामले में आपको ऐट ऑफ कप्‍स कार्ड मिला है जिसके अनुसार आप इस समय भावनात्‍मक रूप से तनाव में हो सकते हैं। आपको थेरेपी या मेडिटेशन से राहत मिलने की उम्‍मीद है। अगर आपको लगता है कि बात करने से आपको मदद मिलेगी या राहत महसूस होगी, तो आप अपने करीबी दोस्‍तों या परिवार के सदस्‍य से बात कर सकते हैं।

घूमने के लिए कहां जाएं: आयरलैंड

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सिंह राशि

प्रेम जीवन: द टॉवर

आर्थिक जीवन: द चैरियट

करियर: पेज ऑफ स्‍वॉर्ड्स

स्वास्थ्य: फाइव ऑफ स्‍वॉर्ड्स

सिंह राशि के जातकों को द टॉवर कार्ड मिला है जिसके अनुसार आपके सामने कुछ ऐसी समस्‍याएं आ सकती हैं जो आपकी जिंदगी में कोई बदलाव लाने का काम करें। संभव है कि धीरे-धीरे कमज़ोर पड़ रही नींव की वजह से आपका रिश्‍ता ज्‍यादा लंबे समय तक नहीं टिक पाएगा और आपके रिश्‍ते में दरार आ सकती है। आपको प्‍यार के मामले में नए अनुभव होने की संभावना है। हालांकि, ये अनुभाव दर्द से भरे हो सकते हैं। यह समय मुश्किल हो सकता है लेकिन याद रखें कि यह वक्‍त भी गुज़र जाएगा। अगर आप अकेले हैं, तो शायद आपका रिश्ता नहीं बल्कि प्यार का आपके लिए क्‍या मतलब है, इसे लेकर आपका दृष्टिकोण और समझ बदल रही है।

द चैरियट कार्ड के अनुसार इस सप्‍ताह आपको समझ आ जाएगा कि आप किस तरह से अपने पैसे को बढ़ा और बचा सकते हैं और आप इस दिशा में काम करना शुरू करेंगे। धन के मामले में आपके मन में नकारात्‍मक विचार आ सकते हैं लेकिन आपको इस बात का ध्‍यान रखना है कि ये नकारात्‍मक विचार आपको परेशान न कर पाएं।

पेज ऑफ स्‍वॉर्ड्स कार्ड कहता है कि इस समय आप अपने काम को लेकर नए विचारों और उत्‍साह से भरे रहने वाले हैं। इस कार्ड के अनुसार आप किसी चीज़ का प्रशिक्षण या नया अनुभव ले रहे हैं। इसके मुताबिक आप कोई प्रशिक्षण ले सकते हैं, किसी विषय की पढ़ाई कर सकते हैं या करियर के लिए नया रास्‍ता चुन सकते हैं।

सेहत के मामले में आपको फाइव ऑफ स्‍वॉर्ड्स कार्ड मिला है जिसके अनुसार अब आप लड़ते-लड़ते थका हुआ महसूस कर सकते हैं इसलिए आपको अपनी सेहत का ख्‍याल रखने की ज़रूरत है। मुमकिन है कि आपने जिन मुश्किलों का सामना किया है या कर रहे हैं, उनकी वजह से आपके अंदर अब ऊर्जा खत्‍म हो गई है।

घूमने के लिए कहां जाएं: लॉस एंजेलिस

कन्या राशि

प्रेम जीवन: नाइट ऑफ स्‍वॉर्ड्स

आर्थिक जीवन: टू ऑफ कप्‍स

करियर: थ्री ऑफ स्‍वॉर्ड्स

स्वास्थ्य: थ्री ऑफ वैंड्स

प्‍यार के मामले में नाइट ऑफ स्‍वॉर्ड्स कार्ड का कहना है कि आपका पार्टनर आपसे ज्‍यादा प्रभावशाली हो सकता है और आप दोनों के व्‍यक्‍तित्‍व के बीच जो अंतर है, उसकी वजह से आप दोनों के रिश्‍ते में असंतुलन पैदा हो सकता है। जीवनसाथी के बहुत ज्‍यादा डिमांड करने की वजह से आपके लिए उनके साथ रिश्‍ते में रह पाना मुश्किल हो सकता है। आप उनसे बात कर के समस्‍याओं का हल निकालने की कोशिश करें।

आर्थिक स्‍तर पर आपको टू ऑफ कप्‍स कार्ड मिला है जो कि निष्‍पक्षता और संतुलन को दर्शाता है। इस कार्ड के अनुसार इस सप्‍ताह आप अपने पैसे को संभालने में सक्षम होंगे और आपके पास अपनी जिम्‍मेदारियों को पूरा करने के लिए पर्याप्‍त धन होगा।

इस समय आपके लिए काम तनाव, चिड़चिड़ापन और निराशा का कारण हो सकता है। इस कार्ड के अनुसार अचानक आपकी नौकरी छूट सकती है या आपका व्‍यापार डूब सकता है। इसके अलावा यह कार्ड कार्यक्षेत्र में सहकर्मियों और क्‍लाइंट के साथ किसी बात पर असहमति की ओर भी इशारा कर रहा है। आप अपने सहकर्मियों के साथ खुलकर और अच्‍छे से बात करें और अपने व्‍यवहार में विनम्रता बनाए रखें। आपको उनसे और उन्‍हें आपसे बहुत कुछ सीखने को मिल सकता है।

थ्री ऑफ वैंड्स कार्ड के अनुसार आपको दूरदर्शिता अपनानी चाहिए, अपनी सुख-सुविधाओं को छोड़कर बाहर आना चाहिए और मुश्किलों का सामना करना चाहिए। इस कार्ड के अनुसार आपको आने वाले कल का सामना पूरे आत्‍मविश्‍वास, उद्देश्‍य और निष्‍ठा के साथ करना चाहिए।

घूमने के लिए कहां जाएं: क्‍योटो

तुला राशि

प्रेम जीवन: क्‍वीन ऑफ पेंटाकल्‍स

आर्थिक जीवन: क्‍वीन ऑफ वैंड्स

करियर: टेन ऑफ वैंड्स

स्वास्थ्य: द वर्ल्‍ड

क्‍वीन ऑफ पेंटाकल्‍स कार्ड जोशीले, समझदार, मेहनती और सुख-सुविधाओं से संपन्‍न व्‍यक्‍ति को दर्शाता है। इसके साथ ही यह व्‍यवसाय करने में कुशल और सुख-सुविधाओं एवं विलासिता को लेकर जुनून रखने वाले व्‍यक्‍ति का भी प्रतीक है। तुला राशि के जातकों को शायद इस सप्‍ताह अपने जीवनसाथी को लेकर बहुत ज्‍यादा उम्‍मीदें रह सकती हैं। आप किसी ऐसे व्‍यक्‍ति की तलाश में रहेंगे जिसकी महत्‍वाकांक्षाएं, पसंद और समर्पण का भाव, आपसे मेल खाता हो। यदि आप पहले से ही प्रेम संबंध में हैं, तो इस सप्‍ताह आप अपने पार्टनर के साथ खुशहाल जीवन जिएंगे। इस समय आप खुद पर ध्‍यान देंगे।

क्‍वीन ऑफ वैंड्स कार्ड के अनुसार इस सप्‍ताह आप धन के मामले में समझदारी से निर्णय लेते हुए नज़र आएंगे। आप बहुत सोच-समझकर और पूरी तैयारी करने के बाद ही कोई फैसला लेंगे। अब आप स्‍टॉक और अन्‍य उत्‍पादों का मूल्‍यांकन करने में सक्षम हैं इसलिए अपने आर्थिक दायरे को बढ़ाने के लिए यह सही समय है। हालांकि, कुछ गलत लगने पर आपको अपने मन की बात सुननी चाहिए।

करियर में टेन ऑफ वैंड्स कार्ड तनाव को दर्शा रहा है। इस कार्ड का कहना है कि आप प्रयास करते-करते थक गए हैं। मुमकिन है कि आपको या तो अपने प्रयासों का कोई फल नहीं मिल पा रहा है या बहुत कम लाभ मिल रहा है। आपको हार नहीं माननी चाहिए क्‍योंकि अब आप अपने लक्ष्‍य के काफी करीब हैं।

सेहत के मामले में आपको द वर्ल्‍ड कार्ड मिला है जो कि अच्‍छी सेहत और उत्‍साह को दर्शाता है। आप अपनी दिनचर्या में स्‍वस्‍थ जीवनशैली के साथ-साथ व्‍यायाम को करने की आदत को बनाए रखें। इस सप्‍ताह आपका ध्‍यान मानसिक, शारीरिक और भावनात्‍मक रूप से स्‍वस्‍थ रहने पर रहेगा।

घूमने के लिए कहां जाएं: पेरिस

वृश्चिक राशि

प्रेम जीवन: नाइन ऑफ वैंड्स

आर्थिक जीवन: द हैंग्‍ड मैन

करियर: किंग ऑफ स्‍वॉर्ड्स

स्वास्थ्य: व्‍हील ऑफ फॉर्च्‍यून

वृश्चिक राशि के जातकों को नाइन ऑफ वैंड्स कार्ड मिला है। इस कार्ड का कहना है कि अब आपको समझ आ जाएगा कि आप जैसा साथी पाना चाहते हैं, उसे पाने के लिए बहुत ज्‍यादा प्रयास करने, त्याग और खुद में कुछ सुधार करने की ज़रूरत है। असल में यही प्‍यार होता है। आप भविष्‍य में खुद को मिलने वाले परिणामों के लिए तैयार रहेंगे। संभावना है कि इस सप्‍ताह आप अपने प्रेम जीवन में कोई बड़े बदलाव कर सकते हैं।

अगर आप आर्थिक रूप से संघर्ष कर रहे हैं, तो द हैंग्‍ड मैन कार्ड आपको अपने नज़रिये को बदलने की सलाह दे रहा है। इस कार्ड के अनुसार आप पैसों के बारे में बहुत ज्‍यादा सोच रहे हैं या पैसों को लेकर आपका हर वक्‍त चिंता में रहना आपके लिए परेशानियों को बुलावा देने का काम कर रहा है। आप अपने जीवन के अन्‍य पहलुओं में हो रही सकारात्‍मक चीज़ों को अनदेखा कर सकते हैं।

करियर के क्षेत्र में आपको किंग ऑफ स्‍वॉर्ड्स कार्ड मिला है जिसके अनुसार कोई वरिष्‍ठ और समझदार व्‍यक्‍ति कार्यक्षेत्र में आपको उच्‍च मानक पर बने रहने में मदद करेगा। वह व्‍यक्‍ति आपके साथ सख्‍ती से पेश आ सकता है लेकिन आप बहुत ज्‍यादा संवेदनशील न बनें।

व्‍हील ऑफ फॉर्च्‍यून कार्ड के अनुसार आपके स्‍वास्‍थ्‍य में समय के साथ बदलाव आ सकता है। आपको अपने शारीरिक और मानसिक स्‍वास्‍थ्‍य का ख्‍याल रखना चाहिए।

घूमने के लिए जाएं: पेरु

धनु राशि

प्रेम जीवन: नाइन ऑफ कप्‍स

आर्थिक जीवन: जजमेंट (रिवर्स्‍ड)

करियर: फोर ऑफ पेंटाकल्‍स

स्वास्थ्य: डेथ

धनु राशि के जातकों को नाइन ऑफ कप्‍स कार्ड मिला है जिसका मतलब है कि रिश्‍ते में दोनों पार्टनर की भावनात्‍मक ज़रूरतों की पूर्ति हो रही है और दोनों अपने रिश्‍ते का आनंद ले रहे हैं। आप शादी बंधन में बंधने, सगाई करने या फिर अपना परिवार शुरू करने का फैसला ले सकते हैं।

अगर आपने हाल ही में किसी आर्थिक संकट का सामना किया है, तो अब आप खुद पर थोड़े कठोर हो रहे हैं। खुद को प्रेरित करने और सही निर्णय लेने के लिए आपको अपनी गलतियों से सीखना चाहिए और अपने प्रति थोड़ी दयालुता दिखानी चाहिए। आप अपनी आर्थिक स्थिति जानते हुए भी वही वित्तीय विकल्‍प चुन रहे हैं या उन्‍हीं तरीकों से अपने धन को संभाल रहे हैं, जो आपको परेशानी दे सकते हैं।

फोर ऑफ पेंटाकल्‍स कार्ड कहता है कि अब जाकर आपको अपने करियर में थोड़ी स्थिरता मिल सकती है। अगर यह आपकी पहली नौकरी है या करियर में इस स्थिरता को पाने के लिए आपने पहले संघर्ष किया है, तो अभी भी आप अपने करियर को लेकर थोड़े बेचैन हो सकते हैं।

सेहत के मामले में आपको द डेथ कार्ड मिला है जो स्‍वास्‍थ्‍य में बदलाव के संकेत दे रहा है। यह कार्ड आध्‍यात्मिक विकास और पुनर्जीवन का संकेत हो सकता है।

घूमने के लिए कहां जाएं: दक्षिण अमेरिका

मकर राशि         

प्रेम जीवन: सेवन ऑफ स्‍वॉर्ड्स

आर्थिक जीवन: टू ऑफ वैंड्स (रिवर्स्‍ड)

करियर: द हाई प्रिस्‍टेस

स्वास्थ्य: टू ऑफ पेंटाकल्‍स

प्रेम के मामले में मकर राशि के जातकों को सेवन ऑफ स्‍वॉर्ड्स कार्ड मिला है जिसके अनुसार आप या आपका पार्टनर धोखा दे रहा है या किसी और के सा‍थ संबंध में है। इसके साथ ही यह कार्ड आपको प्‍यार में धोखा देने वाले लोगों से दूर रहने की सलाह दे रहा है।

टू ऑफ वैंड्स (रिवर्स्‍ड) आर्थिक जीवन में असंतुलन के संकेत दे रहा है। इस सप्‍ताह आपकी आर्थिक स्थिति में लाभ या हानि से ज्‍याद अव्‍यवस्‍था देखने को मिलेगी। आप इस समय धन और अपने दीर्घकालिक उद्देश्‍यों पर नज़र रखें और कोई बड़ी खरीदारी या निवेश करने से बचें। इस समय आपको हर चीज़ में स्‍पष्‍टता रखने की ज़रूरत है।

अगर आपका काम रचनात्‍मकता से जुड़ा है, तो यह कार्ड आपके लिए करियर में नए विचारों का संकेत दे रहा है। द हाई प्रिस्‍टेस कार्ड के अनुसार अपने भविष्‍य या नौकरी के लिए कोई भी महत्‍वपूर्ण निर्णय लेने के मामले में आपको अपने मन की बात पर भरोसा करना चाहिए। आपके ज्ञान का खजाना ही आपकी मदद करेगा। कभी-कभी यह कार्ड सलाहकार या उपदेशक के आने का भी संकेत दे सकता है जो कि करियर में आगे बढ़ने में आपकी मदद कर सकते हैं।

टू ऑफ पेंटाकल्‍स कार्ड व्‍यक्‍ति के आध्‍यात्मिक और शारीरिक स्‍वास्‍थ्‍य के बारे में जानकारी प्रदान कर सकता है। इस कार्ड का कहना है कि जातक अपनी देखभाल करने के साथ-साथ कई दायित्‍वों को निभा रहा है। यह कार्ड रिवर्स्‍ड होने पर दर्शाता है कि जीवन के अन्‍य पहलुओं पर ध्‍यान देने की वजह से व्‍यक्‍ति ने अपने स्‍वास्‍थ्‍य को अनदेखा किया है।

घूमने के लिए कहां जाएं: वियतनाम

कुंभ राशि

प्रेम जीवन: पेज ऑफ वैंड्स

आर्थिक जीवन: सिक्‍स ऑफ वैंड्स

करियर: नाइट ऑफ कप्‍स

स्वास्थ्य:  पेज ऑफ कप्‍स

कुंभ राशि के जातकों को पेज ऑफ वैंड्स कार्ड मिला है जिसका मतलब है कि आपकी जिंदगी में रोमांस दस्‍तक दे रहा है। यह सिंगल जातकों के लिए जश्‍न मनाने का समय है। आप अपने प्‍यार के दायरे को बढ़ाने के लिए इस समय मौजूद अवसरों का लाभ उठाने का प्रयास करें। शादीशुदा या जो जातक प्रेम संबंध में  हैं, उनके रिश्‍ते में स्‍नेह रहेगा और वे अपने पार्टनर के साथ आनंदमय समय बिता सकते हैं।

इस कार्ड का मतलब है कि आपकी आर्थिक स्थिति अच्‍छी है। मुश्किल समय में अपनी प्रतिबद्धता और दृढ़ता की वजह से आज आप आर्थिक रूप से सुरक्षित हो पाए हैं। इस समय आपको अपनी कड़ी मेहनत का फल मिल रहा है। आप खुश रहें और आनंद लें लेकिन अधिक आत्‍मविश्‍वासी होने से बचें। धन के मामले में लापरवाह होना कतई भी सही नहीं है। इस बात का ध्‍यान रखें और अपनी उपलब्धियों का आनंद उठाएं।

पेशेवर जीवन में आपको नाइट ऑफ कप्‍स के रूप में एक शानदार कार्ड मिला है। इस कार्ड के अनुसार कोई ऐसा व्‍यक्‍ति आपके सामने काम का प्रस्‍ताव रख सकता है जो कि एक बहुत ही सफल व्‍यवसायी बनने की राह पर है। वे आपकी भी सफलता पाने में मदद करेंगे।

सेहत के मामले में पेज ऑफ कप्‍स कार्ड शुभ समाचार और शुभ परिणाम लेकर आया है। इस कार्ड के अनुसार आप कोई ऐसी थेरेपी या उपचार ले सकते हैं, जो आपको संपूर्ण रूप से बेहतर महसूस करने में मदद करे।

घूमने के लिए कहां जाएं: बर्लिन

मीन राशि 

प्रेम जीवन: पेज ऑफ वैंड्स

आर्थिक जीवन: पेज ऑफ पेंटाकल्‍स

करियर: किंग ऑफ पेंटाकल्‍स

स्वास्थ्य:  सेवन ऑफ कप्‍स

इस सप्‍ताह मीन राशि के जातकों को पेज ऑफ वैंड्स कार्ड मिला है जो कि कई संभावनाओं की ओर संकेत कर रहा है। यदि आप सिंगल हैं, तो आप नए लोगों से मिलने और रोमांस करने के लिए उत्‍सुक रहेंगे। रोमांटिक जीवन में आपको कोई ऐसा मिलेगा, जो कि ये सारे गुण रखता होगा।

इस सप्‍ताह आपकी आर्थिक स्थिति में सुधार आना शुरू होगा। आप अपने भविष्‍य की तैयारी करें, पेज ऑफ पेंटाकल्‍स कार्ड आपके लिए बेहतरीन परिणाम पाने के संकेत दे रहा है। आप देखेंगे कि आपके प्रयासों का आपकी भौतिक स्थिति पर महत्‍वपूर्ण प्रभाव पड़ा है बशर्ते आप धन के मामले में जरूरी रिसर्च करें और अपने खर्चों की योजना बनाकर चलें।

किंग ऑफ पेंटाकल्‍स कार्ड पेशे के मामले में एक समृद्ध कंपनी या साम्राज्‍य का प्रतीक है। यह कार्ड कार्यक्षेत्र में सफलता को दर्शाता है। इसके साथ ही इस कार्ड का मतलब है कि आपने जिस क्षेत्र को चुना है, उसमें आप किसी प्रमुख पद पर पहुंच सकते हैं या अपने लक्ष्‍यों को प्राप्‍त कर सकते हैं।

सेहत के मामले में आापको अपराइट सेवन ऑफ कप्‍स कार्ड मिला है जो कि आपको बहुत ज्‍यादा काम न करने और अधिक ऊर्जा न लगाने की सलाह दे रहा है। यह कार्ड आपको याद दिला रहा है कि आपको पहले अपनी सेहत पर ध्‍यान देना चाहिए और अपने ऊपर ज्‍यादा बोझ नहीं डालना चाहिए।

घूमने के लिए कहां जाएं: बाली

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इसी आशा के साथ कि, आपको यह लेख भी पसंद आया होगा एस्ट्रोसेज के साथ बने रहने के लिए हम आपका बहुत-बहुत धन्यवाद करते हैं।

अक्‍सर पूछे जाने वाले प्रश्‍न

प्रश्‍न 1.  टैरो में कौन सा कार्ड सबसे ज्‍यादा परेशानी देता है?

उत्तर. डेथ और द टॉवर कार्ड।

प्रश्‍न 2. कौन सा टैरो कार्ड अवसर को दर्शाता है?

उत्तर. पेज ऑफ वैंड्स और पेज ऑफ पेंटाकल्‍स।

प्रश्‍न 3. कौन सा कार्ड यूथफुलनेस को दिखाता है?

उत्तर. द फूल।

अंक ज्योतिष साप्ताहिक राशिफल: 12 जनवरी से 18 जनवरी, 2025

कैसे जानें अपना मुख्य अंक (मूलांक)? 

अंक ज्योतिष साप्ताहिक भविष्यफल जानने के लिए अंक ज्योतिष मूलांक का बड़ा महत्व है। मूलांक जातक के जीवन का महत्वपूर्ण अंक माना गया है। आपका जन्म महीने की किसी भी तारीख़ को होता है, उसको इकाई के अंक में बदलने के बाद जो अंक प्राप्त होता है, वह आपका मूलांक कहलाता है। मूलांक 1 से 9 अंक के बीच कोई भी हो सकता है, उदाहरणस्वरूप- आपका जन्म किसी महीने की 10 तारीख़ को हुआ है तो आपका मूलांक 1+0 यानी 1 होगा। 

इसी प्रकार किसी भी महीने की 1 तारीख़ से लेकर 31 तारीख़ तक जन्मे लोगों के लिए 1 से 9 तक के मूलांकों की गणना की जाती है। इस प्रकार सभी जातक अपना मूलांक जानकर उसके आधार पर साप्ताहिक राशिफल जान सकते हैं।

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अपनी जन्मतिथि से जानें साप्ताहिक अंक राशिफल (12 जनवरी से 18 जनवरी, 2025)

अंक ज्योतिष का हमारे जीवन पर सीधा प्रभाव पड़ता है क्योंकि सभी अंकों का हमारे जन्म की तारीख़ से संबंध होता है। नीचे दिए गए लेख में हमने बताया है कि हर व्यक्ति की जन्म तिथि के हिसाब से उसका एक मूलांक निर्धारित होता है और ये सभी अंक अलग-अलग ग्रहों द्वारा शासित होते हैं। 

जैसे कि मूलांक 1 पर सूर्य देव का आधिपत्य है। चंद्रमा मूलांक 2 का स्वामी है। अंक 3 को देव गुरु बृहस्पति का स्वामित्व प्राप्त है, राहु अंक 4 का राजा है। अंक 5 बुध ग्रह के अधीन है। 6 अंक के राजा शुक्र देव हैं और 7 का अंक केतु ग्रह का है। शनि देव को अंक 8 का स्वामी माना गया है। अंक 9 मंगल देव का अंक है और इन्हीं ग्रहों के परिवर्तन से जातक के जीवन में अनेक तरह के परिवर्तन होते हैं।

 बृहत् कुंडली में छिपा है, आपके जीवन का सारा राज, जानें ग्रहों की चाल का पूरा लेखा-जोखा

मूलांक 1

(अगर आपका जन्म किसी भी महीने की 1, 10, 19, 28 तारीख़ को हुआ है)

इस मूलांक वाले जातक समय को लेकर अधिक सजग रहते हैं और समय के अनुसार चलना पसंद करते हैं। ये अपने लक्ष्‍यों को लेकर काफी सचेत रहेंगे और उन्‍हें प्राप्‍त करने का प्रयास करेंगे।

प्रेम जीवन: इस सप्‍ताह आाप अपने जीवनसाथी से घुमा-फिराकर बात करने के बजाय सीधी बात करना पसंद करेंगे। इस समय आप अपने पार्टनर के साथ सबसे सकारात्‍मक दृष्टिकोण रख सकते हैं।

शिक्षा: छात्र इस सप्‍ताह प्रोफेशनल स्‍टडीज़ में अच्‍छा प्रदर्शन करेंगे। मरीज इंजीनियरिंग और केमिकल इंजीनियरिंग आदि विषयों में उत्‍कृष्‍टता हासिल कर सकते हैं।

पेशेवर जीवन: नौकरीपेशा जातक अपने काम को पूरा करने के लिए सिद्धांतों पर चलना पसंद करेंगे और अपने कार्य को निपुणता के साथ पूरा करेंगे। वहीं व्‍यापारियों को अधिक मुनाफा होने की उम्‍मीद है। इन्‍हें पार्टनरशिप से फायदा हो सकता है।

सेहत: इस सप्‍ताह आपका स्‍वास्‍थ्‍य अच्‍छा रहने वाला है। आपके अंदर जोश और उत्‍साह बढ़ने की वजह से ऐसा हो सकता है। इसके अलावा आपको योग और ध्‍यान से भी लाभ होने के संकेत हैं।

उपाय: आप रोज़ 19 बार ‘ॐ भास्‍कराय नम:’ मंत्र का जाप करें।

मूलांक 2

(अगर आपका जन्म किसी भी महीने की 2, 11, 20, 29 तारीख़ को हुआ है)

इस मूलांक वाले जातक रिसर्च करने को लेकर उत्‍सुक रहते हैं और इसी दिशा में अपना मन लगा सकते हैं। ये यात्रा करने के लिए भी अधिक उत्‍साहित रहते हैं और इसका आनंद लेते हैं।

प्रेम जीवन: इस सप्‍ताह आप अपने पार्टनर के सामने अपनी भावनाओं को बेझिझक होकर रख सकेंगे और इसके परिणामस्‍वरूप अपने जीवनसाथी के साथ बेफिक्र होकर आगे बढ़ सकेंगे।

शिक्षा: इस सप्‍ताह छात्र प्रोफेशनल स्‍टडीज़ जैसे कि केमिकल इंजीनियरिंग और मरीन इंजीनियरिंग आदि में उत्कृष्‍टता हासिल करेंगे। आप ये सब अपनी बुद्धि के दम पर प्राप्‍त करेंगे।

पेशेवर जीवन: नौकरीपेशा जातकों को इस सप्‍ताह अपनी प्रतिबद्धता और पेशेवर तरीके से काम करने की वजह से कोई लाभ और इंसेंटिव मिल सकता है। वहीं व्‍यापारी इस समय अपने प्रतिद्वंदियों को कड़ी टक्‍कर देने में सक्षम होंगे।

सेहत: मूलांक 2 वाले जातकों की इस सप्‍ताह इम्‍युनिटी काफी मज़बूत रहने वाली है। इससे आपका स्‍वास्‍थ्‍य भी अच्‍छा रहेगा। आपके अंदर जोश और साहस होने की वजह से ऐसा हो सकता है। आप ध्‍यान और योग की मदद से भी उत्तम स्‍वास्‍थ्‍य को प्राप्‍त करने में सक्षम हो सकते हैं।

उपाय: सोमवार के दिन चंद्रमा के लिए पूजा करें।

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मूलांक 3

(अगर आपका जन्म किसी भी महीने की 3, 12, 21, 30 तारीख़ को हुआ है)

इस मूलांक वाले जातक अधिक आध्‍यात्मिक होते हैं और ये अपना मन आध्‍यात्मिक चीज़ों पर ही लगा सकते हैं। ये खुले विचारों वाले होते हैं और जो भी करते हैं, उसके लिए कुछ बड़ा सोचते हैं।

प्रेम जीवन: इस समय आप अपने पार्टनर के साथ अधिक ईमानदार रहेंगे और इस तरह आप दोनों के बीच प्‍यार बढ़ेगा। आप अपने जीवनसाथी के साथ खुश रहेंगे।

शिक्षा: प्रोफेशनल स्‍टडीज़ में बिज़नेस मैनेजमेंट, एडवांस स्‍टैस्टिक्‍स जैसे विषय आपके लिए शानदार रहने वाले हैं। आप उच्‍च अंक प्राप्‍त करने और अपने कौशल को साबित करने में सक्षम होंगे।

पेशेवर जीवन: नौकरीपेशा जातकों को विदेश जाने का मौका मिल सकता है और ये अवसर आपको सफलता की ॐचाईयों तक पहुंचाने का काम करेंगे। व्‍यापारियों को अपने बिज़नेस पार्टनर का पूर्ण सहयोग प्राप्‍त होगा और उनके ज़रिए आपको व्‍यापार के क्षेत्र में अधिक अवसर मिल सकते हैं एवं आप अधिक मुनाफा कमा पाएंगे।

सेहत: आपकी इम्‍युनिटी मज़बूत होने की वजह से इस सप्‍ताह आपका स्‍वास्‍थ्‍य भी दुरुस्‍त रहने वाला है। इसके अलावा आत्‍मविश्‍वास से भरपूर होने की वजह से भी आपको फायदा होगा।

उपाय: आप रोज़ 21 बार ‘ॐ गुरुवे नम:’ मंत्र का जाप करें।

मूलांक 4

(अगर आपका जन्म किसी भी महीने की 4, 13, 22, 31 तारीख़ को हुआ है)

इस मूलांक वाले जातक अधिक भावुक और जुनून से भरे होते हैं और इसी के आधार पर ये अपने निर्णय लेते हैं। ये जातक अपने कार्यों को लेकर अधिक सचेत रहते हैं।

प्रेम जीवन: इस सप्‍ताह आपसी तालमेल की कमी की वजह से आपको अपने पार्टनर के साथ आनंदमय समय बिताने का मौका नहीं मिल पाएगा। आप दोनों के बीच बहस होने की आशंका है। इसकी वजह से आपके रिश्‍ते में खटास आ सकती है।

शिक्षा: छात्रों का पढ़ाई पर से ध्‍यान भटक सकता है और इस वजह से वे उच्‍च अंक प्राप्‍त करने में असमर्थ रह सकते हैं। एकाग्रता की कमी की वजह से भी आप पढ़ाई में पीछे रह सकते हैं।

पेशेवर जीवन: नौकरीपेशा जातक कार्यक्षेत्र में काम का दबाव बढ़ने की वजह से पीछे रह सकते हैं। इस कारण से आप उत्‍कृष्‍ट प्रदर्शन करने और नाम कमाने में असफल रह सकते हैं। यदि आप व्यवसाय में हैं, तो प्रतिस्पर्धी आपको पीछे छोड़ सकते हैं, जिसकी वजह से आपको कम अवसर प्राप्‍त होंगे।

सेहत: आपके अंदर साहस की कमी हो सकती है और इसका असर आपकी सेहत पर भी देखने को मिलेगा। इस सप्‍ताह आपके अंदर ऊर्जा की कमी भी देखने को मिल सकती है। ताकत में कमी आने के कारण आप उच्‍च तनाव के शिकार हो सकते हैं।

उपाय: आप रोज़ 22 बार ‘ॐ दुर्गाय नम:’ मंत्र का जाप करें।

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मूलांक 5

(अगर आपका जन्म किसी भी महीने की 5, 14, 23 तारीख़ को हुआ है)

इस मूलांक वाले जातक अपनी बुद्धि का इस्‍तेमाल कर के प्रभावी निर्णय लेने पर ध्‍यान देते हैं। इन जातकों को अपने सेंस ऑफ ह्यूमर से काफी मदद मिलती है।

प्रेम जीवन: इस सप्‍ताह आपके और आपके पार्टनर के बीच रिश्‍ते में खटास आने की आशंका है। आप दोनों का रिश्‍ता कमज़ोर पड़ सकता है। आप खुद को अपने जीवनसाथी से दूर कर सकते हैं और इसका आपके रिश्‍ते पर नकारात्‍मक असर पड़ सकता है।

शिक्षा: पढ़ाई के मामले में यह सप्‍ताह ज्‍यादा अच्‍छा नहीं रहने वाला है। आप शिक्षा के क्षेत्र में जो प्रयास कर रहे हैं, उनमें आपको आसानी से सफलता नहीं मिल पाएगी। इसके अलावा आपका पढ़ाई पर से ध्‍यान भी भटक सकता है।

पेशेवर जीवन: नौकरीपेशा जातकों को अपने वरिष्‍ठ अधिकारियों के साथ समस्‍याओं का सामना करना पड़ सकता है। इस वजह से आप थोड़ा परेशान रह सकते हैं। मुमकिन है कि आप अधिक मेहनत करेंगे लेकिन आपके प्रयासों एवं कार्य को मान्‍यता नहीं मिल पाएगी। वहीं व्‍यापारी मुनाफा कमाने में विफल रह सकते हैं और इन्‍हें अपने मौजूदा पार्टनर के साथ भी समस्‍याएं आने की आशंका है।

सेहत: इस सप्‍ताह इम्‍युनिटी कमज़ोर होने की वजह से आपको नसों से संबंधित समस्‍याएं होने के संकेत हैं। कभी-कभी आपको पाचन से जुड़ी परेशानियां भी घेर सकती हैं।

उपाय: आप रोज़ 41 बार ‘ॐ नमो नारायण’ मंत्र का जाप करें।

मूलांक 6

(अगर आपका जन्म किसी भी महीने की 6, 15, या 24 तारीख को हुआ है)

इस मूलांक वाले जातकों की ह्यूमर और रचनात्‍मक कार्यों आदि में अधिक रुचि हो सकती है। इन जातकों की घूमने-फिरने और मौज-मस्‍ती करने में अधिक दिलचस्‍पी हो सकती है।

प्रेम जीवन: इस सप्‍ताह आपकी ओर से तालमेल की कमी होने के कारण आप अपने पार्टनर के साथ रिश्‍ते में नाखुश रह सकते हैं। आपको अपने जीवनसाथी के साथ धैर्य से पेश आने की ज़रूरत है।

शिक्षा: इस सप्‍ताह आपकी एकाग्रता में कमी आने की वजह से पढ़ाई पर से आपका ध्‍यान भटक सकता है। इस कारण से आप पढ़ाई पर ठीक से फोकस नहीं कर पाएंगे।

पेशेवर जीवन: मुमकिन है कि नौकरीपेशा जातकों को अपनी नौकरी के संबंध में अच्‍छे परिणाम न मिल पाएं। इस वजह से आप चिंता में आ सकते हैं। वहीं व्‍यापारियों को भी इस सप्‍ताह अधिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।

सेहत: इस सप्‍ताह आपकी इम्‍युनिटी कमज़ोर होने की वजह से स्किन से संबंधित समस्‍याएं होने की आशंका है। आपको इस समय त्‍वचा पर खुजली की शिकायत अधिक हो सकती है।

उपाय: रोज़ 33 बार ‘ॐ शुक्राय नम:’ मंत्र का जाप करें।

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मूलांक 7

(अगर आपका जन्म किसी भी महीने की 7, 16, या 25 तारीख को हुआ है)

इस मूलांक वाले जातक दार्शनिक होते हैं। कभी-कभी इन जातकों में धैर्य की कमी हो सकती है और यह इनके विकास में बाधा बनने का काम कर सकता है।

प्रेम जीवन: इस सप्‍ताह आप अपने पार्टनर के साथ ईमानदार रहने में असमर्थ रह सकते हैं। इसके साथ ही आप अपने जीवनसाथी के साथ रिश्‍ते में नाखुश नज़र आएंगे। आपके रिश्‍ते की सुख-शांति के भंग होने की आशंका है। इस वजह से आप दोनों के बीच दूरियां बढ़ सकती हैं।

शिक्षा: उच्‍च अंक प्राप्‍त करने में सफलता न मिल पाने की वजह से छात्र दिशाहीन महसूस कर सकते हैं। विद्यार्थियों को पढ़ाई पर अधिक ध्‍यान देने की ज़रूरत है।

पेशेवर जीवन: नौकरीपेशा जातक अपने काम से असंतुष्‍ट महसूस कर सकते हैं एवं आप इस समय अपने वरिष्‍ठ अधिकारियों के गुस्‍से का भी शिकार हो सकते हैं। वहीं व्‍यापारियों को अधिक नुकसान होने की आशंका है। इस सप्‍ताह आपको अधिक मुनाफा होने की उम्‍मीद कम नज़र आ रही है।

सेहत: इम्‍युनिटी कमज़ोर होने की वजह से आपको इस सप्‍ताह पाचन से संबंधित समस्‍याएं होने के संकेत हैं। ये आपके लिए बाधा बन सकती हैं। इसलिए आपको इस समय अधिक दवाएं लेने की ज़रूरत है।

उपाय: आप रोज़ 43 बार ‘ॐ गं गणपतये नम:’ मंत्र का जाप करें।

मूलांक 8 

(अगर आपका जन्म किसी भी महीने की 8, 17, या 26 तारीख को हुआ है)

इस मूलांक वाले जातक काम पर अधिक ध्‍यान देते हैं और अपने काम को ध्‍यान से करते हैं। ये लोग अपनी जिंदगी में अधिक प्रतिबद्ध होते हैं और अपने रोज़मर्रा के कामों को योजना एवं शेड्यूल बनाकर करना पसंद करते हैं।

प्रेम जीवन: आप अपने जीवनसाथी के प्रति अधिक खुशी और सकारात्मकता से भरा हुआ दृष्टिकोण दिखा सकते हैं, और इसे व्यक्त करने का आपका तरीका और भी सकारात्मक हो सकता है।

शिक्षा: अगर आप प्रोफेशनल स्‍टडीज़ कर रहे हैं, तो इस सप्‍ताह आपको उत्‍कृष्‍टता पाने के लिए अधिक मेहनत करने, फोकस करने और स्‍पष्‍ट विचारों के साथ आगे बढ़ने की ज़रूरत है। सफलता पाने का यही एक तरीका है। लेकिन अगर आप पढ़ाई को लेकर प्रतिबद्ध हैं, तो भी आप सफलता पा सकते हैं।

पेशेवर जीवन: नौकरीपेशा जातकों को नौकरी के नए अवसर मिलने के आसार हैं। इसकी वजह से आपका आत्‍मविश्‍वास बढ़ जाएगा लेकिन ये अवसर आपके लिए चुनौतीपूर्ण साबित हो सकते हैं। व्‍यापारियों को औसत मुनाफा होने की उम्‍मीद है। इससे आपके उद्देश्‍य की पूर्ति नहीं हो पाएगी।

सेहत: आपको इस सप्‍ताह पैरों, कंधों और जांघों में दर्द की शिकायत हो सकती है। इम्‍युनिटी कमज़ोर होने की वजह से ऐसा हो सकता है।

उपाय: आप रोज़ 11 बार ‘ॐ हनुमते नम:’ मंत्र का जाप करें।

मूलांक 9

(अगर आपका जन्म किसी भी महीने की 9, 18, या 27 तारीख को हुआ है)

मूलांक 9 वाले जातक अपने कार्य तेजी और अधिक कुशलता के साथ करते हैं। ये जातक कभी-कभी मूडी हो सकते हैं और इस वजह से इनके हाथ से अच्‍छे अवसर छूट सकते हैं।

प्रेम जीवन: इस समय आप अपने पार्टनर से घुमा-फिराकर बात करने के बजाय सीधी बात करना पसंद करेंगे। इस सप्‍ताह आप अपने पार्टनर के साथ बातों और चीज़ों को साझा करने में खुशी दिखा सकते हैं। इससे आप दोनों का रिश्‍ता मज़बूत होगा।

शिक्षा: इस सप्‍ताह छात्र अधिक पेशेवर तरीके से पढ़ाई करेंगे। आप अपनी पढ़ाई के प्रति प्रतिबद्ध रहेंगे और अच्‍छे से पढ़ाई करेंगे।

पेशेवर जीवन: नौकरीपेशा जातक समय पर काम पूरा करने का प्रयास करेंगे जिससे लोग आपसे खुश हो सकते हैं। व्‍यापारी इस सप्‍ताह अपने नेतृत्‍व करने के गुणों को दिखा सकते हैं। व्‍यापारियों का अपने बिज़नेस पर नियंत्रण रहेगा।

सेहत: साहस और मज़बूत इम्‍युनिटी की वजह से आपका स्‍वास्‍थ्‍य भी अच्‍छा रहने वाला है। ऐसा आपके अंदर मौजूद ऊर्जा के उच्‍च स्‍तर के कारण हो सकता है।

उपाय: आप रोज़ 27 बार ‘ॐ भौमाय नम:’ मंत्र का जाप करें।

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अक्‍सर पूछे जाने वाले प्रश्‍न

प्रश्‍न 1. मूलांक 6 पर किस ग्रह का आधिपत्‍य है?

उत्तर. मूलांक 6 के स्‍वामी शुक्र ग्रह हैं।

प्रश्‍न 2. मूलांक 3 के स्‍वामी ग्रह कौन हैं?

उत्तर. 3 मूलांक के स्‍वामी बृहस्‍पति ग्रह हैं।

प्रश्‍न 3. मूलांक 2 वाले जातक कैसे होते हैं?

उत्तर. ये जातक भावुक स्‍वभाव के होते हैं।

पुत्र प्राप्ति के लिए किया जाता है पौष पुत्रदा एकादशी का व्रत, जानें 2025 में कब है?

हिंदू धर्म के अनुसार साल में कई एकादशी आती हैं जिनमें पौष पुत्रदा एकादशी का बहुत महत्‍व है। पौष मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को पुत्रदा एकादशी के नाम से जाना जाता है। हिंदू पंचांग के अनुसार, साल में दो बार पुत्रदा एकादशी आती है। पहली एकादशी पौष माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को पड़ती है और दूसरी पुत्रदा एकादशी का व्रत सावन माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को आता है।

इस दिन भगवान विष्‍णु के लिए व्रत एवं पूजन किया जाता है। ऐसा माना जाता है कि इस दिन व्रत करने से वाजपेय यज्ञ के बराबर पुण्य फल मिलता है। शास्त्रों के अनुसार, जो व्‍यक्‍ति संतान प्राप्ति चाहते हैं, वे इस एकादशी पर व्रत रख सकते हैं। संतान की प्राप्ति और उसकी दीर्घायु के लिए इस दिन व्रत एवं पूजन किया जाता है।

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भविष्य से जुड़ी किसी भी समस्या का समाधान मिलेगा विद्वान ज्योतिषियों से बात करके 

कब है पुत्रदा एकादशी 2025?

09 जनवरी को दोपहर 12 बजकर 25 मिनट पर एकादशी तिथि आरंभ होगी और 10 जनवरी को 10 बजकर 22 मिनट पर इसका समापन होगा। इस प्रकार पौष पुत्रदा एकादशी का व्रत 10 जनवरी को शुक्रवार के दिन रखा जाएगा। पुत्रदा एकादशी पर शुभ योग भी बन रहा है।

कुल नित्‍य योगों में शुभ योग 23वें स्‍थान पर आता है और इस योग पर मां लक्ष्‍मी का आधिपत्‍य है। शास्‍त्रों में शुभ योग को बहुत लाभकारी माना जाता है। इस योग को भाग्‍यशाली और पुण्‍य देने वाला कहा जाता है। ऐसी मान्‍यता है कि इस योग में किए जाने वाले सभी कार्य संपन्‍न होते हैं।

पौष पुत्रदा एकादशी 2025 का महत्‍व

जिन जातकों के कोई संतान नहीं है, वे पुत्र या संतान प्राप्ति के लिए पौष पुत्रदा एकादशी का व्रत रख सकते हैं। इस दिन व्रत एवं पूजन करने से सभी सुख-सुविधाएं मिलती हैं और व्‍यक्‍ति मृत्‍यु के बाद बैकुंठ धाम को जाता है। इसके साथ ही उसके सारे पाप भी धुल जाते हैं। मान्‍यता है कि इस व्रत को रखने से संतान का स्‍वास्‍थ्‍य भी अच्‍छा रहता है और वैवाहिक जीवन में खुशियां आती हैं।

बृहत् कुंडली में छिपा है, आपके जीवन का सारा राज, जानें ग्रहों की चाल का पूरा लेखा-जोखा

पुत्रदा एकादशी की व्रत कथा

पौराणिक कथाओं के अनुसार, एक नगर में सुकेतुमान नाम का राजा रहता था, उसकी पत्नी का नाम शैव्या था। राजा-रानी दोनों संतानहीन थे और इस बात को लेकर वह सदैव चिंतित रहते थे। राजा को यह बात विचलित करती थी कि उनके बाद उनका राजपाट कौन संभालेगा और मृत्यु के बाद उनका अंतिम संस्कार, श्राद्ध, पिंडदान आदि कर्म कौन करेगा और कौन उन्हें मुक्ति दिलाएगा और कौन उनके पितरों का तर्पण करेगा?

एक बार राजा जंगल में विचरण करने निकले और वहां जाकर प्रकृति के सौंदर्य को देखकर मंत्रमुग्‍ध हो गए। जंगल में राजा ने देखा कि हिरण, मोर व अन्य पशु पक्षी अपनी पत्नी व बच्चों के साथ सुख से जी रहे हैं। यह सब देखकर वह और ज्‍यादा परेशान हो गए। उनके मन में विचार आने लगा कि इतने पुण्य कर्म करने के बाद भी वह निःसंतान रह गए।

आपकी कुंडली में भी है राजयोग? जानिए अपनी  राजयोग रिपोर्ट

उसी समय राजा को प्यास लगी और वह पानी की तलाश में करने लगा। तभी उनकी नज़र नदी के किनारे बने ऋषि-मुनियों के आश्रम पर पड़ी। राजा ने वहां जाकर सभी ऋषियों को प्रणाम किया।  राजा के विनम्र स्वभाव को देखकर वहां उपस्थित सभी ऋषि उससे काफी प्रसन्न हुए और उसे कोई वरदान मांगने के लिए कहा। इस पर राजा ने कहा -हे! ऋषिगण मेरे पास सब कुछ है लेकिन कोई संतान नहीं है। आजकल मैं बस इसी चिंता में डूबा रहता हूं।

राजा की इस बात को सुनकर ऋषि बोले, “राजन! भगवान ने आज तुम पर अपनी विशेष कृपा दिखाई है और उनकी कृपा से ही तुम यहां पहुंचे हो। ऋषि ने राजा को पुत्रदा एकादशी का पूरी निष्‍ठा से व्रत करने के लिए कहा। राजा ने उस व्रत का पालन किया और नियम के अनुसार द्वादश के दिन व्रत पारण किया। इसके कुछ दिनों बाद रानी गर्भवती हुईं और उन्हें एक तेजस्वी और यशस्वी पुत्र की प्राप्ति हुई और अंत में राजा को मोक्ष मिला। इस प्रकार से इस व्रत का महत्व कई गुना बढ़ जाता है।

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पौष पुत्रदा एकादशी 2025 की पूजन विधि

आप पुत्रदा एकादशी के दिन सुबह उठकर स्नान कर के साफ वस्‍त्र धारण कर लें। इसके बाद आप घर के पूजन स्‍थल में खड़े होकर व्रत का संकल्प लें। अब आप अपने घर के पूजा स्‍थल की सफाई करें और पूरे घर को शुद्ध करें। मंदिर में भगवान विष्णु की मूर्ति स्थापित करें और फिर शंख में जल भरकर प्रतिमा का अभिषेक करें।

अभिषेक करने के बाद आप भगवान विष्णु को चंदन का तिलक लगाएं और चावल, फूल, अबीर, गुलाल, इत्र आदि से उनकी पूजा करें। इसके बाद आप मूर्ति के आगे घी का दीपक जलाएं। पौष पुत्रदा एकादशी पर पीले रंग के वस्त्र पहनकर पूजा करना अत्‍यंत लाभकारी माना जाता है क्‍योंकि विष्‍णु जी को पीला रंग बहुत प्रिय है। इसके अलावा आप भगवान विष्णु को भी पीले वस्त्र अर्पित करें।

अब आप भगवान विष्‍णु को मौसमी फल, आंवला, लौंग, नींबू, सुपारी चढ़ाएं। फिर गाय के दूध से बनी खीर का भोग लगाएं। खीर में तुलसी का पत्ता जरूर डालें। इसके बाद पुत्रदा एकादशी की कथा पढ़ें और आरती करें।

पौष पुत्रदा एकादशी 2025 के दिन मंदिर जाकर भी श्रीहरि और मां लक्ष्‍मी की आराधना करें और एकादशी की रात भगवान विष्णु का भजन-कीर्तन करें। एकादशी के अगले दिन ब्राह्मणों को भोजन कराएं और उसके पश्‍चात् ही व्रत का पारण करें।

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पौष पुत्रदा 2025 एकादशी पर इन बातों का रखें ध्‍यान

  • आप इस दिन अपशब्‍दों का प्रयोग न करें, किसी से झगड़ा न करें और न ही क्रोध करें।
  • एकादशी के दिन सात्विक भोजन ग्रहण करें और व्रती को अनाज का सेवन करने से बचना चाहिए।
  • एकादशी के दिन चावल का सेवन करना सख्‍त वर्जित है। इसके अलावा मांस, मछली, शराब और अंडे आदि से भी परहेज़ करना चाहिए।
  • आप पौष पुत्रदा एकादशी पर ब्रह्म मुहूर्त में स्‍नान करें और इस दिन सिर न धोएं।
  • इस दिन भोग में तुलसी के पत्तों का प्रयोग करना शुभ माना जाता है लेकिन एकादशी तिथि पर तुलसी के पत्ते तोड़ने नहीं चाहिए।
  • एकादशी का प्रसाद तेल में पकाना नहीं चाहिए।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रश्‍न 1. पौष पुत्रदा एकादशी 2025 कब है?

उत्तर. 10 जनवरी, 2025 को पौष पुत्रदा एकादशी है।

प्रश्‍न 2. पुत्रदा एकादशी क्‍यों मनाई जाती है?

उत्तर. संतान प्राप्ति के लिए इस दिन व्रत रखा जाता है।

प्रश्‍न 3. पुत्रदा एकादशी पर क्‍या नहीं खाना चाहिए?

उत्तर. इस दिन प्‍याज, लहसुन और मांस आदि का सेवन वर्जित है।

केतु गोचर 2025: इन राशियों के जीवन में लाएगा बड़ा बदलाव, फूंक-फूंककर रखना होगा कदम!

वैदिक ज्योतिष में राहु की तरह केतु भी एक छाया ग्रह है और इन्हें अशुभ एवं पापी ग्रह माना जाता है। केतु देव को प्रभाव का ग्रह भी कहा जाता है क्योंकि यह किसी भी जातक को कभी भी स्वतंत्र परिणाम प्रदान नहीं करते हैं। हालांकि, केतु महाराज का संबंध मनुष्य जीवन के हर क्षेत्र से है इसलिए इनकी चाल, दशा या स्थिति में होने वाला बदलाव विश्व समेत सभी 12 राशियों को भी प्रभावित करता है। जैसे कि हम जानते हैं कि नया साल दस्तक देने को तैयार हैं और इसी वर्ष यानी कि साल 2025 में केतु ग्रह का गोचर होने जा रहा है। ऐसे में, आपके मन में सवाल आ रहे होंगे कि केतु का यह राशि परिवर्तन आपकी राशि के लिए कैसा रहेगा? क्या प्रेम जीवन से लेकर करियर तक में बढ़ जाएंगी समस्याएं? क्या यह आपको देंगे सफलता या फिर नाकामयाबी से होगा आपका सामना? यदि हाँ, तो आप एकदम सही जगह आये हैं क्योंकि इस लेख को विशेष रूप से आपके लिए ही बनाया गया है। 

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भविष्य से जुड़ी किसी भी समस्या का समाधान मिलेगा विद्वान ज्योतिषियों से बात करके 

एस्ट्रोसेज का यह ख़ास ब्लॉग हमारे अनुभवी एवं विद्वान ज्योतिषियों द्वारा केतु गोचर और अन्य ग्रहों की स्थिति को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है जिसके अंतर्गत आप केतु गोचर 2025 का समय एवं तिथि के बारे में जान सकेंगे। साथ ही, केतु गोचर से आपके जीवन में क्या बड़े बदलाव  आएंगे और क्या है ज्योतिष में इसका महत्व आदि से भी आपको रूबरू करवाएंगे। 

बृहत् कुंडली में छिपा है, आपके जीवन का सारा राज, जानें ग्रहों की चाल का पूरा लेखा-जोखा

केतु गोचर 2025: क्या रहेगा समय?

छाया ग्रह के रूप में केतु हर एक राशि में लगभग 18 महीनों के लिए रहते हैं। यह एक निश्चित समय के बाद एक राशि से दूसरी राशि में गोचर कर जाते हैं। हालांकि, पिछले लंबे समय से केतु महाराज बुध ग्रह की राशि कन्या में विराजमान थे और अब इनका गोचर 18 मई 2025 की शाम 05 बजकर 08 मिनट पर सूर्य देव की सिंह राशि में हो जाएगा। एक लंबे समय के बाद होने वाला केतु ग्रह का गोचर सभी राशियों के जातकों के जीवन को अलग-अलग रूप से प्रभावित करता है। 

केतु कैसे करते हैं आपके जीवन को प्रभावित?

वैदिक ज्योतिष में केतु को रहस्यमयी ग्रह माना जाता है जो व्यक्ति को जीवन में अज्ञात चीजों को तलाशने में सहायता करते हैं। इन्हें ज्ञान देने वाला ग्रह कहा जाता है। हालांकि, सनातन धर्म में केतु को भगवान गणेश का स्वरूप माना जाता है। साथ ही, यह मोक्ष, अध्यात्म और वैराग्य के कारक कहे गए हैं। केतु का शुभ प्रभाव जातक के भीतर आत्मिक और आध्यात्मिक विकास को बढ़ाने का काम करता है।  

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अगर केतु ग्रह किसी व्यक्ति की कुंडली में बृहस्पति के प्रभाव में होते हैं, तो ऐसा इंसान बेहद धार्मिक होता हैं। इसके विपरीत, मंगल के प्रभाव में केतु के होने पर जातक क्रूर बन जाता है। लेकिन, कुंडली में केतु और मंगल की अच्छी स्थिति होने पर जातक के महान शल्य चिकित्सक बनने की संभावना होती है। 

केतु कुंडली में बनाते हैं कालसर्प दोष 

ज्योतिष में कालसर्प दोष को सबसे खतरनाक एवं अशुभ दोष माना जाता है जो व्यक्ति के जीवन को नकारात्मक रूप से प्रभावित करता है। इस दोष के निर्माण में केतु ग्रह महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।  ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, कुंडली में केतु ग्रह कालसर्प योग का निर्माण करने में सक्षम होता है। केतु महाराज से मिलने वाले परिणाम भी दूसरे ग्रहों के समान ही अपनी दशा पर आधारित होते हैं। अलगाव का ग्रह कहे जाने वाले केतु देव के प्रभाव में व्यक्ति का मोह सांसारिक सुखों से भंग होने लगता है।  

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केतु ग्रह का प्रभाव और अन्य ग्रह  

राहु और केतु दोनों ही छाया ग्रह माने गए हैं और यह ग्रह सदैव वक्री अवस्था में आगे बढ़ते हैं इसलिए जहाँ अधिकतर ग्रह राशि परिवर्तन करके अगली राशि में जाते हैं, तो वहीं केतु महाराज गोचर करके पिछली राशि में प्रवेश करते हैं। इसी क्रम में, केतु कन्या राशि से निकलकर एक राशि पीछे यानी कि सिंह राशि में जा रहे हैं।। हालांकि, कुंडली में केतु ग्रह की दृष्टि जिन ग्रहों पर होती है और जिन ग्रहों के साथ केतु युति करते हैं, उनसे मिलने वाले परिणाम भी केतु के फल में रूप में देखे जा सकते हैं। 

बात करें केतु के शत्रु और मित्र ग्रह की, तो देवगुरु बृहस्पति केतु के मित्र हैं जबकि सूर्य एवं चंद्रमा को इनके शत्रु माना जाता हैं। शनि, बुध और शुक्र से केतु ग्रह तटस्थ संबंध रखते हैं। हालांकि, कुंडली में केतु जिस ग्रह के साथ उपस्थित होते हैं, उसके प्रभाव से व्यक्ति की बुद्धि को कमज़ोर बनाते हैं। वहीं, केतु महादशा में जातक हर जगह से निराश होकर लौटता है। साथ ही, इंसान को अनेक समस्याओं का सामना भी करना पड़ता है।

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केतु गोचर 2025: सभी 12 राशियों के लिए राशिफल और उपाय 

मेष राशि 

केतु गोचर 2025 के अनुसार मेष राशि के जातकों के जीवन में केतु का गोचर आपकी राशि से पंचम भाव में…..(अपना विस्तृत राशिफल पढ़ें)

वृषभ राशि 

वृषभ राशि के जातकों के लिए केतु का गोचर आपकी राशि से चतुर्थ स्थान में होगा। केतु को…..(अपना विस्तृत राशिफल पढ़ें)

मिथुन राशि 

मिथुन राशि के लिए केतुका गोचर आपकी राशि से तीसरे भाव में होगा। आमतौर पर तीसरे भाव में केतु का…..(अपना विस्तृत राशिफल पढ़ें)

कर्क राशि 

कर्क राशि के जातकों के लिए केतु गोचर 2025 की बात करें तो यह आपकी राशि से दूसरे भाव में गोचर…..(अपना विस्तृत राशिफल पढ़ें)

सिंह राशि 

सिंह राशि के जातकों के लिए केतु गोचर 2025 आपकी राशि के लिए बहुत महत्वपूर्ण साबित…..(अपना विस्तृत राशिफल पढ़ें)

कन्या राशि 

कन्या राशि के जातकों के लिए केतु गोचर 2025 आपकी राशि से द्वादश भाव में होने जा रहा है। यह…..(अपना विस्तृत राशिफल पढ़ें)

तुला राशि 

केतु गोचर 2025 की बात करें तो तुला राशि के जातकों के लिए केतु का गोचर वर्ष 2025 में…..(अपना विस्तृत राशिफल पढ़ें)

वृश्चिक राशि 

वृश्चिक राशि के जातकों के लिए केतु का गोचर आपकी राशि से दशम स्थान में होगा। यह गोचर…..(अपना विस्तृत राशिफल पढ़ें)

धनु राशि 

धनु राशि के जातकों के लिए केतु महाराज नवम भाव में गोचर करने जा रहे हैं जो कि भाग्य और धर्म…..(अपना विस्तृत राशिफल पढ़ें)

मकर राशि 

मकर राशि के जातकों के लिए केतु का गोचर आपकी राशि से अष्टम भाव में होगा। अष्टम भाव…..(अपना विस्तृत राशिफल पढ़ें)

कुंभ राशि 

कुम्भ राशि के जातकों के लिए केतु का यह गोचर सप्तम भाव में होने जा रहा है जो कि लंबी साझेदारियों…..(अपना विस्तृत राशिफल पढ़ें)

मीन राशि 

केतु गोचर 2025 आपके लिए छठे भाव में होने जा रहा है। आमतौर पर छठे भाव में केतु…..(अपना विस्तृत राशिफल पढ़ें)

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इसी आशा के साथ कि, आपको यह लेख भी पसंद आया होगा एस्ट्रोसेज के साथ बने रहने के लिए हम आपका बहुत-बहुत धन्यवाद करते हैं। 

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कौन सा ग्रह मोक्ष देता है?

ज्योतिष में केतु ग्रह का संबंध मोक्ष से माना गया है। 

केतु ग्रह का अगला गोचर कब होगा?

वर्ष 2025 में केतु देव 18 मई 2025 को सिंह राशि में गोचर करेंगे। 

सिंह राशि का स्वामी कौन हैं?

राशि चक्र की पांचवीं राशि सिंह के स्वामी सूर्य देव हैं।