टैरो साप्ताहिक राशिफल: 05 अप्रैल से 11 अप्रैल 2026

टैरो साप्ताहिक राशिफल 05 अप्रैल से 11 अप्रैल, 2026: इस सप्ताह किसे मिलेगा भाग्य का साथ?

टैरो साप्ताहिक राशिफल 05 अप्रैल से 11 अप्रैल 2026: दुनियाभर के कई लोकप्रिय टैरो रीडर्स और ज्योतिषियों का मानना है कि टैरो व्यक्ति की जिंदगी में भविष्यवाणी करने का ही काम नहीं करता बल्कि यह मनुष्य का मार्गदर्शन भी करता है। कहते हैं कि टैरो कार्ड अपनी देखभाल करने और खुद के बारे में जानने का एक ज़रिया है।

टैरो इस बात पर ध्यान देता है कि आप कहां थे, अभी आप कहां हैं या किस स्थिति में हैं और आने वाले कल में आपके साथ क्‍या हो सकता है। यह आपको ऊर्जा से भरपूर माहौल में प्रवेश करने का मौका देता है और अपने भविष्‍य के लिए सही विकल्प चुनने में मदद करता है। जिस तरह एक भरोसेमंद काउंसलर आपको अपने अंदर झांकना सिखाता है, उसी तरह टैरो आपको अपनी आत्‍मा से बात करने का मौका देता है।

आपको लग रहा है कि जैसे जिंदगी के मार्ग पर आप भटक गए हैं और आपको दिशा या सहायता की ज़रूरत है। पहले आप टैरो का मजाक उड़ाते थे लेकिन अब आप इसकी सटीकता से प्रभावित हो गए हैं या फिर आप एक ज्योतिषी हैं जिसे मार्गदर्शन या दिशा की ज़रूरत है। या फिर आप अपना समय बिताने के लिए कोई नया शौक ढूंढ रहे हैं। इन कारणों से या अन्‍य किसी वजह से टैरो में लोगों की दिलचस्पी काफी बढ़ गई है। टैरो डेक में 78 कार्ड्स की मदद से भविष्य के बारे में जाना जा सकता है। इन कार्ड्स की मदद से आपको अपने जीवन में मार्गदर्शन मिल सकता है।

टैरो की उत्पति 15वीं शताब्‍दी में इटली में हुई थी। शुरुआत में टैरो को सिर्फ मनोरंजन के रूप में देखा जाता था और इससे आध्‍यात्मिक मार्गदर्शन लेने का महत्‍व कम था। हालांकि, टैरो कार्ड का वास्तविक उपयोग 16वीं सदी में यूरोप के कुछ लोगों द्वारा किया गया जब उन्होंने जाना और समझा कि कैसे 78 कार्ड्स की मदद से भविष्य के बारे में जाना जा सकता है, उसी समय से इसका महत्व कई गुना बढ़ गया।

टैरो एक ऐसा ज़रिया है जिसकी मदद से मानसिक और आध्यात्मिक प्रगति को प्राप्‍त किया जा सकता है। आप कुछ स्‍तर पर अध्‍यात्‍म से, थोड़ा अपनी अंतरात्मा से और थोड़ा अपने अंतर्ज्ञान और आत्म-सुधार लाने से एवं बाहरी दुनिया से जुड़ें।

तो आइए अब इस साप्ताहिक राशिफल की शुरुआत करते हैं और जानते हैं कि 05 से 11 अप्रैल 2026 तक का यह सप्ताह राशि चक्र की सभी 12 राशियों के लिए किस तरह के परिणाम लेकर आएगा?

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टैरो साप्ताहिक राशिफल 05 से 11 अप्रैल 2026: राशि अनुसार राशिफल

मेष राशि

प्रेम जीवन: द लवर  

आर्थिक जीवन: सिक्स ऑफ कप्स

करियर: फोर ऑफ वैंड्स

स्वास्थ्य: सेवन ऑफ पेंटाकल्स

अगर आप किसी रिश्ते के भविष्य के बारे में पूछ रहे हैं और द लवर कार्ड आता है, तो इसका मतलब है कि आपका पार्टनर मानता है कि आप दोनों के बीच कोई गहरा और आत्मिक रिश्ता है। उन्हें लगता है कि आप उनकी जिंदगी में खास मकसद से आए हैं। भले ही वह ज्यादा आध्यात्मिक न हों, फिर भी उन्हें महसूस होता है कि आपसे मिलना किस्मत में लिखा था। आप उनकी जिंदगी में एक अहम जगह रखते हैं। यह रिश्ता पिछले जन्म का कनेक्शन, सोलमेल या  ट्विन फ्लेम जैसा भी हो सकता है। उनका आकर्षण सिर्फ बाहरी सुंदरता तक सीमित नहीं है, बल्कि वह आपकी सोच, आपकी पर्सनैलिटी और आपकी आत्मा से जुड़ाव महसूस करते हैं। 

आर्थिक जीवन की बात करें तो सिक्स ऑफ कप्स कार्ड आता है, तो इसका मतलब है कि आपके आर्थिक फैसले भावनाओं या पुराने रिश्तों से प्रभावित हो सकते हैं। यह कार्ड अक्सर पुरानी यादों या पहले से चले आ रहे रिश्तों की ओर इशारा करता है। यानी आपके पुराने अनुभव या भरोसेमंद रिश्ते आपके आज के पैसों से जुड़े फैसलों पर असर डाल सकते हैं।

करियर के बारे में पूछने पर अगर फोर ऑफ वैंड्स कार्ड आता है, तो यह बहुत अच्छा संकेत है। इसका मतलब है कि इस समय आपका काम स्थिर और सफल चल रहा है। आपको जल्द ही प्रमोशन या पहचान मिल सकती है। यह समय अपनी उपलब्धियों का जश्न मनाने का है और उन लोगों का धन्यवाद करने का भी जिन्होंने आपके सफर में साथ दिया।

स्वास्थ्य के मामले में “सेवन ऑफ पेंटाकल्स” कार्ड बताता है कि आपको धैर्य रखना होगा। अगर आप अपनी सेहत में सुधार चाहते हैं, तो लगातार और लंबे समय तक मेहनत करनी होगी। अच्छा खान-पान और नियमित व्यायाम धीरे-धीरे लेकिन पक्का फायदा देगा। यह कार्ड कहता है कि जल्दबाज़ी न करें, समय के साथ आपकी सेहत बेहतर होगी। 

शुभ रंग: लाल

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वृषभ राशि

प्रेम जीवन: थ्री ऑफ वैंड्स

आर्थिक जीवन: द डेविल (रिवर्स)

करियर: जजमेंट

स्वास्थ्य: द फूल

अगर रिश्ते के नतीजे में थ्री ऑफ वैंड्स आता है, तो इसका मतलब है कि आपके पार्टनर के दिल में आपके लिए गहरी भावनाएं हैं। जिन्हें लगता है कि आप दोनों के रिश्ते में बहुत आगे तक जाने की क्षमता है। वह आपके साथ अपनी जिंदगी का सफर तय करना चाहते हैं। उनके लिए आपके सिर्फ मंजिल ही नहीं, बल्कि पूरा सफर भी हैं। उन्हें भरोसा है कि आप दोनों मिलकर हर मुश्किल पार कर सकते हैं। यह भविष्य में आपके साथ अपने रिश्ते को और मजबूत बनाने के बारे में सोच रहे हैं। 

आर्थिक जीवन की बात करें तो द डेविल (रिवर्स) कार्ड एक अच्छा संकेत है। इसका मतलब है कि आप अपनी गलत आर्थिक आदतों या किसी खराब वित्तीय फंसाव को पहचान रहे हैं और उससे बाहर निकलने की कोशिश कर रहे हैं। यह समय बदलाव का है, जहां आप ज्यादा आजादी और बेहतर पैसों की आदतें अपनाने की तरफ बढ़ रहे हैं।

अगर आप नई नौकरी शुरू कर रहे हैं, तो जजमेंट कार्ड बताता है कि आपने अपना असली उद्देश्य ढूंढ लिया है। यह इस बात का संकेत है कि आप वहीं हैं जहाँ आपको होना चाहिए था। आप सही रास्ते पर चल रहे हैं। अब तक आपने जो अच्छे कर्म किए हैं, ब्रह्मांड उनका फल आपको देगा। आगे बढ़ते रहें और नकारात्मक विचारों पर ध्यान न दें। और अगर आप अपनी वर्तमान नौकरी के बारे में सोच रहे हैं, तो यह कार्ड दिखाता है कि आप किसी बड़ी समझ या सच्चाई को जानने के करीब हैं।

स्वास्थ्य में द फूल कार्ड अक्सर नई और हेल्दी लाइफस्टाइल की शुरुआत का संकेत देता है। यह अच्छी ऊर्जा और जोश को दिखाता है। यह आपको सेहत की दिशा में नया कदम उठाने के लिए प्रेरित करता है, लेकिन साथ ही लापरवाही से बचने की सलाह भी देता है। यानी उत्साह अच्छा है, पर ध्यान और संतुलन भी जरूरी है। 

शुभ रंग: सफेद

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मिथुन राशि

प्रेम जीवन: एस ऑफ कप्स

आर्थिक जीवन: सिक्स ऑफ वैंड्स 

करियर: नाइन ऑफ कप्स

स्वास्थ्य: द एम्मरर

मिथुन राशि के प्रेम जीवन की बात करें तो एस ऑफ कप्स संकेत देता है कि आपका पार्टनर बहुत ज्यादा खुश है। उन्हें इस बाद की दिल से कद्र है कि आप उनकी जिंदगी में हैं। हो सकता है कि यह पहली बार हो जब उन्हें प्यार का सच्चा और पवित्र एहसास समझ में आया हो, क्योंकि यह कार्ड भावनात्मक जागृति को दर्शाता है। यह कार्ड सिर्फ शारीरिक रिश्ते की बात नहीं करता, बल्कि एक गहरा आध्यात्मिक जुड़ाव और दिल से मिलने वाली संतुष्टि को भी दिखाता है। इस समय उनके दिल में उम्मीद और आपको पाने की चाहत भरी हुई है।

आर्थिक जीवन की बात करें तो, सिक्स ऑफ वैंड्स आया है, तो इसका मतलब है कि आपको सफलता मिलेगी और आपके काम की तारीफ होगी। यह कार्ड बताता है कि आर्थिक मामलों में आपको जीत और उपलब्धि हासिल होगी। आपकी मेहनत और सही योजना का अच्छा परिणाम मिलेगा और लोग आपके काम को पहचानेंगे और सराहेंगे।

अगर आप कोई नई नौकरी या नया काम शुरू कर रहे हैं, तो नाइन ऑफ कप्स बताता है कि आप बहुत खुश और संतुष्ट रहेंगे। यह कार्ड दिखाता है कि आप अपने करियर के सही रास्ते पर हैं और आपको ऐसा काम मिला है, जो आपके विचारों और रुचियों से पूरी तरह मेल खाता है। इस नए मौके को उत्साह और आगे बढ़ने की इच्छा के  साथ स्वीकार करें। भरोसा रखें कि आप वहीं हैं जहां आपको होना चाहिए, ईश्वर या ब्रह्मांड ने किसी खास वजह से आपको यह मौका दिया है। 

स्वास्थ्य से जुड़े सवाल में द एम्परर कार्ड आया है, तो इसका मतलब है कि आपकी वर्तमान सेहत में सुधार, देखभाल और सकारात्मक ऊर्जा का साथ है। यह कार्ड अक्सर अच्छे रिकवरी पीरियड का संकेत देता है, खासकर जब आप खुद का ध्यान रख रहे हों। यह समय भावनात्मक सहारा, शारीरिक मजबूती और अपने शरीर को समझने का है। 

शुभ रंग : पन्ना हरा रंग

कर्क राशि 

प्रेम जीवन: द स्टार

आर्थिक जीवन: द वर्ल्ड

करियर:  द टॉवर (रिवर्स)

स्वास्थ्य: नाइन ऑफ वैंड्स

कर्क राशि के प्रेम जीवन की बात करें तो द स्टार कार्ड बताता है कि आप अपने पार्टनर के लिए उम्मीद और प्रेरणा का स्रोत हैं। अगर आप उनकी जिंदगी के किसी मुश्किल दौर में मिले हैं, तो उन्हें लगता है कि आप उनकी जिंदगी में रोशनी लेकर आए हैं। वे आपको सिर्फ प्रेमी ही नहीं, बल्कि एक अच्छे दोस्त के रूप में भी देखते हैं। आपकी दोस्ती इस रिश्ते को मजबूत बनाए रखने में बहुत मदद करेगी। यह रिश्ता आरामदायक और बिना बनावट वाला होगा, जहां आपको किसी  तरह का दिखावा करने की ज़रूरत नहीं पड़ेगी। 

आर्थिक जीवन में द वर्ल्ड कार्ड बताता है कि आपको धन प्राप्त होना चाहिए। आपकी सारी मेहनत का फल मिलेगा, लेकिन यह कार्ड आपको जोखिम भरे निवेश या जुआ खेलने के लिए प्रेरित नहीं करता। कई सालों की बचत और संघर्ष के बाद अब आप आर्थिक रूप से सुरक्षित महसूस कर सकते हैं। अचानक कोई बोनस, जिसका आप हकदार हैं, या कोई बड़ा कॉन्ट्रैक्ट भी मिल सकता है जो स्थिरता देगा। कुल मिलाकर, अगर यह कार्ड आया है तो आर्थिक स्थिति अनुकूल रहेगी। 

करियर के क्षेत्र में द टॉवर कार्ड आता है, तो यह संकेत है कि काम में मुश्किलें आ सकती हैं और आपको सही दिशा की ज़रूरत है। याद रखें, मदद मांगना गलत नहीं है, लेकिन बड़ा बदलाव अक्सर थोड़ा दर्द या असहजता लेकर आता है। आपको कुछ पुरानी सोच छोड़नी पड़ सकती है या कड़वी सच्चाइयों का सामना करना पड़ सकता है। अपने लक्ष्यों को पाने के लिए बदलाव और अनिश्चितता को स्वीकार करना जरूरी होगा। 

स्वास्थ्य के क्षेत्र में नाइन ऑफ वैंड्स कार्ड लगातार थकान, बार-बार सूजन की समस्या, या तनाव और पुरानी चोटों की ओर इशारा करता है जो पूरी तरह ठीक नहीं हो पाईं। हो सकता है आप शरीर को आराम देने की बजाय सिर्फ लक्षणों को दबाने की कोशिश कर रहे हों। ऐसी परेशानी से बचने के लिए नियमित देखभाल और पूरा आराम बहुत जरूरी है। 

शुभ रंग: मोती जैसा सफेद या क्रीम रंग

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सिंह राशि

प्रेम जीवन: टू ऑफ कप्स 

आर्थिक जीवन: फोर ऑफ वैंड्स 

करियर: सिक्स ऑफ स्वॉर्ड्स

स्वास्थ्य: द हीरोफेंट

बात करें सिंह राशि वालों के प्रेम जीवन की तो टू ऑफ कप्स बताता है कि आपके और आपके पार्टनर के बीच बहुत खूबसूरत भावनात्मक और आध्यात्मिक जुड़ाव है। आप दोनों के बीच शानदार केमिस्ट्री और गहरा कनेक्शन है और साथ होने पर एक खास सा जादुई एहसास होता है। हो सकता है आपको लगे कि यह रिश्ता किस्मत में पहले से लिखा था और आप दोनों यूं ही नहीं मिले। यह कार्ड दोस्ती, जुड़ाव, जुनून और एक-दूसरे के लिए सच्ची चिंता को दर्शाता है।

आर्थिक जीवन में फोर ऑफ वैंड्स आता है, तो यह खुशी और स्थिरता का संकेत देता है और किसी बड़े अवसर या जश्न की ओर इशारा कर सकता है। यह समय आपकी आर्थिक जिंदगी में सफलता और संतोष का रहेगा। आपने जो मेहनत की है, उसका फल मिलने की संभावना है, जिससे स्थिरता और खुशी आएगी। 

करियर में सिक्स ऑफ स्वॉर्ड्स कार्ड आता है, तो यह बताता है कि अब अपने कम्फर्ट ज़ोन से बाहर निकलने का समय है। यह कार्ड बदलाव अपनाने और करियर के नए चरण की शुरुआत करने के लिए प्रेरित करता है। हो सकता है अब मौजूदा नौकरी छोड़कर नए अवसर तलाशने का सही समय हो, जो आपके लक्ष्यों से मेल खाते हों। रास्ता थोड़ा चुनौतीपूर्ण हो सकता है, लेकिन इससे पेशेवर और व्यक्तिगत विकास जरूर होगा। भरोसा रखें कि ब्रह्मांड आपको बेहतर भविष्य की ओर ले जा रहा है। 

सेहत के मामले में द हीरोफेंट लंबे इलाज, मेडिकल प्रक्रिया या किसी संस्थान में देखभाल की चिंता को दर्शा सकता है। यह अस्पताल में रहना, दवाइयाँ लेना या ऐसी बीमारी से जुड़ा हो सकता है जिसे लगातार निगरानी की जरूरत हो। यह कार्ड सलाह देता है कि किसी भरोसेमंद इलाज के रास्ते पर टिके रहें और डॉक्टरों के साथ मिलकर सही दिशा में आगे बढ़ें। 

शुभ रंग : नारंगी रंग

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कन्या राशि 

प्रेम जीवन: द डेविल

आर्थिक जीवन: टू ऑफ वैंड्स

करियर: थ्री ऑफ पेंटाकल्स

स्वास्थ्य: द एम्परर

प्रेम जीवन में द डेविल कार्ड इस बात का संकेत है कि सच्चे प्यार को किसी और भावना के साथ मिलाया जा रहा है। हो सकता है प्यार को वासना, जुनून या ज्यादा आकर्षण समझ लिया गया हो। यह कार्ड यह भी दिखाता है कि रिश्ता ज्यादा व्यावहारिक कारणों पर टिका हो सकता है, जैसे पहले के समय में समझौते वाली शादियां होती थीं। लेकिन आज के समय में हम सिर्फ प्यार के लिए प्यार कर सकते हैं। खुद को ऐसे रिश्ते में फंसा कर न रखें जो आपको सच्ची खुशी से दूर कर दे।

आर्थिक जीवन में टू ऑफ वैंड्स आता है, तो यह अचानक आर्थिक बदलावों की संभावना दिखाता है, जो अक्सर नए और थोड़े जोखिम भरे कामों की ओर ले जा सकते हैं। यह कार्ड सामान्य रास्ते से हटकर नए और अनिश्चित विकल्पों की ओर इशारा करता है। यह बदलाव अपनाने और नए रास्ते पर चलने के लिए प्रेरित करता है, लेकिन याद रखें कि इन नए प्रयासों में फायदे के साथ कुछ अनजानी चुनौतियां भी हो सकती हैं।

करियर में थ्री ऑफ पेंटाकल्स  बताता है कि आप अपने नए ऑफिस के लिए बहुत कीमती साबित होंगे। आपके पास देने के लिए बहुत कुछ है और यह ऐसी जगह है जहाँ आप अपनी स्किल्स को और निखार सकते हैं। अपने सहकर्मियों से जुड़ने की कोशिश करें; वे अच्छे स्वभाव के लोग हैं और आपको जानना चाहते हैं। जब उनके साथ अच्छा तालमेल बन जाएगा, तो आप और बड़ी उपलब्धियां हासिल कर पाएंगे। 

स्वास्थ्य के मामले में द एम्परर कार्ड आत्म-नियंत्रण और अनुशासन की जरूरत को दर्शाता है। यह अक्सर संकेत देता है कि आप अपने ऊपर ज़्यादा जिम्मेदारियां ले रहे हैं, जिससे तनाव और थकान हो सकती है। यह मजबूत ऊर्जा दिखाता है, लेकिन साथ ही यह चेतावनी भी देता है कि अपने शरीर पर जरूरत से ज्यादा बोझ न डालें और खुद की देखभाल को नजरअंदाज न करें।

शुभ रंग: हरा रंग

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तुला राशि 

प्रेम जीवन: क्वीन ऑफ कप्स

आर्थिक जीवन: द हाई प्रीस्टेस

करियर: पेज ऑफ कप्स 

स्वास्थ्य: फोर ऑफ वैंड्स

बात करें तुला राशि के प्रेम जीवन में क्वीन ऑफ कप्स भावनात्मक संतुष्टि, नज़दीकी, साफ और गहरे जुड़ाव का संकेत देती है। सीधी अवस्था में यह दोबारा प्यार में पड़ने की संभावना, पहले से चल रहे रिश्ते में नई और रोमांचक शुरुआत, या फिर किसी किस्मत वाले कनेक्शन को दिखाती है, जहां समझदारी और लचीलापन जरूरी होता है। आपका पार्टनर आपको एक स्नेही, देखभाल करने वाले और कोमल स्वभाव के व्यक्ति के रूप में देख सकता है। रिश्ते में आपको खुशी मिलेगी।

आर्थिक जीवन में द हाई प्रीस्टेस कहती है कि अपने दिल और अंदर की आवाज़ पर भरोसा करें। बातों को गोपनीय रखें और बाहरी शोर की बजाय अपनी समझ से फैसले लें। किसी भी डील को ध्यान से जांचें और तुरंत मिलने वाले लाभ की बजाय भविष्य की संभावनाओं और छुपी जानकारी को महत्व दें। समझदारी, संयम और सही समय पर अपने  इंट्यूशन को फॉलो करना ही सही रास्ता है, और अपनी आर्थिक स्थिति हर किसी को बताने से बचें। 

करियर में पेज़ ऑफ कप्स नए भावनात्मक अवसर, रचनात्मक प्रेरणा और काम के प्रति हल्के-फुल्के व  आदर्शवादी नजरिए को दर्शाता है। यह बताता है कि जिज्ञासा और उत्साह के साथ आगे बढ़ें, और नए होने के डर से खुद को न रोकें, खासकर अगर आप क्रिएटिव फील्ड में हैं। उल्टी अवस्था में यह कार्यस्थल पर भावनात्मक परिपक्वता की जरूरत, कुछ रुकावटें और अव्यवहारिक उम्मीदों या जल्दबाज़ी में लिए गए आर्थिक फैसलों से बचने की चेतावनी देता है। 

फोर ऑफ वैंड्स स्वास्थ्य के मामले में अच्छी सेहत, ऊर्जा और स्थिरता का संकेत देता है। यह बताता है कि आप अच्छा महसूस करेंगे, शरीर मजबूत रहेगा और स्वास्थ्य से जुड़ी परेशानियों पर जीत मिलेगी। यह रिकवरी और सकारात्मक परिणामों का समय है, जैसे कोई हेल्थ गोल पूरा होना।

शुभ रंग: गुलाबी रंग

वृश्चिक राशि

प्रेम जीवन: फोर ऑफ स्वॉर्ड्स

आर्थिक जीवन:  सिक्स ऑफ स्वॉर्ड्स 

करियर: द हीरोफेंट

स्वास्थ्य: फोर ऑफ पेंटाकल्स 

बात करें वृश्चिक राशि की तो प्रेम जीवन में फोर ऑफ स्वॉर्ड्स उपचार और आराम का संकेत देता है। यह रिश्ता आपको पुराने रिश्तों के दर्द से बाहर निकाल सकता है या आप किसी बीते हुए अनुभव से अब उबर रहे हैं। आपका पार्टनर आपके प्रति काफी सुरक्षात्मक महसूस कर सकती है, खासकर अगर उन्हें पता है कि आपका पिछला रिश्ता क्यों खत्म हुआ। बृहस्पति जिस चीज को छूता है उसे बढ़ा देता है, इसलिए आपका पार्टनर इस बात पर जोर दे सकता है कि रिश्ता पूरी तरह संतुलित और न्यायपूर्ण हो।

सिक्स ऑफ स्वॉर्ड्स आर्थिक जीवन में बताता है कि आप मुश्किल और अस्थिर समय से निकलकर अब ज्यादा स्थिर और संभालने लायक स्थिति की ओर बढ़ रहे हैं। यह सुधार की यात्रा का संकेत है, जहां आप आर्थिक उलझनों से दूर हो रहे हैं। आगे चलकर पैसों की स्थिति ज्यादा शांत, संतुलित और अनुमानित रहेगी।

द हीरोफेंट करियर के मामले में कहता है कि ऐसा काम चुनें जो आपके मूल्यों और जीवन के उद्देश्य से जुड़ा हो। यह कार्ड परंपरा और संस्थाओं से जुड़ा है, इसलिए ऐसी नौकरी जहां नियम, व्यवस्था और ढांचा हो, आपको संतुष्टि दे सकती है। जैसे शिक्षा, सामाजिक सेवा या धर्म से जुड़े क्षेत्र। ये क्षेत्र आपको उद्देश्य और आत्मसंतोष का एहसास दे सकते हैं। 

स्वास्थ्य के मामले में फोर ऑफ पेंटाकल्स बताता है कि आपकी स्थिति फिलहाल स्थिर है, लेकिन थोड़ी रुकी हुई भी है। हो सकता है डर या ज्यादा नियंत्रण की भावना आपको आगे बढ़ने से रोक रही हो। आप कुछ आदतों या सोच को पकड़े हुए हैं जो सुरक्षित तो लगती हैं, लेकिन पूरी तरह ठीक होने या बदलाव लाने से रोकती हैं। यह कार्ड अक्सर शरीर और मन में जमा तनाव की ओर इशारा करता है, जिसे धीरे-धीरे छोड़ने की जरूरत है। 

शुभ रंग: काला / स्लेटी 

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धनु राशि

प्रेम जीवन: थ्री ऑफ स्वॉर्ड्स (रिवर्स)

आर्थिक जीवन: जस्टिस

करियर: फाइव ऑफ वैंड्स

स्वास्थ्य: फाइव ऑफ पेंटाकल्स (रिवर्स)

अगर आप प्रेम जीवन की बात करें तो धनु राशि के जातकों को थ्री ऑफ स्वॉर्ड्स (रिवर्स) कार्ड मिला है, तो यह बताता है कि चीज़ें जैसे हुई, उससे निराशा हो सकती है। लेकिन दूसरी तरफ, आप और आपका पार्टनर रिश्ते को सुधारने के लिए तैयार भी हो सकते हैं। अगर गलती उनकी थी, तो वे माफी मांगकर सब ठीक करना चाहते हैं। अगर गलती आपकी थी, तो वे आपको माफ करने की पूरी कोशिश कर रहे हैं। आपका साथी उस दर्दनाक अनुभव को पीछे छोड़कर आगे बढ़ना चाहता है।

आर्थिक जीवन में जस्टिस कार्ड बताता है कि आपके आर्थिक फैसलों में संतुलन, ईमानदारी और जिम्मेदारी बहुत जरूरी है। यह कार्ड हर लेन-देन में नैतिकता और बराबरी बनाए रखने का संकेत देता है। यह आपको सलाह देता है कि ऐसे फैसले लें जो सिर्फ आपके लिए फायदेमंद न हों, बल्कि सही और निष्पक्ष भी हों।

फाइव ऑफ वैंड्स कार्ड करियर के मामले में बताता है कि यह सहकर्मियों के साथ टकराव या कड़ी प्रतिस्पर्धा की ओर इशारा करता है। इस वजह से आगे बढ़ना थोड़ा मुश्किल हो सकता है। अपने काम का श्रेय पाने के लिए आपको ज्यादा आत्मविश्वासी बनना होगा और अपने हक के लिए खड़ा होना होगा। धैर्य और दृढ़ निश्चय से आप इन चुनौतियों को पार कर सकते हैं।

स्वास्थ्य के मामले में फाइव ऑफ पेंटाकल्स (रिवर्स) बताता है कि आप इस समय कठिन दौर से गुजर रहे हैं। यह भावनात्मक अकेलेपन, सहारे की कमी या शारीरिक थकान को दर्शाता है। हो सकता है कि आप बीमार महसूस कर रहे हों और समझ न आ रहा हो कि कैसे ठीक हों या आपको जरूरी देखभाल नहीं मिल पा रही हो। यह कार्ड यह भी दिखाता है कि आप सोचते हैं है कि आपको सब कुछ अकेले ही संभालना है, जबकि मदद आपके आसपास मौजूद हो सकती है।

शुभ रंग: सरसों रंग

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मकर राशि

प्रेम जीवन: द डेथ

आर्थिक जीवन: किंग ऑफ पेंटाकल्स 

करियर: जस्टिस

स्वास्थ्य: पेज ऑफ स्वॉर्ड्स

मकर राशि के जातकों के प्रेम जीवन की बात करें तो डेथ कार्ड असती मौत का संकेत नहीं देता, बल्कि किसी बड़े और जरूरी बदलाव या अंत को दर्शाता है। इसका मतलब है कि रिश्ता एक गहरे परिवर्तन से गुजर रहा है,जैसे इल्ली का तितली बनाना। यह पुराने, नुकसानदायक या रुके हुए पैटर्न को छोड़ने का संकेत है, ताकि एक नया, मजबूत और स्वस्थ अध्याय शुरू हो सके। इसमें ब्रेकअप या रिश्ते की दिशा में बड़ा बदलाव भी शामिल हो सकता है।

आर्थिक जीवन में किंग ऑफ पेंटाकल्स धन, स्थिरता और समझदारी से संसाधनों को संभालने का प्रतीक है। यह समय है अपनी मेहनत का फल लेने का और समझदारी से लंबे समय के निवेश करने का जैसे प्रॉपर्टी या बिजनेस में। यह पैसे पर पकड़ और समझदारी दिखाता है, जिसमें धैर्य, अनुशासन और व्यावहारिक सोच से धन को बनाए रखना या बढ़ना शामिल है।

करियर में जस्टिस कार्ड आने का अर्थ है कि आपको अपने काम और निजी जीवन के बीच संतुलन बनाना चाहिए। खुद को पर्याप्त आराम देना भी जरूरी है। करियर और महत्वाकांक्षा  महत्वपूर्ण हैं, लेकिन साथ ही यह भी सोचें कि जीवन के अंत में कितने लोग कहते हैं, ‘काश मैंने ऑफिस में और समय बिताया होता।’ इसलिए ऐसा काम बनाएं जिस पर आपको गर्व हो, लेकिन अपने और अपने प्रियजनों के लिए भी समय जरूर निकालें।

सेहत के मामले में पेज ऑफ स्वॉर्ड्स बताता है कि आपको जागरूक और अच्छी तरह जानकारी लेकर कदम उठाने चाहिए। यह मानसिक स्पष्टता और सतर्कता का संकेत है। यह रिकवरी का इशारा हो सकता है, लेकिन ज्यादा सोचने, चिंता करने या खुद पर ज्यादा दबाव डालने से बचने की चेतावनी भी देता है। जरूरत पड़े तो दूसरी राय लें और अपने मानसिक स्वास्थ्य पर भी ध्यान दें। 

शुभ रंग: रॉयल ब्लू

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कुंभ राशि

प्रेम जीवन: फाइव ऑफ स्वॉर्ड्स

आर्थिक जीवन: द हीरोफेंट 

करियर: किंग ऑफ स्वॉर्ड्स

स्वास्थ्य: सेवन ऑफ कप्स

कुंभ राशि के जातकों के प्रेम जीवन की बात करें तो फाइव ऑफ स्वॉर्ड्स झगड़े और विवाद की ओर इशारा करता है। यहां सिर्फ तकरार ही नहीं, बल्कि मन में कटुता या बुरी भावना भी हो सकती है। जब हम अपनी भावनाओं पर काबू नहीं रख पाते, तो झगड़ा बढ़ जाता है। कई बार हमारे अंदर का आहत बचपन ठीक नहीं हुआ होता, इसलिए हम रिश्तों में बेवजह प्रतिस्पर्धा करने लगते हैं। यह कार्ड आने का मतलब यह नहीं है कि कोई पूरी तरह अपना आपा खो बैठा है। कई बार सामने वाला हमें जानबूझकर चोट पहुंचाता है, क्योंकि उसके मन में पहले से ही ऐसा इरादा हो सकता है। हो सकता है जिसने आपको दुख दिया हो, उसके अपने बचपन के जख्म अभी भरे न हों।

आर्थिक जीवन में हीरोफेंट यह बताता है कि मुश्किल समय में आपको अपने पैसों और आर्थिक स्थिति की रक्षा करनी होगी। यह समय अपने वित्त पर नियंत्रण रखने और अपने सिद्धांतों पर अडिग रहने का है। चाहे सामने विरोध हो या प्रतियोगिता, आपको अपने उसूलों से समझौता नहीं करना चाहिए। पैसों के मामले में यह कार्ड दिखाता है कि अपने सिद्धांतों पर टिके रहना ही आपके हितों की रक्षा करेगा। 

करियर के लिए अगर आपने नई नौकरी शुरू की है, तो किंग ऑफ स्वॉर्ड्स बताता है कि आपकी शुरुआत अच्छी रही है। आपने अपने बॉस और सहकर्मियों पर सकारात्मक प्रभाव डाला है। आप आत्मविश्वास के साथ काम पर जाते हैं। अपना आत्मविश्वास बनाए रखें। आपने यह नौकरी सोच-समझकर चुनी है और यह आपके बड़े लक्ष्य की ओर एक सही कदम है। अगर आप अपनी वर्तमान नौकरी को लेकर चिंतित हैं, तो यह कार्ड संकेत देता है कि चीजें आपके पक्ष में जा सकती हैं। 

स्वास्थ्य के लिहाज से सेवन ऑफ कप्स यह दिखाता है कि दवाइयों के गलत असर, गलत जांच , या अनियमित जीवनशैली की वजह से समस्याएं हो सकती हैं। अगर आप एक साथ बहुत सारी चीज़ें बदल रहे हैं, जैसे डाइट, सप्लीमेंट्स या इलाज, तो असली समस्या समझना मुश्किल हो सकता है। अपनी देखभाल को सरल रखें, तभी आपको समझ आएगा कि आपके शरीर को सच में क्या चाहिए। मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य में यह कार्ड बताता है कि आप इस समय उलझन में हैं, ध्यान केंद्रित करने में दिक्कत हो रही है, दिमाग में धुंध है या आप कल्पनाओं में ज्यादा खो रहे हैं। 

शुभ रंग: बैंगनी 

मीन राशि

प्रेम जीवन: टू ऑफ स्वॉर्ड्स

आर्थिक जीवन: किंग ऑफ कप्स

करियर: द सन

स्वास्थ्य: टेन ऑफ स्वॉर्ड्स

मीन राशि के प्रेम जीवन में टू ऑफ स्वॉर्ड्स दुविधा और उलझन की भावना को दर्शाता है। आप दोनों में से कोई एक फैसला लेने से बच रहा हो सकता है। कभी-कभी ऐसे इसलिए होता है क्योंकि मन में कुछ छूट जाने का डर रहता है। इसका मतलब यह नहीं है कि प्यार नहीं है बल्कि अंदर ही अंदर असमंजस है। उदाहरण के लिए अगर आप अभी युवा हैं तो शादी जैसे बड़े फैसले को लेकर दोबारा सोच सकते हैं। इस वजह से रिश्ता आगे बढ़ने के बजाय ठहर जाता है, जबकि दूसरा साथी चाहता है कि रिश्ता जल्दी आगे बढ़े। ऐसे स्थिति में खुलकर बातचीत करना बहुत जरूरी है।

आर्थिक जीवन में किंग ऑफ कप्स बताता है कि आर्थिक सफलता और स्थिरता पाने के लिए भावनात्मक संतुलन और सही निर्णय जरूरी हैं। यह कार्ड दिखाता है कि पैसों से जुड़े फैसलों में समझदारी और संतुलन रखें। केवल भावनाओं में बहकर या केवल लालच में आकर निर्णय न लें। आप जितना अपने मन और भावनाओं को संतुलित रखेंगे, उतना ही आर्थिक रूप से सफल और सुरक्षित रहेंगे।

करियर के क्षेत्र में द सन तरक्की और सफलता का संकेत देता है। अपने जुनून के अनुसार, काम करें और अपनी रचनात्मकता का उपयोग करें। हो सकता है कि आपको बड़ी जिम्मेदारी या ऊंचा पद मिलने वाला हो। सकारात्मक सोच बनाए रखें, अपने लक्ष्यों पर ध्यान दें और अपनी क्षमताओं पर विश्वास रखें।

अगर आप स्वास्थ्य के बारे में पूछते हैं और टेन ऑफ स्वॉर्ड्स आता है, तो इसका मतलब है कि आप इस समय शारीरिक या भावनात्मक रूप से बहुत थक चुके हैं। ऐसा लग सकता है कि आप अपने सबसे नीचे वाले स्तर पर हैं। यह कार्ड अत्यधिक थकान, हिम्मत टूटना या पूरी तरह से थक जाना दर्शाता है। लेकिन अच्छी बात यह है कि यह दुख का अंत भी दिखाता है। अब एक नई शुरुआत और धीरे-धीरे सुधार का समय आने वाला है।

शुभ रंग: पीला

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इसी आशा के साथ कि, आपको यह लेख भी पसंद आया होगा एस्ट्रोसेज के साथ बने रहने के लिए हम आपका बहुत-बहुत धन्यवाद करते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

1. टैरो क्या है?

टैरो एक भविष्यवाणी करने वाला टूल है जिसमें 78 कार्ड होते हैं, जिसका इस्तेमाल ज़िंदगी के हालात, भावनाओं, रिश्तों, करियर और आध्यात्मिक तरक्की के बारे में जानकारी पाने के लिए किया जाता है।

2. क्या टैरो का संबंध काले जादू से है?

नहीं। टैरो एक आध्यात्मिक गाइडेंस टूल है और इसका काले जादू से कोई लेना-देना नहीं है।

3. क्या टैरो समस्याओं को दूर कर सकता है?

टैरो सीधे समस्याओं को दूर नहीं करता है। यह गाइडेंस, क्लैरिटी और सॉल्यूशन देता है ताकि आप मज़बूत कदम उठा सकें।

अंक ज्योतिष साप्ताहिक राशिफल (05 से 11 अप्रैल 2026)

अंक ज्योतिष साप्ताहिक राशिफल: 05 अप्रैल से 11 अप्रैल, 2026

कैसे जानें अपना मुख्य अंक (मूलांक)? 

अंक ज्योतिष साप्ताहिक भविष्यफल जानने के लिए अंक ज्योतिष मूलांक का बड़ा महत्व है। मूलांक जातक के जीवन का महत्वपूर्ण अंक माना गया है। आपका जन्म महीने की किसी भी तारीख़ को होता है, उसको इकाई के अंक में बदलने के बाद जो अंक प्राप्त होता है, वह आपका मूलांक कहलाता है। मूलांक 1 से 9 अंक के बीच कोई भी हो सकता है, उदाहरणस्वरूप- आपका जन्म किसी महीने की 10 तारीख़ को हुआ है तो आपका मूलांक 1+0 यानी 1 होगा। 

इसी प्रकार किसी भी महीने की 1 तारीख़ से लेकर 31 तारीख़ तक जन्मे लोगों के लिए 1 से 9 तक के मूलांकों की गणना की जाती है। इस प्रकार सभी जातक अपना मूलांक जानकर उसके आधार पर साप्ताहिक राशिफल जान सकते हैं।

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अपनी जन्मतिथि से जानें साप्ताहिक अंक राशिफल (05 अप्रैल से 11 अप्रैल, 2026)

अंक ज्योतिष का हमारे जीवन पर सीधा प्रभाव पड़ता है क्योंकि सभी अंकों का हमारे जन्म की तारीख़ से संबंध होता है। नीचे दिए गए लेख में हमने बताया है कि हर व्यक्ति की जन्म तिथि के हिसाब से उसका एक मूलांक निर्धारित होता है और ये सभी अंक अलग-अलग ग्रहों द्वारा शासित होते हैं। 

जैसे कि मूलांक 1 पर सूर्य देव का आधिपत्य है। चंद्रमा मूलांक 2 का स्वामी है। अंक 3 को देव गुरु बृहस्पति का स्वामित्व प्राप्त है, राहु अंक 4 का राजा है। अंक 5 बुध ग्रह के अधीन है। 6 अंक के राजा शुक्र देव हैं और 7 का अंक केतु ग्रह का है। शनिदेव को अंक 8 का स्वामी माना गया है। अंक 9 मंगल देव का अंक है और इन्हीं ग्रहों के परिवर्तन से जातक के जीवन में अनेक तरह के परिवर्तन होते हैं।

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मूलांक 1

(अगर आपका जन्म किसी भी महीने की 1, 10, 19, 28 तारीख़ को हुआ है)

 इस अंक से जुड़े लोग स्वभाव से ज्यादा व्यवस्थित होते हैं और अपने काम में प्रोफेशनल तरीका अपनाते हैं, जिससे उन्हें जीवन में सफलता मिलती है। इस सप्ताह आपके लिए धार्मिक या आध्यात्मिक यात्रा के योग बन सकते हैं, जो आपके लिए लाभदायक और संतोष देने वाली रहेगी। इस हफ्ते आप अपने जीवन के कई क्षेत्रों में कुछ अलग और खास पहचान बना सकते हैं।

प्रेम जीवन: आप इस सप्ताह अपने जीवनसाथी को ज्यादा महत्व देंगे। उनके साथ कहीं घूमने-फिरने या हल्की-फुल्की आउटिंग पर जाने का मौका मिल सकता है, जिससे आप दोनों के बीच का रिश्ता और मधुर होगा। आप अपने जीवनसाथी के प्रति अधिक ईमानदार और समर्पित रहेंगे। इससे आप दोनों के बीच तालमेल और समझ बेहतर होगी।

शिक्षा: इस सप्ताह आप अपनी पढ़ाई को बेहतर बनाने के लिए सकारात्मक कदम उठा सकते हैं। आप पढ़ाई को गंभीर और प्रोफेशनल तरीके से करेंगे। यदि आप किसी प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं या परीक्षा देने वाले हैं, तो इस सप्ताह अच्छे अंक लाने की संभावना ज्यादा है।

पेशेवर जीवन: नौकरी करने वालों के लिए यह सप्ताह अच्छा रहेगा। खासकर अगर आप सरकारी क्षेत्र में हैं, तो यह समय आपके लिए बहुत अनुकूल साबित हो सकता है। यदि आप व्यापार करते हैं, तो आउटसोर्सिंग या बाहरी डील के माध्यम से अच्छा लाभ मिल सकता है। साथ ही नेटवर्क मार्केटिंग या नेटवर्क से जुड़े व्यवसाय में भी अवसर मिल सकते हैं। 

स्वास्थ्य: इस सप्ताह आपका स्वास्थ्य अच्छा रहेगा और आप उत्साह से भरे रहेंगे। नियमित व्यायाम करने से आप और अधिक फिट रहेंगे और अच्छे स्वास्थ्य का आनंद ले पाएंगे। 

उपाय: प्रतिदिन “ॐ सूर्याय नमः” मंत्र का 19 बार जप करें।

 मूलांक 2

(अगर आपका जन्म किसी भी महीने की 2, 11, 20, 29 तारीख़ को हुआ है)

इस अंक से जुड़े लोगों को इस सप्ताह फैसले लेने में भ्रम हो सकता है। यह उलझन उनकी आगे बढ़ने की राह में रुकावट बन सकती है। इसलिए आपको इस सप्ताह अच्छे परिणाम पाने के लिए पहले से योजना बनानी होगी और सकारात्मक सोच रखनी होगी। इस समय आप ज्यादा सोच-विचार या चिंता में भी रह सकते हैं। समुद्र के रास्ते या समुद्र से जुड़ी लंबी यात्रा के योग भी बन सकते हैं।

प्रेम जीवन: इस सप्ताह जीवनसाथी के साथ बहस या कहासुनी हो सकती है, जिसे आपको टालने की कोशिश करनी चाहिए। रिश्ते को बेहतर बनाए रखने के लिए आपको कुछ समझौते करने पड़ सकते हैं। यदि आप समझदारी से काम लेगें, तो सप्ताह को रोमांटिक और सुखद बना सकते हैं।

शिक्षा:  पढ़ाई में ध्यान भटकने की संभावना है, इसलिए आपको ज्यादा एकाग्रता और मेहनत की जरूरत होगी। पढ़ाई को गंभीर और व्यवस्थित तरीके से करें। ऊंचाई तक पहुंचने के लिए अच्छी योजना बनाना जरूरी होगा। इस सप्ताह पढ़ाई के प्रति आपका नजरिया सकारात्मक रहना चाहिए। 

पेशेवर जीवन: अगर आप नौकरी कर रहे हैं, तो काम में कुछ अस्थिरता या गड़बड़ी रह सकती है, जिससे आगे बढ़ने में दिक्कत आ सकती है। यदि आप व्यापार करते हैं, तो प्रतिस्पर्धियों के दबाव के कारण नुकसान की स्थिति बन सकती है। इसलिए सावधानी और समझदारी से निर्णय लें। 

स्वास्थ्य: इस सप्ताह आपको अपने स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देना होगा। खांसी या सर्दी-जुकाम जैसी समस्या हो सकती है। यह परेशानी कमजोर इम्युनिटी (रोग प्रतिरोधक क्षमता) के कारण हो सकती है। शरीर की कमजोरी आपको जल्दी सर्दी से प्रभावित कर सकती है। 

उपाय- सोमवार के दिन चंद्र ग्रह के लिए यज्ञ-हवन करें।

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मूलांक 3

(अगर आपका जन्म किसी भी महीने की 3, 12, 21, 30 तारीख़ को हुआ है)

इस अंक में जन्मे लोग इस सप्ताह अपने भले के लिए महत्वपूर्ण फैसले लेने में साहस दिखा सकते हैं। आप खुद को ज्यादा आत्मविश्वासी और संतुष्ट महसूस करेंगे। आपके अंदर आध्यात्मिक भावनाएं भी बढ़ेंगी। आपका स्वाभाव इस समय अधिक खुले विचारों वाला रहेगा।

प्रेम जीवन: आप अपने प्रिय या जीवनसाथी के प्रति ज्यादा रोमांटिक भावनाएं दिखाएंगे। आपस में अच्छी बातचीत होगी, जिससे समझ और मजबूत होगी। आपके सच्चे और ईमानदार व्यवहार से रिश्ता और बेहतर बनेगा। आप दोनों के बीच प्यार और मधुरता बढ़ेगी।

शिक्षा: इस सप्ताह पढ़ाई का माहौल थोड़ा उतार-चढ़ाव भरा रह सकता है, लेकिन आप अपनी मेहनत और प्रोफेशनल तरीके से अच्छा प्रदर्शन कर पाएंगे। खासकर मैनेजमेंट, अकाउंट्स या कॉमर्स से जुड़े विषयों में आप अच्छा कर सकते हैं। 

पेशेवर जीवन: इस सप्ताह आपको नई नौकरी के अवसर मिल सकते हैं, जिससे आप खुश महसूस करेंगे। यदि आप व्यापार करते हैं, तो नया बिज़नेस शुरू करने का विचार सफल हो सकता है और अच्छा लाभ मिल सकता है। मल्टी-नेटवर्किंग या नेटवर्क से जुड़े व्यवसाय में भी आप अच्छा नाम कमा सकते हैं। 

स्वास्थ्य: इस सप्ताह आपका स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। आप ऊर्जा और उत्साह से भरे रहेंगे। आपका साहसी और मजबूत स्वभाव आपको फिट और स्वस्थ रहने में मदद करेगा। 

उपाय: प्रतिदिन “ॐ बृहस्पतये नमः” मंत्र का 21 बार जप करें।

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मूलांक 4

(अगर आपका जन्म किसी भी महीने की 4, 13, 22, 31 तारीख़ को हुआ है)

इस अंक से जुड़े लोग इस सप्ताह आराम और घूमने-फिरने में ज्यादा रुचि ले सकते हैं। आप जीवन को थोड़ा शौकीन और स्टाइलिश तरीके से जीना पसंद करेंगे। साथ ही, आप अपनी रचनात्मकता बढ़ाने की कोशिश करेंगे, लेकिन कभी-कभी उसी में जरूरत से ज्यादा उलझ भी सकते हैं।

प्रेम जीवन: आप अपने जीवनसाथी के साथ मजाकिया और हल्के-फुल्के अंदाज में पेश आएंगे। इससे आप दोनों के बीच अच्छा तालमेल और अपनापन बना रहेगा। आप अपने जीवनसाथी के साथ अपने रिश्ते की गुणवत्ता को और बेहतर बना पाएंगे।

शिक्षा: आप अपनी पढ़ाई की पूरी जिम्मेदारी खुद संभालेंगे, चाहे वह सामान्य पढ़ाई हो या प्रोफेशनल कोर्स। इस समय अच्छे अंक मिलने की संभावना है। आप अपने साथ पढ़ने वालों से अच्छी प्रतियोगिता करेंगे और प्रतियोगी परीक्षाओं में भी अच्छा प्रदर्शन कर सकते हैं। 

पेशेवर जीवन: नौकरी में आप अपने काम की जिम्मेदारी संभालते हुए बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं और आगे बढ़ सकते हैं। यदि आप व्यापार करते हैं, तो एक सफल उद्यमी बनने के लिए आप ज्यादा उत्साह और लगन दिखाएंगे। बिज़नेस के सिलसिले में लंबी यात्राएं भी करनी पड़ सकती हैं। 

स्वास्थ्य: इस सप्ताह आपका स्वास्थ्य अच्छा रहेगा और आप उत्साह से भरे रहेंगे। आपका आत्मविश्वास और हिम्मत आपको फिट और स्वस्थ बनाए रखने में मदद करेगी। 

उपाय: प्रतिदिन “ॐ राहवे नमः” मंत्र का 22 बार जप करें।

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मूलांक 5

(अगर आपका जन्म किसी भी महीने की 5, 14, 23 तारीख़ को हुआ है)

इस अंक से जुड़े लोग इस सप्ताह नई चीज़े सीखने और अपनी बुद्धि को और निखारने की इच्छा रखेंगे। आप कुछ नया जानने और समझने में रुचि लेंगे। खासकर संगीत सीखने या अपनी रचनात्मकता बढ़ाने की तरफ आपका झुकाव ज्यादा हो सकता है।

प्रेम संबंध: इस सप्ताह जीवनसाथी के प्रति आपका व्यवहार पहले से बेहतर रहेगा। आपका समझदारी भरा और परिपक्क रवैया उन्हें अच्छा लगेगा और रिश्ते में मिठास बढ़ेगी। 

शिक्षा: पढ़ाई के मामले में आप इस सप्ताह सबसे अलग नजर आ सकते हैं। अपनी अतिरिक्त प्रतिभा और कौशल के दम पर आप सबका ध्यान आकर्षित करेंगे पढ़ाई के प्रति आपका रवैया गंभीरता और प्रोफेशनल रहेगा।

पेशेवर जीवन: यदि आप नौकरी करते हैं, तो अपनी समझदारी और बुद्धिमानी से अच्छा परिणाम हासिल कर सकते हैं। आपके काम करने का तरीका आपको सफलता दिला सकता है। यदि आप व्यापार करते हैं, तो आप बिज़नेस को अगले स्तर पर ले जाने के लिए तेज़ और समझदारी से फैसले लेंगे। 

स्वास्थ्य: इस सप्ताह ज्यादा खाने की वजह से वजन बढ़ सकता है, जिससे आपको थोड़ा असहज महसूस हो सकता है। इसलिए खान-पान पर विशेष ध्यान देने और संयम रखने की जरूरत है। 

उपाय- प्रतिदिन “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” मंत्र का 41 बार जप करें।

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मूलांक 6

(अगर आपका जन्म किसी भी महीने की 6, 15, 24 तारीख़ को हुआ है)

इस अंक से जुड़े लोगों के इस सप्ताह अपने प्रयासों में थोड़ी अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है। बड़े और महत्वपूर्ण फैसले लेना इस समय उचित नहीं रहेगा, इसलिए सोच-समझकर ही कदम उठाएं।

प्रेम जीवन: इस सप्ताह आप अपना धैर्य खो सकते हैं और जीवनसाथी के साथ किसी बात को लेकर विवाद हो सकता है। आपसी समझ की कमी के कारण रिश्ते में तनाव आ सकता है, जिससे खुशियां कम हो सकती हैं। इसलिए शांत रहकर बात करना जरूरी होगा।

शिक्षा: पढ़ाई में आपको नए और रचनात्मक तरीकों का उपयोग करना चाहिए। अपने ज्ञान और कौशल का सही इस्तेमाल करने से आप अच्छा प्रदर्शन कर सकते हैं। पढ़ाई के प्रति आपका रवैया गंभीर और प्रोफेशनल रहना चाहिए।

पेशेवर जीवन: चाहे आप नौकरी में हों या व्यापार में, काम के प्रति सावधान रहने की जरूरत है। इस समय आलस्य या ढीलापन नुकसान का कारण बन सकता है। यदि लापरवाही की, तो नकारात्मक परिणाम और हानि हो सकती है। 

स्वास्थ्य: इस दौरान त्वचा पर रैशेज (दाने) या आंखों में खुजली जैसी समस्या हो सकती है। इम्युनिटी कमजोर होने के कारण स्वास्थ्य पर असर पड़ सकता है। इसलिए अपनी सेहत का विशेष ध्यान रखें। 

उपाय: प्रतिदिन “ॐ भार्गवाय नमः” मंत्र का 33 बार जप करें।

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मूलांक 7

(अगर आपका जन्म किसी भी महीने की 7, 16, 25 तारीख़ को हुआ है)

मूलांक 7 के जुड़े लोगों को इस सप्ताह अपने कामों पर ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है, क्योंकि ध्यान की कमी के कारण पुराने काम बढ़ सकते हैं। इस समय आध्यात्मिक गतिविधियों में जुड़ना आपके लिए लाभदायक रहेगा और इससे मन को शांति मिलेगी। 

प्रेम संबंध: जीवनसाथी के साथ आपसी समझ में कमी आ सकती है। इससे अपने प्यार को खुलकर व्यक्त करने में दिक्कत हो सकती है। इसी वजह से खुशी में भी कमी महसूस हो सकती है। इसलिए धैर्य और समझदारी से काम लें। 

शिक्षा: पढ़ाई में ध्यान भटक सकता है, जिससे काम अधूरा रह सकता है या बैकलॉग बन सकता है। मन की अस्थिरता या एकाग्रता की कमी इसका कारण हो सकती है। इसलिए मन को शांत रखकर पढ़ाई पर फोकस करना जरूरी है। 

पेशेवर जीवन: यदि आप नौकरी करते हैं, तो इस सप्ताह काम पर ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है ताकि आपका काम सही तरीके से चलता रहे। यदि आप व्यापार करते हैं, तो लाभ बनाए रखने के लिए अपने बिज़नेस की लगातार निगरानी करना जरूरी होगा। 

स्वास्थ्य: अच्छे स्वास्थ्य के लिए इस सप्ताह ध्यान और योग करना आपके लिए फायदेमंद रहेगा। त्वचा से जुड़ी कुछ समस्याएं भी हो सकती हैं, इसलिए सावधानी रखें। 

उपाय: प्रतिदिन “ॐ गं गणपतये नमः” मंत्र का 43 बार जप करें।

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मूलांक 8 

(अगर आपका जन्म किसी भी महीने की 8, 17, 26 तारीख़ को हुआ है)

इस अंक से जुड़े लोग आम तौर पर बहुत ज्यादा सकारात्मक सोच नहीं रखते और अपने भविष्य को लेकर निराशावादी हो सकते हैं। इनका काम करने का तरीका थोड़ा धीमा हो सकता है।

प्रेम जीवन: इस सप्ताह परिवार में कुछ पुराने मुद्दे चलते रहने के कारण आपको चिंता हो सकती है। इसी वजह से आप अपने जीवनसाथी के साथ पूरी तरह खुश महसूस नहीं कर पाएंगे। कभी-कभी आप अपने रिश्ते को लेकर शंका भी कर सकते हैं। परिवार में कानूनी मामले भी चल सकते हैं, जिससे आप अपने जीवनसाथी के साथ खुलकर खुशियां साझा नहीं कर पाएंगे।

शिक्षा: पढ़ाई में मन लगाने में दिक्कत आ सकती है। आपको सही योजना बनाकर पढ़ाई करनी होगी। आपको अपने तरीके में थोड़ा ज्यादा गंभीर और प्रोफेशनल बनाना पड़ेगा। ध्यान भटकने की समस्या भी हो सकती है।

पेशेवर जीवन: अगर आप नौकरी करते हैं, तो आपके काम की सही पहचान या सराहना नहीं मिल सकती है, जिससे आप परेशान हो सकते हैं।अगर आप व्यापार करते हैं, तो इस समय आपके कुछ फैसले संतुलित नहीं रह सकते हैं। 

स्वास्थ्य: पैरों की उंगलियों, जांघों और जोड़ों में दर्द या परेशानी हो सकती है। यह ज्यादा तनाव के कारण हो सकता है। नसों से जुड़ी समस्याएं भी इस दौरान हो सकती हैं।

उपाय – रोज़ 11 बार “ॐ वायु पुत्राय नमः” मंत्र का जप करें।

मूलांक 9

(अगर आपका जन्म किसी भी महीने की 9, 18, या 27 तारीख को हुआ है)

इस अंक से जुड़े लोग स्वभाव से मजबूत और जिद्दी हो सकते हैं। ये लोग तेज और कभी-कभी गुस्सैल भी होते हैं। साथ ही, ये जल्दीबाजी में फैसले लेने वाले भी हो सकते हैं।

प्रेम संबंध: इस सप्ताह आप अपने जीवनसाथी को सही तरीके से प्यार नहीं दिखा पाएंगे। इसका कारण आप दोनों के बीच गलतफहमियां और भरोसे की कमी हो सकती है।  हो सकता है कि आपकी तरफ से भी प्यार और अपनापन कम महसूस हो, जो आपके व्यवहार में दिख सकता है। 

शिक्षा: इस हफ्ते पढ़ाई में आपका प्रदर्शन अच्छा नहीं रह सकता। आपको पढ़ाई के लिए गंभीर और व्यवस्थित तरीका अपनाने की जरूरत है। इस समय बड़े फैसले लेने से बचें।

पेशेवर जीवन: नौकरी में इस सप्ताह हालात ज्यादा अच्छे नहीं रह सकते और काम का दबाव बढ़ सकता है। आपको संघर्ष करना पड़ सकता है। अगर आप व्यापार करते हैं तो कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ सकता है और नुकसान होने की संभावना भी है।

स्वास्थ्य: त्वचा से जुड़ी समस्याएं या गांठ जैसी परेशानी हो सकती है। यह शरीर की कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्यूनिटी) के कारण हो सकता है। 

उपाय- मंगलवार के दिन मंगल ग्रह के लिए यज्ञ-हवन कराएं।

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हम उम्मीद करते हैं कि आपको हमारा यह लेख ज़रूर पसंद आया होगा। अगर ऐसा है तो आप इसे अपने अन्य शुभचिंतकों के साथ ज़रूर साझा करें। धन्यवाद!

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्‍न

1. मूलांक क्या होता है?

मूलांक आपकी जन्मतिथि से निकाला गया एक अंक होता है, जो 1 से 9 के बीच होता है। यह अंक आपके स्वभाव और जीवन पर विशेष प्रभाव डालता है।

2. अपना मूलांक कैसे निकालें?

अपनी जन्म तारीख को जोड़कर एक अंक में बदल लें। जैसे यदि आपका जन्म 19 तारीख को हुआ है, तो 1+9 = 10, फिर 1+0 = 1। यानी आपका मूलांक 1 होगा।

3. अंक ज्योतिष साप्ताहिक राशिफल किस आधार पर तैयार किया जाता है?

यह राशिफल आपके मूलांक और उससे जुड़े ग्रहों की चाल के आधार पर तैयार किया जाता है।

विकट संकष्‍टी चतुर्थी पर किसकी होती है पूजा?

विकट संकष्‍टी चतुर्थी पर मिलेगा गणेश जी का आशीर्वाद, जान लें तिथि और पूजन विधि

विकट संकष्‍टी चतुर्थी: हिंदू धर्म के अनुसार संकष्‍टी चतुर्थी के दिन भगवान गणेश की पूजा की जाती है और विकट संकष्‍टी चतुर्थी भी गणेश जी को ही समर्पित है। इस दिन ज्ञान और विघ्‍नों को दूर करने वाले गणेश जी की उपासना एवं व्रत करने का विधान है। एक वर्ष में कुल 12 संकष्‍टी चतुर्थी आती हैं और इस प्रकार हर मास में एक बार संकष्‍टी चतुर्थी आती है। वैशाख के महीने में चतुर्थी तिथि पर आने वाली संकष्‍टी चतुर्थी को विकट संकष्‍टी चतुर्थी के नाम से मनाया जाता है।

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विकट संकष्‍टी चतुर्थी कब है

05 अप्रैल, 2026 को विकट संकष्‍टी चतुर्थी मनाई जाएगी। इस दिन चंद्रोदय रात 09 बजकर 54 मिनट पर होगा। बता दें कि 05 अप्रैल को दोपहर 12 बजकर 02 मिनट पर चतुर्थी तिथि की शुरुआत होगी और इसका समापन 06 अप्रैल, 2026 को दोपहर 02 बजकर 13 मिनट पर होगा। इस दिन वज्र योग बन रहा है।

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विकट संकष्‍टी चतुर्थी का महत्‍व

चंद्र मास में कृष्‍ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को संकष्‍टी चतुर्थी पड़ती है। विघ्‍नों को दूर करने और अपने भक्‍तों को धन, शांति और ज्ञान देने वाले भगवान गणेश के लिए व्रत रखा जाता है। हर साल मनाई जाने वाली बारह संकष्‍टी चतुर्थी में से हर चतुर्थी भगवान गणेश के एक अलग रूप से जुड़ी होती है। साथ ही उससे एक पीठ और व्रत कथा भी होती है। विकट संकष्‍टी चतुर्थी का दिन आत्‍मनिरीक्षण करने, शुद्धि और ईश्‍वर का ध्‍यान करने के लिए उपयुक्‍त होता है।

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विकट संकष्‍टी चतुर्थी का व्रत

यदि किसी व्‍यक्‍ति को अपने जीवन में घोर संकटों का सामना करना पड़ रहा है, तो उसे विकट संकष्‍टी चतुर्थी का व्रत करना चाहिए। जीवन की समस्‍याओं को दूर करने का यह एक अमोघ उपाय है। व्रत करने से पहले इसे 4 या 13 वर्ष तक रखने का संकल्‍प लिया जाता है। इस अवधि के पूरा होने के बाद व्रत का उद्यापन कर दिया जाता है। इस व्रत के लिए चंद्रोदय व्‍यापिनी चतुर्थी तिथि को चुना जाता है लेकिन अगर दो दिन चंद्रोदय व्‍यापिनी चतुर्थी पड़ रही हैं, तो फिर प्रथम दिन को व्रत किया जाता है।

हिंदू पंचांग में प्रत्‍येक माह में दो चतुर्थी तिथि आती हैं। एक पूर्णिमा के बाद आने वाली कृष्‍ण पक्ष की चतुर्थी जिसे संकष्‍टी चतुर्थी कहते हैं और दूसरी अमावस्‍या के बाद आने वाली शुक्‍ल पक्ष की चतुर्थी जिसे विनायक चतुर्थी कहते हैं।

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विकट संकष्‍टी चतुर्थी का व्रत करने की विधि

अगर आप विकट संकष्‍टी चतुर्थी का व्रत करना चाहते हैं, तो इसकी विधि आगे बताई गई है:

  • सबसे पहले चतुर्थी तिथि पर स्‍नान आदि से निवृत्त होने के बाद साफ और धुले हुए वस्‍त्र पहनें।
  • इसके बाद घर के पूजन स्‍थल में आएं और गणेश जी का ध्‍यान करते हुए व्रत रखने एवं मौन रहने का संकल्‍प लें।
  • पूरा दिन संपूर्ण श्रद्धा के साथ व्रत रखें और फिर शाम को फिर से स्‍नान कर के पवित्र वेदी की रचना कर उसके ऊपर गणेश की मूर्ति या प्रतिमा स्‍थापित करें।
  • अब आप भगवान गणेश का ध्‍यान एवं आह्वान करें। फिर विधि-विधान से षोड्शोपचार गणेश पूजन करें।
  • संकष्‍टी के दिन गणेश जी को मोदक, सुपारी, दूर्वा और मूंग अर्पित करें। भगवान गणेश को ये सभी चीज़ें बहुत प्रिय हैं।
  • गणेश जी की पूजा करने के बाद चंद्रोदय होने पर पुष्‍प आदि से चंद्रमा की पूजा करें और उन्‍हें अर्घ्‍य एवं नैवेद्य चढ़ाएं।
  • पूजा के बाद ब्राह्मण भोज करवाएं और अंत में व्रत का पारण करें।

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कौन हैं विकट गणेश

भगवान गणेश के 32 दिव्‍य अवतारों में से एक विकट गणेश हैं। विकट का अर्थ भयानक या क्रूर होता है लेकिन विकट रूप में गणेश जी विनाशकारी नहीं बल्कि रक्षा करने वाले हैं। इस अवतार में गणेश जी अपने भक्‍तों की बड़ी मुश्किलों और अंधकारमय समय से रक्षा करते हैं। वे अपने भक्‍तों को नकारात्‍मकता, शत्रुओं जैसे कि अहंकार, क्रोध और लालच से बचाते हैं। विकट संकष्‍टी चतुर्थी पर गणेश जी से आध्‍यात्मिक अज्ञानता और बाधाओं को दूर करने की प्रार्थना की जाती है।

विकट सकट चौथ का महत्‍व

इस चतुर्थी का संबंध गणेश जी से है जो बाधाओं को दूर करते हैं, ज्ञान प्रदान करते हैं और जीवन में सुख एवं समृद्धि देते हैं। मान्‍यता है कि इस दिन सच्‍चे मन से भगवान गणेश की आराधना करने से मानसिक स्‍पष्‍टता, आंतरिक शक्‍ति और आध्‍यात्मिक जागृति बढ़ती है। शास्त्रों में संकष्‍टी चतुर्थी को बहुत शुभ माना गया है क्‍योंकि भगवान गणेश को प्रसन्‍न करने एवं उनकी कृपा पाने के लिए यह दिन सबसे मंगलकारी होता है। मान्‍यता है कि जो व्‍यक्‍ति सच्‍चे मन से इस व्रत को रखता है और पूरे रीति-रिवाज़ से पूजा करता है, उसे कर्मों के बोझ और जीवन की चुनौतियों को दूर करने का आशीर्वाद प्राप्‍त होता है।

धार्मिक मान्‍यताओं के अनुसार विकट संकष्‍टी चतुर्थी पर गणेश जी के विकट रूप की पूजा करने से सांसारिक कर्तव्‍यों एवं आध्‍यात्मिक विकास के बीच संतुलन बनाने की क्षमता बढ़ती है। इस अवसर पर गणेश जी के मंत्रों का जाप करना, मोदक चढ़ाना और संकष्‍टी चतुर्थी की कथा सुनना आध्‍यात्मिक चेतना को बढ़ाता है। इससे ईश्‍वर के साथ गहरा संबंध बनता है।

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विकट संकष्‍टी चतुर्थी पर क्‍या करते हैं

इस चतुर्थी पर निम्‍न कार्य किए जाते हैं: 

  • इस दिन सूर्योदय से लेकर सूर्यास्‍त तक व्रत रखा जाता है। कुछ लोग निर्जल व्रत रखते हैं, तो वहीं कुछ लोग फल, दूध या सात्विक भोजन करते हैं। विकट संकष्‍टी चतुर्थी पर गणेश जी की पूजा की जाती है। इस दिन गणेश जी की विशेष पूजा होती है और उन्‍हें दूर्वा, मोदक, केले और लाल रंग के पुष्‍प चढ़ाए जाते हैं।
  • चतुर्थी तिथि पर चंद्रोदय के बाद अर्घ्‍य देकर व्रत का पारण किया जाता है। पूजा के दौरान संंकष्‍टी चतुर्थी व्रत कथा सुनना और पढ़ना महत्‍वपूर्ण होता है। इससे व्रत रखने के लिए आध्‍यात्मिक लाभ प्राप्‍त होते हैं।

विकट सकट चौथ की कथा

पौराणिक कथा के अनुसार एक समय एक राज्‍य में धर्मकेतु नामक एक ज्ञानी ब्राह्मण वास करता था। उसकी दो पत्नियां थीं जिनमें से एक का नाम सुशीला और दूसरी पत्‍नी का नाम चंचला था। उसकी पहली पत्‍नी सुशीला धार्मिक स्‍वभाव वाली महिला थी लेकिन चंचला को धर्म एवं धार्मिक कार्यों में बिलकुल भी रुचि नहीं थी। सुशीला अक्‍सर व्रत रखा करती थी जिसकी वजह से व‍ह काफी दुर्बल हो गई थी जबकि चंचला की सेहत अच्‍छी थी।

कुछ समय के पश्‍चात् सुशीला के पुत्री और चंचला के पुत्र ने जन्‍म लिया। चंचला ने सुशीला से कहा कि तुम तो इतने व्रत-उपवास किया करती थीं फिर भी भगवान ने तुम्‍हें पुत्री दी। मुझे देखो मैंने तो कुछ भी नहीं किया फिर भी मुझे पुत्र मिला। चंचला के मुख से इन शब्‍दों को सुनकर सुशीला का मन बहुत आहत हुआ।

विकट सकट चौथ का व्रत आने पर सुशीला ने पूरे मन और भक्‍ति भाव से इस व्रत को किया। सुशीला की सच्‍ची भक्‍ति देखकर गणेश जी प्रसन्‍न हुए और उन्‍होंने उसे पुत्र का वरदान दिया। शीघ्र ही सुशीला ने एक पुत्र को जन्‍म दिया किंतु उसके पति धर्मकेतु की मृत्‍यु हो गई। इसके बाद चंचला अलग घर में रहने लगी। वहीं सुशीला अपने पति के ही घर में रहती थी। सुशीला का पुत्र गणेश जी के आशीर्वाद से बहुत ज्ञानी था और उसने अपने घर को धन-धान्‍य से भर दिया था।

यह सब देखकर चंचला को ईर्ष्‍या होने लगी और उसने मौका मिलते हुए सुशीला की बेटी को कुएं में धक्‍का दे दिया। हालांकि, भगवान गणेश ने उसकी रक्षा और जब चंचला ने यह सब देखा कि स्‍वयं भगवान गणेश सुशीला और उसके परिवार की रक्षा कर रहे हैं, तब उसे अपने कर्मों पर बहुत पछतावा हुआ और उनसे सुशीला से मांफी मांगी। तब सुशीला के कहने पर चंचला ने भी संकष्‍टी चतुर्थी का व्रत रखा और उसे भी गणेश जी की कृपा प्राप्‍त हुई।

विकट सकट चौथ के लिए ज्‍योतिषीय उपाय

  • विकट संकष्‍टी चतुर्थी पर गणेश जी की पूजा होती है इसलिए इस दिन भगवान गणेश को प्रसन्‍न करने के लिए पूजा के दौरान गुड़ और तिल से बने लड्डू का भोग लगाएं। इससे आपकी हर समस्‍या का निवारण होगा।
  • इस चतुर्थी पर लहसुन का उपयोग नहीं करना चाहिए। इसके अलावा मांस-मदिरा, मछली इत्‍यादि का सेवन करने से भी बचना चाहिए।
  • अगर आप व्रत रख रहे हैं, तो गणेश चतुर्थी पर सफेद या पीले रंग के वस्‍त्र पहनकर गणेश जी की पूजा करें।
  • विकट संकष्‍टी चतुर्थी पर गणेश जी को 5 लड्डुओं का भोग लगाएं और गणेश मंत्र का जाप करें। ऐसा करने से भक्‍तों की सारी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।
  • विकट संकष्‍टी चतुर्थी के अवसर पर गणेश जी को लाल रंग का वस्‍त्र और लाल रंग के फूल अर्पित करने चाहिए। इससे मानसिक तनाव दूर होता है और मन शांत रहता है।
  • विकट संकष्टी चतुर्थी के दिन भगवान गणेश को 21 हरी दूर्वा अर्पित करें। हर दूर्वा चढ़ाते समय मन में संतान प्राप्ति की कामना करें। चंद्र दर्शन के बाद फल या मिठाई से व्रत खोलें। मान्यता है कि यह उपाय संतान से जुड़ी बाधाओं को दूर करता है।
  • एक नारियल पर मौली बांधकर उसे भगवान गणेश के सामने रखें। “ॐ गण गणपतये नमः” मंत्र का 11 बार जाप करें। अगरे दिन उस नारियल को किसी पवित्र स्थान या बहते जल में प्रवाहित कर दें। यह उपाय कार्यों में आ रही रुकावट को समा्त करता है।
  • संकष्टी चतुर्ती की रात भगवान गणेश के सामने घी का दीपक जलाएं। दीपक में एक लौंग और एक इलायची डालें और ‘वक्रतुंड महाकाय’ मंत्र का 7 बार पाठ करें। यह उपाय धन आगमन और आर्थिक स्थिरता के लिए शुभ माना जाता है। 
  • बच्चों से भगवान गणेश को लाल फूल और मोदक अर्पित करवाएं। इसके बाद बच्चे के सिर पर हाथ रखकर गणपति से बुद्धि और एकाग्रता की प्रार्थना करें। इससे पढ़ाई में मन लगने लगता है और समझने की शक्ति बढ़ती है।
  • पूजा के बाद 7 दूर्वा और थोड़ा अक्षत लाल कपड़े में बांध लें। इसे पूजा स्थान या तिजोरी में रखें। यह उपाय घर में सकारात्मक ऊर्जा बनाए रखने में सहायक माना जाता है।
  • पति-पत्नी साथ बैठकर “ॐ गणेशाय नमः” मंत्र का 21 बार जप करें। भगवान गणेश को मिठाई का भोग लगाएं और प्रसाद आपस में बाँट लें। इससे आपसी मतभेद कम होते हैं और प्रेम बढ़ता है।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

1. विकट संकष्‍टी चतुर्थी कब है?

इस बार विकट संकष्‍टी चतुर्थी 05 अप्रैल, 2026 को रविवार के दिन पड़ रही है।

2. इस बार विकट संकष्‍टी पर कौन सा योग बन रहा है?

वज्र योग बन रहा है।

3. विकट संकष्‍टी पर किसकी पूजा की जाती है?

इस दिन गणेश जी की पूजा करने का विधान है।

क्‍या है वैशाख के महीने का महत्‍व?

कब शुरू हो रहा है वैशाख माह 2026, देख लें सारे व्रत-त्‍योहारों की लिस्‍ट!

वैशाख माह 2026: धर्म साधक के लिए वैशाख का महीना सबसे अच्‍छा माना जाता है। इस महीने में जल दान का बहुत महतव है क्‍योंकि वैशाख के महीने में जल का दान करने से समृद्धि और संपन्‍नता प्राप्‍त होती है। इसके अलावा वैशाख में स्‍नान दान करने का भी विशेष महत्‍व है।

एस्‍ट्रोसेज एआई के इस विशेष ब्‍लॉग वैशाख माह 2026 में आगे विस्‍तार से बताया गया है कि इस मास की शुरुआत और समापन कब हो रहा है, इसका क्‍या महत्‍व है, इस माह में क्‍या किया जाता है और इससे जुड़ी पौराणिक कथा क्‍या है।

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वैशाख माह 2026 की तिथि

हिंदू पंचांग के अनुसार वैशाख मास का साल का दूसरा महीना होता है। यह माह भगवान विष्‍णु को अतिप्रिय होता है। माना जाता है कि त्रेता युग की शुरुआत इसी महीने में हुई थी। इसे ‘माधव माह’ के नाम से भी जाना जाता है जो कि भगवान विष्‍णु के अवतार श्रीकृष्‍ण का ही एक नाम है।

धार्मिक अनुष्‍ठानों के लिए वैशाख माह बहुत खास एवं महत्‍वपूर्ण होता है। इस बार 03 अप्रैल, 2026 से वैशाख के महीने की शुरुआत हो रही है और इसका समापन 1 मई, 2026 को होगा। विशाखा नक्षत्र से संबंध होने के कारण इस महीने का नाम वैशाख पड़ा है।

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वैशाख माह 2026 का महत्‍व

शास्‍त्रों में वैशाख के महीने को बहुत खास बताया गया है। मान्‍यता है कि इसी महीने में भगवान विष्‍णु ने अपने कई अवतार जैसे कि नर-नारायण, नृसिंह और परशुराम के रूप में धरती पर अवतरित हुए थे। इसके अलावा माता सीता का जन्‍म भी वैशाख मास की शुक्‍ल पक्ष की नवमी तिथि को हुआ था जिसे सीता नवमी के नाम से मनाया जाता है। शुभ कार्य करने, दान-पुण्‍य करने के लिए वैशाख माह 2026 को अत्‍यंत शुभ माना जाता है। पद्म पुराण के अनुसार वैशाख के महीने में प्रात: काल गंगा नदी या किसी पवित्र नदी या तालाब में स्‍नान करने से अश्‍वमेघ यज्ञ जितना फल प्राप्‍त होता है।

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वैशाख माह का कैसे पड़ा यह नाम

विशाखा नक्षत्र से संबंध होने के कारण इस महीने को वैशाख का महीना कहा गया। विशाखा नक्षत्र के स्वामी देवगुरु बृहस्पति और देवता इंद्र हैं। ऐसे में इस पूरे महीने में स्नान-दान, व्रत और पूजा से अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है। यह महीना बहुत ही शुभ माना जाता है और इस महीने कुछ राशि के जातकों को शुभ फल की प्राप्ति होगी।

वैशाख माह 2026 से जुड़ी मान्‍यताएं

शास्‍त्रों में कहा गया है कि वैशाख के जैसा कोई अन्‍य माह नहीं है, सतयुग की तरह कोई युग नहीं है और वेदों के समान कोई शास्‍त्र नहीं है। इसी विशेषता के कारण वैशाख माह को सभी मासों में उत्तम माना गया है। ऐसा कहा जाता है कि भगवान विष्‍णु ने मधु दैत्‍य का वध इसी महीने में किया था इसलिए इस महीने को माधव मास कहा जाता है।

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वैशाख माह 2026 से जुड़ी पौराणिक कथा

पौराणिक कथा के अनुसार एक बार देवर्षि नारद ने राजा अम्‍बरीश से कहा कि स्‍वयं ब्रह्मा जी ने वैशाख के महीने को अन्‍य सभी मासों में सबसे उत्तम बताया है। इस दौरान सभी तीर्थ और देवी-देवता जल में निवास करते हैं। विष्‍णु जी की आज्ञा से मनुष्‍य जाति के कल्‍याण के लिए वे सूर्योदय से लेकर छह घड़ी तक जन में ही उपस्थित रहते हैं। जो पुण्‍य किसी मनुष्‍य को दान और और जो फल सभी तीर्थों के दर्शन से मिलता है, वह पुण्‍य और फल वैशाख मास में केवल जल का दान करने से मिल जाता है। महर्षि नामक एक राजा को वैशाख मास में केवल पवित्र नदी में स्‍नान करने से ही मोक्ष की प्राप्‍त‍ि हो गई थी।

मान्‍यता है कि वैशाख में आने वाली पूर्णिमा को ब्रह्मा जी ने तिल उत्‍पन्‍न किए थे। वहीं एक अन्‍य पौराणिक कथा के अनुसार भगवान विष्‍णु के स्‍वेद से सफेद एवं काले तिल उत्‍पन्‍न हुए थे। इसी वजह से वैशाख के महीने में सभी प्रकार के धार्मिक अनुष्‍ठानों में काले तिलों का प्रयोग किया जाता है। लेकिन इस मास में देवी-देवताओं की पूजा में केवल सफेद तिलों का उपयोग किया जाता है। इस मास में तिल के दान के साथ-साथ जल, छाता, पंखा, चटाई और चरण पादुका का दान करना भी विशेष रूप से फलदायी माना जाता है।

जिस तरह माघ के महीने में प्रयाग में कल्‍पवास करना शुभ रहता है, उसी तरह वैशाख के महीने में उज्‍जैन में कल्‍पवास करना पुण्‍यदायी माना गया है। चैत्र पूर्णिमा से लेकर वैशाख पूर्णिमा तक रोज़ शिप्रा स्‍नान करने का बहुत महत्‍व है। ऐसा माना जाता है कि जो व्‍यक्‍ति वैशाख के महीने में यहां वास करता है, वह साक्षात शिव स्‍वरूप हो जाता है।

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वैशाख माह 2026 के त्‍योहारों की सूची

व्रत-त्‍योहारतिथि
वरुथिनी एकादशी13 अप्रैल, 2026, सोमवार
मेष संक्रांति14 अप्रैल, 2026, मंगलवार
सोलर नववर्ष14 अप्रैल, 2026, मंगलवार
परशुराम जयंती19 अप्रैल, 2026, रविवार
अक्षय तृतीया19 अप्रैल, 2026, रविवार
गंगा सप्‍तमी23 अप्रैल, 2026 गुरुवार
सीता नवमी25 अप्रैल, 2026, शनिवार
मोहिनी एकादशी27 अप्रैल, 2026, सोमवार
नृसिंह जयंती30 अप्रैल, 2026, गुरुवार
बुद्ध पूर्णिमा01 मई, 2026, शुक्रवार
वैशाख पूर्णिमा01 मई, 2026, शुक्रवार

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वैशाख माह 2026 के त्‍योहारों का महत्‍व

वैशाख के महीने में कई बड़े एवं महत्‍वपूर्ण त्‍योहार आते हैं जिनके बारे में आगे विस्‍तार से बताया गया है:

वरुथिनी एकादशी: हिंदू पूर्ण‍िमांत कैलेंडर के अनुसार वैशाख मास की कृष्‍ण पक्ष की एकादशी और अमांत हिंदू पंचांग के अनुसार चैत्र मास की कृष्‍ण पक्ष की एकादशी को वरूथिनी एकादशी पड़ती है। इस एकादशी पर व्रत एवं पूजन करने से सभी मनोकामनाओं की पूर्ति होती है।

परशुराम जयंती: माना जाता है कि इस दिन भगवान परशुराम का प्रादुर्भाव हुआ था। इस दिन को भगवान परशुराम के जन्‍मोत्‍सव के रूप में मनाया जाता है। माना जाता है कि आज भी भगवान परशुराम महेंद्र पर्वत पर तपस्‍या कर रहे हैं।

अक्षय तृतीया: हिंदू धर्म में अक्षय तृतीया को बहुत शुभ माना गया है। इस दिन भगवान विष्‍णु एवं माता लक्ष्‍मी की पूजा की जाती है। भगवान विष्‍णु को प्रसन्‍न करने और अक्षय पुण्‍य की प्राप्‍ति के लिए इस दिन हवन, पूजा, तर्पण और दान आदि किया जाता है।

गंगा सप्‍तमी: इस दिन का संबंध गंगा जी के पुनर्जन्‍म से जुड़ा है। पौराणिक मान्‍यता के अनुसार एक बार गंगा जी के वेग से एक ऋषि का आश्रम नष्‍ट हो गया था। इससे कूपिक होकर ऋषि ने अपने तपोबल से समस्‍त नदी के जल को पी लिया था। इसके बाद देवताओं के आग्रह पर उ9 ऋषि ने पुन: गंगा जी को मुक्‍त किया। यही वजह है कि गंगा जी को ऋषि जाह्नु की पुत्री जाह्नवी कहा जाता है।

सीता नवमी: वैशाख मास में शुक्‍ल पक्ष की नवमी तिथि को सीता माता का जन्‍म हुआ था। उनके जन्‍म दिवस को सीता नवमी के रूप में मनाया जाता है। इस दिन विवाहित स्त्रियां अपने पति की लंबी आयु की कामना के लिए व्रत रखती हैं।

मो‍हिनी एकादशी: वैशाख माह 2026 में शुक्‍ल पक्ष को आने वाली एकादशी को मोहिनी एकादशी के नाम से जाना जाता है। ऐसा माना जाता है कि इस एकादशी पर व्रत रखने से क्‍लेश समाप्‍त होते हैं और मनुष्‍य मोह के बंधन से मुक्‍त हो जाता है।

नृसिंह जयंती: माना जाता है कि इस दिन भगवान विष्‍णु ने हिरण्‍यकश्‍यपु का वध करने के लिए नृसिंह अवतार लिया था। इस्‍कॉन और वैष्‍णव संप्रदाय के लोग इस तिथि को श्री नृसिंह चतुर्दशी के रूप में मनाते हैं।

बुद्ध पूर्ण‍िमा: मान्‍यता है कि भगवान बुद्ध विष्‍णु जी के नौवें अवतार थे। उन्‍होंने मनुष्‍यों को सत्‍य, अहिंसा, करुणा, दया एवं परम शांति का मार्ग दिखाया था।

कूर्म जयंती: इस दिन भगवान विष्‍णु ने कूर्म अवतार लिया था। विष्‍णु जी के दस अवतारों में से द्वितीय अवतार को कूर्म अवतार के रूप में जाना जाता है।

इन राशियों के लिए शुभ रहेगा वैशाख माह 2026

अप्रैल से मई के बीच वैशाख का महीना आता है और यह मास कुछ राशि वाले जातकों के लिए भाग्‍य, करियर में वृद्धि और नई ऊर्जा लेकर आएगा। इस माह के स्‍वामी सूर्य देव हैं जो विकास, शुद्धि, संपन्‍नता और कर्मों के फल का वहन करते हैं। आगे जानिए कि वैशाख के महीने में किन राशियों की किस्‍मत खुलने वाली है।

मेष राशि

सूर्य की मजबूत स्थिति के कारण मेष राशि के लोगों के आत्‍मविश्‍वास में वृद्धि होगी और वे आर्थिक स्‍तर पर विकास करेंगे। नौकरीपेशा जातकों को प्रमोशन मिलने की प्रबल संभावना है। इन्‍हें लीडर बनने का मौका भी मिल सकता है। वहीं व्‍यापारी अपने बिज़नेस का विस्‍तार कर सकते हैं। आपको अचानक से धन लाभ होने के संकेत हैं। पहले किए गए निवेश से भी अच्‍छा लाभ मिल सकता है। आपके लिए प्रॉपर्टी खरीदने के योग बन रहे हैं। आपके रिश्‍तों में स्‍पष्‍टता आएगी। सिंगल जातकों के लिए शादी का प्रस्‍ताव आ सकता है। स्‍वस्‍थ रहने के लिए ओवरईटिंग और तनाव से बचें। आप रोज़ सूर्य को अर्घ्‍य दें।

मेष राशिफल 2026

वृषभ राशि

वृषभ राशि के जातकों के भौतिक सुख में वृद्धि होने के संकेत हैं। आप भावनात्‍मक रूप से संतुष्‍ट महसूस करेंगे। आपको अपने कार्यक्षेत्र में अपनी कड़ी मेहनत के लिए पहचान मिल सकती है। वहीं क्रिएटिव क्षेत्र में काम करने वाले लोग शानदार प्रदर्शन करेंगे। आप कोई लग्‍ज़री चीज़ खरीद सकते हैं। आप आभूषण या किसी कीमती चीज़ की खरीदारी भी कर सकते हैं। आपके लिए बचत के योग भी बन रहे हैं।। प्रेम संबंधों के लिए अनुकूल समय है। पति–पत्‍नी का रिश्‍ता मजबूत होगा। आपका स्‍वास्‍थ्‍य भी उत्तम रहने वाला है।

वृषभ राशिफल 2026

सिंह राशि

आपक प्रतिष्‍ठा और समाज में मान-सम्‍मान में वृद्धि होगी। करियर में आपका नाम बढ़ेगा। आपकी आमदनी में भी बढ़ोतरी होने के संकेत हैं। आप मोलभाव अच्‍छे से कर पाएंगे। प्रेम संबंध में आकर्षण बढ़ेगा। हालांकि, आपके और आपके पार्टनर के बीच कभी-कभी अहं का टकराव हो सकता है। स्‍वास्‍थ्‍य के मामले में आप अपने हार्ट का ख्‍याल रखें और ध्‍यान करें।

वृश्चिक राशि

वृश्चिक राशि के जातकों को करियर के क्षेत्र में सफलता मिलने के संकेत हैं। आप कोई डील भी कर सकते हैं। धन के मामले में आपको अचानक लाभ होने के आसार हैं। पैतृक संपत्ति से लाभ हो सकता है और रुका हुआ पैसा वापस आ सकता है। आपके और आपके पार्टनर का रिश्‍ता भावनात्‍मक स्‍तर पर मजबूत होगा। रिश्‍ते में पुरानी गलतफहमियां दूर होंगी। सेहत की बात करें, तो पुरानी समस्‍याएं ठीक हो सकती हैं। आप मंगलवार के दिन हनुमान मंदिर जाएं।

वृश्चिक राशिफल 2026

मीन राशि

मीन राशि वालों की आय स्थिर रहेगी और उन्‍हें दीर्घकालिक निवेश से लाभ होने के आसार हैं। करियर में आपके लिए एक नई शुरुआत हो सकती है और आपको कोई बड़ा एवं रचनात्‍मक अवसर मिल सकता है। प्रेम संबंध की बात करें, तो आपके और आपके पार्टनर के बीच भावनात्‍मक स्‍तर पर स्‍पष्‍टता आएगी। सिंगल जातकों के लिए घर पर शादी की बात चल सकती है। आप मानसिक रूप से शांत एवं स्थिर महसूस करेंगे। आध्‍यात्मिक कार्यों से शक्‍ति मिलेगी। आप बृहस्‍पतिवार के दिन पीले रंग की वस्‍तुओं का दान करें।

मीन राशिफल 2026

वैशाख माह 2026 में करें ज्‍योतिषीय उपाय

वैदिक ज्‍योतिष में वैशाख के महीने को सबसे पवित्र और फलदायी मास माना जाता है। इस मास का संबंध सूर्य देव और भगवान विष्‍णु का संबंध है। इस महीने में आप निम्‍न ज्‍योतिषीय उपाय कर सकते हैं:

  • तांबे के लोटे में जल भरकर रोज़ सूर्य को अर्घ्‍य दें।
  • सूर्य देव को प्रसन्‍न करने के लिए रविवार के दिन गेहूं, गुड़ या तांबे का दान करें।
  • वैशाख माह 2026 में आने वाली एकादशी को व्रत रखें। भगवान विष्‍णु को तुलसी के पत्ते अर्पित करें। गुरुवार के दिन चना दाल या पीले रंग के वस्‍त्रों का दान करें। ऐसा करने से आपको आर्थिक स्थिरता प्राप्‍त होगी और घर में सुख-शांति बनी रहेगी।
  • वैशाख मास में जल दान का बहुत महत्‍व है। इस दौरान आप मटका, छाता और चप्‍पल आदि दान कर सकते हैं। पशु-पक्षियों के लिए जल की व्‍यवस्‍था करें। गरीब लोगों को ठंडा पानी या मीठे पेय पदार्थ पिलाएं।
  • यदि संभव हो, तो वैशाख पूर्णिमा पर पवित्र नदी में स्‍नान करें। इससे पाप कर्मों से मुक्‍ति मिलती है। सेहत में सुधार आता है और पितरों का आशीर्वाद मिलता है।
  • शनि दोष से मुक्‍ति पाने, नकारात्मकता से सुरक्षा पाने और मानसिक शांति के लिए काले तिलों का दान करें। शनिवार के दिन तिल के तेल का दीपक जलाएं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

1. वैशाख मास कब शुरू हो रहा है?

इस बार 03 अप्रैल, 2026 से वैशाख के महीने की शुरुआत हो रही है।

2. वैशाख मास में क्‍या आता है?

इस महीने में अक्षय तृतीया आती है।

3. किस तिथि पर वैशाख मास खत्‍म कब होगा?

01 मई, 2026 को वैशाख मास खत्‍म हो जाएगा

मंगल का मीन राशि में गोचर: जानें 12 राशियों पर प्रभाव

मंगल का मीन राशि में गोचर: प्रेम, पैसा और प्रोफेशन में किसे मिलेगा बड़ा फायदा?

मंगल का मीन राशि में गोचर: वैदिक ज्योतिष में मंगल ग्रह को साहस, ऊर्जा, आत्मविश्वास, भूमि, भाई, पराक्रम और करियर में संघर्ष का कारक माना जाता है। जब-जब मंगल अपनी राशि बदलते हैं, तब इसका सीधा प्रभाव सभी 12 राशियों के जीवन पर देखने को मिलता है। अब मंगल देव मीन राशि में गोचर करने जा रहे हैं और यह गोचर कई लोगों के जीवन में नई ऊर्जा, बड़े फैसले और महत्वपूर्ण बदलाव लेकर आ सकता है।

मीन एक जल तत्व की भावनात्मक और आध्यात्मिक राशि है, जबिक मंगल अग्नि तत्व का ग्रह है। ऐसे में यह गोचर जोश और भावनाओं का अनोखा मेल बनाएगा। इस दौरान कुछ लोगों के प्रेम जीवन में गहराई आएगी, तो कुछ अपने करियर में साहसिक कदम उठाएंगे। वहीं व्यापार और नौकरी से जुड़े लोगों को नए अवसर मिल सकते हैं।

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हालांकि, मंगल का प्रभाव कभी-कभी जल्दबाज़ी और गुस्सा भी बढ़ा सकता है। इसलिए कुछ राशियों को फैसले सोच-समझकर लेने की सलाह दी जाती है। धन के मामलों में जोखिम लेने से पहले सावधानी जरूरी होगी। यह गोचर भूमि, प्रॉपर्टी, टेक्निकल क्षेत्र, सेना, पुलिस, खेल और इंजीनियरिंग से जुड़े लोगों के लिए खास परिणाम दे सकता है। कहीं रुके हुए काम दोबारा शुरू होंगे, तो कहीं अचानक खर्च बढ़ सकते हैं। 

जानिए इस दौरान किस राशि के खुलेंगे भाग्य के द्वार, किसे मिलेगा प्रेम और करियर में सफलता का साथ, और किन लोगों को सतर्क रहने की जरूरत होगी। इस ब्लॉग में हम विस्तार से जानेंगे कि मंगल का मीन राशि में गोचर सभी 12 राशियों के जीवन को कैसे प्रभावित करेगा, इससे मिलने वाले शुभ-अशुभ परिणाम क्या होंगे और किसे मिलेगा धन, प्रेम और प्रोफेशन में लाभ। तो चलिए सबसे पहले जानते हैं, मंगल के मीन राशि में गोचर की तिथि और समय।

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मंगल का मीन राशि में गोचर: तिथि और समय 

मंगल देव 02 अप्रैल 2026 की शाम 05 बजकर 27 मिनट पर शनि देव की राशि कुंभ से निकलकर अपने मित्र ग्रह बृहस्पति की राशि मीन में प्रवेश करेंगे। यह गोचर खास माना जा रहा है क्योंकि यहां मंगल को गुरु का सहयोग प्राप्त होगा, जिससे ऊर्जा को सही दिशा मिल सकती है। 

मंगल मीन राशि में 11 मई  2026 की दोपहर 12 बजकर 50 मिनट तक विराजमान रहेंगे। इस अवधि के दौरान सभी 12 राशियों के जीवन में साहस, निर्णय क्षमता, करियर और व्यक्तिगत संबंधों से जुड़े महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिल सकते हैं।

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वैदिक ज्योतिष में मंगल ग्रह का महत्व

वैदिक ज्योतिष में मंगल ग्रह को शक्ति, साहस, पराक्रम और ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है। इसे ग्रहों का सेनापति कहा जाता है, क्योंकि यह व्यक्ति को संघर्ष करने और चुनौतियों का सामना करने की क्षमता देता है। मंगल आत्मविश्वास, दृढ़ निश्चय और नेतृत्व क्षमता को मजबूत करता है। यह भूमि, भवन, संपत्ति, भाई-बहन, सेना, पुलिस, खेल, इंजीनियरिंग और तकनीकी क्षेत्रों का कारक ग्रह है। यदि जन्म कुंडली में मंगल मजबूत और शुभ स्थिति में हो तो व्यक्ति निडर, मेहनती और लक्ष्य प्राप्ति के लिए तत्पर रहता है। ऐसे लोग जोखिम लेने से नहीं घबराते और जीवन में तेजी से आगे बढ़ते हैं। 

वहीं यदि मंगल अशुभ या कमजोर हो, तो गुस्सा, विवाद, चोट या दुर्घटनाओं की संभावना बढ़ सकती है। मंगल का विवाह और दांपत्य जीवन से भी विशेष संबंध है। कुछ भावों में इसकी स्थिति होने पर मांगलिक दोष माना जाता है, जो वैवाहिक जीवन में देरी या उतार-चढ़ाव ला सकता है। कुल मिलाकर मंगल ग्रह जीवन में ऊर्जा, साहस और कर्मशीलता का संचार करता है तथा यह तय करता है कि व्यक्ति चुनौतियों का सामना किस तरह करेगा।

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मंगल का मीन राशि में गोचर: विशेषता

मीन राशि में मंगल का गोचर एक खास और दिलचस्प स्थिति बनाता है, क्योंकि मंगल अग्नि तत्व का ग्रह है और मीन जल तत्व की भावनात्मक व आध्यात्मिक राशि है। ऐसे में यहां मंगल की ऊर्जा थोड़ी शांत, संवेदनशील और कल्पनाशील रूप ले लेती है। यह स्थिति व्यक्ति को केवल जोश में काम करने के बजाय सोच-समझकर और भावनाओं को समझते हुए कदम उठाने की प्रेरणा देती है। 

मीन राशि में मंगल होने पर साहस के साथ-साथ दया, करुणा और आध्यात्मिक झुकाव भी बढ़ सकता है। व्यक्ति अपने लक्ष्य को पाने के लिए सीधे टकराव की बजाय समझदारी और रणनीति का रास्ता अपनाता है। यह स्थिति रचनात्मक कार्यों, शोध, आध्यात्मिक साधना, सामाजिक सेव और कला से जुड़े क्षेत्रों के लिए अनुकूल मानी जाती है। हालांकि, कभी-कभी यहाँ मंगल निर्णय लेने में थोड़ी उलझन या भावनात्मक उतार-चढ़ाव भी दे सकता है। इसलिए इस समय जल्दबाज़ी या भ्रम से बचना जरूरी होता है। कुल मिलाकर, मीन राशि में मंगल ऊर्जा को संवेदनशीलता और आध्यात्मिकता के साथ जोड़कर कार्य करने की शक्ति देता है।

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12 भावों में मंगल ग्रह का किस प्रकार के फल देता है?

पहला भाव

पहले भाव में मंगल व्यक्ति को साहसी, ऊर्जावान और आत्मविश्वासी बनाता है। ऐसा व्यक्ति नेतृत्व क्षमता वाला, स्पष्टवादी और तेज स्वभाव का होता है। कभी-कभी जल्दबाज़ी और गुस्सा भी दिखाई दे सकता है।

दूसरा भाव

दूसरे भाव में मंगल वाणी को कठोर बना सकता है, जिससे पारिवारिक विवाद की संभावना रहती है। धन कमाने की क्षमता मजबूत होती है, पर खर्च भी अधिक हो सकता है।

तीसरा भाव

तीसरे भाव में मंगल पराक्रम, हिम्मत और जोखिम लेने की क्षमता बढ़ाता है। व्यक्ति साहसी और कर्मठ होता है। भाई-बहनों से संबंध में उतार-चढ़ाव संभव है, पर प्रतिस्पर्धा में सफलता मिलती है।

चौथा भाव

चौथे भाव में मंगल भूमि, मकान और वाहन का सुख दे सकता है। घर में ऊर्जा अधिक रहती है, लेकिन कभी-कभी घरेलू अशांति या माता से मतभेद संभव है।

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पांचवां भाव

पांचवें भाव में मंगल प्रेम संबंधों में तीव्रता और उत्साह देता है। बुद्धि तेज होती है, पर संतान पक्ष में चिंता या देरी की स्थिति बन सकती है।

छठा भाव

छठे भाव में मंगल चुनौतियां दे सकता है। रिश्तों में मतभेद या स्वास्थ्य संबंधी छोटी परेशानियां संभव हैं।

सातवां भाव

सातवें भाव में मंगल वैवाहिक जीवन में तकरार या तनाव की स्थिति बना सकता है। जीवनसाथी ऊर्जावान और प्रभावशाली हो सकता है। व्यापारिक साझेदारी में सावधानी जरूरी है।

आठवां भाव

आठवें भाव में मंगल अचानक घटनाओं और उतार-चढ़ाव का संकेत देता है। दुर्घटना या जोखिम से सावधानी रखनी चाहिए। व्यक्ति को गूढ़ विषयों में रुचि हो सकती है।

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नौवां भाव

नौवें भाव में मंगल भाग्य को कर्म के माध्यम से मजबूत करता है। पिता या गुरु से विचारों में मतभेद संभव है। धार्मिक और साहसिक यात्राओं का योग बनता है।

दसवां भाव

दसवें भाव में मंगल करियर में ऊंचा पद और प्रशासनिक क्षमता देता है। व्यक्ति मेहनती और प्रभावशाली होता है। पुलिस, सेना, इंजीनियरिंग या तकनीकी क्षेत्र में सफलता मिल सकती है।

ग्यारहवां भाव

ग्यारहवें भाव में मंगल आय के नए स्रोत बनाता है। मित्रों से लाभ और इच्छाओं की पूर्ति के अवसर मिलते हैं।

बारहवां भाव

बारहवें भाव में मंगल खर्च बढ़ा सकता है और विदेश से जुड़ी संभावनाएं देता है। गुप्त शत्रुओं से सावधानी रखनी चाहिए। आध्यात्मिक झुकाव भी बढ़ सकता है।

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मंगल का मीन राशि में गोचर: राशि अनुसार प्रभाव और उपाय 

मेष राशि

इस अवधि में स्वास्थ्य को लेकर सावधानी आवश्यक होगी, विशेष रूप से रक्त से जुड़ी समस्याओं या थकान की शिकायत(विस्तार से पढ़ें)

वृषभ राशि

आर्थिक स्थिति में सुधार और आय के नए स्रोत बनने की संभावना है, विशेष रूप से विदेशों(विस्तार से पढ़ें)  

मिथुन राशि

नौकरीपेशा लोगों को पद, अधिकार और प्रतिष्ठा में वृद्धि मिल सकती है। कार्यस्थल पर आपका अनुशासित और प्रभावशाली व्यक्तित्व सभी को प्रभावित करेगा और आपकी मेहनत की(विस्तार से पढ़ें)

कर्क राशि

इस समय भाग्य आपका पूरा साथ देगा और रुके हुए कार्य गति पकड़ेंगे। उच्च शिक्षा और विदेश जाने(विस्तार से पढ़ें)

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सिंह राशि

स्वास्थ्य संबंधी सावधानी बेहद जरूरी होगी। स्वयं और पिता के स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान दें, खासकर रक्त से जुड़ी समस्याओं की संभावना(विस्तार से पढ़ें)

कन्या राशि

इस दौरान क्रोध और उत्तेजना बढ़ने से वैवाहिक जीवन प्रभावित हो सकता है। जीवनसाथी की सेहत का विशेष ध्यान रखें और संवाद में(विस्तार से पढ़ें)  

तुला राशि

 खर्च और नुकसान की स्थिति बन सकती है, लेकिन कठिन परिश्रम और समर्पण के बल पर आप अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने में सफल(विस्तार से पढ़ें)

वृश्चिक राशि

 एक ओर जहां आपके भीतर नए विचारों की भरमार होगी, वहीं दूसरी ओर उन विचारों को अमल में लाने का साहस और आत्मविश्वास भी आपको मिलेगा(विस्तार से पढ़ें)  

धनु राशि

यदि आप लंबे समय से किसी प्रॉपर्टी को बेचने या नई जमीन, मकान या वाहन खरीदने की योजना बना रहे थे, तो यह गोचर आपके लिए अनुकूल सिद्ध हो सकता है(विस्तार से पढ़ें) 

मकर राशि

इस गोचर के प्रभाव से आपके भीतर छिपी हुई वीरता और आत्मविश्वास जागृत होगा और आप उन चुनौतियों का डटकर सामना करने में सक्षम होंगे, जो(विस्तार से पढ़ें) 

कुंभ राशि

इसके साथ ही यह तथ्य भी बेहद महत्वपूर्ण है कि मंगल आपकी कुंडली में करियर और कर्म क्षेत्र से जुड़े दशम भाव का भी स्वामी है। यह गोचर आपको(विस्तार से पढ़ें)   

मीन राशि

इस समय आप स्वयं को भीतर से कुछ कमजोर, संवेदनशील और अस्थिर महसूस कर सकते हैं। छोटी-छोटी बातों पर भी मन में बेचैनी या चिड़चिड़ापन आ सकता है और अनजाने(विस्तार से पढ़ें)

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अक्‍सर पूछे जाने वाले प्रश्‍न

1. मंगल का मीन राशि में गोचर कब हो रहा है?

मंगल देव 02 अप्रैल 2026 को शाम 05:27 बजे कुंभ राशि से निकलकर मीन राशि में प्रवेश करेंगे और 11 मई 2026 दोपहर 12:50 बजे तक यहीं विराजमान रहेंगे।

2. मंगल का मीन राशि में गोचर क्यों महत्वपूर्ण माना जा रहा है?

मीन राशि गुरु (बृहस्पति) की राशि है और मंगल यहाँ मित्र ग्रह के प्रभाव में रहता है। इससे ऊर्जा को सकारात्मक दिशा मिलती है। यह गोचर साहस, भावनात्मक गहराई, आध्यात्मिकता और रणनीतिक सोच को बढ़ा सकता है।

3. किन क्षेत्रों पर इस गोचर का अधिक प्रभाव पड़ेगा?

इस अवधि में करियर, भूमि-भवन, प्रॉपर्टी, तकनीकी क्षेत्र, सेना, पुलिस, इंजीनियरिंग, खेल, प्रेम संबंध और आर्थिक निर्णयों पर विशेष प्रभाव देखने को मिल सकता है।

जानें कब है चैत्र पूर्णिमा व्रत 2026?

चैत्र पूर्णिमा व्रत 2026: तिथि, शुभ मुहूर्त और करें ये अचूक उपाय, मिलेगा अक्षय पुण्य फल!

चैत्र पूर्णिमा व्रत 2026: सनातन धर्म में चैत्र मास को वर्ष का अत्यंत पवित्र और आध्यात्मिक दृष्टि से जाग्रत करने वाला महीना माना जाता है। यह वही समय होता है जब प्रकृति भी नव ऊर्जा के साथ खिल उठती है और वातावरण में सकारात्मकता का संचार होने लगता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार यह महीना पूर्ण रूप से आदि शक्ति मां दुर्गा को समर्पित होता है। इस दौरान भक्तजन प्रतिदिन जगत जननी मां दुर्गा की आराधना करते हैं और विशेष रूप से चैत्र नवरात्र के नौ दिनों में विधि-विधान से व्रत एवं पूजन करते हैं।

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माना जाता है कि सच्ची श्रद्धा और भक्ति से की गई आराधना साधक को अमोघ, अक्षय और दिव्य फल प्रदान करती है। चैत्र मास केवल नवरात्र तक ही सीमित नहीं है, बल्कि इसमें आने वाली भूतड़ी अमावस्या और चैत्र पूर्णिमा का भी विशेष महत्व है। इन पावन तिथियों पर गंगा स्नान, दान-पुण्य और जप-तप करने से व्यक्ति के पाप क्षीण होते हैं और जीवन में सुख-समृद्धि का आगमन होता है। 

इसी चैत्र पूर्णिमा के शुभ अवसर पर पवन पुत्र हनुमान जयंती भी मनाई जाती है, जो भक्तों के लिए अत्यंत उत्साह और भक्ति का पर्व होता है। इस प्रकार चैत्र मास आध्यात्मिक उन्नति, आत्मशुद्धि और ईश्वरीय कृपा प्राप्त करने का स्वर्णिम अवसर माना जाता है। आइए जानते हैं, इस साल कब रखा जाएगा चैत्र पूर्णिमा का व्रत।

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चैत्र पूर्णिमा व्रत 2026: तिथि व मुहूर्त

हिंदू पंचांग के अनुसार, इस साल चैत्र पूर्णिमा का व्रत 02 अप्रैल, 2026 गुरुवार के दिन रखा जाएगा।

पूर्णिमा आरम्भ: अप्रैल 1, 2026 की सुबह  07 बजकर 08 मिनट से 

पूर्णिमा समाप्त: अप्रैल 2, 2026 की सुबह 07 बजकर 44 मिनट तक

चैत्र पूर्णिमा व्रत 2026 का महत्व

चैत्र मास की पूर्णिमा तिथि को अत्यंत शुभ और पुण्यदायी माना जाता है। यह दिन आध्यात्मिक साधना, स्नान-दान और व्रत के लिए विशेष फलदायी होता है। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन पवित्र नदियों, विशेषकर गंगा में स्नान करने से पापों का क्षय होता है और जीवन में सुख-समृद्धि का आगमन होता है। जो व्यक्ति श्रद्धा और नियमपूर्वक चैत्र पूर्णिमा का व्रत रखता है, उसे मानसिक शांति, सकारात्मक ऊर्जा और आत्मबल की प्राप्ति होती है।

चैत्र पूर्णिमा का संबंध दान-पुण्य और तपस्या से भी जुड़ा है। इस दिन जरूरतमंदों को अन्न वस्त्र और जल का दान करना अत्यंत शुभ माना गया है। साथ ही जप-तप, भगवान विष्णु और चंद्रदेव की पूजा तथा कथा श्रवण करने से विशेष पुण्य फल मिलता है। इसी दिन कई स्थानों पर हनुमान जयंती भी श्रद्धा से मनाई जाती है, जिससे इस तिथि का महत्व और अधिक बढ़ जाता है। कुल मिलाकर, चैत्र पूर्णिमा व्रत आत्मशुद्धि, सौभाग्य वृद्धि और आध्यात्मिक उन्नति का उत्तम अवसर माना जाता है।

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चैत्र पूर्णिमा व्रत 2026 की पूजा विधि

  • सुबह ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें। यदि संभव हो तो किसी पवित्र नदी या घर में गंगाजल मिलाकर स्नान करें। स्नान के बाद स्वच्छ या हल्के रंग के वस्त्र धारण करें और व्रत का संकल्प लें।
  • घर के मंदिर या साफ स्थान पर चौकी बिछाकर भगवान विष्णु, लक्ष्मी जी तथा चंद्रदेव का चित्र या प्रतिमा स्थापित करें। कुछ स्थानों पर इस दिन हनुमान जयंती भी मनाई जाती है, इसलिए हनुमान जी की पूजा भी की जाती है।
  • भगवान को रोली, अक्षत, पीले या सफेद फूल, धूप, दीप और नैवेद्य (खीर, फल या मिष्ठान) अर्पित करें। चंद्रदेव को कच्चा दूध, जल और शक्कर अर्पित करना शुभ माना जाता है।
  • विष्णु सहस्रनाम, सत्यनारायण कथा या पूर्णिमा व्रत कथा का पाठ करें। “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” मंत्र का 108 बार जप करना अत्यंत फलदायी माना जाता है।
  • दिनभर श्रद्धा अनुसार व्रत रखें। सायंकाल चंद्रमा के दर्शन कर अर्घ्य दें और व्रत खोलें। इस दिन अन्न, जल, वस्त्र या धन का दान करना बहुत शुभ माना जाता है।
  • पूजा के अंत में दीप जलाकर आरती करें और परिवार की सुख-शांति, स्वास्थ्य एवं समृद्धि की प्रार्थना करें।

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चैत्र पूर्णिमा व्रत 2026 पर क्या करें क्या न करें

क्या करें

  • ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें। संभव हो तो गंगाजल मिलाकर स्नान करें।
  • दिनभर श्रद्धा अनुसार व्रत रखें और भगवान विष्णु का ध्यान करें।
  • भगवान विष्णु, माता लक्ष्मी और चंद्रदेव की विधि-विधान से पूजा करें। कुछ स्थानों पर इस दिन हनुमान जयंती भी मनाई जाती है, इसलिए हनुमान जी की पूजा भी की जाती है।
  • “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” मंत्र का जप करें तथा सत्यनारायण कथा या पूर्णिमा व्रत कथा सुनें।
  • अन्न, वस्त्र, जल, फल या धन का दान करना अत्यंत शुभ माना जाता है।
  • शाम को चंद्र दर्शन कर दूध मिश्रित जल से अर्घ्य दें।
  • पूरे दिन संयम, शांति और सेवा भाव बनाए रखें।

क्या न करें

  • तामसिक भोजन (मांस, मदिरा, लहसुन-प्याज) का सेवन न करें।
  • क्रोध, विवाद और अपशब्दों से दूर रहें।
  • किसी का अपमान या छल-कपट न करें।
  • पूजा के समय मन में नकारात्मक विचार न लाएं।
  • व्रत के नियमों का अनादर न करें।

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चैत्र पूर्णिमा व्रत 2026 के दिन करें अचूक उपाय

गंगा स्नान या पवित्र स्नान

यदि संभव हो तो पवित्र नदी में स्नान करें। अन्यथा घर में स्नान के जल में गंगाजल मिलाएं। स्नान के बाद सूर्य अर्घ्य दें। इससे नकारात्मकता दूर होती है और पुण्य फल की प्राप्ति होती है।

चंद्रमा को अर्घ्य

शाम को चंद्रमा के दर्शन कर कच्चे दूध, जल और शक्कर मिलाकर अर्घ्य दें। इससे मानसिक शांति और चंद्र दोष में कमी आती है।

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108 मंत्र का जाप

 “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” मंत्र का 108 बार जप करें। यह मंत्र भगवान विष्णु की कृपा पाने और जीवन की बाधाएं दूर करने में सहायक माना जाता है।

अन्न और जल का दान 

इस दिन अन्न, चावल, खीर, वस्त्र या जल का दान करना अत्यंत शुभ माना गया है। इससे घर में धन-धान्य की वृद्धि होती है।

पीपल वृक्ष की पूजा

पीपल के वृक्ष के नीचे दीपक जलाएं और भगवान विष्णु का स्मरण करें। यह उपाय सुख-समृद्धि और पितृ दोष शांति के लिए लाभकारी माना जाता है।

विशेष हनुमान पूजन 

कई स्थानों पर चैत्र पूर्णिमा के दिन हनुमान जयंती भी मनाई जाती है। इस अवसर पर हनुमान चालीसा का 7 या 11 बार पाठ करना अत्यंत फलदायी माना जाता है। 

घर की शांति के लिए 

घर में शाम को घी का दीपक जलाएं और पूरे परिवार के साथ आरती करें। इससे सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

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अक्‍सर पूछे जाने वाले प्रश्‍न

1. चैत्र पूर्णिमा व्रत 2026 कब रखा जाएगा?

हिंदू पंचांग के अनुसार चैत्र पूर्णिमा व्रत 02 अप्रैल 2026, गुरुवार को रखा जाएगा।

2. चैत्र पूर्णिमा व्रत क्यों रखा जाता है?

यह व्रत आत्मशुद्धि, मानसिक शांति और पुण्य प्राप्ति के लिए रखा जाता है।

3. चैत्र पूर्णिमा के दिन किसकी पूजा की जाती है?

इस दिन भगवान विष्णु, माता लक्ष्मी और चंद्रदेव की पूजा की जाती है। कई स्थानों पर इसी दिन हनुमान जयंती भी मनाई जाती है, इसलिए हनुमान जी की आराधना भी की जाती है।

देखें अप्रैल 2026 में व्रत-त्‍योहारों की सही तिथि!

अप्रैल 2026 मासिक राशिफल: हनुमान जयंती से होगी इस महीने की शुरुआत!

अप्रैल 2026 मासिक राशिफल: ग्रेगोरियन कैलेंडर में अप्रैल के महीने को चौथा स्‍थान मिला है। इस महीने में अक्षय तृतीया जैसा पवित्र त्‍योहार आता है और कभी-कभी अप्रैल में रामनवमी और चैत्र नवरात्रि भी आते हैं। इस वजह से ज्‍योतिषीय दृष्टि से अप्रैल मास का महत्‍व बहुत अधिक बढ़ जाता है।

वित्तीय और मौसम की दृष्टि से ही नहीं बल्कि ज्‍योतिषीय पहलू से भी अप्रैल का महीना बहुत खास होता है। यह मास हमारे जीवन में ग्रहों की शक्‍तियों और उनकी गतियों के ज़रिए गहरा प्रभाव डालता है। इस मास में सूर्य मेष राशि में गोचर करते हैं, मंगल और शुक्र की गति एवं बृहस्‍पति की ऊर्जा हमारे जीवन में बदलाव और संतुलन का मार्ग प्रशस्‍त करती है।

इतना ही नहीं अप्रैल का महीना कई मायनों में ख़ास होता है क्योंकि जहां एक तरफ अप्रैल से बच्चों के स्कूल की शुरुआत होती है, तो वहीं 1 अप्रैल से ही नया वित्तीय वर्ष भी शुरू हो जाता है। इन सब बातों को ध्यान में रखते हुए और नए मास को लेकर आपके मन में उठने वाले सभी सवालों का जवाब देने के लिए एस्ट्रोसेज एआई “अप्रैल 2026” का यह इस ख़ास मासिक ब्लॉग आपके लिए लेकर आया है।

इस ब्लॉग के माध्यम से हम आपको अप्रैल महीने से जुड़ी महत्वपूर्ण बातों के बारे में अवगत कराएंगे। इस माह में आने वाले व्रत, त्योहारों और कब-कब सार्वजनिक अवकाश हैं? इस बारे में भी आपको बताएंगे। तो आइए बिना देर किए शुरुआत करते हैं इस ब्लॉग की और जानते हैं कि अप्रैल का महीना क्या लेकर आएगा आपके लिए।

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भविष्य से जुड़ी किसी भी समस्या का समाधान मिलेगा विद्वान ज्योतिषियों से बात करके

अप्रैल 2026 मासिक राशिफल: ज्योतिषीय तथ्य और हिंदू पंचांग की गणना 

हिंदू पंचांग के अनुसार, उत्तरा फाल्‍गुनी नक्षत्र में शुक्‍ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि से अप्रैल मास की शुरुआत हो रही है और इसका समापन चित्रा नक्षत्र के अंतर्गत शुक्‍ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि अर्थात 30 अप्रैल 2026 को होगा।

अप्रैल 2026 मासिक राशिफल: मौसम

मौसम की बात करें, तो अप्रैल के दौरान उत्तर भारत में तापमान 26 से 34 डिग्री के आसपास होता है। इस मास से भीषण गर्मी की शुरुआत होती है। यह वसंत ऋतु का आखिरी चरण होता है और ग्रीष्‍म ऋतु की यहां से शुरुआत होती है। इस दौरान आसमान साफ रहता है और हल्‍की हवाओं के साथ दिन गर्म रहता है। उत्तर भारत में अप्रैल के दौरान तेज गर्मी देखने को मिलती है। पर्यटन वाले राज्‍यों या इलाकों में भीषण गर्मी के कारण इसे ‘ऑफ सीज़न’ कहा जाता है।

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अप्रैल पर मेष राशि का प्रभाव

चूंकि, अप्रैल 2026 में सूर्य का मेष राशि में गोचर होता है इसलिए इस मास पर मेष राशि का अधिक प्रभाव देखा जाता है। मंगल की राशि मेष जोश, नई शुरुआत, साहस और ऊर्जा का कारक है। इस दौरान व्‍यक्‍ति ज्‍यादा सक्रिय, प्रेरित और आत्‍मविश्‍वास से भरपूर नज़र आता है। इस दौरान करियर में सफलता मिलने, सही निर्णय लेने और नए अवसर मिलने की संभावना बढ़ जाती है।

अप्रैल 2026 मासिक राशिफल: सार्वजनिक अवकाश

तिथिदिनअवकाशराज्य
01 अप्रैल 2026बुधवारउड़ीसा दिवसउड़ीसा
03 अप्रैल 2026शुक्रवारगुड फ्राइडेराष्ट्रीय अवकाश (हरियाणा और जम्मू-कश्मीर राज्य को छोड़कर)
04 अप्रैल 2026शनिवारईस्टर सैटरडेनागालैंड
05 अप्रैल 2026रविवारबाबू जगजीवन राम जयंतीआंध्र प्रदेश और तेलंगाना
05 अप्रैल 2026रविवारईस्टर रविवार केरल और नागालैंड
14 अप्रैल 2026मंगलवारबैसाखीचंडीगढ़, जम्मू-कश्मीर और पंजाब
14 अप्रैल 2026मंगलवारबीजू महोत्सवत्रिपुरा
14 अप्रैल 2026मंगलवारडॉ. अम्बेडकर जयंतीराष्ट्रीय अवकाश (अंडमान-निकोबार, अरुणाचल प्रदेश, असम, दादरा और नगर हवेली, दमन और दीव, दिल्ली, लक्षद्वीप, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड और त्रिपुरा को छोड़कर)
14 अप्रैल 2026मंगलवारतमिल नव वर्षपुडुचेरी और तमिलनाडु
14 अप्रैल 2026मंगलवारविषुकेरल
14 अप्रैल 2026मंगलवारमहा विशुबा संक्रांतिउड़ीसा
14 अप्रैल 2026मंगलवारबोहाग बिहूअसम
14 अप्रैल 2026मंगलवारचेइरोबा मणिपुर
15 अप्रैल 2026बुधवारबोहाग बिहूअरुणाचल प्रदेश
15 अप्रैल 2026बुधवारबोहाग बिहू अवकाशअसम
15 अप्रैल 2026बुधवारबंगाली नव वर्षत्रिपुरा और पश्चिम बंगाल 
15 अप्रैल 2026बुधवारहिमाचल दिवसहिमाचल प्रदेश
19 अप्रैल 2026रविवारमहर्षि परशुराम जयंतीगुजरात, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, मध्य प्रदेश और राजस्थान
20 अप्रैल 2026सोमवारबसव जयंतीकर्नाटक
21 अप्रैल 2026मंगलवारगरिया पूजात्रिपुरा

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अप्रैल 2026 मासिक राशिफल: विवाह मुहूर्त

दिनांक दिननक्षत्रतिथिमुहूर्त का समय
02 अप्रैल 2026गुरुवारपूर्वाफाल्गुनी, मघाअष्टमीदोपहर 01 बजकर 33 मिनट से दोपहर 2 बजकर 30 मिनट तक
3 अप्रैल 2026शुक्रवारउत्तराफाल्गुनीदशमीशाम 05 बजकर 25 मिनट से 04 अप्रैल की सुबह 06 बजकर 47 मिनट तक
04 अप्रैल 2026शनिवारउत्तराफाल्गुनी, हस्तदशमी, एकादशीसुबह 06 बजकर 47 मिनट से 05 अप्रैल की सुबह 03 बजकर 37 मिनट तक
06 अप्रैल 2026सोमवारस्वाति द्वादशी,त्रयोदशीदोपहर 01 बजकर 27 मिनट से अगली सुबह 1 बजकर 04 मिनट तक
08 अप्रैल 2026बुधवारअनुराधा चतुर्थी दोपहर 03 बजकर 29 मिनट से रात 10 बजकर 12 मिनट तक
09 अप्रैल 2026गुरुवारअनुराधा पूर्णिमासुबह 10 बजकर 43 मिनट से शाम 05 बजकर 11 मिनट तक 
10 अप्रैल 2026शुक्रवारमूलद्वितीयामध्यरात्रि 01 बजकर 58 मिनट से 11 अप्रैल की सुबह 06 बजकर 40 मिनट तक
11 अप्रैल 2026शनिवारमूलद्वितीयासुबह 06 बजकर 40 मिनट से रात 09 बजकर 53 मिनट तक
12 अप्रैल 2026रविवारउत्तराषाढ़ाचतुर्थीसुबह 05 बजकर 21 मिनट से अगली सुबह 06 बजकर 38 मिनट तक
13 अप्रैल 2026सोमवारउत्तराषाढ़ाचतुर्थीसुबह 06 बजकर 38 मिनट से 14 अप्रैल की सुबह 03 बजकर 51 मिनट तक
18 अप्रैल 2026शनिवारउत्तराभाद्रपदअष्टमी, नवमीदोपहर 02 बजकर 27 मिनट से 19 अप्रैल का सुबह 06 बजकर 33 मिनट तक
19 अप्रैल 2026रविवारउत्तराभाद्रपद, रेवतीनवमी, दशमी06 बजकर 33 मिनट 20 अप्रैल की सुबह 04 बजकर 30 मिनट तक
21 अप्रैल 2026मंगलवारउत्तराषाढ़ाअष्टमीसुबह 06 बजकर 04 मिनट से दोपहर 12 बजकर 36 मिनट तक
29 अप्रैल 2026बुधवारमघाषष्ठीशाम 05 बजकर 42 मिनट से रात 09 बजे तक

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अप्रैल 2026 मासिक राशिफल: हिंदू व्रत-त्योहार

तिथिदिनव्रत एवं त्योहार  
02 अप्रैल 2026 गुरुवारहनुमान जयंती
02 अप्रैल 2026गुरुवारचैत्र पूर्णिमा व्रत
05 अप्रैल 2026रविवारसंकष्टी चतुर्थी
13 अप्रैल 2026सोमवारवरुथिनी एकादशी
14 अप्रैल 2026मंगलवारमेष संक्रांति
15 अप्रैल 2026बुधवारमासिक शिवरात्रि
15 अप्रैल 2026बुधवारप्रदोष व्रत (कृष्ण)
17 अप्रैल 2026शुक्रवारवैशाख अमावस्या
19 अप्रैल 2026रविवारअक्षय तृतीया
27 अप्रैल 2026सोमवारमोहिनी एकादशी
28 अप्रैल 2026मंगलवारप्रदोष व्रत (शुक्ल)

अप्रैल 2026 मासिक राशिफल: महत्‍वपूर्ण व्रत एवं त्‍योहार का म‍हत्‍व

हनुमान जन्‍मोत्‍सव: 02 अप्रैल को हनुमान जयंती मनाई जाएगी। हनुमान जी के जन्‍मोत्‍सव के रूप में इस पर्व को मनाया जाता है। मान्‍यता है कि इस दिन पवन पुत्र हनुमान जी का जन्‍म हुआ था। उत्तर भारत में चैत्र मास की पूर्णिमा को हनुमान जयंती मनाते हैं।

संकष्‍टी चतुर्थी: 05 अप्रैल को संकष्‍टी चतुर्थी है। इस दिन भगवान गणेश का पूजन किया जाता है। इससे भक्‍तों के सारे कष्‍ट और संकट दूर हो जाते हैं। जीवन में सुख-समृद्धि, संतान और सफलता पाने के लिए संकष्‍टी चतुर्थी का व्रत कर सकते हैं।

चैत्र पूर्णिमा व्रत: चैत्र मास में आने वाली पूर्ण‍िमा को चैत्र पूर्णिमा के नाम से जाना जाता है। इस दिन व्रत रखने से घर में सुख-समृद्धि और संपन्‍नता आती है। इस बार 02 अप्रैल, 2026 को चैत्र पूर्णिमा व्रत है।

वरुथिनी एकादशी: वैशाख मास की कृष्‍ण पक्ष की एकादशी को वरुथिनी एकादशी के नाम से जाना जाता है।  इस दिन भगवान विष्‍णु की उपासना एवं व्रत किया जाता है। मान्‍यता है कि जो भी व्‍यक्‍ति इस एकादशी पर व्रत रखता है, उसके सारे दुख और कष्‍ट दूर हो जाते हैं और उसे मोक्ष की प्राप्‍ति होती है।

मेष संक्रांति: 14 अप्रैल को सूर्य ग्रह मेष राशि में गोचर करेंगे जिसे मेष संक्रांति के रूप में मनाया जाएगा। इस दिन सूर्य देव की उपासना की जाती है।

वैशाख अमावस्‍या: 17 अप्रैल को वैशाख अमावस्या है। यह हिंदू वर्ष का दूसरा महीना है। अमावस्‍या तिथि पर पितरों के लिए तर्पण करने का बहुत महत्‍व है।

अक्षय तृतीया: 19 अप्रैल को अक्षय तृतीया का पर्व मनाया जाएगा। हर साल वैशाख मास की शुक्‍ल पक्ष की तृतीया तिथि को अक्षय तृतीया पड़ती है। इस दिन खरीदारी और दान पुण्‍य करने का बहुत महत्‍व है।

मोहिनी एकादशी: 27 अप्रैल, 2026 को मोहिनी एकादशी का व्रत रखा जाएगा। इस व्रत को करने से कई जन्‍मों के पाप कर्मों से मुक्‍ति मिल जाती है।

आज का गोचर

अप्रैल 2026 मासिक राशिफल: विद्यारंभ मुहूर्त 2026

तारीखवारशुभ मुहूर्त का समय
1 अप्रैल 2026बुधवारसुबह 06:56 से 09:42, दोपहर 11:16 से शाम 04:48
3 अप्रैल 2026शुक्रवारसुबह 06:53 से 09:39, दोपहर 11:13 से शाम 04:45
6 अप्रैल 2026सोमवारसुबह 06:49 से 09:35, दोपहर 11:09 से शाम 04:41
8 अप्रैल 2026बुधवारसुबह 06:47 से 09:33, दोपहर 11:07 से शाम 04:39
10 अप्रैल 2026शुक्रवारसुबह 06:44 से 09:30, दोपहर 11:04 से शाम 04:37
15 अप्रैल 2026बुधवारसुबह 06:38 से 09:24, दोपहर 10:58 से शाम 04:31
17 अप्रैल 2026शुक्रवारसुबह 06:36 से 09:22, दोपहर 10:56 से शाम 04:29
20 अप्रैल 2026सोमवारसुबह 06:32 से 09:18, दोपहर 10:52 से शाम 04:25
22 अप्रैल 2026बुधवारसुबह 06:30 से 09:16, दोपहर 10:50 से शाम 04:23
24 अप्रैल 2026शुक्रवारसुबह 06:27 से 09:13, दोपहर 10:47 से शाम 04:21
29 अप्रैल 2026बुधवारसुबह 06:21 से 09:07, दोपहर 10:41 से शाम 04:15

अप्रैल 2026 मासिक राशिफल: अन्नप्राशन मुहूर्त 2026

तिथिदिनसमय 
20 अप्रैलसोमवार04:35 AM – 07:28 AM
21 अप्रैलमंगलवार04:15 AM – 04:58 AM
26 अप्रैलरविवार04:53 AM – 08:27 PM
27 अप्रैलसोमवार09:18 PM – 09:35 PM
29 अप्रैलबुधवार04:51 AM – 07:52 PM

उपनयन मुहूर्त

अप्रैल2/4/202608:53 – 10:49, 13:03 – 18:08
3/4/202607:14 – 13:00, 15:20 – 19:53
4/4/202607:10 – 10:41
6/4/202617:25 – 19:42
20/4/202607:42 – 09:38

नए वर्ष की भविष्यवाणी प्राप्त करें वार्षिक कुंडली 2026 से 

अप्रैल 2026 मासिक राशिफल: नामकरण मुहूर्त 2026 

वारतिथिआरंभ कालसमाप्ति काल
बुधवार01 अप्रैल07:08:4930:11:55
गुरुवार02 अप्रैल06:10:4530:10:45
शुक्रवार03 अप्रैल06:09:3830:09:37
सोमवार06 अप्रैल14:13:5626:57:35
शुक्रवार10 अप्रैल11:28:3123:18:37
रविवार12 अप्रैल05:59:3215:14:40
सोमवार13 अप्रैल16:04:2429:58:27
बुधवार15 अप्रैल15:23:3222:34:07
शुक्रवार17 अप्रैल17:24:0229:54:14
गुरुवार23 अप्रैल20:58:2229:48:11
शुक्रवार24 अप्रैल05:47:1219:24:28
सोमवार27 अप्रैल21:19:0229:44:24
बुधवार29 अप्रैल05:42:3519:54:13

अप्रैल 2026 मासिक राशिफल: कर्णवेध मुहूर्त 2026

तारीखसमय
2 अप्रैल 202607:18-10:49, 13:03-18:08
3 अप्रैल 202607:14-13:00, 15:20-19:53
6 अप्रैल 202617:25-19:42
12 अप्रैल 202606:39-10:09, 12:24-14:44
13 अप्रैल 202606:35-12:20, 14:41-16:58
18 अप्रैल 202606:24-07:50, 09:46-12:01
23 अप्रैल 202607:31-11:41, 14:01-18:35
24 अप्रैल 202609:22-13:57, 16:15-18:31
29 अप्रैल 202607:07-09:03, 11:17-18:11

अप्रैल 2026 मासिक राशिफल: मुंडन मुहूर्त

दिनांकआरंभ कालसमाप्ति काल
शुक्रवार, 03 अप्रैल08:45:1630:09:37
सोमवार, 13 अप्रैल05:58:2725:11:48
गुरुवार, 23 अप्रैल05:48:1120:52:05

अप्रैल 2026 मासिक राशिफल: ग्रहण और गोचर

मंगल का धनु राशि में गोचर: मंगल 02 अप्रैल 2026 की दोपहर 15:27 बजे कुंभ राशि से निकलकर अपने मित्र बृहस्पति की मीन राशि में गोचर करने जा रहे हैं।

बुध का मीन राशि में गोचर: बुध ग्रह 11 अप्रैल 2026 को रात्रि 00:57 मिनट पर कुंभ राशि से निकलकर बृहस्पति की मीन राशि में प्रवेश करेंगे।

सूर्य का मेष राशि में गोचर: 14 अप्रैल, सोमवार को प्रातः 9 बजकर 9 मिनट पर सूर्य मंगल की राशि मेष में प्रवेश करेंगे।

शुक्र का वृषभ राशि में गोचर: 19 अप्रैल 2026, रविवार को दोपहर 15:28 बजे शुक्र ग्रह अपनी स्वराशि वृषभ में प्रवेश करेंगे।

बुध का मेष राशि में गोचर: बुध ग्रह 30 अप्रैल 2026 की सुबह 06 बजकर 38 मिनट पर मेष राशि में गोचर करने जा रहे हैं।

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अप्रैल 2026 मासिक राशिफल: सभी 12 राशियों का भविष्‍यफल

मेष राशि 

अप्रैल 2026 मासिक राशिफल के अनुसार आपको  मंगल से संबंधित मामलों में सावधानी बरतने की आवश्यकता है। राहु के गोचर से आप अनुकूलता की उम्मीद रख सकते हैं।

करियर: इस समय आपके लिए भागदौड़ की अधिकता रह सकती है। आप अपनी उपलब्धियों को लेकर थोड़े से असंतुष्ट भी रह सकते हैं। व्यापार आदि के लिए यह महीना मिले-जुले परिणाम दे सकता है।

शिक्षा: घर से दूर रहकर पढ़ाई करने वाले विद्यार्थी कुछ हद तक अच्छा कर सकते हैं। मेहनती विद्यार्थी अपने लक्ष्य को प्राप्त कर सकेंगे और काफी हद तक संतुष्ट भी रहेंगे।

पारिवारिक जीवन: बड़ी पारिवारिक परेशानियां तो अभी जारी रह सकती हैं लेकिन 2 अप्रैल के बाद मंगल का नकारात्मक प्रभाव दूर होगा। आप अपने प्रयासों के अनुरूप अपने गृहस्थ जीवन को और बेहतर कर सकेंगे।

प्रेम और वैवाहिक जीवन: प्रेम संबंधों में कुछ परेशानियां देखने को मिल सकती हैं। सगाई या फिर विवाह से संबंधित बातों को आगे बढ़ाने के लिए यह महीना अनुकूल रहने वाला है।

आर्थिक जीवन: लाभ के दृष्टिकोण से महीना सामान्य तौर पर अच्छा तो वहीं बचत के दृष्टिकोण से महीना औसत रह सकता है।

स्वास्थ्य: स्वास्थ्य को लेकर पूरे महीने सचेत रहने की सलाह दी जाती है। वाहन इत्यादि सावधानी से चलाएं। इस महीने आपको स्वास्थ्य के मामले में विशेष जागरूक रहने की आवश्यकता है।

उपाय: माथे पर नियमित रूप से केसर का तिलक लगाएं।

 मेष राशिफल 2026

वृषभ राशि

अप्रैल 2026 मासिक राशिफल कहता है कि इस महीने 14 अप्रैल तक सूर्य ग्रह आपके लाभ भाव में रहेंगे। भले ही ये शनि की संगति में रहें लेकिन फिर भी सूर्य को अनुकूल परिणाम देने वाला माना जाएगा।

करियर: कार्यक्षेत्रमें अनुकूल परिणाम मिलने के बावजूद कुछ एक मामलों में अड़चने देखने को मिल सकती हैं। 11 अप्रैल के बाद का समय ज्यादा अच्छा रहेगा।

शिक्षा: व्यावसायिक शिक्षा प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को अच्छे परिणाम मिल सकते हैं। कड़ी मेहनत करने  वाले विद्यार्थी अनुकूल परिणाम प्राप्त कर पाएंगे।

पारिवारिक जीवन: पारिवारिक मामलों में छोटी-मोटी गलतफहमियां देखने को मिल सकती हैं। पारिवारिक मामलों में अपेक्षाकृत अधिक गंभीरतापूर्वक निर्णय लेने की आवश्यकता रहेगी।

प्रेम और वैवाहिक जीवन: किसी सहकर्मी से प्रेम होने की स्थिति में 11 अप्रैल से पहले वाला समय ज्यादा अच्छा कहा जाएगा। वैवाहिक जीवन में यह महीना आपको अनुकूल परिणाम दे सकता है।

आर्थिक जीवन: कुछ मामलों में छोटी-मोटी अड़चनें आ सकती हैं। बचत के मामले में भी महीना काफी हद तक अनुकूल परिणाम दे सकता है।

स्वास्थ्य: भागदौड़ की वजह से शारीरिक थकान रह सकती है। कोई बड़ी समस्या नहीं आएगी। इस पूरे महीने संयमित दिनचर्या अपनाने की आवश्यकता रहेगी।

उपाय: कन्याओं का पूजन कर उनका आशीर्वाद लें।

वृषभ राशिफल 2026

मिथुन राशि 

इस महीने सूर्य से अच्छी अनुकूलता मिलने की उम्मीद है। बृहस्पति आपको औसत स्‍तर के परिणाम दे सकते हैं। कुछ एक मामलों में कठिनाई के बाद कार्य सिद्धि की संभावना जरूर है।

करियर: कार्यक्षेत्र में आपका अनुभव, आपका तजुर्बा और बड़े बुजुर्गों का सहयोग आपके लिए हितकारी सिद्ध हो सकता है। व्यवसाय में इस महीने कोई बड़ा रिस्क लेना ठीक नहीं रहेगा।

शिक्षा: प्राथमिक शिक्षा प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को काफी अच्छे परिणाम मिल सकते हैं। कला और साहित्य के विद्यार्थियों को भी अच्छे परिणाम मिल सकते हैं।

पारिवारिक जीवन: परिजन एक दूसरे से भावनात्मक रूप से जुड़े रहेंगे। घर-गृहस्थी में कोई बड़ा नुकसान नज़र नहीं आ रहा है लेकिन छोटी-मोटी कठिनाईयां रहेंगी।

प्रेम और वैवाहिक जीवन: अप्रैल 2026 मासिक राशिफल के अनुसार प्रेम संबंधों में इस महीने अच्छी अनुकूलता देखने को मिलेगी। वैवाहिक जीवन में यह महीना औसत स्‍तर के परिणाम दे सकता है।

आर्थिक जीवन: आपको अपनी मेहनत के अनुरूप लाभ मिलने की संभावनाएं हैं। बचत की स्थिति में थोड़ा बहुत उतार-चढ़ाव आ सकता है। बचाया हुआ धन भी सामान्य तौर पर सार्थक मामलों में लगेगा।

स्वास्थ्य: आपको बहुत ज्यादा गरिष्ठ भोजन नहीं करना है। आपके कर्मों के अनुरूप ही इस महीने आपका स्वास्थ्य रहेगा। इस महीने स्वास्थ्य के मामले में कोई बड़ी परेशानी आती हुई प्रतीत नहीं हो रही है।

उपाय: नियमित रूप से मंदिर जाएं।

मिथुन राशिफल 2026

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कर्क राशि 

अप्रैल 2026 मासिक राशिफल के अनुसार आपको 14 अप्रैल से पहले मिले-जुले परिणाम मिल सकते हैं। बृहस्पति से किसी विशेष सपोर्ट की उम्मीद नज़र नहीं आ रही है।

करियर: आपको सूर्य के सहयोग से कुछ अच्छी उपलब्धियां मिल सकती हैं। बिज़नेस में इस महीने कोई रिस्क लेना ठीक नहीं रहेगा। नौकरीपेशा लोगों को भागदौड़ की अधिकता रह सकती है।

शिक्षा: प्राथमिक शिक्षा प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को मंगल के द्वारा औसत स्‍तर के परिणाम दिए जा सकते हैं। विदेश में रहकर पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों को भी अच्छे परिणाम मिल सकते हैं।

पारिवारिक जीवन: पारिवारिक मामलों में सावधानीपूर्वक निर्वाह करने की जरूरत रहेगी।

छोटी-छोटी बातों पर परिजन रूठने का काम कर सकते हैं।

प्रेम और वैवाहिक जीवन: प्रेम संबंधों को लेकर इस महीने लापरवाह नहीं होना है। छोटी-छोटी बातों पर गुस्सा नहीं होना है। छोटी-छोटी बातों पर विवाद नहीं करना है।

आर्थिक जीवन: लाभ के दृष्टिकोण से महीना मिलेजुले परिणाम दे सकता है। वहीं बचत के मामले में महीना थोड़ा सा कमजोर नज़र आ रहा है।

स्वास्थ्य: स्वास्थ्य को लेकर कोई बड़ी समस्या नज़र नहीं आ रही है। आपको पेट आदि से संबंधित कुछ परेशानियां हो सकती हैं। बेहतर होगा खान-पान संयमित रखें।

उपाय: गुड़ से बनी हुई मिठाईयां मंदिर में चढ़ाएं।

कर्क राशिफल 2026

सिंह राशि 

अप्रैल 2026 मासिक राशिफल के अनुसार आपको इस महीने मंगल से किसी विशेष सहयोग की उम्मीद नहीं रखनी चाहिए। बृहस्पति ग्रह से आप अनुकूल परिणाम की उम्मीद रख सकते हैं।

करियर: कार्यक्षेत्र के मामले में इस महीने सामान्य तौर पर आपको आपकी मेहनत के अनुरूप संतोषप्रद परिणाम मिल सकते हैं। इस महीने व्यापार व्यवसाय से संबंधित मामलों में कोई बड़ा रिस्क लेना ठीक नहीं रहेगा।

शिक्षा: कुछ कठिनाईयों के बाद शिक्षा के मामले में विशेषकर प्राथमिक शिक्षा के मामले में आप काफी अच्छा कर सकेंगे। उच्च शिक्षा वाले विद्यार्थी कड़ी मेहनत के लिए तैयार रहें।

पारिवारिक जीवन: परिवार में इस महीने सावधानीपूर्वक निर्वाह जरूरी रहेगा। जरा सा आक्रोश मामले को बढ़ाने का काम कर सकता है।

प्रेम और वैवाहिक जीवन: आप अपने दिल की बात किसी से कहना चाह रहे हैं तो शालीनतापूर्वक कह सकते हैं। वैवाहिक जीवन के लिए यह महीना कुछ कमजोर नज़र आ रहा है।

आर्थिक जीवन: कठिनाईयों के बाद ही सही, आपको आपकी मेहनत के अनुरूप अच्छा लाभ मिलता हुआ नज़र आ रहा है। आमदनी ठीक-ठाक या औसत स्‍तर की रहेगी और बचत भी ज्‍यादा नहीं हो पाएगी।

स्वास्थ्य: इस महीने अपने स्वास्थ्य का विशेष ख्याल रखें। वाहन इत्यादि सावधानी से चलाएं। आपका खान-पान ऐसा हो जिससे गैस बनने के कारण कोई परेशानी न हो।

उपाय: मंदिर में चने की दाल का दान करें।

सिंह राशिफल 2026

कालसर्प दोष रिपोर्ट – काल सर्प योग कैलकुलेटर

कन्या राशि 

सप्तम भाव में शनि का गोचर नियम अनुसार अच्छा नहीं कहा गया है। वहीं राहु का गोचर छठे भाव में स्वयं के नक्षत्र में रहेगा। यह एक अनुकूल स्थिति है। राहु से आप अच्छे परिणामों की उम्मीद कर सकते हैं।

करियर: व्यवसाय से संबंधित मामलों के लिए अच्‍छा समय है। वहीं नौकरीपेशा लोगों को भी अच्छे परिणाम मिलने की उम्‍मीद है। व्यवसाय में कोई बड़ा रिस्क नहीं लेना है।

शिक्षा: उच्च शिक्षा के मामले में थोड़ी बहुत अड़चनें आ सकती हैं। व्यावसायिक शिक्षा प्राप्त करने वाले विद्यार्थी काफी अच्छे परिणाम प्राप्त कर सकेंगे।

पारिवारिक जीवन: पारिवारिक संबंधों में कुछ परेशानियां देखने को मिल सकती हैं। कोई बड़ी परेशानी इस महीने पारिवारिक जीवन में नहीं आएगी। छोटे-मोटे व्यवधानों को आप आसानी से नियंत्रण में करके पारिवारिक एवं गृहस्थ जीवन का आनंद ले सकेंगे।

प्रेम और वैवाहिक जीवन: प्रेम संबंधों के मामले में शनि से किसी विशेष सहयोग की उम्मीद नहीं है। सगाई या फिर विवाह से संबंधित बातों को आगे बढ़ाने के लिए यह महीना कोई विशेष सपोर्ट नहीं कर रहा है।

आर्थिक जीवन: आमदनी के अनुरूप अच्छी बचत होने के आसार हैं। आप कार्यक्षेत्र के अनुरूप अच्छी कमाई भी कर सकेंगे।

स्वास्थ्य: स्वास्थ्य के मामले में अप्रैल 2026 का महीना औसत स्‍तर के परिणाम दे सकता है। उचित आहार विहार अपनाकर स्वास्थ्य को संतुलित बनाए रखने का प्रयास जरूरी रहेगा।

उपाय: आप नियमित रूप से गणेश चालीसा का पाठ करें।

कन्या राशिफल 2026

तुला राशि 

अप्रैल 2026 मासिक राशिफल कहता है कि सूर्य से इस महीने मिले-जुले या औसत से बेहतर स्‍तर के परिणामों की उम्मीद की जा सकती है। नीच राशि में होने के कारण बुध ग्रह भी औसत स्‍तर के परिणाम दे सकेंगे।

करियर: कार्यक्षेत्र के मामले में मंगल आपको अनुकूल परिणाम देना चाहेंगे। व्यवसाय की तुलना में नौकरीपेशा लोगों को ज्यादा अच्छे परिणाम दे सकती है।

शिक्षा: शनि ग्रह सभी तरह की शिक्षा के लिए अनुकूल परिणाम दे सकते हैं लेकिन प्रतिस्पर्धात्मक परीक्षा में विशेष अनुकूल परिणाम दे सकते हैं। गुरु की कृपा से मेहनती विद्यार्थी अपने लक्ष्य तक पहुंच सकेंगे।

पारिवारिक जीवन: पारिवारिक मामलों में कोई बड़ी समस्या आती हुई प्रतीत नहीं हो रही है।

गृहस्थ संबंधी मामले में कोई बड़ी परेशानी नहीं आएगी।

प्रेम और वैवाहिक जीवन: रिश्‍ते में छोटे-छोटे विवादों को बड़ा न होने दें। इस महीने विवाह से संबंधित बातों को आगे बढ़ने का प्रयास किया जा सकेगा। वैवाहिक जीवन में थोड़े से कमजोर परिणाम मिल सकते हैं।

आर्थिक जीवन: आप अपनी मेहनत के अनुरूप अच्छा लाभ कमा सकेंगे। बचत के दृष्टिकोण से यह महीना सामान्य तौर पर अनुकूल कहा जाएगा।

स्वास्थ्य: आपकी रोगों से लड़ने की क्षमता मजबूत रहेगी। यदि इस महीने सावधानीपूर्वक आहार-विहार किया गया तो स्वास्थ्य से संबंधित कोई समस्या नहीं आएगी।

उपाय: लाल गाय की सेवा करें।

तुला राशिफल 2026

वृश्चिक राशि 

मंगल से इस महीने अनुकूलता की उम्मीद रखना उचित नहीं रहेगा। शुक्र आपको कुछ मामलों में अच्छे परिणाम दे सकते हैं। अप्रैल 2026 का महीना वृश्चिक राशि वाले लोगों के लिए औसत स्‍तर के परिणाम दे सकता है।

करियर: अप्रैल 2026 मासिक राशिफल के अनुसार व्यवसाय से जुड़े लोग और नौकरीपेशा जातकों, दोनों को ही महीने के पहले हिस्से में विशेषकर 14 अप्रैल तक कुछ कठिनाईयों का सामना करना पड़ सकता है।

शिक्षा: शोध के विद्यार्थियों को अच्छे परिणाम मिल सकते हैं। किसी गूढ़ विषय का ज्ञान लेने वाले विद्यार्थियों को भी अच्छे परिणाम मिल सकते हैं। आपको अच्छे परिणाम तभी मिलेंगे जब आप उस परिणाम के लिए निर्धारित प्रयत्नों से भी ज्यादा प्रयत्न करेंगे।

पारिवारिक जीवन: परिजनों के बीच कभी-कभी जिद और व्यर्थ के हठ वाली स्थिति देखने को मिलेगी। हालांकि, कुछ परिजनों की समझदारी से ये समस्याएं दूर भी हो जाएंगी।

प्रेम और वैवाहिक जीवन: आपको अपने प्रेम संबंधों में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। सगाई या फिर विवाह से संबंधित बातों को आगे बढ़ाने के लिए यह महीना कोई विशेष मदद करता हुआ नज़र नहीं आ रहा है।

आर्थिक जीवन: लोन के लिए प्रयास कर रहे लोग सफल हो सकते हैं। लाभ के दृष्टिकोण से महीने को अच्छा कहा जाएगा। बृहस्पति की दृष्टि के चलते आप काफी हद तक बचत कर सकेंगे।

स्वास्थ्य: सेहत को लेकर इस महीने किसी भी प्रकार की लापरवाही उचित नहीं रहेगी। जरा सी लापरवाही स्वास्थ्य को कमजोर करने का काम कर सकती है।

उपाय: नीम के पौधे पर नियमित रूप से जल चढ़ाएं।

वृश्चिक राशिफल 2026

धनु राशि 

अप्रैल 2026 मासिक राशिफल के अनुसार बुध ग्रह का गोचर इस महीने अनुकूल परिणाम देने में असमर्थ रह सकता है। अतः राहु यथा संभव आपके पक्ष में परिणाम देना चाहेगा।

करियर: कार्यक्षेत्र के मामले में इस महीने आपको किसी भी प्रकार का रिस्क नहीं लेना चाहिए। किसी के झांसे में आकर या किसी के झूठे वादे में पड़कर किसी भी प्रकार का रिस्क नहीं लेना है।

शिक्षा: गीत, संगीत, मीडिया, ग्लैमर आदि से संबंधित विद्यार्थी भी अच्छे परिणाम प्राप्त कर सकेंगे। कभी-कभार आपका ध्यान पढ़ाई पर से भटक सकता है।

पारिवारिक जीवन: पारिवारिक मामलों में सावधानी पूर्वक निर्वाह करने की आवश्यकता रहेगी। घर-परिवार का कोई सदस्य बेवजह रूठा हुआ रह सकता है या किसी बात से असंतुष्ट हो सकता है।

प्रेम और वैवाहिक जीवन: प्रियजन से मिलने जाते समय विशेष सावधानी बरतनी की आवश्यकता रहेगी। लंबी दूरी की यात्रा में जल्दबाजी में किसी भी तरीके की लापरवाही न दिखाएं अन्यथा चोट खरोंच लगने का डर रह सकता है।

आर्थिक जीवन: अच्छी कमाई और अच्छी उपलब्धियों के चलते आप आर्थिक मामलों में अच्छी अनुकूलता का अनुभव कर सकेंगे। बचत में कुछ परेशानियां रह सकती हैं।

स्वास्थ्य: बृहस्पति के शुभ प्रभाव से आपका स्वास्थ्य सुरक्षित रहेगा। स्वास्थ्य के मामले में आपको कोई बड़ी समस्या नहीं आएगी लेकिन छोटी-मोटी परेशानियां रह सकती हैं।

उपाय: कन्याओं का पूजन कर उनका आशीर्वाद लें।

धनु राशिफल 2026

मकर राशि

शनि की संगति में होने के कारण कुछ परिणाम कमजोर रह सकते हैं लेकिन ज्यादातर मामलों में मंगल आपके पक्ष के परिणाम देना चाहेंगे। बृहस्पति से अधिक अनुकूलता की उम्मीद नहीं रखनी चाहिए।

करियर: शुक्र ग्रह आपको कार्यक्षेत्र में अनुकूल परिणाम देना चाहेंगे। व्यवसाय में सामान्य तौर पर किसी भी तरीके की कोई परेशानी नहीं आएगी।

शिक्षा: प्राथमिक शिक्षा के मामले में यह महीना आपको काफी हद तक अनुकूल परिणाम दे सकता है। प्रतिस्पर्धात्मक परीक्षा में भाग लेने वाले विद्यार्थी काफी अच्छे परिणाम प्राप्त कर सकेंगे।

पारिवारिक जीवन: परिवार में बीच-बीच में कुछ गलतफहमियां देखने को मिल सकती हैं। पारिवारिक मामलों में कुछ परेशानी आएंगी लेकिन जल्दी ही ठीक भी हो जाया करेंगी।

प्रेम और वैवाहिक जीवन: शुक्र के प्रभाव के कारण आप अपनी लव लाइफ को इस महीने अच्छी तरह से एंजॉय कर सकेंगे। दांपत्य जीवन में नए सिरे से किसी परेशानी के आने की संभावना नहीं बन रही है।

आर्थिक जीवन: अप्रैल 2026 मासिक राशिफल के अनुसार आप अपनी आमदनी के ग्राफ को बढ़ा सकेंगे। आप अपनी आमदनी के अनुरूप सम्मानजनक बचत भी कर सकेंगे।

स्वास्थ्य: सेहत के मामले में किसी भी प्रकार की लापरवाही करना उचित नहीं रहेगा। आपके आहार व्यवहार के अनुरूप आपका स्वास्थ्य अच्छा बना रहेगा।

उपाय: सूर्य भगवान को नियमित रूप से जल चढ़ाएं।

मकर राशिफल 2026

कुंभ राशि 

अप्रैल 2026 मासिक राशिफल के अनुसार इस महीने सूर्य आपको काफी अच्छे परिणाम देने वाले हैं। आपको मंगल से इस महीने अनुकूलता की उम्मीद नहीं रखनी चाहिए।

करियर: कार्यक्षेत्र को लेकर किसी भी प्रकार की लापरवाही ठीक नहीं रहेगी। किसी भी निर्णय के लिए धैर्य की जरूरत रहेगी। आपको कुछ ऐसे काम दिए जा सकते हैं जो शायद आपको पसंद न हों।

शिक्षा: प्राथमिक शिक्षा के मामले में बुध की कमजोरी के चलते अपेक्षाकृत अधिक ध्यान देने की आवश्यकता रहेगी। जब कभी भी आपके आसपास का माहौल सही रहेगा आपका ध्यान पढ़ाई में लगेगा।

पारिवारिक जीवन: जो लोग बड़े बुजुर्गों की सुनने की बजाए मनमानी करते रहते हैं, उनके हालात खराब रह सकते हैं। यदि आप समझदारी से काम लेंगे तो बृहस्पति ग्रह की अनुकूलता आपकी मदद करेगी।

प्रेम और वैवाहिक जीवन: सीरियस प्रेम करने वाले लोग काफी हद तक अनुकूल परिणाम प्राप्त कर सकते हैं। वैवाहिक जीवन में सावधानी की आवश्यकता रहेगी।

आर्थिक जीवन: आमदनी के स्रोतों में इज़ाफा हो सकता है। रुके हुए पैसे मिल सकते हैं। बचत के दृष्टिकोण से महीना मिले-जुले परिणाम दे सकता है।

स्वास्थ्य: इस महीने आपका खान-पान बिगड़ा हुआ रह सकता है। 02 से 14 अप्रैल तक दूसरे भाव में शनि सूर्य और मंगल की युति अधिक तीखा चरपरा खाने की ओर आपका आकर्षण बढ़ा सकती है।

उपाय: किसी रविवार को मंदिर में सूखा हुआ जटा वाला नारियल चढ़ाएं।

कुंभ राशिफल 2026

मीन राशि 

इस महीने बुध ग्रह से अनुकूलता की उम्मीद नहीं रखनी चाहिए। बृहस्पति ग्रह आपको मिले-जुले परिणाम दे सकते हैं। इस महीने अधिकांश मामलों में सावधानीपूर्वक निर्वाह करने की आवश्यकता रहने वाली है।

करियर: इस महीने आपका कार्यक्षेत्र अच्छा रहेगा लेकिन विशेषकर व्यवसाय से संबंधित मामलों में महीना मिले-जुले या औसत से कमजोर परिणाम भी दे सकता है। किसी भी प्रकार का व्यवसायिक रिस्क लेना ठीक नहीं रहेगा।

शिक्षा: घर से दूर रहकर पढ़ाई करने वाले विद्यार्थी अनुकूल परिणाम प्राप्त कर सकेंगे। हालांकि, जरा सी भी लापरवाही आपकी शिक्षा में व्यवधान देने का का काम कर सकती है।

पारिवारिक जीवन: पारिवारिक मामले में इस महीने आपको मिलेजुले परिणाम मिल सकते हैं। छोटी सी भी लापरवाही पारिवारिक विवाद उत्पन्न कर सकती है। गृहस्थ मामले में भी कुछ परेशानियां देखने को मिल सकती हैं।

प्रेम और वैवाहिक जीवन: 19 अप्रैल तक का समय प्रेम संबंधों के लिए काफी अच्छा रहने वाला है। सगाई या फिर विवाह से संबंधित बातों को आगे बढ़ाने के लिए यह महीना कोई विशेष सहयोग करता हुआ प्रतीत नहीं हो रहा है।

आर्थिक जीवन: कमाई का आगमन बाधित रह सकता है। पैसे कहीं फस सकते हैं। अप्रैल 2026 मासिक राशिफल के अनुसार आपके लिए बचत करना भी आसान नहीं रहेगा।

स्वास्थ्य: अप्रैल मासिक राशिफल 2026 के अनुसार आपको सिरदर्द बुखार जैसी परेशानियां हो सकती हैं। कभी-कभार चोट लगने का भय भी रह सकता है। स्वास्थ्य को लेकर किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरतनी है।

उपाय: माथे पर नियमित रूप से केसर का तिलक लगाएं।

मीन राशिफल 2026

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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

प्रश्‍न 1. अप्रैल साल का कौन सा महीना है?

उत्तर. यह चौथा महीना होता है।

प्रश्‍न 2. अप्रैल के महीने में क्‍या आता है?

उत्तर. इसमें अक्षय तृतीया आती है।

प्रश्‍न 3. क्‍या अप्रैल में हनुमान जयंती है?

उत्तर. हां, 02 अप्रैल, 2026 को हनुमान जयंती है।

मंगल गोचर का देश-दुनिया पर प्रभाव

मंगल का मीन राशि में गोचर: जानें राशियों समेत देश-दुनिया पर प्रभाव!

मंगल का मीन राशि में गोचर: एस्‍ट्रोसेज एआई की हमेशा से यही पहल रही है कि किसी भी महत्वपूर्ण ज्योतिषीय घटना की नवीनतम अपडेट हम अपने रीडर्स को समय से पहले दे पाएं और इसी कड़ी में हम आपके लिए लेकर आए हैं मंगल का मीन राशि में गोचर से संबंधित यह खास ब्लॉग।

02 अप्रैल, 2026 को मंगल मीन राशि में गोचर करने जा रहे हैं। तो चलिए जानते हैं कि मंगल के इस गोचर का किन राशियों पर सकारात्‍मक और नकारात्‍मक प्रभाव पड़ेगा।

वैदिक ज्‍योतिष में मंगल को ग्रहों का योद्धा कहा गया है। मंगल एक गति‍शील और प्रभावशाली ग्रह है जो कि मंगल एक गति‍शील और प्रभावशाली ग्रह है जो कि पुरुषत्‍व प्रकृति का है। इस ब्‍लॉग में हम आपको बताने जा रहे हैं कि मंगल का मीन राशि में गोचर की सकारात्‍मक और नकारात्‍मक विशेषताएं क्‍या होती हैं। मंगल मेष और वृश्चिक राशि के स्‍वामी हैं और मेष इनकी मूल त्रिकोण राशि है। मंगल की बृहस्‍पति के साथ मित्रता है और इनके बीच बहुत अच्‍छा तालमेल है।

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मीन राशि में मंगल: विशेषताएं

मीन राशि के स्‍वामी बृहस्‍पति  हैं और उनका मंगल ग्रह के साथ मैत्री संबंध है। जिन लोगों की कुंडली में मीन राशि में मंगल स्थित होता है, उनकी अध्‍या‍त्‍म की ओर अधिक रुचि हो सकती है। इन्‍हें नैतिकता और अच्‍छा व्‍यवहार करना पसंद होता है और ये धर्म के मार्ग पर चलते हैं। ये अपनी धार्मिक मान्‍यताओं को लेकर काफी समर्पित होते हैं और पवित्रता एवं शुद्धता पाने की ओर अग्रसर होते हैं। इन्‍हें धार्मिक ग्रंथों का असीम ज्ञान होता है। हालांकि, इनकी जिंदगी में कंफ्यूज़न भी रहती है और कभी-कभी वे अजीब जवाब दे सकते हैं। इनके अंदर विदेश घूमने और वहीं बसने की इच्‍छा हो सकती है। इनका नज़रिया खासतौर पर प्‍यार के मामले में काफी सकारात्‍मक होता है।

ये अपनी लव लाइफ और रिश्‍तों को लेकर आदर्शवादी होते हैं और समस्‍याओं पर तब तक ध्‍यान नहीं देते, जब तक कि वे बर्दाश्‍त से बाहर न हो जाएं। ये बहुत संवेदनशील और भावुक स्‍वभाव के होते हैं। ये अपने मज़बूत इंट्यूशन और आसपास की चीज़ों के प्रति संवेदनशील होने की वजह से दूसरों की भावनाओं को समझते हैं। इनका कला की ओर भी झुकाव होता है। ये संगीत और अन्‍य कलाओं से भी जुड़े होते हैं। इनके लिए यह खुद को व्‍यक्‍त करने का तरीका हो सकता है।

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मंगल का मीन राशि में गोचर: समय

मंगल ग्रह 02 अप्रैल, 2026 को दोपहर 03 बजकी 57 मिनट पर मीन राशि में प्रवेश करने जा रहे हैं। मंगल ऊर्जा, इच्‍छा और महत्‍वाकांक्षा का कारक है और अब आध्‍यात्मिक राशि मीन पर प्रभाव डालेगा। मंगल का मीन राशि में गोचर के दौरान प्रार्थना और आध्‍यात्मिक कार्यों की ओर बदलाव के लिए माहौल तैयार होता है।

मंगल का मीन राशि में गोचर: इन राशियों को होगा फायदा

मिथुन राशि

इस गोचर के दौरान मंगल छठे और ग्‍यारहवें भाव में के स्‍वामी होकर मिथुन राशि के दसवें भाव में रहेंगे। छठे और ग्‍यारहवें भाव के स्‍वामी के दसवें भाव में होने से आपको करियर में अनुकूल अवसर मिलने की संभावना है। आपको नौकरी के नए अवसर मिल सकते हैं जिनका आप आनंद ले पाएंगे। आप अपने लक्ष्‍यों को पाने के लिए भी प्रेरित हो सकते हैं।

यदि आप नौकरी करते हैं, तो आपको अपने समर्पण और पेशेवर तरीके से काम करने की वजह से अपने काम में सफलता मिलने के योग हैं। इससे आपको प्रमोशन मिल सकती है। आप अपनी प्रतिभा से बेमिसाल उपलब्धियां हासिल कर सकते हैं और आपको काम के सिलसिले में अधिक यात्रा करनी पड़ सकती है जो कि आपके लिए लाभकारी सिद्ध होगी। मेहनत करने के प्रति आपकी निष्‍ठा आपकी काबिलियत को मज़बूत करेगी।

धन की बात करें, तो आप अधिक पैसों की बचत कर सकते हैं और कमाई करने के मामले में आपकी किस्‍मत अच्‍छी रहेगी। अगर आप विदेश में रहते हैं, तो आप अपनी आमदनी बढ़ा सकते हैं। इसके अलावा आप इस समय अपनी बचत को भी बढ़ाने में सफल हो सकते हैं। आप अपनी बचत को बढ़ा सकते हैं और अपनी आय के स्रोतों को बांट सकते हैं।

मिथुन साप्ताहिक राशिफल

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कर्क राशि

मंगल कर्क राशि के पांचवे और दसवें भाव के स्‍वामी हैं और अब वह आपके नवम भाव में गोचर करने जा रहे हैं। मंगल का मीन राशि में गोचर के दौरान आप अपने पेशेवर विकास को लेकर काफी चूज़ी हो सकते हैं।

इसके अलावा आप अपनी इंट्यूशन को मज़बूत कर सकते हैं और अध्‍या‍त्‍म से संबंधित चीज़ों में अधिक रुचि दिखा सकते हैं। इस गोचर के दौरान आपको अपने काम के सिलसिले में ज्‍यादा यात्रा करनी पड़ सकती है।  करियर की बात करें, तो आप काम करते हुए कई उपलब्धियां हासिल कर सकते हैं। काम के मामले में आप सिद्धांतों पर चलते हैं और सही तरीके से काम करेंगे। आपको प्रगति करने के अच्‍छे अवसर प्राप्‍त होंगे और आपको अन्‍य लाभ भी मिल सकते हैं। व्‍यवसाय के क्षेत्र में आप लेन-देन के लिए दूर की यात्रा कर सकते हैं। संभव है कि आप अच्‍छा पैसा कमाएं और इसे लेकर लोगों से मिलें। आप आउटसोर्सिंग के ज़रिए भी बिज़नेस करने का प्रयास कर सकते हैं जिससे आपको अच्‍छी कमाई होने के संकेत हैं।

वित्तीय स्‍तर पर इस गोचर के दौरान आप पैसों की बचत करने के अच्‍छे अवसर मिल सकते हैं और आपको आर्थिक लाभ मिलने के आसार हैं। आपको फॉरेन एक्‍सचेंज के ज़रिए अपनी आमदनी को बढ़ाने के अच्‍छे अवसर मिल सकते हैं जिससे आपको उच्‍च स्‍तर की संतुष्टि मिलेगी। नोकरी में आपकी कड़ी मेहनत की वजह से आपको इंसेंटिव के रूप में आर्थिक पुरस्‍कार मिल सकता है।

 कर्क साप्ताहिक राशिफल

धनु राशि

मंगल धनु राशि के बारहवें और पांचवे भाव के स्‍वामी हैं और अब मंगल का मीन राशि में गोचर आपके चौथे भाव में होने जा रहा है। ऐसे में आपको अनुकूल परिणाम और परिस्थितियां देखने को मिल सकती हैं। करियर में प्रगति करने के अवसर मिल सकते हैं समय आपको विदेश में भी काम करने के अवसर मिलने की संभावना है।

इस समय व्‍यवसाय करने वाले लोगों की अच्‍छी आमदनी होने के संकेत हैं। आप व्‍यवसाय के क्षेत्र में अच्‍छी घटनाओं के कारण बड़ा मुनाफा कमा सकते हैं। इसके अलावा इस गोचर के दौरान आप अपने प्रतिद्वंदियों को कड़ी टक्‍कर देने और अपनी काबिलियत दिखाने में सक्षम हो सकते हैं। वित्तीय जीवन के लिए बहुत अच्‍छा समय है और आप इस समय खूब धन कमाएंगे और पैसों की बचत भी कर पाएंगे। विदेश यात्रा कर रहे लोगों को भी इस गोचर से लाभ मिलने के आसार हैं। आप अपने जीवनसाथी के साथ अच्‍छे संबंध बनाए रखने में सफल होंगे।

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कुंभ राशि

मंगल कुंभ राशि के तीसरे और दसवें भाव का स्‍वामी है और अब वह आपके दूसरे भाव में गोचर करने जा रहे हैं। मंगल का मीन राशि में गोचर होने पर आपको अपने कार्यक्षेत्र में सकारात्‍मक परिणाम मिलने के संकेत हैं। आप अपने दायरे से बाहर निकलकर काम कर सकते हैं। आपको लंबी दूरी की यात्रा के ज़रिए सफलता मिल सकती है।

इस समय आपके लिए नौकरी में प्रगति करने के अच्‍छे अवसर बने हुए हैं। इसमें प्रमोशन मिलना, बेहतद पद मिलना और अन्‍य लाभ शामिल हैं। आपको विदेश से भी अच्‍छे अवसर मिलने केक संकेत हैं। पैसों की बात करें, तो आप प्रॉपर्टी खरीद सकते हैं और अपनी आमदनी बढ़ा सकते हैं। आपके लिए पैसों की बचत करने के योग भी बने हुए हैं जिससे आपके आत्‍मविश्‍वास में वृद्धि होगी। आप अपने जीवनसाथी के साथ अच्‍छे संबंध बनाए रख पाएंगे। आप अपने जीवनसाथी के साथ अच्‍छा तालमेन बनाकर रखेंगे। व्‍यापारियों को अच्‍छी दर पर मुनाफा होने के संकेत हैं। उन्‍हें अपने कार्यों में भाग्‍य का भी साथ मिलेगा। आप अपने प्रतिद्वंदियों से मुकाबला करने में सक्षम होंगे और आप अपनी काबिलियत साबित कर मुनाफा कमा सकते हैं।

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मीन राशि

मीन राशि के लिए मंगल दूसरे और नवम भाव का स्‍वामी है और मंगल का मीन राशि में गोचर आपके पहले भाव में होने जा रहा है। नवम भाव का स्‍वामी आपके लग्‍न भाव में प्रवेश कर रहा है जिससे आप भाग्‍यशाली महसूस करेंगे। दूसरे भाव का स्‍वामी होने की वजह से मंगल आपकी बचत और धन में भी बढ़ोतरी करेगा। अगर आप लोन लेने की सोच रहे हैं, तो इस समय आपको वह आसानी से मिल सकता है।

लोगों को आपका ऑरा पसंद आ सकता है और आप अपने कार्यक्षेत्र एवं निजी जीवन में लोगों को आकर्षित कर सकते हैं। इस समय आप अपने परिवार के नज़दीक जा सकते हैं और परिवार के सदस्‍यों के साथ धार्मिक स्‍थल की यात्रा पर जा सकते हैं क्‍योंकि नवम भाव धार्मिक यात्रा को दर्शाता है। करियर में आपको प्रमोशन के ज़रिए लाभ मिलने के आसार हैं। आपकी आर्थिक स्थिति भी स्थिर रहेगी। व्‍यापारियों के मुनाफे में वृद्धि होगी और उन्‍हें अपने मार्गदर्शक, पिता या अन्‍य किसी अनुभवी व्‍यक्‍ति की मदद से अपने बिज़नेस को बढ़ाने के नए अवसर मिल सकते हैं।

मीन साप्ताहिक राशिफल

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मंगल का मीन राशि में गोचर: इन राशियों को होगा नुकसान

मेष राशि

मंगल आपके लग्‍न या पहले एवं आठवें भाव का स्‍वामी है और अब वह मेष राशि के बारहवें भाव में गोचर करने जा रहे हैं। मंगल का मीन राशि में गोचर नौकरीपेशा जातकों के लिए थोड़ा मुश्किल और महंगा साबित हो सकता है। कार्यक्षेत्र में आपके ऊपर काम का दबाव बढ़ सकता है और आपकी प्रग‍ति में भी कमी आने की आशंका है। अगर आप प्रमोशन और अन्‍य किसी लाभ की प्रतीक्षा कर रहे हैं, तो यह गोचर आपके लिए अनुकूल हीं रहने वाला है। इस गोचर के दौरान आपको काम के सिलसिले में अनचाही यात्रा करनी पड़ सकती है।

मंगल नवम भाव के स्‍वामी होकर आपके बारहवें भाव में गोचर करने जा रहे हैं। करियर की बात करें, तो आपको अचानक कोई काम करना पड़ सकता है या आपकी काम की जगह बदल सकती है। व्‍यवसाय के क्षेत्र में आपको अपनी कंपनी की सफलता को बढ़ाना थोड़ा थकाऊ लग सकता है। हो सकता है कि आप ज्‍यादा पैसे न कमा पाएं और कॉर्पोरेट जगत में शीर्ष पर न पहुंच पाएं। इसके अलावा इस दौरान आपको अपने शत्रुओं से कड़ी प्रतिस्‍पर्धा का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में आपको यात्रा के दौरान अधिक सोच-समझकर योजनाएं बनाने की जरूरत है। धन की बात करें, तो यह आपके लिए अधिक पैसा कमाने को लेकर अच्‍छा समय हो सकता है लेकिन यह आसान नहीं होगा। आपके सामने बेवजह के खर्चे और नुकसान आ सकते हैं।

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वृषभ राशि

वृषभ राशि के सातवें और बारहवें भाव के स्‍वामी मंगल देव हैं और अब वह आपके ग्‍यारहवें भाव में गोचर करने जा रहे हैं। ऐसे में मंगल के मीन राशि में गोचर करने पर आपको स्‍वास्‍थ्‍य समस्‍याएं होने का डर है। आपको अपनी मां की सेहत पर भी अधिक खर्च करना पड़ सकता है। इसके अलावा आपको यात्रा के दौरान प्रॉपर्टी से संबंधित समस्‍याएं होने के संकेत हैं। इस गोचर के दौरान आपको बार-बार नौकरी बदलनी पड़ सकती है।

करियर के क्षेत्र में आपको अपनी मेहनत के लिए अच्‍छा पैसा मिल सकता है और यह आपके पेशेवर तरीके से काम करने एवं समर्पण के बढ़ने से पता चल सकता है। इसके अलावा आपको अपने सहकर्मियों एवं सुपरवाइज़र से सहायोग मिल सकता है जिससे आपको कार्यक्षेत्र में अद्भुत उपलब्धि हासिल करने में मदद मिलेगी। बिज़नेस की बात करें, तो आपको खूब पैसा कमाने के अवसर मिल सकते हैं। इसके अलावा आप अपनी कंपनी में अधिक पेशेवर रवैया अपना सकते हैं जिससे आपको और ज्‍यादा नए व्‍यावसायिक अवसर मिल सकते हैं।

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कन्‍या राशि

कन्या राशि के तीसरे एवं आठवें भाव के स्‍वामी मंगल ग्रह हैं जो कि अब आपके सातवें भाव में गोचर करने जा रहे हैं। मंगल का मीन राशि में गोचर होने पर आपको विकास से संबंधित कुछ चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है और इन्‍हें आपको खुद पार करना होगा। इसके अलावा आपको कम बात करने और अपने संचार कौशल को बेहतर करने की जरूरत हो सकती है वरना आपकी किसी के साथ अनबन होने का डर है। इस समय आपको लंबी दूरी की यात्राओं से बचने की सलाह दी जाती है।

इस गोचर के दौरान आपको काम के सिलसिले में अधिक यात्रा करनी पड़ सकती है। आपको अपने बॉस और साथ काम करने वाले लोगों से मजबूती से बात करने की जरूरत है वरना चीज़ें खराब हो सकती हैं। बड़ी सफलता पाने के लिए आपको अपने काम को अधिक पेशेवर तरीके से करने की योजना बनाने की आवश्‍यकता है। व्‍यावसायिक क्षेत्र में पार्टनरशिप और संबंध मुश्किल हो सकते हैं। इस समय आपको अपनी कंपनी के लिए महत्‍वपूर्ण निर्णय लेते समय सावधान रहना चाहिए। इसके अलावा अगर आप नया बिज़नेस शुरू करने की सोच रहे हैं, तो यह आपके लिए अनुकूल नहीं होगा।

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मंगल का मीन राशि में गोचर: उपाय

  • आप हर मंगलवार को हनुमान चालीसा का पाठ करें।
  • अपने घर में शुभ स्‍थान पर मंगल यंत्र की स्‍थापना कर उसकी पूजा करें।
  • किसी अनुभवी ज्‍योतिषी से सलाह लेने के बाद लाल मूंगा रत्‍न धारण कर सकते हैं।
  • लाल मूंग दाल, तांबे के बर्तन, सोना, कपड़े आदि गरीब लोगों को दान करें।
  • छोटे बच्‍चों को बेसन से बनी मिठाई या लड्डू दान करें।

मंगल का मीन राशि में गोचर: विश्‍व पर प्रभाव

सरकार और नीतियां

  • मंगल बृहस्‍पति की राशि मीन में गोचर करने जा रहे हैं और अक्‍सर बृहस्‍पति को ग्रहों को कैबिनेट मंत्री कहा जाता है। इसलिए मंगल का मीन राशि में गोचर सरकार और उसके कार्यों को समर्थन देगा। इसके अलावा सरकार अपने तर्क और शासन को बनाए रखते हुए थोड़ा आक्रामक हो सकती है।
  • भारत सरकार के वक्‍ता और अन्‍य बड़े नेता समझदारी से कदम उठाते हुए और व्‍यवहारिक योजनाएं बनाते हुए नज़र आएंगे।
  • सरकारी अधिकारी अपने कार्यों और योजनाओं का जल्‍दबाज़ी में लेकिन साथ ही बहुत समझदारी से विश्‍लेषण करेंगे।
  • भविष्‍य के लिए सरकार की तरफ से आक्रामक प्‍लानिंग देखी जा सकती है।
  • मंगल का मीन राशि में गोचर होने पर भारत सरकार के कार्य ओर नीतियां ज्‍यादा लोगों को आकर्षित कर पाएंगी।
  • अब सरकार आक्रामक तरीके से ऐसी योजनाएं लागू करेगी जो अलग-अलग क्षेत्रों में आबादी के एक बड़े हिस्‍से की मदद कर सके। इसमें मेडिसिन, मैकेनिक्‍स आदि भी शामिल हैं।
  • देश के नेता आक्रामक लेकिन सोच-समझकर और समझदारी से कदम उठाते हुए नज़र आएंगे।

इंजीनियरिंग और रिसर्च

मीन राशि में होने पर मंगल इंजीनियरिंग और भारी मशीनरी के कामों में रिसर्च को समर्थन देता है। इसलिए मल्‍टीनेशनल कंपनियों में रिसर्च इंजीनियरों को इस गोचर के दौरान बहुत फायदा होने की संभावना है। मंगल का मीन राशि में गोचर रिसर्च और डेवलपमेंट सेक्‍टर के लिए फायदेमंद साबित होगा क्‍योंकि ये लोग मीन राशि के स्‍वामी बृहस्‍पति की तरह बहुत मेहनत और समझदारी से काम करते हैं। इस दौरान शोधकर्ताओं और वैज्ञानिकों को भी बहुत लाभ मिलने की उम्‍मीद है।

मेडिकल और अन्‍य क्षेत्र

  • इस गोचर के दौरान मेडिकल क्षेत्र में काम करने वाले लोग तरक्‍की करेंगे।
  • मेडिकल और नर्सिंग सेक्‍टर में भी कुछ विकास देखने को मिल सकता है जिससे आम लोगों को फायदा होने की उम्‍मीद है।
  • आईटी इंडस्‍ट्री, सॉफ्टवेयर इंडस्‍ट्री को कुछ हद तक फायदा होगा।
  • योग इंस्‍ट्रक्‍टर, फिजिकल कोच वगैरह तरक्‍की करेंगे।

मंगल का मीन राशि में गोचर: स्‍टॉक मार्केट रिपोर्ट

मंगल अब बृहस्‍पति की राशि मीन में गोचर करने जा रहे हैं। तो चलिए अब स्‍टॉक मार्केट रिपोर्ट के ज़रिए जानते हैं कि मंगल का मीन राशि में गोचर का स्‍टॉक मार्केट पर क्‍या असर पड़ेगा।

  • मंगल के मीन राशि में प्रवेश करते ही केमिकल फर्टिलाइज़र इंडस्‍ट्री, चाय इंडस्‍ट्री, कॉफी इंडस्‍ट्री, स्‍टील इंडस्‍ट्री, हिंडाल्‍को, ऊन की मिलों आदि में प्रगति देखने के आसार हैं।
  • मंगल का मीन राशि में गोचर होने के बाद फार्मास्‍यूटिकल इंडस्‍ट्री अच्‍छा काम करेगी। सर्जरी के उपकरण बनाने और बेचने वाली कंपनियां भी अच्‍छा प्रदर्शन करेंगी।
  • रिलायंस इंडस्‍ट्रीज़, परफ्यूम और कॉस्‍मेटिक इंडस्‍ट्रीज़, कंप्‍यूटर सॉफ्टवेयर टेक्‍नोलॉजी, आईटी और दूसरे क्षेत्रों में महीने के आखिर तक मंदी देखने को मिलेगी जो कि आगे भी बनी रहने वाली है।

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हम उम्मीद करते हैं कि आपको हमारा यह ब्लॉग ज़रूर पसंद आया होगा। अगर ऐसा है तो आप इसे अपने अन्य शुभचिंतकों के साथ ज़रूर साझा करें। धन्यवाद! 

अक्‍सर पूछे जाने वाले प्रश्‍न

1. मीन राशि के स्‍वामी ग्रह कौन हैं?

बृहस्‍पति ग्रह।

2. मंगल किस राशि के स्‍वामी हैं?

मेष और वृश्चिक राशि।

3. किन दो राशियों के लिए मंगल को शुभ नहीं माना जाता है?

मिथुन और कन्‍या राशि।

साप्ताहिक राशिफल: 30 मार्च से 05 अप्रैल 2026

साप्ताहिक राशिफल: इस सप्ताह मनाया जाएगा हनुमान जयंती का पावन त्योहार!

साप्ताहिक राशिफल 30 मार्च से 05 अप्रैल 2026: हर सप्ताह की तरह इस सप्ताह भी एस्ट्रोसेज एआई अपने पाठकों के लिए “साप्ताहिक राशिफल” का यह ब्लॉग लेकर हाज़िर है जिसके अंतर्गत आपको मार्च 2026 के अंतिम सप्ताह से जुड़ी समस्त जानकारी विस्तारपूर्वक प्राप्त होगी। सिर्फ़ इतना ही नहीं, अगर आप उत्सुक हैं इस सप्ताह को लेकर, तो यह ब्लॉग आपके मन में उठने वाली जिज्ञासाओं को शांत करेगा। 

बता दें कि साप्ताहिक राशिफल के इस ब्लॉग में आपको जीवन के भिन्न-भिन्न आयामों जैसे करियर, व्यापार, प्रेम, स्वास्थ्य और वैवाहिक जीवन आदि का हाल भी जान सकेंगे। साथ ही, इस हफ़्ते आप नकारात्मक ग्रहों का अशुभ प्रभाव कैसे कम कर सकते हैं, यह भी हम बताएंगे।

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दुनियाभर के विद्वान ज्योतिषियों से करें कॉल/चैट पर बात और जानें अपने संतान के भविष्य से जुड़ी हर जानकारी

इसके अलावा, हमारे अनुभवी और विद्वान ज्योतिषियों द्वारा ग्रहों-नक्षत्रों की चाल, दशा और स्थिति के आधार पर तैयार किए गए इस ब्लॉग में आपको 30 मार्च से 05 अप्रैल 2026 के बीच पड़ने वाले व्रत-त्योहार, ग्रहण, गोचर और बैंक अवकाशों के साथ-साथ सभी 12 राशियों का भविष्यफल भी प्राप्त होगा। साथ ही, इस हफ़्ते जन्मे मशहूर हस्तियों से भी अवगत करवाएंगे। तो आइए हम आगे बढ़ते हैं और शुरुआत करते हैं साप्ताहिक राशिफल के इस लेख की। 

इस सप्ताह के ज्योतिषीय तथ्य और हिंदू कैलेंडर की गणना

जैसे कि हम सभी जानते हैं कि मार्च साल का तीसरा महीना होता है और इस माह के अंतिम सप्ताह के साथ ही हम अप्रैल में प्रवेश कर जाएंगे। ऐसे में, अगर हम बात करें इस सप्ताह के हिंदू पंचांग की, तो मार्च 2026 के तीसरे सप्ताह की शुरूआत मघा नक्षत्र के तहत शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि यानी कि 30 मार्च 2026 पर होगी जबकि इसका समापन विशाखा नक्षत्र के अंतर्गत कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि अर्थात 05 अप्रैल 2026 को होगा।

यह बात हम भली-भांति जानते हैं कि हर दिन और हर सप्ताह का अपना महत्व होता है फिर चाहे वह ज्योतिष की दृष्टि से हो या धार्मिक दृष्टि से। इसी क्रम में, अब हम आपको 30 मार्च से 05 अप्रैल 2026 के बीच पड़ने वाले व्रत और त्योहारों की सही तिथियां देने जा रहे हैं।

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इस सप्ताह में पड़ने वाले व्रत और त्योहार

व्रत और त्योहार हमारे जीवन का एक अभिन्न अंग बन गए हैं जिसके बिना हमारा जीवन अधूरा लगता है। हिंदू धर्म में हर व्रत और पर्व को बेहद भक्तिभाव और धूमधाम से मनाया जाता है। ऐसे में, आपके लिए व्रतों एवं पर्वों की तिथियां याद रखना आवश्यक हो जाता है। हालांकि, आजकल इंसान की ज़िन्दगी इतनी व्यस्त हो गई है कि वह अपना खाना भी भूल जाता है। ऐसे में, उसके लिए व्रत और त्योहार की तिथियां याद रखना मुश्किल हो जाता है इसलिए नीचे हम आपको मार्च 2026 के इस अंतिम सप्ताह की सूची प्रदान करने जा रहे हैं। 

तिथिदिनमुहूर्त
30 मार्च 2026सोमवारप्रदोष व्रत (शुक्ल)
02 अप्रैल 2026गुरुवारहनुमान जयंती
02 अप्रैल 2026गुरुवारचैत्र पूर्णिमा व्रत
05 अप्रैल 2026रविवारसंकष्टी चतुर्थी

प्रदोष व्रत (शुक्ल) (30 मार्च 2026, सोमवार): सनातन धर्म में प्रदोष व्रत को महत्वपूर्ण माना जाता है। पंचांग के अनुसार, हर माह की त्रयोदशी तिथि पर प्रदोष व्रत रखा जाता है जो हर महीने में दो बार आता है। बता दें कि जब प्रदोष व्रत सोमवार के दिन पड़ता है, तो इसे सोम प्रदोष व्रत कहा जाता है। वहीं, मंगलवार के दिन पड़ने वाला प्रदोष व्रत को भौम प्रदोष के नाम से जाना जाता है। इसी प्रकार, शनिवार के दिन जब प्रदोष व्रत पड़ता है, तो उसे शनि प्रदोष व्रत कहते हैं। इस माह का प्रदोष व्रत सोमवार के दिन पड़ रहा है इसलिए यह सोम प्रदोष व्रत होगा। इस दिन भगवान शिव की पूजा करना बहुत शुभ होता है और विधिपूर्वक इनके पूजन से भक्त को सुख समृद्धि से पूर्ण जीवन का आशीर्वाद मिलता है। 

हनुमान जयंती (02 अप्रैल 2026, गुरुवार): हनुमान जी को भक्ति का प्रतीक माना जाता है जिन्हें मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम का सबसे बड़ा भक्त कहा जाता है। हनुमान जयंती को हर साल हनुमानजी के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है। इस शुभ अवसर पर बजरंगबली के भक्तजन व्रत रखते हैं और हनुमान जी की पूजा-अर्चना करते हैं। पंचांग के अनुसार, हर साल चैत्र मास की पूर्णिमा तिथि पर हनुमान जयंती का त्योहार मनाया जाता है। हालांकि,देश के कई स्थानों पर इस पर्व को कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि पर मनाया जाता है।

चैत्र पूर्णिमा व्रत (02 अप्रैल 2026, गुरुवार): पूर्णिमा तिथि को बहुत शुभ माना जाता है और इन्हीं में से एक है चैत्र पूर्णिमा जिसे चैती पूनम के नाम से भी जाना जाता है। बता दें कि हिन्दू वर्ष का पहला महीना चैत्र होता है इसलिए चैत्र पूर्णिमा बेहद ख़ास हो जाती है। इस दिन भगवान सत्य नारायण की पूजा की जाती है और इनकी कृपा पाने के लिए भक्त पूर्णिमा का व्रत भी रखते हैं। वहीं, रात के समय चंद्र देव की पूजा का विधान है। चैत्र पूर्णिमा पर उत्तर भारत में हनुमान जयंती का पर्व मनाया जाता है।

संकष्टी चतुर्थी (05 अप्रैल 2026 रविवार): हिंदू धर्म का एक महत्वपूर्ण पर्व है संकष्टी चतुर्थी जो प्रथम पूज्य भगवान गणेश को समर्पित होता है। बुद्धि और विवेक के दाता गणेश जी को समर्पित संकष्टी चतुर्थी का व्रत करने से भक्तों के जीवन से सभी कष्टों, समस्याओं और दुख दर्द को विघ्नहर्ता हर लेते हैं। साथ ही, गणेश जी अपने भक्तों पर सदैव कृपा बनावे रखते हैं। 

हम आशा करते हैं कि यह व्रत-त्योहार आपके जीवन में खुशियाँ और आशा की नई किरण लेकर आयेंगे।

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इस सप्ताह पड़ने वाले ग्रहण और गोचर 

मार्च 2026 के इस अंतिम सप्ताह में मनाए जाने वाले व्रत-त्योहार के बारे में जानने के बाद अब हम बात करेंगे इस अवधि में पड़ने वाले ग्रहण और गोचर के बारे में। जैसे कि हम सभी जानते हैं कि ग्रहण और गोचर मानव जीवन को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से प्रभावित करते हैं। इस सप्ताह यानी कि 30 मार्च से 05 अप्रैल 2026 में केवल एक ग्रह का गोचर होने जा रहा है। आइए अब आगे बढ़ते हैं और आपको रूबरू करवाते हैं कि कब और कौन सा ग्रह अपनी राशि में परिवर्तन करेगा।

मंगल का मीन राशि में गोचर (02 अप्रैल 2026): ज्योतिष की दुनिया में मंगल देव को साहस, पराक्रम और युद्ध का कारक कहा जाता है जो अब 02 अप्रैल 2026 की दोपहर 03 बजकर 57 मिनट पर गुरु ग्रह की राशि मीन में प्रवेश करने जा रहे हैं। 

नोट: मार्च 2026 के इस अंतिम सप्ताह (30 मार्च से 05 अप्रैल, 2026) में कोई भी ग्रहण नहीं लगेगा। 

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इस सप्ताह में पड़ने वाले बैंक अवकाश

जिन लोगों को बैंक अवकाशों की जानकारी होती है, वह समय रहते हुए अपने बैंक से जुड़े हुए जरूरी कामों को पूरा कर लेते हैं ताकि उनका काम अटक न सके। साथ ही, उन्हें किसी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ता है। इसी क्रम में, हम आपको यहां 30 मार्च से लेकर 05 अप्रैल 2026 के बीच पड़ने वाले बैंक अवकाशों की संपूर्ण सूची प्रदान करने जा रहे हैं जिसकी सहायता से आप बैंक अवकाशों के बारे में जान सकें और अपने काम पूरे कर सकें। 

तिथि दिनपर्व
31 मार्च 2026मंगलवारमहावीर जयंती

आइए अब हम बिना देर किए आगे बढ़ते हैं और आपको अवगत करवाते हैं इस सप्ताह के शुभ मुहूर्तों से। 

इस सप्ताह के शुभ मुहूर्त 

हिंदू धर्म में ऐसा माना जाता है कि हर माह में शुभ-अशुभ दिन आते हैं जहाँ शुभ दिनों में मंगलिकज कार्य करना उत्तम होता है। वहीं, अशुभ दिनों में सभी तरह के मांगलिक कार्य वर्जित होते हैं। यहाँ हम आपको मार्च 2026 के अंतिम सप्ताह के शुभ मुहूर्त (30 मार्च से 05 अप्रैल 2026) विवाह, अन्नप्राशन जैसे शुभ कार्यों के लिए देने जा रहे हैं। 

विवाह मुहूर्त 

हिंदू धर्म में विवाह को सदैव शुभ मुहूर्त में किया जाता है जिससे नवविवाहित दंपति को देवी-देवताओं और ग्रह-नक्षत्रों का भी आशीर्वाद प्राप्त हो सकें। ऐसे में, हम आपको इस सप्ताह के विवाह मुहूर्त प्रदान कर रहे हैं। 

दिनांक एवं दिननक्षत्रतिथिमुहूर्त का समय
02 अप्रैल 2026गुरुवारपूर्वाफाल्गुनी, मघाअष्टमीदोपहर 01 बजकर 33 मिनट से दोपहर 2 बजकर 30 मिनट तक
3 अप्रैल 2026शुक्रवारउत्तराफाल्गुनीदशमीशाम 05 बजकर 25 मिनट से 04 अप्रैल की सुबह 06 बजकर 47 मिनट तक
04 अप्रैल 2026शनिवारउत्तराफाल्गुनी, हस्तदशमी, एकादशीसुबह 06 बजकर 47 मिनट से 05 अप्रैल की सुबह 03 बजकर 37 मिनट तक

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कर्णवेध मुहूर्त 

अगर आप अपनी संतान का कर्णवेध संस्कार संपन्न करना चाहते हैं, लेकिन आपको मार्च 2026 के इस सप्ताह में कोई शुभ मुहूर्त नहीं मिल रहा है, तो यहाँ हम आपको 31 मार्च से 05 अप्रैल 2026 के बीच मौजूद कर्णवेध मुहूर्त देने जा रहे हैं। 

दिनांकमुहूर्त का समय 
02 अप्रैल 202607:18 से 10:49,
13:03 से 18:08
3 अप्रैल 202607:14 से 13:00, 15:20 से  19:53

नामकरण मुहूर्त 

नामकरण संस्कार हिंदू धर्म के सोलह संस्कारों में से एक है जिसे एक महत्वपूर्ण संस्कार माना गया है। जो माता-पिता मार्च 2026 के इस अंतिम सप्ताह में अपने शिशु का नामकरण करने की सोच रहे हैं, उन्हें हम इस सप्ताह में उपलब्ध नामकरण संस्कार के शुभ मुहूर्त नीच प्रदान कर रहे हैं। 

दिनांकमुहूर्त का समय 
01 अप्रैल 2026, बुधवार07:08:49 से 30:11:55
02 अप्रैल 2026, गुरुवार06:10:45 से 30:10:45
03 अप्रैल 2026, शुक्रवार06:09:38 से 30:09:37

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इस सप्ताह में जन्मे मशहूर सितारे

30 मार्च 2026: पलक मुचल, सर्जियो रामोस, वॉरेन बीटी

31 मार्च 2026: शीला दीक्षित, जनानी अय्यर, एडम ज़म्पा

01 अप्रैल 2026: जग्गी सिंह, माही विज, मैकेंज़ी डेविस

02 अप्रैल 2026: जेसी प्लेमोंस, रेमो डी सूजा, अजय देवगन

03 अप्रैल 2026: तस्किन अहमद, जोस मारिया बसंता, अरिश्फा खान

04 अप्रैल 2026 गौरव चोपड़ा, परवीन बाबी, शाम

05 अप्रैल 2026: सबा कमर, किंशुक वैद्य, क्रिस्टा एलेन

एस्ट्रोसेज इन सभी सितारों को जन्मदिन की ढेरों शुभकामनाएं देता है। यदि आप अपने पसंदीदा सितारे की जन्म कुंडली देखना चाहते हैं तो आप यहां पर क्लिक कर सकते हैं। 

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साप्ताहिक राशिफल 31 मार्च से 05 अप्रैल 2026

यह भविष्यफल चंद्र राशि पर आधारित है। अपनी चंद्र राशि जानने के लिए क्लिक करें:
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मेष साप्ताहिक राशिफल 

रोज़मर्रा की गतिविधियाँ करते समय, इस सप्ताह सभी गर्भवती महिलाओं….. (विस्तार से पढ़ें) 

मेष प्रेम राशिफल 

इस सप्ताह आपको अपने प्रेम संबंध की जिम्मेदारियों के प्रति भी, अपना….(विस्तार से पढ़ें)

वृषभ साप्ताहिक राशिफल

चंद्र राशि के संबंध में शनि के ग्यारहवें भाव में होने के कारण, इस सप्ताह के….(विस्तार से पढ़ें)

वृषभ प्रेम राशिफल

इस सप्ताह आप किसी कार्य में अपने प्रियतम से हार सकते है, जिससे….(विस्तार से पढ़ें)

मिथुन साप्ताहिक राशिफल

चंद्र राशि के संबंध में बृहस्पति के पहले भाव में स्थित होने के कारण, सामाजिक….(विस्तार से पढ़ें)

मिथुन प्रेम राशिफल

आप अपने प्रियतम को खुश रखने के लिए किसी भी हद तक जा….(विस्तार से पढ़ें)

कर्क साप्ताहिक राशिफल

चंद्र राशि के संबंध में शनि के नौवें भाव में होने के कारण, दूसरों के…. (विस्तार से पढ़ें)

कर्क प्रेम राशिफल

 इस सप्ताह आप अपने प्रिय को बहुत याद करेंगे, परंतु वो काम की व्यस्तता….(विस्तार से पढ़ें)

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सिंह साप्ताहिक राशिफल

चंद्र राशि के संबंध में शनि के आठवें भाव में होने के कारण, इस सप्ताह आपको….(विस्तार से पढ़ें)

सिंह प्रेम राशिफल

 इस सप्ताह यदि आप अपने प्रियतम को अपने परिजनों से मिलवाने का……(विस्तार से पढ़ें)

कन्या साप्ताहिक राशिफल

चंद्र राशि के संबंध में राहु के छठे भाव में होने के कारण,  पिछले सप्ताह में….(विस्तार से पढ़ें)

कन्या प्रेम राशिफल

आपकी राशि के प्रेमी, स्वभाव से ही भावुक और केयर करने वाले….(विस्तार से पढ़ें)

तुला साप्ताहिक राशिफल

चंद्र राशि के संबंध में बृहस्पति के नौवें भाव में होने के कारण, स्वास्थ्य के लिहाज़…..(विस्तार से पढ़ें)

तुला प्रेम राशिफल

इस सप्ताह यदि आप प्रेमी की किसी आदत को लेकर, काफी समय से….. (विस्तार से पढ़ें)

वृश्चिक साप्ताहिक राशिफल

चंद्र राशि के संबंध में राहु के चौथे भाव में होने के कारण, इस सप्ताह आपको…..(विस्तार से पढ़ें)

वृश्चिक प्रेम राशिफल

आपकी लव लाइफ इस सप्ताह भर बेहद बेहतरीन रहेगी, जिसके…..(विस्तार से पढ़ें)

धनु साप्ताहिक राशिफल

शनि के चंद्र राशि से चौथे भाव में होने के कारण, यदि आप एसिडिटी,…..(विस्तार से पढ़ें)

धनु प्रेम राशिफल

इस सप्ताह पब्लिक में अपने गर्लफ़्रेंड/ब्वॉयफ़्रेंड के साथ, अभद्र व्यवहार करने…..(विस्तार से पढ़ें)

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मकर साप्ताहिक राशिफल

चंद्र राशि के संबंध में राहु के दूसरे भाव में होने के कारण, इस सप्ताह….(विस्तार से पढ़ें)

मकर प्रेम राशिफल

प्रेमी जातकों के लिए ये समय अच्छा नहीं कहा जा सकता। क्योंकि इस समय ….(विस्तार से पढ़ें)

कुंभ साप्ताहिक राशिफल

चंद्र राशि के संबंध में राहु के पहले भाव में होने के कारण, सामाजिक मेल.…. (विस्तार से पढ़ें)

कुंभ प्रेम राशिफल

इस सप्ताह आपकी खराब सेहत के चलते, आपके रोमांस और प्रेम को ….(विस्तार से पढ़ें)

मीन साप्ताहिक राशिफल 

चंद्र राशि के संबंध में केतु के छठे भाव में होने के कारण, यदि आप किसी बड़ी…..(विस्तार से पढ़ें)

मीन प्रेम राशिफल

इस सप्ताह आपके निजी जीवन में चल रही कशमकश भरी परिस्थितियां,….(विस्तार से पढ़ें)

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हम उम्मीद करते हैं कि आपको हमारा यह ब्लॉग ज़रूर पसंद आया होगा। अगर ऐसा है तो आप इसे अपने अन्य शुभचिंतकों के साथ ज़रूर साझा करें। धन्यवाद!

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

1. मंगल ग्रह का मीन राशि में गोचर कब होगा?

मंगल देव 02 अप्रैल 2026 को मीन राशि में प्रवेश कर जाएंगे। 

2. हनुमान जयंती 2026 में कब है?

इस साल हनुमान जयंती का पर्व 02 अप्रैल 2026, गुरुवार को मनाया जाएगा। 

3. 2026 में चैत्र पूर्णिमा कब है?

इस साल चैत्र पूर्णिमा 02 अप्रैल 2026 को मनाई जाएगी।

 

देखें अप्रैल 2026 के व्रत-त्‍योहारों की सूची!

अप्रैल 2026 में है अक्षय तृतीया, देख लें ग्रह-गोचर की पूरी लिस्‍ट!

अप्रैल 2026: ग्रेगोरियन कैलेंडर के अनुसार अप्रैल साल का चौथा महीना होता है। ज्‍योतिषीय दृष्टि से इस महीने को ऊर्जा, परिवर्तन और नई शुरुआत का प्रतीक माना जाता है। इस ज्‍योतिषीय दृष्टि से इस महीने को ऊर्जा, परिवर्तन और नई शुरुआत का प्रतीक माना जाता है। इस समय सूर्य मेष राशि में प्रवेश करते हैं जिससे आत्‍मविश्‍वास, लीडरशिप और निर्णय लेने की क्षमता में वृद्धि होती है।

उत्तरी गोलार्ध में अप्रैल खगोलीय वसंत का दूसरा महीना और दक्षिणी गोलार्ध में खगोलीय पतझड़ का दूसरा महीना होता है। इस दौरान ईद, वैशाख, राम नवमी और हनुमान जयंती जैसे कई बड़े पर्व और त्‍योहार आते हैं इसलिए यह मास ज्‍योतिषीय और धार्मिक दृष्टि से बहुत महत्‍व रखता है। इस दौरान अप्रैल फूल डे, ईस्‍टर और पृथ्‍वी दिवस आदि भी मनाए जाते हैं।

महाराष्‍ट्र में अप्रैल के महीने में गुड़ी पड़वा का पर्व मनाया जाता है। इस महीने में मुस्लिम धर्म के लोग ईद मनाते हैं तो वहीं, सिख और पंजाबी समुदाय वैशाख का पर्व मनाते हैं। अप्रैल में कभी-कभी राम नवमी भी पड़ती है जो कि हिंदुओं के लिए बहुत महत्‍व रखती है।

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भविष्य से जुड़ी किसी भी समस्या का समाधान मिलेगा विद्वान ज्योतिषियों से बात करके

अब जल्द ही मार्च का महीना विदा लेने वाला है और अप्रैल 2026 दस्तक देने के लिए तैयार हैं। ऐसे में, हम सभी में यह जानने की उत्सुकता रहती है कि हमारे लिए आने वाला महीना कैसा रहेगा? क्या प्रेम जीवन में बनी रहेगी मिठास या होगी तकरार? करियर और व्यापार में कैसे मिलेंगे परिणाम? यह सभी सवाल हमारे दिमाग में घूमते रहते हैं। अब आपको एस्ट्रोसेज एआई के इस खास ब्लॉग अप्रैल 2026 में इन सभी सवालों का जवाब मिलने जा रहा है।

इसके साथ ही इस विशेष ब्लॉग में हम आपको अप्रैल 2026 में पड़ने वाले महत्वपूर्ण व्रत-त्योहार, तिथियों आदि से भी अवगत करवाएंगे। साथ ही, इस माह में पड़ने वाले ग्रहण-गोचर के साथ-साथ सार्वजनिक अवकाश के बारे में भी विस्तृत जानकारी प्रदान करेंगे।

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अप्रैल 2026 का ज्योतिषीय तथ्य और हिंदू पंचांग की गणना 

अप्रैल साल का चौथा महीना होता है और हिंदू वर्ष में अधिकतर यह साल का पहला महीना होता है। हिंदू पंचांग के अनुसार, अप्रैल 2026 का आरंभ उत्तरा फाल्‍गुनी नक्षत्र के तहत शुक्‍ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि यानी कि 01 अप्रैल 2026 को होगा जबकि इस महीने का अंत चित्रा नक्षत्र के अंतर्गत शुक्‍ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि अर्थात 30 अप्रैल 2024 को होगा।

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अप्रैल 2026 के हिंदू व्रत व त्योहार

अप्रैल 2026त्योहार
2 गुरुवारहनुमान जयंती, चैत्र पूर्णिमा व्रत
5 रविवारसंकष्टी चतुर्थी
13 सोमवारवरुथिनी एकादशी
14 मंगलवारमेष संक्रांति
15 बुधवारमासिक शिवरात्रि, प्रदोष व्रत (कृष्ण)
17 शुक्रवारवैशाख अमावस्या
19 रविवारअक्षय तृतीया
27 सोमवारमोहिनी एकादशी
28 मंगलवारप्रदोष व्रत (शुक्ल)

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अप्रैल 2026 में आने वाले व्रत एवं त्योहार का महत्व

प्रदोष व्रत: हिंदू पंचांग के अनुसार, हर महीने के कृष्ण और शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि पर प्रदोष व्रत रखा जाता है। इस तिथि पर भगवान शिव और माता पार्वती का पूजन फलदायी होता है। इस माह प्रदोष व्रत 06 अप्रैल 2024 शनिवार के दिन पड़ रहा है। पुराणों में कहा गया है कि इस व्रत को करने से भक्त को लम्बी आयु का आशीर्वाद मिलता है।

मासिक शिवरात्रि: भगवान शिव की कृपा एवं आशीर्वाद पाने के लिए यह व्रत किया जाता है। हिंदू पंचांग के अनुसार, हर मास की कृष्ण पक्ष चतुर्दशी तिथि को मासिक शिवरात्रि के रूप में मनाया जाता है। यह व्रत भगवान शिव को समर्पित होता है और इस व्रत को शिव भक्तों द्वारा आस्था से किया जाता है।

मेष संक्रांति: सूर्य देव प्रत्येक महीने अपना राशि परिवर्तन करते हैं यानी कि एक राशि से दूसरी राशि में गोचर करते हैं। जब वह अपनी राशि बदलकर नई राशि में जाते हैं उसे संक्रांति कहते हैं। अब सूर्य महाराज 14 अप्रैल 2026 के दिन राशि चक्र की पहली राशि मेष में प्रवेश करने जा रहे हैं जिसके चलते इस दिन मेष संक्रांति का पर्व मनाया जाएगा।

मोहिनी एकादशी व्रत: यह व्रत श्रीहरि का सबसे उत्तम व्रत माना गया है और इस तिथि पर भगवान वासुदेव और विष्णु जी की उपासना की जाती है। इस व्रत के दौरान भक्तजन जगत के पालनहार भगवान विष्णु की विधि-विधान से पूजा-अर्चना और व्रत करते हैं। ऐसा करने से भक्त की सभी मनोकामनाओं की पूर्ति होती हैं। हिंदू धर्म के अनुसार, इस व्रत को करने से जाने-अनजाने में किए हुए सभी पापों से मुक्ति मिल जाती है और जातकों के सभी मनोरथ पूर्ण होते हैं।

हनुमान जयंती: हनुमान जयंती को हनुमान जी के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है। हिंदू पंचांग के अनुसार, चैत्र मास की पूर्णिमा तिथि के दिन हनुमान जी का जन्म हुआ था। इस बार हनुमान जयंती बृहस्‍पतिवार के दिन पड़ रही है।

संकष्टी चतुर्थी: संकष्टी चतुर्थी व्रत का आरंभ सूर्योदय के साथ होता है और इसका समापन चंद्रमा के उदय होने पर होता है। हिंदू पंचांग के अनुसार, एक माह में दो बार चतुर्थी तिथि आती है और इस दिन विघ्नहर्ता भगवान गणेश की पूजा विधि-विधान से की जाती है। कहते हैं कि भगवान गणेश अपने भक्तों के जीवन से सभी दुखों को हर लेते हैं।

वैशाख अमावस्‍या: यह हिंदू वर्ष का दूसरा महीना है। अमावस्‍या तिथि पर पितरों के लिए तर्पण करने का बहुत महत्‍व है।

अक्षय तृतीया: हर साल वैशाख मास की शुक्‍ल पक्ष की तृतीया तिथि को अक्षय तृतीया पड़ती है। इस दिन खरीदारी और दान पुण्‍य करने का बहुत महत्‍व है।

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अप्रैल 2026 के अन्‍नप्राशन मुहूर्त

तिथि व दिनसमय (IST)
20 अप्रैल, सोमवार04:35 AM – 07:28 AM
21 अप्रैल, मंगलवार04:15 AM – 04:58 AM
26 अप्रैल, रविवार04:53 AM – 08:27 PM
27 अप्रैल, सोमवार09:18 PM – 09:35 PM
29 अप्रैल, बुधवार04:51 AM – 07:52 PM

अप्रैल 2026 के कर्णवेध मुहूर्त

तारीखदिन (वार)शुभ समय
2 अप्रैल 2026गुरुवार07:18–10:49, 13:03–18:08
3 अप्रैल 2026शुक्रवार07:14–13:00, 15:20–19:53
6 अप्रैल 2026सोमवार17:25–19:42
12 अप्रैल 2026रविवार06:39–10:09, 12:24–14:44
13 अप्रैल 2026सोमवार06:35–12:20, 14:41–16:58
18 अप्रैल 2026शनिवार06:24–07:50, 09:46–12:01
23 अप्रैल 2026गुरुवार07:31–11:41, 14:01–18:35
24 अप्रैल 2026शुक्रवार09:22–13:57, 16:15–18:31
29 अप्रैल 2026बुधवार07:07–09:03, 11:17–18:11

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अप्रैल के सार्वजनिक अवकाश की सूची

तिथिअवकाशराज्य
01 अप्रैल 2026 (बुधवार)उड़ीसा दिवसउड़ीसा
03 अप्रैल 2026 (शुक्रवार)गुड फ्राइडेराष्ट्रीय अवकाश (हरियाणा और जम्मू-कश्मीर राज्य को छोड़कर)
04 अप्रैल 2026 (शनिवार)ईस्टर सैटरडेनागालैंड
05 अप्रैल 2026 (रविवार)बाबू जगजीवन राम जयंतीआंध्र प्रदेश और तेलंगाना
05 अप्रैल 2026 (रविवार)ईस्टर रविवार केरल और नागालैंड
14 अप्रैल 2026 (मंगलवार)बैसाखीचंडीगढ़, जम्मू-कश्मीर और पंजाब
14 अप्रैल 2026 (मंगलवार)बीजू महोत्सवत्रिपुरा
14 अप्रैल 2026 (मंगलवार)डॉ. अम्बेडकर जयंतीराष्ट्रीय अवकाश (अंडमान-निकोबार, अरुणाचल प्रदेश, असम, दादरा और नगर हवेली, दमन और दीव, दिल्ली, लक्षद्वीप, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड और त्रिपुरा को छोड़कर)
14 अप्रैल 2026 (मंगलवार)तमिल नव वर्षपुडुचेरी और तमिलनाडु
14 अप्रैल 2026 (मंगलवार)विषुकेरल
14 अप्रैल 2026 (मंगलवार)महा विशुबा संक्रांतिउड़ीसा
14 अप्रैल 2026 (मंगलवार)बोहाग बिहूअसम
14 अप्रैल 2026 (मंगलवार)चेइरोबा मणिपुर
15 अप्रैल 2026 (बुधवार)बोहाग बिहूअरुणाचल प्रदेश
15 अप्रैल 2026 (बुधवार)बोहाग बिहू अवकाशअसम
15 अप्रैल 2026 (बुधवार)बंगाली नव वर्षत्रिपुरा और पश्चिम बंगाल 
15 अप्रैल 2026 (बुधवार)हिमाचल दिवसहिमाचल प्रदेश
19 अप्रैल 2026 (रविवार)महर्षि परशुराम जयंतीगुजरात, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, मध्य प्रदेश और राजस्थान
20 अप्रैल 2026 (सोमवार)बसव जयंतीकर्नाटक
21 अप्रैल 2026 (मंगलवार)गरिया पूजात्रिपुरा

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अप्रैल में पड़ने वाले ग्रहण और गोचर

मंगल का धनु राशि में गोचर: मंगल महाराज 02 अप्रैल 2026 की दोपहर 15:27 बजे शनि देव के प्रभाव वाली कुंभ राशि से निकल कर अपने मित्र बृहस्पति के आधिपत्य वाली मीन राशि में गोचर करने जा रहे हैं।  ये यहां पर 11 मई 2026 की दोपहर 12:50 बजे तक विराजमान रहेंगे।

बुध का मीन राशि में गोचर: बुध ग्रह शनिवार, 11 अप्रैल 2026 को रात्रि 00:57 मिनट पर अपने मित्र ग्रह शनि की कुम्भ राशि से निकलकर देवगुरु बृहस्पति के आधिपत्य वाली मीन राशि में प्रवेश करेंगे।

सूर्य का मेष राशि में गोचर: यह गोचर 14 अप्रैल, सोमवार को प्रातः 9 बजकर 9 मिनट पर होगा। इस विशेष क्षण पर सूर्य देव अपने परम मित्र मंगल के स्वामित्व वाली मेष राशि में प्रवेश करेंगे।

शुक्र का वृषभ राशि में गोचर: 19 अप्रैल 2026, रविवार को दोपहर 15:28 बजे शुक्र ग्रह अपनी स्वराशि वृषभ में प्रवेश करेंगे।

बुध का मेष राशि में गोचर: ग्रहों के राजकुमार के नाम से प्रसिद्ध बुध ग्रह 30 अप्रैल 2026 की सुबह 06 बजकर 38 मिनट पर मेष राशि में गोचर करने जा रहे हैं।

अप्रैल में कोई ग्रहण नहीं है।

कैसे होते हैं अप्रैल में जन्मे लोग

जिन लोगों का जन्‍म अप्रैल माह में होता है, उन पर प्रेम, ऐश्वर्य  और भौतिक सुखों के कारक ग्रह शुक्र देव का आधिपत्य होता है। इन जातकों का व्यक्तित्व दूसरों की तुलना में सबसे अलग होता है और यह बेहद आकर्षक व्यक्तित्व के मालिक होते हैं। ये रचनात्मक, बुद्धिमान और उत्साह से भरे होते हैं।

इनके अंदर आत्मविश्वास कूट-कूटकर भरा होता है और यह अपने जीवन की महत्वाकांक्षाओं को लेकर सजग होते हैं। ये बहुत जुनूनी होते हैं। हालांकि,  यह जुनून सकारात्मक और नकारात्मक दोनों ही चीजों में इनके काम होता है। ये मीडिया, स्पोर्ट्स, राजनीति और एडवरटाइजिंग आदि क्षेत्रों में अच्‍छा काम कर सकते हैं।

ये किसी भी जोखिम भरे काम को करने से डरते नहीं हैं। यह लोग मुश्किल से मुश्किल परिस्थिति में भी सफलता पाने में सक्षम होते हैं जो कि इनके व्यक्तित्व का खास गुण होता है। ये अपने दोस्तों के लिए बहुत स्पेशल होते हैं। दोस्तों के प्रिय होने के साथ-साथ रिश्तेदारों के भी पसंदीदा होते हैं। साथ ही, यह लोग बेहद रोमांटिक होते हैं और अपने पार्टनर को प्रसन्न रखने में माहिर होते हैं। 

अप्रैल महीने में जन्म लेने वाले जातकों का शुभ रंग: संतरी, मेहरून और गोल्डन

अप्रैल महीने में जन्म लेने वाले जातकों का शुभ दिन: रविवार, बुधवार और शुक्रवार

अप्रैल महीने में जन्म लेने वाले जातकों का शुभ अंक: 1, 4, 5, 8

अप्रैल महीने में जन्म लेने वाले जातकों का शुभ रत्न: माणिक 

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अप्रैल 2026: 12 राशियों का भविष्‍यफल

मेष राशि 

इस महीने सूर्य ग्रह का गोचर क्रमशः आपके द्वादश और पहले भाव में रहेगा। यद्यपि ये दोनों ही भाव सूर्य के गोचर के दृष्टिकोण से……(विस्तार से पढ़ें)

वृषभ राशि 

इस महीने सूर्य ग्रह क्रमशः आपके लाभ और व्यय भाव में भ्रमण करने वाले हैं। महीने की शुरुआत से लेकर 14 अप्रैल तक सूर्य ग्रह आपके……(विस्तार से पढ़ें)

मिथुन राशि

इस महीने सूर्य ग्रह का गोचर आपके लिए क्रमशः दशम और एकादश भाव में रहेगा। सामान्य तौर पर सूर्य के ये दोनों ही गोचर अच्छे माने जाएंगे। अतः इस महीने सूर्य से……(विस्तार से पढ़ें)

कर्क राशि 

14 अप्रैल के बाद सूर्य ग्रह उच्च अवस्था में आपके कर्म स्थान पर रहेंगे जो आपको बहुत अच्छे परिणाम दे सकते हैं। मंगल ग्रह का गोच……(विस्तार से पढ़ें)

सिंह राशि 

महीने की शुरुआत से लेकर 14 अप्रैल तक सूर्य का गोचर कमजोर तो वहीं 14 अप्रैल के बाद……(विस्तार से पढ़ें)

कन्या राशि 

कन्या राशि में जन्मे जातकों के लिए मंगल ग्रह का गोचर 2 अप्रैल तक छठे भाव में है। जिसे सामान्य तौर पर बहुत अच्छा कहा जाएगा लेकिन यह अवधि सिर्फ दो दिनों की है। इसके बाद……(विस्तार से पढ़ें)

तुला राशि 

सूर्य से मिलेजुले परिणामों की उम्मीद की जा सकती है। महीने की शुरुआत से लेकर 14 अप्रैल तक सूर्य ग्रह आपके छठे भाव में रहेंगे। हालांकि, शनि की……(विस्तार से पढ़ें) 

वृश्चिक राशि 

14 अप्रैल तक सूर्य आपके पांचवे भाव में रहेंगे और शनि के साथ रहेंगे। सूर्य के लिए यह अनुकूल स्थिति नहीं कही जाएगी लेकिन 14 अप्रैल के बाद सूर्य ……(विस्तार से पढ़ें)

धनु राशि 

धनु राशि के जातकों के लिए महीने के पहले हिस्से में सूर्य का गोचर कमजोर तो वहीं दूसरे हिस्से में मिले-जुले परिणाम दे सकता है।

मंगल ग्रह का गोचर 2 अप्रैल तक तीसरे भाव में रहेगा, यह……(विस्तार से पढ़ें)

मकर राशि 

14 अप्रैल तक सूर्य के तीसरे भाव में रहेंगे। वैसे तो सूर्य का तीसरे भाव में गोचर अनुकूल माना गया है लेकिन शनि की संगति में होने के कार……(विस्तार से पढ़ें)

कुंभ राशि 

कुंभ राशि में जन्मे जातकों के लिए 14 अप्रैल के बाद सूर्य का गोचर उनके तीसरे भाव में उच्च अवस्था में रहेगा। यानी कि सूर्य आपको काफी अच्छे परिणाम देने वाले हैं।

मंगल ग्रह 2 अप्रैल तक आपके पहले……(विस्तार से पढ़ें)

मीन राशि

इस महीने सूर्य ग्रह का गोचर क्रमशः आपके पहले और दूसरे भाव में रहेगा। यद्यपि इन दोनों ही भावों में सूर्य के गोचर को अच्छा नहीं माना जाता है लेकिन……(विस्तार से पढ़ें)

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्नों

1. अप्रैल में सकट चौथ कब है?

05 अप्रैल को संकष्टी चतुर्थी का व्रत है।

2. इस बार अप्रैल की शुरुआत किस नक्षत्र में हो रही है?

अप्रैल 2026 का आरंभ उत्तरा फाल्‍गुनी नक्षत्र के तहत शुक्‍ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि यानी कि 01 अप्रैल 2026 को होगा

3. मासिक शिवरात्रि कब है?

15 अप्रैल को मासिक शिवरात्रि है।