वैलेंटाइन डे 2025 पर इस मुहूर्त में करें प्यार का इज़हार, प्रेम-खुशियों से भर जाएगा जीवन!

जिस शख़्स को आप चाहते हैं, प्रेम करते हैं और उस इंसान से फूल, चॉकलेट, प्रेम पत्र, लव प्रपोजल मिलने की एक अलग ही ख़ुशी होती है। इन सब चीज़ें से मिलकर ही वैलेंटाइन डे स्पेशल बनता है जो सबको अपनी तरफ आकर्षित करती हैं। जैसे कि हम सभी जानते हैं कि वैलेंटाइन डे को हर साल 14 फरवरी के दिन मनाया जाता है और यह एक ऐसा दिन होता है जो प्रेम करने वालों के चेहरों पर बड़ी सी मुस्कान लेकर आता है। हम अपने इस लेख में आज वैलेंटाइन डे 2025 के बारे में विस्तार से बात करेंगे। 

जल्द ही वैलेंटाइन डे आने वाला है और इसी क्रम में, अब प्रेम के हर स्वरूप का जश्न मनाने का समय आ गया है, फिर चाहे वह जीवनसाथी के प्रति प्यार हो या खुद के प्रति। ज्यादातर लोग अपने दिल की भावनाओं को मैसेज, गिफ्ट के माध्यम से या फिर एक-दूसरों के साथ समय बिताकर व्यक्त करते हैं। इस साल वैलेंटाइन डे का जश्न आप किस तरह मना रहे हैं? इस बार वैलेंटाइन डे को लेकर आपके क्या प्लान हैं? यह हम आपको ज्योतिष की मदद से बताने जा रहे हैं कि वैलेंटाइन डे यानी कि 14 फरवरी 2025 के दिन आपको किन सावधानियों को बरतना होगा और इस दिन को आप कैसे ख़ास बना सकते हैं। 

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एस्ट्रोसेज एआई के इस विशेष ब्लॉग में हम आपको वैलेंटाइन डे (14 फरवरी 2025) पर बनने वाले शुभ योग के बारे में जानकारी प्रदान करेंगे ताकि ज्योतिष की मदद से आपका यह दिन बेहतर बन सके और आप सकारात्मक परिणाम प्राप्त कर सकें। साथ ही, यहां हम आपको होरा  के अनुसार शुभ मुहूर्त भी बताएंगे जो कि आपके लिए फायदेमंद साबित होगा अगर आप अपने मनपसंद शख़्स को प्रपोज़ करने का मन बना रहे हैं। साथ ही, सभी 12 राशियों के लिए वैलेंटाइन डे स्पेशल भविष्यवाणी भी प्रदान करेंगे।

वैलेंटाइन डे 2025 पर बनेगा ये शुभ योग

वैलेंटाइन डे को प्रेम और प्रेम के हर स्वरूप का प्रतीक माना जाता है। ज्योतिष के अनुसार, शुक्र देव को प्रेम, सौंदर्य, रोमांस, कला, संगीत, नृत्य और भोग-विलास से जुड़ी सभी वस्तुओं का कारक ग्रह माना गया है। लेकिन, क्या आप जानते हैं कि वर्ष 2025 के वैलेंटाइन डे पर बनने वाले सुकर्मा योग के अलावा कौन सी बात इस दिन को सबसे ख़ास बनाती है? तो आपको बता दें कि इस बार वैलेंटाइन डे 14 फरवरी 2025, शुक्रवार के दिन पड़ रहा है जो कि शुक्र ग्रह और चंद्र देव द्वारा शासित हैं। जहाँ चंद्रमा हमारी भावनाओं को नियंत्रित करता है, तो शुक्र देव प्रेम के ग्रह के रूप में जाने जाते हैं और यह अपनी उच्च राशि मीन में विराजमान हैं जिसे वैलेंटाइन डे 2025 पर बनने वाले एक दुर्लभ योग के रूप में भी देखा जा सकता है। 

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सुकर्मा योग का महत्व 

सुकर्मा योग सातवां नित्य योग होता है जो कि एक शुभ योग माना जाता है। इस योग का संबंध नेतृत्व क्षमता, शुभता, भाग्य और सफलता से होता है। सुकर्मा योग के अधिपति देव मंगल ग्रह हैं और यह योग आध्यात्मिक या धार्मिक समारोह के लिए सर्वश्रेष्ठ होता है। अगर आप अपने जीवन के सच्चे प्यार को 14 फरवरी 2025 को शादी के लिए प्रपोज करने जा रहे हैं, तो ऐसे में, आपको शादी से पहले और बाद में निश्चित रूप से शुभ परिणामों की प्राप्ति होगी।

  • यह नैसर्गिक योग के नाम से भी जाना जाता है जो कि सातवां नित्य योग है।
  • इस अवधि को किसी नए प्रोजेक्ट की शुरुआत करने या शादी-विवाह जैसे मांगलिक कार्य करने के लिए शुभ माना गया है। 
  • जिन जातकों का जन्म सुकर्मा योग के तहत होता है, उन्हें मज़बूत नेतृत्व क्षमता, धन-समृद्धि और सौभाग्य का आशीर्वाद मिलता है। 

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वैलेंटाइन डे 2025: होरा मुहूर्त 

शायद ही आप जानते होंगे कि कुछ विशेष कार्यों को करने के लिए एक विशेष समय होता है जिससे इस अवधि में किए गए कार्य से आपको मनचाहे परिणामों की प्राप्ति हो सके और इसे होरा कहा जाता है। ऐसे में, अब आप जान गए होंगे कि प्रत्येक कार्य को करने के लिए होरा मुहूर्त होता है, ख़ास तौर पर अगर आप  अपनी पसंद के इंसान के सामने अपने प्रेम का इज़हार करना चाहते हैं या फिर किसी के सामने प्रेम का प्रस्ताव रखकर सकारात्मक परिणाम पाना चाहते हैं? जी हाँ, ज्योतिष में आपकी हर समस्या का समाधान दिया गया है, फिर चाहे वह जीवन का कोई भी क्षेत्र क्यों न हो।  

ज्योतिष में एक दिन को 24 होरा में बांटा गया है और इसी क्रम में, प्रत्येक होरा की अवधि 1 घंटे होती है। ज्योतिष में हर ग्रह का संबंध एक विशिष्ट होरा समय से होता है। जैसे कि हम यहां प्रेम की बात कर रहे हैं और यह शुक्र होरा के अंतर्गत आता है। वैलेंटाइन डे यानी कि 14 फरवरी 2025 के दिन होरा मुहूर्त का समय इस प्रकार रहेगा:

  • सुबह 06 बजकर 52 मिनट से – सुबह 07 बजकर 47 मिनट तक
  • दोपहर 01 बजकर 22 मिनट से दोपहर 02 बजकर 18 मिनट तक

यदि आप इस अवधि में अपने साथी के सामने अपनी भावनाओं का इज़हार करते हैं और आपकी कुंडली में शुक्र ग्रह की स्थिति अनुकूल है, तो इस साल वैलेंटाइन डे पर निश्चित रूप से आपको प्रेम जीवन में सफलता की प्राप्ति होगी। 

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वैलेंटाइन डे 2025: सभी 12 राशियों के लिए राशि अनुसार भविष्यवाणी

मेष राशि

प्रेम राशिफल 2025 के अनुसार मेष राशि के जातकों को इस वर्ष मिश्रित परिणाम… (विस्तार से पढ़ें) 

वृषभ राशि

प्रेम राशिफल 2025 के अनुसार वृषभ राशि के जातकों को भी इस साल मिश्रित परिणाम मिलने वाले… (विस्तार से पढ़ें)

मिथुन राशि

बात करें राशि चक्र की तीसरी राशि मिथुन की तो प्रेम राशिफल 2025 के अनुसार मिथुन… (विस्तार से पढ़ें)

कर्क राशि

प्रेम राशिफल 2025 के अनुसार कर्क राशि के जातकों की बात करें तो वर्ष 2025 में आपको प्रेम के संदर्भ… (विस्तार से पढ़ें) 

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सिंह राशि

प्रेम राशिफल 2025 के अनुसार प्रेमी जातकों के लिए यह वर्ष औसत से बेहतर परिणाम लेकर…(विस्तार से पढ़ें)

कन्या राशि

प्रेम राशिफल 2025 के अनुसार कन्या राशि के जातकों की बात करें तो वर्ष 2025 में प्रेमी…(विस्तार से पढ़ें)

तुला राशि

प्रेम राशिफल 2025 के अनुसार तुला राशि के जातकों की बात करें तो इन्हें इस वर्ष मिश्रित…(विस्तार से पढ़ें) 

वृश्चिक राशि 

प्रेम राशिफल 2025 के अनुसार बात करें वृश्चिक राशि के जातकों की तो इस वर्ष प्रेम से… 

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धनु राशि 

प्रेम राशिफल 2025 के अनुसार धनु जातकों की बात करें तो यह साल आपके लिए थोड़ा कमजोर… (विस्तार से पढ़ें)

मकर राशि

प्रेम राशिफल 2025 के अनुसार मकर जातकों के लिए साल का पहला हिस्सा यादगार…(विस्तार से पढ़ें) 

कुंभ राशि

बात करें राशि चक्र की 11वीं राशि की तो प्रेम राशिफल 2025 के अनुसार प्रेमी जातकों… (विस्तार से पढ़ें) 

मीन राशि

प्रेम राशिफल 2025 के अनुसार पंचम भाव पर किसी भी ग्रह का नकारात्मक प्रभाव नहीं है जिसके… (विस्तार से पढ़ें)

वैलेंटाइन डे का इतिहास 

वैलेंटाइन डे का संबंध प्राचीन रोम से माना गया है। तीसरी शताब्दी के दो भिन्न-भिन्न वर्षों में 14 फरवरी के दिन राजा क्लॉडियस द्वितीय ने वैलेंटाइन नाम के दो व्यक्तियों को मौत की सजा दी थी। कैथोलिक चर्च ने सेंट वैलेंटाइन डे की स्थापना करके उनकी शहादत को याद किया था। हालांकि,  वैलेंटाइन डे से जुड़ी अनेक कहानियां प्रचलित हैं। 

वैलेंटाइन डे 2025: आधुनिक युग में जश्न मनाने का तरीका एवं परिवर्तन 

वर्तमान समय में वैलेंटाइन डे में सांस्कृतिक और सामाजिक रूप से काफ़ी बदलाव देखने को मिला है। हालांकि, आज भी वैलेंटाइन डे को प्यार के  दिन के रूप में मनाया जाता है, लेकिन अब इसको मनाने के तौर-तरीके में परिवर्तन आया है। आधुनिक समय में सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म या ऐप जैसे कि व्हाट्सएप या इंस्टाग्राम के माध्यम से लोग टेक्स्ट, कार्ड्स, जीआईएफ आदि भेजकर अपने प्रियजनों को शुभकामनाएं देते हैं। वहीं, एक-दूसरे से दूर रहने वाले प्रेमी जोड़े अब वीडियो कॉल की मदद से वैलेंटाइन डे को मना सकते हैं। दूसरी तरफ़, डिजिटल लव नोट और मीम भी अपने प्रेम को जताने का बेहतरीन ज़रिया बन गए हैं। 

हालांकि, तेज़ी से बदलती इस दुनिया में ईको-फ्रिन्ड्ली गिफ्ट भी लोगों के बीच लोकप्रिय हो रहे हैं जैसे कि फूल, प्लांट बेस्ड चॉकलेट और एथिकल ज्वेलरी आदि। वहीं, कुछ लोग तोहफों से हटकर प्राकृतिक रूप से सुंदर जगहों पर घूमना या फिर किसी स्थान की प्रसिद्ध चीज़ देना पसंद करते हैं। इस बात को लेकर हम निश्चित है कि भविष्य में तकनीक और जीवनशैली में बदलाव के साथ-साथ वैलेंटाइन मनाने और गिफ्ट्स में भी परिवर्तन देखने को मिलेंगे। 

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इसी आशा के साथ कि, आपको यह लेख भी पसंद आया होगा एस्ट्रोसेज के साथ बने रहने के लिए हम आपका बहुत-बहुत धन्यवाद करते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

वैलेंटाइन डे कब मनाया जाता है?

हर साल वैलेंटाइन डे को 14 फरवरी 2025 को मनाया जाता है।

ज्योतिष में प्रेम का संबंध किस ग्रह से है?

शुक्र देव प्रेम और इससे जुड़े क्षेत्रों को नियंत्रित करते हैं।

वैलेंटाइन डे की उत्पत्ति कैसे हुई?

वैलेंटाइन डे की शुरुआत प्राचीन रोम में एक ईसाई पर्व के रूप में हुई थी।

शनि कुंभ राशि में अस्त: देश-दुनिया में लेकर आएंगे अच्छे-बुरे किस तरह के बदलाव? जानें!

शनि कुंभ राशि में अस्त: एस्ट्रोसेज एआई अपने लेखों के माध्यम से अपने पाठकों को ज्योतिष की दुनिया में होने वाले छोटे-बड़े बदलावों के बारे में समय-समय पर जानकारी प्रदान करता रहा है। ज्योतिष में शनि देव को न्याय के देवता कहा जाता है जो अब 22 फरवरी 2025 को कुंभ राशि में अस्त होने जा रहे हैं। ऐसे में, हमारा यह ब्लॉग आपको “शनि कुंभ राशि में अस्त” से जुड़ी समस्त जानकारी प्रदान करेगा। साथ ही, शनि की चाल में होने वाला यह बदलाव सभी राशियों को भी प्रभावित करेगा, लेकिन यहां हम आपको बताने जा रहे हैं कि कुंभ राशि में शनि अस्त होकर देश-दुनिया को किस तरह प्रभावित करेंगे। तो आइए बिना देर किये शुरुआत करते हैं इस लेख की और जानते हैं शनि कुंभ राशि में अस्त के बारे में। 

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वैदिक ज्योतिष में शनि देव को कर्मफल दाता कहा जाता है जो सभी राशियों के जातकों के जीवन में अनुशासन, संरचना, जिम्मेदारी और सीमाओं का प्रतिनिधित्व करते हैं। शनि एक ऐसा ग्रह है जो कड़ी मेहनत, प्रतिबद्धता और जीवन में प्रगति पाने एवं परिपक्व होने के लिए हमें जो जरूरी सबक सीखने होते हैं आदि को नियंत्रित करते हैं। इंसान के जीवन में शनि देव का प्रभाव आपको कदम-कदम पर चुनौतियां दे सकता है। लेकिन, यह समस्याओं का सामना करते हुए इनसे बाहर निकलते हुए सबक लेने के साथ-साथ एक मज़बूत नींव का निर्माण करने से संबंधित है। शनि एक कठोर ग्रह है इसलिए इनकी ऊर्जा जीवन में कठोरता देती है, परंतु यह जातक को जीवन में सब्र, कड़ी मेहनत और अनुशासन जैसे कीमती गुणों को आशीर्वाद देते हैं। यह हमारे भविष्य की नींव तैयार करने में सहायता करते हैं। 

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शनि कुंभ राशि में अस्त: समय 

वर्तमान समय में शनि महाराज अपनी स्वयं की राशि कुंभ में गोचर कर रहे हैं। इस राशि में सूर्य देव की मौजूदगी की वजह से शनि देव 22 फरवरी 2025 की सुबह 11 बजकर 23 मिनट पर कुंभ राशि में अस्त हो जाएंगे। ऐसे में, शनि ग्रह के अस्त होने से संसार के कुछ महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर इसका प्रभाव पड़ना निश्चित है। 

ज्योतिष की नज़रों में शनि की अस्त अवस्था 

ज्योतिष शास्त्र में किसी ग्रह का अस्त होना उस अवस्था को कहते हैं जब कोई ग्रह सूर्य के बेहद करीब चला जाता है। सामान्य शब्दों में कहें तो, वह सूर्य से 8 डिग्री के भीतर प्रवेश कर जाते हैं। जब कोई ग्रह अस्त हो जाता है, तो वह सूर्य की तीव्र ऊर्जा की वजह से अपनी शक्तियां खो बैठता है जिससे व्यक्ति की कुंडली में ग्रह कमज़ोर होकर अशुभ परिणाम देने लगता है। 

बात करें शनि देव की, तो जब यह अस्त हो जाते हैं, तो इनके अनुशासन, संरचना, जिम्मेदारी और अधिकार जैसे गुण प्रभावित होते हैं और इस वजह से व्यक्ति के भीतर इन गुणों के प्रभाव में कमी आने लगती है या फिर वह इनका सही तरीके से उपयोग करने में असमर्थ होता है। ज्योतिषियों के मतानुसार, शनि की अस्त अवस्था के प्रभाव को नीचे दिए गए तथ्यों से जाना जा सकता है जो कि इस प्रकार हैं: 

अधिकार एवं प्रतिबद्धता से जुड़ी समस्याएं: जिन जातकों के पास कुछ विशेष अधिकार होते हैं, उन्हें इनका इस्तेमाल करने में समस्याएं आ सकती हैं या फिर आप जिम्मेदारियों के तले दबा हुआ महसूस कर सकते हैं। शनि देव के अनुशासन और परिपक्वता जैसे गुण विशेष रूप से प्रभावित हो सकते हैं और ऐसे में, दीर्घकालिक योजनाओं या जिम्मेदारियों को पूरा करना आपको मुश्किल लग सकता है।

बंधा हुआ या जकड़ा हुआ महसूस करना: शनि देव प्रतिबंध, सीमाओं और जीवन में मिलने वाले सबक का भी प्रतिनिधित्व करते हैं। लेकिन, शनि जब अस्त हो जाते हैं, तो जातक को फंसा हुआ या दिशाहीन महसूस होता है।

आंतरिक संघर्ष: जातक को जीवन में आंतरिक संघर्षों जैसे कि खुद पर संदेह करना, नकारात्मक महसूस करना या फिर कड़ी मेहनत के माध्यम से अपनी क्षमताओं का सही इस्तेमाल नहीं कर पाना आदि का सामना करना पड़ सकता है। 

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सफलता में देरी: शनि के अस्त होने से जीवन में सफलता या कार्यों में सराहना मिलने में देरी हो सकती है क्योंकि शनि देव की धीमी गति से परिणाम देने वाली ऊर्जा अस्त होने पर और देरी से फल दे सकती है। 

दबाव का बढ़ना: शनि की अस्त अवस्था के दौरान जातकों के जीवन में दबाव बढ़ता हुआ महसूस हो सकता है या फिर आपको आराम करने या जिम्मेदारियों को छोड़ने में समस्याओं का अनुभव हो सकता है।

हालांकि, शनि की अस्त अवस्था का प्रभाव कुंडली के कुछ विशेष पहलुओं पर निर्भर करते हैं जैसे कि भाव में सूर्य और शनि ग्रह की स्थिति, दूसरे ग्रहों पर इनकी दृष्टि और व्यक्ति की कुंडली में अन्य ग्रहों की स्थिति आदि। कुछ विशेष मामलों में, शनि ग्रह की अस्त अवस्था के दौरान जातक जीवन में आने वाली समस्याओं से जीतना सीखता है और जीवन में शनि देव के गुणों जैसे कि अनुशासन, परिपक्वता और दृढ़ता आदि को अपने जीवन में अपनाने में सक्षम होता है। 

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शनि कुंभ राशि में अस्त: वैश्विक स्तर पर प्रभाव 

ऑटोमोबाइल एवं यातायात 

  • शनि की अस्त अवस्था के दौरान ऑटोमोबाइल की बिक्री पर असर पड़ सकता है और इस वजह से ऑटोमोबाइल की मांग में थोड़ी कमी आने की आशंका है।
  • बड़ी ऑटोमोबाइल कंपनियों को अपनी रिसर्च में कुछ खामियां नज़र आ सकती हैं जिनका वह समाधान ढूंढ़ने का प्रयास करेंगी।
  • भारत सरकार द्वारा डीजल के वाहनों के इस्तेमाल को लेकर कुछ विशेष प्रतिबंध लगाने से जुड़ी नीतियां लेकर आ सकती हैं।

कानून व्यवस्था, व्यापार एवं विदेश से संबंध

  • शनि कुंभ राशि में अस्त होने के दौरान कुछ घटनाओं की वजह से भारतीय कानून व्यवस्था की कमियां उभरकर सामने आ सकती हैं।
  • सोशल मीडिया के इस्तेमाल को लेकर विशेष नियम-कानून बनाकर लागू किये जा सकते हैं।
  • इस अवधि में दक्षिण-पूर्वी दिशा या दक्षिण पूर्वी देशों की तरफ से व्यापार से जुड़े नए अवसर प्राप्त हो सकते हैं।

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शनि कुंभ राशि में अस्त: शेयर बाजार पर असर 

आइए अब हम जानते हैं कि शनि कुंभ राशि में अस्त होने से भारतीय शेयर बाजार को किस तरह से प्रभावित करेगा। 

  • शेयर बाजार में महीने के दूसरे सप्ताह में तेजी देखने को मिलेगी और इसके फलस्वरूप, मार्केट में तेजी का दौर जारी रहेगा।
  • शनि के कुंभ राशि में अस्त होने के दौरान एमआरएफ टायर्स, आयशर मशीनरी, अदानी ग्रुप, कोल इंडिया, सीमेंट, कॉफी, केमिकल्स और बैंकिंग उद्योग आदि के शेयरों के दामों में वृद्धि आने की संभावना है।
  • हालांकि,  इस माह के तीसरे हफ़्ते पर शनि देव का प्रभाव होने के कारण बाजार की रफ़्तार धीमी पड़ सकती है जो कि मार्केट को नकारात्मक रूप से प्रभावित कर सकती है इसलिए इन लोगों को बहुत सावधानीपूर्वक आगे चलना होगा। 
  • कृषि से संबंधित उपकरणों का व्यापार-व्यवसाय करने वाली कंपनियों, एक्साइड, ज़ोमैटो, किर्लोस्कर, गोल्डन टोबैको, एग्रोटेक, डाबर, अदानी पावर समेत अन्य क्षेत्रों की कंपनियों के शेयरों में गिरावट देखने को मिल सकती है।
  • हालांकि, इस अवधि में चाय, स्टेशनरी, कपड़ा और फार्मास्युटिकल आदि क्षेत्रों के शेयरों में मामूली तेज़ी आने के योग बनेंगे।

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हम उम्मीद करते हैं कि आपको हमारा यह लेख ज़रूर पसंद आया होगा। अगर ऐसा है तो आप इसे अपने अन्य शुभचिंतकों के साथ ज़रूर साझा करें। धन्यवाद!

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

1. क्या शनि ग्रह कुंभ राशि में मज़बूत स्थिति में होते हैं?

हाँ, शनि देव की कुंभ राशि है इसलिए इस राशि में इनकी स्थिति मज़बूत होती है। 

2. शनि की दूसरी राशि कौन सी है?

राशि चक्र में कुंभ राशि के अलावा शनि ग्रह मकर राशि के भी स्वामी हैं। 

3. किस भाव में शनि को दिग्बल मिलता है?

कुंडली के सातवें भाव में शनि देव को दिशाओं का बल यानी कि दिग्बल प्राप्त होता है।

जल्द शुरू होगा हिन्दू कैलेंडर का आख़िरी महीना, यहाँ देखें फाल्गुन मास के व्रत-त्योहारों की पूरी लिस्ट!

फाल्गुन 2025: फाल्गुन को आनंद और उल्लास का महीना कहा जाता है। सनातन धर्म में फाल्गुन माह को विशेष स्थान प्राप्त है। हिंदू पंचांग के अनुसार, वर्ष का अंतिम एवं बारहवां महीना होता है फाल्गुन जो कि बेहद शुभ माना जाता है, विशेष रूप से शादी-विवाह, गृह प्रवेश और मुंडन आदि कार्यों के लिए। इस समय धरती दुल्हन की तरह सजी-धजी रहती है क्योंकि फाल्गुन और वसंत मिलकर प्रकृति को सुंदर बनाते हैं। एस्ट्रोसेज एआई के इस ख़ास ब्लॉग में हम फाल्गुन माह से जुड़े रोमांचक तथ्यों के बारे में विस्तार से बात करेंगे जैसे कि इस दौरान कौन-कौन से व्रत-त्योहार मनाए जाएंगे? इस माह में किन उपायों को करना चाहिए? क्या है इस माह का धार्मिक महत्व? इस मास में आपको क्या करना चाहिए और क्या करने से बचना चाहिए? ऐसी ही कई महत्वपूर्ण जानकारियों आपको इस लेख में मिलेगी, इसलिए अंत तक पढ़ना जारी रखें।

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आपको बता दें कि फाल्गुन माह को धार्मिक, वैज्ञानिक और प्राकृतिक रूप से एक विशेष दर्जा प्राप्त है। इस मास में वैसे तो अनेक व्रत एवं पर्व मनाए जाते हैं, लेकिन होली, महाशिवरात्रि जैसे त्योहार फाल्गुन के महत्व को बढ़ा देते हैं। आइए अब बिना देर किये आगे बढ़ते हैं और जानते हैं कि 2025 में फाल्गुन माह कब से शुरू होगा, इस महीने की विशेषता और इस माह के बारे में सब कुछ। 

कब से शुरू हो रहा है फाल्गुन मास 2025 में?

जैसे कि हम आपको बता चुके हैं कि हिंदू कैलेंडर का अंतिम माह फाल्गुन अपने साथ प्रकृति में सुंदरता लेकर आता है। बात करें वर्ष 2025 में फाल्गुन मास की, तो इस साल फाल्गुन माह का आरंभ 13 फरवरी 2025 को होगा और इसका समापन 14 मार्च 2025 को हो जाएगा। अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार, यह महीना फरवरी या मार्च में आता है। फाल्गुन को ऊर्जा और यौवन का महीना भी कहते हैं और ऐसी मान्यता है कि इस माह में वातावरण खुशनुमा हो जाता है और हर जगह नई उमंग छा जाती है। 

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फाल्गुन मास का महत्व 

धार्मिक रूप से फाल्गुन मास को विशेष माना गया है क्योंकि इस दौरान कई बड़े पर्वों को मनाया जाता है। बात करें फाल्गुन माह के नाम की, तो इस मास का नाम फाल्गुन होने के पीछे कारण यह है कि इस महीने की पूर्णिमा तिथि यानी कि फाल्गुन पूर्णिमा को चंद्रमा फाल्गुनी नक्षत्र में होता है इसलिए इसे फाल्गुन माह कहा जाता है। इस मास में भगवान शिव, विष्णु जी और श्रीकृष्ण की पूजा करना फलदायी होता है। 

एक तरफ, जहाँ फाल्गुन में कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को महाशिवरात्रि का त्योहार मनाया जाता है। वहीं, इस माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि पर भगवान विष्णु को समर्पित आमलकी एकादशी का व्रत करने का विधान है। इस प्रकार, हम कह सकते हैं कि फाल्गुन माह में विधि-विधान से उपासना करने से भक्तजनों को भगवान शिव और विष्णु जी की कृपा प्राप्त होती है। सनातन धर्म में दान का विशेष महत्व होता है फिर चाहे वह माघ मास में हो या फाल्गुन मास में, इस बारे में भी हम विस्तार से बात करेंगे, लेकिन इससे पहले नज़र डालते हैं फाल्गुन माह के व्रत-त्योहारों पर। 

फाल्गुन 2025 में पड़ने वाले व्रत-त्योहार

फाल्गुन मास 2025 में होली, महाशिवरात्रि और आमलकी एकादशी के अलावा अनेक व्रत एवं त्योहारों को मनाया जाएगा। इस माह में कब-कब पड़ेगा कौन सा त्योहार और क्या है इनकी सही तिथि? इन सवालों के जवाब आपको नीचे दी जा रही सूची में मिलेगा। 

दिनांकव्रत-त्योहार
16 फरवरी 2025, रविवारसंकष्टी चतुर्थी
24 फरवरी 2025, सोमवारविजया एकादशी
25 फरवरी 2025, मंगलवार 27प्रदोष व्रत (कृष्ण)
26 फरवरी 2025, बुधवारमहाशिवरात्रि, मासिक शिवरात्रि
27 फरवरी 2025, गुरुवारफाल्गुन अमावस्या
10 मार्च 2025, सोमवारआमलकी एकादशी
11 मार्च 2025, मंगलवारप्रदोष व्रत (शुक्ल)
13 मार्च 2025, गुरुवारहोलिका दहन
14 मार्च 2025, शुक्रवारहोली
14 मार्च 2025, शुक्रवारमीन संक्रांति
14 मार्च 2025, शुक्रवारफाल्गुन पूर्णिमा व्रत

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फाल्गुन मास 2025 में विवाह के शुभ मुहूर्त 

फाल्गुन के महीने को शादी-विवाह के लिए बेहद शुभ माना जाता है इसलिए हम आपको यहाँ 13 फरवरी 2025 से 14 मार्च 2025 तक के विवाह के शुभ मुहूर्त की सूची प्रदान कर रहे हैं। 

दिनांक एवं दिननक्षत्रतिथिमुहूर्त का समय
13 फरवरी 2025, गुरुवार मघाप्रतिपदासुबह 07 बजकर 03 मिनट से सुबह 07 बजकर 31 मिनट तक 
14 फरवरी 2025, शुक्रवारउत्तरा फाल्गुनीतृतीयारात 11 बजकर 09 मिनट  से सुबह 07 बजकर 03 मिनट तक
15 फरवरी 2025, शनिवारउत्तरा फाल्गुनी व हस्तचतुर्थीरात 11 बजकर 51 मिनट से सुबह 07 बजकर 02 मिनट तक
16 फरवरी 2025, रविवारहस्त चतुर्थीसुबह 07 बजे से सुबह 08 बजकर 06 मिनट तक 
18 फरवरी 2025, मंगलवारस्वातिषष्ठीसुबह 09 बजकर 52 मिनट से अगली सुबह  07 बजे तक
19 फरवरी 2025, बुधवारस्वाति सप्तमी, षष्ठीसुबह 06 बजकर 58 मिनट से सुबह 07 बजकर 32 मिनट तक 
21 फरवरी 2025, शुक्रवारअनुराधानवमीसुबह 11 बजकर 59 मिनट से दोपहर 03 बजकर 54 मिनट तक 
23 फरवरी 2025, रविवारमूलएकादशीदोपहर 01 बजकर 55 मिनट से शाम 06 बजकर 42 मिनट तक
25 फरवरी 2025, मंगलवारउत्तराषाढ़ाद्वादशी, त्रयोदशीसुबह 08 बजकर 15 मिनट से शाम 06 बजकर 30 मिनट तक
01 मार्च 2025, शनिवारउत्तराभाद्रपदद्वितीया, तृतीयासुबह 11 बजकर 22 मिनट से अगली सुबह 07 बजकर 51 मिनट तक
02 मार्च 2025, रविवारउत्तराभाद्रपद,  रेवतीतृतीया, चतुर्थीसुबह 06 बजकर 51 मिनट से रात 01 बजकर 13 मिनट तक
05 मार्च 2025, बुधवाररोहिणीसप्तमीरात 01 बजकर 08 मिनट से सुबह 06 बजकर 47 मिनट तक
06 मार्च 2025, गुरुवार रोहिणीसप्तमीसुबह 06 बजकर 47 मिनट से सुबह 10 बजकर 50 मिनट तक
06 मार्च 2025, गुरुवार रोहिणी, मृगशीर्षअष्टमीरात 10 बजे से सुबह 06 बजकर 46 मिनट तक
7 मार्च 2025, शुक्रवार मृगशीर्षअष्टमी, नवमीसुबह 06 बजकर 46 मिनट से रात 11 बजकर 31 मिनट तक
12 मार्च 2025, बुधवारमाघचतुर्दशीसुबह 08 बजकर 42 मिनट से अगली सुबह 04 बजकर 05 मिनट तक

फाल्गुन मास में चंद्र पूजा से दूर होगा चंद्र दोष 

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, चंद्र देव का जन्म फाल्गुन मास में हुआ था इसलिए इस माह में चंद्रमा की पूजा-अर्चना करना शुभ माना जाता है। ऐसा कहा जाता है कि फाल्गुन के महीने में चंद्र देव की आराधना से मानसिक समस्याओं का अंत होता हैं और इंद्रियों को नियंत्रित करने की शक्ति में भी बढ़ोतरी होती है। इसके अलावा, जिन जातकों की कुंडली में चंद्र दोष होता है, उनके द्वारा फाल्गुन माह में चंद्रमा की उपासना करने से चंद्र दोष का निवारण हो जाता हैं।

फाल्गुन में क्यों की जाती है श्रीकृष्ण की पूजा? 

सिर्फ इतना ही नहीं, फाल्गुन के महीने में प्रेम और खुशियों का पर्व होली भी मनाया जाता है। इसी माह में भगवान श्रीकृष्ण के तीन स्वरूप की पूजा का विधान है जो कि इस प्रकार हैं: बाल रूप, युवा रूप और गुरु कृष्ण के रूप में। ऐसी मान्यता है कि फाल्गुन के महीने में जो जातक श्रीकृष्ण की पूजा सच्चे मन और भक्तिभाव से करता है, उसके सभी मनोरथ पूर्ण होते हैं। 

जो दंपति संतान सुख प्राप्त करना चाहते हैं, उनके लिए बाल गोपाल की विधि-विधान से पूजा करना शुभ रहता है। सुखी वैवाहिक जीवन के इच्छुक लोगों के लिए कृष्ण जी के युवा स्वरूप की पूजा करना फलदायी रहता है। वहीं, जो लोग गुरु के रूप में श्रीकृष्ण की विधिवत पूजा करते हैं, उनके लिए मोक्ष प्राप्ति का मार्ग प्रशस्त होता है। 

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फाल्गुन माह में दान का महत्व

सनातन धर्म में दान-पुण्य को कितना अधिक महत्व दिया जाता है, इस बात को हम सभी जानते हैं। हिंदू वर्ष के प्रत्येक माह में अलग-अलग चीज़ों का दान करने से असीम पुण्य की प्राप्ति होती है। ठीक इसी तरह, फागुन में कुछ विशेष वस्तुओं का दान करना शुभ माना जाता है। शास्त्रों में वर्णन किया गया है कि फाल्गुन माह के दौरान आप अपने सामर्थ्य के अनुसार वस्त्र, सरसों का तेल, शुद्ध घी, अनाज, मौसमी फल आदि का जरूरतमंदों को दान करना चाहिए क्योंकि ऐसा करना बेहद कल्याणकारी माना जाता है। ऐसी मान्यता है कि फाल्गुन माह में इन चीज़ों का दान करने से जातक को अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है और पुण्य कर्मों में वृद्धि होती है। साथ ही, यह माह पितरों के निमित्त तर्पण करने के लिए भी श्रेष्ठ होता है। 

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फाल्गुन मास में कब से शुरू हो रहा है होलाष्टक?

यह हम आपको बता चुके हैं कि फाल्गुन में होली का पर्व धूमधाम से मनाया जाता है। लेकिन, शायद आप नहीं जानते होंगे कि इस माह में कुछ ऐसे दिन होते हैं जब किसी भी शुभ एवं मांगलिक कार्य को करना वर्जित होता है। यहां हम बात कर रहे हैं होलाष्टक के बारे में जिसकी शुरुआत होली से ठीक 8 दिन पहले हो जाती है। बता दें कि होलाष्टक के आठ दिनों में सभी तरह के शुभ कार्यों जैसे कि सगाई, विवाह, मुंडन आदि को नहीं किया जाता है। मान्यता है कि इस अवधि में दिया गया आशीर्वाद भी व्यर्थ हो जाता है। 

हिंदू पंचांग के अनुसार, हर साल होलाष्टक का आरंभ शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि से होता है और इसका समापन होलिका दहन के साथ हो जाता है। वर्ष 2025 में होलाष्टक का आरंभ 07 मार्च 2025, शुक्रवार से होगा और इसका अंत 13 मार्च 2025, गुरुवार के दिन होगा। बता दें कि होलाष्टक के दौरान सभी आठ ग्रह अशुभ स्थिति में होते हैं इसलिए यह अवधि शुभ कार्यों के लिए अनुकूल नहीं मानी जाती है। इस दौरान किए गए कार्यों में शुभ फलों की प्राप्ति नहीं होती है या फिर वह असफल हो जाते हैं। 

फाल्गुन 2025 में जरूर करें ये उपाय

  • अगर आपके वैवाहिक जीवन में प्रेम की कमी होने लगी है या प्यार खत्म होता जा रहा है और पति-पत्नी के बीच आपसी सामंजस्य भी नहीं है, तो आप फाल्गुन माह में भगवान श्रीकृष्ण को मोरपंख अर्पित करें। ऐसा करने से रिश्ते में मधुरता आने लगेगी।
  • फाल्गुन माह में भगवान श्रीकृष्ण की पूजा करना शुभ होता है। इस दौरान आप अबीर और गुलाल रंगों से कृष्णजी की पूजा करें। ऐसा करने से आपके स्वभाव से चिड़चिड़ापन दूर होता है और क्रोध को आप नियंत्रित करने में सक्षम होते हैं। साथ ही, श्रीकृष्ण के आशीर्वाद से मनचाहा जीवनसाथी मिलता है।
  • ज्योतिष के अनुसार, धन लाभ की प्राप्ति के लिए फाल्गुन माह में आपको सुगंधित परफ्यूम का उपयोग करना चाहिए और अपने आसपास चंदन का इत्र या रंग-बिरंगे फूल रखें। ऐसा करने से शुक्र देव प्रसन्न होते हैं और धन लाभ के रास्ते खुलते हैं। 
  • मान्यताओं के अनुसार फाल्गुन माह में चंद्र देव का जन्म हुआ था इसलिए इस माह में इनकी पूजा-अर्चना करें। साथ ही, चंद्र देव से जुड़ी वस्तुओं जैसे दूध, मोती, चावल, दही और चीनी आदि का दान करें। इस उपाय को करने से चंद्र दोष दूर होता है। 

चलिए अब जानते हैं फाल्गुन 2025 में आप किन कार्यों को कर सकते हैं और किन कामों को करने से आपको बचना चाहिए। 

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फाल्गुन मास के दौरान क्या करें?

  • फाल्गुन 2025 के दौरान आप ज़्यादा से ज़्यादा फलों का सेवन करें।
  • इस माह में ठंडे या साधारण पानी से नहाने की कोशिश करें।
  • संभव हो, तो रंग-बिरंगे और सुंदर कपड़े धारण करें।
  • भोजन में कम से कम अनाज का सेवन करने का प्रयास करें।
  • परफ्यूम/इत्र का इस्तेमाल करें। यदि चंदन की ख़ुशबू का इस्तेमाल करते हैं, तो शुभ फल प्राप्त होंगे।
  • फाल्गुन माह में रोज़ाना भगवान श्रीकृष्ण की उपासन करें और उन्हें फूल चढ़ाएं।

फाल्गुन 2025 के दौरान क्या न करें?

  • फाल्गुन माह के दौरान नशीले पदार्थों एवं मांस-मदिरा का सेवन बिल्कुल न करें। 
  • इस महीने जब होलाष्टक लग जाए, उस समय किसी भी शुभ कार्य का आयोजन न करें।
  • आयुर्वेद के अनुसार, इस माह में अनाज का सेवन ज्यादा नहीं करना चाहिए। 
  • इस दौरान महिलाओं और बुजुर्गों का अपमान न करें। 
  • फागुन माह में किसी के प्रति मन में गलत विचार लेकर आने से बचें।  

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्नों

2025 में फाल्गुन कब से शुरू है?

इस साल फाल्गुन माह 13 फरवरी 2025 को शुरू हो जाएगा। 

होली 2025 में कब है?

वर्ष 2025 में होली 14 फरवरी 2025 को मनाई जाएगी। 

फाल्गुन कौन सा माह है?

हिंदू वर्ष में फाल्गुन बारहवां महीना होता है। 

शुभ योग में हो रही है कुंभ संक्रांति की शुरुआत, राशि अनुसार कर लें उपाय और दान!

हिंदू सौर कैलेंडर के अनुसार कुंभ संक्रांति ग्‍यारहवें महीने की शुरुआत का प्रती‍क है। आत्‍मा के कारक सूर्य ग्रह हर महीने एक राशि से दूसरी राशि में गोचर करते हैं और उनके राशि परिवर्तन करने की तिथि को संक्रांति के रूप में मनाया जाता है। इस शुभ दिन पर गंगा समेत पवित्र नदियों में स्‍नान और ध्‍यान करने का बहुत महत्‍व है।

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कब है कुंभ संक्रांति 2025

12 फरवरी, 2025 को रात 09 बजकर 40 मिनट पर सूर्य देव मकर राशि से निकलकर कुंभ राशि में प्रवेश करेंगे। इस राशि में सूर्य देव 14 मार्च तक रहने वाले हैं। हिंदू धर्म में कुंभ संक्रांति को बहुत शुभ और पवित्र माना जाता है।

बन रहा है शुभ योग

कुंभ संक्रांति के दिन एक शुभ योग बन रहा है। इससे इस पावन पर्व का महत्‍व और भी ज्‍यादा बढ़ जाता है। 12 फरवरी को सुबह 08 बजकर 06 मिनट से शोभन योग शुरू हो रहा है और इसका समापन 13 फरवरी को सुबह 07 बजकर 31 मिनट पर होगा। इस प्रकार कुंभ संक्रांति 2025 की शुरुआत शोभन योग से हो रही है।

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कुंभ संक्रांति 2025 पर क्‍या करना चाहिए

  • संक्रांति के दिन खाने की चीजें, कपड़ों और अन्‍य ज़रूरत का सामान ब्राह्मणों या पंडितों को दान करना चाहिए।
  • इस दिन पवित्र नदी में स्‍नान करने से मोक्ष की प्राप्‍ति होती है।
  • कुंभ संक्रांति के दिन श्रद्धालु सच्‍चे मन से मां गंगा से प्रार्थना करें एवं उनका ध्‍यान करें। ऐसा करने से जीवन में सुख और समृद्धि आती है।
  • जो व्‍यक्‍ति कुंभ संक्रांति के दिन गंगा नदी के किनारे स्‍नान करने नहीं जा सकते हैं, वे यमुना, गोदावरी और शिप्रा जैसी नदियों में भी डुबकी लगा सकते हैं।
  • इस शुभ दिन पर गाय को चारा खिलाना मंगलकारी माना जाता है।

कुंभ संक्रांति 2025 पर किए जाने वाले रीति-रिवाज़

  • पवित्र नदियों जैसे कि गंगा, यमुना और गोदावरी आदि में कुंभ संक्रांति के दिन स्‍नान करने का बहुत महत्‍व होता है। ऐसा करने से सारे पाप धुल जाते हैं, आत्‍मा शुद्ध होती है और आध्‍यात्मिक शांति मिलती है।
  • इस दिन मंदिर जाकर पूजा-अर्चना करने से भक्‍तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण हो जाती हैं। संक्रांति पर सभी देवी-देवताओं खासतौर पर मां गंगा को फूल, फल आदि अर्पित करें।
  • इस शुभ दिन पर दान करने से बहुत लाभ मिलता है। आप गरीबों को अन्‍न का दान कर सकते हैं और गाय को भी भोजन करवा सकते हैं।
  • कुंभ संक्रांति 2025 पर श्रद्धालु व्रत रखते हैं और अपने उत्तम स्‍वास्‍थ्‍य, सुख-शांति के लिए प्रार्थना करते हैं।

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कुंभ संक्रांति 2025 का सांस्‍कृतिक महत्‍व

कुंभ संक्रांति आध्‍यात्मिक रूप से शुद्ध होने का अवसर है। गंगा नदी को आत्‍मा और शरीर को पूर्ण रूप से शुद्ध करने वाला माना जाता है और इस संक्रांति पर विशेष रूप से मां गंगा की पूजा होती है और गंगा के पवित्र जल में स्‍नान किया जाता है। कुंभ संक्रांति के अवसर पर कई जगहों पर मेला और सांस्‍कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाते हैं। य‍ह पर्व मोक्ष प्राप्‍ति की ओर अग्रसर होने का भी प्रतीक है।

कहां-कहां मनाते हैं कुंभ संक्रांति 2025

वैसे तो भारत के कई हिस्‍सों में कुंभ संक्रांति का व्रत किया जाता है लेकिन पूर्वी भारत में इस दिन को बहुत जोश और उत्‍साह के साथ मनाया जाता है। पश्चिम बंगाल में इस दिन से फाल्‍गुन मास की शुरुआत होती है। इस पर्व को मलयालम कैलेंडर के अनुसार मासी मसम के नाम से मनाया जाता है। कुंभ संक्रांति 2025 पर हर साल की तरह श्रद्धालु इलाहाबाद, उज्‍जैन, नासिक और हरिद्वार जैसे शहरों में पवित्र गंगा नदी में स्‍नान करने जाते हैं।

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कुंभ संक्रांति 2025 की पूजन विधि

संक्रांति के दिन सुबह जल्‍दी उठकर स्‍नान आदि कर लें और फिर तांबे के लोटे में जल और तिल डालकर सूर्य देव को अर्घ्‍य दें। इसके बाद आप भगवान विष्‍णु को फल, फूल, धूप, दीप, तिल, अक्षत और दूर्वा आदि अर्पित करें। पूजा के अंत में भगवान विष्‍णु की आरती ज़रूर करें।

कुंभ संक्रांति 2025 की कथा

एक बार देवताओं और राक्षसों ने मंदार पर्वत और वासुकि नाग की सहायता से श्रीर सागर से अमृत कलश को निकालने का फैसला किया। इस पर्वत को कछुए के रूप में भगवान विष्‍णु ने अपनी पीठ पर धारण किया था और इस प्रकार विष्‍णु जी ने कूर्मावतार लिया था। समुद्र मंथन के दौरान एक के बाद एक कई अनमोल वस्‍तुएं निकलीं और आखिर में अमृत कलश निकला। देवताओं को चिंता थी कि राक्षस इस अमृत कलश पर अपना कब्‍जा कर लेंगे और उन्‍हें कुछ नहीं मिल पाएगा। राक्षसों और देवताओं के बीच अमृत को लेकर चल रहे विवाद के दौरान अमृत की कुछ बूंदें कलश से धरती के चार स्‍थानों हरिद्वार, प्रयागराज, उज्‍जैन और नासिक में जा गिरीं। कुंभ संक्रांति के दिन यह अमृत धरती पर गिरा था। इस तरह ये सभी स्‍थान पवित्र बन गए और इस प्रकार कुंभ संक्रांति 2025 को पापों से मुक्‍ति दिलाने का प्रतीक बन गया।

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कुंभ संक्रांति 2025 पर राशि अनुसार उपाय

आप कुंभ संक्रांति के दिन अपनी राशि के अनुसार निम्‍न उपाय कर सकते हैं:

  • मेष राशि: आप अग्नि से संबंधित चीज़ों जैसे कि लैंप या मोमबतृती आदि का दान करें।
  • वृषभ राशि: इस राशि वाले जातक कुंभ संक्रांति 2025 पर गरीब और ज़रूरतमंद लोगों को कपड़े और अन्‍न का दान करें। इससे आपके जीवन में सुख-संपत्ति आएगी।
  • मिथुन राशि: आप किताबों का दान करें और छात्रों की सहायता करें।
  • कर्क राशि: आप पानी से संबंधित चीज़ों जैसे कि पीने के पानी या एक्‍वैरियम का दान करें।
  • सिंह राशि: आप अनाथ बच्‍चों को या मंदिर में सोने की चीज़ें दान या उपहार में दें।
  • कन्‍या राशि: आप ऐसे संस्‍थाओं को दान करें जो बीमार या वृद्ध लोगों की सेवा एवं मदद करती हों।
  • तुला राशि: आप सफेद कपड़ों, मिठाई और दही का दान करें।
  • वृश्चिक राशि: आप लाल रंग के कपड़ों, दाल या तांबे की चीज़ों का दान करें।
  • धनु राशि: अगर आपकी धनु राशि है, तो आप भगवान विष्‍णु की पूजा करें।
  • मकर राशि: आप काले तिल के बीजों, तेल या नीले रंग की वस्‍तुओं का मंदिर या ज़रूरतमंद लोगों को दान करें।
  • कुंभ राशि: आप काले रंग के कपड़ों और काले तिल का दान करें।
  • मीन राशि: आप पीले रंग के कपड़ों, हल्‍दी या किताबों का दान करें।

पितृ दोष से मुक्‍ति के लिए कुंभ संक्रांति पर करें दान

यदि आपकी कुंडली में पितृ दोष है, तो आप कुंभ संक्रांति के दिन निम्‍न चीज़ों का दान कर सकते हैं:

  • सीधा दान: एक थाली में आटा, तेल, नमक, चावल, घी, गुड़ और दाल रखें। इन सभी चीज़ों को संक्रांति के दिन मंदिर में दान करें। इसे आमान्‍न दान भी कहा जाता है। इस उपाय को करने से पितृ दोष से मुक्‍ति मिलती है और अटके हुए सारे काम पूरे हो जाते हैं।
  • वस्‍त्र का दान: कुंभ संक्रांति के दिन वस्‍त्रों और अन्‍न का दान करना चाहिए। ऐसा करने से मृत्‍यु के बाद मोक्ष की प्राप्ति होती है। आप अनाज, कपड़ों, पके हुए भोजन और कंबल आदि का दान कर सकते हैं।
  • पांच फलों का दान: कुंभ संक्रांति के दिन मौसम के अनुसार पांच फलों का मंदिर में दान करें। इससे आपको कर्ज से मुक्‍ति मिल सकती है।
  • तांबे का दान: इस शुभ दिन पर तांबे या तांबे से बनी वस्‍तुओं का दान करने से सूर्य और मंगल से संबंधित दोष दूर होते हैं। इसके साथ ही आप लाल रंग के फूल और लाल रंग के वस्‍त्र भी दान कर सकते हैं।
  • तिल दान: इस दिन पर आप काले तिलों का दान भी कर सकते हैं।

कुंभ संक्रांति 2025 पर करें ये ज्‍योतिषीय उपाय

  • इस संक्रांति पर आदित्‍य ह्रदय स्‍तोत्र का पाठ करें। इसके अलावा आप सूर्य चालीसा का पाठ भी कर सकते हैं। सूर्य देव की पूजा करें, सूर्य देवता की आरती करें और सूर्य मंत्र का जाप करें।
  • कुंभ संक्रांति पर दान करने का विशेषत महत्‍व होता है। इस दिन ब्राह्मणों और ज़रूरतमंद लोगों को ऊर्नी गर्म कपड़े और अन्‍न का दान करें। इस अवसर पर घी का दान करना भी शुभ माना जाता है।
  • सूर्य देव को प्रसन्‍न करने के लिए गरीब बच्‍चों को फल बांटें।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रश्‍न 1. कुंभ संक्राति क्‍या होती है?

उत्तर. इस दिन सूर्य मकर राशि से कुंभ राशि में प्रवेश करते हैं।

प्रश्‍न 2. 2025 में कुंभ संक्रांति कब है?

उत्तर. 12 फरवरी, 2025 को कुंभ संक्रांति मनाई जाएगी।

प्रश्‍न 3. कुंभ संक्रांति को सूर्य कौन सी राशि में प्रवेश करते हैं?

उत्तर. इस दिन सूर्य कुंभ राशि में गोचर करते हैं।

पुत्र की राशि में होगा सूर्य का गोचर, किन राशियों को देंगे आशीर्वाद और किनकी बढ़ाएंगे मुसीबतें!

एस्ट्रोसेज एआई अपने पाठकों के लिए “सूर्य का कुंभ राशि में गोचर” का यह विशेष ब्लॉग लेकर आया है जिसके अंतर्गत आपको सूर्य गोचर से जुड़ी समस्त जानकारी प्राप्त होगी। बता दें कि नवग्रहों में सूर्य को “ग्रहों का राजा” का दर्जा प्राप्त है और अब यह फरवरी माह में मकर राशि से निकलकर कुंभ राशि में प्रवेश करने जा रहे हैं। सूर्य का कुंभ राशि में गोचर होने से सभी राशियों के जीवन पर शुभ-अशुभ प्रभाव नज़र आ सकता है। हम इस ब्लॉग के माध्यम से उन राशियों के बारे में भी आपको विस्तार से बताएंगे जिनके लिए यह गोचर शुभ रहेगा। साथ ही, किन उपायों को आप सूर्य गोचर के दौरान अपना सकते हैं, यह भी हम आपको बताएंगे। 

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अगर हम बात करें सूर्य गोचर के बारे में, तो सूर्य देव को एक राशि से दूसरी राशि में प्रवेश करने के लिए तकरीबन 1 महीने का समय लगता है। इस प्रकार, सूर्य देव को प्रत्येक राशि में दोबारा जाने में 1 साल का वक्त लग जाता है। हमारे इस ब्लॉग में हम न सिर्फ आपको सूर्य गोचर के प्रभाव और तिथि एवं समय के बारे में बताएंगे, बल्कि क्या होती है संक्रांति और क्या है इसका महत्व, कुंडली में कैसे मज़बूत करें सूर्य को आदि से भी आपको रूबरू करवाएंगे। तो चलिए बिना देर किये शुरू करते हैं यह लेख और सबसे पहले जानते हैं सूर्य गोचर का समय। 

सूर्य का कुंभ राशि में गोचर: तिथि और समय 

वैदिक ज्योतिष में सूर्य देव पिता एवं आत्मा के कारक कहे गए हैं जो अब 12 फरवरी 2025 की रात 09 बजकर 40 मिनट पर कुंभ राशि में गोचर करने जा रहे हैं। शायद ही आप जानते होंगे कि सूर्य देव मकर राशि से निकलकर अपने पुत्र शनिदेव की कुंभ राशि में गोचर करने जा रहे हैं। ऐसे में, कुंभ राशि में सूर्य और शनि महाराज का मिलन देखने को मिलेगा। आइए अब हम आगे बढ़ते हैं और नज़र डालते हैं कुंभ राशि में सूर्य गोचर से बनने वाली युतियों पर।

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कुंभ राशि में सूर्य, बुध और शनि करेंगे युति 

जब नवग्रहों के राजा सूर्य कुंभ राशि में गोचर करेंगे जो कि उनके पुत्र शनि देव की राशि है, उस समय न सिर्फ पिता-पुत्र का मिलन होगा बल्कि अनेक ग्रहों की युति का निर्माण होगा। ऐसे में, अनेक योग बनेंगे। जब 12 फरवरी 2025 को सूर्य देव कुंभ राशि में प्रवेश करेंगे, तो वहाँ पहले से शनि देव विराजमान होंगे और इसके परिणामस्वरूप, सूर्य-शनि की युति का निर्माण होगा। इसके ठीक एक दिन पहले 11 फरवरी 2025 को बुध महाराज भी कुंभ राशि में आ जाएंगे। इस प्रकार, बुध और सूर्य की युति से 12 फरवरी से लेकर 27 फरवरी तक बुधादित्य योग का निर्माण होगा। इसके अलावा, सूर्य, बुध और शनि के एक राशि में मौजूद होने से त्रिग्रही योग भी बनेगा।  

कुंभ राशि में सूर्य-बुध की युति जातकों को सकारात्मक परिणाम दे सकती है और यह अवधि आपके कार्यों में सफलता प्रदान करेगी जबकि इस अवधि में शनि अस्त अवस्था में होंगे। इसके परिणामस्वरूप, सभी राशियों को मिलने वाले परिणाम कमज़ोर रह सकते हैं। अब आपको अवगत करवाते हैं कि आख़िर क्या होती है संक्रांति और क्या है इसका धार्मिक महत्व। 

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संक्रांति और सूर्य गोचर का महत्व 

सूर्य गोचर को धर्म और ज्योतिष दोनों में ही महत्वपूर्ण माना गया है। सूर्य महाराज जब-जब एक राशि से दूसरे राशि में गोचर करते हैं, तो इस घटना को संक्रांति के नाम से जाना जाता है। जब सूर्य जिस भी राशि में प्रवेश करते हैं, उस संक्रांति को उस राशि के नाम से जाना जाता है जिसमें उनका गोचर हुआ है जैसे कि अब सूर्य ग्रह का कुंभ राशि में गोचर होने जा रहा है, तो यह तिथि कुंभ संक्रांति के नाम से जानी जाएगी।

हालांकि, हर संक्रांति तिथि का अपना ख़ास महत्व होता है। इसी क्रम में, जिस दिन सूर्य धनु राशि में गोचर करते हैं, तो खरमास की शुरुआत हो जाती है। सनातन धर्म में ऐसा माना जाता है कि इस अवधि में सभी तरह के शुभ एवं मांगलिक कार्य वर्जित होते हैं। ठीक इसके विपरीत, सूर्य महाराज के मकर राशि में गोचर करने के साथ ही खरमास का अंत हो जाता है और एक बार फिर से मांगलिक कार्यों का पुनः आरंभ हो जाता है।

इसी तरह, सूर्य गोचर का प्रभाव न सिर्फ राशियों को प्रभावित करता है, बल्कि देश-दुनिया के साथ-साथ धन, अर्थव्यवस्था और करियर समेत विभिन्न क्षेत्रों पर अपना असर डालता है। जहां सूर्य के कुछ गोचर कुछ राशियों के लिए अनुकूल साबित होते हैं, तो कुछ राशियों के लिए यह नकारात्मक परिणाम लेकर आते हैं। 

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कुंभ संक्रांति का धार्मिक महत्व 

जैसे कि हम आपको बता चुके हैं कि सूर्य देव हर महीने अपनी राशि बदलते हैं। अब यह कुंभ राशि में जा रहे है, तो ऐसे में, कुंभ संक्रांति का धार्मिक रूप से विशेष महत्व है। धार्मिक दृष्टि से कुंभ संक्रांति के दिन पवित्र नदी में स्नान करना और सूर्य देव की पूजा-अर्चना के साथ-साथ दान करना शुभ रहता है। सूर्य देव की उपासना से विशेष फल की प्राप्ति होती है। 

कमज़ोर और मज़बूत सूर्य का प्रभाव 

ज्योतिष के अनुसार, जिन जातकों की कुंडली में सूर्य देव मजबूत स्थिति में होते हैं, उनका समाज में मान-सम्मान बढ़ता है और उन्हें सरकारी नौकरी प्राप्त होती है। ऐसे लोगों को हर कदम पर अपने पिता के साथ मिलता है और उनके साथ रिश्ते भी मधुर बने रहते हैं। साथ ही, स्वास्थ्य सुख भी प्राप्त होता है।

दूसरी तरफ, जिन लोगों की कुंडली में सूर्य ग्रह दुर्बल अवस्था में होते हैं, उन्हें जीवन में अनेक  तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ता है जैसे कि उन्हें शारीरिक रोग परेशान करते हैं, विशेष रूप से दिल और आंख से जुड़े रोग। साथ ही, ऐसे लोग झूठे आरोपों में फंस जाते हैं और समाज में मान-सम्मान भी कम होने लगता है। इसके अलावा, पिता के साथ रिश्ते बिगड़ने लगते हैं और धन हानि उठानी पड़ती है।

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सूर्य का कुंभ राशि में गोचर: सरल एवं प्रभावी उपाय

  • जिन लोगों की कुंडली में सूर्य ग्रह कमज़ोर होते हैं, वह रविवार के दिन सुबह स्नान करने के बाद लाल वस्त्र धारण करें और सूर्य देव को अर्घ्य दें। 
  • संभव हो, तो रविवार के दिन व्रत रखें। 
  • अगर आप जीवन में कठिन परिस्थितियों का सामना कर रहे हैं, तो दैनिक जीवन में आप लाल और पीले रंग के वस्त्र पहनना शुरू करें। 
  • सूर्य ग्रह से शुभ फल प्राप्त करने के लिए माणिक रत्न धारण करना भी लाभकारी रहता है। लेकिन, आपको रत्न धारण करने से पहले किसी अनुभवी ज्योतिषियों से परामर्श करने की सलाह दी जाती है।
  • सूर्य देव को बलवान करने के लिए सोना, तांबा, गुड, गेहूं और माणिक आदि का दान करें। 
  • भगवान सूर्य की आराधना के लिए आदित्य हृदय स्त्रोत का पाठ करें। ऐसा करने से सूर्य देव से सकारात्मक परिणाम हो सकते हैं। 

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सूर्य का कुंभ राशि में गोचर: राशि अनुसार प्रभाव और उपाय 

मेष राशि

इस गोचर के दौरान सूर्य मेष राशि के ग्‍यारहवें भाव में रहेंगे एवं वह आपके पांचवे भाव के… (विस्तार से पढ़ें) 

वृषभ राशि

वृषभ राशि के चौथे भाव के स्‍वामी सूर्य ग्रह हैं और अब वह इस राशि के दसवें भाव में…(विस्तार से पढ़ें)

मिथुन राशि

इस गोचर के दौरान सूर्य ग्रह मिथुन राशि के नौवें भाव में गोचर करेंगे और वह आपके तीसरे…(विस्तार से पढ़ें)

कर्क राशि

सूर्य का कुंभ राशि में गोचर करने के दौरान सूर्य देव कर्क राशि के आठवें भाव में रहेंगे एवं…(विस्तार से पढ़ें)

सिंह राशि

सूर्य का कुंभ राशि में गोचर करने के दौरान सूर्य ग्रह सिंह राशि के सातवें भाव में रहेंगे। सूर्य इस…(विस्तार से पढ़ें) 

कन्या राशि

कन्या राशि के बारहवें भाव के स्‍वामी सूर्य देव हैं और अब वह आपके छठे भाव में गोचर…(विस्तार से पढ़ें)

तुला राशि

सूर्य के कुंभ राशि में गोचर करने पर सूर्य देव तुला राशि के पांचवे भाव में उपस्थित रहेंगे। सूर्य…(विस्तार से पढ़ें) 

वृश्चिक राशि 

सूर्य का कुंभ राशि में गोचर के दौरान दशम भाव के स्‍वामी सूर्य आपके चौथे भाव में विराजमान…(विस्तार से पढ़ें) 

धनु राशि 

धनु राशि के तीसरे भाव में सूर्य का यह गोचर होने जा रहा है। सूर्य इस राशि…(विस्तार से पढ़ें)

मकर राशि

सूर्य का कुंभ राशि में गोचर करने के दौरान सूर्य देव मकर राशि के दूसरे भाव में रहेंगे और ये इस…(विस्तार से पढ़ें)

कुंभ राशि

सूर्य कुंभ राशि के सातवें भाव के स्वामी हैं और अब सूर्य का कुंभ राशि में गोचर करने पर वह…(विस्तार से पढ़ें)

मीन राशि

सूर्य कुंभ राशि के सातवें भाव के स्वामी हैं और अब सूर्य का कुंभ राशि में गोचर करने पर वह…(विस्तार से पढ़ें)

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

1. 2025 में कुंभ संक्रांति कब है?

सूर्य का कुंभ राशि में गोचर 12 फरवरी 2025 को होगा इसलिए इसे कुंभ संक्रांति कहते हैं। 

2. सूर्य मनुष्य जीवन को कैसे प्रभावित करते हैं?

ज्योतिष में सूर्य ग्रह आत्मा, पिता और मान-सम्मान का कारक कहा गया है। इस प्रकार, इनका प्रभाव मनुष्य पर दिखाई देता है।  

3. सूर्य की राशि कौन सी है?

राशि चक्र में सूर्य देव को सिंह राशि पर स्वामित्व प्राप्त है।

ग्रहों के युवराज का शनि की राशि में गोचर, इन राशियों को करियर एवं व्यापार में ख़ूब मिलेगी सफलता!

वैदिक ज्योतिष में बुध महाराज को अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान प्राप्त है। ऐसे में, बुध देव की चाल, दशा या स्थान में होने वाला कोई भी परिवर्तन फिर चाहे वह इनका अस्त, उदित, वक्री, मार्गी होना हो या फिर गोचर हो, इन सभी को ही अहम माना जाता है। अब यह जल्द ही अपनी राशि में बदलाव करते हुए कुंभ राशि में गोचर करने जा रहे हैं। एस्ट्रोसेज एआई का यह विशेष ब्लॉग आपको “बुध का कुंभ राशि में गोचर” के बारे में समस्त जानकारी प्रदान करेगा जैसे कि तिथि, समय आदि। इसके अलावा, बुध का यह गोचर किन राशियों को शुभ-अशुभ परिणाम देगा और इस दौरान किन उपायों को करके आप बुध के नकारात्मक प्रभावों को कम कर सकते हैं, इससे भी हम आपको अवगत करवाएंगे। तो आइए शुरुआत करते हैं इस ब्लॉग की और जानते हैं बुध गोचर के बारे में सब कुछ। 

यह भी पढ़ें: राशिफल 2025

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अगर हम बात करें बुध ग्रह की प्रकृति की, तो बुध महाराज को एक शुभाशुभ ग्रह माना जाता है। सरल शब्दों में कुंडली में बुध देव जिस ग्रह के साथ मौजूद होते हैं फिर वह पापी या शुभ ग्रह हो, जातकों को उसी के अनुसार अच्छे-बुरे परिणाम देते हैं। इसके विपरीत, जिन लोगों की कुंडली में बुध ग्रह अशुभ ग्रहों के साथ बैठे होते है, तो यह आपको नकारात्मक फल प्रदान कर सकते हैं। बुध ग्रह के बाद अब हम आगे बढ़ते हैं और जानते हैं बुध गोचर का समय और तिथि। 

कब और किस समय होगा बुध का गोचर?


शायद ही आप जानते होंगे कि सौरमंडल में बुध देव सूर्य ग्रह के सबसे निकट स्थित हैं इसलिए अक्सर यह इनके करीब जाने पर अस्त हो जाते हैं। ग्रहों के युवराज बुध के तेज़ गति से चलने के कारण समय-समय पर इनकी राशि और स्थिति में बदलाव देखने को मिलता है। अब बुध ग्रह 11 फरवरी 2025 की दोपहर 12 बजकर 41 मिनट पर कुंभ राशि में गोचर करने जा रहे हैं। ऐसे में, बुद्धि, वाणी एवं तर्क के कारक ग्रह बुध के गोचर का प्रभाव सभी 12 राशियों के साथ-साथ देश-दुनिया पर भी दिखाई देगा।

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ज्योतिष की नज़रों में बुध ग्रह 

हम बात करें बुध ग्रह के ज्योतिषीय महत्व की, तो सौरमंडल में बुध को सबसे छोटा ग्रह माना गया है जो कि सूर्य देव से लगभग 3.68 करोड़ की दूरी पर स्थित है। वहीं, इन्हें अपनी परिक्रमा पूरी करने में तक़रीबन 88 दिनों का समय लगता है। इस अवधि में बुध महाराज सभी 12 राशियों में गोचर करते हैं। आमतौर पर बुध ग्रह को एक राशि से निकलकर दूसरी राशि में जाने में 23 दिनों का समय लगता है। 

ग्रहों के युवराज के नाम से प्रसिद्ध बुध देव को एक युवा ग्रह का दर्जा प्राप्त है जो बेहद बुद्धिमान हैं और इनका संचार कौशल भी शानदार है। हालांकि, बुध देव को चंद्र देव का पुत्र माना जाता है जिन्हें राशि चक्र की सभी 12 राशियों में मिथुन और कन्या राशि पर आधिपत्य प्राप्त हैं। कन्या इनकी उच्च राशि भी है और मीन राशि में यह नीच अवस्था में होते हैं। सभी दिशाओं में बुध ग्रह उत्तर दिशा के स्वामी माने गए हैं। 

कुंडली में बुध देव गुरु, शुक्र और चंद्रमा के साथ होने पर शुभ फल देते हैं जबकि मंगल, केतु, शनि, राहु और सूर्य जैसे ग्रहों के साथ नकारात्मक फल प्रदान करते हैं। यह 27 नक्षत्रों में अश्लेषा, ज्येष्ठा और रेवती नक्षत्र के अधिपति देव हैं। बता दें कि बुध ग्रह बुद्धि, तर्क, गणित, संवाद और दोस्ती के कारक ग्रह माने जाते हैं। चलिए अब नज़र डालते हैं उन संकेतों पर जिनकी मदद से आप कुंडली में कमज़ोर बुध को पहचान सकते हैं। 

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कुंडली में कमज़ोर बुध के लक्षण

जिन जातकों की कुंडली में बुध देव दुर्बल अवस्था में होते हैं, वह नीचे दिए गए संकेतों से जान सकते हैं कमज़ोर बुध के बारे में जो कि इस प्रकार हैं

  • जातक के रिश्ते बहन, मौसी और बुआ से बिगड़ने लगते हैं। 
  • ऐसा इंसान बिना कुछ गलत किए भी बदनामी का शिकार हो जाता है।
  • गुप्त रोगों की वजह से यौन शक्ति में कमी आती है। 
  • व्यक्ति की पाचन शक्ति कमजोर पड़ जाती है और ऐसे में, पाचन से जुड़े रोग परेशान करने लगते हैं।
  • दुर्बल बुध वाले इंसान के शरीर में कई तरह के रोग जन्म लेने लगते हैं।  
  • जातक के पेट में निरंतर दर्द बना रहता है। 
  • व्यापार के क्षेत्र में असफलता या हानि का सामना करना पड़ता है। 
  • नौकरी में जातक को समस्याओं से दो-चार होना पड़ता है। 
  • ऐसे जातक के दांत, नाखून और बाल कमजोर होकर टूटने लगते हैं।
  • कमज़ोर बुध की वजह से सुनने की शक्ति भी कमजोर हो जाती है। 
  • वाणी से जुड़ी समस्याएं जैसे कि हकलाना व बोल न पाना आदि परेशानी करती हैं।

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ये 5 कारण बनते हैं अशुभ बुध की वजह 

आपके मन में भी ऐसे सवाल उठ रहे होंगे कि आख़िर कुंडली में बुध कमज़ोर या पीड़ित कैसे हो जाता है, तो आइए आपको रूबरू करवाते हैं उन कारणों से जो बुध को दुर्बल बनाने का काम करते हैं। 

  1. दुर्गा माता और भगवान गणेश का अपमान करने से बुध ग्रह कमज़ोर होते हैं। 
  2. जब कोई इंसान बेईमानी, छलकपट या गलत रास्तों पर जाकर पैसा कमाता हैं, तब भी बुध अशुभ होकर नकारात्मक फल देने लगता है। 
  3. जो जातक अपने जीवन में बहन, बुआ या मौसी का अनादर करता है, तो उसे भी बुध ग्रह अशुभ फल देते हैं। 
  4. किन्नरों का अपमान करने से बुध ग्रह नकारात्मक फल देने लगते हैं।
  5. जो लोग तंबाकू और शराब का सेवन करते हैं, उन्हें बुध के कुप्रभाव झेलने पड़ते हैं। 

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कुंडली में इन उपायों से करें बुध ग्रह को मज़बूत 

  • भगवान गणेश की पूजा-अर्चना करें क्योंकि ऐसा करने से बुध ग्रह बलवान होता है।
  • संभव हो, तो बुधवार के दिन बुध ग्रह के लिए व्रत करें। 
  • बुधवार के दिन गणेश जी के मंदिर जाएं और उन्हें प्रसाद के रूप में मूंग के लड्डू चढ़ाएं। 
  • नियमित रूप से गाय को हरा चारा खिलाएं, विशेषकर बुधवार के दिन। 
  • बुधवार को बुध ग्रह के लिए हरे रंग की वस्तुएं दान करें। 
  • बुध ग्रह से सकारात्मक परिणाम पाने के लिए पन्ना रत्न धारण करें। लेकिन, ऐसा किसी अनुभवी एवं विद्वान ज्योतिषी से परामर्श लेने के बाद ही करें। 
  • बुध से शुभ फल पाने के लिए गरीब ब्राह्मण को हरी सब्जियां, हरे वस्त्र और हरे फल का दान करें। 
  • बुध देव को बलवान करने के लिए बुधवार को बुध स्त्रोत का पाठ करें। 
  • बुधवार के दिन पूजा के दौरान बुध मंत्रों का जाप करें। 
  • जातक अपने दैनिक जीवन में हरे रंग का ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल करें। इस उपाय को करने से बुध ग्रह अनुकूल परिणाम देने लगते हैं।

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बुध का कुंभ राशि में गोचर: राशि अनुसार प्रभाव और उपाय 

मेष राशि

मेष राशि के तीसरे और छठे भाव का स्‍वामी बुध अब आपके ग्‍यारहवें भाव में गोचर करने जा रहे हैं।… (विस्तार से पढ़ें) 

वृषभ राशि

वृषभ राशि के दूसरे और पांचवे भाव के स्‍वामी बुध ग्रह हैं और अब वह आपके दसवें भाव में… (विस्तार से पढ़ें)

मिथुन राशि

मिथुन राशि के दूसरे और चौथे भाव के स्‍वामी बुध ग्रह, अब आपके नौवें भाव में… (विस्तार से पढ़ें)

कर्क राशि

बुध कर्क राशि के तीसरे और बारहवें भाव के स्‍वामी हैं और अब इस गोचर के दौरान वह… (विस्तार से पढ़ें)

सिंह राशि

सिंह राशि के दूसरे और ग्‍यारहवें भाव के स्‍वामी बुध अब आपके सातवें भाव में गोचर करने जा…(विस्तार से पढ़ें) 

कन्या राशि

कन्या राशि के पहले और दसवें भाव के स्‍वामी बुध इस गोचर के दौरान आपके छठे भाव में…(विस्तार से पढ़ें)

तुला राशि

बुध तुला राशि के नौवें और बारहवें भाव के स्‍वामी हैं और अब इस गोचर के दौरान वह आपके…(विस्तार से पढ़ें) 

वृश्चिक राशि 

बुध आपके आठवें और ग्‍यारहवें भाव के स्‍वामी हैं और अब इस गोचर के दौरान वह आपके…(विस्तार से पढ़ें) 

धनु राशि 

बुध धनु राशि के सातवें और दसवें भाव के स्‍वामी हैं और अब वह आपके तीसरे भाव में…(विस्तार से पढ़ें)

मकर राशि

मकर राशि के छठे और नौवें भाव के स्‍वामी बुध, अब इस गोचर के दौरान आपके दूसरे भाव में… (विस्तार से पढ़ें)

कुंभ राशि

बुध आपके पांचवे और आठवें भाव के स्‍वामी हैं और अब इस गोचर के दौरान वह आपके पहले…(विस्तार से पढ़ें)

मीन राशि

मीन राशि के चौथे और सातवें भाव के स्‍वामी बुध ग्रह हैं और कुंभ राशि में गोचर करने के दौरान… (विस्तार से पढ़ें)

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

1. कुंभ किसकी राशि है?

राशि चक्र की ग्यारहवीं राशि कुंभ के स्वामी शनि देव हैं।

2. बुध कुंभ राशि में कब तक रहेंगे?

बुध ग्रह 27 फरवरी 2025 की रात 11 बजकर 28 मिनट तक कुंभ राशि में रहेंगे।

3. ग्रह का अस्त होना किसे कहते हैं? 

ज्योतिष के अनुसार, जब कोई ग्रह सूर्य के नज़दीक चला जाता है, तो वह अपनी शक्तियां खो देता है और इसे ही ग्रह का अस्त होना कहते हैं।

सूर्य-बुध की युति से बनेगा बुधादित्य योग, इस सप्ताह इन राशियों की चमक उठेगी किस्मत!

हम सभी इस बात को भली-भांति जानते हैं कि आने वाला हर नया दिन, हर नई सुबह अपने साथ नई आशा लेकर आती है। अब हम जल्द ही फरवरी के नए सप्ताह में प्रवेश करने के लिए तैयार हैं। ऐसे में, आपके मन में भी उत्सुकता होगी यह जानने कि आने वाले सात दिन आपके प्रेम, वैवाहिक जीवन और आर्थिक जीवन के लिए कैसे रहेंगे? साथ ही, आपको करियर और पारिवारिक जीवन में किस तरह के परिणाम प्राप्त होंगे? इन सभी सवालों के जवाब जानने के लिए एस्ट्रोसेज एआई के इस साप्ताहिक राशिफल विशेष ब्लॉग को पढ़ना जारी रखें। 

यह भी पढ़ें: राशिफल 2025

दुनियाभर के विद्वान ज्योतिषियों से करें कॉल/चैट पर बात और जानें अपने संतान के भविष्य से जुड़ी हर जानकारी

बता दें कि साप्ताहिक राशिफल का यह ब्लॉग पूर्ण रूप से वैदिक ज्योतिष पर आधारित है जो कि ग्रहों-नक्षत्रों की चाल, स्थिति और दशा में होने वाले बदलाव को ध्यान में रखकर हमारे अनुभवी एवं विद्वान ज्योतिषियों द्वारा तैयार किया गया है। इस ब्लॉग में आपको इस सप्ताह के व्रत-त्योहार, ग्रहण एवं गोचर की सही तिथियों के बारे में जानकारी प्राप्त होगी। इसके अलावा, किन मशहूर हस्तियों का जन्मदिन इस हफ़्ते में आएगा, यह भी हम आपको बताएंगे। आइए अब बिना देरी किए शुरू करते हैं साप्ताहिक राशिफल ब्लॉग की और जान लेते हैं कि आने वाले 7 दिनों का पूरा हाल। लेकिन सबसे पहले शुरुआत करते हैं सप्ताह के ज्योतिषीय पंचांग की। 

इस सप्ताह के ज्योतिषीय तथ्य और हिंदू कैलेंडर की गणना

सबसे पहले हम बात करेंगे इस सप्ताह के ज्योतिषीय पंचांग की, तो 2025 के दूसरे सप्ताह की शुरुआत पुनर्वसु नक्षत्र के तहत शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि अर्थात 10 फरवरी 2025 को होगी। वहीं, इस सप्ताह का अंत हस्त नक्षत्र के अंतर्गत कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि यानी कि 16 फरवरी 2025 को हो जाएगा। इस सप्ताह के पंचांग के बारे में जानने के बाद अब हम आगे बढ़ेंगे और जानेंगे इस अवधि में कौन-कौन से व्रतों-त्योहारों को किया जाएगा और कौन सी है सही तिथि। 

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इस सप्ताह में पड़ने वाले व्रत और त्योहार

आजकल की भागदौड़ भरी ज़िन्दगी में अक्सर लोग अपने रोज़मर्रा के कामों में जीवन की महत्वपूर्ण तिथियों को भूल जाते हैं। लेकिन, ऐसी कोई घटना आपके साथ न हो इसलिए इन सब बातों को ध्यान में रखते हुए हम आपको अगले 7 दिनों में मनाए जाने वाले सभी प्रमुख व्रत और त्योहारों की जानकारी आपको इस ब्लॉग में प्रदान करेंगे ताकि आप कोई भी जरूरी दिन भूल न जाएं। आइए अब बात करते हैं 10 से 16 फरवरी 2025 के बीच पड़ने वाले व्रत और त्योहारों के बारे में। 

कुंभ संक्रांति (12 फरवरी 2025, बुधवार): हिंदू पंचांग के अनुसार, सूर्य महाराज जब एक राशि से दूसरी राशि में प्रवेश करते हैं, तो इसे संक्रांति कहते हैं। इसी प्रकार, जिस समय सूर्य देव मकर राशि से निकलकर कुंभ राशि में प्रवेश करेंगे, उस तिथि को कुंभ संक्रांति के नाम से जाना जाता है। इस तिथि को कोई भी कार्य करने के लिए शुभ माना जाता है। 

माघ पूर्णिमा व्रत (12 फरवरी 2025, बुधवार): हिंदू पंचांग के अनुसार, माघ माह की पूर्णिमा को माघ पूर्णिमा के नाम से जाना जाता हैं। धार्मिक रूप से माघ पूर्णिमा को स्नान, दान और जाप के लिए फलदायी माना जाता है। माघ पूर्णिमा के दिन माघ स्नान का विशेष रूप से महत्वपूर्ण माना गया है। 

संकष्टी चतुर्थी (16 फरवरी 2025, रविवार) भगवान श्री गणेश को समर्पित होता है संकष्टी चतुर्थी का व्रत जो कि हर महीने में कृष्ण पक्ष और शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को किया जाता है। इस दिन भक्त बप्पा की कृपा एवं आशीर्वाद पाने के लिए व्रत एवं पूजन करते हैं। गणेश जी की कृपा से भक्तों के जीवन से समस्त कष्ट, दुख-दर्द एवं संकट दूर हो जाते हैं। 

हम आशा करते हैं कि यह व्रत-त्योहार आपके जीवन में खुशियाँ और आशा की नई किरण लेकर आयेंगे।

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इस सप्ताह में पड़ने वाले ग्रहण और गोचर 

बात करें ग्रहण एवं गोचर की, तो वैदिक ज्योतिष में ग्रहों की चाल या स्थिति में होने वाला छोटा सा छोटा बदलाव भी मनुष्य जीवन को प्रभावित करने की क्षमता रखता है। इसी वजह से कोई भी भविष्यवाणी करते समय या राशिफल तैयार करते समय ग्रहों की चाल, स्थिति और दशा की गणना सबसे पहले की जाती है। ऐसे में, आइए अब हम नज़र डालते हैं 10 फरवरी से 16 फरवरी 2025 के इस सप्ताह में होने वाले ग्रहण और गोचर के बारे में। 

बुध का कुंभ राशि में गोचर (11 फरवरी 2025): ज्योतिष में बुध देव को नवग्रहों का राजकुमार कहा जाता है जो तर्क, वाणी और बुद्धि को नियंत्रित करते हैं। अब यह 11 फरवरी 2025 की दोपहर 12 बजकर 41 मिनट पर कुंभ राशि में गोचर करने जा रहे हैं। 

सूर्य का कुंभ राशि में गोचर (12 फरवरी 2025): ग्रहों के राजा के नाम से विख्यात सूर्य देव के गोचर को महत्वपूर्ण माना जाता है और अब यह जल्द ही 12 फरवरी 2025 की रात 09 बजकर 40 मिनट पर कुंभ राशि में प्रवेश करने जा रहे हैं। 

ग्रहण की बात करें, तो इस सप्ताह कोई ग्रहण नहीं लगेगा। 

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इस सप्ताह के बैंक अवकाश  

तिथिदिनअवकाशराज्य 
12 फरवरी 2025 बुधवारगुरु रविदास जयंतीहिमाचल प्रदेश, हरियाणा, मध्य प्रदेश और पंजाब
15 फरवरी 2025 शनिवारलुई नगाई-नीमणिपुर

10 फरवरी से 16 फरवरी 2025 के विवाह मुहूर्त 

दिनांक एवं दिननक्षत्रतिथिमुहूर्त का समय
12 फरवरी 2025, बुधवारमाघप्रतिपदारात 01 बजकर 58 मिनट से सुबह 07 बजकर 04 मिनट तक
14 फरवरी 2025, शुक्रवारउत्तरा फाल्गुनीतृतीयारात 11 बजकर 09 मिनट से सुबह 07 बजकर 03 मिनट तक

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इस सप्ताह में जन्मे मशहूर सितारे

10 फरवरी 2025: कुमार विश्वास, मोहम्मद इकबाल खान, लौरा डर्न

11 फरवरी 2025: मिमी चक्रवर्ती, टीना अंबानी, फ्रांसिस्को सिल्वा

12 फरवरी 2025: जोश ब्रोलिन, रॉन रॉबर्ट ज़ीलर, राजनाथ सिंह 

13 फरवरी 2025: राफेल मार्केज़, सरोजिनी नायडू, मेम्फिस डेप

14 फरवरी 2025: सुषमा स्वराज, दीक्षा सेठ, बेकरी सग्ना

15 फरवरी 2025: मिलिंद कुमार, आशुतोष गोवारिकर, कविता कौशिक

16 फरवरी 2025: जयंत पाटिल, गौरव भाटिया, रिकी लैम्बर्ट

एस्ट्रोसेज इन सभी सितारों को जन्मदिन की ढेरों शुभकामनाएं देता है। यदि आप अपने पसंदीदा सितारे की जन्म कुंडली देखना चाहते हैं तो आप यहां पर क्लिक कर सकते हैं। 

साप्ताहिक राशिफल 10 फरवरी से 16 फरवरी, 2025

यह भविष्यफल चंद्र राशि पर आधारित है। अपनी चंद्र राशि जानने के लिए क्लिक करें:
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मेष साप्ताहिक राशिफल 

एक्सरसाइज या योग को अपने जीवन का हिस्सा, इस दौरान आप बना सकते हैं। क्योंकि…..(विस्तार से पढ़ें) 

मेष प्रेम राशिफल 

 इश्क की खुमारी इस दौरान सातवें आसमान पर होगी। अपने मनोभावों को अभिव्यक्त….(विस्तार से पढ़ें)

वृषभ साप्ताहिक राशिफल

इस सप्ताह किसी पर भी, किसी भी परिस्थिति में झल्लाना और खीजना, आपकी सेहत….(विस्तार से पढ़ें)

वृषभ प्रेम राशिफल

यूँ तो ये सप्ताह प्रेम में पड़े जातको के लिए, पूर्व के अनुमान से काफी बेहतर….(विस्तार से पढ़ें)

मिथुन साप्ताहिक राशिफल

इस सप्ताह आप मानसिक और शारीरिक तौर पर, थकान महसूस कर सकते….(विस्तार से पढ़ें)

मिथुन प्रेम राशिफल

इस सप्ताह आपका रुमानी संबंध आपको मानसिक सुकून देने की बजाय….(विस्तार से पढ़ें)

कर्क साप्ताहिक राशिफल

इस सप्ताह आपको ऐसी हर गतिविधियों में संलग्न रहने की ज़रूरत होगी, जो…. (विस्तार से पढ़ें)

कर्क प्रेम राशिफल

इस सप्ताह समय की कमी के कारण आप अपने साथी से फ़ोन पर ही हर संवाद….(विस्तार से पढ़ें)

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सिंह साप्ताहिक राशिफल

शारीरिक और मानसिक लाभ के लिए, आपके द्वारा नियमित रूप से इस सप्ताह….(विस्तार से पढ़ें)

सिंह प्रेम राशिफल

आप इस सप्ताह अपने प्रेम संबंधों में जुनून और रोमांस की कमी महसूस करेंगें, जिससे……(विस्तार से पढ़ें)

कन्या साप्ताहिक राशिफल

इस सप्ताह किसी पर भी, किसी भी परिस्थिति में झल्लाना और खीजना, आपकी….(विस्तार से पढ़ें)

कन्या प्रेम राशिफल

इस सप्ताह आप अपने प्रेमी के साथ कही बाहर, खाने या घूमने जाने का….(विस्तार से पढ़ें)

तुला साप्ताहिक राशिफल

इस सप्ताह आपको एक बेहतर ज़िंदगी जीने के लिए, अपनी सेहत और व्यक्तित्व में सुधार…..(विस्तार से पढ़ें)

तुला प्रेम राशिफल

प्रेम संबंधों के लिहाज़ से देखा जाए तो, इस सप्ताह आप एक अच्छे प्रेमी ….. (विस्तार से पढ़ें)

वृश्चिक साप्ताहिक राशिफल

आपके स्वास्थ्य जीवन के लिए, ये सप्ताह अनुकूल दिखाई दे रहा है क्योंकि…..(विस्तार से पढ़ें)

वृश्चिक प्रेम राशिफल

पूर्व के दिनों में प्रेम जीवन में आ रही आपकी हर परेशानी, इस सप्ताह…..(विस्तार से पढ़ें)

धनु साप्ताहिक राशिफल

जिस तरह किसी भी सब्जी में तड़का, उस बे स्वाद खाने को लज़ीज़ बनाता है। उसी तरह…..(विस्तार से पढ़ें)

धनु प्रेम राशिफल

आपकी ख़ुशियों में आपके प्रिय का ग़ैर-हाज़िर होना, इस सप्ताह आपको खल…..(विस्तार से पढ़ें)

विद्वान ज्योतिषियों से प्रश्न पूछें और पाएं हर समस्या का समाधान

मकर साप्ताहिक राशिफल

इस बात को सिर्फ़ आप जानते हैं कि आपके लिए क्या बेहतर है, इसलिए मज़बूत….(विस्तार से पढ़ें)

मकर प्रेम राशिफल

यदि आप अभी तक सिंगल थे, और किसी ख़ास का इंतज़ार कर रहे थे तो, आपको….(विस्तार से पढ़ें)

कुंभ साप्ताहिक राशिफल

ये सप्ताह उन दिनों की तरह नहीं होगा, जब आप भाग्यशाली साबित होते थे। इसलिए….(विस्तार से पढ़ें)

कुंभ प्रेम राशिफल

ये सप्ताह आपकी लव लाइफ को बहुत ही ख़ुशियों से भर देगा। क्योंकि आप एक ….(विस्तार से पढ़ें)

मीन साप्ताहिक राशिफल 

इस हफ्ते आपको ऐसी चीज़ों पर काम करने की ज़रूरत है, जो आपकी सेहत में सुधार…..(विस्तार से पढ़ें)

मीन प्रेम राशिफल

इस सप्ताह आपको अपने प्रिय से खुलकर अपने जज़्बात का इज़हार करने में, ख़ासा….(विस्तार से पढ़ें)

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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

1. फरवरी 2025 में बुध का गोचर कब होगा?

बुध का कुंभ राशि में गोचर 11 फरवरी 2025 को होगा। 

2. 2025 में कुंभ संक्रांति कब है?  

कुंभ संक्रांति 12 फरवरी 2025 को मनाई जाएगी। 

3. फरवरी 2025 में कितने बैंक अवकाश हैं?

वर्ष 2025 के फरवरी माह में 02 बैंक अवकाश पड़ेंगे। 

टैरो साप्ताहिक राशिफल (09 फरवरी से 15 फरवरी, 2025): जानें इस सप्ताह किन राशियों को मिलेगा भाग्‍य का साथ!

टैरो साप्ताहिक राशिफल 09 से 15 फरवरी, 2025: दुनियाभर के कई लोकप्रिय टैरो रीडर्स और ज्‍योतिषयों का मानना है कि टैरो व्‍यक्‍ति की जिंदगी में भविष्‍यवाणी करने का ही काम नहीं करता बल्कि यह मनुष्‍य का मार्गदर्शन भी करता है। कहते हैं कि टैरो कार्ड अपनी देखभाल करने और खुद के बारे में जानने का एक ज़रिया है।

टैरो इस बात पर ध्‍यान देता है कि आप कहां थे, अभी आप कहां हैं या किस स्थिति में हैं और आने वाले कल में आपके साथ क्‍या हो सकता है। यह आपको ऊर्जा से भरपूर माहौल में प्रवेश करने का मौका देता है और अपने भविष्‍य के लिए सही विकल्‍प चुनने में मदद करता है। जिस तरह एक भरोसेमंद काउंसलर आपको अपने अंदर झांकना सिखाता है, उसी तरह टैरो आपको अपनी आत्‍मा से बात करने का मौका देता है।

आपको लग रहा है कि जैसे जिंदगी के मार्ग पर आप भटक गए हैं और आपको दिशा या सहायता की ज़रूरत है। पहले आप टैरो का मज़ाक उड़ाते थे लेकिन अब आप इसकी सटीकता से प्रभावित हो गए हैं या फिर आप एक ज्‍योतिषी हैं जिसे मार्गदर्शन या दिशा की ज़रूरत है या फिर आप अपना समय बिताने के लिए कोई नया शौक ढूंढ रहे हैं। इन कारणों से या अन्‍य किसी वजह से टैरो में लोगों की दिलचस्‍पी काफी बढ़ गई है। टैरो डेक में 78 कार्ड्स की मदद से भविष्य के बारे में जाना जा सकता है। इन कार्ड्स की मदद से आपको अपने जीवन में मार्गदर्शन मिल सकता है।

टैरो की उत्पति 15वीं शताब्‍दी में इटली में हुई थी। शुरुआत में टैरो को सिर्फ मनोरंजन के रूप में देखा जाता था और इससे आध्‍यात्मिक मार्गदर्शन लेने का महत्‍व कम था। हालांकि, टैरो कार्ड का वास्तविक उपयोग 16वीं सदी में यूरोप के कुछ लोगों द्वारा किया गया जब उन्होंने जाना और समझा कि कैसे 78 कार्ड्स की मदद से भविष्य के बारे में जाना जा सकता है, उसी समय से इसका महत्व कई गुना बढ़ गया।

टैरो एक ऐसा ज़रिया है जिसकी मदद से मानसिक और आध्‍यात्मिक प्रगति को प्राप्‍त किया जा सकता है। आप कुछ स्‍तर पर अध्‍यात्‍म से, थोड़ा अपनी अंतरात्‍मा से और थोड़ा अपने अंर्तज्ञान और आत्‍म-सुधार लाने से एवं बाहरी दुनिया से जुड़ें।

तो आइए अब इस साप्ताहिक राशिफल की शुरुआत करते हैं और जानते हैं कि 09 से 15 फरवरी, 2025 तक का समय सभी 12 राशियों के लिए कैसे परिणाम लेकर आएगा?

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टैरो साप्ताहिक राशिफल 09 फरवरी से 15 फरवरी, 2025: राशि अनुसार राशिफल

मेष राशि

प्रेम जीवन: सेवन ऑफ पेंटाकल्‍स

आर्थिक जीवन: नाइन ऑफ पेंटाकल्‍स

करियर: द हैंग्‍ड मैन

स्वास्थ्य: जजमेंट (रिवर्स्‍ड)

प्रेम जीवन में सेवन ऑफ पेंटाकल्‍स कार्ड का कहना है कि आपकी पार्टनरशिप सही दिशा में आगे बढ़ रही है। यह कार्ड बता रहा है कि आपको एक ऐसे रिश्‍ते को विकसित करने के लिए अपना समय और ऊर्जा देने के लिए तैयार रहना है, जो लंबे समय तक चले और आपको संतुष्टि दे। आप अपने रिश्‍ते में सुरक्षित महसूस करेंगे और आप दोनों रिश्‍ते में रहकर जीवन में तरक्‍की हासिल करेंगे। सिंगल जातकों को इस सप्‍ताह कोई भरोसेमंद साथी मिल सकता है।

पैसों के मामले में नाइन ऑफ पेंटाकल्‍स कार्ड आपके लिए शुभ संकेत दे रहा है। इस कार्ड के अनुसार इस सप्‍ताह आपके पास संपन्‍नता आएगी, आपको कर्ज़ से मुक्‍ति मिल सकती है और वित्तीय स्‍तर पर आप स्थिर एवं सुरक्षित महसूस करेंगे। अगर आपने पहले निवेश कर रखा है, तो अब उसके मैच्‍योर होने पर आप उसका लाभ उठा सकते हैं। इस सप्‍ताह व्‍यापार खूब फल-फूलेंगे।

द हैंग्‍ड मैन करियर से संबंधित कार्यों में इंतज़ार करने या स्‍पष्‍टता की कमी की ओर इशारा कर रहा है। कभी-कभी यह कार्ड यह भी बताता है कि चाहे कुछ भी हो, जब चीज़ें समय के अनुकूल नहीं होती हैं, तब आप कोई फैसला नहीं ले सकते हैं या अपनी ओर से कोई सामंजस्‍य नहीं बिठा सकते हैं। कभी-कभी आपको उन चीज़ों के लिए बस इंतज़ार करना पड़ता है जिसके लिए आप बहुत मेहनत कर रहे हैं। जैसे कि किसी सहकर्मी या बिज़नेस पार्टनर से प्रतिक्रिया मिलना, किसी क्‍लाइंट के फैसले का इंतज़ार करना या अपने करियर को कैसे बदलना है, इस पर फैसला लेना।

टैरो रीडिंग में द रिवर्स्‍ड जजमेंट कार्ड यह बताता है कि आपको स्‍वास्‍थ्‍य से संबंधित चिंताओं, डर और नकारात्‍मक यादों को अपने मन से निकाल देना चाहिए। आप अपनी सेहत को स्‍वीकार करें और ज़रूरत पड़ने पर चिकत्‍सकीय सलाह लें।

राशि अनुसार रोमांटिक यात्रा: त्रियुंड का ट्रेक करें।

वृषभ राशि

प्रेम जीवन: फाइव ऑफ स्‍वॉर्ड्स

आर्थिक जीवन: व्‍हील ऑफ फॉर्च्‍यून

करियर: फाइव ऑफ वैंड्स

स्वास्थ्य: नाइन ऑफ स्‍वॉर्ड्स

प्रेम जीवन में वृषभ राशि के जातकों को फाइव ऑफ स्‍वॉर्ड्स कार्ड मिला है जो कि पार्टनरशिप में समस्‍याओं और विवाद का प्रतिनिधित्‍व कर सकता है। बातचीत कम होने की वजह से ये विवाद उत्‍पन्‍न हो सकते हैं और इनकी वजह से बहस या असहमति होने की आशंका है। यह कार्ड गंभीर परिस्थितियों में आक्रामकता, पार्टनर के साथ दुर्व्‍यवहार करने या डराने का भी संकेत दे सकता है।

धन के मामले में आपको व्‍हील ऑफ फॉर्च्‍यून कार्ड मिला है जिसके अनुसार आपकी वित्तीय परिस्थिति में कुछ बदलाव आ सकते हैं। इस कार्ड का कहना है कि आपको पैसों के मामले में समझदारी से काम लेना चाहिए और अप्रत्‍याशित खर्चों के लिए तैयार रहें। इसके अलावा अगर आप आर्थिक रूप से मज़बूत हैं, तो आपको भविष्‍य के लिए अधिक पैसों की बचत करनी चाहिए।

करियर में फाइव ऑफ वैंड्स कार्ड उन लोगों की ओर संकेत करता है जो सेल्‍स और बैंकिंग के क्षेत्र में काम करते हैं एवं एथलीट हैं। अगर आपके साथ ऐसा नहीं है और आपके काम में कोई प्रतिस्‍पर्धा नहीं है, तो विभिन्‍न मसलों को लेकर संघर्ष की वजह से आपके लिए अस्‍थायी स्थिति हो सकती है। आपको वेतन में वृद्धि या पद को लेकर किसी एक व्‍यक्‍ति से लड़ना पड़ सकता है। आप इस समय जिन संघर्षों का सामना कर रहे हैं, उनके बावजूद आपको दूसरों के अहंकार को संतुष्‍ट करना होगा। 

नाइन ऑफ स्‍वॉर्ड्स कार्ड चिंता, नींद न आने, सिरदर्द या हार्मोंस के असंतुलित होने जैसी स्‍वास्‍थ्‍य समस्‍याओं की ओर इशारा कर सकता है।

राशि अनुसार रोमांटिक यात्रा: उदयपुर

बृहत् कुंडली में छिपा है, आपके जीवन का सारा राज, जानें ग्रहों की चाल का पूरा लेखा-जोखा

मिथुन राशि

प्रेम जीवन: सिक्‍स ऑफ वैंड्स

आर्थिक जीवन: क्‍वीन ऑफ पेंटाकल्‍स

करियर: टेन ऑफ कप्‍स

स्वास्थ्य: डेथ

प्रेम जीवन में मिथुन राशि के जातकों को सिक्‍स ऑफ वैंड्स कार्ड मिला है जिसके अनुसार आपको और आपके पार्टनर को अपने रिश्‍ते को सफल बनाने और एक-दूसरे के साथ अच्‍छा समय बिताने की ज़रूरत है। इस सप्‍ताह आपको अपने रिश्‍ते पर गर्व महसूस होगा, आप दोनों एक-दूसरे के साथ अपनी सफलताओं को साझा करेंगे और एक-दूसरे का सहयोग करते हुए नज़र आएंगे। इस कार्ड का कहना है कि अगर आप सिंगल हैं, तो आपकी जिंदगी में आपका जीवनसाथी दस्‍तक दे सकता है। यह व्‍यक्‍ति आत्‍मविश्‍वास से भरपूर होगा, उपलब्धि हासिल करेगा और आपको जीवन में ऊपर उठने में मदद करेगा।

क्‍वीन ऑफ पेंटाकल्‍स कार्ड आपको समृद्धि, संपन्‍नता और भौतिक स्थिरता देने का वादा कर रहा है। कुछ समय तक कड़ी मेहनत करने के बाद, आप पाएंगे कि अब आपके पास ऐशो-आराम वाली सारी चीज़ें मौजूद हैं। यह कार्ड एक जिम्‍मेदार व्‍यक्ति को दर्शाता है जो इस बात को समझता है कि कैसे व्‍यवह‍ारिक होकर, पैसों के मामले में समझदारी दिखाकर और अच्‍छी पसंद को जीवन के छोटे-छोटे सुखों का आनंद लेने से कैसे जोड़ा जा सकता है। यह कार्ड लाभ के लिए गुणवत्ता के साथ कभी समझौता नहीं करता है।

करियर के मामले में टेन ऑफ कप्‍स एक लकी कार्ड है। अब आप एक ऐसे चरण में हो सकते हैं, जहां आपको अपने प्रयासों का फल मिलने लगा है। इसका मतलब है कि आपका काम अच्‍छा चल रहा है।

आमतौर पर डेथ कार्ड सेहत के मामले में बड़े बदलाव को दर्शाता है। इस कार्ड का कहना है कि आपको अपने पुराने और हानिकारक व्‍यवहार को छोड़कर नई और स्‍वास्‍थ्‍य को बढ़ावा देने वाली रणनीतियों को अपनाना चाहिए।

राशि अनुसार रोमांटिक यात्रा: केरल।

कर्क राशि

प्रेम जीवन: किंग ऑफ पेंटाकल्‍स

आर्थिक जीवन: नाइट ऑफ वैंड्स

करियर: ऐट ऑफ स्‍वॉर्ड्स

स्वास्थ्य: टू ऑफ वैंड्स

कर्क राशि के लिए किंग ऑफ पेंटाकल्‍स कार्ड रिश्‍ते में स्थिरता और संतुलन के संकेत दे रहा है। भावनात्‍मक और आर्थिक रूप से आप दोनों एक-दूसरे के साथ सहज महसूस करेंगे। वर्तमान में आप जिस स्थिति में हैं, उसे पाने के लिए आपने बहुत प्रयास किए हैं और अब आप आराम कर सकते हैं।

नाइट ऑफ वैंड्स कार्ड सकारात्‍मक रूप से धन के प्रवाह को दर्शाता है। इस कार्ड के आने पर आपको बड़ी मात्रा में धन मिल सकता है। आप अपने खर्चों पर नज़र रखे और पैसा खर्च करने से पहले अच्‍छी तरह से सोच-विचार ज़रूर कर लें। यह कार्ड लापरवाही से खर्चा करने की प्रवृत्ति की ओर भी संकेत कर रहा है।

करियर के क्षेत्र में आपको ऐट ऑफ स्‍वॉर्ड्स कार्ड मिला है जो दर्शाता है कि आप अपने मौजूदा पद या पेशे में विवश महसूस कर सकते हैं। आप खुद अपनी किस्‍मत को लिखने में सक्षम हैं लेकिन इसके बावजूद आप इस समय खोया हुआ, शक्‍तिहीन और अपनी मौजूदा स्थिति को बदलने में खुद को असमर्थ महसूस कर सकते हैं।

टू ऑफ वैंड्स कार्ड का कहना है कि आपको दीर्घकालिक उद्देश्‍यों और भविष्‍य में अपने स्‍वास्‍थ्‍य को ध्‍यान में रखकर निर्णय लेने चाहिए। यह कार्ड आपको स्‍वस्‍थ रहने या तंदुरुस्‍ती पाने के लिए अपने कंफर्ट ज़ोन से बाहर निकलकर नए तरीके आज़माने का सुझाव दे रहा है।

राशि अनुसार रोमांटिक यात्रा: मनाली।

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सिंह राशि

प्रेम जीवन: द लवर्स

आर्थिक जीवन: द सन

करियर: द वर्ल्‍ड

स्वास्थ्य: द मून

सिंह राशि के जातकों के लिए यह सप्‍ताह शानदार रहने वाला है। यह कार्ड एक ऐसे रिश्‍ते को दर्शाता है, जिसमें दोनों पार्टनर एक-दूसरे के पूरक हैं। हालांकि, यह कार्ड प्रतिबद्धता और पसंद को भी दर्शाता है इसलिए यह कार्ड आपको प्‍यार के प्रति कितना समर्पित रहना है, इस पर भी विचार करने के लिए प्रेरित कर रहा है। इस कार्ड का यह मतलब भी हो सकता है कि आपको अपने प्‍यार और अपनी नौकरी, प्‍यार और परिवार, प्‍यार और दोस्‍ती या प्‍यार और अपनी जिंदगी को जीने के तरीके के बीच में किसी एक को चुनना होगा।

वित्तीय ममालों में सन कार्ड अपराइट आने पर संपन्‍नता की ओर इशारा करता है। इस कार्ड के अनुसार इस सप्‍ताह आपकी आर्थिक स्थिति बहुत अच्‍छी रहने वाली है। आपकी कंपनी अच्‍छा काम करेगी, वित्तीय निवेशों से भी लाभ होगा और आय के अन्‍य स्रोतों से भी आमदनी होने की उम्‍मीद है।

करियर के क्षेत्र में आपको द वर्ल्‍ड कार्ड मिला है जिसके अपराइट आने का मतलब है कि आप अपने कार्यक्षेत्र में कोई उपलब्धि हासिल करेंगे और आपके काम को पहचान मिलेगी। इस कार्ड का कहना है कि यह आपकी सफलता का समय है। इसके साथ ही यह कार्ड आपको अपनी प्रगति को महत्‍व देने के लिए प्रेरित कर रहा है। यह कार्ड आपको ऊंचे लक्ष्‍य रखने और अपनी कड़ी मेहनत के फल का आनंद लेने के बीच संतुलन बनाकर चलने की सलाह दे रहा है।

सेहत के मामले में द मून कार्ड का कहना है कि आपके अंदर चल रहा भावनात्‍मक संघर्ष आपके स्‍वास्‍थ्‍य को खराब कर सकता है। अपना ध्‍यान रखें और ज़रूरत पड़ने पर चिकित्‍सकीय सहायता लें।

राशि अनुसार रोमांटिक यात्रा: केदारनाथ का ट्रेक करें।

कन्या राशि

प्रेम जीवन: द टॉवर

आर्थिक जीवन: द चैरियट

करियर: पेज ऑफ स्‍वॉर्ड्स

स्वास्थ्य: फाइव ऑफ स्‍वॉर्ड्स

कन्‍या राशि के जातकों को द टॉवर कार्ड मिला है जिसके अनुसार आपके सामने कुछ ऐसी समस्‍याएं आ सकती हैं जो आपकी जिंदगी में कोई बदलाव लाने का काम करें। संभव है कि धीरे-धीरे कमज़ोर पड़ रही नींव की वजह से आपका रिश्‍ता ज्‍यादा लंबे समय तक नहीं टिक पाएगा और आपके रिश्‍ते में दरार आ सकती है। आपको प्‍यार के मामले में नए अनुभव होने की संभावना है। हालांकि, ये अनुभव दर्द से भरे हो सकते हैं। यह समय मुश्किल हो सकता है लेकिन याद रखें कि यह वक्‍त भी गुज़र जाएगा। अगर आप अकेले हैं, तो शायद आपका रिश्ता नहीं बल्कि प्यार का आपके लिए क्‍या मतलब है, इसे लेकर आपका दृष्टिकोण और समझ बदल रही है।

द चैरियट कार्ड के अनुसार इस सप्‍ताह आपको समझ आ जाएगा कि आप किस तरह से अपने पैसे को बढ़ा और बचा सकते हैं और आप इस दिशा में काम करना शुरू करेंगे। धन के मामले में आपके मन में नकारात्‍मक विचार आ सकते हैं लेकिन आपको इस बात का ध्‍यान रखना है कि ये नकारात्‍मक विचार आपको परेशान न कर पाएं।

पेज ऑफ स्‍वॉर्ड्स कार्ड कहता है कि इस समय आप अपने काम को लेकर नए विचारों और उत्‍साह से भरे रहने वाले हैं। इस कार्ड के अनुसार आप किसी चीज़ का प्रशिक्षण या नया अनुभव ले रहे हैं। इसके मुताबिक आप कोई प्रशिक्षण ले सकते हैं, किसी विषय की पढ़ाई कर सकते हैं या करियर के लिए नया रास्‍ता चुन सकते हैं।

सेहत के मामले में आपको फाइव ऑफ स्‍वॉर्ड्स कार्ड मिला है जिसके अनुसार अब आप लड़ते-लड़ते थका हुआ महसूस कर सकते हैं इसलिए आपको अपनी सेहत का ख्‍याल रखने की ज़रूरत है। मुमकिन है कि आपने जिन मुश्किलों का सामना किया है या कर रहे हैं, उनकी वजह से आपके अंदर अब ऊर्जा खत्‍म हो गई है।

राशि अनुसार रोमांटिक यात्रा: आगरा।

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तुला राशि

प्रेम जीवन: ऐट ऑफ पेंटाकल्‍स

आर्थिक जीवन: फाइव ऑफ स्‍वॉर्ड्स

करियर: द हैंग्‍ड मैन

स्वास्थ्य: द डेविल

तुला राशि के जातकों को प्रेम जीवन में अपराइट ऐट ऑफ पेंटाकल्‍स कार्ड मिला है। इस कार्ड का कहना है कि आपने अपने रिश्‍ते को बहुत समय और ऊर्जा दी है और अपने रिश्‍ते का बहुत ख्‍याल रखा है। आपका रिश्‍ता अच्‍छा चल रहा है और आपके प्रयास रंग ला रहे हैं।

अगर आप अपनी आर्थिक स्थिति को सुरक्षित रखना चाहते हैं तो फाइव ऑफ स्‍वॉर्ड्स कार्ड के अनुसार आपको पैसे बचाने को लेकर तुरंत कोई कदम उठाना चाहिए। इस समय आपको अपने पैसों को लेकर बहुत ज्‍यादा सावधान रहने की ज़रूरत है। खासतौर पर पैसों के मामले में दूसरों पर भरोसा करने को लेकर आपको अधिक सतर्क रहना होगा। मुमकिन है कि कुछ लोग आपका फायदा उठाने की कोशिश कर रहे हों या आपसे अपने हक से ज्‍यादा ले रहे हों। कभी-कभी यह कार्ड इस बात के भी संकेत देता है कि इस समय पैसों की तंगी चल रही है और आपको अपने ऐशो-आराम में कुछ कमी करने की ज़रूरत है।

द हैंग्‍ड मैन का कहना है कि आप अपने करियर में फंसा हुआ महसूस कर सकते हैं। हो सकता है कि आप जहां काम कर रहे हैं, वो जगह आपको पसंद न आए। सही समय न होने की वजह से आप निर्णय लेने या अपनी ओर से सामंजस्‍य बिठाने में असमर्थ हो सकते हैं। आपको उन चीज़ों के लिए इंतज़ार करना पड़ सकता है जिसके लिए आप कड़ी मेहनत कर रहे हैं जैसे कि किसी सहकर्मी या बिज़नेस पार्टनर या किसी क्‍लाइंट की प्रतिकिया का इंतज़ार करना। आपके करियर में बदलाव की ज़रूरत है।

द डेविल कार्ड जीवन के सभी पहलुओं में संतुलन लाने के महत्‍व को दर्शाता है। इसमें आपका मानसिक और शारीरिक स्‍वास्‍थ्‍य भी शामिल है। इस कार्ड का कहना है कि आपको बहुत ज्‍यादा तनाव लेने से बचना चाहिए और स्‍वस्‍थ भोजन एवं व्‍यायाम के लिए समय निकालना चाहिए।

राशि अनुसार रोमांटिक यात्रा: कोच्चि।

वृश्चिक राशि

प्रेम जीवन: ऐस ऑफ पेंटाकल्‍स

आर्थिक जीवन: ऐस ऑफ स्‍वॉर्ड्स

करियर: टेन ऑफ स्‍वॉर्ड्स (रिवर्स्‍ड)

स्वास्थ्य: फाइव ऑफ पेंटाकल्‍स

इस सप्‍ताह कपल्‍स को अपने रिश्‍ते में स्थिर और सुरक्षित महसूस हो सकता है एवं इस स्थिरता और सुरक्षा से उन्‍हें अपने रिश्‍ते को आगे बढ़ाने और जोखिम उठाने का साहस मिलेगा। इस कार्ड के अनुसार आप दोनों ही विकास करेंगे और दोनों को अपनी स्‍वतंत्रता का एहसास होगा। ऐसे में आप दोनों का रिश्‍ता मज़बूत होगा। अगर आप सिंगल हैं, तो अपने व्‍यावहारिक जीवन का ध्‍यान रखें क्‍योंकि इसी से आपको अपने लिए एक ऐसे रिश्‍ते की तलाश करने में मदद मिलेगी जो आपको संतुष्टि दे सके।

ऐस ऑफ स्‍वॉर्ड्स कार्ड के अनुसार वित्तीय जीवन में आपको बहुत ज्‍यादा तार्किक होकर चलना चाहिए। पैसों के मामले में आपका दिल और दिमाग दोनों अलग-अलग विचार रख सकते हैं। इन परिस्थितियों में यह कार्ड आपको अपने विवेक का इस्‍तेमाल करने और आवेगपूर्ण व्‍यवहार करने से बचने की सलाह दे रहा है।

आप अपने करियर की पिछली परेशानियों से उबरने की राह पर आगे बढ़ चुके हैं। मुमकिन है कि आपने अभी-अभी कोई ऐसा पद या नौकरी छोड़ी है जिससे आपको बहुत परेशानी, गुस्‍सा या दर्द झेलना पड़ा हो। जो भी हो, अब वह सब खत्‍म हो चुका है। अब आप राहत की सांस ले सकते हैं क्‍योंकि आगे आने वाली चुनौतियों से निपटना आसान होगा।

सेहत के मामले में फाइव ऑफ पेंटाकल्‍स कार्ड का कहना है कि इस समय आप या आपके परिवार में से कोई सदस्‍य गंभीर रूप से बीमार पड़ सकता है। आपको अपनी सेहत का खास ख्‍याल रखने की सलाह दी जाती है वरना आप किसी दीर्घकालिक बीमारी का शिकार हो सकते हैं। इसकी वजह से आपकी ऊर्जा में कमी आ सकती है।

राशि अनुसार रोमांटिक यात्रा: अंडमान

धनु राशि

प्रेम जीवन: द स्‍टार

आर्थिक जीवन: टू ऑफ स्‍वॉर्ड्स

करियर: ऐस ऑफ कप्‍स

स्वास्थ्य: ऐट ऑफ स्‍वॉर्ड्स

धनु राशि के जातकों को प्‍यार के मामले द स्‍टार कार्ड मिला है जिसके अनुसार आपका रोमांटिंग संबंध मज़बूत होगा। अगर आप सिंगल हैं, तो अब आप अपने पुराने रिश्‍ते के बोझ से निकलने के लिए तैयार हैं। इससे आपको अधिक अवसर मिलेंगे और आपकी नए लोगों से मुलाकात होगी।

पैसों के मामले में टू ऑफ स्‍वॉर्ड्स कार्ड कहता है कि आप वास्‍तविकता का सामना करने से भाग रहे हैं या आपके अंदर इसका सामना करने की क्षमता नहीं है। अगर इस समय आप किसी आर्थिक परेशानी का सामना कर रहे हैं, तो आपको उसे अनदेखा नहीं करना चाहिए।

ऐस ऑफ कप्‍स कार्ड नई संभावनाओं और अच्‍छे विचारों को दर्शाता है। करियर के मामले में आप इस विचार को कई तरह से देख सकते हैं। नौकरी की तलाश कर रहे जातकों के लिए यह कार्ड करियर में एक नई शुरुआत का संकेत दे रहा है।

ऐट ऑफ स्‍वॉर्ड्स रिवर्स कार्ड आपको बीमारी से उबरने, मानसिक रूप से मज़बूत रहने और चिंता से राहत पाने का रास्‍ता दिखा रहा है। इसके साथ ही यह कार्ड आपको याद दिला रहा है कि आप आरोग्‍य रहने और स्‍वस्‍थ जीवन जीने के लिए सक्षम हैं।

राशि अनुसार रोमांटिक यात्रा: गोवा।

मकर राशि         

प्रेम जीवन: नाइट ऑफ पेंटाकल्‍स

आर्थिक जीवन: फाइव ऑफ वैंड्स

करियर: सेवन ऑफ कप्‍स

स्वास्थ्य: नाइन ऑफ स्‍वॉर्ड्स

मकर राशि के जातकों को नाइट ऑफ पेंटाकल्‍स कार्ड मिला है। आप भावनात्‍मक रूप से सहज होने में समय ले सकते हैं। यह कार्ड आमतौर पर एक ऐसे साथी को दर्शाता है जो स्थिर, आत्‍मनिर्भर और सम‍र्पित हो। इसके साथ ही वह जमीन से जुड़ा हुआ हो, व्‍यवहारिक हो और सुरक्षा एवं समर्पण के साथ लंबे समय तक रिश्‍ते को निभाने का इरादा रखता हो।

फाइव ऑफ वैंड्स कार्ड वित्तीय क्षेत्र में अस्थिरता या पैसों को लेकर विवाद के संकेत दे रहा है। इस कार्ड का कहना है कि आपको अपनी आर्थिक स्थिति को फिर से ठीक करने या लोगों के साथ अपने मतभेदों को सुलझाने के लिए कड़ी मेहनत करने की ज़रूरत है।

सेवन ऑफ कप्‍स कार्ड एक ऐसे व्‍यक्‍ति को दर्शाता है जिसके सामने कई विकल्‍प मौजूद हों। अगर करियर के क्षेत्र में यह कार्ड मिला है, तो इसका मतलब है कि आपको करियर में प्रगति के लिए कई विकल्‍प नज़र आ सकते हैं। वैसे तो कई तरह की संभावनाएं और विकल्‍प होना अच्‍छी बात है लेकिन आपको इस बात पर ध्‍यान देना है कि आप सपने देखने में समय बर्बाद करने के बजाय उन्‍हें पूरा करने पर काम करें।

नाइन ऑफ स्‍वॉर्ड्स कार्ड डर, अपराधबोध, शक और चिंताओं को दर्शाता है। इस कार्ड का यह भी मतलब हो सकता है कि आप किसी मुश्किल निर्णय या परेशानी वाली स्थिति से जूझ रहे हैं लेकिन जो बात आपको सबसे ज्‍यादा डरा रही है, वह सच नहीं होगी।

राशि अनुसार रोमांटिक यात्रा: हिमाचल प्रदेश।

कुंभ राशि

प्रेम जीवन: सिक्‍स ऑफ पेंटाकल्‍स

आर्थिक जीवन: ऐट ऑफ वैंड्स

करियर: द एंपेरर

स्वास्थ्य: किंग ऑफ कप्‍स

कुंभ राशि के जातकों को सिक्‍स ऑफ पेंटाकल्‍स कार्ड मिला है जिसका कहना है कि इस समय आपके रिश्‍ते में प्‍यार रहेगा और आप दोनों एक-दूसरे का सहयोग करेंगे। आप दोनों की ऊर्जा एक जैसी होने की वजह से आप दोनों का रिश्‍ता शांतिपूर्ण रहेगा और आप दोनों एक-दूसरे के लिए समान भाव रखेंगे। आप दोनों ही दूसरों की सहायता करने को अधिक महत्‍व देंगे।

इस कार्ड का कहना है कि पैसा आपके पास जितनी तेजी से आता है, उतनी ही तेजी से चला भी जाता है। इसमें कोई भी अच्‍छी या नकारात्‍मक बात नहीं है। इस समय अपनी सफलता के लिए आप यह ध्‍यान रखें कि कितना पैसा आ रहा है और कितना पैसा जा रहा है। आप जल्‍दबाज़ी में आकर कोई भी खर्चा या खरीदारी न करें।

द एंपेरर कार्ड नौकरी की तलाश करने या करियर में अपने लक्ष्‍य को पाने के लिए आपको कुशल, अनुशासित और दृढ़ बनने की सलाह दे रहा है। अगर वर्तमान समय में आपका कार्यक्षेत्र या काम करने की प्रक्रिया थोड़ी अव्‍यवस्थि‍त या परेशानी देने वाली है, तो आपको आगे बढ़कर नई प्रक्रियाओं या संरचनाओं पर काम करना चाहिए। इससे आप और आपके सहकर्मी मिलकर अधिक प्रभावी ढंग से काम कर पाएंगे।

किंग ऑफ कप्‍स कार्ड आपको अपने संपूर्ण स्‍वास्‍थ्‍य में सुधार लाने के लिए अपने भावनात्‍मक स्‍वास्‍थ्‍य और खुद की देखभाल करने पर ध्‍यान देने की सलाह दे रहा है।

राशि अनुसार रोमांटिक यात्रा: ऋषिकेष।

मीन राशि

प्रेम जीवन: द एंप्रेस

आर्थिक जीवन: किंग ऑफ वैंड्स

करियर: क्‍वीन ऑफ स्‍वॉर्ड्स

स्वास्थ्य: जजमेंट

प्‍यार के मामले में द एंप्रेस कार्ड का कहना है कि आपके रिश्‍ते में स्थिरता रहेगी और आप दोनों एक-दूसरे के प्रति ईमानदार एवं समर्पित रहेंगे। यह कार्ड मातृत्‍व को भी दर्शाता है इसलिए आपके लिए यह गर्भावस्‍था या परिवार को शुरू करने के संकेत दे रहा है। इसके साथ ही यह कार्ड विवाह के बंधन में बंधने की बात भी कह रहा है।

किंग ऑफ वैंड्स कार्ड अपराइट होने पर आपसे कह रहा है कि अच्‍छी स्थिति में होने पर भी आपको संतुलन बनाए रखना चाहिए। इस संतुलन से आपको अपनी आमदनी की रक्षा करने और उसे बढ़ाने में मदद मिलेगी। आप इन नियमों का पालन करते रहें। आप खासतौर पर अन्‍य लोगों के ऊपर पैसा खर्च कर के अपना आभार व्‍यक्‍त कर सकते हैं। पैसे बचाना समझदारी है लेकिन हो सकता है कि इस समय आपको ऐसा करने की ज़रूरत न हो।

पेशेवर जीवन में क्‍वीन ऑफ स्‍वॉर्ड्स कार्ड ज्ञान, विशेषज्ञता और स्‍पष्‍ट बातचीत का प्रतीक हो सकता है। यह कार्ड किसी ऐसे व्‍यक्‍ति की ओर संकेत कर सकता है जो आपको वित्तीय मार्गदर्शन दे सके, आपकी रचनात्‍मक तरीके से आलोचना या सहयोग कर सके।

द जजमेंट कार्ड स्‍वास्‍थ्‍य को लेकर एक मुश्किल समय के बाद आरोग्‍यता, उपचार और कायाकल्‍प को दर्शाता है।

राशि अनुसार रोमांटिक यात्रा: लक्ष्‍द्वीप।

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इसी आशा के साथ कि, आपको यह लेख भी पसंद आया होगा एस्ट्रोसेज के साथ बने रहने के लिए हम आपका बहुत-बहुत धन्यवाद करते हैं।

अक्‍सर पूछे जाने वाले प्रश्‍न

प्रश्‍न 1.  कौन सा टैरो कार्ड इमैच्‍योरिटी दिखाता है?

उत्तर. द फूल कार्ड और पेज ऑफ वैंड्स।

प्रश्‍न 2. क्‍या टैरो दीर्घकालिक प्रश्‍नों के जवाब दे सकता है?

उत्तर. नहीं, टैरो के लिए यह मुश्किल है।

प्रश्‍न 3. क्‍या टैरो सही है?

उत्तर. अगर टैरो रीडर अनुभवी है, तो टैरो कार्ड्स से सही गणना की जा सकती है।

अंक ज्योतिष साप्ताहिक राशिफल: 09 फरवरी से 15 फरवरी, 2025

कैसे जानें अपना मुख्य अंक (मूलांक)? 

अंक ज्योतिष साप्ताहिक भविष्यफल जानने के लिए अंक ज्योतिष मूलांक का बहुत महत्व है। मूलांक, जातक के जीवन का महत्वपूर्ण अंक माना गया है। आपका जन्म महीने की किसी भी तारीख़ को होता है, उसको इकाई के अंक में बदलने के बाद जो अंक प्राप्त होता है, वह आपका मूलांक कहलाता है। मूलांक 1 से 9 अंक के बीच कोई भी हो सकता है, उदाहरणस्वरूप- आपका जन्म किसी महीने की 10 तारीख़ को हुआ है तो आपका मूलांक 1+0 यानी 1 होगा। 

इसी प्रकार किसी भी महीने की 1 तारीख़ से लेकर 31 तारीख़ तक जन्मे लोगों के लिए 1 से 9 तक के मूलांकों की गणना की जाती है। इस प्रकार सभी जातक अपना मूलांक जानकर उसके आधार पर साप्ताहिक राशिफल जान सकते हैं।

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दुनियाभर के विद्वान अंक ज्योतिषियों से करें फ़ोन पर बात और जानें करियर संबंधित सारी जानकारी

अपनी जन्मतिथि से जानें साप्ताहिक अंक राशिफल (09 फरवरी से 15 फरवरी, 2025)

अंक ज्योतिष का हमारे जीवन पर सीधा प्रभाव पड़ता है क्योंकि सभी अंकों का हमारे जन्म की तारीख़ से संबंध होता है। नीचे दिए गए लेख में हमने बताया है कि हर व्यक्ति की जन्म तिथि के हिसाब से उसका एक मूलांक निर्धारित होता है और ये सभी अंक अलग-अलग ग्रहों द्वारा शासित होते हैं। 

जैसे कि मूलांक 1 पर सूर्य देव का आधिपत्य है। चंद्रमा मूलांक 2 का स्वामी है। अंक 3 को देव गुरु बृहस्पति का स्वामित्व प्राप्त है, राहु अंक 4 का राजा है। अंक 5 बुध ग्रह के अधीन है। 6 अंक के राजा शुक्र देव हैं और 7 का अंक केतु ग्रह का है। शनि देव को अंक 8 का स्वामी माना गया है। अंक 9 मंगल देव का अंक है और इन्हीं ग्रहों के परिवर्तन से जातक के जीवन में अनेक तरह के परिवर्तन होते हैं।

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मूलांक 1

(अगर आपका जन्म किसी भी महीने की 1, 10, 19, 28 तारीख़ को हुआ है)

इस सप्‍ताह मूलांक 1 वाले जातक बहुत साहसी और निडर रहने वाले हैं। हालांकि, आपको अपनी बातों या हाव-भावों में घमंड या आक्रामकता दिखाने से बचने की सलाह दी जाती है। इसकी वजह से आप अपने प्रियजनों का अपमान कर सकते हैं या उनका दिल दुखा सकते हैं।

प्रेम जीवन: इस सप्‍ताह आपको अपने जीवनसाथी के साथ अपने रिश्‍ते पर ध्‍यान देना चाहिए। आप दोनों एक-दूसरे से बहुत अपमानजनक तरीके से बात कर सकते हैं और एक-दूसरे को कंट्रोल करने की कोशिश करेंगे। बेहतर होगा कि आप विवादों से बचने की कोशिश करें और आप दोनों शांत रहने के लिए ध्‍यान करें।

शिक्षा: यदि आप इंजीनियरिंग कोर्स में दाखिला लेने की तैयारी कर रहे हैं या इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहे हैं, तो यह सप्‍ताह आपके लिए अच्‍छा रहने वाला है। यह सप्‍ताह छात्रों के लिए लाभकारी सिद्ध होगा।

पेशेवर जीवन: इस सप्‍ताह आप एक लीडर के रूप में अपने सहकर्मियों का नेतृत्‍व करने और नियोक्‍ताओं को सलाह देने में सक्षम होंगे। इसके परिणामस्‍वरूप आप एक महान लीडर बन सकते हैं और आपको अपने प्रयासों से पहचान मिलेगी। इसके साथ ही आपके मान-सम्‍मान में भी वृद्धि होगी।

सेहत: इस सप्‍ताह आप जोश और उत्‍साह से भरपूर नज़र आएंगे लेकिन ऊर्जा के उच्‍च स्‍तर के कारण आप जल्‍दबाज़ी में कोई निर्णय ले सकते हैं। अपने जोश और ऊर्जा के स्‍तर को नियंत्रित कर के आप अधिक सहज महसूस कर सकते हैं।

उपाय: नियमित रूप से रोज़ सुबह सूर्य को अर्घ्‍य दें।

मूलांक 2

(अगर आपका जन्म किसी भी महीने की 2, 11, 20, 29 तारीख़ को हुआ है)

इस सप्‍ताह मूलांक 2 वाले जातकों को भावनात्‍मक स्‍तर पर उतार-चढ़ावों का सामना करना पड़ सकता है। कंफ्यूज़न और मानसिक स्‍पष्‍टता की कमी की वजह से आपको अपनी भावनाओं को व्‍यक्‍त करने में दिक्‍कत हो सकती है। इसलिए आपको अपनी मानसिक स्‍पष्‍टता को बेहतर करने के लिए ध्‍यान करने और आध्‍यात्मिक मार्गदर्शन लेने की सलाह दी जाती है।

प्रेम जीवन: इस सपताह आपको अपने रिश्‍ते को मज़बूत करने और गलतफहमियों से बचने के लिए अपने पार्टनर से भावनात्‍मक सहयोग मांगना चाहिए।

शिक्षा: इस समय भावनात्‍मक समस्‍याओं की वजह से छात्रों का ध्‍यान भटक सकता है और वे अपने उद्देश्‍यों को भूल सकते हैं। इस दौरान आपको अपना फोकस बनाए रखने के लिए अधिक प्रयास करने की ज़रूरत है।

पेशेवर जीवन: आपको अपने कार्यक्षेत्र में कुछ चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। संभावना है कि आपको अपने उच्‍च अधिकारियों और सहकर्मियों से पर्याप्‍त सहयोग न मिल पाए। इसलिए इस सप्‍ताह आपको मतभेद से बचने और शांत एवं धैर्यवान बने रहने की सलाह दी जाती है।

सेहत: स्‍वास्‍थ्‍य के मामले में यह सप्‍ताह मूलांक 2 वाले जातकों के लिए ज्‍यादा अच्‍छा नहीं रहने वाला है। आप ज्‍यादा सोच-विचार न करें और अपने शरीर पर अधिक दबाव न डालें क्‍योंकि मानसिक तनाव और चिंता की वजह से स्‍वास्‍थ्‍य समस्‍याएं होने का डर रहता है।

उपाय: आप अपनी भावनाओं को नियंत्रित करने की कोशिश करें और इसके लिए आप ध्‍यान भी कर सकते हैं।

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मूलांक 3

(अगर आपका जन्म किसी भी महीने की 3, 12, 21, 30 तारीख़ को हुआ है)

अगर आप आध्यात्मिक साधक हैं, तो यह सप्‍ताह आपके लिए बहुत लाभकारी सिद्ध होगा। आप अपने अध्‍यात्‍म और ध्‍यान क्रिया को आगे बढ़ाने में सक्षम होंगे और लंबे समय से आपकी जो आध्‍यात्मिक इच्‍छा है, उसे पूरा कर पाएंगे।

प्रेम जीवन: यदि आप शादीशुदा हैं, तो इस सप्‍ताह आप अपने जीवनसाथी को तीर्थयात्रा पर लेकर जा सकते हैं। आप अपने घर पर भी कोई आध्‍यात्मिक कार्य जैसे कि होरा या सत्‍यनारायण की कथा करवा सकते हैं।

शिक्षा: प्राचीन साहित्‍य और इतिहास में शोध या पीएचडी करने वाले छात्रों के लिए यह सप्‍ताह शानदार रहने वाला है। आप पौराणिक कथाओं, गूढ़ विज्ञान और ज्‍योतिष में रुचि रख सकते हैं।

पेशेवर जीवन: मूलांक 3 वाले जो जातक शिक्षक, गुरु, धर्म गुरु या मोटिवेशनल स्‍पीकर हैं, उनके लिए यह सप्‍ताह बहुत अच्‍छा रहने वाला है। आप दूसरों की मदद करने में सक्षम होंगे।

सेहत: स्‍वास्‍थ्‍य के मामले में यह सप्‍ताह आपके लिए उत्‍कृष्‍ट साबित होगा। आप सात्विक भोजन करें और योग एवं ध्‍यान जैसी आध्‍यात्मिक और शारीरिक क्रियाएं करें क्‍योंकि ये आपकी इम्‍युनिटी को मज़बूत करेंगी और आपको शारीरिक रूप से मज़बूती प्रदान करेंगी।

उपाय: हनुमान जी की पूजा करें।

मूलांक 4

(अगर आपका जन्म किसी भी महीने की 4, 13, 22, 31 तारीख़ को हुआ है)

मूलांक 4 वाले जातक इस सप्‍ताह बेचैन महसूस कर सकते हैं और कम बोल सकते हैं। इन्‍हें छोटी-छोटी बातों को लेकर भी घबराहट महसूस हो सकती है। आप अपने जीवन की समस्‍याओं को पहचान पाएंगे और इसकी वजह से आपको डिप्रेशन होने की आशंका है।

प्रेम जीवन: आप अपनी समस्‍याओं और भावनाओं की वजह से अपने पार्टनर को अपमानित या नज़रअंदाज़ कर सकते हैं। इसके कारण आपके और आपके जीवनसाथी के बीच बहस होने के संकेत हैं। इसलिए आपको इस सप्‍ताह अपने रिश्‍ते को एक समान प्राथमिकता देने की सलाह दी जाती है।

शिक्षा: मूलांक 4 वाले छात्रों के लिए यह सप्‍ताह थोड़ा चुनौतीपूर्ण रह सकता है। आपको अपनी पढ़ाई के नवीन तरीकों या व्‍यावहारिक शिक्षण शैली को दूसरों को समझाने में दिक्‍कत हो सकती है। इसलिए आपको दूसरे लोगों को नज़रअंदाज़ कर के अपनी पढ़ाई पर ध्‍यान देने की सलाह दी जाती है।

पेशेवर जीवन: जो जातक मल्‍टी नेशनल कंपनी या आयात-निर्यात उद्योग में काम करते हैं, उनके लिए यह सप्‍ताह बहुत अच्‍छा रहने वाला है।

सेहत: मूलांक 4 वाले जातकों को इस सप्‍ताह कोई स्‍वास्‍थ्‍य समस्‍या परेशान नहीं करेगी। आप ज्‍यादा न सोचें और उदास न हों क्‍योंकि इसका आपके मानसिक स्‍वास्‍थ्‍य पर नकारात्‍मक प्रभाव पड़ सकता है।

उपाय: आप नियमित रूप से मां दुर्गा की पूजा करें।

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मूलांक 5

(अगर आपका जन्म किसी भी महीने की 5, 14, 23 तारीख़ को हुआ है)

मूलांक 5 वाले जातकों को इस सप्‍ताह बातचीत करने में कठिनाई हो सकती है। आप इस सप्‍ताह ईमानदारी से और सीधी बात करना पसंद करेंगे। आप तोल-मोल कर और सोच-समझकर बोलें।

प्रेम जीवन: मूलांक 5 वाले जिन युवा जातकों का हाल ही में प्रेम संबंध शुरू हुआ है, उनके लिए यह परीक्षा की घड़ी हो सकती है। इसलिए अगर आप सच में एक-दूसरे की परवाह करते हैं, तो आपका रिश्‍ता टिका रहेगा। वहीं अगर आप दोनों एक-दूसरे की परवाह नहीं करते हैं, तो आप अपने रिश्‍ते को तोड़ने का फैसला ले सकते हैं।

शिक्षा: यदि आप फाइनेंस और स्‍टैस्टिक्‍स की पढ़ाई कर रहे हैं, तो यह सप्‍ताह आपके लिए अच्‍छा रहेगा लेकिन अगर आप रचनात्‍मक क्षेत्र जैसे कि मास कम्‍युनिकेशन की पढ़ाई कर रहे हैं, तो आपको अपने विचारों को व्‍यक्‍त करने में दिक्‍कत आ सकती है।

पेशेवर जीवन: पेशेवर जातकों के लिए काम के मामले में यह सप्‍ताह धीमा रहने वाला है लेकिन अगर आप नौकरी बदलने की सोच रहे हैं, तो आपको इस सप्‍ताह के लिए अपनी योजनाओं को टाल देना चाहिए। 

सेहत: इस समय आपको स्किन और एलर्जी से संबंधित कोई स्‍वास्‍थ्‍य समस्‍या होने की आशंका है। महिलाओं को रजोनिवृत्ति और हार्मोन से संबंधित समस्‍याएं परेशान कर सकती हैं।

उपाय: आप रोज़ गाय को हरी पत्तेदार सब्जियां खिलाएं।

मूलांक 6

(अगर आपका जन्म किसी भी महीने की 6, 15, या 24 तारीख को हुआ है)

इस सप्‍ताह मूलांक 6 वाले जातकों की दूसरों की सेवा और मदद करने की इच्‍छा बढ़ सकती है। अगर आप एनजीओ या वेल्‍फेयर ग्रुप के साथ काम करते हैं, तो आपको दुनिया में सुधार लाने के लिए कड़ी मेहनत करने की ज़रूरत होगी।

प्रेम जीवन: मूलांक 6 वाले जातकों को पिछले सप्‍ताह की तरह अपने पार्टनर की भावनात्‍मक और शारीरिक ज़रूरतों को पूरा करने पर ध्‍यान देना चाहिए क्‍योंकि उन्‍हें अनदेखा करने से आपके रिश्‍ते और उनकी सेहत दोनों को नुकसान पहुंच सकता है।

शिक्षा: रचनात्‍मक लेखन और कविता सीख रहे जातकों को इस सप्‍ताह अपने विचारों को व्‍यक्‍त करने और फोकस को बनाए रखने में दिक्‍कत आ सकती है। गूढ़ विज्ञान जैसे कि टैरो रीडिंग या वैदिक ज्‍योतिष को सीखने के लिए यह अच्‍छा समय है।

पेशेवर जीवन: आपको कड़ी मेहनत कर के इस सप्‍ताह का अधिक से अधिक लाभ उठाना चाहिए और अपने करियर को विकास की ओर ले जाने पर ध्‍यान देना चाहिए। आपके पास प्रगति करने के नए विचार और रणनीतियां हो सकती हैं लेकिन इन पर काम करने में आपको समस्‍याओं का सामना करना पड़ सकता है।

सेहत: आप साफ-सफाई का ध्‍यान रखें और अपनी सेहत को लेकर सावधान रहें। मीठी और  चिकनाई वाली चीज़ें ज्‍यादा न खाएं। इसके अलावा आप अपने व्‍यक्‍तित्‍व के विकास पर ध्‍यान दें।

उपाय: आप अपने भाग्‍य में वृद्धि के लिए रोज़ खासतौर पर चंदन की खुशबू वाले परफ्यूम और फ्रेगरेंस लगाएं।

मूलांक 7

(अगर आपका जन्म किसी भी महीने की 7, 16, या 25 तारीख को हुआ है)

इस सप्‍ताह मूलांक 7 वाले जातक ऊर्जा और आत्‍मविश्‍वास से भरपूर रहने वाले हैं। इसके साथ ही आप इस समय खुद को भाग्‍यशाली महसूस करेंगे। आपने अब तक जो भी कड़ी मेहनत की है, उसका फल अब आपको प्राप्‍त होगा। इसके अलावा आपकी अध्‍यात्‍म में रुचि बढ़ सकती है और आप गरीब या ज़रूरतमंद लोगों के लिए दान-पुण्‍य करने के बारे में सोच सकते हैं।

प्रेम जीवन: आपको इस सप्‍ताह अपनी भवनाओं को व्‍यक्‍त करने में कठिनाई हो सकती है और भावनाओं की कमी के कारण आपको अपने पार्टनर की ओर से आलोचना का सामना करना पड़ सकता है। आपको अपने जीवनसाथी की भावनात्‍मक ज़रूरतों को ध्‍यान रखने और उनके लिए कुछ सरप्राइज़ प्‍लान करने की सलाह दी जाती है।

शिक्षा: सेना या पुलिस में भर्ती के लिए प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे उम्‍मीदवारों को सफलता मिलेगी। ये पूरे सम्‍मान के साथ परीक्षा में सफल होंगे।

पेशेवर जीवन:  इस सप्‍ताह मूलांक 7 वाले जातकों को वेतन में वृद्धि या प्रमोशन मिलने की संभावना है। आपके कार्यक्षेत्र में कोई अन्‍य बदलाव भी आ सकता है। आप अपने कार्यक्षेत्र में उत्‍साह से भरपूर नज़र आएंगे और आपके नेतृत्‍व करने के गुणों की सराहना होगी।

सेहत: स्‍वास्‍थ्‍य के मामले में आपके लिए यह सप्‍ताह शानदार रहने वाला है। अपनी इम्‍यनिटी और शरीर को मज़बूत बनाए रखने के लिए आपको संतुलित आहार लेने, व्‍यायाम और ध्‍यान करने की सलाह दी जाती है।

उपाय: आप रविवार के दिन काल भैरव की पूजा करें।

मूलांक 8

(अगर आपका जन्म किसी भी महीने की 8, 17, या 26 तारीख को हुआ है)

मूलांक 8 वाले जातक अपने कार्यों में आ रही देरी के कारण आवेगशील और चिड़चिड़े हो सकते हैं। आपको आत्‍म-नियंत्रण के लिए ध्‍यान और आध्‍यात्मिक मार्गदर्शन लेने की सलाह दी जाती है।

प्रेम जीवन: जिन जातकों का प्रेम संबंध चल रहा है, उनके लिए यह सप्‍ताह बोरिंग रह सकता है। इस सप्‍ताह आपका बेरुखा व्‍यवहार और अपने पार्टनर के रोमांटिक विचारों पर कोई प्रतिक्रिया न देना, उन्‍हें दुखी या नाराज़ कर सकता है। ऐसे ही रवैये की वजह से विवाहित जातकों के बीच भी तनाव पैदा हो सकता है।

शिक्षा: प्राचीन साहित्‍य और इतिहास में शोध या पीएचडी करने वाले छात्रों के लिए यह सप्‍ताह शानदार रहने वाला है। पौराणिक अध्‍ययन या गूढ़ विज्ञान और ज्‍योतिष में आपकी रुचि बढ़ सकती है।

पेशेवर जीवन: इस सप्‍ताह मूलांक 8 वाले जातक अपने काम से काफी असंतुष्‍ट नज़र आ सकते हैं। आप कुछ ऐसा करना चाहेंगे जिससे आपको संतुष्टि मिले, आप प्रगति करें और जो आपके जीवन को एक नया उद्देश्‍य दे सके।

सेहत: इस सप्‍ताह मूलांक 8 वाले जातकों में ऊर्जा का स्‍तर बहुत ऊंचा और तेज रहेगा लेकिन यह इनके व्‍यक्‍तित्‍व से एकदम विपरीत है और इस वजह से इन्‍हें इस ऊर्जा के साथ तालमेल बिठाने में दिक्‍कत आ सकती है। आपको इस सप्‍ताह थोड़ी थकान महसूस हो सकती है।

उपाय: मंगलवार या शनिवार के दिन हनुमान जी को चोला चढ़ाएं।

मूलांक 9

(अगर आपका जन्म किसी भी महीने की 9, 18, या 27 तारीख को हुआ है)

इस सप्‍ताह मूलांक 9 वाले जातक अपने जीवन के उद्देश्‍यों को प्राप्‍त करने के लिए बहुत ज्‍यादा प्रतिबद्ध रहने वाले हैं। इस समय आप अपने कार्यों में अत्‍यधिक सावधानी बरतें क्‍योंक‍ि आप इस सप्‍ताह अहंकारी और स्‍वार्थी लग सकते हैं। इससे आपके प्रियजनों को ठेस पहुंच सकती है।

प्रेम जीवन: आपको अपने अहंकार और गुस्‍से को लेकर थोड़ा सावधान रहने की ज़रूरत है। इसका आपकी शादीशुदा जिंदगी पर नकारात्‍मक प्रभाव पड़ सकता है। आपको इस समयावधि में अपने गुस्‍से पर नियंत्रण रखने की सलाह दी जाती है।

शिक्षा: अगर आप किसी भी तरह के परिणाम या रिजल्‍ट का इंतज़ार कर रहे हैं, तो इस बात की प्रबल संभावना है कि आपको उसमें सफलता मिले। आपके परीक्षा में सफल होने के प्रबल योग बन रहे हैं। जो छात्र पुलिस या रक्षा बल की नौकरी के लिए प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं, उनके लिए यह सप्‍ताह बहुत अच्‍छा रहने वाला है।

पेशेवर जीवन: कानून, रक्षा या खेल के क्षेत्र में काम करने वाले जातकों के लिए यह सप्‍ताह शानदार रहने वाला है। कार्यक्षेत्र में आप उत्‍साह से भरे रहेंगे और आपकी नेतृत्‍व करने की क्षमता की सराहना होगी।

सेहत: स्‍वास्‍थ्‍य के मामले आप फिट और स्‍वस्‍थ महसूस करेंगे। आपको वाहन चलाते समय सावधानी बरतने और यात्रा करते समय सतर्क रहने की आवश्‍यकता है।

उपाय: मंगलवार को हनुमान जी को पांच लाल गुलाब चढ़ाएं।

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अक्‍सर पूछे जाने वाले प्रश्‍न

प्रश्‍न 1.   मूलांक 5 पर किस ग्रह का आधिपत्‍य है?

उत्तर. मूलांक 5 के स्‍वामी बुध ग्रह हैं।

प्रश्‍न 2. मूलांक 7 के स्‍वामी ग्रह कौन हैं?

उत्तर. 7 मूलांक के स्‍वामी केतु ग्रह हैं।

प्रश्‍न 3. मूलांक 6 वाले जातक कैसे होते हैं?

उत्तर. इन्‍हें लग्‍ज़री चीजें ज्‍यादा आकर्षित करती हैं।

जया एकादशी के दिन करें ये अचूक उपाय, साल भर बरसेगी देवी लक्ष्मी संग श्रीहरि की कृपा!

एस्ट्रोसेज एआई का यह विशेष ब्लॉग आपको जया एकादशी 2025 से जुड़ी समस्त जानकारी प्रदान करेगा। वर्ष भर में आने वाली सभी एकादशी तिथियों में से एक है जया एकादशी जो हर साल माघ माह के शुक्ल पक्ष की ग्यारहवीं तिथि पर आती है। यह भीष्म एकादशी और भूमि एकादशी के नाम से भी जानी जाती है। हमारे इस ब्लॉग में हम बात करेंगे कि इस साल जया एकादशी का व्रत कब किया जाएगा और क्या है इस एकादशी का धार्मिक महत्व। साथ ही, जया एकादशी से जुड़ी पौराणिक कथा और श्रीहरि भगवान विष्णु की कृपा पाने के लिए आप किन उपायों को इस दिन कर सकते हैं, इस बारे में भी आपको विस्तार से बताएंगे। लेकिन, इससे पहले शुरुआत करते हैं इस ब्लॉग की और जानते हैं जया एकादशी की तिथि एवं मुहूर्त के बारे में। 

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हिंदू धर्म के सभी व्रतों में एकादशी व्रत को सबसे श्रेष्ठ माना जाता है। पंचांग के अनुसार, प्रत्येक माह में दो एकादशी तिथि आती है, पहली शुक्ल पक्ष और दूसरी कृष्ण पक्ष में। इस प्रकार, एक साल में कुल 24 एकादशी आती है और हर एकादशी का अपना विशेष स्थान है। इन्हीं 24 एकादशी तिथियों में से एक है जया एकादशी जो माघ माघ में आती है। इस दिन श्रीहरि विष्णु के लिए व्रत एवं पूजन किया जाता है। ऐसी मान्यता है कि जया एकादशी पर विधिपूर्वक पूजन करने से भक्त को भगवान विष्णु की कृपा और देवी लक्ष्मी का आशीर्वाद मिलता है। आइए अब हम आगे बढ़ते हैं और जानते हैं जया एकादशी के शुभ मुहूर्त के बारे में। 

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जया एकादशी 2025: तिथि एवं मुहूर्त

पंचांग के अनुसार, जया एकादशी का व्रत हर साल माघ माह के शुक्‍ल पक्ष की एकादशी को किया जाता है। इस बार यह व्रत 08 फरवरी 2025 को रखा जाएगा। इस दिन भक्तजन विष्‍णु जी की पूजा के साथ-साथ उनके लिए व्रत करते हैं और शाम को पूजा के बाद फलाहार करते हैं। जया एकादशी व्रत का पारण अगले दिन यानी कि द्वादशी तिथि पर करने का विधान है। जया एकादशी व्रत से भक्त के जीवन से सभी दुखों का अंत होता है। आइए अब आपको बताते हैं कि कब है जया एकादशी और शुभ मुहूर्त।

जया एकादशी 2025 व्रत तिथि: 8 फरवरी, 2025 (शनिवार) 

एकादशी तिथि प्रारंभ: 07 फरवरी की रात 09 बजकर 28 मिनट पर

एकादशी तिथि समाप्त: 08 फरवरी की रात 08 बजकर 18 मिनट तक

जया एकादशी 2025 पारण मुहूर्त: सुबह 07 बजकर 04 मिनट से सुबह 09 बजकर 17 मिनट तक, 09 फरवरी को

अवधि: 2 घंटे 12 मिनट

उदया तिथि के अनुसार, जया एकादशी का व्रत 08 फरवरी 2025 को किया जाएगा। अगर बात करें पारण मुहूर्त की, तो एकादशी व्रत को तोड़ने के लिए सुबह का समय सर्वश्रेष्ठ होता है। हालांकि, इस व्रत को दोपहर में तोड़ने से बचना चाहिए और अगर आप किसी कारण से यह व्रत सुबह के समय नहीं तोड़ पाए हैं, तो आप फिर दोपहर के बाद व्रत का पारण करें। 

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जया एकादशी 2025 का धार्मिक महत्व

धर्मग्रंथों में जया एकादशी को अत्यंत पुण्यदायी एवं कल्याणकारी कहा गया है। ऐसी मान्यता है कि जया एकादशी का व्रत मनुष्य को भूत-प्रेत, पिशाच जैसी नीच योनि से मुक्ति दिलाता है। जया एकादशी पर भक्त पूरी आस्था एवं श्रद्धा के साथ विष्णु जी की उपासना करते हैं। भविष्य पुराण और पद्म पुराण में जया एकादशी के संबंध में कहा गया है कि वासुदेव श्रीकृष्ण ने सर्वप्रथम जया एकादशी का महत्व धर्मराज युधिष्ठिर को बताते हुए कहा था कि यह व्रत करने से मनुष्य को ‘ब्रह्म हत्या’ जैसे घोर पाप से मुक्ति मिल जाती है। 

इसके अलावा, माघ माह को महादेव जी की आराधना के लिए भी उत्तम माना गया है। इस वजह से जया एकादशी भगवान विष्णु और शिव जी दोनों के भक्तों के लिए महत्वपूर्ण हो जाती है। पद्म पुराण में नारद जी को स्वयं भगवान शिव ने जया एकादशी का महत्व बताया है और कहा है कि यह एकादशी अपार पुण्य देने वाली है और जो मानव जया एकादशी का व्रत करता है, उसके पितरों और पूर्वजों को नीच योनि से स्वर्ग लोक की प्राप्ति होती है। हमारे देश के दक्षिणी राज्यों जैसे  कर्नाटक, आंध्र प्रदेश आदि में जया एकादशी, भूमि एकादशी और भीष्म एकादशी के नाम से प्रसिद्ध है। साथ ही, इस एकादशी तिथि को अजा एकादशी और भौमी एकादशी भी कहा जाता है।

धार्मिक महत्व के बाद अब हम आपको अवगत करवाते हैं जया एकादशी 2025 की पूजा विधि के बारे में। 

जया एकादशी 2025 पूजन विधि 

सनातन धर्म में माघ माह को बेहद पवित्र माना जाता है इसलिए इस महीने व्रत एवं शुद्धिकरण को अत्यधिक महत्व दिया जाता है। माघ माह के शुक्ल की एकादशी को जया एकादशी पड़ती है और इस दिन विष्णु जी की भक्तिभाव के साथ पूजा करनी चाहिए। 

  • जया एकादशी व्रत करने वाले जातक को सबसे पहले प्रातः काल ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करना चाहिए। 
  • इसके बाद, पूजास्थल की अच्छे से साफ-सफ़ाई करके गंगाजल का छिड़काव करें। 
  • अब चौकी पर विष्णु जी की प्रतिमा या तस्वीर स्थापित करें। इसके पश्चात, भगवान को तिल, फल, चंदन का लेप, धूप और दीपक अर्पित करें। 
  • पूजा का आरंभ करते समय सर्वप्रथम श्रीकृष्ण के भजन और विष्णु सहस्त्रनाम का जाप करें। बता दें कि एकादशी तिथि पर विष्णु सहस्त्रनाम’ और ‘नारायण स्त्रोत’ का पाठ करना शुभ माना जाता है। 
  • इसके पश्चात, भगवान विष्णु को नारियल, अगरबत्ती, फूल और प्रसाद चढ़ाएं। 
  • जया एकादशी की पूजा के दौरान मंत्रों का निरंतर जाप करते रहें। 
  • एकादशी के अगले दिन यानी कि द्वादशी तिथि पर पूजन करें और फिर व्रत का पारण करें।
  • संभव हो, तो द्वादशी तिथि पर ब्राह्मण या गरीब एवं जरूरतमंदों को अपने सामर्थ्य अनुसार भोजन कराएं। 
  • इसके पश्चात, उन्हें एक जनेऊ और सुपारी दें तथा अपने व्रत का पारण करें। 

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जया एकादशी व्रत कथा 

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, स्वयं भगवान श्रीकृष्ण ने जया एकादशी की यह कथा धर्मराज युधिष्ठिर को सुनाई थी जो कि इस प्रकार है: एक बार की बात है नंदन वन में उत्सव मनाया जा रहा था और इस उत्सव में सभी देवी-देवता और ऋषि-मुनि शामिल हुए थे। संगीत व नृत्य का भी आयोजन उत्सव में किया गया था और इसी सभा में माल्यवान नाम का एक गंधर्व गायक और पुष्यवती नाम की एक नृत्यांगना नृत्य कर रही थी। उत्सव में नृत्य करते हुए दोनों एक-दूसरे पर मोहित हो गए और दोनों ही अपनी मर्यादा खो बैठे और अपनी लय भूल गए। उन दोनों के इस व्यवहार को देखकर देवराज इंद्र क्रोधित हो गए और उन्होंने दोनों को स्वर्ग लोक से निष्कासित करते हुए मृत्युलोक यानी पृथ्वी पर जीवनयापन करने का श्राप दे दिया। इस वजह से गन्धर्व और पुष्यवती धरती पर पिशाचों की जीवन जीने लगे। 

मृत्यु लोक में रहते हुए उन दोनों को अपनी गलती पर पछतावा होने लगा और अब वह अपनी इस पिशाची जीवन से मुक्ति प्राप्त करना चाहते थे। ऐसे में, एक बार माघ शुक्ल की जया एकादशी तिथि पर दोनों ने भोजन का सेवन नहीं किया और पीपल के पेड़ के नीचे अपनी पूरी रात गुजारी। अपनी भूल का पश्चाताप करते हुए भविष्य में ऐसी गलती न दोहराने का संकल्प लिया। इसके पश्चात, अगली सुबह होते ही उन दोनों को पिशाची जीवन से मुक्ति मिल गई। उन दोनों को यह बात पता नहीं थी कि उस दिन जया एकादशी थी और दोनों ने जाने-अनजाने में जया एकादशी का व्रत पूरा कर लिया था। इस वजह से भगवान विष्णु ने प्रसन्न होकर उन दोनों को पिशाच योनि से मुक्त दे दी। जया एकादशी व्रत के प्रभाव से दोनों पहले की तुलना में और भी अधिक रूपवान बन गए और फिर से उन्हें स्वर्ग लोक की प्राप्ति हुई।

कथा के बाद अब हम आपको उन उपायों के बारे में बताएंगे जिन्हें आपको जया एकादशी के दिन करने से श्रीहरि विष्णु की कृपा प्राप्त होगी।   

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जया एकादशी 2025 पर इन 5 उपायों से मिलेगा सुख-समृद्धि का आशीर्वाद

  1. जिन जातकों के वैवाहिक जीवन में समस्याएं चल रही हैं, उन्हें जया एकादशी पर तुलसी की पूजा करनी चाहिए। साथ ही, देवी लक्ष्मी और तुलसी माता को श्रृंगार की सामग्री चढ़ाएं। 
  2. जया एकादशी के दिन श्रीमद् भागवत कथा का पाठ करना बेहद शुभ रहता है और इससे आपके जीवन के कष्ट दूर होते हैं।
  3. इस दिन जातक को श्रीहरि विष्णु का पंचामृत से अभिषेक करना चाहिए। ऐसा करने से करियर में आ रही सभी तरह की समस्याएं समाप्त होंगी और नए अवसर भी प्राप्त होंगे। 
  4. जिन लोगों के जीवन से आर्थिक समस्याएं खत्म नहीं हो रही हैं, उन्हें जया एकादशी के दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठकर भगवान विष्णु की श्रद्धाभाव से पूजा करनी चाहिए। साथ ही, पान के पत्ते में “ॐ विष्णवे नमः” लिखकर विष्णु जी को अर्पित करें। अगले दिन यह पत्ता पीले कपड़े में लपेटकर तिजोरी में रख दें।
  5. जया एकादशी पर पीपल के वृक्ष के नीचे घी का दीपक जलायें और पेड़ की परिक्रमा करें। ऐसा करने से विष्णु जी और मां लक्ष्मी दोनों का आशीर्वाद भी मिलता है। साथ ही, घर से दरिद्रता भी दूर होती है।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्नों

साल 2025 में जया एकादशी कब है?

इस वर्ष जया एकादशी 08 फरवरी 2025 को है। 

एक साल में कितनी एकादशी तिथि आती है?

हिंदू पंचांग के अनुसार, हर माह में 2 एकादशी तिथि आती है और इस प्रकार, एक वर्ष में कुल 24 एकादशी तिथि आती है। 

एकादशी पर किसकी पूजा की जाती है?

एकादशी तिथि भगवान विष्णु को समर्पित होती है इसलिए इस दिन विष्णु जी की पूजा का विधान है।