कब है अश्विन अमावस्या 2026 में?

अश्विन अमावस्या 2026: जानें तिथि, महत्व और इस दिन के अचूक उपाय!

अश्विन अमावस्या 2026: अक्सर आपके मन में यह सवाल उठता होगा कि अश्विन अमावस्या या दर्श अमावस्या एक है। बता दें कि हिंदू पंचांग के अनुसार, इन दोनों तिथियों का संबंध अमावस्या से होता है। अश्विन माह में आने वाली अमावस्या को अश्विन अमावस्या के नाम से जाना जाता है, जबकि दर्श अमावस्या इसी का एक अन्य नाम है। इस रात आसमान में चंद्रमा दिखाई नहीं देता है। एस्ट्रोसेज एआई का यह विशेष ब्लॉग आपको “अश्विन अमावस्या 2026’ से जुड़ी जानकारी प्रदान करेगा।

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साल 2026 में अश्विन अमावस्या 10 अक्टूबर 2026, शनिवार को पड़ेगी और इसी के साथ पितृ पक्ष का समापन हो जाएगा। ऐसे में, इस अमावस्या का धार्मिक महत्व कई गुना बढ़ जाता है जिसे सर्वपितृ अमावस्या और महालय अमावस्या के नाम से जाना जाता है। इस तिथि पर पितरों का स्मरण और उनके लिए प्रार्थना व धार्मिक अनुष्ठान किए जाते हैं।

अश्विन अमावस्या 2026: तिथि एवं पूजा मुहूर्त 

अश्विन अमावस्या 2026 का धार्मिक दृष्टि से विशेष महत्व माना जाता है। इस दिन पितरों का स्मरण करते हुए तर्पण और श्राद्ध जैसे धार्मिक अनुष्ठान किए जाते हैं। साथ ही, आप अपने घर के रीति-रिवाज़ों के अनुसार चंद्र देव और भगवान विष्णु की पूजा कर सकते हैं। 

अश्विन अमावस्या 2026 तिथि: 10 अक्टूबर 2026, शनिवार

अमावस्या आरंभ: 9 अक्टूबर 2026 की रात 09 बजकर 37 मिनट से 

अमावस्या समाप्त: 10 अक्टूबर 2026 की रात 09 बजकर 20 मिनट तक 

कुतुप मुहूर्त:  सुबह 11 बजकर 45 मिनट से दोपहर 12 बजकर 31 मिनट तक 

रोहिणी मुहूर्त:   दोपहर 12 बजकर 31 मिनट से दोपहर 01 बजकर 17 मिनट तक

अपराह्न काल:  दोपहर 01 बजकर 17 मिनट से दोपहर 03 बजकर 36 मिनट तक 

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अश्विन, दर्श और सर्वपितृ अमावस्या का संबंध

एक ही अमावस्या को पंचांग और धार्मिक महत्व के आधार पर भिन्न-भिन्न क्षेत्रों में अलग-अलग नामों से जाना जाता है। आइए जानते हैं इस बारे में विस्तार से। 

  • अश्विन अमावस्या 2026: हिंदू माह के अश्विन माह में आने वाली अमावस्या को अश्विन अमावस्या कहते हैं जिससे बेहद पावन माना जाता है।
  • दर्श अमावस्या: दर्श अमावस्या का संबंध उस अमावस्या है जब चंद्रमा पृथ्वी के आसमान में नज़र नहीं आता है। इस दिन कई तरह के धार्मिक अनुष्ठान किए जाते हैं।
  • सर्वपितृ अमावस्या/महालय अमावस्या: यह अमावस्या पितृ पक्ष का अंतिम दिन होता है। इस दिन उन पूर्वजों का श्राद्ध किया जाता है, जिनकी मृत्यु तिथि की जानकारी नहीं होती है। 

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अश्विन अमावस्या 2026: तर्पण विधि

अश्विन अमावस्या 2026 पर तर्पण और पितरों से जुड़े  सभी तरह के धार्मिक कार्य अपराह्न काल में किए जाते हैं। आप अपने घर-परिवार के रीति-रिवाजों के अनुसार तर्पण कर सकते हैं।

  • सुबह जल्दी उठकर स्नान करें। संभव हो, तो पवित्र नदी में स्नान करें या फिर नहाने के या पानी में गंगाजल मिलाकर स्नान करें। इसके बाद सफेद या हल्के रंग के कपड़े पहनें।
  • तांबे के लोटे में जल लें और उसमें लाल फूल व काले तिल मिलाकर सूर्य देव को अर्घ्य दें और प्रार्थना करें।
  • दक्षिण दिशा की ओर मुख करके बैठें और हाथ में कुश और काले तिल लेकर पितरों का स्मरण करते हुए जल अर्पित करें। उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करें।
  • भोजन की थाली से एक-एक हिस्सा  गाय, कुत्ते, कौए, चीटियों और देवताओं को अर्पित करें।
  • ब्राह्मणों या किसी जरूरतमंद को भोजन कराएं। आप अपनी क्षमता के अनुसार कपड़े, तिल, अनाज या दक्षिणा देकर उन्हें विदा करें। 

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अश्विन अमावस्या 2026: प्रभावी उपाय

अश्विन अमावस्या के अवसर पर जातक पितरों को प्रसन्न करने और उनका आशीर्वाद पाने के लिए  उपायों को कर सकते हैं।   

  • संध्या के समय पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल या घी का दीपक जलाएं। इसकी जड़ में कच्चे दूध और काले तिल मिलाकर जल अर्पित करें। 
  • पितृ गायत्री मंत्र  “ॐ पितृ गणाय विद्महे जगत धारिणे धीमहि तन्नो पित्रो प्रचोदयात्” का 108 बार जाप करें।
  • गरीब एवं जरूरतमंदों को भोजन, काले तिल और गर्म कपड़े दान करें। पितृपक्ष में दान-पुण्य को पितरों का आशीर्वाद पाने का श्रेष्ठ माध्यम माना जाता है। 

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

1. क्या अश्विन अमावस्या और दर्श अमावस्या एक है?

हाँ, यह दोनों तिथियां एक हैं जो 10 अक्टूबर 2026, शनिवार को पड़ेगी। 

2. क्या अश्विन अमावस्या को सर्वपितृ अमावस्या भी कहते हैं?

हाँ, यह अमावस्या पितृ पक्ष का अंतिम दिन होती है और इस दिन उन पितरों का श्राद्ध, तर्पण और स्मरण किया जाता है जिनकी मृत्यु की तिथि अज्ञात होती है। 

3. इस दिन कौन सा समय श्राद्ध करने के लिए शुभ होता है?

अश्विन अमावस्या पर श्राद्ध और तर्पण के लिए 10 अक्टूबर 2026 को अपराह्न काल में दोपहर 01 बजकर 17 मिनट से दोपहर 03 बजकर 36 मिनट का समय अनुकूल माना जाएगा।