वक्री बुध का मिथुन राशि में गोचर: जानें संसार पर प्रभाव!

वक्री बुध का मिथुन राशि में गोचर: जानें देश-दुनिया एवं शेयर बाजार को कैसे करेंगे प्रभावित?

वक्री बुध का मिथुन राशि में गोचर: एस्ट्रोसेज एआई का यह विशेष ब्लॉग आपको “वक्री बुध का मिथुन राशि में गोचर” से जुड़ी समस्त जानकारी प्रदान करेगा। बुध का यह गोचर सामान्य रूप से अलग होगा क्योंकि बुध देव कर्क राशि से पुनः मिथुन राशि में प्रवेश करेंगे, ताकि वह अपने अधूरे कार्य को पूरा कर सकें। बता दें कि बुध अपनी ही राशि में वक्री अवस्था में होंगे इसलिए परिस्थितियों के ज्यादातर पक्ष में रहने की संभावना है। मिथुन राशि में बुध के इस गोचर के प्रभावों को जानने से पहले हम बात करेंगे बुध और मिथुन राशि के बारे में।

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ज्योतिष में बुध ग्रह को सबसे छोटा ग्रह कहा जाता है और इनकी गिनती चंद्र ग्रह के बाद  सौरमंडल के सबसे तेज़ गति से चलने वाले ग्रहों में होती है। इसी वजह से बुध पर अन्य ग्रहों, राशियों और नक्षत्रों का प्रभाव जल्दी पड़ता है। वैदिक ज्योतिष में बुध ग्रह को बुद्धिमान, आकर्षक और युवा ग्रह के रूप में देखा जाता है। यह बुद्धि, तर्क, क्षमता और संचार कौशल के कारक ग्रह हैं। बुध ग्रह मनुष्य जीवन में बुद्धिमानी, याददाश्त और सीखने की क्षमता का प्रतिनिधित्व करता है। इसके अलावा, यह हमारी चीज़ों पर प्रतिक्रिया देने, तंत्रिका तंत्र, परिस्थितियों के अनुसार स्वयं को ढालने की क्षमता, वाणी और हर तरह की जानकारी के आदान-प्रदान और संचार को नियंत्रित करता है। 

बुध ग्रह का मुंडेन ज्योतिष में महत्व 

बुध ग्रह किसी देश में बुद्धिमत्ता, संचार व्यवस्था, मीडिया, यातायात, ट्रेड और कॉमर्स का प्रतिनिधित्व करते हैं। यह पब्लिशर्स, बुक सेलर, एडिटर, पत्रकार, डिजिटल मीडिया और कंप्यूटर प्रोग्रामर आदि को नियंत्रित करते हैं। बुध देव समाचार पत्र और मैगज़ीन के एडिटर, यातायात के साधनों, रेल, एंटरटेनमेंट मीडिया, टीवी, ट्रेड और कॉमर्स आदि का भी का प्रतिनिधित्व करते हैं। बुध देव वैज्ञानिक, साहित्य से जुड़ी संस्थाओं, ट्रीट, एग्रीमेंट, लिखित दस्तावेजों और सूचनाओं के आदान-प्रदान को भी दर्शाते हैं। मौसम से जुड़ी भविष्यवाणी में भी बुध ग्रह महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है क्योंकि जब भी इनका गोचर किसी राशि या नक्षत्र में होता है, तो इसका सीधा असर मौसम पर दिखाई देता है। 

मुंडेन ज्योतिष में मिथुन राशि का महत्व 

काल पुरुष कुंडली में मिथुन राशि तीसरे स्थान पर आती है। बता दें कि राशि चक्र में मिथुन राशि की शुरुआत 60 डिग्री से होती है और यह 90 डिग्री तक रहती है। इस राशि के अधिपति देव बुध ग्रह हैं जो बुद्धि और वाणी के कारक ग्रह हैं। 

मिथुन राशि संचार कौशल, मीडिया, यातायात, ट्रेड, जनमत और पडोसी देशों के साथ संबंधों का भी प्रतिनिधित्व करती है। इसके अलावा, यह समाचार, विज्ञापन, एग्रीमेंट, छोटी यात्राएं, ट्रेवल, घरेलू व्यापार और सीमाओं से जुड़े मामलों को नियंत्रित करती है। 

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वक्री बुध का मिथुन राशि में गोचर: समय और विशेषताएं

वक्री बुध का मिथुन राशि में गोचर 07 जुलाई 2026 की सुबह 11 बजकर 23 मिनट पर होने जा रहा है। अगर हम बात करें बुध के इस गोचर की, तो बुध का यह राशि परिवर्तन अपनी राशि में होने जा रहा है। ऐसे में, इसका प्रभाव किन-किन क्षेत्रों को प्रभावित करेगा? आइए जानते हैं। 

  • तकनीकी ख़राबी और लिखने या टाइपिंग में गलतियां बढ़ सकती हैं। 
  • फ़ोन, चाबी या लैपटॉप चोरी की वजह से परेशानी हो सकती हैं। 
  • ट्रैन या फ्लाइट छूट सकती है। 
  • छोटी यात्राओं की योजनाएं बार-बार टल सकती हैं, स्थगित हो सकती हैं या रद्द करनी पड़ सकती हैं।
  • बातचीत के दौरान गलतफ़हमी जन्म ले सकती है।
  • मैसेज या किसी दस्तावेज़ को लिखते समय गलतियां होने की आशंका है। 
  • मैसेज या ईमेल गलत व्यक्ति तक पहुंचने के कारण परेशानी हो सकती है।
  • आपसे डाटा या डॉक्यूमेंट गुम हो सकता है। 
  • सकारात्मक पक्ष की बात करें, तो आप कुछ नए संपर्क बना सकते हैं या फिर पुराने दोस्तों, पुराने सहकर्मियों या लोगों से आपको मैसेज मिल सकते हैं।
  • लंबे समय से अधूरे पड़े कागजी कार्यों को आप पूरा करने का प्रयास कर सकते हैं। 
  • रुकी हुई डील्स और एग्रीमेंट में आवश्क्य बदलाव करते हुए आप उन्हें अंतिम रूप दे सकते हैं। 

वक्री बुध का मिथुन राशि में गोचर: विश्व स्तर पर प्रभाव

वक्री बुध का मिथुन राशि में गोचर दुनिया भर में कई बड़े बदलाव लेकर आने का काम कर सकता है।

  • विश्व में चल रहे युद्धों और तनावपूर्ण परिस्थितियों में कुछ हलचल देखने को मिल सकती है। 
  • बुध गोचर की अवधि में युद्धविराम या बीते समय में हुए समझौतों को दोबारा लागू करने या फिर से उन्हें बहाल करने की दिशा में प्रयास तेज़ हो सकते हैं।
  • विश्व स्तर पर बड़े नेता सार्वजनिक रूप से कुछ विवादस्पद बयान दे सकते हैं।
  • इस गोचर की अवधि में सेना द्वारा की जा रही आक्रामक कार्रवाइयों की गति कुछ हद तक धीमा हो सकती है।
  • वक्री बुध का मिथुन राशि में गोचर के दौरान खुफिया एजेंसियां महत्वपूर्ण जानकारी जुटाने में असफल हो सकती हैं। 
  • सीमा पर तैनात सैनिकों और सैन्य के उच्च अधिकारियों के बीच वार्तालाप में समस्याएं जन्म ले सकती हैं।
  • इस समय पार्सल या कूरियर के गलत स्थान पर पहुँचने की संख्या में बढ़ोतरी हो सकती है जिसका असर सेल्स पर नज़र आ सकता है। 
  • ट्रैन और फ्लाइट्स जैसी सेवाओं में देरी होने का अनुमान है। 
  • वहीं, वक्री बुध के इस गोचर के समय को ऑडिट, साइबर सिक्योरिटी और फैक्ट-चेकिंग से जुड़ी कंपनियों के लिए अच्छा कहा जाएगा। साथ ही, एक्सपर्ट्स की मांग में बढ़ोतरी हो सकती है। 

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मेनस्ट्रीम मीडिया एवं सोशल मीडिया 

  • वक्री बुध का मिथुन राशि में गोचर के दौरान एडवर्टाइजमेंट रेवेन्यू नियम-कायदों की वजह से प्रभावित हो सकती है। 
  • दुनियाभर में सोशल मीडिया को ब्लैकआउट का सामना करना पड़ सकता है। 
  • सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर तकनीकी गड़बड़ियां आ सकती हैं जिससे फीड प्रभावित हो सकती है या फिर डाटा लीक हो सकता है। 
  • इस दौरान लोगों को सोशल मीडिया पर एप्प्स का व्यवहार थोड़ा अजीब लग सकता है। 
  • बुध गोचर की अवधि में मीडिया जगत समाचार को बार-बार दोहरा सकती है। 
  • लाइव ब्राडकास्टिंग के दौरान कुछ गलतियां होने की आशंका है। 
  • अफवाहें या गलत तस्वीरें तेज़ी से फ़ैल सकती हैं।
  • इंटरनेट पर लोग सही या गलत जानकारी में अंतर करने में कठिनाई का अनुभव कर सकते हैं।
  • ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर बहस तेजी से बड़े विवाद या मतभेद में बदल सकते हैं। 

सरकारी क्षेत्रों पर प्रभाव 

  • विभिन्न राजनीतिक दलों के बीच बातचीत की कमी की वजह से गठबंधन कमज़ोर पड़ सकता है। 
  • नए बिल्स को लागू करने या उन्हें पारित करने की प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है।
  • किसी नेता के विवादित बयान की वजह से राजनीतिक पार्टी आलोचना या बदनामी का शिकार हो सकती है। 
  • टैक्स पोर्टल या डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर में तकनीकी समस्याएं जन्म ले सकती हैं। 

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शिक्षा पर प्रभाव 

  • वक्री बुध का मिथुन राशि में गोचर के दौरान तकनीकी समस्याओं के कारण ऑनलाइन क्लासेज में समस्याएं पैदा हो सकती हैं।
  • सिलेबस को लेकर टीचर्स और स्टूडेंस्ट्स के बीच कंफ्यूजन की स्थिति बन सकती है। 
  • छात्रों के परीक्षा परिणाम आने में देरी हो सकती है। 
  • छात्रों के बीच ग्रुप प्रोजेक्ट या असाइनमेंट को लेकर गलतफ़हमियां जन्म ले सकती हैं जिसके चलते मतभेद हो सकते हैं। 

वक्री बुध का मिथुन राशि में गोचर: शेयर बाजार भविष्यवाणी

सामान्य रूप से, वक्री बुध का मिथुन राशि में गोचर की अवधि को शेयर बाजार के माध्यम से धन कमाने की दृष्टि से अच्छा नहीं कहा जा सकता है। ऐसे में, हम आपको कुछ बातों के बारे में बताने जा रहे हैं जिन्हें बुध गोचर के दौरान ध्यान में रखना होगा। 

  • शेयर बाजार भविष्यवाणी के अनुसार, इस समय शेयर मार्केट में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।
  • अचानक होने वाली तकनीकी ख़राबियों और गलत डाटा फीड की वजह से बाजार में कुछ समय के लिए गिरावट आ सकती है। 
  • टेक्नोलॉजी और टेलीकॉम कंपनियों के शेयरों में गिरावट देखने को मिल सकती है।
  • बुध गोचर की अवधि में मीडिया, सोशल मीडिया और मनोरंजन जगत को हानि उठानी पड़ सकती है। 
  • डिलीवरी में देरी के कारण ई-कॉमर्स कंपनियां नकारात्मक रूप से प्रभावित हो सकती है। 

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वक्री बुध का मिथुन राशि में गोचर: जानें 12 राशियों पर प्रभाव

मेष राशि 

मेष राशि के जातकों के लिए बुध देव आपके तीसरे और छठे भाव के स्वामी हैं जो अब वक्री अवस्था में आपके तीसरे भाव में गोचर करने जा रहे हैं। ऐसे में, इस बात की प्रबल संभावना है कि आपके शब्दों या बातों को गलत समझा जा सकता है। साथ ही, आप ईमेल या कोई डॉक्यूमेंट लिखते समय भी सावधान रहें, क्योंकि आपसे गलतियां हो सकती हैं। इन जातकों को वक्री बुध का मिथुन राशि में गोचर के दौरान आपको वाहन चलाते और यात्रा करते समय सतर्क रहना होगा। बीते समय में हुई बातचीत या किसी के साथ बातचीत शुरू करने के लिए समय अनुकूल रहेगा। 

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वृषभ राशि

वृषभ राशि के जातकों के लिए बुध महाराज आपके दूसरे और पांचवें भाव के स्वामी हैं। अब यह वक्री अवस्था में आपके दूसरे भाव में गोचर कर जाएंगे। इसके परिणामस्वरूप, धन से जुड़े मामलों में लापरवाही या फिर बैंक ट्रांसफर में देरी होने की आशंका है। इस दौरान आपको ऑनलाइन बड़े लेन-देन या जल्दबाजी में खरीदारी करने से बचना होगा क्योंकि आपको धोखाधड़ी का शिकार हो सकते हैं। साथ ही, बोलते समय अपने शब्दों का विशेष रूप से ध्यान रखें क्योंकि आपकी बातों को गलत समझा जा सकते हैं या फिर उनका अर्थ गलत निकाला जा सकता है। 

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मिथुन राशि

मिथुन राशि वालों के लिए बुध ग्रह आपके लग्न भाव और चौथे भाव के स्वामी हैं जो अब आपके दूसरे भाव में गोचर करने जा रहे हैं। वक्री बुध का मिथुन राशि में गोचर का असर आपके व्यक्तित्व, स्वास्थ्य और धन-धान्य को प्रभावित करेगा। यह समय खुद को जानने-समझने के लिए अनुकूल रहेगा। आपको इस बात पर गौर करना होगा कि आप कौन हैं, दुनिया के सामने खुद को अआप कैसे प्रस्तुत करते हैं और क्या हाल के समय में आप जरूरत से ज्यादा स्वार्थी या जरूरत से ज्यादा निस्वार्थी हो सकते हैं। आपको व्यवहार पर नज़र डालें और साथ ही, अपने स्वास्थ्य एवं फिटनेस का भी विशेष ध्यान रखना होंगे।

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कर्क राशि

कर्क राशि के जातकों के लिए बुध महाराज आपके बारहवें और तीसरे भाव के स्वामी हैं। वर्तमान समय में अब यह आपके बारहवें भाव के वक्री अवस्था में गोचर करने जा रहे हैं। वक्री बुध का मिथुन राशि में गोचर के दौरान आपकी इन्ट्यूशन क्षमता कमज़ोर पड़ सकती है, इसलिए भावनाओं के बजाय तथ्यों पर भरोसा करें। अतीत से जुड़े हुए अधूरे मामलों या पुराने लोग विशेष रूप से प्रेमी/प्रेमिका अपनी पुरानी कहानी को पूरा कर सकते हैं क्योंकि वह आपके जीवन में दोबारा आ सकता हैं।

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सिंह राशि

सिंह राशि वालों के लिए बुध देव आपके दूसरे और ग्यारहवें भाव के स्वामी हैं जो अब आपके ग्यारहवें भाव में गोचर करने जा रहे हैं। ऐसे में, वक्री बुध का मिथुन राशि में गोचर का समय आपके आर्थिक जीवन के लिए अनुकूल नहीं कहा जा सकता है। साथ ही, इस अवधि में आपको धन से जुड़े निर्णय लेने से बचना होगा। इसके बजाय आप अपने पुराने आर्थिक निर्णयों के बारे में सोच-विचार करते हुए नज़र आ सकते हैं, क्योंकि उनमें सुधार या बदलाव की आवश्यकता आपको महसूस हो सकती है। साथ ही, दोस्तों या सामाजिक जीवन से जुड़े लोगों के साथ मतभेद या तनाव पैदा हो सकता है, इसलिए आपको अपने विचार व्यक्त करते समय विशेष सावधानी बरतनी होगी। 

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कन्या राशि 

कन्या राशि वालों के लिए बुध ग्रह आपके दूसरे और लग्न भाव के अधिपति देव हैं जो अब आपके बारहवें भाव में गोचर करने जा रहे हैं। वक्री बुध का मिथुन राशि में गोचर आपके दसवें भाव में होने से कार्यक्षेत्र में वरिष्ठ अधिकारियों या उच्च पद पर आसीन लोगों के साथ आपके मतभेद हो सकते हैं। किसी भी मीटिंग या प्रेजेंटेशन की अच्छी तरह तैयारी करें। साथ ही, ज़ूम, पावरपॉइंट या अन्य तकनीकी सेटिंग्स से जुड़ी गलतियां बन सकती हैं। 

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तुला राशि

तुला राशि के जातकों के लिए बुध महाराज आपके बारहवें और नौवें भाव के स्वामी हैं। वर्तमान समय में अब यह वक्री अवस्था में आपके नौवें भाव में जा रहे हैं। वक्री बुध का मिथुन राशि में गोचर के दौरान यदि आप मुश्किल सब्जेक्ट्स या बातों का अध्ध्य्यन कर रहे हैं, उन्हें समझने में सामान्य रूप से ज्यादा समय लग सकता है। अगर आप कोर्स या किसी विशेष सब्जेक्ट की पढ़ाई कर रहे हैं, तो आपको अधिक मेहनत करनी पड़ सकती है। साथ ही, किसी भी यात्रा की योजना बनाते समय आपको सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है और सभी तैयारियों की अच्छे से जांच कर लें।

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वृश्चिक राशि

वृश्चिक राशि के जातकों के लिए बुध ग्रह आपके ग्यारहवें और आठवें भाव के स्वामी हैं जो अब आपके आठवें भाव में गोचर करने जा रहे हैं। वक्री बुध का मिथुन राशि में गोचर की अवधि में आपको दूसरों के धन से जुड़े मामलों जैसे जीवनसाथी की आय, बिज़नेस डील, लोन या कर्ज़ को लेकर सावधानी बरतने की आवश्यकता होगी। इस समय किसी भी कॉन्ट्रैक्ट को साइन करने से पहले उसकी शर्तों को ध्यान से पढ़ें। बुध गोचर की अवधि में छिपी हुई बातें या कोई रहस्य आपके सामने आ सकते हैं। साथ ही, आपको अपने स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखना होगा क्योंकि आपको इन्फेक्शन या एलर्जी की शिकायत रह सकती है।

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धनु राशि

धनु राशि के जातकों के लिए बुध महाराज आपके सातवें और दसवें भाव के स्वामी हैं। वर्तमान समय में बुध देव आपके सातवें भाव में गोचर कर जाएंगे, क्योंकि इस दौरान बातचीत की कमी के कारण जीवनसाथी या पार्टनर के साथ पुराने विवाद या मतभेद दोबारा जन्म ले सकते हैं। वहीं, सकारात्मक पक्ष की बात करें, तो पुराने बिज़नेस या लंबे समय से रुके हुए कामों को पुनः शुरू करने के लिए समय अच्छा कहा जाएगा। 

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मकर राशि

मकर राशि वालों के लिए बुध देव आपके छठे कौर नौवें भाव के स्वामी हैं जो अब आपके छठे भाव में गोचर करने जा रहे हैं। ऐसे में, वक्री बुध का मिथुन राशि में गोचर आपके जीवन में चिंता या तनाव को बढ़ाने का काम कर सकता है। इस दौरान आपको संतुलित खानपान पर ध्यान केंद्रित करना होगा। ऐसे में, आप नियमित रूप से जिम जाएं और दिनचर्या को नियमित बनाने का प्रयास करेंगे जिससे आप तनाव या सर्दी-जुकाम जैसे रोगों से बच सकेंगे। 

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कुंभ राशि

कुंभ राशि के जातकों के लिए बुध महाराज आपके पांचवें और आठवें भाव के स्वामी हैं। वर्तमान समय में यह अपनी वक्री अवस्था में पांचवें भाव में गोचर करने जा रहे हैं। इस दौरान आपको प्रेम जीवन में या रचनात्मक कार्यों में अस्थायी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। अगर आपके बच्चे हैं या फिर आपका कार्य बच्चों से जुड़ा हुआ है, तो इस समय आपको धैर्य और समझदारी से काम लेना होगा। 

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मीन राशि

मीन राशि के जातकों के लिए बुध महाराज आपके लग्न और चौथे भाव के स्वामी हैं जो अब वक्री अवस्था में आपके चौथे भाव में गोचर करने जा रहे हैं। ऐसे में, वक्री बुध का मिथुन राशि में गोचर के दौरान आपके घर का माहौल या आपका आराम प्रभावित हो सकता है। घर में मेहमानों के आने-जाने से, घर में निर्माण कार्य होने से या फिर अचानक शुरू हुए काम की वजह से असुविधा महसूस हो सकती है। आप इस समय का इस्तेमाल परिवार या माता पक्ष के लोगों से मिलने के लिए कर सकते हैं और ऐसे में, आप अपनापन, सुरक्षा और भावनात्मक सुरक्षा महसूस कर सकते हैं। 

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वक्री बुध का मिथुन राशि में गोचर: सरल एवं प्रभावी उपाय 

  • रोज़ाना भगवान गणेश की पूजा करें और प्रतिदिन गणेश चालीसा का पाठ करें या सुनें। 
  • बुधवार के दिन गणेश जी को दूर्वा चढ़ाएं। साथ ही, उन्हें मोदक का भोग अर्पित करें। 
  • गाय को हरा चारा खिलाएं। 
  • किन्नरों का सम्मान करें और उन्हें कोई चीज़ भेंट करें। 
  • परिवार की महिलाओं जैसे बहन, बुआ या मौसी के साथ अपने रिश्ते मधुर रखें। 
  • छोटी कन्याओं को कुछ उपहार में दें। 

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

1. वक्री बुध का मिथुन राशि में गोचर कब होगा?

वक्री बुध का मिथुन राशि में गोचर 07 जुलाई 2026 की सुबह 11 बजकर 23 मिनट पर होने जा रहा है। 

2. वक्री बुध का मिथुन राशि में गोचर के दौरान कौन से शुभ परिणाम मिलेंगे?

बुध के इस गोचर के दौरान पुराने दोस्त मिलेंगे और अधूरे कार्य पूरे हो सकेंगे। 

3. वक्री बुध के दौरान किस देवता की पूजा करनी चाहिए?

बुध गोचर के समय भगवान गणेश की पूजा नियमित रूप से करना शुभ साबित होता है।