जब बुध ग्रह सूर्य के अत्यधिक निकट होने की स्थिति से बाहर निकलकर फिर से अपनी शक्ति को प्राप्त करता है, तब उसे बुध का उदय कहा जाता है। अब 10 फरवरी, 2026 को सुबह 04 बजकर 08 मिनट पर बुध का कुंभ राशि में उदय हो रहा है। बुध के उदित होने का बुद्धि, संचार और सोच पर स्पष्ट प्रभाव देखने को मिलता है।

यह भी पढ़ें: राशिफल 2026
दुनियाभर के विद्वान ज्योतिषियों से करें कॉल/चैट पर बात और जानें अपने संतान के भविष्य से जुड़ी हर जानकारी
बुध का कुंभ राशि में उदय
ज्योतिष के अनुसार कुंभ राशि के स्वामी शनि देव हैं जिन्हें न्याय, तर्क और समाज का कारक माना जाता है। वहीं दूसरी ओर, बुध नई सोच और व्यावहारिक बुद्धि का प्रतीक हैं। ऐसे में शनि की राशि कुंभ में बुध का उदय होने पर लोगों की सोच में अधिक स्पष्टता और तर्क की झलक देखने को मिलती है।
इस दौरान संचार, पढ़ाई और लेखन कार्य में सुधार आता है। तकनीक, सोशल मीडिया और इनोवेशन से जुड़े काम तेज होते हैं। जो निर्णय लंबे समय से अटके हुए थे, वे पूरे हो पाते हैं। व्यक्ति खुले विचारों वाला बनता है और उसके दिमाग में नए आइडिया आते हैं एवं उसका एक अलग दृष्टिकोण बनता है। दोस्ती, नेटवर्किंग और टीम के साथ मिलकर काम करने से लाभ होता है। इस समय मनुष्य के ऊपर भावनाओं से ज्यादा तर्क का प्रभाव देखा जाता है।
इसके अलावा बुध का कुंभ राशि में उदय होने पर स्टार्टअप, आईटी, रिसर्च और कम्युनिकेशन फील्ड में ज्यादा फायदा होता है। यह योजनाओं के पूरा होने का समय है।
हालांकि, इस दौरान कुछ चीज़ों का ध्यान भी रखना पड़ता है जैसे कि रिश्तों में अधिक तार्किक होकर पेश आने से संबंध खराब हो सकते हैं, दूसरों की भावनाओं को नज़रअंदाज़ करने से बचना चाहिए और जिद्दी स्वभाव नहीं अपनाना चाहिए।
बृहत् कुंडली में छिपा है, आपके जीवन का सारा राज, जानें ग्रहों की चाल का पूरा लेखा-जोखा
ग्रह के उदित होने का क्या अर्थ है
वैदिक ज्योतिष में ग्रह के उदित होने को एक महत्वपूर्ण घटना माना जाता है। जब कोई ग्रह सूर्य के अत्यधिक निकट आ जाता है, तब वह अपनी शक्ति खो देता है और अस्त हो जाता है। इस स्थिति से बाहर आने का उदित या उदय होना कहते हैं और इस स्थिति में ग्रह अपनी शक्ति, प्रभाव और फल देने की क्षमता से फिर से प्राप्त करने लगता है।
किसी भी ग्रह के उदित होने पर उसकी स्वाभाविक शक्ति में वृद्धि होती है। उसके कारक फल स्पष्ट मिलने लगते हैं और व्यक्ति की निर्णय लेने की क्षमता मजबूत होती है। इस दौरान रुके हुए कार्य तेजी से पूरे होने लगते हैं।
कालसर्प दोष रिपोर्ट – काल सर्प योग कैलकुलेटर
ज्योतिष में बुध ग्रह का महत्व
ज्योतिषशास्त्र में बुध ग्रह को बुद्धि, वाणी, तर्क, संचार, व्यापार, शिक्षा और विश्लेषण क्षमता का कारण माना गया है। व्यक्ति किस तरह से सोचता है, उसके बोलने का क्या तरीका है और उसकी निर्णय लेने की क्षमता पर बुध ग्रह का ही प्रभाव रहता है। यदि कुंडली में बुध ग्रह मजबूत हो, तो व्यक्ति बुद्धिमान, समझदार, चतुर और तार्किक दृष्टिकोण रखने वाला होता है। यह ग्रह लोगों को अपनी बात प्रभावशाली ढंग से रखने की कला देता है, जिससे वे दूसरों को आसानी से प्रभावित कर पाते हैं।
बुध ग्रह का संबंध लेखन, मीडिया, शिक्षण, विज्ञापन, तकनीक, बैंकिंग और व्यवसाय से भी होता है। जिन लोगों की कुंडली में बुध शुभ स्थिति में होता है, वे संवाद, लेखन या व्यापार के क्षेत्र में खास पहचान बना सकते हैं। वहीं, अगर बुध अशुभ या कमजोर हो, तो व्यक्ति को निर्णय़ में भ्रम, गलतफहमियां, बोलचाल में परेशानी या काम में अस्थिरता का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए वैदिक ज्योतिष में बुध को बुद्धि और वाणी के स्वामी कहा गया है, जो जीवन में स्पष्ट सोच, सही निर्णय और सफल संवाद का आधार बनता है।
पाएं अपनी कुंडली आधारित सटीक शनि रिपोर्ट
बुध ग्रह के शुभ होने के संकेत
वैदिक ज्योतिष में बुध ग्रह को व्यापार, संचार, वाणी, शिक्षा और गणना का प्रतीक माना गया है। यदि किसी व्यक्ति की कुंडली में बुध ग्रह मजबूत हो, तो उस जातक की सोचने-समझने, निर्णय लेने और बात करने की क्षमता मजबूत होती है। इनकी तर्क करने और निर्णय लेने की क्षमता अच्छी होती है।
ये किसी भी नए काम या चीज़ को जल्दी सीख लेते हैं। ये अपनी बातों को साफ, प्रभावशाली और संतुलित तरीके से रख पाते हैं। इनकी बातों में समझदारी या चतुराई दिखाई दे सकती है। इनकी बातों में मिठास और स्पष्टता रहती है। ये अपनी बातों से दूसरों को प्रभावित करने में सक्षम होते हैं। ये अपने संचार कौशल से विवादों को सुलझाने में माहिर होते हैं।
इन्हें आईटी, लेखन और मीडिया के क्षेत्र में सफलता मिलती है। ये धन का ठीक तरह से प्रबंधन कर पाते हैं। इन्हें अपनी बुद्धि के बल पर कई अच्छे अवसर प्राप्त होते हैं। छात्रों की पढ़ाई में रुचि रहती है और एकाग्रता बनी रहती है। इनकी गणित, कॉमर्स और भाषा पर अच्छी पकड़ होती है। ये तकनीक के क्षेत्र में भी बड़ी सफलता हासिल करते हैं। ये मल्टीटास्क आसानी से कर लेते हैं और नए स्किल्स जल्दी सीख लेते हैं।
फ्री ऑनलाइन जन्म कुंडली सॉफ्टवेयर से जानें अपनी कुंडली का पूरा लेखा-जोखा
बुध ग्रह के कमज़ोर होने के संकेत
जब कुंडली में बुध ग्रह अशुभ या कमज़ोर होता है, जब व्यक्ति को निर्णय लेने में भ्रम या असमंजस महसूस हो सकता है। वह ओवरथिंकिंग कर सकता है और उसकी एकाग्रता में कमी आ सकती है या उसके अंदर भूलने की आदत देखी जा सकती है। ये तर्कहीन या जल्दबाज़ी में आकर निर्णय ले सकते हैं।
बात करते समय इनके मुंह से गलत शब्द निकल सकते हैं, ये झूठ या तीखी वाणी बोल सकते हैं। इसके अलावा ये जातक अपनी बात या विचारों को सही तरीके से व्यक्त करने में असमर्थ हो सकते हैं। इनके रिश्तों में गलतफहमियां या विवाद देखा जा सकता है।
इस स्थिति में छात्रों का मन पढ़ाई से हट सकता है, उन्हें गणित, अकाउंटृस और तकनीक से जुड़े विषयों में कठिनाई हो सकती है।
ये बार-बार अपना विषय या लक्ष्य बदल सकते हैं। इन्हें प्रतियोगी परीक्षा में भी सफल होने में दिक्कतें आ सकती हैं। बुध के कमज़ोर होने पर व्यवसाय में नुकसान होने का खतरा रहता है। इन्हें बार-बार नौकरी बदलनी पड़ सकती है और इन्हें धोखा मिलने का डर रहता है।
AstroSage AI पॉडकास्ट सुनें – यहां आपको मिलेंगे ज्योतिष, जीवन के रहस्य, किस्मत के संकेत और AI द्वारा बताए गए सटीक ज्योतिषीय समाधान। अपनी ज़िंदगी के अहम सवालों के जवाब अब आवाज़ में, आसान भाषा में।
बुध का कुंभ राशि में उदय: राशि अनुसार प्रभाव और उपाय
मेष राशि
मेष राशि वालों के लिए बुध ग्रह को शुभ ग्रह नहीं कहा जा सकता है जो आपके तीसरे और छठे भाव के स्वामी हैं। कुंडली में……(विस्तार से पढ़ें)
वृषभ राशि
वृषभ राशि वालों के लिए बुध देव एक शुभ ग्रह है जो आपके दूसरे और पांचवें भाव के स्वामी हैं। बता दें कि कुंडली में दूसरे भाव धन……(विस्तार से पढ़ें)
मिथुन राशि
इस राशि के जो जातक किसी नई जगह शिफ्ट होने, नया घर लेने, या तीर्थयात्रा पर जाने की योजना बना रहे हैं, तो इसके लिए समय को अनुकूल कहा जाएगा। बुध महाराज आपके……(विस्तार से पढ़ें)
कर्क राशि
अगर आपको बुध अस्त के दौरान भाई-बहनों के साथ मतभेद और संचार कौशल से जुड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ा था, तो अब वह……(विस्तार से पढ़ें)
नए वर्ष की भविष्यवाणी प्राप्त करें वार्षिक कुंडली 2026 से
सिंह राशि
बुध का कुंभ राशि में उदय होना धन से जुड़े मामलों के लिए काफ़ी अच्छा कहा जाएगा, विशेष रूप से उन जातकों के लिए जिनका जुड़ाव व्यापार……(विस्तार से पढ़ें)
कन्या राशि
आपके स्वास्थ्य के साथ-साथ पेशेवर जीवन में भी निश्चित रूप से सुधार आएगा। यह अवधि आपके दैनिक जीवन के लिए सहायक बनेगी। अगर आप……(विस्तार से पढ़ें)
तुला राशि
आपको पूरा-पूरा अपने भाग्य का साथ मिलेगा, परंतु आपके खर्चों में भी वृद्धि होगी। बुध देव आपके पांचवें भाव में उदित होंगे और ऐसे में, यह राहु के साथ……(विस्तार से पढ़ें)
वृश्चिक राशि
आपकी भावनाओं में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। इस दौरान यह जातक परिवार की जिम्मेदारियों को लेकर तनाव या चिंतित……(विस्तार से पढ़ें)
धनु राशि
बुध का कुंभ राशि में उदय होना आपके लिए सकारात्मक परिणाम और पेशेवर जीवन में नए अवसर लेकर आएगा। साथ ही, इस राशि के सिंगल जातकों को……(विस्तार से पढ़ें)
रत्न, रुद्राक्ष और अन्य ज्योतिषीय उत्पादों की खरीद के लिए क्लिक करें: एस्ट्रोसेज एआई शॉप
मकर राशि
इस दौरान आपको हर कदम पर भाग्य का साथ मिलेगा जो इनके अस्त अवस्था में होने के कारण नहीं मिल रहा था……(विस्तार से पढ़ें)
कुंभ राशि
आपको जीवन के विभिन्न क्षेत्रों जैसे शिक्षा, प्रेम जीवन और पारिवारिक जीवन में शुभ परिणाम मिलेंगे। इस दौरान छात्रों को शिक्षा में चली आ रही परेशानियों से……(विस्तार से पढ़ें)
मीन राशि
आपके पारिवारिक जीवन में चल रहे मतभेदों का अंत होगा और ऐसे में, आपको मानसिक शांति की प्राप्ति होगी। साथ ही, आपकी माता या फिर जीवनसाथी के……(विस्तार से पढ़ें)
सभी ज्योतिषीय समाधानों के लिए क्लिक करें: ऑनलाइन शॉपिंग स्टोर
हम उम्मीद करते हैं कि आपको हमारा यह ब्लॉग ज़रूर पसंद आया होगा। अगर ऐसा है तो आप इसे अपने अन्य शुभचिंतकों के साथ ज़रूर साझा करें। धन्यवाद!
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
10 फरवरी 2026 को बुध कुंभ राशि में उदित हो जाएंगे।
राशि चक्र की ग्यारहवीं राशि कुंभ के स्वामी शनि देव हैं।
जब कोई ग्रह सूर्य से एक निश्चित दूरी पर आ जाता है, तब ग्रह अपनी अस्त अवस्था से उदित हो जाता है।