फरवरी 2026: ग्रेगोरियन कैलेंडर के अनुसार फरवरी साल का दूसरा महीना है। इस महीने को प्यार का महीना भी कहा जाता है क्योंकि इस दौरान 14 फरवरी को वैलेंटाइन डे मनाया जाता है। फरवरी की शुरुआत से उत्तर भारत समेत देश के कई हिस्सों से सर्दियों की विदाई शुरू हो जाती है। ज्योतिषीय दृष्टि से भी फरवरी माह बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है क्योंकि इस दौरान कई व्रत-त्योहार पड़ते हैं।

जब भी किसी नए महीने की शुरुआत होती है, तो उसे लेकर अक्सर मन में उत्सुकता बढ़ जाती है कि नया महीना हमारे लिए कैसा रहेगा? क्या करियर में सफलता मिलेगी? प्रेम, वैवाहिक जीवन के लिए कैसा रहेगा ये महीना?
अगर आप भी नया साल शुरू होने के बाद जनवरी माह बीतने पर फरवरी को लेकर इन्हीं सब तरह के सवालों के बारे में सोच रहे हैं, तो अब आपको ज्यादा परेशान होने की जरूरत नहीं है। आपके इन सभी सवालों के जवाब एस्ट्रोसेज एआई के इस खास ब्लॉग में मिल जाएंगे।
ये कहना गलत नहीं होगा कि फरवरी माह 2026 में ऋतु में बदलाव आना शुरू हो जाता है। कड़ाके की सर्दी के बाद मीठी-मीठी ठंड पड़नी शुरू हो जाती है। ज्योतिषीय दृष्टि से देखें, तो इस दौरान कई महत्वपूर्ण त्योहार मनाए जाते हैं। इस ब्लॉग में आपको न सिर्फ फरवरी में पड़ने वाले प्रमुख व्रत एवं त्योहार की सही तिथियों की जानकारी प्राप्त होगी, बल्कि इस महीने के बैंक अवकाशों से भी अवगत कराएंगे। तो आइए बिना देरी किए शुरुआत करते हैं इस ब्लॉग की और जान लेते हैं कि कैसा रहेगा फरवरी 2026 का महीना आपके लिए।
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फरवरी 2026 का ज्योतिषीय तथ्य और हिंदू पंचांग की गणना
फरवरी 2026 की शुरुआत 01 फरवरी को चतुर्दशी तिथि पर पुनर्वसु नक्षत्र में होगी और इसकी समाप्ति त्रयोदशी तिथि पर पुष्य नक्षत्र में 28 फरवरी को होगी।
ग्रेगोरियन कैलेंडर के अनुसार, साल का दूसरा महीना होता है फरवरी जो कि वर्ष का सबसे छोटा महीना है क्योंकि इसमें सिर्फ 28 दिन होते हैं और जिस वर्ष फरवरी में 29 दिन पड़ते हैं, उसे लीप ईयर कहते हैं।
फरवरी 2026 में पड़ने वाले व्रत एवं त्योहार की तिथियां
सनातन धर्म में हर मास के अंदर अनेक व्रत-त्योहार आते हैं जिनका अपना एक अलग महत्व होता है। इसी क्रम में, हम बसंत के महीने फरवरी 2026 में पड़ने वाले प्रमुख व्रत-त्योहारों की तिथियां आपको बता रहे हैं ताकि आप कोई भी महत्वपूर्ण पर्व भूल न जाएं।
| तिथि | दिन | व्रत एवं त्योहार |
| 01 फरवरी 2026 | रविवार | माघ पूर्णिमा व्रत |
| 05 फरवरी 2026 | गुरुवार | संकष्टी चतुर्थी |
| 13 फरवरी 2026 | शुक्रवार | विजया एकादशी |
| 13 फरवरी 2026 | शुक्रवार | कुम्भ संक्रांति |
| 14 फरवरी 2026 | शनिवार | प्रदोष व्रत (कृष्ण) |
| 15 फरवरी 2026 | रविवार | महाशिवरात्रि, मासिक शिवरात्रि |
| 17 फरवरी 2026 | मंगलवार | फाल्गुन अमावस्या |
| 27 फरवरी 2026 | शुक्रवार | आमलकी एकादशी |
| 28 फरवरी 2026 | शनिवार | प्रदोष व्रत (शुक्ल) |
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फरवरी में पड़ने वाले व्रत-त्योहार का धार्मिक महत्व
फरवरी 2026 में मनाए जाने वाले व्रत-त्योहारों की तिथियों को जानने के बाद अब हम आपको बताते हैं इस माह के व्रत-पर्वों के धार्मिक महत्व से।
माघ पूर्णिमा: 01 फरवरी, 2026 यानी फरवरी के पहले दिन पर ही पूर्णिमा तिथि पड़ रही है जो कि बहुत शुभ है। माघ के महीने में आने वाली पूर्णिमा को माघ पूर्णिमा कहते हैं। इस दिन व्रत रखने का भी विधान है। माघ पूर्णिमा व्रत पर पवित्र नदियों में स्नान करने से मोक्ष की प्राप्ति होती है।
संकष्टी चतुर्थी: 05 फरवरी को संकष्टी चतुर्थी का व्रत है। यह व्रत विघ्नहर्ता भगवान गणेश को समर्पित है। इस दिन पूजन एवं व्रत करने से बप्पा अपने भक्तों के जीवन से सभी समस्याओं का अंत कर देते हैं।
विजया एकादशी: 13 फरवरी को विजया एकादशी पड़ रही है। यह फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष में आती है। एकादशी तिथि पर भगवान विष्णु की पूजा करने का विशेष महत्व है।
कुंभ संक्रांति: 13 फरवरी को कुंभ संक्रांति पड़ रही है। साल में कुल 12 संक्रांति आती हैं। संक्रांति तिथि पर सूर्य देव एक राशि से निकलकर दूसरी राशि में प्रवेश करते हैं और प्रत्येक संक्रांति का अपना एक अलग महत्व होता है। सूर्य देव के अपने पुत्र शनि की राशि कुंभ में प्रवेश करने पर कुंभ संक्रांति पड़ती है।
प्रदोष व्रत (शुक्ल): 14 फरवरी को प्रदोष व्रत है जो कि भगवान शिव और माता पार्वती को समर्पित है। इसे त्रयोदशी व्रत भी कहा जाता है। हिन्दू पंचांग के अनुसार, प्रदोष व्रत हर महीने की शुक्ल और कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी को करने का विधान है। इस व्रत से जातक को दीर्घायु का आशीर्वाद मिलता है।
महाशिवरात्रि: 15 फरवरी को महाशिवरात्रि है। यह हिंदू धर्म के सबसे बड़े एवं पवित्र पर्वों में से एक है। इस दिन शिव मंदिरों की भक्तों की भीड़ देखने को मिलती है और महादेव को प्रसन्न करने के लिए महाशिवरात्रि पर भक्तजन शिवलिंग पर बेलपत्र, जल और दूध आदि अर्पित करते हैं।
फाल्गुन अमावस्या: 17 फरवरी को फाल्गुन अमावस्या का व्रत है। पंचांग के अनुसार, हर वर्ष फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की अमावस्या को फाल्गुन अमावस्या कहा जाता है। इस तिथि को पितृ शांति के लिए उत्तम माना जाता गया है।
आमलकी एकादशी: 27 फरवरी को आमलकी एकादशी पड़ रही है। प्रत्येक एकादशी की तरह इस दिन भी भगवान विष्णु की पूजा की जाती है।
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फरवरी 2026 में ग्रह-गोचर की सूची
फरवरी के महीने में निम्न ग्रह गोचर करेंगे:
- बुध का कुंभ राशि में गोचर: बुद्धि के कारक बुध देव 03 फरवरी 2026 की रात 09 बजकर 38 मिनट पर कुंभ राशि में गोचर कर जाएंगे।
- शुक्र का कुंभ राशि में गोचर: शुक्र ग्रह 06 फरवरी, 2026 को रात्रि 12 बजकर 52 मिनट पर कुंभ राशि में गोचर करेंगे।
- बुध कुंभ राशि में उदय: 10 फरवरी को सुबह 04 बजकर 08 मिनट पर बुध ग्रह कुंभ राशि में उदित होंगे।
- सूर्य का कुंभ राशि में गोचर: 13 फरवरी को सुबह 03 बजकर 49 मिनट पर सूर्य कुंभ राशि में प्रवेश करेंगे।
- शुक्र कुंभ राशि में उदय: 17 फरवरी को दोपहर 02 बजकर 42 मिनट पर शुक्र कुंभ राशि में उदित होंगे।
- मंगल का कुंभ राशि में गोचर: 23 फरवरी को सुबह 11 बजकर 33 मिनट पर मंगल ग्रह कुंभ राशि में गोचर करने जा रहे हैं।
- बुध कुंभ राशि में वक्री: 26 फरवरी को सुबह 11 बजकर 50 मिनट पर बुध शनि की राशि कुंभ में वक्री हो जाएंगे।
- बुध कुंभ राशि में अस्त: 28 फरवरी को रात 10 बजकर 09 मिनट पर बुध शनि की राशि कुंभ में अस्त हो जाएंगे।
फरवरी 2026: सार्वजनिक अवकाश
| तिथि | दिन | अवकाश | राज्य |
| 01 फरवरी 2026 | रविवार | गुरु रविदास जयंती | चंडीगढ़, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, पंजाब और मध्य प्रदेश |
| 15 फरवरी 2026 | रविवार | लुई-नगाई-नी | मणिपुर |
| 15 फरवरी 2026 | रविवार | महाशिवरात्रि | राष्ट्रीय अवकाश (अंडमान-निकोबार, अरुणाचल प्रदेश, असम, बिहार, गोवा, लक्षद्वीप, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, पुडुचेरीसिक्किम, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल आदि राज्यों को छोड़कर) |
| 18 फरवरी 2026 | बुधवार | लोसर | सिक्किम |
| 19 फरवरी 2026 | गुरुवार | छत्रपति शिवाजी महाराज जयंती | महाराष्ट्र |
| 20 फरवरी 2026 | शुक्रवार | राज्य स्थापना दिवस | अरुणाचल प्रदेश और मिजोरम |
फरवरी 2026 विवाह मुहूर्त
| दिनांक | दिन | नक्षत्र | तिथि | मुहूर्त का समय |
| 17 फरवरी 2026 | मंगलवार | उत्तराषाढ़ा | अष्टमी | सुबह 09 बजकर 30 मिनट से अगली सुबह 18 फरवरी 07 बजकर 27 मिनट तक |
| 18 फरवरी 2026 | बुधवार | उत्तराषाढ़ा | नवमी | सुबह 07 बजकर 27 मिनट से दोपहर 12 बजकर 36 मिनट तक |
| 22 फरवरी 2026 | रविवार | उत्तराभाद्रपद | त्रयोदशी | रात 09 बजकर 04 मिनट से अगली सुबह 07 बजकर 23 मिनट तक |
| 23 फरवरी 2026 | सोमवार | उत्तराभाद्रपद | त्रयोदशी | सुबह 07 बजकर 23 मिनट से सुबह 10 बजकर 20 मिनट तक |
| 27 फरवरी 2026 | शुक्रवार | रोहिणी | तृतीया, चतुर्थी | शाम 06 बजकर 39 मिनट से 28 फरवरी सुबह 07 बजकर 19 मिनट तक |
| 28 फरवरी 2026 | शनिवार | रोहिणी | चतुर्थी | सुबह 07 बजकर 19 मिनट से शाम 05 बजकर 08 मिनट तक |
फरवरी 2026 में अन्नप्राशन मुहूर्त
| तिथि व दिन | समय (IST) |
| 6 फरवरी, शुक्रवार | 07:37 – 08:02 |
| 6 फरवरी, शुक्रवार | 09:29 – 14:25 |
| 6 फरवरी, शुक्रवार | 16:40 – 23:34 |
| 18 फरवरी, बुधवार | 18:13 – 22:46 |
| 20 फरवरी, शुक्रवार | 07:26 – 09:59 |
| 20 फरवरी, शुक्रवार | 11:34 – 15:45 |
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फरवरी 2026 में मुंडन संस्कार के मुहूर्त
| दिनांक | आरंभ काल | समाप्ति काल |
| बुधवार, 11 फरवरी | 10:53:42 | 31:03:11 |
| गुरुवार, 12 फरवरी | 07:02:25 | 13:43:22 |
| बुधवार, 18 फरवरी | 17:00:10 | 21:16:55 |
| गुरुवार, 26 फरवरी | 06:49:56 | 12:12:19 |
| शुक्रवार, 27 फरवरी | 10:49:45 | 22:35:23 |
AstroSage AI पॉडकास्ट सुनें – यहां आपको मिलेंगे ज्योतिष, जीवन के रहस्य, किस्मत के संकेत और AI द्वारा बताए गए सटीक ज्योतिषीय समाधान। अपनी ज़िंदगी के अहम सवालों के जवाब अब आवाज़ में, आसान भाषा में।
कैसे होते हैं फरवरी में जन्मे लोग
जिन लोगों का जन्म फरवरी के महीने में होता है, उनके अंदर अद्भुत रचनात्मक कौशल मौजूद होता है। ये किसी भी समस्या को बड़े कलात्मक तरीके से हल करने का गुण रखते हैं। इन्हें गुस्सा ज्यादा जल्दी नहीं आता है और ये थोड़े शांत स्वभाव के होते हैं।
ये रहस्य या बातों को गुप्त रखने में माहिर होते हैं। अगर आपने इन्हें अपना कोई रहस्य बता दिया, तो आपको चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है। ये आपकी बात किसी को नहीं बताएंगे। फरवरी में पैदा हुए जातक दूसरों की मदद करने के लिए हमेशा तत्पर रहते हैं। ये ईमानदार और भरोसेमंद होते हैं। आप इनके ऊपर आंख मूंदकर भरोसा कर सकते हैं।
फरवरी माह का ज्योतिषीय एवं धार्मिक महत्व
फरवरी का महीना लोगों को इसलिए भी ज्यादा पसंद आता है क्योंकि इस दौरान मीठी-मीठी ठंड पड़ने लगती है। इस दौरान मौसम और प्रकृति में बदलाव आना शुरू हो जाता है। फरवरी में महाशिवरात्रि और कभी-कभी बसंत पचंमी जैसे बड़े व्रत-त्योहार आते हैं जिसकी वजह से इस माह का महत्व और शुभता बढ़ जाती है। धार्मिक दृष्टि से देखें तो फरवरी माह 2026 की शुरुआत फाल्गुन मास के अंतर्गत होगी जो कि हिंदू पंचांग का ग्यारहवां महीना है। यह महीना पौष मास के बाद आता है। माघ माह में ही कल्पवास भी आयोजित किया जाता है।
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माघ और फाल्गुन माह का महत्व
हिंदू धर्म में माघ और फाल्गुन दोनों का ही बहुत महत्व है। माघ माह का संबंध भगवान श्रीकृष्ण से है और इस महीने को पहले माध नाम से जाना जाता था। इस माह में भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की भी पूजा का विधान है। बात करें फाल्गुन मास की, तो यह हिंदू वर्ष का बारहवां और अंतिम महीना होता है। यह मास इसलिए सबसे खास होता है क्योंकि इस दौरान हिंदुओं का सबसे बड़ा त्योहार होली का पर्व आता है। महाशिवरात्रि भी इसी महीने में आती है। साथ ही, फाल्गुन के महीने में वसंत उत्सव भी मनाया जाता है। इस माह में मुख्य रूप से भगवान कृष्ण और चंद्र देव की पूजा की जाती है।
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, चंद्र देव का जन्म फाल्गुन मास में हुआ था इसलिए इस माह इनकी आराधना की जाती है।
फरवरी 2026 में जन्मे लोगों का भाग्य रत्न
फरवरी में पैदा हुए लोगों का एमेथिस्ट स्टोन होता है। यह बैंगनी रंग का होता है। इस स्टोन के अंदर गजब की हीलिंग पॉवर होती है। इस स्टोन को पहनने से सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
फरवरी मासिक भविष्यवाणी 2026: 12 राशियों का राशिफल
मेष राशि
फरवरी मासिक राशिफल 2026 के अनुसार, यह महीना मेष राशि के जातकों के लिए अनुकूलता लेकर आएगा। आर्थिक मामलों में……(विस्तार से पढ़ें)
वृषभ राशि
यह महीना आपके लिए मध्यम से थोड़ा बेहतर रहने की संभावना है। आपकी राशि के स्वामी शुक्र महाराज महीने की शुरुआत में बुध, सूर्य और……(विस्तार से पढ़ें)
मिथुन राशि
यह महीना आपके लिए मध्यम रूप से फलदायक रहने की संभावना है। महीने की शुरुआत में सूर्य, मंगल, बुध और शुक्र आपके अष्टम भाव में……(विस्तार से पढ़ें)
कर्क राशि
यह महीना कर्क राशि के जातकों के लिए उतार-चढ़ाव से भरा रहने की संभावना है। आपको विशेष रूप से……(विस्तार से पढ़ें)
सिंह राशि
यह महीना आपके लिए उतार-चढ़ाव से भरा रहने वाला है। महीने की शुरुआत में सूर्य, मंगल, बुध और शुक्र आपके छठे भाव में, राहु सप्तम भाव में……(विस्तार से पढ़ें)
कन्या राशि
कन्या राशि में जन्मे जातकों के लिए यह महीना कई मामलों में अनुकूल फल लेकर आएगा और कुछ क्षेत्रों में आपको सावधानी रखनी होगी। सूर्य, मंगल, बुध, शुक्र आपके……(विस्तार से पढ़ें)
नए वर्ष की भविष्यवाणी प्राप्त करें वार्षिक कुंडली 2026 से
तुला राशि
तुला राशि में जन्मे जातकों के लिए यह महीना उतार-चढ़ाव से भरा रहने की संभावना है। आपके चौथे भाव में मंगल, सूर्य, बुध और शुक्र महीने की……(विस्तार से पढ़ें)
वृश्चिक राशि
यह महीना वृश्चिक राशि के जातकों के लिए कई मामलों में अनुकूल और कुछ मामलों में मिश्रित फल देने वाला महीना साबित हो सकता है। महीने की……(विस्तार से पढ़ें)
धनु राशि
यह महीना धनु राशि के जातकों के लिए मध्यम रूप से प्रतिकूल रहने की संभावना है। महीने की शुरुआत से अंत तक शनि चतुर्थ भाव में……(विस्तार से पढ़ें)
मकर राशि
यह महीना मकर राशि में जन्म लेने वाले जातकों के लिए ज्यादा अनुकूल नहीं रहने वाला है। महीने की शुरुआत में ही सूर्य मंगल जैसे उग्र ग्रह……(विस्तार से पढ़ें)
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कुंभ राशि
कुंभ राशि में जन्मे की जातकों के लिए महीने की शुरुआत थोड़ी कमजोर रहने की संभावना है क्योंकि महीने शुरुआत में सूर्य, मंगल, बुध और शुक्र जैसे ग्रह ……(विस्तार से पढ़ें)
मीन राशि
यह महीना मीन राशि के जातकों के लिए मिश्रित रूप से फलदायी रहने वाला है। पूरे महीने राहु आपके द्वादश भाव में और शनि……(विस्तार से पढ़ें)
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्नों
05 फरवरी को संकष्टी चतुर्थी का व्रत है।
फरवरी 2026 की शुरुआत 01 फरवरी को चतुर्दशी तिथि पर पुनर्वसु नक्षत्र में होगी।
17 फरवरी को फाल्गुन अमावस्या का व्रत है।