सूर्य का मीन राशि में गोचर: जानें 12 राशियों पर प्रभाव!

सूर्य का मीन राशि में गोचर: बदल जाएगा इन राशियों का भाग्य, जानें संसार पर प्रभाव!

सूर्य का मीन राशि में गोचर: एस्ट्रोसेज एआई हमेशा से अपने पाठकों के लिए ज्योतिष की दुनिया में होने वाले हर छोटे से छोटे बदलावों से आपको सबसे पहले अवगत करवाता रहा है। हमारे आज का यह ब्लॉग आपको “सूर्य का मीन राशि में गोचर” के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान करेगा। बता दें कि सूर्य देव अब 14 मार्च 2026 को मीन राशि में प्रवेश कर जाएंगे। इस विशेष ब्लॉग के माध्यम से हम सूर्य ग्रह की अवस्था में आने वाले इस बदलाव का संसार और राशियों समेत शेयर बाजार पर कैसा प्रभाव पड़ेगा, इसके बारे में बात करेंगे। 

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ज्योतिष में सूर्य देव को आत्मा और पहचान का कारक माना जाता है। किसी व्यक्ति की जन्म कुंडली में सूर्य की स्थिति आत्मविश्वास, आत्म सम्मान और जीवन के उद्देश्यों को दर्शाती है। बता दें कि सूर्य ग्रह का संबंध हमारी जीवन शक्ति और ऊर्जा से होता है। हमारी कुंडली में सूर्य महाराज की उपस्थिति ऊर्जा और शारीरिक स्वास्थ्य का प्रतिनिधित्व करता है।  

बता दें की वैदिक ज्योतिष में सूर्य देव को राजसी ग्रह का दर्जा दिया गया है इसलिए यह शाही, सत्ता और उच्च पद के कारक माने गए हैं। साथ ही, यह अच्छी सेहत, जीवनशक्ति और समृद्धि को भी नियंत्रित करते हैं। कुंडली में सूर्य की मजबूत स्थिति जातक को बेहतरीन नेतृत्व क्षमता का आशीर्वाद देती है। ऐसा व्यक्ति समाज में उच्च पद हासिल करता है और मान-सम्मान प्राप्त करता है। सूर्य की कृपा से पिता के साथ उसके रिश्ते मधुर और प्रेमपूर्ण रहते हैं। सकारात्मक रूप से सूर्य ग्रह के शुभ प्रभाव से जातक का स्वभाव भरोसेमंद, उदार और परिपक्व होता है।

अगर किसी की कुंडली में सूर्य महाराज अशुभ स्थिति में होते हैं, तो उन्हें दिल से जुड़ी समस्याओं, हड्डियों की कमज़ोरी, माइग्रेन, कमज़ोर नज़र और ख़ून से संबंधित समस्याओं का सामना करना पड़ता है। जिन जातकों का सूर्य कुंडली में दुर्बल होता है, उनका रिश्ता पिता के साथ कमज़ोर हो जाता है या फिर पिता को स्वास्थ्य समस्याओं से जूझना पड़ता है। सूर्य के नकारात्मक प्रभाव से जातकों में सहनशक्ति, आत्मविश्वास की कमी और कोई बड़ा फैसला लेने में कठिनाई का अनुभव हो सकता है। सूर्य के अशुभ प्रभाव से जातक का स्वभाव आक्रामक या दूसरों को नियंत्रित करने वाला बना सकते हैं। 

सूर्य का मीन राशि में गोचर: तिथि और समय 

सूर्य महाराज 14 मार्च 2026 की देर रात 12 बजकर 41 मिनट पर मीन राशि में गोचर करने जा रहे हैं। राशि चक्र की अंतिम राशि मीन जल तत्व की राशि है जिसमें अब उग्र ग्रह सूर्य का प्रवेश होने जा रहा है। ऐसे में, यह देखना बहुत दिलचस्प होगा कि जब जल तत्व की राशि में उग्र सूर्य का गोचर होगा, तब यह सभी 12 राशियों के साथ-साथ देश-दुनिया और शेयर बाजार को किस तरह से प्रभावित करेगा। 

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सूर्य मीन राशि में: विशेषताएं 

जब सूर्य देव मीन राशि में प्रवेश करते हैं, तो यह  जातकों को शुभ परिणाम प्रदान करते हैं क्योंकि दोनों ग्रह अर्थात सूर्य देव और मीन राशि के स्वामी गुरु ग्रह एक-दूसरे के साथ मित्रवत संबंध रखते हैं। ऐसे में, जिन जातकों का जन्म मीन राशि में सूर्य के तहत होता है, उन लोगों का स्वभाव कोमल और मिलनसार होते हैं।

जैसे कि मीन राशि के स्वामी गुरु ग्रह हैं जो संतान और पति के कारक ग्रह माने गए हैं इसलिए जिन महिलाओं का जन्म मीन राशि में सूर्य के अंतर्गत होता है, उन्हें सामान्य रूप से अच्छा पति और संतान सुख प्राप्त होता है। साथ ही, यह अपने जीवन में नौकरों के सुख का आनंद लेते हुए नज़र आते हैं। सूर्य की इस स्थिति के अंतर्गत जन्मे पुरुषों का झुकाव महिलाओं के प्रति अधिक होता है। 

सूर्य के मीन राशि में विराजमान होने के प्रभाव से जातकों को यात्रा करना बहुत पसंद होता है। वह अपने जीवन में अच्छा खासा धन कमाते हैं और सामान्य रूप से सुखी जीवन व्यतीत करते हैं। उनकी बुद्धि और इंट्यूशन क्षमता बेहद मज़बूत होते हैं जो हर कार्य में उनका साथ देते हैं। ये लोग हद से ज्यादा सोच-विचार करने वाले होते हैं और यह मीठा बोलने के बजाय लोगों के सामने साफ-साफ बोलने की क्षमता रखते हैं।      

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कुंडली में इस स्थिति के तहत जन्मे जातक जल से जुड़े क्षेत्रों के माध्यम से धन कमाते हैं। इसी क्रम में, यह लोग ज्योतिष के क्षेत्र में भी महारत हासिल करते हैं क्योंकि सूर्य और गुरु ग्रह दोनों का संबंध गूढ़ विज्ञान से है।

हालांकि, सूर्य महाराज के मीन राशि में बैठे होने से व्यक्ति थोड़े गंभीर या खुद में खोए रहने वाले होते हैं। सरल शब्दों में कहें, तो इन्हें दूसरों से दूरी बनाकर चलना पसंद करते हैं। ऐसे लोगों को कई बार स्वयं की पहचान को समझने में कठिनाई होती है। ये अत्यंत भावनात्मक स्वभाव के होते हैं और दूसरों की राय व निर्णयों से आसानी से प्रभावित हो जाते हैं।  

ऐसे जातक स्वयं को परिस्थितियों के अनुसार ढालने में सक्षम होते हैं और इन्हें अक्सर अपने दोस्तों, करीबियों एवं परिवार के सदस्यों की सहायता करते हुए देखा जा सकता है। वहीं, करियर के क्षेत्र में यह जातक कड़ी मेहनत करते हैं और यह अपने काम के प्रति समर्पित होते हैं। 

सूर्य का मीन राशि में गोचर: वैश्विक स्तर

जब सूर्य महाराज मीन राशि में मौजूद होते हैं, तो इनकी ऊर्जा कर्म और कार्यों में सक्रियता से हटकर आत्मचिंतन, दया और आध्यात्मिक जागरूकता की तरफ बढ़ती है। वहीं, मीन राशि के स्वामी गुरु ग्रह और नेपच्यून को माना गया है जो व्यक्ति द्वारा निर्मित सीमाओं को कमज़ोर करती है और देश और विदेश दोनों के संबंध में छुपे हुई सच्चाई को सामने लेकर आती है। 

वैश्विक स्तर पर भावनात्मक और मनोवैज्ञानिक प्रभाव

  • सूर्य के मीन राशि में गोचर के दौरान दुनिया भर में लोगों के भीतर भावनात्मक संवेदनशीलता में वृद्धि होगी। मानवता से जुड़े मामलों में अधिक ध्यान दिया जाने लगेगा और लोगों में सौहार्द की भावना बढ़ेगी।
  • सूर्य गोचर की अवधि में कन्फ्यूजन, स्थान परिवर्तन की प्रवृति, गलत ख़बरों और भावनात्मक समस्याओं में वृद्धि देखने को मिल सकती है। 
  • कई लोग मानसिक रूप से थकान का अनुभव कर सकते हैं या फिर आप अपने जीवन के लक्ष्यों और दिशा को लेकर असमंजस में रह सकते हैं, विशेषकर नेतृत्व करने वाले और निर्णय लेने वाले लोग।

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सरकार, नेतृत्व और राजनीतिक निर्णय 

  • सूर्य गोचर के दौरान सरकार द्वारा लिए गए फैसलों में स्पष्टता की कमी नज़र आ सकती है।  
  • सरकार द्वारा बनाई गई नीतियों में व्यवहारिक दृष्टिकोण के बजाय भावनात्मक या मानवता पर अत्यधिक केंद्रित हो सकती है। 
  • कमज़ोर, खराब सामाजिक छवि या निर्णय न लेने वाले राजनेताओं को सार्वजानिक आलोचना का सामना करना पड़ सकता है। 
  • गुप्त वार्ताएं, छिपे हुए एजेंडे या पर्दे के पीछे की कूटनीति बाद में उजागर हो सकती है।

हेल्थ, मेडिकल, फार्मास्यूटिकल्स एवं हीलिंग में परिवर्तन 

  • सूर्य के मीन राशि में प्रवेश के दौरान वैश्विक स्तर पर अस्पताल, दवाइयां, नींद और रोग प्रतिरोधक क्षमताओं से जुड़ी समस्याओं पर ध्यान केंद्रित हो सकता है। 
  • इस समय विश्व का सारा ध्यान आयुर्वेद की तरफ जा सकता है। 
  • संसार का झुकाव सूर्य गोचर की अवधि में पारंपरिक हीलिंग की पद्धति की तरफ बढ़ सकता है। 
  • ज्योतिष, टैरो, मैडिटेशन, स्वप्न और अंतर्ज्ञान जैसे विषयों में लोगों की रुचि बढ़ने की संभावना है। 
  • यह अवधि आपको क्षमा, समर्पण और जाने देने जैसे जीवन के महत्वपूर्ण मसबक देने का काम करेगा। 

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सूर्य का मीन राशि में गोचर: शेयर बाज़ार भविष्यवाणी 

शेयर बाजार भविष्यवाणी के अनुसार, सूर्य का मीन राशि में गोचर निवेशकों को याद दिलाएगा कि शेयर बाजार में होने वाल हर हलचल वास्तविक नहीं होती है और आपको मिलने वाला हर मौका सुरक्षित हो, ऐसा जरूरी नहीं होता है। ऐसे में, सूर्य का यह गोचर आपको परिस्थितियों का बारीकी से देखना, धन को सुरक्षित रखना और आगे की योजना बनाने का होगा। 

  • रिटेल में निवेश करने वाले इस समय आवेग में निर्णय लेते हुए दिखाई दे सकते हैं। 
  • संस्थानों से जुड़े निवेशक पर्दे के पीछे रहकर शांति से काम करना पसंद कर सकते हैं।
  • बाज़ार में अधिक उतार-चढ़ाव और अस्पष्ट रुझान बने रह सकते हैं। 
  • भावनात्मक समस्याओं और धोखे आदि की समस्या का सामना करना पड़ सकता है।  
  • शेयर बाजार में अचानक से आने वाले उतार-चढ़ाव आपको हैरान कर सकते हैं। 
  • यह समय बिना सोचे-समझे निवेश करने के बजाय छोटी अवधि में किए गए निवेश और ट्रेडिंग के लिए अनुकूल रहेगा। 
  • तेल, गैस और तरल वस्तुओं की कीमतों में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकते हैं।
  • वस्तुओं की कीमतें अफवाहें या जियोपोलिटकल भावनाओं से प्रभावित हो सकती है।
  • चीज़ों की कीमतों में अस्थिरता रहने की संभावना है। 

सूर्य का मीन राशि में गोचर: इन राशियों को मिलेंगे सकारात्मक परिणाम 

वृषभ राशि

वृषभ राशि वालों के लिए सूर्य देव आपके चौथे भाव के स्वामी हैं जो अब आपके ग्यारहवें भाव में गोचर करने जा रहे हैं। सूर्य का मीन राशि में गोचरआपके लिए शुभ परिणाम लेकर आएगा। साथ ही, आपको आर्थिक जीवन में स्थिरता बनाए रखने में सहायता करेगा जिससे आप धन लाभ कमाने में सक्षम होंगे। इस दौरान आपका जीवन में सुख-सुविधा और विलासिता से पूर्ण रहेगा। इसके अलावा, आपको हर कदम पर अपने करीबियों और प्रियजनों का साथ प्राप्त होगा। 

जब बात आती है करियर की, तो सूर्य गोचर के दौरान आप बेहद भाग्यशाली रहेंगे और ऐसे में, आपको नौकरी के नए अवसर मिलेंगे जो आपके लिए आर्थिक रूप से फलदायी साबित होंगे। साथ ही, आपको विदेश से भी नौकरी के मौके मिल सकते हैं और इसके परिणामस्वरूप, आप प्रसन्न नज़र आ सकते हैं। इस अवधि में आपको अपने वरिष्ठ अधिकारियों और सहकर्मियों का सहयोग प्राप्त होगा। 

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मिथुन राशि 

मिथुन राशि के जातकों के लिए सूर्य देव तीसरे भाव के स्वामी हैं जो अब आपके दसवें भाव में गोचर करने जा रहे हैं। इसके फलस्वरूप, सूर्य देव को दसवें भाव में दिग्बल यानी की दिशाओं का बल प्राप्त होता है और ऐसे में, सूर्य का मीन राशि में गोचर आपके लिए बहुत शुभ कहा जाएगा। इन जातकों को करियर में अच्छे परिणामों की प्राप्ति होगी जिनका गोचर आपके दसवें भाव में होगा। 

सूर्य का यह गोचर आपको करियर में खुद को स्थापित करने, प्रमोशन पाने और शक्ति से पूर्ण एक उच्च पद पर पाने के अनेक अवसर प्रदान करेंगे। यह समय विशेष रूप से उन जातकों के लिए अनुकूल रहेगा जो प्रोफेसर, टीचर या किसी सरकारी एजेंसी से जुड़े होंगे। इस दौरान आप अपने छोटे भाई-बहन के साथ या उनकी सहायता से आप अपने व्यापार की शुरुआत कर सकते हैं। इसके अलावा, दावें भाव में बैठकर सूर्य देव की दृष्टि आपके चौथे भाव पर पड़ रही होगी और ऐसे में, इस समय रियल एस्टेट ब्रोकर को नए ग्राहक मिलने शुरू हो जाएंगे। इस प्रकार, कई बेहतरीन डील्स को कर पाएंगे। 

कर्क राशि

कर्क राशि वालों की कुंडली के लिए सूर्य महाराज आपके दूसरे भाव के स्वामी हैं जो अब आपके नौवें भाव में गोचर करने जा रहे हैं। इसके परिणामस्वरूप, सूर्य का मीन राशि में गोचर की अवधि में आपको अपने पिता की सेहत पर ध्यान देना होगा क्योंकि उन्हें कुछ स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। इसके अलावा, आपके उनके साथ मतभेद होने की भी आशंका है। सूर्य का यह राशि परिवर्तन आपके करियर में आ रही समस्याओं को दूर करने में सहायक साबित होगा। 

बता दें कि नौवें भाव में बैठकर सूर्य देव आपके तीसरे भाव को देख रहे होंगे। ऐसे में, आपका संचार कौशल मज़बूत होगा और दूसरों से बात करते समय उसमें आत्मविश्वास की झलक दिखाई देगी। आप अपनी प्रतिभा के बल पर दूसरों का ध्यान अपनी तरफ आकर्षित करने में सक्षम होंगे। साथ ही, आप अपनी क्षमताओं को बेहतर बनाने पर भी ध्यान केंद्रित करेंगे। 

सूर्य का मीन राशि में गोचर के दौरान आप अपने दुश्मनों और प्रतिद्वंद्वियों पर विजय पाने में सफल रहेंगे। जो जातक मीडिया या स्टेज परफ़ॉर्मर के रूप में कार्य कर रहे हैं, उनके लिए यह समय शानदार रहेगा। साथ ही, आपके छोटे-भाई भी आपका सहयोग कर सकते हैं जिससे करियर से जुड़ी योजनाएं सफल होने की संभावना है।\

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वृश्चिक राशि

वृश्चिक राशि के जातकों के लिए सूर्य देव आपके दसवें भाव के स्वामी हैं और अब इनका गोचर आपके पांचवें भाव में होने जा रहा है। इस भाव का संबंध शिक्षा, प्रेम और संतान आदि से होता है। सूर्य का मीन राशि में गोचर के दौरान आपका करियर किसी बड़े परिवर्तन से गुज़र सकता है और इससे मिलने वाले परिणाम सामान्य रूप से आपकी कुंडली में चल रही दशाओं पर  निर्भर करते होंगे। बता दें कि मीन राशि का संबंध दूर स्थान, विदेश और एकांत से माना जाता है। ऐसे में, सूर्य का यह गोचर नौकरी या कार्यक्षेत्र में परिवर्तन की तरफ संकेत कर रहा है।

बता दें कि पांचवें भाव में उपस्थित सूर्य महाराज की दृष्टि आपके ग्यारहवें भाव पर होगी क्योंकि आय में वृद्धि के माध्यम से आर्थिक लाभ की प्राप्ति होगी। जैसे कि पांचवें भाव का संबंध सट्टेबाजी से होता है और ऐसे में, आपको शेयर बाजार के माध्यम धन लाभ होने के योग बनेंगे।

इसके अलावा, आप भविष्य को ध्यान में रखते हे प्रभावशाली संपर्क बना पाएंगे जो आपकी प्रगति में सहायक बनेंगे। जो जातक उच्च शिक्षा के लिए मास्टर्स या पीएचडी करने की इच्छा रखते हैं, उनके लिए यह समय अच्छा साबित हो सकता है। इस समय आपका कोई भ्रम टूट सकता है जिससे लक्ष्यों के प्रति आपको स्पष्टता मिलेगी। ऐसे में, अब आप समझ सकेंगे कि आपको किस दिशा में आगे बढ़ना है।   

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सूर्य का मीन राशि में गोचर: इन राशियों को रहना होगा सतर्क 

सिंह राशि

सिंह राशि के जातकों के लिए सूर्य महाराज आपके लग्न भाव के स्वामी हैं जो अब आपके आठवें भाव में प्रवेश करने जा रहे हैं। बता दें कि आठवें भाव का संबंध दीर्घायु  गूढ़ विज्ञान और अचानक से होने वाली घटनाओं का होता है। ऐसे में, सूर्य का मीन राशि में गोचर के दौरान आपको कई बदलावों का सामना करना पड़ सकता है, लेकिन इन बदलावों जो आपके लिए आसान नहीं कहा जा सकता है। साथ ही, आपको नौकरी और पेशवेर जीवन में उतार-चढ़ाव से दो-चार होना पड़ सकता है क्योंकि सूर्य देव आपके आठवें भाव में मौजूद होगी। 

सूर्य गोचर के दौरान आपको अपनी सेहत पर ध्यान देने की आवश्यकता होगी क्योंकि इस दौरान आपको दिल, हड्डियों और आँखों से जुड़ी परेशान कर सकती हैं। इसके फलस्वरूप, अगर आप कोई स्वास्थ्य संबंधित समस्या से जूझ रहे हैं, तो आप उन्हें नज़रअंदाज़ न करें और तुरंत डॉक्टर से सलाह लें।इस दौरान आपको बेकार का गुस्सा और अहंकार त्यागने की सलाह दी जाती है क्योंकि यह आपकी समस्याएं बढ़ा सकती हैं और आप अप्रिय परिस्थितियों में फँस सकते हैं। ऐसे में, आपको दूसरे के साथ कठोर होने से बचना होगा। 

कन्या राशि

कन्या राशि के जातकों के लिए सूर्य देव आपके सातवें भाव में गोचर करने जा रहे हैं जो आपके बारहवें भाव के भी स्वामी हैं। बता दें कि सातवें भाव शादी और रिलेशनशिप से होता है। इसके परिणामस्वरूप, सूर्य का मीन राशि में गोचर होने से आपका वैवाहिक जीवन समस्याओं और चुनौतियों से भरा रह सकता है। इस दौरान आपको साथी के साथ अहंकार की वजह से विवाह और मतभेद होने की आशंका है। जैसे कि हम जानते हैं कि सूर्य एक उग्र ग्रह हैं जिससे आपके शादीशुदा जीवन के लिए अच्छा नहीं कहा जा सकता है। इसके अलावा, सूर्य आपके बारहवें भाव के स्वामी हैं जो आपकी समस्याएं बढ़ाने का काम कर सकते हैं। 

साथ ही, सूर्य गोचर की अवधि में आपको अपने पार्टनर की सेहत पर ध्यान देने की सलाह दी जाती है। साथ ही, आपको अहंकार और गुस्से से भी बचना होगा क्योंकि आपके इस स्वभाव का असर आपके शादीशुदा जीवन को नकारात्मक रूप से प्रभावित कर सकता है। ऐसे में, साथी के साथ आपका रिश्ता तनावपूर्ण रह सकता है। 

बता दें कि सूर्य महाराज सातवें भाव में बैठकर आपके लग्न भाव पर दृष्टि डाल रहे होंगे जिसके चलते आप गुस्सैल, चिड़चिड़े या घमंडी स्वभाव के रह सकते हैं। वहीं दूसरी तरफ, आपको स्वास्थ्य समस्याओं जैसे हाई ब्लड प्रेशर, माइग्रेन आदि लकी शिकायत रह सकती है इसलिए अपना ध्यान रखें। 

सूर्य का मीन राशि में गोचर: सरल एवं अचूक उपाय 

  • प्रतिदिन आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करें। 
  • प्रत्येक सुबह सूर्य देव को जल में एक चुटकी सिंदूर और लाल फूल मिलाकर अर्घ्य दें। 
  • रोज़ाना सुबह जल्दी उठने की आदत डालें क्योंकि ऐसा करने से सूर्य कुंडली में मज़बूत होता है। 
  • आप अपने पिता और गुरु का आदर-सम्मान करें। 
  • गरीब एवं जरूरतमंदों को गेहूं और गुड़ का दान करें। 
  • मंदिर में तांबे की वस्तुओं का दान करें। 
  • किसी अनुभवी एवं विद्वान ज्योतिषी से कुंडली का विश्लेषण करवाकर घर या कार्यस्थल पर सूर्य यंत्र की स्थापना करें। 

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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

1. क्या सूर्य और मीन राशि एक ही तत्व से जुड़े हैं?

नहीं, सूर्य एक उग्र ग्रह है और मीन राशि का संबंध जल तत्व से है। 

2. मीन राशि का स्वामी कौन है?

राशि चक्र की बारहवीं राशि मीन के अधिपति देव गुरु ग्रह हैं। 

3. मीन राशि में कौन सा ग्रह नीच अवस्था में होता है?

बुध ग्रह की नीच राशि मीन है।