शुक्र तुला राशि में अस्त: वैदिक ज्योतिष में जब कोई ग्रह सूर्य के निकट चला जाता है, तब वह कमज़ोर होकर अपनी शक्तियां खो देता है और अस्त हो जाता है। अस्त अवस्था में ग्रह अपनी पूरी क्षमता से परिणाम देने में असमर्थ होइते हैं। बता दें कि सूर्य देव 10 डिग्री और 08 डिग्री के भीतर आने पर अस्त हो जाते हैं।

दुनियाभर के विद्वान ज्योतिषियों से करें कॉल/चैट पर बात और जानें अपने संतान के भविष्य से जुड़ी हर जानकारी
शुक्र देव प्रेम, सौंदर्य, आपसी सामंजस्य, धन, ऐश्वर्य और वैवाहिक जीवन के कारक ग्रह माना जाता है। अब शुक्र देव अपनी ही राशि तुला में विराजमान हैं जो इस राशि में मज़बूत स्थिति में होते हैं। लेकिन अस्त होने से इसके स्वाभाविक गुण प्रभावित हो सकते है। शुक्र तुला राशि में अस्त होने से इसका प्रभाव मनुष्य जीवन के भिन्न-भिन्न क्षेत्रों जैसे करियर, रिलेशनशिप, फाइनेंस, पार्टनरशिप और स्वास्थ्य पर पड़ेगा।
शुक्र तुला राशि में अस्त: तिथि एवं समय
ज्योतिष शास्त्र में 19 कटोबेर 2026 की सुबह 08 बजकर 09 मिनट पर तुला राशि में अस्त हो जाएंगे। ऐसे में, शुक्र ग्रह से मिलने वाले परिणाम प्रभावित हो सकते हैं।
बृहत् कुंडली में छिपा है, आपके जीवन का सारा राज, जानें ग्रहों की चाल का पूरा लेखा-जोखा
ज्योतिषीय दृष्टि से शुक्र तुला राशि में अस्त
राशि चक्र की सातवीं राशि तुला वायु तत्व की राशि है जिसके स्वामी शुक्र ग्रह हैं। इसका संबंध रिश्ते, व्यापार, कूटनीति, संतुलन और सौंदर्य से है। शुक्र अपनी राशि तुला में मजबूत होते हैं, लेकिन फिर भी सूर्य के निकट आने पर यह शुक्र अस्त हो जाते हैं और अपनी शक्तियां कमज़ोर पड़ जाती हैं।
वैदिक ज्योतिष में शुक्र अस्त होने से निजी रिश्तों में संवाद की कमी, लक्ज़री से जुड़े निवेश में देरी और भावनात्मक दूरी आ सकती है। हालांकि, आपकी जन्म कुंडली में शुक्र की स्थिति के आधार पर अनावश्यक खर्चों पर नियंत्रण, कठिन परिस्थितियों या अज्ञात आलोचना का सामना करने में सहायता मिल सकती है।
AstroSage AI पॉडकास्ट सुनें – यहां आपको मिलेंगे ज्योतिष, जीवन के रहस्य, किस्मत के संकेत और AI द्वारा बताए गए सटीक ज्योतिषीय समाधान। अपनी ज़िंदगी के अहम सवालों के जवाब अब आवाज़ में, आसान भाषा में।
ज्योतिषीय दृष्टि से शुक्र तुला राशि में अस्त
राशि चक्र की सातवीं राशि तुला वायु तत्व की राशि है जिसके स्वामी शुक्र देव हैं। इसका संबंध रिश्ते, व्यापार, कूटनीति, संतुलन और सौंदर्य से है। शुक्र देव अपनी राशि तुला में मजबूत होते हैं, लेकिन फिर भी सूर्य के नज़दीक होने पर अस्त हो जाते हैं और अपनी शक्तियां कमज़ोर पड़ जाती हैं।
शुक्र के अस्त होने से रिश्तों में बातचीत की कमी, लक्ज़री क्षेत्रों से जुड़े निवेश में देरी और भावनात्मक दूरी आ सकती है। हालांकि, शुक्र की अस्त अवस्था आपके जीवन को कैसे प्रभावित करेगी, यह पूर्ण रूप से आपकी कुंडली में शुक्र की स्थिति पर निर्भर करता है। लेकिन फिर भी आपको अनावश्यक खर्चों को नियंत्रित, मुश्किल परिस्थितियों या आलोचना का सामना करने में सहायता मिलेगी।
रत्न, रुद्राक्ष और अन्य ज्योतिषीय उत्पादों की खरीद के लिए क्लिक करें: एस्ट्रोसेज
कुंडली में शुक्र का शुभ-अशुभ प्रभाव
ज्योतिष के अनुसार, कुंडली में ग्रहों की स्थिति मनुष्य जीवन के अलग-अलग आयामों जैसे करियर, आर्थिक जीवन, रिश्तों, मानसिक शांति और स्वास्थ्य को प्रभावित करती है। केंद्र और त्रिकोण भावों में शुभ ग्रहों की स्थिति करियर में तरक्की, आर्थिक स्थिरता, प्रेमपूर्ण रिश्तों और क्षमताओं को विकसित करने के अवसर प्रदान करती है।
वहीं, कुंडली में कमज़ोर ग्रह और छठे, आठवें या बारहवें भाव में ग्रहों की स्थिति करियर में समस्याएं, आर्थिक जीवन में उतार-चढ़ाव, मानसिक तनाव और रिश्तों में टकराव जैसी समस्या पैदा करती हैं। इसी प्रकर, ग्रहों की शुभ स्थिति प्रगति प्रदान करती हैं, जबकि विपरीत स्थितियों में आपको धैर्य, सोच-समझकर फैसले लेने और लगातार मेहनत करने की अवाश्यकता होगी। हालांकि, ग्रहों के प्रभाव पूर्ण रूप से कुंडली में ग्रह की स्थिति, शक्ति और दृष्टि पर निर्भर करतव हैं।
शुक्र तुला राशि में अस्त: सरल एवं अचूक उपाय
वैदिक ज्योतिष में शुक्र ग्रहों के अशुभ प्रभावों को शांत करने के लिए उपाय किए जा सकते हैं:
- शुक्र ग्रह से जुड़ी वस्तुओं, भोजन या जरूरी सामान का दान करें। जरूरतमंदों को भोजन कराएं और नेत्रहीन लोगों की मदद करें।
- शुक्र ग्रह की कृपा प्राप्त के लिए रोज़ाना बीज मंत्र या स्तोत्रों का जाप करें।
- शुक्रवार के दिन शुक्र ग्रह के लिए व्रत करते हैं।
- मानसिक शांति के लिए नियमित रूप से ध्यान का अभ्यास करें।
- शुक्र देव का रत्न हीरा धारण करें, लेकिन इससे पहले किसी अनुभवी एवं विद्वान ज्योतिषी का परामर्श अवश्य लें।
- जीवन में दया, धैर्य और ईमानदारी के पथ पर चलने का प्रयास करें जिससे रिश्ते में प्रेम और सौहार्द बना रहेगा।
ऑनलाइन सॉफ्टवेयर से मुफ्त जन्म कुंडली प्राप्त करें।
शुक्र तुला राशि में अस्त: राशि अनुसार प्रभाव और उपाय
मेष राशि
मेष राशि के जातकों के लिए शुक्र दूसरे और सप्तम भाव का स्वामी है। ऐसे में शुक्र का अस्त…(विस्तार से पढ़ें)
वृषभ राशि
वृषभ राशि के जातकों के लिए शुक्र आपका लग्नेश ग्रह है। यह आपके व्यक्तित्व,… (विस्तार से पढ़ें)
मिथुन राशि
मिथुन राशि के जातकों के लिए शुक्र एक मित्र ग्रह है। इसके साथ ही यह आपके … (विस्तार से पढ़ें)
कर्क राशि
कर्क राशि के जातकों के लिए शुक्र आपके चतुर्थ भाव और एकादश भाव… (विस्तार से पढ़ें)
सिंह राशि
सिंह राशि के जातकों के लिए शुक्र तुला राशि में आपके तृतीय भाव में… (विस्तार से पढ़ें)
कन्या राशि
कन्या राशि के जातकों के लिए शुक्र आपके द्वितीय भाव में अस्त… (विस्तार से पढ़ें)
तुला राशि
तुला राशि के जातकों के लिए शुक्र आपकी लग्नेश ग्रह होने के साथ-साथ… (विस्तार से पढ़ें)
वृश्चिक राशि
वृश्चिक राशि के जातकों के लिए शुक्र सप्तम भाव और द्वादश भाव का… (विस्तार से पढ़ें)
धनु राशि
धनु राशि के जातकों के लिए शुक्र आपके लग्नेश बृहस्पति का… (विस्तार से पढ़ें)
मकर राशि
मकर राशि के जातकों के लिए शुक्र एक योगकारक ग्रह है और आपकी… (विस्तार से पढ़ें)
कुंभ राशि
कुंभ राशि के जातकों के लिए शुक्र भी एक योगकारक ग्रह है क्योंकि… (विस्तार से पढ़ें)
मीन राशि
मीन राशि के जातकों के लिए शुक्र बहुत अधिक अनुकूल ग्रह नहीं माना… (विस्तार से पढ़ें)
सभी ज्योतिषीय समाधानों के लिए क्लिक करें: एस्ट्रोसेज ऑनलाइन शॉपिंग स्टोर
इसी आशा के साथ कि, आपको यह लेख भी पसंद आया होगा एस्ट्रोसेज के साथ बने रहने के लिए हम आपका बहुत-बहुत धन्यवाद करते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
शुक्र देव 19 अक्टूबर 2026 की सुबह 08 बजकर 09 मिनट पर तुला राशि में अष्ट होंगे।
शुभ की अस्त अवस्था रिश्तों, रचनात्मक कार्यों, लक्ज़री पर होने वाले खर्च, वैवाहिक जीवन और सनयुक्यत संपत्ति को प्रभावित करेंगे।
तुला राशि के जातक बड़े फैसले लेने और आर्थिक मामलों में सावधानी बरतें। आप अपनी सेहत का ध्यान रखें और तनाव से बचें।