शारदीय नवरात्रि दूसरा दिन!

शारदीय नवरात्रि के दूसरे दिन कैसे करें माँ ब्रह्मचारिणी की पूजा? जानें तिथि, मुहूर्त और सही विधि!

शारदीय नवरात्रि 2026 का दूसरा दिन मां दुर्गा के दूसरे स्वरूप मां ब्रह्मचारिणी को समर्पित होता है। इस दिन देवी ब्रह्मचारिणी की पूजा-अर्चना की जाती है। अश्विन मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि का संबंध तप, पवित्रता, धैर्य, भक्ति और आत्म-अनुशासन से होता है। ऐसी मान्यता है कि द्वितीया तिथि पर माँ ब्रह्मचारिणी की पूजा से आत्मसंयम, धैर्य, आंतरिक शक्ति, और आध्यात्मिक प्रगति का आशीर्वाद मिलता है।

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बता दें कि ब्रह्मचारिणी नाम की उत्पत्ति ब्रह्म यानी आध्यात्मिक ज्ञान से होता है और चारिणी का अर्थ पालन करने से होता है। एस्ट्रोसेज एआई का यह विशेष ब्लॉग आपको शारदीय नवरात्रि 2026 के दूसरे दिन की तिथि, शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और इस तिथि पर किए जाए वाले उपायों के बारे में बताएगा। 

शारदीय नवरात्रि 2026 दूसरा दिन: तिथि एवं शुभ मुहूर्त

वर्ष 2026 में शारदीय नवरात्रि का दूसरा दिन 12 अक्टूबर 2026, सोमवार को पड़ेगा। इस तिथि पर मां दुर्गा के दूसरे स्वरूप मां ब्रह्मचारिणी की भक्तिभाव से पूजा और अनेक धार्मिक अनुष्ठान किए जाते हैं। शुभ तिथि और शुभ मुहूर्त में देवी दुर्गा के दूसरे स्वरूप की पूजा करने से शांति, धैर्य, आध्यात्मिक शक्ति और मन की शांति प्राप्त होती है।    

शारदीय नवरात्रि दूसरा दिन: 12 अक्टूबर 2026, सोमवार
द्वितीया तिथि प्रारंभ: 11 अक्टूबर 2026 की रात 09 बजकर 32 मिनट से
द्वितीया तिथि समाप्त: 12 अक्टूबर 2026 की रात 10 बजकर 14 मिनट तक
अभिजीत मुहूर्त : सुबह 11 बजकर 45 मिनट से दोपहर 12 बजकर 31 मिनट तक

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शारदीय नवरात्रि 2026: माँ ब्रह्मचारिणी पूजा का महत्व 

हिंदू धर्म में माँ ब्रह्मचारिणी भक्ति, तप, धैर्य और आध्यात्मिक अनुशासन का प्रतिनिधित्व करती है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, माँ ने भगवान शिव को पति रूप में पाने के लिए कई वर्षों तक कठोर तपस्या की थी। इसी तप और त्याग के कारण मां दुर्गा के इस स्वरूप को ब्रह्मचारिणी कहा गया। 

माँ ब्रह्मचारिणी के स्वरूप को नंगे पैर चलते हुए, दाहिने हाथ में जप माला और बाएं हाथ में कमंडल धारण किए हुए दर्शाया जाता है। उनका सरल स्वरूप भक्ति, धैर्य, संयम और आंतरिक शक्ति का प्रतीक माना जाता है। ज्योतिषीय मान्यताओं में मां ब्रह्मचारिणी का संबंध मंगल ग्रह से माना जाता है। 

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शारदीय नवरात्रि 2026 दूसरा दिन: पूजा विधि

  • भक्तजन इस दिन सुबह जल्दी उठें और संभव हो तो ब्रह्म मुहूर्त में उठकर पूजा स्थान की सफाई करें। इसके बाद, स्नान करके सफेद या पीले रंग के वस्त्र पहनें।
  • पूजा स्थान पर माँ ब्रह्मचारिणी की मूर्ति या तस्वीर स्थापित करें। उन्हें सफेद या लाल फूल, विशेष रूप से कमल और गुड़हल, अक्षत, कुमकुम और चंदन आदि सामग्री अर्पित करें। 
  • माँ की मूर्ति के सामने दीपक और धूप जलाकर मां ब्रह्मचारिणी से प्रार्थना करें। साथ ही, उनके बीज मंत्र का 108 बार जाप करें। 
  • देवी को चीनी, पंचामृत, मिश्री और फल का भोग लगाएं। ऐसी मान्यता है कि इस दिन चीनी अर्पित करने से जातक को दीर्घायु और परिवार के सदस्यों को सुख-शांति की प्राप्ति होती है। 
  •  पूजा के अंत में दुर्गा चालीसा का पाठ करें और माँ ब्रह्मचारिणी की आरती करें। इसके बाद, परिवार के सदस्यों को प्रसाद दें। 

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शारदीय नवरात्रि 2026 दूसरा दिन: शुभ रंग और सरल उपाय

शारदीय नवरात्रि द्वितीया तिथि का शुभ रंग: शारदीय नवरात्रि के दूसरे दिन सफेद रंग के कपड़े पहनना बेहद शुभ माना जाता है, जो यह शांति, पवित्रता और आध्यात्मिक ज्ञान का प्रतीक है।

चीनी या मिश्री का लगाए भोग: दूसरे नवरात्रि पर माँ ब्रह्मचारिणी को प्रसाद के रूप में चीनी या मिश्री का भोग लगाएं। ऐसा करने से परिवार में सुख-समृद्धि, खुशी बनी रहती है और दीर्घायु का आशीर्वाद मिलता है।     

माँ ब्रह्मचारिणी मंत्र: शारदीय नवरात्रि के दूसरे दिन माँ ब्रह्मचारिणी के दूसरे दिन “ॐ देवी ब्रह्मचारिण्यै नमः” का 108 बार जाप करें। इससे आपको धैर्य, मानसिक शांति और आध्यात्मिक प्रगति प्राप्त होती है। 

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

1.  शारदीय नवरात्रि 2026 का दूसरा दिन कब है?

इस साल दूसरा नवरात्रि 12 अक्टूबर 2026 को मनाया जाएगा। 

2. शारदीय नवरात्रि के दूसरे दिन किसकी पूजा की जाती है?

 शारदीय नवरात्रि के दूसरे दिन माँ ब्रह्मचारिणी की पूजा की जाती है। 

3.  शारदीय नवरात्रि के दूसरे दिन के लिए कौन सा रंग शुभ रहेगा?

इस दिन सफ़ेद रंग के वस्त्र पहनना शुभ रहेगा।