पूर्णिमा और चंद्र ग्रहण का दुर्लभ संयोग, सूतक काल का समय जानना न भूलें!
वैदिक ज्योतिष में ग्रहण को हमेशा से खास माना गया है। चाहे चंद्र ग्रहण हो या सूर्य ग्रहण, इनके दौरान न सिर्फ आकाश में हलचल होती है, बल्कि इसका असर धरती और मानव जीवन पर भी देखने को मिलता है। मान्यता है कि ग्रहण के समय वातावरण में नकारात्मक ऊर्जा बढ़ जाती है और इसलिए इस अवधि को लेकर कई सावधानियां भी बताई जाती है। साल 2026 की बात करें तो यह वर्ष ग्रहणों के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण रहने वाला है, क्योंकि नए साल की शुरुआत में ही चंद्र ग्रहण और सूर्य ग्रहण दोनों लगने जा रहे हैं।
ऐसे में लोगों के मन में यह जानने की उत्सुकता स्वाभाविक है कि चंद्र ग्रहण कब लगेगा, इसका धार्मिक और ज्योतिषीय महत्व क्या है और इसका असर आम जीवन पर किस तरह पड़ेगा। इसी कड़ी में एस्ट्रोसेज एआई अपने पाठकों के लिए लेकर आया है यह विशेष ब्लॉग, जिसमें हम आपको साल 2026 में लगने वाले पहले चंद्र ग्रहण से जुड़ी हर जरूरी जानकारी देंगे।
इस लेख में आप जानेंगे चंद्र ग्रहण का समय, सूतक काल, देश-दुनिया और सभी 12 राशियों पर पड़ने वाले प्रभाव, साथ ही किन राशियों को सावधान रहने की जरूरत होगी और किनके लिए यह ग्रहण शुभ साबित हो सकता है। इसके अलावा, हम बताएंगे ग्रहण के दौरान अपनाए जाने वाले खास उपाय भी। तो आइए, शुरू करते हैं और जानते हैं चंद्र ग्रहण 2026 से जुड़ी हर अहम बात।
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चंद्र ग्रहण 2026 : समय व तिथि
भारतीय संस्कृति में ग्रहण को केवल एक खगोलीय घटना नहीं, बल्कि गहरे धार्मिक और आध्यात्मिक अर्थों से जुड़ा समय माना जाता है। ऐसा माना जाता है कि ग्रहण के दौरान ब्रह्मांड में विशेष प्रकार की ऊर्जा का प्रवाह होता है, जिसका प्रभाव प्रकृति और मानव जीवन दोनों पर पड़ता है। साल 2026 की शुरुआत के साथ ही ऐसी ही एक महत्वपूर्ण खगोलीय घटना लोगों का ध्यान खींचने वाली है।
मार्च 2026 में भारत में साल का पहला चंद्र ग्रहण देखने को मिलेगा, जो कई मायनों में खास रहेगा। 03 मार्च, 2026 मंगलवार के दिन यह चंद्र ग्रहण घटित होगा। इस दौरान चंद्रमा का रंग लालिमा लिए दिखाई देगा, जिसे आम भाषा में “ब्लड मून” कहा जाता है। यह चंद्र ग्रहण फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि को लगेगा। ग्रहण की शुरुआत दोपहर 3 बजकर 20 मिनट पर होगी और इसका समापन शाम 6 बजकर 47 मिनट पर होगा।
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पहला चन्द्र ग्रहण 2026 – खग्रास चंद्रग्रहण
तिथि
दिन व दिनांक
चंद्र ग्रहण प्रारंभ समय
चंद्र ग्रहण समाप्त
दृश्यता का क्षेत्र
फाल्गुन मास शुक्ल पक्ष पूर्णिमा
मंगलवार, 3 मार्च 2026
दोपहर 15:20 बजे से
सायंकाल 18:47 बजे तक
पश्चिम एशिया के देश पाकिस्तान, अफगानिस्तान, इराक, ईरान, आदि के अतिरिक्त लगभग संपूर्ण एशिया में, न्यूजीलैंड, ऑस्ट्रेलिया, अंटार्कटिका, दक्षिणी एवं उत्तरी अमेरिका और रूस में दृश्यमान होगा। भारत में यह खग्रास चंद्र ग्रहण ग्रस्तोदय के रूप में दिखेगा क्योंकि भारत के किसी भी क्षेत्र में जब चंद्रोदय होगा, उससे काफी पहले ही यह खग्रास चंद्र ग्रहण प्रारंभ हो चुका होगा इसलिए भारत के किसी भी क्षेत्र में इस खग्रास चंद्र ग्रहण का प्रारंभ देखा नहीं जा सकेगा । भारत के केवल पूर्वी सुदूर राज्यों जैसे बंगाल के उत्तरी पूर्वी क्षेत्र, मिजोरम, नागालैंड, मणिपुर, असम, अरुणाचल प्रदेश, आदि में इस ग्रहण की खग्रास समाप्ति तथा ग्रहण समाप्ति देखी जा सकती है। इसके अतिरिक्त शेष भारत में जब चंद्रोदय होगा तब तक खग्रास समाप्त हो चुका होगा तथा केवल ग्रहण समाप्ति ही दृष्टिगोचर होगी।
नोट: उपरोक्त तालिका में दिया गया ग्रहण 2026 (Grahan 2026) का समय भारतीय समय अनुसार है। यह चन्द्र ग्रहण भारत में दृश्य मान होगा इसलिए भारत में इस चन्द्र ग्रहण का धार्मिक प्रभाव भी होगा और इसका सूतक काल भी प्रभावी होगा। यह इस वर्ष का एकमात्र ऐसा ग्रहण है जो भारत में देखा जा सकेगा।
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सूतक काल, क्या भारत में लगेगा चंद्र ग्रहण 2026
मार्च 2026 में वर्ष का पहला चंद्र ग्रहण पड़ रहा है, जो भारत में स्पष्ट रूप से देखा जाएगा। इसी कारण इस ग्रहण के साथ सूतक काल का प्रभाव भी माना जाएगा। शास्त्रों के अनुसार, चंद्र ग्रहण से लगभग 09 घंटे पहले सूतक आरंभ हो जाता है। इस समय को धार्मिक दृष्टि से संवेदनशील माना जाता है, क्योंकि माना जाता है कि इस दौरान वातावरण में अशुभता बढ़ जाती है। इसलिए सूतक काल में किसी भी प्रकार के मांगलिक या शुभ कार्यों को करने से परहेज करना चाहिए।
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, चंद्रग्रहण केवल पूर्णिमा के दिन ही घटित होता है, जबकि सूर्य ग्रहण अमावस्या पर पड़ता है। इसी नियम के अंतर्गत मार्च 2026 का चंद्र ग्रहण फाल्गुन मास की पूर्णिमा तिथि से जुड़ा हुआ है। खास बात यह है कि वर्ष 2026 में फाल्गुन पूर्णिमा सामान्य न होकर दो दिनों तक प्रभावी रहने वाली है।
हिंदू पंचांग में पूर्णिमा तिथि को अत्यंत शुभ और पवित्र माना जाता है। इस दिन चंद्रमा अपनी पूरी कला में होता है, जिससे सकारात्मक ऊर्जा का संचार माना जाता है। शास्त्रों के अनुसार पूर्णिमा पर किया गया जप, तप, दान और पूजा कई गुना फल देने वाला होता है। पूर्णिमा का विशेष संबंध मन और भावनाओं से होता है, क्योंकि चंद्रमा को मन का कारक ग्रह माना गया है।
इस दिन मन शांत रहता है और ध्यान, साधना व आत्मचिंतन करना अधिक फलदायी माना जाता है। इसी कारण कई व्रत, धार्मिक अनुष्ठान और पर्व पूर्णिमा तिथि को ही मनाए जाते हैं। इसके अलावा पूर्णिमा पर गंगा स्नान, सत्यनारायण कथा, चंद्र देव की पूजा और जरूरतमंदों को दान करने का विशेष महत्व बताया गया है। माना जाता है कि इस दिन किए गए पुण्य कर्म जीवन में सुख, समृद्धि और मानसिक शांति प्रदान करते हैं।
ग्रहण और सूतक काल के दौरान कुछ बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए। आइए जानते हैं। चंद्र ग्रहण के दौरान किस तरह की सावधानियां बरतनी चाहिए।
इस समय मंदिर में पूजा पाठ, हवन या किसी भी तरह के शुभ और मांगलिक कार्य करने से बचना उचित माना जाता है।
भोजन पकाने और खाने से भी परहेज करने की परंपरा है, इसलिए पहले से बना हुआ सात्विक भोजन ही ग्रहण के बाद ग्रहण करना चाहिए।
गर्भवती महिलाओं को इस दौरान खास सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। उन्हें तेज धार वाली चीज़ों का प्रयोग नहीं करना चाहिए और अधिक देर तक बाहर निकलने से बचना चाहिए।
आराम करना और मन को शांत रखना इस समय लाभकारी माना जाता है।
इसके अलावा ग्रहण के समय नकारात्मक सोच से दूर रहना चाहिए।
भजन, मंत्र जप या ईश्वर का स्मरण करना मन की स्थिरता के लिए अच्छा रहता है।
ग्रहण समाप्त होने के बाद स्नान करके घर की सफाई करना और पूजा स्थल को शुद्ध करना भी शुभ माना गया है।
चंद्र ग्रहण 2026 के दौरान क्या करें क्या न करें
क्या करें
ग्रहण के दौरान मन को शांत रखें और ईश्वर का स्मरण करें।
मंत्र जप, भजन या ध्यान करना शुभ माना जाता है।
घर के बने हुए भोजन में तुलसी या कुश घास डालकर रखें।
ग्रहण समाप्त होने के बाद स्नान करें और घर की सफाई करें।
पूजा स्थल को शुद्ध करें और दीप जलाएं।
जरूरतमंदों को दान देना ग्रहण के बाद लाभकारी माना जाता है।
क्या न करें
सूतक और ग्रहण काल में पूजा-पाठ या किसी नए कार्य की शुरुआत न करें।
इस दौरान खाना पकाने और भोजन करने से बचें।
किसी भी तरह के शुभ या मांगलिक कार्य न करें।
गर्भवती महिलाएं बाहर निकलने या तेज़ औजारों का प्रयोग न करें।
नकारात्मक सोच, बहस या क्रोध से दूर रहें।
ग्रहण के समय सोना या आलस्य करना भी उचित नहीं माना जाता।
चंद्र ग्रहण के दिन कुछ विशेष उपाय करने से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और जीवन में सकारात्मक बदलाव आते हैं। शास्त्रों के अनुसार, इस समय किए गए सरल उपाय कई गुना फल देते हैं।
मंत्र का जाप करें
ग्रहण काल में “ॐ नमः शिवाय”, “ॐ चंद्राय नमः” या गायत्री मंत्र का जप करें। इससे मन शांत होता है और मानसिक तनाव दूर होता है।
दीपदान करें
ग्रहण समाप्त होने के बाद घी का दीपक जलाकर घर के मंदिर या तुलसी के पास रखें। इससे घर में सुख-शांति और सकारात्मक बनी रहती है।
दान करें
ग्रहण के बाद गरीबों, जरूरतमंदों या ब्राह्मण को अन्न, वस्त्र, दूध, चावल या सफेद वस्तुएं दान करना बहुत शुभ माना जाता है।
हम उम्मीद करते हैं कि आपको हमारा यह लेख ज़रूर पसंद आया होगा। अगर ऐसा है तो आप इसे अपने अन्य शुभचिंतकों के साथ ज़रूर साझा करें। धन्यवाद!
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
1. चंद्र ग्रहण क्या होता है?
जब पृथ्वी, सूर्य और चंद्रमा के बीच आ जाती है और उसकी छाया चंद्रमा पर पड़ती है, तब चंद्र ग्रहण होता है।
2. चंद्र ग्रहण हमेशा पूर्णिमा को ही क्यों लगता है?
चंद्र ग्रहण तभी संभव होता है जब चंद्रमा पूर्ण रूप से सूर्य के सामने होता है, इसलिए यह हमेशा पूर्णिमा तिथि पर ही पड़ता है।
3. मार्च 2026 का चंद्र ग्रहण भारत में दिखाई देगा या नहीं?
हां, मार्च 2026 में लगने वाला चंद्र ग्रहण भारत में दिखाई देगा, इसलिए सूतक काल भी मान्य रहेगा।
होलिका दहन 2026 पर रहेगा ग्रहण का साया, जानें 03 या 04 मार्च कब मनाई जाएगी होली?
होलिका दहन 2026: होलिका दहन या छोटी होली हिंदू धर्म के सबसे प्रमुख एवं महत्वपूर्ण पर्वों में से एक है। इस त्योहार कोबुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक माना जाता है। होलिका दहन का यह पर्व अपने साथ खुशियों की सौगात लेकर आता है और हर किसी को रंगों में सरोबार होने का अवसर मिलता है। होली का त्योहार दो दिनों तक मनाया जाता है और पहले दिन होलिका दहन और दूसरे दिन रंगों की होली मनाई जाती है।
होलिका दहन के अवसर पर अग्नि के रूप में होलिका जलाई जाती है और इससे वातावरण में व्याप्त नकारात्मकता का नाश होता है। इस दिन से अर्थात छोटी होली से फिजाओं में गुलाल उड़ना शुरू हो जाता है। हालांकि, वर्ष 2026 में होलिका दहन का पर्व बहुत ख़ास रहने वाला है क्योंकि इस दिन ग्रहण का साया भी रहेगा। इसी क्रम में, एस्ट्रोसेज एआई का यह ब्लॉग आपको “होलिका दहन 2026” की सही तिथि, शुभ मुहूर्त और धार्मिक महत्व की विस्तृत जानकारी प्रदान करेगा। इसके साथ ही, होलिका दहन के अवसर पर राशि अनुसार अग्नि में कौन-सी वस्तुएँ अर्पित करें, यह भी हम आपको बताएंगे।
तो आइए बिना देर किए इस ब्लॉग की शुरुआत करते हैं और सबसे पहले नज़र डालते हैं होलिका दहन 2026 की तिथि और समय पर।
होलिका दहन 2026: तिथि व मुहूर्त
हिंदू पंचांग के अनुसार, होलिका दहन का पर्व हर साल फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि पर मनाया जाता है। धर्म ग्रंथों के अनुसार, सूर्यास्त के बाद होलिका दहन की विधि-विधान से पूजा करके उसे जलाया जाता है। इसके अगले दिन रंगों वाली होली बेहद धूमधाम से खेली जाती है।
बता दें कि वर्ष 2026 में होलिका दहन की तिथि को लेकर लोगों में कंफ्यूजन बनी हुई है क्योंकि इस दिन ग्रहण लगने जा रहा है इसलिए 02 या 03 मार्च कब किया जाएगा होलिका दहन, इस बात को लेकर लोग असमंजस में है। बता दें कि इस वर्ष होलिका दहन 03 मार्च 2026 को किया जाएगा और इसे अगले दिन यानी 04 मार्च को रंगों वाली होली खेली जाएगी।
होलिका दहन की तिथि: 03 मार्च 2026, मंगलवार
होलिका दहन शुभ मुहूर्त: शाम 06 बजकर 22 मिनट से रात 08 बजकर 21 मिनट तक
अवधि: 2 घंटे 28 मिनट
भद्रा पुँछा का समय: 01:36:27 से 02:46:28 तक
भद्रा मुखा का समय: 02:46:28 से 04:43:10 तक
पूर्णिमा तिथि का आरंभ: 02 मार्च 2026, सोमवार की शाम 05 बजकर 58 मिनट से,
पूर्णिमा तिथि समाप्त: 03 मार्च 2026, मंगलवार की शाम 05 बजकर 10 मिनट तक।
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होलिका दहन 2026 पर चंद्र ग्रहण का साया
जैसे कि हम जानते हैं चंद्र ग्रहण सदैव पूर्णिमा और सूर्य ग्रहण अमावस्या पर लगता है। इसी क्रम में, अब साल 2026 का पहला चंद्र ग्रहण फाल्गुन माह की पूर्णिमा तिथि पर लगने जा रहा है। बता दें कि यह होलिका दहन के दिन अर्थात 3 मार्च 2026 को लगेगा जो भारत में भी दिखाई देगा इसलिए इस दिन सूतक काल मान्य होगा। बता दें कि सुबह से ही चंद्र ग्रहण का सूतक लग जाएगा। फाल्गुन पूर्णिमा की शुरुआत 02 मार्च 2026 को होगी, लेकिन उदया तिथि के अनुसार होलिका दहन का पर्व 03 मार्च 2026 को ही मनाया जाएगा।
चलिए अब हम आपको रूबरू करवाते हैं होलिका दहन के महत्व से।
होलिका दहन 2026 का धार्मिक महत्व
धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से होलिका दहन को बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। प्राचीन काल से होलिका दहन का पर्व संसार को अन्याय पर न्याय, बुराई पर अच्छाई और अधर्म पर धर्म की विजय का प्रतिनिधित्व करता है। धार्मिक ग्रंथों जैसे नारद पुराण और भविष्य पुराण में भी होली के त्योहार का वर्णन मिलता है। होली 2026 की लोकप्रियता का अनुमान इस बात से भी लगाया जा सकता है कि अवधी और संस्कृत भाषा के विभिन्न प्रसिद्ध एवं प्राचीन महाकवियों ने अपनी कविताओं और काव्य रचनाओं में होली को सुंदर रूप से वर्णित किया गया है।
धर्म शास्त्रों के अनुसार, होलिका दहन का संबंध भक्त प्रहलाद, असुर नरेश हिरण्यकश्यप और होलिका की कथा से है। ऐसा कहा जाता है कि राक्षसराज हिरण्यकश्यप को अपने पुत्र प्रहलाद की भगवान विष्णु के प्रति अटूट भक्ति स्वीकार नहीं थी। इसी वजह से उसने अपने पुत्र को अनेक प्रकार के कष्ट दिए और उस पर अत्याचार किए। हिरण्यकश्यप की बहन होलिका को वरदान प्राप्त था कि उसे अग्नि भस्म नहीं कर सकती।
इसी वरदान के बल पर हिरण्यकश्यप अपनी बहन के द्वारा प्रहलाद की हत्या करना चाहता था। इस उद्देश्य से होलिका प्रहलाद को अपनी गोद में लेकर अग्नि में बैठ गई, परंतु भगवान विष्णु ने अपने भक्त की रक्षा की और उस अग्नि में होलिका स्वयं जलकर भस्म हो गई, जबकि प्रहलाद पूरी तरह से सुरक्षित था। उस समय से ही होलिका दहन का पर्व बुराई के अंत और भक्ति की विजय के प्रतीक के रूप में मनाया जाने लगा। इसे आज भी धूमधाम से मनाया जाने का विधान है।
होलिका दहन 2026 का महत्व
हिंदू धर्म में होलिका दहन को अत्यंत विशिष्ट स्थान प्राप्त है इसलिए इस दिन लोग अपने घर-परिवार की सुख-शांति और समृद्धि के लिए पूरे भक्तिभाव से होलिका की पूजा-अर्चना करते हैं।
ऐसा माना जाता है कि होलिका दहन से घर और वातावरण से नकारात्मक ऊर्जा का नाश होता है और सकारात्मक ऊर्जा में वृद्धि होती है।
होलिका दहन के लिए कई दिन पहले से लकड़ियां और गोबर के उपले आदि सामग्री को एकत्रित करते हैं। इसके पश्चात फाल्गुन पूर्णिमा की रात होलिका दहन करके बुराई पर अच्छाई की जीत का पर्व मनाते हैं।
होलिका दहन की अग्नि को बहुत शुभ और लाभकारी माना जाता है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, होलिका दहन की पवित्र अग्नि मनुष्य जीवन की हर समस्या और मुश्किलों को जलाकर दूर करती है।
इसके अलावा, सच्चे मन से प्रार्थना करने पर व्यक्ति के सभी मनोरथ पूर्ण होते हैं और आप पर हमेशा देवी-देवताओं की कृपा बनी रहती हैं।
होलिका दहन पर अग्नि पूजा
होलिका दहन के अवसर पर अग्नि देव की पूजा विधिपूर्वक की जाती है और इस दिन अग्नि में अनाज, जौ और मिठाई आदि अर्पित की जाती है। होलिका दहन की राख को बहुत शुभ और पवित्र माना जाता है। होलिका दहन होने के बाद लोग इसकी राख को अपने घर ले जाते हैं और इसे अपने पूजा स्थान या फिर किसी पवित्र स्थान पर रखते हैं। ऐसी मान्यता है कि होलिका दहन की राख को रखने से घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है और जीवन से हर तरह की नकारात्मक ऊर्जा का नाश होता है। बता दें कि फाल्गुन मास की पूर्णिमा की रात में होलिका दहन करने की परंपरा है।
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मथुरा-वृंदावन में कब खेली जाएगी होली?
ब्रज-वृंदावन की होली दुनियाभर में प्रसिद्ध है और दूर-दूर से लाखों भक्त इसका आनंद लेने के लिए मथुरा, बरसाना और वृंदावन में पहुँचते हैं। शायद यह बात आपको हैरान कर सकती है कि यहां होली एक-दो दिन नहीं बल्कि पूरे 40 दिनों तक खेली जाती है जिसकी शुरुआत बसंत पंचमी के साथ से हो जाती है। इस शुभ अवसर पर होली का डांडा लगा दिया जाता है। कान्हा की नगरी में भक्ति, परंपरा और संस्कृति का यह अनूठा उत्सव इस साल 25 फरवरी 2026 को बरसाना में लड्डू होली के साथ शुरू होगा और 06 मार्च 2026 को समाप्त हो जाएगा। इसी क्रम में, लठमार होली 26 फरवरी 2026 को खेली जाएगी।
कैसे मनाया जाएगा होलिका दहन का पर्व?
जैसे कि हम सभी जानते हैं कि होलिका दहन का पर्व फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि पर प्रदोष काल में किया जाता है। होलिका दहन को हमेशा से किसी खुले स्थान पर संपन्न किया जाता है। होलिका दहन की तैयारियां महीने पहले से शुरू हो जाती हैं और इसके लिए सबसे पहले लकड़ियाँ एकत्र की जाती हैं और इसके बीच में गोबर से निर्मित होलिका और भक्त प्रह्लाद की मूर्ति स्थापित की जाती हैं जिन्हें सामान्य रूप से गुलारी या बड़कुल्ला के नाम से जाना जाता है।
इसके बाद, होलिका के पास गोबर से एक ढाल का निर्माण किया जाता है जिस पर चार मालाएं चढ़ाई जाती हैं। इन मालाओं को मौली, फूल, गुलाल और गोबर से बने खिलौनों से तैयार किया जाता है। इसके बाद होलिका दहन के शुभ मुहूर्त में विधिवत पूजा आरंभ की जाती है। होलिका दहन की पूजा के दौरान गोबर से बनी ढाल पर एक माला पितरों के नाम से अर्पित की जाती है जबकि दूसरी माला हनुमान जी के नाम की, तीसरी माला शीतला माता के लिए और चौथी माला घर-परिवार की सुख-समृद्धि के लिए अर्पित की जाती है।
चलिए अब हम आगे बढ़ते हैं और जान लेते हैं होलिका दहन 2026 की सही पूजा विधि के बारे में।
होलिका दहन के पावन अवसर पर सूर्योदय से पूर्व उठें और स्नान करके व्रत का संकल्प लें।
अब जहाँ होलिका दहन होगा, उस स्थान को अच्छे से साफ करें तथा वहां पर गोबर के उपले, सूखी लकड़ी आदि सामग्री रख दें।
इसके बाद घर के मंदिर में मिट्टी से होलिका और प्रहलाद की मूर्ति का निर्माण करें।
संध्या के समय पुनः पूजा करें और इसके लिए सबसे पहले थाली को तैयार करें।
होलिका दहन की पूजा करने के लिए एक थाली में माला, रोली, गंध, अक्षत, धूप, पुष्प, कच्चे सूत का धागा, खिल-बताशे, नारियल, पंच फल और गुड़ आदि रखें।
इसके पश्चात, होलिका के चारों तरफ पूरी श्रद्धा से 7, 11 या 21 बार परिक्रमा करते हुए कच्चे सूत के धागे को लपेटें।
फिर होलिका की अग्नि को जलाएं और सभी सामग्रियों को पवित्र अग्नि में एक-एक अर्पित करें और इसके बाद जल का अर्घ्य दें।
अब होलिका दहन की अग्नि में चीनी से बने खिलौने और पंचफल आदि की आहुति दें।
होलाष्टक 2026 के दौरान न करें शुभ काम
होली का पर्व अपने साथ अपार खुशियाँ लेकर आता है, लेकिन उससे पहले के 8 दिन बहुत अशुभ होते हैं। बात करें इसके अर्थ की, तो होलाष्टक होली और अष्टक इन दो शब्दों से मिलकर बना है जो होली से पहले के आठ दिन होते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, होलाष्टक के आठ दिनों के दौरान भक्त प्रहलाद पर हिरण्यकश्यप के द्वारा अनेक तरह के अत्याचार किए गए थे इसलिए इन आठ दिनों में ग्रह-नक्षत्र उग्र हो जाते हैं।
पंचांग के अनुसार, फाल्गुन माह की अष्टमी तिथि से लेकर फाल्गुन पूर्णिमा तक की अवधि होलाष्टक कहलाती है। साल 2026 में होलाष्टक का आरंभ 24 फरवरी 2026 से होगा और इसका अंत 03 मार्च 2026 को होलिका दहन के साथ हो जाएगा। इन आठ दिन में शुभ कार्य नहीं किए जाते हैं और मांगलिक कार्यों को करने से भी बचना चाहिए।
सास-बहू: प्राचीन काल से ऐसी मान्यता रही है कि नव विवाहित स्त्रियों का होलिका दहन अपनी सास के साथ देखना अशुभ होता है इसलिए सास-बहू को होलिका दहन नहीं देखना चाहिए। ऐसा करने से सास-बहू के रिश्ते में खटास आती है और उनके बीच दूरियाँ बढ़ने लगती हैं। साथ ही, शादी के बाद की पहली होली हमेशा मायके में खेलनी चाहिए।
गर्भवती महिलाएं: धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, गर्भवती महिलाओं को होलिका की परिक्रमा करने से बचना चाहिए क्योंकि होलिका दहन की अग्नि का नकारात्मक प्रभाव मां और शिशु दोनों पर पड़ सकता है।
नवजात शिशु: होलिका दहन की नकारात्मक ऊर्जा का असर नवजात शिशु को भी प्रभावित करता है इसलिए इन्हें होलिका दहन से दूर रखना चाहिए क्योंकि यह बहुत अशुभ माना गया है।
अब हम आपको होलिका दहन 2026 पर क्या न करें और क्या करें आदि से अवगत करवाने जा रहे हैं।
होलिका दहन 2026 पर क्या करें और क्या क्या न करें?
क्या करें?
होलिका दहन के बाद अपने पूरे परिवार के साथ चंद्र देव के दर्शन अवश्य करें। इससे अकाल मृत्यु का भय समाप्त होता है।
होलिका दहन से पूर्व होलिका की 7 या 11 बार परिक्रमा करते हुए उसमें उपले, मिठाई, लौंग, अनाज, इलायची आदि चीज़ें अर्पित करें।
क्या न करें?
होलिका दहन के दिन भूल से भी मांस-मदिरा का सेवन करने से बचें।
होलिका दहन के अवसर पर किसी को भी पैसे न तो उधार दें और न ही लें।
यदि संभव हो, ,तो होलिका दहन के दिन किसी दूसरे के घर में खाना खाने से बचें।
बड़े बुजुर्गों का सम्मान करें और उनका भूलकर भी अपमान न करें।
होलिका दहन पर नकारात्मक शक्तियां काफी मौजूद होती हैं इसलिए महिलाओं को बाल खुले नहीं रखने चाहिए।
गर्भवती महिलाएं होलिका दहन की परिक्रमा न करें।
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होलिका दहन 2026 पर अग्नि में डालें राशि अनुसार ये चीज़ें
मेष राशि: मेष राशि के जातकों के लिए होलिका दहन के दिन अग्नि में लाल कपड़ा और गुड़ अर्पित करें। इसके अलावा, इस अवसर पर आप “ॐ अंगारकाय नमः” मंत्र का जाप करते
वृषभ राशि: होलिका दहन के अवसर पर “ॐ शुक्राय नमः” मंत्र का जाप करते हुए सफ़ेद तिल और चावल अग्नि में अर्पित करें।
मिथुन राशि: मिथुन राशि वालों के लिए छोटी होली के दिन हरी मूंग या हरी इलायची अग्नि में चढ़ाएं। साथ ही, इस दिन “ॐ बुधाय नमः” का जाप करें।
कर्क राशि: कर्क राशि के जातक दूध से बनी मिठाई या खीर का प्रसाद बनाकर होलिका की अग्नि में अर्पित करें। इसके अलावा, आप “ॐ चंद्राय नमः” का जाप करें।
सिंह राशि: होलिका दहन की अग्नि में सिंह राशि वाले गेहूं और लाल फूल डालें। आप इस दिन “ॐ सूर्याय नमः” का जाप करना भी आपके लिए शुभ रहेगा।
कन्या राशि: कन्या राशि वालों के लिए होलिका की अग्नि में हरा धनिया या साबुत हल्दी अर्पित करना श्रेष्ठ रहेगा। साथ ही, आप “ॐ बुधाय नमः” का भी जाप करें।
तुला राशि: होलिका दहन 2026 के मौके पर गुलाबी रंग के फूल और मिश्री को अग्नि में अर्पित करें। साथ ही, आपके लिए ॐ शुक्राय नमः का जाप करना फलदायी रहेगा।
वृश्चिक राशि: होलिका दहन 2026 के दिन वृश्चिक राशि के जातक होलिका की अग्नि में काले तिल और लौंग अर्पित करें। इसके अलावा, आप “ॐ नमः शिवाय का जाप करें।
धनु राशि: धनु राशि वालों के लिए होलिका दहन की अग्नि में हल्दी और चने की दाल डालना बहुत शुभ रहेगा और आप इस अवसर पर “ॐ बृहस्पतये नमः” का भी जाप कर सकते हैं।
मकर राशि: होलिका दहन की अग्नि में मकर राशि वाले काला कपड़ा या फिर लोहे का छोटा टुकड़ा डालें। साथ ही, आप “शनैश्चराय नमः” मंत्र का जाप करें।
कुंभ राशि: कुंभ राशि के जातक होलिका दहन की अग्नि में तिल का तेल या काले तिल अर्पित करें, और आप इस दिन “शनैश्चराय नमः” मंत्र का जाप करें।
मीन राशि: मीन राशि वालों को होलिका दहन की अग्नि में पीले रंग के फूल के साथ हल्दी या केसर डालनी चाहिए। आपके लिए “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का जाप करना उत्तम रहेगा।
हम उम्मीद करते हैं कि आपको हमारा यह ब्लॉग ज़रूर पसंद आया होगा। अगर ऐसा है तो आप इसे अपने अन्य शुभचिंतकों के साथ ज़रूर साझा करें। धन्यवाद!
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
1. साल का पहला चंद्र ग्रहण कब लगेगा?
वर्ष 2026 का पहला चंद्र ग्रहण 03 मार्च 2026 को लगने जा रहा है।
2. छोटी होली 2026 में कब है?
इस साल छोटी होली का पर्व 03 मार्च 2026 को मनाया जाएगा।
3. क्या होलिका दहन और चंद्र ग्रहण एक ही दिन पड़ रहे हैं?
हाँ, होलिका दहन के दिन ही चंद्र ग्रहण लगने जा रहा है।
शुक्र का मीन राशि में गोचर: जानें प्रेम, धन और करियर में किसके खुलेंगे भाग्य के द्वार?
वैदिक ज्योतिष में शुक्र को प्रेम, सौंदर्य, विलासिता, सुख-सुविधा, कला और दांपत्य जीवन के कारण हैं। जब-जब शुक्र अपनी राशि बदलते हैं, तब इसका प्रभाव सभी 12 राशियों के जीवन पर साफ तौर पर दिखाई देता है। अब शुक्र देव अपनी उच्च राशि मीन में गोचर करने जा रहे हैं और यह गोचर कई लोगों के जीवन में प्रेम, सुख और सकारात्मक बदलाव लेकर आ सकता है। मीन राशि में शुक्र का गोचर बेहद खास माना जाता है, क्योंकि यहां शुक्र अपनी पूरी शक्ति में होते हैं।
इस दौरान कुछ लोगों को प्रेम संबंधों में मधुरता महसूस होगी, तो कुछ के वैवाहिक जीवन में खुशियां बढ़ेंगी। वहीं कला, फैशन, फिल्म, संगीत और क्रिएटिव क्षेत्रों से जुड़े लोगों के लिए यह समय खास साबित होगा। हालांकि कुछ राशियों को भावनाओं में बहने से बचने की सलाह दी जाती है। शुक्र का यह गोचर धन, रिश्तों, सौंदर्य, भोग-विलास और मानसिक संतुलन पर गहरा प्रभाव डालेगा। कहीं रुके हुए रिश्ते आगे बढ़ेंगे तो कहीं खर्चों में बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। जानिए इस दौरान किस राशि पर शुक्र की विशेष कृपा बरसेगी और किन लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत होगी।
इस ब्लॉग में हम विस्तार से जानेंगे कि शुक्र का मीन राशि में गोचर सभी 12 राशियों के जीवन को कैसे प्रभावित करेगा, इससे मिलने वाले शुभ-अशुभ परिणाम क्या होंगे और किसे मिलेगा प्रेम व समृद्धि का लाभ। तो चलिए सबसे पहले जानते हैं, शुक्र के मीन राशि में गोचर की तिथि और समय।
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शुक्र का मीन राशि में गोचर: तिथि और समय
वैदिक ज्योतिष, में शुक्र ग्रह को जीवन के सुखद पहलुओं का प्रतीक माना जाता है। प्रेम, आकर्षण, वैवाहिक सुख, ऐशो-आराम, कला, फैशन और भौतिक सुखों पर शुक्र का विशेष प्रभाव रहता है। जब शुक्र अपनी राशि बदलते हैं, तो इसका असर व्यक्ति की भावनाओं, रिश्तों और जीवनशैली पर साफ तौर पर दिखाई देता है।
अब शुक्र ग्रह 02 मार्च 2026 की रात 12 बजकर 38 मिनट पर अपनी उच्च राशि मीन में प्रवेश करने जा रहे हैं। यह गोचर रोमांस, विवाह, रचनात्मकता, सामाजिक व्यवहार और आर्थिक स्थिति को प्रभावित करेगा। इस दौरान कुछ लोगों के जीवन में प्रेम और भावनात्मक जुड़ाव बढ़ेगा, तो कुछ को धन और सुख-सुविधाओं से जुड़े नए अवसर मिल सकते हैं।
AstroSage AI पॉडकास्ट सुनें – यहां आपको मिलेंगे ज्योतिष, जीवन के रहस्य, किस्मत के संकेत और AI द्वारा बताए गए सटीक ज्योतिषीय समाधान। अपनी ज़िंदगी के अहम सवालों के जवाब अब आवाज़ में, आसान भाषा में।
शुक्र का मीन राशि में गोचर: वैदिक ज्योतिष में शुक्र ग्रह का महत्व
वैदिक ज्योतिष में शुक्र ग्रह को सुख, सौंदर्य और प्रेम का प्रतीक माना जाता है। यह ग्रह व्यक्ति के जीवन में आनंद, आकर्षण, भोग-विलास और भावनात्मक संतुलन को दर्शाता है। शुक्र मजबूत हो तो इंसान का जीवन खुशहाल, सौम्य और संतुलित रहता है, वहीं कमजोर शुक्र जीवन में तनाव, रिश्तों में दूरी और असंतोष बढ़ा सकता है। शुक्र ग्रह प्रेम संबंधों, विवाह और दांपत्य जीवन का प्रमुख कारक होता है। कुंडली में शुक्र की स्थिति यह बताती है कि व्यक्ति का प्रेम जीवन कैसा रहेगा, वैवाहिक सुख मिलेगा या नहीं और जीवनसाथी से तालमेल कैसा रहेगा।
खासतौर पर महिलाओं की कुंडली में शुक्र का विशेष महत्व माना जाता है। इसके अलावा शुक्र धन, ऐश्वर्य, वाहन, सुंदर वस्तुएं, कपड़े, गहने और भौतिक सुविधाओं से भी जुड़ा होता है। कला, संगीत, अभिनय, अभिनय, फैशन, डिजाइनिंग और रचनात्मक क्षेत्रों में सफलता दिलाने में शुक्र की बड़ी भूमिका होती है।
जिन लोगों की कुंडली में शुक्र शुभ होता है, वे आकर्षक व्यक्तित्व वाले, सौंदर्य प्रेमी और कलात्मक प्रवृत्ति के होते हैं। शुक्र ग्रह व्यक्ति के सामाजिक व्यवहार और आनंद लेने की क्षमता को भी दर्शाता है। यह बताता है कि इंसान जीवन को कितनी खुशी और संतुलन के साथ जीता है। कुल मिलाकर, शुक्र ग्रह जीवन के उन सभी पहलुओं का प्रतिनिधित्व करता है, जो जीवन को सुंदर, सुखद और प्रेमपूर्ण बनाते हैं।
शुक्र का मीन राशि में गोचर: मीन राशि में शुक्र की विशेषता
वैदिक ज्योतिष में मीन राशि को करुणा, भावनाओं, कल्पना शक्ति और आध्यात्मिकता की राशि माना जाता है। जब शुक्र ग्रह मीन राशि में प्रवेश करते हैं, तो वे अपनी उच्च अवस्था में होते हैं। इस कारण मीन राशि में शुक्र को अत्यंत शुभ और शक्तिशाली माना जाता है। इस स्थिति में शुक्र प्रेम को केवल आकर्षण तक सीमित नहीं रखता, बल्कि उसमें समर्पण, त्याग और भावनात्मक गहराई जोड़ देता है। व्यक्ति अपने रिश्तों में अधिक संवेदनशील, समझदार और भावुक हो जाता है।
प्रेम संबंधों में मधुरता बढ़ती है और दांपत्य जीवन में आपसी तालमेल मजबूत होता है। मीन राशि में स्थित शुक्र रचनात्मकता को भी नई ऊंचाइयों पर ले जाता है। कला, संगीत, , अभिनय, लेखन, फैशन और डिजाइन जैसे क्षेत्रों से जुड़े लोगों के लिए यह स्थिति अत्यंत लाभकारी मानी जाती है। इस दौरान कल्पनाशक्ति तेज होती है और इंसान अपनी भावनाओं को खूबसूरती से व्यक्त कर पाता है। इसके साथ ही, यह स्थिति व्यक्ति में दूसरों के प्रति सहानुभूति और करुणा की भावना बढ़ाती है।
हालांकि, कभी-कभी अत्यधिक भावुकता, कल्पनाओं में खो जाना या रिश्तों को लेकर अव्यावहारिक अपेक्षाएं भी देखने को मिल सकती हैं। ऐसे में संतुलन बनाए रखना जरूरी होता है। कुल मिलाकर, मीन राशि में शुक्र जीवन में प्रेम, सौंदर्य, रचनात्मकता और भावनात्मक संतोष को बढ़ाने वाला माना जाता है और यह व्यक्ति को अंदर से अधिक कोमल और संवेदनशील बनाता है।
12 भावों में शुक्र ग्रह का महत्व
वैदिक ज्योतिष में शुक्र ग्रह प्रेम, सौंदर्य, वैवाहिक सुख, भौतिक सुविधाओं और कला का कारक माना जाता है। कुंडली के 12 भाव जीवन के अलग-अलग क्षेत्रों को दर्शाते हैं। इन भावों में शुक्र की स्थिति यह बताती है कि व्यक्ति के जीवन में प्रेम, रिश्ते, धन और सुख-सुविधाओं किस रूप में प्राप्त होंगी।
पहला भाव
व्यक्ति आकर्षक व्यक्तित्व वाला सौम्य स्वभाव का और सामाजिक रूप से लोकप्रिय होता है। सौंदर्य के प्रति लगाव रहता है।
दूसरा भाव
धन, परिवार और वाणी पर शुभ प्रभाव डालता है। व्यक्ति मधुर भाषी होता है और धन संचय की क्षमता रखता है।
तीसरा भाव
कला, लेखन और संचार कौशल को बढ़ाता है। भाई-बहनों से संबंध अच्छे रहते हैं।
चौथा भाव
घर, वाहन, सुख-सुविधाओं और मां से जुड़ा सुख देता है। घरेलू वातावरण शांतिपूर्ण रहता है।
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पांचवां भाव
प्रेम संबंधों, संतान सुख और रचनात्मकता के लिए शुभ माना जाता है। व्यक्ति रोमांटिक और कल्पनाशील होता है।
छठा भाव
रिश्तों में तनाव या प्रेम में उतार-चढ़ाव दे सकता है। खर्च और स्वास्थ्य पर ध्यान देना जरूरी होता है।
सातवां भाव
विवाह और साझेदारी के लिए अत्यंत शुभ होता है। जीवनसाथी सुंदर, सहयोगी और प्रेमपूर्ण होता है।
गुप्त प्रेम, भावनात्मक गहराई और अचानक परिवर्तन दर्शाता है। वैवाहिक जीवन में सावधानी जरूरी होती है।
नौवां भाव
भाग्य, धर्म और उच्च शिक्षा में लाभ देता है। जीवन में अच्छे अवसर मिलते हैं।
दसवां भाव
करियर, मान-सम्मान और सामाजिक प्रतिष्ठा बढ़ाता है। कला और फैशन से जुड़े कार्यों में सफलता देता है।
ग्यारहवां भाव
आय, लाभ और इच्छाओं की पूर्ति करता है। मित्रों और नेटवर्क से फायदा होता है।
बारहवां भाव
विदेश यात्रा, विलासिता और खर्च बढ़ाता है। आध्यात्मिक झुकाव भी देखने को मिलता है।
कुल मिलाकर, 12 भावों में शुक्र की स्थिति व्यक्ति के प्रेम जीवन, आर्थिक स्थिति और सुख-सुविधाओं को गहराई से प्रभावित करती है। शुभ स्थिति में शुक्र जीवन को आनंदमय बनाता है, जबकि अशुभ स्थिति में संतुलन बनाए रखना आवश्यक होता है।
शुक्र का मीन राशि में गोचर: शुक्र मजबूत करने के उपाय
वैदिक ज्योतिष में शुक्र ग्रह प्रेम, वैवाहिक सुख, सौंदर्य, धन, विलासिता और कला का कारक माना जाता है। कुंडली में कमजोर शुक्र रिश्तों में तनाव, आर्थिक परेशानी और मानसिक असंतोष दे सकता है। ऐसे में नीचे दिए गए उपाय शुक्र को मजबूत करने में सहायक माने जाते हैं।
शुक्रवार का व्रत रखें
शुक्रवार के दिन व्रत रखने से शुक्र ग्रह प्रसन्न होते हैं। इस दिन सफेद वस्तुओं का सेवन करें और नमक कम या न लें।
हम उम्मीद करते हैं कि आपको हमारा यह लेख ज़रूर पसंद आया होगा। अगर ऐसा है तो आप इसे अपने अन्य शुभचिंतकों के साथ ज़रूर साझा करें। धन्यवाद!
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
1. शुक्र का मीन राशि में गोचर कब होगा?
शुक्र ग्रह 02 मार्च 2026 की रात 12 बजकर 38 मिनट पर मीन राशि में गोचर करेंगे।
2. मीन राशि में शुक्र का गोचर क्यों खास माना जाता है?
मीन राशि में शुक्र उच्च अवस्था में होते हैं, इसलिए यह गोचर प्रेम, विवाह, सुख-सुविधा, रचनात्मकता और भावनात्मक संतुलन के लिए बेहद शुभ माना जाता है।
3. शुक्र का मीन राशि में गोचर किन क्षेत्रों को सबसे ज्यादा प्रभावित करता है?
यह गोचर प्रेम संबंधों, वैवाहिक जीवन, धन, करियर, कला, फैशन, सामाजिक जीवन और मानसिक संतुलन पर विशेष प्रभाव डालता है
होली की शुभता और ग्रहण का अशुभ संयोग, इस सप्ताह किन राशियों का बदल देगा जीवन?
साप्ताहिक राशिफल 02 से 08 मार्च 2026: नए साल अर्थात 2026 को शुरू हुए दो महीने बीत गए हैं और इसी क्रम में, अब हम जल्द ही मार्च महीने के पहले सप्ताह में प्रवेश करने के लिए तैयार हैं। बता दें कि मार्च साल का तीसरा महीना होता है जो अपने आप में ख़ास होता है। लेकिन, इस साल यह महीना धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से विशेष रहने वाला है क्योंकि इस दौरान होली, चैत्र नवरात्रि से लेकर राम नवमी जैसे कई बड़े पर्व मनाए जाएंगे। हालांकि, हम अपने इस ब्लॉग में मार्च 2026 के पहले सप्ताह अर्थात 02 से 08 मार्च 2026 के बारे में विस्तार से बात करेंगे।
मार्च का यह पहला सप्ताह राशि चक्र की सभी राशियों को जीवन के भिन्न-भिन्न क्षेत्रों में कैसे परिणाम देगा? नौकरी में मिलेगी पदोन्नति या फिर आएंगी रुकावटें? व्यापार में मिलेगी सफलता या फिर चुनौतियों का होगा सामना? प्रेम जीवन रहेगा खुशियों से भरा या मतभेद बने रहेंगे? वैवाहिक जीवन में मिलेगा जीवनसाथी का साथ या होगी तकरार? अगर आपके मन में भी इस तरह के सवाल उठ रहे हैं, तो इन सभी सवालों के सटीक जवाब आपको हमारे इस विशेष साप्ताहिक राशिफल ब्लॉग में मिलेंगे। साथ ही, ग्रहों के दुष्प्रभावों से बचने के उपाय भी प्रदान करेगा।
शायद ही आप जानते होंगे कि साप्ताहिक राशिफल का यह विशेष ब्लॉग एस्ट्रोसेज एआई के अनुभवी और विद्वान ज्योतिषियों द्वारा ग्रह-नक्षत्रों की चाल, दशा और स्थिति को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है जो पूरी तरह वैदिक ज्योतिष पर आधारित है। साथ ही, इस ब्लॉग में हम आपको मार्च के इस सप्ताह (02 से 08 मार्च 2026) के बीच पड़ने वाले व्रत, त्योहार, ग्रहण और गोचर की सही तिथियों के बारे में जानकारी प्रदान करेंगे। इसके अलावा, किन मशहूर हस्तियों का जन्मदिन इस हफ्ते में आएगा, यह भी बताएंगे। तो आइए अब हम आगे बढ़ते हैं और जानते हैं इस सप्ताह का पंचांग।
इस सप्ताह के ज्योतिषीय तथ्य और हिंदू कैलेंडर की गणना
जैसे कि हम जानते हैं कि मार्च साल का तीसरा महीना होता है। हिंदू धर्म में मार्च में चैत्र मास पड़ता है इसलिए इसका धार्मिक और ज्योतिषीय रूप से विशेष महत्व होता है। बात करें इस सप्ताह के हिंदू पंचांग की, तो मार्च 2026 के पहले सप्ताह का आगाज़ आश्लेषा नक्षत्र के अंतर्गत शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि यानी कि 02 मार्च 2026, सोमवार को होगा जबकि इस सप्ताह का समापन विशाखा नक्षत्र के तहत कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि अर्थात 08 मार्च 2026 को हो जाएगा। बता दें कि इस सप्ताह में एक नहीं अनेक त्योहारों को मनाया जाएगा, बल्कि ग्रहों के गोचर भी होंगे जिनके बारे में हम आगे विस्तार से बात करेंगे। लेकिन उससे पहले हम जान लेते हैं मार्च में पड़ने वाले व्रत-त्योहार के बारे में।
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इस सप्ताह में पड़ने वाले व्रत और त्योहार
सनातन धर्म में प्रत्येक व्रत और पर्व को विशेष स्थान दिया गया जो हमारे जीवन को रंग और उमंग से भरने का काम करते है। लेकिन, आज की व्यस्त और भागदौड़ भरी ज़िन्दगी में लोग कई बार सप्ताह के महत्वपूर्ण व्रत-त्योहारों को भूल जाते हैं। ऐसा आपके साथ न हो, इसी उद्देश्य से हम यहां आने वाले अगले सात दिनों में पड़ने वाले सभी व्रत और त्योहारों की पूरी जानकारी साझा कर रहे हैं। तो चलिए बिना देर किए आगे बढ़ते हैं और नज़र डालते हैं उन त्योहारों और व्रतों की सूची पर जो इस सप्ताह में पड़ने वाले हैं।
तिथि
दिन
मुहूर्त
3 मार्च 2026
मंगलवार
होलिका दहन,
3 मार्च 2026
मंगलवार
फाल्गुन पूर्णिमा व्रत
4 मार्च 2026
बुधवार
होली
6 मार्च 2026
शुक्रवार
संकष्टी चतुर्थी
होलिका दहन (03 मार्च 2026, मंगलवार): छोटी होली या होलिका दहन हिंदुओं का एक प्रमुख त्योहार है जिसे बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक माना जाता है। पंचांग के अनुसार, हर साल फाल्गुन मास की पूर्णिमा तिथि पर होलिका दहन का पर्व मनाया जाता है और इसके अगले दिन रंगों की होली खेली जाती है। होलिका दहन के अवसर पर जलाई जाने वाली वाली अग्नि आपके जीवन और वातावरण में व्याप्त नकारात्मक शक्तियों का नाश करती है।
फाल्गुन पूर्णिमा व्रत (03 मार्च 2026, मंगलवार): सनातन धर्म में एक वर्ष में 12 पूर्णिमा तिथि आती है और इन्हीं में से एक फाल्गुन पूर्णिमा व्रत। हिंदू पंचांग के अनुसार, फाल्गुन मास में पड़ने वाली पूर्णिमा को फाल्गुन पूर्णिमा कहा जाता है। इस पूर्णिमा का धार्मिक, सामाजिक और सांस्कृतिक रूप से विशेष महत्व होता है। पूर्णिमा तिथि पर भक्तजन द्वारा सूर्योदय से लेकर चंद्रोदय तक व्रत किया जाता है। पौराणिक मान्यता के अनुसार, जो जातक फाल्गुन पूर्णिमा का व्रत करता है, उसके जीवन से दुखों का नाश हो जाता है और उस पर सदैव भगवान विष्णु की कृपा रहती है। साथ ही, इस दिन होली का त्योहार मनाया जाता है।
होली (04 मार्च 2026, बुधवार): होली की गिनती सनातन धर्म के सबसे बड़े पर्वों में होती है जिसे खुशियों का पर्व कहा जाता है। पंचांग के अनुसार, होली का पर्व हर साल चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि पर मनाया जाता है। इस त्योहार को बसंत ऋतु की शुरुआत के प्रतीक के रूप में मनाया जाता है। होली के अवसर पर लोग एक-दूसरे को रंग लगाते हैं और सभी गिले-शिकवे भूलकर फिर से दोस्त बन जाते हैं।
संकष्टी चतुर्थी (06 मार्च 2026, शुक्रवार): हर माह आने वाले व्रत एवं त्योहार में से एक है संकष्टी चतुर्थी जिसे अत्यंत कल्याणकारी माना जाता है। यह व्रत भगवान गणेश की कृपा पाने के लिए किया जाता है। बता दें कि संकष्टी चतुर्थी का व्रत हर महीने के कृष्ण और शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि पर रखा जाता है। मान्यता है कि जो जातक श्रद्धा और भक्ति के साथ संकष्टी चतुर्थी का व्रत करता है, उस पर भगवान गणेश की कृपा हमेशा बनी रहती है। साथ ही, बप्पा उसके जीवन से सभी कष्टों व दुखों को दूर कर देते हैं।
हम आशा करते हैं कि यह व्रत-त्योहार आपके जीवन में खुशियाँ और आशा की नई किरण लेकर आयेंगे।
इस सप्ताह में पड़ने वाले ग्रहण और गोचर
वैदिक ज्योतिष और हिंदू धर्म में ग्रहण और गोचर को विशेष दर्जा दिया गया है क्योंकि यह मानव जीवन को गहराई से प्रभावित करने का सामर्थ्य रखते हैं। इसी वजह से प्रत्येक व्यक्ति के लिए ग्रहण और गोचरों की जानकारी होना आवश्यक माना गया है। इस क्रम में, यहां हम आपको इस सप्ताह में पड़ने वाले सभी ग्रहण और गोचर की सटीक तिथियों से अवगत करवाने जा रहे हैं। यदि बात करें मार्च 2026 के पहले सप्ताह अर्थात 02 से 08 मार्च 2026 के बीच में ग्रह और गोचर की तिथियों से, तो वह इस प्रकार हैं:
शुक्र का मीन राशि में गोचर (02 मार्च 2026): ज्योतिष में शुक्र को प्रेम का कारक ग्रह कहा जाता है जो 02 मार्च 2026 की देर रात 12 बजकर 36 मिनट पर गुरु ग्रह की राशि मीन में प्रवेश करने जा रहे हैं। बता दें कि शुक्र देव मीन राशि में उच्च अवस्था में होते हैं।
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इस सप्ताह लगेगा साल 2026 का पहला चंद्र ग्रहण
सनातन धर्म में ग्रहण को अशुभ घटना माना जाता है, फिर चाहे वह चंद्र ग्रहण हो या सूर्य ग्रहण। इसी क्रम में, अब छोटी होली यानी कि होलिका दहन के दिन साल 2026 का पहला चंद्र ग्रहण लगने जा रहा है। बता दें कि 03 मार्च 2026 को साल का पहला चंद्र ग्रहण लगने जा रहा है। इस दौरान चंद्रमा आसमान में लाल रंग का नजर आएगा। इस घटना को सामान्य रूप से ब्लड मून कहा जाता है। वर्ष 2026 का पहला चंद्र ग्रहण फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि 3 मार्च 2026, मंगलवार को लगेगा। इस चंद्र ग्रहण का आरंभ दोपहर 03 बजकर 20 मिनट पर होगा जबकि इसकी समाप्ति शाम 06 बजकर 47 मिनट पर होगा।
इस सप्ताह में पड़ने वाले बैंक अवकाश
साप्ताहिक राशिफल के इस ब्लॉग में आपको व्रत-त्योहार, ग्रहण और गोचर की जानकारी के बाद अब हम आपको इस सप्ताह में पड़ने वाले बैंक अवकाश की तिथियां प्रदान करने जा रहे हैं। यदि आपको भी अक्सर बैंक में काम रहते हैं या आने वाले दिनों में किसी जरूरी कार्य के लिए बैंक जाना है, तो यहां हम आपको इस सप्ताह के दौरान पड़ने वाले सभी बैंक अवकाश 2026 की विस्तृत सूची प्रदान कर रहे हैं ताकि आप अपने काम को समय पर कर सकें।
हिंदू धर्म में शुभ मुहूर्त और तिथि को विशेष महत्व प्राप्त है इसलिए हर काम को शुभ तिथि और मुहूर्त में करने का विधान है। ऐसे में, मुंडन, नामकरण से लेकर विवाह जैसे मांगलिक कार्यों को संपन्न करने से पूर्व शुभ मुहूर्त को देखा जाता है। बस, इसी बात को ध्यान में रखते हुए हम आपको मार्च 2026 के इस हफ्ते में उपलब्ध सभी शुभ मुहूर्तों की तिथियां नीचे देने जा रहे हैं।
(02 से 08 मार्च 2026) के विवाह मुहूर्त
मार्च 2026 के पहले सप्ताह (02 से 08 मार्च 2026) के बीच उपलब्ध विवाह मुहूर्त 2026 इस प्रकार हैं:
दिनांक एवं दिन
नक्षत्र
तिथि
मुहूर्त का समय
07 मार्च 2026शनिवार
उत्तराफाल्गुनी
द्वादशी
शाम 10 बजकर 52 मिनट से अगली सुबह 07 बजकर 12 मिनट तक
08 मार्च 2026, रविवार
हस्त
द्वादशी, त्रयोदशी
सुबह 07 बजकर 12 मिनट से शाम 08 बजकर 48 मिनट तक
(02 से 08 मार्च 2026) के नामकरण मुहूर्त
जो माता-पिता अपने शिशु के नामकरण संस्कार के लिए शुभ मुहूर्त की तलाश कर रहे हैं, उनके लिए हम इस सप्ताह के नामकरण मुहूर्त की सभी शुभ तिथियां यहां प्रदान कर रहे हैं।
दिनांक
मुहूर्त का समय
04 मार्च 2026, बुधवार
07:39:41 से 30:43:46
05 मार्च 2026, गुरुवार,
06:42:42 से 30:42:41
06 मार्च 2026, शुक्रवार
06:41:38 से 17:56:15
08 मार्च 2026, रविवार
06:39:26 से 13:32:15
AstroSage AI पॉडकास्ट सुनें – यहां आपको मिलेंगे ज्योतिष, जीवन के रहस्य, किस्मत के संकेत और AI द्वारा बताए गए सटीक ज्योतिषीय समाधान। अपनी ज़िंदगी के अहम सवालों के जवाब अब आवाज़ में, आसान भाषा में।
इस सप्ताह में जन्मे मशहूर सितारे
02 मार्च 2026: टाइगर श्रॉफ, राहुल त्रिपाठी, रवि कृष्ण
03 मार्च 2026: हरनाज़ संधू,श्रद्धा कपूर, उस्ताद गुलाम मुस्तफा खान
04 मार्च 2026: इनोसेंट विन्सेंट, जोश इंगलिस, श्रद्धा दास
05 मार्च 2026: हितेन तेजवानी, सौरभ शुक्ला, गंगूबाई हंगल
06 मार्च 2026: ईसाई कोलमन, ईशा चावला, जाह्नवी कपूर
07 मार्च 2026: इवान लेंडल,विव रिचर्ड्स, ल्यूक राइट
एस्ट्रोसेज इन सभी सितारों को जन्मदिन की ढेरों शुभकामनाएं देता है। यदि आप अपने पसंदीदा सितारे की जन्म कुंडली देखना चाहते हैं तो आप यहां पर क्लिक कर सकते हैं।
हम उम्मीद करते हैं कि आपको हमारा यह ब्लॉग ज़रूर पसंद आया होगा। अगर ऐसा है तो आप इसे अपने अन्य शुभचिंतकों के साथ ज़रूर साझा करें। धन्यवाद!
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
1. साल 2026 में होली कब है?
इस वर्ष होली का पर्व 04 मार्च 2026 को मनाया जाएगा।
2. फाल्गुन पूर्णिमा 2026 में कब है?
वर्ष 2026 में फाल्गुन पूर्णिमा 03 मार्च 2026, मंगलवार के दिन पड़ेगी।
3. क्या होलिका दहन और चंद्र ग्रहण एक ही दिन पड़ रहे हैं?
हाँ, साल 2026 का पहला चंद्र ग्रहण होलिका दहन के दिन लगने जा रहा है।
शुक्र का मीन राशि में गोचर: राशियों सहित देश दुनिया पर पड़ेगा गहरा प्रभाव!
एस्ट्रोसेज एआई के इस विशेष ब्लॉग में हम आपकोशुक्र का मीन राशि में गोचर के बारे में विस्तार से जानकारी प्रदान करेंगे। साथ ही, यह भी बताएंगे कि शुक्र के गोचर का प्रभाव सभी 12 राशियों पर किस प्रकार से पड़ेगा। बता दें कि शुक्र ग्रह 02 मार्च 2026 को मीन राशि में गोचर करने जा रहे हैं।
कुछ राशियों को शुक्र ग्रहके गोचरसे बहुत अधिक लाभ होगा तो, वहीं कुछ राशि वालों को इस अवधि बहुत ही सावधानी से आगे बढ़ने की आवश्यकता होगी क्योंकि उन्हें कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। इसके अलावा, इस ब्लॉग में शुक्र ग्रह को मजबूत करने के कुछ शानदार व आसान उपायों के बारे में भी बताएंगे और देश-दुनिया व शेयर मार्केटपर भी इसके प्रभाव के बारे में चर्चा करेंगे।
हर कोई शुक्र को प्रेम का ग्रह कहता है। शुक्र का नाम प्रेम, सुंदरता और धन की रोमन देवी वीनस के नाम पर रखा गया था, क्योंकि इसे लंबे समय से भाग्य और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। वैदिक ज्योतिष में भी शुक्र का संबंध भौतिक सुख-सुविधाओं और विलासिता से जोड़ा जाता है। आपकी जन्म कुंडली में शुक्र आपके हृदय की भावनाओं को उजागर करता है। यह दिखाता है कि आप लोगों से कैसे जुड़ते हैं, अपने आसपास की चीज़ों को कितना महत्व देते हैं और खुद को कैसे समझते हैं।
आपका शुक्र राशि चिन्ह यह बताता है कि प्रेम, निकटता और अपनापन पाने की आपकी इच्छाएं और लक्ष्य क्या हैं। यह आपके प्रेम जताने के तरीके (लव लैंग्वेज) के गहरे पहलुओं को भी सामने लाता है और यह दिखाता है कि आप इस सबसे सुंदर भावना को किस तरह व्यक्त करते हैं।
बृहत् कुंडली में छिपा है, आपके जीवन का सारा राज, जानें ग्रहों की चाल का पूरा लेखा-जोखा
शुक्र का मीन राशि में गोचर: तिथि व समय
मीन राशि में गोचर 02 मार्च 2026 की मध्यरात्रि 12 बजकर 38 मिनट पर होगा। जब शुक्र मीन राशि में होता है, तो उसे उच्च माना जाता है। ज्योतिष के अनुसार, यह शुक्र की सबसे शुभ और शक्तिशाली स्थिति मानी जाती है। यह देखना रोचक होगा कि इसका प्रभाव फिल्म उद्योग, विभिन्न राशियों और दुनिया की घटनाओं पर किस प्रकार पड़ता है।
मीन राशि में शुक्र: विशेषताएं
मीन राशि में शुक्र आपको जीवन के बड़े अवसरों को पहचानने और उन्हें अपनाने का साहस देता है। जीवन के कुछ ऐसे गहरे अनुभव, जैसे- आध्यात्मिकता, भक्ति, नींद, कल्पना, मनोरंजन, संवेदनशीलता, दांपत्य सुख, सुंदर जीवन शैली और अंततः मोक्ष, इन सभी में आप खुद को पूरी तरह डुबो सकते हैं। शुक्र को सुख, आराम और आनंद का ग्रह माना जाता है। मीन राशि में यह इन अनुभवों के माध्यम से विशेष आनंद प्रदान करता है। इसलिए यह स्थिति भौतिक सुख चाहने वालों और आध्यात्मिक मार्ग पर चलने वालों, दोनों के लिए शुभ मानी जाती है।
मीन राशि में शुक्र होने से व्यक्ति में प्रेम और आध्यात्मिकता दोनों का सुंदर संतुलन बनता है। यह दांपत्य जीवन में एकता और गहराई लाता है। नींद सबसे शांत अवस्था मानी जाती है, और मीन राशि में शुक्र अच्छी व आरामदायक नींद भी देता है। यह अनुभव अच्छा हो या बुरा, वास्तविक हो या कल्पना, सब मीन में शुक्र के प्रभाव में आता है। चूंकि मीन राशि को गहरे सुख और भावनाओं की राशि माना जाता है और शुक्र आनंद का ग्रह है, इसलिए यहां शुक्र उच्च होता है। मीन में शुक्र मानसिक शुद्धता और सकारात्मक सोच का प्रतीक है। यह स्थिति पवित्र और शुभ मानी जाती है।
ऐसे लोग चित्रकार, संगीतकार, कलाकार, हीलर, यात्री या आध्यात्मिक व्यक्ति बन सकते हैं। आपकी कला और प्रस्तुति से लोग आकर्षित होते हैं। यह स्थिति आपको समाज में व्यापाक प्रभाव दिला सकती है। मीन राशि में शुक्र जीवन और दुनिया को गहराई से समझने और अनुभव करने की प्रेरणा भी देता है।
शुक्र का मीन राशि में गोचर: इन राशियों पर सकारात्मक प्रभाव
मेष राशि
मेष राशि के जातकों के लिए शुक्र दूसरे और सातवें भाव के स्वामी हैं। अब शुक्र आपके बारहवें भाव में गोचर करेंगे। बारहवां भाव खर्च, विदेश, आराम, और विलासिता से जुड़ा होता है। इस समय आप सुख-सुविधाओं और लग्जरी वस्तुओं पर अधिक खर्च कर सकते हैं। निजी क्षेत्र में काम करने वालों को पदोन्नति मिल सकती है या अतिरिक्त जिम्मेदारी दी जा सकती है, जिससे आय में वृद्धि हो सकती है। व्यापार करने वाले लोगों को इस दौरान अच्छा आर्थिक लाभ मिल सकता है और वे अपने काम का विस्तार भी कर सकते हैं। करियर में आगे बढ़ने के लिए यह समय अनुकूल रहेगा। कुछ लोगों को विदेश से जुड़े प्रोजेक्ट या काम के अवसर भी मिल सकते हैं।
मिथुन राशि
मिथुन राशि के जातकों के लिए शुक्र ग्रह पहले पांचवें और बारहवें भाव में रहेगा। इसके बाद यह अपनी उच्च राशि मीन में जाकर करियर के दसवें भाव में प्रवेश करेगा। मिथुन राशि वालों के लिए यह समय प्रोफेशनल जीवन के लिहाज से बहुत अच्छा रहेगा। नौकरी या व्यवसाय में आपको अच्छा प्रदर्शन करने का मौका मिलेगा। अगर आप किसी मैनेजर या ऊंचे पद पर हैं, तो आपके सुझाव और विचारों पर अधिकारी ध्यान देंगे और आपकी बात को महत्व मिलेगा। हालांकि, जब शुक्र मीन राशि में होगा तो आपको थोड़ा सावधान रहने की सलाह दी जाती है। काम में संतुलन बनाए रखें और भावनाओं में बहकर कोई निर्णय न लें। जो लोग रचनात्मक क्षेत्रों (जैसे अभिनेता, डिज़ाइनर आदि) में काम करते हैं, उनके लिए यह समय और भी अधिक लाभदायक रहेगा। उन्हें नए अवसर मिल सकते हैं और काम के साथ-साथ कुछ सुखद व आनंददायक पल भी मिलेंगे।
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कर्क राशि
कर्क राशि वालों के लिए शुक्र चौथे और ग्यारहवें भाव के स्वामी हैं और जब नवें भाव में प्रवेश करेंगे, तो कर्क राशि वालों के लिए लंबे समय से प्रतीक्षित धन लाभ और तरक्की के योग बनेंगे। खासकर नौकरी करने वालों को अब राहत महसूस होगी। आपके प्रयासों का फल मिल सकता है और प्रमोशन या वेतन वृद्धि की संभावना बन सकती है। यह समय व्यापार करने वालों के लिए भी लाभदायक रहेगा। मुनाफा बढ़ सकता है और काम में स्थिरता आएगी।
आपको अपने प्रोफेशनल अनुभवों का पूरा लाभ मिलेगा। जब चौथे भाव के स्वामी नवें भाव में जाते हैं, तो व्यक्ति आध्यात्मिकता की ओर झुकाव महसूस करता है। आपको अपने गुरु, मार्गदर्शक और पिता का अच्छा सहयोग और आशीर्वाद मिलेगा। शुक्र के उच्च (मजबूत) होने के कारण आपके जीवनसाथी का आपकी किस्मत में बड़ा योगदान रहेगा। उनकी वजह से आपकी आय या सुख-सुविधाएं बढ़ सकती हैं। कुल मिलाकर यह समय आराम, सुख और समृद्धि देने वाला रहेगा।
कन्या राशि वालों के दूसरे और नौवें भाव के स्वामी शुक्र जब सातवें भाव में आते हैं, तो कन्या राशि वालों के लिए यह समय खास बन जाता है। जीवनसाथी के सहयोग से आपका व्यापार बहुत लाभदायक हो सकता है। कॉर्पोरेट या बड़े निवेश से भी धीरे-धीरे अच्छा मुनाफा मिलने लगेगा। जब शुक्र मीन राशि में गोचर करेगा, तो प्राइवेट नौकरी करने वालों को अपने प्रोफेशनल नेटवर्क के माध्यम से अच्छी नौकरी मिल सकती है।
आपके वरिष्ठ अधिकारी भी आपके पक्ष में रहेंगे। कार्यस्थल पर आपकी पहचान और सम्मान बढ़ेगा। सातवें भाव में उच्च का शुक्र विवाह और दांपत्य जीवन के लिए बेहद शुभ माना जाता है। जीवनसाथी हर क्षेत्र में आपका साथ देगा और समर्थन करेगा। साथ ही, शुक्र की दृष्टि पहले भाव पर पड़ेगी, जिससे आपका व्यक्तित्व और भी आकर्षक और प्रभावशाली बनेगा। आपकी बातों में मिठास और प्रभाव होगा, जिससे आप अपने काम आसानी से और जल्दी पूरे कर पाएंगे।
वृश्चिक राशि वालों के लिए शुक्र सातवें और बारहवें भाव के स्वामी है, जब शुक्र पांचवें भाव में प्रवेश करेंगे, तो वृश्चिक राशि वालों के लिए नए व्यापारिक अवसर खुल सकते हैं। जो लोग बिज़नेस करते हैं, उनके लिए शुक्र का मीन राशि में गोचर बहुत अधिक शुभ रहेगा। रचनात्मक क्षेत्रों से जुड़े लोगों (जैसे कला, मीडिया, डिज़ाइन आदि) को फिर से जोश और प्रेरणा मिलेगी। वे मेहनत करके अपने करियर में अच्छी सफलता पा सकते हैं।
प्राइवेट नौकरी करने वाले लोग अगर नई स्किल सीखें या अपनी पुरानी प्रतिभा को और बेहतर बनाएं, तो उनका रिज़्यूम मजबूत होगा और आगे बढ़ने के अच्छे मौके मिल सकते हैं। प्रेम संबंधों के लिए भी यह समय लाभकारी रहेगा। अगर आप अपने रिश्ते को अगले स्तर पर ले जाना चाहते हैं (जैसे सगाई या शादी), तो अन्य ग्रह स्थिति अनुकूल होने पर यह सही समय हो सकता है। जो लोग शेयर बाज़ार या स्टॉक मार्केट में निवेश करते हैं, उन्हें भी इस गोचर से लाभ मिलने की संभावना है। कुल मिलाकर यह समय प्रेम, रचनात्मकता और आर्थिक लाभ के लिए अच्छा रहेगा।
कुंभ राशि
जब शुक्र आपके दूसरे भाव में रहेगा, तो आप धन बचाने में सफल रहेंगे और अपने आर्थिक भविष्य को लेकर अधिक सुरक्षित महसूस करेंगे। शुक्र, जो आपके चौथे और नौवें भाव के स्वामी हैं, जब मीन राशि में गोचर करते हुए दूसरे भाव में आएंगे, तो आपकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। आय के स्रोत बढ़ सकते हैं और परिवार से जुड़ा लाभ मिल सकता है।
यह समय खासकर उन लोगों के लिए शुभ है जो रियल एस्टेट, वाहन (ऑटोमोबाइल) या पारिवारिक व्यवसाय से जुड़े हैं। इन क्षेत्रों में काम करने वालों को अच्छा लाभ और स्थिरता मिल सकती है। कुल मिलाकर, यह समय धन संचय, पारिवारिक सुख और आर्थिक मजबूती देने वाला रहेगा।
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शुक्र का मीन राशि में गोचर: इन राशियों पर नकारात्मक प्रभाव
सिंह राशि
सिंह राशि वालों के लिए शुक्र तीसरे और दसवें भाव के स्वामी हैं। जब शुक्र मीन में गोचर करते हुए आठवें भाव में प्रवेश करते हैं, तो यह समय थोड़ा चुनौतीपूर्ण हो सकता है। इस दौरान आर्थिक अस्थिरता या पैसों से जुड़ी परेशानियां बढ़ सकती हैं। खर्चों में वृद्धि होगी, जिससे बचत करना कठिन हो सकता है।
जो लोग व्यापार कर रहे हैं और किसी बड़ी राशि के आने की उम्मीद कर रहे थे, उन्हें थोड़ा और इंतजार करना पड़ सकता है। इस गोचर के समय शेयर बाज़ार या स्टॉक मार्केट में निवेश करने से बचने की सलाह दी जाती है, क्योंकि नुकसान की संभावना बढ़ सकती है। कुल मिलाकर, इस अवधि में आर्थिक मामलों में सावधानी और समझदारी से कदम उठाना बेहतर रहेगा।
शुक्र का मीन राशि में गोचर: उपाय
कनकधारा स्तोत्र का जाप करें।
शुक्र देव (शुक्र) के बीज मंत्र का जाप करें: ॐ द्रां द्रीं द्रौं सः शुक्राय नम:।
घर में शुद्धि और नेगेटिव एनर्जी से छुटकारा पाने के लिए हवन करें।
सफ़ेद या गुलाबी रंग के कपड़े ज़्यादा पहनें।
शुक्रवार को व्रत रखें।
शुक्र का मीन राशि में गोचर: विश्वव्यापी प्रभाव
सरकार और शुक्र से जुड़े क्षेत्र
मीन राशि में शुक्र के गोचर के दौरान प्रशासन की ईमानदारी, जवाबदेही और सेवा की गति अचानक तेज हो सकती है। सरकारी कामकाज में सुधार और सक्रियता देखने को मिल सकती है।
इस समय कुछ विशेष क्षेत्र अच्छा प्रदर्शन कर सकते हैं, जैसे- टेक्सटाइल उद्योग, शिक्षा क्षेत्र, थिएटर और कला जगत, निर्यात-आयात व्यापार, लकड़ी के हस्तशिल्प और हथकरघा उद्योग।
सरकार गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले लोगों के लिए नई सामाजिक-आर्थिक योजनाएं शुरू कर सकती है। साथ ही, मौजूदा नीतियों में भी कुछ ठोस और लाभकारी बदलाव किए जा सकते हैं।
इस गोचर का प्रभाव सरकार की नीतियों में राहत के रूप में दिखाई दे सकता है, जिससे निम्न आय वर्ग और छोटे व्यवसायों को फायदा मिल सकता है। छोटे उद्योगों की गति भी बढ़ सकती है।
भारत से धार्मिक वस्तुओं के निर्यात में वृद्धि होने की संभावना है, क्योंकि धार्मिक सामग्रियों की मांग बढ़ सकती है।
मीन राशि में शुक्र को गोचर के दौरान दुनिया भर में आध्यात्मिक गतिविधियों और धार्मिक आयोजनों में बढ़ोतरी हो सकती है। लोग पूजा-पाठ, साधना और धार्मिक समारोहों में अधिक रुचि ले सकते हैं।
यह गोचर उन लोगों के लिए विशेष लाभकारी रहेगा, जो बोलने या अभिव्यक्ति से जुड़े कार्यों में हैं, जैसे काउंसलिंग, लेखन, संपादन, पत्रकारिता आदि। इन क्षेत्रों में काम करने वालों को गति और लाभ मिल सकता है।
रेलवे, शिपिंग, परिवहन और ट्रैवल कंपनियों जैसे क्षेत्रों को भी इस समय फायदा हो सकता है। यात्राओं और आवाजाही में वृद्धि देखी जा सकती है।
इस अवधि में विश्व स्तर पर किसी न किसी रूप में शांति का वातावरण बना रह सकता है।
दुनिया के अलग-अलग देश बड़े आयोजनों या त्योहारों के माध्यम से एक-दूसरे से अधिक जुड़ सकते हैं। खासकर कला, संगीत, नृत्य और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के जरिए देशों के बीच संपर्क और सहयोग बढ़ सकता है।
शुक्र का मीन राशि में गोचर: शेयर बाजार की भविष्यवाणी
मीन राशि में शुक्र का गोचर 02 मार्च 2026 को होने जा रहा है। शुक्र को विलासिता, सौंदर्य और लग्जरी का ग्रह माना जाता है, इसलिए शेयर बाजार की चर्चा में इसका विशेष महत्व होता है। आइए जानते हैं कि यह गोचर स्टॉक मार्केट पर किस तरह प्रभाव डाल सकता है।
इस गोचर के दौरान टेक्सटाइल उद्योग और उससे जुड़े कारोबार को लाभ मिल सकता है। कपड़ा उद्योग की कंपनियों के शेयरों में तेजी देखने को मिल सकती है।
कपड़े, परफ्यूम और फैशन एक्सेसरीज़ (आभूषण, बैग आदि) से जुड़े सेक्टर में भी उछाल आ सकता है। इन क्षेत्रों में मांग बढ़ने से कंपनियों के प्रदर्शन में सुधार संभव है।
बिज़नेस कंसल्टिंग, लेखन, मीडिया विज्ञापन और पब्लिक रिलेशंस सेवाएं देने वाली कंपनियों के लिए परिणाम सकारात्मक रह सकते हैं।
साथ ही पब्लिशिंग, टेलीकम्युनिकेशन और ब्रॉडकास्टिंग सेक्टर की बड़ी ब्रांड कंपनियों को भी इस समय फायदा हो सकता है।
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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
1. शुक्र किन दो राशियों का स्वामी है?
वृषभ और तुला
2. कौन सी राशि शुक्र की उच्च राशि है?
मीन राशि
3. मीन राशि पर कौन सा ग्रह राज करता है?
बृहस्पति ग्रह
टैरो साप्ताहिक राशिफल (01 से 07 मार्च, 2026): ये सप्ताह किन जातकों के लिए रहेगा शानदार जानें!
टैरो साप्ताहिक राशिफल 01 से 07 मार्च 2026: दुनियाभर के कई लोकप्रिय टैरो रीडर्स और ज्योतिषियों का मानना है कि टैरो व्यक्ति की जिंदगी में भविष्यवाणी करने का ही काम नहीं करता बल्कि यह मनुष्य का मार्गदर्शन भी करता है। कहते हैं कि टैरो कार्ड अपनी देखभाल करने और खुद के बारे में जानने का एक ज़रिया है।
टैरो इस बात पर ध्यान देता है कि आप कहां थे, अभी आप कहां हैं या किस स्थिति में हैं और आने वाले कल में आपके साथ क्या हो सकता है। यह आपको ऊर्जा से भरपूर माहौल में प्रवेश करने का मौका देता है और अपने भविष्य के लिए सही विकल्प चुनने में मदद करता है। जिस तरह एक भरोसेमंद काउंसलर आपको अपने अंदर झांकना सिखाता है, उसी तरह टैरो आपको अपनी आत्मा से बात करने का मौका देता है।
आपको लग रहा है कि जैसे जिंदगी के मार्ग पर आप भटक गए हैं और आपको दिशा या सहायता की ज़रूरत है। पहले आप टैरो का मजाक उड़ाते थे लेकिन अब आप इसकी सटीकता से प्रभावित हो गए हैं या फिर आप एक ज्योतिषी हैं जिसे मार्गदर्शन या दिशा की ज़रूरत है। या फिर आप अपना समय बिताने के लिए कोई नया शौक ढूंढ रहे हैं। इन कारणों से या अन्य किसी वजह से टैरो में लोगों की दिलचस्पी काफी बढ़ गई है। टैरो डेक में 78 कार्ड्स की मदद से भविष्य के बारे में जाना जा सकता है। इन कार्ड्स की मदद से आपको अपने जीवन में मार्गदर्शन मिल सकता है।
टैरो की उत्पति 15वीं शताब्दी में इटली में हुई थी। शुरुआत में टैरो को सिर्फ मनोरंजन के रूप में देखा जाता था और इससे आध्यात्मिक मार्गदर्शन लेने का महत्व कम था। हालांकि, टैरो कार्ड का वास्तविक उपयोग 16वीं सदी में यूरोप के कुछ लोगों द्वारा किया गया जब उन्होंने जाना और समझा कि कैसे 78 कार्ड्स की मदद से भविष्य के बारे में जाना जा सकता है, उसी समय से इसका महत्व कई गुना बढ़ गया।
टैरो एक ऐसा ज़रिया है जिसकी मदद से मानसिक और आध्यात्मिक प्रगति को प्राप्त किया जा सकता है। आप कुछ स्तर पर अध्यात्म से, थोड़ा अपनी अंतरात्मा से और थोड़ा अपने अंतर्ज्ञान और आत्म-सुधार लाने से एवं बाहरी दुनिया से जुड़ें।
तो आइए अब इस साप्ताहिक राशिफल की शुरुआत करते हैं और जानते हैं कि 01 से 07 मार्च 2026 तक का यह सप्ताह राशि चक्र की सभी 12 राशियों के लिए किस तरह के परिणाम लेकर आएगा?
टैरो साप्ताहिक राशिफल 01 से 07 मार्च 2026: राशि अनुसार राशिफल
मेष राशि
प्रेम जीवन: टेन ऑफ पेंटाकल्स
आर्थिक जीवन: पेज ऑफ स्वॉर्ड्स
करियर: द स्टार
स्वास्थ्य: द चैरिएट
प्रेम जीवन की बात करें तो टेन ऑफ पेंटाकल्स कार्ड ऐसे रिश्ते को दर्शाता है, जिसमें भौतिक और भावनात्मक दोनों तरह की भरपूर खुशहाली होती है। इसमें साथी एक-दूसरे के साथ सुरक्षित और समर्थित महसूस करते हैं। यह कार्ड स्थिरता, परिवार के प्रति प्रतिबद्धता, साझा मूल्यों और लंबे समय तक चलने वाली सुरक्षा का संकेत देता है। यह मजबूत नींव, विवाह की संभावना, परिवारों का जुड़ना, विरासत बनाना और घरेलू सुख-शांति को दर्शाता है। कुल मिलाकर यह ‘हमेशा के लिए साथ’ जैसे रिश्ते और लंबे समय के मजबूत जुड़ाव का प्रतीक है, जिसमें परिवार, घर और आर्थिक सहयोग अहम भूमिका निभाते हैं।
आर्थिक जीवन की बात करें तो सिक्स ऑफ स्वॉर्ड्स कार्ड आर्थिक परेशानियों से बाहर निकलने और बेहतर स्थिति की ओर बढ़ने का संकेत देता है। यह दिखाता है कि आप मुश्किल समय से स्थिरता की ओर जा रहे हैं, शायद नौकरी बदलने, खर्च कम करने या समझदारी भरे फैसले लेने के ज़रिये। इससे आर्थिक तनाव कम होगा और पुराने नुकसान भरने लगेंगे। हालांकि, यह कार्ड सावधान भी करता है कि आगे बढ़ते समय लापरवाही न करें। यह पुराने डर और गलत आदतों को छोड़कर सुरक्षित भविष्य की ओर जाने का संदेश देता है।
करियर के लिए द स्टार कार्ड बताता है कि आप एक नए और रोमांचक पेशेवर रास्ते पर आगे बढ़ रहे हैं और आपकी मेहनत का फल मिलेगा। चुनौतियां आने पर भी आपको आशावादी रहना चाहिए और अपने लक्ष्यों पर ध्यान बनाए रखना चाहिए। यह समय उम्मीद और सकारात्मकता से भरा है। अगर आप अपनी नौकरी को लेकर असमंजस में हैं, तो यह कार्ड संकेत देता है कि आपकी स्थिति सुरक्षित है और आपकी मेहनत ज़रूर रंग लाएगी।
स्वास्थ्य के मामले में द चैरियट कार्ड नई ऊर्जा और बाधाओं पर जीत पाने की ताकत को दर्शाता है। यह बताता है कि आप अपने मन और शरीर में संतुलन बनाकर, दृढ़ इच्छाशक्ति और अनुशासन के साथ अपने स्वास्थ्य पर नियंत्रण पा सकते हैं। यह कार्ड मेहनत, अच्छे स्वास्थ्य-आदतें बनाने और आत्म-नियंत्रण के जरिये बीमारी पर विजय पाने का संकेत देता है। आम तौर पर यह सेहत में सुधार और सही दिशा में प्रगति को दिखाता है।
भाग्यशाली फूल: हनीसकल
AstroSage AI पॉडकास्ट सुनें – यहां आपको मिलेंगे ज्योतिष, जीवन के रहस्य, किस्मत के संकेत और AI द्वारा बताए गए सटीक ज्योतिषीय समाधान। अपनी ज़िंदगी के अहम सवालों के जवाब अब आवाज़ में, आसान भाषा में।
वृषभ राशि
प्रेम जीवन: टू ऑफ पेंटाकल्स
आर्थिक जीवन: थ्री ऑफ कप्स
करियर: थ्री ऑफ पेंटाकल्स
स्वास्थ्य: टेन ऑफ स्वॉर्ड्स
वृषभ राशि के जातकों के प्रेम जीवन की बात करें तो टू ऑफ पेंटाकल्स कार्ड संतुलन, लचीलापन और प्राथमिकताओं को संभालने का संकेत देता है। यह कार्ड तब आता है जब आप अपने रिश्ते और जिंदगी के दूसरे पहलुओं जैसे काम या पैसों के बीच संतुलन बनाने की कोशिश कर रहे होते हैं। इसमें समझौता करने और हालात के अनुसार खुद को ढालने की जरूरत होती है। चाहे आप सिंगल हो (और सोच रहे हों कि प्यार के लिए तैयार हैं या नहीं) या रिश्ते में हों ( और जिम्मेदारियां बांट रहे हों) यह कार्ड तालमेल बनाने, जरूरी बातों पर ध्यान देने और बदलाव को अपनाने की सलाह देता है।
आर्थिक स्थिति में थ्री ऑफ कप्स खुशी जश्न और मिल-जुलकर सफलता पाने का संकेत देता है। यह समूह के साथ आर्थिक लाभ, साझा खर्च या सामाजिक आयोजनों से पार्टी या शादी) की ओर इशारा करता है। हालांकि, यह फालतू खर्च या दूसरों पर ज़्यादा निर्भर होने से सावधान भी करता है। अगर यह उल्टा आए, तो यह सामाजिक खर्चों के कारण पैसों की तंगी या योजनाओं के रद्द होने का संकेत हो सकता है, और बजट संभालकर चलने की सलाह देता है।
करियर के लिए टू ऑफ कप्स अच्छे सहयोग, मजबूत साझेदारी और टीमवर्क का प्रतीक है। यह दिखाता है कि सहकर्मियों या बिज़नेस पार्टनर के बीच आपसी सम्मान, समान लक्ष्य और एक-दूसरे की क्षमताओं का सही तालमेल है। यह कार्ड पेशेवर सफलता, मार्गदर्शन (मेंटॉरशिप) या किसी नए संयुक्त प्रोजेक्ट/व्यवसाय की शुरुआत का संकेत देता है। कभी-कभी यह काम से जुड़ा सकारात्मक रिश्ता या रोमांस भी दिखाता है।
स्वास्थ्य के मामले में टेन ऑफ स्वॉर्ड्स बहुत ज़्यादा मानसिक या भावनात्मक तनाव, थकावट, डिप्रेशन या किसी दर्दनाक दौर के अंत का संकेत देता है। यह बताता है कि आप अपने सबसे निचले स्तर पर पहुँच चुके हैं, लेकिन अब इससे बुरा कुछ नहीं होगा। यह कार्ड खुद को पूरी तरह संभालने, पुराने दर्द को छोड़ने और नए सिरे से शुरुआत करने की ज़रूरत पर ज़ोर देता है। यह शरीर के संकेतों को समझने, आत्म-देखभाल करने और नकारात्मक सोच से बाहर आने की चेतावनी भी देता है।
भाग्यशाली फूल: लिली
बृहत् कुंडलीमें छिपा है, आपके जीवन का सारा राज, जानें ग्रहों की चाल का पूरालेखा-जोखा
मिथुन राशि
प्रेम जीवन: टू ऑफ कप्स
आर्थिक जीवन: नाइन ऑफ स्वॉर्ड्स (रिवर्सड)
करियर: द हैंग्ड मैन
स्वास्थ्य: द एम्परर
प्रेम जीवन की बात करें तो टू ऑफ कप्स आपके और आपके साथी के बीच एक सुंदर भावनात्मक और आत्मिक जुड़ाव को दर्शाता है। आप दोनों के बीच गहरी समझ, मजबूत आकर्षण और अच्छी केमिस्ट्री है। एक-दूसरे के साथ बिताया समय बहुत सुकून भरा लगता है। हो सकता है आपकी मुलाकात अचानक हुई हो, जैसे किस्मत ने मिलाया हो। यह कार्ज प्यार, दोस्ती, अपनापन और एक-दूसरे की सच्ची परवाह का प्रतीक है। यह इस बात का प्रमाण है कि आपका प्यार सच्चा है और उसकी कद्र की जा रही है।
आर्थिक जीवन की बात करें तो नाइन ऑफ स्वॉर्ड्स (रिवर्सड) अवसर पैसों से जुड़ी चिंता के खत्म होने का संकेत देता है। यह कर्ज के डर से बाहर निकलने, मानसिक राहत मिलने या यह समझने का संकेत हो सकता है कि आपकी पहले की चिताएं बेवजह थीं। कभी-कभी यह मदद मिलने या सपोर्ट मिलने को भी दिखाता है। लेकिन अगर आप सच्चाई का सामना नहीं करते या सुधार की कोशिश नहीं करते, तो यह अपराधबोध, शर्म या बड़ी आर्थिक परेशानी की चेतावनी भी दे सकता है।
करियर के मामले में हैंग्ड मैन टैरो कार्ड सलाह देता है कि अभी चीज़ों को ज़बरदस्ती आगे न बढ़ाएँ। यह रुकने, धैर्य रखने और अपने रास्ते पर दोबारा सोचने का समय है। हो सकता है आपको कुछ त्याग करना पड़े या हालात को स्वीकार करना पड़े ताकि भविष्य के लिए नई समझ मिल सके। यह कार्ड बताता है कि अभी काम से ज़्यादा सोचने और स्थिति को नए नज़रिए से देखने की ज़रूरत है। अधूरे काम, फैसलों का इंतज़ार या पुरानी सोच छोड़ने की आवश्यकता भी इस कार्ड से जुड़ी होती है।
स्वास्थ्य के लिए द एम्प्रेस कार्ड पोषण, विकास और शारीरिक समृद्धि का संकेत देता है। यह दिखाता है कि आपके ठीक होने के लिए अनुकूल ऊर्जा मौजूद है, खासकर जब आप खुद का ध्यान रखते हैं। यह कार्ड शरीर की ज़रूरतों को समझने, मानसिक शांति और शारीरिक सहारे का प्रतीक है। कुल मिलाकर, यह स्वास्थ्य में सुधार और संतुलन का अच्छा संकेत है।
भाग्यशाली फूल: लैवेंडर
कर्क राशि
प्रेम जीवन: क्वीन ऑफ वैंड्स
आर्थिक जीवन: जजमेंट
करियर: एस ऑफ पेंटाकल्स
स्वास्थ्य: एट ऑफ स्वॉर्ड्स
कर्क राशि राशि के जातकों के प्रेम जीवन की बात करें तो आप लोगों के साथ समय बिताने का आनंद ले सकते हैं बिना यह चिंता किए कि आप कैसे दिखते हैं या लोग आपके बारे में क्या सोचते हैं। आपकी बहादुरी और आत्मविश्वास से लोग आपकी ओर आकर्षित होंगे और आपके कदमों पर चलने के लिए प्रेरित होंगे। अगर आप किसी रिश्ते में हैं, तो अपने साथी के साथ ईमानदार रहना आपको सफलता दिलाएगा। इस खुलापन और सच्चाई से आप दोनों और भी करीब आ सकते हैं। यह समय प्रेमियों के बीच गहरी नजदीकियां का भी हो सकता है, क्योंकि क्वीन ऑफ वैंड्स और बहुत ही भावुक और आकर्षक कार्ड है।
आर्थिक जीवन में जजमेंट कार्ड आपके पैसों से जुड़े मामलों में आत्म-मूल्यांकन, जिम्मेदारी और बदलाव का संकेत देता है। यह आपको सही फैसले लेने, पुरानी आर्थिक गलतियों को छोड़ने और नई जिम्मेदार आदतें अपनाने के लिए प्रेरित करता है। इससे अच्छी आर्थिक बढ़त या नई शुरुआत हो सकती है। यह अक्सर मेहनत के बाद मिलने वाले इनाम या किसी जरूरी कदम उठाने का संकेत भी देता है। अपने पैसों को अपने सच्चे उद्देश्य और मूल्यों के अनुसार चलाने की जरूरत बताता है।
करियर के लिए एस ऑफ पेंटाकल्स कार्ड कामकाज में एक मजबूत नई शुरुआत दिखाता है। यह नई नौकरी, प्रमोशन, नया बिजनेस या मेहनत से स्थायी धन कमाने के अवसर का संकेत हो सकता है। यह बहुत ही सकारात्मक कार्ड है, जो बताता है कि ध्यान और मेहनत से आप भविष्य में अच्छा फल पा सकते हैं। यह स्थिरता, धन की वृद्धि और नए रास्ते की शुरुआत का प्रतीक है।
स्वास्थ्य के मामले में एट ऑफ स्वॉर्ड्स कार्ड बताता है कि आप डर, चिंता, नकारात्मक सोच या खुद द्वार बनाई गई सीमाओं में मानसिक रूप से फंसा हुआ महसूस कर सकते हैं। यह अवसाद, घबराहट, लंबे समय का दर्द या किसी बीमारी के सामने खुद को बेबस महसूस करने की ओर इशारा कर सकता है। लेकिन यह भी बताता है कि यह ‘कैद’ ज़्यादातर मानसिक होती है, और सोच बदलने व मदद लेने से इससे बाहर निकला जा सकता है।
बात करें सिंह राशिवालोंकी तो सराहना और सफलता का संकेत देता है। आप और आपकी साथी अपने रिश्ते में खुशियां मना सकते हैं और एक-दूसरे पर गर्व महसूस कर सकते हैं। आप दोनों एक-दूसरे को सहयोग देते हुए आगे बढ़ते हैं। यह किसी प्रेम संबंधी लक्ष्य को पूरा करने, लोगों के सामने रिश्ते को मान्यता मिलने या प्यार में सफलता महसूस करने का संकेत हो सकता है।
आर्थिक जीवन की बात करें तो नाइन ऑफ पेंटाकल्स कार्ड आत्मनिर्भरता, सुख-सुविधा और मेहनत से मिली स्थिरता को दर्शाता है। यह बताता है कि आपने अपनी मेहनत और अनुशासन से आर्थिक सुरक्षा हासिल की है और अब जीवन की अच्छी चीज़ों का आनंद ले सकते हैं। साथ ही यह याद दिलाता है कि इस धन को बनाए रखने के लिए खर्च और समझदारी के बीच संतुलन ज़रूरी है।
करियर में जजमेंट (रिवर्सड) कार्ड करियर में आत्म-संदेह, रुकावट, छूटे हुए मौके और बड़े फैसले लेने के डर को दिखाता है। यह डर अक्सर पुरानी गलतियों या अंदर की नकारात्मक आवाज़ के कारण होता है। यह कार्ड सलाह देता है कि आप अपराधबोध छोड़ें, खुद को स्वीकार करें और अपनी अंदर की आवाज़ को सुनें। बीते अनुभवों से सीख लेकर आगे बढ़ने का समय है, खुद को कठोरता से आंकने का नहीं।
स्वास्थ्य के मामले में सिक्स ऑफ स्वॉर्ड्स कार्ड कठिन समय के बाद बेहतर स्थिति की ओर बदलाव का संकेत देता है। यह स्वास्थ्य के लिए जगह बदलने, यात्रा करने या माहौल बदलने की सलाह भी दे सकता है। यह बताता है कि पुराने दर्द (शारीरिक या भावनात्मक) को छोड़कर शांति और स्थिरता की ओर बढ़ना आपके लिए फायदेमंद होगा।
यह कार्ड प्रेम जीवन में ठहराव, ऊब, असंतोष या भावनात्मक दूरी को दर्शाता है। कई बार अच्छे मौके सामने होते हुए भी हम उन्हें नजरअंदाज कर देते हैं, क्योंकि हम जो नहीं है उसी पर ध्यान देते हैं। यह कार्ड आत्म-चिंतन की जरूरत बताता है, ताकि आप समझ सकें कि सच्ची खुशी आपको क्या दे सकती है। यह भी संकेत हो सकता है कि आप खुद भावनात्मक रूप से पीछे हटे हुए हैं और नए प्यार को अपनाने से पहले सोचने की जरूरत है।
आर्थिक जीवन में क्वीन ऑफ कप्स कार्ड बताता है कि आप पैसे से जुड़े फैसले समझदारी, संवेदनशीलता और भावनात्मक समझ के साथ लेते हैं। यह संकेत देता है कि आर्थिक सफलता के लिए सिर्फ गणित नहीं बल्कि भावनाओं और अंतर्ज्ञान को समझना भी जरूरी है। यह कार्ड संतुलित, सोच-समझकर और जिम्मेदारी से धन संभालने का संकेत है।
करियर में नाइट ऑफ वैंड्स कार्ड जोश, महत्वाकांक्षा और नए अवसरों का प्रतीक है। यह आपको साहस के साथ नए विचारों पर काम करने, नया प्रोजेक्ट या बिजनेस शुरू करने, काम के लिए यात्रा करने या बदलाव को अपनाने के लिए प्रेरित करता है। साथ ही यह चेतावनी भी देता है कि जल्दबाजी, अधैर्य या जल्दी ऊबने से बचें। संतुलन और फोकस बनाए रखना जरूरी है।
स्वास्थ्य की बात करें तो व्हील ऑफ फॉर्च्यून कार्ड स्वास्थ्य में बदलाव के दौर को दिखाता है। अपराइट स्थिति में यह ठीक होने सकारात्मक बदलाव और सही दिनचर्या (जैसे खान-पान और व्यायाम) से ऊर्जा वापस आने का संकेत देता है। रिवर्सड स्थिति में यह बार-बार होने वाली समस्याओं, थकान और जरूरी बदलावों से बचने की चेतावनी देता है। यह कार्ड संतुलन बनाने और अपनी आदतों की जिम्मेदारी लेने की सलाह देता है।
बात करेंतुला राशि वालों की तो प्रेम जीवन द हीरोफेंट कार्ड प्रेम में सुखद, संतुलित और स्वस्थ समय का संकेत देता है। यह रिश्ता आराम, लग्जरी और आनंद से भरा हो सकता है, जैसे अच्छा खाना, बढ़िया घूमना, आराम और खुशियां। यह कार्ड आत्म-मूल्य, विश्वास और स्थिरता से भी जुड़ा है। आपका साथी आपको खुश रखना चाहता है और आपको बेहतरीन चीज़ें देना चाहता है। यह रिश्ता भावनात्मक रूप से भी मजबूत और सुरक्षित हो सकता है।
आर्थिक जीवन की बात करें तो यह कार्ड पैसों के मामलों में साफ सोच, समझदारी और ईमानदारी का संकेत देता है। आप भावनाओं के बजाय तर्क और बुद्धि से आर्थिक फैसले लेते हैं। यह निवेश, कानूनी मामलों या किसी विशेषज्ञ की सलाह लेनी की ओर भी इशारा कर सकता है। धन से जुड़े मामलों में सच्चाई, स्पष्टता और सही योजना जरूरी है।
करियर के मामले में फाइव ऑफ वैंड्स कार्ड कार्यस्थल पर टकराव, प्रतिस्पर्धा और मतभेद को दर्शाता है। यहां कई लोग अपनी-अपनी बात मनवाने की कोशिश कर सकते हैं। यह सलाह देता है कि आप समझदारी और रणनीति से काम लें। प्रतिस्पर्धा को सीखने और आगे बढ़ने की जरिया बनाएं, लेकिन बेकार के झगड़ों से बचें।
स्वास्थ्य की बात करें तो, भावनात्मक दुख, उदासी, पछतावे या मानसिक तनाव का संकेत देता है, जो सेहत को प्रभावित कर सकता है। यह अक्सर बीते हुए नुकसान पर ज्यादा ध्यान देने को दिखाता है। यह कार्ड कहता है कि अपने दर्द को स्वीकार करें, लेकिन उसमें डूबे न रहें। आगे भी ठीक होने और बेहतर महसूस करने की संभावना मौजूद है।
भाग्यशाली फूल: गुलाब
वृश्चिक राशि
प्रेम जीवन: एट ऑफ पेंटाकल्स
आर्थिक जीवन: टेम्पेरन्स
करियर: टेन ऑफ वैंड्स
स्वास्थ्य: नाइट ऑफ पेंटाकल्स
बात करें वृश्चिक राशि की तो प्रेम जीवन में तेजी से आगे बढ़ने वाले रिश्ते का संकेत देता है। जब आप पहली बार मिलते हैं, तो तुरंत अच्छा तालमेल बन जाता है। आप और आपका साथी बातचीत और ऊर्जा के स्तर पर एक-दूसरे से जुड़े हुए महसूस करते हैं। अगर आप खुले स्वभाव के हैं, तो वे भी वैसे हो सकते हैं, या फिर आपकी शांत और निजी जरूरतों को अच्छी तरह समझने वाले होंगे। यह कार्ड यह भी बताता है आप दोनों की प्रेम व्यक्त करने की भाषा एक जैसी या मेल खाने वाली हो सकती है।
आर्थिक जीवन में टेम्पेरन्स कार्ड पैसों के मामले में संतुलन, धैर्य और संयम की सलाह देता है। यह धीरे-धीरे बचत करने, समझदारी से खर्च करने और जोखिम भरे निवेश से बचने का संकेत है। यह बताता है कि जल्दबाजी से नहीं, बल्कि सही योजना, बजट और आत्म-नियंत्रण से धीरे-धीरे धन बढ़ेगा।
करियर में टेन ऑफ वैंड्स कार्ड बहुत ज्यादा काम का बोझ, तनाव और थकान को दिखाता है। हालांकि यह भी संकेत देता है कि आप लक्ष्य के काफी करीब हैं और राहत आने वाली है। यह सलाह देता है कि आप जिम्मेदारियां बांटें, अपनी सीमाएं तय करें और ज़रूरत पड़ने पर मदद माँगें, ताकि थकान या बर्नआउट से बचा जा सके।
स्वास्थ्य के मामले नाइट ऑफ पेंटाकल्स कार्ड स्वास्थ्य में धैर्य, निरंतरता और भरोसेमंद दिनचर्या का संकेत देता है। यह बताता है कि लंबे समय तक अच्छी सेहत के लिए आराम, व्यायाम और सही खान-पान जैसी आदतों पर ध्यान देना ज़रूरी है, न कि सिर्फ अस्थायी इलाज पर।
धनु राशि राशि वालों के प्रेम जीवन की, बात करें तो आपको सेवन ऑफ पेंटाकल्स कार्ड मिला है, जो धैर्य, मेहनत और लंबे समय की ग्रोथ को दिखाता है। इसका मतलब है कि रिश्ता धीरे-धीरे आगे बढ़ रहा है, जिसमें लगातार कोशिश करनी पड़ती है। कभी-कभी यह ये भी बताता है कि रुककर सोचना चाहिए कि रिश्ता सही दिशा में जा रहा है या नहीं या फिर ऐसा लग सकता है कि अभी आपकी मेहनत का फल तुरंत नहीं मिल रहा।
द मैजिशियन टैरो कार्ड बताता है कि नए मौके आपके सामने हैं और आप अपनी काबिलियत और आत्मविश्वास से कुछ बड़ा हासिल कर सकते हैं। यह संदेश देता है कि अपनी खास स्किल्स का सही इस्तेमाल करें, मन को एकाग्र रखें और सही समय पर फैसला लेकर कमद उठाएं, ताकि पैसों से जुड़े अपना आइडियाज को हकीकत में बदल सकें। आपके पास सफलता और धन पाने के लिए जरूरी सारी ताकत और साधन मौजूद हैं।
करियर के मामले में सेवन ऑफ वैंड्स यह दिखाता है कि आपको अपने काम, सफलता और जगह की रक्षा करनी होगी। ऑफिस या बिज़नेस में मुकाबला है, इसलिए हिम्मत, मजबूती और साफ़ सीमाएँ ज़रूरी हैं। आपने जो हासिल किया है, उसे जलन करने वालों या आलोचना करने वालों से बचाना पड़ेगा। आत्मविश्वास बनाए रखें, अपनी बात पर डटे रहें और बहस से पीछे न हटें।
सेहत के टैरो में द एम्प्रेस जीवनशक्ति, देखभाल, भरपूर ऊर्जा और प्रकृति से जुड़ाव को दर्शाती है। यह अच्छी सेहत, मां बनने की संभावना, रचनात्मक इलाज और खुद का ख्याल रखने की ज़रूरत बताती है। अच्छा खाना, कला, आराम और खुशियाँ आपकी सेहत सुधार सकती हैं। यह कार्ड कहता है कि अपने शरीर की सुनें, खुद से प्यार करें और संतुलन बनाए रखें।
मकर राशि के प्रेम जीवन में क्वीन ऑफ पेंटाकल्स यह दिखाती है कि आपके रिश्ते की नींव बहुत मजबूत है। सामने वाला इंसान दिल का बहुत अच्छा है और अपने चाहने वालों की मदद करना पसंद करता है। जेंडर चाहे जो भी हो, वह आपके लिए काफी प्रोटेक्टिव हो सकता है या सकती है। यह कार्ड आमतौर पर किसी समझदार, सुलझे हुए और आर्थिक रूप से ठीक व्यक्ति दिखाता है, जो जमीन से जुड़ा रहता है और सामने वाले को आराम और सुरक्षा का एहसास दिलाता है।
आर्थिक जीवन के मामले में यदि आप सोच रहे हैं कि हालात कैसे रहेंगे और नाइन ऑफ वैंड्स कार्ड आता है, तो इसका मतलब है कि आपको मुश्किलों के बावजूद हिम्मत और धैर्य बनाए रखना होगा। इस समय आर्थिक परेशानी हो सकती है, लेकिन यह कार्ड कहता है कि अगर आप डटे रहेंगे और सतर्क रहेंगे, तो अपनी आर्थिक स्थिति को संभाल सकते हैं और बचा सकते हैं।
करियर के लिए सिक्स ऑफ वैंड्स बहुत अच्छा संकेत है। यह बताता है कि आपकी मेहनत का फल आपको ज़रूर मिलेगा। आप अपने साथ काम करने वालों को अच्छे से लीड कर सकते हैं और सबके लिए प्रेरणा बन सकते हैं। अगर आप अपने लक्ष्य पर लगे रहेंगे, तो आपको प्रमोशन या कोई अच्छा ऑफर मिलने वाला है। पैसों के मामले में भी यह कार्ड अचानक सफलता, पहचान या फायदा मिलने का संकेत देता है।
सेहत के लिए पेज ऑफ वैंड्स बताता है कि इस हफ्ते आपकी सेहत कुल मिलाकर अच्छी रहेगी। अगर आप किसी बीमारी या चोट से जूझ रहे हैं, तो जल्द ही आराम और ठीक होने के संकेत हैं।
भाग्यशाली फूल: पैंसी
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कुंभ राशि
प्रेम जीवन: द मून
आर्थिक जीवन: सिक्स ऑफ पेंटाकल्स
करियर: पेज ऑफ पेंटाकल्स
स्वास्थ्य: फोर ऑफ स्वॉर्ड्स
कुंभ राशि के जातकों के प्रेम जीवन की तो द मून भ्रम, इंट्यूशन, मन के डर और छुपी हुई सच्चाइयों को दिखाता है। इसका मतलब है कि इस समय भावनाएं साफ नहीं हैं और चीज़ें जैसी दिख रही हैं, वैसी हो भी सकती हैं और नहीं भी। रिश्ता गहरा और सपनों जैसा हो सकता है, लेकिन साथ ही थोड़ा उलझा हुई भी। यह कार्ड कहता है कि अपनी अंदर की आवाज पर भरोसा करें, हकीकत और कल्पना में फर्क समझें, पुराने जख्मों को भरें और सच्चाई को पहचानें। यह गुप्त रिश्ते, गहरी मानसिक कनेक्शन, छुपे डर या बार-बार दोहराए जाने वाले पैटर्न की ओर भी इशारा कर सकता है।
अगर आप आर्थिक जीवन को लेकर सोच रहे हैं कि हालात कैसे रहेंगे और आपको सिक्स ऑफ पेंटाकल्स कार्ड प्राप्त हुआ है, तो यह अच्छा संकेत है। इसका मतलब है कि पैसों के लेन-देन में संतुलन बनेगा। आपको किसी से आर्थिक मदद मिल सकती है या आप खुद किसी की मदद कर सकते हैं। यह कार्ड बराबरी, सहयोग और सही तरीके से मदद मिलने का संकेत देता है। आर्थिक स्थिति में संतुलन आएगा।
पेज ऑफ पेंटाकल्स कार्ड बताता है कि अगर आप अपने करियर को लेकर मार्गदर्शन ढूंढ रहे हैं, तो जल्द ही अच्छी खबर मिलने वाली है। इस समय समझदारी से फैसले लें, क्योंकि यही फैसले आपके बॉस और बड़े अधिकारियों के सामने आपकी अच्छी छवि बनाएंगे और करियर में आगे बढ़ने में मदद करेंगे। अगर आप नई या बेहतर नौकरी के मौके तलाश रहे हैं, तो करियर से जुड़ी कोई सकारात्मक खबर मिल सकती है। इसके लिए खुद को तैयार रखें। अगर आप नई नौकरी शुरू करने वाले हैं, तो यह कार्ड बताता है कि आपके प्रोफेशनल जीवन का एक नया अध्याय शुरू होने वाला है। प्रमोशन मिलने के भी संकेत हैं।
सेहत के मामले में फोर ऑफ स्वॉर्ड्स यह बताता है कि आपको आराम की बहुत ज़रूरत है। ज़्यादा तनाव, मानसिक थकान या बीमारी के बाद शरीर और मन को ठीक होने का समय चाहिए। थोड़ा रुकें, खुद को समय दें, ध्यान करें और सेल्फ-केयर को प्राथमिकता दें, ताकि ज़्यादा थकावट या बिगड़ती सेहत से बचा जा सके।
भाग्यशाली फूल: ऑर्किड
मीन राशि
प्रेम जीवन: द एम्परर
आर्थिक जीवन: स्ट्रेंथ
करियर: एट ऑफपेंटाकल्स
स्वास्थ्य: फोर ऑफ कप्स
मीन राशि वालों को प्रेम जीवन प्रेम जीवन द एम्परर स्थिरता, अनुशासन, जिम्मेदारी और मजबूती का प्रतीक है। यह किसी ऐसे इंसान को दिखाता है जो रिश्ता संभालता है, सुरक्षा देता है और भरोसे के साथ आगे बढ़ता है। कभी-कभी यह जरूरत से ज्यादा सख्ती या भावनाओं को खुलकर न दिखाने की ओर भी इशारा करता है। सीधा आने पर यह एक मजबूत, भरोसेमंद रिश्ता या रिश्ते में साफ दिशा और नियमों की जरूरत बताता है।
आर्थिक जीवन में स्ट्रेंथ कार्ड बताता है कि सफलता जोर-जबरदस्ती से नहीं बल्कि धैर्य, आत्म-संयम और अंदरूनी ताकत से मिलती है। यह सलाह देता है कि समझदारी से फैसले लें, जल्दबाजी से बचें और अपने डर पर काबू रखें। धीरे-धीरे लेकिन लगातार मेहनत करने से आर्थिक सुरक्षा और स्थिरता बढ़ेगी।
करियर के मामले में एट ऑफ पेंटाकल्स दिखाता है कि आप मेहनत और लगन की अहमियत समझते हैं और अपने लक्ष्य पाने के लिए पूरा प्रयास कर रहे हैं। आपकी नई टीम आपकी मेहनत की कद्र करती है। अब समय है अपनी काबिलियत खुलकर दिखाने का, क्योंकि वे जिस इंसान को ढूंढ रहे थे, वो आप ही हैं। इसमें आगे बढ़ने और तरक़्क़ी करने की बहुत संभावना है, इसे हाथ से न जाने दें। भले ही आप अपने मौजूदा काम से खुश हों, लेकिन आप और बेहतर करना चाहते हैं।
सेहत के लिए फोर ऑफ कप्स अक्सर सुस्ती, मन उदास रहना, मोटिवेशन की कमी और थकान को दिखाता है। ऐसा लग सकता है कि सेहत से जुड़े मामलों में आप फंसे हुए हैं या अच्छे मौक़े नज़रअंदाज़ हो रहे हैं। लेकिन यह कार्ड यह भी कहता है कि थोड़ा आत्म-मंथन, ध्यान और सोच-विचार करने से नजरिया बदलेगा, कृतज्ञता आएगी और सेहत में सुधार के नए रास्ते खुलेंगे।
इसी आशा के साथ कि, आपको यह लेख भी पसंद आया होगा एस्ट्रोसेज के साथ बने रहने के लिए हम आपका बहुत-बहुत धन्यवाद करते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
1. टैरो डेक में कौन सा कार्ड अपरिपक्वता से संबंधित है?
द फ़ूल
2. कौन सा टैरो कार्ड साधन संपन्नता दिखाता है?
द मैजिशियन
3. टैरो रीडर्स के लिए सबसे ज़्यादा किस स्किल की ज़रूरत होती है?
अंतर्ज्ञान और संचार
अंक ज्योतिष साप्ताहिक राशिफल: 01 से 07 मार्च, 2026 में क्या होगा खास?
कैसे जानें अपना मुख्य अंक (मूलांक)?
अंक ज्योतिष साप्ताहिक भविष्यफल जानने के लिए अंक ज्योतिष मूलांक का बड़ा महत्व है। मूलांक जातक के जीवन का महत्वपूर्ण अंक माना गया है। आपका जन्म महीने की किसी भी तारीख़ को होता है, उसको इकाई के अंक में बदलने के बाद जो अंक प्राप्त होता है, वह आपका मूलांक कहलाता है। मूलांक 1 से 9 अंक के बीच कोई भी हो सकता है, उदाहरणस्वरूप- आपका जन्म किसी महीने की 10 तारीख़ को हुआ है तो आपका मूलांक 1+0 यानी 1 होगा।
इसी प्रकार किसी भी महीने की 1 तारीख़ से लेकर 31 तारीख़ तक जन्मे लोगों के लिए 1 से 9 तक के मूलांकों की गणना की जाती है। इस प्रकार सभी जातक अपना मूलांक जानकर उसके आधार पर साप्ताहिक राशिफल जान सकते हैं।
अपनी जन्मतिथि से जानें साप्ताहिक अंक राशिफल (01 से 07 मार्च, 2026)
अंक ज्योतिष का हमारे जीवन पर सीधा प्रभाव पड़ता है क्योंकि सभी अंकों का हमारे जन्म की तारीख़ से संबंध होता है। नीचे दिए गए लेख में हमने बताया है कि हर व्यक्ति की जन्म तिथि के हिसाब से उसका एक मूलांक निर्धारित होता है और ये सभी अंक अलग-अलग ग्रहों द्वारा शासित होते हैं।
जैसे कि मूलांक 1 पर सूर्य देव का आधिपत्य है। चंद्रमा मूलांक 2 का स्वामी है। अंक 3 को देव गुरु बृहस्पति का स्वामित्व प्राप्त है, राहु अंक 4 का राजा है। अंक 5 बुध ग्रह के अधीन है। 6 अंक के राजा शुक्र देव हैं और 7 का अंक केतु ग्रह का है। शनिदेव को अंक 8 का स्वामी माना गया है। अंक 9 मंगल देव का अंक है और इन्हीं ग्रहों के परिवर्तन से जातक के जीवन में अनेक तरह के परिवर्तन होते हैं।
बृहत् कुंडलीमें छिपा है, आपके जीवन का सारा राज, जानें ग्रहों की चाल का पूरालेखा-जोखा
मूलांक 1
(अगर आपका जन्म किसी भी महीने की 1, 10, 19, 28 तारीख़ को हुआ है)
मूलांक 1 से जुड़े लोग काफी व्यवस्थित होते हैं और हर काम को प्रोफेशनल तरीके से करते हैं, जिससे इन्हें जीवन में सफलता मिलती है। इस हफ्ते आध्यात्मिक यात्रा के योग बन सकते हैं, जो आपके लिए लाभदायक साबित होंगे। साथ ही, इस सप्ताह आप अपने जीवन के अलग-अलग क्षेत्रों में कुछ नया और अलग करने कोशिश करेंगे।
प्रेम जीवन: इस सप्ताह जीवनसाथी के साथ आपका व्यवहार सहज और अच्छा रहेगा। आपसी तालमेल बढ़ेगा और बातचीत भी बेहतर होगी, जिससे चेहरे पर मुस्कान बनी रहेगी। आप अपने जीवनसाथी को ज्यादा महत्व देंगे और आप दोनों के बीच आपसी समझ व जुड़ाव और मजबूत होगा।
शिक्षा: इस हफ्ते पढ़ाई को लेकर आप सकारात्मक कदम उठाएंगे और उसे प्रोफेशनल तरीके से आगे बढ़ाएंगे। प्रतियोगी परीक्षाओं में बैठने वालों के लिए यह समय अनुकूल है और अच्छे अंक मिलने की संभावना है। आप अपनी पढ़ाई में सुधार के लिए नए प्रयास करेंगे और भविष्य को लेकर ज्यादा आशावादी रहेंगे।
पेशेवर जीवन: नौकरीपेशा लोगों के लिए यह सप्ताह अच्छा रहेगा और आप अपने काम में बेहतर प्रदर्शन करेंगे। अगर आप सरकारी क्षेत्र में हैं, तो यह समय आपके लिए सुनहरा साबित हो सकता है। निजी क्षेत्र में काम करने वालों को भी लाभ मिल सकता है। अगर आप व्यापार करते हैं तो आउटसोर्स डील्स से अच्छा मुनाफ़ा हो सकता है। नेटवर्किंग से जुड़े व्यवसाय में भी सफलता मिलने के योग हैं।
सेहत: इस सप्ताह आपकी सेहत अच्छी रहेगी और आप जोश व ऊर्जा से भरे रहेंगे। नियमित व्यायाम करने से आप खुद को और फिट महसूस करेंगे। योग करना भी आपके लिए फायदेमंद रहेगा।
उपाय: रोज़ाना “ॐ भास्कराय नमः” मंत्र का 19 बार जाप करें।
मूलांक 2
(अगर आपका जन्म किसी भी महीने की 2, 11, 20, 29 तारीख़ को हुआ है)
इस हफ्ते फैसले लेते समय आपको काफी उलझन महसूस हो सकती है, जिसकी वजह से आगे बढ़ने में रुकावट आ सकती है। इसलिए इस सप्ताह पहले से योजना बनाकर चलना जरूरी होगा और अच्छे नतीजों के लिए धैर्य भी रखना पड़ेगा।
प्रेम जीवन: इस समय जीवनसाथी के साथ बहस या तकरार होने की संभावना है, जिससे आपको बचना चाहिए। रिश्ते में मिठास बनाए रखने के लिए कुछ एडजस्टमेंट करने होंगे। इस हफ्ते रिश्ते का पुराना आकर्षण थोड़ा कम महसूस हो सकता है।
शिक्षा: पढ़ाई में ध्यान भटक सकता है और एकाग्रता की कमी रह सकती है। इसलिए आपको ज्यादा मेहनत करने की जरूरत होगी और पढ़ाई को पूरी तरह प्रोफेशनल तरीके से लेना होगा। मन में भटकाव बना रह सकता है।
पेशेवर जीवन: अगर आप नौकरी करते हैं, तो काम में अस्थिरता रह सकती है, जिससे अपने काम में आगे बढ़ना थोड़ा मुश्किल होगा। इस दौरान काम में गलती होने की संभावना भी ज़्यादा है। अगर आप बिज़नेस करते हैं, तो प्रतिस्पर्धियों के दबाव के कारण नुकसान झेलना पड़ सकता है। इस हफ्ते व्यापार में विरोधियों से सावधान रहने की ज़रूरत है।
सेहत: इस समय शारीरिक फिटनेस पर खास ध्यान देने की ज़रूरत है। खांसी या सर्दी से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं। इम्यूनिटी कमज़ोर रहने के कारण स्वास्थ्य से जुड़ी दिक्कतें बढ़ सकती हैं।
उपाय: सोमवार के दिन चंद्र ग्रह के लिए यज्ञ-हवन करें।
मूलांक 3
(अगर आपका जन्म किसी भी महीने की 3, 12, 21, 30 तारीख़ को हुआ है)
इस हफ्ते आप जरूरी फैसले लेने में ज्यादा हिम्मत दिखाएंगे, जो आपके हित में साबित होंगे। आप खुद को ज्यादा आत्मविश्वासी और संतुष्ट महसूस करेंगे। साथ ही, आपके अंदर आध्यात्मिक झुकाव भी बढ़ेगा।
प्रेम जीवन: आप अपने प्रिय के प्रति ज्यादा रोमांटिक भावनाएं दिखा पाएंगे। खुलकर बातचीत होगी, जिससे आपसी समझ बढ़ेगी। जीवनसाथी के साथ रोमांटिक माहौल और बेहतर होगा।
शिक्षा: पढ़ाई के मामले में यह सप्ताह थोड़ा उतार-चढ़ाव वाला रहेगा, लेकिन फिर भी आप प्रोफेशनल तरीके से अच्छा प्रदर्शन करेंगे। मैनेजमेंट और अकाउंटिग से जुड़ी पढ़ाई करने वालों के लिए यह समय खास तौर पर अच्छा है।
पेशेवर जीवन: इस हफ्ते आपको नई नौकरी के मौके मिल सकते हैं, जिससे मन खुश रहेगा। नई जॉब के साथ आप अपनी काबिलियत और स्किल्स को बेहतर तरीके से दिखा पाएंगे। कुछ लोगों को विदेश से जुड़े नौकरी के अवसर भी मिल सकते हैं। अगर आप व्यापार में है, तो नया बिजनेस शुरू कर सकते हैं, जिसमें अच्छा मुनाफा मिलने की संभावना है।
सेहत: इस सप्ताह आपकी शारीरिक सेहत अच्छी रहेगी। आप ऊर्जा और जोश से भरे रहेंगे। आपकी इम्यूनिटी और सहनशक्ति मज़बूत रहेगी, जिससे स्वास्थ्य पर सकारात्मक असर पड़ेगा।
उपाय: रोज़ाना “ॐ बृहस्पताये नमः” मंत्र का 21 बार जाप करें।
मूलांक 4
(अगर आपका जन्म किसी भी महीने की 4, 13, 22, 31 तारीख़ को हुआ है)
इस मूलांक के लोग इस सप्ताह घूमने-फिरने में ज्यादा रुचि दिखा सकते हैं और जीवन में थोड़ा शाही या स्टाइलिश अंदाज अपनाएंगे। इसके साथ ही आपकी रचनात्मकता भी बढ़ेगी और नए-नए विचार सामने आएंगे।
प्रेम जीवन: आप जीवनसाथी के साथ हंसी मजाक और खुशमिजाज रवैया अपनाएंगे, जिससे रिश्ते में मिठास बनी रहेगी। इससे आप दोनों के बीच अच्छा तालमेल बनेगा और जीवन स्तर में भी सकारात्मक बदलाव महसूस हो सकता है। जीवनसाथी के साथ खुशी भरे पल बिताने के योग हैं।
शिक्षा: इस समय पढ़ाई की पूरी जिम्मेदारी आप खुद संभालेंगे, चाहे सामान्य पढ़ाई हो या प्रोफेशनल स्टडीज। आप अच्छे अंक प्राप्त कर सकते हैं और अपने सहपाठियों के साथ कड़ी लेकिन स्वस्थ प्रतिस्पर्धा में आगे रहेंगे।
पेशेवर जीवन: नौकरी में आप अपने प्रदर्शन को बेहतर करेंगे और काम में आगे निकलने की स्थिति में रहेंगे। अपने काम की क्वालिटी से आप सबका ध्यान खींच पाएंगे। अगर आप बिज़नेस में हैं, तो एक सफल उद्यमी बनने के लिए आपका जोश बढ़ेगा। काम के सिलसिले में लंबी यात्राएं भी हो सकती हैं और एक से ज्यादा बिजनेस संभालने के योग भी बन रहे हैं।
सेहत: इस सप्ताह आपकी सेहत अच्छी रहेगी और आप जोश व उत्साह से भरे रहेंगे। यही सकारात्मक ऊर्जा आपको शारीरिक और मानसिक रूप से फिट रखेगी। खुशी और फिटनेस दोनों में बढ़ोतरी होगी।
उपाय: रोज़ाना “ॐ दुर्गाय नमः” मंत्र का 22 बार जाप करें।
मूलांक 5
(अगर आपका जन्म किसी भी महीने की 5, 14, 23 तारीख़ को हुआ है)
इस मूलांक से जुड़े लोग सफलता हासिल कर सकते हैं और अपने बनाए हुए नए लक्ष्य पूरे कर सकते हैं। आपके अंदर कला से जुड़ी खूबियां ज्यादा हो सकती है।
प्रेम जीवन: अपने जीवनसाथी के साथ समझ-बूझ बहुत अच्छी रहेगी। प्यार के मामले में आप बहुत खुश महसूस कर सकते हैं। साथ में अच्छा समय बिताने के मौके मिलेंगे। इस प्यार की वजह से आप दोनों के बीच रिश्ता और मजबूत होगा। आप अपने जीवनसाथी के साथ प्रेम में अच्छी मिसाल कायम कर सकते हैं।
शिक्षा: इस हफ्ते पढ़ाई में अपनी काबिलियत साबित करने का मौका मिलेगा। आपकी पढ़ाई में तेज सुधार देखने को मिल सकता है। आप पढ़ाई से जुड़े कुछ बड़े फैसले भी ले सकते हैं। प्रतियोगी परीक्षाओं में भी आप शामिल हो सकते हैं।
पेशेवर जीवन: इस सप्ताह काम में आप अच्छा प्रदर्शन करेंगे और अपनी मेहनत साबित कर पाएंगे। आप अपनी नौकरी में अपनी क्षमता को सही तरह से समझ पाएंगे। अगर आप व्यापार करते हैं, तो खुध को एक सफल कारोबारी के रूप में पेश कर पाएंगे।
सेहत: आपकी सेहत अच्छी बनी रहेगी। इसका कारण आपका आत्मविश्वास, जोश और मजबूत इरादा होगा। आपकी रोग-प्रतिरोधक क्षमता अच्छी रहेगी, जिससे आप खुद को फिट और स्वस्थ रख पाएंगे। सफल होने की दृढ़ इच्छा आपके अंदर बनी रहेगी।
उपाय: रोज़ाना 41 बार “ॐ नमो नारायण” मंत्र का जाप करें।
मूलांक 6
(अगर आपका जन्म किसी भी महीने की 6, 15, 24 तारीख़ को हुआ है)
इस मूलांक से जुड़े लोगों को रचनात्मकता, कला और दूसरी चीज़ों में सामान्य से अच्छे नतीजे मिलेंगे। इन लोगों का स्वभाव मजाकिया और हल्का-फुल्का रहने वाला हो सकता है।
प्रेम जीवन: इस हफ्ते आप अपने जीवनसाथी के साथ अपने रिश्ते को अच्छे से समझ पाएंगे और उनके साथ अच्छा तालमेल रहेगा। आपका रवैया थोड़ा सहज और आरामदायक रहेगा। आप अपने जीवनसाथी के साथ बाहर घूमने-फिरने का भी आनंद ले सकते हैं।
शिक्षा: आप पढ़ाई के कुछ ख़ास क्षेत्र में विशेषज्ञता हासिल कर सकते हैं, जैसे सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग, सॉफ्टवेयर टेस्टिंग, कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग आदि। यह सब आपके प्रोफेशनल रवैये की वजह से संभव होगा। पढ़ाई में आप एक अलग और अच्छी पहचान बना सकते हैं।
पेशेवर जीवन: नौकरी के मामले में यह हफ्ता उतार-चढ़ाव भरा सकता है, लेकिन इसके बावजूद आपको अपने काम में मनचाहा फायदा मिलेगा। अगर आप बिज़नेस करते हैं, तो आप एक मजबूत प्रतियोगी के रूप में आगे बढ़ेंगे और अच्छे मुनाफे के संकेत मिलेंगे।
सेहत: इस हफ्ते सेहत पहले से बेहतर रहेगी। आपकी रोग-प्रतिरोधक क्षमता मज़बूत रहेगी, जिससे आप खुद को ज़्यादा ऊर्जावान महसूस करेंगे। सकारात्मक सोच के कारण आपकी सेहत और भी मजबूत होगी।
उपाय: रोज़ाना 33 बार “ॐ शुक्राय नमः” मंत्र का जाप करें।
(अगर आपका जन्म किसी भी महीने की 7, 16, 25 तारीख़ को हुआ है)
इस मूलांक में जन्मे लोगों के अंदर रहस्यमयी शक्तियां हो सकती हैं और वे उनका इस्तेमाल आगे बढ़ने और ज्यादा सफलता पाने के लिए कर सकते हैं। ऐसे लोग आध्यात्मिक कारणों से यात्रा भी कर सकते हैं।
प्रेम जीवन: इस हफ्ते जीवनसाथी के साथ पहले जैसी मधुरता महसूस नहीं हो पाएगी, क्योंकि विचारों में मतभेद हो सकते हैं। ऐसे में आपको समझौता करके हालात के साथ चलना होगा।
शिक्षा: इस हफ्ते पढ़ाई में ध्यान लगाने में परेशानी आ सकती है। चीज़ें याद रखने की क्षमता थोड़ी कम रह सकती है, इसलिए आपको इस पर काम करने की जरूरत होगी।
पेशेवर जीवन: इस हफ्ते काम में सफलता पाने के लिए आपको सही योजना बनाकर कदम उठाने होंगे। नौकरी में सतर्क रहने की जरूरत है। अगर आप व्यापार करते हैं, तो मुनाफे को लेकर सावधान रहें, क्योंकि उम्मीद के मुताबिक लाभ नहीं मिल सकता है।
सेहत: शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता कमज़ोर रह सकती है, जिससे त्वचा से जुड़ी परेशानियां या एलर्जी हो सकती है। आपको अपनी सेहत का खास ध्यान रखने की ज़रूरत है।
उपाय: रोज़ाना 41 बार “ॐ गणेशाय नमः” मंत्र का जाप करें।
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मूलांक 8
(अगर आपका जन्म किसी भी महीने की 8, 17, 26 तारीख़ को हुआ है)
इस मूलांक से जुड़े लोग काम को लेकर जरूरत से ज्यादा गंभीर और मेहनती होते हैं। ये लोग काम में इतने व्यस्त रहते हैं कि परिवार और दूसरी गतिविधियों के लिए समय कम निकाल पाते हैं।
प्रेम जीवन: इस हफ्ते जीवनसाथी के साथ समय का पूरा आनंद नहीं ले पाएंगे। इसका कारण आपसी तालमेल की कमी हो सकती है। आपको इस पर ध्यान देने और सुधार करने की जरूरत है। जीवनसाथी के साथ भावनात्मक तनाव भी हो सकता है।
शिक्षा: इस हफ्ते पढ़ाई से मनचाहे नतीजे नहीं मिलेंगे। आपका प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहेगा। पढ़ाई को लेकर प्रोफेशनल रवैया थोड़ा कम हो सकता है और आपका मन पढ़ाई से हट सकता है।
पेशेवर जीवन: अगर आप नौकरी करते हैं, तो काम का दबाव ज़्यादा रहेगा, जिससे आपका प्रदर्शन प्रभावित हो सकता है। बेहतर मौके के लिए नौकरी बदलने का विचार भी आ सकता है। अगर आप व्यापार में हैं, तो प्रतिस्पर्धियों से मुकाबला करना थोड़ा मुश्किल हो सकता है।
सेहत: इस हफ्ते जांघों में दर्द की समस्या रह सकती है, जिससे आप फुर्ती और उत्साह महसूस नहीं करेंगे। खुद को बेहतर रखने के लिए जोश और ऊर्जा बढ़ाने की ज़रूरत है।
उपाय: रोज़ाना 11 बार “ॐ हनुमते नमः” मंत्र का जाप करें।
(अगर आपका जन्म किसी भी महीने की 9, 18, 27 तारीख़ को हुआ है)
मूलांक 9 वाले जन्मे लोग जिंदगी में काफी निडर और साहसी होते हैं। ये लोग आमतौर पर हर स्थिति में पॉजिटिव सोच बनाए रखने की कोशिश करते हैं और लोगों के बीच अपनी एक अच्छी छवि बना लेते हैं।
प्रेम जीवन: इस समय जीवनसाथी के साथ रिश्ता न बहुत अच्छा और न बहुत खराब रह सकता है। परिवार से जुड़ी कुछ समस्याएं आपके रिश्ते पर असर डाल सकती हैं।
शिक्षा: इस हफ्ते पढ़ाई में लगातार अच्छा प्रदर्शन कर पाना थोड़ा मुश्लिक हो सकता है। मन भटक सकता है इसलिए ज्यादा नंबर लाना आसान नहीं रहने की संभावना है। आपको ध्यान और एकाग्रता बढ़ाने की जरूरत है।
पेशेवर जीवन: कामकाज के मामले में यह समय थोड़ा दबाव वाला रह सकता है। काम में मनचाहा रिजल्ट नहीं मिल पाएगा और तनाव भी ज्यादा महसूस हो सकता है। अगर आप बिज़नेस करते हैं तो इस समय न तो ज्यादा पहचान मिलेगी और न ही खास मुनाफा हो पाएगा।
सेहत: इस हफ्ते थोड़ी कमजोर रह सकती है। तेज सिरदर्द होने की संभावना है, जिसे रहना मुश्किल लग सकता है। ऐसे में ध्यान (मेडिटेशन) करना आपके लिए फायदेमंद रहेगा।
उपाय: रोज़ाना “ॐ भौमाय नमः” मंत्र का 27 बार जाप करें।
इसी आशा के साथ कि, आपको यह लेख भी पसंद आया होगा एस्ट्रोसेज के साथ बने रहने के लिए हम आपका बहुत-बहुत धन्यवाद करते हैं।
अक्सर पूछे जानें वाले प्रश्न
1- यह अंक ज्योतिष साप्ताहिक राशिफल किसके लिए है?
यह राशिफल उन सभी लोगों के लिए है, जो अपनी जन्म तारीख के आधार पर मूलांक निकालकर भविष्य जानना चाहते हैं।
2- अपना मूलांक कैसे जानें?
अपनी जन्म तारीख के अंकों को जोड़ दें। जैसे: अगर जन्म 23 तारीख को हुआ है, 2 + 3 = 5, यानी आपका मूलांक 5 है।
3- यह राशिफल किस समय अवधि के लिए है?
यह राशिफल 01 मार्च से 07 मार्च 2026 तक के पूरे सप्ताह के लिए है।
बुध कुंभ राशि में अस्त, जानें किन राशि वालों को होगा फायदा!
बुध कुंभ राशि में अस्त: वैदिक ज्योतिष में बुध ग्रह को विचारों, संवाद, बुद्धि और निर्णय क्षमता में नई ऊर्जा और विस्तार का कारक माना गया है। कुंभ शनि ग्रह की राशि है और अब बुध शनि की राशि कुंभ में अस्त होने जा रहे हैं। बुध कुंभ राशि में अस्त होने पर व्यक्ति की सोचने और समझने की क्षमता प्रभावित होती है। जब बुध कुंभ राशि में सूर्य के अत्यधिक नज़दीक होकर अस्त हो जाता है, तब उसके स्वाभाविक फल कुछ समय के लिए कमजोर हो जाते हैं। बुध के अस्त होने का प्रभाव लोगों के व्यक्तिगत जीवन, सामाजिक और तकनीकी क्षेत्रों पर देखने को मिलता है।
बुध कुंभ राशि में अस्त होने के दौरान लोगों की निर्णय लेने की क्षमता कमजोर हो कसती है और उन्हें फैसला लेने में भ्रम या देरी का सामना करना पड़ सकता है। ये अपनी बात या विचारों को ठीक तरह से नहीं रख पाते हैं और इनके रिश्तों में इसकी वजह से गलतफहमियां होने का डर रहता है। ऐसे में लोगों को अपनी योजनाओं पर काम करने में बाधाओं का सामना करना पड़ सकता है।
जब बुध कुंभ राशि में अस्त होता है, तब विचारों में स्पष्टता की कमी देखी जा सकती है। तकनीक, सोशल मीडिया या ग्रुप कम्युनिकेशन में गलतफहमियां उत्पन्न होने का डर रहता है। दोस्तों के बीच या नेटवर्किंग में अहम का टकराव हो सकता है। आईटी, मीडिया, मार्केटिंग, लेखन और शिक्षा के क्षेत्र में काम करने वाले लोगों के कार्यों में देरी आ सकती है।
इन्हें नई डील आदि में अधिक सावधानी बरतने की आवश्यकता होती है। इस दौरान लोग बातों को दिल से लगा सकते हैं, तर्क-वितर्क अधिक हो सकता है और पुराने मुद्दे फिर से उभर सकते हैं। यह पुराने विचारों पर फिर से सोचने के लिए अच्छा समय होता है। इसके अलावा रिसर्च, प्लानिंग और रणनीति बनाने के लिए भी अनुकूल समय है।
एस्ट्रोसेज एआई के इस ब्लॉग में हम जानेंगे कि बुध कुंभ राशि में अस्त होने का आपकी 12 राशियों पर प्रेम, करियर, धन, शिक्षा, स्वास्थ्य और परिवार को कैसे प्रभावित करेगा, और कौन से उपाय इस समय को और शुभ बना सकते हैं। तो आइए शुरुआत करते हैं, सबसे पहले जानते हैं बुध के अस्त होने की तिथि और समय क्या हैं।
AstroSage AI पॉडकास्ट सुनें – यहां आपको मिलेंगे ज्योतिष, जीवन के रहस्य, किस्मत के संकेत और AI द्वारा बताए गए सटीक ज्योतिषीय समाधान। अपनी ज़िंदगी के अहम सवालों के जवाब अब आवाज़ में, आसान भाषा में।
बुध कुंभ राशि में अस्त: समय और तिथि
ज्योतिष में बुद्धि, वाणी, तर्क, गणित, संचार, शिक्षा और व्यापार के कारक ग्रह बुध वर्ष 2026 में 28 फरवरी की रात 10 बजकर 09 मिनट पर वक्री अवस्था में कुंभ राशि में अस्त हो जाएंगे और यह अवस्था 13 मार्च 2026 तक रहेगी।
वैदिक ज्योतिष में बुध ग्रह का महत्व
ज्योतिष में बुध ग्रह को बुद्धि, तर्क, संवाद, शिक्षा, व्यापार, विश्लेषण क्षमता और मानसिक स्पष्टता का कारक माना जाता है। हम किस तरह से सोचते और समझते हैं, हमारा निर्णय लेने का कौशल, बोलने का ढंग और लोगों से जुड़ने के तरीके पर बुध ग्रह का प्रभाव पड़ता है। बुध लेखन, भाषण, गणित, तकनीक, अकाउंट्स, मैनेजमेंट और व्यापारिक कौशल को मजबूत बनाता है और जीवन में व्यवस्था, विवेक और सूझ-बूझ प्रदान करता है।
कुंडली में मजबूत बुध व्यक्ति को तेज दिमाग, तार्किक सोच, स्पष्ट संवाद, अच्छी शिक्षा, सफल व्यवसाय और सटीक निर्णय लेने की क्षमता प्रदान करता है। वहीं कुंडली में बुध के कमजोर होने पर भ्रम, तनाव, गलत निर्णय, संचार में बाधा, पढ़ाई में कठिनाई, घबराटह, धोखे या व्यापार में नुकसान जैसी समस्याएं पैदा कर सकता है।
बुध पहले भाव में होने पर व्यक्ति को तेज दिमाग, तार्किक सोच, आकर्षक व्यक्तित्व, अच्छा संवाद और विश्लेषण करने की क्षमता प्रदान करता है।
बृहत् कुंडली में छिपा है, आपके जीवन का सारा राज, जानें ग्रहों की चाल का पूरा लेखा-जोखा
दूसरा भाव
दूसरे भाव में बुध मधुर वाणी, धन अर्जन करने की क्षमता और परिवार में सामंजस्य बढ़ाता है। ऐसे में व्यापार-बुद्धि और वित्तीय प्रबंधन में भी खूब लाभ मिलता है।
तीसरे भाव
इस भाव में बुध व्यक्ति को बात करने में कुशल, बहादुर, निर्णय लेने में सक्षम और तकनीकी रूप से सक्षम बनाता है। लेखन, मीडिया, विज्ञापन और डिजिटल क्षेत्रों में सफलता देता है।
चौथा भाव
चौथे भाव में बुध शिक्षा, संपत्ति के निर्णय, मानसिक शांति और वाहन-संबंधी लाभ देता है। माँ के साथ संबंध बेहतर होते हैं, और व्यक्ति विश्लेषण और ज्ञान में गहरा हो जाता है।
पंचम भाव में बुध उत्कृष्ट बुद्धि, तेज दिमाग, गणित, तर्क, विश्लेषण और रचनात्मक सोच देता है। इन्हें पढ़ाई, प्रतियोगी परीक्षा, लेखन और निवेश में सफलता मिलती है।
छठा भाव
छठे भाव का बुध व्यक्ति को समस्या-समाधान में विशेषज्ञ, रणनीतिक और व्यावहारिक बनाता है। कानूनी मामलों, प्रतियोगिता, ऋण प्रबंधन और नौकरी में सफलता की संभावना बढ़ती है।
सातवां भाव
सातवें भाव में बुध के होने पर विवाह में सामंजस्य और व्यापार में चतुराई बढ़ती है, पर कभी-कभी ओवरथिंकिंग की समस्या भी हो सकती है।
आठवां भाव
इस भाव में बुध ज्योतिष, शोध, विश्लेषण, रहस्य, मनोविज्ञान और गहन अध्ययन की ओर झुकाव बढ़ाता है।
नौवें भाव में बुध के होने पर उच्च शिक्षा, यात्रा में सफलता, ज्ञान, दर्शन और भाग्य को मजबूती मिलती है। इस भाव में होने पर बुध अध्यापन, लेखन, धर्मशास्त्र और कंसल्टिंग में सफलता देता है।
दसवां भाव
यहां बुध व्यक्ति को सफल प्रोफेशनल, मैनेजर, वक्ता, लेखक, व्यापारी, कंसल्टेंट और टेक या संचार क्षेत्र में उन्नति देता है। करियर में तेज प्रगति और बुद्धिमत्ता का सम्मान मिलता है।
ग्यारहवें भाव
कुंडली के ग्यारहवें भाव में बुध आमदनी, नेटवर्किंग, बड़े अवसर, व्यापर के विस्तार और सामाजिक पहचान में लाभ दिलाता है।
बारहवें भाव
बारहवें भाव का बुध ध्यान, मनोविज्ञान, इंटर्नल कार्यों और विदेशों से लाभ देता है। लेकिन ओवरथिंकिंग और मानसिक थकान भी दे सकता है।
बुध ग्रह को मजबूत करने के ज्योतिषीय उपाय
अगर आप बुध कुंभ राशि में अस्त के दौरान मिलने वाले दुष्प्रभावों को कम करना चाहते हैं, तो निम्न उपाय कर सकते हैं:
रोज़ या कम से कम बुधवार के दिन “ॐ गं गणपतये नमः” का जप करें। ऐसा करने से बुध की नकारात्मक ऊर्जा शांत होती है और बुद्धि, निर्णय शक्ति व बातचीत करने का तरीका बेहतर होता है।
नियमित रूप से “ॐ ब्रां ब्रीं ब्रौं सः बुधाय नमः” का 108 बार जाप करें। इस उपाय को करने से दिमाग तेज होता है, बोलने में स्पष्टता आती है और काम में फोकस बढ़ता है।
बुध ग्रह को शांत और मजबूत करने के लिए बुधवार के दिन हरी मूंग का दान करें। इससे बुध दोष काफी हद तक कम हो जाता है।
बुध ग्रह को हरा रंग समर्पित है इसलिए बुधवार के दिन हरे रंग के कपड़े पहनें, हरा रुमाल रखें या हरी कलम का उपयोग करें। ऐसा करने से अटके हुए काम पूरे हो सकते हैं।
बुध के दोष को कम करने के लिए बुधवार को छोटी बच्चियों को मिठाई या हरी टॉफी देना बेहद शुभ माना गया है। इससे बुध ग्रह तुरंत पॉजिटिव प्रतिक्रिया देता है।
बुध को मजबूती देने के लिए रोज एक तुलसी के पत्ते का सेवन करें। ऐसा करने से दिमाग शांत रहता है, तनाव कम होता है और संचार कौशल बढ़ता है।
हम उम्मीद करते हैं कि आपको हमारा यह लेख ज़रूर पसंद आया होगा। अगर ऐसा है तो आप इसे अपने अन्य शुभचिंतकों के साथ ज़रूर साझा करें। धन्यवाद!
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
1. बुध ग्रह किन राशियों के स्वामी हैं?
कन्या और मिथुन राशि।
2. ग्रह अस्त कब होता है?
सूर्य के बहुत नज़दीक जाने पर।
3. कुंभ राशि के स्वामी कौन हैं?
शनि ग्रह।
मासिक अंक फल मार्च 2026: इस महीने किसे होगा फायदा?
एस्ट्रोसेज एआई का यह विशेष ब्लॉग आपके मासिक अंकफल 2026 के माध्यम से मार्च महीने के लिए मूलांक 1 से लेकर 9 तक की संपूर्ण भविष्यवाणी दे रहा है। मासिक अंक फल मार्च 2026 के अंक भविष्यफल में हम जानेंगे कि मूलांक 1 से लेकर 9 तक के लोगों के लिए मार्च 2026 का महीना कैसा रहने वाला है?
अंक ज्योतिष के अनुसार मार्च का महीना साल का तीसरा महीना होता है और इस वजह से यह माह अंक 3 का विशेष प्रभाव लिए हुए होता है। यानी कि इस महीने पर बृहस्पति ग्रह का विशेष प्रभाव रहता है। साथ ही साथ साल 2026 जिसका टोटल 1 होता है उसका भी प्रभाव इस महीने पर रहेगा। यानी कि इस महीने पर मुख्य रूप से अंक 3 और 1 का प्रभाव रहेगा।
साथ ही साथ 3 और 1 को मिलाकर देखा जाए तो अंक चार बन रहा है। अतः बृहस्पति और सूर्य के प्रबल प्रभाव के साथ-साथ राहु का प्रभाव भी इस महीने पर रहने वाला है।
हालांकि, मूलांक के अनुसार अलग-अलग लोगों पर बृहस्पति, सूर्य और राहु का अलग-अलग प्रभाव रहेगा लेकिन मार्च 2026 का महीना सामान्य तौर पर आर्थिक व्यवस्था/अव्यवस्था, शिक्षा तकनीक, कहीं-कहीं पर उल्लेखनीय साइबर फ्रॉड आदि के लिए जाना जा सकता है। किसी वरिष्ठ राजनेता, धार्मिक व्यक्ति या फिर शिक्षाविद् से संबंधित चर्चाओं के लिए भी इस महीने को जाना जा सकता है। आइए जानते हैं कि आपके मूलांक के लिए मार्च 2026 का महीना कैसे परिणाम दे सकता है। यानी कि मार्च 2026 आपके लिए किस तरह के परिणाम लेकर आ रहा है।
यदि आपका जन्म किसी भी महीने की 1, 10, 19 अथवा 28 तारीख को हुआ है तो आपका मूलांक 1 होगा और मूलांक 1 के लिए मार्च 2026 का महीना क्रमशः 5, 1, 3, 4, 3 और 9 अंकों का प्रभाव देना चाह रहा है। क्योंकि इस महीने आप पर किसी भी अंक का नकारात्मक प्रभाव नहीं है बल्कि कुछ अंक पूरी तरह से आपके समर्थन में नज़र आ रहे हैं। तो वहीं कुछ अंक औसत लेवल के परिणाम देना चाह रहे हैं। क्योंकि इस महीने पर सबसे अधिक अंक 5 का प्रभाव रहेगा।
ऐसे में यह महीना आपके जीवन को संतुलित करने का काम कर सकता है। इस महीने कुछ सकारात्मक बदलाव भी हो सकते हैं। खासतौर पर व्यापार व्यवसाय में आप आंशिक या फिर पूरी तरह से चेंज कर सकते हैं। घूमने-फिरने के लिए साथ ही साथ हर तरह की यात्राओं के लिए यह महीना काफी अच्छे परिणाम दे सकता है। यह महीना खुद को और अधिक विस्तार देने के लिए जाना जा सकता है। दूर से संबंधित मामलों में भी यह महीना अपने लेवल पर आपको काफी अच्छे परिणाम दे सकता है। क्योंकि यह महीना घूमने-फिरने के भी मौके दे रहा है।
साथ ही साथ व्यापार व्यवसाय के भी मौके दे रहा है। अब क्योंकि दोनों चीजे सामान्य तौर पर एक साथ नहीं हो सकती हैं। ऐसे में फैसला आपके हाथों में होगा कि आप किसे प्राथमिकता देते हैं। आप घूमने-फिरने को प्राथमिकता देते हैं या फिर काम पर और अधिक फोकस बनाकर बेहतर परिणाम प्राप्त करने को प्राथमिकता देते हैं। तमाम अनुकूलताओं के बाद अंक 9 की उपस्थिति कभी कभार क्रोध दे सकती है। वहीं अंक 4 की उपस्थिति कभी-कभी गलतफहमी दे सकती है। अतः बेवजह के क्रोध और बेवजह की गलतफहमी से बचेंगे तो परिणाम और भी अच्छे रहेंगे।
उपाय: नियमित रूप से गणेश जी की पूजा अर्चना करना शुभ रहेगा।
मूलांक 2
यदि आपका जन्म किसी भी महीने की 2, 11, 20 अथवा 29 तारीख को हुआ है तो आपका मूलांक 2 होगा और मूलांक 2 के लिए मार्च 2026 का महीना क्रमशः 6, 1, 3, 4, 3 और 9 अंकों का प्रभाव देना चाह रहा है। यानी कि इस महीने अंक 9 की ऊर्जा कुछ कुछ असंतुलन दे सकती है लेकिन क्योंकि अंक 9 का प्रभाव बहुत अधिक नहीं रहेगा।
सबसे अधिक प्रभाव अंक 6 का रहेगा जो सामान्य तौर पर आपको औसत से बेहतर लेवल के परिणाम दे सकता है। या यूं कहें कि काफी हद तक अनुकूल परिणाम दे सकती है। अंक 1 भी सामान्य तौर पर आपका फ़ेवर करना चाहेगा। इसी तरह 4 और 3 से भी जहां तक हो सकेगा आपको लाभ मिलेगा।
कहने का तात्पर्य है कि अंक 9 फेवर में नहीं है। बाकी के अंक या तो फ़ेवर में हैं या फिर तटस्थ हैं। ऐसे में यह महीना आपको घर गृहस्थी से संबंधित मामलों में अच्छे परिणाम दे सकता है। युवा लोगों को यह महीना काफी आनंद दे सकता है। न केवल घूमने-फिरने और मनोरंजन के मामले में यह महीना मददगार हो सकता है बल्कि उनकी लव लाइफ के लिए] उनके रोमांस के लिए साथ-साथ दांपत्य जीवन के लिए भी यह महीना काफी अच्छे परिणाम दे सकता है। घर को सजाने और संवारने में भी यह महीना आपको अच्छा सपोर्ट कर सकता है।
अर्थव्यवस्था के लिए भी यह महीना सामान्य तौर पर अनुकूल परिणाम देना चाह रहा है। शासन प्रशासन के मामले में लापरवाही न बरतने की स्थिति में अच्छे परिणाम मिल सकेंगे लेकिन क्रोध के चलते कुछ काम बिगड़ सकते हैं। इसलिए इस महीने क्रोध पर पूरी तरह से नियंत्रण पाने की कोशिश करनी है। यद्यपि क्रोध पर नियंत्रण पाना अधिक कठिन नहीं रहेगा लेकिन फिर भी उसके लिए प्रयास करना पड़ेगा। बेवजह जज्बाती होने से बचने की सलाह भी आपको दी जाती है।
उपाय: कन्याओं का पूजन कर उनका आशीर्वाद लेना शुभ रहेगा।
बृहत् कुंडली में छिपा है, आपके जीवन का सारा राज, जानें ग्रहों की चाल का पूरा लेखा-जोखा
मूलांक 3
अगर आपका जन्म किसी भी महीने की 3, 12, 21 अथवा 30 तारीख को हुआ है तो आपका मूलांक 3 होगा और मूलांक 3 के लिए मार्च 2026 का महीना क्रमशः 7, 1, 3, 4, 3 और 9 अंकों का प्रभाव देना चाह रहा है। यानी इस महीने की सबसे खूबसूरत बात रहेगी कि कोई भी अंक इस महीने आपके विरोध में नहीं है लेकिन अंक 1 और 4 खुलकर कोई बड़ा सपोर्ट भी नहीं करेंगे। उस पर भी अनुकूल बात यह रहेगी कि ये आपका विरोध भी नहीं करेंगे बल्कि अंक 1 अपने लेवल पर आपको सपोर्ट ही देगा।
तो इस तरह से यह महीना आपको सामान्य तौर पर अच्छे परिणाम देना चाहेगा या महीना आपको सही और गलत व्यक्ति की पहचान करवाने में मददगार बन सकता है। ऐसा भी हो सकता है कि कुछ मामलों में आपको थोड़ा सा नुकसान भी हो लेकिन उस मामले में आपको जो ज्ञान मिलेगा वह आने वाले समय में आपको बड़ा लाभ पहुंचाएगा। धर्म और आध्यात्म के दृष्टिकोण से भी इस महीने को काफी अच्छा कहा जाएगा। यदि आप अपने टारगेट को अचीव करना चाह रहे हैं तो अपने टारगेट पर पूरा फोकस करें और जागरूक भी बने रहें। क्योंकि जागरूकता आपके करियर में अच्छी कामयाबी दिला सकती है।
पारिवारिक मामले में या महीना सामान्य तौर पर ठीक रहेगा लेकिन आर्थिक मामले में रिस्क लेना ठीक नहीं रहेगा। पारिवारिक मामले में भी सामने वाले लोगों से कोई उम्मीद रखना ठीक नहीं रहेगी। यदि आप निस्वार्थ भाव से अपना कर्तव्य निभाएंगे तो आपको ज्यादा आनंद आएगा।
उपाय: मंदिर में चने की दाल का दान करना शुभ रहेगा।
AstroSage AI पॉडकास्ट सुनें – यहां आपको मिलेंगे ज्योतिष, जीवन के रहस्य, किस्मत के संकेत और AI द्वारा बताए गए सटीक ज्योतिषीय समाधान। अपनी ज़िंदगी के अहम सवालों के जवाब अब आवाज़ में, आसान भाषा में।
मूलांक 4
यदि आपका जन्म किसी भी महीने की 4, 13, 22 अथवा 31 तारीख को हुआ है तो आपका मूलांक 4 होगा और मूलांक 4 के लिए मार्च 2026 का महीना क्रमशः 8, 1, 3, 4, 3 और 9 अंकों का प्रभाव देना चाह रहा है। यानी कि यह महीना अंको से कोई विशेष सहयोग दिलवाने में पीछे रह सकता है। ऊपर से सबसे ज्यादा प्रभाव डालने वाला अंक 8 आपके सपोर्ट में नज़र नहीं आ रहा है। इसलिए इस महीने कई मामलों में अपेक्षाकृत अधिक मेहनत करनी पड़ सकती है। विशेषकर आर्थिक मामले में इस महीने बहुत ही सूझबूझ से काम लेने की जरूरत रहेगी।
यदि आपने किसी को उधार के रूप में कुछ पैसे दे रखे हैं तो इस महीने उस पर बहुत ज्यादा प्रेशर बनाना ठीक नहीं रहेगा। तात्कालिक रूप से स्थिति परिस्थिति को ध्यान रखते हुए उचित मात्रा में दबाव बनाना ही ठीक रहेगा। व्यापार व्यवसाय में कुछ नया प्रयोग करने की इच्छा रह सकती है लेकिन उस मामले में भी वर्तमान स्थिति स्थिति को ध्यान में रखना जरूरी रहेगा। यदि बहुत अधिक आवश्यक न हो तो कोई नया प्रयोग या कोई नया बदलाव करना ठीक नहीं रहेगा। जो जैसा चल रहा है उसको वैसे ही मेंटेन करें।
आने वाले समय में विशेषकर एक दो महीनों के बाद आप तमाम नए प्रयोग कर सकते हैं। उनमें आपको सफलता भी मिल सकेगी लेकिन फिलहाल धैर्य के साथ चीजों को मेंटेन करना ही समझदारी का काम होगा।
यदि आपका जन्म किसी भी महीने की 5, 14 अथवा 23 तारीख को हुआ है तो आपका मूलांक 5 होगा और मूलांक 5 के लिए मार्च 2026 का महीना क्रमशः 9, 1, 3, 4, 3 और 9 अंकों का प्रभाव देना चाह रहा है। इस महीने आप पर सबसे अधिक प्रभाव डालने वाला अंक 9 आपके समर्थन में नजर नहीं आ रहा है लेकिन बाकी के अंक आपके सपोर्ट में प्रतीत हो रहे हैं। इसलिए कुछ तो परेशानियां रहेंगी लेकिन पुराने अनुभव बड़े काम आएंगे। ऐसे लोग जो आपसे अपनत्व का दिखावा भले न करते हों लेकिन आप जानते हों कि वो वास्तव में आपके वेलविशर हैं। उनके साथ संबंधों को मेंटेन करके चलना जरूरी रहेगा। ऐसे संबंध जो जेनुइन थे लेकिन किसी कारण से उन पर धूल जम गई थी, उन्हें फिर से जगाना समझदारी का काम होगा।
इस महीने अधूरे पड़े हुए कामों को पूरा करने के लिए पूरी ताकत लगा देना भी जरूरी रहेगा। जिससे आने वाले समय में आप नई जिम्मेदारियां को उठाने के लिए स्वयं को तैयार कर सकें। क्योंकि यह महीना छोटे-मोटे विवाद देने का काम कर सकता है। बेवजह का क्रोध और बेवजह का झगड़ा ठीक नहीं रहेगा। बेहतर होगा अपने अंदर के जोश और ताकत को कामों में लगाकर उन्हें कंप्लीट किया जाए न कि विवाद किया जाए।
उपाय: नियमित रूप से हनुमान चालीसा का पाठ करना हितकारी सिद्ध होगा।
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मूलांक 6
यदि आपका जन्म किसी भी महीने की 6, 15 अथवा 24 तारीख को हुआ है तो आपका मूलांक 6 होगा और मूलांक 6 के लिए मार्च 2026 का महीना क्रमशः 1, 1, 3, 4, 3 और 9 अंकों का प्रभाव देना चाह रहा है। इस महीने कोई भी अंक बहुत अधिक सपोर्ट करता हुआ नहीं लग रहा है लेकिन अंक 9 विरोध में नज़र आ रहा है। इसलिए इस महीने का सबसे वीक पॉइंट आपका गुस्सा रह सकता है। बेहतर होगा गुस्से से बचें। साथ ही साथ भाई बंधु और पड़ोसियों के साथ अपने लेवल पर संबंधों को मेंटेन करने की कोशिश करें। अच्छे संबंध रखने का प्रयास करें। शासन प्रशासन के साथ यदि किसी तरीके का कोई मामला चल रहा है और उसमें कोई निर्णय या फैसला आने वाला है तो किसी मध्यस्थ की मदद से आप उस पर काम करके उसे फैसले का रुख अपनी तरफ कर सकेंगे।
बेवजह की अकड़ या ईगो दिखाने की स्थिति में चीजें खराब हो सकती हैं। हालांकि इस महीने कुछ नया करने का मौका मिल सकता है लेकिन उसके लिए पहले से ही पूरी तरह से तैयार रहना जरूरी रहेगा। पिता और पिता तुल्य व्यक्तियों का मार्गदर्शन तथा सपोर्ट आपके लिए हितकारी रहेगा। अतः ऐसे लोगों से न केवल संबंधों को मेंटेन करना है बल्कि उनका मार्गदर्शन लेने का प्रयास भी करना है।
उपाय: स्नान आदि से निवृत्त होकर सूर्य भगवान को कुमकुम मिला हुआ जल चढ़ाएं।
यदि आपका जन्म किसी भी महीने की 7, 16 अथवा 25 तारीख को हुआ है तो आपका मूलांक 7 होगा और मूलांक 7 के लिए मार्च 2026 का महीना क्रमशः 2, 1, 3, 4, 3 और 9 अंकों का प्रभाव देना चाह रहा है। इस महीने सबसे अधिक प्रभाव डालने वाला अंक 2 आपके सपोर्ट में नज़र नहीं आ रहा है। साथ ही साथ सबसे कम प्रभावी अंक 9 भी सपोर्ट में नहीं है लेकिन बाकी के अंक सपोर्ट में हैं या फिर औसत स्तर के परिणाम देना चाह रहे हैं। क्योंकि इस महीने अंक 3 दो बार रिपीट हो रहा है और 3 आपकी फेवर में भी है। इसलिए चीजें खराब नहीं होंगी लेकिन कठिनाईयों से रूबरू होना पड़ सकता है। यह महीना संबंधों को मेंटेन करने के लिए जाना जा सकता है। यानी कि इस महीने संबंध थोड़े से उतार-चढ़ाव भरे रह सकते हैं। जिन्हें सहेजना जरूरी रहेगा।
यदि आप साझेदारी में काम करते हैं तो पार्टनर के साथ भी संबंधों को मेंटेन करना जरूरी रहेगा। इस महीने धैर्य की बहुत जरूरत रहेगी। आप आस्थावान हैं इसलिए भावनाओं को अधिक महत्व देते हैं, यह एक अच्छी बात है लेकिन कुछ मामलों में प्रैक्टिकल होकर निर्णय लेने की स्थिति में ज्यादा अच्छा रहेगा। बेवजह का क्रोध और भावनाओं में बहना नुकसान दे सकता है। अतः इनसे बचें।
यदि आपका जन्म किसी भी महीने की 8, 17 अथवा 26 तारीख को हुआ है तो आपका मूलांक 8 होगा और मूलांक 8 के लिए मार्च 2026 का महीना क्रमशः 3, 1, 3, 4, 3 और 9 अंकों का प्रभाव देना चाह रहा है। इस महीने आप पर सबसे अधिक प्रभाव डालने वाला अंक 3 आपके सपोर्ट में नज़र आ रहा है। क्योंकि अंक 3 तीन बार रिपीट हो रहा है और वह आपके सपोर्ट में है। इसलिए यह महीना सामान्य तौर पर अच्छे परिणाम देना चाहेगा लेकिन 1 और 4 आपके सपोर्ट में नहीं हैं बल्कि आपका विरोध कर सकते हैं। इसलिए इस महीने शासन प्रशासन से संबंधित मामलों में बहुत सावधानी से निर्वाह करना है।
वरिष्ठों के साथ आपके संबंध खराब न होने पाएं, इस बात की कोशिश करनी है। आपकी कुछ काम गलतफहमियों के चलते भी बाधित रह सकते हैं। इसलिए गलतफहमियों से बचने की सलाह भी हम आपको देंगे। यदि आप ऐसा करते हैं, साथ ही साथ बड़े बुजुर्गों का मार्गदर्शन प्राप्त करते हैं और अपने पुराने अनुभवों से सीखते हुए कोई निर्णय लेते हैं तो अंक 3 का सपोर्ट मिलेगा और आप काफी अच्छे परिणाम प्राप्त कर सकेंगे।
सोशल एक्टिविटीज के लिए भी यह महीना काफी अच्छी परिणाम दे सकता है। यदि आप क्रिएटिव कामों से जुड़े हुए हैं तो उसमें भी आपको अच्छा लाभ मिल सकता है। भाईयों और मित्रों का अच्छा सहयोग भी आपको मिल सकता है। यानी कि यह महीना ज्यादातर मामलों में अच्छे परिणाम देना चाह रहा है। बस कुछ सावधानियां जरूरी रहेंगी। उन सावधानियां को अपनाने की स्थिति में आपको काफी अच्छे परिणाम मिल सकते हैं।
यदि आपका जन्म किसी भी महीने की 9, 18 अथवा 27 तारीख को हुआ है तो आपका मूलांक 9 होगा और मूलांक 9 के लिए मार्च 2026 का महीना क्रमशः 4, 1, 3, 4, 3 और 9 अंकों का प्रभाव देना चाह रहा है। इस महीने अंक 9 को छोड़कर बाकी के सभी अंक आपके लिए एवरेज लेवल के परिणाम दे सकते हैं। इसलिए इस महीने आपको कड़ी मेहनत करन के लिए तैयार रहना चाहिए। वैसे भी अंक 4 परिश्रम मांगता है। क्योंकि यह अपने स्वभाव से ही कठिनाई देने के लिए जाना जाता है।
ऐसे में इस महीने अंक 4 का पूरा प्रभाव आपसे हार्डवर्क करवा सकता है, भले ही आपके लिए यह पूरी तरह से सपोर्टिव होता तो भी। अलबत्ता सपोर्टिव होने की स्थिति में कुछ अप्रत्याशित फायदे भी मिलते लेकिन कठिनाईयां तो रहती हीं। इसलिए एवरेज होने की स्थिति में स्वाभाविक है कि यह कुछ कठिनाई तो देगा ही लेकिन साथ ही साथ अनुशासित रहने की स्थिति में अच्छे परिणाम भी देगा। यदि आप किसी तरह से पॉलिटिक्स इत्यादि से जुड़े हुए हैं तो आपके कुछ रुके हुए काम भी बन सकते हैं। इंटरनेट की दुनिया से जुड़े हुए लोगों को भी महीना कुछ फायदे दिलवा सकता है लेकिन ऑनलाइन फ्रॉड इत्यादि से बचने के लिए जागरुकता जरूरी रहेगी। क्योंकि कुछ फेक कॉल या फेक प्रपोजल्स भी आपको देखने को मिल सकते हैं। उनसे बचना जरूरी रहेगा। साथ ही साथ विश्वसनीय वेबसाइट या एप्लीकेशन से ही ऑनलाइन खरीदारी करना उचित रहेगा।
उपाय: सफाई कर्मी को जरूरत की चीज भेंट करना शुभ रहेगा।
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
1. नंबर 8 के लिए 2025 कैसा है?
इस महीने शासन प्रशासन से संबंधित मामलों में बहुत सावधानी रखनी है।
2. 4 नंबर पर किसका प्रभाव है?
मूलांक 4 के लिए मार्च 2026 का महीना क्रमशः 8, 1, 3, 4, 3 और 9 अंकों का प्रभाव देना चाह रहा है।
3. 2 नंबर का स्वामी कौन है?
अंक ज्योतिष के मुताबिक, मूलांक 2 का स्वामी चंद्रमा है
इस बेहद शुभ योग में रखा जाएगा आमलकी एकादशी 2026 व्रत, जानें शुभ मुहूर्त, पूजन विधि और कथा
आमलकी एकादशी 2026: हिंदू धर्म में एकादशी तिथि को बहुत शुभ माना जाता है जो हर माह आती है। बता दें कि एक वर्ष में कुल 24 एकादशी तिथियां पड़ती हैं क्योंकि हर महीने में दो एकादशी पड़ती है। हालांकि, प्रत्येक एकादशी का धार्मिक रूप से अपना महत्व होता है और इन्हीं में से एक है आमलकी एकादशी। इस दिन भगवान श्रीहरि विष्णु और आंवले के वृक्ष की पूजा का विधान है। मान्यताओं के अनुसार, जो भक्त आमलकी एकादशी का व्रत सच्चे मन से करता है, उसे मोक्ष की प्राप्ति होती है।
एस्ट्रोसेज एआई का यह विशेष ब्लॉग आपको “आमलकी एकादशी 2026” के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी प्रदान करेगा। साथ ही, कब रखा जाएगा आमलकी एकादशी का व्रत? क्या है इस एकादशी का धार्मिक महत्व और इस दिन पर किन उपायों को अपनाकर आप भगवान विष्णु की कृपा पा सकते हैं, इसके बारे में भी हम बताएंगे। तो आइए बिना देर किए हम इस ब्लॉग की शुरुआत करते हैं और जानते हैं आमलकी एकादशी 2026 व्रत के बारे में।
आमलकी एकादशी 2026: तिथि व मुहूर्त
हिंदू पंचांग के अनुसार, फाल्गुन माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी को आमलकी एकादशी के नाम से जाना जाता है। ग्रेगोरियन कैलेंडर के अनुसार, यह एकादशी फरवरी से मार्च में आती है। सामान्य रूप से हर साल आमलकी एकादशी व्रत महाशिवरात्रि और होली के बीच में पड़ता है। इस एकादशी को रंगभरी एकादशी भी कहते हैं। बता दें कि आमलकी एकादशी व्रत इस साल 27 फरवरी 2026, शुक्रवार को रखा जाएगा। मान्यता है कि इस एकादशी पर भगवान विष्णु आंवला के पेड़ में निवास करते हैं इसलिए इनकी पूजा आंवले के रूप में पूजा की जाती है।
आमलकी एकादशी की तिथि: 27 फरवरी 2026, शुक्रवार
आमलकी एकादशी पारणा मुहूर्त: 28 फरवरी की सुबह 06 बजकर 47 से सुबह 09 बजकर 06 मिनट तक। अवधि: 02 घंटे 18 मिनट एकादशी तिथि का आरंभ: 27 फरवरी 2026 की रात 12 बजकर 36 मिनट से,
एकादशी तिथि समाप्त: 27 फरवरी 2026 की रात 10 बजकर 35 मिनट पर।
आइए अब जान लेते हैं आमलकी एकादशी पर बनने वाले शुभ योग के बारे में।
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आमलकी एकादशी 2026 पर बनेगा ये शुभ योग
आमलकी एकादशी पर आंवले के वृक्ष की पूजा शुभ होती है क्योंकि इस दिन आंवले के पेड़ में श्रीहरि विष्णु निवास करते हैं। यह तिथि मोक्ष प्राप्ति के लिए सर्वश्रेष्ठ होती है। बता दें कि साल 2026 की आमलकी एकादशी बहुत ख़ास होने वाली है क्योंकि इस दिन शुभ माने जाने वाला आयुष्मान योग बन रहा है। आयुष्मान योग के प्रभाव से किसी व्यक्ति के जीवन में आध्यात्मिकता में वृद्धि होती है। साथ ही, जातक को मानसिक शांति और संतुलन प्रदान करता है। आमलकी एकादशी पर व्रत एवं पूजन करने से शुभ फल में कई गुना वृद्धि होगी। साथ ही, भक्त की धार्मिक कार्यों और ध्यान में रुचि बढ़ती है।
आमलकी एकादशी का धार्मिक महत्व
आमलकी एकादशी का धार्मिक दृष्टि से अपना विशिष्ट महत्व है। बात करें इसके अर्थ की, तो आमलकी शब्द का अर्थ आंवला से होता है जिसे हिंदू धर्म और आयुर्वेद में महत्वपूर्ण माना गया है। पद्म पुराण के अनुसार, भगवान श्रीहरि विष्णु को आंवला अत्यंत प्रिय है। इसी कारण आमलकी एकादशी के दिन आंवले के वृक्ष की विधिपूर्वक पूजा करने और आंवले का दान करना बहुत शुभ माना जाता है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, आमलकी एकादशी का व्रत करने से भक्तों को सौ गोदान के समान पुण्य फल की प्राप्ति होती है इसलिए इस एकादशी को सनातन धर्म में अत्यंत शुभ और फलदायी माना गया है। इस दिन भगवान विष्णु के साथ-साथ आंवले के वृक्ष की पूजा करने का विधान है। ऐसा माना जाता है कि आंवला के पेड़ की आराधना करने से भगवान विष्णु की कृपा आप पर सदैव बनी रहती है और जीवन में सुख-समृद्धि का वास होता है।
आमलकी एकादशी के अवसर पर काशी विश्वनाथ पर विशेष उत्सव भी आयोजित किए जाते हैं जहाँ भक्त हर्षोल्लास के साथ होली खेलते हैं। शास्त्रों के अनुसार, भगवान शिव पहली बार माता पार्वती के साथ काशी आए थे और उनके आने की खुशी में हर साल आमलकी एकादशी के दिन भव्य भगवान शिव और माता पार्वती की भव्य शोभायात्रा निकाली जाती है।
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आमलकी एकादशी व्रत के लाभ
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, आमलकी एकादशी का संबंध आंवले के पेड़ की उत्पत्ति से है। इस दिन आंवले के वृक्ष की पूजा विधि-विधान से करने से जीवन में सुख-समृद्धि आती है। साथ ही, भक्त को पूर्व जन्म के पापों से मुक्ति मिल जाती है। आमलकी एकादशी के दिन आंवले का पौधा लगाना और उसका दान करना अत्यंत कल्याणकारी माना जाता है जिससे व्यक्ति को सौभाग्य की प्राप्ति होती है। मान्यता है कि इस तिथि पर उबटन लगाकर और आंवले के जल से स्नान करने से शुभ फलों की प्राप्ति होती है इसलिए इस दिन ऐसा करना कल्याणकारी होता है।
आमलकी एकादशी 2026 की पूजा विधि
आमलकी एकादशी पर आंवले की पूजा का विधान है इसलिए इस दिन पूजा से लेकर भोजन तक हर कार्य में आंवला इस्तेमाल किया जाता है। ऐसे में, हम आपको नीचे आमलकी एकादशी व्रत विधि बताने जा रहे हैं जो कि इस प्रकर है:
आमलकी एकादशी के दिन प्रातःकाल उठकर भगवान विष्णु का ध्यान करें और व्रत रखने का संकल्प लें।
व्रत का संकल्प लेने के बाद स्नान आदि कार्यों से निवृत होकर विधि-विधान से भगवान विष्णु का ध्यान करें और व्रत रखने का संकल्प लें।
अब भगवान विष्णु की प्रतिमा के सामने घी का दीपक जलाएं और विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें।
पूजा संपन्न होने के बाद आंवले के वृक्ष के नीचे नवरत्न युक्त कलश की स्थापना करें।
यदि आंवले का वृक्ष उपलब्ध नहीं हो, तो आंवले के फल को भगवान विष्णु को प्रसाद के रूप में अर्पित करें।
आंवले के वृक्ष का धूप, दीप, चंदन, रोली, पुष्प और अक्षत आदि से पूजन करें। इसके बाद किसी गरीब, जरूरतमंद या ब्राह्मण को भोजन कराएं।
अगले दिन अर्थात द्वादशी तिथि को स्नान करें और भगवान विष्णु की पुनः पूजा करें।
इसके बाद जरूरतमंद या ब्राह्मण को कलश, वस्त्र और आंवला आदि का दान करें। पूजन के पश्चात भोजन ग्रहण करके व्रत का पारण करें।
आइए अब हम आपको बताने जा रहे हैं कि आमलकी एकादशी पर कैसे करें आंवले के वृक्ष की पूजा।
आमलकी एकादशी के पावन अवसर पर आंवले के वृक्ष की पूजा करना अत्यंत शुभ माना जाता है। इस दिन सबसे पहले आंवले के पेड़ के चारों तरफ अच्छी तरह से साफ़-सफाई कर लें।
इसके बाद, वृक्ष के नीचे सफ़ेद रंग की सुंदर रंगोली बनाएं और उस पर जल से भरा हुआ कलश स्थापित करें।
अब कलश के कंठ पर श्रीखंड चंदन का लेप लगाएं, फिर आंखें बंद करके समस्त देवी-देवताओं, तीर्थों और सागर का आवाहन करें।
इसके बाद कलश में इत्र और पंचरत्न अर्पित करें, फिर कलश को मिट्टी के ढक्कन से ढककर उसके ऊपर घी का दीपक प्रज्वलित करें।
इसके बाद कलश को पीले रंग का वस्त्र अर्पित करें और विधि-विधान से पूजा संपन्न करें।
द्वादशी तिथि के दिन ब्राह्मणों को श्रद्धापूर्वक भोजन कराएं, उन्हें दक्षिणा प्रदान करें तथा कलश भी दे दें। ऐसा करने के बाद ही एकादशी व्रत का पारण करना चाहिए।
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आमलकी एकादशी व्रत की कथा
धर्मग्रंथों में आमलकी एकादशी से जुड़ी एक कथा का वर्णन मिलता है जिसके बारे में हम आपको बताने जा रहे हैं।
पौराणिक कथा के अनुसार, प्राचीन काल में वैदिक नाम का एक नगर था और उस नगर में ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य और शूद्र रहा करते थे। इस नगर के सभी वासी भगवान विष्णु के परम भक्त थे और उनकी पूजा एवं भक्ति में सदैव लीन रहते थे। वैदिक नगर के राजा चैतरथ विद्वान और धर्मपरायण थे। इनके राज्य में कोई भी गरीब नहीं था और इस नगर में रहने वाला प्रत्येक व्यक्ति एक वर्ष में आने वाली सभी एकादशी तिथियों का व्रत किया करते थे।
प्रत्येक वर्ष की तरह जब फाल्गुन माह की आमलकी एकादशी आई, तो नगर के सभी वासियों और राजा ने इस एकादशी का व्रत किया। साथ ही, मंदिर जाकर आंवले के वृक्ष की पूजा-अर्चना की और वहां पर पूरी रात श्रद्धाभाव से जागरण किया। उसी रात एक बहेलिया मंदिर में जा पहुंचा जो बहुत ही पापी था और वह भूखा व प्यासा था। भोजन की तलाश में वह मंदिर आ पहुंचा था और मंदिर के एक कोने में शांति से बैठकर जागरण को देखने लगा। साथ ही, सबके साथ बैठकर सच्चे मन से विष्णु भगवान और एकादशी के महत्व की कथा सुनने लगा। इस तरह से पूरी रात बीत गई।
नगर के सभी वासियों के साथ-साथ बहेलिया भी पूरी रात जागा रहा। सुबह होने पर सभी नगरवासी अपने-अपने घर को चले गए और बहेलिया ने भी अपने घर जाकर भोजन किया। लेकिन, इसके कुछ समय के पश्चात बहेलिया मृत्यु को प्राप्त हो गया। बहेलिया के रूप में उसने न सिर्फ़ आमलकी एकादशी व्रत की कथा सुनी थी, बल्कि रात भर जागरण भी किया था। इसी वजह से राजा विदूरथ के घर उसका अगला जन्म हुआ और राजा ने उसका नाम वसुरथ रखा जो बड़ा होकर नगर का राजा बना।
एक दिन वह शिकार के लिए निकला, परंतु बीच में ही रास्ता भूल गया। थक हारकर एक वह एक पेड़ के नीचे सो गया, लेकिन कुछ समय के बाद वहां पर म्लेच्छ आ गए और राजा को अकेला पाकर उसे मारने की योजना बनाने लगे। वह कहने लगे कि इसी राजा के कारण उन्हें देश निकाला दिया गया है इसलिए हमें इसे मार देना चाहिए। म्लेच्छों के हमले से अनजान राजा सोता रहा और तभी उन्होंने राजा पर हथियार फेंकना शुरू कर दिया। लेकिन म्लेच्छों के शस्त्र राजा पर फूल बनकर बरसने लगे।
कुछ देर के बाद सभी म्लेच्छ जमीन पर मृत पाए गए थे। जब राजा अपनी नींद से उठा तो उन्होंने देखा कि जमीन पर कुछ लोग मृत पड़े हैं। यह सारा दृश्य देखकर राजा समझ गया कि यह म्लेच्छ उसको मारने के लिए आए थे, लेकिन किसी ने उन्हें ही मौत के घाट उतार दिया, फिर राजा सोचने लगा कि जंगल में आखिर कौन उसकी जान बचा सकता है, तभी आकाशवाणी हुई कि ‘हे राजन भगवान विष्णु ने तुम्हारी जान बचाई है। तुमने पिछले जन्म में आमलकी एकादशी व्रत कथा सुनी था और उसी का फल है कि आज तुम्हारे शत्रु तुम्हारा कुछ नहीं बिगाड़ पाए। इस घटना के बाद से राजा ने भी एकादशी का व्रत विधि-विधान से करना शुरू कर दिया।
आमलकी एकादशी पर तुलसी के पत्ते भी शामिल करने चाहिए। धर्मग्रंथों में कहा गया है कि भगवान विष्णु को तुलसी अत्यंत प्रिय होती है इसलिए आमलकी एकादशी व्रत की पूजा में तुलसी का इस्तेमाल करना शुभ माना जाता है। इस दिन तुलसी के पत्ते तोड़ने से बचें और एक दिन पूर्व ही तुलसी के पत्ते पूजा के लिए अलग रख लें।
अगर आप अविवाहित हैं और मनचाहा जीवनसाथी पाना चाहते हैं, तो आमलकी एकादशी पर भक्तजन भगवान विष्णु की पूजा विधि-विधान से करें। साथ ही, उन्हें आंवले का फल अवश्य अर्पित करना चाहिए।
अगर आप करियर में तरक्की और प्रगति प्राप्त करना चाहते हैं या कार्यक्षेत्र में परिस्थितियां आपके विपक्ष में हो गई हैं, तो आपको आमलकी एकादशी के दिन आंवले के पेड़ में जल अर्पित करें। साथ ही, आप अपने मस्तक पर आंवले की जड़ की थोड़ी-सी मिट्टी का तिलक करें।
आमलकी एकादशी पर भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा करने से आर्थिक स्थिति बेहतर होती है। भगवान विष्णु को पंचामृत से स्नान कराने के बाद पीले फूल, तुलसी दल और पीले वस्त्र अर्पित करें। वहीं, माँ लक्ष्मी को कमल का फूल चढ़ाएं और प्रसाद के रूप में खीर का भोग लगाएं।
आमलकी एकादशी के दिन विष्णु जी को आंवले से बनी मिठाई या खीर का भोग लगाएं। इस तिथि पर आंवले का सेवन करना शुभ माना जाता है। ऐसा करने से स्वास्थ्य लाभ मिलता है और आध्यात्मिक लाभ की प्राप्ति होती है।
आमलकी एकादशी तिथि पर आंवले का वृक्ष लगाएं और पूरे एक महीने लगातार उसकी देखभाल करें। ऐसा करने से व्यापार में वृद्धि होती है और लाभ में भी बढ़ोतरी होती है।