5 राशियों पर शनि की टेढ़ी नज़र, शनि जयंती पर इन 3 उपायों को करने से कुदृष्टि से मिलेगी मुक्ति!
शनि ग्रह का नाम लेते ही हर कोई भय में आ जाता है क्योंकि ‘शनि’ कठोर दंड देने वाला ग्रह है और ज्योतिष में शनि को एक क्रूर ग्रह बताया गया है। दरअसल शनि कर्मफल दाता भी हैं, जो जातक को उनके कर्मों के अनुसार अच्छे-बुरे फल प्रदान करते हैं। शनि देव करीब एक राशि से दूसरी राशि में ढाई साल बाद गोचर करते हैं यानी अपनी राशि में परिवर्तन करने के लिए ढाई साल का समय लगाते हैं और इसे शनि की ढैय्या कहा जाता है।
शनि की साढ़ेसाती, ढैय्या, वक्री चाल और महादशा आने पर व्यक्ति के जीवन में काफी उथल-पुथल मच जाती है लेकिन, यदि किसी जातक की कुंडली में शनि मजबूत स्थिति में विराजमान होते हैं तो व्यक्ति को जीवन में हर तरह की खुशी, वैभव और ऐशोआराम प्रदान करते हैं, वहीं यदि जातक की कुंडली में शनि कमज़ोर स्थिति में होते हैं तो व्यक्ति के जीवन में कई तरह की परेशानियां खड़ी कर देते हैं।
एस्ट्रोसेज के इस ब्लॉग में हम आपको उन राशियों के बारे में बताएंगे, जिसमें शनि की टेढ़ी नजर हैं यानी वे साढ़ेसाती और ढैय्या से प्रभावित हैं। साथ ही, शनि जयंती के दिन इन जातकों को कौन से उपाय करने चाहिए इस बारे में चर्चा करेंगें तो आइए आगे बढ़ते हैं और विस्तार से जानते हैं।
बृहत् कुंडलीमें छिपा है, आपके जीवन का सारा राज, जानें ग्रहों की चाल का पूरालेखा-जोखा
इन राशि वाले शनि की साढ़े साती व ढैय्या से हैं प्रभावित
वैदिक ज्योतिष शास्त्र में शनि को आयु, शोक, दारिद्रय, दुख और सेवक के कारक ग्रह माने गए हैं। इन्हें मकर और कुंभ राशि का स्वामित्व प्राप्त है। शनि तुला राशि में उच्च के और मेष राशि में नीच के होते हैं। सभी ग्रहों में शनि की गति सबसे मंद होती है। शनि की साढ़ेसाती साढ़े साती सात वर्षों तक रहती है। शनि अच्छे कर्म करने वाले जातकों को अच्छा फल जबकि बुरे कर्म करने पर बुरा फल प्रदान करते हैं। अभी शनि अपनी स्वयं की राशि कुंभ में विराजमान हैं। आपको बता दें कि 17 जनवरी 2023 को शनि अपनी राशि मकर से निकलकर अपनी दूसरी राशि कुंभ में गोचर कर चुके हैं तब से अभी तक इसी राशि में विराजमान हैं। इसके बाद शनि का राशि परिवर्तन 29 मार्च 2025 को होगा और तब शनि मीन राशि में गोचर करेंगे और करीब ढाई वर्षों तक इसी राशि में विराजमान रहेंगे।
शनि के कुंभ राशि में विराजमान होने के कारण मकर, कुंभ और मीन राशि के जातकों के ऊपर शनि की साढ़ेसाती है। इसके अलावा, कुंभ राशि में शनि की साढ़ेसाती होने की वजह से कर्क और वृश्चिक राशि वाले जातकों पर शनि की ढैय्या चल रही है।
वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, मकर राशि के स्वामी शनि हैं और इस राशि पर शनि की साढ़ेसाती का आखिरी चरण चल रहा है। मकर राशि पर साढ़ेसाती 26 जनवरी 2017 से शुरू हो गई थी जो अब 29 मार्च 2025 पर खत्म होगी।
कुंभ राशि पर साढ़ेसाती प्रभाव
कुंभ राशि के स्वामी भी शनिदेव हैं और इस राशि पर शनि की साढ़ेसाती का दूसरा चरण चल रहा है। 23 फरवरी 2028 तक इस राशि के जातकों को साढ़ेसाती से मुक्ति मिल जाएगी।
मीन राशि पर साढ़ेसाती प्रभाव
मीन राशि के जातकों पर शनि की साढ़ेसाती का पहला चरण चल रहा है। इस राशि पर शनि की साढ़ेसाती का प्रभाव 7 अप्रैल 2030 तक रहेगा। इसके बाद इस राशि के जातक भी शनि के साढ़ेसाती के प्रभाव से छुटकारा पा लेंगे।
जानें, इन राशियों पर कब से शुरू होगा साढ़ेसाती का प्रभाव
मेष राशि पर साढ़ेसाती प्रभाव: 29 मार्च 2025 से 31 मई 2032 तक
वृषभ राशि पर साढ़ेसाती प्रभाव: 03 जून 2027 से 13 जुलाई 2034 तक
मिथुन राशि पर साढ़ेसातीप्रभाव: 08 अगस्त 2029 से 27 अगस्त 2036 तक
कर्क राशि पर साढ़ेसाती प्रभाव: 31 मई 2032 से 22 अक्टूबर 2038 तक
सिंह राशि पर साढ़ेसाती प्रभाव: 13 जुलाई 2034 से 29 जनवरी 2041 तक
कन्या राशि पर साढ़ेसाती प्रभाव: 27 अगस्त 2036 से 12 दिसंबर 2043 तक
तुला राशि पर साढ़ेसाती प्रभाव: 22 अक्टूबर 2038 से 08 दिसंबर 2046 तक
वृश्चिक राशि पर साढ़ेसातीप्रभाव: 28 जनवरी 2041 से 3 दिसंबर 2049 तक
धनु राशि पर साढ़ेसाती प्रभाव: 12 दिसंबर 2043 से 3 दिसंबर 2049 तक
शनि जयंती पर इन तीन उपायों को करने से दूर होंगी हर समस्या
छाया दान करें
यदि आप शनि की साढ़े साती या ढैय्या से छुटकारा पाना चाहते हैं तो शनि जयंती के दिन शनिदेव के मंदिर में जाकर विधि-विधान से पूजा पाठ करें। साढ़ेसाती और ढैय्या के दुष्प्रभाव को दूर करने के लिए स्टील या लोहे के एक कटोरे में सरसों का तेल भरकर रख लें। फिर उसमें अपनी छवि देखें। उसके बाद उस तेल और कटोरे को किसी गरीब या किसी जरूरतमंद व्यक्ति को दान कर दें। ज्योतिष के अनुसार, छाया दान करने से साढ़ेसाती और ढैय्या का दुष्प्रभाव से बचा जा सकता है।
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गरीब व जरूरतमंदों को दान करें
शनि जयंती पर आप नियानुसार व्रत रखकर शनिदेव की पूजा करें और साथ शनि के मंत्रों का लगातार जाप करें। इसके अलावा, इस दिन गरीबों व जरूरतमंदों को कंबल, काले वस्त्र, लोहा, स्टील के बर्तन, काले तिल, काली उड़द आदि का दान करें। मरीजों और असहाय लोगों की सेवा करें। इससे शनिदेव प्रसन्न होते हैं और अपनी विशेष कृपा प्रदान करते हैं और आप को साढ़ेसाती एवं ढैय्या के दुष्प्रभाव से मुक्ति भी पा सकते है। आप चाहें तो शनि जयंती के दिन शमी के पेड़ की पूजा करें और उसके नीचे सरसों के तेल का दीपक भी जला सकते हैं।
भगवान हनुमान की पूजा करें
ज्येष्ठ अमावस्या यानी शनि जयंती के दिन आपको हनुमान जी की पूजा अवश्य करनी चाहिए। सुंदरकांड, हनुमान चालीसा का पाठ करना आपके लिए उत्तम होगा। शास्त्रों के अनुसार, शनि देव ने भगवान हनुमान को वचन दिया था कि जो भी कोई बजरंगबली की पूजा करेगा या उनकी शरण में जाएगा, वह शनि के अशुभ प्रभाव से बच जाएगा और उस पर शनि की टेढ़ी नजर का नकारात्मक व बुरा प्रभाव नहीं पड़ेगा।
इसी आशा के साथ कि, आपको यह लेख भी पसंद आया होगा एस्ट्रोसेज के साथ बने रहने के लिए हम आपका बहुत-बहुत धन्यवाद करते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्नों
प्रश्न 1. शनि की ढैया का मतलब क्या होता है?
उत्तर. शनि जब गोचर में जन्मकालीन राशि से चतुर्थ या अष्टम भाव में स्थित होते हैं तो इसे शनि ढैय्या कहा जाता है।
प्रश्न 2.शनि की ढैया कौन कौन सी राशि पर चल रही है?
उत्तर. कुंभ राशि में शनि की साढ़ेसाती होने की वजह से कर्क और वृश्चिक राशि वाले जातकों पर शनि की ढैय्या चल रही है।
प्रश्न 3.शनि की साढ़ेसाती लगने पर क्या उपाय करें?
उत्तर. शनिवार का व्रत रखें। हनुमान जी की पूजा करें। शाम के समय काले चने और हलवे का प्रसाद गरीबों को बांटें।
प्रश्न 4. शनि दोष हटाने के लिए क्या करना चाहिए?
उत्तर. हर शनिवार और मंगलवार हनुमान चालीसा का पाठ करें।
अपरा एकादशी के साथ शुरू होगा जून 2024 का महीना; यहां देखें व्रत-त्योहारों की पूरी लिस्ट
जून 2024: मई के बाद जून के महीने की शुरुआत हो जाती है। अंग्रेजी कैलेंडर में जून साल का छठा महीना है और वहीं हिंदी कैलेंडर के अनुसार, जून के मध्य में आषाढ़ माह शुरू होगा जो कि हिंदी कैलेंडर का चैथा महीना होगा। जून के महीने में गर्मी अत्यधिक बढ़ जाती है। इस दौरान लोग सूरज की चिलचिलाती किरणों से परेशान नज़र आते हैं। इस महीने ठंडी चीज़ें हर किसी को सुकून देती है। कई लोग इस महीने छुट्टियों में कहीं बाहर ठंडी जगहों में घूमना पसंद करते हैं। भले ही इस महीने गर्मी अपने चरम पर हो लेकिन सनातन धर्म में, यह महीना त्योहारों औ पर्वों के लिए बहुत अधिक महत्वपूर्ण माना जाता है। इस माह में गंगा दशहरा, निर्जला एकादशी, ज्येष्ठ अमावस्या सहित कई बड़े व्रत त्योहार पड़ रहे हैं, जो जून की महीने के महत्व को बहुत अधिक बढ़ा रहे हैं।
इसके अलावा, नए महीने की जैसे ही शुरुआत होती है, हम सब के मन में यह जानने की उत्सुकता होती है कि यह महीने आपके लिए क्या कुछ लेकर आएगा? कौन से त्योहारों एवं व्रतों को इस माह मनाया जाएगा। सबसे जरूरी, जून 2024 में राशिचक्र की सभी 12 राशियों के जातकों के जीवन में किस तरह के बदलाव देखने को मिलेंगे और किन उतार-चढ़ावों का सामना करना होगा? इन सभी सवालों के जवाब भी आपको एस्ट्रोसेज के इस विशेष ब्लॉग में मिलेंगे इसलिए इस लेख को पढ़ना जारी रखें।
जून 2024 का ज्योतिषीय तथ्य और हिंदू पंचांग की गणना
जून 2024 के पंचांग के अनुसार, वर्ष 2024 के छठे महीने जून का आरंभ पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र के तहत कृष्ण पक्ष की नवमी तिथि यानी कि 01 जून 2024 को होगा और इसकी समाप्ति अश्विनी नक्षत्र के अंतर्गत कृष्ण पक्ष की दशमी तिथि अर्थात 30 जून 2024 को होगी। इस माह का पंचांग जानने के बाद हम इस महीने के तीज-त्योहारों के बारे में विस्तार पूर्वक चर्चा करेंगे, लेकिन उससे पहले जानते है जून महीने का धार्मिक महत्व।
जून 2024 का धार्मिक महत्व
हिंदू धर्म में जून के महीने को अत्यधिक महत्वपूर्ण माना गया है। बता दें कि जून 2024 का आरंभ ज्येष्ठ महीने के अंतर्गत होगा जबकि इसका अंत आषाढ़ मास के तहत होगा। ग्रेगोरियन कैलेंडर के अनुसार, ज्येष्ठ माह मई और जून के महीने में आता है। इस माह का धार्मिक दृष्टि से भी विशेष महत्व माना गया है। वर्ष 2025 में ज्येष्ठ मास की शुरुआत 22 मई 2024 को होगी जबकि इसका अंत 21 जून 2024 को हो जाएगा।
हिंदू धर्म में ज्येष्ठ का महीना बहुत ही महत्वपूर्ण होता है और इस माह पूजा-पाठ व्रत-उपवास रखे जाते हैं। ज्येष्ठ माह सबसे गर्म महीना होता है। इसे सामान्य बोलचाल की भाषा में जेठ का महीना भी कहा जाता है, जिसका अर्थ है बड़ा। ज्येष्ठ माह में सूर्य देव और वरुण देव की उपासना करनी चाहिए। ज्येष्ठ में स्नान, दान और धार्मिक कार्य आदि करना शुभ रहता है। इस माह ऐसी चीज़ों का दान करना चाहिए जो शरीर को ठंडक पहुंचाएं और छाया प्रदान करें। जैसे- छाता, पंखा, पानी इत्यादि वस्तुओं का दान जरूर करना चाहिए। ज्येष्ठ माह में विशेष रूप से गंगा व किसी पवित्र नदी में स्नान और पूजन करने का विधान है। इस माह में आने वाले पर्वों में गंगा दशहरा और इस माह में आने वाली ज्येष्ठ पूर्णिमा और निर्जला एकादशी प्रमुख पर्व है।
वैज्ञानिक दृष्टि से भी ज्येष्ठ माह का विशेष महत्व है क्योंकि इस महीने बढ़ती गर्मी की वजह से प्रकृति में कई तरह के बदलाव देखने को मिलते हैं जैसे कि कई जगहों पर जल का स्तर गिर जाता है, पानी की कमी हो जाती है। साथ ही, कई बीमारियां भी जन्म लेती है इसलिए इस अवधि में हरी सब्ज़ियों, सत्तू और रस वाले फलों का सेवन फलदायी साबित होता है।
अब बात करते हैं आषाढ़ माह की, जिसकी शुरुआत 23 जून से होगी और इसकी समाप्ति 21 जुलाई को होगी। आषाढ़ का महीना भगवान विष्णु को समर्पित होता है। इस महीने भगवान विष्णु की पूजा करने का विशेष महत्व है। माना जाता है कि इस महीने में भगवान विष्णु की पूजा-अर्चना करने से पुण्य फलों की प्राप्ति होती है। साथ ही, इस मास में सूर्य देव और माता दुर्गा की उपासना करने से धन-धान्य एवं आरोग्यता का आशीर्वाद प्राप्त होता है। पुराणों के अनुसार, आषाढ़ माह से ही भगवान विष्णु योग निद्रा अवस्था में चले जाते हैं। इस कारण से अगले चार महीनों तक शुभ व मांगलिक कार्यों को करने की मनाही हो जाती है। आषाढ़ माह में ही गुरु पूर्णिमा का व्रत मनाया जाता है। इसके अलावा, इस महीने में भगवान शिव की पूजा करने से भी विशेष फल की प्राप्ति होती है।
नोट: हिंदू वर्ष में प्रत्येक महीने का नाम नक्षत्रों पर आधारित होता है। हर महीना का बदलना चंद्र चक्र पर निर्भर करता है और पूर्णिमा के दिन चंद्रमा जिस नक्षत्र में मौजूद होता है उस महीने का नाम उसी नक्षत्र के नाम पर रखा जाता है।
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जून में जन्म लेने वाले लोगों का व्यक्तित्व
जून में जन्म लेने वाले व्यक्तियों के बारे में बात करें तो ये लोग स्वभाव में बहुत अधिक विनम्र होते हैं और अपने इसी गुण के कारण ये हर किसी की मदद करने के लिए तैयार रहते हैं। ये दिखने में आकर्षक भी होते है और अपनी अलग पहचान बनाने में सक्षम होते हैं। ये लोग जहां भी जाते हैं, वहां हर किसी को अपना बना लेते हैं क्योंकि ये मिलनसार होते हैं। ये हर कार्य को सोच समझकर पूरा करते हैं और जल्दबाजी में काम करने से बचते हैं क्योंकि इन्हें पता है कि जल्दबाजी के काम का परिणाम खराब हो सकता है। ये जो भी काम करते हैं उसे योजना बनाकर करते हैं और एक लक्ष्य निर्धारित करते हैं।
ये मूडी होते हैं और इनका मूड कभी भी बदल सकता है। कभी हो सकता है कि ये आपसे बात करते-करते आपको खुश नजर आएंगे और दूसरे ही पल नाराज भी हो सकते हैं। इनका मूड बहुत जल्द बदलता सकता है। इन लोगों को गुस्सा बहुत जल्दी आता है लेकिन, ये लोग अधिक समय के लिए किसी से नाराज नहीं रहते हैं और जल्द ही मान जाते हैं। साथ ही, ये लोग अपनी भावनाओं को जल्द किसी के सामने व्यक्ति नहीं करते हैं, जो भी होता है उसे मन में दबाए रखते हैं। इन जातकों के करियर की बात करें तो ये लोग मल्टीटास्कर भी होते हैं। साथ ही अपने आपको अलग-अलग परिस्थितियों में ढालने में माहिर होते हैं। इनका झुकाव डॉक्टर, पत्रकार, टीचर, मैनेजर जैसे क्षेत्रों में अधिक होता है।
जून 2024 के व्रत एवं त्योहारों की तिथियां
हिंदू धर्म में हर दिन और हर महीने में अनेक व्रत-त्योहार को किये जाते हैं। इसी प्रकार, जून 2024 में कई प्रमुख व्रतों एवं पर्वों को मनाया जाएगा। तो आइए बिना देर किये शुरुआत करते हैं और जानते हैं इस महीने में पड़ने वाले पर्वों की तिथियों के बारे में।
तिथि
दिन
त्योहार
02 जून, 2024
रविवार
अपरा एकादशी
04 जून, 2024
मंगलवार
मासिक शिवरात्रि, प्रदोष व्रत (कृष्ण)
06 जून, 2024
गुरुवार
ज्येष्ठ अमावस्या
15 जून, 2024
शनिवार
मिथुन संक्रांति
18 जून, 2024
मंगलवार
निर्जला एकादशी
19 जून, 2024
बुधवार
प्रदोष व्रत (शुक्ल)
22 जून 2024
शनिवार
ज्येष्ठ पूर्णिमा व्रत
25 जून, 2024
मंगलवार
संकष्टी चतुर्थी
यहां हमने आपको जून 2024 माह में मनाये जाने वाले व्रत एवं त्योहारों की तिथियों के बारे में जानकारी प्रदान की है। लेकिन, अब हम आपको अवगत करवाते हैं इन त्योहारों के धार्मिक महत्व से।
जून 2024 में पड़ने वाले व्रत एवं त्योहारों का धार्मिक महत्व
अपरा एकादशी (02 जून 2024, रविवार): ज्येष्ठ माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी को अपरा एकादशी कहा जाता है। सनातन धर्म में इस एकादशी को सभी 24 एकादशी में सर्वश्रेष्ठ माना जाता है और इसका महत्व बहुत अधिक है। अपरा एकादशी का अर्थ होता है अपार पुण्य। पदम पुराण के अनुसार, इस दिन भगवान विष्णु के वामन अवतार की पूजा करनी चाहिए। अपरा एकादशी को जलक्रीड़ा एकादशी, अचला एकादशी और भद्रकाली एकादशी के नाम से भी जाना जाता है।
मासिक शिवरात्रि (04 जून 2024, मंगलवार): मासिक शिवरात्रि हर महीने कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को धूमधाम से मनाई जाती है। इस तरह साल में 12 मासिक शिवरात्रि पड़ती हैं और पौराणों में इन सभी का विशेष महत्व बताया गया है। मान्यता है कि मासिक शिवरात्रि व्रत करने से भगवान भोलेनाथ प्रसन्न होते हैं। शास्त्रों के अनुसार, माता लक्ष्मी, सरस्वती, इंद्राणी, गायत्री, सावित्रि और माता पार्वती ने शिवरात्रि का व्रत किया था और शिव कृपा से उन्हें अनंत फल की प्राप्ति हुई थी। इस दिन उपवास रख के भोलेनाथ को शीघ्र प्रसन्न किया जा सकता है। ऐसा माना जाता है कि जो कुंवारी कन्या इस दिन उपवास रखती हैं उन्हें मनचाहे वर की प्राप्ति होती है।
ज्येष्ठ अमावस्या (06 जून 2024, गुरुवार): ज्येष्ठ माह के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि को ज्येष्ठ अमावस्या कहते हैं। यह कृष्ण पक्ष की अंतिम तिथि है। इसके बाद से शुक्ल पक्ष का प्रारंभ होता है। ज्येष्ठ अमावस्या के दिन पवित्र नदियों में स्नान करने व दान देने की परंपरा है। ऐसा करने से सभी पापों छुटकारा मिलता है और पुण्य फल की प्राप्ति होती है। स्नान और दान से पितर प्रसन्न होते हैं और वे आशीर्वाद देते हैं। ज्योतिष के अनुसार, ज्येष्ठ अमावस्या के दिन पितरों का आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए और ग्रहों के उग्र स्वभाव को शांत करने के लिए हर एक व्यक्ति को सात प्रकार की चीजों का दान जरूर करना चाहिए। वह चीज़ें इस प्रकार है- चावल, गेहूं, जौ, कंगनी, चना, मूंग दाल और तिल।
मिथुन संक्रांति (15 जून 2024, शनिवार): ग्रहों के राजा और आत्मा के कारक ग्रह सूर्य हर महीने अपनी राशि में परिवर्तन करते हैं और ये जिस राशि में गोचर करते हैं, उस तिथि को उसी राशि के नाम की संक्रांति कहा जाता है, जैसे आने वाले 15 जून को सूर्य मिथुन राशि में विराजमान होंगे और इस तिथि को मिथुन संक्रांति के नाम से जाना जाएगा। संक्रांति तिथि पर गंगा, गोदावरी, कृष्णा, कावेरी समेत अन्य पवित्र नदियों में स्नान व ध्यान करने का विधान है। इस दिन सूर्य देव की पूजा-उपासना करने से मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है। इस दिन पूजा के बाद भक्ति के भाव से गरीब व जरूरतमंदों को धन व वस्त्र दान करना चाहिए। सनातन धर्म में ऐसी मान्यता है कि संक्रांति तिथि पर दान-पुण्य करने से व्यक्ति को मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है।
निर्जला एकादशी ( 18 जून 2024, मंगलवार): सभी एकादशी का व्रत भगवान विष्णु को समर्पित होता है। सनातन धर्म में इस व्रत को बहुत अधिक महत्वपूर्ण माना जाता है। साल के हर महीने दो एकादशी तिथि पड़ती है। इस तरह से एक साल में कुल 24 और अधिक मास में कुल 26 एकादशी तिथि पड़ती है। शास्त्रों में इन सभी एकादशी तिथि को अलग-अलग नामों से जाना जाता है और इन सभी का विशेष महत्व है लेकिन सभी एकादशी में निर्जला एकादशी व्रत को बहुत अधिक कठिन माना जाता है। हिंदू पंचांग के अनुसार, निर्जला एकादशी की तिथि प्रत्येक साल ज्येष्ठ महीने के शुक्ल पक्ष की एकादशी को पड़ती है। निर्जला एकादशी का व्रत पौराणिक काल से ही रखा जाता आ रहा है और इसका वर्णन महाभारत में किया गया है। बता दें कि द्वापर युग में भीम ने यह व्रत रखा था, जिस वजह से इसे भीमसेनी एकादशी व्रत की कहा जाता है।
ज्येष्ठ पूर्णिमा व्रत (22 जून 2024, शनिवार): शास्त्रों में पूर्णिमा तिथि को बहुत ही महत्वपूर्ण माना जाता है। इस विशेष दिन पर स्नान-दान व पूजा-पाठ करने से व्यक्ति को अत्यधिक लाभ की प्राप्ति होती है। इसी क्रम में हर साल ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष पूर्णिमा तिथि के दिन ज्येष्ठ पूर्णिमा व्रत रखा जाता है। इस दिन पवित्र नदी में स्नान करने से और भगवान विष्णु, माता लक्ष्मी के साथ-साथ चंद्र देव की पूजा करने से विशेष लाभ की प्राप्ति होती है। शास्त्रों के अनुसार, ज्येष्ठ पूर्णिमा व्रत के दिन व्रत रखकर सत्यनारायण भगवान की कथा का पाठ करने से या उनका श्रवण करने से साधक को विशेष लाभ की प्राप्ति होती है। साथ ही इस विशेष दिन पर माता लक्ष्मी की विधि-विधान से पूजा करने से धन, सुख एवं समृद्धि की प्राप्ति होती है। इस विशेष दिन चंद्रमा की उपासना भी करनी चाहिए और चंद्रमा को जल अर्पित करना चाहिए। ऐसा करने से जीवन में सकारात्मकता आती है और कुंडली में चंद्रमा की स्थिति मजबूत होती है।
संकष्टी चतुर्थी (25 जून 2024, मंगलवार): सनातन धर्म में संकष्टी चतुर्थी का विशेष महत्व है। हर माह के कृष्ण और शुक्ल, दोनों पक्षों की चतुर्थी को भगवान गणेश की पूजा का विधान है। बस फर्क केवल यह है कि कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को संकष्टी श्री गणेश चतुर्थी, जबकि शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को वैनायकी श्री गणेश चतुर्थी के रूप में मनाया जाता है। इस साल संकष्टी चतुर्थी 25 जून को पड़ रही है। इस खास अवसर पर भगवान शिव के पुत्र भगवान गणेश की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की जाती है। साथ ही, शुभ कार्यों में सिद्धि प्राप्ति के लिए व्रत किया जाता है। मान्यता है कि ऐसा करने से भक्त को मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है और भगवान गणेश की विशेष कृपा सदैव बनी रहती है।
जून 2024 में आने वाले बैंक अवकाश एवं अन्य महत्वपूर्ण दिन
9 जून 2024, रविवार: महाराणा प्रताप जयंती
10 जून 2024, सोमवार: श्री गुरु अर्जुन देव शहीदी दिवस
14 जून 2024, शुक्रवार: पहला राजा उत्सव
15 जून 2024, शनिवार: राजा संक्रांति
15 जून 2024, शनिवार: वाईएमए दिवस
17 जून 2024,सोमवार: ईद-उल-अधा (बकरीद)
18 जून 2024, मंगलवार: ईद-उल-अधा (बकरीद) का अवकाश
22 जून 2024,शनिवार: संत कबीर जयंती
30 जून 2024, रविवार: रेमना नी
ज्येष्ठ माह में किन बातों का रखें ध्यान
ज्येष्ठ माह में तिल का दान करना बहुत ही फलदायी माना गया है। मान्यता है कि इससे अकाल मृत्यु का खतरा भी टल जाता है और भगवान विष्णु की विशेष कृपा प्राप्त होती है।
ज्येष्ठ के महीने में तिल, तांबा, घी और गुड़ का दान करना चाहिए। इससे मंगल दोष से बचा जा सकता है।
ज्येष्ठ महीने में प्रतिदिन सूर्यदेव को जल अर्पित करना चाहिए। इससे बिज़नेस और नौकरी में तरक्की हासिल होती है।
इस महीने में घड़े, जल, व पंखे का दान करें।
ध्यान रहें कि इस माह में बैंगन का सेवन करने से बचना चाहिए। माना जाता है कि ऐसा करने दोष लगता है और व्यक्ति कई प्रकार के रोगों से भी परेशान रहता है। इसके अलावा, तेल-मसाला आदि खाने से भी परहेज करें।
ज्येष्ठ महीने में कभी घर आये व्यक्ति को बिना पानी पिलाए घर से न भेजे।
ज्येष्ठ माह में बड़े पुत्र या पुत्री की शादी नहीं करनी चाहिए। अगर विवाह करते हैं, तो जातक पर अशुभ प्रभाव पड़ता है।
ज्येष्ठ के महीने में शरीर में तेल लगाने से बचना चाहिए।
ज्येष्ठ माह में दिन के समय में कभी नहीं सोना चाहिए। ऐसा करने से बीमारियों से ग्रस्त हो सकते हैं।
बृहत् कुंडली में छिपा है, आपके जीवन का सारा राज, जानें ग्रहों की चाल का पूरा लेखा-जोखा
सुख-समृद्धि के लिए ज्येष्ठ व आषाढ़ माह में करें ये ख़ास उपाय
आषाढ़ माह के उपाय
यदि आपको अपनी कुंडली में सूर्य और मंगल की स्थिति को मजबूत करना है और साथ ही आर्थिक समस्याओं से छुटकारा पाना है,तो आषाढ़ मास में श्री हरि विष्णु, भोलेनाथ, मां दुर्गा और हनुमानजी की पूजा अवश्य करें। ऐसा करने से मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है।
आषाढ़ मास में सूर्योदय से पहले उठकर सभी कार्यों से निपटकर स्नान करना चाहिए और उसके बाद सूर्यदेव को जल अर्पित करना चाहिए। उसके बाद कुछ भोजन करना चाहिए। सूर्यदेव आरोग्य के देवता कहे जाते हैं और आषाढ़ माह उनकी उपासना करने से व्यक्ति निरोगी बनता है।
आषाढ़ माह में कई व्रत और त्योहार मनाए जाते हैं इसलिए यह माह पूजा-पाठ के लिए महत्वपूर्ण महीना माना जाता है।
आषाढ़ महीने में स्नान के साथ ही दान का भी खास महत्व है। अपनी सामर्थ्य के अनुसार आषाढ़ मास में जरूरतमंद लोगों को दान-दक्षिणा जरूर दें। मान्यता है कि आषाढ़ माह में छाता, आंवला,जूते-चप्पल और नमक आदि का दान करना फलदायी होता है। कहते हैं ऐसा करने से भगवान विष्णु की विशेष कृपा बनी रहती है।
ज्येष्ठ माह के उपाय
जो लोग कुंडली में मंगल दोष होता है, उन्हें ज्येष्ठ के महीने में इस दोष से मुक्ति पाने के लिए तांबा, गुड़ का दान करना चाहिए।
माता लक्ष्मी की कृपा पाने के लिए ज्येष्ठ महीने में रोज पशु-पक्षियों को दाना डालें और गाय को चारा खिलाना चाहिए।
ज्येष्ठ माह में सूर्यदेव की किरणें तेज होती है। इस महीने सूर्यदेव को जल देने से व्यक्ति के धन प्रतिष्ठा में वृद्धि होती है।
जिन लोगों की कुंडली में ग्रह दोष होता है, उन्हें ज्येष्ठ के महीने में इस दोष से मुक्ति पाने के लिए तांबा, गुड़ का दान करना चाहिए।
माता लक्ष्मी की कृपा पाने के लिए ज्येष्ठ महीने में रोज पशु-पक्षियों को दाना डालना चाहिए और गाय को चारा खिलाना चाहिए।
ज्येष्ठ माह में सूर्यदेव की रोशनी सबसे तेज होती है। इस महीने सूर्यदेव को जल देने से व्यक्ति के मान-सम्मान में बढ़ोतरी होती है।
जून 2024 में पड़ने वाले ग्रहण और गोचर
व्रत-त्योहार, बैंक हॉलिडे और जून का धार्मिक महत्व जानने के बाद, अब हम इस महीने में होने वाले गोचर और लगने वाले ग्रहण के बारे में बात करेंगे। जून 2024 में कुल 9 बार ग्रहों की स्थिति और दशा में परिवर्तन देखने को मिलेगा जिसमें 5 बड़े ग्रह गोचर करेंगे और इसमें एक ग्रह 2 बार अपनी राशि बदलेगा जबकि 4 बार ग्रहों की चाल एवं दशा में बदलाव आएगा। तो आइए बिना देर किये जानते हैं इन ग्रहों के गोचरों के बारे में।
मंगल का मेष राशि में गोचर (01 जून 2024): लाल ग्रह के नाम से प्रसिद्ध मंगल महाराज 01 जून 2024 की दोपहर 03 बजकर 27 मिनट पर अपनी राशि मेष में गोचर कर जाएंगे।
बुध वृषभ राशि में अस्त (02 जून 2024): बुध को ग्रहों के राजकुमार के नाम से जाना जाता है जो अब 02 जून 2024 की शाम 06 बजकर 10 मिनट पर वृषभ राशि में अस्त होने जा रहे हैं।
बृहस्पति का वृषभ राशि में उदय (03 जून 2024): गुरु ग्रह को देवताओं के गुरु का दर्जा प्राप्त है और इनके उदय व अस्त होने से संसार पर प्रभाव पड़ता है। अब यह 03 जून 2024 की रात 03 बजकर 21 मिनट पर उदय होने जा रहा है।
शुक्र का मिथुन राशि में गोचर (12 जून 2024): प्रेम, विलासिता और भौतिक सुखों के कारक ग्रह शुक्र देव 12 जून 2024 की शाम 06 बजकर 15 मिनट पर मिथुन राशि में गोचर करने जा रहे हैं।
बुध का मिथुन राशि में गोचर (14 जून 2024): बुद्धि, वाणी और तर्क के कारक ग्रह के रूप में प्रसिद्ध बुध महाराज 14 जून 2024 की रात 10 बजकर 55 मिनट पर मिथुन राशि में गोचर कर जाएंगे।
सूर्य का मिथुन राशि में गोचर (15 जून 2024): ज्योतिष में सूर्य देव को नवग्रहों के राजा का दर्जा प्राप्त है और अब यह 15 जून 2024 की रात 12 बजकर 16 मिनट पर मिथुन राशि में प्रवेश करने वाले हैं।
बुध का मिथुन राशि में उदय (27 जून 2024): जून में एक बार फिर बुध ग्रह की दशा में सुबह बदलाव देखने को मिलेगा और यह अपनी अस्त अवस्था से बाहर आते हुए 27 जून 2024 की सुबह 04 बजकर 22 मिनट पर मिथुन राशि में उदित होने जाएंगे।
बुध का कर्क राशि में गोचर (29 जून 2024): ज्योतिष में बुध ग्रह को तेज़ गति से चलने वाला ग्रह माना गया है और ऐसे में, जून में यह पुनः अपनी राशि में परिवर्तन करते हुए 29 जून 2024 की दोपहर 12 बजकर 13 मिनट पर कर्क राशि में गोचर कर जाएंगे।
शनि कुंभ राशि में वक्री (29 जून 2024): न्याय और कर्मफल दाता के नाम से विख्यात सूर्य पुत्र शनि अपनी ही राशि कुंभ में 29 जून 2024 की रात 11 बजकर 40 मिनट पर वक्री हो जाएंगे।
नोट: जून 2024 में कोई ग्रहण नहीं लगेगा।
जून मासिक भविष्यवाणी 2024: 12 राशियों का राशिफल
मेष राशि
इस राशि के जातक करियर में कड़ी मेहनत करेंगे और इस मेहनत के बल पर आप अच्छी सफलता प्राप्त करेंगे। लेकिन……विस्तार से पढ़ें
वृषभ राशि
वृषभ राशि वालों का करियर जून 2024 में अनुकूल रहेगा। इस दौरान आप काम में ख़ूब मेहनत करेंगे और……(विस्तार से पढ़ें)
मिथुन राशि
मिथुन राशि के जातकों का करियर इस महीने उतार-चढ़ाव से भरा रहेगा। इस अवधि में आप…(विस्तार से पढ़ें)
कर्क राशि
कर्क राशि वालों की करियर के क्षेत्र में स्थिति मज़बूत होगी और आप तरक्की हासिल करेंगे। आपका पद…(विस्तार से पढ़ें)
सिंह राशि
सिंह राशि वालों का जून 2024 में करियर अनुकूल रहेगा। नौकरी ढूंढ रहे जातकों को…(विस्तार से पढ़ें)
कन्या राशि
कन्या राशि वालों का करियर जून माह में सामान्य रहेगा। इस अवधि में आप अपने काम को बेहतर तरीके से कर सकेंगे। लेकिन…(विस्तार से पढ़ें)
तुला राशि
इस राशि के लोगों का आर्थिक जीवन जून में थोड़ा मुश्किल रह सकता है। इस दौरान आपको व्यापार में लाभ प्राप्त होने की संभावना है। साथ ही…(विस्तार से पढ़ें)
वृश्चिक राशि
वृश्चिक राशि वालों का करियर जून 2024 में ज्यादातर अनुकूल रहेगा। इस दौरान नौकरी में आपका…(विस्तार से पढ़ें)
धनु राशि
जून में आपका पारिवारिक जीवन काफ़ी अशांत रह सकता है जिसकी वजह से आप बैचैन नज़र आ सकते है। ऐसे में, आपको…(विस्तार से पढ़ें)
मकर राशि
मकर राशि के जातकों का करियर इस महीने मिल-जुला रहेगा क्योंकि आपको नौकरी में बदलाव से जूझना पड़ सकता है या फिर…(विस्तार से पढ़ें)
कुंभ राशि
इन जातकों का पारिवारिक जीवन अनुकूल रहेगा और आपके माता-पिता के स्वास्थ्य में सुधार देखने को मिलेगा। साथ ही…(विस्तार से पढ़ें)
मीन राशि
इस माह आपका पारिवारिक जीवन अच्छा रहेगा। लेकिन, आपको ध्यान रखना होगा कि भावनाओं में बहकर कुछ भी ऐसा न करें…(विस्तार से पढ़ें)
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्नों
प्रश्न 1. मकर राशि वालों का 2024 कैसा रहने वाला है?
उत्तर. साल 2024 मकर राशि वालों का मिलाजुला रहेगा।
प्रश्न 2.2024 तुला राशि वालों के लिए कैसा रहेगा?
उत्तर. इस राशि के लोगों का आर्थिक जीवन जून में थोड़ा मुश्किल रह सकता है।
प्रश्न 3. मिथुन राशि का करियर क्या है?
उत्तर. मिथुन राशि के जातकों का करियर इस महीने उतार-चढ़ाव से भरा रहेगा।
प्रश्न 4. अपरा एकादशी का व्रत कब रखा जाएगा?
उत्तर. अपरा एकादशी 02 जून 2024 रविवार के दिन रखा जाएगा।
नए साल के आते ही इन राशियों के परिवार में आएंगी खुशियां, मिलेगा खूब प्यार
अगर आप भी अपने परिवार को लेकर चिंतित हैं, तो इस ब्लॉग में जान सकते हैं कि साल 2025 में आपका पारिवारिक जीवन कैसा रहेगा। इस ब्लॉग में उन राशियों के बारे में बताया गया है जिनका वर्ष 2025 में पारिवारिक जीवन खुशहाल और आपसी प्रेम से भरा रहेगा।
यदि आपके परिवार में भी कुछ परेशानियां चल रही हैं और आप जानना चाहते हैं कि इन समस्याओं और दिक्कतों का अंत कब होगा, तो आपको अपने इन सभी सवालों का जवाब इस ब्लॉग में मिल जाएगा।
तो चलिए अब बिना देर किए आगे बढ़ते हैं और जानते हैं कि वर्ष 2025 में किन राशियों के परिवार में सुख और समृद्धि आने की संभावना है।
अप्रैल तक मेष राशि के लोगों के परिवार में खुशियों का माहौल बना रहेगा। इस दौरान शनि आपके ग्यारहवें भाव में रहेंगे जिससे आपका पारिवारिक जीवन खुशियों से भर जाएगा। इस समय गुरु के भी अनुकूल स्थिति में होने की वजह से आपको अच्छे परिणाम प्राप्त होंगे। मार्च के महीने से आपकी साढ़े साती शुरू हो जाएगी।
इसके बाद आपको अपने परिवार में धैर्य से काम लेने की सलाह दी जाती है। इस बीच परिवार में थोड़ी तनावपूर्ण स्थिति पैदा हो सकती है। अप्रैल तक आप अपने परिवार के सदस्यों के साथ प्रेम और आपसी तालमेल का भरपूर आनंद उठाएंगे।
बृहत् कुंडली में छिपा है, आपके जीवन का सारा राज, जानें ग्रहों की चाल का पूरा लेखा-जोखा
वृषभ राशि
वृषभ राशि के लोगों का पारिवारिक जीवन मई के बाद अच्छा होना शुरू होगा। इस समय गुरु के गोचर की वजह से आपके परिवार में खुशियां आने के संकेत हैं। आपके घर-परिवार में सुख-शांति, सौहार्द और आपसी समझ आदि बनी रहेगी। आपके परिवार के सदस्यों के बीच एक-दूसरे के लिए प्यार बढ़ेगा।
शनि के ग्यारहवें भाव में होने पर आप अपने परिवार की जिम्मेदारियां उठाने के लिए तैयार रहेंगे। इसके साथ ही अपनी पारिवारिक समस्याओं को भी दूर करने का प्रयास करेंगे। आप अपने पार्टनर से अपने मन की बात साझा कर सकते हैं।
इससे आपको खुशी और संतुष्टि मिलेगी। पारिवारिक माहौल सुखमय रहने से आपका खुद का मिज़ाज भी अच्छा रहेगा। आप अपने हंसमुख और चंचल स्वभाव से अपने परिवार का मनोरंजन करते हुए नज़र आएंगे।
मई के महीने में आपके परिवार में कोई मांगलिक कार्य हो सकता है। हालांकि, अप्रैल के महीने में परिवार में विवाद या मतभेद उत्पन्न होने की आशंका है। आप अपने परिवार के सदस्यों के बीच आपसी तालमेल और समझ विकसित करने की कोशिश करें। इसकी मदद से पारिवारिक समस्याओं को बढ़ने से रोका जा सकता है।
मई के महीने के बाद सिंह राशि के लोगों के परिवार में खुशियां दस्तक देंगी। आप अपने परिवार के साथ समय बिताएंगे और उनके साथ कहीं बाहर घूमने की योजना भी बना सकते हैं। आप इस समय का खूब आनंद लेंगे। मई के बाद गुरु की शुभ स्थिति के कारण आपको अपने पारिवारिक जीवन में इस तरह के अनुकूल परिणाम प्राप्त होंगे।
आप इस खुशहाल समय का तो आनंद लेंगे ही साथ ही अपने जीवन में उच्च मूल्य भी स्थापित करेंगे। शनि के आठवें भाव में होने की वजह से आपके परिवार में कुछ समस्याएं भी उत्पन्न हो सकती हैं।
वहीं राहु की पहले भाव में और केतु की सातवें भाव में उपस्थिति आपके परिवार की खुशियों पर नज़र लगाने का प्रयास करेगी। हालांकि, मई में हो रहे गुरु के गोचर की वजह से आपके परिवार की सुख-शांति में वृद्धि होगी।
अप्रैल तक कन्या राशि के लोगों के परिवार में खुशियां और स्नेह बना रहेगा। गुरु के आपकी चंद्र राशि के नवम भाव में आने की वजह से पारिवारिक जीवन में खूब खुशियां और प्यार बढ़ेगा। आप अपने परिवार के उच्च मूल्यों को बनाए रखने में सक्षम होंगे। इसके साथ ही अपने परिवार को एकसाथ रखने की आपकी कोशिश भी सफल होगी।
आप अपने परिवार में अपनी खास जगह बनाने में भी सफल होंगे। हालांकि, मई में गुरु के गोचर के बाद आपके परिवार में कुछ समस्याएं आने की आशंका है। गुरु आपके दसवें भाव में रहेंगे जिससे परिवार के सदस्यों के बीच अहंकार से संबंधित समस्याएं होने का खतरा है।
शनि मार्च से आपके सातवें भाव में रहेंगे और यहां से आपको अपने परिवार को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी जाती है। आपके परिवार में अलगाव की भावना पैदा होने का डर है।
मई के महीने से तुला राशि के लोगों के परिवार के अच्छे दिन शुरू हो जाएंगे। गुरु इस दौरान आपके नवम भाव में आएंगे और अप्रैल तक वह आठवें भाव में स्थित रहेंगे। गुरु की वजह से अप्रैल तक आपको परिवार में परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि, गुरु के मई में राशि परिवर्तन करते ही आपको खुशियां मिलेंगी।
मार्च से शनि देव आपके छठे भाव में रहेंगे जिससे आपके परिवार में सुख-शांति बनी रहेगी। शुक्र 29 जून से लेकर 26 जुलाई 2025 और 20 नवंबर 2025 से लेकर 26 नवंबर 2025 तक आपके परिवार की खुशियों में वृद्धि करेंगे। आपके अपने परिवार के सदस्यों के साथ रिश्ते मज़बूत होंगे। आप अपने परिवार में उच्च मूल्य कायम रख पाने में सफल होंगे।
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मंगल के मेष में आते ही भरने लगेगी इन लोगों की तिजोरी, दोगुना हो जाएगा पैसा
01 जून 2024 को दोपहर 03 बजकर 27 पर मंगल अपनी ही राशि मेष में प्रवेश कर जाएंगे। इस राशि में मंगल 12 जुलाई तक उपस्थित रहने वाले हैं। इस दौरान मंगल रूचक योग भी बना रहे हैं जो कि पंच महापुरुष योग में से एक है। मंगल के इस गोचर का सभी राशियों के जीवन के विभिन्न पहलुओं पर अनूकूल-प्रतिकूल प्रभाव देखने को मिलेगा और इनमें से कुछ राशियां ऐसी हैं जिन्हें इस समयावधि में खूब पैसा कमाने का मिलेगा।
इस ब्लॉग में हम आपको यही बताने जा रहे हैं कि 01 जून को मंगल के मेष राशि में प्रवेश करने पर किन राशियों के लोगों की वित्तीय स्थिति में सुधार आने के संकेत हैं।
मंगल के गोचर के दौरान मेष राशि के लोगों को खूब धन कमाने का मौका मिलेगा। इसके साथ ही आप पैसों की बचत करने में भी सफल होंगे। आप अपने करियर में भी प्रगति हासिल करेंगे और व्यापारियों को भी अपने क्षेत्र में खूब धन कमाने का मौका मिलेगा। इससे आपकी आर्थिक स्थिति को लाभ होगा।
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कर्क राशि
मंगल के स्वराशि में आने पर कर्क राशि के लोग खूब धन कमाएंगे। यदि आप सरकारी नौकरी के लिए प्रयास कर रहे हैं, तो अब आपको इस दिशा में सफलता मिल सकती है। इससे आपकी आर्थिक स्थिति में सुधार आएगा। व्यापारी भी अधिक मुनाफा कमाएंगे और अपने प्रतिद्वंदियों को कड़ी टक्कर देंगे। इस दौरान आपको अधिक धन कमाने का मौका मिलेगा। नौकरी में पदोन्नति के रूप में आपको धन लाभ हो सकता है।
इस दौरान आपको अपने भाग्य का पूरा साथ मिलने वाला है। आप धन तो कमाएंगे ही साथ ही उसकी बचत करने में भी सफल होंगे। इस समय आपकी आर्थिक स्थिति में सुधार आना शुरू होगा। आप अपने जीवन में ज्यादा धन और खुशियां अर्जित करने में कामयाब रहेंगे। व्यापारियों के लिए भी अच्छा समय है। इस गोचर के समय इन्हें कई नए और बेहतरीन अवसर प्राप्त होंगे।
वृश्चिक राशि के छठे भाव में मंगल का यह गोचर होने जा रहा है। आपको इस समय कम प्रयास करने पर भी अपने कार्य में सफलता मिल जाएगी। व्यापारी भी खूब धन कमाने में सफल होंगे। इस समय आपकी आर्थिक स्थिति अच्छी रहने वाली है। आप धन कमाने के साथ-साथ पैसों की बचत करने में भी सक्षम होंगे।
धनु राशि के पांचवे घर में यह गोचर होने जा रहा है। आपको शेयर मार्केट से पैसा कमाने का मौका मिलेगा। आपको अच्छी नौकरी मिल सकती है जिससे आपकी आय के साधन बढ़ेंगे। आप सट्टेबाज़ी से अधिक धन कमाने और पैसों को संचय करने में सफल होंगे। आपके खर्चों के भी बढ़ने की संभावना है। हालांकि, आय बढ़ने से आप अपने खर्चों को भी आसानी से संभाल लेंगे।
कुंभ राशि के तीसरे घर में मंगल का यह गोचर होने जा रहा है। इस दौरान आपको अपने प्रयासों में सफलता ज़रूर मिलेगी। कार्यक्षेत्र में भी आपकी प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। आर्थिक स्तर पर आप खूब धन कमाएंगे और आप धन को संचित करने में भी कामयाब होंगे। इस तरह मंगल के गोचर करने के दौरान आपकी वित्तीय स्थिति सुदृढ़ रहने वाली है।
मीन राशि की बात करें, तो इनके लिए भी मंगल का गोचर अनुकूल साबित होगा। आपके दूसरे भाव में यह गोचर होने जा रहा है और आपकी राशि के दूसरे एवं नवम भाव का स्वामी मंगल ग्रह है। आप इस समय खूब पैसा कमाने की इच्छा रखेंगे। व्यापारी नया बिज़नेस शुरू कर सकते हैं। धन के मामले में इनके लिए लाभ की स्थिति बनी हुई है और ये अपने पैसों की बचत भी कर पाएंगे। इससे इनकी आर्थिक स्थिति में मज़बूती आने की संभावना है।
क्रिस्टियानो रोनाल्डो, एंजलीना जोली और स्टीव जॉब्स की कुंडली में मंगल मेष राशि में विराजमान हैं। मेष राशि में होने पर मंगल व्यक्ति को जोश, ताकत और दृढ़ता से भर देते हैं। इसके प्रभाव में जातक अपने लक्ष्यों को पाने के लिए साहसिक कदम उठाता है। व्यक्ति अपने रिश्तों में चुनौतियों का सामना करने और आत्म-खोज करने के लिए अपनी आंतरिक ऊर्जा का उपयोग करने में सक्षम होता है।
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मंगल को प्रसन्न करने के लिए करें इन चीज़ों का दान
वैदिक ज्योतिष के अनुसार किसी भी ग्रह के अशुभ प्रभावों से मुक्ति पाने का सबसे सरल तरीका है दान करना। इससे आपके पाप कर्म भी नष्ट हो जाते हैं। मंगल को मज़बूत करने और इस ग्रह से शुभ फल प्राप्त करने के लिए आप मंगलवार को मंगल के होरा और मंगल के नक्षत्र जैसे कि मृगशिरा, चित्रा और धनिष्ठा में लाल दाल, खांड, सौंफ, गेहूं, लाल कनेर के फूल, तांबे के बर्तन और गुड़ आदि का दान करें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्रश्न. मेष राशि में मंगल होने का क्या मतलब है?
उत्तर. इसका अर्थ है कि व्यक्ति के सफलता के मार्ग में कोई बाधा नहीं आएगी।
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लोकसभा चुनाव 2024 में किसकी बनेगी सरकार? जानें क्या कहती है ग्रहों की स्थिति
क्या वाकई होगा अबकी बार चार सौ पार? क्या सच में फिर से बन रही है मोदी सरकार? या फिर ये महज एक नारा है। इस बार लोकसभा चुनाव में कैसे परिणाम प्राप्त होंगे। ये सब जानकारी हम आपको एस्ट्रोसेज के ब्लॉग में देंगे। तो चलिए चर्चा करते हैं इस विषय पर।
जैसा कि आप सभी जानते हैं कि इस बार भाजपा पार्टी के द्वारा एक नारा दिया गया है-“अबकी बार, चार सौ पार”…क्या वाकई ऐसा हो सकेगा? ज्योतिष क्या कहता है? ग्रह गोचर और दशाओं का क्या संकेत है इस मामले में? आइए जानते हैं।
क्या कहते हैं ग्रह
आज़ाद भारत की कुंडली वृषभ लग्न वाली है। शुक्र की लग्न और बृहस्पति के नवांश में देश को आज़ादी मिलना स्वीकार किया गया था। मीन का नवांश देश के लोगों को भावना प्रधान बनाता है। ऊपर से मन का कारक चंद्रमा भी उस समय अपनी ही राशि कर्क राशि में था। कर्क राशि भावना प्रधान राशि होती है। यही कारण है कि इस देश के चुनाव या निर्णय देश की जरूरतों व विकास से अधिक भावनात्मक मुद्दों पर लड़े जाते हैं या लड़े गए हैं।
हो सकता है कि शुरुआत में दलों का उद्देश्य विकास ही रहता हो लेकिन विकास के मुद्दों को लेकर जनता के पास जाने पर जनता वोट न देती हों। फलस्वरूप नेतागणों को भावनात्मक मुद्दों वाली स्ट्रेटजी बनानी पड़ती हों। आप खुद गौर करें कि इस देश में आराम से तथ्यपरक बाते नहीं सुनी जातीं। वहीं कोई रो रहा हों या जोर जोर से चिल्ला रहा हो तो लोग उसे जरूर सुनते हैं। इस बात को एक उदाहरण के माध्यम से समझते हैं। आपने गौर किया होगा कि इस देश में रोने धोने वाले सीरियल या फिल्में बहुत चलते हैं। या फिर गाली गलौज और मारपीट वाले शोज भी अच्छी टी.आर.पी. देते हैं। यही कारण है कि ज्ञानवर्धक फिल्म या शोज बनाने वाले लोगों को रियलटी शोज में भी ड्रामा लाना पड़ता है।
खैर विषयांतर न करके हुए मुद्दे की बात करते हैं और मुद्दे की बात यह है कि इस देश में जो भी लोगों की भावनाओं को छुएगा वहीं राज करेगा। यानी आपकी भावनाओं के तारों को छेेड़ने वाला ही आपके, हमारे या ज्यादातर देशवासियों के दिल और दिमाग के करीब रहेगा।
बात करें इस बार के चुनाव की तो इस बार भारतवर्ष पर चंद्रमा की महादशा में शुक्र की अंतरदशा प्रभावी हैं। हमने अपने अनुभव में पाया है कि शुक्र की दशा अवधि में होने वाले चुनावों में सत्तारूढ़ दल की ताकत को कम किया है और विपक्ष या विपक्षियों की ताकत के ग्राफ को बढ़ाया है। ये लक्षण इस बात के संकेत कर रहे हैं कि सत्तारूढ़ दल की ताकत बढ़ने की बजाय कम हो सकती है यानी 2019 के मुकाबले इस बार भाजपा व एनडीए की ताकत कम हो सकती है। यानी 2019 के 353 के मुकाबले इस बार एनडीए की सीटें कम हो सकती हैं। ऐसी ही बात हम भाजपा की सीटों के लिए कहना चाहेंगे। यानी भाजपा सीटें 2019 के 303 के मुकाबले इस बार कम हो सकती हैं। ये तो रही दशाओं की बात। अब हम बात करेंगे गोचर की।
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2024 लोकसभा चुनाव में क्या कहती है ग्रहों की स्थिति
इस बार के चुनाव के दौरान देवगुरु बृहस्पति का राशि परिवर्तन बीच चुनाव में हुआ है। यह भी अस्थिरता का संकेत कर रहा है। चुनाव की शुरुआत के समय बृहस्पति का गोचर मेष राशि में था, जो सत्तापक्ष के लिए अनुकूल था लेकिन 1 मई 2024 को गुरु मेष राशि को छोड़कर वृष राशि में चले गए जो सत्तापक्ष के लिए कमजोर स्थिति हुई। कई मूर्धन्य ज्योतिषी तो वृष राशि के बृहस्पति को सत्ता परिवर्तन कराने वाला कहते हैं। अब क्योंकि ज्योतिष में शुभारंभ को अधिक महत्त्व दिया जाता है, अत: यह उम्मीद रख रहे हैं कि शुभारम्भ अनुकूल होने के कारण सम्भवत: सत्ता परिवर्तन नहीं होना चाहिए। बल्कि वर्तमान का सत्तारूढ़ गठबंधन सत्ता में बना रह सकता है लेकिन विरुद्ध हुआ गुरु का गोचर सरकार, सरकार के मुखिया व इनके कार्यों के महत्त्व को कम करवा सकता है। जनता के मन में इनके प्रति भाव कम हो सकते हैं। इन्हीं कारणों से हम सत्तारूढ़ गठबंधन की सीटें कम होने की बात कर रहे हैं।
कहने का मतलब यह कि 1 मई 2024 से पहले हुए मतदान में भाजपा व इनके समर्थक दलों के वोट का प्रतिशत अधिक रहा होगा। वहीं 1 मई 2024 के बाद हुए मतदान में इनका वोट प्रतिशत कम हुआ होगा। आने वाले बाकी के चरणों में इनका वोट पर्सेंटेज कम हो सकता है। फिर भी येन केन प्रकारेण ये सरकार बना सकते हैं। अलबत्ता इन्हें सरकार बनाने के लिए और लोंगों या दलों का सहारा लेना पड़़ सकता है। वर्तमान समर्थकों को रोकने के लिए भी इन्हें नए सिरे से प्रयास करने पड़ सकते हैं। क्योंकि समर्थकों के द्वारा कुछ नई शर्तें व नई मांगे भी रखी जा सकती है। इनकी कमजोर पड़ रही ताकत का फायदा कांग्रेस व अन्य विपक्षी दलों को मिल सकता है। उम्मीद है अब तक आप यह समझ गए होंगे कि “अबकी बार, चार सौ पार” के नारे वाला आकड़ा बीजेपी की पहुंच से दूर नज़र आ रहा है।
बीजेपी की कुंडली की स्वयं की दशाएं भी चंद्रमा में बुध की हैं जो इनके मन में अज्ञात चिंता या भय देने का काम कर रही हैं। आप समझ सकते हैं कि देश की सशक्त पार्टी कि किस बात को लेकर चिंतित या भयभीत होगी? स्वाभाविक है यह चिंता अपने लक्ष्य तक न पहुंचने की ही हो सकती है। इसका असर केंद्र के नेताओं के बयानों और भाषणों में आप महसूस कर सकते हैं। सम्भवत: इस बार के चुनाव में केंद्र का प्रभाव कम और स्थानीय या प्रादेशिक सरकारों और नेताओं का अधिक रह सकता है। इस बात को इस उदाहरण के माध्यम से समझते है कि उत्तरप्रदेश में भाजपा की सरकार है तो केंद्र की कमजोरी का अधिक प्रभाव उत्तर प्रदेश में लोकसभा चुनाव लड़ रहे प्रत्यासियों पर नहीं पड़ेगा और वहां पर भाजपा एक सम्मान जनक सीट निकाल सकती है।
हालांकि यहां यह बात भी स्पष्ट कर दी जाए कि राजनीति में कुछ भी हो सकता है। ऐसे में यदि उत्तर प्रदेश में ही भाजपा का कोई स्थानीय नेता ही भितरघात कर जाए या अपनी पार्टी के प्रत्याशी को जिताने के लिए पूरा दम खम न लगाए तो वहां भाजपा हार भी सकती है। वहीं जहां पर भाजपा की सरकारें नहीं हैं लेकिन स्थानीय नेता पूरी ईमानदारी से अपने प्रत्यासी को जिताने का प्रयास करेंगे तो वहां बीजेपी को फायदा होगा। ध्यान रहे यह एक उदाहरण था, न कि हमने किसी पर आरोप लगाया है। और इसी तरह का प्रभाव हर पार्टी पर रहेगा। बीजेपी का नाम तो हमने सिर्फ़ उदाहरण देने के लिए लिया है। जैसा की नीति और तर्क कहते हैं कि सत्तारूढ़ दल के लोग अति आत्मविश्वासी हो जाते हैं और प्रयास के ग्राफ को कम कर देते हैं। कहने का मतलब यह कि 1 मई 2024 के बाद हुए मतदान या होने वाले मतदान में केन्द्र की लहर से ज्यादा स्थानीय इकाई प्रभावी रहेगी। इसके पहले कमजोर स्थानीय नेता भी केंद्र की लहर में चुनाव जीता है यह बात हर कोई जानता है।
सारांश
चलिए चलते चलते सारी बातों के सारांश की बात कर ली जाए। तो सारांश यह कि मतदान के शुरुआती दौर की अनुकूलता के चलते एनडीए के रिपीट होने की बात कही जा सकती है अन्यथा 1 मई 2024 के बाद का समय सत्ता विरोधी है और 1 मई 2024 के बाद के चरणों में स्थानीय इकाइयों का प्रभाव अधिक रहेगा। सत्तारूढ़ दल की सींटों में कभी देखने को मिल सकती है। यही कारण है कि इन्हें कुछ और साथियों की जरूरत पड़ सकती है। उत्तर भारत में सत्तापक्ष की सीटों में कमी तो वहीं दक्षिण भारत के कुछ राज्यों भाजपा का वोट परसेंट बढ़ भी सकता है और जहां इनकी सीटें नहीं हैं वहां इनका खाता खुल भी सकता है।
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्रश्न 1. क्या ज्योतिष के अनुसार बीजेपी 2024 जीत पाएगी?
उत्तर 1. ज्योतिष के अनुसार, लोकसभा चुनाव 2024 में भाजपा के द्वारा एक बार फिर सरकार बनाने के संभावना में अधिक है।
प्रश्न 2. लोकसभी चुनाव 2024 के नतीजे कब आ रहे हैं?
उत्तर 2. लोकसभा चुनाव के नतीजे 04 जून 2024 को आ रहे हैं।
प्रश्न 3. नरेंद्र मोदी की चंद्र राशि क्या है?
उत्तर 3. मोदी की चंद्र राशि वृश्चिक राशि है।
जून में होने वाला है चमत्कार, एक साथ दो बड़े ग्रहों की होगी युति, इन जातकों पर होगी धन वर्षा!
मई के बाद जून का महीना शुरुआत हो जाएगी। यह महीना ग्रह गोचर के लिए बहुत अधिक महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि कई बड़े ग्रह अपनी राशि में परिवर्तन करने जा रहे हैं। इसी क्रम में एक ही राशि में दो बड़े ग्रह प्रवेश करने को तैयार है। दरअसल हम यहां सूर्य और बुध ग्रह की बात कर रहे हैं। बुद्धि, तर्क, मित्र और ग्रहों के राजकुमार कहे जाने वाले ग्रह बुध 14 जून 2024 की 10 बजकर 55 मिनट पर अपनी स्वयं की राशि मिथुन में गोचर करने जा रहे हैं। इसके बाद मान-सम्मान, उच्च पद और नेतृत्व क्षमता के कारक ग्रह और ग्रहों के राजा कहे जाने वाले ग्रह सूर्य 15 जून 2024 की मध्यरात्रि 12 बजकर 16 मिनट पर मिथुन राशि में प्रवेश कर जाएंगे।
इस तरह मिथुन राशि में सूर्य और बुध ग्रह की युति बनेगी, जिससे बुधादित्य राजयोग का निर्माण भी होगा। मिथुन राशि में सूर्य और बुध ग्रह की युति का प्रभाव सभी 12 राशि के जातकों पर पड़ेगा लेकिन इस दौरान 6 राशि के जातकों को बेहद शुभ फलों की प्राप्ति होगी। तो आइए आगे बढ़ते हैं और जानते हैं कौन सी है वह राशियां।
बृहत् कुंडलीमें छिपा है, आपके जीवन का सारा राज, जानें ग्रहों की चाल का पूरालेखा-जोखा
बुध व सूर्य की युति इन जातकों के लिए साबित होगी भाग्यशाली
वृषभ राशि
दो ग्रहों की युति से वृषभ राशि वालों को जीवन के कई क्षेत्र में लाभ मिलने वाला है। इस दौरान आप अपने सुख संसाधनों पर अधिक खर्च करेंगे और एक शानदार जीवन जीएंगे। आपके पास धन भी पर्याप्त मात्रा में रहेगा। आप परिजनों और प्रियजनों के साथ कहीं बाहर घूमने का प्लान कर सकते हैं। इससे आपको शांति महसूस होगी और दिमाग भी शांत रहेगा। नौकरीपेशा और व्यापारियों के लिए यह अवधि बेहद अनुकूल है। इस अवधि आपको अपने व्यापार से अच्छा ख़ासा मुनाफ़ा होगा। यह अवधि उन जातकों के लिए काफी शुभ साबित हो सकता है जो पार्टनरशिप में व्यवसाय कर रहे हैं। इस दौरान आपको अपने भागीदार के मदद व मेहनत से अच्छा मुनाफा होने की संभावना है। वही नौकरी करने वाले जातकों को अपने कार्यक्षेत्र में कई अच्छे मौके मिल सकते हैं और प्रबल संभावना है कि आपको पदोन्नति की प्राप्ति हो या आपके वेतन में वृद्धि हो। सूर्य और बुध के गोचर के शुभ प्रभाव से आपके सामाजिक दायरे में बढ़ोतरी होगी और आपके नए-नए मित्र बनेंगे।
मिथुन राशि में ही सूर्य और बुध का गोचर होने वाला है इसलिए जून माह से आपको कई मामलों में लाभ होने वाला है। इस दौरान आपको हर क्षेत्र में सफलता प्राप्त होगी और भाग्य का पूरा साथ मिलेगा। यदि आपके कही पैसे फंसे हैं तो वह भी आपको आसानी से मिल जाएंगे। बुध ग्रह के प्रभाव से आपकी भाषा में मधुरता देखने को मिलेगी और आपकी वाणी से हर कोई आपकी ओर आकर्षित हो जाएगा। सूर्य के प्रभाव के चलते इस अवधि समाज में आपका मान-सम्मान बढ़ेगा और हर कोई आपकी बातों को प्राथमिकता देगा। साथ ही, आपके नेतृत्व करने की क्षमता में भी वृद्धि होगी। परिवार में कोई अनबन चल रही है वह इस अवधि समाप्त होगी। यदि आ सेहत संबंधी समस्या का सामना कर रहे हैं तो इन मामलों में सुधार आएगा और जीवन को नई दिशा भी मिलेगी। आप पूरी तरह फिट महसूस करेंगे। आपके आर्थिक जीवन की बात करें तो आप आर्थिक रूप से बहुत अधिक मजबूत रहेंगे। आपके पैतृक संपत्ति से भी लाभ होने के योग बन रहे हैं। जो जातक पर्यटन क्षेत्र से जुड़े हैं या फिर किसी विदेशी कंपनी में कार्य करते हैं, उन्हें इस अवधि में बेहतर नतीजे प्राप्त हो सकते हैं।
दो ग्रहों का एक राशि में गोचर करने से सिंह राशि वालों को विशेष लाभ मिलेगा और आपकी आर्थिक स्थिति पहले से अधिक मजबूत होगी। आप जीवन के सभी क्षेत्रों की जिम्मेदारियों को बखूबी निभाएंगे और आपके विचार लोगों को प्रभावित करेंगे। यदि आप धन संबंधित समस्याओं का सामना कर रहे थे तो धन प्राप्ति के नए नए मार्ग आपके लिए खुलेंगे और आपकी लाइफ स्टाइल में अच्छा बदलाव भी आएगा। इस अवधि में आपकी कड़ी मेहनत का आपको फल मिल सकता है और आपकी आय में बढ़ोतरी होने की भी संभावना है जिसकी वजह से आपकी आर्थिक स्थिति में सुधार आएगा। सूर्य के प्रभाव से आपके जीवन में सुख और समृद्धि आने की संभावना है। साथ ही, जो जातक शेयर मार्केट में निवेश करने का सोच रहे हैं, उनके लिए यह समय बहुत अधिक शानदार साबित हो सकती है क्योंकि इस दौरान आपको भाग्य का पूरा-पूरा साथ मिलेगा। जीवनसाथी के साथ आपके संबंध अच्छे रहेंगे और एक दूसरे का सहारा बनते हुए जीवन में आगे बढ़ेंगे। इस अवधि नया वाहन या जमीन खरीदने की इच्छा आपकी पूरी होने की संभावना भी बन रही है।
कन्या राशि
कन्या राशि वालों को एक राशि में दो ग्रहों की युति से जून माह से हर मनोवांछित फल की प्राप्ति होगी। समाज में आपका मान-सम्मान बढ़ेगा। नौकरीपेशा जातकों के करियर में अच्छी तरक्की होगी और वरिष्ठों की मदद से आपकी सैलरी में बढ़ोतरी और पदोन्नति भी होगी। इस अवधि आप अपनी महत्वाकांक्षाओं की पूर्ति कर पाएंगे और आपकी इच्छाएं भी पूरी होंगी। आप इस दौरान जमीन या फिर विदेश से जुड़ा कोई निवेश करें तो यह आपके लिए लाभदायक सिद्ध हो सकता है। यह अवधि सट्टा बाजारों में अपनी किस्मत आजमाने और कई स्रोतों से पैसा कमाने के कई अवसर लेकर आ सकता है। इसके अलावा, कन्या राशि के कुछ जातकों को अपने कुछ पुराने डूबे हुए निवेश, संपत्ति या खातों से लाभ मिल सकता है। दांपत्य जीवन में प्रेम भाव बना रहेगा। आप अपने पार्टनर के साथ कहीं बाहर घूमने जाने का प्लान कर सकते हैं और इस यात्रा के दौरान आप एक-दूसरे को बेहद करीब महसूस करेंगे, जिससे आपका रिश्ता पहले से अधिक मजबूत होगा। इसके अलावा, घर के सभी सदस्यों की इच्छाओं को पूरा करेंगे।
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वृश्चिक राशि
दो ग्रहों की युति से वृश्चिक राशि वालों को जून माह में बहुत अधिक धन लाभ होगा। इस अवधि के दौरान संपत्ति से लाभ या संपत्ति में लेन-देन से फायदा होने के प्रबल योग बन रहे हैं। यदि आप किसी प्रकार की कोई खरीदारी करने या बिक्री की योजना बना रहे हैं तो यह समय आपके लिए बेहद शानदार साबित हो सकती है क्योंकि इस दौरान आपकी मोलभाव करने की क्षमता में सुधार होने की प्रबल संभावना है जो आपकी आर्थिक स्थिति में सुधार ला सकता है। इसके अलावा, आपकी जो भी योजनाएं अटकी हुई थीं, वे धीरे धीरे पूरी होगी। वैवाहिक जीवन में जीवनसाथी के साथ समझ बढ़ेगी और एक दूसरे का सहारा बनेंगे, जिससे आपके सारे कार्य सफल होंगे। आपके प्रेम जीवन में रोमांस के योग बन रहे हैं और रिश्ता भी मजबूत होता जाएगा। ग्रहों के शुभ प्रभाव से आपके मित्रों की संख्या में अच्छा इजाफा होगा और उनकी मदद से कई कार्य पूरे होते जाएंगे। करियर की बात करें तो, कार्यक्षेत्र में आपके वरिष्ठ आपकी बहुत अधिक तारीफ करते हुए नज़र आएंगे और आपके काम की सराहना करेंगे। लोग आपके आइडिया को प्राथमिकता देंगे।
कुंभ राशि
कुंभ राशि वाले एक ही राशि में हो रहे दो बड़े गोचर की वजह से ऊर्जा से भरा हुआ महसूस करेंगे। इस दौरान कई प्रभावशाली लोगों के साथ आपके संबंध बढ़ेंगे और आपकी मित्र मंडली में भी इजाफा होने के योग बन रहे हैं। करियर में तेज़ी से तरक्की होगी और कई अच्छे अवसर आपके हाथ लग सकते हैं। इसके अलावा, आमदनी के नए स्रोत भी बनेंगे। बुध ग्रह के शुभ प्रभाव से व्यापार में आशातीत सफलता मिलेगी और व्यावसायिक लाभ होने से आपकी आर्थिक स्थिति पहले से बहुत अधिक मजबूत होगी। आर्थिक लिहाज से अच्छा समय सिद्ध हो सकता है। इस अवधि में आप धन संचय करने में भी सफल हो सकते हैं। इस दौरान आपको हर निवेश से जबरदस्त लाभ होने की प्रबल संभावना है। नौकरीपेशा जातक वरिष्ठों से अच्छे संबंधों का लाभ उठाएंगे और प्रमोशन के शुभ संकेत भी मिलेंगे। इस अवधि आपके स्वास्थ्य में भी तेज़ी से सुधार देखने को मिलेगा।
इसी आशा के साथ कि, आपको यह लेख भी पसंद आया होगा एस्ट्रोसेज के साथ बने रहने के लिए हम आपका बहुत-बहुत धन्यवाद करते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्नों
प्रश्न 1. बुध का मिथुन राशि में गोचर कब होगा?
उत्तर. बुध 14 जून 2024 की 10 बजकर 55 मिनट पर अपनी स्वयं की राशि मिथुन में गोचर करने जा रहे हैं।
प्रश्न 2.सूर्य कब गोचर करेंगे ?
उत्तर. ग्रहों के राजा कहे जाने वाले ग्रह सूर्य 15 जून 2024 की मध्यरात्रि 12 बजकर 16 मिनट पर गोचर करेंगे।
प्रश्न 3.बुधादित्य योग का निर्माण कैसे होता?
उत्तर. ज्योतिष में बुधादित्य योग को बहुत ही शुभ योग माना जाता है। जब सूर्य और बुध दोनों ही एक राशि में विराजमान होते हैं तब बुधादित्य योग का निर्माण होता है।
प्रश्न 4. बुधादित्य योग कब बनेगा?
उत्तर. बुधादित्य योग 15 जून को बनेगा, जब सूर्य और बुध की युति होगी।
टैरो साप्ताहिक राशिफल (02 जून से 08 जून, 2024): इस सप्ताह कौन सी राशियां होंगी भाग्यशाली?
टैरो साप्ताहिक राशिफल 02 जून से 08 जून 2024: टैरो कार्ड एक प्राचीन विद्या है जिसका उपयोग भविष्य जानने के लिए किया जाता है। इसका प्रयोग प्राचीन काल से ही टैरो कार्ड रीडर और रहस्यवादियों द्वारा अंतर्ज्ञान प्राप्त करने और किसी विषय की गहराई तक पहुँचने के लिए होता रहा है। यदि कोई व्यक्ति बेहद आस्था और विश्वास के साथ मन में उठ रहे सवालों के जवाब ढूंढ़ने के लिए आता है, तो टैरो कार्ड की दुनिया आपको हैरान कर सकती है। बहुत से लोग मानते हैं कि टैरो एक मनोरंजन का साधन है और इसे ज्यादातर मनोरंजन के रूप में देखते हैं।
साल 2024 के छठे महीने जून का यह पहला सप्ताह यानी कि टैरो साप्ताहिक राशिफल 02 जून से 08 जून 2024 अपने साथ क्या कुछ लेकर आएगा? यह जानने से पहले हम टैरो कार्ड के बारे में बात करेंगे। आपको बता दें कि टैरो की उत्पति आज से 1400 वर्ष पहले हुई थी और इसका सबसे पहला वर्णन इटली में मिलता है। शुरुआत में टैरो को ताश के रूप में राजघरानों की पार्टियों में खेला जाता था। हालांकि, टैरो कार्ड का वास्तविक उपयोग 16वीं सदी में यूरोप के कुछ लोगों द्वारा किया गया जब उन्होंने जाना और समझा कि कैसे 78 कार्ड्स की मदद से भविष्य के बारे में जाना जा सकता है, उसी समय से इसका महत्व कई गुना बढ़ गया। मध्यकाल में टैरो को जादू-टोना से जोड़कर देखा जाने लगा और इसके परिणामस्वरूप आम लोगों ने भविष्य बताने वाली इस विद्या से दूरी बनाना सही समझा।
लेकिन टैरो कार्ड का सफर यही थमा नहीं और इसने कुछ दशकों पहले पुनः प्रसिद्धि प्राप्त की जब दुनिया के सामने इसे एक भविष्य बताने वाली विद्या के रूप में पहचान मिली। भारत समेत दुनियाभर में टैरो की गिनती भविष्यवाणी करने वाली महत्वपूर्ण विद्याओं में होती है और अंत में टैरो कार्ड वह सम्मान पाने में सफल हुआ है जिसका वह हक़दार था। तो आइए अब इस साप्ताहिक राशिफल की शुरुआत करते हैं और जानते हैं कि जून का यह पहला सप्ताह यानी कि 02 जून से 08 जून 2024 तक का समय सभी 12 राशियों के लिए कैसा रहने की संभावना है?
टैरो साप्ताहिक राशिफल 02 जून से 08 जून, 2024: राशि अनुसार राशिफल
मेष राशि
प्रेम जीवन: ऐस ऑफ स्वॉर्ड्स
आर्थिक जीवन: थ्री ऑफ वैंड्स (रिवर्सड)
करियर: सिक्स ऑफ कप्स (रिवर्सड)
स्वास्थ्य: जस्टिस
मेष राशि के जातकों के लिए यह अवधि अपने रिश्ते में स्पष्टता और सफलता प्राप्त समय होगा। आप दोनों अपने रिश्ते में जिन चुनौतियों से गुजर रहे हैं, उन पर काबू पाने के लिए आपको अपने साथी के साथ ईमानदारी से और खुलकर संवाद करने की आवश्यकता हो सकती है। यह एक कठिन समय हो सकता है लेकिन अगर आप सावधानी से मुद्दों को संभालेंगे तो आप इससे उबर सकते हैं। सिंगल जातकों को किसी रिश्ते में बंधने से पहले अच्छी तरह से आत्ममंथन करने की जरूरत हो सकती है।
वित्तीय रीडिंग में थ्री ऑफ वैंड्स (रिवर्सड) संकेत दे रहा है कि इस अवधि आपको आर्थिक जीवन में स्थिरता पाना मुश्किल लग सकता है। आशंका है कि धन की कमी का सामना करना पड़े और वित्तीय लक्ष्यों तक पहुंचने में देरी हो। ऐसे में, आपको सलाह दी जाती है कि आर्थिक जीवन में योजना बनाकर आगे बढ़े और अपने वित्तीय पर नियमित आधार पर उन पर नज़र रखें।
करियर के मोर्चे पर आपको इस सप्ताह सिक्स ऑफ कप्स (रिवर्सड) कार्ड प्राप्त हुआ है, जो संकेत दे रहा है कि इस अवधि आप कार्यक्षेत्र में ऊर्जा की कमी महसूस कर सकते हैं। आप अपने करियर को आगे बढ़ाने के लिए अपनी वर्तमान कंपनी को छोड़कर नया विकल्प की खोज कर सकते हैं। आशंका है कि इस अवधि आप नौकरी बदलने को लेकर गंभीर हो सकते हैं या अपने करियर के बारे में विचार कर सकते हैं।
स्वास्थ्य को लेकर जस्टिस कार्ड संकेत दे रहा है कि इस अवधि अपनी सेहत का ख़ास ख्याल रखें। खानपान पर ध्यान दें, किसी भी चीज़ की अति न करें अन्यथा समस्या का सामना करना पड़ सकता है।
भाग्यशाली फूल: ड्रैगन फूल
वृषभ राशि
प्रेम जीवन: थ्री ऑफ पेंटाकल्स
आर्थिक जीवन: टू ऑफ स्वॉर्ड्स
करियर: एट ऑफ पेंटाकल्स
स्वास्थ्य: नाइन ऑफ स्वॉर्ड्स
प्रेम जीवन में जून के पहले सप्ताह में आपको थ्री ऑफ पेंटाकल्स कार्ड प्राप्त हुआ है, जो संकेत दे रहा है कि इस अवधि आप अपने पार्टनर के साथ मिलकर नई परियोजनाओं पर एक साथ काम करेंगे और भविष्य के लिए एक साथ योजना बनाएंगे, जिससे आप दोनों के बीच विश्वास और अधिक गहरा होगा। आप इस समय का पूरा आनंद लेंगे। कुल मिलाकर आप एक-दूसरे का पूरा साथ देंगे। यदि आप सिंगल हैं तो आपको कार्यक्षेत्र में या कहीं अन्य जगह किसी ख़ास से मुलाकात हो सकती है।
वित्तीय रीडिंग में आपको टू ऑफ स्वॉर्ड्स कार्ड प्राप्त हुआ है और इसके परिणामस्वरूप इस अवधि आपको ऐसे निर्णय लेने पड़ सकते हैं, जो आपके लिए सही न हो। इसके अलावा, हो सकता है कि आपको किसी का साथ या समर्थन न मिले। ऐसे में, आपको सलाह दी जाती है कि आप वर्तमान में जो वित्तीय कठिनाइयों से जूझ रहे हैं, उसे अनदेखा न करें और उस पर काम करें।
करियर में वृषभ राशि के जातकों को ऐट ऑफ पेंटाकल्स कार्ड प्राप्त हुआ है, जो बता रहा है कि इस सप्ताह आपका पूरा ध्यान करियर और अपने काम पर होगा। यह कार्ड सकारात्मक संकेत दे रहा है। इस अवधि आप नई उपलब्धियों और सफलता के लिए करियर बदलने के बारे में विचार कर सकते हैं और तेज़ी से आगे बढ़ सकते हैं।
स्वास्थ्य रीडिंग में नाइन ऑफ स्वोर्ड्स बता रहा है कि इस सप्ताह आपके शरीर के विभिन्न हिस्सों में कुछ दर्द व अन्य समस्या आपको परेशान कर सकती है या आपको कुछ चोटें लग सकती हैं, जिससे आपकी सेहत खराब हो सकती है। ऐसे में, खुद का अधिक से अधिक ध्यान दें।
भाग्यशाली फूल: सफेद लिली
बृहत् कुंडलीमें छिपा है, आपके जीवन का सारा राज, जानें ग्रहों की चाल का पूरालेखा-जोखा
मिथुन राशि
प्रेम जीवन: द मून
आर्थिक जीवन: द मैजिशियन
करियर: ऐस ऑफ वैंड्स
स्वास्थ्य: ऐस ऑफ कप्स
प्रेम जीवन में द मून कार्ड आपके लिए अनुकूल प्रतीत नहीं हो रहा है। इस अवधि आप बेचैन हो सकते हैं और भ्रम की स्थिति पैदा हो सकती है। बातचीत की कमी के कारण गलतफहमियां पैदा हो सकती है। कुल मिलाकर इस सप्ताह आपको अपने रिश्ते पर अधिक ध्यान देने की और सावधानी से निभाने की आवश्यकता हो सकती है।
आर्थिक जीवन में द मैजिशियन कार्ड संकेत दे रहा है कि आपको नए अवसर प्राप्त हो सकते हैं। हालांकि आपको आर्थिक जीवन में योजना बनाने की आवश्यकता हो सकती है। यह कार्ड आपको उत्पन्न होने वाले किसी भी वित्तीय अवसर का अधिकतम लाभ उठाने के लिए अपनी बुद्धिमत्ता का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित कर सकता है।
करियर के लिए ऐस ऑफ वैंड्स कार्ड बता रहा है कि इस अवधि कार्यक्षेत्र में आपके ऊपर काम का दबाव बढ़ सकता है। हालांकि आप अपने कार्य को लोगों में बांटकर अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करने में सफल हो सकते हैं। आपको इस अवधि अपने काम के लिए सराहना प्राप्त हो सकती है और पुरस्कृत किया जा सकता है। इस सप्ताह आपके लिए नए अवसर भी सामने आ सकते हैं।
स्वास्थ्य रीडिंग में ऐस ऑफ़ कप्स एक उत्कृष्ट कार्ड है। यह इस बात का संकेत है कि आप पिछली बीमारी से उभर रहे हैं। यदि आप किसी मानसिक तनाव से गुजर रहे थे, तो अब वे अपने आप ठीक हो जाएंगे और आप राहत की सांस ले सकते हैं।
भाग्यशाली फूल: आर्किड
कर्क राशि
प्रेम जीवन: सिक्स ऑफ वैंड्स
आर्थिक जीवन: द सन
करियर: ऐस ऑफ पेंटाकल्स
स्वास्थ्य: क्वीन ऑफ पेंटाकल्स
प्रेम जीवन के लिए सिक्स ऑफ वैंड्स शानदार कार्ड प्रतीत हो रहा है, जो संकेत दे रहा है कि इस अवधि आप दोनों के बीच बेहतर सामंजस्य देखने को मिलेगा। आप और आपका साथी एक ही साथ काम कर रहे हैं और एक-दूसरे के लक्ष्यों का समर्थन कर रहे हैं। आप एक-दूसरे के साथ जीत का जश्न मनाते हुए नज़र आएंगे। यदि आप अविवाहित हैं तो आपकी शादी या सगाई हो सकती है।
आर्थिक जीवन की बात करें तो द सन कार्ड प्राप्त हुआ है, जो बता रहा है कि इस अवधि आपको सफलता प्राप्त होगी। आप निवेश करने में सक्षम होंगे और आर्थिक जीवन में समृद्धि प्राप्त करेंगे। ऐसे में, आपको अपनी वर्तमान स्थिति के लिए आर्थिक रूप से सुरक्षित और आभारी महसूस करना चाहिए। यह अवधि आपके धन संबंधी मामलों के लिए एक अच्छा समय है।
जब करियर और पेशेवर प्रयासों की बात आती है, तो ऐस ऑफ पेंटाकल्स आपको विकास और सफलता के नए अवसरों का संकेत देता है। यह कार्ड पदोन्नति, नई नौकरी की पेशकश या अपना खुद का व्यवसाय शुरू करने के अवसर का संकेत दे सकता है।
स्वास्थ्य में क्वीन ऑफ पेंटाकल्स कार्ड उत्कृष्ट स्वास्थ्य का प्रतिनिधित्व करती है जो स्वस्थ भोजन, लगातार व्यायाम और प्रचुर मात्रा में अवकाश और आराम से आती है।
नाइट ऑफ़ पेंटाकल्स प्रेम जीवन के लिए अच्छा कार्ड प्रतीत हो रहा है। आपका रिश्ता बहुत शानदार रहेगा और बेहतर समझदारी देखने को मिलेगी। आप दूसरों के लिए उदाहरण बनकर उभरेंगे। आप अपने पार्टनर के प्रति आज्ञाकारी और वफादार होंगे। यदि आप सिंगल है तो आपकी मुलाकात अपने सपनों के राजकुमार से हो सकती है।
वित्तीय रीडिंग में आठ पेंटाकल्स कार्ड संकेत दे रहा है कि यदि आप वित्तीय संघर्ष से गुजर रहे हैं तो जल्द ही आपको उससे छुटकारा मिल जाएगा। आप इस अवधि अपना पूरा ध्यान अपनी वित्तीय स्थिति में सुधार लाने में लगाएंगे और अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए कड़ी मेहनत करेंगे। आपको अपनी कड़ी मेहनत का जल्द ही अच्छा परिणाम प्राप्त होगा। आपको जल्द ही बोनस या वेतन वृद्धि मिल सकती है।
करियर को लेकर एट ऑफ स्वॉर्ड्स इंगित कर रहा है कि इस सप्ताह आप अपनी वर्तमान परिस्थितियों में फंसा हुआ या प्रतिबंधित महसूस कर सकते हैं। आप एक बेवजह के कार्य में फंस सकते हैं और यह बात मानते हैं कि आपके विकल्प सीमित हैं और आपके पास कोई रास्ता नहीं है। हालांकि, यदि आप प्रयास करेंगे तो इस सप्ताह आप इन कार्यों से बच सकते हैं। आपको सिर्फ स्वयं में विश्वास रखना होगा।
स्वास्थ्य रीडिंग में फोर ऑफ पेंटाकल्स शारीरिक रूप से स्वस्थ रहने का संकेत दे रहा है लेकिन मानसिक रूप से आप नकारात्मक विचारों और बहुत सारे मानसिक आघात से ग्रस्त हो सकते हैं जो आपके मानसिक स्वास्थ्य को पूरी तरह प्रभावित कर सकते हैं। ऐसे में, आपको खुलकर अफनी बात को बोलनी चाहिए और किसी पेशेवर की मदद लेनी चाहिए।
भाग्यशाली फूल: सूरजमुखी का फूल
कन्या राशि
प्रेम जीवन: टेन ऑफ वैंड्स
आर्थिक जीवन: फोर ऑफ वैंड्स (रिवर्सड)
करियर: द डेविल
स्वास्थ्य: सेवन ऑफ स्वॉर्ड्स (रिवर्सड)
कन्या राशि वालों के प्रेम जीवन की बात करें तो टेन ऑफ वैंड्स संकेत दे रहा है कि आप दोनों को अपने रिश्ते से एक ब्रेक लेना चाहिए। आपको अपने रिश्तों में खोई हुई चमक को वापस लाने के लिए अपनी जिम्मेदारियों से कुछ समय निकालने और एक साथ समय बिताने की आवश्यकता हो सकती है। जो जातक सिंगल हैं, उन्हें इस अवधि ऐसा प्रतीत हो सकता है कि रिश्ते में बंधना एक बोझ है और आप अभी इसमें नहीं पड़ना चाहते हैं।
फोर ऑफ वैंड्स (रिवर्सड) रोजगार की हानि, लड़खड़ाती कंपनी के बंद होने या यहां तक कि दिवालियापन का प्रतिनिधित्व कर सकता है। यह कार्ड संकेत दे रहा है कि इस सप्ताह आप अपने लापरवाह व्यवहार के चलते अच्छे और महत्वपूर्ण अवसरों को खो सकते हैं। ऐसे में यह अवधि आपके लिए अनुकूल नहीं कही जा सकती है।
करियर में द डेविल दर्शाता है कि आपका करियर बिल्कुल भी आगे नहीं बढ़ रहा है और आप एक ही जगह पर अटके हुए महसूस कर सकते हैं। हो सकता है कि आप कार्यक्षेत्र में प्रयास करने या सुधार करने के इच्छुक भी न हों क्योंकि आप पूरी तरह निराश महसूस कर सकते हैं। आप अपने लक्ष्य की दिशा में काम करने या यहां तक कि एक लक्ष्य निर्धारित करने का उत्साह भी धीरे-धीरे खो सकते हैं।
स्वास्थ्य रीडिंग में सेवन ऑफ स्वॉर्ड्स (रिवर्सड) इस बात का संकेत है कि आपका स्वास्थ्य धीरे-धीरे पटरी पर वापस आ रहा है। आप किसी दुर्घटना या दीर्घकालिक बीमारी से उबर सकते हैं। यह सप्ताह आपके लिए अच्छा स्वास्थ्य लेकर आएगा।
थ्री ऑफ स्वॉर्ड्स (रिवर्सड) इंगित करता है कि आपका हाल ही में ब्रेकअप हुआ है और अब आप धीरे-धीरे इस मुश्किल घड़ी से बाहर आ रहे हैं। आप जीवन के उज्जवल पक्ष को देखना शुरू कर रहे हैं और सकारात्मक दिशा की ओर आगे बढ़ रहे हैं। आप एक सबक लेकर जीवन को अपने तरीके से जीने के लिए खुद को मजबूत कर रहे हैं।
आर्थिक जीवन के लिए क्वीन ऑफ पेंटाकल्स कार्ड वित्तीय स्वतंत्रता और प्रचुरता की ओर इशारा कर रहा है। आप खुद को आर्थिक रूप से सुरक्षित बनाने की दिशा में काम कर रहे हैं और आपको इसमें सफलता अवश्य मिलेगी। यह एक शक्तिशाली कार्ड है जो प्रचुरता, सफलता और समृद्धि को दर्शाता है और आप इस सप्ताह वित्तीय को लेकर पूरी तरह से निश्चिंत हो सकते हैं क्योंकि आपको अपने निवेश अच्छा रिटर्न प्राप्त होगा।
यदि आप विदेश में नौकरी करते हैं तो थ्री ऑफ वैंड्स करियर की सफलता की ओर इशारा करता है। यह कार्ड संकेत दे रहा है कि आप इस सप्ताह नई नौकरी के विकल्पों पर विचार कर सकते हैं। यह एक ऐसा समय है जब आपके सामने कई नए अवसर आएंगे।
सिक्स ऑफ कप्स पुराने दोस्तों से मिलने और उनके साथ दिल खोलकर बातचीत करके भावनात्मक बोझ को दूर करने का संकेत देता है। इसके अलावा, यह भी संकेत दे रहा है कि यदि आप अस्वस्थ हैं तो आपके परिवार और दोस्तों के प्यार से आप फिर से स्वस्थ हो जाएंगे।
भाग्यशाली फूल: पैन्सी
वृश्चिक राशि
प्रेम जीवन: क्वीन ऑफ कप्स
आर्थिक जीवन: नाइटऑफ़ वैंड्स
करियर: किंग ऑफ़ कप्स
स्वास्थ्य: किंग ऑफ स्वॉर्ड्स
वृश्चिक राशि वालों के लिए यह हफ़्ता आपकी इच्छाओं को पूरा करने के साथ-साथ भावनात्मक स्थिरता प्रदान करने वाला होगा। हालांकि, इन जातकों के रिश्ते का भविष्य इस बात पर निर्भर कर सकता है कि आप भावनात्मक रूप से पार्टनर के साथ कितने सहज हैं और कितने वफादार हैं।
नाइट ऑफ वैंड्स कहता है कि आर्थिक जीवन में आपको जल्द ही अच्छी मात्रा में धन प्राप्त होगा जिससे आप प्रसन्नता से भर जाएंगे। यह कार्ड कह रहा है कि यह समय किसी यात्रा पर जाने के लिए अनुकूल रहेगा और आप यात्रा करते समय अपने लिए कुछ धन खर्च कर सकते हैं
किंग ऑफ कप्स को आपके करियर के लिए शानदार कार्ड कहा जाएगा क्योंकि इस सप्ताह कार्यक्षेत्र में आपको तरक्की के कई अवसर मिलेंगे। ऑफिस में कोई बड़ा बुजुर्ग आपकी सहायता या आपका मार्गदर्शन कर सकता है। साथ ही, नौकरी में चल रहे किसी विवाद या मामले को संभालने में आप अपनी बुद्धि का उपयोग करेंगे।
किंग ऑफ स्वॉर्ड्स भविष्यवाणी कर रहा है कि इस अवधि आपका स्वास्थ्य अच्छा बना रहेगा और आप फिट महसूस करेंगे। हालांकि, फिर भी यह कार्ड आपको स्वस्थ जीवन पाने की इच्छा एक नियमित दिनचर्या का पालन करने के लिए प्रेरित करेगा।
भाग्यशाली फूल: क्वीन ऑफ फॉरेस्ट
धनु राशि
प्रेम जीवन: पेज़ ऑफ स्वॉर्ड्स
आर्थिक जीवन: टेंपरेंस
करियर: द स्टार
स्वास्थ्य: द हैंग्ड मैन
पेज ऑफ स्वोर्ड्स कार्ड संकेत कर रहा है कि आप इस अवधि ऊर्जा से भरा हुआ महसूस करेंगे। इस सप्ताह आप मौज-मस्ती के मूड में रहेंगे और मौज-मस्ती करेंगे तथा किसी गंभीर रिश्ते की तलाश में रहने के बजाय नए दोस्त बनाएंगे।
वित्तीय रीडिंग में टेंपरेंस एक अच्छा संकेत है और यह दर्शाता है कि इस सप्ताह आप आर्थिक रूप से आरामदायक महसूस करेंगे और आपका सप्ताह आरामदायक रहेगा। आपका ध्यान अधिक से अधिक धन अर्जित करने पर होगा और आप आसानी से ऐसा करने में सक्षम होंगे। आप निवेश करेंगे, जिससे आपको अच्छा रिटर्न मिलेगा।
करियर रीडिंग में द स्टार इंगित करता है कि इस सप्ताह आप तेजी से प्रगति की ओर आगे बढ़ेंगे। यदि आप अपने करियर में अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पा रहे थे तो, इस अवधि आपको अपनी योग्यता साबित करने और वह पाने का सही अवसर मिलेगा जिसके आप हकदार हैं। यह एक ऐसा कार्ड है जो आगे बढ़ाने में मदद करेगा।
द हैंग्ड मैन इंगित करता है कि इस अवधि अच्छा स्वास्थ्य प्राप्त करने के लिए आपको बाहर जाना और दोस्तों और प्रियजनों के साथ समय बिताना चाहिए। आपको बाहर निकलने और लोगों से मिलने के लिए खुद को प्रेरित करना होगा।
भाग्यशाली फूल: गेंदा
अब घर बैठे विशेषज्ञ पुरोहित से कराएं इच्छानुसार ऑनलाइन पूजा और पाएं उत्तम परिणाम!
मकर राशि
प्रेम जीवन: फोरऑफ स्वॉर्ड्स
आर्थिक जीवन: द एम्पेरर
करियर: एट ऑफ वैंड्स
स्वास्थ्य: फाइव ऑफ वैंड्स (रिवर्सड)
फोर ऑफ कप्स बता रहा है कि मकर राशि के जातक अभी तक अपने पिछले रिश्ते को लेकर शौक मन रहे हैं और आप उस रिश्ते के टूटने के दुख से बाहर नहीं आ पाए हैं। आप यह महसूस कर सकते हैं कि आपके पास बहुत कुछ है और आप उसी में खुश रहना चाहते हैं। आपको आगे किसी रिलेशनशिप में आने के लिए विचार करना चाहिए।
मकर राशि के आर्थिक जीवन की बात करें तो द एम्पेरर कार्ड संकेत दे रहा है कि इस सप्ताह आपकी आर्थिक स्थिति का नियंत्रण आपके हाथ में रहेगा और आप इसे अच्छे से संभालने में सक्षम होंगे। आर्थिक रूप से मज़बूत होने की वजह से आपके भीतर अहंकार पैदा हो सकता है और इस सप्ताह आपके साथ ऐसा होने की संभावना है। इस अवधि में आप धन से जुड़े मामलों में तार्किक होकर फैसले लेते हुए नज़र आएंगे और बेकार की चीज़ों पर पैसा ख़र्च करने से बचेंगे।
आपके करियर की बात करें तो एट ऑफ वैंड्स आपके करियर को लेकर दर्शाता है आप जो भी काम करेंगे उसे पूरी मेहनत और समर्पण के साथ करेंगे। इस सप्ताह आपकी पहली प्राथमिकता आपका काम होगा और करियर को लेकर आप कोई दीर्घकालिक योजना का निर्माण कर सकते हैं जिन्हें पूरा करने में सक्षम होगा।
हेल्थ रीडिंग में फाइव ऑफ वैंड्स (रिवर्सड) आपके स्वास्थ्य के लिए भविष्यवाणी कर रहा है कि आप इस सप्ताह तनाव या किसी रोग से बाहर निकलने में सफल रहेंगे जिसका आप सामना कर रहे थे। साथ ही, अब आपको किसी सही इंसान का साथ मिलने से आप जल्द ही स्वस्थ हो जाएंगे। इस सप्ताह आपकी सेहत में तेज़ी से सुधार देखने को मिलेगा।
भाग्यशाली फूल: हाइड्रेंजिया
कुंभ राशि
प्रेम जीवन: द हाई प्रीस्टेस
आर्थिक जीवन: नाइन ऑफपेंटाकल्स
करियर: नाइन ऑफ कप्स
स्वास्थ्य: पेज ऑफ कप्स
प्रेम जीवन में द हाई प्रीस्टेस कार्ड संकेत देती है कि इस सप्ताह आप अपने साथी के साथ खुलकर बातचीत करेंगे और ये बातचीत आप दोनों को एक-दूसरे को अच्छी तरह से समझने और बेहतर संवाद करने में मदद करेगी। ऐसे में, आप दोनों एक-दूसरे के बेहद करीब आएंगे और एक मजबूत रिश्ता स्थापित करेंगे।
आर्थिक जीवन की बात करें नाइन ऑफ पेंटाकल्स दर्शाता है कि आप इस अवधि स्थिरता प्राप्त करने के लिए कड़ी मेहनत की है और आपने अपने लिए इतना धन अर्जित कर लिया है कि अब आप जो हासिल कर चुके हैं उससे सहज और खुश रह सकते हैं। आपने आर्थिक रूप से जो हासिल किया है उस पर आपको गर्व महसूस होगा।
करियर रीडिंग में नाइन ऑफ कप्स एक अत्यंत सकारात्मक कार्ड है और यह दर्शाता है कि आपका करियर ठीक उसी तरह आगे बढ़ रहा है जैसा आप चाहते थे। यह ऐसा समय हो सकता है जब सब कुछ योजना के अनुसार चल रहा है और आप सफलता की ऊंची उड़ान भर रहे हैं। यह आपके करियर के लिए बहुत अच्छा समय है और आपको इस अवधि पूरी तरह संतुष्टि प्राप्त होगी।
पेज ऑफ कप्स अच्छे स्वास्थ्य का संकेत देता है और दर्शाता है कि इस सप्ताह आप दोस्तों और परिवार से घिरे रहेंगे और उन सभी लोगों का प्यार और देखभाल आपके स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखेगा।
भाग्यशाली फूल: कार्नेशन्स
मीन राशि
प्रेम जीवन: नाइटऑफ स्वॉर्ड्स
आर्थिक जीवन: द हैरोफ़न्ट
करियर: टू ऑफ वैंड्स
स्वास्थ्य: द लवर
मीन राशि के जातक इस समय ये समझने में असफल हो रहे हैं कि आपके रिश्ते में क्या गलत हो रहा है। आप और आपका पार्टनर अपनी पसंद या नापसंद के बारे में खुलकर बात करते हैं जो कहीं न कहीं आप दोनों की भावनाओं को ठेस पहुंचा रहा है। ऐसे में, आपको अपने पार्टनर की भावनाओं का भी ध्यान रखना होगा और बातचीत करते समय विशेष सावधानी बरतनी होगी क्योंकि आप कुछ हद तक स्वार्थी हो सकते हैं।
मीन राशि के जातक जून के पहले सप्ताह में आप अपनी आर्थिक स्थिति से संतुष्ट होंगे। इस दौरान आप वित्तीय स्थिरता हासिल करने में सफल रहेंगे और साथ ही, आप बिना किसी गलत रास्ते को अपनाएं धन कमाएंगे। इस सप्ताह में आपको अपनी मेहनत का फल मज़बूत वित्तीय स्थिति के रूप में मिलेगा।
करियर रीडिंग में टू ऑफ वैंड्स दर्शा रहा है कि करियर के लिहाज़ से, इस सप्ताह की शुरुआत शानदार रहेगी। इस दौरान आप करियर में उत्कृष्टता हासिल करते हुए आगे बढ़ेंगे और प्रगति के सुनहरे अवसरों की प्राप्ति होगी। इस अवधि आपका अच्छी जगह पर स्थानांतरण हो सकता है या आप नौकरी बदल सकते हैं। ये परिवर्तन निश्चित रूप से आपके लिए अच्छा साबित होगा इसलिए इस सप्ताह आने वाले परिवर्तनों का विरोध न करें।
मीन राशि के जातकों के स्वास्थ्य के लिहाज़ से द लवर कार्ड संकेत दे रहा है कि आप जिन स्वास्थ्य चुनौतियों का सामना कर रहे हैं, उन्हें दूर करने के लिए इस सप्ताह आपको सही समर्थन मिलेगा। सही दवा और सहायता से आप कुछ ही समय में अपना स्वास्थ्य पुनः प्राप्त कर लेंगे और फिट महसूस करेंगे।
इसी आशा के साथ कि, आपको यह लेख भी पसंद आया होगा एस्ट्रोसेज के साथ बने रहने के लिए हम आपका बहुत-बहुत धन्यवाद करते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्रश्न 1. टैरो कार्ड कितने प्रकार के होते हैं?
उत्तर 1. टैरो डेक में 78 कार्ड होते हैं जो मेजर आर्काना और माइनर आर्काना में कहलाते हैं।
प्रश्न 2. टैरो का मतलब क्या होता है?
उत्तर 2. टैरो, कार्डों की रहस्यमयी दुनिया और भविष्य आकलन की सर्वप्रिय विधा है।
प्रश्न 3. टैरो कार्ड कहां से आते हैं?
उत्तर 3. टैरो डेक का आविष्कार इटली में हुआ था।
प्रश्न 4. टैरो रीडिंग कब शुरू हुई?
उत्तर 4. टैरो की उत्पत्ति 1400 के दशक की मानी जाती है।
सिंह समेत इन 5 राशियों के लिए शुभ नहीं है शनि जयंती; करियर व प्रेम जीवन में बढ़ेंगी समस्याएं!
न्याय के देवता के नाम से विख्यात शनि देव लोगों को कर्मों के अनुसार फल प्रदान करते हैं इसलिए इन्हें कर्मफल दाता भी कहा जाता है। शनि का नाम सुनते ही लोग भयभीत हो जाते हैं और इसका मुख्य कारण है कि शनि देव जिस राशि में बैठे होते हैं, उसे ज्यादातर नकारात्मक परिणाम ही देते हैं। लेकिन, शनि जयंती का दिन भगवान शनि को प्रसन्न करने के लिए शुभ होता है, लेकिन इस बार की शनि जयंती कुछ राशियों के लिए बेहद अशुभ साबित होगी। एस्ट्रोसेज का यह ब्लॉग आपको जानकारी प्रदान करेगा कि आख़िर क्यों है इस बार की शनि जयंती अशुभ और किन राशियों को मिलेंगे नकारात्मक परिणाम? तो आइए शुरुआत करते हैं इस लेख की।
हिंदू पंचांग के अनुसार, ज्येष्ठ मास की अमावस्या तिथि पर शनि देव का जन्म हुआ था इसलिए इस दिन को शनि जयंती के रूप में मनाया जाता है। इस साल शनि जयंती 6 जून 2024, गुरुवार के दिन मनाई जाएगी। बता दें कि इस बार की शनि जयंती पर शनि और राहु की युति से द्वादश योग का निर्माण हो रहा है। इसी क्रम में, 1 जून 2024 को मेष राशि में मंगल देव गोचर करेंगे और ऐसे में, मंगल की दृष्टि शनि पर पड़ेगी जो कि विपरीत परिस्थितियों का निर्माण करेगी। इसके परिणामस्वरूप, विश्व में अनेक तरह की नकारात्मक घटनाएं घटित होंगी। साथ ही, इस वजह से शनि जयंती 2024 कुछ राशियों के लिए शुभ नहीं कही जाएगी। चलिए जानते हैं कौन सी हैं वह राशियां।
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शनि जयंती पर ये 5 राशियां हो जाएं सावधान, चारों तरफ से आ सकती हैं मुसीबतें
मेष राशि
मेष राशि वालों के लिए शनि जयंती अशुभ रहने की संभावना है। इस समय आपको हर फैसला बहुत ही सावधानी के साथ लेना होगा, विशेष कर पैसों के लेन-देन से जुड़ा निर्णय। हालांकि, अगर संभव हो, तो आपको धन से संबंधित फैसले लेने से बचने की सलाह दी जाती है। निवेश के मामलों में भी आपको बेहद सतर्क रहना होगा। इस अवधि में यदि आप कोई ऑपरेशन कराने के बारे में सोच-विचार कर रहे हैं, तो फिलहाल के लिए इसे टालना ही बेहतर रहेगा, अन्यथा आप किसी दुर्घटना के शिकार हो सकते हैं। साथ ही, संभव हो, तो मेष राशि के जातक वाहन चलाने से बचें।
कर्क राशि
कर्क राशि के जातकों के लिए शनि जयंती को शुभ नहीं कहा जा सकता है। यह अवधि कर्क राशि के लोगों के लिए मुश्किल रह सकती है क्योंकि इस दौरान आपको स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। बता दें कि कर्क राशि वालों पर शनि की ढैया भी चल रही है और ऐसे में, इस राशि के लोगों का मन नकारात्मकता विचारों से भरा रह सकता है। साथ ही, परिवार से संबंधित कोई फैसला लेने में आपको परेशानी का अनुभव हो सकता है। माता के स्वास्थ्य का भी आपको ध्यान रखना होगा क्योंकि वह नाज़ुक रह सकती है।
सिंह राशि का नाम भी उन राशियों में शामिल हैं जिनके लिए शनि जयंती अशुभ रहेगी। इस राशि के जो लोग अपना व्यापार करने के बारे में सोच रहे हैं, उन्हें अभी ऐसा करने से बचना चाहिए, अन्यथा नकारात्मक परिणाम मिल सकते हैं। शनि के दुष्प्रभावों की वजह से इस अवधि में किसी भी तरह का फैसला न लें। सिंह राशि के जो जातक नौकरी बदलने का सोच रहे हैं, उन्हें इस दिशा में कदम बढ़ाने से बचना चाहिए। वहीं, पारिवारिक जीवन में भी समस्याएं बनी रह सकती हैं और साथी की सेहत भी नाज़ुक रहने की आशंका है।
वृश्चिक राशि
वृश्चिक राशि के जातकों को भी शनि देव शुभ परिणाम देने में पीछे रह सकते हैं। ऐसे में, इस अवधि में यह लोग प्रॉपर्टी में पैसा निवेश करने से बचें क्योंकि यह समय आर्थिक जीवन के लिए कमज़ोर रह सकता है। स्वास्थ्य के लिहाज़ से, इन जातकों को अस्पतालों के चक्कर भी लगाने पड़ सकते हैं। यदि आप छोटी-मोटी स्वास्थ्य समस्याओं से परेशान हैं, तो आप उन्हें भूलकर भी नजरअंदाज न करें, अन्यथा यह आप पर भारी पड़ सकती है। परिवार में आपको कुछ मतभेदों का सामना करना पड़ सकता है जिसकी वजह से आप दुखी रह सकते हैं। आपको तनाव से बचने की सलाह दी जाती है।
मीन राशि वालों के लिए शनि जयंती अशुभ रहने का अनुमान है। इस जातकों के लिए इस समय को प्रतिकूल कहा जाएगा क्योंकि आपको मानसिक समस्याओं से जूझना पड़ सकता है। साथ ही, सिरदर्द, माइग्रेन आदि की वजह से आप सही फैसला लेने में समर्थ नहीं होंगे। इस दौरान आपका मन बैचेन रह सकता है। ऐसे में, आपको क्रोध और वाणी पर नियंत्रण रखने की सलाह दी जाती है. तभी आप अनेक तरह की बाधाओं से बच सकेंगे। इस समय कोई भी बड़ा फैसला लेने से बचना आपके लिए समझदारी का काम होगा।
शनि जयंती पर इन उपायों से मिलेगी शनि कृपा
कौवे को रोटी खिलाएं: शनि जयंती के दिन कौवे को रोटी खिलाने से शनि देव प्रसन्न होते हैं और व्यक्ति पर अपनी कृपा बनाए रखते हैं।
कपूर से मिलेगा आशीर्वाद: जिन जातकों की कुंडली में शनि या राहु अशुभ होते हैं, उन्हें शनि जयंती पर एक काले रंग के कपड़े में कपूर रखकर अपने घर की छत के दरवाज़े पर टांगना चाहिए।
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्रश्न 1. 2024 में शनि जयंती कब है?
उत्तर 1. इस साल शनि जयंती 06 जून 2024, गुरुवार के दिन है।
प्रश्न 2. शनि जयंती के दिन क्या न करें?
उत्तर 2. इस दिन किसी का अपमान करने या अपशब्द कहने से बचना चाहिए।
प्रश्न 3. शनि 2024 में किस राशि में है?
उत्तर 3. वर्तमान समय में शनि अपनी राशि कुंभ में है।
मासिक अंक फल जून 2024: सभी मूलांक के जातकों को कैसे मिलेंगे इस महीने परिणाम? जानें!
जून का महीना साल का छठा महीना होने के कारण अंक 6 का प्रभाव लिए होता है। यानी कि इस महीने पर शुक्र ग्रह का अधिक प्रभाव रहने वाला है। आपको बता दें कि इस साल का अंक 8 है, ऐसे में जून 2024 के महीने पर शुक्र और शनि के अलावा बुध का भी प्रभाव रहने वाला है। हालांकि मूलांक के अनुसार अलग-अलग लोगों पर शुक्र, शनि और बुध का अलग-अलग असर पड़ेगा लेकिन जून 2024 का महीना सामान्य तौर पर राजनैतिक फेरबदल, मनोरंजन जगत में से दु:खद या नकारात्मक खबरों या स्त्रियों से जुड़ी समस्याओं के लिए जाना जा सकता है। आइए जानते हैं कि आपके मूलांक के लिए जून 2024 का महीना कैसा रहेगा।
यदि आप किसी महीने की 1, 10, 19 या फिर 28 तारीख को पैदा हुए हैं, तो आपका मूलांक 1 होगा और मूलांक 1 के लिए जून का महीना क्रमशः 6, 8, 5 और 2 अंकों का प्रभाव लिए हुए है। इस महीने आप पर सर्वाधिक प्रभाव डालने वाले अंक 6 और 8 आपके मूलांक के प्रति बहुत अच्छे भाव नहीं रखते हैं। लिहाजा इस महीने कुछ संघर्ष देखने को मिल सकता है। फिर भी यदि आपका लगाव या जुड़ाव कला या साहित्य से है तो आप अच्छे परिणाम प्राप्त कर सकेंगे। घूमने फिरने, आमोद प्रमोद और मनोरंजन आदि से संबंधित मामलों के लिए भी यह महीना अच्छा कहा जाएगा। हालांकि यदि स्त्रियों से संबंधित कोई भी काम आप कर रहे हैं या आप किसी स्त्री के अंडर में काम कर रहे हैं अर्थात आपकी बॉस या सीनियर कोई स्त्री है तो उनके साथ आपका व्यवहार और बर्ताव और भी अच्छा करने की कोशिश आपको करनी चाहिए। अर्थात कुछ सावधानियां अपनाने की स्थिति में इस महीने अच्छे परिणाम मिल सकेंगे।
उपाय: कन्याओं का पूजन कर उनका आशीर्वाद लेना शुभ रहेगा।
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मूलांक 2
यदि आप किसी महीने की 2, 11, 20 या फिर 29 तारीख को पैदा हुए हैं, तो आपका मूलांक 2 होगा और मूलांक 2 के लिए जून का महीना क्रमशः 7, 8, 6,5 और 2 अंकों का प्रभाव लिए हुए है। इस महीने आप पर सबसे अधिक प्रभाव डालने वाला अंक 7 आपके फ़ेवर में नजर नहीं आ रहा है लेकिन बाकी के अंक आपके लिए काफी सपोर्ट करते हुए प्रतीत हो रहे हैं इसलिए यह महीना मिला-जुला या एवरेज से बेहतर परिणाम देने वाला रह सकता है। इस महीने अपने लक्ष्य पर फोकस बनाए रखने का प्रयास लगातार करना होगा। क्योंकि ऐसा करने की स्थिति में ही आप सफलता प्राप्त कर सकेंगे। धर्म कर्म को लेकर या धार्मिक व्यक्ति को लेकर किसी तरह की गलत टिप्पणी उचित नहीं रहेगी। हालांकि आपका पूर्वानुमान और आपकी सूझबूझ आपको सफलता दिलाने में मददगार बनेंगे इसके बावजूद भी किसी पर आवश्यकता से अधिक विश्वास करना या बिना जांच पड़ताल के विश्वास करना उचित नहीं रहेगा। अर्थात विधिवत चिंतन मंथन और अच्छी योजना पर काम करने की स्थिति में आपको सफलता मिल सकेगी और आप आर्थिक, पारिवारिक, सामाजिक तथा कार्य क्षेत्र से संबंधित मामलों में इस महीने संतोषप्रद परिणाम प्राप्त कर सकेंगे।
उपाय: गुरुवार के दिन मंदिर में चने की दाल का दान करना शुभ रहेगा।
मूलांक 3
यदि आप किसी महीने की 3,12, 21 या फिर 30 तारीख को पैदा हुए हैं, तो आपका मूलांक 3 होगा और मूलांक 3 के लिए जून का महीना क्रमशः 8, 6, 5 और 2 अंकों का प्रभाव लिए हुए है। इस महीने 6 और 5 के अंकों को छोड़कर बाकी सारे अंक आपके फेवर में नजर आ रहे हैं। विशेषकर सबसे अधिक प्रभाव डालने वाला अंक 8 आपके फेवर में है। अत: इस महीने सामान्यत तौर पर आप काफी अच्छे परिणाम प्राप्त कर सकेंगे। आप अच्छी योजना बनाकर उस पर बेहतर ढंग से काम करते हुए सफलता तक पहुंच सकेंगे। किसी दूसरे के भरोसे बैठना उचित नहीं रहेगा। इस महीने धैर्य के साथ किए गए कार्य आपको अच्छे परिणाम देना चाह रहे हैं। किसी वरिष्ठ व्यक्ति का सहयोग भी आपके लिए फायदेमंद रह सकता है। ध्यान रहे कि इस महीने आपको आलस से बचने की सलाह दी जाती है। व्यक्तिगत संबंधों के मामले में अधिक कठोर बनने से बचना भी जरूरी रहेगा।
उपाय: गरीब और जरूरतमंद लोगों को अपने समर्थ के अनुसार भोजन करवाना शुभ रहेगा।
मूलांक 4
यदि आप किसी भी महीने की 4,13, 22 या फिर 31 तारीख़ को पैदा हुए हैं, तो आपका मूलांक 4 होगा और मूलांक 4 के लिए जून का महीना क्रमशः 9, 8, 6, 5 और 2 अंकों का प्रभाव लिए हुए है। इस महीने के अंक आपको मिले-जुले परिणाम दे रहे हैं। अत; यह महीना आपको औसत लेवल के परिणाम दे सकता है। इस महीने अपनी ऊर्जा को बेकार में जाने से बचना जरूरी रहेगा। बेहतर होगा व्यर्थ के विवाद और बातों से बचा जाए। तथ्यों पर यकीन करते हुए सही दिशा में ऊर्जा को लगाया जाए जिससे आप अच्छे परिणाम प्राप्त कर सकेंगे। अर्थात जोश में होश खोने से बचेंगे तो इस महीने आप अच्छा कर सकेंगे। इस महीने अपने पुराने और पेंडिंग पड़े हुए कामों को पूरा करना भी जरूरी रहेगा। अन्यथा नौकरीपेशा लोगों को इस बात के लिए वरिष्ठों की नाराजगी देखनी पड़ सकती है। आने वाले समय में नए कामों को करने के लिए भी स्वयं को तैयार रखना जरुरी रहेगा।
उपाय: रूप में नियमित रूप से हनुमान चालीसा का पाठ करना शुभ रहेगा।
मूलांक 5
यदि आप किसी भी महीने की 5, 14 या फिर 23 तारीख को पैदा हुए हैं, तो आपका मूलांक 5 होगा और मूलांक 5 के लिए जून का महीना क्रमशः 1, 8, 6, 5 और 2 अंकों का प्रभाव लिए हुए है। इस महीने 8 और 6 अंकों को छोड़कर बाकी के सभी अंक आपके पक्ष में नजर आ रहे हैं। अतः इस महीने आपको औसत से बेहतर परिणाम मिल सकते हैं। आपको किसी वरिष्ठ का सहयोग मिल जाने के कारण आप अपनी ऊर्जा और योग्यता का सही ढंग से प्रयोग और प्रदर्शन कर सकेंगे। इस महीने कुछ नई जिम्मेदारियां भी उठाने को मिल सकती हैं।
यदि आप नई जिम्मेदारियां को विधिवत नहीं जानते हैं तो इस मामले में वरिष्ठों के सहयोग के लिए निवेदन कर सकते हैं। आपके वरिष्ठ न केवल आपकी बात को सुनेंगे बल्कि अपने अनुभव से आपको सही दिशा निर्देश भी कर सकेंगे। पिता और पिता तुल्य व्यक्तियों के साथ इस महीने आपके संबंध बेहतर होंगे। फिर भी उनके साथ बातचीत करते समय सभ्य और सौम्य बने रहना जरूरी रहेगा। इस महीने आपको जल्दबाजी और अहंकार से भी बचना है। ऐसा करने की स्थिति में इस महीने आप काफी अच्छे परिणाम प्राप्त कर सकेंगे। सामाजिक मान प्रतिष्ठा का आनंद भी ले सकेंगे।
उपाय: सूर्य भगवान को कुमकुम मिला हुआ जल चढ़ाना शुभ रहेगा।
यदि आप किसी भी महीने की 6, 15 या फिर 24 तारीख को पैदा हुए हैं, तो आपका मूलांक 6 होगा और मूलांक 6 के लिए जून का महीना क्रमशः 2, 8, 6, 5 और 2 अंकों का प्रभाव लिए हुए है। इस महीने की ज्यादातर अंक आपके लिए औसत लेवल का सपोर्ट देते हुए प्रतीत हो रहे हैं। यह महीना आपको मिले जुले परिणाम दे सकता है। हालांकि यदि आप किसी भी तरह के क्रिएटिव काम को करने वाले व्यक्ति हैं अथवा कला या साहित्य से जुड़े हुए व्यक्ति हैं तो इस महीने आप कुछ उल्लेखनीय और शानदार परिणाम भी प्राप्त कर सकते हैं लेकिन इन सबके लिए आपको आत्मनिर्भर रहना भी जरूरी रहेगा। इस महीने यात्राओं पर जाने के मौके भी मिल सकते हैं। घूमना फिरना और आनंद लेना इस महीने संभव हो सकेगा। माता और माता तुल्य स्त्रियों के साथ आपके संबंध बेहतर होंगे। अतः आपको भी ऐसे काम करने हैं जिससे उन संबंधों में और भी ताजगी देखने को मिल सके।
उपाय: मां दुर्गा की पूजा अर्चना करना शुभ रहेगा।
मूलांक 7
यदि आप किसी भी महीने की 7, 16 या फिर 25 तारीख को पैदा हुए हैं, तो आपका मूलांक 7 होगा और मूलांक 7 के लिए जून का महीना क्रमशः 3, 8, 6, 5 और 2 अंकों का प्रभाव लिए हुए है। इस महीने अंक 2 को छोड़कर बाकी सारे के अंक आपके लिए काफी हद तक सपोर्ट करने वाले प्रतीत हो रहे हैं। यही कारण है कि इस महीने आप काफी अच्छा काम करके काफी अच्छे परिणाम प्राप्त कर सकेंगे। इस महीने वरिष्ठों के सहयोग और मार्गदर्शन से आप नई विषय वस्तुओं को जान सकेंगे और उसे क्षेत्र में भी अच्छा कर सकेंगे। इस महीने धर्म-कर्म के प्रति आपकी रुचि बढ़ सकती है।
यदि आप विद्यार्थी हैं तो इस महीने अध्ययन में मन अधिक लगेगा। वहीं शिक्षक होने की स्थिति में इस महीने आपका प्रदर्शन काफी अच्छा रहेगा। आर्थिक मामलों में भी आप काफी अच्छा कर सकेंगे। समाज और परिवार से जुड़े मामलों में धैर्य पूर्वक काम करते हुए आप न केवल सफलता प्राप्त कर सकेंगे बल्कि इन मामलों में आपको प्रशंसा भी मिलेगी। फिर भी किसी तरीके का कन्फ्यूजन होने की स्थिति में आपको वरिष्ठों से सहयोग लेना उचित रहेगा।
उपाय: मंदिर में दूध और केसर का दान करना शुभ रहेगा।
मूलांक 8
यदि आप किसी भी महीने की 8, 17 या फिर 26 तारीख को पैदा हुए हैं, तो आपका मूलांक 8 होगा और मूलांक 8 के लिए जून का महीना क्रमशः 4, 8, 6, 5 और 2 अंकों का प्रभाव लिए हुए है। इस महीने सबसे अधिक प्रभाव डालने वाला अंक 4 आपके फेवर में नहीं है। बाकी के अंक आपके लिए औसत लेवल का सपोर्ट दे सकते हैं। यही कारण है कि इस महीने आपको मिले-जुले परिणाम मिल सकते हैं लेकिन कुछ मामलों में अपेक्षाकृत अधिक मेहनत करने की जरूरत पड़ सकती है। शनि और राहु की ऊर्जा का मिलाप काम करने के तरीकों को प्रभावित कर सकता है। आपको कुछ ऐसे लोग मिल सकते हैं जो आपको शॉर्टकट अपनाने के लिए राजी कर सकते हैं। ऐसे में आपको ध्यान इस बात का रखना है कि कोई भी छोटा रास्ता बड़ी मंजिल तक नहीं जाता। अतः आपको किसी भी तरीके के गैरकानूनी और असामाजिक कामों से बचना जरूरी रहेगा। साथ ही साथ सामाजिक पद प्रतिष्ठा इत्यादि के लिए भी जागरूक रहना जरूरी रहेगा। यदि आप सावधानीपूर्वक निर्वाह करते हैं और आपका जुड़ाव तकनीक या फिर इंटरनेट जगत से है तो आप अपने कामों में कुछ नए प्रयोग करके अच्छे परिणाम भी प्राप्त कर सकेंगे। इस महीने आपकी बातचीत का तौर तरीका काफी सभ्य और सौम्य बना रहे इस बात के लिए लगातार कोशिश भी जरूरी रहेगी।
उपाय: नियमित रूप से माथे पर केसर का तिलक लगाना शुभ रहेगा।
मूलांक 9
यदि आप किसी भी महीने की 9,18 या फिर 27 तारीख को पैदा हुए हैं, तो आपका मूलांक 9 होगा और मूलांक 9 के लिए जून का महीना क्रमशः 5, 8, 6, 5, 5 और 2 अंकों का प्रभाव लिए हुए है। इस महीने आप पर सबसे अधिक प्रभाव डालने वाला अंक 5 आपके फेवर में नजर नहीं आ रहा है। बाकी के अंक मिले-जुले परिणाम देते हुए प्रतीत हो रहे हैं। अतः इस महीने आपको मिले जुले परिणाम मिल सकते हैं। यदि आप तथ्यात्मक ढंग से काम करेंगे तो परिणाम और भी अच्छे रह सकते हैं। बेहतर होगा इस महीने अपने जरूरी कामों को मित्रों या सहयोगियों के भरोसे न छोड़ा जाए फोन पर या किसी भी माध्यम से बातचीत करते समय अच्छे शब्दों का प्रयोग किया जाए साथ ही फिजूल की बातों से बचकर, जिस मुद्दे पर बात करने के लिए आपको आमंत्रित किया गया है उसी मुद्दे पर बात करना उचित रहेगा। इस महीने व्यापार व्यवसाय में कोई नया प्रयोग उचित नहीं रहेगा। जो जैसा चल रहा है उसको उसी तरह मेंटेन करना समझदारी का काम होगा।
उपाय: नियमित रूप से गणपति अथर्वशीर्ष का पाठ करना शुभ रहेगा।
हम उम्मीद करते हैं कि आपको हमारा यह लेख ज़रूर पसंद आया होगा। अगर ऐसा है तो आप इसे अपने अन्य शुभचिंतकों के साथ ज़रूर साझा करें। धन्यवाद!
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्रश्न 1. अंक ज्योतिष नंबर कैसे चेक करें?
उत्तर 1. अपना जन्मदिन अंकों में लिखें और फिर उन सभी को जोड़ें।
प्रश्न 2. कौन सा मूलांक अच्छा होता है?
उत्तर 2. अंक ज्योतिष के अनुसार, मूलांक 7 काफी भाग्यशाली माना जाता है।
प्रश्न 3. मूलांक 4 का समय कैसा रहेगा?
उत्तर 3. इस महीने अनुकूल परिणाम प्राप्त करने के लिए आपको काफ़ी मेहनत करनी पड़ सकती है।
अस्त बुध- केवल 2 राशियों के लिए रहेगा शुभ- देश-दुनिया में भी नज़र आएंगे बड़े बदलाव!
बुध अस्त 2024: एस्ट्रोसेज हमेशा अपने रीडर्स को ज्योतिष की रहस्यमई दुनिया की नवीनतम अपडेट्स देने की कोशिश करते रहता है और इसी कड़ी में आज हम अपना यह नया ब्लॉग लेकर आपके सामने हाजिर है जिसमें हम बात करेंगे जल्द ही वृषभ राशि में अस्त होने वाले बुध के बारे में। दरअसल बुध वृषभ राशि में 2 जून 2024 को अस्त होने वाला है और यह महत्वपूर्ण ज्योतिषीय घटना देश दुनिया के साथ-साथ राशियों को भी अवश्य प्रभावित करेगी।
ज्योतिष में जब भी कोई ग्रह अस्त होता है तो इसका मतलब होता है कि वह पृथ्वी के परिपेक्ष से सूर्य के बहुत करीब पहुंच चुका है। विशेष रूप से अगर कोई ग्रह सूर्य से लगभग 8 से 17 डिग्री के अंदर होता है तो उसे अस्त माना जाता है। ऐसे में जब संचार, बुद्धि और विचार का ग्रह बुध अस्त होता है तो यह व्यक्ति की खुद को दूसरों के समक्ष व्यक्त करने की शक्ति और जानकारी को व्यक्ति कैसे संसाधित करता है इस बात को प्रभावित करता है।
ज्योतिष में बुध के अस्त होने की कुछ व्याख्याएं इस प्रकार हैं:
बातचीत में परेशानियां:बुध संचार पर शासन करता है। ऐसे में जब यह अस्त होता है तो व्यक्ति खुद को स्पष्ट रूप से दूसरों के सामने व्यक्त करने में कठिनाइयां उठा सकता है। इस दौरान लोगों को गलत समझा जा सकता है या उन्हें अपने विचारों को प्रभावी ढंग से व्यक्त करने में कठिनाइयां हो सकती हैं।
सोचने-विचारने की क्षमता कमज़ोर होना: इस दौरान मानसिक धुंधलापन या भ्रम की भावना व्यक्ति को परेशान कर सकती है। स्पष्ट रूप से सोचना या तार्किक रूप से कोई फैसला लेना व्यक्ति के लिए चुनौती पूर्ण रहने वाला है।
गलत संचार: इस अवधि में संचार में गलतफहमी या गलत व्याख्या होने का खतरा बढ़ जाता है। लोग बातचीत में जल्दबाजी में निष्कर्ष निकाल लेते हैं या फिर महत्वपूर्ण जानकारी को नजरअंदाज कर सकते हैं।
चीजों को सीखने में रुकावट: बुध सीखने की कला और बौद्धिक गतिविधियों को भी नियंत्रित करता है। अस्त होने पर यह किसी को नई जानकारी को अवशोषित करने या अवधारणाओं को आसानी से समझने की क्षमता में बाधा उत्पन्न करता है।
आंतरिक प्रतिबिंब पर ध्यान दें: दूसरी तरफ सूर्य के करीब होने से आंतरिक फोकस भी जातक के अंदर नजर आने लगता है। यह बाहरी अभिव्यक्ति के बजाय आत्म निरीक्षण, चिंतन और आत्म मंथन का समय साबित होता है।
बढ़ी हुई रचनात्मकता: कुछ ज्योतिष ऐसा भी मानते हैं कि बुध अस्त रचनात्मकता को उत्तेजित कर सकता है क्योंकि सूर्य के बहुत करीब होने से प्रेरणा और कल्पनाशील सोच प्रज्वलित होती है।
अस्थाई प्रभाव: यहाँ यह ध्यान देना बेहद महत्वपूर्ण हो जाता है कि अस्त अवधि अपेक्षाकृत अल्पकालिक होती है क्योंकि बुध राशि चक्र के चारों ओर तेजी से घूमता है। जब बुध सूर्य के कुछ डिग्री के भीतर होता है तो प्रभाव आमतौर पर सबसे ज्यादा मजबूत नजर आते हैं। किसी भी ज्योतिषी व्याख्या की तरह बुध के अस्त होने का प्रभाव व्यक्ति की जन्म कुंडली के अन्य पहलुओं और वर्तमान ज्योतिष गोचर के अनुसार अलग-अलग हो सकते हैं।
वृषभ राशि में बुध अस्त- केवल दो राशियों पर पड़ेगा सकारात्मक प्रभाव
मेष राशि
मेष राशि के जातकों के लिए बुध तीसरे और छठे घर का स्वामी है और अब आपके दूसरे घर में अस्त होने जा रहा है। इस राशि के जातकों को करियर के पहलुओं पर आशाजनक वृद्धि हासिल होगी जिसमें आपको कोई नई नौकरी का अवसर प्राप्त हो सकता है। अपने लिए अद्वितीय मानक स्थापित करने और सफलता प्राप्त करने के लिहाज से ये समय आपके लिए अनुकूल रहेगा।
इस अवधि के दौरान इस राशि के जो जातक व्यावसायिक क्षेत्र से जुड़े हुए हैं उनके सभी प्रयासों से उन्हें अच्छा लाभ मिलेगा। आत्मविश्वास बढ़ने से जातकों को बढ़ावा मिलेगा और आप व्यवसाय में अद्वितीय लक्ष्यों को प्राप्त करने और अपने प्रतिस्पर्धियों के समक्ष अपनी मजबूत छवि के साथ उभरने की स्थिति में नजर आएंगे।
कन्या राशि
कन्या राशि के जातकों के लिए बुध पहले और दसवें घर का स्वामी है और अब आपके नवम भाव में अस्त होने जा रहा है। बुध अस्त की यह अवधि कन्या राशि के जातकों के लिए बेहतर साबित होगी और आपको अपनी नौकरी में अच्छा नाम, प्रतिष्ठा आदि प्राप्त होगी। साथ ही इन जातकों को अन्य लाभ भी जीवन में प्राप्त हो सकते हैं। हालांकि इस राशि के जातक अपने जीवन में ज्यादा संतुष्टि महसूस नहीं कर पाएंगे और उन्हें लग सकता है कि इस अवधि के दौरान उन्होने कुछ खास हासिल नहीं किया है।
करियर के लिहाज से बात करें तो वृषभ राशि में बुध का अस्त होना आपके लिए ज्यादा अनुकूल नहीं होगा और आपके प्रदर्शन में कुछ समस्याएं खड़ी हो सकती हैं। जातकों को यह भी लग सकता है कि उन्हें काम में किस्मत का साथ नहीं मिल रहा है जिसके परिणाम स्वरुप आप नौकरी में कुछ दबाव का अनुभव कर सकते हैं जिससे आपका मनोबल कम नजर आने वाला है। परिणाम स्वरुप आप अपनी पूरी दक्षता से काम को करने में असमर्थ रहने वाले हैं।
वृषभ राशि में बुध अस्त- इन राशियों पर पड़ेगा नकारात्मक प्रभाव
वृषभ राशि
वृषभ राशि के जातकों के लिए बुध दूसरे और पंचम भाव का स्वामी है और आपके पहले भाव में अस्त होने जा रहा है। बुध अस्त के परिणाम स्वरुप आपके खर्चों में वृद्धि, परिवार में समस्याएं आदि देखने को मिल सकती हैं। साथ ही इस राशि के जातक अपने प्रियजनों के साथ बहस में भी फंस सकते हैं। इस अवधि के दौरान वृषभ राशि के जातकों के जीवन में खुशियां काफी कम नजर आएगी। करियर की मोर्चे पर बात करें तो यह गोचर जातकों को काम के सिलसिले में उन्नति प्रदान नहीं कर पाएगा और कड़ी मेहनत के बावजूद आप अपने लिए पहचान नहीं बना पाएंगे और आपकी पहचान में कमी नजर आएगी। वृषभ राशि में बुध अस्त के दौरान प्रोत्साहन पदोन्नति जैसे लाभ के संबंध में आप अपनी उम्मीदों पर खरा नहीं उतर पाएंगे।
मिथुन राशि के जातकों के लिए बुध पहले और चौथे घर का स्वामी है और आपके बारहवें घर में अस्त होने जा रहा है। करियर के मोर्चे पर बात करें तो बुध का अस्त होना आपके लिए निराशाजनक साबित होगा। वृषभ राशि में बुध अस्त के दौरान आपको पहचान हासिल करने के लिए काफी मेहनत करने की आवश्यकता पड़ेगी लेकिन साथ ही इन जातकों को थोड़ी सफलता भी प्राप्त हो सकती है और कुछ बाधाओं के बाद सकारात्मक परिणाम भी मिल सकते हैं। इस राशि के जो जातक व्यवसाय के क्षेत्र से जुड़े हुए हैं उन्हें इस अवधि के दौरान अपनी व्यावसायिक रणनीतियों को बदलने और नए व्यावसायिक रुझानों और तकनीक पर टिके रहने के लिए आवश्यकता पड़ेगी ताकि आप उच्च लाभ प्राप्त कर सकें और अपने प्रतिस्पर्धियों को कड़ी टक्कर दे सकें। इस दौरान प्रतिस्पर्धियों से कड़ी प्रतिस्पर्धा भी आपको मिलने वाली है।
सिंह राशि
सिंह राशि के जातकों के लिए बुध दूसरे और ग्यारहवें भाव का स्वामी है और आपके दसवें घर में अस्त होने जा रहा है। बुध की यह अवधि सिंह राशि के जातकों के लिए ज्यादा अनुकूल नहीं होगी क्योंकि इस दौरान आपको भाग्य का साथ नहीं मिलेगा। भले ही आपको भाग्य का साथ मिल भी जाए लेकिन जातक अपनी आवश्यक इच्छाओं को पूरा करने की स्थिति में नहीं नजर आएंगे और इसके चलते आपके जीवन से संतुष्टि गायब रहने वाली है।
करियर के मोर्चे पर बात करें तो यह अवधि ज्यादा आसान नहीं साबित होगी और जातकों को काम का बहुत अधिक दबाव और रुकावटें मिलने की आशंका है। इस राशि के जातकों को काम को व्यवस्थित तरीके से करने की योजना बनाने की जरूरत पड़ेगी ताकि आप उचित मानकों को प्राप्त करने और इस अवधि को पेशेवर तरीके से पार कर पाने में कामयाब हो सकें। इस राशि के जो जातक व्यापार के क्षेत्र से जुड़े हुए हैं उन्हें कम मुनाफा प्राप्त होगा। इसके अलावा जातकों को लाभ में कमी भी मिल सकती है और आप जो भी प्रयास करेंगे उससे आप अपने लक्ष्यों को पूरा करने में कामयाब नहीं हो पाएंगे।
वृश्चिक राशि के जातकों के लिए बुध आठवें और ग्यारहवें घर का स्वामी है और आपके सातवें घर में अस्त होने जा रहा है। इस अवधि के दौरान जातकों में असुरक्षा की भावनाएं बढ़ सकती हैं जिससे आप सही निर्णय लेने में कामयाब नहीं रहेंगे जिसका नकारात्मक प्रभाव आपके जीवन पर नजर आएगा। करियर के मोर्चे पर बात करें तो इन जातकों पर काम का अधिक दबाव रहेगा और आप कड़ी मेहनत के बावजूद भी आसानी से पहचान नहीं बना पाएंगे।
वरिष्ठ जातक आपके काम में अवांछित गलतियां निकाल सकते हैं और इसके कारण जातकों को काम में परेशानियां उठानी पड़ सकती हैं। वृश्चिक राशि के कुछ जातकों के लिए अपने व्यवसाय के संबंध में कड़ी प्रतिस्पर्धा मिलने वाली है जिसे सही ढंग से प्रबंधित करने में आप कामयाब नहीं होंगे और अपने प्रतिस्पर्धियों को उचित प्रतिस्पर्धा नहीं दे पाएंगे।
मीन राशि
मीन राशि के जातकों के लिए बुध चतुर्थ और सप्तम भाव का स्वामी है और आपके तीसरे घर में अस्त होने जा रहा है। करियर के मोर्चे पर बुध की यह अस्त अवधि कम कुशल परिणाम आपको प्रदान करेगी और जातकों को अच्छी वृद्धि और मान सम्मान नहीं दिला पाएगी। ऐसे में आपके लिए यह समय ज्यादा अनुकूल नहीं रहने वाला है।
काम के संबंध में मान्यता प्राप्त करना आपके लिए आसानी से संभव नहीं होगा। इस राशि के जो जातक व्यवसाय के क्षेत्र से संबंधित हैं उन्हें इस अवधि के दौरान उत्पादकता और कुशलता नहीं प्राप्त होगी। आप अपने प्रतिस्पर्धियों को कड़ी टक्कर देने और सफलतापूर्वक इस चुनौती से निकल पाने में भी कामयाब नहीं होंगे। आपको अपने प्रतिस्पर्धियों से रुकावटें भी मिलने की आशंका है।
वृषभ राशि में बुध अस्त- जानें ज्योतिषीय उपाय
भगवान गणेश की पूजा करें और उन्हें दूर्वा घास और देसी घी के लड्डू अर्पित करें।
बुध ग्रह के लिए हवन करें अपने परिवार की महिलाओं को वस्त्र और हरी चूड़ियों का दान करें।
किन्नरों का आशीर्वाद लें।
प्रतिदिन गाय को हरा चारा खिलाएं।
पक्षियों विशेष कर कबूतरों और तोतों को भीगे हुए हरे चने खिलाएँ।
वृषभ राशि में बुध अस्त- क्या पड़ेगा विश्व पर प्रभाव?
व्यापार और वित्त
निर्यात व्यवसाय के मालिकों को सफलता प्राप्त हो सकती है लेकिन उन्हें विदेश से धन प्राप्त करने में कुछ देरी का अनुभव उठाना पड़ेगा।
भारत और विदेश में रचनात्मक व्यवसाय और कलाकारों को निश्चित रूप से मंदी का अनुभव होगा।
गलत संचार, गलतफहमी और गलत प्रबंध बड़े पैमाने पर बड़े संगठन और उनके व्यवसाय को प्रभावित करेगा।
सरकारी नेता, मीडिया और वक्ता
सरकार के महत्वपूर्ण नेता कुछ गलत टिप्पणी करके मुसीबत में फंस सकते हैं या फिर उन्हें लोगों से माफी भी मांगनी पड़ सकती है।
कुछ विदेशी देश भारत के लिए समस्याएं पैदा करने की कोशिश कर सकते हैं लेकिन हमें सोच समझ कर ही जवाब देना चाहिए या कोई भी कदम सोच समझ कर उठना चाहिए क्योंकि बुध अस्त का समय बहुत अनुकूल नहीं है।
सरकारी प्रतिनिधि और अधिकारी अपरिपक्व टिप्पणी या बयान देते हुए नजर आ सकते हैं जिससे भविष्य में उन्हें परेशानियां उठानी पड़ेगी या फिर लोगों के विरोध का सामना करना पड़ेगा।
मशहूर हस्तियां और महत्वपूर्ण पद पर बैठे लोग भी विभिन्न विषयों के बारे में पूछे जाने पर आवेगी या चिड़चिड़ा स्वभाव दिखा सकते हैं और मुसीबत में फंस सकते हैं।
पत्रकारिता, परामर्श आदि जैसे संचार से जुड़े व्यवसायों से जुड़े लोगों को अपने शब्दों का चयन बहुत ही सोच समझकर करना होगा अन्यथा अधिकारियों और सत्ता में बैठे लोगों से उन्हें परेशानियां उठानी पड़ सकती ।
इस अवधि के दौरान परामर्शदाताओं और प्रेरक वक्ताओं को काम में कुछ असफलता का अनुभव हो सकता है।
वृषभ राशि में बुध अस्त- क्या पड़ेगा शेयर बाजार पर असर?
बुध 2 जून 2024 को अस्त होने जा रहा है वह भी शुक्र द्वारा शासित वृषभ राशि में। बुध अस्त होगा इसलिए निश्चित रूप से अपनी 100% क्षमता का उपयोग करने में सक्षम नहीं होगा। चलिए जानते हैं शेयर बाजार पर इसका क्या असर पड़ेगा।
रासायनिक उद्योग, सार्वजनिक क्षेत्र, फार्मास्यूटिकल क्षेत्र, बिजली क्षेत्र और सीमेंट उद्योग अच्छा प्रदर्शन करेंगे।
इलेक्ट्रिकल उत्पादन उद्योग, इलेक्ट्रिकल बिजली, चाय और काफी उद्योग, सीमेंट उद्योग, हीरा उद्योग, रसायन, भारी इंजीनियरिंग भी अच्छा प्रदर्शन करते नजर आएंगे।
कुछ उद्योगों विशेष तौर पर सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र में मंदी देखने को मिल सकती है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्रश्न 1: वृषभ राशि में बुध कौन से व्यवसाय का समर्थन करता है?
उत्तर: वृषभ राशि में बुध वित्त, बैंकिंग, मीडिया, परामर्शदाता, प्रेरक वक्ता, आदि का समर्थन करता है।
प्रश्न 2: क्या बुध वृषभ राशि में सहज है?
उत्तर: हां, क्योंकि बुध और शुक्र मित्र हैं इसलिए बुध यहां सहज होता है।
प्रश्न 3: किसी ग्रह का अस्त होना क्या होता है?
उत्तर: जब कोई ग्रह सूर्य के बहुत करीब से गुजरता है, उदाहरण के लिए सूर्य के दोनों और 5 से 10 डिग्री के बीच होता है तो इसे अस्त होना कहा जाता है।