मंगल गोचर का वैश्विक स्तर पर असर

मंगल का कुंभ राशि में गोचर: कुछ राशियों के खुलेंगे किस्मत के द्वार, कुछ को रहना होगा सतर्क!

एस्ट्रोसेज एआई के इस विशेष ब्लॉग में हम आपको मंगल का कुंभ राशि में गोचर के बारे में विस्तार से जानकारी प्रदान करेंगे। साथ ही, यह भी बताएंगे कि मंगल के गोचर का प्रभाव सभी 12 राशियों पर किस प्रकार से पड़ेगा।

बता दें कुछ राशियों को मंगल ग्रह के गोचर से बहुत अधिक लाभ होगा तो, वहीं कुछ राशि वालों को इस अवधि बहुत ही सावधानी से आगे बढ़ने की आवश्यकता होगी क्योंकि उन्हें कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। इसके अलावा, इस ब्लॉग में मंगल ग्रह को मजबूत करने के कुछ शानदार व आसान उपायों के बारे में भी बताएंगे और देश-दुनिया व शेयर मार्केट पर भी इसके प्रभाव के बारे में चर्चा करेंगे। 

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ज्योतिष में मंगल ग्रह का महत्व

ज्योतिष शास्त्र में मंगल ग्रह व्यक्ति की ऊर्जा, पहल करने की क्षमता, साहस, महत्वाकांक्षा और योद्धा भाव का प्रतीक माना जाता है। वैदिक ज्योतिष में मंगल को मंगल या कुज के नाम से जाना जाता है। यह ग्रह इस बात को दर्शाता है कि हम अपने भीतर के आत्मविश्वास को कैसे व्यक्ति करते हैं, चुनौतियों का सामना किस तरह करते हैं और अपने लक्ष्यों को पाने के लिए कितनी मजबूती से आगे बढ़ते हैं। मंगल शारीरिक शक्ति, दृढ़ निश्चय, अनुशासन और सही समय पर ठोस निर्णय लेने की क्षमता का प्रतिनिधित्व करता है। जब किसी व्यक्ति की जन्म कुंडली में मंगल मजबूत स्थिति में होता है, तो वह व्यक्ति को आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता, प्रतिस्पर्धी सोच और सफलता प्राप्त करने की प्रबल इच्छा प्रदान करता है।

ऐसे लोग अक्सर रक्षा क्षेत्र, खेल इंजीनियरिंग, सर्जरी, रियल एस्टेट या अन्य बिज़नेस से जुड़े क्षेत्रों में अच्छा प्रदर्शन करते हैं। वहीं दूसरी ओर, यदि मंगल ग्रह पीड़ित या कमजोर स्थिति में हो, तो यह व्यक्ति के स्वभाव में क्रोध, अधीरता, आक्रामकता, जल्दबाज़ी में निर्णय लेना, दुर्घटनाएं, झगड़े या कानूनी परेशानियां उत्पन्न कर सकता है। मंगल ग्रह मांगलिक दोष में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, जिसका प्रभाव विवाह, दांपत्य जीवन, रिश्तों और वैवाहिक स्थिरता पर पड़ता है। मंगल ग्रह मेष और वृश्चिक राशि का स्वामी है। 

जन्म कुंडली में इसकी स्थिति, दृष्टि और अन्य ग्रहों के साथ युति यह दर्शाती है कि व्यक्ति अपनी भावनाओं, कामुक ऊर्जा, सहनशक्ति और आंतरिक शक्ति का उपयोग किस प्रकार करता है। आध्यात्मिक दृष्टि से मंगल आत्म-अनुशासन, सही कर्म (धर्मयुक्त कार्य) और आक्रामक प्रवृत्तियों को सकारात्मक व रचनात्मक ऊर्जा में बदलने की क्षमता को दर्शाता है।

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मंगल का कुंभ राशि में गोचर: तिथि व समय

क्रिया और पराक्रम का ग्रह मंगल 23 फरवरी 2026 की सुबह 11 बजकर 33 मिनट पर कुंभ राशि में प्रवेश करने जा रहे हैं। कुंभ राशि को व्यावहारिक सोच और नए विचारों व आविष्कारों से जुड़ी राशि माना जाता है। आइए जानते हैं कि मंगल के इस गोचर का प्रभाव सभी राशियों पर कैसा रहेगा, साथ ही इसका असर शेयर बाजार और पूरी दुनिया पर किस तरह देखने को मिल सकता है। 

कुंभ राशि में मंगल: विशेषताएं

कुंभ राशि में मंगल होने से व्यक्ति के काम करने का तरीका प्रगतिशील, अलग सोच वाला बुद्धि से प्रेरित होता है। ऐसे लोग सिर्फ अपने फायदे के लिए नहीं बल्कि समाज के हित से जुड़े विचारों, नए प्रयोगों और उद्देश्यों से प्रेरित रहते हैं। इनकी ऊर्जा नए आइडियाज, तकनीक, सामाजिक सुधार और मानवता से जुड़े कार्यों में दिखाई देती है। कुंभ राशि में मंगल वाले लोग भावनाओं की बजाय तर्क और समझदारी से फैसले लेना पसंद करते हैं और अपने लक्ष्य हासिल करने के लिए अक्सर साहसी और प्रयोगात्मक रास्ते अपनाते हैं।

इनमें स्वतंत्र सोच, विद्रोही स्वभाव और पुरानी परंपराओं या नियमों को चुनौती देने का साहस होता है, खासकर तब जब वे उनके विचारों से मेल न खाते हों। दूसरी ओर, कुंभ राशि में मंगल व्यक्ति को कभी-कभी अनिश्चित, भावनात्मक रूप से दूरी बनाए रखने वाला या अपनी बात पर अड़े रहने वाला भी बना सकता है। 

विवाद की स्थिति में भावनाओं की कमी, अचानक गुस्सा या अपने सिद्धांतों के कारण जल्दबाज़ी में फैसले लेने की प्रवृत्ति देखी जा सकती है। हालांकि, यह स्थिति व्यक्ति को यह सीख भी देती है कि आज़ादी और जिम्मेदारी के बीच संतुलन कैसे बनाया जाए। सही दिशा में इसका उपयोग करने पर व्यक्ति अपनी तीव्र बुद्धि और नवीन ऊर्जा को सकारात्मक और समाज के लिए उपयोगी कार्यों में लगा सकता है।

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मंगल का कुंभ राशि में गोचर: इन राशियों पर पड़ेगा सकारात्मक प्रभाव 

मेष राशि 

मेष राशि के जातकों के लिए मंगल इस समय लाभ, इच्छा और धन से जुड़े ग्यारहवें भाव में गोचर कर रहे हैं। मंगल आपकी राशि के स्वामी भी हैं और साथ ही आठवें भाव के भी स्वामी हैं माना जाता है। इस कारण यह गोचर मेष राशि वालों के लिए कई अच्छे परिणाम लेकर आ सकता है। इस दौरान आप अपनी टीम, सहकर्मियों या दोस्तों के साथ अच्छा समय बिताएंगे और कार्यस्थल का माहौल भी आपके पक्ष में रहेगा। चूंकि मंगल आपकी ही स्वामी ग्रह है, इसलिए इस गोचर का प्रभाव आपके लिए खास और मजबूत रहने वाला है।

यदि आप प्रमोशन का इंतजार कर रहे थे, तो अब उसे पाने का सही समय है। व्यापार से जुड़े लोगों के लिए भी यह समय काफी लाभकारी और उत्पादक साबित होगा। आर्थिक रूप से आप खुद को सुरक्षित महसूस करेंगे, हालांकि बेहतर पद और अतिरिक्त आय के स्रोत पाने के लिए मेहनत जारी रखना जरूरी रहेगा। इस दौरान रियल एस्टेट से लाभ के योग भी बन रहे हैं। आपकी आमदनी में वृद्धि होगी और विरोधियों पर आप बढ़त हासिल कर पाएंगे।

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वृषभ राशि

वृषभ राशि के जातकों के लिए मंगल इस समय आपके कर्म, करियर, नाम और प्रतिष्ठा के दसवें भाव में गोचर कर रहा है। मंगल आपके लिए सातवें भाव (विवाह और व्यावसायिक साझेदारी) और बारहवें भाव (खर्च, विदेश और विदेशी आय) के स्वामी भी हैं। ऐसे में यह गोचर करियर के लिहाज से आपके लिए अच्छा साबित होगा, क्योंकि इस दौरान आपको खुद को साबित करने के कई मौके मिलेंगे।

यह समय आपकी क्षमताओं को दिखाने और अपने काम से पहचान बनाने का है। पहले की गई मेहनत का फल अब आपको मान-सम्मान, सराहना और नाम के रूप में मिल सकता है। हालांकि, आपको सावधानी भी बरतनी होगी और अपने विरोधियों या प्रतिस्पर्धियों को हल्के में नहीं लेना चाहिए। कार्यक्षेत्र में हालात सामान्य रूप से आपके पक्ष में रहेंगे और सफलता मिलने की संभावना भी मजबूत रहेगी। इस दौरान की गई मेहनत से अच्छा लाभ मिलने की संकेत हैं।

आर्थिक रूप से यह समय कमाई करने वाला रहेगा और आप समझदारी से निवेश भी कर पाएंगे। निजी जीवन की बात करें तो रिश्तों में तनाव से बचने के लिए आपको थोड़ा धैर्य और विनम्रता अपनानी होगी, ताकि आपसी तालमेल बना रहे।

सिंह राशि

सिंह राशि वालों के लिए मंगल इस समय विवाह और साझेदारी के सातवें भाव में स्थित है और साथ ही यह चौथे और नौवें भाव के स्वामी भी हैं। इस दौरान व्यापार और पार्टनरशिप से जुड़े कार्यों में अच्छा लाभ मिलने के योग बनते हैं। नौकरीपेशा लोगों को पद में उन्नति या नई जिम्मेदारियों मिल सकती हैं, जिससे करियर में आगे बढ़ने के अवसर मिलेंगे। हालांकि, इस समय आपको धैर्य रखने की जरूरत होगी, क्योंकि कार्यस्थल पर छोटी-छोटी बातों को लेकर सहकर्मियों से बहस या विवाद की स्थिति बन सकती है, जिससे आपके पेशेवर जीवन में थोड़ी रुकावट आ सकती है।

इस अवधि में रुका हुआ धन वापस मिलने की संभावना है और किसी पुराने निवेश से आर्थिक लाभ भी हो सकता है। निजी जीवन की बात करें तो, जीवनसाथी के व्यवहार में बदलाव महसूस हो सकता है, जिस कारण कुछ समय के लिए रिश्तों में तालमेल बनाए रखना थोड़ा मुश्किल हो सकता है।

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धनु राशि 

धनु राशि के जातकों के लिए मंगल पांचवें और बारहवें भाव के स्वामी हैं और इस समय यह तीसरे भाव में गोचर करेंगे, जो साहस, भाई-बहन और छोटी यात्राओं से जुड़ा होता है। इस दौरान आपको व्यापार से जुड़े नए अवसर मिल सकते हैं। आपकी कार्यक्षमता, तकनीकी समझ और मेहनत आपको अलग-अलग क्षेत्रों में आगे बढ़ने में मदद करेगी। इस समय की गई यात्राएं, खासकर जो करियर से जुड़ी हों, आपके लिए लाभदायक साबित हो सकती हैं। आर्थिक दृष्टि से यह समय आपके लिए अच्छा रहेगा। 

आय में वृद्धि होगी और किए गए निवेश से अच्छे रिटर्न मिलने के योग बनते हैं। हालांकि, इस अवधि में कमाई के साथ-साथ खर्च भी बढ़ सकता है, इसलिए सावधानी बरतना जरूरी होगा, लेकिन ज्यादा चिंता करने की जरूरत नहीं है। किसी अनुभवी या जानकार व्यक्ति की सलाह लेकर निवेश करना इस समय विशेष रूप से लाभकारी रहेगा। निजी जीवन की बात करें तो जीवनसाथी या पार्टनर के साथ आपका रिश्ता इस दौरान सकारात्मक और संतुलित बना रहेगा।

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कुंभ राशि

कुंभ राशि के जातकों के लिए मंगल तीसरे और दसवें भाव का स्वामी है और इस समय यह आपकी लग्न यानी प्रथम भाव में गोचर कर रहा है, जो व्यक्तित्व, स्वभाव और पहचान को दर्शाता है। इस गोचर के दौरान आपके व्यवहार में कुछ बदलाव महसूस हो सकते हैं। अचानक चिड़चिड़ापन बढ़ सकता है और अपनी बात पर अड़े रहने की प्रवृत्ति भी दिख सकती है। करियर के लिहाज़ से यह समय आपके लिए अच्छा रहेगा। 

कार्यक्षेत्र में आप अपने सभी काम समय से पहले पूरे कर पाएंगे और प्रदर्शन भी बेहतर रहेगा। सलाह दी जाती है कि इस दौरान अधूरे कामों को पूरा करने पर ध्यान दें और बिना सोचे-समझे फैसले लेने या किसी नए काम की शुरुआत करने से बचें। आर्थिक स्थिति सामान्य बनी रहेगी, लेकिन भौतिक सुख-सुविधाओं की इच्छा बढ़ सकती है, जिस कारण खर्चों में इज़ाफा होने की संभावना है।

मंगल का कुंभ राशि में गोचर: इन राशियों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा

मिथुन राशि

मिथुन राशि के जातकों के लिए मंगल छठे और ग्यारहवें भाव के स्वामी हैं और इस समय यह नौवें भाव में गोचर करेंगे, जो भाग्य, धर्म, विदेश यात्रा और पिता से संबंधित माना जाता है। इस गोचर के दौरान आपकी आय में वृद्धि हो सकती है और आर्थिक परेशानियों का कोई न कोई समाधान निकलता हुआ दिखाई देगा। नए अवसर सामने आएंगे, जिनसे रिश्तों में नजदीकियां बढ़ सकती है।

रियल एस्टेट से जुड़े मामलों में यह समय खास तौर पर सफल रहने वाला है। करियर की बात करें तो कार्यक्षेत्र में आपके विरोधी आपकी छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर सकते हैं, इसलिए सतर्क रहना जरूरी होगा। निजी जीवन में पिता के साथ मतभेद या गलतफहमी हो सकती है और उनके स्वास्थ्य को लेकर भी थोड़ी चिंता रह सकती है, इसलिए इस दौरान संवाद और ध्यान दोनों जरूरी रहेंगे।

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कर्क राशि

कर्क राशि वालों के लिए इस समय मंगल आठवें भाव में हैं। इस वजह से जिंदगी में अचानक कुछ घटनाएं हो सकती हैं। नौकरी में सीनियर्स के साथ काम करने वालों से तालमेल बिगड़ सकता है। हो सकता है कि आपको उनसे ज्यादा सहयोग न मिले। काम में मन नहीं लगेगा और ध्यान भटकने की वजह से मानसिक तनाव महसूस हो सकता है। 

आर्थिक जीवन में यह समय थोड़ा असहज रहेगा, इसलिए कुछ लोग कर्ज के बारे में सोच सकते हैं। इस दौरान शेयर बाजार, सट्टा या किसी भी तरह के जोखिम भरे निवेश से बचना बेहतर रहेगा। निजी जीवन में जीवनसाथी के साथ गलतफहमी और अहंकार की वजह से रिश्ते में खटास आ सकती है। ससुराल पक्ष से भी कुछ परेशानियां हो सकती हैं। कुल मिलाकर यह समय धैर्य और समझदारी से चलने का है।

मंगल का कुंभ राशि में गोचर: देश-दुनिया पर प्रभाव

राजनीतिक अशांति और सामाजिक आंदोलनों और विरोध प्रदर्शनों में बढ़ोतरी

  • लोगों का गुस्सा और असंतोष बढ़ने से वे सरकारों, अधिकारियों और सख्त सिस्टम के खिलाफ खुलकर आवाज उठा सकते हैं। इससे बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन और जन आंदोलन हो सकते हैं।
  • अब लड़ाइयां जमीन के लिए नहीं, बल्कि विचारधाराओं को लेकर ज्यादा हो सकती हैं। इसमें मानव अधिकार, बोलने की आजादी, डिजिटल निजता और वैश्विक शासन जैसे मुद्दों पर टकराव बढ़ सकता है।
  • आजादी, बराबरी, मजदूरों के अधिकार, मानव अधिकार और सामाजिक न्याय जैसे मुद्दे ज्यादा मजबूत होंगे। जनता के दबाव और सुधार की माँग के चलते सरकारों और अधिकारियों को जवाब देना पड़ सकता है।
  • सरकारें कभी-कभी अचानक या अलग तरह के कड़े फैसले ले सकती हैं, जिससे लोगों में नाराज़गी फैल सकती है, राजनीतिक अस्थिरता आ सकती है और नेतृत्व पर सवाल उठ सकते हैं।

तकनीक की तेज़ रफ्तार और साइबर गतिविधियां

  • हैकिंग, साइबर युद्ध डेटा चोरी और डिजिटल जासूसी की घटनाएं बढ़ सकती हैं, क्योंकि देश और बड़ी संस्थाएं तकनीक को ज्यादा आक्रामक तरीके से अपनाने लगेंगे।
  • आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस (AI), रोबोटिक्स, अंतरिक्ष तकनीक और डिजिटल ढांचे में बहुत तेज़ी से तरक्की होगी, क्योंकि हर कोई भविष्य की तकनीक में आगे निकलना चाहते हैं।
  • डेटा की निजता, निगरानी, झूठी खबरें और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर नियंत्रण को लेकर टकराव बढ़ेगा, जिसका असर सरकारों, कंपनियों और आम लोगों पर पड़ेगा।

श्रम और कामकाजी ढांचे में सुधार

  • लोग एकजुट होकर सही मज़दूरी, बेहतर काम करने की स्थिति, कम काम के घंटे और मज़दूरों की मज़बूत सुरक्षा की मांग कर सकते हैं। इससे सरकारों और कंपनियों को श्रम कानूनों पर दोबारा सोचने के लिए मजबूर होना पड़ सकता है।
  • घर से काम (रिमोट वर्क), गिग इकॉनमी, फ्रीलांसिंग और तकनीक से जुड़े काम तेज़ी से बढ़ेंगे। साथ ही पुराने दफ़्तरों के नियम, सख्त पदानुक्रम और जमी-जमाई कॉर्पोरेट सोच का विरोध भी होगा।
  • यूनियनों की गतिविधियां बढ़ेंगी, हड़तालें और संगठित विरोध देखने को मिल सकते हैं, खासकर तकनीक और औद्योगिक क्षेत्रों में। इससे मालिकों और कर्मचारियों के बीच ताक़त का संतुलन चुनौती में पड़ सकता है।

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मंगल का कुंभ राशि में गोचर: शेयर बाज़ार रिपोर्ट

मंगल का कुंभ राशि में गोचर शेयर बाजार पर धीरे लेकिन असरदार प्रभाव डाल सकता है। आइए समझते हैं कि इसका भारतीय शेयर बाजार पर क्या असर हो सकता है। आप चाहे तो एस्ट्रोसेज एआई द्वारा दी गई शेयर बाजार भविष्यवाणी का विस्तृत विश्लेषण भी पढ़ सकते हैं।

  • मंगल ऊर्जा, तेजी और आक्रामकता लाता है, जबकि कुंभ राशि अचानक बदलाव और अनिश्चितता दिखाती है। इसके कारण भारतीय और वैश्विक बाजार में दिन के भीतर तेज उतार-चढ़ाव , अचानक तेजी और अचानक गिरावट देखने को मिल सकती है।
  • आईटी, एआई, फिनटेक. टेलीकॉम, इलेक्ट्रॉनिक्स, स्पेस टेक्नोलॉजी और डिजिटल प्लेटफॉर्म से जुड़े सेक्टर्स में ज़्यादा हलचल, सट्टेबाज़ी और अचानक दाम बढ़ने की संभावना रहेगी। 
  • कुंभ राशि आम जनता और तकनीक से जुड़ी होती है, इसलिए रिटेल निवेशकों की भागीदारी, एल्गो ट्रेडिंग और हाई-फ्रीक्वेंसी ट्रेडिंग बढ़ सकती है, जिससे बाज़ार में अस्थिरता और बढ़ेगी।
  • बिजली, रिन्यूएबल एनर्जी, पावर ग्रिड और इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े शेयरों में भी उतार-चढ़ाव बना रह सकता है, क्योंकि कुंभ राशि ऊर्जा नेटवर्क से जुड़ी है और मंगल का प्रभाव आक्रामक होता है। 

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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

1. क्या मंगल कुंभ राशि में उच्च का होता है?

नहीं, मंगल मकर राशि में उच्च का होता है।

2. मंगल की मूलत्रिकोण राशि कौन सी है?

मेष राशि

3. मंगल किस भाव में दिग्बल प्राप्त करता है?

10वें भाव