सूर्य का मकर राशि में गोचर: जानें 12 राशियों पर प्रभाव!

सूर्य का मकर राशि में गोचर, जानें किन राशि वालों का चमकेगा भाग्‍य!

सूर्य का मकर राशि में गोचर होने पर करियर के क्षेत्र में स्थिरता आती है और जिम्‍मेदारियां भी बढ़ सकती हैं। इसके साथ ही सरकारी कार्यों में तेजी आती है और नौकरीपेशा जातकों को प्रमोशन मिलने की संभावना बढ़ जाती है। लोगों को अपनी मेहनत का फल धीरे-धीरे मिलना शुरू हो जाता है।

यह गोचर आत्‍मविश्‍वास बढ़ाता है लेकिन इस दौरान अहंकार के कारण नुकसान होने का भी डर रहता है। करियर, पद-प्रतिष्‍ठा और जिम्‍मेदारियों में वृद्धि होती है। स्‍वास्‍थ्‍य के स्‍तर पर हड्डी, घुटनों और त्‍वचा को लेकर सावधानी बरतनी आवश्‍यक होती है। इस गोचर के दौरान रिश्‍तों में भावनात्‍मक स्‍तर पर दूरी और व्‍यवहार में कठोरता आने का डर रहता है। इस समयावधि में अनुशासन में रहने वाले और नियमों को मानने वाले लोगों को विशेष लाभ होता है।

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एस्ट्रोसेज एआई के इस ब्लॉग में हम जानेंगे कि सूर्य का मकर राशि में गोचर आपकी 12 राशियों के प्रेम, करियर, धन, शिक्षा, स्वास्थ्य और पारिवारिक जीवन को कैसे प्रभावित करेगा, साथ ही, कौन से उपाय इस समय को और लाभकारी बना सकते हैं। तो आइए शुरुआत करते हैं और सबसे पहले जानते हैं इस गोचर की तिथि और समय।

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सूर्य का मकर राशि में गोचर: समय व तिथि

वैदिक ज्योतिष में सूर्य देव को नवग्रहों के राजा कहा जाता है जो 14 जनवरी 2026 की दोपहर 02 बजकर 50 मिनट पर मकर राशि में गोचर करने जा रहे हैं। सूर्य एक शक्तिशाल, तेजस्वी और पुरुषत्व वाला ग्रह है। सूर्य हर महीने राशि परितर्वन करता है, जिससे ऊर्जा और प्रभावों में महत्वपूर्ण परिवर्तन आते हैं।

ज्योतिष में सूर्य ग्रह का महत्व

ज्योतिष में सूर्य ग्रह को व्यक्ति की आत्मा, जीवन शक्ति और व्यक्तित्व का कारक माना जाता है। मनुष्य का स्वभाव, आत्मविश्वास, निर्णय लेने की क्षमता और नेतृत्व गुण, यह सभी सूर्य पर निर्धारित होते हैं।

यदि कुंडली में सूर्य मजबूत हो, तो जातक तेजस्‍वी, आकर्षण से भरपूर, समाज में सम्मान पाने वाला और अधिकारिक पद पर नियुक्‍त होता है। यह राजनीति, प्रशासन, सरकारी सेवाओं, नेतृत्व वाले पदों और प्रतिष्ठा से जुड़े क्षेत्रों में उन्नति प्रदान करता है।

स्वास्थ्य पर भी सूर्य का महत्वपूर्ण प्रभाव देखने को मिलता है। यह शरीर में ऊर्जा, रोग प्रतिरोधक क्षमता और मानसिक स्थिरता प्रदान करता है। कमजोर सूर्य के कारण थकान, आत्मविश्वास में कमी, आंखों या हड्डियों की समस्या, करियर में रुकावट और पिता से जुड़ी चुनौतियां देखनी पड़ सकती हैं।

वहीं दूसरी ओर, अत्यधिक प्रबल सूर्य के कारण अहंकार, गुस्सा और संबंधों में दूरी जैसी समस्याएं आ सकती हैं। वहीं संतुलित सूर्य सफलता, सम्मान, शक्ति और मानसिक स्पष्टता प्रदान करता है।

कालसर्प दोष रिपोर्ट – काल सर्प योग कैलकुलेटर

मकर राशि में सूर्य ग्रह का महत्व

ज्‍योतिषशास्‍त्र में सूर्य ग्रह को आत्‍मा, नेतृत्‍व करने की क्षमता, पिता और सत्ता एवं जीवन शक्‍ति का कारक बताया गया है। मकर राशि में सूर्य के गोचर को काफी महत्‍वपूर्ण माना जाता है। मकर राशि के स्‍वामी ग्रह शनि देव हैं जिन्‍हें कर्म, अनुशासन, परिश्रम और न्‍याय का प्रतीक माना गया है।

सूर्य और शनि देव का स्‍वभाव एक-दूसरे से भिन्‍न होता है। सूर्य अधिकार, स्‍वाभिमान का प्रतिनिधित्‍व करता है, वहीं शनि धैर्य, सीमा और नियमों में रहना सिखाता है। यही वजह है कि मकर राशि में सूर्य का गोचर व्‍यक्‍ति के आत्‍मसंयम और कर्तव्‍यबोध की परीक्षा लेता है।

ज्‍योतिष शास्‍त्र में मकर राशि को सूर्य की शत्रु राशि माना गया है। कहने का मतलब है कि मकर राशि में होने पर सूर्य कमजोर हो जाता है। इस स्थिति में आत्‍‍मविश्‍वास और अधिकार मेहनत, निरंतर प्रयास करने और अनुशासन का पालने करने के बाद ही प्राप्‍त होते हैं। मकर राशि में सूर्य का गोचर होने पर लोगों को यह सीख मिलती है कि अहंकार या पद के दम पर नहीं बल्कि कर्म और जिम्‍मेदारी का पालन करने पर सम्‍मान मिलता है।

सूर्य के मकर राशि में गोचर करने पर उत्तरायण का भी आरंभ हो जाता है। ज्‍योतिष में इसे बहुत ज्‍यादा शुभ माना जाता है। उत्तरायण के समय को देवताओं का दिन बताया गया है इसलिए इस समयावधि में दान, जप, तप और पुण्‍य करने से विशेष लाभ प्राप्‍त होता है। सूर्य के मकर राशि में गोचर करने को मकर संक्रांति के रूप में मनाया जाता है। यह आत्‍मा की शुद्धि, नई शुरुआत और सकारात्‍मक दिशा का संकेत देता है।

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12 भावों में सूर्य ग्रह का महत्व

पहला भाव

इस भाव में होने पर व्यक्ति तेजस्‍वी बनता है, उसका आत्मविश्वास बढ़ता है, व्‍यक्‍ति की नेतृत्व क्षमता मजबूत होती है। व्यक्तित्व प्रभावशाली होता है, लोग स्वाभाविक रूप से उसकी ओर आकर्षित होते हैं।

दूसरे भाव

दूसरे भाव में सूर्य धन, वाणी और परिवार में प्रभाव बढ़ता है। यह स्थिर आय, सम्मान और पारिवारिक प्रतिष्ठा प्रदान करता है। कभी-कभी बोलते समय कठोरता आ सकती है और खर्च भी बढ़ सकता है।

तीसरे भाव

इस भाव में सूर्य की उपस्थिति व्‍यक्‍ति को साहसी, जोखिम लेने वाला और मेहनती बनाता है। इन्‍हें अपने भाई-बहनों का सहयोग मिलता है। उसके संचार कौशल बेहतर होते हैं। इन्‍हें कभी-कभी रिश्तों में प्रतिस्पर्धा देखने को मिल सकती है।

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चौथे भाव

कुंडली के चौथे भाव में सूर्य घर, माता और वाहन/जमीन से लाभ करवाता है। व्यक्ति को मानसिक शांति और स्थिरता मिलती है। हालांकि मां का स्वास्थ्य खराब रह सकता है।

पांचवां भाव

बुद्धि, शिक्षा, कला और संतान संबंधी मामलों में शुभ है। पढ़ाई में अच्छा प्रदर्शन और रचनात्मकता देता है। लेकिन संतान से थोड़ी दूरी या चिंता बढ़ सकती है।

छठा भाव

सूर्य इस भाव में होने पर शत्रुओं पर विजय, प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता और नौकरी में स्थिरता दिलवाते हैं। इन्‍हें कभी-कभी पेट और पाचन से जुड़ी दिक्कतें हो सकती हैं।

सातवां भाव

साझेदारी, विवाह और सार्वजनिक जीवन में सक्रियता बढ़ती है। जीवनसाथी प्रभावशाली होता है। पर अहंकार टकराव का कारण बन सकता है, इसलिए मीठे संवाद जरूरी हैं।

आठवां भाव

आठवां भाव शोध, गहन ज्ञान और परिवर्तन का प्रतीक है और इस भाव में सूर्य के होने पर व्यक्ति रहस्यमयी और आध्यात्मिक बनता है। उसके जीवन में अचानक घटनाएं घटित हो सकती हैं।

नौवां भाव

यह भाव भाग्य, ज्ञान, गुरु, धर्म और यात्रा का कारक है। इस भाव में सूर्य के होने पर भाग्य मजबूत होता है, विदेश यात्रा व उच्च शिक्षा में सफलता मिलती है।

दसवां भाव

दसवें भाव में होकर सूर्य व्यक्ति को प्रशासन, सत्ता, सरकार, मैनेजमेंट या उच्च पद मिल सकता है। नाम-यश देना इसका प्रमुख परिणाम है।

ग्यारहवां भाव

कुंडली का ग्‍यारहवां भाव आय, लाभ और बड़े नेटवर्क का कारक होता है। इस स्थिति में सूर्य व्यक्ति को मोटी कमाई, सामाजिक पहचान और शक्तिशाली लोगों का साथ देता है।

बारहवें भाव

सूर्य यहां आध्यात्मिकता को बढ़ाने का काम करता है और विदेश से लाभ देता है। हालांकि, इन्‍हें नींद से जुड़ी परेशानियां हो सकती हैं।

सूर्य का मकर राशि में गोचर: राशि अनुसार प्रभाव और उपाय

मेष राशि

सूर्य का मकर राशि में गोचर आपकी संतान के जीवन में प्रगति और सौभाग्य लेकर आएगा…(विस्तार से पढ़ें)

वृषभ राशि

वृषभ राशि के जातकों के लिए सूर्य का मकर राशि में गोचर पिता और बड़े बुजुर्गों के साथ आपके रिश्ते में समस्याएं पैदा करेगा…(विस्तार से पढ़ें)

मिथुन राशि

आपकी प्रगति धीमी रह सकती है और खुशियाँ भी नदारद रह सकती हैं। साथ ही, आपको व्यर्थ की समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है…(विस्तार से पढ़ें)

कर्क राशि

आपका सारा ध्यान परिवार और उसकी प्रगति पर केंद्रित होगा। धन से जुड़े मामलों में आपको धन हानि हो सकती है और ऐसे में…(विस्तार से पढ़ें)

सिंह राशि

आपके जीवन में थोड़े प्रयासों से भी प्रगति और सफलता लेकर आएगा। करियर के क्षेत्र में आपको नौकरी के नए अवसर मिल सकते हैं, जिससे…(विस्तार से पढ़ें)

कन्या राशि

आपका सारा ध्यान लक्ष्य पूरे करने और जीवन का आनंद लेने में होगा। इन लोगों की रुचि सट्टेबाजी और ट्रेडिंग में होगी। हालांकि…(विस्तार से पढ़ें)

तुला राशि

सूर्य का मकर राशि में गोचर आपकी सुख-सुविधाओं में वृद्धि करवाएगा। साथ ही, आपको संपत्ति के माध्यम से लाभ प्राप्ति के योग बनेंगे…(विस्तार से पढ़ें)

वृश्चिक राशि 

आपका ध्यान व्यक्तिगत विकार पर होगा और ऐसे में, आप काफ़ी प्रयास करते हुए दिखाई दे सकते हैं…(विस्तार से पढ़ें)

धनु राशि 

आपको पिता का हर कदम पर साथ मिलेगा। आपको किस्मत का भी साथ मिलेगा। करियर के क्षेत्र में आपको अपनी मेहनत और समर्पण के बल पर…(विस्तार से पढ़ें)

मकर राशि 

पैतृक संपत्ति और अप्रत्याशित स्रोतों के माध्यम से धन लाभ होगा जिससे आप काफी ख़ुश दिखाई देंगे। हालांकि, इस दौरान कुछ अप्रिय परिस्थितियां…(विस्तार से पढ़ें)

कुंभ राशि

सूर्य का मकर राशि में गोचर आपके जीवन में सफलता पाने के मार्ग में बाधाएं लेकर आ सकता है। करियर के क्षेत्र में आपको समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है…(विस्तार से पढ़ें)

मीन राशि

आपको कार्यों में किए गए प्रयासों के द्वारा सफलता दिलाएगा। ऐसे में, आप अपनी क्षमताओं और योग्यताओं को साबित कर सकेंगे…(विस्तार से पढ़ें)

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

1. सूर्य का मकर राशि में गोचर कब होगा?

सूर्य देव 14 जनवरी 2025 को मकर राशि में गोचर करेंगे। 

2. मकर राशि पर किसका आधिपत्‍य है?

राशि चक्र की दसवीं राशि मकर के स्वामी शनि देव हैं। 

3. सूर्य कितने दिनों में गोचर करते हैं?

सूर्य ग्रह एक राशि में 30 दिन रहते हैं।