वास्तु शास्त्र : घड़ी की दिशा व आकार से बदल सकता है आपका जीवन

वास्तु शास्त्र का मानना  है कि हर एक दिशा पर किसी ना किसी देवता का अधिपत्य होता है। ऐसे में किसी भी दिशा में रखी जाने वाली सही या गलत वस्तु से नकारात्मक या सकारात्मक ऊर्जा उत्पन्न होती है। अपने स्वभाव के अनुसार ही ये ऊर्जा हमारे और आपके जीवन को प्रभावित करती है। 

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दीवार की घड़ी उन चुनिन्दा व प्रमुख वस्तुओं में से एक है जो लगभग हर घर में आपको देखने को मिल जाएगी लेकिन क्या आपको पता है कि वास्तु शास्त्र के अनुसार दीवार की घड़ियों से जुड़े कुछ नियम मौजूद हैं जिनका अगर पालन नहीं किया जाये तो उपयोगी मानी जाने वाली ये घड़ियाँ भी हमें नकारात्मक फल दे सकती हैं। ऐसे में आज हम आपको इस लेख में दीवार घड़ी से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण वास्तु टिप्स देने वाले हैं।

घर में कहाँ होनी चाहिए घड़ी?

आपमें से ज़्यादातर लोगों के घरों में घड़ी तो मौजूद होगी लेकिन शायद आपको इस बात की जानकारी नहीं होगी कि दीवारों पर टंगी इन घड़ियों की सही दिशा क्या होनी चाहिए। ऐसे में आपको बता दें कि अगर आपके घर में आर्थिक समस्या रहती है या फिर तमाम कोशिशों के बावजूद आप धन संचय नहीं कर पाते हैं तो आप घर में उत्तर या पूर्व दिशा में दीवार घड़ी लगाएँ। आपको बता दें कि उत्तर दिशा पर कुबेर और पूर्व दिशा पर स्वर्ग के अधिपति इंद्र का आधिपत्य है। ऐसे में इस दिशा में घड़ी लगाने पर आपकी आर्थिक स्थिति में सुधार आएगा। वहीं पश्चिम दिशा में भी घड़ी को लगाना शुभ माना जाता है। 

लेकिन कभी भी दक्षिण दिशा में घड़ी न लगाएँ। दक्षिण दिशा पर यमराज का आधिपत्य है। ऐसे में दक्षिण दिशा में घड़ी लगाने से अशुभ समाचार मिलने की आशंका रहती है। इसके अलावा घर में किसी भी दरवाजे के ऊपर घड़ी को लगाना भी अशुभ माना गया है।

आइये अब आपको घड़ियों के आकार पर उनके शुभ या अशुभ फल की जानकारी दे देते हैं।

गोल घड़ी

घर में गोल घड़ी का होना शुभ माना गया है। वास्तु शास्त्र के अनुसार घर में गोल घड़ी को लगाना आर्थिक स्थिति में सुधार लाता है। साथ ही इससे करियर में भी तरक्की का मार्ग प्रशस्त होता है। गोल घड़ी को यदि स्टडी रूम में लगाया जाये तो सबसे ज्यादा शुभ फल प्राप्त होता है क्योंकि इस घड़ी से ध्यान केन्द्रित करने में भी जातकों को मदद मिलती है।

त्रिकोण घड़ी

यदि आपके घर में त्रिकोण आकार की घड़ी है तो इसे हटा दें क्योंकि ऐसी घड़ी नकारात्मक फल देती है। वास्तु शास्त्र के अनुसार इस आकार की घड़ी से घर में कलह बढ़ता है और परिवार के सदस्यों के मानसिक तनाव में बढ़ोतरी होती है।

षट्कोण या फिर अष्टकोण घड़ी

छह भुजाओं या फिर आठ भुजाओं वाली घड़ी को भी बेहद शुभ माना गया है। इस घड़ी को घर में लगाने से घर में सुख शांति आती है। परिवार के सदस्यों के बीच प्रेम बढ़ता है। पारिवारिक जीवन के लिहाज से ये दोनों ही घड़ियाँ बेहद सकारात्मक फल देने वाली मानी जाती हैं। इन्हें घर के डाइनिंग हॉल में लगाना फायदेमंद सिद्ध होता है।

अंडाकार घड़ी

वास्तु शास्त्र के मुताबिक अंडाकार घड़ी सकारात्मक ऊर्जा प्रवाहित करती हैं। यदि आपको अपने रिशतेदारों या फिर मित्रों से रिश्ते बेहतर रखने हो या फिर रिश्ते बेहतर करने हो तो आप अपने गेस्ट रूम में अंडाकार घड़ी लगाएँ। आपको जीवन में स्कारात्मक बदलाव नजर आने लगेंगे।

हृदय के आकार की घड़ी

जिस तरह दिल या फिर कहें तो हृदय को प्रेम के प्रतीक के तौर पर इस्तेमाल किया जाता है। ठीक उसी तरह हृदय के आकार की घड़ी किसी भी वैवाहिक जीवन में प्रेम का संचार करने में सहायक सिद्ध होती हैं। यदि आपका वैवाहिक जीवन सही नहीं चल रहा है तो आप इस घड़ी को अपने शयन कक्ष में लगाएँ। वैवाहिक जीवन में सकारात्मक बदलाव दिखाई देने लगेंगे।

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पेंडुलम वाली घड़ी

पेंडुलम वाली घड़ी को भी वास्तु शास्त्र में शुभ माना गया है। यह घड़ी जातकों को एकाग्रचित्त होने में सहायक होती हैं। इसके साथ-साथ पेंडुलम वाली घड़ी को घर में लगाने से करियर में भी तरक्की के योग बनते हैं। इस घड़ी को ड्राविंग रूम में लगाना सबसे श्रेयस्कर होता है।

बंद घड़ी

बंद घड़ी को कभी भी घर में नहीं रखना चाहिए। यदि आपके घर में कोई बंद घड़ी है तो जल्द से जल्द या तो उसे ठीक करवाएँ या फिर उसे घर से हटा दें। ऐसी घड़ियाँ नकारात्मक ऊर्जा का संचार करती हैं जिससे जातकों के जीवन में समस्या उत्पन्न होती है।

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