घर में जरूर रखें वास्तु के ये 5 यंत्र, हर प्रकार की समस्याओं से मिलेगी मुक्ति

वास्तु का हम सबके जीवन पर बहुत अधिक प्रभाव पड़ता है। वास्तु शास्त्र के नियमों को अपनाकर जीवन में शुभ अशुभ चीजों का पता लगा सकते हैं। वास्तु से हम हर क्षेत्र में आसानी से सफलता हासिल कर सकते हैं और अपने रिश्तों को भी मधुर बना सकते हैं। यह आपके जीवन में आने वाली तमाम परेशानियों को दूर करने में सहायक होता है और इसका हम सबके जीवन में विशेष महत्व है। इसके जरिए हम अपने घर में एक खुशनुमा माहौल कायम कर सकते हैं तथा नकारात्मक ऊर्जा को दूर भगा कर सकारात्मक ऊर्जा का संचार कर सकते हैं।

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दरअसल हम सब किसी न किसी प्रकार की समस्याओं से जूझ रहे हैं। घर, दुकान या कार्यालय में वास्तु दोष होने से हर किसी का जीवन किसी न किसी तरह से प्रभावित हो रहा है। इस तनाव व समस्या का प्रभाव लोगों के स्वास्थ्य, आर्थिक जीवन, प्रेम जीवन आदि में पड़ रहा है। ऐसे में, वास्तु दोषों को दूर करने के लिए एस्ट्रोसेज के विशेष ब्लॉग में कुछ विशेष प्रकार के यंत्र के बारे में बताया जा रहा है। आप इन यंत्रों को स्थापित करके वास्तु दोषों से काफी हद तक छुटकारा पा सकते हैं। बता दें कि वास्तु के अलग-अलग यंत्रों के प्रयोग से अलग-अलग समस्याओं का निदान होता है और इससे जीवन में सुख-समृद्धि बनी रहती है।

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वास्तु के ये 5 यंत्र ला सकता है आपके जीवन में सकारात्मकता 

मारुति यंत्र

मारुति यंत्र भगवान हनुमान का यंत्र है, जो बहुत चमत्कारी यंत्र माना जाता है। इस यंत्र के बारे में कहा जाता है कि यदि जमीन से संबंधित किसी भी तरह के विवाद का निपटारा नहीं हो रहा है या जिसकी जमीन बिक नहीं रही है, उसे इस यंत्र का सहारा लेना चाहिए। वास्तु शास्त्र के अनुसार, इस तरह की स्थिति से निपटने के लिए जमीन के मालिक को हनुमान जी के दिन यानी मंगलवार के दिन दोपहर 12 बजे इस यंत्र को ले जाकर सम्बंधित भूमि में पूर्व या ईशान दिशा में सवा हाथ गड्ढा खोदकर गाड़ देना चाहिए और ऊपर से दूध या गंगाजल अर्पित करना चाहिए। माना जाता है कि ऐसा करने से भूमि का विवाद तीन महीने के अंदर सुलझ जाता है। मारुति यंत्र वाहन सुरक्षा के लिए भी फलदायी माना जाता है।

श्री यंत्र

श्रीयंत्र को वैभव, ऐश्वर्य व धन की देवी माता लक्ष्मी का स्वरूप माना जाता है। इस यंत्र का उपयोग व्यापार में लाभ कमाने या अपनी आर्थिक स्थिति को स्थिर बनाए रखने के लिए किया जा सकता है। यह यंत्र ऐश्वर्य और धन लक्ष्मी की वृद्धि के लिए प्रयोग किया जाता है। यदि नौकरी में मन नहीं लगता हो, व्यापार में दिन प्रतिदिन न हानि हो रही हो, रुपया पैसा आता हो पर बचत नहीं हो पा रही हो तो इस यंत्र का इस्तेमाल आपको कई फायदे पहुंचा सकता है। हालांकि इस बात का ध्यान अवश्य देना है कि यह यंत्र घर या दुकान की उत्तर दिशा में लगाएं तभी इसका फल आपको प्राप्त होगा।

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दिक्दोषनाशक यंत्र

वास्तु शास्त्र के अनुसार, दिक्दोषनाशक यंत्र वास्तु दोष निवारण का महत्वपूर्ण यंत्र है, जिसमें सभी दिशाओं और दिक्पालों का पूजन किया जाता है। यदि आपने घर बनाते समय वास्तु शास्त्र का ध्यान नहीं रखा है या आपके घर में टॉयलेट,रसोई या बाथरूम कोई गलत दिशा में बन गया हो तो इस यंत्र को आप घर पर स्थापित कर सकते हैं। इससे दोष से छुटकारा पाया जा सकता है और आप अपना जीवन सुखमय बना सकते हैं।

वरुण यंत्र

जैसा कि नाम से ही प्रतीत हो रहा है कि वरुण यंत्र बड़ा ही प्रभावी वास्तु यंत्र है। वरुण का अर्थ जल है। ऐसे में इस यंत्र का उपाय जल संबंधी समस्या व दोषों से निवारण पाने के लिए किया जा सकता है। यदि आपके घर में पानी की टंकी, स्विमंग पूल, जल स्थान, नलकूप आदि वास्तु शास्त्र के नियमों के मुताबिक नहीं बने है या अग्नि कोण या गलत दिशा में बन गए हैं तो इस वरुण यंत्र को आप स्थापित कर सकते हैं। इससे आपको जल से संबंधित समस्याओं से छुटकारा मिल सकता है। इस यंत्र को रखने से पहले विधि-विधान से पूजन जरूर कराएं तभी सभी दोष से मुक्ति मिल सकती है।

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सर्वमंगल वास्तु यंत्र

सर्वमंगल यंत्र वास्तु संबंधी सभी प्रकार के दोष-निवारण करने के साथ-साथ सब प्रकार की मंगल कामना के लिए उपयुक्त माना गया है। यह यंत्र किसी भी प्रकार के दोष से मुक्ति दिलाता है। इसे लगाने से घर-परिवार, आर्थिक जीवन, स्वास्थ्य आदि सभी पहलुओं में सकारात्मक परिणाम प्राप्त होता है। सुख-शांति आती है, जहां भी इसे लगाया जाता है वहां दिन दूनी रात चौगुनी तरक्की होती है। यह यंत्र बहुत ही शक्तिशाली यंत्र है।

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वास्तु यंत्र रखने से पहले इन बातों का रखें ध्यान

दरअसल, वास्तु यंत्र एक छोटा सा यंत्र है, जिसे लोग अपने घर, कार्यक्षेत्र या बिज़नेस करने वाली जगह में रखते हैं। यह एक चौकोर आकार का यंत्र होता है और यह अष्टधातु से बना होता है। ऐसा माना जाता है कि इसे घर में रखने से घर नकारात्मक ऊर्जा दूर हो जाती है और घर में खुशहाली आती है। तो आइए जानते हैं इसे रखने के क्या नियम है।

धातु का रखें ध्यान

आजकल वास्तु यंत्र कई अलग-अलग धातुओं के बनाकर तैयार किए जा रहे हैं। आप चांदी, सोने, ताम्रपत्र या क्रिस्टल का वास्तु यंत्र इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके अलावा, पीतल का वास्तु यंत्र भी घर में रखा जा सकता है। लेकिन ध्यान रहे कि कभी भी लोहे या पत्थर का वास्तु यंत्र घर पर न रखें क्योंकि यह फायदे की जगह नुकसान पहुंचा सकता है।

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मुहूर्त की करें जांच

जब भी आप घर में वास्तु यंत्र की स्थापना करें तो उसे स्थापित करने से पहले शुभ मुहूर्त की जांच जरूर करें। वास्तु शास्त्र के अनुसार, यंत्र कभी भी रविवार या मंगलवार के दिन स्थापित न करें क्योंकि यह अशुभ माना जाता है। यही नहीं, वास्तु यंत्र की स्थापना करने से पहले उसे गंगाजल से साफ जरूर कर लें।

दिशा का रखें ख़ास ख्याल

जब आप अपने घर में वास्तु यंत्र रखते हैं तो आपको दिशा व स्थान का खासतौर पर ध्यान में रखें। वास्तु यंत्र के लिए ईशान कोण अर्थात पूर्व-उत्तर की दिशा ही सबसे सर्वश्रेष्ठ मानी जाती है। हालांकि, यदि आप चाहें तो वास्तु यंत्र को पूजा स्थान में या फिर भगवान की फोटो के करीब भी रख सकते हैं।

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