वास्तु शास्त्र के इन आसान उपायों से आपका घर बनेगा ‘होम स्वीट होम’

घर, वह जगह जहां एक इंसान अपने परिवार अथवा अपने प्रियजनों के साथ रहता है, जहां वह सुकून और भावनात्मक जुड़ाव महसूस करता है और घर अर्थात वह जगह जहां कोई इंसान अपनी दिन भर की थकान, परेशानियों और चिंताओं को भूलकर चैन की सांस लेता है। घर छोटा हो या बड़ा हर इंसान की जिंदगी में यह बहुत खास होता है।  

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इसलिए यह जानना और भी ज़रूरी हो जाता है कि अपने इस आशियाने में सिर्फ कुछ उपाय या यूं कहें कि कुछ परिस्थितियों को बदल कर आप अपनी जिंदगी और भाग्य में बड़े बदलाव कर सकते हैं। आइये जानते हैं उन उपायों के बारे में।

मुख्य द्वार

सबसे पहले बात करते हैं घर के मुख्य द्वार की। किसी भी घर के मुख्य द्वार से ही वहां खुशियां और दुख दोनों आते हैं। लेकिन यदि आप अपने घर के मुख्य द्वार को ठीक कर लेते हैं तो आप अपने घर में खुशियां और पॉजिटिविटी दोनों ही ला सकते हैं।

  1. घर के मुख्य द्वार पर हमेशा साफ सफाई बनाए रखें। गंदगी होने से नकारात्मक ऊर्जा बीमारियों के रूप में आपके घर में जगह बना सकती है।
  2. घर का मुख्य द्वार बड़ा होना चाहिए, जिससे वहां पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था हमेशा रहे । 
  3. यदि आप घर के बाहर नेम प्लेट का प्रयोग करते हैं तो उसमें काले रंग का प्रयोग करने से बचें।
  4. शनिवार की रात को सरसों के तेल का दीपक यदि घर के मुख्य द्वार पर जलाया जाए तो घर में आने वाली नकारात्मकता का अंत होता है।
  5. मान्यता है कि घर के मुख्य द्वार पर अपनी धार्मिक आस्था के अनुसार कोई भी मांगलिक चिन्ह लगाना शुभ होता है।

ड्राइंग रूम

यह घर का वह हिस्सा होता है, जहां से घर में बसे रिश्ते और उनमें समाहित प्रेम तथा आनंद का पता चलता है। यहां किए गए कुछ बदलाव आपके जीवन में आए तनाव और परेशानियों को दूर करने में मदद करेंगे।

  1. ड्राइंग रूम हमेशा शांत और सौम्य होना चाहिए।
  2. इस जगह पर आप दीवारों पर हल्के रंगों का इस्तेमाल कर सकते हैं।
  3. ड्राइंग रूम को हमेशा प्रकाशित रखें और हल्की सुगंध का प्रयोग करें।
  4. यहां बहुत सारे फूलों का प्रयोग करें या उससे जुड़े चित्र लगाएं। इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होगा।
  5. परिवार की तस्वीर दक्षिण दिशा में लगाने से खुशियों का आगमन होता है।
  6. इस जगह पर जूते चप्पल का प्रयोग जितना कम हो सके, उतना कम करें।
  7. आप चाहे तो ड्राइंग रूम की उत्तर दिशा में नीले रंग की वस्तुएं रख सकते हैं, यह घर में तनाव को दूर करने में सहायता करती है।

रसोईघर

इस स्थान से घर में रहने वाले लोगों का स्वास्थ्य पता चलता है। 

  1. रसोई घर में जितना सूर्य का प्रकाश आए, यह रिश्तो के लिए उतना ही अच्छा होता है। 
  2. रसोई में चीजों को हमेशा व्यवस्थित ढंग से रखना चाहिए। 
  3. अपने घर की रसोई में हर व्यक्ति को आने की अनुमति ना दें। 
  4. सुबह-शाम पूजा के बाद रसोई घर में आरती दिखाना शुभ माना जाता है। 
  5. गाय के लिए यदि आप रोटी निकालते हैं तो ऐसा कहा जाता है कि इससे घर में दरिद्रता नहीं आती है। 
  6. गैस के चूल्हे और सिंक के बीच में उचित दूरी होनी चाहिए तथा रसोई घर में साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखना चाहिए। 

बेडरूम अथवा शयनकक्ष

यह घर का वह हिस्सा होता है, जहां से घर की सुख समृद्धि को देखा जाता है। 

  1. इस जगह हल्के हरे या गुलाबी रंग का प्रयोग किया जा सकता है। 
  2. घर के बेडरूम में टीवी नहीं लगाना चाहिए। आप इसकी जगह हल्की सुगंध वाली कोई चीज बेडरूम में रखें और टीवी की जगह रोमांटिक संगीत की व्यवस्था कर सकते हैं। 
  3. बेडरूम में खाना खाने से हमेशा बचना चाहिए। 
  4. इस जगह पर सकारात्मकता को बनाए रखने के लिए चांदी की कटोरी में कपूर रखना चाहिए। 
  5. बेड के नीचे मोर पंख रखना भी पति-पत्नी के रिश्ते के लिए शुभ माना जाता है। 
  6. बेडरूम में सूर्य का प्रकाश और हवा जितनी ज्यादा होगी, उतना रिश्तों की संयमता और मजबूती के लिए अच्छा होता है। 

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बाथरूम

यह स्थान राहु और केतु का होने की वजह से यहां से जीवन की समस्याएं नियंत्रित होती हैं।

  1. घर की उत्तर या पूर्व दिशा बाथरूम बनाने के लिए सबसे उत्तम मानी जाती हैं। 
  2. बाथरूम हमेशा साफ रखना चाहिए। 
  3. यहां पानी की बर्बादी नहीं होनी चाहिए तथा निकासी ठीक होनी चाहिए। 
  4. यहां हल्की सुगंध आती रहे तो बेहतर रहता है। 
  5. यहां हल्के रंग का प्रयोग लाभकारी होता है। 
  6. यहां पर एक खिड़की और एग्जॉस्ट फैन के लिए अलग रोशनदान होना चाहिए। 

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