शुक्र का कुंभ राशि में उदय: एस्ट्रोप्सगे एआई अपने हर ब्लॉग में आपको ज्योतिष की दुनिया में होने वाली हर छोटी से छोटी घटना से आपको अवगत करवाता रहा है। हमारा आज का यह ब्लॉग आपको “शुक्र का कुंभ राशि में उदय” के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान करेगा। बता दें कि अब जल्द ही प्रेम के कारक ग्रह शुक्र देव कुंभ राशि में उदित होने जा रहे हैं। इस विशेष ब्लॉग के माध्यम से हम शुक्र ग्रह की अवस्था में आने वाले इस बदलाव का संसार और राशियों समेत शेयर बाजार पर कैसा प्रभाव पड़ेगा, इसके बारे में भी हम बात करेंगे।

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ज्योतिष में शुक्र ग्रह को प्रेम, सौंदर्य, सौहार्द, सुख और रिलेशनशिप का कारक माना जाता है। कुंडली में इनकी स्थिति हमारे प्रेम को व्यक्त करने और प्रेम पाने, जीवन में हम किन चीज़ों को महत्व देते हैं और प्रेम, संतुष्टि एवं ऐशोआराम आदि का प्रतिनिधित्व करते हैं। मनुष्य जीवन में शुक्र महाराज भावनात्मक जुड़ाव, आकर्षण, रोमांस, विवाह, विलासिता और कला के प्रति लगाव को नियंत्रित करते है।
शुक्र ग्रह की मज़बूत स्थिति व्यक्ति के व्यक्तित को आकर्षक व रचनात्मकता बनाती है और रिलेशनशिप को प्रेम से भरने का काम करती है। वहीं, कमज़ोर शुक्र की वजह से आपको प्रेम, स्वयं से प्रेम, भोग-विलास या आर्थिक मामलों में परेशानियां दे सकता है।
कुल मिलाकर, शुक्र महाराज प्रेम, आकर्षण, आनंद और जीवन मूल्य के महत्व को दर्शाते हैं। साथ ही, यह भावनात्मक और भौतिक दोनों क्षेत्रों में सुख, सौंदर्य और सौहार्द पाने की इच्छा का भी प्रतीक माने जाते हैं। यदि कुंडली में शुक्र शुभ स्थिति में होता है, तो यह जातक को जीवन में आनंद, प्रेम, धन-समृद्धि और रचनात्मकता का आशीर्वाद देते हैं जबकि इनकी अशुभ स्थिति व्यक्ति को संतुलन, वैराग्य और स्वयं को समझने की शिक्षा देती है।
शुक्र का कुंभ राशि में उदय: तिथि और समय
वैदिक ज्योतिष में शुक्र का कुंभ राशि में उदित होना महत्वपूर्ण माना जाता है जो अब 17 फरवरी 2026 की दोपहर 02 बजकर 42 मिनट पर कुंभ राशि में उदित होने जा रहे हैं। अब जैसे कि शुक्र अपनी अस्त अवस्था से बाहर आते हुए उदित होने जा रहे हैं। ऐसे में, इस परिवर्तन का असर संसार पर सकारात्मक नज़र आ सकता है। आइए अब हम आगे बढ़ते हैं और जानते हैं शुक्र की उदित अवस्था राशियों समेत शेयर बाजार को किस तरह से प्रभावित करेगी।
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शुक्र कुंभ राशि में: विशेषताएं
जब शुक्र कुंभ राशि में उदित होता है, तब वह जातकों के व्यक्तित्व को आकर्षक बनाने का काम करता है। इसकी झलक आपकी सोच, बुद्धि और भविष्य को लेकर नज़रिए में देखने को मिलती है। ऐसे जातक प्रेम जीवन में अपने रिश्ते को लेकर पारंपरिक सोच नहीं रखते हैं, बल्कि रिश्ते को लेकर एकदम हटकर होती है। ऐसे जातक भावनात्मक रूप से किसी पर निर्भर होने के बजाय दोस्ती, समानता और मानसिक तालमेल को अधिक महत्व देते हैं।
ऐसे जातकों के लिए अपने रिश्ते में आज़ादी, स्पेस और मान-सम्मान का होना बेहद आवश्यक होता है। ये अक्सर उन लोगों की ओर आकर्षित होते हैं जो अलग सोच रखते हों, रचनात्मक हों या सामाजिक रूप से जागरूक हों। हालांकि, इनमें आपको भावनाओं की कमी महसूस हो सकती है, लेकिन जीवन में यह हक़ जताने के बजाय जीवनसाथी और इनके बीच मूल्यों और सिद्धांतो को महत्व देते हैं।
इसी क्रम में, शुक्र का कुंभ राशि में उदित होना जातकों को सुन्दर और स्टाइलिश बनाने का काम कर सकता है। ऐसे में, यह जातकों को फैशन और डिज़ाइन के क्षेत्र में नए-नए प्रयोग करने के लिए प्रोत्साहित करेंगे। बता दें कि यह लोग सामाजिक जीवन में सक्रिय होंगे और सामाजिक कार्यों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हैं।
शुक्र उदित के प्रभाव से इन जातकों के लाभ और खर्चों दोनों में वृद्धि होगी। इस दौरान आपको तकनीक, मीडिया और नए-नए आविष्कार के क्षेत्र में अचानक से लाभ मिलने की संभावनाएं बनेंगी। कुल मिलाकर, कुंभ राशि में शुक्र का उदय प्रेम, सौंदर्य और रिश्तों को लेकर स्वतंत्र सोच, और दूरदर्शी दृष्टिकोण का प्रतिनिधित्व करते हैं जो आत्मनिर्भरता और समाज में प्रेम और सौहार्द पर ज़ोर देगा।
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शुक्र का कुंभ राशि में उदय: इन राशियों को मिलेंगे शुभ परिणाम
मेष राशि
मेष राशि के जातकों के लिए शुक्र देव आपके दूसरे भाव और आठवें भाव के स्वामी हैं। बता दें कि कुंडली में दूसरा भाव परिवार, धन और वाणी का होता है जबकि आठवें भाव का संबंध जीवनसाथी से होता है। शुक्र महाराज आपके ग्यारहवें भाव में उदित हो रहे हैं और कुंडली में यह भाव आय, इच्छाओं की पूर्ति, बड़े भाई-बहन, दोस्त और सामाजिक जीवन को दर्शाता है। इसके परिणामस्वरूप, शुक्र का कुंभ राशि में उदय होना आर्थिक दृष्टि से आपके लिए बेहद शुभ साबित होगा क्योंकि शुक्र स्वयं विलासिता, सुख और धन के कारक माने जाते हैं।
इस अवधि में आपको विभिन्न माध्यमों से आय के स्रोत प्राप्त होंगे और धन संबंधित मामलों में भी लाभ के योग बनेंगे क्योंकि शुक्र एक साथ धन से जुड़े दोनों भावों के साथ संबंध बना रहे हैं। शुक्र का कुंभ राशि में उदित होने से समाज में आपकी छवि में सुधार आएगा। साथ ही, आप दोस्तों के साथ घूमना-फिरना पसंद करेंगे क्योंकि कुंडली में ग्यारहवां भाव सामाजिक जीवन और दोस्तों का होता है।
इसके अलावा, शुक्र देव ग्यारहवें भाव में बैठकर पांचवें भाव पर दृष्टि डाल रहे होंगे जिसका जुड़ाव संतान, प्रेम संबंधों और शिक्षा से होता है। इस अवधि में संतान पक्ष की तरफ से आपको सुख और संतुष्टि प्राप्त होगी। साथ ही, प्रेम जीवन में मधुरता बनी रहेगी। वहीं रचनात्मक क्षेत्रों की पढ़ाई कर रहे या फिर डिज़ाइन से जुड़े लोग शुक्र उदित की अवधि का पूरा-पूरा फायदा उठाएंगे।
वृषभ राशि
वृषभ राशि वालों के लिए शुक्र महाराज आपके दसवें भाव में उदित होंने जा रहे हैं जो आपके लग्न भाव और छठे भाव के भी स्वामी हैं। इसके परिणामस्वरूप, शुक्र का कुंभ राशि में उदय होने से आपका सारा ध्यान अपने करियर पर केंद्रित होगा। साथ ही, आपको कार्यक्षेत्र में कुछ सकारात्मक बदलाव भी देखने को मिलेंगे। खासतौर पर फ़ूड और हस्पिटलिटी से जुड़े क्षेत्रों में काम करने वालों के लिए यह समय करियर में आगे बढ़ने का संकेत देता है। इसके अलावा, बच्चों या माता के सामान का व्यापार करने वालों को इस अवधि में अच्छा ख़ासा लाभ प्राप्त होगा।
हालांकि, शुक्र देव आपके छठे और लग्न भाव के भी स्वामी हैं इसलिए इस समय आप खुद पर जरूरत से ज्यादा दबाव डालते हुए नज़र आ सकते हैं। ऐसे में, आप अत्याधिक काम कर सकते हैं। आपको अपनी सेहत को लेकर सावधान रहना होगा। ऐसे में, आपको संतुलित खानपान अपनाने, नियमित रूप से व्यायाम करने और संतुलन बनाकर चलने की सलाह दी जाती है। बता दें कि शुक्र का कुंभ राशि में उदित होना नई कार खरीदने या घर के लिए कोई सामान खरीदने के लिए सर्वश्रेष्ठ रहेगा क्योंकि शुक्र देव की दृष्टि नौवें भाव से आपके चौथे भाव पर होगी।
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मिथुन राशि
मिथुन राशि के जातकों के लिए शुक्र ग्रह आपके शुक्र पांचवें और बारहवें भाव का स्वामी है जो अब आपके नौवें भाव में उदित हो रहे हैं। बता दें कि कुंडली में नौवें भाव का संबंध धर्म, पिता, गुरु, लंबी यात्राओं, तीर्थ और भाग्य से होता है। ऐसे में, शुक्र का कुंभ राशि में उदय की अवधि आपके लिए दूर स्थान की यात्राओं, विदेश यात्रा और उच्च शिक्षा के लिए बहुत शुभ रहने का अनुमान है। जो जातक अपने रिश्ते को शादी में बदलना चाहते हैं, उनके लिए भी यह समय विशेष रूप से फलदायी कहा जाएगा।
इस दौरान आपको अपने पिता, गुरु और मेंटर का हर कदम पर साथ मिलेगा। शुक्र उदित की अवधि धार्मिक यात्रा या तीर्थस्थल की यात्रा पर जाने के लिए भी शुभ रहेगी। इसके अलावा, इस समय आपका झुकाव धर्म और अध्यात्म के प्रति बढ़ेगा और आप दान-पुण्य के साथ-साथ सामाजिक कार्यों में रुचि लेते हुए दिखाई दे सकते हैं।
नौवें भाव में बैठकर शुक्र महाराज की दृष्टि आपके तीसरी भाव पर पड़ रही होगी जिसका लाभ आपको जीवन में प्राप्त होगा। ऐसे में, आपको हर कदम पर अपने छोटे भाई-बहन का सहयोग मिलेगा। इस दौरान आपकी बातचीत का तरीका शानदार रहेगा जिससे आप दूसरों को आसानी से प्रभावित करने में सक्षम होंगे।
तुला राशि
तुला राशि वालों के लिए शुक्र देव आपके आठवें और लग्न भाव के अधिपति देव हैं। बर्तमान समय में अब यह आपके पांचवें भाव में उदित होने जा रहे हैं। बता दें कि इस भाव का संबंध संतान, शिक्षा और प्रेम से होता है। इसके परिणामस्वरूप, शुक्र का कुंभ राशि में उदय होने से इन जातकों का सारा ध्यान पांचवें भाव से जुड़े क्षेत्रों पर होगा जैसे कि शिक्षा, वैवाहिक जीवन के रिश्ते, संतान आदि। शिक्षा, डिज़ाइन, रचनात्मकता और कविता से जुड़े क्षेत्रों का अध्ययन कर रहे छात्रों को नए-नए विचार आएंगे। इस दौरान आपको सफलता की प्राप्ति होगी।
इस अवधि में जीवनसाथी के साथ समय बिताएंगे जिससे आपका रिश्ता उनके साथ मज़बूत होगा। हालांकि, आप अपने रिश्ते को दुनिया से छुपा कर रखेंगे। जो महिलाएं गर्भधारण की तैयारी कर रहे हैं, उनको इस अवधि में शुभ समाचार सुनने को मिलेगा क्योंकि शुक्र को फर्टिलिटी का ग्रह कहा जाता है जो आठवें भाव के स्वामी के रूप में आपके पांचवें भाव में उदित होने जा रहे हैं। इस अवधि में गर्भवती महिलाओं को अपना ध्यान रखना चाहिए।
मकर राशि
मकर राशि के जातकों के लिए मंगल देव योगकारक ग्रह हैं जो आपके पांचवें और दसवें भाव के स्वामी हैं। अब यह आपके दूसरे भाव में उदित होने जा रहे हैं और बता दें कि इस भाव का संबंध परिवार, बचत और बातचीत का होता है। इस राशि के जो जातक गायक, मोटिवेशनल स्पीकर, जनप्रतिनिधि और स्टेज परफ़ॉर्मर हैं, वह इस समय दूसरों की नज़रों में आएंगे। शुक्र का कुंभ राशि में उदय की अवधि में आप दूसरों से बहुत प्रेम, विनम्रता और शांति से बात करेंगे। ऐसे में, आपकी वाणी और शब्द दूसरों का ध्यान अपनी तरफ आकर्षित करेंगे। साथ ही, इन लोगों को स्टेज पर परफॉर्म करने का मौका मिलेगा।
बता दें कि बचत भाव के स्वामी आपके दूसरे भाव में बैठे होंगे और शुक्र को धन का ग्रह कहा जाता है। ऐसे में, शुक्र देव का उदित होना निश्चित रूप से अच्छा लाभ आपको दिलाएगा जिससे आय में वृद्धि होगी क्योंकि यह आपके दसवें भाव के स्वामी हैं। शुक्र का उदित होना छात्रों के जीवन से आर्थिक समस्याओं को दूर करने का काम करेगा। ऐसे में, आप जीवन में चल रही धन से जुड़ी परेशानियों का समाधान ढूंढ़ने में सक्षम होंगे। इसके अलावा, शुक्र महाराज की दृष्टि आठवें भाव में बैठकर आपके दूसरे भाव पर होगी। इस दौरान आपका रिश्ता ससुराल पक्ष के साथ मज़बूत होगा और आपकी जीवनसाथी के साथ संयुक्त संपत्ति में वृद्धि होगी।
कुंभ राशि
कुंभ राशि के जातकों के लिए शुक्र देव आपके लग्न भाव में उदित हो रहे हैं जो आपके चौथे और नौवें भाव के स्वामी भी हैं। ऐसे में, यह आपके लिए योगकारक ग्रह के रूप में आपको शुभ और अनुकूल परिणाम देना चाहेंगे। इस दौरान आपको जीवन में कई सकारात्मक और महत्वपूर्ण अनुभव की प्राप्ति होगी। साथ ही, आप जीवन को पूरे उत्साह के साथ जीने की कोशिश करेंगे। शुक्र का कुंभ राशि में उदय होने की अवधि में आपका ध्यान अपने स्वास्थ्य और निजी साफ़-सफाई पर केंद्रित होगा क्योंकि यह आपके लग्न भाव में मौजूद होंगे जिससे आपका व्यक्तित्व और भी आकर्षक व प्रभावशाली बनेगा। विशेष रूप से कुंभ राशि की महिलाओं में इस समय मातृत्व भाव, प्रेम, दया और करुणा में भी वृद्धि देखने को मिलेगी।
शुक्र की उदित अवस्था आपके आर्थिक जीवन के लिए फलदायी रहेगी। साथ ही, इस दौरान आप संपत्ति खरीदने में भी निवेश कर सकते हैं या फिर अपने लिए अपना नया घर खरीद सकते हैं। इस समय आपको अपने माता-पिता का भरपूर साथ मिलेगा। अगर आप दूर रहते हैं, तो आपके माता-पिता आपसे मिलने के लिए आ सकते हैं। कुंभ राशि के शादीशुदा जातक वैवाहिक जीवन का आनंद लेंगे और कुछ यादगार लम्हें बिताएंगे। लेकिन ऐसा तब ही होगा जब शुक्र देव आपके दूसरे भाव में विराजमान होंगे।
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शुक्र का कुंभ राशि में उदय: इन राशियों को मिलेंगे नकारात्मक परिणाम
कर्क राशि
कर्क राशि वालों की कुंडली के लिए शुक्र ग्रह आपके लिए शुभ ग्रह माने जाएंगे जो आपके चौथे और ग्यारहवें भाव के स्वामी हैं। अब यह आपके आठवें भाव में उदित होने जा रहे हैं और इस भाव का जुड़ाव अचानक से होने वालो घटनाओं, दीर्घायु और रहस्य से होता है। शुक्र का कुंभ राशि में उदय होने से आपको मिलजुले परिणाम मिलने की संभावना है क्योंकि आठवें भाव में शुक्र ग्रह की उपस्थिति को आपके लिए अच्छा नहीं कहा जा सकता है।
इस दौरान स्वास्थ्य से जुड़ी परेशानियां अचानक से आपके सामने आ सकती हैं, विशेष रूप से यूरिन इन्फेक्शन, किसी तरह की एलर्जी या फिर कई तरह के अन्य रोग आपको अपना शिकार बना सकते हैं जिसका असर आपके शरीर पर नज़र आ सकता है, इसलिए इस समय शारीरिक साफ़-सफ़ाई का विशेष ध्यान रखना होगा और अपने स्वास्थ्य को प्राथमिकता देना आपके लिए आवश्यक होगा। इसके अलावा, ग्यारहवें भाव के स्वामी का आठवें भाव में होना आपके लिए आर्थिक रूप से भी कुछ चुनौतीयां पैदा कर सकता है। अचानक धन हानि या आपकी उम्मीद से ज्यादा खर्च होने की संभावना बनी रह सकती है।
ऐसे में, आपको आर्थिक जीवन से जुड़ा किसी भी प्रकार का निर्णय लेने या जोखिम उठाने से पहले अच्छी तरह से सोच-विचार करने की सलाह दी जाती है। हालांकि, अगर हम सकारात्मक पक्ष की बात करें, तो शुक्र का उदित होना जीवनसाथी के साथ संयुक्त संपत्ति में वृद्धि करवाने के योग बनाएगा। पार्टनर के साथ मिलकर निवेश करने के लिए यह समय अनुकूल साबित हो सकता है। साथ ही, इस अवधि में ससुराल पक्ष के साथ आपके संबंधों में भी सुधार देखने को मिलेगा।
इसके अलावा, आप महंगे और स्वादिष्ट खानपान पर धन ख़र्च करते हुए दिखाई दे सकते हैं। लेकिन शुक्र की दूसरे भाव पर सीधी दृष्टि पड़ने के कारण आपके खर्चों में बढ़ोतरी होने की संभावना है जिससे आपकी आर्थिक स्थिति थोड़ी उतार-चढ़ाव भरी रह सकती है। ऐसे में, आपके लिए आर्थिक जीवन में संतुलन बनाए रखना और फिजूलखर्ची से बचना इस समय बेहद ज़रूरी रहेगा।
कन्या राशि
कन्या राशि के जातकों के लिए शुक्र ग्रह को शुभ ग्रह कहा जा सकता है जो आपके नौवें और दूसरे भाव के स्वामी हैं। अब यह आपके छठे भाव में उदित होने जा रहे हैं। बता दें कि कुंडली में नौवां भाव भाग्य का होता है जबकि दूसरा भाव धन-समृद्धि का होता है। वहीं, छठे भाव का संबंध मामा, प्रतियोगिता, शत्रु और स्वास्थ्य से होता है।
इसके परिणामस्वरूप, शुक्र का कुंभ राशि में उदय की अवधि में आपको अपने माता-पिता, गुरु या मेंटर से वाद-विवाद में पड़ने से बचना होगा, बल्कि आपको अपने स्वास्थ्य को प्राथमिकता देनी होगी। इसके अलावा, आपको अपने अपने दांतों का भी ख्याल रखना होगा क्योंकि ज्यादा मीठा खाने से आपको कुछ रोग परेशान कर सकते हैं।
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शुक्र का कुंभ राशि में उदय: सरल एवं प्रभावी उपाय
- शुक्रवार के दिन धन-समृद्धि के लिए सौहार्द और रिश्ते को मज़बूत करने के लिए देवी लक्ष्मी की पूजा करें।
- श्री सूक्त या लक्ष्मी अष्टकम का पाठ करें।
- “ॐ शुं शुक्राय नमः” का पाठ करें।
- प्रतिदिन 108 बार का जाप करें, विशेष रूप से शुक्रवार के दिन। शुक्र ग्रह को मजबूत करने के लिए शुक्रवार का व्रत करें। साथ ही, सफ़ेद वस्तुओं जैसे दूध, चावल या खीर का सेवन करें।
- शुक्रवार के दिन सफेद रंग के कपड़े, चावल, चीनी, दही या चांदी का दान करें।
- शुक्र ग्रह के लिए दान पूरे भक्ति भाव से करें।
शुक्र का कुंभ राशि में उदय: विश्व पर प्रभाव
कला, फैशन और रचनात्मक क्षेत्र में नए-नए आविष्कार
- ग्लोबल ट्रेड को लेकर लोगों की सोच दूरदर्शी होगी। साथ ही, एक्सपेरिमेंट, जेंडर-न्यूट्रल और फैशन आदि क्षेत्रों में लोगों को रुझान बढ़ेगा।
- टेक-ड्रिवन ब्यूटी टूल्स और एआई पर आधारित रचनात्मक क्षेत्रों में लोकप्रियता बढ़ेगी।
- डिजिटल आर्ट, ऑनलाइन क्रिएटर्स, इन्फ्लुएंसर्स और वर्चुअल मार्केटप्लेस में तेज़ी देखने को मिलेगी।
- तकनीक और रचनत्मक क्षेत्रों में वृद्धि होगी।
महिलाओं में स्वतंत्रता और आत्मनिर्भर
- समाज में स्वतंत्रता, प्रगतिशील और नए आविष्कार की माँग में बढ़ोतरी होगी।
- प्रेम, आर्थिक जीवन और जीवन से जुड़ी परंपराओं के विरुद्ध लोग आवाज़ उठाने लगेंगे।
- वैश्विक स्तर पर महिलाएं तकनीक, विज्ञान, सामाजिक मामलों में भागीदारी और नेतृत्व से जुड़े क्षेत्रों में आगे बढ़ेंगी।
- डिजिटल प्लेटफार्म और स्टार्ट किए जाने वाले बिज़नेस में महिलाओं की भागीदारी में वृद्धि होगी।
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कूटनीति और व्यापारिक संबंध
- कई राष्ट्रों के बीच आविष्कार और प्रगति को आधार बनाकर पार्टनरशिप कर सकते हैं।
- व्यापारिक समझौतों में तकनीक के आधार पर लेन-देन देखने को मिल सकते हैं।
एंटरटेनमेंट और मीडिया
- ओटीटी प्लेटफॉर्म्स, डिजिटल कॉन्सर्ट्स, वर्चुअल रियलिटी शोज़ और विश्व स्तर पर आपसी सहयोग में तेज़ी आएगी।
- कंटेंट को लेकर समाज में निडरता और जागरूकता बढ़ेगी।
कालसर्प दोष रिपोर्ट – काल सर्प योग कैलकुलेटर
शुक्र का कुंभ राशि में उदय: शेयर बाज़ार भविष्यवाणी
शुक्र का कुंभ राशि में उदय होने का प्रभाव स्टॉक मार्केट पर भी दिखाई देगा। आइए अब जानते हैं ज्योतिष के दृष्टिकोण से शुक्र की उदित अवस्था शेयर बाजार को किस तरह से प्रभावित करेगी, इसके लिए आप शेयर बाजार भविष्यवाणी भी पढ़ सकते हैं।
- शुक्र का कुंभ राशि में उदय सामान्य रूप से तकनीक, आर्थिक जीवन में लाभ और नए-नए आविष्कार लेकर आएगा।
- इस समय लोगों का रुझान पारंपरिक निवेश को लेकर बदल सकता है। साथ ही, बाजार की स्थिति उन क्षेत्रों के पक्ष में जा सकती है जिनका भविष्य उज्जवल होगा।
- ऊर्जा और इंडस्ट्रियल सेक्टर्स की तुलना में तकनीक, डिजिटल और ग्रीन एनर्जी से जुड़े क्षेत्रों का प्रदर्शन बेहतर रहेगा क्योंकि शुक्र ग्रह प्रगति और आकर्षण के कारक ग्रह हैं।
- कुंभ राशि की ऊर्जा नए-नए प्रयोगों को बढ़ावा देने का काम करेगी जिससे उभरते हुए क्षेत्रों जैसे मेटावर्स, क्रिप्टो आदि में वृद्धि की संभावना है।
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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
राशि चक्र में शुक्र ग्रह वृषभ और तुला राशि के स्वामी हैं।
राशि चक्र की ग्यारहवीं राशि कुंभ के स्वामी शनि देव हैं।
ज्योतिष में ग्रह के उदित होने का अर्थ अस्त अवस्था से बाहर आने को कहते हैं जिसके अंतर्गत कोई ग्रह सूर्य से एक निश्चित दूरी पर आ जाता ह।