शनि जयंती को लग रहा है साल का पहला सूर्य ग्रहण, ये राशि होगी सबसे ज्यादा प्रभावित

शनि जयंती नजदीक है। वैदिक ज्योतिष में शनि को एक पापी ग्रह की संज्ञा दी गयी है। मान्यता है कि शनि की किसी पर एक बार दृष्टि पड़ जाये तो उसका नुकसान होना निश्चित है। लेकिन यह बात पूरी तरह सत्य नहीं है। शनि सिर्फ अशुभ फल ही नहीं देते हैं। शनि की अगर किसी जातक पर कृपा हो जाये तो उस जातक का जीवन संवर जाता है। यही वजह है कि देश के कई हिस्सों में शनि देवता का मंदिर भी आपको मिल जाएगा। इसलिए ही सनातन धर्म में शनि जयंती का भी काफी महत्व बढ़ जाता है। 

जीवन से जुड़ी समस्याओं का समाधान जानने के लिए हमारे विद्वान ज्योतिषियों से अभी करें फोन पर बात

लेकिन इस बार शनि जयंती खास है क्योंकि इसी दिन साल 2021 का पहला सूर्य ग्रहण भी लगने जा रहा है। ऐसे में आज हम आपको इस लेख में शनि जयंती और सूर्य ग्रहण के इस योग से सबसे ज्यादा प्रभावित होने वाली राशि के बारे में जानकारी देने वाले हैं। लेकिन उससे पहले शनि जयंती से जुड़ी कुछ खास जानकारी आपको दे देते हैं।

शनि जयंती कब?

प्रत्येक साल शनि जयंती हिन्दू पंचांग के अनुसार ज्येष्ठ महीने की अमावस्या को मनाया जाता है। इस साल यानी कि साल 2021 में यह दिन अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार 10 जून को पड़ रहा है। मान्यता है कि इसी दिन भगवान शनि का जन्म हुआ था।

शनि जयंती तिथि : 10 जून 2021

शनि जयंती दिन : बृहस्पतिवार

अमावस्या तिथि प्रारम्भ : 09 जून 2021 को दोपहर 01 बजकर 57 मिनट से

अमावस्या तिथि समाप्त : 10 जून 2021 को शाम के 04 बजकर 22 मिनट तक

शनि जयंती के दिन सूर्य ग्रहण

भगवान शनि सूर्य देवता और छाया के पुत्र हैं। मान्यता है कि शनि के काले वर्ण की वजह से भगवान सूर्य ने उसे अपना पुत्र मानने से इंकार कर दिया था। यही वजह है कि शनि अपने पिता से बैर रखते हैं। अब इस साल शनि जयंती के दिन ही साल 2021 का पहला सूर्य ग्रहण लगने जा रहा है। 

ऐसे में आपको सूर्य ग्रहण से जुड़ी कुछ खास जानकारी भी दे देते हैं।

साल 2021 का पहला सूर्य ग्रहण

साल 2021 को दो सूर्य ग्रहण लगने वाले हैं। उसमें से पहला सूर्य ग्रहण 10 जून को गुरुवार के दिन लगने जा रहा है। साल का पहला सूर्य ग्रहण पूर्ण सूर्य ग्रहण नहीं है। यह सूर्य ग्रहण वलयाकार सूर्य ग्रहण रहने वाला है। वैसे तो यह सूर्य ग्रहण भारत के अधिकांश क्षेत्रों में नजर भी नहीं आने वाला है और इसी वजह से इसका सूतक काल भी भारत में मान्य नहीं होगा लेकिन इस सूर्य ग्रहण का असर सभी बारह राशियों पर जरूर पड़ने वाला है।

ये भी पढ़ें : शनिवार के दिन भूल से भी किया इन वस्तुओं का दान तो आ सकती है घोर विपत्ति

सूर्य ग्रहण का समय 

सूर्य ग्रहण प्रारंभ समय : 10 जून 2021 को 13 बजकर 42 मिनट से

सूर्य ग्रहण समाप्त समय : 10 जून 2021 को 18 बजकर 41 मिनट तक

सभी बारह राशियों में सबसे ज्यादा वृषभ राशि के जातक इस सूर्य ग्रहण से प्रभावित हो सकते हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि इस दिन सूर्य वृषभ राशि में मौजूद रहने वाला है। ऐसे में इस दिन वृषभ राशि के जातकों को स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं हो सकती हैं। किसी प्रकार की धन हानि होने की भी आशंका है और साथ ही मन भी परेशान रह सकता है। ऐसे में वृषभ राशि के जातकों को यह सलाह दी जाती है कि सूर्य ग्रहण की इस अवधि के दौरान वे खुद को शांत रखें और व्यर्थ के विवाद या फिर किसी तरह के निवेश से खुद को दूर रखें।

सभी ज्योतिषीय समाधानों के लिए क्लिक करें: एस्ट्रोसेज ऑनलाइन शॉपिंग स्टोर

हम उम्मीद करते हैं कि आपको हमारा यह लेख जरूर पसंद आया होगा। अगर ऐसा है तो आप इसे अपने अन्य शुभचिंतकों के साथ जरूर साझा करें। धन्यवाद!

Dharma

बजरंग बाण: पाठ करने के नियम, महत्वपूर्ण तथ्य और लाभ

बजरंग बाण की हिन्दू धर्म में बहुत मान्यता है। हनुमान जी को एक ऐसे देवता के रूप में ...

51 शक्तिपीठ जो माँ सती के शरीर के भिन्न-भिन्न अंगों के हैं प्रतीक

भारतीय उप महाद्वीप में माँ सती के 51 शक्तिपीठ हैं। ये शक्तिपीठ माँ के भिन्न-भिन्न अंगों और उनके ...

सिद्ध कुंजिका स्तोत्र (Kunjika Stotram) से पाएँ दुर्गा जी की कृपा

सिद्ध कुंजिका स्तोत्र एक ऐसा दुर्लभ उपाय है जिसके पाठ के द्वारा कोई भी व्यक्ति पराम्बा देवी भगवती ...

12 ज्योतिर्लिंग: शिव को समर्पित हिन्दू आस्था के प्रमुख धार्मिक केन्द्र

12 ज्योतिर्लिंग, हिन्दू आस्था के बड़े केन्द्र हैं, जो समूचे भारत में फैले हुए हैं। जहाँ उत्तर में ...

दुर्गा देवी की स्तुति से मिटते हैं सारे कष्ट और मिलता है माँ भगवती का आशीर्वाद

दुर्गा स्तुति, माँ दुर्गा की आराधना के लिए की जाती है। हिन्दू धर्म में दुर्गा जी की पूजा ...

Leave a Reply

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा.