बुध की अस्त अवस्था इन राशि वालों के जीवन में लेकर आ सकती है भूचाल, हो जाएं सावधान!

बुध की अस्त अवस्था इन राशि वालों के जीवन में लेकर आ सकती है भूचाल, हो जाएं सावधान!

बुध मीन राशि में अस्त: ज्योतिष शास्त्र में बुध ग्रह को बुद्धि, वाणी और तर्क का कारक माना गया है जो राशि चक्र में कन्या और मिथुन राशि के अधिपति देव हैं। कुंडली में बुध देव की मजबूत स्थिति होने पर जातक अपनी बुद्धि का उपयोग सही तरीके और सही दिशा में करने में सक्षम होता है और ऐसे में, वह अपने कार्यों में सफलता हासिल करता है। ग्रहों के युवराज के नाम से विख्यात बुध ग्रह के कुंडली में शुभ होने पर जातक का जीवन सुखमय, शांतिपूर्ण और सुख-सुविधाओं से भरा होता है। इसके विपरीत, बुध ग्रह के कमजोर या पीड़ित होने पर व्यक्ति के निर्णय लेने की क्षमता नकारात्मक रूप से प्रभावित होती है। अब बुध जल्द ही मीन राशि में रहते हुए अस्त होने जा रहे हैं और ऐसे में, इनका प्रभाव मनुष्य जीवन पर नज़र आ सकता है। 

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एस्ट्रोसेज एआई अपने पाठकों के लिए “बुध मीन राशि में अस्त” का यह ब्लॉग लेकर आया है जिसके अंतर्गत आपको बुध अस्त से जुड़ी जानकारी विस्तारपूर्वक प्राप्त होगी जैसे कि तिथि और समय आदि। बुध अस्त होने का प्रभाव न सिर्फ मनुष्य जीवन को प्रभावित करेगा, बल्कि राशि चक्र की 12 राशियों के साथ-साथ देश और दुनिया पर भी दिखाई देगा। इसके अलावा, बुध की अस्त अवस्था के दौरान शेयर मार्केट में निवेश करना सही रहेगा या नहीं? मीन राशि वालों को कैसे प्रभावित करेगा अस्त बुध? इन सभी सवालों के जवाब आपको बुध मीन राशि में अस्त के इस लेख में मिलेंगे, इसलिए इस ब्लॉग को अंत तक पढ़ना जारी रखें। 

बुध मीन राशि में अस्त: तिथि और समय 

बुद्धि, तर्क, वाणी और व्यापार के कारक ग्रह बुध देव 17 मार्च 2025 की शाम 07 बजकर 31 मिनट पर मीन राशि में अस्त होने जा रहे हैं। मीन राशि में बुध की स्थिति को बहुत ख़ास मानी जाएगी क्योंकि इस राशि में रहते हुए बुध देव एक नहीं अनेक बार अपनी दशा और स्थिति में बदलाव करेंगे। बता दें कि मीन राशि में प्रवेश करने के बाद सबसे पहले बुध ग्रह 15 मार्च 2025 को वक्री होंगे और इसके दो दिन बाद मीन राशि में अस्त हो जाएंगे। सबसे अंत में, गुरु ग्रह की राशि में रहते हुए 31 मार्च को बुध अपनी अस्त अवस्था से बाहर आकर मीन राशि में उदित हो जाएंगे। चलिए अब हम आगे बढ़ते हैं और सबसे पहले जान लेते हैं कि आख़िर क्या होती है अस्त अवस्था?

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क्या होता है ज्योतिष में ग्रह का अस्त होना?

ज्योतिष की मानें तो, किसी ग्रह का अस्त होना एक ऐसी अवस्था होती है जो उस समय घटित होती है जब कोई ग्रह सूर्य के बहुत निकट चला जाता है। बता दें कि हर ग्रह अपनी अस्त अवस्था के दौरान शक्तिहीन हो जाता है अर्थात अपनी शक्तियां खो देता है। ग्रह अस्त के दौरान जातकों को कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ता है, उदाहरण के तौर पर, शनि के अस्त होने पर जातक को करियर, काम का दबाव, करियर में संतुष्टि की कमी और प्रशंसा न मिलने आदि समस्याओं से जातक परेशान रहता है। इस प्रकार, बुध की अस्त अवस्था में जातकों को बुद्धि, वाणी और संचार से जुड़ी समस्याएं परेशान कर सकती हैं। 

मीन राशि में सूर्य-बुध और शुक्र की युति 

वैदिक ज्योतिष में बृहस्पति देव को मीन राशि पर स्वामित्व प्राप्त है और मार्च के महीने में इस राशि में एक साथ कई ग्रह मौजूद होंगे। ऐसे में, कई युतियों और शुभ योगों का निर्माण होगा जिसका प्रभाव प्रत्येक व्यक्ति पर दिखाई देगा। 

  • जिस समय बुध मीन राशि में प्रवेश करेंगे, उस समय वहां शुक्र ग्रह पहले से मौजूद होंगे। ऐसे में, बुध और शुक्र दोनों युति का निर्माण करेंगे। इन दोनों ग्रहों के एक साथ होने से लक्ष्मी नारायण योग बनेगा। 
  • इसके बाद, मीन राशि में सूर्य देव 14 मार्च 2025 को गोचर कर जाएंगे और ऐसे में, बुध, सूर्य और शुक्र इन तीनों ग्रहों की युति बनेगी जिससे मीन राशि में त्रिग्रही योग निर्मित होगा। साथ ही, बुध और सूर्य के साथ होने से बुधादित्य योग भी बनने जा रहा है। 
  • इन तीनों ग्रहों के बाद मार्च 2025 के अंत में साल का सबसे बड़ा गोचर होगा। सरल शब्दों में कहें तो, शनि देव 2023 के बाद अपनी राशि में बदलाव करते हुए 29 मार्च 2025 को मीन राशि में गोचर कर जाएंगे। इसके फलस्वरूप, शनि और बुध की युति होगी और साथ में, इन चारों ग्रहों के मौजूद होने से चतुर्ग्रही योग भी बनेगा। 

नोट: मीन राशि में रहते हुए शुक्र वक्री, बुध अस्त एवं वक्री और शनि अस्त अवस्था में ही मीन राशि में गोचर करेंगे। ऐसे में, इन सभी शुभ योगों का प्रभाव कमज़ोर रह सकता है।  

चलिए अब आगे बढ़ते हैं और नज़र डालते हैं बुध ग्रह से बनने वाले अशुभ योगों के बारे में। 

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कुंडली में बुध देव से बनने वाले योग 

हम सभी इस बात को भली-भांति जानते हैं कि ज्योतिष में ग्रहों की युति अनेक प्रकार के शुभ-अशुभ योगों का निर्माण करती हैं। जहाँ शुभ योग जातक के जीवन को सुख-सुविधाओं का आशीर्वाद देते हैं, तो वहीं अशुभ योग व्यक्ति के जीवन को समस्याओं से भर देते हैं। इसी क्रम में, हम आपको बुध से बनने वाले अशुभ योगों के बारे में नीचे बताने जा रहे हैं जो कि इस प्रकार हैं:

जड़त्व योग: 

ज्योतिष में जड़त्व योग को एक अशुभ योग माना जाता है जिसका निर्माण संचार के कारक बुध और छाया ग्रह राहु की युति से होता है। कुंडली में जब बुध महाराज और राहु देव एक साथ एक राशि या भाव में विराजमान होते हैं, तब जिस योग का निर्माण होता है उसे जड़त्व योग के नाम से जाना जाता है जो कि अशुभ योग होता है। जिन जातकों की कुंडली में जड़त्व योग बनता है, उन्हें अपने जीवन में धन हानि, अचानक से हानि होना, चिंता और मानसिक रोगों जैसी समस्याओं से जूझना पड़ता है।

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जड़त्व योग दूर करने के उपाय 

अगर आप कुंडली में निर्मित जड़त्व योग के नकारात्मक प्रभाव झेल रहे हैं, तो आप नीचे दिए गए उपाय अपना सकते हैं। 

  • संभव हो, तो चतुर्थी तिथि पर उपवास रखें और भगवान श्रीगणेश की पूजा-अर्चना करें। साथ ही, उन्हें दूर्वा (घास) और लड्डू अर्पित करें। 
  • ज्ञान और विद्या की देवी माता सरस्वती की आराधना करने से जातक को जड़त्व योग के नकारात्मक प्रभाव से राहत मिलती है। 
  • प्रतिदिन पढ़ाई शुरू करने से पहले थोड़ी देर ध्यान करें। 
  • आप अपनी छोटी बहन को प्रसन्न रखें क्योंकि ऐसा करने से बुध प्रसन्न होते हैं। 

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कुंडली में बुध को शांत करने के लिए करें ये उपाय

  • कमज़ोर बुध से पीड़ित जातक को सदैव व्यापार में ईमानदार रहना चाहिए और किसी के भी साथ छल, कपट और धोखा करने से बचना चाहिए।
  • बुधवार के दिन जरूरतमंदों या गरीबों को साबुत मूंग, हरी घास, हाथी के दांत से बनी हुई वस्तुएं, पालक आदि का दान करें।
  • बुध ग्रह को प्रसन्न करने के लिए आप चार मुखी या दस मुखी रुद्राक्ष भी पहन सकते हैं। लेकिन, ऐसा करने से पहले आपको किसी अनुभवी ज्योतिषी से सलाह लेने का परामर्श दिया जाता है। 
  • जगत के पालनहार भगवान विष्णु की पूजा-अर्चना करें। 
  • बुधवार के दिन उपवास करें और विष्णु सहस्त्रनाम स्त्रोत का पाठ करें।
  • दैनिक जीवन में हरे रंग के वस्त्र ज्यादा से ज्यादा धारण करें।
  • बुध ग्रह को मज़बूत करने के लिए आप किसी विशेषज्ञ ज्योतिषियों से सलाह लेकर पन्ना रत्न धारण कर सकते हैं। 

बुध मीन राशि में अस्त: राशि अनुसार प्रभाव और उपाय 

मेष राशि

मेष राशि के जातकों के लिए बुध ग्रह आपके तीसरे और छठे भाव के स्वामी हैं जो अब आपके … (विस्तार से पढ़ें) 

वृषभ राशि

वृषभ राशि वालों के लिए बुध महाराज आपके दूसरे और पांचवें भाव के स्वामी हैं। अब यह आपके… (विस्तार से पढ़ें)

मिथुन राशि

मिथुन राशि के जातकों के लिए बुध देव आपके लग्न/पहले भाव और चौथे भाव के… (विस्तार से पढ़ें)

कर्क राशि

कर्क राशि वालों की कुंडली में बुध ग्रह को तीसरे और बारहवें भाव का स्वामित्व… (विस्तार से पढ़ें)

सिंह राशि

सिंह राशि वालों के लिए बुध ग्रह आपके दूसरे और ग्यारहवें भाव के स्वामी हैं। वर्तमान… (विस्तार से पढ़ें) 

कन्या राशि

कन्या राशि वालों के लिए बुध ग्रह आपके पहले/लग्न और दसवें भाव के स्वामी हैं जो अब आपके… (विस्तार से पढ़ें)

कालसर्प दोष रिपोर्ट – काल सर्प योग कैलकुलेटर

तुला राशि

तुला राशि वालों के लिए बुध देव आपके बारहवें और नौवें भाव के स्वामी हैं। अब यह आपके…(विस्तार से पढ़ें) 

वृश्चिक राशि 

वृश्चिक राशि के जातकों की कुंडली में बुध महाराज आपके ग्यारहवें और आठवें भाव के…(विस्तार से पढ़ें) 

धनु राशि 

धनु राशि वालों के लिए बुध आपके सातवें और दसवें भाव के स्वामी हैं जो अब आपके चौथे … (विस्तार से पढ़ें)

मकर राशि

मकर राशि के जातकों के लिए बुध महाराज आपके छठे भाव और नौवें भाव के स्वामी हैं। अब …(विस्तार से पढ़ें)

कुंभ राशि

कुंभ राशि वालों की कुंडली में बुध ग्रह आपके पांचवें और आठवें भाव के अधिपति देव हैं जो…(विस्तार से पढ़ें)

मीन राशि

मीन राशि के जातकों के लिए बुध ग्रह आपके चौथे और सातवें भाव के स्वामी हैं। अब यह आपके… (विस्तार से पढ़ें)

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इसी आशा के साथ कि, आपको यह लेख भी पसंद आया होगा एस्ट्रोसेज के साथ बने रहने के लिए हम आपका बहुत-बहुत धन्यवाद करते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

1. ग्रह का अस्त होना किसे कहते हैं?

जब कोई ग्रह सूर्य के बेहद नज़दीक चला जाता है और अपनी शक्तियां खो देता है, तो इसे ग्रह का अस्त होना कहते हैं। 

2. बुध मीन राशि में कब अस्त होंगे?

बुध देव 17 मार्च 2025 को मीन राशि में अस्त हो जाएंगे। 

3. मीन राशि का स्वामी कौन है?

गुरु ग्रह को मीन राशि के अधिपति देव माना जाता है। 

इस सप्ताह दो बड़े ग्रह करेंगे अपनी स्थिति में परिवर्तन, जानें किन राशियों के लिए रहेंगे शुभ-अशुभ?

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एस्ट्रोसेज एआई साप्ताहिक राशिफल का यह विशेष ब्लॉग अपने पाठकों के लिए लेकर आया है जहाँ आपको मार्च महीने के तीसरे सप्ताह से संबंधित समस्त जानकारी प्राप्त होगी। हर नए दिन की तरह आपके मन में भी आने वाले सप्ताह को लेकर जानने की उत्सुकता होगी कि यह सप्ताह आपके लिए कैसा रहेगा? व्यापार में होगा मुनाफा या झेलना पड़ेगा नुकसान? सेहत रहेगी अच्छी या फिर रोग करेंगे परेशान? प्रेम जीवन में बनी रहेगी मिठास या बार-बार होंगे मतभेद? वैवाहिक जीवन रहेगा सुख-शांति से पूर्ण या तनाव रहेगा हावी? इन सभी सवालों के जवाब आपको हमारे साप्ताहिक राशिफल के इस ख़ास ब्लॉग में मिलेंगे। तो आइए जानते हैं राशि चक्र की सभी राशियों के लिए कैसा रहेगा ये सप्ताह। 

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सिर्फ़ इतना ही नहीं, यह लेख आपके मन में उठ रहे सवालों को शांत करने के साथ-साथ इस सप्ताह में पड़ने वाले ग्रह गोचर, ग्रहण, व्रत एवं त्योहार की सही तिथियों के बारे में भी आपको अवगत करवाएगा। आपको बता दें कि साप्ताहिक राशिफल के इस ब्लॉग को हमारे अनुभवी एवं विद्वान ज्योतिषियों द्वारा ग्रहों एवं नक्षत्रों की स्थिति की गणना करके तैयार किया गया है। इसके अलावा, इस हफ़्ते में किन मशहूर सितारों का जन्मदिन हुआ है, इससे भी आपको रूबरू करवाएंगे। तो चलिए बिना देर किये शुरुआत करते हैं इस लेख की।

इस सप्ताह के ज्योतिषीय तथ्य और हिंदू कैलेंडर की गणना

मार्च के तीसरे सप्ताह का आगाज चित्रा नक्षत्र के अंतर्गत कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि यानी कि 17 मार्च 2025 को होगा जबकि इसका समापन पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र के तहत कृष्ण पक्ष की नवमी तिथि यानी कि 23 मार्च 2025 को होगा। इस दौरान होने वाले ग्रहों के गोचर का प्रभाव सभी राशियों पर भी नज़र आएगा, इस बारे में भी हम विस्तार से बात करेंगे। लेकिन, सबसे पहले नज़र डालते हैं इस हफ़्ते में आने वाले व्रत-त्योहारों की तिथियों पर और जानते हैं कि कब-कौन सा पर्व मनाया जाएगा।

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इस सप्ताह में पड़ने वाले व्रत और त्योहार 

वर्तमान समय में इंसान अपनी व्यस्त ज़िन्दगी की भागदौड़ में महत्वपूर्ण व्रत एवं त्योहार की तिथियों को याद नहीं रख पाता है इसलिए आपके साथ कुछ ऐसा न हो इसलिए हम आपको साप्ताहिक राशिफल (17 मार्च से 13 मार्च) के इस ब्लॉग में मनाए जाने वाले व्रत एवं पर्वों की सही तिथियों के बारे में बता रहे हैं। तो चलिए जान लेते हैं इस सप्ताह में कब-कब कौन-कौन से व्रत और त्योहार पड़ने वाले हैं।

संकष्टी चतुर्थी (17 मार्च 2025, सोमवार): हिंदू धर्म में किए जाने वाले प्रसिद्ध व्रतों में से एक है संकष्टी चतुर्थी। यह व्रत प्रथम पूज्य भगवान गणेश को समर्पित होता है जिन्हें बुद्धि, बल और विवेक के देवता कहा गया है। कहते हैं कि संकष्टी चतुर्थी का व्रत करने से गणेश जी अपने भक्तों के जीवन से सभी कष्टों एवं परेशानियों को हर लेते हैं। पंचांग के अनुसार, संकष्टी चतुर्थी को माह में दो बार कृष्ण पक्ष और शुक्ल पक्ष की चतुर्थी पर किया जाता है।

हम आशा करते हैं कि यह व्रत-त्योहार आपके जीवन को खुशियाँ और उमंग से भर देंगे।

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इस सप्ताह (17 मार्च से 23 मार्च, 2025) पड़ने वाले ग्रहण और गोचर

ग्रहण और गोचर मनुष्य जीवन के साथ-साथ ज्योतिष में भी विशेष मायने रखते हैं। ऐसा माना जाता है कि जब कोई ग्रह अपनी चाल, दशा या राशि में बदलाव करता है, तब इसका सीधा असर आपके और हमारे जीवन पर पड़ता है। यह बात ग्रहण पर भी लागू होती है इसलिए आपके लिए यह जानना जरूरी हो जाता है कि कब और किस समय कौन सा ग्रह गोचर करने जा रहा है? या फिर कब कौन सा ग्रहण लगने जा रहा है और क्या यह भारत में दिखाई देगा? क्या सूतक काल मान्य होगा? साप्ताहिक राशिफल के इस ब्लॉग में हम आपको मार्च के इस सप्ताह में लगने वाले ग्रहण और गोचर के बारे में समस्त जानकारी प्रदान कर रहे हैं। चलिए जानते हैं ग्रहण एवं गोचर की तिथियां:

बुध मीन राशि में अस्त (17 मार्च 2025): बुद्धि, वाणी एवं प्रेम के कारक ग्रह बुध महाराज 17 मार्च 2025 की रात 07 बजकर 31 मिनट पर मीन राशि में अस्त हो जाएंगे। इनकी अस्त अवस्था का प्रभाव सभी राशियों के जातकों समेत देश-दुनिया पर दिखाई देगा।

शुक्र मीन राशि में अस्त (18 मार्च 2025): प्रेम, ऐश्वर्य एवं भोग-विलास के कारक ग्रह शुक्र देव अपनी उच्च राशि मीन में रहते हुए 18 मार्च 2025 की सुबह 07 बजकर 34 मिनट पर अस्त हो जाएंगे। इसका प्रभाव प्रत्येक व्यक्ति के जीवन पर नज़र आएगा।

बात करें ग्रहण की तो, मार्च के इस तीसरे सप्ताह में कोई ग्रहण नहीं लगने जा रहा है।

इस सप्ताह में पड़ने वाले बैंक अवकाश

यहाँ हम आपको मार्च के तीसरे सप्ताह में पड़ने वाले बैंक अवकाशों के बारे में भी बताने जा रहे हैं ताकि आपका कोई काम न रुकें। 

तिथि दिनपर्वराज्य
22 मार्च 2025शनिवारबिहार दिवसबिहार
23 मार्च 2025रविवारभगत सिंह के शहीदी दिवसहरियाणा

इस सप्ताह के मुंडन मुहूर्त 

यदि आप अपनी संतान का मुंडन संस्कार करवाना चाहते हैं, तो हम आपको नीचे 17 से 23 मार्च के दौरान आने वाली मुंडन मुहूर्त की शुभ तिथियां दे रहे हैं।

दिनांकआरंभ कालसमाप्ति काल
17 मार्च 2025, सोमवार06:29:1819:36:19
21 मार्च 2025, शुक्रवार06:24:4125:46:15

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इस सप्ताह के कर्णवेध मुहूर्त

जो माता-पिता अपने बच्चे के कर्णवेध संस्कार के लिए शुभ मुहूर्त की तलाश में हैं, तो उन्हें हम नीचे मार्च के तीसरे सप्ताह की कर्णवेध मुहूर्त की तिथियां प्रदान कर रहे हैं।    

दिनांकआरंभ काल
16 मार्च 202507:01-11:5514:09-18:47
20 मार्च 202506:56-08:08 09:43-16:14

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इस सप्ताह जन्मे मशहूर सितारें

17 मार्च 2025: सुरेंद्र सिंह बघेल, निकितिन धीर, कार्तिका राणे

18 मार्च 2025: ज़ीशान क़ादरी, रत्ना पाठक, पुण्य प्रसून बाजपेयी

19 मार्च 2025: पारुल चौहान, रंगाना हेराथ, डी वी सदानंद गौड़ा

20 मार्च 2025: गणेश वेंकटरमण, प्रशांत किशोर, कंगना राणावत

21 मार्च 2025: मोहम्मद नवाज़, लौरा एलेन, उस्ताद बिस्मिल्लाह खान

22 मार्च 2025: मोहम्मद अजहरुद्दीन, पेनी थॉर्नटन, इसाबेल कैफ

23 मार्च 2025: मो फराह, हज़रतुल्लाह ज़ज़ई, आइओंग एनोह

एस्ट्रोसेज इन सभी सितारों को जन्मदिन की ढेरों शुभकामनाएं देता है। यदि आप अपने पसंदीदा सितारे की जन्म कुंडली देखना चाहते हैं तो आप यहां पर क्लिक कर सकते हैं। 

साप्ताहिक राशिफल 17 मार्च से 23 मार्च, 2025

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मेष साप्ताहिक राशिफल 

मेष राशि वाले यदि आप किसी बड़ी बीमारी से पीड़ित थे तो, इस सप्ता….. (विस्तार से पढ़ें) 

मेष प्रेम राशिफल 

इस सप्ताह आपके स्वभाव में कुछ बदलाव आएँगे, जिसके कारण ….(विस्तार से पढ़ें)

वृषभ साप्ताहिक राशिफल

वृषभ राशि वालों आपकी राशि के लोगों के स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से….(विस्तार से पढ़ें)

वृषभ प्रेम राशिफल

इस सप्ताह जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में चल रही उठापटक के बाद, आप….(विस्तार से पढ़ें)

मिथुन साप्ताहिक राशिफल

इस सप्ताह आपको अपने शारीरिक और मानसिक लाभ की प्राप्ति….(विस्तार से पढ़ें)

मिथुन प्रेम राशिफल

आप अक्सर अपने दोस्तों के लिए ज़रूरत से ज्यादा करते दिखाई देते….(विस्तार से पढ़ें)

कर्क साप्ताहिक राशिफल

कर्क राशि वाले इस सप्ताह आप पाएंगे कि आपके आसपास के लोग व करीबी…. (विस्तार से पढ़ें)

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यदि आप अभी तक सिंगल हैं और लम्बे समय से किसी ख़ास व्यक्ति….(विस्तार से पढ़ें)

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सिंह साप्ताहिक राशिफल

सिंह राशि वालों आपकी चंद्र राशि से बृहस्‍पति के दसवें भाव में मौजूद होने….(विस्तार से पढ़ें)

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इस समय में आप अपने प्रियतम के साथ, प्रेम पूर्वक समय बिता……(विस्तार से पढ़ें)

कन्या साप्ताहिक राशिफल

कन्‍या राशि वाले अगर आप चाहते हैं कि आपका शरीर तंदुरुस्त रहे तो, इस….(विस्तार से पढ़ें)

कन्या प्रेम राशिफल

इस सप्ताह आपका प्रेमी आपको मनाने की कोशिश करता दिखाई….(विस्तार से पढ़ें)

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तुला राशि वालों आपकी चंद्र राशि से शनि के पांचवे भाव में उपस्थित होने पर ये सप्ताह…..(विस्तार से पढ़ें)

तुला प्रेम राशिफल

इस सप्ताह आप अपने पहनावे को लेकर कुछ ज्यादा ही लापवाह….. (विस्तार से पढ़ें)

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वृश्चिक राशि वालों इस सप्ताह आपकी सेहत में तो सुधार आएगा, परंतु जीवन के…..(विस्तार से पढ़ें)

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इस सप्ताह आपका लवमेट आपकी विश्वसनीयता की परीक्षा ले सकता…..(विस्तार से पढ़ें)

धनु साप्ताहिक राशिफल

धनु राशि वालों यदि आप घर के बड़े हैं तो, आपके अपने स्वाथ्य जीवन का उचित…..(विस्तार से पढ़ें)

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  इस सप्ताह आपका प्रिय कुछ ज्यादा ही चिढ़-चिढ़ा रहने…..(विस्तार से पढ़ें)

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मकर साप्ताहिक राशिफल

मकर राशि वाले इस राशि के जातकों को इस सप्ताह, छोटी-छोटी स्वास्थ्य….(विस्तार से पढ़ें)

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प्रेम संबंधों के लिए ये सप्ताह, अच्छा परिणाम देने वाला साबित होगा। क्योंकि….(विस्तार से पढ़ें)

कुंभ साप्ताहिक राशिफल

कुंभ राशि वाले इस बात को आप भी भली-भाँति जानते हैं कि, जितना आप छुपाते …. (विस्तार से पढ़ें)

कुंभ प्रेम राशिफल

ये समय प्रेम जीवन में एक दूसरे के प्रति, अपने विश्वास को मजबूत बनाने….(विस्तार से पढ़ें)

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मीन राशि वाले बहुत ज़्यादा तनाव और चिंता करने की आपकी आदत, इस सप्ताह…..(विस्तार से पढ़ें)

मीन प्रेम राशिफल

आप अपने परिवार को बिना बताए, अपने प्रेमी संग किसी यात्रा पर जा….(विस्तार से पढ़ें)

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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

1. मार्च 2025 में संकष्टी चतुर्थी कब है?

साल के तीसरे महीने मार्च में संकष्टी चतुर्थी व्रत को 17 मार्च 2025, सोमवार को किया जाएगा। 

2. 2025 में बुध मीन राशि में अस्त कब होंगे? 

बुध ग्रह 17 मार्च 2025 को मीन राशि में अस्त हो जाएंगे। 

3. मार्च के तीसरे सप्ताह में कितने बैंक अवकाश हैं? 

17 से 23 मार्च के दौरान 2 बैंक अवकाश पड़ेंगे।

टैरो साप्ताहिक राशिफल (16 मार्च से 22 मार्च, 2025): इन राशियों को रहना होगा सावधान!

टैरो साप्ताहिक राशिफल (16 मार्च से 22 मार्च, 2025): इन राशियों को रहना होगा सावधान

टैरो साप्ताहिक राशिफल 16 मार्च से 22 मार्च, 2025: दुनियाभर के कई लोकप्रिय टैरो रीडर्स और ज्‍योतिषियों का मानना है कि टैरो व्‍यक्‍ति की जिंदगी में भविष्‍यवाणी करने का ही काम नहीं करता बल्कि यह मनुष्‍य का मार्गदर्शन भी करता है। कहते हैं कि टैरो कार्ड अपनी देखभाल करने और खुद के बारे में जानने का एक ज़रिया है।

टैरो इस बात पर ध्‍यान देता है कि आप कहां थे, अभी आप कहां हैं या किस स्थिति में हैं और आने वाले कल में आपके साथ क्‍या हो सकता है। यह आपको ऊर्जा से भरपूर माहौल में प्रवेश करने का मौका देता है और अपने भविष्‍य के लिए सही विकल्‍प चुनने में मदद करता है। जिस तरह एक भरोसेमंद काउंसलर आपको अपने अंदर झांकना सिखाता है, उसी तरह टैरो आपको अपनी आत्‍मा से बात करने का मौका देता है।

आपको लग रहा है कि जैसे जिंदगी के मार्ग पर आप भटक गए हैं और आपको दिशा या सहायता की ज़रूरत है। पहले आप टैरो का मज़ाक उड़ाते थे लेकिन अब आप इसकी सटीकता से प्रभावित हो गए हैं या फिर आप एक ज्‍योतिषी हैं जिसे मार्गदर्शन या दिशा की ज़रूरत है या फिर आप अपना समय बिताने के लिए कोई नया शौक ढूंढ रहे हैं। इन कारणों से या अन्‍य किसी वजह से टैरो में लोगों की दिलचस्‍पी काफी बढ़ गई है। टैरो डेक में 78 कार्ड्स की मदद से भविष्य के बारे में जाना जा सकता है। इन कार्ड्स की मदद से आपको अपने जीवन में मार्गदर्शन मिल सकता है।

टैरो की उत्पति 15वीं शताब्‍दी में इटली में हुई थी। शुरुआत में टैरो को सिर्फ मनोरंजन के रूप में देखा जाता था और इससे आध्‍यात्मिक मार्गदर्शन लेने का महत्‍व कम था। हालांकि, टैरो कार्ड का वास्तविक उपयोग 16वीं सदी में यूरोप के कुछ लोगों द्वारा किया गया जब उन्होंने जाना और समझा कि कैसे 78 कार्ड्स की मदद से भविष्य के बारे में जाना जा सकता है, उसी समय से इसका महत्व कई गुना बढ़ गया।

टैरो एक ऐसा ज़रिया है जिसकी मदद से मानसिक और आध्‍यात्मिक प्रगति को प्राप्‍त किया जा सकता है। आप कुछ स्‍तर पर अध्‍यात्‍म से, थोड़ा अपनी अंतरात्‍मा से और थोड़ा अपने अंर्तज्ञान और आत्‍म-सुधार लाने से एवं बाहरी दुनिया से जुड़ें।

तो आइए अब इस साप्ताहिक राशिफल की शुरुआत करते हैं और जानते हैं कि 16 मार्च से 22 मार्च, 2025 तक का समय सभी 12 राशियों के लिए कैसे परिणाम लेकर आएगा?

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दुनियाभर के विद्वान टैरो रीडर्स से करें कॉल/चैट पर बात और जानें करियर संबंधित सारी जानकारी

टैरो साप्ताहिक राशिफल 16 मार्च से 22 मार्च, 2025: राशि अनुसार राशिफल

मेष राशि

प्रेम जीवन: टू ऑफ वैंड्स

आर्थिक जीवन: जजमेंट

करियर: द चैरियट

स्वास्थ्य: व्‍हील ऑफ फॉर्च्‍यून

टैरो रीडिंग में टू ऑफ वैंड्स कार्ड यह संकेत दे सकता है कि आप अपने रिश्‍ते को लेकर असंतुष्‍ट या असहज महसूस कर रहे हैं। यह कार्ड नए प्रेम संबंध की ओर बढ़ने या मौजूदा रिश्‍ते में बने रहने के बीच निर्णय लेने की स्थिति को भी दर्शा सकता है।

वित्त के मामले में द जजमेंट कार्ड संकेत देता है कि आपको सोच-समझकर निर्णय लेने चाहिए, आवेग में आकर कार्य करने से बचना चाहिए और अगर आप धन के मामले में ईमानदारी और समझदारी बरतते हैं, तो आप अपनी वित्तीय समस्‍याओं को सुलझाने में सफल हो सकते हैं।

करियर में मेष राशि के जातकों को द चैरियट कार्ड मिला है जो कि सफल होने की इच्‍छा, चुनौतियों को पार करने और अपने लक्ष्‍य तक पहुंचने के लिए प्रेरित होने के संकेत दे रहा है। यह कार्ड दर्शाता है कि आपके पास अपने लक्ष्‍यों को प्राप्‍त करने के लिए प्रेरणा और आत्‍म-नियंत्रण मौजूद है।

सेहत के मामले में आपको व्‍हील ऑफ फॉर्च्‍यून कार्ड मिला है जो कि स्‍वास्‍थ्‍य में बदलाव को दर्शाता है। इस कार्ड के अनुसार आपकी स्थिति में परिवर्तन आ सकता है। यह किसी बीमारी से उबरने, नई स्‍वास्‍थ्‍य स्थिति में प्रवेश करने या चीज़ों को संतुलन में लाने के लिए जीवनशैली में कुछ बदलाव करने की आवश्‍यकता को दर्शा सकता है।

शुभ अंक: 18

वृषभ राशि

प्रेम जीवन: द स्‍टार

आर्थिक जीवन: टू ऑफ स्‍वॉर्ड्स

करियर: ऐस ऑफ कप्‍स

स्वास्थ्य: ऐट ऑफ स्‍वॉर्ड्स

प्रेम जीवन में वृषभ राशि के जातकों को द स्‍टार कार्ड मिला है जिसके अनुसार आपका रोमांटिक संबंध मज़बूत होगा। अगर आप सिंगल हैं, तो अब आप अपने पुराने रिश्‍ते के बोझ से निकलने के लिए तैयार हैं। इससे आपको अधिक अवसर मिलेंगे और आपकी नए लोगों से मुलाकात होगी।

पैसों के मामले में टू ऑफ स्‍वॉर्ड्स कार्ड कहता है कि आप वास्‍तविकता का सामना करने से भाग रहे हैं या आपके अंदर इसका सामना करने की क्षमता नहीं है। अगर इस समय आप किसी आर्थिक परेशानी का सामना कर रहे हैं, तो आपको उसे अनदेखा नहीं करना चाहिए।

ऐस ऑफ कप्‍स कार्ड नई संभावनाओं और अच्‍छे विचारों को दर्शाता है। करियर के मामले में आप इस विचार को कई तरह से देख सकते हैं। नौकरी की तलाश कर रहे जातकों के लिए यह कार्ड करियर में एक नई शुरुआत का संकेत दे रहा है।

ऐट ऑफ स्‍वॉर्ड्स रिवर्स कार्ड आपको बीमारी से उबरने, मानसिक रूप से मज़बूत रहने और चिंता से राहत पाने का रास्‍ता दिखा रहा है। इसके साथ ही यह कार्ड आपको याद दिला रहा है कि आप आरोग्‍य रहने और स्‍वस्‍थ जीवन जीने के लिए सक्षम हैं।

शुभ अंक: 6

बृहत् कुंडली में छिपा है, आपके जीवन का सारा राज, जानें ग्रहों की चाल का पूरा लेखा-जोखा

मिथुन राशि

प्रेम जीवन: द एम्‍प्रेस 

आर्थिक जीवन: ऐट ऑफ वैंड्स

करियर: पेज ऑफ कप्‍स

स्वास्थ्य: द सन

प्रेम जीवन में मिथुन राशि के जातकों को द एम्‍प्रेस कार्ड मिला है जो कि विवाह, पार्टनरशिप और प्‍यार से संबंधित है। यह कार्ड आपके लिए नए रिश्‍ते की शुरुआत या आपके मौजूदा रिश्‍ते के विकास या रिश्‍ते की सफलता का संकेत दे रहा है। यह कार्ड प्रेम, प्रजनन क्षमता या मातृत्‍व का प्रतीक भी हो सकता है।

ऐट ऑफ वैंड्स कार्ड की गति आपके धन से संबंधित है। इस समय जितनी जल्‍दी आपके पास पैसा आएगा, उतनी ही जल्‍दी यह आपके हाथ से चला भी जाएगा। भले ही इस समय यह कार्ड आपको आकर्षक लग रहा हो लेकिन आपको इस समय आवेग में आकर पैसा खर्च करने से बचना चाहिए।

द पेज ऑफ कप्‍स कार्ड शुभ समाचार और नौकरी में बदलाव के संकेत दे रहा है। यह खासतौर पर उन लोगों के लिए है जो करियर बदलने के बारे में सोच रहे हैं। इसके अलावा यह कार्ड इस बात के भी संकेत दे सकता है कि आपको नौकरी के लिए आवेदन करने या प्रमोशन प्राप्‍त करने में सफलता हासिल होगी।

द सन कार्ड जीवनशक्‍ति, शांति और उत्तम स्‍वास्‍थ्‍य का प्रतीक है। इस कार्ड का कहना है कि आप अब जल्‍दी ठीक हो जाएंगे और पहले से ज्‍यादा बेहतर महसूस करेंगे। इसके अलावा इस दौरान आपका आध्‍यात्मिक और व्‍यक्‍तिगत विकास भी होगा।

शुभ अंक: 5

कर्क राशि

प्रेम जीवन: नाइट ऑफ स्‍वॉर्ड्स

आर्थिक जीवन: सिक्‍स ऑफ कप्‍स

करियर: द एम्‍परर

स्वास्थ्य: ऐट ऑफ कप्‍स

कर्क राशि के जातकों को प्‍यार के मामले में नाइट ऑफ स्‍वॉर्ड्स कार्ड मिला है। आपका पार्टनर साहसी, सरल और बुद्धिमान हो सकता है या फिर आपके अंदर ये गुण हो सकते हैं। यह कार्ड आत्‍मविश्‍वास से भरपूर और साहसी प्रेमी बनने या फिर आपके इस तरह के रिश्‍ते में आने के संकेत दे रहा है।

सिक्‍स ऑफ कप्‍स कार्ड दान या उपहार के लेन-देन का संकेत दे रहा है। इस कार्ड के अनुसार आपको पैतृक संपत्ति भी मिल सकती है। सिक्‍स ऑफ कप्‍स कार्ड तब भी दिखाई देता है, जब आप वसीयत के बारे में या इसे बनाने पर विचार कर रहे हों। अपने माता-पिता के घर जाकर रहने से आप अपने लिए अधिक पैसों की बचत कर पाएंगे। वहीं दूसरी ओर, आप अपने घर में परिवार के सदस्‍यों को वापस बुला सकते हैं और अपने संसाधनों को साझा कर सकते हैं।

आपको अपने करियर में अपनी कड़ी मेहनत, फोकस एवं व्‍यवस्थित दृष्टिकोण की वजह से सफलता प्राप्‍त होने की उम्‍मीद है। अगर वर्तमान समय में आपका कार्यक्षेत्र या आपके काम करने की प्रक्रिया थोड़ी अव्‍यवस्थित या परेशान करने वाली है, तो अब कमान अपने हाथ में लेना आपके लिए फायदेमंद हो सकता है और आप काम करने के लिए एक नया ढांचा बना सकते हैं। इससे आपको और आपके सहकर्मियों को अच्‍छे से काम करने में मदद मिलेगी। इस कार्ड के अनुसार आपको अपने कार्यक्षेत्र में वरिष्‍ठ सहकर्मी या सुपरवाइज़र से अपने करियर में मार्गदर्शन या सहायता मिलने के योग हैं।

सेहत के मामले में आपको ऐट ऑफ कप्‍स कार्ड मिला है जिसके अनुसार आप इस समय भावनात्‍मक रूप से तनाव में हो सकते हैं। आपको थेरेपी या मेडिटेशन से राहत मिलने की उम्‍मीद है। अगर आपको लगता है कि बात करने से आपको मदद मिलेगी या राहत महसूस होगी, तो आप अपने करीबी दोस्‍तों या परिवार के किसी सदस्‍य से बात कर सकते हैं।

शुभ अंक: 20

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सिंह राशि

प्रेम जीवन: सेवन ऑफ वैंड्स

आर्थिक जीवन: नाइन ऑफ पेंटाकल्‍स

करियर: क्‍वीन ऑफ स्‍वॉर्ड्स

स्वास्थ्य: द हर्मिट

सिंह राशि को लव रीडिंग में सेवन ऑफ वैंड्स कार्ड मिला है जो कि आमतौर पर यह दर्शाता है कि आपको अपने रिश्‍ते को बचाने की ज़रूरत है। इसमें बाहरी दबाव या प्रतिद्वंदिता से निपटना शामिल हो सकता है। आपको कुछ सीमाएं तय कर के और अपनी ज़रूरतों को ठीक तरह से व्‍यक्‍त करके अपने प्‍यार के लिए लड़ना एवं मज़बूत रहना होगा।

वित्त के मामले में नाइन ऑफ पेंटाकल्‍स कार्ड दर्शाता है कि आपको अपनी कड़ी मेहनत और सावधानीपूर्वक योजना बनाकर चलने की वजह से वित्तीय सुरक्षा, स्‍वतंत्रता और स्थिरता प्राप्‍त हो रही है। यह कार्ड संकेत दे रहा है कि आप एक ऐसी स्थिति में पहुंच चुके हैं, जहां आप बिना किसी चिंता के भौतिक सुख-सुविधाओं और विलासिता का आनंद ले सकते हैं। यह वित्तीय सफलता अर्जित करने को दर्शाता है।

करियर टैरो रीडिंग में क्‍वीन ऑफ स्‍वॉर्ड्स कार्ड आपके या किसी अधिक अनुभवी व्‍यक्‍ति का प्रति‍निधित्‍व कर सकता है। यह व्‍यक्‍ति जानकार, भरोसेमंद और महत्‍वपूर्ण आलोचना या समीक्षा प्रदान करने में सक्षम होगा। वह आपको करियर के क्षेत्र में प्रगति करने के लिए बेहतरीन सलाह दे सकते हैं।

सेहत के मामले में द हर्मिट कार्ड आपको याद दिलाता है कि स्‍वास्‍थ्‍य को लेकर आपको अति करने से बचना चाहिए। जब हम काम से ब्रेक लेने को नज़रअंदाज़ करते हैं, तो इसका असर हमारी सेहत पर पड़ सकता है। चाहे आप दिन में कुछ मिनट के लिए ही ब्रेक लें, द हर्मिट कार्ड आपको अपने लिए समय निकालकर आराम करने और अपने शरीर एवं मन से जुड़ने की सलाह दे रहा है।

शुभ अंक: 10

कन्या राशि

प्रेम जीवन: व्‍हील ऑफ फॉर्च्‍यून

आर्थिक जीवन: द चैरियट

करियर: जजमेंट

स्वास्थ्य: टू ऑफ वैंड्स

कन्‍या राशि के जातकों को व्‍हील ऑफ फॉर्च्‍यून कार्ड मिला है जो कि ज्‍यादातर परिस्थितियों में सकारात्‍मक ही होता है लेकिन यह प्रतिकूल प्रभाव के संकेत भी दे सकता है। आपके रिश्‍ते के लिए यह परीक्षा का समय हो सकता है और आप दोनों को साथ रहने के लिए कड़ी मेहनत करने या कुछ त्‍याग करने की ज़रूरत हो सकती है। यदि आप दोनों एक साथ मिलकर जीवन के उतार-चढ़ाव को संभालना सीख लेते हैं, तो इससे आपका रिश्‍ता पहले से ज्‍यादा मज़बूत और गहरा हो सकता है।

वित्त के मामले में द चैरियट कार्ड आपको अपनी आर्थिक समस्‍याओं से निपटने के लिए फोकस बनाए रखने और दृढ़ रहने के लिए कह रहा है। यह कार्ड पैसों का प्रबंधन करने, समझदारी से निवेश करने और वित्तीय बाधाओं को पार करने को भी दर्शाता है।

करियर रीडिंग में द जजमेंट कार्ड आत्‍म-मूल्‍यांकन और समीक्षा करने या करियर में बड़े बदलाव की संभावना को दर्शा रहा है। यह कार्ड आपको पदोन्‍नति या नया अवसर मिलने के संकेत दे रहा है। इसके अलावा आपको अपने वर्तमान करियर को लेकर कोई अनुभूति हो सकती है जिससे आपको अपने करियर की दिशा का फिर से मूल्‍यांकन करने और कुछ ज़रूरी बदलाव करने की ज़रूरत महसूस हो सकती है।

टू ऑफ वैंड्स कार्ड स्‍वास्‍थ्‍य के मामले में दीर्घकालिक उद्देश्‍यों को ध्‍यान में रखने की सलाह दे रहा है। यह कार्ड इस बात के भी संकेत दे सकता है कि आपको अपने कंफर्ट ज़ोन से बाहर निकलने या कोई नई स्‍वास्‍थ्‍य तकनीक अपनाने की ज़रूरत है।

शुभ अंक: 32

तुला राशि

प्रेम जीवन: नाइट ऑफ वैंड्स

आर्थिक जीवन: पेज ऑफ कप्‍स

करियर: फोर ऑफ पेंटाकल्‍स

स्वास्थ्य: सिक्‍स ऑफ स्‍वॉर्ड्स

नाइट ऑफ वैंड्स कार्ड प्‍यार और रिश्‍ते के मामले में जोश और पहल करने का प्रतीक है। इस कार्ड का कहना है कि अपने रिश्‍ते को मज़बूत करने के लिए आप दोनों को समय देने और प्रयास करने की ज़रूरत है। यह कार्ड इस बात के भी संकेत दे रहा है कि आप और आपका पार्टनर एकसाथ यात्रा पर जा सकते हैं या कोई नया अनुभव ले सकते हैं।

पेज ऑफ कप्‍स कार्ड दिन में सपने देखने और अवास्‍तविक वित्तीय अपेक्षाएं रखने को दर्शा सकता है। आपको लॉटरी या किसी अन्‍य जोखिम भरे निवेश से अपनी इच्‍छाओं को पूरा करने के बजाय अपने भविष्‍य के लिए व्‍यावहारिक चीज़ों पर ध्‍यान केंद्रित करने और एक समय पर एक लक्ष्‍य को पूरा करने पर ध्‍यान देना चाहिए।

नौकरी के मामले में आपको फोर ऑफ पेंटाकल्‍स कार्ड मिला है जिसका मतलब है कि अब आखिरकार आपको अपने पेशे में कुछ सुरक्षा या स्थिरता मिल गई है। अगर आपको पहले इस स्थिरता को पाने में दिक्‍कत आ रही थी या यह आपकी पहली नौकरी है, तो आप अभी भी अपनी भूमिका को लेकर आशंकित हो सकते हैं। इसकी वजह से आप सतर्क, असहज और संदेहास्‍पद हो सकते हैं। अगर आपने इसे नियंत्रण से बाहर जाने दिया, तो आपको अधिक नुकसान पहुंच सकता है।

टैरो कार्ड रीडिंग में सिक्‍स ऑफ स्‍वॉर्ड्स कार्ड स्‍वस्‍थ होने के लिए सकारात्‍मक कदम उठाने के संकेत दे रहा है। इसका मतलब है कि आपके स्‍वास्‍थ्‍य में धीरे-धीरे सुधार आ सकता है या आपको किसी बीमारी से राहत मिल सकती है। यह कार्ड आराम करने की ज़रूरत और मज़बूत स्‍वास्‍थ्‍य स्थिति की ओर आगे बढ़ने की ओर इशारा कर रहा है।

शुभ अंक: 33

वृश्चिक राशि

प्रेम जीवन: थ्री ऑफ स्‍वॉर्ड्स

आर्थिक जीवन: ऐट ऑफ कप्‍स

करियर: फाइव ऑफ पेंटाकल्‍स

स्वास्थ्य: टू ऑफ कप्‍स

वृश्चिक राशि के जातकों को थ्री ऑफ स्‍वॉर्ड्स अपराइट कार्ड मिला है जो कि दिल टूटने, दुख और रिश्‍ते में झगड़े को दर्शाता है। यह कार्ड परेशानी, गलतफहमियों या धोखे को भी दिखा सकता है। किसी भी परेशानी को सुलझाने और रिश्‍ते को बेहतर बनाने के लिए, यह कार्ड आपको अपने पार्टनर से खुलकर और स्‍पष्‍ट बात करने के लिए बढ़ावा दे रहा है।

वित्त के मामले में ऐट ऑफ कप्‍स कार्ड दर्शाता है कि आप अपनी मौजूदा वित्तीय स्थिति को लेकर असंतुष्‍ट हो सकते हैं। यह कार्ड इस बात के भी संकेत कर सकता है कि आप किसी करियर या निवेश से बाहर आने पर विचार कर सकते हैं जो सुरक्षित होगा, लेकिन आप उससे असंतुष्ट हो सकते हैं।

करियर रीडिंग में फाइव ऑफ पेंटाकल्‍स कार्ड वित्तीय अस्थिरता, नौकरी में असुरक्षा या अवसरों की कमी को दर्शाता है। इसके परिणामस्‍वरूप अक्‍सर कार्यक्षेत्र में उपेक्षा या बहिष्‍कार की भावना महसूस हो सकती है। यह कार्ड इस बात के भी संकेत दे सकता है कि आपकी नौकरी छूट सकती है, आपको दूसरी नौकरी ढूंढ़ने में दिक्‍कत आ सकती है या आय का एक स्थिर स्रोत रखने में परेशानी हो सकती है।

टू ऑफ कप्‍स कार्ड संपूर्ण स्‍वास्‍थ्‍य को लेकर संतुलन को दिखाता है। इस कार्ड का कहना है कि अगर आप किसी दीर्घकालिक बीमारी या स्‍वास्‍थ्‍य समस्‍या से जूझ रहे हैं, तो अब आप उससे पूरी तरह से ठीक हो सकते हैं। रोज़मर्रा का तनाव कभी-भी नई बीमारियों को जन्‍म दे सकता है या पुरानी बीमारियों को बढ़ा सकता है इसलिए इससे बचें।

शुभ अंक: 27

करियर की हो रही है टेंशन! अभी ऑर्डर करें कॉग्निएस्ट्रो रिपोर्ट

धनु राशि

प्रेम जीवन: टू ऑफ पेंटाकल्‍स

आर्थिक जीवन: टू ऑफ स्‍वॉर्ड्स

करियर: ऐट ऑफ वैंड्स

स्वास्थ्य: नाइन ऑफ स्‍वॉर्ड्स

धनु राशि के जातकों को प्रेम जीवन में टू ऑफ पेंटाकल्‍स कार्ड मिला है जिसका कहना है कि आप वर्तमान में या जल्‍द ही प्रतिबद्ध, अनुकूल और सुखद रिश्‍ते में हो सकते हैं। भले ही आप और आपका पार्टनर हमेशा एक-दूसरे से सहमत न हों या दोनों की अलग-अलग प्राथमिकताएं हों, लेकिन फिर भी आप दोनों अपने मतभेदों को अच्‍छे से संभाल पा रहे हैं और एक-दूसरे की ज़रूरत के के साथ सामंजस्‍य बिठा रहे हैं।

वित्त जीवन में टू ऑफ स्‍वॉर्ड्स कार्ड कहता है कि आप वास्‍तविकता का सामना करने से भाग रहे हैं या आपके अंदर इसका सामना करने की क्षमता नहीं है। अगर इस समय आप किसी आर्थिक परेशानी का सामना कर रहे हैं, तो आपको उसे अनदेखा नहीं करना चाहिए।

करियर की बात करें, तो ऐट ऑफ वैंड्स कार्ड तेजी से प्रगति करने, गति और रोमांचित नए अवसरों को दर्शाता है। दूसरे शब्‍दों में कहें, तो आपको अपने प्रयासों का फल मिल रहा है और आपको अनुकूल परिणामों के साथ करियर में उन्‍नति मिलने एवं भविष्‍य में तेजी से विकास करने की संभावना है।

हेल्‍थ रीडिंग के अनुसार नाइन ऑफ स्‍वॉर्ड्स टैरो कार्ड आमतौर पर गंभीर चिंता, अनिद्रा, अत्‍यधिक तनाव और डर की स्थिति को दर्शाता है। ये अक्‍सर शारीरिक लक्षणों जैसे कि सिरदर्द, पेट से संबंधित समस्‍याओं या मानसिक दबाव के कारण बीमार महसूस करने के रूप में दिख सकता है।

शुभ अंक: 3

मकर राशि         

प्रेम जीवन: द वर्ल्‍ड

आर्थिक जीवन: पेज ऑफ वैंड्स

करियर: थ्री ऑफ वैंड्स

स्वास्थ्य: द सन

अचानक बदलाव आना, जीवन का एक हिस्‍सा है और प्‍यार भी इससे अछूता नहीं रहा है। इस सप्‍ताह आपके रिश्‍ते में कोई ऐसा बड़ा बदलाव आ सकता है जिसके लिए आप तैयार नहीं होंगे। ये बदलाव हमेशा नकारात्‍मक नहीं होते लेकिन आपको कुछ बदलाव करने की ज़रूरत हो सकती है। आपके रिश्‍ते के लिए यह परीक्षा की घड़ी हो सकती है और आप दोनों को एक-दूसरे के साथ रहने के लिए कड़ी मेहनत या कुछ त्‍याग करने की आवश्‍यकता हो सकती है।

वित्त के मामले में पेज ऑफ वैंड्स कार्ड नए वित्तीय अवसरों, आय के संभावित स्रोतों के लिए नवीन विचार या एक नया व्‍यवसाय शुरू करने के लिए प्रोत्‍साहित करने को दर्शाता है। यह समय पैसा कमाने के लिए नए तरीकों को तलाश करने का है। लेकिन यहां पर सावधान रहें और कोई भी कदम उठाने से पहले देख लें कि आपके विचार वास्‍तविकता पर आधारित हैं या नहीं।

थ्री ऑफ वैंड्स टैरो कार्ड पेशेवर जीवन में विकास और प्रगति के समय को दर्शाता है। यह कार्ड आपको अड़चनों को पार करने और अपने कंफर्ट ज़ोन से बाहर निकलने के लिए भी प्रेरित कर सकता है।

आपकी सेहत के लिए थोड़ी धूप लेना फायदेमंद हो सकता है जबकि ज्‍यादा धूप लेने से आपको नुकसान पहुंच सकता है। धूप लेने से आपके शरीर को विटामिन डी बनाने में मदद मिलेगी जो कि स्‍वस्‍थ हड्डियों के लिए ज़रूरी है। यह शरीर में मेलाटोनिन के निर्माण को नियंत्रित करके आपके मूड और नींद के पैटर्न को भी सुधार सकता है।

शुभ अंक: 17

कुंभ राशि

प्रेम जीवन: टेम्‍पेरेंस

आर्थिक जीवन: सिक्‍स ऑफ पेंटाकल्‍स

करियर: टेन ऑफ पेंटाकल्‍स

स्वास्थ्य: नाइन ऑफ वैंड्स

कुंभ राशि के जातकों को द टेम्‍पेरेंस कार्ड मिला है जो कि संतुलित और स्‍वस्‍थ संबंध की ओर संकेत कर रहा है। अगर आप प्रेम संबंध में हैं, तो आप इस सप्‍ताह प्रेमपूर्ण और संतोषजनक संबंध का आनंद ले सकते हैं। यह जीवनसाथी के साथ रिश्‍ते को दर्शाता है। यह कार्ड सिंगल जातकों को डेटिंग और खुद की देखभाल के बीच संतुलन बनाने की सलाह दे रहा है। 

वित्त की बात करें, तो सिक्‍स ऑफ पेंटाकल्‍स कार्ड आमतौर पर कुछ देने और प्राप्‍त करने का प्रतीक है। यह कार्ड आमदनी का सही वितरण करने, अपनी वित्तीय स्थिति को स्थिर रखते हुए दान करने या दूसरों की सहायता करने के लिए कह रहा है।

करियर के मामले में टेन ऑफ पेंटाकल्‍स कार्ड स्थिर, सुरक्षित और लाभकारी स्थिति को दर्शाता है। इसका मतलब है कि आपके पेशेवर जीवन के लिए यह समय फायदेमंद रहेगा। यह कार्ड अक्‍सर करियर में दीर्घकालिक लक्ष्‍यों को प्राप्‍त करने, किसी संस्‍था में मज़बूत स्थिति की ओर इशारा करता है। आप कोई ऐसा व्‍यवसाय शुरू कर सकते हैं जिससे आने वाली पीढ़ियां भी संपन्‍न रह सकें।

हेल्‍थ रीडिंग में नाइन ऑफ वैंड्स कार्ड जल्‍द ही किसी बीमारी या चोट से ठीक होने को दर्शाता है। यह कार्ड सेहत को लेकर कुछ सीमा निर्धारित करने और खुद की देखभाल को प्राथमिकता देने के महत्‍व पर ज़ोर देता है ताकि आपको आगे और तनाव न हो। साथ ही यह कार्ड थोड़ी लचीला बनने, असुविधा से निपटने के लिए दृढ़ रहने और दोबारा पूरी तरह से स्‍वस्‍थ होने के लिए सतर्क रहने को दर्शाता है।

शुभ अंक: 26

मीन राशि

प्रेम जीवन: द एम्‍प्रेस

आर्थिक जीवन: जस्टिस

करियर: पेज ऑफ पेंटाकल्‍स

स्वास्थ्य: द डेविल

लव रीडिंग में द एम्‍प्रेस कार्ड गहरे संबंध को दर्शाता है। आप नए रिश्‍ते की शुरुआत कर सकते हैं या यह कार्ड मौजूदा रिश्‍ते में मज़बूत प्रतिबद्धता के संकेत दे रहा है। यह कार्ड ऐसे व्‍यक्‍ति को दर्शाता है जो भावुक हो और रिश्‍ते को निभाने के काबिल हो।।

टैरो रीडिंग में जस्टिस कार्ड वित्तीय लेन-देन में ईमानदारी, निष्‍पक्षता और जिम्‍मेदार बनने की आवश्‍यकता को दर्शाता है। इस कार्ड का कहना है कि आपको वित्तीय लेन-देन को लेकर खासतौर पर धन से संबंधित कानूनी मामलों में नैतिकता बनाए रखनी चाहिए और निष्‍पक्ष परिणामों की अपेक्षा करनी चाहिए। आपको अपने वित्तीय मामलों में ईमानदार रहने की सलाह दी जाती है।

पेज ऑफ पेंटाकल्‍स कार्ड पेशेवर जीवन में किसी नए अवसर या करियर को लेकर शुभ समाचार की ओर संकेत कर रहा है। इस कार्ड का यह भी कहना है कि आपको अपने सामने आने वाले अवसरों का लाभ उठाना चाहिए।

सेहत के मामले में द डेविल कार्ड बुरी आदतों जैसे कि अत्‍यधिक खाने, नशे की लत या शराब के अधिक सेवन की वजह से खराब स्‍वास्‍थ्‍य को दर्शा सकता है। इसके अलावा यह कार्ड मानसिक स्‍वास्‍थ्‍य से संबंधित समस्‍याओं जैसे कि सिज़ोफ्रेनिया, बाइपोलर डिसऑर्डर, चिंता, पैनिक अटैक और अवसाद के संकेत भी दे रहा है। अगर आपको कोई मानसिक स्‍वास्‍थ्‍य समस्‍या महसूस हो रही है, तो आप केवल कार्ड्स पर निर्भर न रहें। इसके बजाय आप किसी मेंटल हेल्‍थ एक्‍सपर्ट की सहायता लें।

शुभ अंक: 12

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इसी आशा के साथ कि, आपको यह लेख भी पसंद आया होगा एस्ट्रोसेज के साथ बने रहने के लिए हम आपका बहुत-बहुत धन्यवाद करते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रश्‍न 1. टैरो क्‍या कर सकते हैं?

उत्तर. टैरो सटीक भविष्‍यवाणी करने का एक तरीका है।

प्रश्‍न 2. टैरो डेक में कौन-सा कार्ड शादी के बारे में बताता है?

उत्तर. द फोर ऑफ वैंड्स।

प्रश्‍न 3. टैरो में कौन-सा कार्ड संसाधनशीलता को दर्शाता है?

उत्तर. द मैजिशियन।

अंक ज्योतिष साप्ताहिक राशिफल: 16 मार्च से 22 मार्च, 2025

अंक ज्योतिष साप्ताहिक राशिफल: 16 मार्च से 22 मार्च, 2025

कैसे जानें अपना मुख्य अंक (मूलांक)? 

अंक ज्योतिष साप्ताहिक भविष्यफल जानने के लिए अंक ज्योतिष मूलांक का बड़ा महत्व है। मूलांक जातक के जीवन का महत्वपूर्ण अंक माना गया है। आपका जन्म महीने की किसी भी तारीख़ को होता है, उसको इकाई के अंक में बदलने के बाद जो अंक प्राप्त होता है, वह आपका मूलांक कहलाता है। मूलांक 1 से 9 अंक के बीच कोई भी हो सकता है, उदाहरणस्वरूप- आपका जन्म किसी महीने की 10 तारीख़ को हुआ है तो आपका मूलांक 1+0 यानी 1 होगा। 

इसी प्रकार किसी भी महीने की 1 तारीख़ से लेकर 31 तारीख़ तक जन्मे लोगों के लिए 1 से 9 तक के मूलांकों की गणना की जाती है। इस प्रकार सभी जातक अपना मूलांक जानकर उसके आधार पर साप्ताहिक राशिफल जान सकते हैं।

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दुनियाभर के विद्वान अंक ज्योतिषियों से करें फ़ोन पर बात और जानें करियर संबंधित सारी जानकारी

अपनी जन्मतिथि से जानें साप्ताहिक अंक राशिफल (16 मार्च से 22 मार्च, 2025)

अंक ज्योतिष का हमारे जीवन पर सीधा प्रभाव पड़ता है क्योंकि सभी अंकों का हमारे जन्म की तारीख़ से संबंध होता है। नीचे दिए गए लेख में हमने बताया है कि हर व्यक्ति की जन्म तिथि के हिसाब से उसका एक मूलांक निर्धारित होता है और ये सभी अंक अलग-अलग ग्रहों द्वारा शासित होते हैं। 

जैसे कि मूलांक 1 पर सूर्य देव का आधिपत्य है। चंद्रमा मूलांक 2 का स्वामी है। अंक 3 को देव गुरु बृहस्पति का स्वामित्व प्राप्त है, राहु अंक 4 का राजा है। अंक 5 बुध ग्रह के अधीन है। 6 अंक के राजा शुक्र देव हैं और 7 का अंक केतु ग्रह का है। शनिदेव को अंक 8 का स्वामी माना गया है। अंक 9 मंगल देव का अंक है और इन्हीं ग्रहों के परिवर्तन से जातक के जीवन में अनेक तरह के परिवर्तन होते हैं।

 बृहत् कुंडली में छिपा है, आपके जीवन का सारा राज, जानें ग्रहों की चाल का पूरा लेखा-जोखा

मूलांक 1

(अगर आपका जन्म किसी भी महीने की 1, 10, 19, 28 तारीख़ को हुआ है)

इस मूलांक वाले जातकों में प्रशासनिक गुण होते हैं और इनके साथ ही ये जीवन में आगे बढ़ते हैं। ये जातक सीधे-सादे होते हैं।

प्रेम जीवन: इस समय आप अपने पार्टनर के साथ अधिक ईमानदार रह सकते हैं। इसकी वजह से आप अपने जीवनसाथी के दिल में अपनी जगह बनाने में सफल होंगे। आपकी सच्‍चाई आपके रिश्‍ते को एक नया रूप दे सकती है।

शिक्षा: इस सप्‍ताह छात्र पढ़ाई में अच्‍छा प्रदर्शन करेंगे। बिज़नेस एडमिनिस्ट्रेशन, फाइनेंशियल अकाउंटिंग और चार्टर्ड अकाउंटेंसी जैसे विषयों में विशेष रूप से बेहतर प्रदर्शन करते हुए नज़र आएंगे। आप शिक्षा के क्षेत्र में अपनी एक अलग पहचान बना सकते हैं।

पेशेवर जीवन: यदि आप नौकरी करते हैं, तो इस सप्‍ताह आप अपने कार्यक्षेत्र में शानदार प्रदर्शन कर सकते हैं। इसके साथ ही आप बेहतर ऊर्जा के साथ आगे बढ़ेंगे। वहीं व्‍यापारी इस समय उत्‍कृष्‍ट प्रदर्शन करेंगे और उच्‍च मुनाफा कमाने में सक्षम होंगे।

सेहत: इस सप्‍ताह आपकी ऊर्जा में वृद्धि देखने को मिलेगी जिससे आपका स्‍वास्‍थ्‍य भी अच्‍छा रहने वाला है। आप शारीरिक रूप से मज़बूत होंगे और आपका स्‍वास्‍थ्‍य बेहतर रहेगा।

उपाय: आप रविवार के दिन सूर्य देव की 6 माह तक पूजा करें।

मूलांक 2

(अगर आपका जन्म किसी भी महीने की 2, 11, 20, 29 तारीख़ को हुआ है)

इस सप्‍ताह मूलांक 2 वाले जातक कंफ्यूज़ रह सकते हैं। इनके लिए कोई बड़ा या महत्‍वपूर्ण निर्णय लेना कठिन हो सकता है।

प्रेम जीवन: इस सप्‍‍ताह आपके और आपके जीवनसाथी के बीच संवदेशनशील मुद्दे उत्‍पन्‍न हो सकते हैं। आप दोनों के बीच विवाद या बहस होने की भी आशंका है।

शिक्षा: इस समय छात्रों का पढ़ाई पर से ध्‍यान भटक सकता है जिसकी वजह से वे शिक्षा के क्षेत्र में अच्‍छा प्रदर्शन करने में पीछे रह सकते हैं। इसके कारण आपको पढ़ाई पर अधिक ध्‍यान देने की ज़रूरत है। आपको अच्‍छा प्रदर्शन करने के लिए अपने कौशल को निखारने की आवश्‍यकता है।

पेशेवर जीवन: नौकरीपेशा जातकों का काम के दौरान ध्‍यान भटक सकता है और इसके कारण उनके प्रदर्शन में गिरावट आ सकती है। वहीं व्‍यापारी इस समय अधिक मुनाफा कमाने के लिए सही निर्णय लेने में असमर्थ रह सकते हैं।

सेहत: इस सप्‍ताह आपको खांसी और जुकाम होने की आशंका है। आपकी इम्‍युनिटी के कमज़ोर होने के कारण ऐसा हो सकता है।

उपाय: आप मंगलवार के दिन मां पार्वती के लिए यज्ञ-हवन करें।

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मूलांक 3

(अगर आपका जन्म किसी भी महीने की 3, 12, 21, 30 तारीख़ को हुआ है)

इस मूलांक वाले जातकों के खुले विचार हो सकते हैं और ये विचार इन्‍हें जीवन में आगे बढ़ने में मदद करेंगे।

प्रेम जीवन: इस सप्‍ताह आपके और आपके पार्टनर के बीच रिश्‍ते में खुशियां कम हो सकती हैं। अहंकार से संबंधित समस्‍याओं के कारण आपका रिश्‍ता प्रभावित हो सकता है।

शिक्षा: इस समय छात्रों की पढ़ाई में रुचि कम हो सकती है जिससे कुछ समय के लिए उनकी प्रगति रूक सकती है। इससे आप उच्‍च अंक प्राप्‍त करने में पीछे रह सकते हैं।

पेशेवर जीवन: नौकरीपेशा जातकों को इस समय अपने काम को लेकर सावधान रहने की ज़रूरत है। इस समय आपकी प्रगति धीमी रह सकती है। वहीं व्‍यापारियों को कम मुनाफे से ही खुद को संतुष्‍ट करना होगा।

सेहत: शारीरिक स्‍वास्‍थ्‍य की बात करें, तो आपको कोलेस्‍ट्रॉल की शिकायत हो सकती है। इससे बचने के लिए आपको वसायुक्‍त चीज़ों से परहेज़ करना चाहिए।

उपाय: आप बृहस्‍पतिवार के दिन बृहस्‍पति ग्रह के लिए यज्ञ-हवन करें।

मूलांक 4

(अगर आपका जन्म किसी भी महीने की 4, 13, 22, 31 तारीख़ को हुआ है)

इस मूलांक वाले जातक अधिक समझदार होते हैं। ये भौतिक चीज़ों को लेकर अधिक जुनून रख सकते हैं और इस पर दृढ़ता से विश्‍वास करते हैं।

प्रेम जीवन: इस सप्‍ताह आप अपने जीवनसाथी के साथ अधिक खुश नहीं रह पाएंगे। ऐसा आप दोनों के बीच अहंकार से संबंधित समस्‍याओं के कारण हो सकता है। आपको इस तरह की स्थिति से बचने की सलाह दी जाती है।

शिक्षा: इस समय छात्रों की पढ़ाई में रुचि कम हो सकती है एवं आपके उत्‍साह में भी कमी आ सकती है। इस वजह से आप इस सप्‍ताह शिक्षा के क्षेत्र में अच्‍छा प्रदर्शन नहीं कर पाएंगे।

पेशेवर जीवन: नौकरीपेशा जातक इस समय कार्यक्षेत्र में अपनी योग्‍यता दिखा पाने में असमर्थ हो सकते हैं जिससे परिणाम आपके पक्ष में नहीं मिल पाएंगे। यदि आप व्‍यापार करते हैं, तो आप उच्‍च मुनाफा कमाने में सक्षम हो सकते हैं।

सेहत: इस सप्‍ताह आपका शारीरिक स्‍वास्‍थ्‍य ज्‍यादा अच्‍छा नहीं रहने वाला है। आपकी ऊर्जा में कमी आने की आशंका है और इस वजह से आपके उत्‍साह में भी कमी आ सकती है।

उपाय: आप रोज़ 22 बार ‘ॐ राहवे नम:’ मंत्र का जाप करें।

मूलांक 5

(अगर आपका जन्म किसी भी महीने की 5, 14, 23 तारीख़ को हुआ है)

इस मूलांक वाले जातक तेजी से प्रगति करते हैं और शेयर मार्केट से मुनाफा कमाने में इनकी अधिक रुचि हो सकती है। इसके अलावा इन जातकों में अधिक जुनून देखने को मिल सकता है।

प्रेम जीवन: इस सप्‍ताह आप अपने पार्टनर से हंसी-मज़ाक करेंगे। इससे आप दोनों का रिश्‍ता मज़बूत होगा।

शिक्षा: प्रोफेशनल स्‍टडीज़ जैसे कि सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग, सॉफ्टवेयर टेस्टिंग की पढ़ाई कर रहे छात्र अच्‍छा प्रदर्शन करेंगे। इन विषयों में आप उच्‍च अंक प्राप्‍त कर सकते हैं।

पेशेवर जीवन: नौकरीपेशा जातक अपने कौशल को निखारने में सक्षम होंगे और इस तरह आपको अपने करियर में आगे बढ़ने का मौका मिलेगा। इस सप्‍ताह व्‍यापारी उच्‍च मुनाफा कमाने में सफल होंगे और अपने प्रतिद्वंदियों को कड़ी टक्‍कर देने में सक्षम होंगे।

सेहत: इस सप्‍ताह आपका स्‍वास्‍थ्‍य अच्‍छा रहने वाला है। आपके आत्‍मविश्‍वास और ऊर्जा के बढ़ने की वजह से ऐसा हो सकता है।

उपाय: आप रोज़ 41 बार ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ मंत्र का जाप करें।

मूलांक 6

(अगर आपका जन्म किसी भी महीने की 6, 15, 24 तारीख़ को हुआ है)

मूलांक 6 वाले जातकों का स्‍वभाव प्रेमपूर्ण होता है और इस वजह से इन्‍हें अधिक उत्‍साह एवं प्रसन्‍नता महसूस हो सकती है। इनकी लंबी दूरी की यात्रा करने में भी अधिक रुचि होती है।

प्रेम जीवन: इस सप्‍ताह आपके और आपके पार्टनर का रिश्‍ता मज़बूत होगा। आपको अपने जीवनसाथी के साथ अच्‍छा समय बिताने का मौका मिलेगा एवं आपके रिश्‍ते में खुशियां आएंगी।

शिक्षा: इस सप्‍ताह शिक्षा के क्षेत्र में छात्रों के कौशल की प्रशंसा हो सकती है। प्रोफेशनल स्‍टडीज़ जैसे कि सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग और टेस्टिंग जैसे विषय आपके लिए लाभकारी सिद्ध होंगे।

पेशेवर जीवन: इस सप्‍ताह आपको काम के सिलसिले में यात्रा करनी पड़ सकती है। ये यात्राएं आपके लिए फायदेमंद साबित होंगी और इनके माध्‍यम से आपको सफलता मिलेगी। इस समय व्‍यापारी अपने व्‍यवसाय के लिए कोई नई पद्धति अपना सकते हैं जिससे वे संतुष्‍ट महसूस करेंगे।

सेहत: इस समय आप फिट महसूस करेंगे और आप मानसिक एवं शारीरिक रूप से स्थिर रहेंगे। आत्‍मविश्‍वास से भरपूर होने की वजह से ऐसा हो सकता है।

उपाय: आप रोज़ 33 बार ‘ॐ भार्गवाय नम:’ मंत्र का जाप करें।

मूलांक 7 

(अगर आपका जन्म किसी भी महीने की 7, 16, 25 तारीख़ को हुआ है)

इस सप्‍ताह मूलांक 7 वाले जातकों की आध्‍यात्मिक कार्यों में अधिक रुचि हो सकती है। ये जातक आध्‍यात्मिक यात्रा पर भी जा सकते हैं।

प्रेम जीवन: इस समय आपके और आपके पार्टनर के बीच आकर्षण में कमी आने के संकेत हैं और इसकी वजह से आपके रिश्‍ते की सुख-शांति भंग हो सकती है।

शिक्षा: इस सप्‍ताह छात्रों का पढ़ाई पर से ध्‍यान भटक सकता है जिसकी वजह से उनका प्रदर्शन खराब रह सकता है।

पेशेवर जीवन: इस समय नौकरीपेशा जातकों के ऊपर काम का दबाव अधिक बढ़ सकता है। व्‍यापारियों को अपने प्रतिद्वंदियों से अचानक चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है।

सेहत: इस सप्‍ताह आपकी शारीरिक फिटनेस में कमी आने के संकेत हैं। संतुलित आहार न लेने की वजह से आपको पाचन से संबंधित समस्‍याएं घेर सकती हैं।

उपाय: आप रोज़ 41 बार ‘ॐ गणेशाय नम:’ मंत्र का जाप करें।

मूलांक 8 

(अगर आपका जन्म किसी भी महीने की 8, 17, 26 तारीख़ को हुआ है)

इस मूलांक वाले जातक अपने कार्यों के प्रति अधिक सचेत रहते हैं। इस सप्‍ताह इन्‍हें लंबी दूरी की यात्रा पर जाने का मौका मिल सकता है एवं ये अपने कार्यों के प्रति अधिक प्रतिबद्ध रह सकते हैं।

प्रेम जीवन: इस सप्‍ताह आप अपने पार्टनर से अपनी भावनाओं को व्‍यक्‍त करने में असमर्थ रह सकते हैं। आपका पार्टनर आपसे थोड़ी दूरी बनाकर रख सकता है।

शिक्षा: इस समय छात्र अपनी प्रतिभा को पहचानने में कठिनाई महसूस कर सकते हैं। इसके साथ ही आपको अपनी योग्‍यता और कौशल को समझने में दिक्‍कत आ सकती है।

पेशेवर जीवन: इस समय नौकरीपेशा जातकों के ऊपर अधिक कार्यभार हो सकता है जिससे उन्‍हें अपने काम को लेकर अत्‍यधिक तनाव से गुज़रना पड़ सकता है। इसकी वजह से आपको इस सप्‍ताह अपने करियर में सफलता मिल पाने की संभावना कम बनी हुई है। वहीं व्‍यापारियों को मुनाफा कमाने में अधिक सफलता नहीं मिल पाएगी।

सेहत: इस सप्‍ताह मूलांक 8 वाले जातकों का स्‍वास्‍थ्‍य ज्‍यादा अच्‍छा नहीं रहने वाला है क्‍योंकि उन्‍हें पैरों और जांघों में दर्द की शिकायत हो सकती है। इम्‍युनिटी के कमज़ोर होने की वजह से ऐसा हो सकता है।

उपाय: आप रोज़ 11 बार ‘ॐ हनुमते नम:’ मंत्र का जाप करें।

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मूलांक 9

(अगर आपका जन्म किसी भी महीने की 9, 18, 27 तारीख़ को हुआ है)

इस मूलांक वाले जातक सिद्धांतों पर चलना पसंद करते हैं और खुले विचारों वाले एवं सीधी बात करने वाले होते हैं। इसके अलावा ये जातक अनुशासन में रहते हैं।

प्रेम जीवन: इस सप्‍ताह आपके और आपके पार्टनर के बीच अहंकार से संबंधित समस्‍याएं उत्‍पन्‍न होने की आशंका है। इसकी वजह से आप अपने जीवनसाथी के साथ ज्‍यादा खुश नहीं रह पाएंगे।

शिक्षा: इस समय छात्रों की एकाग्रता में कमी आ सकती है इसलिए उन्‍हें अपने कौशल पर अधिक ध्‍यान देने की ज़रूरत है वरना वे उच्‍च अंक प्राप्‍त करने में पीछे रह सकते हैं।

पेशेवर जीवन: इस सप्‍ताह आप अपने कार्यक्षेत्र में अच्‍छे से काम करने में असमर्थ हो सकते हैं। इसके कारण आपको करियर में सफलता पाने में दिक्‍कत आ सकती है। यदि आप व्‍यापार करते हैं, तो इस समय आप अधिक लाभ कमाने और बिज़नेस में अग्रणी बनने में असफल हो सकते हैं।

सेहत: आपको इस समय नसों और मांसपेशियों में दर्द की शिकायत हो सकती है। इस वजह से आप शारीरिक रूप से फिट रहने में पीछे रह सकते हैं।

उपाय: आप मंगलवार के दिन मंगल ग्रह के लिए यज्ञ-हवन करें।

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अक्‍सर पूछे जाने वाले प्रश्‍न

प्रश्‍न 1.  लाइफ पाथ नंबर क्‍या होता है?

उत्तर. य‍ह अंक जन्‍म तिथि से निकाला जाता है। इससे व्‍यक्‍ति के स्‍वभाव और उद्देश्‍यों के बारे में पता चलता है।

प्रश्‍न 2. नामांक क्‍या होता है?

उत्तर. नामांक व्‍यक्‍ति के नाम के आधार पर निकाला जाता है।

प्रश्‍न 3. क्‍या अंक ज्‍योतिष भविष्‍यवाणी कर सकता है?

उत्तर. हां, इससे भविष्‍य के अवसरों, संभावनाओं एवं संकेतों के बारे में पता लगाया जा सकता है।

मीन राशि में वक्री बुध इन राशि वालों की छीन सकता है नौकरी, जानें कौन सी हैं वह राशियां!

मीन राशि में वक्री बुध इन राशि वालों की छीन सकता है नौकरी, जानें कौन सी हैं वह राशियां!

बुध मीन राशि में वक्री: वैदिक ज्योतिष में बुध देव को ऐसे ग्रह का दर्जा प्राप्त है जिनका शुभ-अशुभ प्रभाव मनुष्य जीवन को गहराई से प्रभावित करने की क्षमता रखता है। कुंडली में इनकी शुभ स्थिति जहाँ जातक को तेज़ बुद्धि और बेहतरीन संचार कौशल का आशीर्वाद देती है। वहीं, इनके अशुभ या कमज़ोर होने पर व्यक्ति अपनी भावनाओं या बात को दूसरे के सामने नहीं रख पाता है या फिर वह हकलाने लगता है। अब बुध देव मीन राशि में वक्री होने जा रहे हैं जो कि इनकी नीच राशि भी है और ऐसे में, इनकी चाल में होने वाला बदलाव का असर संसार और समस्त राशियों पर दिखाई देगा।  

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एस्ट्रोसेज एआई का यह विशेष ब्लॉग आपको बुध मीन राशि में वक्री से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान करेगा जैसे वक्री बुध का समय और तिथि आदि। यदि आप भी यह जानने के लिए उत्सुक हैं कि मीन राशि में बुध वक्री होने से किस राशि के जातकों को मिलेगी नौकरी में तरक्की? किन राशियों को होगा आर्थिक लाभ? किन राशियों का प्रेम जीवन बना रहेगा खुशहाल? इन सभी सवालों के जवाब आपको इस ब्लॉग में मिलेंगे जो कि हमारे विद्वान और अनुभवी ज्योतिषियों द्वारा बुध ग्रह की स्थिति, चाल और दशा का विश्लेषण करके तैयार किया गया है। चलिए अब बिना देर किए आगे बढ़ते हैं और जानते हैं बुध मीन राशि में वक्री के बारे में।

बुध मीन राशि में वक्री: तिथि और समय 

ज्योतिष शास्त्र में बुध देव को नवग्रहों का युवराज कहा जाता है इसलिए इनकी चाल, दशा या स्थिति में होने वाला बदलाव विशेष मायने रखता है। बता दें कि यह एक तेज़ गति से चलने वाला ग्रह है जिन्हें एक राशि से दूसरी राशि में जाने में लगभग 23 दिन का समय लगता है। अब  15 मार्च 2025 की सुबह 11 बजकर 54 मिनट पर मीन राशि में वक्री हो जाने जा रहे हैं। ऐसे में, बुध की वक्री चाल का प्रभाव राशि चक्र की 12 राशियों के साथ-साथ विश्व पर भी दिखाई देगा। साथ ही, इस अवधि में कई ग्रह बुध के साथ युति और योगों का निर्माण करेंगे। लेकिन, सबसे पहले जान लेते हैं कि क्या होता है बुध का वक्री होना। 

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क्या होता है ग्रह का वक्री होना?

जैसे कि हम सभी जानते हैं कि नवग्रहों में से सूर्य ग्रह को छोड़कर सभी ग्रह अपनी चाल या दशा    में बदलाव करते हुए उदय, अस्त और वक्री होते हैं। अगर हम बात करें ग्रह के वक्री होने की, तो ज्योतिष में किसी ग्रह का वक्री होना एक ऐसी घटना होती है जब कोई ग्रह अपनी सामान्य दिशा की बजाय उल्टी दिशा में चलता हुआ प्रतीत होता है, तो इसको ही ग्रह का वक्री होना कहते हैं। आपको बता दें कि वास्तव में कोई ग्रह उल्टा नहीं चलता है, लेकिन वह दूर से देखने पर उल्टा चलता हुआ प्रतीत होता है। वैदिक ज्योतिष की मानें तो, ग्रह की वक्री अवस्था जातक के जीवन को गहराई से प्रभावित करती है।

ज्योतिष में वक्री बुध का महत्व और प्रभाव 

सामान्य रूप से वक्री शब्द के साथ कई तरह के मिथक जुड़े हैं। शायद ही आप जानते होंगे कि  किसी भी ग्रह की वक्री अवस्था को शुभ नहीं माना जाता है। प्रत्येक ग्रह की वक्री चाल जातक को  अच्छे और बुरे दोनों तरह के परिणाम देने में सक्षम होती है। हालांकि, ग्रह के वक्री होने पर मिलने वाले परिणाम कुंडली में उस ग्रह की स्थिति पर निर्भर करते हैं। 

बता दें कि जब बुध देव वक्री हो जाते हैं, तो उस समय मनुष्य की सोचने समझने की क्षमता कमज़ोर पड़ जाती है और वाणी में कठोरता एवं रूखापन देखने को मिलता है। इसके अलावा, इस अवधि में गैजेट्स जैसे कि लैपटॉप, मोबाइल,  स्पीकर, कैमरा आदि खराब होने लगते हैं। व्यक्ति को जीवन के अन्य क्षेत्रों में भी उतार-चढ़ाव का सामना करना पड़ सकता है। साथ ही, आपसे कागजी काम और दस्तावेज़ों में भी गलतियां हो सकती हैं और काम के सिलसिले से की गई यात्राएं भी असफल रहने की संभावना होती हैं।

आइए अब आपको रूबरू करवाते हैं कुंडली में बुध ग्रह से बनने वाले शुभ योगों से। 

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कुंडली में बुध की स्थिति करती है इन शुभ योगों का निर्माण 

कुंडली में जब कोई ग्रह किसी विशेष भाव या दूसरे ग्रह के साथ उपस्थित होता है, तब शुभ योग का निर्माण होता है। यहां हम चर्चा करेंगे बुध ग्रह की उपस्थिति से कौन-कौन से शुभ योगों का निर्माण होता है, चलिए जानते हैं। 

बुधादित्य योग 

बुधादित्य राजयोग को एक बहुत ही शुभ योग माना जाता है जिसके निर्माण में सूर्य और बुध ग्रह महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। एक तरफ, जहां सूर्य ग्रह को आत्मा, सम्मान और पिता का कारक माना जाता है जबकि बुध देव ज्ञान, बुद्धि, और व्यापार के कारक माने गए हैं। साथ ही, एक नवग्रहों के राजा हैं और दूसरे नवग्रहों के युवराज हैं। ऐसे में, जब किसी व्यक्ति की कुंडली में सूर्य ग्रह और बुध ग्रह एक साथ एक भाव में बैठे होते हैं, तब बुधादित्य योग का निर्माण होता है। जिन जातकों की कुंडली में बुधादित्य योग जन्म लेता है, उन्हें समाज में मान-सम्मान की प्राप्ति होती है और वह व्यापार में अपार सफलता हासिल करता है। 

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पंच महापुरुष योग

कुंडली में निर्मित होने वाले पंच महापुरुष योग को अत्यंत शुभ माना जाता है और इसकी तुलना राजयोग से की जाती है। ज्योतिष के अनुसार, किसी व्यक्ति की कुंडली में जब गुरु, मंगल,  बुध, शनि और शुक्र में से कोई भी एक ग्रह या एक से ज्यादा ग्रह अपनी ही राशि में उच्च अवस्था में केंद्र में स्थित होता है, तो उस समय पंच महापुरुष योग निर्मित होता है। कुंडली में पंच महापुरुष योग जातक को धनवान बनाता है इसलिए इन्हें अपने जीवन में आर्थिक समस्याओं का सामना नहीं करना पड़ता है।

लक्ष्मी नारायण योग

लक्ष्मी नारायण योग को अति शुभ और फलदायी माना जाता है जो किसी इंसान की कुंडली में बुध और शुक्र ग्रह के एक साथ मौजूद होने पर बनता है। बुद्धि एवं वाणी के कारक बुध और सौंदर्य व विलासिता के ग्रह शुक्र जब एक साथ एक भाव में विराजमान होते हैं, तब इन दोनों ग्रहों की युति से लक्ष्मी नारायण योग का निर्माण होता है। ऐसा कहते हैं जिन जातकों की कुंडली में लक्ष्मी नारायण योग मौजूद होता है,  उनके जीवन में धन-ऐश्वर्य बना रहता है। साथ ही, आपके सौभाग्य में वृद्धि होती है। 

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बुध मीन राशि में वक्री: इन उपायों से पाएं बुध ग्रह से शुभ परिणाम 

दान

अगर आप कुंडली में बुध को बलवान करना चाहते हैं, तो बुधवार के दिन गरीब या जरूरतमंदों को हरी सब्जियां, हरी मूंग की दाल और हरे वस्त्र आदि दान करें। 

गणेश जी की पूजा

बुध ग्रह की शुभ स्थिति के लिए बुधवार का व्रत रखें और भगवान गणेश की पूजा-अर्चना करें। साथ ही, श्री गणेश को प्रसाद के रूप में मूंग के लड्डू का भोग लगाएं।

तुलसी का पौधा लगाएं 

बुध ग्रह के नकारात्मक परिणामों को कम करने के लिए बुधवार के दिन घर में तुलसी का पौधा लगाएं तथा इसकी पूजा नियमित रूप से करें। 

पन्ना रत्न

बुध महाराज को शांत करने के लिए पन्ना रत्न धारण करना फलदायी रहता है, लेकिन आप किसी अनुभवी ज्योतिषी की सलाह के बाद ही रत्न धारण करें। 

बुध मीन राशि में वक्री: राशि अनुसार प्रभाव और उपाय 

मेष राशि

मेष राशि के तीसरे और छठे भाव के स्‍वामी बुध ग्रह हैं जो कि अब इस राशि के बारहवें…(विस्तार से पढ़ें) 

वृषभ राशि

वृषभ राशि के दूसरे और पांचवे भाव के स्‍वामी बुध ग्रह हैं और अब वह आपके ग्‍यारहवें…(विस्तार से पढ़ें)

मिथुन राशि

मिथुन राशि के पहले और चौथे भाव के स्‍वामी बुध ग्रह हैं और अब वह आपके दसवें… (विस्तार से पढ़ें)

कर्क राशि

कर्क राशि के तीसरे और बारहवें भाव के स्‍वामी बुध ग्रह हैं और अब बुध मीन राशि में वक्री… (विस्तार से पढ़ें)

सिंह राशि

सिंह राशि के दूसरे और ग्‍यारहवें भाव के स्‍वामी बुध ग्रह हैं जो कि अब आपके… (विस्तार से पढ़ें) 

कन्या राशि

कन्या राशि के पहले और दसवें भाव के स्‍वामी बुध ग्रह हैं और अब बुध मीन राशि में… (विस्तार से पढ़ें)

कालसर्प दोष रिपोर्ट – काल सर्प योग कैलकुलेटर

तुला राशि

तुला राशि के नौवें और बारहवें भाव के स्‍वामी बुध ग्रह हैं जो कि अब आपके छठे भाव…(विस्तार से पढ़ें) 

वृश्चिक राशि 

वृश्चिक राशि के आठवें और ग्‍यारहवें भाव के स्‍वामी बुध ग्रह हैं और अब वह आपके… (विस्तार से पढ़ें) 

धनु राशि 

धनु राशि के सातवें और दसवें भाव के स्‍वामी बुध ग्रह हैं और अब बुध मीन राशि में … (विस्तार से पढ़ें)

मकर राशि

मकर राशि के छठे और नौवें भाव के स्‍वामी बुध ग्रह हैं और अब वह आपके तीसरे भाव में… (विस्तार से पढ़ें)

कुंभ राशि

कुंभ राशि के पांचवे और आठवें भाव के स्‍वामी बुध ग्रह हैं और अब बुध मीन राशि में वक्री होने…(विस्तार से पढ़ें)

मीन राशि

मीन राशि के पांचवे और आठवें भाव के स्‍वामी बुध ग्रह हैं और अब बुध मीन राशि… (विस्तार से पढ़ें)

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

1. बुध मीन राशि में कब वक्री होंगे?

बुध ग्रह 15 मार्च 2025 को मीन राशि में वक्री हो जाएंगे। 

2. ग्रह का वक्री होना किसे कहते हैं?

जब कोई ग्रह अपनी परिक्रमा पथ पर चलते हुए पीछे की तरफ या उल्टा चलता हुआ प्रतीत होता है, तो इसे ग्रह का वक्री होना कहते हैं।

3. बुध की उच्च राशि कौन सी है? 

ज्योतिष के अनुसार, बुध ग्रह मीन राशि में नीच अवस्था में होते हैं।

गुरु की राशि में आएंगे सूर्य, इन राशियों की बदल सकती है किस्मत; धन-संपदा का मिलेगा आशीर्वाद!

गुरु की राशि में आएंगे सूर्य, इन राशियों की बदल सकती है किस्मत; धन-संपदा का मिलेगा आशीर्वाद!

सूर्य का मीन राशि में गोचर: वैदिक ज्योतिष में सूर्य देव को प्रमुख एवं महत्वपूर्ण स्थान प्राप्त है। हम सभी इस बात को भली-भांति जानते हैं कि धरती पर सूर्य के बिना जीवन की कल्पना नहीं की जा सकती है। यह एकमात्र ऐसे हिंदू देवता है जो अपने भक्तों को प्रतिदिन साक्षात दर्शन देते हैं। साथ ही, नौ ग्रहों के जनक होने के नाते सूर्य की स्थिति में बदलाव देश-दुनिया को प्रभावित करता है। ऐसे में, जब सूर्य ग्रह की दशा, चाल और राशि में परिवर्तन होता है, तो उसे बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है। इसी क्रम में, आज हम अपने इस विशेष लेख में जल्द ही होने वाले सूर्य के गोचर के बारे में बात करेंगे और इससे संबंधित समस्त जानकारी प्रदान करेंगे।

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आपको बता दें कि मार्च के महीने में सूर्य मीन राशि में गोचर करने जा रहे हैं। हालांकि, सूर्य महाराज का यह गोचर कई मायनों में ख़ास होगा क्योंकि इस दौरान कई शुभ योगों का निर्माण होगा और मीन राशि में गोचर के साथ ही सूर्य अपना राशि चक्र पूरा कर लेंगे। सिर्फ इतना ही नहीं, इनका यह राशि परिवर्तन सभी 12 राशियों को किस तरह से प्रभावित करेगा और सूर्य के अशुभ प्रभाव को कम करने के लिए आप किन उपायों को कर सकते हैं? यह सारी जानकारी आपको इस लेख में विस्तारपूर्वक दी जा रही है। तो चलिए बिना देर किए शुरुआत करते हैं हमारा यह ब्लॉग और सबसे पहले जान लेते हैं सूर्य गोचर का समय और तिथि। 

सूर्य का मीन राशि में गोचर: तिथि और समय 

सूर्य का गोचर मीन राशि में हो रहा है जिसके अधिपति देव गुरु ग्रह हैं। ज्योतिष में गुरु ग्रह को सूर्य देव का मित्र माना जाता है इसलिए ऐसा कहना गलत नहीं होगा कि सूर्य का गोचर मित्र ग्रह की राशि में हो रहा है। बात करें सूर्य गोचर की, तो सूर्य महाराज अपने पुत्र शनि देव की राशि कुंभ से निकलकर 14 मार्च 2025 की शाम 06 बजकर 32 मिनट पर मीन राशि में गोचर कर जाएंगे। सूर्य की मीन राशि में उपस्थिति देश-दुनिया और विभिन्न राशियों के जातकों को प्रभावित करेंगी। वहीं, इनका यह गोचर कुछ राशियों के लिए शुभ और कुछ के लिए अशुभ रह सकता है। आइए अब हम आगे बढ़ते हैं और जानते है सूर्य के महत्व के बारे में। 

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ज्योतिषीय दृष्टि से सूर्य ग्रह 

सनातन धर्म में सूर्य देव को मंत्रिमंडल में राजा का दर्जा दिया गया है जबकि ज्योतिष शास्त्र में सूर्य का संबंध उच्च पद, मान-सम्मान और नेतृत्व क्षमता से माना जाता है। सभी 12 राशियों में सूर्य ग्रह के पास सिंह राशि का स्वामित्व है और इनकी उच्च राशि मेष है जबकि यह तुला राशि में नीच अवस्था में होते हैं।

कुंडली में सूर्य देव की स्थिति को लेकर विद्वान एवं अनुभवी ज्योतिषियों का मानना है कि जिन लोगों की जन्म कुंडली में सूर्य देव उच्च अवस्था में होते हैं या फिर मजबूत स्थिति में होते हैं, ऐसे जातकों को करियर के क्षेत्र में अपार सफलता प्राप्त होती हैं, समाज में ख़ूब मान-सम्मान हासिल करते हैं, जीवन में सभी तरह के लाभों की प्राप्ति होती हैं, प्रशासनिक लाभ भी मिलते हैं, इनका स्वास्थ्य उत्तम रहता है और सबसे महत्वपूर्ण अपने पिता के साथ इनके रिश्ते मधुर और मज़बूत रहते हैं।

वहीं दूसरी तरफ, ऐसे जातक जिनकी कुंडली में सूर्य महाराज कमजोर होते हैं या फिर दुर्बल अवस्था में मौजूद होते हैं, इन लोगों को जीवन में दिल और आंखों से जुड़ी समस्याएं परेशान करती हैं। साथ ही, पित्त और हड्डियों से संबंधित रोग भी बने रहते हैं और ऐसे में, आपको सूर्य ग्रह को शांत और मज़बूत करने के लिए कुछ सरल एवं अचूक उपाय करने की सलाह दी जाती है।

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कमज़ोर सूर्य कैसे करता है जीवन को प्रभावित?

ज्योतिष के अनुसार, कुंडली में प्रत्येक ग्रह के मज़बूत और कमज़ोर अवस्था में होने का सीधा असर मनुष्य जीवन पर पड़ता है। लेकिन, अगर किसी की कुंडली में सूर्य ग्रह कमजोर स्थिति में होता है, तो जातक को अपने जीवन में ऐसी कई परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है जिनके आधार पर सूर्य के कमज़ोर होने की आप पहचान कर सकते हैं। सूर्य की दुर्बल अवस्था आपको जीवन में किस तरह के परिणाम देती है, उसके बारे में हम आपको नीचे बताने जा रहे हैं। 

  • कुंडली में सूर्य देव के कमज़ोर होने पर समाज में जातक के मान-सम्मान में कमी आती है और अकारण ही समाज में इनकी छवि खराब होने लगती है। 
  • चाहे यह जातक सरकारी नौकरी पाने के लिए कितनी भी मेहनत और प्रयत्न कर लें, इनके हाथ असफलता ही लगती है। 
  • ऐसे लोगों के रिश्ते अपने पिता के साथ बिगड़ने शुरू हो जाते हैं। 
  • मान्यता है कि कुंडली में सूर्य ग्रह की अशुभ या कमज़ोर अवस्था पितृ दोष को जन्म देती है। जिन लोगों की कुंडली में सूर्य पीड़ित होता है, उन्हें अपने जीवन में पितृ दोष जैसे अशुभ दोष का सामना करना पड़ता है। हालांकि, ज्योतिष में पितृ दोष को शांत करने के लिए अनेक प्रकार के उपाय बताए गए हैं जिससे आप इस दोष से मुक्ति पा सकते है। 

आइए अब हम आपको अवगत करवाते हैं कि पितृ दोष कैसे बनता है और इसे कैसे शांत किया जा सकता है।

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कुंडली में कब और कैसे बनता है पितृ दोष? 

पितृ दोष का नाम ही लोगों को भयभीत करने के लिए काफ़ी होता है। अगर इसके अर्थ की बात करें, तो पितृ अर्थात पूर्वज और दोष यानी कि नकारात्मक कर्म। सामान्य शब्दों में कहें तो, पितृ दोष वह होता है जो व्यक्ति द्वारा जाने-अनजाने में पूर्वजों के लिए किए गए कर्मों से बनता है जिससे आपके पूर्वज नाराज़ हो गए हों। इस प्रकार, पूर्वजों की नाराज़गी से जो दोष उत्पन्न होता है, उसे पितृ दोष कहा जाता है। चलिए अब नज़र डालते हैं कुंडली में कब बनता है पितृ दोष। 

  • जब कुंडली में सूर्य, चंद्रमा और राहु नौवें भाव में होते हैं, तो जातक को पितृ दोष लग जाता है। 
  • कुंडली के चौथे भाव में केतु ग्रह की मौजूदगी पितृ दोष का सूचक होती है। 
  • सूर्य, चंद्रमा, राहु या केतु, मंगल या शनि जैसे अशुभ ग्रह पीड़ित होते हैं, तो कुंडली में पितृ दोष बनता है। 
  • अगर किसी परिवार पर पितृ दोष का प्रभाव होता है, तो घर-परिवार में विवाद, मतभेद और गलतफहमियां बढ़ने लगती हैं और आर्थिक समस्याएं तंग करने लगती हैं। 
  • पितृ दोष की वजह से जातक पुराने रोग या स्वास्थ्य संबंधित समस्याओं से परेशान रहता है और करियर में भी बाधाएं उत्पन्न होने लगती हैं। 
  • व्यक्ति की मानसिक शांति भंग हो जाती है। 

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पितृ दोष को दूर करने के लिए करें ये उपाय 

  • प्रतिदिन स्नान करने के बाद सूर्य देव को अर्घ्य दें।
  • पितृ पक्ष के दौरान नियमित रूप से अपने पूर्वजों को भोजन अर्पित करें। साथ ही, पितृ तर्पण भी करें। 
  • जातक अपने सामर्थ्य के अनुसार पीले या लाल रंग के वस्त्र, गेहूं, गुड़, तांबे के बर्तन, लाल चंदन और माणिक्य दान करें।  
  • पितृ दोष से मुक्ति के लिए जातक अपने पूर्वजों का आशीर्वाद लें और उनसे जाने-अनजाने में हुई गलती के लिए क्षमा मांगे। 
  • अगर आप चाहें तो, कुंडली में पितृ दोष के अशुभ प्रभावों से राहत या फिर सूर्य ग्रह को बलवान बनाने के लिए किसी विशेषज्ञ ज्योतिषी से भी सलाह ले सकते हैं ।
  • प्रतिदिन आदित्य हृदय स्त्रोत का पाठ करें। 
  • रोज़ाना भगवान विष्णु की कृपा प्राप्ति के लिए 11 बार उनके मंत्र का जाप करें। 

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सूर्य का मीन राशि में गोचर राशि अनुसार प्रभाव और उपाय 

मेष राशि

मेष राशि के छठे भाव के स्‍वामी सूर्य ग्रह हैं और अब वह आपके बारहवें भाव में गोचर… (विस्तार से पढ़ें)

वृषभ राशि

वृषभ राशि के चौथे भाव के स्‍वामी सूर्य देव हैं और अब सूर्य का मीन राशि में गोचर होने…(विस्तार से पढ़ें)

मिथुन राशि

मिथुन राशि के तीसरे भाव के स्‍वामी सूर्य ग्रह हैं और सूर्य का मीन राशि में … (विस्तार से पढ़ें)

कर्क राशि

कर्क राशि के दूसरे भाव के स्‍वामी सूर्य देव हैं और अब सूर्य का मीन राशि में गोचर करने…(विस्तार से पढ़ें)

सिंह राशि

सिंह राशि के पहले भाव के स्‍वामी सूर्य देव हैं और अब सूर्य का मीन राशि में गोचर होने पर…(विस्तार से पढ़ें)

कन्या राशि

कन्‍या राशि के बारहवें भाव के स्‍वामी सूर्य देव हैं और अब वह आपके सातवें भाव में … (विस्तार से पढ़ें)

तुला राशि

तुला राशि के ग्यारहवें भाव के स्‍वामी सूर्य देव हैं और अब वह आपके नौवें भाव में गोचर करने… (विस्तार से पढ़ें) 

वृश्चिक राशि 

वृश्चिक राशि के दसवें भाव के स्‍वामी सूर्य देव हैं और अब सूर्य का मीन राशि में गोचर होने… (विस्तार से पढ़ें) 

धनु राशि 

धनु राशि के नौवें भाव के स्‍वामी सूर्य देव हैं और अब सूर्य का मीन राशि में गोचर होने पर वह…(विस्तार से पढ़ें)

मकर राशि

मकर राशि के आठवें भाव के स्‍वामी सूर्य देव हैं और अब वह आपके तीसरे भाव में गोचर…(विस्तार से पढ़ें)

कुंभ राशि

कुंभ राशि के सातवें भाव के स्‍वामी सूर्य देव हैं और अब इस गोचर के दौरान वह आपके दूसरे…(विस्तार से पढ़ें)

मीन राशि

मीन राशि छठे भाव के स्‍वामी सूर्य देव हैं और अब सूर्य का मीन राशि में गोचर होने के दौरान… (विस्तार से पढ़ें)

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इसी आशा के साथ कि, आपको यह लेख भी पसंद आया होगा एस्ट्रोसेज के साथ बने रहने के लिए हम आपका बहुत-बहुत धन्यवाद करते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

2025 में सूर्य का मीन राशि में गोचर कब होगा? 

इस साल सूर्य देव का मीन राशि में गोचर 14 मार्च 2025 को होगा। 

ज्योतिष में सूर्य ग्रह कौन हैं?

ज्योतिष शास्त्र में सूर्य देव को नवग्रहों के राजा, आत्मा और पिता के कारक ग्रह माना गया है।

मीन राशि का स्वामी कौन है?

गुरु ग्रह को मीन राशि पर स्वामित्व प्राप्त है।

होली 2025 पर बनेंगे 4 बेहद शुभ योग, राशि अनुसार लगाएं ये रंग; धन-समृद्धि की होगी वर्षा!

होली 2025 पर बनेंगे 4 बेहद शुभ योग, राशि अनुसार लगाएं ये रंग; धन-समृद्धि की होगी वर्षा!

हिंदू धर्म का प्रमुख पर्व है होली जिसे रंगों का त्योहार भी कहते हैं। यह रंगों, ख़ुशियों, उमंग और उत्साह का पर्व है। होली बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है जो लगातार दो दिनों तक चलता है। हर साल फाल्गुन माह की पूर्णिमा तिथि पर होलिका दहन किया जाता है और इसके बाद, होली को पूरे हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। लोग जोश एवं उत्साह के साथ एक-दूसरे को रंग, अबीर और गुलाल लगाते हैं। हालांकि, होली से 8 दिन पहले होलाष्टक लग जाता है और इस दौरान किसी भी शुभ कार्य को करना वर्जित होता है। एस्ट्रोसेज एआई के इस लेख में आपको होली 2025 से संबंधित सारी जानकारी प्राप्त होगी। 

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होली का इंतज़ार लोगों को सालभर रहता है और इसे न सिर्फ भारत में बल्कि विदेशों में भी धूमधाम से मनाया जाता है। यह पर्व खुशहाली और अपनापन लेकर आता है। होली 2025 के इस लेख में हम आपको बताएंगे होलिका दहन की तिथि और कब है रंग वाली होली? इस पर्व का धार्मिक महत्व और सबसे ख़ास होली 2025 पर राशि अनुसार किस रंग से होली खेलकर आप अपने जीवन में सुख- सौभाग्य लेकर आ सकते हैं, इसलिए इस ब्लॉग को अंत तक पढ़ना जारी रखें। 

2025 में कब है होली?

होली उत्सव का पहला दिन बुराई पर अच्छाई की जीत के रूप में मनाया जाता है जिसे होलिका दहन कहते हैं। इसके अगले दिन यानी कि चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि पर रंगों वाली होली खेली जाती है। हालांकि, साल 2025 में इस दिन चंद्र ग्रहण भी लगेगा, लेकिन भारत में न दिखाई देने के कारण होली का पर्व बिना किसी समस्या के मनाया जा सकेगा। होली 2025 बेहद शुभ रहेगी क्योंकि इस दिन कई शुभ संयोग भी बन रहे हैं जिनके बारे में आगे बात करेंगे।

होली 2025 तिथि: 14 मार्च 2025, शुक्रवार

होलिका दहन 2025 की तिथि: 13 मार्च 2025, गुरुवार  

पूर्णिमा तिथि का आरंभ: 13 मार्च 2025 की सुबह 10 बजकर 38 मिनट से, 

पूर्णिमा तिथि समाप्त: 14 मार्च 2025 की दोपहर 12 बजकर 27 मिनट तक। 

चलिए अब नज़र डालते हैं होली 2025 पर बन रहे शुभ संयोगों पर। 

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होली पर बनेंगे ये बेहद शुभ योग

ज्योतिष में किसी विशेष दिन या त्योहार पर कोई शुभ योग बनता है, तो उस पर्व का महत्व कई गुना बढ़ जाता है। इसी क्रम में, होली 2025 कई मायनों में विशेष रहने वाली है क्योंकि इस दिन  एक नहीं अनेक शुभ योगों का निर्माण हो रहा है। बता दें कि होली पर त्रिग्रही योग, बुधादित्य राजयोग, नीच भंग राजयोग और लक्ष्मी नारायण राजयोग बन रहे हैं। 

मीन राशि में शुक्र, बुध और सूर्य के एक साथ होने से त्रिग्रही योग बनेगा जबकि इसी राशि में शुक्र और बुध के युति करने से लक्ष्मी नारायण राजयोग बनेगा। हालांकि, सूर्य के मीन राशि में प्रवेश करने के साथ ही सिर्फ एक दिन के लिए बुधादित्य योग का निर्माण होगा जो कि होलिका दहन के अगले दिन छोटी होली अर्थात 14 मार्च 2025 को बनेगा। होली 2025 पर बन रहे शुभ योगों की वजह से जातकों के जीवन में सुख-समृद्धि का आगमन होगा और सफलता आपके कदम चूमेगी। वहीं, यह अवधि नए काम को शुरू करने या नए व्यापार का आरंभ करने के लिए सर्वश्रेष्ठ रहेगी। साथ ही, जातकों की बुद्धि भी तेज़ होगी। 

होली 2025 का धार्मिक महत्व 

साल भर में आने वाले सबसे बड़े और प्रमुख पर्वों में से एक है होली का त्योहार। धार्मिक दृष्टि से, होलिका दहन और होली दोनों ही दिन अत्यंत विशेष होते हैं। पहले दिन होलिका दहन करने का विधान है और दूसरे दिन रंगों की होली खेली जाती है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, होली का पर्व भगवान श्रीकृष्ण को सर्वाधिक प्रिय है इसलिए इस दिन देशभर और विशेष कर श्रीकृष्ण की जन्म स्थान ब्रज और मथुरा में रंगवाली होली को देखने के लिए दूर-दूर से लोग आते हैं। एक महीने पहले से ही यहां होली की शुरुआत हो जाती है। 

इसके अलावा, होली को वसंत ऋतु में मनाया जाता है जो कि सर्दियों के अंत का प्रतीक मानी जाती है। बदलते समय के साथ अब होली विश्वभर में मनाई जाने लगी है। इस दिन बुराई पर अच्छाई ने विजय प्राप्त की थी इसलिए इस दिन अग्नि जलाई जाती है और भगवान विष्णु के प्रति भक्त प्रहलाद की निस्वार्थ भक्ति की विजय का जश्न मनाया जाता है। धार्मिक मान्यताओं की बात करें, तो होली का पर्व देवी-देवताओं की पूजा-अर्चना करने और मंत्रों का जाप करने के लिए उत्तम होता है, इससे जातक को विशेष लाभ की प्राप्ति होती है। साथ ही, आपके जीवन से समस्याओं का अंत होता है।

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होली का सांस्कृतिक महत्व 

होली का पर्व सच्चाई और भक्ति की शक्ति को दर्शाता है क्योंकि इसके बल पर ही अच्छाई ने बुराई पर जीत प्राप्त की थी। हिरण्यकश्यप और प्रह्लाद की कथा से यह संदेश मिलता है कि भगवान की भक्ति सदैव अपने सच्चे भक्त की रक्षा करती है। साथ ही, लोगों को अपने जीवन में अच्छाई और सच्चाई का पालन करने के लिए प्रेरित करती हैं। इसके अलावा, होली के समय खेत में फसल खिलखिला रही होती है और अच्छी फसल लोगों को होली की खुमारी में डूबने का एक अच्छा कारण देती है। 

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कैसे मनाया जाता है होली का त्योहार?

  • देश भर में होली के नामों के साथ-साथ इसको मनाने के तरीकों में भी अंतर देखने को मिलता है। भारत के ही विभिन्न क्षेत्रों की बात करें तो, मध्यप्रदेश के मालवा में होली के पांचवें दिन रंगपंचमी का त्योहार मनाया जाता है जो कि होली से भी कई गुना अधिक उत्साह से खेली जाती है। 
  • रंग पंचमी के बाद होली की असली रौनक भगवान कृष्ण की ब्रज भूमि में दिखाई देती है, विशेष रूप से बरसाना की लट्ठमार होली हमेशा से आकर्षण का केंद्र रही है। मथुरा और वृंदावन में एक माह पहले से होली शुरू हो जाती है। 
  • हरियाणा में भाभी के देवर को सताने की परंपरा है और वहीं, महाराष्ट्र में रंगपंचमी पर सूखे गुलाल से होली खेली जाती है। 
  • दक्षिण गुजरात में रहने वाले आदिवासियों के लिए होली प्रमुख पर्व है। छत्तीसगढ़ में होली पर लोक-गीत गाए जाते हैं जबकि मालवांचल में भगोरिया मनाया जाता है।

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होली 2025 पर राशि अनुसार रंगों से खेलें होली, चमक उठेगी तकदीर 

मेष राशि

मेष राशि वालों के लिए होली 2025 पर लाल रंग से होली खेलना फलदायी रहेगा और आपके भाग्य को बढ़ाएगा। 

वृषभ राशि 

वृषभ राशि वाले इस होली अगर आप सुख-सौभाग्य को पाना चाहते हैं, तो आपको पीले और पीले से मिलते-जुलते रंगों से होली खेलनी चाहिए। 

मिथुन राशि 

मिथुन राशि के जातकों के लिए होली के दिन हरे रंग से होली खेलना शुभ रहेगा और आपको हर कदम पर किस्मत का साथ मिलेगा। 

कर्क राशि 

कर्क राशि वालों को लाल और गुलाबी रंग से होली खेलनी चाहिए क्योंकि ऐसा करने से आपके धन-समृद्धि में वृद्धि होगी।

सिंह राशि 

सिंह राशि के जातक अपने जीवन से समस्याओं के अंत के लिए ऑरेंज या संतरी रंग से होली खेलें।

कन्या राशि

कन्या राशि वालों को अपनी ज़िन्दगी में खुशहाली बनाए रखने के लिए पीले और हरे रंग से होली खेलना उत्तम रहेगा।

तुला राशि

तुला राशि के जो जातक जीवन के किसी भी क्षेत्र में आ रही बाधाओं से परेशान हैं, तो गुलाबी रंग से होली खेलने की सलाह दी जाती है। 

वृश्चिक राशि

वृश्चिक राशि वालों को सुख-शांति से पूर्ण जीवन का आनंद लेने के लिए लाल रंग से होली खेलनी चाहिए।

धनु राशि 

धनु राशि के जिन जातकों को करियर या व्यापार में समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है, उन्हें पीले रंग से होली खेलने से उत्तम परिणामों की प्राप्ति होगी।

मकर राशि

मकर राशि वाले होली 2025 पर अपने प्रियजनों और करीबियों को रंग लगाने के लिए नीले रंग का इस्तेमाल करें। इससे आपको लाभ की प्राप्ति होगी।

कुंभ राशि

कुंभ राशि वालों को धन-धान्य एवं समृद्धि की प्राप्ति के लिए गहरे नीले रंग से होली खेलनी चाहिए। ऐसा करने से आपको शुभ फल प्राप्त होंगे। 

मीन राशि 

मीन राशि के जातक करियर में तरक्की पाने के लिए होली पर गोल्डन या पीले रंग का इस्तेमाल करें। ऐसा करने से आपको सकारात्मक परिणामों की प्राप्ति होगी। 

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हम उम्मीद करते हैं कि आपको हमारा यह ब्लॉग ज़रूर पसंद आया होगा। अगर ऐसा है तो आप इसे अपने अन्य शुभचिंतकों के साथ ज़रूर साझा करें। धन्यवाद!

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

1. होली क्यों मनाई जाती है?

होली को बुराई पर अच्छाई की जीत के रूप में मनाया जाता है। 

2. इस साल कब है रंग वाली होली?

वर्ष 2025 में रंग वाली होली 14 मार्च 2025, शुक्रवार के दिन मनाई जाएगी। 

3. धुलेंडी कब है 2025 में?

साल 2025 में धुलेंडी का पर्व 13 मार्च 2025, गुरुवार को मनाया जाएगा।

होली के शुभ दिन लगने जा रहा है साल का पहला चंद्र ग्रहण, जानें अपने जीवन पर इसका प्रभाव?

होली के शुभ दिन लगने जा रहा है साल का पहला चंद्र ग्रहण, जानें अपने जीवन पर इसका प्रभाव!

एस्ट्रोसेज एआई अपने पाठकों के लिए “चंद्र ग्रहण 2025” का यह विशेष ब्लॉग लेकर आया है जिसके अंतर्गत आपको चंद्र ग्रहण से जुड़ी सारी जानकारी प्राप्त होगी जैसे तिथि, समय आदि। बता दें कि यह साल 2025 का पहला चंद्र ग्रहण होगा। हम इस लेख में चंद्र ग्रहण के शुरू और समाप्त होने के समय के साथ-साथ यह ग्रहण भारत सहित देश-दुनिया में कहां-कहाँ दिखाई देगा और क्या सूतक काल मान्य होगा, इस बारे में भी विस्तार से चर्चा करेंगे। साथ ही, सूर्य और चंद्र ग्रहण के बीच क्या है अंतर? इस दौरान किन सावधानियों को बरतना चाहिए और किन उपायों को करके आप ग्रहण के नकारात्मक प्रभावों को कम कर सकते हैं, इससे भी हम आपको रूबरू करवाएंगे। बता दें कि वर्ष 2025 का यह चंद्र ग्रहण होली के दिन लगने जा रहा है और इस दिन कई शुभ योगों का निर्माण हो रहा है। आइए तो बिना देर किये आगे बढ़ते हैं और शुरुआत करते हैं चंद्र ग्रहण 2025 स्पेशल इस लेख की। 

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चंद्र ग्रहण 2025: तिथि और समय 

साल 2025 का पहला चंद्र ग्रहण 14 मार्च 2025 को लगने जा रहा है और यह ग्रहण सुबह 10 बजकर 41 मिनट से शुरू होकर 02 बजकर 18 मिनट पर ख़त्म होगा। इस ग्रहण के समय चंद्र ग्रह कन्या राशि में और उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र में विराजमान होगा।

चंद्र ग्रहण 2025: क्या होता है चंद्र ग्रहण? 

जब पृथ्वी, सूर्य और चंद्रमा के बीच आ जाती है और इससे सूर्य का प्रकाश चंद्रमा तक नहीं पहुंच पाता है, तो इस खगोलीय घटना को चंद्र ग्रहण कहा जाता है। सूर्य और चंद्रमा के मध्य पृथ्वी के आने की वजह से चंद्रमा पर पृथ्वी की छाया बनती है। बता दें कि सामान्य रूप से चंद्र ग्रहण तीन तरह के होते हैं जो कि इस प्रकार हैं:

पूर्ण चंद्र ग्रहण: जब चंद्रमा का पूरा हिस्सा पृथ्वी द्वारा ढक लिया जाता है, तो इस स्थिति को पूर्ण चंद्र ग्रहण कहते हैं। इस दौरान चंद्रमा का रंग लाल हो जाता है क्योंकि पृथ्वी सूर्य की रोशनी को फैला देती है और चन्द्रमा तक सूर्य का प्रकाश लाल तरंगों के बीच पहुंचता है।

आंशिक चंद्र ग्रहण: जब पृथ्वी चंद्रमा के केवल आंशिक भाव को ही ढक पाती है, तो इसे आंशिक चंद्र ग्रहण कहा जाता है।

उपच्छाया चंद्र ग्रहण: जब चंद्रमा पृथ्वी की उपच्छाया से होकर गुजरता है, तो इस समय चंद्रमा पर पड़ने वाली सूर्य की रोशनी कुछ अपूर्ण होती है और इस समय चंद्रमा का प्रकाश कुछ धुंधला पड़ जाता है, तो इसको ही उपच्छाया चंद्र ग्रहण कहते हैं। 

हालांकि, आपको बता दें कि चंद्र ग्रहण को नग्न आंखों से देखा जा सकता है, लेकिन सूर्य ग्रहण को देखने के लिए सुरक्षा बरतनी होती है। अगर चंद्र ग्रहण आपके देश में लग रहा है, तो आप इसे रात के समय देख सकते हैं। 

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चंद्र ग्रहण 2025: दृश्यता और सूतक काल 

तिथिदिन तथा दिनांकचंद्र ग्रहण चंद्र ग्रहण शुरू होने का समय चंद्र ग्रहण समाप्त होने का समयकहाँ-कहाँ दिखाई देगा
फाल्गुन मास शुक्ल पक्ष पूर्णिमातिथि 14 मार्च 2025, शुक्रवारसुबह 10: 41 बजे सेदोपहर 02:18 बजे तकऑस्ट्रेलिया का अधिकांश भाग, यूरोप, अफ्रीका का अधिकांश भाग, उत्तरी और दक्षिणी अमेरिका, प्रशांत, अटलांटिक आर्कटिक महासागर, पूर्वी एशिया और अंटार्कटिका(भारत में दिखाई नहीं देगा)

चंद्र ग्रहण 2025: सूतक काल

हिंदू धर्म में सूतक काल को महत्वपूर्ण माना जाता है और संभव है कि हमारा यह लेख पढ़ने वाले कुछ पाठकों को सूतक के विषय में जानकारी न हो। हिंदू मान्यताओं के अनुसार, यहां हम चंद्र ग्रहण 2025 के सूतक काल के बारे में विस्तार से बात करेंगे। सूतक काल ऐसा समय होता है जिसका आरंभ चंद्र ग्रहण से कुछ समय (09 घंटे) पहले हो जाता है और ग्रहण की समाप्ति के साथ ही सूतक समाप्त हो जाता है। सूतक को अशुभ माना गया है इसलिए इस दौरान किसी भी शुभ कार्य को नहीं किया जाता है क्योंकि इस अवधि में शुभ एवं मांगलिक काम वर्जित होते हैं। इस दौरान देवी-देवताओं की प्रतिमा को स्पर्श करना, मंदिर जाना और शादी या मुंडन जैसे मांगलिक कार्य करना निषेध होता है। हालांकि, यह चंद्र ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा इसलिए सूतक काल भी मान्य नहीं होगा।

चंद्र ग्रहण 2025: होली पर बनेंगे ये चार बेहद दुर्लभ योग 

लक्ष्मी नारायण योग

कुंडली में जब बुध ग्रह और शुक्र देव या फिर गुरु ग्रह और बुध महाराज एक साथ एक राशि में बैठे होते हैं, उस समय लक्ष्मी नारायण योग का निर्माण होता है। अब बुध और शुक्र ग्रह दोनों एक साथ मीन राशि में साथ मौजूद होंगे जिसका सीधा लाभ मिथुन राशि, वृषभ राशि, धनु राशि के साथ-साथ कन्या राशि पर पड़ेगा। इन राशि के जातकों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। 

ज्योतिष में लक्ष्मी नारायण योग को बहुत शुभ राजयोग माना गया है। जो जातक अपने कार्यों में ईमानदारी और समर्पण के साथ प्रयास करते हैं, उनके  जीवन में धन-समृद्धि में वृद्धि होने की प्रबल संभावना है। 

त्रिग्रही योग

मार्च माह में एक ऐसी स्थिति बनेगी जब मीन राशि में तीन ग्रह सूर्य, बुध और शुक्र ग्रह मौजूद होंगे। इसी क्रम में, होली यानी कि 14 मार्च, 2025 के दिन मीन राशि में एक साथ तीन ग्रह उपस्थित होंगे और ऐसे में, यह तीन ग्रह त्रिग्रही योग का निर्माण करेंगे। यह योग अगर कुंडली के केंद्र भावों (1,4,7,10) में बनता है, तो जातक को सफल करियर, करियर में अच्छे अवसर, सुखी वैवाहिक जीवन और एक स्थिर एवं मज़बूत आर्थिक स्थिति प्रदान करता है। लेकिन, यहां गौर करने वाली बात है कि मीन राशि में चंद्र ग्रहण नहीं लग रहा है, इसलिए इन योगों से मिलने वाले परिणामों पर ग्रहण का अशुभ प्रभाव नहीं पड़ेगा।

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बुधादित्य योग

ज्योतिष शास्त्र में बुधादित्य योग को बहुत ही शुभ और शक्तिशाली योग माना जाता है। यह योग कुंडली में उस समय बनता है जब बुध और सूर्य एक राशि में एक भाव में साथ बैठे होते हैं। बुधादित्य योग को शुभ योग का दर्जा प्राप्त है क्योंकि सूर्य और बुध दोनों ही ग्रह बुद्धि, संचार कौशल और शक्ति को दर्शाते हैं और ऐसे में, बुधादित्य योग के निर्माण से इन गुणों के प्रभाव में वृद्धि होती है।

नीचभंग राजयोग

नीचभंग राजयोग को ऐसा योग माना जाता है जो कुंडली में किसी ग्रह की नीच अवस्था को भंग करता है। इस योग से जातक को जीवन में शक्ति, धन-समृद्धि और सफलता की प्राप्ति होती है। इस साल नीचभंग राजयोग का निर्माण मीन राशि में बुध (नीच अवस्था) और शुक्र (उच्च अवस्था) द्वारा हो रहा है।

चंद्र ग्रहण 2025: सभी 12 राशियों के लिए राशि अनुसार भविष्यवाणी 

मेष राशि

साल का पहला चंद्र ग्रहण कन्या राशि के अंतर्गत उत्तराफालुनी नक्षत्र में लगने जा रहा है। मेष राशि उन राशियों में से है जिनके जातकों को ग्रहण सबसे ज्यादा नकारात्मक रूप से प्रभावित करेगा। इस अवधि में मेष राशि वालों को सिरदर्द, माइग्रेन, उल्टी, मूड स्विंग और तनाव जैसी समस्याएं घेर सकती हैं। साथ ही, घर-परिवार में भी अशांति का माहौल बन सकता है। आपकी माता के साथ आपके टकराव की स्थिति जन्म ले सकती है। इसके अलावा, ग्रहण के पहले, ग्रहण के दौरान और ग्रहण के बाद इस राशि के छात्रों को पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित करने में समस्या का अनुभव हो सकता है। ऐसे में, आपको ध्यान करने की सलाह दी जाती है। 

वृषभ राशि

वृषभ राशि वालों की कुंडली में चंद्र ग्रहण 2025 का असर आपके रचनात्मकता और कार्य-व्यापार के भाव यानी कि पांचवें भाव पर पड़ेगा। इस अवधि में आपको मानसिक समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में, इन जातकों को अपनी पुरानी इच्छाओं और नीतियों को छोड़कर एक नए दृष्टिकोण को अपनाना होगा। इस समय आपको दूसरों के सामने खुद को व्यक्त करने में परेशानी हो सकती है इसलिए आप रचनात्मक कार्यों या फिर मार्केटिंग से संबंधित कामों को अपने हाथ में लेने से बचें। 

मिथुन राशि

चंद्र ग्रहण 2025 का प्रत्यक्ष प्रभाव मिथुन राशि वालों के चौथे भाव पर पड़ेगा जो कि लक्ज़री, सुख-सुविधाओं और माता का भाव होता है। इस दौरान आपको अपनी माता की सेहत को लेकर सावधान रहना होगा और उनका ध्यान रखना होगा। आपकी माता को सर्दी, एलर्जी, फेफड़ों की बीमारी, डायबिटीज जैसे रोग अपना शिकार बन सकता है। इसके अलावा, इन जातकों के घर-परिवार का माहौल ख़राब रह सकता है इसलिए आपको अपने व्यवहार पर ध्यान देना होगा कि आप घर पर कैसा व्यवहार करते हैं। साथ ही, परिवार में प्रेम और सौहार्द बनाए रखने की कोशिश करें। इस ग्रहण का असर आपके पेशेवर जीवन के भाव यानी कि दसवें भाव पर भी पड़ेगा इसलिए आपको बॉस और सहकर्मियों के साथ बात करते समय बहुत सतर्कता बरतनी होगी। 

कर्क राशि

चंद्र ग्रहण और कुंडली में बन रही चंद्रमा-केतु की युति का प्रभाव कर्क राशि वालों के तीसरे भाव को प्रभावित कर सकता है जो कि साहस को दर्शाता है। ऐसे में, आपको जीवन के बड़े फैसले लेने से बचना होगा क्योंकि इस समय आपका आत्मविश्वास कमज़ोर रहेगा और आप खुद पर संदेह करते हुए दिखाई दे सकते हैं। इसके परिणामस्वरूप, आपके द्वारा सही निर्णय लेने की संभावना बहुत कम है। कर्क राशि के जातकों का मन इस समय उदासीनता से भरा रह सकता है और ऐसे में, आपका अपनी पसंद का काम करने का भी मन नहीं करेगा, इसलिए आपको खुद को और अपनी पसंद की चीज़ों को वक़्त देने की सलाह दी जाती है।

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सिंह राशि

सिंह राशि के जातकों की कुंडली में चंद्र देव और केतु ग्रह आपके दूसरे भाव में मौजूद होंगे। ऐसे में, इस स्थिति का नकारात्मक प्रभाव आपकी बचत और धन से जुड़े मामलों पर पड़ सकता है। साथ ही, इन लोगों के खर्चे भी बेतहाशा बढ़ने की संभावना है और आपको अपने शब्दों को लेकर बहुत सावधान रहना होगा क्योंकि आपकी बातों का गलत अर्थ निकाला जा सकता है या फिर समाज में आपके इरादों पर सवाल खड़े किये जा सकते हैं। आपकी राशि में दरिद्र योग भी बन रहा है। 

कन्या राशि

कन्या राशि वालों की कुंडली में केतु और चंद्र ग्रह की युति का निर्माण आपके लग्न/पहले भाव में हो रहा है। इसके फलसवरप, इन जातकों को जीवन में समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। साथ ही, सिर दर्द और माइग्रेन जैसी स्वास्थ्य समस्याएं आपको अपनी चपेट में ले सकती हैं इसलिए अपना ध्यान रखें।  

तुला राशि

चंद्र ग्रहण 2025 तुला राशि वालों को जीवन में विदेश से व्यापार और धर्म-कर्म के कार्यों से संतुष्टि देने का काम करेगा। इस अवधि में आपका आत्मविश्वास मज़बूत होगा और आप अपनी चमक बिखेरते हुए दिखाई देंगे। हालांकि, इन लोगों को परिवार के सदस्यों की सेहत पर विशेष रूप से ध्यान देना होगा क्योंकि उन्हें स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याएं परेशान कर सकती हैं। हालांकि, आपका आत्मविश्वास आपको इन सभी समस्याओं से बाहर आने में सहायता करेगा। इसके अलावा, तुला राशि के लोगों को अपने सामाजिक जीवन के साथ-साथ अपने बड़े भाई-बहनों के साथ रिश्ते पर भी ध्यान देने की सलाह दी जाती है क्योंकि आपको कुछ उतार-चढ़ावों का सामान करना पड़ सकता है। 

वृश्चिक राशि 

वृश्चिक राशि वालों को चंद्र ग्रहण के दौरान चोरी, रोग, कर्ज़ या फिर अज्ञात शत्रुओं की तरफ से समस्याओं से दो-चार होना पड़ सकता है। बता दें कि वृश्चिक राशि के जातकों के लिए चंद्र देव आपके नौवें भाव के स्वामी हैं और ऐसे में, आपको भाग्य का साथ न मिलने की आशंका है। आप पर कर्ज़ बढ़ सकता है और आर्थिक समस्याएं भी आप पर हावी हो सकती है। कार्यक्षेत्र में भी आपको सहकर्मियों या प्रतिद्वंदियों की तरह से परेशानियां बढ़ सकती हैं। साथ ही, इन जातकों का पिता, टीचर या मेंटर के साथ विवाद हो सकता है और ऐसे में, आपको सावधान रहना होगा। 

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धनु राशि 

चंद्र ग्रहण 2025 की अवधि में धनु राशि के जातकों को मानसिक और मूड स्विंग जैसी समस्याएं परेशान कर सकती हैं क्योंकि चंद्र देव आपकी कुंडली के आठवें भाव के स्वामी हैं जो आपके दसवें भाव में मौजूद होंगे। ऐसे में, यह आपको नकारात्मक रूप से प्रभावित करेंगे। इस दौरान कार्यक्षेत्र में आपको कुछ बाधाओं का सामना करना पड़ सकता है या फिर आपको वरिष्ठों के साथ संबंधों में उतार-चढ़ाव झेलना पड़ सकता है। ऐसे में, आप तनाव में दिखाई दे सकते हैं। इस समय आपका पेशेवर या निजी जीवन चिंता का विषय बन सकता है।

मकर राशि 

मकर राशि वालों के लिए चंद्र ग्रह आपके विवाह और साझेदारी के भाव यानी कि सातवें भाव के स्वामी हैं जो कि आपके नौवें भाव में केतु के साथ युति करेंगे। कुंडली के नौवें भाव में चंद्र और केतु ग्रह की एक साथ मौजूदगी को ज्यादा अच्छा नहीं कहा जा सकता है। यह आपको अध्यात्म के रास्ते पर लेकर जा सकते हैं, लेकिन चंद्र ग्रहण 2025 के दौरान पिता के साथ संबंध आपको तनाव देने का काम कर सकते हैं या फिर पिता या मेंटर के साथ विचारों को लेकर आपको असहमति देखने को मिल सकती है। अगर आप किसी भी तरह के मानसिक रोग से जूझ रहे हैं, तो आपको चंद्र ग्रहण के दौरान बहुत सावधानी बरतनी होगी। साथ ही, आपके पिता का स्वास्थ्य भी अच्छा नहीं रहने की संभावना है इसलिए उनकी सेहत का ध्यान रखें। 

कुंभ राशि

कुंभ राशि वालों के लिए चंद्र देव आपके छठे भाव के स्वामी हैं और अब यह आपके आठवें भाव में केतु के साथ उपस्थित होंगे। हालांकि, आप ऐसे व्यक्ति होंगे जो अपने जीवन में आराम और सुख-सुविधाओं को महत्व देते हैं, लेकिन कुंडली के आठवें भाव में केतु और चंद्र की युति के प्रभाव की वजह से आप निराश महसूस कर सकते हैं। 

इस अवधि में कभी-कभी आप ख़ूब मेहनत करेंगे और कभी-कभी आप चीज़ों को उनके हाल पर छोड़ सकते हैं। ऐसे में, आप लक्ष्यों से भटक सकते हैं। साथ ही, इस समय आपके रिश्ते भाई-बहन के साथ थोड़े ख़राब हो सकते हैं और आप अपने कार्यों पर संदेह करते हुए नज़र आ सकते हैं क्योंकि आपमें साहस की कमी रह सकती है। इसके अलावा, आर्थिक जीवन में भी समस्याएं जन्म ले सकती हैं। 

मीन राशि 

मीन राशि के उन जातकों के लिए चंद्र ग्रहण 2025 अनुकूल रहेगा जिनका संबंध ज्योतिष, टैरो रीडिंग और हीलिंग आदि से है। साथ ही, यह अवधि ट्रेवल इंडस्ट्री से जुड़े लोगों के लिए भी फलदायी रहेगी। चंद्र ग्रहण 2025 नाविकों और मर्चेंट नेवी से संबंध रखने वाले लोगों के लिए लाभदायक साबित होगा। साथ ही, इस अवधि को लेखकों के लिए भी शुभ कहा जाएगा क्योंकि उनकी रचनात्मकता में वृद्धि होगी जिसकी झलक आपके काम में भी दिखाई देगी।

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चंद्र ग्रहण के दौरान गर्भवती महिलाएं बरतें ये सावधानियां 

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, चंद्र ग्रहण का प्रभाव मनुष्य जीवन को गहनता से प्रभावित करता है, विशेष रूप से गर्भवती महिलाओं को। ऐसे में, ग्रहण के दौरान गर्भवती स्त्रियों को विशेष रूप से सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। हालांकि, ग्रहण काल में बरती जाने वाली सावधानियां परंपराओं और धार्मिक मान्यताओं के आधार पर भिन्न-भिन्न हो सकती हैं। यहां हम आपको ज्योतिषियों द्वारा बताई गई उन सावधानियों के बारे में बताएंगे जिनका गर्भवती महिलाओं को पालन करना चाहिए।

स्वयं की देखभाल करें:

  • आराम करें: गर्भवती महिलाओं को चंद्र ग्रहण 2025 के दौरान आराम करना चाहिए और बहुत ज्यादा मेहनत करने से बचना चाहिए। चंद्र ग्रहण के दौरान निकलने वाली ऊर्जा काफ़ी तीव्र होती है इसलिए आपको आराम के साथ-साथ ध्यान करने की सलाह दी जाती है। 
  • ख़ूब पानी पिएं: गर्भवती महिलाओं को स्वस्थ और हाइड्रेट रहने के लिए ख़ूब पानी पीना चाहिए।

जल्दबाज़ी में निर्णय लेने से बचें 

  • चंद्र ग्रहण काल को परिवर्तन की अवधि माना जाता है  इसलिए इस दौरान जीवन से जुड़े बड़े फैसले लेने से परहेज़ करें या फिर कोई महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट शुरू करने से बचें क्योंकि ग्रहण काल की ऊर्जा में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है इसलिए इस समय को बड़े फैसलों के लिए सही नहीं कहा जा सकता है।
  • जो महिलाएं गर्भवती हैं, उन्हें इस अवधि में ऐसे लक्ष्य निर्धारित करने से बचना होगा जो आपके जीवन में बड़े बदलाव लेकर आ सकते हैं। 

नकारात्मक ऊर्जा से बचने के लिए घर में रहें 

  • गर्भवती महिलाओं को तनाव और नकारात्मक परिस्थितियों से दूर रहने की सलाह दी जाती है क्योंकि इसकी वजह से आप भावनात्मक रूप से परेशान रह सकती हैं। ऐसे में, आप शांत रहें और सकारात्मक लोगों के साथ ज्यादा से ज्यादा समय बिताएं।
  • भावनात्मक रूप से स्वस्थ रहने और अपने एवं संतान की भलाई के लिए मतभेद या विवाद से बचें।

 धार्मिक अनुष्ठान 

  • कई ज्योतिषियों द्वारा ग्रहण के दौरान अनेक कार्यों जैसे कि मोमबत्ती जलाना, अगरबत्ती का उपयोग करना या फिर मूनस्टोन, एमेथिस्ट या रोज़ क्वार्ट्ज आदि का इस्तेमाल करने की सलाह दी जाती है ताकि आप नकारात्मकता से सुरक्षा प्राप्त कर सकें और भावनात्मक रूप से स्वस्थ रहें।
  • वहीं, आप चाहे तो ग्रहण काल के दौरान किसी पवित्र स्थान पर ध्यान कर सकते हैं या फिर आराम कर सकते हैं।

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व्रत करने से बचें 

  • मान्यताओं के अनुसार, ग्रहण के दौरान कुछ विशेष खाद्य वस्तुओं या खानपान का त्याग करने से नकारात्मक ऊर्जाओं से सुरक्षा प्राप्त की जा सकती है। हालांकि, गर्भवती महिलाओं को व्रत नहीं करना चाहिए और व्रत करने से पहले डॉक्टर से परामर्श अवश्य लेना चाहिए। 

ग्रहण नग्न आँखों से देखने से बचें 

  • ज्योतिष शास्त्र किसी भी इंसान को चंद्र ग्रहण बिना किसी सावधानी के नग्न आंखों से देखने की सलाह नहीं देता है। ऐसा माना जाता है कि ग्रहण की तीव्र ऊर्जा आपके शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकती है इसलिए गर्भवती महिलाओं को ग्रहण के संपर्क में आने से बचने और घर में आराम करने की सलाह दी जाती है। 

चंद्र ग्रह की ऊर्जा से जुड़ें

  • कुछ गर्भवती महिलाएं चंद्र ग्रहण की ऊर्जा से जुड़ने का चुनाव करती हैं।  इस अवधि का उपयोग व्यक्तिगत सोच-विचार करने या स्वयं और अपनी संतान को स्वस्थ रखने के लिए धार्मिक कार्य कर सकती हैं। ऐसे में, इस दौरान आप ध्यान,  अफर्मेशन और जर्नल लिखना आदि काम कर सकती हैं जिससे ग्रहण की परिवर्तनकारी ऊर्जा का उपयोग आप सही दिशा में कर सकेंगी। 

शांत रहें और तनाव से बचें 

  • चंद्र ग्रहण के दौरान अक्सर भावनाओं में उफ़ान देखने को मिलता है। ऐसे में, गर्भवती महिलाओं को इस दौरान मूड स्विंग हो सकते हैं इसलिए आपको एकाग्र रहने के साथ-साथ शांत रहना होगा। साथ ही, तनाव से बचते हुए भरपूर आराम करने की सलाह दी जाती है। 
  • जैसे कि हम सभी जानते हैं कि ज्योतिष, विज्ञान की बजाय विश्वास और मान्यताओं पर आधारित है। ऐसे में, ज्योतिष की विभिन्न मान्यताएं गर्भवती महिलाओं के लिए फलदायी साबित होती हैं जिसके माध्यम से वह अपनी सेहत को अच्छा रख सकती हैं। हालांकि, आप स्वास्थ्य से जुड़े किसी भी परामर्श के लिए डॉक्टर की राय ले सकते हैं। 

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

1. चंद्र ग्रहण क्या होता है?

जब चंद्रमा, पृथ्वी और सूर्य एक सीधी रेखा में आ जाते हैं और ऐसे में, चंद्रमा पर सूर्य का प्रकाश नहीं पहुंच पाता है, इसे ही चंद्र ग्रहण कहा जाता है।

2. किस राशि में चंद्र ग्रहण 2025 लगेगा?

साल 2025 का पहला चंद्र ग्रहण कन्या राशि में लगने जा रहा है। 

3. चंद्र ग्रहण 2025 किस नक्षत्र में लगेगा?

इस साल का पहला चंद्र ग्रहण उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र में लगेगा। 

होलिका दहन पर अग्नि में अर्पित करें ये चीज़ें, जीवन से नकारात्मकता का हो जाएगा अंत!

होलिका दहन पर अग्नि में अर्पित करें ये चीज़ें, जीवन से नकारात्मकता का हो जाएगा अंत!

होलिका दहन 2025 एक हिंदू त्योहार है जो एकता, परंपराओं और आनंद का भव्य उत्सव है। हिंदू धर्म में दिवाली के बाद मनाया जाने वाला दूसरा सबसे महत्वपूर्ण पर्व है होली जिसे क्षमा और बुराई पर अच्छाई की जीत प्रतीक माना गया है। पंचांग के अनुसार, होलिका दहन को प्रत्येक वर्ष फाल्गुन मास की पूर्णिमा तिथि पर मनाया जाता है और अगले दिन रंगों की होली पूरे उत्साह से मनाई जाती है। होलिका दहन के दिन जलने वाली अग्नि से आपके जीवन और वातावरण में फैली नकारात्मक शक्तियों का नाश हो जाता है। यह त्योहार पर्यावरण में सकारात्मकता का संचार करता है। सिर्फ इतना ही नहीं, होली के पहले दिन यानी कि होलिका दहन से ही फिजाओं में गुलाल उड़ने की शुरुआत हो जाती है। 

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होलिका दहन 2025 का यह विशेष ब्लॉग एस्ट्रोसेज एआई अपने पाठकों के लिए लेकर आया है जिसके माध्यम से हम आपको होलिका दहन की सही तिथि, शुभ मुहूर्त और महत्व के बारे में बताएंगे। साथ ही, होलिका दहन पर आप राशि अनुसार अग्नि में किन वस्तुओं को डाल करके नकारात्मक शक्तियों से सुरक्षा प्राप्त कर सकते हैं, इससे भी आपको अवगत करवाएंगे। तो आइए बिना रुके शुरुआत करते हैं इस ब्लॉग की और सबसे पहले जानते हैं होलिका दहन 2025 की तिथि और समय। 

होलिका दहन 2025: तिथि और समय

हिंदू पंचांग की बात करें तो, होली पर्व का आरंभ फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि से होता है और इस पर्व के पहले दिन होलिका दहन किया जाता है। इसके दूसरे दिन रंग वाली होली खेलने की परंपरा है। बता दें कि होलिका की अग्नि बुराई पर अच्छाई और भक्ति की शक्ति को दर्शाती है। इस साल कब मनाया जाएगा होलिका दहन का पर्व और क्या रहेगा शुभ मुहूर्त? चलिए जानते हैं। 

होलिका दहन की तिथि: 13 मार्च 2025, गुरुवार

होलिका दहन शुभ मुहूर्त :रात 11 बजकर 30 मिनट से रात 12 बजकर 24 मिनट तक

अवधि: 0 घंटे 53 मिनट

भद्रा पुँछा का समय: शाम 07 बजकर 13 मिनट से रात 08 बजकर 30 मिनट तक

भद्रा मुखा का समय: रात 08 बजकर 30 मिनट से रात 10 बजकर 38 मिनट तक

पूर्णिमा तिथि का आरंभ: 13 मार्च 2025 की सुबह 10 बजकर 38 मिनट से, 

पूर्णिमा तिथि समाप्त: 14 मार्च 2025 की दोपहर 12 बजकर 27 मिनट तक। 

होलिका दहन का अचूक उपाय

एस्ट्रोसेज एआई के अनुभवी एवं विद्वान ज्योतिषी गोपाल अ होली पर समस्याओं के निवारण के लिए एक सरल एवं अचूक उपाय प्रदान कर रहे हैं। यदि आप समस्याओं से ग्रस्त और परेशानियों से मुक्ति पाना चाहते हैं, तो होली पर यह प्रयोग जरूर करें क्योंकि इससे आपको समस्याओं से राहत मिलेगी जो कि इस प्रकार हैं: 

“जिस दिन होली की पूजा होती है, उस दिन 5 नारियल श्रीफल और पांच खारक छुआरे लेकर एक काले कपड़े में बांध ले और अपने इष्ट देव से प्रार्थना करें। शाम को जब भी होलिका का दहन हो, तब वहां पर नारियल और खारक छुआरे से बंधी हुई पोटली को लेकर 11 या 21 बार परिक्रमा करें। इस बीच अपने मन में प्रभु का ध्यान करते हुए समस्याओं को भी मन ही मन में बोलते रहें और परिक्रमा पूरी करें। परिक्रमा पूर्ण होने के बाद उसे पोटली को होलिका दहन के बाद जलती हुई होली में डाल दें और प्रणाम कर के घर वापस आ जाएं।”

धार्मिक दृष्टि से होलिका दहन का महत्व

होलिका दहन युगों से युगों से लोगों को अधर्म पर धर्म, अन्याय पर न्याय और बुराई पर अच्छाई की विजय का संदेश देती आई है। नारद पुराण और भविष्य पुराण जैसे प्राचीन धार्मिक ग्रंथों में   होली पर्व का वर्णन किया गया है। होली 2025 के महत्व का अंदाज़ा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि संस्कृत और अवधि भाषा के कई प्रसिद्ध एवं प्राचीन महाकवियों ने भी अपनी कविताओं और काव्यों में होली को वर्णित किया है।

धर्मग्रंथों में वर्णित होलिका दहन का संबंध भक्त प्रहलाद, असुर नरेश हिरण्यकश्यप और होलिका से माना गया है। कहते हैं कि राक्षस राज हिरण्यकश्यप को अपने पुत्र प्रहलाद की विष्णु भक्ति पसंद नहीं थी, इसलिए अपने पुत्र पर उसने तरह-तरह के अत्याचार किए और कष्ट दिए। हिरण्यकश्यप की बहन होलिका को वरदान प्राप्त था कि अग्नि उसे भस्म नहीं कर सकती थी इसलिए अंत में अपने पुत्र की हत्या के लिए हिरण्यकश्यप की बहन होलिका प्रहलाद को अपनी गोद में लेकर अग्नि में बैठ गई जिससे उसकी मृत्यु हो जाए। लेकिन, भगवान विष्णु ने अपने भक्त की रक्षा की और होलिका उस अग्नि में जलकर राख हो गई और तब से ही होलिका दहन का पर्व मनाया जाता है। 

बांके बिहारी और मथुरा में कब मनाई जाएगी होली?

रंगों का त्योहार होली भगवान श्रीकृष्ण को सर्वाधिक प्रिय है इसलिए ब्रज, मथुरा और वृंदावन में होली का अलग ही जश्न देखने को मिलता है। यहाँ होली का पर्व 40 दिनों तक चलता है और इसमें रंगों के साथ-साथ फूलों, लड्डू और लट्‌ठमार होली खेली जाती है। इस बार वृंदावन स्थित बांके बिहारी मंदिर में होली 12 मार्च 2025 को खेली जाएगी जबकि बरसाना में लट्ठमार होली का आयोजन 8 मार्च, 2025 को किया जाएगा और नंदगांव में 09 मार्च 2025 को होली खेली जाएगी। 

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होलिका दहन 2025: पूजा विधि

  • होलिका दहन की पूजा करने के लिए जातक प्रातःकाल उठकर सर्वप्रथम नित्य कामों से निवृत्त होकर स्नान करें।
  • स्नान करने के पश्चात होलिका पूजन के स्थान पर उत्तर या पूर्व दिशा की तरफ मुंह करके बैठ जाएं।
  • होलिका दहन की पूजा करने के लिए गाय के गोबर से होलिका और प्रहलाद की प्रतिमा का निर्माण करें। 
  • इसके बाद, इस पूजा में उपयोग होने वाली सामग्री जैसे कि रोली, फूलों की माला, फूल, गुड़, कच्चा सूत, मूंग, गुलाल, साबुत हल्दी, 5 से 7 तरह के अनाज, नारियल और एक लोटे में पानी लें।
  • अब इन सभी पूजन सामग्री को एकत्रित करके पूरे विधि-विधान से होलिका दहन की पूजा करें। प्रसाद के रूप में मिठाइयां और फल आदि अर्पित करें। 
  • होलिका दहन की पूजा संपन्न करने के साथ ही भगवान नरसिंह की भी पूरी विधि-विधान से पूजा करें। इसके उपरांत, होलिका के चारों तरफ सात बार परिक्रमा करें। 

चलिए अब आपको अवगत करवाते हैं होलाष्टक 2025 के बारे में। 

होलाष्टक 2025: इस दौरान न करें शुभ कार्य

जहां होली खुशियों, उत्साह और उमंग का पर्व है, वहीं इसके पहले के आठ दिन बेहद अशुभ माने जाते हैं। फाल्गुन मास की अष्टमी तिथि से फाल्गुन पूर्णिमा तक की अवधि को होलाष्टक कहा जाता है। यह आठ दिन किसी भी काम के लिए शुभ नहीं होते हैं और इस दौरान मांगलिक कार्यों से बचना चाहिए। मान्यता है कि होलाष्टक के आठ दिनों में भक्त प्रहलाद पर अनेक प्रकार के अत्याचार किए गए थे और इस वजह से इन दिनों में ग्रह-नक्षत्र काफी उग्र हो जाते हैं। यह सभी ग्रह फाल्गुन शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि पर शांत होते हैं। 

ज्योतिष की मानें तो, होलाष्टक पर सभी आठ ग्रह उग्र अवस्था में होते हैं। इस समय अष्टमी तिथि पर चंद्रमा, नवमी पर सूर्य, दशमी पर शनि, एकादशी पर शुक्र, द्वादशी पर गुरु, त्रयोदशी पर बुध, चतुर्दशी पर मंगल और पूर्णिमा तिथि पर राहु उग्र हो जाते हैं इसलिए होलाष्टक के दौरान शुभ काम करना वर्जित होता है। कहते हैं कि इस अवधि में किए गए कार्य के सफल होने की संभावना बेहद कम होती है। वर्ष 2025 में होलाष्टक की शुरुआत 07 मार्च 2025, शुक्रवार को होगी और इसका अंत होलिका दहन के साथ अर्थात 13 मार्च 2025 को पूर्णिमा तिथि पर हो जाएगा।

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होलिका दहन को भूल से भी न देखें ये 3 लोग 

होलाष्टक के बारे में आपको बताने के बाद अब हम बात करेंगे ऐसे 3 लोगों की जिन्हें होलिका दहन देखने से बचना चाहिए।   

गर्भवती महिलाएं: ऐसा माना जाता है कि होलिका की परिक्रमा गर्भवती स्त्रियों को नहीं करनी चाहिए क्योंकि होलिका दहन की अग्नि मां और शिशु दोनों को नकारात्मक रूप से प्रभावित करती है। 

नवजात शिशु: होलिका दहन का बुरा असर नवजात शिशु पर भी पड़ता है इसलिए इनको भी होलिका दहन नहीं देखना चाहिए क्योंकि यह अशुभ माना जाता है। होलिका दहन वाले स्थान पर नकारात्मक शक्तियां उपस्थित होती हैं इसलिए इस जगह से शिशु को दूर रखें। 

सास-बहू: सदियों से मान्यता चली आ रही है कि नव विवाहित महिलाओं को अपनी सास के साथ होलिका दहन नहीं देखना चाहिए। ऐसा करने से सास-बहु के रिश्ते में खटास आ जाती है। शादी के बाद की पहली होली मायके में ही खेलनी चाहिए। मायके में बेटी और दामाद के मायके में होली खेलने की परंपरा काफ़ी पुराने समय से चली आ रही है।

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नकारात्मकता से सुरक्षा के लिए होलिका दहन पर राशि अनुसार अग्नि में अर्पित करें ये चीज़ें

मेष राशि

मेष राशि वाले होलिका दहन की अग्नि में गुरु ग्रह से जुड़ी वस्तुओं जैसे शहद या हल्दी अर्पित करें। ऐसा करना आपके लिए फलदायी सिद्ध होगा। 

वृषभ राशि 

होलिका दहन की अग्नि में वृषभ राशि के जातक के लिए चावल या शहद डालना शुभ रहेगा। इससे आपले जीवन की समस्याएं दूर होंगी।

मिथुन राशि 

मिथुन राशि वालों को होलिका दहन की अग्नि में तिल या काले चने जैसी वस्तुएं अर्पित करनी चाहिए।

कर्क राशि 

कर्क राशि के जातकों को होलिका दहन की अग्नि में दूध से बनी मिठाई या फिर खीर आदि चढ़ाने से शुभ फलों की प्राप्ति होगी। 

सिंह राशि 

सिंह राशि वालों को होलिका दहन के दिन अग्नि में गुरु ग्रह से संबंधित वस्तुओं जैसे कि गाय का घी और केसर अर्पित करना चाहिए। साथ ही, पीले रंग के अपने पुराने वस्त्र दान करें।

कन्या राशि

कन्या राशि वालों को होलिका दहन की अग्नि में बताशे और केसर अर्पित करने से शुभ फलों की प्राप्ति होगी। 

तुला राशि

तुला राशि वाले होलिका दहन के समय अग्नि में शुक्र ग्रह से जुड़ी वस्तुएं जैसे कि चावल, बूरा या पनीर आदि डाल सकते हैं।

वृश्चिक राशि

वृश्चिक राशि के जातक होलिका दहन के दिन बुध देव से संबंधित चीज़ें कपूर या हरी मिर्च आदि अग्नि में डालें। 

धनु राशि 

धनु राशि वाले होलिका दहन पर दो लौंग घी में भिगोकर एक पान के पत्ते पर रखकर अग्नि में अर्पित करें।

मकर राशि

मकर राशि के जातक होलिका दहन की संध्या के समय एक सूखा नारियल लेकर उसे अपने सिर के ऊपर से दो बार घुमाकर अग्नि में डालें। 

कुंभ राशि

कुंभ राशि वालों को जीवन में उत्पन्न बाधाओं के निवारण के लिए होलिका दहन की अग्नि में काली उड़द की दाल और बताशे अर्पित करने चाहिए।

मीन राशि 

मीन राशि के जातक होलिका दहन की अग्नि में नारियल से बनी मिठाई या फिर साबुत नारियल अर्पित करें। 

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

होलिका दहन 2025 में कब है?

साल 2025 में होलिका दहन का पर्व 13 मार्च 2025, गुरुवार को मनाया जाएगा। 

2025 में रंग वाली होली कब खेली जाएगी?

इस वर्ष छोटी होली 14 मार्च 2025, शुक्रवार को मनाई जाएगी। 

साल 2025 का पहला चंद्र ग्रहण कब है?

वर्ष 2025 का पहला चंद्र ग्रहण 14 मार्च 2025 को होली पर लगेगा। 

शुक्र मीन राशि में अस्‍त: जानें 12 राशियों समेत देश-दुनिया और स्‍टॉक मार्केट पर क्‍या पड़ेगा प्रभाव!

शुक्र मीन राशि में अस्‍त: जानें 12 राशियों समेत देश-दुनिया और स्‍टॉक मार्केट पर क्‍या पड़ेगा प्रभाव!

शुक्र मीन राशि में अस्‍त: एस्ट्रोसेज एआई की हमेशा से यही पहल रही है कि किसी भी महत्वपूर्ण ज्योतिषीय घटना की नवीनतम अपडेट हम अपने रीडर्स को समय से पहले दे पाएं और इसी कड़ी में हम आपके लिए लेकर आए हैं जल्द ही अस्‍त होने वाले शुक्र से संबंधित यह खास ब्लॉग। इस ब्‍लॉग में हम आपको 18 मार्च, 2025 को सुबह 07 बजकर 34 मिनट पर मीन राशि में अस्‍त हो रहे शुक्र से जुड़ी सारी जानकारी प्रदान करेंगे। साथ ही यह भी बताएंगे कि शुक्र के अस्‍त होने पर देश-दुनिया और शेयर मार्केट पर इसका क्‍या प्रभाव पड़ेगा।

शुक्र का मीन राशि में होना एक ऐसी स्थिति है जो रिश्‍ते, प्रेम और सौंदर्य में करुणा, रचनात्‍मकता और आदर्शवाद को दर्शाती है। जिन लोगों की कुंडली में शुक्र मीन राशि में स्थित होते हैं, वे जातक अक्‍सर प्‍यार को सपनों की दुनिया की तरह देखते हैं, रोमांटिक होते हैं और कभी-कभी प्‍यार या प्रेम संबंध को अलौकिक रूप में अनुभव करते हैं। ये प्‍यार के आदर्श स्‍वरूप पर अधिक ध्‍यान देते हैं और इस वजह से कभी-कभी अपने पार्टनर की खामियों को भी नज़रअंदाज़ कर देते हैं। ये बहुत ज्‍यादा रोमांटिक होते हैं, सच्‍चा जीवनसाथी ढूंढते हैं एवं रिश्‍ते में आध्‍यात्मिक जुड़ाव चाहते हैं।

भविष्य से जुड़ी किसी भी समस्या का समाधान मिलेगा विद्वान ज्योतिषियों से बात करके 

शुक्र मीन राशि में अस्‍त: विशेषताएं

जब शुक्र ग्रह मीन राशि में अस्‍त होते हैं, तो इसका मतलब होता है कि शुक्र सूर्य के 8 डिग्री के अंदर है। इसका शुक्र की ऊर्जा एवं प्रभाव पर असर पड़ता है। वैदिक ज्‍योतिष में किसी ग्रह को तब अस्‍त माना जाता है, जब वह सूर्य के बहुत नज़दीक होता है। इससे उस ग्रह की ऊर्जा बहुत कम या क्षीण हो जाती है। शुक्र को प्रेम, सौंदर्य और संबंधों का कारक माना गया है और इस ग्रह के खासतौर पर भावनात्‍मक राशि मीन में अस्‍त होने पर जातक को कुछ चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है।

शुक्र ग्रह प्‍यार, आकर्षण और सौंदर्य की भावना को दर्शाता है लेकिन जब यह ग्रह अस्‍त होता है, तो इसकी ऊर्जा मंद हो जाती है। शुक्र मीन राशि में अस्‍त होने पर खासतौर पर प्रेम संबंधों में कभी-कभी आत्‍म-सम्‍मान और अपनी भावनाओं को व्‍यक्‍त करने के मामले में चुनौतियां देखनी पड़ सकती हैं। इन जातकों को अपनी ज़रूरतों को व्‍यक्‍त करने में संघर्ष करना पड़ सकता है, इन्‍हें पता नहीं होता है कि अपने प्रेम संबंध में इनका क्‍या मूल्‍य है या प्‍यार में इन्‍हें क्‍या मिलना चाहिए। इन्‍हें अपनी भावनाओं को व्‍यक्‍त करने या खुलकर बताने में दिक्‍कत आ सकती है।

मीन राशि में शुक्र का होना प्‍यार के आध्‍यात्मिक या रहस्‍यमयी पहलू से जुड़ा होता है। आप प्‍यार को एक अलौकिक शक्‍ति या आध्‍यात्मिक मार्ग की तरह देखते हैं। ये जातक अपने पार्टनर से आध्‍यात्मिक रूप से जुड़ने की चाहत रखते हैं या सच्‍चा जीवनसाथी पाना चाहते हैं और प्‍यार को आध्‍यात्मिक विकास की एक यात्रा के रूप में देखते हैं। मीन राशि में शुक्र के अस्‍त होने पर व्‍यक्‍ति में आदर्शवाद आता है, वह भावनात्‍मक रूप से मज़बूत और रचनात्‍मक बनता है लेकिन इसके साथ ही उसे आत्‍म-मूल्‍य, रिश्‍ते में सीमा निर्धारित करने और अवास्‍तविक अपेक्षाओं को लेकर चुनौतियों का सामना करना पड़ता है।

इन्‍हें खासतौर पर प्‍यार में भावनात्‍मक उतार-चढ़ाव देखना पड़ सकता है और ये अक्‍सर रहस्‍यमयी और सच्‍चे जीवनसाथी की तलाश में रहते हैं। हालांकि, इन्‍हें इस बात का ध्‍यान रखना चाहिए कि वे अपने रिश्‍ते में खुद को ही न खो दें या प्‍यार को लेकर बहुत ज्‍यादा आदर्शवादी न बन जाएं। शुक्र के मीन राशि में अस्‍त होने पर जातक को अपने रोमांटिक सपनों के साथ वास्‍तविकता को बनाए रखने और रिश्‍ते में सीमा निर्धारित करने की ज़रूरत होती है।

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शुक्र मीन राशि में अस्‍त: इन राशियों पर पड़ेगा नकारात्‍मक प्रभाव

मेष राशि

मेष राशि के दूसरे और सातवें भाव के स्‍वामी शुक्र ग्रह हैं और अब वह इस राशि के बारहवें भाव में अस्‍त होने जा रहे हैं। शुक्र मीन राशि में अस्‍त होने पर आप अपनी संचित संपत्ति का अधिकतर हिस्‍सा विलासिता या सुख-सुविधाओं पर खर्च कर सकते हैं लेकिन आपको इन खर्चों से कोई परेशानी नहीं होगी। आपको इन खर्चों से कुछ मिलने की उम्‍मीद रहेगी और इसी से आप खुश महसूस करेंगे। विवाहित जातक अपने जीवनसाथी के साथ कहीं बाहर घूमने जा सकते हैं। शुक्र के अस्‍त होने के दौरान आपको मनोरंजन और यात्रा जैसे क्षेत्रों में सकारात्‍मक परिणाम मिलने के आसार हैं।

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मिथुन राशि

मिथुन राशि के पांचवे और बारहवें भाव के स्‍वामी शुक्र ग्रह हैं और अब अस्‍त होने के दौरान शुक्र आपके दसवें भाव में रहेंगे। भले ही शुक्र उच्‍च अवस्‍था में रहें लेकिन दशम भाव में इसके अस्‍त होने को शुभ नहीं माना जाता है। इस दौरान शुक्र से मिथुन राशि के जातकों को लाभ न मिल पाने के संकेत हैं। कुछ परिस्थितियों में, जो जातक विदेश में काम कर रहे हैं या अंतर्राष्‍ट्रीय कंपनियों के लिए काम करते हैं, उन्‍हें कुछ नकारात्‍मक परिणाम मिल सकते हैं।

चूंकि, शुक्र शिक्षा के भाव यानी पांचवे घर के भी स्‍वामी हैं इसलिए छात्रों को अपने लक्ष्‍य को प्राप्‍त करने के लिए अधिक प्रयास करने पड़ सकते हैं। शुक्र के मीन राशि में अस्‍त होने के दौरान छात्रों को मनोरंजन के बजाय पढ़ाई पर ध्‍यान देने की ज़रूरत है। हालांकि, अगर आप अपने प्रेम संबंधों में सावधानी बरतते हैं, तो आपको सकारात्‍मक परिणाम मिल सकते हैं।

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कन्‍या राशि

कन्या राशि के दूसरे और नौवें भाव के स्‍वामी शुक्र देव हैं और अब वह आपके सातवें भाव में अस्‍त होने जा रहे हैं। शुक्र का सातवें भाव में अस्‍त होना शुभ नहीं माना जाता है। मीन राशि में शुक्र के अस्‍त होने और राहु की उपस्थिति के कारण वैवाहिक और निजी संबंधों में समस्‍याएं उत्‍पन्‍न हो सकती हैं। शुक्र मीन राशि में अस्‍त होने के दौरान कन्‍या राशि के जातकों को यौन अंगों से संबंधित बीमारी होने की आशंका है। इस समय आपको यात्रा करने से बचना चाहिए और महिलाओं के साथ किसी भी तरह का मतभेद या विवाद नहीं करना चाहिए। आपको अपने काम के प्रति अधिक प्रतिबद्ध रहना चाहिए।

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तुला राशि 

तुला राशि के पहले और आठवें भाव के स्‍वामी शुक्र देव हैं जो कि अब आपके छठे भाव में अस्‍त होने जा रहे हैं। तुला राशि के जातकों के लिए शुक्र का अस्‍त होना अशुभ हो सकता है और इन्‍हें जीवन के विभिन्‍न क्षेत्रों में नकारात्‍मक परिणाम मिलने के संकेत हैं। शुक्र मीन राशि में अस्‍त होने पर विवाहित जातकों को नकारात्‍मक प्रभाव मिल सकते हैं। शुक्र के छठे भाव में अस्‍त होने के कारण आपके शत्रु सक्रिय हो सकते हैं। हालांकि, इस दौरान आपको स्‍वास्‍थ्य समस्‍याएं भी परेशान कर सकती हैं। आपको इस समय महिलाओं से बहस न करने की सलाह दी जाती है।

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मीन राशि

मीन राशि के तीसरे और आठवें भाव के स्‍वामी शुक्र ग्रह हैं और अब वह इस राशि के पहले भाव में अस्‍त होने जा रहे हैं। शुक्र मीन राशि में अस्‍त होने के दौरान जातक को विपरीत परिस्थितियों का सामना करना पड़ सकता है। राहु और अष्‍टमेश शुक्र के पहले भाव में होने के कारण जातक को कमज़ोर या थका हुआ महसूस हो सकता है। 

शुक्र के मीन राशि में अस्‍त होने के दौरान ये जातक उत्‍साहित रहेंगे। इन्‍हें लघु यात्रा से अत्‍यधिक लाभ होने के आसार हैं। शिक्षा की बात करें, तो इस समय छात्रों को सकारात्‍मक परिणाम मिलने के संकेत बहुत कम हैं। साहित्‍य या कला के क्षेत्र में काम करने वाले जातकों को अपने करियर में बाधाओं का सामना करना पड़ सकता है।

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शुक्र मीन राशि में अस्‍त: ज्‍योतिषीय उपाय

अगर आप शुक्र के मीन राशि में अस्‍त होने पर सकारात्‍मक या शुभ परिणाम पाना चाहते हैं, तो आप एस्‍ट्रोसेज एआई के अनुभवी ज्‍योतिषियों द्वारा बताए गए निम्‍न उपाय कर सकते हैं:

  • आप शुक्र देव को प्रसन्‍न करने के लिए बीज मंत्र ‘ॐ द्रां द्रीं द्रौं स: शुक्राय नम:’ मंत्र का जाप करें।
  • नकारात्‍मक ऊर्जाओं से छुटकारा पाने और शुद्धिकरण के लिए अपने घर पर हवन करवाएं।
  • आप कुष्‍ठ रोगियों को दान करें और किसी न किसी तरह से उनकी सेवा करें।
  • आप सफेद या गुलाबी रंग के कपड़े अधिक पहनें।
  • आप शुक्रवार के दिन व्रत रखें।

शुक्र मीन राशि में अस्‍त: वैश्विक स्तर पर प्रभाव

सरकार और शुक्र से संबंधित क्षेत्र

  • शुक्र मीन राशि में अस्‍त होने पर सरकारी प्रशासन अधिक प्रभावी नहीं रहेगा और सार्वजनिक सेवाओं में अचानक गिरावट देखने को मिल सकती है।
  • वस्‍त्र उद्योग, शिक्षा क्षेत्र, थिएटर कला, आयात-निर्यात का व्‍यवसाय, लकड़ी के हस्‍तशिल्‍प और हैंडलूम जैसे कुछ क्षेत्रों में मंदी आ सकती है।
  • सरकार गरीबी रेखा से नीचे रह रहे लोगों के सामाजिक-आर्थिक विकास के लिए नई योजनाएं लेकर आ सकती है लेकिन शुक्र के मीन राशि में अस्‍त होने के दौरान इससे अधिक बदलाव नहीं आ पाएगा।
  • शुक्र के मीन राशि में अस्‍त होने का असर सरकार भी पड़ेगा और वह लघु व्‍यवसायों के लिए कुछ सख्‍त नियम बना सकती है जिससे व्‍यवसाय को नुकसान हो सकता है।
  • इस दौरान धार्मिक वस्‍तुओं की मांग में गिरावट आने की वजह से भारत से अन्‍य देशों में धार्मिक वस्‍तुओं के निर्यात में गिरावट देखने को मिल सकती है।

मीडिया, अध्‍यात्‍म, परिवहन आदि

  • दुनियाभर में आध्‍यात्मिक कार्य और धार्मिक अनुष्‍ठान अधिक होंगे।
  • शुक्र मीन राशि में अस्‍त होने पर जिन क्षेत्रों या नौकरियों में बोलने का काम है जैसे कि काउंसलिंग, लेखन, संपादन और पत्रकारिता आदि, उनमें काम कर रहे जातकों को मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है।
  • शुक्र के मीन राशि में अस्‍त होने का रेलवे, शिपिंग, परिवहन और ट्रैवल कंपनियों पर नकारात्‍मक असर पड़ सकता है।
  • इस दौरान दुनियाभर में किसी न किसी रूप में अशांति या प्रतिकूल परिस्थितियां उत्‍पन्‍न हो सकती हैं।
  • दुनियाभर के विभिन्‍न देश बड़े आयोजनों या कला, संगीत और नृत्‍य पर आधारित महोत्‍सवों के ज़रिए एक-दूसरे से जुड़ने और बात करने में असमर्थ हो सकते हैं।

शुक्र मीन राशि में अस्‍त: स्‍टॉक मार्केट पर असर

18 मार्च, 2025 को सुबह 07 बजकर 34 मिनट पर शुक्र मीन राशि में अस्‍त हो जाएंगे। सुख-सुविधाओं के कारक शुक्र का स्‍टॉक मार्केट पर गहरा प्रभाव होता है। आगे जानिए कि शुक्र के मीन राशि में अस्‍त होने का स्‍टॉक मार्केट पर क्‍या प्रभाव पड़ेगा।

  • वस्‍त्र उद्योग और इससे जुड़े व्‍यवसायों के लिए यह समय अनुकूल नहीं रहने वाला है।
  • शुक्र के मीन राशि में अस्‍त होने के दौरान फैशन एक्‍सेसरीज़, वस्‍त्र और परफ्यूम उद्योग में मंदी देखी जा सकती है।
  • इस समयावधि में शेयर मार्केट में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकते हैं।
  • प्रकाशन, टेलीकम्‍युनिकेशन और प्रसारण उद्योग की बड़ी कंपनियों के साथ-साथ कंसल्‍ट करने, लेखन, मीडिया विज्ञापन या पब्लिक रिलेशन सर्विसेस देने वाले व्‍यवसायों को प्रतिकूल परिणाम मिलने के संकेत हैं।

शुक्र मीन राशि में अस्‍त: मूवी रिलीज़ पर प्रभाव

फिल्‍म का नाम स्‍टार कास्‍टरिलीज़ की तारीख
जाटसन्‍नी देओल और रणदीप हुड्डा10 अप्रैल, 2025
तेरी मेहरबानियांविकास खत्री और तनवी वर्मा15 अप्रैल, 2025

शुक्र मीन राशि में अस्‍त होने का प्रभाव फिल्‍मों के व्‍यवसाय पर भी पड़ेगा। मनोरंजन और फिल्‍म उद्योग को प्रभावित करने वाला प्रमुख ग्रह शुक्र ही है। शुक्र के मीन राशि में अस्‍त होने का मनोरंजन उद्योग पर नकारात्‍मक प्रभाव देखने को मिल सकता है।

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अक्‍सर पूछे जाने वाले प्रश्‍न

प्रश्‍न 1. शुक्र किन राशियों के स्‍वामी हैं?

उत्तर. वृषभ और तुला राशि पर शुक्र का आधिपत्‍य है।

प्रश्‍न 2. क्‍या कालपुरुष की कुंडली में शुक्र मारक होता है?

उत्तर. हां, शुक्र कालपुरुष की कुंडली में दूसरे और सातवें भाव का स्‍वामी है और यहां पर मारक ग्रह होता है।

प्रश्‍न 3. शुक्र कितनी डिग्री पर अस्‍त होता है?

उत्तर. सूर्य के 6 से 7 डिग्री के आसपास शुक्र अस्‍त हो जाता है।