दो बेहद शुभ योग में मनाई जाएगी नाग पंचमी, इन उपायों से बनेंगे सारे बिगड़े काम
नाग पंचमी सनातन धर्म में विशेष महत्व रखने वाला पर्व है, जो हर वर्ष श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाया जाता है। यह दिन नाग देवताओं की पूजा-अर्चना के लिए समर्पित होता है। माना जाता है कि इस दिन नागों की पूजा करने से सर्प भय से मुक्ति, पारिवारिक सुख-शांति और संतान की रक्षा होती है। ग्रामीण अंचलों से लेकर नगरों तक इस दिन मिट्टी या चित्रों के रूप में नागों की स्थापना कर श्रद्धा पूर्वक पूजन किया जाता है। साथ ही, यह पर्व प्रकृति और जीव-जंतुओं के प्रति आदर और सह-अस्तित्व का प्रतीक भी है। श्रद्धा और परंपरा से जुड़ा यह पर्व हमें प्रकृति और जीवों की रक्षा का संदेश भी देता है।
नाग पंचमी का धार्मिक और पौराणिक महत्व बहुत गहरा है और इसे पूरे भारत में अलग-अलग रूपों में बड़े श्रद्धा भाव से मनाया जाता है। खास बात यह है कि इस बार नाग पंचमी में विशेष योग का निर्माण हो रहा है। तो आइए आगे बढ़ते हैं और जानते हैं नाग पंचमी के बारे में विस्तार से।
नाग पंचमी 2025: तिथि व शुभ मुहूर्त
नाग पंचमी तिथि: 29 जुलाई 2025, मंगलवार
नाग पंचमी पूजा मुहूर्त : 29 जुलाई 2025 की सुबह 05 बजकर 40 मिनट से 8 बजकर 23 मिनट तक।
अवधि: 2 घंटे 42 मिनट
नाग पंचमी पर शुभ योग
नाग पंचमी के दिन बेहद शुभ योग शिव योग व सिद्ध योग का निर्माण हो रहा है, जो नाग देवता की पूजा के लिए विशेष अनुकूल माने जाते हैं।
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नाग पंचमी 2025 का महत्व
नाग पंचमी सनातन धर्म का एक अत्यंत पावन और आस्था से जुड़ा पर्व है, जिसे श्रावण मास की शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाया जाता है। इस दिन विशेष रूप से नाम देवता की पूजा की जाती है ताकि जीवन से सर्प भय समाप्त हो और सुख-समृद्धि बनी रहे। धार्मिक मान्यता के अनुसार, नाग पंचमी के दिन नागों को दूध, अक्षत, फूल और दूर्वा चढ़ाकर उनकी आराधना करने से संतान की रक्षा होती है और पितरों की कृपा प्राप्त होती है।
नागों को पृथ्वी का रक्षक भी माना जाता है, जो खेतों में कीटों का संतुलन बनाए रखते हैं और भूमि की उर्वरता में सहायक होते हैं। इसी कारण नाग पंचमी केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि प्रकृति के प्रति सम्मान और संरक्षण की भावना का भी प्रतीक है। शिव भक्तों के लिए यह दिन विशेष रूप से महत्वपूर्ण होता है, क्योंकि नाम देवता भगवान शिव के गले का आभूषण माने जाते हैं। कुल मिलाकर, यह पर्व श्रद्धा, भक्ति पर्यावरण चेतना और पारिवारिक कल्याण से जुड़ी परंपराओं को सहेजने का संदेश देता है।
नाग पंचमी 2025 का धार्मिक महत्व
नाग पंचमी का धार्मिक महत्व बहुत अधिक है। इस दिन नाग देवता की पूजा कर उनसे रक्षा, सुख-शांति और समृद्धि की कामना की जाती है। पुराणों में उल्लेख है कि नाग देवता भगवान विष्णु की शैय्या, भगवान शिव के गले का आभूषण और पाताल लोक के अधिपति के रूप में पूजनीय हैं। इस दिन नागों को दूध,फूल, धूप अक्षत आदि अर्पित कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया जाता है
मान्यता है कि नाग पंचमी के दिन पूजा करने से सर्प दोष, कालसर्प दोष और कुंडली से जुड़ी कई समस्याएं दूर होती है। यह दिन विशेष रूप से उन लोगों के लिए महत्वपूर्ण है, जिन्हें स्वप्न में सांप दिखाई देते हैं या सर्प भय रहता है। शास्त्रों के अनुसार, नाग पंचमी के दिन नागों की पूजा करने से पितरों की कृपा भी प्राप्त होती है और संतान की रक्षा होती है।
इस दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें फिर स्वच्छ कपड़े पहनें और व्रत का संकल्प लें।
दीवार या कागज पर नाग देवता का चित्र बनाएं या मिट्टी की नाम प्रतिमा स्थापित करें।
इसके बाद दूध, अक्षत, कुशा, फूल, दूर्वा, हल्दी, चंदन, रोली, धूप, दीपक आदि एकत्र करें।
नाग देवता को दूध, चावल, फूल, दूर्वा आदि अर्पित करें।
इस दिन नाग देवता को कच्चा दूध चढ़ाना विशेष फलदायी माना जाता है।
नाग पंचमी के विशेष मंत्रों का जाप करें, जैसे- ॐ नमः सर्पेभ्यः पापनाशनाय स्वाहा। साथ ही, व्रत कथा जरूर पढ़ें या सुनें।
मिठाई या खीर आदि का भोग लगाकर प्रसाद के रूप में वितरित करें।
इस दिन सर्पों के बिल या शिव मंदिरों के पास दूध अर्पित करें।
दिन भर व्रत रखकर शाम को पूजा कर व्रत समाप्त करें।
नाग पंचमी व्रत कथा
पौराणिक कथा के अनुसार, प्राचीन काल की बात है, एक किसान परिवार में पांच बेटे और एक बेटी थी। किसान अपने खेतों में हल चलाता था। एक दिन जब वह हल चला रहा था, तो हल के फाल से सांप के तीन बच्चों की मृत्यु हो गई। सांप की माता नागिन को जब इस बात का पता चला, तो वह बहुत क्रोधित हुई। रात को नागिन ने किसान के घर जाकर उसके बेटों को डस लिया और उन्हें मार डाला। अगले दिन किसान और उसकी पत्नी बहुत दुखी हुए। तब उनकी बेटी ने निश्चय किया कि वह नाग माता को प्रसन्न करेगी। उसने पंचमी के दिन पूरे श्रद्धा भाव से नाग देवता की पूजा की, उन्हें दूध और लावा अर्पित किया और क्षमा मांगी।
नागिन उसकी भक्ति और पश्चाताप से प्रसन्न हुई और वचन दिया कि अब उसके परिवार को कोई नुकसान नहीं पहुंचेगा। साथ ही, उसने मृत चारों भाइयों को जीवनदान भी दे दिया। तभी से नाग पंचमी के दिन नाग देवता की पूजा करने की परंपरा चली आ रही है। इस दिन श्रद्धा से नागों की पूजा करने पर सर्प दोष समाप्त होता है और घर में सुख-शांति बनी रहती है।
नाग पंचमी 2025 के दिन करें ये आसान उपाय
सर्प दोष के मुक्ति पाने के लिए
इस दिन काले तिल और दूध से नाग देवता का अभिषेक करें। इससे कुंडली में सर्प दोष शांत होता है।
संतान प्राप्ति के लिए
नाग पंचमी के दिन नाग-नागिन की मिट्टी की मूर्ति बनाकर उनका पूजन करें औ उन्हें दूध अर्पित करें, इससे संतान सुख की प्राप्ति होती है।
राहु-केतु के प्रभाव को कम करने के लिए
नाग पंचमी के दिन नाग मंत्र “ॐ कुरुकुल्ये हुं फट् स्वाहा” का 108 बार कम से कम जाप करें।
सपने में सांप दिखना
यदि बार-बार सपनों में सांप दिखाई देते हैं तो नाग पंचमी के दिन सर्पों को दूध पिलाएं और चांदी का नाग बनवाकर मंदिर में चढ़ाएं।
घर में सुख-शांति के लिए
इस दिन घर के मुख्य द्वार पर हल्दी और कुमकुम से नाग देवता का चिन्ह बनाएं। इससे घर में नकारात्मक ऊर्जा नहीं आती है।
धन-वृद्धि के लिए
नाग पंचमी के दिन नाग देवता को केसर मिश्रित दूध चढ़ाएं और इस दौरान ॐ नागराजाय नमः मंत्र का जाप करें। ऐसा करने से आर्थिक स्थिति मजबूत बनी रहेगा।
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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
1. नाग पंचमी 2025 कब है?
साल 2025 में नाग पंचमी 29 जुलाई 2025 को मंगलवार के दिन पड़ रही है।
2. नाग पंचमी पर किसकी पूजा होती है?
नाग पंचमी में नाग देवता और भगवान शिव की पूजा होती है।
3. नाग पंचमी का महत्व क्या है?
इस दिन विशेष रूप से नाम देवता की पूजा की जाती है ताकि जीवन से सर्प भय समाप्त हो और सुख-समृद्धि बनी रहे।
कन्या राशि में पराक्रम के ग्रह मंगल करेंगे प्रवेश, इन 4 राशियों का बदल देंगे जीवन!
मंगल का कन्या राशि में गोचर: ज्योतिष की दुनिया में होने वाली प्रत्येक घटना जैसे राशि परिवर्तन, उदय, अस्त, मार्गी और वक्री आदि का प्रभाव प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रूप से मनुष्य जीवन पर पड़ता है। इसी क्रम में, नवग्रहों के सेनापति कहे जाने वाले मंगल ग्रह अपनी राशि में बदलाव करने जा रहे हैं। बता दें कि वैदिक ज्योतिष में मंगल महाराज को प्रमुख ग्रह का दर्जा प्राप्त है और यह मनुष्य जीवन में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करते हैं। हालांकि, मंगल को उग्र ग्रह माना जाता है जो साहस, पराक्रम, मनोकामना और जुनून का प्रतीक माने जाते हैं।
लाल ग्रह के नाम से विख्यात मंगल देव कुजा, लोहिता और भौम पुत्र के नाम से भी प्रसिद्ध हैं। अब यह जल्द ही अपनी राशि में बदलाव करते हुए कन्या राशि में गोचर करने जा रहे हैं। ऐसे में, एस्ट्रोसेज एआई का यह ब्लॉग आपको मंगल का कन्या राशि में गोचर से जुड़ी विस्तृत जानकारी प्रदान करेगा।
शायद ही आप जानते होंगे कि मंगल का कन्या राशि में गोचर का प्रभाव राशि चक्र की सभी राशियों के साथ-साथ देश-दुनिया को भी प्रभावित करेगा। जब मंगल देव कन्या राशि में प्रवेश कर जाएंगे, तब कुछ राशियों को सकारात्मक और कुछ राशियो को नकारात्मक परिणाम मिल सकते हैं।
किस राशि के जातकों के लिए यह अवधि बेहद शुभ रहेगी और किन्हें इस दौरान फूंक-फूंककर कदम रखने होंगे? करियर, प्रेम, वैवाहिक जीवन और व्यापार के लिए कैसा रहेगा यह गोचर? इन सभी सवालों के जवाब हमारे इस ब्लॉग में आपको प्राप्त होंगे। साथ ही, मंगल ग्रह को प्रसन्न करने के लिए आप किन उपायों को अपना सकते हैं? यह भी हम आपको बताएंगे। तो चलिए बिना देर किए शुरू करते हैं यह लेख और जानते हैं मंगल गोचर के बारे में विस्तार से।
मंगल का कन्या राशि में गोचर: तिथि और समय
मंगल ग्रह की बात करें तो, युद्ध के देवता और ग्रहों के सेनापति मंगल देव का गोचर लगभग हर 45 दिन में होता है। सरल शब्दों में, यह एक राशि में 45 दिन तक रहते हैं और उसके बाद दूसरी राशि में प्रवेश कर जाते हैं। अब मंगल ग्रह एक लंबे अर्से बाद 28 जुलाई 2025 की शाम 07 बजकर 02 मिनट पर कन्या राशि में गोचर कर जाएंगे।
बता दें कि कन्या राशि के स्वामी ग्रह बुध हैं और इन्हें मंगल देव के शत्रु माना गया है। ऐसे में, अगले 45 दिन मंगल महाराज अपने शत्रु ग्रह की राशि में रहेंगे, इसलिए इस स्थिति को बहुत शुभ नहीं कहा जा सकता है। इसके परिणामस्वरूप, मंगल देव कुंडली में अपनी स्थिति के आधार पर आपको शुभ-अशुभ परिणाम दे सकते हैं। सबसे पहले हम आपको अवगत करवाते हैं कि मंगल कन्या राशि में कैसा प्रभाव देते हैं।
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मंगल कन्या राशि में: विशेषताएं
मंगल कन्या राशि के अंतर्गत जन्मे जातक अपने जीवन में सही मार्ग पर चलते हुए आगे बढ़ना पसंद करते हैं।
ऐसे जातक समय के बेहद पाबंद होते हैं और यह अनुशासन में रहकर जीवन जीने में विश्वास करते हैं।
कन्या राशि में मंगल के तहत जन्मे जातकों की रुचि तकनीक में होती है और इस क्षेत्र में महारत हासिल करने के लिए प्रयासरत रहते हैं।
इन लोगों के निर्णय लेने की क्षमता बेहतरीन होती है और यह व्यावहारिक स्वभाव के होते हैं। साथ ही, ऐसे जातक फैसले सोच-समझकर लेते हैं।
जिन जातकों का जन्म मंगल कन्या राशि के तहत होता है, उन लोगों में हर चीज़ को गहराई से जानने की इच्छा होती है इसलिए इनकी एकाग्रता भी मज़बूत होती है।
यह लोग मुश्किल से मुश्किल काम भी आसानी से और सही तरीके से करने में सक्षम होते हैं। हालांकि, इन जातकों के यह गुण मंगल ग्रह से जुड़े अन्य तत्वों को भी प्रभावित कर सकते हैं जिसकी वजह से आपको समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
ज्योतिष की दृष्टि से मंगल
जैसे कि हम आपको बता चुके हैं कि मंगल महाराज उग्र स्वभाव के ग्रह हैं जो कि साहस, शक्ति, उत्तेजना, सेना और क्रोध आदि को दर्शाते हैं।
मंगल देव को राशियों में मेष और वृश्चिक राशि का स्वामित्व प्राप्त हैं जबकि 27 नक्षत्रों में यह चित्रा, मृगशिरा और धनिष्ठा नक्षत्र के अधिपति देव हैं।
ज्योतिष में इन्हें पुरुष स्वभाव का एक अत्यंत शक्तिशाली ग्रह माना जाता है।
बात आती है उच्च और नीच राशि की, तो मंगल ग्रह 28 डिग्री पर मकर राशि में उच्च के होते हैं और कर्क राशि में 28 डिग्री पर नीच अवस्था में माने जाते हैं।
एक तरफ जब सूर्य, बुध और चंद्रमा जैसे ग्रह हर महीने अपनी राशि बदलते हैं, वहीं मंगल ग्रह का गोचर हर डेढ़ महीने यानी कि 45 दिनों में होता है।
प्रत्येक मनुष्य के जीवन में मंगल ग्रह भाई, भूमि और ऊर्जा का प्रतिनिधित्व करते हैं।
बात करें मानव जीवन पर मंगल के प्रभाव की, तो यह किसी इंसान के भीतर ऊर्जा का संचार करते हैं।
इसके परिणामस्वरूप, जातक अपने हर काम को पूरी शक्ति और क्षमता के साथ करने में सक्षम होता है।
ऐसे जातक जिनकी कुंडली में मंगल महाराज की स्थिति अनुकूल होती है, वह स्वभाव से बेहद साहसी और निडर होते हैं। साथ ही, यह लोग जोखिम उठाने से डरते नहीं हैं।
आइए अब हम आपको रूबरू करवाते हैं कुंडली के विभिन्न भावों को मंगल ग्रह कैसे प्रभावित करते हैं।
केंद्र भावों (पहले, चौथे, सातवें और दसवें भाव) पर मंगल ग्रह का प्रभाव
प्रथम भाव: जिन जातकों के लग्न भाव पर मंगल ग्रह का प्रभाव होता है, उन्हें अपने जीवन में पारिवारिक समस्याओं का सामना करना पड़ता है क्योंकि मंगल देव की ऊर्जा आपको आक्रमक और चिड़चिड़ा बनाती है।
चौथा भाव: ऐसे लोग जिनका चौथा भाव मंगल ग्रह से प्रभावित होता है, वह अपने जीवन में अपार धन लाभ प्राप्त करते हैं। साथ ही, समाज में लोकप्रियता और मान-सम्मान भी मिलता है।
सातवां भाव: अगर मंगल महाराज सातवें भाव में विराजमान होते हैं, तो जातकों को रिश्ते में समस्याओं से दो-चार होना पड़ सकता है। इसके प्रभाव से जातक अपने अतीत से बाहर नहीं आ पाता है या फिर साथी ढूंढ़ने में उसे परेशानी होती है।
दसवां भाव: कुंडली के दसवें भाव में मंगल की उपस्थिति जातक को काम को लेकर जुनूनी बनाने का काम कर सकती है। साथ ही, यह स्थिति व्यक्ति को सेना, राजनीति और इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में सफलता दिला सकती है।
त्रिकोण भावों (पांचवां और नौवां भाव) पर मंगल का प्रभाव
पांचवां भाव: यदि किसी व्यक्ति की कुंडली में मंगल महाराज पांचवें भाव में उपस्थिति होते हैं, उन्हें सांसारिक चीज़ों के प्रति मोह नहीं रहता है। इस भाव में मंगल के प्रभाव से जातक का झुकाव खेलकूद में होता है।
नौवां भाव: नौवें भाव पर मंगल ग्रह का प्रभाव होने से जातक ज्ञानी और बुद्धिमान बनता है। ऐसा व्यक्ति अपने निजी और पेशेवर जीवन से जुड़े लोगों के साथ जल्दी घुलमिल जाता है।
मोक्ष भावों (चौथा, आठवां और बारहवां) पर मंगल का प्रभाव
आठवां भाव: मंगल ग्रह की आठवें भाव में उपस्थिति को अशुभ माना गया है क्योंकि यह जातक के जीवन में बाधाएं और स्वास्थ्य समस्याएं देने का काम करती है। साथ ही, ऐसे लोग अपने उग्र व्यवहार की वजह से बेकार के वाद-विवाद में फंस जाते हैं।
बारहवां भाव: मंगल का प्रभाव बारहवें भाव पर अच्छा नहीं कहा जा सकता है। ऐसे इंसान को अपने भाग्य का साथ नहीं मिलता है और शादीशुदा जीवन में भी उसे समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। इसके परिणामस्वरूप, आपका रिश्ता टूटने की कगार पर पहुंच सकता है।
मंगल ग्रह कमज़ोर होने के संकेत
जब मंगल देव कमज़ोर स्थिति में होते हैं, तो जातकों के जीवन में धन से जुड़ी समस्याएं धीरे-धीरे बढ़ने लगती हैं। साथ ही, ज़मीन-जायदाद से जुड़े विवाद में आप फंस सकते हैं।
मंगल देव के कुंडली में अशुभ अवस्था में होने पर व्यक्ति को भावनाओं में उतार-चढ़ाव का सामना करना पड़ सकता है। इसकी वजह से व्यक्ति तनाव में आ सकता है।
दुर्बल मंगल की वजह से लोगों को स्वास्थ्य संबंधित समस्याएं परेशान करने लगती हैं जैसे कि व्यक्ति पर थकान हावी हो सकती है। साथ ही, किसी भी काम में मन नहीं लगता है और पाचन से जुड़े रोग परेशान करने लगते हैं।
अगर आपका मंगल पीड़ित होता है या ख़राब होता है, तो यह आंखों से जुड़े रोग, पथरी, ब्लड प्रेशर और फोड़े-फुंसी जैसे रोग दे सकते हैं।
कुंडली में मंगल देव की नकारात्मक स्थिति विवाह में देरी का कारण बनती है और रिश्ते की बात अचानक से बिगड़ जाती है। शादी-विवाह की बात पक्की होने में अड़चनें आती हैं।
चलिए अब हम बात कर लेते हैं मंगल ग्रह को मज़बूत करने के उपायों की।
मंगल ग्रह को मज़बूत करने के लिए मंगलवार के दिन हनुमान जी के मंदिर जाएं और उन्हें सिन्दूर का चोला अर्पित करें।
जीवन की सभी समस्याओं के निवारण के लिए हर मंगलवार के दिन व्रत करें।
कुंडली में मंगल को बलवान करने के लिए प्रत्येक मंगलवार संकटमोचन हनुमान जी की विधि-विधान से पूजा करें। साथ ही, हनुमान चालीसा का पाठ करें।
मंगल महाराज से शुभ परिणामों की प्राप्ति के लिए मंगल ग्रह का रत्न मूंगा धारण करें। लेकिन ऐसा करने से पहले आपको किसी अनुभवी ज्योतिषियों से परामर्श लेने की सलाह दी जाती है।
गरीब और जरूरतमंदों को मंगलवार के दिन अपने सामर्थ्य अनुसार भोजन करवाने से मंगल ग्रह शांत होते हैं।
मंगल का कन्या राशि में गोचर: राशि अनुसार प्रभाव और उपाय
इसी आशा के साथ कि, आपको यह लेख भी पसंद आया होगा एस्ट्रोसेज के साथ बने रहने के लिए हम आपका बहुत-बहुत धन्यवाद करते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
1. मंगल का कन्या राशि में गोचर कब होगा?
मंगल देव 28 जुलाई 2025 को कन्या राशि में गोचर करने जा रहे हैं।
2. कन्या राशि का स्वामी कौन है?
कन्या राशि के अधिपति देव बुध ग्रह हैं।
3. मंगल ग्रह को मज़बूत कैसे करें?
मंगल ग्रह को बलवान करने के लिए हनुमान जी की पूजा फलदायी रहती है।
इस सप्ताह मनाया जाएगा नाग पंचमी का त्योहार, जानें कब पड़ेगा कौन सा पर्व!
प्रत्येक व्यक्ति की यह इच्छा होती है कि उसका भविष्य सुनहरा हो, इसलिए हर नए दिन, नए सप्ताह और नए माह से उसकी अनेक आशाएं जुड़ी होती हैं। इसी क्रम में, अब हम एक कदम आगे बढ़ाते हुए जुलाई 2025 के अंतिम सप्ताह में कदम रखने जा रहे हैं। एस्ट्रोसेज एआई के साप्ताहिक राशिफल के इस विशेष लेख में आपको जुलाई के इस सप्ताह से जुड़ी समस्त जानकारी प्रदान की जा रही है।
ऐसे में, आप इस ब्लॉग के माध्यम से जान सकेंगे कि जीवन के महत्वपूर्ण पहलुओं के लिए यह सप्ताह कैसा रहेगा। सिर्फ इतना ही नहीं, क्या करियर में इस सप्ताह मिलेगा प्रमोशन या समस्याओं से होगा आमना-सामना? व्यापार की धीमी रहेगी रफ़्तार या फिर लाभ की होगी बरसात? स्वास्थ्य रहेगा अच्छा या समस्याओं की होगी भरमार? क्या प्रेम और वैवाहिक जीवन बना रहेगा सुख-शांति से पूर्ण? इन सभी सवालों के जवाब आपको हमारे इस ब्लॉग में मिलेंगे। इसके अलावा, इस दौरान किन उपायों को अपनाकर आप ग्रहों की कृपा प्राप्त कर सकते हैं, यह भी हम आपको बताएंगे।
एस्ट्रोसेज एआई के विशेषज्ञ और विद्वान ज्योतिषियों द्वारा ग्रहों-नक्षत्रों की दशा, चाल और स्थिति की गणना करके इस लेख को तैयार किया गया है जो कि पूरी तरह से वैदिक ज्योतिष पर आधारित है। यहाँ न सिर्फ़ आपको राशिफल प्राप्त होगा, बल्कि 28 जुलाई से 03 अगस्त, 2025 के दौरान कौन से व्रत-त्योहार मनाए जाएंगे? कौन से ग्रह अपनी राशि और स्थिति में बदलाव करेंगे? इसकी जानकारी भी प्राप्त होगी। जुलाई 2025 के इस अंतिम सप्ताह में किन मशहूर हस्तियों का जन्मदिन आता है, इससे भी हम आपको अवगत करवाएंगे। तो चलिए अब हम आगे बढ़ते हैं और जानते हैं इस सप्ताह का पूरा लेखा-जोखा।
इस सप्ताह के ज्योतिषीय तथ्य और हिंदू पंचांग की गणना
जुलाई का महीना वर्ष का सातवां महीना होता है और बात करें इस माह के अंतिम सप्ताह के हिंदू पंचांग की, तो इस हफ़्ते का आगाज़ पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र के तहत शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि यानी कि 28 जुलाई 2025 को होगा जबकि इसकी समाप्ति अनुराधा नक्षत्र के तहत शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि अर्थात 03 अगस्त 2025 को हो जाएगी। इस अवधि में होने वाले ग्रह-गोचर की स्थिति में बदलाव का असर संसार और राशियों पर भी दिखाई देगा, जिसके बारे में हम आगे विस्तार से बात करेंगे। लेकिन उससे पहले हम जान लेते हैं इस सप्ताह के पर्व और व्रतों की तिथियों पर।
बृहत् कुंडली में छिपा है, आपके जीवन का सारा राज, जानें ग्रहों की चाल का पूरा लेखा-जोखा
इस सप्ताह में पड़ने वाले व्रत और त्योहार
इंसान आजकल की भागदौड़ भरी ज़िंदगी में इतना व्यस्त हो गया है कि वह महत्वपूर्ण तिथियों को भी भूल जाता है, फिर चाहे कोई जरूरी दिन हो या कोई व्रत-त्योहार हो। आपके साथ ऐसा कुछ न हो इसलिए यहां हम आपको जुलाई 2025 के इस अंतिम सप्ताह (28 जुलाई से 03 अगस्त, 2025) में आने वाले व्रत एवं पर्वों की सही तिथियां प्रदान कर रहे हैं ताकि आप इन्हें बिना किसी समस्या के ख़ुशी-ख़ुशी मना सकें।
नाग पंचमी (29 जुलाई 2025, मंगलवार): नाग पंचमी का पर्व भगवान शिव के प्रिय नाग को समर्पित होता है। हिंदू धर्म में हर साल श्रावण माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि पर नाग पंचमी का त्योहार मनाया जाता है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, पंचमी तिथि के देवता नाग देव को माना गया है इसलिए इस दिन नागों की पूजा-अर्चना, उपवास करने और कथा पढ़ने से इंसान को कालसर्प दोष से राहत मिलती है और जीवन से हर प्रकार का भय दूर होता है। साथ ही, परिवार को अशुभ घटनाओं से रक्षा मिलती है।
हम आशा करते हैं कि यह व्रत-त्योहार आपके जीवन में खुशियाँ और आशा की नई किरण लेकर आयेंगे।
हिंदू धर्म में सावन का महीना बेहद ख़ास माना गया है क्योंकि यह भगवान शिव का प्रिय माह होता है। यही वजह है कि इस महीने महादेव की पूजा-अर्चना और व्रत भक्तिभाव से किया जाता है। बता दें कि वर्ष 2025 में सावन का महीना 11 जुलाई 2025 को शुरू होगा और सावन सोमवार का पहला व्रत 14 जुलाई 2025 को रखा जाएगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सावन सोमवार का व्रत रखने का विशेष महत्व होता है और इस व्रत को करने से भक्त को भगवान शिव की कृपा प्राप्त होती है। बात करें इस सप्ताह की, तो जुलाई के इस अंतिम सप्ताह में सावन सोमवार का व्रत 28 जुलाई 2025 को किया जाएगा।
इस सप्ताह (28 जुलाई से 03 अगस्त, 2025) में पड़ने वाले ग्रहण और गोचर
ज्योतिष शास्त्र के साथ-साथ मनुष्य जीवन में भी ग्रहण-गोचर विशेष मायने रखते हैं। मान्यताओं के अनुसार, जब-जब नवग्रहों में से कोई भी ग्रह अपनी राशि, चाल या दशा में बदलाव करते हैं, तो इसका प्रभाव प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से हमारे जीवन पर पड़ता है। यह बात ग्रहण पर भी लागू होती है इसलिए हर व्यक्ति के लिए ग्रहण और गोचर की जानकारी होना बहुत आवश्यक होता है। इसी क्रम में, 28 जुलाई से 03 अगस्त 2025 के दौरान केवल एक ग्रह अपनी राशि में परिवर्तन करेगा। आइए जानते हैं कौन सा है वह ग्रह।
मंगल का कन्या राशि में गोचर (28 जुलाई 2025): ज्योतिष में मंगल को साहस और पराक्रम के देवता माना जाता है और अब यह 28 जुलाई 2025 की शाम 07 बजकर 02 मिनट पर कन्या राशि में गोचर करने जा रहे हैं। ऐसे में, मंगल का यह गोचर विश्व सहित राशियों को प्रभावित कर सकता है।
बात करें ग्रहण की, तो जुलाई 2025 के इस सप्ताह में कोई ग्रहण नहीं लगने जा रहा है।
इस सप्ताह में पड़ने वाले बैंक अवकाश
जिन लोगों को समय-समय पर बैंक में काम पड़ता रहता है, उनको बैंक अवकाश कब है, इसकी जानकारी होना बहुत जरूरी होता है, इसलिए यहाँ हम आपको 28 जुलाई से 03 अगस्त 2025 के बीच पड़ने वाले बैंक अवकाशों की सूची प्रदान कर रहे हैं।
जो माता-पिता जुलाई 2025 के इस अंतिम सप्ताह में अपनी संतान का नामकरण संस्कार करना चाहते हैं, तो उनको हम नीचे नामकरण संस्कार के शुभ मुहूर्त प्रदान कर रहे हैं।
दिनांक
मुहूर्त का समय
30 जुलाई 2025, बुधवार
05:40:58 से 29:40:58
31 जुलाई 2025, गुरुवार
05:41:31 से 29:41:31
01 अगस्त 2025, शुक्रवार
05:42:05 से 27:41:17
03 अगस्त 2025, रविवार
09:44:13 से 29:43:14
28 जुलाई से 03 जुलाई, 2025 के कर्णवेध मुहूर्त
अगर आप अपनी संतान के कर्णवेध संस्कार के लिए शुभ मुहूर्त की तलाश में हैं, तो इस सेक्शन में हम आपको कर्णवेध संस्कार के लिए तिथियां नीचे दे रहे हैं।
28 जुलाई 2025: एलेक्सिस अर्क्वेट, दुलारे सलमान, चाहत खन्ना
29 जुलाई 2025: कुणाल जयसिंह, एली अव्राम, अनूप जलोटा
30 जुलाई 2025: मंदाकिनी, अखंड सिंह, हेनरिक क्लासेन
31 जुलाई 2025: पवन खेड़ा, जेसिका विलियम्स, कियारा आडवाणी
01 अगस्त 2025: हरीश कुमार, भगवान दादा, अमर उपाध्याय
02 अगस्त 2025: अविनाश धर्माधिकारी, जेम्स बाल्डविन, संदीप लमिच्छन
03 अगस्त 2025: अनूप मेनन, मनीष पॉल, सुनील ग्रोवर
एस्ट्रोसेज इन सभी सितारों को जन्मदिन की ढेरों शुभकामनाएं देता है। यदि आप अपने पसंदीदा सितारे की जन्म कुंडली देखना चाहते हैं तो आप यहां पर क्लिक कर सकते हैं।
साप्ताहिक राशिफल 28 जुलाई से 03 अगस्त, 2025
यह भविष्यफल चंद्र राशि पर आधारित है। अपनी चंद्र राशि जानने के लिए क्लिक करें: चंद्र राशि कैलकुलेटर
मेष साप्ताहिक राशिफल
स्वास्थ्य की दृष्टि से, ये सप्ताह आपकी सेहत के लिए सामान्य से थोड़ा …..(विस्तार से पढ़ें)
मेष प्रेम राशिफल
इस सप्ताह आपके निजी जीवन में चल रही कशमकश भरी परिस्थितियां, ….(विस्तार से पढ़ें)
वृषभ साप्ताहिक राशिफल
आपका प्रतिरक्षा-तंत्र इस समय बेहद कमज़ोर होगा, इसलिए ज़रूरी हो तो बीमार ….(विस्तार से पढ़ें)
वृषभ प्रेम राशिफल
आपकी राशि के लोग दिल फेंक स्वभाव के व्यक्ति होते हैं, और इस सप्ताह….(विस्तार से पढ़ें)
मिथुन साप्ताहिक राशिफल
इस सप्ताह अपने जीवनसाथी की सेहत का ठीक तरह से ध्यान रखते….(विस्तार से पढ़ें)
मिथुन प्रेम राशिफल
इस सप्ताह आपका प्रेमी और रोमांस, आपके दिलो-दिमाग़ पर छाया….(विस्तार से पढ़ें)
कर्क साप्ताहिक राशिफल
इस सप्ताह आपको कुछ थकान भरे कार्यों से समय निकलते हुए, आराम….(विस्तार से पढ़ें)
कर्क प्रेम राशिफल
यदि आप अपने प्यार के रिश्ते को और मजबूत करना चाहते हैं तो, ….(विस्तार से पढ़ें)
ऑनलाइन सॉफ्टवेयर से मुफ्तजन्म कुंडली प्राप्त करें।
सिंह साप्ताहिक राशिफल
इस सप्ताह आपको अनुभव होगा कि, आस-पास के लोग आपसे अधिक मांग ….(विस्तार से पढ़ें)
सिंह प्रेम राशिफल
आप कई बार खुद को बेहतर समझते हुए, हर किसी से अपने अनुसार ही ……(विस्तार से पढ़ें)
कन्या साप्ताहिक राशिफल
घर और दफ़्तर में कुछ अतिरिक्त दबाव, आपको ग़ुस्सैल बना सकता है। इस….(विस्तार से पढ़ें)
कन्या प्रेम राशिफल
इस सप्ताह खुद को सावधान रखें, क्योंकि संभव है कि कोई आपका करीबी….(विस्तार से पढ़ें)
तुला साप्ताहिक राशिफल
इस पूरे ही सप्ताह वाहन चलाने वालों को, विशेष सावधानी बरतने की…..(विस्तार से पढ़ें)
तुला प्रेम राशिफल
प्रेमी जातकों के लिए ये समय अच्छा नहीं कहा जा सकता। क्योंकि…..(विस्तार से पढ़ें)
वृश्चिक साप्ताहिक राशिफल
इस सप्ताह आपको एक बेहतर ज़िंदगी जीने के लिए, अपनी सेहत…..(विस्तार से पढ़ें)
वृश्चिक प्रेम राशिफल
इस सप्ताह योग बन रहे हैं कि किसी न किसी कारणवश, आपका प्रिय …..(विस्तार से पढ़ें)
धनु साप्ताहिक राशिफल
इस बात को आप इस सप्ताह अच्छी तरह समझ पाएंगे कि, अगर आप योग को …..(विस्तार से पढ़ें)
धनु प्रेम राशिफल
इस पूरे ही सप्ताह प्रेमी जातकों के बीच, प्रेम और समर्पण का भाव…..(विस्तार से पढ़ें)
हम उम्मीद करते हैं कि आपको हमारा यह ब्लॉग ज़रूर पसंद आया होगा। अगर ऐसा है तो आप इसे अपने अन्य शुभचिंतकों के साथ ज़रूर साझा करें। धन्यवाद!
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
साल 2025 में हरियाली तीज कब है?
हरियाली तीज का पर्व 27 जुलाई 2025, रविवार को मनाया जाएगा।
जुलाई 2025 में कब चंद्र ग्रहण लगेगा?
इस महीने कोई चंद्र ग्रहण नहीं लगने जा रहा है।
जुलाई में मंगल का गोचर किस राशि में होगा?
मंगल का कन्या राशि में गोचर 28 जुलाई 2025 को होगा।
अंक ज्योतिष साप्ताहिक राशिफल: 27 जुलाई से 02 अगस्त, 2025
कैसे जानें अपना मुख्य अंक (मूलांक)?
अंक ज्योतिष साप्ताहिक भविष्यफल जानने के लिए अंक ज्योतिष मूलांक का बड़ा महत्व है। मूलांक जातक के जीवन का महत्वपूर्ण अंक माना गया है। आपका जन्म महीने की किसी भी तारीख़ को होता है, उसको इकाई के अंक में बदलने के बाद जो अंक प्राप्त होता है, वह आपका मूलांक कहलाता है। मूलांक 1 से 9 अंक के बीच कोई भी हो सकता है, उदाहरणस्वरूप- आपका जन्म किसी महीने की 10 तारीख़ को हुआ है तो आपका मूलांक 1+0 यानी 1 होगा।
इसी प्रकार किसी भी महीने की 1 तारीख़ से लेकर 31 तारीख़ तक जन्मे लोगों के लिए 1 से 9 तक के मूलांकों की गणना की जाती है। इस प्रकार सभी जातक अपना मूलांक जानकर उसके आधार पर साप्ताहिक राशिफल जान सकते हैं।
अपनी जन्मतिथि से जानें साप्ताहिक अंक राशिफल (27 जुलाई से 02 अगस्त, 2025)
अंक ज्योतिष का हमारे जीवन पर सीधा प्रभाव पड़ता है क्योंकि सभी अंकों का हमारे जन्म की तारीख़ से संबंध होता है। नीचे दिए गए लेख में हमने बताया है कि हर व्यक्ति की जन्म तिथि के हिसाब से उसका एक मूलांक निर्धारित होता है और ये सभी अंक अलग-अलग ग्रहों द्वारा शासित होते हैं।
जैसे कि मूलांक 1 पर सूर्य देव का आधिपत्य है। चंद्रमा मूलांक 2 का स्वामी है। अंक 3 को देव गुरु बृहस्पति का स्वामित्व प्राप्त है, राहु अंक 4 का राजा है। अंक 5 बुध ग्रह के अधीन है। 6 अंक के राजा शुक्र देव हैं और 7 का अंक केतु ग्रह का है। शनिदेव को अंक 8 का स्वामी माना गया है। अंक 9 मंगल देव का अंक है और इन्हीं ग्रहों के परिवर्तन से जातक के जीवन में अनेक तरह के परिवर्तन होते हैं।
बृहत् कुंडलीमें छिपा है, आपके जीवन का सारा राज, जानें ग्रहों की चाल का पूरालेखा-जोखा
मूलांक 1
(अगर आपका जन्म किसी भी महीने की 1, 10, 19, 28 तारीख़ को हुआ है)
इस मूलांक वाले जातकों में प्रशासनिक कौशल और नेतृत्व करने की क्षमता अधिक होती है और अपने इस कौशल के कारण ये अपनी काबिलियत दिखाने में सक्षम होते हैं।
प्रेम जीवन: इस समय आपको अपने पार्टनर के प्रति अपनी ईमानदारी दिखानी चाहिए। ऐसा कर के आपकी अपने रिश्ते या साथी के प्रति जिम्मेदारी बढ़ सकती है और आप उन्हें लेकर प्रतिबद्ध रह सकते हैं।
शिक्षा: इस सप्ताह आप पढ़ाई के मामले में अच्छा प्रदर्शन कर सकते हैं। आप उच्च अंक प्राप्त करने में भी सक्षम होंगे। आप अपने साथी छात्रों से प्रतिस्पर्धा करने में समर्थ हो सकते हैं। इस समय छात्रों की पढ़ाई में रुचि बढ़ सकती है।
पेशेवर जीवन: नौकरीपेशा जातक इस समय अच्छा प्रदर्शन के मामले में अपने सहकर्मियों को पीछे छोड़ सकते हैं और अपने मानक दिखा सकते हैं। वहीं व्यापरी अपनी पेशेवर रणनीतियों का उपयोग कर के अधिक मुनाफा कमा सकते हैं।
सेहत: इस सप्ताह आपका स्वास्थ्य अच्छा रहने वाला है। आप दृढ़ निश्चयी और ऊर्जा से भरपूर रहेंगे जिससे आपको अपने स्वास्थ्य को बनाए रखने में मदद मिलेगी।
उपाय: आप नियमित रूप से 19 बार ‘ॐ रुद्राय नम:’ मंत्र का जाप करें।
मूलांक 2
(अगर आपका जन्म किसी भी महीने की 2, 11, 20, 29 तारीख़ को हुआ है)
मूलांक 2 वाले जातकों की घूमने-फिरने या यात्रा करने में अधिक रुचि हो सकती है और इस तरह इनके अंदर यात्रा करने को लेकर उच्च स्तर का जुनून या जोश देखने को मिल सकता है। इसके अलावा कंफ्यूज़न होने के कारण ये जातक महत्वपूर्ण निर्णय लेने में असमर्थ रह सकते हैं।
प्रेम जीवन: इस समय आप अपने पार्टनर के साथ हंसमुख और शांत व्यवहार अपनाएंगे। आप अपने जीवनसाथी के साथ कहीं बाहर घूमने-फिरने भी जा सकते हैं।
शिक्षा: पढ़ाई के क्षेत्र में अच्छा प्रदर्शन करने के लिए आपके अंदर उच्च स्तर के कौशल विकसित हो सकते हैं। इस समय छात्र अधिक पेशेवर तरीके से पढ़ाई करेंगे। यदि आप प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं, तो आप आने वाले सप्ताह में भी अच्छा प्रदर्शन कर सकते हैं।
पेशेवर जीवन: नौकरीपेशा जातक इस समय अपने कार्यक्षेत्र में बेहतरीन प्रदर्शन करने और सफलता की ऊंचाईयों को छूने में सक्षम हो सकते हैं। आपको नौकरी के नए ऑनसाइट अवसर भी प्राप्त होंगे। वहीं व्यापारी उच्च मुनाफना कमाने में अपने प्रतिद्वंदियों को कड़ी टक्कर देने में सक्षम होंगे।
सेहत: साहस और दृढ़ संकल्प के कारण आपका स्वास्थ्य अच्छा रहने वाला है।
उपाय: आप शनिवार के दिन राहु ग्रह के लिए यज्ञ-हवन करें।
(अगर आपका जन्म किसी भी महीने की 3, 12, 21, 30 तारीख़ को हुआ है)
इस सप्ताह मूलांक 3 वाले जातकों के अंदर सकारात्मक बदलाव आ सकते हैं जिन्हें आप आगे भी बनाए रख सकते हैं। इसके अलावा ये जातक अधिक स्पष्टता के साथ महत्वपूर्ण निर्णय ले सकते हैं।
प्रेम जीवन:इस समय आप अपने जीवनसाथी के साथ अधिक ईमानदार नज़र आएंगे। आपका पार्टनर ईमानदारी दिखाने में पहले से अधिक उदार और खुले विचारों वाले हो सकते हैं।
शिक्षा: इस सप्ताह छात्र अधिक पेशेवर होकर पढ़ाई करेंगे। फाइनेंशियल अकाउंटिंग और बिज़नेस एडमिनिस्ट्रेशन जैसे विषय आपका मार्गदर्शन कर सकते हैं।
पेशेवर जीवन: आपको नौकरी के ऐसे नए अवसर मिल सकते हैं जिससे आपके लक्ष्यों की पूर्ति हो सके। यदि आप व्यवसाय करते हैं, तो आप एक बड़े उद्यमी के रूप में सफलता हासिल कर सकते हैं और अधिक मुनाफा कमा सकते हैं।
सेहत: इस सप्ताह आपका स्वास्थ्य अच्छा रहने वाला है। ऐसा आपकी इम्युनिटी के मजबूत होने और दृढ़ निश्चयी होने की वजह से हो सकता है।
उपाय: आप नियमित रूप से 21 बार ‘ॐ बृहस्पताये नम:’ मंत्र का जाप करें।
मूलांक 4
(अगर आपका जन्म किसी भी महीने की 4, 13, 22, 31 तारीख़ को हुआ है)
इस सप्ताह मूलांक 4 वाले जातकों के व्यवहार में अधिक जुनून देखने को मिल सकता है। इस वजह से ये जातक आवेग में आकर निर्णय ले सकतजे हैं जो इनके लिए बाधा का काम कर सकता है।
प्रेम जीवन: इस सप्ताह आप अपने पार्टनर के साथ अधिक जिद्दी व्यवहार अपना सकते हैं। इसके कारण आपके और आपके जीवनसाथी के बीच रिश्ते में कड़वाहट आने की आशंका है।
शिक्षा: इस समय छात्र पढ़ाई के मामले में अच्छा प्रदर्शन करने में असमर्थ रह सकते हैं और इस वजह से आप उच्च अंक प्राप्त करने में असफल हो सकते हैं। यदि आप प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं, तो इस समय आपको सफलता मिल पाने की संभावना बहुत कम बनी हुई है।
पेशेवर जीवन: इस सप्ताह नौकरीपेशा जातक अपनी योग्यता को दखाने और उच्च स्तर पर प्रगति हासिल करने में पीछे रह सकते हैं। वहीं इस समय व्यापरीगण भी मोटा मुनाफा कमाने में असफल रह सकते हैं।
सेहत: आपको तेज सिरदर्द और पाचन संबंधित समस्याएं होने की आशंका है। ये सभी समस्याएं इम्युनिटी के कमज़ोर होने और तनाव के कारण हो सकती हैं।
उपाय: आप नियमित रूप से 22 बार ‘ॐ दुर्गाय नम:’ मंत्र का जाप करें।
मूलांक 5
(अगर आपका जन्म किसी भी महीने की 5, 14, 23 तारीख़ को हुआ है)
इस मूलांक वाले जातक सांसारिक चीज़ों के बारे में जानने में अधिक रुचि रखते हैं और इसके बारे में अधिक ज्ञान अर्जित करने में इनकी दिलचस्पी हो सकती है।
प्रेम जीवन: इस सप्ताह आपको अपने जीवनसाथी के साथ अच्छे संबंध बनाए रखने के लिए तालमेल बिठाने की जरूरत हो सकती है। लेकिन इस समय ऐसा कर पाना आसान नहीं होगा।
शिक्षा: इस समय छात्र पढ़ाई में असफल हो सकते हैं और वे अपनी अपेक्षा के अनुसार उच्च अंक प्राप्त नहीं कर पाएंगे। इसकी वजह से उन्हें निराशा हो सकती है।
पेशेवर जीवन: नौकरीपेशा जातक इस समय उच्च परिणाम प्राप्त करने में असमर्थ हो सकते हैं। इस सप्ताह आपकी कार्यकुशलता में कमी आ सकती है जिसके कारण प्रतिकूल परिणाम मिलने के संकेत हैं। यदि आप व्यापार करते हैं, तो आपको अपनी अपेक्षा के अनुसार पर्याप्त मुनाफा कमाने में दिक्कत आ सकती है।
सेहत: आपको नसों से संबंधित परेशानियां और घुटनों में दर्द की शिकायत हो सकती है। इस वजह से आप परेशान रह सकते हैं। इस समय आपकी कुशलता में कमी आने के कारण आपको स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।
उपाय: आप नियमित रूप से ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ मंत्र का जाप करें।
मूलांक 6
(अगर आपका जन्म किसी भी महीने की 6, 15, 24 तारीख़ को हुआ है)
मूलांक 6 वाले जातक अधिक मौज-मस्ती करने वाले होते हैं। ये मिठाई और स्वादिष्ट व्यंजनों का आनंद ले सकते हैं जिससे इन्हें संतुष्टि मिल सकती है।
प्रेम जीवन: इस सप्ताह आप अपने पार्टनर के साथ कहीं बाहर घूमने-फिरने जा सकते हैं। आप दोनों ही इस समय का आनंद लेंगे।
शिक्षा: आप प्रोफेशनल स्टडीज़ जैसे कि विजुअल कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग, मल्टीमीडिया और सॉफ्टवेयर टेस्टिंग में अच्छा प्रदर्शन कर सकते हैं।
पेशेवर जीवन: इस समय नौकरीपेशा जातक अधिक पेशेवर तरीके से काम करते हुए नज़र आएंगे। यदि आप व्यवसाय करते हैं, तो आप अधिक मुनाफा कमा सकते हैं और आपकी आमदनी में भी बढ़ोतरी होने की उम्मीद है। आप एक प्रगतिशील स्तर पर अपने प्रतिद्वंदियों के साथ प्रतिस्पर्धा कर सकते हैं।
सेहत: मजबूत दृढ़ संकल्प के कारण आप अधिक फिट रहने वाले हैं।
उपाय: आप शुक्रवार के दिन शुक्र ग्रह के लिए यज्ञ-हवन करें।
(अगर आपका जन्म किसी भी महीने की 7, 16, 25 तारीख़ को हुआ है)
मूलांक 7 वाले जातकों के दिमाग में आध्यात्मिक विचार अधिक हो सकते हैं और ये अध्यात्म के प्रति समर्पित रह सकते हैं। इसके अलावा ये जातक अध्यात्म से संबंधित यात्रा भी कर सकते हैं।
प्रेम जीवन: इस समय आपके मन में अपने जीवनसाथी के प्रति कड़वाहट आ सकती है। ऐसा आपके आशावादी न होने के कारण हो सकता है। अपने रिश्ते को बेहतर दिशा में ले जाने के लिए आपको तालमेल बिठाने की जरूरत है।
शिक्षा: इस सप्ताह छात्रों की पढ़ाई में रुचि कम हो सकती है जिससे उनकी पढ़ाई में बाधा आने की आशंका है। इस वजह से आपको शिक्षा के क्षेत्र में प्रगति करने पर अधिक ध्यान देने की आवश्यकता है।
पेशेवर जीवन: नौकरीपेशा जातकों की काम में एकाग्रता कम हो सकती है। वहीं व्यापारियों को महत्वपूर्ण निर्णय लेने में स्पष्टता की कमी हो सकती है। ऐसे में आपको कम लाभ से ही खुद को संतुष्ट करना होगा।
सेहत: इस समय आपका स्वास्थ्य अच्छा नहीं रहने वाला है क्योंकि आपको गर्मी के कारण सनबर्न होने की आशंका है। इससे आपकी प्रगति प्रभावित हो सकती है। आपको अपने स्वास्थ्य पर अधिक ध्यान देने की जरूरत है।
उपाय: आप मंगलवार के दिन भगवान गणेश के लिए यज्ञ-हवन करें।
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मूलांक 8
(अगर आपका जन्म किसी भी महीने की 8, 17, 26 तारीख़ को हुआ है)
मूलांक 8 वाले जातक अपने काम और उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए अधिक प्रतिबद्ध हो सकते हैं। इसके अलावा ये लोग इस सप्ताह लंबी दूरी की यात्रा पर भी जा सकते हैं।
प्रेम जीवन: इस सप्ताह आपकी अपने पार्टनर में रुचि कम हो सकती है और इस वजह से आप दोनों क रिश्ते में तनाव आ सकता है।
शिक्षा: इस समय छात्र पढ़ाई में शीर्ष स्थान प्राप्त करने में असमर्थ हो सकते हैं। ऐसा पढ़ाई के मामले में योजना बनाकर न चलने की वजह से हो सकता है।
पेशेवर जीवन: नौकरीपेशा जातक जिस प्रमोशन या अन्य चीज़ों की उम्मीद कर रहे हैं, वे इन्हें इस सप्ताह नहीं मिल पाएंगी। वहीं व्यापारियों को इस समय नई व्यापारिक रणनीतियों का सहारा लेने की जरूरत पड़ सकती है।
सेहत: गंभीर जुकाम होने के कारण आपके स्वास्थ्य में गिरावट आ सकती है। इससे बचने के लिए आपको ज्यादा ठंडी चीज़ों का सेवन न करने की सलाह दी जाती है।
उपाय: आप शनिवार के दिन शनि ग्रह के लिए यज्ञ-हवन करें।
(अगर आपका जन्म किसी भी महीने की 9, 18, 27 तारीख़ को हुआ है)
इस मूलांक वाले जातक महत्वपूर्ण निर्णय लेने के मामले में अधिक साहसी और गतिशील होते हैं। इसके अलावा ये लोग सिद्धांतों पर चलना पसंद करते हैं।
प्रेम जीवन: इस सप्ताह आप अपने जीवनसाथी के साथ व्यवहार और बातचीत में अधिक स्पष्ट हो सकते हैं। इस वजह से आप अपने पार्टनर का भरोसा जीतने में सफल होंगे और आप दोनों का रिश्ता मजबूत होगा।
शिक्षा: इस समय छात्र पढ़ाई पर अच्छे से फोकस कर पाएंगे और इस वजह से आप उच्च अंक प्राप्त करने में सक्षम होंगे। इसके अलावा आप प्रतियोगी परीक्षा में भी अच्छा प्रदर्शन कर पाएंगे।
पेशेवर जीवन: यदि आप नौकरी करते हैं, तो आपको नौकरी के नए अवसर मिलने की संभावना है। आपमें से कुछ लोगों को ऑनसाइट अवसर भी मिल सकते हैं। व्यापारी उच्च स्तर का मुनाफा कमाने और सफलता पाने में सक्षम होंगे।
सेहत: इस सप्ताह आपके आकर्षण में वृद्धि देखने को मिलेगी और इस वजह से आपका स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। आपको कोई बड़ी स्वास्थ्य समस्याएं होने का डर नहीं है।
इसी आशा के साथ कि, आपको यह लेख भी पसंद आया होगा एस्ट्रोसेज के साथ बने रहने के लिए हम आपका बहुत-बहुत धन्यवाद करते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्रश्न 1. सबसे शुभ नंबर कौन सा होता है?
उत्तर. 7 नंबर सबसे ज्यादा लकी माना जाता है।
प्रश्न 2. दुनिया का सबसे अनलकी नंबर कौन सा है?
उत्तर. 13 नंबर सबसे ज्यादा अनलकी माना जाता है।
प्रश्न 3. हनुमान जी का लकी नंबर क्या है?
उत्तर. ज्योतिष के अनुसार हनुमान जी का लकी नंबर 9 है।
हरियाली तीज 2025: शिव-पार्वती के मिलन का प्रतीक है ये पर्व, जानें इससे जुड़ी कथा और परंपराएं
हरियाली तीज भारतीय संस्कृति का एक अत्यंत पावन और उल्लासपूर्ण पर्व है, जिसे श्रावण मास की शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को पूरे श्रद्धा भाव से मनाया जाता है। यह पर्व विशेष रूप से महिलाओं के बीच अत्यधिक लोकप्रिय है, खासकर विवाहित स्त्रियों के लिए यह पर्व सौभाग्य, प्रेम और दीर्घायु दांपत्य जीवन का प्रतीक माना जाता है। हरियाली तीज 2025 शिव-पार्वती के पवित्र मिलन का उत्सव है, जिसमें सुहागिन दीर्घायु दांपत्य स्त्रियां व्रत रखती हैं, श्रृंगार करती हैं और हरियाली से सजी धरती के बीच झूले झूलती हैं। यह पर्व प्रकृति की हरियाली, बारिश की फुहारों और पारंपरिक लोकगीतों से सजीव हो उठता है, जिससे यह एक सामाजिक, धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व वाला पर्व बन जाता है।
एस्ट्रोसेज एआई के इस ब्लॉग में हम हरियाली तीज 2025 व्रत के बारे में सब कुछ जानेंगे, साथ ही इसके महत्व, व्रत कथा, पूजा विधि और कुछ उपायों के बारे में भी जानेंगे। तो चलिए बिना किसी देरी के अपने ब्लॉग की शुरुआत करते हैं।
हरियाली तीज 2025: तिथि और समय
हरियाली तीज हर साल श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाई जाती है, जो आमतौर पर नाग पंचमी से दो दिन पहले पड़ती है। इस साल, हरियाली तीज 27 जुलाई 2025, रविवार को मनाई जाएगी। पंचांग के अनुसार, तृतीया तिथि 26 जुलाई 2025 को रात 10 बजकर 44 मिनट शुरू होगी और 27 जुलाई 2025 को रात 10 बजकर 44 मिनट पर समाप्त होगी। उदया तिथि के आधार पर, यह पर्व 27 जुलाई को ही मनाया जाएगा।
तृतीया आरम्भ: जुलाई 26, 2025 को 22:44:26 से
तृतीया समाप्त: जुलाई 27, 2025 को 22:44:25 पर
शुभ योग
हरियाली तीज 2025 के दिन बेहद शुभ योग का निर्माण हो रहा है। इस दिन रवि योग और शिव योग का संयोग बन रहा है, जो पूजा के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। रवि योग एक शुभ और शक्तिशाली मुहूर्त होता है, जो चंद्रमा और सूर्य के विशेय संयोग से बनता है। जब चंद्रमा किसी भी नक्षत्र में हो और सूर्य से चौथे, छठे, आठवें, नौवें या बारहवें स्थान पर स्थित हो, तब रवि योग बनता है। इसे अशुभ कार्यों की समाप्ति और शुभ कार्यों की सिद्धि के लिए अत्यंत फलदायक माना जाता है।
शिव योग की बात करें तो पंचांग के अनुसार तब बनता है जब तिथि और नक्षत्र विशेष योग में आते हैं। उदाहरण के लिए, यदि कोई भी शुभ तिथि (जैसे द्वितीया, तृतीया, सप्तमी आदि) और शुभ नक्षत्र (जैसे रोहिणी, मृगशिरा, पुष्य आदि) साथ आते हैं, तो यह शिव योग बनता है।
बृहत् कुंडली में छिपा है, आपके जीवन का सारा राज, जानें ग्रहों की चाल का पूरा लेखा-जोखा
हरियाली तीज 2025 का महत्व
हरियाली तीज का पर्व महिलाओं के लिए श्रृंगार, प्रेम और समर्पण का प्रतीक है। यह व्रत विशेष रूप से सावन मास में शुक्ल पक्ष की तीज स्थिति को मनाया जाता है। इस दिन सुहागन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र और सुखमय वैवाहिक जीवन की कामना करते हुए व्रत रखती है। इस दिन का सबसे बड़ा महत्व यह है कि माता पार्वती ने भगवान शिव को 108 जन्मों की तपस्या के बाद पति रूप में प्राप्त किया था।
हरियाली तीज इसी दिव्य मिलन की स्मृति में मनाई जाती है। यह व्रत पति-पत्नी के रिश्ते को मजबूती और प्रेम से भर देता है। हरियाली तीज न केवल धार्मिक दृष्टि से बल्कि सांस्कृतिक रूप से भी महिलाओं को एकजुटता और आत्मबल का अवसर देती है। यह पर्व प्राकृतिक सौंदर्य, प्रेम, श्रद्धा और उत्सव का सुंद संगम है।
हरियाली तीज के दिन करें इस विधि से पूजा
हरियाली तीज के दिन व्रत एवं पूजन का विशेष महत्व होता है। इस दिन सुहागिन महिलाएं विशेष विधि से भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करती है। पूजा विधि इस प्रकार है:
सुबह ब्रह्ममुहूर्त में स्नान करके स्वच्छ हरे वस्त्र पहनें और व्रत का संकल्प लें।
किसी शांत स्थान पर साफ चौकी बिछाएं और उस पर लाल या पीली कपड़ा बिछाकर भगवान शिव, माता पार्वती और गणेश जी की मूर्ति या चित्र स्थापित करें।
माता पार्वती को 16 श्रृंगार की वस्तुएं चढ़ाएं जैसे चूड़ी, बिंदी, सिंदूर, मेहंदी, इत्र आदि।
पूजन सामग्री लें (जल से भरा हुआ कलश फल, फूल, बेलपत्र, धतूरा मिठाई (घेवर विशेष रूप से), पान-सुपारी दीपक, धूप, रोली, अक्षत, नारियल) आदि।
पूजा के बाद हरियाली तीज व्रत कथा सुनें या पढ़ें। इससे व्रत पूर्ण माना जाता है।
भगवान शिव-पार्वती की आरती करें और सबको प्रसाद बांटें।
इस दिन महिलाएं झूला झूलती हैं और सावन के गीत गाकर उत्सव मनाती हैं।
कुछ महिलाएं यह व्रत निर्जला रखती हैं और अगले दिन ब्रह्ममूर्त में व्रत तोड़ती हैं। कुछ फलाहार भी करती हैं।
हरियाली तीज का पर्व श्रावण मास की शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाया जाता है। यह व्रत विशेष रूप से सुहागन स्त्रियां करती हैं ताकि उनका वैवाहिक जीवन सुखमय रहे और उन्हें अखंड सौभाग्य की प्राप्ति हो। इस व्रत की मुख्य कथा माता पार्वती और भगवान शिव से जुड़ी है।
पुराणों के अनुसार, माता सती ने पहले जन्म में भगवान शिव को पति रूप में पाने की इच्छा की थी, लेकिन सती के पिता राजा दक्ष ने शिवजी का अपमान किया। इससे आहत होकर माता सती ने यज्ञ में अपने प्राण त्याग दिए। फिर सती ने पार्वती के रूप में राजा हिमवान के घर पुनः जन्म लिया। पार्वती जी ने बचपन से ही भगवान शिव को अपना पति मान लिया और इस उद्देश्य से उन्होंने कठोर तप करना शुरू कर दिया। उन्होंने वर्षों तक अन्न-जल त्याग कर, जंगल में एकांत में तप किया। उनके तप से पूरा ब्रह्मांड कांप उठा।
भगवान शिव माता पार्वती की तपस्या से प्रसन्न तो हुए, लेकिन वे उनकी भक्ति और प्रेम की परीक्षा लेना चाहते थे। उन्होंने सप्तऋषियों को पार्वती जी के पास भेजा। ऋषियों ने कहा, “हे पार्वती! तुम एक संन्यासी, मस्तमौला, बाघम्बरधारी, श्मशान वासी को पति बनाना चाहती हो? तुम्हारे योग्य तो कोई राजकुमार है।” लेकिन पार्वती जी डिगीं नहीं। उन्होंने कहा-मेरे लिए शिव ही सब कुछ हैं। मैं उन्हें ही पति रूप में स्वीकार कर चुकी हूं। श्रावण शुक्ल तृतीया को भगवान शिव ने माता पार्वती को दर्शन दिए और उन्हें अपनी पत्नी के रूप में स्वीकार किया। इस दिन देवताओं और ऋषियों की उपस्थिति में विधिपूर्वक उनका विवाह सम्पन्न हुआ।
हरियाली तीज पर करें ये ख़ास उपाय
अखंड सौभाग्य के लिए
सुहागिन स्त्रियां लाल चूड़ियां, बिंदी, मेहंदी और सिंदूर चढ़ाकर माता पार्वती को अर्पित करें। 16 श्रृंगार करें और मन से माता पार्वती की पूजा करें। ऐसा करने से दांपत्य जीवन में प्रेम और सामंजस्य बना रहता है।
शिव-पार्वती की कृपा पाने के लिए
इस दिन मिट्टी की शिव-पार्वती प्रतिमा बनाकर पूजा करें। साथ ही, ॐ पार्वतीपतये नमः मंत्र का जाप 108 बार करें।
पति-पत्नी के बीच प्रेम बनाए रखने के लिए
इस दिन यदि आप व्रत रखते हैं तो पति का चेहरा देखकर ही व्रत खोलें और तीज माता से अपने रिश्ते की मजबूती के लिए प्रार्थना करें।
संतान सुख के लिए
ॐ नमः शिवाय” का जाप करें और शिव-पार्वती को दूध, दही और शहद चढ़ाएं।
ग्रह-दोष शांति के लिए
इस दिन पीपल के पेड़ के नीचे दीपक जलाएं। सात प्रकार के अनाज या हरी वस्तु का दान करें। ऐसा करने से ग्रह-दोष से मुक्ति मिलती है।
धन-समृद्धि के लिए
धन प्राप्ति के लिए इस दिन हरे वस्त्र पहनकर मां गौरी को पान, इलायची, हरि चूड़ियां अर्पण करें। “श्रीं श्रियै नमः” मंत्र का जाप करें।
ऑनलाइन सॉफ्टवेयर से मुफ्त जन्म कुंडली प्राप्त करे।
हरियाली तीज 2025 पर राशि अनुसार पहनें इस रंग की साड़ी
मेष राशि
मेष राशि के जातकों को हरियाली तीज के दिन लाल या सिंदूरी रंग की साड़ी पहनना चाहते हैं।
वृषभ राशि
वृषभ राशि के जातकों को इस दिन गुलाबी या चांदी जैसा सफेद रेग की साड़ी धारण करनी चाहिए।
मिथुन राशि
मिथुन राशि के जातकों को हरा या हल्का पीले रंग की साड़ी पहननी चाहिए।
कर्क राशि
कर्क राशि के जातकों को सफेद या हल्का नीले रंग की साड़ी पहननी चाहिए।
सिंह राशि
सिंह राशि के जातकों को सफेद या हल्के नीले रंग की साड़ी पहननी चाहिए।
हम उम्मीद करते हैं कि आपको हमारा यह लेख ज़रूर पसंद आया होगा। अगर ऐसा है तो आप इसे अपने अन्य शुभचिंतकों के साथ ज़रूर साझा करें। धन्यवाद!
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
1. 2025 में कब है हरियाली तीज?
हरियाली तीज का पर्व 27 जुलाई को मनाया जाएगा।
2. हरियाली तीज का दूसरा नाम क्या है?
हरियाली तीज को छोटी तीज के नाम से भी जाना जाता है।
3. हरियाली तीज पर कौन से भगवान की पूजा होती है?
इस दिन भगवान शिव व माता पार्वती की पूजा की जाती है।
टैरो साप्ताहिक राशिफल (27 जुलाई से 02 अगस्त, 2025): कैसा रहेगा ये सप्ताह सभी 12 राशियों के लिए? जानें!
टैरो साप्ताहिक राशिफल 27 जुलाई से 02 अगस्त 2025: दुनियाभर के कई लोकप्रिय टैरो रीडर्स और ज्योतिषियों का मानना है कि टैरो व्यक्ति की जिंदगी में भविष्यवाणी करने का ही काम नहीं करता बल्कि यह मनुष्य का मार्गदर्शन भी करता है। कहते हैं कि टैरो कार्ड अपनी देखभाल करने और खुद के बारे में जानने का एक ज़रिया है।
टैरो इस बात पर ध्यान देता है कि आप कहां थे, अभी आप कहां हैं या किस स्थिति में हैं और आने वाले कल में आपके साथ क्या हो सकता है। यह आपको ऊर्जा से भरपूर माहौल में प्रवेश करने का मौका देता है और अपने भविष्य के लिए सही विकल्प चुनने में मदद करता है। जिस तरह एक भरोसेमंद काउंसलर आपको अपने अंदर झांकना सिखाता है, उसी तरह टैरो आपको अपनी आत्मा से बात करने का मौका देता है।
आपको लग रहा है कि जैसे जिंदगी के मार्ग पर आप भटक गए हैं और आपको दिशा या सहायता की ज़रूरत है। पहले आप टैरो का मजाक उड़ाते थे लेकिन अब आप इसकी सटीकता से प्रभावित हो गए हैं या फिर आप एक ज्योतिषी हैं जिसे मार्गदर्शन या दिशा की ज़रूरत है। या फिर आप अपना समय बिताने के लिए कोई नया शौक ढूंढ रहे हैं। इन कारणों से या अन्य किसी वजह से टैरो में लोगों की दिलचस्पी काफी बढ़ गई है। टैरो डेक में 78 कार्ड्स की मदद से भविष्य के बारे में जाना जा सकता है। इन कार्ड्स की मदद से आपको अपने जीवन में मार्गदर्शन मिल सकता है।
टैरो की उत्पति 15वीं शताब्दी में इटली में हुई थी। शुरुआत में टैरो को सिर्फ मनोरंजन के रूप में देखा जाता था और इससे आध्यात्मिक मार्गदर्शन लेने का महत्व कम था। हालांकि, टैरो कार्ड का वास्तविक उपयोग 16वीं सदी में यूरोप के कुछ लोगों द्वारा किया गया जब उन्होंने जाना और समझा कि कैसे 78 कार्ड्स की मदद से भविष्य के बारे में जाना जा सकता है, उसी समय से इसका महत्व कई गुना बढ़ गया।
टैरो एक ऐसा ज़रिया है जिसकी मदद से मानसिक और आध्यात्मिक प्रगति को प्राप्त किया जा सकता है। आप कुछ स्तर पर अध्यात्म से, थोड़ा अपनी अंतरात्मा से और थोड़ा अपने अंतर्ज्ञान और आत्म-सुधार लाने से एवं बाहरी दुनिया से जुड़ें।
तो आइए अब इस साप्ताहिक राशिफल की शुरुआत करते हैं और जानते हैं कि 27 जुलाई से 02 अगस्त, 2025 तक का यह सप्ताह राशि चक्र की सभी 12 राशियों के लिए किस तरह के परिणाम लेकर आएगा?
टैरो साप्ताहिक राशिफल 27 जुलाई से 02 अगस्त, 2025: राशि अनुसार राशिफल
मेष राशि
प्रेम जीवन: क्वीन ऑफ पेंटाकल्स
आर्थिक जीवन: टेन ऑफ पेंटाकल्स
करियर: नाइन ऑफ कप्स
स्वास्थ्य: सेवेन ऑफ वैंड्स
प्रेम जीवन में मेष राशि वालों को क्वीन ऑफ पेंटाकल्स प्राप्त हुआ है जो आपको अपने रिश्ते का अच्छे से ध्यान रखने के लिए कह रहा है, विशेष रूप से अगर आपका रिश्ता नया है। इन जातकों को अपने रिश्ते की सुंदरता को बनाए रखना होगा। यह कार्ड सुनिश्चित करता है कि आपका रिश्ता स्थिर और मज़बूत होगा।
आर्थिक जीवन को देखें तो, टेन ऑफ पेंटाकल्स सामान्य रूप से लंबे समय तक बनी रहने वाली समृद्धि और बचत को दर्शाता है, विशेष रूप से पैतृक संपत्ति के संबंध में। यह अवधि सही तरीके से धन के प्रबंधन और आर्थिक मामलों में सोच-समझकर योजना बनाने के लिए उत्तम होगी। इस राशि वाले ट्रस्ट फंड या फिर धन से जुड़ी संस्थाओं का भी निर्माण कर सकते हैं।
करियर में नाइन ऑफ कप्स संकेत कर रहा है कि इन जातकों को अपनी मनपसंद नौकरी मिल सकती है। अगर आप खुद का व्यापार करते हैं, तो आप बिज़नेस में निर्धारित किए गए अपने लक्ष्यों को हासिल कर सकेंगे। साथ ही, इस दौरान आपको प्रमोशन या फिर नौकरी से जुड़ा कोई अवसर मिल सकता है।
स्वास्थ्य के क्षेत्र में सेवेन ऑफ वैंड्स बता रहा है कि किसी रोग या स्वास्थ्य समस्या को काबू में करने के लिए आपको दृढ़ता और धैर्य बनाए रखना होगा। ऐसे में, आपको अपनी सेहत को सुधारने के लिए मेडिकल सहायता लेने के साथ-साथ परिजनों की मदद लेने की भी सलाह दी जाती है।
लकी प्लांट: बैंबू
वृषभ राशि
प्रेम जीवन: किंग ऑफ कप्स
आर्थिक जीवन: नाइट ऑफ स्वॉर्ड्स
करियर: द हैरोफ़न्ट
स्वास्थ्य: द हर्मिट
वृषभ राशि के जातकों को प्रेम जीवन में किंग ऑफ कप्स मिला है। यह कार्ड प्रेम, भावनात्मक स्थिरता और सौहार्द से पूर्ण रिलेशनशिप का प्रतिनिधित्व करता है, फिर चाहे आपका पुराना रिश्ता हो या फिर आप नए-नए रिश्ते में आए हो। आपका पार्टनर भावनात्मक रूप से स्थिर, बुद्धिमान और वफादार होगा।
आर्थिक जीवन की बात करें तो नाइट ऑफ स्वॉर्ड्स इस सप्ताह धन-समृद्धि में वृद्धि को दर्शा रहा है। साथ ही, आपको धन से जुड़े मामलों में नए अवसर मिल सकते हैं। इस दौरान आपक धन निवेश के बेहतरीन मौके या अप्रत्याशित धन लाभ प्राप्त होगा। ऐसे में, आप धन का प्रबंधन करने में व्यस्त नज़र आ सकते हैं।
अगर आपको द हैरोफ़न्ट प्राप्त हुआ है, तो आप निश्चित रूप से अपने करियर में सफल होंगे। इस दौरान आप पहले से आज़माए हुए रास्ते पर ही चलना पसंद करेंगे और किसी को नाराज़ करने से बचेंगे। कार्यक्षेत्र में आपको संभलकर आगे बढ़ना होगा। यह कार्ड एक ऐसे अनुभवी व्यक्ति की तरफ संकेत कर रहा है जो करियर के क्षेत्र में सफलता पाने में आपका मार्गदर्शन करेगा।
स्वास्थ्य के मामले में द हर्मिट का आना बताता है कि अब आपके विचार मानसिक रूप से स्पष्ट होंगे। साथ ही, आप जीवन में अनुशासन का पालन करेंगे। इन जातकों को स्वयं को स्वस्थ रखने के लिए एक नियमित दिनचर्या का पालन करना होगा।
लकी प्लांट: मनी प्लांट
बृहत् कुंडलीमें छिपा है, आपके जीवन का सारा राज, जानें ग्रहों की चाल का पूरालेखा-जोखा
मिथुन राशि
प्रेम जीवन: सिक्स ऑफ स्वॉर्ड्स
आर्थिक जीवन: एटऑफ कप्स
करियर: फाइव ऑफ कप्स
स्वास्थ्य: द चेरियट
बात करें मिथुन राशि वालों के प्रेम जीवन की, तो सिक्स ऑफ स्वॉर्ड्स प्रेमपूर्ण जीवन के लिए बदलाव, प्रगति और मुश्किल परिस्थितियों से बाहर आने को दर्शा रहा है। यह अवधि सुलह, हीलिंग के साथ-साथ एक नए रिश्ते को शुरू करने के लिए पुराने रिश्ते को तोड़ने के लिए कह रही है।
आर्थिक जीवन के लिए एटऑफ कप्स बता रहा है कि हम सभी को कभी न कभी अपनी भलाई के लिए किसी ख़ास वस्तु का त्याग करना पड़ता है। हालांकि, कोई भी बड़ा फैसला लेने से पहले आपको अपने धन का सही तरह से प्रबंधन करने की सलाह दी जाती है। साथ ही, आप अपने खर्चों पर नज़र बनाए रखें और कोई भी बड़ी खरीदारी करते समय सावधानी बरतें।
फाइव ऑफ कप्स को दुख और हानि का प्रतीक माना जाता है। ऐसे में, करियर में इस कार्ड का आना रिश्ते के टूटने, नौकरी के छूटने, व्यापार में हानि या किसी प्रोजेक्ट के खोने की तरफ इशारा करता है। इसके परिणामस्वरूप, आप एक कदम पीछे लेने के लिए मज़बूर हो सकते हैं। इसके अलावा, आप नौकरी छोड़ने या फिर जिनके साथ आप प्रोजेक्ट पर काम कर रहे होंगे, वह काम रोक सकते हैं। इस प्रकार, यह सप्ताह समस्याओं और बदलावों से भरा हो सकता है।
स्वास्थ्य की बात करें तो, द चेरियट कहता है कि स्वास्थ्य समस्याओं से बाहर आने और अच्छी सेहत को पाने के लिए आपको अनुशासन और नियंत्रण का पालन करना होगा। यह आपके शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने पर ज़ोर देता है। इन लोगों को अपने स्वास्थ्य की देखभाल खुद करनी होगी और जरूरत पड़ने पर आप दूसरों की सहायता ले सकते हैं।
लकी प्लांट: तुलसी
कर्क राशि
प्रेम जीवन: क्वीन ऑफ पेंटाकल्स
आर्थिक जीवन: सेवेन ऑफ वैंड्स
करियर: नाइन ऑफ पेंटाकल्स
स्वास्थ्य: टू ऑफ पेंटाकल्स
कर्क राशि के जातकों को प्रेम जीवन में क्वीन ऑफ पेंटाकल्स प्राप्त हुआ है। यह बता रहा है कि आपका रिश्ता प्रेम और आपसी तालमेल पर आधारित होगा। आपके लिए साथी के साथ अच्छा, स्थिर और सुरक्षित जीवन बिताना महत्वपूर्ण होगा। यह जातक बुद्धिमान और ज़मीन से जुड़े हुए होंगे और इनकी रुचि घर-परिवार में हो सकती है।
सेवेन ऑफ वैंड्स का आना आर्थिक स्थिति को सुरक्षित बनाने और मज़बूत आधार का निर्माण करने की तरफ ध्यान केंद्रित करने के लिए कह रहा है। यह आपको दीर्घकालिक योजनाओं का निर्माण करने और सोच-समझकर धन का निवेश करने की सलाह दे रहा है ताकि आप आर्थिक जीवन में स्थिरता और अपने लक्ष्यों को प्राप्त कर सकें।
करियर को देखें तो, नाइन ऑफ पेंटाकल्स सफलता धन-समृद्धि और कार्यों में की गई मेहनत के लिए पुरस्कार मिलने का प्रतिनिधित्व करता है। यह बता रहा है कि पेशेवर जीवन में आपने कुछ विशेष उपलब्धियों को हासिल कर लिया होगा या फिर नौकरी में आपको सराहना की प्राप्ति होगी। जिन जातकों ने हाल-फिलहाल में व्यापार शुरू किया है, उनका बिज़नेस अच्छा प्रदर्शन कर रहा होगा जिसके चलते आप पर्याप्त मात्रा में पैसे कमा रहे होंगे। वहीं, यह कार्ड रिटायरमेंट की अवधि को भी दर्शाता है और अब यह समय अपनी मेहनत के फल का आनंद लेने का होगा। ,
स्वास्थ्य के मामले में टू ऑफ पेंटाकल्स कहता है कि इन जातकों को स्वस्थ जीवनशैली जीने के लिए संतुलन बनाकर चलना होगा। यह अवधि आपके लिए शांति लेकर आ सकती है जिसकी वजह अपनी जिम्मेदारियों को सही से संभालते हुए खुद की अच्छी देखभाल करना होगा।
जब बात आती है सिंह राशिके प्रेम जीवन की तो, टेन ऑफ पेंटाकल्स एक मज़बूत, समर्पित, सुरक्षित और खुशहाल रिश्ते का प्रतिनिधित्व करता है। यह एक नई शुरुआत को दर्शा रहा है जो कि परिवार को बढ़ाना, एक प्रतिबद्ध रिश्ते में आना या परिवार के सहयोग से लाभ प्राप्त करना आदि के रूप में हो सकती है।
आर्थिक जीवन की बात करें तो, द हर्मिट कहता है कि यह अवधि चीज़ों के बारे में पुनः सोच-विचार करने की होगी। इस दौरान आपको भौतिक सुखों से ऊपर उठकर अपने स्वास्थ्य और आध्यात्मिक प्रगति को प्राथमिकता देनी होगी। आपको आय और व्यय के बीच संतुलन बनाकर चलना होगा और साथ ही, आय के नए स्रोतों की पहचान करने के लिए एक नया दृष्टिकोण अपनाना होगा। इस सप्ताह आपको धन लाभ कमाने पर ध्यान केंद्रित करने के बजाय अपने जीवन के लक्ष्यों और अपने मन के अनुसार एक विशेष मार्ग को खोजकर उस पर चलना होगा।
द हैंग्ड मैन करियर के क्षेत्र में आपको कोई महत्वपूर्ण निर्णय लेने से पहले शांति से सोच-विचार करने की सलाह दे रहा है। इस दौरान आपको धैर्य बनाए रखने के साथ-साथ अपने कदमों के बारे में पुनः सोचना होगा। अगर बार-बार एक काम को दोहराते रहेंगे, तो आपको इंतज़ार, अनिश्चितता और बाधाओं का सामना करना पड़ सकता है इसलिए आपको एक कदम पीछे लेते हुए रूककर अपने लक्ष्यों के बारे में पुनः सोचना होगा।
स्वास्थ्य के संबंध में सिक्स ऑफ वैंड्स इस राशि के जातकों की सफलतापूर्वक रिकवरी या फिर सकारात्मक परिणाम मिलने को दर्शा रहा है। अब आपकी सेहत पर इलाज का सकारात्मक प्रभाव नज़र आने लगेगा। ऐसे में, आपके भीतर दोबारा जीवन शक्ति का संचार होगा। इस अवधि में जोश और उत्साह से भरे रहेंगे और अपनी ऊर्जा का प्रयोग स्वास्थ्य को उत्तम बनाने के लिए करेंगे।
कन्या राशि वालों के प्रेम जीवन में ऐस ऑफ कप्स एक नए रिश्ते की शुरुआत को दर्शाता है जो प्रेम और भावनाओं पर आधारित मज़बूत रिश्ता होगा। यह आपके लिए ख़ुशियों, जुनून और आंतरिक शांति से भरी अवधि होगी।
आर्थिक जीवन में थ्री ऑफ कप्स धन-समृद्धि, समारोह और सामाजिक मेलजोल की तरफ संकेत करता है जिसकी सहायता से आपकी आर्थिक स्थिति में सुधार हो सकता है। यह आपको जीवन के यादगार लम्हों को संजोने और सामाजिक जीवन में बने रिश्तों को महत्व देने के लिए कह रहा है। इनकी सहायता से आप पार्टनरशिप में नया व्यापार शुरू कर सकेंगे और इसके परिणामस्वरूप, आप अच्छा ख़ासा लाभ कमाने में सक्षम होंगे।
करियर के क्षेत्र में थ्री ऑफ स्वॉर्ड्स भविष्यवाणी कर रहा है कि यह सप्ताह आपके लिए तनाव, समस्याओं और मुश्किल दौर लेकर आ सकता है। इस अवधि में आपको नौकरी में छंटनी, नौकरी जाना या कंपनी की असफलताओं आदि समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। साथ ही, यह कार्ड क्लाइंट के साथ या कार्यक्षेत्र में अनसुलझी समस्याओं को दर्शा रहा है जिनका समाधान आपसी बातचीत के माध्यम से किया जा सकता है।
स्वास्थ्य में आपको ऐस ऑफ पेंटाकल्स मिला है और यह बेहतर स्वास्थ्य प्राप्त करने की दिशा में एक नई शुरुआत की तरफ संकेत कर रहा है। इस दौरान आप व्यायाम करना शुरू कर सकते हैं और संतुलित खानपान अपना सकते हैं। साथ ही, किसी रोग से पीड़ित होने के बाद स्वस्थ होने के मार्ग पर आगे बढ़ेंगे।
बात करें तुला राशि वालों के प्रेम जीवन की तो, टेनऑफ कप्स भावनात्मक संतुष्टि, प्रेमपूर्ण और लम्बे समय तक बने रहने वाले रिश्ते को दर्शाता है। यह कार्ड कहता है कि अगर आप पहले से रिश्ते में हैं, तो आपका रिलेशनशिप प्रेम और आपसी तालमेल की वजह से ख़ुशहाल रहेगा। ऐसे में, इस दौरान आप दोनों के बीच नज़दीकियां बढ़ेंगी।
जब बात आती है आर्थिक जीवन की, तो टेनऑफ वैंड्स कर्ज़ में दबे होने, धन से जुड़ी जिम्मेदारियां आप पर होने या फिर धन को लेकर तनाव में रहने की तरफ संकेत कर रहा है। यह कार्ड बताता है कि आप खुद को जिम्मेदारियों के बोझ तले दबा हुआ महसूस कर सकते हैं और ऐसे में, इन्हें पूरा करने में आपको परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
द वर्ल्डभविष्यवाणी कर रहा है कि आप करियर से जुड़े अपने लक्ष्यों को पाने में सक्षम होंगे। अगर आप खुद का व्यापार करते हैं, तो आप उस स्तर पर पहुंच सकते हैं जहां अब आप आराम से जीवन बिता सकेंगे क्योंकि आपका व्यापार सफलता के मार्ग पर आगे बढ़ रहा होगा। हालांकि, बिज़नेस शुरू करने से पहले का दौर आपके लिए तनावग्रस्त रहा होगा कि आपको कैसे परिणाम मिलेंगे। ऐसे में, अब आप मेहनत के फल का आनंद लेते हुए दिखाई देंगे और उन लोगों को धन्यवाद देना न भूलें जिन्होंने आपकी सहायता की।
स्वास्थ्य के क्षेत्र में आपको व्हील ऑफ फॉर्च्यून मिला है जो सेहत में उतार-चढ़ाव को दर्शा रहा हैः। यह अवधि आपके जीवन में कुछ परिवर्तन लेकर आ सकती है जो कि जीवनशैली में बदलाव, किसी रोग से उबरना या स्वस्थ होने के लिए नियमित दिनचर्या अपनाना आदि के रूप में हो सकते हैं।
लकी प्लांट: डेफोडिल प्लांट
वृश्चिक राशि
प्रेम जीवन: द एम्प्रेस
आर्थिक जीवन: नाइन ऑफ वैंड्स
करियर: द लवर्स
स्वास्थ्य: द डेविल
जब बात आती है वृश्चिक राशि वालों के प्रेम जीवन की तो, आपको द एम्प्रेस प्राप्त हुआ है जो प्रेम से पूर्ण, मज़बूत, सुरक्षित और स्थिर रिश्ते को दर्शा रहा है। आप और आपके पार्टनर का रिश्ता मज़बूत होगा क्योंकि आप दोनों ही रिश्ते के प्रति समर्पित और प्रतिबद्ध होंगे। साथ ही, विवाह बंधन में बंधने या फिर परिवार का विस्तार करने की भी संभावना है। यह कार्ड सौंदर्य, कंफर्ट के साथ-साथ संसार का भी प्रतीक माना जाता है।
बात करें आर्थिक जीवन की तो, नाइन ऑफ वैंड्स का आना धैर्य और दृढ़ता के साथ समस्याओं को पार करने के लिए कह रहा है। इस अवधि में आप कार्यों में काफ़ी व्यस्त नज़र आ सकते हैं या फिर धन से जुड़ी समस्याओं को लेकर परेशान नज़र आ सकते हैं। हालांकि, आपको धैर्य बनाए रखना होगा।
करियर के क्षेत्र में आपको द लवर्स प्राप्त हुआ है और यह करियर से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णय लेने को दर्शाता है। इनका संबंध करियर में बदलाव या फिर कोई बड़ा पद हासिल करने से हो सकता है। साथ ही, यह अवधि आपकी पार्टनरशिप या कोलैबोरेशन के लिए अनुकूल रहेगी। ऐसे में, आपको सहकर्मियों का हर कदम पर साथ मिलेगा।
स्वास्थ्य के मामले में द डेविल भविष्यवाणी कर रहा है कि इन जातकों को शारीरिक और मानसिक समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। आप बुरी आदतों के शिकार हो सकते हैं या फिर आपकी जीवनशैली गलत हो सकती है जिसकी वजह से आप बोझ महसूस कर सकते हैं।
धनु राशिके जातकों के प्रेम जीवन में जस्टिस कार्ड आया है जो रिश्ते में संतुलन, समानता और जवाबदेही की तरफ इशारा करता है। यह कार्ड भविष्यवाणी करता है कि आपका रिश्ता सम्मान, वफादारी और समानता पर आधारित होगा। संभव है कि जातक अपनी पिछली समस्याओं को सुलझाकर आगे बढ़ गए होंगे।
आर्थिक जीवन में किंग ऑफ पेंटाकल्स का आना स्थिरता, धन-समृद्धि और बेहतरीन धन प्रबंधन क्षमता को दर्शाता है। यह अवधि आपके लिए समृद्धि लेकर आएगी जिसे आपने अपनी मेहनत, प्रयासों और बुद्धिमानी से किए गए निवेशों के माध्यम से प्राप्त किया होगा। इस राशि के जातक संपत्ति के मालिक या फिर बिज़नेसमैन हो सकते हैं। ऐसे में, आप धन कमाने के लिए सकारात्मक तरीका अपना सकते हैं।
जब बात आती है करियर की तो, एटऑफ वैंड्स कहता है कि इन जातकों को कार्यक्षेत्र में तेज़ रफ़्तार से प्रगति के साथ-साथ कुछ रोमांचक अवसर मिलने की संभावना है। आपके द्वारा किए गए प्रयास अब अपना प्रभाव दिखाने लगेंगे और ऐसे में, आप पेशेवर जीवन के लक्ष्यों को पाने के मार्ग पर आगे बढ़ेंगे। इसके अलावा, यह कार्ड व्यापार या नौकरी के क्षेत्र में प्रगति और विस्तार को दर्शाता है।
सामान्य रूप से सिक्स ऑफ कप्स अपने कंफर्ट पर ध्यान केंद्रित करने, हीलिंग और देखभाल का प्रतिनिधित्व करता है। यह टूटे हुए रिश्तों को दोबारा अवसर देने के लिए आपको प्रोत्साहित करेगा। साथ ही, खुद को खोजने, नियमित दिनचर्या के साथ-साथ खुशहाल रिश्ते को पाने की इच्छा को भी दर्शा रहा है जिसकी वजह से आप स्वस्थ हो सकेंगे।
लकी प्लांट: रबर प्लांट
मकर राशि
प्रेम जीवन: नाइट ऑफ वैंड्स
आर्थिक जीवन: सेवेन ऑफ पेंटाकल्स
करियर: फाइव ऑफ वैंड्स
स्वास्थ्य: फोर ऑफ कप्स
बात करें मकर राशि वालों के प्रेम जीवन की तो, आपको नाइट ऑफ वैंड्स प्राप्त हुआ है जो जोश और जुनून से भरे व्यक्ति या फिर रिश्ते का प्रतीक माना गया है। ऐसे रिश्ते को प्रेम से पूर्ण बनाए रखने के लिए आपको उत्साह और रोमांच की आवश्यकता होगी। यह जातक साथी के साथ किसी ट्रिप पर जाकर और नए अनुभवों को आपस में शेयर करके रिश्ते को मज़बूत बना सकते हैं। वहीं, इस राशि के सिंगल जातकों की मुलाकात किसी यात्रा के दौरान या कार्यक्षेत्र पर किसी ख़ास से हो सकती है जिसके साथ आप प्रेम भरे रिश्ते में प्रवेश कर सकते हैं।
आर्थिक जीवन के लिए सेवेन ऑफ पेंटाकल्स भविष्यवाणी कर रहा है कि यह सप्ताह आपके लिए तरक्की और आपकी मेहनत का फल लेकर आ सकता है। लेकिन, आपको थोड़ा धैर्य रखना होगा। इस दौरान आप धीरे-धीरे अपने लक्ष्यों को हासिल करने के करीब जा रहे होंगे जो कि पेशेवर जीवन, आर्थिक जीवन या फिर व्यापार से जुड़े हो सकते हैं। ऐसे मे, अब आपको जल्द ही अपनी मेहनत के परिणाम मिलेंगे।
करियर को देखें तो, फाइव ऑफ वैंड्स कार्यक्षेत्र पर कड़ी टक्कर, प्रतिद्वंद्विता और संघर्ष को दर्शा रहा है। इस सप्ताह आपके सामने कठिन परिस्थितियां आ सकती हैं जहां आपको व्यक्ति और अहंकार के बीच टकराव देखने को मिल सकता है जिसका सीधा असर आपकी प्रगति पर पड़ सकता है। हालांकि, करियर में कड़ी टक्कर मिलने की वजह से आप प्रगति और विकास प्राप्त कर सकेंगे। लेकिन, आपकी सफलता इस बात पर निर्भर करती है कि अहंकार को अपने पर हावी न होने दें और सब मिलजुल कर काम करें।
स्वास्थ्य की बात करें तो, फोर ऑफ कप्स का आना बताता है कि इन जातकों को अपने स्वास्थ्य को नज़रअंदाज़ करने से बचना होगा। साथ ही, आपको जरूरत पड़ने पर मेडिकल सहायता लेने की सलाह दी जाती है या अगर आप किसी रोग से परेशान हैं, तो आपको बिना देर किए डॉक्टर को दिखाना चाहिए।
लकी प्लांट: पेंसिल पाम
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कुंभ राशि
प्रेम जीवन: एटऑफ स्वॉर्ड्स
आर्थिक जीवन: एटऑफ कप्स
करियर: किंग्स ऑफ वैंड्स
स्वास्थ्य: द चेरियट
कुंभ राशि के जातकों के प्रेम जीवन की बात करें तो, एटऑफ स्वॉर्ड्स दर्शाता है कि यह लोग किसी रिश्ते में फंसे हुए या फिर बंधा हुआ महसूस कर सकते हैं। सरल शब्दों में, आप स्वयं को रिश्ते में आज़ाद नहीं पाते हैं या फिर आप मुश्किल परिस्थितियों से बाहर नहीं निकल पा रहे हैं। कभी-कभी आप खुद भी भावनाओं को ज़ाहिर करने से रोक देते हैं और ऐसे में, आप स्वयं पर बांधे रखने का काम कर सकते हैं।
बात करें आर्थिक जीवन की तो, एटऑफ कप्स आपको उन चीज़ों से छुटकारा पाने के लिए कह रहा है जो आपके लिए फायदेमंद नहीं हैं, चाहे इसका असर आपकी आर्थिक स्थिति पर ही क्यों न पड़ें। भविष्य में स्थिर और सुरक्षित आर्थिक जीवन पाने के लिए आपको साहस दिखाते हुए इन बदलावों को अपनाना होगा।
करियर में आपको किंग्स ऑफ वैंड्स प्राप्त हुआ है जो नेतृत्व करने की अवधि, विकास और सफलता को दर्शा रहा है। यह कार्ड भविष्यवाणी कर रहा है कि करियर के क्षेत्र में आप सही दिशा में आगे बढ़ रहे हैं और आपकी नेतृत्व क्षमता बहुत शानदार रहेगी। यह जातक अपने लक्ष्यों को पाने के लिए मोटिवेट रहेंगे और आर्थिक जीवन के उद्देश्यों को पाने के लिए कड़ी मेहनत करेंगे। आपके करियर के लिए समय अच्छा रहेगा और इस दौरान आपको प्रमोशन मिलने के भी योग बनेंगे।
स्वास्थ्य के मामले में द चेरियट कहता है कि इन जातकों को स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए जिम्मेदारियां अपने ऊपर लेना और एकाग्रचित्त होकर जरूरी कदम उठाना आवश्यक होगा। यह कार्ड कहता है कि अगर आपको मेडिकल सहायता की जरूरत है, तो डॉक्टर की मदद लेने से हिचकिचाएं नहीं। साथ ही, आपको अपनी ऊर्जा के माध्यम से स्वास्थ्य समस्याओं से निपटना होगा। यह कार्ड चुनौतियों पर विजय पाने और बड़े फैसलों का भी प्रतिनिधित्व करता है जो आपकी सेहत के लिए लाभदायक होती है।
लकी प्लांट: ऐरेका पाम
मीन राशि
प्रेम जीवन: सेवेन ऑफ स्वॉर्ड्स
आर्थिक जीवन: किंग ऑफ स्वॉर्ड्स
करियर: पेज ऑफ कप्स
स्वास्थ्य: फाइव ऑफ पेंटाकल्स
बात करें मीन राशि वालों के प्रेम जीवन की तो, आपको सेवेन ऑफ स्वॉर्ड्स प्राप्त हुआ है जो कि एक शुभ संकेत माना जाएगा। ऐसे में, यह कार्ड धोखा, गलत इरादे और रिश्ते में विश्वास की कमी को दर्शा रहा है। संभव है कि आपके जीवन में कोई व्यक्ति आपके साथ छल कर रहा हो या फिर किसी महत्वपूर्ण काम में देरी का कारण बन रहा हो। इन जातकों को थोड़ा सतर्क रहना होगा क्योंकि आपका साथी आपसे कुछ छुपा सकता है।
आर्थिक मामलों में किंग ऑफ स्वॉर्ड्स तार्किक और व्यावहारिक दृष्टिकोण अपनाने के लिए कह रहा है। साथ ही, आपको किसी भी निर्णय पर पहुंचने से पहले गहराई तक जाने और अच्छे से सोच-विचार करना होगा। इन लोगों को आर्थिक और करियर के क्षेत्र में सफलता पाने के लिए बुद्धि का इस्तेमाल करना होगा और अच्छी योजना बनने के साथ-साथ सकारात्मक दृष्टिकोण रखना होगा।
करियर में पेज ऑफ कप्स का आना आपके लिए शुभ समाचार और नौकरी के सुनहरे अवसर लेकर आएगा, विशेष रूप से उन लोगों के लिए जिनका संबंध रचनात्मकता और भावनात्मक क्षेत्रों से है। यह अवधि आपके करियर में सकारात्मक परिवर्तन या फिर नौकरी के नए अवसर लेकर आ सकती है। साथ ही, आपको पदोन्नति मिलने की भी संभावना है।
स्वास्थ्य को लेकर फाइव ऑफ पेंटाकल्स कहता है कि मीन राशि के जातकों को शारीरिक और मानसिक समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। यह कार्ड पिछले समय से चल रहे रोगों, दीर्घकालिक बीमारियों या इलाज की कमी की वजह से होने वाली मानसिक समस्याओं की तरफ इशारा कर रहा है।
इसी आशा के साथ कि, आपको यह लेख भी पसंद आया होगा एस्ट्रोसेज के साथ बने रहने के लिए हम आपका बहुत-बहुत धन्यवाद करते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
1. द मैजिशियन कार्ड किस अंक का प्रतिनिधित्व करता है?
टैरो रीडिंग में द मैजिशियन अनंतता और जीवन के सभी क्षेत्रों में संभावनाओं तथा कभी न ख़त्म होने वाली प्रगति को दर्शाता है।
2. टैरो डेक में कितने मेजर आर्काना कार्ड होते हैं?
22 कार्ड्स।
3. किन्हीं चार क्वीन कार्ड्स के नाम बताएं?
क्वीन ऑफ वैंड्स, क्वीन ऑफ कप्स, क्वीन ऑफ स्वॉर्ड्स और क्वीन ऑफ पेंटाकल्स।
मित्र बुध की राशि में अगले एक महीने रहेंगे शुक्र, इन राशियों को होगा ख़ूब लाभ; धन-दौलत की होगी वर्षा!
शुक्र का मिथुन राशि में गोचर: एस्ट्रोसेज एआई की हमेशा से यह पहल रही है कि वह अपने लेखों के द्वारा आपको ग्रहों की चाल, दशा या स्थिति में होने वाले छोटे से छोटे बदलावों के बारे में बता सकें क्योंकि इनका सीधा असर आपके और हमारे जीवन पर पड़ता है। इसी क्रम में, ज्योतिष शास्त्र में शुक्र महाराज को भोग-विलास और ऐश्वर्य के कारक ग्रह माना जाता है जो कि प्रेम, लक्ज़री और सौंदर्य आदि का प्रतिनिधित्व करते हैं। इनकी कृपा से ही कोई व्यक्ति किसी दूसरे के प्रति आकर्षित होता है। ऐसे में, शुक्र ग्रह के गोचर को महत्वपूर्ण माना जाता है जिसका प्रभाव प्रत्यक्ष रूप से प्रेम जीवन से लेकर वैवाहिक जीवन तक पर नज़र आता है। अब शुक्र देव जल्द ही अपना राशि परिवर्तन करने जा रहे हैं।
इसी क्रम में, हमारा आज का यह विशेष ब्लॉग आपको “शुक्र का मिथुन राशि में गोचर” से जुड़ी सारी जानकारी प्रदान करेगा। साथ ही, शुक्र महाराज का यह गोचर कब और किस समय होगा? इनका यह राशि परिवर्तन आपको सकारात्मक या नकारात्मक किस तरह के परिणाम देगा? शुक्र का मिथुन राशि में प्रवेश किन राशियों के लिए शुभ और किनके लिए अशुभ रहेगा? आपके मन में उठने वाले इस तरह के सभी सवालों के जवाब आपको “शुक्र गोचर” के इस लेख में मिलेंगे। इसके अलावा, विद्वान ज्योतिषियों द्वारा शुक्र को मज़बूत करने के उपाय भी आपको बताए जाएंगे जिससे आप शुक्र ग्रह से शुभ फल प्राप्त कर सकेंगे। तो चलिए शुरुआत करते हैं इस ब्लॉग की।
कब और किस समय होगा शुक्र का मिथुन राशि में गोचर?
शुक्र देव को असुरों के गुरु का दर्जा प्राप्त है और इनकी कृपा से किसी व्यक्ति को लोकप्रियता, धन-समृद्धि, विलासिता, रचनात्मकता और प्रेम पूर्ण रिश्ते की प्राप्ति होती है। शुक्र महाराज का गोचर हर महीने यानी कि तक़रीबन 30 दिनों में होता है और इसके बाद, यह दूसरी राशि में प्रवेश कर जाते हैं। ऐसे में, अब शुक्र महाराज 26 जुलाई 2025 की सुबह 08 बजकर 45 मिनट पर मिथुन राशि में गोचर कर जाएंगे। बता दें कि मिथुन राशि के स्वामी बुध ग्रह हैं जो शुक्र के मित्र माने गए हैं। इसके परिणामस्वरूप, शुक्र का मिथुन राशि में गोचर शुभ कहा जा सकता है। हालांकि, यह राशि परिवर्तन देश-दुनिया के साथ-साथ सभी राशियों के जातकों के जीवन में बदलाव लेकर आने में सक्षम होगा।
बृहत् कुंडली में छिपा है, आपके जीवन का सारा राज, जानें ग्रहों की चाल का पूरा लेखा-जोखा
मिथुन राशि में युति करेंगे गुरु और शुक्र
हम आपको ऊपर बता चुके हैं कि शुक्र ग्रह अपने मित्र बुध की राशि मिथुन में गोचर करेंगे जिसे एक अनुकूल स्थिति कहा जा सकता है। लेकिन, मिथुन राशि में जब शुक्र का गोचर होगा, उस समय वहां पहले से गुरु ग्रह विराजमान होंगे। इसके फलस्वरूप, मिथुन राशि में गुरु और शुक्र दोनों एक साथ बैठे होंगे और यह युति का निर्माण करेंगे। बता दें कि मिथुन राशि में शुक्र और गुरु की स्थिति को अच्छा नहीं कहा जा सकता है क्योंकि बृहस्पति देवताओं के गुरु और शुक्र ग्रह असुरों के गुरु हैं। ऐसे में, इनकी यह युति कन्फ्यूज़न पैदा करने का काम कर सकती है, विशेष रूप से उन क्षेत्रों में जिन भावों में यह दोनों ग्रह बैठे होंगे या जिन भावों के ये स्वामी होंगे। चलिए अब नज़र डालते हैं शुक्र ग्रह के ज्योतिषीय महत्व पर।
ज्योतिष में शुक्र ग्रह का महत्व
वैदिक ज्योतिष में शुक्र महाराज को स्त्री ग्रह माना गया है और इनकी कृपा से व्यक्ति को अपने जीवन में धन, संपत्ति, ऐश्वर्य, प्रेम से भरा प्रेम जीवन और सुख-सुविधापूर्ण जीवन मिलता है।
शुक्र देव को लाभकारी और शुभ ग्रह का दर्जा प्राप्त है। ज्योतिष की तरह ही हिंदू धर्म में भी शुक्र ग्रह का अपना महत्व है जिन्हें शुक्राचार्य के नाम से जाना जाता है क्योंकि यह राक्षसों के गुरु माने जाते हैं।
राशि चक्र की सभी 12 राशियों में शुक्र वृषभ और तुला राशि के अधिपति देव हैं जबकि 27 नक्षत्रों में इन्हें पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र, भरणी नक्षत्र और पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र का स्वामित्व प्राप्त है।
बात करें मित्र ग्रह की तो, शुक्र देव न्याय के देवता शनि और बुद्धि के ग्रह बुध महाराज से मित्रवत संबंध रखते हैं। दूसरी तरफ, शुक्र महाराज सूर्य और चंद्रमा के प्रति शत्रुता के भाव रखते हैं।
अगर किसी जातक के प्रेम जीवन का विश्लेषण करना होता है, तो सबसे पहले कुंडली में शुक्र देव की स्थिति को गहराई से देखा जाता है।
कुंडली में शुक्र देव के शुभ और बलवान होने पर व्यक्ति का प्रेम जीवन प्यार, रोमांस और ख़ुशियों से भरा रहता है।
इसके विपरीत, शुक्र ग्रह की कमज़ोर अवस्था मनुष्य के प्रेम जीवन से लेकर वैवाहिक जीवन तक में परेशानी का कारण बन सकती है क्योंकि व्यक्ति को अनेक तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
शुक्र महाराज के बलवान होने से जातक एक्टिंग, पेंटिंग, गायन और संगीत आदि क्षेत्रों में लोकप्रियता प्राप्त करता है।
आइए अब जान लेते हैं शुक्र ग्रह जीवन के विभिन्न क्षेत्रों को कैसे प्रभावित करते हैं।
शुक्र ग्रह की सकारात्मक और नकारात्मक स्थिति का प्रभाव प्रत्येक व्यक्ति के जीवन को किसी न किसी रूप से प्रभावित करता है, कैसे? आइए जानते हैं।
करियर पर शुक्र ग्रह का प्रभाव: किसी व्यक्ति की कुंडली में शुक्र देव की शुभ स्थिति आपकी किस्मत बदल सकती है। यह आपको एक स्थिर और सफल करियर प्रदान करती है। वहीं, आपके दसवें भाव पर शुक्र ग्रह का प्रभाव या शुक्र की अशुभ स्थिति आपको अस्थिर करियर देने का काम कर सकती है। ऐसे में, कड़ी मेहनत करने के बाद भी मनपसंद नौकरी या पद हासिल करना आपको मुश्किल लग सकता है।
वैवाहिक जीवन पर शुक्र ग्रह का प्रभाव: शुक्र देव के कुंडली में बलवान होने पर जातकों को योग्य और मनचाहे जीवनसाथी का आशीर्वाद मिलता है। साथ ही, इनका शादीशुदा जीवन स्थिर, मज़बूत और हर लंबे समय तक एक-दूसरे का साथ देने वाला होगा। वहीं, कुंडली में शुक्र महाराज के दुर्बल होने पर विवाह के मार्ग में समस्याएं आती हैं जो देरी का कारण बनती हैं। इसी प्रकार, विवाहित जातकों को रिश्ते में काफ़ी उतार-चढ़ाव का सामना करना पड़ सकता है।
प्रेम जीवन पर शुक्र ग्रह का प्रभाव: कुंडली में शुक्र की शुभ स्थिति प्रेम जीवन को खूबसूरत और आसान बनाने का काम करती है। मान्यताओं के अनुसार, शुक्र महाराज की सकारात्मक स्थिति जातकों के प्रेम जीवन में रिश्ते को मज़बूत, प्रेमपूर्ण, बेहतरीन आपसी तालमेल और जुनून से भरने का काम करती है। इसके विपरीत, शुक्र की कमज़ोर अवस्था आपके प्रेम जीवन को नीरस बना देती है और ऐसे में, रिश्ते में समस्याएं और गलतफहमियां बढ़ने लगती हैं।
स्वास्थ्य पर शुक्र ग्रह का प्रभाव: प्रेम और सुंदरता के कारक ग्रह शुक्र चेहरे और प्रजनन अंगों से जुड़े हैं और ऐसे में, शुक्र के नकारात्मक प्रभाव से जातक को नशे, धूम्रपान और प्रजनन अंगों से जुड़ी समस्याएं परेशान करने लगती हैं जबकि इनकी मज़बूती आपकी सुंदरता बढ़ाने का काम करती है।
शुक्र ग्रह की अन्य ग्रहों के साथ युति और इनका गोचर सिर्फ़ शुभ योगों को जन्म नहीं देता है, बल्कि कई अशुभ योग भी बनते हैं जिनके बारे में हम नीचे बात करेंगे।
सहोदरी संगम योग
सहोदरी संगम योग उस समय बनता है जब कुंडली में चौथे भाव के स्वामी शुक्र और सातवें भाव के स्वामी युति का निर्माण करते हैं। ज्योतिष में सहोदरी संगम योग को अशुभ माना जाता है जिसका संबंध पापी ग्रहों से या फिर उनसे प्रभावित माना गया है।
कालत्राशंडा योग
ज्योतिष के अनुसार, कालत्राशंडा योग का निर्माण उस समय होता है जब सातवें भाव का स्वामी शुक्र ग्रह के साथ छठे भाव में विराजमान होता है या फिर उसके साथ युति करता है। किसी मनुष्य के शादीशुदा जीवन को कालत्राशंडा योग नकारात्मक रूप से प्रभावित करता है और विवाद का कारण बनता है।
भग चुम्बन योग
भग चुम्बन योग को अशुभ माना गया है और कुंडली में यह उस समय बनता है जब सातवें भाव का स्वामी शुक्र महाराज के साथ चौथे भाव में बैठा होता है। भग चुम्बन योग के अशुभ प्रभाव की वजह से जातकों में काम भावना बहुत अधिक होती है और यह इनके जीवन में समस्याओं को बढ़ाने का काम करती है।
कुंडली में कमज़ोर शुक्र होने पर दिखते हैं ये लक्षण
अगर किसी की कुंडली में शुक्र निर्बल होता है, तो उस व्यक्ति को संतान प्राप्ति में कई तरह की बाधाओं से जूझना पड़ता है।
ज्योतिष के अनुसार, आपका शुक्र कमज़ोर होने से जीवन में गरीबी और निर्धनता दस्तक देने लगती है।
शुक्र देव का नकारात्मक प्रभाव आपके आर्थिक जीवन में परेशानियां पैदा करता है और ऐसे में, आप आर्थिक तंगी की वजह से चिंतित रहने लगते हैं।
जब किसी व्यक्ति की कुंडली में शुक्र ग्रह अशुभ या पीड़ित होता है, तो आपको हर काम में असफलता की प्राप्ति होती है। साथ ही, मेहनत करने के बावजूद भी आपको तरक्की और सफलता के लिए मशक्कत करनी पड़ती है।
स्वास्थ्य की बात करें तो, शुक्र के कमज़ोर होने से आपको शुगर, आंत, मूत्र और किडनी से संबंधित समस्याएं घेरने लगती हैं।
शुक्र के पापी या पीड़ित होने पर प्रेम जीवन और वैवाहिक जीवन में साथी के साथ रिश्ते बिगड़ने लगते हैं और आप दोनों के बीच दूरियाँ आ जाती हैं।
वैवाहिक जीवन में शुक्र का नकारात्मक प्रभाव जीवनसाथी के बीच मतभेद और विवाद पैदा करता है।
शुक्र को मज़बूत करने के लिए रोज़ाना सुबह गाय को रोटी खिलाएं।
संभव हो, तो शुक्रवार के दिन शुक्र ग्रह के लिए व्रत करें। ऐसा करने से शुक्र ग्रह प्रसन्न होते हैं।
हर रोज़ शुक्र देव के बीज मंत्र “ॐ शुं शुक्राय नम:” का 108 बार जाप करना आपके लिए फलदायी रहेगा।
हीरा रत्न शुक्र ग्रह को अत्यंत प्रिय है इसलिए कुंडली में शुक्र ग्रह को शुभ करने के लिए आप हीरा रत्न पहन सकते हैं। लेकिन, ऐसा किसी अनुभवी ज्योतिषी से सलाह लेने के बाद ही करें।
शुक्र देव से शुभ परिणाम पाने के लिए शुक्रवार के दिन सफ़ेद रंग की वस्तुओं जैसे कि चीनी, दूध, दही, घी और आटा आदि का दान करना चाहिए।
इसी आशा के साथ कि, आपको यह लेख भी पसंद आया होगा एस्ट्रोसेज के साथ बने रहने के लिए हम आपका बहुत-बहुत धन्यवाद करते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
1. शुक्र का मिथुन राशि में गोचर कब होगा?
प्रेम के कारक ग्रह शुक्र महाराज 26 जुलाई 2025 को मिथुन राशि में गोचर कर जाएंगे।
2. मिथुन राशि का स्वामी कौन है?
राशि चक्र की तीसरी राशि के अधिपति देव बुध ग्रह हैं।
3. क्या बुध शुक्र ग्रह के शत्रु हैं?
नहीं, बुध ग्रह से शुक्र देव मित्रवत संबंध रखते हैं।
बुध कर्क राशि में मार्गी, इन राशि वालों का शुरू होगा गोल्डन टाइम!
ज्योतिषशास्त्र में बुध ग्रह को बुद्धि का कारक माना गया है। इस ग्रह को अपनी चतुराई एवं समझदारी के लिए जाना जाता है। अन्य ग्रहों की तरह बुध ग्रह भी एक तय समयावधि के बाद एक राशि से दूसरी राशि में गोचर करते हैं और इस दौरान बुध मार्गी एवं वक्री के साथ-साथ अस्त और उदित भी होते बुध की स्थिति में आने वाले इस हैं। परिवर्तन का सभी राशियों के जातकों के जीवन पर प्रभाव पड़ता है।
अब अगस्त में भी बुध मार्गी होने जा रहे हैं जिससे कुछ राशियों के लोगों को अपार सफलता मिलने की संभावना है। बता दें कि 11 अगस्त 2025 को दोपहर 12 बजकर 22 मिनट पर बुध ग्रह कर्क राशि में मार्गी हो रहे हैं।
आज इस ब्लॉग के ज़रिए हम आपको बताने जा रहे हैं कि बुध के कर्क राशि में मार्गी होने पर किन राशि के लोगों को भाग्य का साथ मिल सकता है।
बुध ग्रह इस राशि के तीसरे तथा छठे भाव के स्वामी हैं और अब बुध कर्क राशि में मार्गी आपके चतुर्थ भाव में होंगे। इस भाव में बुध के होने को अच्छे परिणाम देने वाला माना जाता है। आपको माता से संबंधित मामलों में अनुकूलता मिल सकती है। जमीन जायदाद से संबंधित मामलों में भी अच्छे परिणाम मिलने के संकेत हैं। पारिवारिक जीवन सुखमय रहेगा। आप कबूतरों को दाना दें।
बुध ग्रह मिथुन राशि के लग्न और चौथे भाव के स्वामी ग्रह हैं। बुध कर्क राशि में मार्गी आपके दूसरे भाव में होंगे। आप अपने लिए वस्त्र और आभूषण खरीद सकते हैं। विद्यार्थियों को भी अच्छे परिणाम मिल सकते हैं। यदि आपका काम वाणी से संबंधित है तो आपकी वाकपटुता में सुधार होने के कारण आपको और अच्छा लाभ मिल सकेगा। इस समय आप स्वादिष्ट भोजन का आनंद ले सकते हैं। आपके अपने रिश्तेदारों के साथ संबंध बेहतर होंगे। आप रोज़ गणेश चालीसा का पाठ करें।
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कन्या राशि
कन्या राशि के लग्न और कर्म स्थान के स्वामी बुध ग्रह हैं और अब वह आपके लाभ भाव में मार्गी हो रहे हैं। आपकी आमदनी में बढ़ोतरी होने की संभावना है। व्यापारमें आ रही अड़चने दूर होंगी। स्वास्थ्य के लिए भी बुध ग्रह का मार्गी होना फायदेमंद रहेगा। आपको अपनी संतान और दोस्तों से संबंधित मामलों में सकारात्मक परिणाम मिलने की उम्मीद है। आप रोज़ गणपति अथर्वशीर्ष का पाठ करें।
बुध आपके भाग्य भाव और द्वादश भाव के स्वामी ग्रह हैं। इस बार बुध कर्क राशि में मार्गी आपके दशम भाव में होंगे।
बुध आपके भाग्य भाव और द्वादश भाव के स्वामी ग्रह हैं। इस बार बुध कर्क राशि में मार्गी आपके दशम भाव में होंगे। इस समय आपको अधिक अनुकूल परिणाम प्राप्त होंगे। आपको अपने कार्यक्षेत्र में तरक्की मिलेगी। आपकी पद-प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। आप अपने प्रतिस्पर्धियों से आगे निकल सकते हैं। व्यापार में मुनाफा होने की उम्मीद है। मंदिर जाकर दूध और चावल का दान करें।
बुध ग्रह सातवें और दशम भाव के स्वामी ग्रह हैं। आपको इस समय आकस्मिक लाभ होने के संकेत हैं। थोड़ी सी मेहनत के बाद ही सही लेकिन कामों में सफलता मिल सकती है। आपकी पद प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। इस समय आपको कहीं न कहीं से लाभ होने के आसार हैं। आपशिवलिंग पर शहद चढ़ाएं।
बुध ग्रह कुंभ राशि के पांचवें तथा आठवें भाव के स्वामी हैं और अब वह आपके छठे भाव में मार्गी हो रहे हैं। इस समय आप अनेक उपलब्धियां प्राप्त कर सकते हैं। आपके लिए धन लाभ के योग भी बन रहे हैं। दोस्तों के साथ आपके संबंध अच्छे होंगे। अगर किसी दोस्त के साथ आपकी अनबन चल रही है, तो अब बात सुलझ सकती है। आपको अचानक धन लाभ हो सकता है। कला, साहित्य, लेखन, पब्लिकेशन आदि से जुड़े लोगों को काफी अच्छे परिणाम मिल सकते हैं। गंगाजल से शिव जी का अभिषेक करें।
हम उम्मीद करते हैं कि आपको हमारा यह लेख ज़रूर पसंद आया होगा। अगर ऐसा है तो आप इसे अपने अन्य शुभचिंतकों के साथ ज़रूर साझा करें। धन्यवाद!
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्रश्न 1. बुध ग्रह का किन राशियों पर स्वामित्व है?
उत्तर. बुध कन्या और मिथुन राशि के स्वामी हैं।
प्रश्न 2. कर्क राशि के स्वामी कौन हैं?
उत्तर. इस राशि के स्वामी चंद्रमा हैं।
प्रश्न 3. बुध कर्क राशि में मार्गी कब हो रहे हैं?
उत्तर. 11 अगस्त, 2025 को।
मंगल का कन्या राशि में गोचर, देखें शेयर मार्केट और राशियों का हाल!
मंगल का कन्या राशि में गोचर: एस्ट्रोसेज एआई की हमेशा से यही पहल रही है कि किसी भी महत्वपूर्ण ज्योतिषीय घटना की नवीनतम अपडेट हम अपने रीडर्स को समय से पहले दे पाएं और इसी कड़ी में हम आपके लिए लेकर आए हैं मंगल का कन्या राशि में गोचरसे संबंधित यह खास ब्लॉग। 28 जुलाई, 2025 को मंगल कन्या राशि में गोचर करने जा रहे हैं। तो चलिए जानते हैं कि मंगल के इस गोचर का सभी राशियों और देश-दुनिया पर क्या प्रभाव पड़ेगा।
ज्योतिष शास्त्र में मंगल ग्रह को आक्रामकता, कार्य करने और ऊर्जा का कारक माना गया है। इसे योद्धा की उपाधि भी दी गई है। यह ग्रह दिखाता है कि कोई व्यक्ति किस तरह से अड़चनों का सामना करता है, अपने लक्ष्यों को पाने के लिए कैसे काम करता है और बाहरी दुनिया के साथ किस तरह से पेश आता है। इसके अलावा मंगल साहस, महत्वाकांक्षा और हिंसा को भी दर्शाता है। जन्मकुंडली में मंगल की स्थिति पर निर्भर करता है कि व्यक्ति इन विशेषताओं को किस तरह से दिखाएगा और इसका असर रिश्तों, करियर एवं जीवन की दिशा पर भी पड़ता है।
मंगल का कन्या राशि में गोचर: समय
वैदिक ज्योतिष में मंगल साहस, पराक्रम, भूमि और भाईयों का कारक है और अब मंगल 28 जुलाई, 2025 को शाम 07 बजकर 02 मिनट पर कन्या राशि में गोचर करने जा रहे हैं। आमतौर पर मंगल ग्रह एक राशि में 45 दिनों तक रहते हैं और इसके बाद वह 13 सितंबर, 2025 को तुला राशि में गोचर कर जाएंगे।
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मंगल कन्या राशि में: विशेषताएं
मंगल इच्छा और कार्य करने का कारक है और इस ग्रह के कन्या राशि में होने पर जातक अपने लक्ष्यों को पाने और इच्छाओं को पूरा करने के लिए उचित और विश्लेषणात्मक तरीका अपनाता है। जिन लोगों की कुंडली में कन्या राशि में मंगल होता है, वे कुशल होते हैं और अक्सर खुद को और दूसरों की आलोचना करते हैं। समस्याओं को सुलझाने, नौकरी और स्वास्थ्य के मामले में ये परफेक्ट हो सकते हैं और इनके अंदर खुद को बेहतर बनाने की तीव्र इच्छा हो सकती है। ये अपने रिश्तों को मजबूत और स्थिर रखते हैं और हमेशा आवेगी नहीं होते हैं।
मंगल राशि चक्र की छठी राशि कन्या में हैं और मंगल एवं कन्या दोनों में ही अलग-अलग विशेषताएं देखने को मिलती हैं। जहां एक ओर कन्या राशि सतर्क, व्यावहारिक और हर चीज़ पर बारीकी से ध्यान देने वाली होती है, वहीं मंगल सीधी बात करने वाला, क्रोधी और अधीर होता है। इन दोनों में ही आवेग की प्रवृत्ति एक समान है जो चीज़ों को सामान्य रूप से अधिक तेजी से आगे बढ़ाने का काम करती है। इसलिए मंगल ग्रह की कन्या राशि में उपस्थिति आपके विचारों पर अमल करने का एक ऐसा अवसर लाता है जिसमें दूरदर्शिता और ऊर्जा दोनों का संगम होता है।
मंगल का कन्या राशि में गोचर: इन राशियों को होगा लाभ
मेष राशि
मंगल ग्रह मेष राशि के पहले और आठवें भाव के स्वामी हैं और अब वह आपके छठे भाव में गोचर करने जा रहे हैं। कुंडली का छठा भाव शत्रु, स्वास्थ्य, प्रतिस्पर्धा, मामा का कारक है और छठे भाव में मंगल का होना अनुकूल होता है। मंगल का छठे भाव में होना इसके लिए सबसे अनुकूल स्थिति माना जाता है क्योंकि यह आपके शत्रुओं को दबाता है जिससे वे आपको नुकसान नहीं पहुंचा पाते हैं।
आप प्रतिस्पर्धा करने और हार न मानने वाले होते हैं लेकिन मंगल का कन्या राशि में गोचर आपको चिड़चिड़ा बना सकता है। इसके अलावा अगर आपका कोई कोर्ट केस या मुकदमा चल रहा है, तो यह समय आपके लिए अनुकूल रहेगा।
कर्क राशि के लिए मंगल योगकारक ग्रह है क्योंकि यह केंद्र और त्रिकोण भाव यानी पांचवे और दसवें भाव का स्वामी है। अब मंगल का कन्या राशि में गोचर होने के दौरान वह आपके तीसरे भाव में प्रवेश करेंगे जो कि भाई-बहन, हॉबी, कम दूरी की यात्रा और संचार कौशल को दर्शाता है।
जैसा कि पहले भी बताया कि इस राशि के लिए मंगल योगकारक ग्रह है इसलिए इसका आपके तीसरे भाव में आना आपको ऊर्जा, साहस और आत्मविश्वास से भर देगा। आपकी बातों में गति और साहस साफ नज़र आएगा। इसलिए जो जातक कम्युनिकेशन के पेशे जैसे कि डिजीटल मीडिया में हैं, वकील हैं, उन्हें इस गोचर के दौरान प्रगति देखने को मिलेगी। मंगल तीसरे भाव से छठे भाव, नौवें और दसवें भाव को देख रहे हैं जिससे उच्च शिक्षा या नौकरी के लिए किसी सरकारी परीक्षा के लिए प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्रों को अनुकूल परिणाम प्राप्त होंगे। मंगल का कन्या राशि में गोचर का समय अपने शत्रुओं या प्रतिद्वंदियों पर विजय पाने के लिए सही समय है। वे आपके नुकसान नहीं पहुंचा पाएंगे।
वृश्चिक राशि के लिए मंगल लग्न और छठे भाव के स्वामी हैं और अब मंगल आपके लाभ एवं इच्छाओं के भाव यानी ग्यारहवें घर में गोचर करने जा रहे हैं। लग्न भाव के स्वामी के रूप में मंगल का आपके ग्यारहवें भाव में गोर करना आपके लिए अनुकूल साबित होगा। आपकी इच्छाएं पूरी हो सकती हैं, आप लोगों से घुलने-मिलने में समय बिताएंगे और अपने लिए एक मजबूत नेटवर्क बना सकते हैं। इसके साथ ही आपको अपने चाचा का सहयोग भी मिल सकता है। छठे भाव का स्वामी होकर मंगल आपके ग्यारहवें भाव में प्रवेश करेगा जिससे आपके प्रतिद्वंदी और शत्रु भी आपके दोस्त बन जाएंगे। जो लोग जीवन को बेहतर बनाने के लिए लोन लेना चाहते हैं, इस समय उनकी यह कामना भी पूरी होगी। वहीं वृश्चिक राशि वाले जो जातक किसी बीमारी से जूझ रहे हैं, इस गोचर के दौरान उनके स्वास्थ्य में सुधार आ सकता है।
इसके अलावा वृश्चिक राशि के जो छात्र प्रतियोगी परीक्षा या अन्य किसी प्रतिस्पर्धा की तैयारी कर रहे हैं, उन्हें मंगल की पांचवे और छठे भाव पर दृष्टि पड़ने से लाभ होगा। इस समयावधि में आप उत्कृष्ट प्रदर्शन करेंगे जिससे आपके शत्रुओं के लिए आपको टक्कर दे पाना असंभव हो जाएगा।
धनु राशि के दसवें भाव में मंगल का गोचर होने जा रहा है जो कि करियर का भाव है। मंगल इस राशि के पांचवे और बारहवें भाव के स्वामी हैं। पंचम और बारहवें भाव के स्वामी का दसवें भाव में गोचर करना करियर के क्षेत्र में बदलाव के कई अवसरों को खोल देता है जैसे कि आपका किसी दूर की जगह पर ट्रांसफर हो सकता है या आप विदेश जा सकते हैं या फिर आपको कई बिज़नेस ट्रिप करनी पड़ सकती हैं।
मंगल का कन्या राशि में गोचर के दौरान हाल ही में ग्रैजुएट हुए जो जातक अपने करियर की शुरुआत करना चाहते हैं, वे दूसरे देश से मिल रहे अवसर का लाभ उठा सकते हैं। धनु राशि वाले छात्र प्रोफेशनल कोर्स में दाखिला ले सकते हैं जिससे उन्हें भविष्य में मदद मिलेगी। सिंगल जातक अपने ऑफिस में अलग संस्कृति वाले किसी व्यक्ति से प्यार कर सकते हैं।
मंगल दसवें भाव से लग्न या पहले भाव, चौथे और पांचवे भाव को देख रहे हैं। इसलिए मंगल के गोचर के कारण आपके आत्मविश्वास में वृद्धि होगी और आप अपने करियर को आगे बढ़ाने के लिए ऊर्जा से भरपूर नज़र आएंगे।
मंगल का कन्या राशि में गोचर: इन राशियों को होगा नुकसान
वृषभ राशि
वृषभ राशि के बारहवें भाव और सातवें भाव के स्वामी मंगल ग्रह हैं जो कि अब आपके पांचवे भाव में गोचर करने जा रहे हैं। कुंडली का पांचवां भाव संतान, शिक्षा, प्रेम संबंध और पूर्व जन्म में किए गए पुण्यों का कारक होता है। बारहवें भाव का स्वामी होकर मंगल का आपके पांचवे भाव में जाना वृषभ राशि के लोगों के लिए अनुकूल स्थिति नहीं है और इस दौरान उन्हें मिलेजुले परिणाम देखने को मिल सकते हैं।
चूंकि, मंगल एक आक्रामक ग्रह है इसलिए यह प्यार या रिश्ते में आपको पोज़ेसिव, असुरक्षित, आक्रामक और पार्टनर पर हावी होने वाला बना सकता है। मंगल की यह स्थिति विवाहित जातकों के लिए भी अनुकूल नहीं है और मंगल का कन्या राशि में गोचर करने के दौरान वे अनैतिक कार्यों जैसे कि विवाहेत्तर संबंध, अपने पार्टनर को धोखा दे सकते हैं। इससे उन्हें आगे चलकर परेशानी हो सकती है।
मिथुन राशि के छठे और ग्यारहवें भाव के स्वामी मंगल ग्रह हैं जो कि अब आपके चौथे भाव में गोचर करने जा रहे हैं। यह भाव मां, घर, घरेलू जीवन, जमीन, प्रॉपर्टी और वाहन का होता है। इस दौरान आप घर, प्रॉपर्टी या वाहन आदि खरीदने का फैसला ले सकते हैं जिससे आगे चलकर आपको लाभ होने की उम्मीद है। हालांकि, मंगल का कन्या राशि में गोचर करने के दौरान आपका पारिवारिक जीवन समस्याओं से भर सकता है। आपकी मां आपकी आलोचना कर सकती है जिससे आपकी उनके साथ बहस या विवाद होने की आशंका है। उनके साथ आपका रिश्ता मुश्किल हो सकता है।
मंगल ग्यारहवें और छठे भाव के स्वामी होकर आपके चौथे भाव में प्रवेश कर रहे हैं जिससे इस दौरान आपके चाचा और माता आपके घर आ सकते हैं। इसके अलावा आपका चौथा भाव आपके सातवें, दसवें और ग्यारहवें भाव को प्रभावित कर रहा है जो कि व्यापार में विकास करने के लिए अनुकूल स्थिति है। आप करियर में प्रगति करने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध नज़र आएंगे और आपकी कंपनी, व्यापारिक संबंध, धन और लाभ सभी में वृद्धि देखने को मिलेगी।
सिंह राशि के चौथे और नौवें भाव के स्वामी मंगल अब आपके दूसरे भाव में गोचर करने जा रहे हैं। आमतौर पर नौवें भाव के स्वामी का दूसरे भाव में गोचर करना अच्छा होता है लेकिन मंगल का बुध के साथ शत्रुता का संबंध है इसलिए यहां पर आपको ज्यादा अनुकूल प्रभाव नहीं मिल पाएगा। आपके व्यवसाय में नुकसान हो सकता है, करीबी रिश्तेदारों से झगड़ा हो सकता है और परिवार का माहौल अशांत रह सकता है।
इस समयावधि में आपको अपने शब्दों पर ध्यान देना चाहिए क्योंकि आप अनजाने में अपने प्रियजनों को अपनी बातों से चोट पहुंचा सकते हैं। मंगल की आठवें भाव पर दृष्टि होने के कारण आपको पैसों की बचत करने पर ध्यान देना चाहिए क्योंकि आपके खर्चों में बढ़ोतरी हो सकती है। इसकी नौवें भाव पर दृष्टि पड़ने की वजह से आपको कई बार प्रयास करने के बाद ही थोड़ी प्रगति मिलने के संकेत हैं। इससे आप निराश और दुखी महसूस कर सकते हैं। इस दौरान आपको करियर में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकते हैं और बॉस या सहकर्मी से बहस होने के कारण आपको परेशानी हो सकती है।
भारत सरकार के प्रवक्ता और उच्च पद पर बैठे राजनेता सोच-विचार कर के कार्य करेंगे और व्यावहारिक योजनाएं बनाएंगे।
कन्या राशि के स्वामी बुध ग्रह हैं इसलिए मंगल का कन्या राशि में गोचर होने पर बुध से भी कुछ विशेषताएं मिलती हैं इसलिए इस दौरान सरकारी अधिकारी अंतिम निर्णय लेने से पहले अपनी योजनाओं और कार्यों की बारीकी से जांच करते हुए नज़र आएंगे।
इस समयावधि में भारत सरकार की नीतियां और ऑपरेशन बड़ी संख्या में लोगों को आकर्षित करेंगे।
इस समय सरकार ऐसे कदम उठा सकती है जिससे विभिन्न क्षेत्रों जैसे कि मैकेनिक्स, मेडिसिन आदि से जुड़े अधिक से अधिक लोगों को फायदा होगा।
देश के नेता या लीडर आक्रामकता के साथ लेकिन सोच-विचार और बुद्धिमानी से काम करते हुए नज़र आएंगे।
मेडिकल, मैकेनिकल और अन्य क्षेत्र
इस समयावधि में मैकेनिक्स इंडस्ट्री में काम करने वाले लोगों को तरक्की मिलेगी।
नर्सिंग और मेडिकल क्षेत्र में भी प्रगति होगी जिससे आम जनता को फायदा होने की उम्मीद है।
कुछ हद तक सॉफ्टवेयर, आईटी और मैकेनेकिल इंडस्ट्री को भी लाभ होगा।
इस समय कवि और लेखक उन्नति करेंगे। विभिन्न विषयों पर लिखने वाले लेखकों के लिए अनुकूल समय है।
ट्रेडर्स और व्यापारियों के लिए मंगल का कन्या राशि में होना फायदेमंद साबित होगा।
मंगल का कन्या राशि में गोचर: स्टॉक मार्केट रिपोर्ट
28 जुलाई, 2025 को मंगल का कन्या राशि में गोचर स्टॉक मार्केट को किसी न किसी तरह से प्रभावित करेगा। तो चलिए जानते हैं कि शेयर मार्केट भविष्यवाणी 2025 के अनुसार इस गोचर का विभिन्न कपंनियों पर क्या प्रभाव पड़ेगा।
मंगल के कन्या राशि में प्रवेश करने के दौरान केमिकल फर्टिलाइज़र इंडस्ट्री, चाय उद्योग, कॉफी उद्योग, स्टील उद्योग, हिंडाल्को और ऊनी मिलों को फायदा होने के आसार हैं।
फार्मास्यूटिकल उद्योग भी इस दौरान अच्छा प्रदर्शन करेंगे।
सर्जिकल उपकरण बनाने और उनका व्यापार करने वाले उद्योग भी बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं।
रिलायंस इंडस्ट्रीज़, परफ्यूम और कॉस्मेटिक इंडस्ट्रीज़, कंप्यूटर सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी, सूचना प्रौद्योगिकी और अन्य क्षेत्रों में महीने के अंत तक मंदी जारी रह सकती है।
इसी आशा के साथ कि, आपको यह लेख भी पसंद आया होगा एस्ट्रोसेज के साथ बने रहने के लिए हम आपका बहुत-बहुत धन्यवाद करते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्रश्न 1. मंगल किन दो राशियों पर शासन करते हैं?
उत्तर. मेष और वृश्चिक राशि पर।
प्रश्न 2. मंगल की किन दो ग्रहों के साथ मित्रता है?
उत्तर. सूर्य और बृहस्पति के साथ।
प्रश्न 3. मंगल किस दिशा के स्वामी हैं?
उत्तर. दक्षिण दिशा पर मंगल का प्रभाव रहता है।
किसे मिलेगी शोहरत? कुंडली के ये पॉवरफुल योग बनाते हैं पॉपुलर!
एस्ट्रोसेज एआई की हमेशा से यही पहल रही है कि किसी भी महत्वपूर्ण ज्योतिषीय घटना की नवीनतम अपडेट हम अपने रीडर्स को समय से पहले दे पाएं। इस ब्लॉग में ज्योतिष की एक दुर्लभ अवधारणा के बारे में बताया गया है जो कि कुंडली में प्रसिद्धि पाने का योग है। जी हां, इस ब्लॉग में आज हम बात करेंगे कि जन्मकुंडली में किस योग की वजह से व्यक्ति को प्रसिद्धि मिलेगी।
जब कोई व्यक्ति किसी ज्योतिषी के पास अपनी कुंडली दिखाने जाता है, तब वह सबसे पहले यही जानना चाहता है कि वो अपने करियर में अच्छा प्रदर्शन करेगा या नहीं और उसे अपने क्षेत्र में नाम, प्रसिद्धि और सम्मान मिल पाएगी या नहीं। आज इस ब्लॉग में हम आपको ऐसी ही अवधारणाओं, ग्रहों के संयोजन और संकेतों के बारे में बताएंगे जिनकी वजह से व्यक्ति को अपने करियर में लोकप्रियता हासिल होती है और उसका खूब नाम होता है।
शोहरत एक शक्ति या ताकत के रूप में काम करती है। कुछ लोगों की किस्मत में ही सुर्खियों में आना होता है। उन्हें कई लोगों से प्रशंसा मिलती है और उन्हें उनके कार्यों एवं प्रतिभा के लिए याद किया जाता है। वैदिक ज्योतिष में यह भाग्य या कोशिश करने की बात नहीं है बल्कि कुछ विशेष ग्रहों के मेल से बनने वाले योग की वजह का परिणाम होता है। ये योग ग्रहों की ऊर्जा को कुछ इस तरह बनाते हैं कि व्यक्ति की प्रतिष्ठा, समाज में छवि और प्रभाव में वृद्धि हो सकती है।
ज्योतिष शास्त्र में शोहरत का संबंध कुंडली के दसवें और पहले या लग्न भाव के साथ-साथ चंद्रमा से होता है। जन्मकुंडली का दसवां भाव करियर और सम्मान को दर्शाता है, पहला भाव स्वयं और व्यक्तित्व का कारक होता है जबकि चंद्रमा सामाजिक छवि को दिखाता है। जब कुछ ग्रह जैसे कि सूर्य, बृहस्पति या शुक्र एक साथ मजबूत स्थिति में होते हैं या शुभ योग का निर्माण कर रहे होते हैं, तब उस जातक को लोकप्रियता, पहचान और महान स्थान मिल सकता है।
ग्रह, उनकी दृष्टि, उनकी युति, स्थिति और अवस्था या ग्रह ज्योतिष के लिए आधार निर्मित करते हैं। ग्रहों के एकसाथ आने से हज़ारों ज्योतिषीय अवधारणाएं निर्मित होती हैं जिनका लोगों के भाग्य और रोज़मर्रा की जिंदगी पर गहरा प्रभाव पड़ता है। आज इस ब्लॉग में हम आपको कुंडली में शोहरत और प्रसिद्धि के लिए योग के बारे में बताने जा रहे हैं।
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शोहरत के प्रकार
अच्छे या बुरे कारणों से लंबे समय तक शोहरत मिलना: इस तरह की शोहरत तब मिलती है, जब कोई व्यक्ति ऐसे काम करने पर ध्यान देता है जिसका गहरा प्रभाव हो, उसकी लगातार एक मजबूत छवि बनी रहती है और वह अपने दर्शकों के साथ उनका सच्चा रिश्ता होता है। इन सभी स्थितियों में व्यक्ति को लंबे समय के लिए प्रसिद्धि मिलती है। लोगों को कुछ समय के लिए शोहरत पाने के बजाय ऐसी प्रसिद्धि पाने पर ध्यान देना चाहिए जो लंबे समय तक बनी रहे जैसे कि अभिनेता और राजनेता आदि।
अच्छे या बुरे कारणों से कुछ समय तक शोहरत मिलना: 15 मिनट की शोहरत या यूं कहें कि कुछ समय के लिए प्रसिद्ध होने का मतलब है कि आपको बहुत कम समय के लिए लोगों के बीच पहचान मिली है। इसमें किसी खास उपलब्धि, घटना या मीडिया का ध्यान जाने के कारण अचानक से शोहरत मिलती है जो धीरे-धीरे कम होती चली जाती है जैसे कि सोशल मीडिया इंफ्लूएंसर।
मरणोपरांत शोहरत: इस तरह की शोहरत आमतौर पर मरने के बाद मिलती है। इसमें किसी व्यक्ति द्वारा उनके जीवनभर में किए गए कार्यों की प्रशंसा उसकी मृत्यु के उपरांत की जाती है जैसे कि विन्सेंट वैन गॉग।
लेजेंड बनना: इस तरह की शोहरत सिर्फ कुछ चुनिंदा लोगों को ही मिल पाती है। इसमें उनके करियर में उनके योगदान की तुलना किसी और से नहीं की जा सकती है और वह अपनी फील्ड में मिसाल बन जाते हैं जैसे कि अमिताभ बच्चन, सचित तेंदुलकर, महेंद्र सिंह धोनी, प्रिंसेस डायना आदि।
राज योग: केंद्र (पहले, चौथे, सातवें, दसवें भाव) और त्रिकोण (पहले, पांचवे और नौवें भाव) भावों के स्वामी की युति से सफलता, ताकत, प्रतिष्ठा और शोहरत मिलती है। उदाहरण के तौर पर अगर दसवें भाव का स्वामी और पांचवे भाव का स्वामी किसी मजबूत भाव में युति कर रहे हैं, तो इससे समाज में उस व्यक्ति की प्रतिष्ठा में खूब इज़ाफा होता है।
अम्ल योग: शुभ ग्रह जैसे कि बृहस्पति, शुक्र और बुध का लग्न या चंद्रमा से दसवें भाव में होना और इन पर किसी भी अशुभ ग्रह का प्रभाव न पड़ने पर व्यक्ति को लंबे समय तक शोहरत मिलती है, उसकी प्रतिष्ठा पर कोई दाग नहीं लगता है और उसे अपने करियर में सफलता मिलती है। यह करियर या सार्वजनिक जीवन की वजह से प्रसिद्धि मिलने के लिए शक्तिशाली है।
पंच महापुरुष योग: जब मंगल, बुध, बृहस्पति, शुक्र या शनि में से कोई भी अपनी उच्च या स्वराशि में केंद्र भाव (पहले, चौथे, सातवें या दसवें) में होता है और इनकी किसी अशुभ ग्रह के साथ युति या दृष्टि नहीं होती, तब यह योग बनता है।
उदाहरणार्थ:
रुचक योग (मंगल): मिलिट्री स्पोर्ट्स में शोहरत।
भद्र योग (बुध): खेल, मीडिया, गायन, सूचना प्रौद्योगिकी और संचार में शोहरत मिलना।
हम्सा योग: (बृहस्पति):आमतौर पर धार्मिक या दार्शनिक शोहरत।
मालव्य योग (शुक्र): सौंदर्य, कला, फैशन और मनोरंजन के ज़रिए शोहरत।
शश योग (शनि): लीडरशिप और राजनीति में प्रसिद्धि मिलना।
गजकेसरी योग: चंद्रमा से केंद्र में बृहस्पति के होने और योगकारक ग्रह होने पर इस योग का निर्माण होता है जो कि बुद्धि, उच्च प्रतिष्ठा और समाज में सम्मान दिलाता है। यह पीड़ित न हो, तो इस योग से व्यक्ति का समाज में खूब नाम होता है।
चंद्र मंगल योग: चंद्रमा और मंगल की युति या इनकी एक-दूसरे पर दृष्टि पड़ने पर यह योग बनता है जिससे खासतौर पर व्यवसाय या मीडिया में आर्थिक मजबूती और प्रसिद्धि मिलती है।
बुध आदित्य योग: एक ही घर में सूर्य और बुध की युति होने पर यह योग बनता है। इससे बौद्धिक प्रसिद्धि, प्रभावशाली बातें और मीडिया में लोकप्रियता मिलती है।
नीच भंग राजयोग: कुंडली में कुछ विशेष योग एक या एक से ज्यादा ग्रहों की दुर्बलता को भंग कर देते हैं या जिससे प्रसिद्ध नीच भंग राजयोग बनता है। इस योग की मदद से व्यक्ति एक साधारण शुरुआत से ही लोकप्रियता और पॉवर हासिल कर सकता है।
विपरीत राजयोग: छठे, आठवें या बारहवें भाव के स्वामी का इन भावों में उपस्थित होना या इनमें से किसी एक भाव में हो, तब विपरीत राजयोग बनता है। इन्हें मुश्किलों को पार कर के प्रसिद्धि मिलती है। अपना नाम खुद बनाने वाले लोगों की कुंडली में अक्सर यह राजयोग दिखता है।
अगर कुंडली में इनमें से कोई एक योग बनता है, तो इससे व्यक्ति को असीम लोकप्रियता मिलने की संभावना रहती है।
तो चलिए सिलेब्रिटी की कुंडली से इन योगों को जानते और समझते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कुंडली देखते हैं।
देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कुंडली देखें, तो पता चलता है कि उनके लग्नेश मंगल और छठे भाव का स्वामी लग्न में बैठा है और नौवें भाव का स्वामी चंद्रमा लग्न भाव में युति कर के बैठा है। पहले भाव में चंद्रमा दुर्बल हो रहा है और नीच भंग राजयोग बना रहा है।
जैसा कि हम सभी जानते हैं कि नरेंद्र मोदी एक बहुत ही साधारण परिवार से आए हैं और उनकी परवरिश एक बहुत ही आम परिवार में हुई थी। वे अपने दृढ़ संकल्प और लगन की वजह से राजनीति में प्रधानमंत्री के पद तक पहुंचे और वैश्विक स्तर पर भारत का नाम रोशन किया। मंगल ने छठे भाव का स्वामी होकर मोदी जी को मशहूर नेता बनाया और लग्न में चंद्रमा के होने की वजह से वह दुनियाभर में बहुत मशहूर हुए। यही मंगल और चंद्रमा, चंद्र मंगल योग बना रहे हैं और इसने उन्हें एक महान रणनीतिकार बनाया है।
अक्षय कुमार को किसी परिचय की जरूरत नहीं है। उन्होंने बार-बार साबित किया है कि वो बॉलीवुड के सबसे बेहतरीन एक्शन हीरो हैं और वे फिल्मों एवं मनोरंजन के क्षेत्र में मजबूत करियर बनाकर लोगों के दिलों-दिमाग पर अपनी छाप छोड़ने में सफल हुए हैं। अक्षय कुमार वृश्चिक लग्न के हैं और उनके लग्न भाव में मंगल स्वराशि में हैं। वे मार्शल आर्ट्स में ब्लैक बेल्ट हैं। ये हुनर भी उन्हें मंगल के मजबूत होने से मिला है।
मंगल यहां पर पीड़ित नहीं है और रुचक योग बना रहा है जो कि पंच महापुरुष योग में से एक है। मंगल के लग्न में होने और पीड़ित न होने से अक्षय कुमार ने एक्शन हीरो के रूप में अपनी एक खास जगह बनाई है। उनकी कुंडली में उच्च का गुरु नौवें भाव (भाग्य स्थान) में बैठा है जिसने अपनी पंचम दृष्टि के साथ मंगल को मजबूत किया है। इसकी वजह से अक्षय कुमार पिछले 3 दशकों से अपने करियर में शीर्ष पर बने हुए हैं और अब तक सफल रहे हैं।
तो नरेंद्र मोदी और अक्षय कुमार की कुंडलियों से हमें यह जानने को मिला कि किस तरह ये योग लंबे या कुछ समय के लिए सफलता प्रदान करते हैं। अब हम एक और लोकप्रिय अभिनेता की कुंडली को भी देखते हैं जिनका करियर काफी छोटा रहा और उन्हें तुरंत लोकप्रियता तो मिली लेकिन वह काफी लंबे समय नहीं मिली। हम बात कर रहे हैं, अनु अग्रवाल की जो 90 के दशक में अपनी पहली ही फिल्म आशिकी से लोकप्रिय हो गईं लेकिन ज्यादा समय तक स्टार नहीं बन पाईं और जल्द ही उनकी शोहरत खत्म हो गई।
अनु अग्रवाल मीन लग्न की हैं और शनि यानी ग्यारहवें भाव का स्वामी लग्न भाव में बैठा है। उनकी कुंडली में लग्न, चंद्रमा और सूर्य सभी सम राशियों में हैं जो महाभाग्य योग को जन्म दे रहे हैं क्योंकि उनका जन्म भी दिन के समय होता है। बृहस्पति लग्न भाव का स्वामी सातवें भाव में गजकेसरी योग बना रहा है। अब कोई सोच सकता है कि उनकी कुंडली में ये सभी प्रमुख योग होने के बाद भी उनकी प्रसिद्धि लंबे समय तक क्यों नहीं टिक पाई?
तो इस सवाल का जवाब है गजकेसरी योग। ग्यारहवें भाव के स्वामी का लग्न में आना और महाभाग्य योग सभी पीड़ित हैं क्योंकि ये सभी राहु-केतु के अक्ष में आ रहे हैं।
इसके अलावा सातवें भाव का स्वामी बुध मीन लग्न के लिए बाधक है और ग्यारहवें भाव में बैठा है जो कि इच्छाओं के पूरे होने का भाव है। इससे यहां पर बाधाएं या रुकावटें आ रही हैं। दसवें भाव का स्वामी बृहस्पति पीड़ित हो रहा है और छठे भाव का स्वामी सूर्य दसवें भाव में बैठा है। नौवें भाव का स्वामी मंगल आठवें भाव में बैठे हैं जिससे भाग्य वृद्धि में बाधाएं आ रही हैं।
अब तो आप समझ गए होंगे कि किस तरह अलग-अलग लोगों को विभिन्न योगों से कम समय के लिए या दीर्घकालिक लोकप्रियता हासिल हुई।