Innovative Indian

Innovative Indian: मौलिकता हमारी रगों में

हर भारतीय की रगों में प्राचीन ज्ञान और मौलिकता का डीएनए है–आर्यभट्ट और सुश्रुत की तरह जिन्होंने अपनी खोजों से दुनिया को नयी दिशा दी है। हम भारतीय आधुनिकता को तो अपनाते हैं लेकिन साथ ही अपनी परंपराओं को लेकर चलते हैं। बहुत ही खूबसूरती के साथ हम अपने अतीत और भविष्य में सामंजस्य स्थापित करते हैं।

AstroSage AI भी इसी सोच को दर्शाता है। AstroSage AI वैदिक ज्योतिष को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की ताकत से जोड़ता है और इस बात को साबित करता है कि कैसे हम परंपरा से प्राप्त ज्ञान और नई तकनीक साथ-साथ लेकर चल सकते हैं और आज के समय में हर एक जिज्ञासु को नई राह दिखा सकते हैं।

इसी सोच के साथ आइए हम सब अपने अंदर छुपे innovative Indian को जागृत करें।

Innovative Indian

वे कहते हैं अतीत या भविष्य, एक चुनो
हम कहते हैं दोनों
मैं मंत्र भी जपता हूँ,
और कोड भी लिखता हूँ
मेरा मार्गदर्शन सितारे भी करते हैं,
और आँकड़े भी

मैं किस्मत का इंतज़ार नहीं करता;
अपना पल ढूँढ़ लेता हूँ
मैं पूछता हूँ समझता हूँ। करता हूँ
अपने परिवार के लिए, अपनी टीम के लिए,
अपने भारत के लिए

आर्यभट्ट से कलाम तक वही परंपरा,
नया आत्मविश्वास
AI मेरे हाथ में
सनातनी समझ मेरे दिल में
मैं हूँ Innovative Indian

Engineer your future

https://horoscope.astrosage.com/hindi/mangal-gochar-tula-lucky-unlucky-signs-share-market-report/

मंगल का तुला राशि में गोचर, किस पर पड़ेगा भारी?

मंगल का तुला राशि में गोचर: एस्‍ट्रोसेज एआई की हमेशा से यही पहल रही है कि किसी भी महत्वपूर्ण ज्योतिषीय घटना की नवीनतम अपडेट हम अपने रीडर्स को समय से पहले दे पाएं। इस ब्‍लॉग में हम आपको मंगल का तुला राशि में गोचर के बारे में बताने जा रहे हैं।

13 सितंबर, 2025 को मंगल शुक्र की राशि तुला में प्रवेश करेंगे। तो चलिए जानते हैं कि मंगल के तुला राशि में प्रवेश करने पर राशिचक्र की सभी राशियों समेत देश-दुनिया और स्‍टॉक मार्केट पर इसका क्‍या प्रभाव पड़ेगा।

वैदिक ज्‍योतिष में मंगल ग्रह को आक्रामकता, कार्य करने और ऊर्जा का कारक माना जाता है। मंगल को अक्‍सर योद्धा के रूप में भी जाना जाता है। कोई व्‍यक्‍ति अड़चनों का सामना कैसे करता है, अपने लक्ष्‍यों को पाने के लिए किस तरह से काम करता है और बाहरी दुनिया के साथ किस तरह से जुड़ता है, इस सब पर मंगल का प्रभाव होता है। मंगल साहस, महत्‍वाकांक्षा और हिंसा का कारक है। जन्‍मकुंडली में मंगल की स्थिति से इन चीज़ों का पता चलता है और इसका प्रभाव व्‍यक्‍ति के रिश्‍तों, करियर और जीवन की दिशा पर पड़ता है।

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ज्‍योतिष में मंगल ग्रह को ऊर्जा, कार्य करने और दृढ़ संकल्‍प का प्रतीक बताया गया है। इसे राशियों का योद्धा भी कहा जाता है। मंगल ग्रह साहस, महत्‍वाकांक्षा, पैशन और प्रयास करने की क्षमता को दर्शाता है। अपने लक्ष्‍यों को प्राप्‍त करने के लिए हम कितने प्रेरित हैं, चुनौतियों का किस तरह से सामना करते हैं और अपने विचारों को बिना डरे किस तरह से रखते हैं, यह सब मंगल ही दर्शाता है।

इस ग्रह का संबंध अग्नि, शक्‍ति और इच्‍छाशक्‍ति से है। हम अपनी ऊर्जा का उपयोग किस तरह से करते हैं, इस पर मंगल का प्रभाव रहता है। हम सोच समझकर या आवेग में आकर प्रतिक्रिया देते हैं, यह सब मंगल पर निर्भर करता है। वैदिक ज्‍योतिष में मंगल को कुजा भी कहा गया है और यह निडर, पुरुष तत्‍व का और अशुभ ग्रह है। मंगल मेष और वृश्चिक राशि के स्‍वामी ग्रह हैं।

जन्‍मकुंडली में शुभ स्‍थान में होने पर व्‍यक्‍ति साहसी, नेतृत्‍व करने में सक्षम और उत्‍साह वाला होता है लेकिन पीडित होने पर, यह व्‍यक्‍ति में आक्रामकता, संघर्ष और आतुरता लेकर आता है। वैदिक ज्‍योतिष में मंगल ऊर्जा, साहस, इच्‍छाशक्‍ति, आक्रामकता, कार्य करने और दृढ़ संकल्‍प का प्रतीक है। जब मंगल राहु, केतु या शनि आदि से पीडित या कमजोर स्थिति में हो या कुंडली में अशुभ स्‍थान में बैठा हो, तब व्‍यक्‍ति गुस्‍सैल, अधीर बन सकता है, उसके साथ दुर्घटना और मतभेद होने का डर रहता है, वह रक्‍त से संबंधित विकार या प्रॉपर्टी से जुड़े विवादों से परेशान हो सकता है।

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मंगल का तुला राशि में गोचर: समय

13 सितंबर, 2025 को रात को 08 बजकर 18 मिनट पर मंगल तुला राशि में गोचर करेंगे। मंगल के लिए तुला शत्रु राशि है इसलिए इस राशि में मंगल की उपस्थि‍ति दिलचस्‍प रहने वाली है। तो चलिए जानते हैं कि मंगल के इस गोचर का राशियों, देश-दुनिया और स्‍टॉक मार्केट पर क्‍या प्रभाव पड़ेगा।

मंगल का तुला राशि में गोचर: विशेषताएं

मंगल ग्रह कार्य करने और उत्‍साह का कारक है जबकि तुला राशि संतुलन, सामंजस्‍य और साझेदारी का प्रतीक है। मंगल के तुला राशि में प्रवेश करने पर मंगल का जोश से भरपूर दृढ़ संकल्‍प तुला राशि की कूटनीतिक शैली से जाकर मिलता है। इससे ऐसा समय बनता है जब अपने विचारों को सीधा व्‍यक्‍त करने के बजाय बातचीत और सहयोग का सहारा लिया जाता है। इस समय लोग रिश्‍तों, पार्टनरशिप और सामाजिक संबंधों को लेकर प्रयास करने के लिए प्रेरित रह सकते हैं और अक्‍सर न्‍याय एवं पारस्‍परिक लाभ की तलाश करते हैं।

रचनात्‍मक कार्य, कानूनी मामले और टीम के साथ प्रोजेक्‍ट तेजी से आगे बढ़ सकते हैं क्‍योंकि मंगज आकर्षण और रणनीतिक सोच को बढ़ावा देता है। हालांकि, यहां पर चुनौती यह है कि आक्रामकता और निर्णय न ले पाने की स्थिति से बचा जाए क्‍योंकि मंगल का तुला राशि में गोचर कभी-कभी दूसरों की राय को जरूरत से ज्‍यादा महत्‍व दिए जाने की वजह से साहसिक कदम उठाने में दिक्‍कत होती है।

तुला राशि में मंगल के गोचर के दौरान लोग अपने कार्यों और आत्‍मविश्‍वास के प्रति अधिक सामंजस्‍यपूर्ण और संतुलित दृष्टिकोण की ओर बदलाव महसूस कर सकते हैं। आमतौर पर मंगल सरलता और आक्रामकता से जुड़ा होता है लेकिन तुला राशि में यह न्‍याय और कूटनीति की इच्‍छा से संतुलित हो जाता है। इस दौरान रिश्‍तों, टीम के साथ मिलकर काम करने और सभी के लिए लाभकारी हल ढूंढने पर अधिक जोर दिया जा सकता है।

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मंगल का तुला राशि में गोचर: विश्‍व पर प्रभाव

राजनीति और सरकार

  • भारत सरकार के वक्‍ता और अन्‍य उच्‍च पदों पर बैठे राजनेता सोच-समझकर काम करते हुए और व्‍यवहारिक योजना बनाते हुए नज़र आएंगे।
  • मंगल के तुला राशि में होने पर शुक्र से भी कुछ विशेषताएं मिलती हैं इसलिए सरकारी अधिकारी इस समय अंतिम निर्णय लेने से पहले अपनी योजनाओं और कार्यों की बारीकी से जांच करेंगे।
  • इस समय भारतीय सरकार की नीतियां और कार्यक्रम बड़ी संख्‍या में लोगों को आकर्षित करेंगे।
  • अब सरकार मैकेनिकक्‍स, चिकित्‍सा आदि जैसे विभिन्‍न क्षेत्रों में ज्‍यादा से ज्‍यादा लोगों को लाभ पहुंचाने वाले प्रयासों को जोर-शोर से लागू करेगी।
  • इस समयावधि में देश के नेता आक्रामकता लेकिन विचारशील और बुद्धिमत्तापूर्ण तरीके से कार्य करते हुए दिखाई देंगे।

मेडिकल, मैकेनिकल और अन्‍य क्षेत्र

  • इस समय मैकेनिक्‍स के क्षेत्र में काम करने वाले लोगों को फायदा होगा।
  • नर्सिंग और मेडिकल के क्षेत्र में प्रगति होगी जिससे आम जनता को लाभ प्राप्‍त होगा।
  • कुछ हद तक सॉफ्टवेयर, आईटी और मैकेनिकल इंडस्‍ट्री को फायदा होने की उम्‍मीद है।
  • इस दौरान कवि और लेखक खूब तरक्‍की करेंगे। अलग-अलग विषयों के लेखकों को उन्‍नति मिलेगी।
  • व्‍यापारियों और वार्ताकारों के लिए मंगल का तुला राशि में गोचर अनुकूल साबित होगा।

कला, फैशन और मनोरंजन

  • मंगल का गोचर मनोरंजन के साथ-साथ फैशन इंडस्‍ट्री को भी फायदा पहुंचाएगा।
  • आर्किटेक्‍चर डिज़ाइन या इंटीरियर डिज़ाइनिंग में काम करने वाले लोगों को इस गोचर से लाभ होने के आसार हैं।
  • कपड़े की मिलों और फैशन इंडस्‍ट्री के लिए यह मुनाफे का समय होगा।

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मंगल का तुला राशि में गोचर: स्‍टॉक मार्केट रिपोर्ट

13 सितंबर, 2025 को होने जा रहे मंगल के तुला राशि में गोचर का असर स्‍टॉक मार्केट पर भी देखने को मिलेगा। शेयर मार्केट भविष्‍यवाणी से जानते हैं कि इससे किसे फायदा होने के संकेत हैं।

  • चूंकि मंगल का गोचर तुला राशि में हो रहा है इसलिए केमिकल फर्टिलाइज़र इंडस्‍ट्री, चाय उद्योग, कॉफी उद्योग, स्‍टील इंडस्‍ट्री, हिंडाल्‍को, ऊनी मिलों को उन्‍नति मिलेगी।
  • मंगल के इस गोचर के दौरान फार्मास्‍यूटिकल कंपनियां भी अच्‍छा प्रदर्शन कर सकती हैं।
  • सर्जरी के उपकरण बनाने वाले उद्योग और व्‍यापारी भी शानदार प्रदर्शन करते हुए नज़र आएंगे।
  • रिलायंस इंडस्‍ट्रीज, परफ्यूम और कॉस्‍मेटिक इंडस्‍ट्री, कंप्‍यूटर सॉफ्टवेयर टेक्‍नोलॉजी, आईटी और अन्‍य क्षेत्रों में मंदी का दौर जारी रहेगा।
  • इस समय रियल एस्‍टेट कंपनिया फल-फूल सकती हैं।

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मंगल का तुला राशि में गोचर: इन रा‍शि वालों को होगा लाभ

मेष राशि

मेष राशि के लग्‍न और छठे भाव के स्‍वामी मंगल ग्रह हैं जो कि अब आपके सातवें भाव में उपस्थित रहेगा। शत्रु राशि में होने के बावजूद लग्‍नेश के सप्‍तम भाव में होने से इस भाव के गुणों में वृद्धि होगी। मंगल का गोचर सातवें भाव में होने से आप अपने रिश्‍तों को लेकर जुनून और उत्‍साह से भर सकते हैं। इस समयावधि में सप्‍तम भाव से जुड़ी सभी महत्‍वपूर्ण बातें आपके जीवन का केंद्र बिंदु बन सकती हैं। हालांकि, ग्रहों की दृष्टि, स्थिति और युति के आधार पर हर किसी के लिए यह परिणाम अलग-अलग हो सकते हैं।

वकीलों और लॉ या कॉर्पोरेट कंपनी में काम करने वाले लोगों के लिए यह गोचर अनुकूल साबित होगा क्‍योंकि मंगल का सातवें भाव में होने पर व्‍यक्‍ति के अंदर अपने कौशल को लेकर आत्‍मविश्‍वास आता है। वह परिस्थितियों से हार नहीं मानता है। आर्थिक स्थिति के लिए भी लग्‍नेश का सातवें भाव में होना अनुकूल माना जाता है।

मेष साप्ताहिक राशिफल

कर्क राशि

कर्क राशि के लिए मंगल योग कारक है क्‍योंकि यह इसके केंद्र त्रिकोण यानी पहले भाव और अन्‍य त्रिकोण भाव यानी पांचवे भाव के स्‍वामी हैं। मंगल का गोचर होने के दौरान वह आपके चौथे भाव यानी सुख और सुवधिाओं के भाव में रहेंगे। इस समयावधि में आप अपने लिए नया वाहन खरीद सकते हैं।

करियर की बात करें, तो नौकरीपेशा जातक सफलता और सम्‍मानजनक पद पाने में समर्थ होंगे। वहीं व्‍यापारीगण अपने प्रयासों से अच्‍छा मुनाफा कमा सकते हैं। आप प्रतिस्‍पर्धा करने में भी सक्षम होंगे। वित्तीय स्तर पर आप अपने परिवार के सुख और सुविधाओं पर धन खर्च कर सकते हैं। इसके अलावा आपकी बचत में भी वृद्धि हो सकती है।

 कर्क साप्ताहिक राशिफल

सिंह राशि

सिंह राशि के चौथे और नौवें भाव का स्‍वामी मंगल ग्रह है जो कि अब आपके लाभ और इच्‍छाओं के भाव यानी ग्‍यारहवें घर में रहेगा। करियर की बात करें तो, नौकरीपेशा जातक अपनी नौकरी या काम की जगह बदल सकते हैं। मंगल के गोचर से होने वाले इस बदलाव से आप संतु‍ष्‍ट महसूस कर सकते हैं।

एक्‍सपर्ट होने के नाते आप अपने व्‍यवसाय में खूब धन कमाने में सक्षम होंगे। आप बिज़नेस के क्षेत्र में बड़े स्‍तर पर प्रतिस्‍पर्धा कर सकते हैं। अधिक धन कमाने की वजह से आपकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। आप पैसों की बचत भी कर सकते हैं।

सिंह साप्ताहिक राशिफल

कन्या राशि

कन्‍या राशि के तीसरे और आठवें भाव के स्‍वामी मंगल ग्रह हैं और अब मंगल का तुला राशि में गोचर होने के दौरान वह आपके धन और परिवार के दूसरे भाव में विराजमान रहेंगे। यदि आप नौकरी करते हैं, तो ॐचे पद और अधिक संतुष्टि पाने के लिए आप नौकरी बदल सकते हैं। 

व्‍यवसाय के मामले में आपको अपने कार्यक्षेत्र में सफलता मिलने के योग हैं। आप अपनी खुशी के लिए अधिक धन कमा सकते हैं। आपके लिए बिज़नेस ट्रिप पर जाने के योग भी बन रहे हैं। वित्त की बात करें, तो आप अधिक धन कमाने में सक्षम होंगे और पैसों की बचत भी कर पाएंगे। निजी जीवन में आपको अपने जीवनसाथी के साथ सकारात्‍मक संबंध बनाए रखने और नैतिक मूल्‍यों का पालन करने का प्रयास करना चाहिए।

कन्या साप्ताहिक राशिफल

मकर राशि

मकर राशि के लोगों के चौथे और ग्‍यारहवें भाव के स्‍वामी मंगल ग्रह हैं और अब वह आपके दसवें भाव में प्रवेश करने जा रहे हैं जो कि करियर का भाव है। यहां पर मंगल को दिशात्‍मक बल मिल रहा है। ऐसे में आप अपने काम को लेकर अधिक जागरूक रह सकते हैं और कार्यक्षेत्र में अधिक उन्‍नति प्राप्‍त करने का प्रयास कर सकते हैं। वहीं दूसरी ओर, परिवार में अच्‍छे अवसर आ सकते हैं।

करियर की बात करें, तो मंगल का तुला राशि में गोचर होने पर नौकरीपेशा जातकों को नए अवसर मिल सकते हैं जिससे उन्‍हें संतुष्टि महसूस होगी। आपको इस उद्देश्‍य से यात्रा भी करनी पड़ सकती है। व्‍यवसाय की बात करें, तो आप इस समय उच्‍च मुनाफा कमाने और अपने शत्रुओं के साथ प्रतिस्‍पर्धा करने में सक्षम होंगे। आर्थिक स्‍तर पर आप खूब धन कमाएंगे और संतुष्‍ट महसूस करेंगे।

मकर साप्ताहिक राशिफल

कुंभ राशि

कुंभ राशि के नौवें भाव में मंगल का गोचर होने जा रहा है। मंगल इस राशि के तीसरे और दसवें भाव के स्‍वामी हैं। आपको अपने कार्यों में सफलता मिलेगी। आप अध्‍यात्‍म में रुचि रखने की वजह से अंदर से संतोष और शांति प्राप्‍त कर सकते हैं।

करियर के क्षेत्र में नौकरीपेशा जातक अपने कार्यक्षेत्र में अच्‍छा प्रयास कर सकते हैं और इसके लिए उनकी प्रशंसा भी की जा सकती है। व्‍यवसाय की बात करें, तो आपको काम के सिलसिले में यात्रा करनी पड़ सकती है और इन यात्राओं से आपको अ‍धिक धन मिलने की संभावना है। मंगल का तुला राशि में गोचर होने के दौरान आप अधिक धन कमाने और पैसों की बचत करने में सफल होंगे।

कुंभ साप्ताहिक राशिफल

मंगल का तुला राशि में गोचर: इन राशियों पर पड़ेगा नकारात्‍मक प्रभाव

वृषभ राशि

वृषभ राशि के छठे भाव में मंगल का गोचर होने जा रहा है और यह आपके सातवें एवं बारहवें भाव का स्‍वामी है। ऐसे में आपको अपने कार्यों में चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि, आप ऊर्जा से भरपूर महसूस करेंगे।

कार्यक्षेत्र में आपको अपनी योजना तैयार करनी पड़ सकती है क्‍योंकि इस समयावधि में आपके ऊपर काम का दबाव बहुत ज्‍यादा बढ़ सकता है। व्‍यवसाय के क्षेत्र में आपको अपने प्रतिद्वंदियों से प्रतिस्‍पर्धा देखने को मिल सकती है जो कि नई कंपनी की योजनाएं पेश कर सकते हैं। वित्त की बात करें, तो आपके खर्चों में वृद्धि होने का डर है। ऐसे में आपकी बचत भी काफी कम हो सकती है।

वृषभ साप्ताहिक राशिफल

मिथुन राशि

मिथुन राशि के छठे और ग्‍यारहवें भाव के स्‍वामी मंगल ग्रह हैं और मंगल का गोचर होने के दौरान वह आपके पांचवे भाव में स्थित रहेंगे। आप अपनी संतान की प्रगति और विकास को लेकर चिंतित हो सकते हैं। वहीं आपको आध्‍यात्मिक तरीकों से लाभ होने के आसार हैं। करियर की बात करें, तो इस समयावधि में नौकरीपेशा जातकों को अपने उच्‍च अधिकारियों और सहकर्मियों से समस्‍याएं देखनी पड़ सकती हैं।

इस वजह से आप अपने काम से असंतुष्‍ट हो सकते हैं। व्‍यवसाय के मामले में सट्टे से आप खूब पैसा कमा सकते हैं। अगर आप कोई सामान्‍य व्‍यवसाय करते हैं, तो आप अधिक धन कमाने में पीछे रह सकते हैं। मंगल का तुला राशि में गोचर के दौरान आपकी आमदनी औसत रहेगी और आप ज्‍यादा पैसों की बचत करने में असमर्थ रह सकते हैं।

मिथुन साप्ताहिक राशिफल

वृश्चिक राशि

वृश्चिक राशि के बारहवें भाव में मंगल का गोचर होने जा रहे हैं। मंगल छठे और पहले भाव के स्‍वामी हैं। आप लंबी दूरी की यात्रा पर जा सकते हैं और लोन या पैतृक संपत्ति से अधिक धन कमा सकते हैं। आप सट्टे से भी धन अर्जित कर सकते हैं। करियर की बात करें, तो उन्‍नति प्राप्‍त करने के लिए आप नौकरी बदल सकते हैं। हालांकि, मंगल का तुला राशि में गोचर करने के दौरान आप अच्‍छा प्रदर्शन करने में असमर्थ रह सकते हैं।

व्‍यवसाय के क्षेत्र में आपको अपनी जगह बनाने और अधिक मुनाफा कमाने में दिक्‍कत हो सकती है। आप बहुत कम मात्रा में धन कमा पाएंगे। वहीं वित्तीय स्‍तर पर अधिक खर्चों के कारण आपको चिंता हो सकती है। आपके जीवन में बड़े उतार-चढ़ाव आ सकते हैं। निजी जीवन में परिवार में समस्‍याएं आने की आशंका है और ऐसे में आपको अपने जीवनसाथी से सहायता नहीं मिल पाएगी।

वृश्चिक साप्ताहिक राशिफल

मंगल का तुला राशि में गोचर: उपाय

  • आप दाहिने हाथ की अनामिका उंगली में सोने या तांबे में लाल मूंगा धारण करें। मंगल के होरा में मूंगा को अभिमंत्रित करने के बाद मंगलवार के दिन ही इसे धारण करें। हमेशा अनुभवी ज्‍योतिषी से परामर्श करने के बाद ही रत्‍न धारण करना चाहिए।
  • मंगलवार के दिन लाल चंदन की माला से 108 या 1008 बार ‘ॐ क्रां क्रीं क्रौं स: भौमाय नम: मंत्र का जाप करें।
  • मंगलवार को व्रत रखें। सूर्यास्‍त के बाद एक बार ही भोजन करें और गुड़ एवं गेहूं से बनी चीज़ें खाएं।
  • हनुमान जी को या कार्तिकेय भगवान को लाल रंग के पुष्‍प, चंदन का पेस्‍ट और मिठाईयां अर्पित करें।
  • नियमित रूप से हनुमान चालीसा या सुंदरकांड का पाठ करें।

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इसी आशा के साथ कि, आपको यह लेख भी पसंद आया होगा एस्ट्रोसेज के साथ बने रहने के लिए हम आपका बहुत-बहुत धन्यवाद करते हैं।

अक्‍सर पूछे जाने वाले प्रश्‍न

प्रश्‍न 1. मंगल किस राशि में उच्‍च का होता है?

उत्तर. मकर राशि।

प्रश्‍न 2. मंगल किस राशि में नीच का होता है?

उत्तर. कर्क राशि।

प्रश्‍न 3. मंगल किस दिशा के स्‍वामी हैं?

उत्तर. दक्षिण दिशा।

बेहद शुभ योग में रखा जाएगा परिवर्तिनी एकादशी 2025 का व्रत, जरूर करें ये उपाय

बेहद शुभ योग में रखा जाएगा परिवर्तिनी एकादशी 2025 का व्रत, जरूर करें ये उपाय

हर एकादशी का अपना एक विशेष महत्व होता है, लेकिन परिवर्तिनी एकादशी 2025 का स्थान सभी व्रतों में अद्वितीय है। यह एकादशी न केवल भगवान विष्णु के शयन परिवर्तन यानी करवट बदलने का प्रतीक है, बल्कि यह दिन जीवन में धार्मिक जागरूकता, शुभ परिवर्तन और आत्मिक उत्थान का संदेश भी देता है।

सनातन धर्म की मान्यता है कि इस दिन यदि श्रद्धा से व्रत और पूजा की जाए, तो भगवान विष्णु विशेष कृपा बरसाते हैं और जीवन में रुके हुए कार्यों में गति आने लगती है। लेकिन, इस दिन की व्रत कथा पढ़े बिना पूजा अधूरी मानी जाती है। कहा जाता है कि इस कथा में छिपा है उस पुण्य का रहस्य, जो मन, कर्म और आत्मा, तीनों को शुद्ध करता है।

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एस्ट्रोसेज एआई के इस ब्लॉग में हम परिवर्तिनी एकादशी 2025 व्रत के बारे में सब कुछ जानेंगे, साथ ही इसके महत्व, व्रत कथा, पूजा विधि और कुछ उपायों के बारे में भी जानेंगे। तो चलिए बिना किसी देरी के अपने ब्लॉग की शुरुआत करते हैं।

परिवर्तिनी एकादशी 2025: तिथि और समय

परिवर्तिनी एकादशी तिथि: बुधवार, 03 सितंबर 2025

एकादशी तिथि प्रारम्भ – सितंंबर 03, 2025 को प्रात: 03 बजकर 54 मिनट पर शुरू होगी। 

एकादशी तिथि समाप्त – सितंंबर 04, 2025 को प्रात: 04 बजकर 23 मिनट पर खत्‍म होगी।

परिवर्तिनी एकादशी पारण मुहूर्त : 13:36:00 से 16:07:54 तक 4, सितंबर को

अवधि : 2 घंटे 31 मिनट

हरि वासर समाप्त होने का समय : 04 सितंबर की सुबह 10 बजकर 20 मिनट पर।

परिवर्तिनी एकादशी 2025 पर शुभ योग  

परिवर्तिनी एकादशी के दिन आयुष्मान योग बन रहा है। आयुष्मान योग हिंदू पंचांग के 27 योगों में से एक शुभ योग है। इसका नाम ही बताता है कि यह योग दीर्घायु, स्वास्थ्य और समृद्धि से जुड़ा है। जब चंद्रमा और सूर्य की गति के अनुसार आयुष्मान योग बनता है, तो यह समय शुभ कार्यों, नई शुरुआतों और सेहत से संबंधित कार्यों के लिए अत्यंत उत्तम माना जाता है।

आयुष्मान शब्द का अर्थ होता है, दीर्घायु, स्वस्थ जीवन और बलवान शरीर। इस योग के प्रभाव से व्यक्ति को लंबी उम्र, उत्तम स्वास्थ्य और समृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त होता है।

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परिवर्तिनी एकादशी 2025 का महत्व

परिवर्तिनी एकादशी, जिसे पार्श्व एकादशी, वामन एकादशी या जयंती एकादशी भी कहा जाता है। यह भाद्रपद शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को मनाई जाती है। यह एकादशी विशेष महत्व रखती है क्योंकि इसी दिन भगवान विष्णु अपने योग निद्रा में दक्षिण से वाम पार्श्व की ओर करवट बदलते हैं। इसलिए इसे परिवर्तिनी एकादशी कहा जाता है।

चातुर्मास के दौरान, यह एकादशी वह दिन होता है, जब भगवान विष्णु शेषनाग की शैय्या पर करवट बदलते हैं।  इसे पार्श्व परिवर्तन दिवस भी कहते हैं। इस दिन व्रत रखने से व्यक्ति को सहस्त्रगुणा पुण्य प्राप्त होता है। यह व्रत पापों का नाश और मोक्ष की प्राप्ति की मार्ग प्रशस्त करता है। 

कई क्षेत्रों में इसे भगवान वामन (भगवान विष्णु का पांचवां अवतार) की जयंती के रूप में भी मनाया जाता है। इस दिन किया गया दान, यज्ञ, तप और कथा  श्रवण अक्षय फलदायी होता है। बता दें कि परिवर्तिनी एकादशी केवल भगवान की करवट बदलने की तिथि नहीं, बल्कि आध्यात्मिक जागृति और कर्म सुधारने अवसर है। यह व्रत जीवन में धार्मिकता, अनुशासन और पुण्य बढ़ाने वाला माना जाता है।

परिवर्तिनी एकादशी की पूजा विधि

  • परिवर्तिनी एकादशी 2025 के एक दिन पहले सात्विक भोजन करें और ब्रह्मचर्य का पालन करें।
  • रात्रि में भगवान विष्णु का स्मरण करते हुए सोए।
  • सुबह ब्रह्म मुहूर्त में उठे और शुद्ध जल से स्नान करें।
  • इसके बाद साफ कपड़े पहनकर व्रत का संकल्प लें।
  • पूजा स्थल पर भगवान विष्णु की मूर्ति या चित्र स्थापित करें।
  • गंगाजल से शुद्धिकरण करें और दीपक जलाएं।
  • भगवान को पंचामृत (दूध, दही, घी, शहद, शक्कर) तुलसी दल (बहुत प्रिय) फूल, धूप, दीप, चंदन, अक्षत मौसमी फल और नैवेद्य अर्पित करें।
  • यदि संभव हो तो सहस्रनाम, वामन स्तोत्र, या भगवद गीता का पाठ करें।
  • इस दिन अन्न ग्रहण नहीं किया जाता है। फलाहार करें यदि निर्जला व्रत संभव न हो तो।
  • दिनभर भगवान विष्णु के नामों का जाप करें “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय”।
  • रात्रि में भगवान का भजन-कीर्तन करें और जागरण करें।
  • द्वादशी तिथि में ब्राह्मणों को भोजन करवाकर दान-दक्षिणा दें।
  • भगवान विष्णु को धन्यवाद देते हुए व्रत का पारण करें।
  • पारण का समय देखकर फलाहार या सात्विक भोजन करें।

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परिवर्तिनी एकादशी 2025 की कथा

भाद्रपद शुक्ल पक्ष की एकादशी को परिवर्तिनी एकादशी कहा जाता है। यह व्रत भगवान विष्णु के वामन अवतार से जुड़ा हुआ है। स्कंद पुराण, पद्म पुराण तथा अन्य ग्रंथों में इसकी महिमा का वर्णन मिलता है। प्राचीन काल में सतयुग में एक धर्मात्मा राजा थे, जिनका नाम महाबली था। वे बड़े ही पराक्रमी, दानी और भक्त राजा थे। उन्होंने अपनी तपस्या, दान और पराक्रम से तीनों लोकों पर अधिकार कर लिया।

देवराज इंद्र सहित अन्य देवता भी उनके प्रभाव से भयभीत हो गए। उन्होंने भगवान विष्णु से रक्षा की प्रार्थना की। देवताओं की प्रार्थना स्वीकार कर भगवान विष्णु ने वामन अवतार लिया।

उन्होंने एक छोटे ब्राह्मण बालक का रूप धारण किया और राजा बलि के यज्ञ में पहुंचे। राजा बलि अत्यंत दानी थे। उन्होंने स्वयं ब्राह्मण बालक से पूछा कि वह क्या चाहता है। वामन भगवान ने कहा, हे राजन! मुझे केवल तीन पग भूमि चाहिए। बलि ने हंसते हुए कहा, हे ब्राह्मण बालक! माँग लो तीन नहीं, तीन सौ पग भूमि।

मुझे प्रसन्नता होगी।  परंतु गुरु शुक्राचार्य ने बलि को चेताया कि यह कोई साधारण ब्राह्मण नहीं, स्वयं भगवान विष्णु हैं, जो तुम्हारी शक्ति का अंत करने के लिए वामन रूप में आए हैं। किंतु बलि अपने वचन से पीछे नहीं हटे। उन्होंने वामन को तीन पग भूमि देने का संकल्प कर लिया।

तब भगवान वामन ने अपना विराट रूप धारण किया। पहले पग में पृथ्वी, दूसरे पग में आकाश को नाप लिया। अब तीसरा पग रखने के लिए कोई स्थान नहीं बचा। तब बलि ने कहा, हे प्रभु! मेरा शरीर शेष है, आप अपना तीसरा पग मेरे सिर पर रख दीजिए। भगवान वामन ने अपने चरण से बलि का सिर स्पर्श किया और उसे पाताल लोक का राजा बना दिया।

साथ ही उसकी भक्ति, दानशीलता और सत्यव्रत से प्रसन्न होकर कहा हे बलि! कलियुग में जब-जब मेरे भक्त तुम्हारा नाम लेंगे, मैं उनकी रक्षा करूंगा। तुम मेरे परम भक्त हो। बलि ने एक वर मांगा कि भगवान स्वयं पाताल में आकर उसके द्वारपाल बनें। भगवान विष्णु ने स्वीकार किया और पाताल चले गए। जब भगवान विष्णु पाताल चले गए, तब देवी लक्ष्मी को चिंता हुई। 

उन्होंने भगवान को वापस लाने के लिए एक उपाय सोचा। वे एक ब्राह्मण स्त्री का रूप लेकर राजा बलि के पास गईं और कहा, हे राजन्! मैं एक अकेली स्त्री हूं, मेरे घर में कोई पुरुष नहीं है। क्या आप मेरे घर रक्षा हेतु कोई व्यक्ति भेज सकते हैं? बलि ने कहा, हे माता! आप मेरे द्वार से जिसको चाहें ले जाएं।

तब लक्ष्मी जी ने भगवान विष्णु को चुन लिया और उन्हें पाताल से बाहर ले आईं। इसी दिन भगवान विष्णु चार महीने की योगनिद्रा में करवट बदलते हैं, इसलिए इसे परिवर्तिनी एकादशी कहा जाता है। यह चातुर्मास का एक विशेष पर्व है। जो भी भक्त इस दिन व्रत रखता है, विष्णु पूजन करता है, उसे बलि जैसे दानी और भक्त राजा के समान पुण्य फल प्राप्त होता है।

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परिवर्तिनी एकादशी 2025 के दिन जरूर करें ये उपाय

परिवर्तिनी एकादशी के दिन कुछ विशेष अचूक उपाय करने से जीवन की अनेक समस्याओं से मुक्ति मिल सकती है, जैसे आर्थिक तंगी, वैवाहिक संकट, संतान बाधा, कोर्ट-कचहरी के झंझट, स्वास्थ्य, शत्रु नाश आदि। यहां परिवर्तिनी एकादशी के दिन किए जाने वाले अचूक उपायों दिए जा रहे हैं।

परिवर्तिनी एकादशी 2025 पर धन प्राप्‍ति के लिए

इस दिन प्रातः स्नान करके विष्णु जी के सामने दीपक जलाएं। 11 तुलसी पत्तों पर चंदन लगाकर उन्हें ॐ श्रीं ह्रीं श्री लक्ष्मी नारायणाय नमः मंत्र के साथ अर्पित करें। इसके बाद  पीले वस्त्र में 5 कौड़ियाँ, थोड़ी सी हल्दी और चावल बाँधकर तिजोरी में रखें। ऐसा करने से, धन आगमन के मार्ग खुलते हैं, आर्थिक स्थिति सुधरती है।

दांपत्य जीवन में प्रेम बढ़ाने के लिए

इस दिन पति -पत्नी दोनों मिलकर व्रत करें। भगवान विष्णु और देवी लक्ष्मी की एक साथ पूजा करें। साथ ही ॐ लक्ष्मी नारायणाय नमः मंत्र का 108 बार जाप करें। पूजा के बाद एक मीठा फल दोनों मिलकर खाएं। ऐसा करने से, संबंधों में मधुरता आती है, आपसी मतभेद दूर होते हैं।

परिवर्तिनी एकादशी 2025 पर संतान प्राप्ति के लिए

व्रत रखकर भगवान वामन की पूजा करें। 11 तुलसी पत्रों पर हल्दी से “राम” लिखकर भगवान को अर्पित करें। ॐ नारायणाय नमः का जाप करें। व्रत कथा पढ़ें और संतान सुख की कामना करें। इसके परिणामस्वरूप, संतान संबंधी बाधाएं दूर होती हैं, संतान सुख की प्राप्ति होती है।

शत्रुओं से मुक्ति पाने के लिए

इस दिन सूर्योदय से पहले स्नान करें। 07 तुलसी पत्ते लें और उन पर थोड़ा सा काले तिल रखें। इन्हें पीले वस्त्र में बांधकर भगवान विष्णु के चरणों में अर्पित करें। साथ ही, ॐ विष्णवे नमः का 21 बार जाप करें। इसके फलस्वरूप, शत्रुओं पर विजय प्राप्त होती है, कानूनी मामलों में राहत मिलती है।

कालसर्प दोष रिपोर्ट – काल सर्प योग कैलकुलेटर

परिवर्तिनी एकादशी 2025 पर कर्ज से मुक्ति पाने के लिए

भगवान वामन को पीले फूल अर्पित करें। ॐ वामनाय नमः मंत्र का 108 बार जाप करें। एक पीला सिक्का या गोमती चक्र लक्ष्मी जी के चित्र पर रखकर प्रार्थना करें कि  कर्ज से मुक्ति मिले। अगले दिन उसे तिजोरी में रखें। इसके फलस्वरूप धीरे-धीरे कर्ज उतरने लगता है और आय के नए स्रोत बनते हैं।

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अक्‍सर पूछे जाने वाले प्रश्‍न

परिवर्तिनी एकादशी क्या होती है?

परिवर्तिनी एकादशी भाद्रपद शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को मनाई जाती है। इस दिन भगवान विष्णु क्षीर सागर में करवट (परिवर्तन) लेते हैं, इसलिए इसे ‘परिवर्तिनी’ एकादशी कहते हैं।

इस एकादशी का दूसरा नाम क्या है?

इसे पार्श्व एकादशी, जलझूलनी एकादशी, और डोल ग्यारस भी कहा जाता है।

परिवर्तिनी एकादशी 2025 में कब है?

परिवर्तिनी एकादशी 2025 में 03 सितंबर, बुधवार को पड़ रही है।

आखिरी चंद्र ग्रहण 2025: क्‍या होगा गर्भवती महिलाओं और वैश्विक घटनाओं पर प्रभाव

आखिरी चंद्र ग्रहण 2025: क्‍या होगा गर्भवती महिलाओं और वैश्विक घटनाओं पर प्रभाव

चंद्र ग्रहण 2025: एस्ट्रोसेज एआई का यह ब्लॉग खास तौर पर 2025 के चंद्र ग्रहण के दौरान गर्भवती महिलाओं को बरतने वाली सावधानियों और इस खगोलीय घटना के देश-दुनिया पर पड़ने वाले प्रभावों के बारे में बताने के लिए तैयार किया गया है।

यह अद्भुत घटना 7 सितंबर 2025 को घटित होगी। जब पृथ्वी, सूर्य और चंद्रमा  के बीच आ जाती है, तो उसकी छाया चंद्रमा पर पड़ती है और चंद्र ग्रहण बनता है। यह एक दुर्लभ और मनमोहक खगोलीय नज़ारा होता है। तो चलिए बिना देर किए आगे बढ़ते हैं और जानते हैं चंद्र ग्रहण का देश-दुनिया व गर्भवती महिलाओं पर किस प्रकार का असर पड़ेगा।

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चंद्र ग्रहण 2025 कब लगता है?

चंद्र ग्रहण का ज्योतिष में बहुत अधिक महत्व है। अंग्रेजी में इसे लूनर एक्लिप्स कहते हैं। यह घटना तब होती है जब चंद्रमा पृथ्वी की छाया में प्रवेश कर जाता है। यह घटना केवल पूर्णिमा के दिन होती है, जब पृथ्वी, चंद्रमा और सूर्य के बीच आ जाती है और ये तीनों एक सीधे रेखा में स्थित होते हैं।

चंद्र ग्रहण 2025: समय और पक्ष

तिथिदिन तथा दिनांकचंद्र ग्रहण प्रारंभ समय (भारतीय स्टैंडर्ड टाइम के अनुसार)चंद्र ग्रहण समाप्त समयदृश्यता का क्षेत्र
भाद्रपद माह की पूर्णिमारविवार/सोमवार, 7/8 सितंबर, 202507 सितंबर की रात 9 बजकर 57 मिनट से08 सितंबर की मध्यरात्रि 01 बजकर 26 मिनट तकभारत, ऑस्ट्रेलिया, यूरोप, न्यूजीलैंड, पश्चिमी और उत्तरी अमेरिका, अफ्रीका, पूर्वी दक्षिण अमेरिका सहित संपूर्ण एशिया

नोट: यदि ग्रहण 2025 की बात करें, तो उपरोक्त तालिका में दिया गया चंद्र ग्रहण का समय भारतीय मानक समय के अनुसार है।

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चंद्र ग्रहण: सूतक काल

07 सितंबर 2025 को साल का दूसरा व आखिरी चंद्र ग्रहण रहेगा, जो भारत में दिखाई देगा। परंपरागत रूप से, वयस्कों के लिए चंद्र ग्रहण का सूतक काल ग्रहण शुरू होने से 09 घंटे पहले ही शुरू हो जाता है। वहीं, बच्चों, बुजुर्गों और बीमार व्यक्तियों के लिए इन नियमों में अक्सर ढील दी जाती है।

इस समय के दौरान आमतौर पर खाना पकाना, भोजन करना करना धार्मिक अनुष्ठान करना और मंदिर जाना वर्जित माना जाता है। आइए अब एक नज़र डालते हैं चंद्र ग्रहण 2025 से जुड़ी कुछ महत्वपूर्ण बातों पर। 

  • खाना पकाने, भोजन करने और कोई नया काम शुरू करने से बचें।
  • मंदिर जाने, पूजा-पाठ करने या देवी-देवताओं की मूर्तियों को छूने से परहेज़ करें।
  • इस समय ध्यान, मंत्र जाप और धार्मिक ग्रंथों का पाठ करना शुभ माना जाता है।
  • ग्रहण समाप्त होने के बाद गंगाजल का छिड़काव करना या स्नान करना शुद्धिकरण के लिए परंपरागत माना जाता है।

चंद्र ग्रहण: गर्भवती महिलाएं बरतें ये सावधानियां

पारंपरिक हिंदू और वैदिक ज्योतिष में माना जाता है कि चंद्र ग्रहण के दौरान  ब्रह्मांड में शक्तिशाली तरंगें सक्रिय होती हैं। इस समय गर्भवती महिलाओं को कुछ विशेष सावधानियां बरतने की सलाह दी जाती है, ताकि मां और गर्भ में पल रहे शिशु दोनों की सुरक्षा हो सके।

हमारे प्राचीन ग्रंथों में भी कुछ नियम बताए गए हैं, जिन्हें सही तरीके से अपनाने पर मां और शिशु दोनों को लाभ होता है। यहां गर्भवती महिलाओं के लिए ऐसी ही कुछ प्रमुख सावधानियों के बारे में चर्चा की जा रही है।

  • चंद्र ग्रहण के समय गर्भवती महिलाओं को घर के भीतर रहना चाहिए, क्योंकि मान्यता है कि इस दौरान निकलने वाली हानिकारक किरणें गर्भ में पल रहे शिशु को नुकसान पहुंचा सकती हैं।
  • तेज या नुकीली चीजों जैसे ब्लेड, कैंची आदि का इस्तेमाल करने से बचना चाहिए। 
  • ग्रहण के समय आमतौर पर कुछ भी खाने से परहेज किया जाता है, लेकिन गर्भवती महिलाओं को ताज़े फल, सात्विक भोजन और जरूरी दवाइयां लेने की अनुमति होती है।
  • इस दौरान घर की खिड़कियां और दरवाजे ढ़क कर रखना अच्छा माना जाता है।
  • गर्भवती महिलाएं ध्यान और मंत्र जाप करें, यह उनके लिए लाभकारी होता है।
  • चंद्र ग्रहण से पहले और बाद में स्नान करना नकारात्मक असर को दूर करने का लिए शुभ माना जाता है।

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  • किसी भी तरह के धातु के आभूषण जैसे चूड़ियां, पिन, सेफ्टी पिन आदि पहनने से बचना चाहिए। 
  • चंद्र ग्रहण के दौरान सोना सख्त मना होता है। चूंकि यह उपच्छाया (पेनुम्ब्रल) चंद्र ग्रहण है, इसलिए सूतक काल के नियमों का पालन करना अनिवार्य नहीं है।
  • गर्भवती महिलाएं चाहें तो अपनी इच्छा से इन नियमों को अपना सकती हैं।
  • मंत्र या भजन का कीर्तन करना और भगवान की भक्ति में समय बिताना न केवल गर्भवती महिलाओं, बल्कि सभी के लिए मानसिक तनाव और चिंता से दूर रहने में मदद करता है।

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चंद्र ग्रहण: देश-दुनिया पर प्रभाव

2025 का चंद्र ग्रहण पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र में हो रहा है और यह कई वैश्विक बदलावों और खुलासों का संकेत दे सकता है, खासकर स्वास्थ्य, विज्ञान और सामूहिक उपचार से जुड़े मामलों में।

  • स्वास्थ्य अधिकार, पर्यावरण मुद्दों और निजता से जुड़े मामलों पर सामाजिक सुधार आंदोलनों और वैश्विक विरोध प्रदर्शनों की संभावना।
  • चंद्रमा का जनभावनाओं से गहरा संबंध होने के कारण शेयर बाज़ार में अचानक और अनचाहे उतार-चढ़ाव आ सकते हैं।
  • मुद्रा और क्रिप्टोकरेंसी बाजार से सट्टेबाजी या नीतिगत बदलावों के चलते तेजी से बढता या गिरावट देखने को मिल सकती है।
  • राहु का प्रभाव अल्पकालीन वित्तीय उछाल या भ्रामक योजनाओं को जन्म दे सकता है।
  • कुंभ-मीन की ऊर्जा अक्सर पानी से जुड़ी घटनाओं को उकसाती है, जैसे बाढ़, तूफान या समुद्र- स्तर में बढ़ोतरी।
  • जिन क्षेत्रों में पहले से भूकंप या ज्वालामुखी की संभावना रही है वहां इन गतिविधियों में अचानक बढ़ोतरी हो सकती है, खासकर अगर उस जगह या देश में कुंभ ऊर्जा अधिक हो।
  • आध्यात्मिक साधकों की अंतर्ज्ञान क्षमता बढ़ सकती है या उन्हें भविष्यसूचक सपने आ सकते हैं।
  • नशे की लत, वास्तविकता से भागने की प्रवृत्ति और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याएं विश्व स्तर पर सामने आ सकती है।
  • शतभिषा नक्षत्र का तकनीक से जुड़ाव, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एआई और अंतरिक्ष अनुसंधान में बड़ी उपलब्धियों का संकेत देता है।
  • हालांकि, राहु डिजिटल प्राइवेसी एआई के दुरुपयोग या बायोटेक्नोलॉजी से जुड़े नैतिक विवाद भी खड़े कर सकता है।
  • अप्रत्याशित तरीके से पुराने गठबंधन टूट सकते हैं और नए गठबंधन बन सकते हैं।

चंद्र ग्रहण: सामान्य उपाय

  • स्वास्थ्य और सुरक्षा के लिए महामृत्युंजय मंत्र का जाप करें।
  • चंद्रमा को मज़बूत करने और भावनाओं को शांत करने के लिए चंद्र बीज मंत्र।
  • गायत्री मंत्र – शुद्धि और आध्यात्मिक उत्थान के लिए।
  • ग्रहण के बाद ज़रूरतमंदों को सफेद वस्तुएं जैसे- चावल, दूध, चीनी, सफेद कपड़े आदि दान करें।
  • यदि आपकी कुंडली में चंद्रमा कमज़ोर है, तो चांदी या सफेद चंदन का दान करें।
  • राहु-केतु की शांति के लिए आवारा कुत्तों या गायों को भोजन कराएं।

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चंद्र ग्रहण से पहले और बाद में अपनाएं जाने वाले उपाय

  • राहु की बेचैन ऊर्जा को संतुलित करने के लिए ध्यान और मंत्र जाप करें।
  • ग्रहण के समय अचानक कोई वित्तीय या भावनात्मक फैसला लेने से बचें।
  • अपने जीवन में उपचार, क्षमा और अधूरे मामलों को समाप्त करने पर ध्यान दें। 
  • अपने सपनों और अंतर्ज्ञान से मिले संदेशों को लिखें, हो सकता है इनमें भविष्य से जुड़ी अहम दिशा-निर्देश छिपे हों।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

1. चंद्र ग्रहण कब लग रहा है?

7 सितंबर, 2025 को।

2. क्या यह चंद्र ग्रहण भारत में दिखाई देगा?

हां

3. क्या इस बार सूतक काल लागू होगा?

हां, इस बार चंद्र ग्रहण 2025 के दौरान सूतक काल लागू होगा।

अनंत चतुर्दशी से सजा ये सप्ताह होगा बेहद ख़ास, जानें कब-कब पड़ेगा कौन-सा त्योहार

अनंत चतुर्दशी से सजा ये सप्ताह होगा बेहद ख़ास, जानें कब-कब पड़ेगा कौन-सा त्योहार

साप्ताहिक राशिफल 01 से 07 सितंबर 2025: साप्ताहिक राशिफल का यह विशेष ब्लॉग एस्ट्रोसेज एआई ने ख़ासतौर पर अपने रीडर्स के लिए तैयार किया है जिसके माध्यम से आप सितंबर के पहले सप्ताह यानी कि 01 सितंबर से लेकर 07 सितंबर तक की विस्तृत जानकारी प्राप्त होगी। जैसे कि हम सभी जानते हैं कि हर दिन, हर नई सुबह और हर सप्ताह हमें साल के अंत के करीब लेकर जाता है।

ऐसे में, अब हम साल के नौवें महीने के पहले सप्ताह में प्रवेश करने जा रहे हैं। इसी क्रम में, आप भी यह जानने के लिए उत्सुक होंगे कि सितंबर का यह पहला सप्ताह राशि चक्र की सभी 12 राशियों के जातकों के जीवन के विभिन्न पहलुओं जैसे कि करियर, व्यापार, विवाह, प्रेम, स्वास्थ्य और आर्थिक जीवन आदि के लिए कैसा रहने वाला है?

साथ ही, इस हफ़्ते में कौन से बड़े ग्रहों के गोचर होंगे? क्या वह आपके लिए शुभ होंगे या अशुभ? कुपित ग्रहों के नकारात्मक प्रभावों से कैसे बचें? इन सभी सवालों के जवाब आपको हमारे इस लेख में प्राप्त होंगे। बता दें कि साप्ताहिक राशिफल का यह ब्लॉग हमारे अनुभवी और विद्वान ज्योतिषियों द्वारा ग्रह-नक्षत्रों की चाल, दशा और स्थिति की गणना करके तैयार किया गया है।   

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इसके अलावा, साप्ताहिक राशिफल के इस लेख के द्वारा आप सितंबर के पहले सप्ताह (01 सितंबर से 07 सितंबर, 2025) के बीच कौन-कौन से व्रत-त्योहार मनाए जाएंगे? इस हफ़्ते में किन मशहूर हस्तियों का जन्मदिन आता है? इस बारे में भी जान सकेंगे। तो चलिए आगे बढ़ते हैं और जान लेते हैं कि सितंबर 2025 का यह सप्ताह सभी 12 राशियों के जीवन में कौन से बड़े बदलाव लेकर आएगा।

इस सप्ताह के ज्योतिषीय तथ्य और हिंदू कैलेंडर की गणना 

हिंदू पंचांग के अनुसार सितंबर माह के इस पहले सप्ताह की बात करें तो, इस हफ़्ते का आगाज़ ज्येष्ठा नक्षत्र के तहत शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि यानी कि 01 सितंबर 2025 को हो जाएगा जबकि इस सप्ताह का समापन पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र के अंतर्गत कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि पर होगा। बता दें कि साल का नौवां महीना होता है सितंबर और इसका धार्मिक एवं ज्योतिषीय महत्व है। ऐसे में, इस माह अनेक व्रत और त्योहार को मनाया जाएगा जिनके बारे में हम बात करेंगे। आइए अब हम आगे बढ़ते हैं और आपको रूबरू करवाते हैं इस सप्ताह में हफ़्ते पड़ने वाले मुख्य पर्वों की तिथियों के बारे में। 

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इस सप्ताह में पड़ने वाले व्रत और त्योहारों की संपूर्ण जानकारी

हिंदू धर्म में व्रतों एवं त्योहारों को महत्वपूर्ण माना जाता है और इनके बिना हमारी ज़िन्दगी अधूरा रहती है क्योंकि यह हमारे जीवन में सुख-समृद्धि और सौभाग्य लेकर आते हैं। लेकिन, आज की भागदौड़ भरी ज़िन्दगी में व्रत और त्योहारों की तिथियां हम याद नहीं रख पाते हैं और आपके साथ ऐसा न हो, ताकि आप हर पर्व को ख़ुशी-ख़ुशी मना सकें, इसलिए इन सब बातों को ध्यान में रखकर हमने यह सेक्शन विशेष रूप से आपके लिए तैयार किया है जहां आपको 01 से 07 सितंबर, 2025 के बीच आने वाले सभी व्रत-त्योहारों की सही तिथियां दी जा रही हैं, ताकि आप इन पर्वों को अपने करीबियों और प्रियजनों के साथ मना सकें।

परिवर्तिनी एकादशी (03 सितंबर 2025, बुधवार): वर्ष भर में आने वाली सभी एकादशी तिथियों में से एक है परिवर्तिनी एकादशी जो जगत के पालनहार भगवान विष्णु को समर्पित होती है। इस दिन विष्णु जी के वामन अवतार की पूजा-अर्चना की जाती है। इस एकादशी को देश के कुछ हिस्सों में पार्श्व एकादशी के नाम से जाना जाता है। मान्यता है कि इस एकादशी के अवसर पर श्रीहरि विष्णु शयन करते हुए करवट लेते हैं इसलिए इस एकादशी को परिवर्तिनी एकादशी कहते हैं। 

प्रदोष व्रत (शुक्ल) (05 सितंबर 2025, शुक्रवार): सनातन धर्म में प्रदोष व्रत को विशेष स्थान प्राप्त है जिसे हर महीने बेहद श्रद्धाभाव के साथ किया जाता है। हिंदू पंचांग के अनुसार, हर माह की त्रयोदशी तिथि पर प्रदोष व्रत रखा जाता है और यह व्रत माह में दो बार आता है। बता दें कि सोमवार के दिन पड़ने वाला व्रत सोम प्रदोष के नाम से जाना जाता है जबकि मंगलवार को आने वाले प्रदोष व्रत को भौम प्रदोष कहते हैं। इसी क्रम में, जो प्रदोष व्रत शनिवार के दिन आता है, उसे शनि प्रदोष व्रत कहा जाता है। इस दिन भगवान शंकर की पूजा विधि-विधान से की जाती है। 

ओणम/थिरुवोणम (05 सितंबर 2025, शुक्रवार): ओणम दक्षिण भारत के सबसे बड़े पर्वों में से एक है। ओणम दस दिनों तक चलने वाला त्योहार है और इस पर्व का अंतिम एवं दसवां दिन बहुत ख़ास होता है जिसे थिरुवोणम कहा जाता है। शायद ही आप जानते होंगे कि मलयालम में श्रावन नक्षत्र को थिरुवोणम के नाम से जाना जाता है। मलयालम पंचांग के अनुसार, जब चिंगम माह में थिरुवोणम नक्षत्र प्रबल होता है, तब थिरुवोणम का त्योहार मनाया जाता है।

अनंत चतुर्दशी (06 सितंबर 2025, शनिवार): हिंदू धर्म में अनंत चतुर्दशी का पर्व बहुत महत्व रखता है जिसे अनंत चौदस भी कहा जाता है। पंचांग के अनुसार, हर साल भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि पर अनंत चतुर्दशी मनाई जाती है। अनंत चतुर्दशी का व्रत भगवान विष्णु को समर्पित होता है और इस दिन इनकी पूजा अनंत रूप में की जाती है। विष्णु जी के अनंत स्वरूप की पूजा के बाद बाजू पर अनंत सूत्र बांधने का विधान है। साथ ही, अनंत चतुर्दशी पर गणेश विसर्जन भी किया जाता है। 

भाद्रपद पूर्णिमा व्रत (07 सितंबर 2025, रविवार): एक वर्ष में कुल बारह पूर्णिमा आती हैं और हर पूर्णिमा का अपना महत्व होता है। इन्हीं में से एक है भाद्रपद पूर्णिमा जो हर वर्ष भाद्र माह में आती है। इस दिन संसार के पालनहार भगवान विष्णु के सत्यनारायण स्वरूप की उपासना की जाती है। साथ ही, भाद्रपद पूर्णिमा के दिन उमा-महेश्वर व्रत भी किया जाता है। इसके अलावा, इस पूर्णिमा से ही पितृ पक्ष का आरंभ होता है जो आश्विन अमावस्या पर समाप्त होता है।

हम आशा करते हैं कि यह व्रत-त्योहार आपके जीवन में खुशियाँ और आशा की नई किरण लेकर आयेंगे।

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इस सप्ताह में पड़ने वाले ग्रहण और गोचर 

साप्ताहिक राशिफल (01 से 07 सितंबर, 2025) के इस लेख में आपको व्रत-त्योहार के बारे में बताने के बाद हम आपको इस सप्ताह में पड़ने वाले ग्रहण और गोचर की जानकारी प्रदान करेंगे। वैदिक ज्योतिष में ग्रहण और गोचर को बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है क्योंकि इनका प्रभाव प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से मनुष्य जीवन पर दिखाई देता है।

ऐसे में, प्रत्येक व्यक्ति को ग्रहण और गोचर की जानकारी होना जरूरी होता है और साथ ही, ग्रहों की स्थिति, दशा और राशियों को देखने के बाद ही भविष्यवाणी की जाती है। बात करें सितंबर 2025 की, तो इस सप्ताह किसी भी बड़े ग्रह का गोचर नहीं होने जा रहा है। हालांकि, इस हफ़्ते में एक ग्रहण लगने जा रहा है। 

इस सप्ताह लगेगा चंद्र ग्रहण

सितंबर 2025 के पहले सप्ताह यानी कि 01 सितंबर से 07 सितंबर 2025 में साल का दूसरा चंद्र ग्रहण लगने जा रहा है। बता दें कि यह चंद्र ग्रहण भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष पूर्णिमा तिथि अर्थात 7/8 सितंबर 2025 की रात लगेगा जो 08 सितंबर की देर रात 01 बजकर 26 मिनट पर समाप्त होगा। साल का यह दूसरा चंद्र ग्रहण भारत में दिखाई देगा इसलिए सूतक मान्य होगा। 

कालसर्प दोष रिपोर्ट – काल सर्प योग कैलकुलेटर       

इस सप्ताह के बैंक अवकाशों की सूची

ग्रहण-गोचर और व्रत-त्योहारों की तिथियों से आपको रूबरू करवाने के बाद अब हम आपको सितंबर के इस सप्ताह (साप्ताहिक राशिफल 01 से 07 सितंबर 2025) में पड़ने वाले बैंक अवकाशों के बारे में बताने जा रहे हैं ताकि अगर आपका कोई काम बैंक से जुड़ा है, तो वह समय पर पूरा हो सके। 

तिथि दिनपर्वराज्य
02 सितंबर 2025मंगलवाररामदेव जयंतीराजस्थान
02 सितंबर 2025मंगलवारतेजा दशमीराजस्थान
04 सितंबर 2025गुरुवारप्रथम ओणमकेरल
05 सितंबर 2025शुक्रवारथिरुवोनमकेरल
05 सितंबर 2025शुक्रवारईद-ए-मिलादसभी राज्य सिवाय अंडमान निकोबार , अरुणाचल प्रदेश , असम, बिहार, गोवा, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, मेघालय , पंजाब , सिक्किम और पश्चिम बंगाल
07 सितंबर 2025रविवारइन्द्र जत्रासिक्किम
07 सितंबर 2025रविवारश्री नारायण गुरु समाधी दिवसकेरल

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इस सप्ताह (01 सितंबर से 07 सितंबर) के शुभ मुहूर्त

साप्ताहिक राशिफल के इस सेक्शन में हम आपको शुभ मुहूर्त प्रदान कर रहे हैं ताकि आप मांगलिक कार्यों जैसे नामकरण और अन्नप्राशन संस्कार संपन्न कर सकें जो कि इस प्रकार हैं:

01 से 07 सितंबर 2025 के नामकरण मुहूर्त

अगर आप अपने नवजात शिशु के नामकरण संस्कार के लिए शुभ मुहूर्त की तलाश में हैं, तो इस सप्ताह उपलब्ध नामकरण संस्कार की तिथियां नीचे दी गई हैं। 

दिनांकमुहूर्त का समय 
03 सितंबर 2025, बुधवार23:09:25 से 29:59:46
04 सितंबर 2025, गुरुवार06:00:16 से 30:00:16
05 सितंबर 2025, शुक्रवार06:00:47 से 23:39:29
07 सितंबर 2025, रविवार06:01:46 से 21:42:19

01 से 07 सितंबर 2025 के अन्नप्राशन मुहूर्त

यहां हम आपको सितंबर 2025 के इस सप्ताह में उपलब्ध अन्नप्राशन संस्कार की तिथियां दे रहे हैं ताकि आप यह संस्कार संपन्न कर सकें। 

दिनांकमुहूर्त का समय 
05 सितंबर 202507:27-09:4312:03-18:0719:35-22:35

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इस सप्ताह में जन्मे मशहूर सितारे

01 सितंबर 2025: राकेश बापट, निशांत मलकानी, डॉ फिल मैकग्रा

02 सितंबर 2025: शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती, नीतू, अनिल बलूनी

03 सितंबर 2025: डेविड मलान, हर्षद अरोरा, मनोज जोशी 

04 सितंबर 2025: अनंत नाग, ऋषि कपूर, सुशील कुमार शिंदे

05 सितंबर 2025: जया भारद्वाज, पंकज त्रिपाठी, रवि बिश्नोई,

06 सितंबर 2025: हार्डी संधू, सरगुन मेहता, गुरकीर्तन चौहान 

07 सितंबर 2025: इवान रेचल वुड, ममता शर्मा, अलेक्जेंडर मेजिया 

एस्ट्रोसेज इन सभी सितारों को जन्मदिन की ढेरों शुभकामनाएं देता है। यदि आप अपने पसंदीदा सितारे की जन्म कुंडली देखना चाहते हैं तो आप यहां पर क्लिक कर सकते हैं। 

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साप्ताहिक राशिफल 01 से 07 सितंबर, 2025

यह भविष्यफल चंद्र राशि पर आधारित है। अपनी चंद्र राशि जानने के लिए क्लिक करें:
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मेष साप्ताहिक राशिफल 

आपकी चंद्र राशि के तीसरे भाव में बृहस्पति देव मौजूद होंगे और ऐसे में, इस सप्ताह आपको हर….. (विस्तार से पढ़ें) 

मेष प्रेम राशिफल 

इस सप्ताह आपका दिल फेक स्वभाव, आपके प्रियतम को आहत कर सकता है। क्योंकि आपका….(विस्तार से पढ़ें)

वृषभ साप्ताहिक राशिफल

शनि देव आपकी चंद्र राशि के ग्यारहवें भाव में विराजमान होंगे और ऐसे में, स्वास्थ्य….(विस्तार से पढ़ें)

वृषभ प्रेम राशिफल

इस सप्ताह संभव है कि आपका कोई विपरीत लिंगीय दोस्त, आपके समक्ष अपने प्रेम का….(विस्तार से पढ़ें)

मिथुन साप्ताहिक राशिफल

आपकी चंद्र राशि के तीसरे भाव में केतु देव विराजमान होंगे और इसके फलस्वरूप….(विस्तार से पढ़ें)

मिथुन प्रेम राशिफल

यदि आप किसी से सच्चा प्रेम करते हैं तो, इस सप्ताह संभव है कि आपको कुछ ऐसी बात….(विस्तार से पढ़ें)

कर्क साप्ताहिक राशिफल

शनि देव आपकी चंद्र राशि के नौवें भाव में स्थित होंगे और इसके फलस्वरूप, इस …. (विस्तार से पढ़ें)

कर्क प्रेम राशिफल

ये सप्ताह आपके प्रेम जीवन के लिए, बहुत ही अच्छा रहने वाले हैं। इस समय में आपको….(विस्तार से पढ़ें)

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सिंह साप्ताहिक राशिफल

आपकी चंद्र राशि के ग्यारहवें भाव में गुरु ग्रह विराजमान होंगे और ऐसे में, इस सप्ताह नियमित….(विस्तार से पढ़ें)

सिंह प्रेम राशिफल

कामकाज में व्यस्तता के चलते, इस सप्ताह आपके प्रेम संबंधों में……(विस्तार से पढ़ें)

कन्या साप्ताहिक राशिफल

स्वास्थ्य राशिफल में ये सप्ताह स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से, आपके लिए सामान्य से….(विस्तार से पढ़ें)

कन्या प्रेम राशिफल

प्रेम राशिफल के अनुसार इस सप्ताह का समय, आपके प्रेम विवाह के योग….(विस्तार से पढ़ें)

तुला साप्ताहिक राशिफल

आपकी चंद्र राशि के नौवें भाव में गुरु ग्रह स्थित होंगे और ऐसे में, यदि आप किसी…..(विस्तार से पढ़ें)

तुला प्रेम राशिफल

ये हफ्ता प्रेम में पड़े जातकों के लिए, अच्छा रहेगा। क्योंकि इस समय आपके प्रेम….. (विस्तार से पढ़ें)

वृश्चिक साप्ताहिक राशिफल

राहु महाराज आपकी चंद्र राशि के चौथे भाव में उपस्थित होंगे और ऐसे में, इस समय…..(विस्तार से पढ़ें)

वृश्चिक प्रेम राशिफल

इस पूरे ही सप्ताह यूँ तो, आपका प्रेम जीवन सामान्य ही तौर पर चलता रहेगा। परंतु…..(विस्तार से पढ़ें)

धनु साप्ताहिक राशिफल

गुरु ग्रह आपकी चंद्र राशि के सातवें भाव में बैठे होने के कारण इस सप्ताह आपको …..(विस्तार से पढ़ें)

धनु प्रेम राशिफल

इस सप्ताह कई योग बनेंगे और आपको कई ऐसे अवसर प्राप्त होंगे, जब…..(विस्तार से पढ़ें)

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मकर साप्ताहिक राशिफल

इस पूरे ही सप्ताह, सेहत से जुड़ी समस्याएँ आपको परेशानी दे सकती….(विस्तार से पढ़ें)

मकर प्रेम राशिफल

यदि आप अपने प्रेमी से सच्चा प्यार करते हैं तो, इस सप्ताह कई जातकों को प्रेमी….(विस्तार से पढ़ें)

कुंभ साप्ताहिक राशिफल

इस सप्ताह आपके खराब स्वास्थ्य के कारण, आपके अंदर विश्वास की काफी …. (विस्तार से पढ़ें)

कुंभ प्रेम राशिफल

आपके संबंधों में इस सप्ताह किसी बड़े की दख़लअंदाज़ी के चलते, आपके….(विस्तार से पढ़ें)

मीन साप्ताहिक राशिफल 

अभी तक अपनी जिस ऊर्जा को आप खो चुके थे, वो सकारात्मक ऊर्जा इस सप्ताह…..(विस्तार से पढ़ें)

मीन प्रेम राशिफल

इस सप्ताह प्रेम में पड़े जातक अपने प्रेमी संग, खुलकर संवाद कायम करने में….(विस्तार से पढ़ें)

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

शुक्र का गोचर सिंह राशि में कब होगा?

शुक्र देव का सिंह राशि में गोचर 15 सितंबर 2025 को होगा। 

कन्या संक्रांति कब है?

इस साल कन्या संक्रांति 17 सितंबर 2025 को मनाई जाएगी। 

साल का दूसरा चंद्र ग्रहण कब है?

चंद्र ग्रहण 07/08 सितंबर 2025 को लगने जा रहा है।  

सितंबर में पड़ रहे हैं श्राद्ध और नवरात्रि एकसाथ, सूर्य ग्रहण भी कर सकता है परेशान!

सितंबर 2025 में पड़ रहे हैं श्राद्ध और नवरात्रि एकसाथ, सूर्य ग्रहण भी कर सकता है परेशान!

सितंबर 2025: ग्रेगोरियन कैलेंडर के अनुसार सितंबर साल का नौवां महीना होता है और इस दौरान दुनियाभर के कई हिस्‍सों में मौसमी बदलाव देखा जाता है। सितंबर महीने का नाम लैटिन शब्‍द ‘सेप्‍टम’ से आया है जिसका मतलब सात होता है। प्राचीन रोमन कैलेंडर में सितंबर सातवां महीना हुआ करता था।

सितंबर के महीने में मौसम की बात करें, तो उत्तरी गोलार्ध में इस समय गर्मियां खत्‍म होती हैं और शरद ऋतु की शुरुआत होती है। इस समय दिन छोटे होने लगते हैं और तापमान भी धीरे-धीरे ठंडा होना शुरू हो जाता है। पत्तियां अपना रंग बदलना शुरू कर देती हैं। वहीं दूसरी ओर दक्षिणी गोलार्ध में सितंबर में वसंत की शुरुआत होती है। इस दौरान मौसम गर्म रहता है।

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एस्‍ट्रोसेज एआई के इस खास ब्‍लॉग में सितंबर के व्रत एवं त्‍योहारों के साथ-साथ बैंक अवकाश, विवाह मुहूर्त और मुंडन मुहूर्त आदि के बारे में भी बताया गया है। तो चलिए अब बिना देर किए आगे बढ़ते हैं और जानते हैं कि सितंबर 2025 में आपके लिए क्‍या खास है।

सितंबर 2025 का ज्योतिषीय तथ्य और हिंदू पंचांग की गणना 

हिंदू पंचांग के अनुसार सितंबर 2025 की शुरुआत 01 सितंबर, 2025 को ज्‍येष्‍ठा नक्षत्र में शुक्‍ल पक्ष की अष्‍टमी तिथि को होगी। वहीं सितंबर 2025 का समापन 30 सितंबर को पूर्वा आषाढ़ नक्षत्र में शुक्‍ल पक्ष की नवमी तिथि को होगा।

आगे जानिए सितंबर माह के प्रमुख त्‍योहारों और व्रतों के बारे में।

सितंबर 2025 के हिंदू व्रत एवं त्योहार

तिथिपर्व व व्रत
03 सितंबर 2025परिवर्तिनी एकादशी
05 सितंबर 2025प्रदोष व्रत (शुक्ल)
05 सितंबर 2025ओणम/थिरुवोणम
06 सितंबर 2025अनंत चतुर्दशी
07 सितंबर 2025भाद्रपद पूर्णिमा व्रत
10 सितंबर 2025संकष्टी चतुर्थी
17 सितंबर 2025इंदिरा एकादशी
17 सितंबर 2025कन्या संक्रांति
19 सितंबर 2025मासिक शिवरात्रि
19 सितंबर 2025प्रदोष व्रत (कृष्ण)
21 सितंबर 2025अश्विन अमावस्या
22 सितंबर 2025शरद नवरात्रि
22 सितंबर 2025घटस्थापना
28 सितंबर 2025कल्परम्भ
29 सितंबर 2025नवपत्रिका पूजा
30 सितंबर 2025दुर्गा महा अष्टमी पूजा

बृहत् कुंडली में छिपा है, आपके जीवन का सारा राज, जानें ग्रहों की चाल का पूरा लेखा-जोखा

2025 सितंबर में आने वाले बैंक अवकाशों की सूची

तिथिअवकाशराज्य 
02 सितंबररामदेव जयंतीराजस्थान
02 सितंबरतेजा दशमीराजस्थान
04 सितंबरप्रथम ओणमकेरल
05 सितंबरथिरुवोणमकेरल
05 सितंबरईद-ए-मिलादअंडमान और निकोबार, अरुणाचल प्रदेश, असम, बिहार, गोवा, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, मेघालय, पंजाब , सिक्किम, पश्चिम बंगाल आदि राज्यों को छोड़कर राष्ट्रीय अवकाश
07 सितंबरइंद्र जात्रासिक्किम
07 सितंबरश्री नारायण गुरु जयंतीकेरल
12 सितंबरईद-ए-मिलाद के बाद का शुक्रवार जम्मू-कश्मीर
21 सितंबरमहालय अमावस्याकर्नाटक, उड़ीसा, त्रिपुरा, पश्चिम बंगाल
21 सितंबरश्री नारायण गुरु समाधिकेरल
22 सितंबरबथुकम्मा का पहला दिनतेलंगाना
22 सितंबरमहाराजा अग्रसेन जयंतीहरियाणा
22 सितंबरघटस्थापना  राजस्थान
23 सितंबरहरियाणा वीर एवं शहीदी दिवसहरियाणा
29 सितंबरमहा सप्तमीउड़ीसा, सिक्किम, त्रिपुरा, पश्चिम बंगाल, मेघालय
30 सितंबरमहाअष्टमीअरुणाचल प्रदेश, आंध्र प्रदेश, मेघालय, झारखंड, सिक्किम, पश्चिम बंगाल, तेलंगाना, मणिपुर, उड़ीसा, राजस्थान, त्रिपुरा

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2025 में सितंबर के अन्‍नप्राशन मुहूर्त की सूची

तिथिसमय
5 सितंबर 202507:27-09:43 12:03-18:07 19:35-22:35
24 सितंबर 202506:41-10:48 13:06-18:20 19:45-23:16

सितंबर किसका प्रतीक है

मौसम को ध्‍यान में रखते हुए सितंबर के महीने को बदलाव, चिंतन और त्‍योहारों की तैयारी करने का प्रतीक माना जाता है। इसके अलावा सितंबर शाब्दिक और रूपक प्रकार से परिपक्‍वता, फसल और संतुलन का प्रतीक माना गया है।

कई देशों में सितंबर के महीने से शैक्षिक वर्ष की शुरुआत होती है, जहां स्‍कूली छात्र गर्मी की छुट्टियों के बाद वापस स्‍कूल लौटते हैं। वहीं ईस्‍टर्न ऑर्थोडॉक्‍स चर्च में इससे चर्च ईयर की शुरुआत होती है।

आमतौर पर सितंबर इक्विनॉक्स 22 या 23 सितंबर को पड़ता है और उत्तरी गोलार्ध में इससे पतझड़ या शरद ऋतु की शुरुआत होती है।

सितंबर में जन्‍मे लोगों की राशियां एवं रत्‍न

जिन लोगों का जन्‍म सितंबर के महीने में होता है, उनके लिए नीलम को शुभ रत्‍न माना जाता है। यह बुद्धि, शुद्धता और विश्‍वास का प्रतीक है। राशि की बात करें, तो 23 अगस्‍त से 22 सितंबर के बीच जन्‍म लेने वाले जातकों की कन्‍या राशि होती है और 23 सितंबर से 22 अक्‍टूबर के बीच पैदा होने वाले लोगों की तुला राशि होती है।

कन्‍या राशि वाले हर चीज़ को बड़ी बारीकी से देखते हैं। ये व्‍यावहारिक और विश्‍लेष्‍णात्‍मक स्‍वभाव के होते हैं। वहीं तुला राशि वाले संतुलित और मिलनसार स्‍वभाव के होते हैं।

नौवां महीना क्‍यों है सितंबर

जैसा कि हमने पहले भी बताया कि सितंबर शब्‍द का अर्थ सात होता है लेकिन यह ग्रेगोरियन कैलेंडर में नौवां महीना है। ऐसे में कई लोग सोच रहे होंगे कि आखिर सितंबर महीने का नाम उस शब्‍द पर क्‍यों रखा गया है जिसका अर्थ नौ नहीं बल्कि सात है।

बता दें कि प्राचीन रोमन कैलेंडर मार्च से शुरू होता था जिसके अनुसार सितंबर सातवां महीना हुआ करता था। जब 153 ईसा पूर्व में रोमन सीनेट ने कैलेंडर में जनवरी और फरवरी को जोड़ा, तब सितंबर नौवां महीना बन गया।

भारत में सितंबर के महीने का महत्‍व

भारत में सितंबर का महीना कई सांस्‍कृतिक और धार्मिक उत्‍सवों से सजा हुआ है। गणेश चतुर्थी से सितंबर के महीने की शुरुआत होती है जिसमें भगवान गणेश का बड़ी धूमधाम से पूजन किया जाता है। कभी-कभी सितंबर के आखिर में नवरात्रि का पर्व भी शुरू होता है। इसमें नौ दिनों तक मां दुर्गा की पूजा, व्रत, डांडिया आदि का आयोजन किया जाता है। 

वहीं केरल में इस दौरान ओणम का त्‍योहार मनाया जाता है। यह पर्व राजा बली के घर वापसी का प्रतीक है। इस दौरान नावों की रेस लगती है जो कि आकर्षण का प्रमुख केंद्र है।

सितंबर में आता है टीचर्स डे

हर साल 05 सितंबर को डॉक्‍टर सर्वपल्‍ली राधाकृष्‍णन के जन्‍म दिवस के उपलक्ष्‍य में टीचर्स डे यानी शिक्षक दिवस मनाया जाता है। स्‍कूल और कॉलेजों में इस दिवस को बड़े जोश और उत्‍साह के साथ मनाया जाता है।

सितंबर 2025 में पड़ने वाले व्रत एवं त्‍योहार

आगे जानिए कि सितंबर के महीने में कौन से खास व्रत और त्‍योहार पड़ रहे हैं:

परिवर्तनी एकादशी: यह एकादशी 03 सितंबर को पड़ रही है और इस दिन भगवान विष्‍णु के साथ-साथ मां लक्ष्‍मी की उपासना होती है।

अनंत चतुर्दशी: 06 सितंबर को अनंत चतुर्दशी के दिन गणेश विसर्जन भी मनाया जाएगा।

पूर्णिमा श्राद्ध: 07 सितंबर को पूर्णिमा श्राद्ध भी पड़ता है। पितरों का तर्पण करने के लिए यह दिन उत्तम रहता है।

पितृ पक्ष: 08 सितंबर से पितृ पक्ष यानी श्राद्ध आरंभ हो रहे हैं। हिंदू धर्म में पितृ पक्ष का बहुत महत्‍व है। अपने पूर्वजों का आशीर्वाद प्राप्‍त करने के लिए पितृ पक्ष में श्राद्ध कर्म किए जाते हैं।

संकष्टी चतुर्थी: यह 10 सितंबर को मनाई जाएगी। इस दिन भगवान गणेश का विशेष पूजन किया जाता है। गणेश भगवान अपने भक्‍तों की सभी कठिनाईयों और अड़चनों को दूर करते हैं।

इंदिरा एकादशी: 17 सितंबर को इंदिरा एकादशी का व्रत है। इस दिन भगवान विष्‍णु के लिए व्रत एवं पूजन करने का विधान है।

नवरात्रि: इस बार 22 सितंबर से नवरात्रि का पर्व शुरू हो रहा है। इसमें नौ दिनों तक मां दुर्गा के नौ अलग-अलग रूपों की पूजा की जाती है।

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सितंबर 2025 में पड़ने वाले ग्रहों के गोचर

आगे बताया गया है कि सितंबर में किस तिथि पर किस ग्रह का गोचर होने जा रहा है।

मंगल का तुला राशि में गोचर: मंगल महाराज 13 सितंबर 2025 की रात 08 बजकर 18 मिनट पर तुला राशि में गोचर कर जाएंगे।

शुक्र का सिंह राशि में गोचर: शुक्र 15 सितंबर 2025 की मध्यरात्रि 12 बजकर 06 मिनट पर सिंह राशि में गोचर करेंगे।

बुध का कन्या राशि में गोचर: बुध महाराज 15 सितंबर 2025 की सुबह 10 बजकर 58 मिनट पर कन्या राशि में गोचर करने जा रहे हैं।

सूर्य का कन्या राशि में गोचर: सूर्य महाराज 17 सितंबर 2025 की दोपहर 01 बजकर 38 मिनट पर कन्या राशि में गोचर करने जा रहे हैं।

सितंबर 2025 में लगेगा सूर्य ग्रहण

21 सितंबर, 2025 को खण्‍डग्रास सूर्य ग्रहण लगेगा। यह साल का दूसरा सूर्य ग्रहण होगा और इससे पहले 29 मार्च, 2025 को सूर्य पर ग्रहण लगा था। 21 सितंबर को रविवार के दिन आश्विन मास की कृष्‍ण पक्ष की अमावस्‍या तिथि को रात को 10 बजकर 59 मिनट पर सूर्य ग्रहण शुरू होगा और मध्‍य रात्रि के उपरांत 03 बजकर 23 मिनट पर यह खत्‍म होगा। यह ग्रहण भारत में दृश्‍यमान नहीं होगा लेकिन न्‍यूज़ीलैंड, फिजी, अंटार्कटिका, ऑस्‍ट्रेलिया के दक्षिणी भाग में नज़र आएगा।

सितंबर 2025 में लगेगा चंद्र ग्रहण

सितंबर 2025 के पहले सप्ताह में साल का दूसरा चंद्र ग्रहण लगने जा रहा है। यह चंद्र ग्रहण भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष पूर्णिमा तिथि अर्थात 7/8 सितंबर 2025 की रात लगेगा जो 08 सितंबर की देर रात 01 बजकर 26 मिनट पर समाप्त होगा। यह चंद्र ग्रहण भारत में दिखाई देगा इसलिए सूतक मान्य होगा। 

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सितंबर मासिक भविष्यवाणी: राशि अनुसार 12 राशियों का भविष्यफल

मेष राशि

सितंबर मासिक राशिफल 2025 के अनुसार, यह महीना मेष राशि के जातकों के लिए विशेष रूप से फलदायी साबित होने वाला है। इस महीने……(विस्तार से पढ़ें)

वृषभ राशि

यह महीना वृषभ राशि के जातकों के लिए उतार-चढ़ाव से भरा रहने की प्रबल संभावना है। महीने की शुरुआत……(विस्तार से पढ़ें)

मिथुन राशि

यह महीना आपके लिए मध्यम रूप से फलदायक रहने वाला है। जहां तक आपके करियर का प्रश्न है, तो……(विस्तार से पढ़ें)

कर्क राशि

यह महीना कर्क राशि के जातकों के लिए कई मामलों में अनुकूल रहेगा, लेकिन कुछ मामलों में आपको सतर्कता बरतनी होगी। पूरे महीने ……(विस्तार से पढ़ें)

सिंह राशि

यह महीना आपके लिए उतार-चढ़ाव से भरा रहने की प्रबल संभावना है। महीने की शुरुआत में सूर्य, बुध व केतु आपकी राशि में होंगे। मंगल……(विस्तार से पढ़ें)

कन्या राशि

कन्या राशि में जन्मे जातकों के लिए यह महीना उतार-चढ़ाव से भरा रहने की संभावना है। महीने का पूर्वार्ध अपेक्षाकृत ……(विस्तार से पढ़ें)

कालसर्प दोष रिपोर्ट – काल सर्प योग कैलकुलेटर

तुला राशि 

तुला राशि में जन्मे जातकों के लिए यह महीना औसत रूप से फलदायी रहने की संभावना है। आर्थिक रूप से देखें, तो महीने की शुरुआत अनुकूल रहेगी, खर्चे तो रहेंगे, लेकिन……(विस्तार से पढ़ें) 

वृश्चिक राशि

यह महीना वृश्चिक राशि के जातकों के लिए कुछ मामलों में अनुकूल और कुछ मामलों में सावधानी बरतने वाला महीना साबित हो सकता है। महीने की शुरुआत……(विस्तार से पढ़ें)

धनु राशि 

यह महीना धनु राशि के जातकों के लिए काफी हद तक अनुकूल रहने की संभावना है। हालांकि, पारिवारिक मामलों में थोड़ी सावधानी रखनी होगी। शनि  ……(विस्तार से पढ़ें)

मकर राशि 

यह महीना मकर राशि के जातकों के लिए उतार-चढ़ाव से भरा रहने की संभावना है। महीने की शुरुआत में ही सूर्य और बुध, केतु एक साथ आपके……(विस्तार से पढ़ें)

कुंभ राशि 

कुंभ राशि में जन्मे जातकों के लिए यह महीना औसत रूप से फलदायी रह सकता है। आपकी राशि में पूरे महीने राहु महाराज विराजमान रहेंगे। महीने की शुरुआत में  ……(विस्तार से पढ़ें)

मीन राशि 

यह महीना मीन राशि के जातकों के लिए औसत रूप से फलदायी रहने की संभावना है। आपकी राशि में पूरे महीने शनि महाराज विराजमान रहेंगे और महीने की शुरुआत में……(विस्तार से पढ़ें)

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रश्‍न 1. सितंबर की शुरुआत किस नक्षत्र में हो रही है?

उत्तर. ज्‍येष्‍ठा नक्षत्र में।

प्रश्‍न 2. सितंबर में संकष्‍टी चतुर्थी कब है?

उत्तर. 10 सितंबर, 2025 को।

प्रश्‍न 3. ओणम का पर्व सितंबर में कब पड़ रहा है?

उत्तर. 05 सितंबर, 2025 को।

टैरो साप्ताहिक राशिफल : 31 अगस्‍त से 06 सितंबर, 2025, जानें पूरे सप्‍ताह का हाल!

टैरो साप्ताहिक राशिफल : 31 अगस्‍त से 06 सितंबर, 2025, जानें पूरे सप्‍ताह का हाल!

टैरो साप्ताहिक राशिफल 31 अगस्‍त से 06 सितंबर, 2025: दुनियाभर के कई लोकप्रिय टैरो रीडर्स और ज्‍योतिषयों का मानना है कि टैरो व्‍यक्‍ति की जिंदगी में भविष्‍यवाणी करने का ही काम नहीं करता बल्कि यह मनुष्‍य का मार्गदर्शन भी करता है। कहते हैं कि टैरो कार्ड अपनी देखभाल करने और खुद के बारे में जानने का एक ज़रिया है।

टैरो इस बात पर ध्‍यान देता है कि आप कहां थे, अभी आप कहां हैं या किस स्थिति में हैं और आने वाले कल में आपके साथ क्‍या हो सकता है। यह आपको ऊर्जा से भरपूर माहौल में प्रवेश करने का मौका देता है और अपने भविष्‍य के लिए सही विकल्‍प चुनने में मदद करता है। जिस तरह एक भरोसेमंद काउंसलर आपको अपने अंदर झांकना सिखाता है, उसी तरह टैरो आपको अपनी आत्‍मा से बात करने का मौका देता है।

आपको लग रहा है कि जैसे जिंदगी के मार्ग पर आप भटक गए हैं और आपको दिशा या सहायता की ज़रूरत है। पहले आप टैरो का मज़ाक उड़ाते थे लेकिन अब आप इसकी सटीकता से प्रभावित हो गए हैं या फिर आप एक ज्‍योतिषी हैं जिसे मार्गदर्शन या दिशा की ज़रूरत है या फिर आप अपना समय बिताने के लिए कोई नया शौक ढूंढ रहे हैं। इन कारणों से या अन्‍य किसी वजह से टैरो में लोगों की दिलचस्‍पी काफी बढ़ गई है। टैरो डेक में 78 कार्ड्स की मदद से भविष्य के बारे में जाना जा सकता है। इन कार्ड्स की मदद से आपको अपने जीवन में मार्गदर्शन मिल सकता है।

टैरो की उत्पति 15वीं शताब्‍दी में इटली में हुई थी। शुरुआत में टैरो को सिर्फ मनोरंजन के रूप में देखा जाता था और इससे आध्‍यात्मिक मार्गदर्शन लेने का महत्‍व कम था। हालांकि, टैरो कार्ड का वास्तविक उपयोग 16वीं सदी में यूरोप के कुछ लोगों द्वारा किया गया जब उन्होंने जाना और समझा कि कैसे 78 कार्ड्स की मदद से भविष्य के बारे में जाना जा सकता है, उसी समय से इसका महत्व कई गुना बढ़ गया।

टैरो एक ऐसा ज़रिया है जिसकी मदद से मानसिक और आध्‍यात्मिक प्रगति को प्राप्‍त किया जा सकता है। आप कुछ स्‍तर पर अध्‍यात्‍म से, थोड़ा अपनी अंतरात्‍मा से और थोड़ा अपने अंर्तज्ञान और आत्‍म-सुधार लाने से एवं बाहरी दुनिया से जुड़ें।

तो आइए अब इस साप्ताहिक राशिफल की शुरुआत करते हैं और जानते हैं कि 31 अगस्‍त से 06 सितंबर, 2025 तक का समय सभी 12 राशियों के लिए कैसे परिणाम लेकर आएगा?

दुनियाभर के विद्वान टैरो रीडर्स से करें कॉल/चैट पर बात और जानें करियर संबंधित सारी जानकारी

टैरो साप्ताहिक राशिफल 31 अगस्‍त से 06 सितंबर, 2025: राशि अनुसार राशिफल

मेष राशि

प्रेम जीवन: द एम्‍प्रेस

आर्थिक जीवन: नाइट ऑफ वैंड्स

करियर: नाइन ऑफ पेंटाकल्‍स

स्वास्थ्य: फाइव ऑफ वैंड्स

मेष राशि के लोगों को द एम्‍प्रेस अपराइट कार्ड मिला है कि जिसका मतलब है कि आपके रिश्‍ते में कामुकता रहेगी, आप दोनों एक-दूसरे की परवाह करेंगे और आपका रिश्‍ता मजबूत होगा। यह कार्ड एक ऐसे रिश्‍ते को दर्शाता है जो कि अपनेपन, एकसाथ आगे बढ़ने और एक-दूसरे के प्रति लंबे समय तक समर्पित रहने की संभावना पर आधारित है। द एम्‍प्रेस कार्ड रचनात्‍मकता और खुद की देखभाल करने के महत्‍व को भी दर्शाता है। यह कार्ड व्‍यक्‍ति को प्रेरित करता है कि वह इन गुणों को अपने अंदर और अपने रिश्‍ते में भी विकसित करे।

नाइट ऑफ वैंड्स कार्ड उत्‍साह, जोश और बदलाव एवं नए अवसरों का प्रतिनिधित्‍व करता है। यह कार्ड वित्तीय स्‍तर पर मुश्किलों का सामना करने के लिए तैयार रहने और वित्तीय लक्ष्‍यों की खोज करने का प्रतीक है। यह कार्ड नए व्‍यवसाय की शुरुआत, करियर में बदलाव या किसी बड़े वित्तीय लाभ के संकेत भी दे सकता है।

करियर के लिए नाइन ऑफ पेंटाकल्‍स कार्ड एक शुभ संकेत है। यह कार्ड अपनी कड़ी मेहनत और लगन के लिए सफलता, समृद्धि और पुरस्‍कार मिलने को दर्शाता है। इस कार्ड का कहना है कि आप अपने क‍रियर में एक ऐसे मुकाम पर पहुंच चुके हैं, जहां आप अपनी कड़ी मेहनत के फल और प्राप्‍त की गई आरामदायक स्थिति का आनंद ले सकते हैं। अब यह सफल व्‍यवसाय या करियर, कुछ भी हो सकता है। इसके अलावा यह कार्ड संतुलन और वित्तीय स्‍वतंत्रता का भी प्रतिनिधित्‍व करता है।

स्‍वास्‍थ्‍य के मामले में फाइव ऑफ वैंड्स कार्ड आमतौर पर टकराव, तनाव या संघर्ष का प्रतिनिधित्‍व करता है। यह कार्ड किसी बीमारी से लड़ने या मानसिक या शारीरिक स्‍वास्‍थ्‍य को प्रभावित करने वाली तनावपूर्ण परिस्थितियों से निपटने के रूप में आ सकता है। इस कार्ड का यह मतलब भी हो सकता है कि आपको अपनी देखभाल करने और उथल-पुथल के बीच संतुलन लाने की जरूरत है।

महीने की शुभ ति‍थियां: 09 और 18

वृषभ राशि

प्रेम जीवन: फाइव ऑफ पेंटाकल्‍स

आर्थिक जीवन: सेवेन ऑफ वैंड्स

करियर: थ्री ऑफ स्‍वॉर्ड्स

स्वास्थ्य: सिक्‍स ऑफ पेंटाकल्‍स

वृषभ राशि के लोगों को फाइव ऑफ पेंटाकल्‍स कार्ड मिला है जो कि विपत्ति, दिल टूटने या दुखी रहने को दर्शाता है। इस कार्ड का कहना है कि आपको दिल टूटने की तकलीफ से उबरने के लिए कुछ समय अकेले रहने या छुट्टी की आवश्‍यकता हो सकती है। शायद आपने अपने रिश्‍ते को निभाने की पूरी कोशिश की है लेकिन वह सफल नहीं हो सका।

वित्तीय जीवन में सेवेन ऑफ वैंड्स कार्ड बताता है कि आपको अपनी आर्थिक स्थिति का बचाव करने और सतर्क रहने की जरूरत है। इस कार्ड का कहना है कि आपको अपने लिए खड़े होना पड़ सकता है और अड़चनों या असफलताओं के सामने अपनी संपत्ति की रक्षा करनी पड़ सकती है। इसमें भविष्‍य के लिए पैसे बचाना, समझदारी से निवेश करना या वित्तीय दबाव पर काबू पाना शामिल हो सकता है।

थ्री ऑफ स्‍वॉर्ड्स कार्ड करियर में अक्‍सर अड़चनों, तकलीफ या निराशा का प्रतिनिधित्‍व करता है। इसमें कार्यक्षेत्र में टकराव, नुकसान या चुनौतीपूर्ण परिस्थिति शामिल हो सकती है। यह कार्ड मानसिक पीड़ा, चीज़ों को बहुत ज्‍यादा बारीकी से देखने या किसी ऐसे व्‍यक्‍ति या चीज़ को छोड़ देने का संकेत हो सकता है जो आपके विकास में बाधा बन रही है।

हेल्‍थ रीडिंग में सिक्‍स ऑफ पेंटाकल्‍स कार्ड दर्शाता है कि आपको फिर से स्‍वस्‍थ होने के लिए किसी बाहरी व्‍यक्‍ति से प्रोत्‍साहन मिलने या ऑफिस में किसी व्‍यक्‍ति से सहायता लेने की जरूरत है। संसाधनों, भावनात्‍मक सहयोग या मेडिकल उपचार के मामले में यह कार्ड इस बात पर भी जोर दे सकता है कि दूसरों के लिए कुछ करने और उनसे कुछ पाने के बीच संतुलन बनाना कितना जरूरी है।

महीने की शुभ तिथियां: 06 और 03

बृहत् कुंडली में छिपा है, आपके जीवन का सारा राज, जानें ग्रहों की चाल का पूरा लेखा-जोखा

मिथुन राशि

प्रेम जीवन: द हर्मिट

आर्थिक जीवन: नाइन ऑफ कप्‍स

करियर: किंग ऑफ पेंटाकल्‍स

स्वास्थ्य: व्‍हील ऑफ फॉर्च्‍यून

मिथुन राशि के लोगों को द हर्मिट कार्ड मिला है जो कि अक्‍सर किसी रिश्‍ते की शुरुआत या उसे मजबूत करने से पहले आत्‍म-विश्‍लेषण और आत्‍मनिरीक्षण की जरूरत को दर्शाता है। यह कार्ड अकेले रहने या अपनी खुद की जरूरतों पर ध्‍यान देने के संकेत दे रहा है जिससे एक मजबूत और संतोषजनक रिश्‍ता बन सकता है।

टैरो कार्ड रीडिंग में नाइन ऑफ कप्‍स कार्ड वित्तीय जीवन में समृद्धि, संतुष्टि और इच्‍छा के पूरे होने का प्रतिनिधित्‍व करता है। इस कार्ड का कहना है कि आप आर्थिक रूप से सुरक्षित हैं और आपके लिए सफलता एवं समृद्धि का समय आ चुका है या आने वाला है। यह कार्ड बताता है कि आप अपने वित्तीय लक्ष्‍यों को प्राप्‍त कर चुके हैं। यह किसी संसाधन का सफलतापूर्वक प्रबंधन करने, करियर में उपलब्धियां पाने या निवेश किसी भी रूप में हो सकता है।

करियर रीडिंग में किंग ऑफ पेंटाकल्‍स कार्ड कड़ी मेहनत और अपनी काबिलियत के दम पर उपलब्धि, सुरक्षा और वित्तीय समृद्धि को दर्शाता है। यह कार्ड रियल एस्‍टेट, बैंकिंग या बिज़नेस जैसे उद्योगों में एक सफल करियर के लिए ठोस आधार के संकेत दे रहा है। इस कार्ड का कहना है कि आप किसी जानकार या सहायक आधिकारिक व्‍यक्‍ति या सलाहकार से सलाह ले सकते हैं।

सेहत के मामले में आपको व्‍हील ऑफ फॉर्च्‍यून कार्ड मिला है जो कि संपूर्ण स्‍वास्‍थ्‍य में बदलाव को दर्शा रहा है। इस कार्ड का कहना है कि समय के साथ आपकी सेहत में बदलाव आ सकता है इसलिए आपको अपने मानसिक और शारीरिक स्‍वास्‍थ्‍य को लेकर सचेत रहना चाहिए। यह कार्ड जीवनशैली में बदलाव करने की जरूरत, स्‍वास्‍थ्‍य के प्रति नया दृष्टिकोण रखने या स्‍वस्‍थ्‍स रहने की अवधि को दर्शाता है।

महीने की शुभ तिथियां: 05 और 14

कर्क राशि

प्रेम जीवन: पेज ऑफ कप्‍स

आर्थिक जीवन: टू ऑफ स्‍वॉर्ड्स

करियर: टू ऑफ पेंटाकल्‍स

स्वास्थ्य: थ्री ऑफ वैंड्स

कर्क राशि के जातकों को लव टैरो रीडिंग में पेज ऑफ कप्‍स कार्ड मिला है जो कि अक्‍सर नई शुरुआत, भावनात्‍मक रूप से पारदर्शिता रखने और रोमांटिक पार्टनर मिलने या रिश्‍ते के मजबूत होने को दर्शाता है। इस कार्ड के अनुसार यह समय खुशी, रचनात्‍मकता और अपने पैशन को पूरा करने के लिए अनुकूल है। इसके अलावा यह कार्ड प्‍यार के प्रति संवेदनशीलता और भावुकता रखने एवं ज्‍यादा गंभीर न होने और रचनात्‍मक दृष्टिकोण रखने जैसे गुणों पर जोर दे सकता है।

फाइनेंस के क्षेत्र में कर्क राशि वालों को टू ऑफ स्‍वॉर्ड्स कार्ड मिला है। इस कार्ड के अनुसार आप निर्णय न ले पाने की स्थिति में आ सकते हैं या फिर आप पूरी वित्तीय स्थिति को समझने में असमर्थ हो सकते हैं या आपको दो अवसरों के बीच किसी एक को चुनने में दिक्‍कत हो सकती है। यह कार्ड कहता है कि आपको किसी पेशेवर की सहायता से परिस्थिति को ठीक तरीके से जांचना चाहिए और अपनी आर्थिक स्थिति को लेकर सच को टालना या अनदेखा नहीं करना चाहिए।

द टू ऑफ पेंटाकल्‍स कार्ड करियर में अक्‍सर कई कार्यों या प्रोजेक्‍ट को संभालने, बदलती परिस्थितियों के साथ तालमेल बिठाने और समय का ठीक तरह से उपयोग करने की जरूरत को दर्शाता है। इस कार्ड का कहना है कि आप करियर के लिए कोई प्रमुख मार्ग चुन सकते हैं या काम और जीवन के अन्‍य पहलुओं के बीच में संतुलन लेकर आएं। टू ऑफ पेंटाकल्‍स कार्ड के रिवर्सल आने का मतलब है कि आपको अपनh वित्तीय जिम्‍मेदारियों को पूरा करने में कठिनाई आ रही है या आप अपनी नौकरी के बोझ तले दबे हुए हैं।

स्‍वास्‍थ्‍य के मामले में थ्री ऑफ वैंड्स एक अच्‍छा संकेत है। यह कार्ड स्‍वास्‍थ्‍य में उन्‍नति और सुधार के साथ जल्‍दी ठीक होने के संकेत दे रहा है। इस कार्ड का कहना है कि आप स्‍वस्‍थ रहने के लिए प्रयास कर रहे हैं और अपने मानसिक एवं शारीरिक स्‍वास्‍थ्‍य में सुधार लाने के लिए नई रणनीतियां अपना रहे हैं। यह कार्ड इस बात के भी संकेत देता है कि आपको इलाज या स्‍वस्‍थ होने के लिए अधिक अनुकूल माहौल की तलाश में यात्रा करने की जरूरत है।

महीने की शुभ तिथियां: 02 और 20

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सिंह राशि

प्रेम जीवन: सिक्‍स ऑफ वैंड्स

आर्थिक जीवन: द हीरोफैंट

करियर: क्‍वीन ऑफ स्‍वॉर्ड्स

स्वास्थ्य: नाइट ऑफ स्‍वॉर्ड्स

टैरो कार्ड रीडिंग में लव लाइफ में सिंह राशि के लोगों को सिक्‍स ऑफ वैंड्स कार्ड मिला है जो कि रिश्‍ते में सफलता, उपलब्धि या पहचान मिलने और नए साथी को आकर्षित करने को दर्शाता है। इस कार्ड का कहना है कि यह एक ऐसा शांतिपूर्ण समय है जिसमें दोनों पार्टनर एक-दूसरे की उपलबियों को महत्‍व देते हैं और उनका आनंद लेते हैं। यदि आप अविवाहित हैं, तो आप दूसरों का ध्‍यान अपनी ओर आकर्षित कर सकते हैं और कोई संभावित जीवनसाथी आपके अंदर रुचि दिखा सकता है।

वित्तीय जीवन में द हीरोफैंट टैरो कार्ड अपराइट आने पर धन के प्रति पारंपरिक और व्‍यावहारिक दृष्टिकोण अपनाने का प्रतीक है। इस कार्ड का कहना है कि आपको धन कमाने के आज़माये हुए और भरोसेमंद तरीकों को प्राथमिकता देनी चाहिए। इसका मतलब है कि द हीरोफैंट कार्ड यह दिखाता है कि आप पैसे को पारंपरिक और समझदारी से खर्च या निवेश करने में विश्‍वास रखते हैं।

क्‍वीन ऑफ स्‍वॉर्ड्स टैरो कार्ड एक ऐसे व्‍यक्‍ति को दर्शाता है जो समझदार, आत्‍मनिर्भर और फैसले लेने में निपुण या तेज होता है। इस व्‍यक्‍ति के अंदर ईमानदारी, तर्क और सच्‍चाई के प्र‍ति गहरी निष्‍ठा होती है। करियर में जब आप इन गुणों को अपनाते हैं, तो यह कार्ड किसी सलाहकार, सहकर्मी या फिर करियर में सफल होने के लिए अपनी क्षमता की ओर इशारा करता है।

हेल्‍थ रीडिंग में नाइट ऑफ स्‍वॉर्ड्स कार्ड शुभ समाचार और स्‍वास्‍थ्‍य स्थिति में सकारात्‍मक बदलाव को दर्शाता है। खासतौर पर अगर आप किसी बीमारी या चोट से जूझ रहे हैं, तो यह कार्ड आपके लिए इन चीज़ों के संकेत दे रहा है। हालांकि, यह कार्ड आपको जल्‍दबाज़ी और बिना सोचे-समझे कोई काम करने से बचने के लिए भी सचेत कर रहा है क्‍योंकि इससे आपकी सेहत को नुकसान हो सकता है।

महीने की शुभ तिथियां: 10 और 01

कन्या राशि

प्रेम जीवन: फाइव ऑफ पेंटाकल्‍स

आर्थिक जीवन: थ्री ऑफ स्‍वॉर्ड्स

करियर: द डेथ

स्वास्थ्य: फाइव ऑफ कप्‍स

प्रेम जीवन में कन्‍या राशि के लिए टैरो कार्ड रीडिंग में फाइव ऑफ पेंटाकल्‍स कार्ड आया है जो कि आमतौर पर रोमांटिक संबंध में अकेलेपन, अस्‍वीकार किए जाने या अलगाव को दर्शाता है। इस कार्ड का कहना है कि इस समय आपको वित्तीय परेशानियों और भावनात्‍मक दूरी का सामना करना पड़ सकता है या फिर आपको अपने पार्टनर से सहयोग नहीं मिल पाएगा।

टैरो कार्ड रीडिंग में थ्री ऑफ स्‍वॉर्ड्स कार्ड आर्थिक तंगी, नुकसान या संसाधनों को बांटने को लेकर मुश्‍किल निर्णय लेने को दर्शाता है। यह कार्ड अलगाव या तलाक या नौकरी छूटने या असहमति होने या व्‍यावसायिक लेन-देन में दिक्‍कत आने की वजह से वित्तीय परेशानियों के संकेत दे रहा है।

द डेथ टैरो कार्ड कार्यक्षेत्र में आवश्‍यक और लाभकारी बदलाव या रूपांतरण की जरूरत को दर्शाता है। इस कार्ड का कहना है कि अब आपको उन चीज़ों को छोड़ देना चाहिए जो आपके काम की नहीं रही हैं और आपको नए अवसरों को अपनाना चाहिए। नई नौकरी, काम करने के तरीके में बदनाव या करियर मार्ग में बदलाव आने की वजह से ऐसा हो सकता है। द डेथ कार्ड बताता है कि आप बदलाव को स्‍वीकार करें और नई शुरुआत के लिए तैयार रहें।

स्‍वास्‍थ्‍य के मामले में फाइव ऑफ कप्‍स कार्ड कहता है कि अगर आप किसी नुकसान के दुख या भावनात्‍मक बोझ से गुज़र रहे हैं, तो आपको अपनी देखभाल करने और भावनात्‍मक रूप से ठीक होने की जरूरत है। यह कार्ड इस बात का संकेत हो सकता है कि आपकी अनसुलझी भावनात्‍मक समस्‍याएं आपके स्‍वास्‍थ्‍य को प्रभावित कर रही हैं।

महीने की शुभ तिथियां: 23 और 14

तुला राशि

प्रेम जीवन: टू ऑफ स्‍वॉर्ड्स

आर्थिक जीवन: नाइट ऑफ कप्‍स

करियर: ऐट ऑफ वैंड्स

स्वास्थ्य: किंग ऑफ वैंड्स

प्रेम जीवन में तुला राशि के लोगों को टू ऑफ स्‍वॉर्ड्स कार्ड मिला है। इस कार्ड का कहना है कि आप अपने रिश्‍ते में दोराहे, ठहराव या अनिर्णय की स्थिति में हो सकते हैं। इसका यह मतलब भी हो सकता है कि आपको और आपके पार्टनर को कोई रास्‍ता चुनने या दो विकल्‍पों में से किसी एक को चुनने में परेशानी हो रही है। हो सकता है कि आप अपनी या अपने पार्टनर की भावनाओं से जुड़ाव महसूस न कर पाएं, ऐसे में यह कार्ड स्‍पष्‍टता रखने और बात करने की सलाह दे रहा है।

इस समय वित्त के मामले में मुश्किल स्थिति में आपकी मध्‍यस्‍थता करने की क्षमता, आपकी संवेदनशीलता और करुणा उपयोगी साबित हो सकती है। जब तक आप तालमेल बिठाए रखने के लिए अपने इस कौशल का उपयोग करते हैं, तब तक वित्तीय विवाद कम रह सकते हैं। अगर आप आर्थिक स्‍तर पर संघर्ष कर रहे हैं, तो इस कार्ड के अनुसार आपको हल निकालने के लिए कुछ हटकर सोचने की जरूरत है। आप रचनात्‍मक तरीके से सोचकर अपनी समस्‍याओं को जल्‍दी हल करने में सक्षम हो सकते हैं।

ऐट ऑफ वैंड्स कार्ड कार्यक्षेत्र में जल्‍दी प्रगति करने, गतिशीलता और नए अवसरों का प्रतीक है। इस कार्ड का कहना है कि आप अपने करियर में प्रमोशन, नई नौकरी के अवसर या किसी प्रोजेक्‍ट में उल्‍लेखनीय प्रगति के रूप में काफी तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। इस कार्ड के अनुसार इस समय आप ऊर्जा और उत्‍साह से भरपूर रहेंगे और अपने लक्ष्‍यों को प्राप्‍त करने के लिए काम करने और अपनी छाप छोड़ने के लिए प्रेरित रहेंगे।

हेल्‍थ रीडिंग में आपको किंग ऑफ वैंड्स अपराइट कार्ड मिला है जो मजबूत स्‍वास्‍थ्‍य और जोश को दर्शाता है। इस कार्ड के अनुसार आप ऊर्जा और उत्‍साह से भरपूर हैं जो कि आपको स्‍वस्‍थ जीवनशैली के लिए फिट बनाता है। हालांकि, यह कार्ड आपको ज्‍यादा थकान से बचने की सलाह दे रहा है। इसके साथ ही यह कार्ड आपको इस बात की भी याद दिला रहा है कि आपको अपने शारीरिक स्‍वास्‍थ्‍य और जीवन के अन्‍य पहलुओं के बीच संतुलन बनाना चाहिए।

महीने की शुभ तिथियां: 15 और 24

वृश्चिक राशि

प्रेम जीवन: द मून

आर्थिक जीवन: फाइव ऑफ कप्‍स (रिवर्स्‍ड)

करियर: सेवेन ऑफ पेंटाकल्‍स

स्वास्थ्य: द सन

वृश्चिक राशि के लोगों को लव लाइफ में द मून कार्ड मिला है जो कि भ्रम की स्थिति, सच को छिपाने या रिश्‍ते में गलतफहमियों को दर्शाता है। इस कार्ड का कहना है कि भावनाएं नज़र नहीं आती हैं और इन्‍हें समझ पाना मुश्किल हो सकता है, वहीं चीज़ें हमेशा वैसी नहीं होती हैं, जैसी वो दिखती हैं। यह कार्ड रिश्‍ते में गलफहमियों या असहजता की ओर भी संकेत कर रहा है।

वित्तीय जीवन में फाइव ऑफ कप्‍स रिवर्स्‍ड कार्ड पुरानी असफलताओं और नुकसान से बाहर निकलने और घाटे से उबरने एवं विस्‍तार की ओर आगे बढ़ने का प्रतीक है। इस कार्ड का कहना है कि आप वित्तीय अड़चनों को पार कर रहे हैं, नुकसान से उबरने का तरीका देख रहे हैं और किसी चुनौतीपूर्ण परिस्थिति को बेहतर स्थिति में बदलने की कोशिश कर रहे हैं।

करियर रीडिंग में सेवेन ऑफ पेंटाकल्‍स कार्ड अक्‍सर काम के प्रति दृढ़ता और समर्पण को दर्शाता है। इस कार्ड का कहना है कि आपको वर्तमान में किए गए अपने प्रयासों का फल जरूर मिलेगा लेकिन इसके लिए आपको धैर्य रखने और लगातार मेहनत करते रहने की जरूरत है। यह कार्ड आपको सलाह दे रहा है कि आपको अपनी काम करने की रणनीति और प्रगति का आंकलन करने और बेहतर परिणाम पाने के लिए अपनी रणनीति में बदलाव करने की जरूरत है।

द सन टैरो कार्ड जोश, ताकत और स्‍वास्‍थ्‍य का प्रति‍निधित्‍व करता है। इस वजह से यह कार्ड स्‍वास्‍थ्‍य के लिए एक बहुत ही शुभ संकेत है। यह कार्ड उत्तम स्‍वास्‍थ्‍य, बीमारी से उबरने और आशा एवं जोश को दर्शाता है।

महीने की शुभ तिथियां: 18 और 27

धनु राशि 

प्रेम जीवन: द स्‍ट्रेंथ

आर्थिक जीवन: नाइट ऑफ वैंड्स

करियर: पेज ऑफ स्‍वॉर्ड्स

स्वास्थ्य: द डेविल (रिवर्स्‍ड)

प्रेम जीवन में धनु राशि के जातकों को द स्‍ट्रेंथ कार्ड मिला है जो कि एक ऐसे प्‍यार को दर्शाता है जिसका आधार सहानुभूति, करुणा और आंतरिक शक्‍ति है लेकिन इसके साथ ही वह उत्‍साह, जोश से भरपूर किंतु भावनात्‍मक रूप से कमजोर है। यह कार्ड एक ऐसे रिश्‍ते को दर्शाता है जिसमें दोनों पार्टनर के अंदर अड़चनों को पार करने की क्षमता और आंतरिक शक्‍ति मौजूद है। यह कार्ड इस बात के भी संकेत दे सकता है कि आपके पार्टनर के अंदर साहस, दृढ़ता और सहनशीलता जैसे गुण हो सकते हैं।

नाइट ऑफ वैंड्स कार्ड आर्थिक मामलों में आक्रामकता, उत्‍साह और खतरनाक दृष्टिकोण रखने को दर्शाता है। यह कार्ड संकेत देता है कि आप नया बिज़नेस शुरू कर सकते हैं, आपको नए अवसर मिल सकते हैं या फिर आप अपनी नौकरी बदल सकते हैं। यह कार्ड आपको आवेग में आकर कुछ न करने की चेतावनी दे रहा है। इसके साथ ही यह कार्ड सावधानीपूर्वक योजना बनाने के महत्‍व पर जोर देता है। साथ ही यह कार्ड साहस और सोच-समझकर जोखिम उठाने को भी बढ़ावा देता है।

टैरो कार्ड में पेज ऑफ स्‍वॉर्ड्स कार्ड करियर में महत्‍वाकांक्षा, चतुराई और रचनात्‍मक विचारों को दर्शाता है। इस कार्ड का कहना है कि इस समय आप ऊर्जा से भरपूर रहेंगे और नए कार्य करने या अवसरों को अपनाने के लिए तैयार रहेंगे। यह कार्ड आपको अपने पैशन पर काम करने और अपने विचारों को वास्‍तविकता में बदलने के लिए प्रेरित कर रहा है।

द डेविल (रिवर्स्‍ड) कार्ड स्‍वास्‍थ्‍य की दिशा में रचनात्‍मक बदलाव के संकेत दे रहा है। इस कार्ड का कहना है कि आप स्‍वास्‍थ्‍य को नुकसान पहुंचाने वाली बुरी आदतों, लत या विचारों से बाहर निकल पाएंगे। इसमें किसी लत को छोड़ना, खराब संबंधों को त्‍यागना या स्‍वस्‍थ और संतुलित जीवनशैली को अपनाना शामिल हो सकता है।

महीने की शुभ तिथियां: 12 और 22

मकर राशि       

प्रेम जीवन: टू ऑफ कप्‍स

आर्थिक जीवन: थ्री ऑफ पेंटाकल्‍स

करियर: थ्री ऑफ वैंड्स

स्वास्थ्य: द लवर्स

मकर राशि के लोगों को लव लाइफ में टू ऑफ कप्‍स कार्ड मिला है जो कि भावनात्‍मक जुड़ाव और एक-दूसरे के प्रति आकर्षण पर आधारित शांतिपूर्ण और संतुलित रिश्‍ते को दर्शाता है। यह कार्ड एक नए रिश्‍ते की शुरुआत, मजबूत संबंध या पुराने साथी से पुर्नमिलन का प्रतीक है। यह कार्ड एक ऐसे रिश्‍ते का प्रतिनिधित्‍व करता है जो कि मजबूत और संतोषजनक है और जिसमें दोनों पार्टनर एक-दूसरे का सहयोग करते हैं और एक-दूसरे की प्रगति को बढ़ावा देते हैं।

थ्री ऑफ पेंटाकल्‍स कार्ड आमतौर पर वित्तीय जीवन में मेहनत, आपसी सहयोग और टीम के साथ मिलकर काम करने से प्राप्‍त सफलता को दर्शाता है। इस कार्ड का कहना है कि सहयोग या पार्टनरशिप से संबंधित अपने प्रयासों की वजह से आपकी वित्तीय स्थिति बेहतर हो रही है। फाइनेंस के क्षेत्र में अनुभवी लोगों से कुछ सीखना आपके लिए मददगार साबित हो सकता है।

थ्री ऑफ वैंड्स कार्ड उन्‍नति, सोच-समझकर जोखिम उठाने और नए अवसरों का प्रतिनिधित्‍व करता है। यह कार्ड बताता है कि आप कोई बड़ा कदम उठाने वाले हैं और संभवत: आपको अपने प्रयासों का फल मिलने वाला है। खासतौर पर अगर आप नई चीज़ों को आज़माने और अपने विचारों का दायरा बढ़ाने के लिए तैयार हैं, तो यह बात आपके ऊपर जरूर लागू होती है। यह कार्ड करियर में अपने लक्ष्‍यों को प्राप्‍त करने के लिए साहस और आत्‍मविश्‍वास को बढ़ावा देता है जिसमें अंतर्राष्‍ट्रीय स्‍तर पर अपने काम का विस्‍तार करना, यात्रा या नया व्‍यवसाय शुरू करना शामिल हो सकता है।

टैरो हेल्‍थ रीडिंग में आपको द लवर्स कार्ड मिला है। यह कार्ड अपराइट आने पर स्‍वास्‍थ्‍य के लिए संतुलन बनाने और सोच-समझकर कोई विकल्‍प चुनने के लिए कह रहा है। यह कार्ड अक्‍सर शारीरिक, मानसिक और भावनात्‍मक स्‍वास्‍थ्‍य के महत्‍व को उजागर करता है। इसके साथ ही यह स्‍वास्‍थ्‍य से संबंधित चुनौतियों का सामना करने में सहायक प्रणालियों की भूमिका पर भी जोर देता है।

महीने की शुभ तिथियां: 17 और 08

कुंभ राशि

प्रेम जीवन: थ्री ऑफ स्‍वॉर्ड्स

आर्थिक जीवन: सेवेन ऑफ वैंड्स

करियर: सेवेन ऑफ पेंटाकल्‍स

स्वास्थ्य: द चैरियट

कुंभ राशि को इस सप्‍ताह के लिए प्रेम जीवन में थ्री ऑफ स्‍वॉर्ड्स कार्ड मिला है जो कि नुकसान, चिंता या आर्थिक समस्‍याओं को दर्शाता है। यह कार्ड इस बात का संकेत हो सकता है कि आपको अपनी संपत्ति को तलाक या अलगाव की वजह से बांटना पड़ सकता है या फिर रोजमर्रा के खर्चे बहुत बढ़ सकते हैं। इस कार्ड का यह भी कहना है कि वित्तीय समस्‍याओं के कारण आपको भावनात्‍मक स्‍तर पर उतार-चढ़ाव का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में आपको सोच-समझकर बजट बनाने और इस स्थिति से उबरने के लिए व्‍यवस्थित होकर काम करने की जरूरत है।

सेवेन ऑफ वैंड्स कार्ड फाइनेंशियल रीडिंग में आमतौर पर बताता है कि  आपको अपनी संपत्ति की रक्षा करने, अपनी वित्तीय स्थिति का बचाव करने एवं दीर्घकालिक और रणनीतिक निवेश करने की जरूरत है। इस कार्ड का यह भी कहना है कि आपको आर्थिक योजना बनाने को प्राथमिकता बनाना चाहिए और वित्तीय स्थिति को नुकसान पहुंचाने वाली समस्‍याओं से बचना चाहिए।

करियर की बात करें, तो सेवेन ऑफ पेंटाकल्‍स कार्ड का मतलब है कि आपको अपने प्रयासों का फल मिलना शुरू हो गया है लेकिन सफलता को बनाए रखने के लिए दृढ़ता और धैर्य रखना जरूरी है। यह कार्ड निरंतर प्रगति करने एवं पहले किए गए खर्चों या प्रयासों से लाभ होने की संभावना के संकेत दे रहा है।

स्‍वास्‍थ्‍य की बात करें, तो द चैरियट कार्ड दृढ़ता, आत्‍म-संयम और शारीरिक स्‍वास्‍थ्‍य से जुड़ी चुनौतियों को पार करने को दर्शाता है। इस कार्ड के अनुसार इस समय आपके अंदर मानसिक रूप से मजबूत होकर, व्‍यायाम और स्‍वस्‍थ आदतों को अपनाकर स्‍वास्‍थ्‍य को बनाए रखने और बढ़ाने की तीव्र इच्‍छा हो सकती है। इस कार्ड का यह भी कहना है कि आपको अपने स्‍वास्‍थ्‍य की जिम्‍मेदारी लेनी चाहिए, अपने रूटीन में अच्‍छे बदलाव करने चाहिए और छोटी-छोटी स्‍वास्‍थ्‍य समस्‍याओं पर भी ध्‍यान देना चाहिए।

महीने की शुभ तिथियां: 18 और 26

आपकी कुंडली में भी है राजयोग? जानिए अपनी  राजयोग रिपोर्ट

मीन राशि

प्रेम जीवन: सेवेन ऑफ स्‍वॉर्ड्स

आर्थिक जीवन: टू ऑफ पेंटाकल्‍स

करियर: थ्री ऑफ कप्‍स

स्वास्थ्य: फोर ऑफ वैंड्स

मीन राशि के जातकों को टैरो लव लाइफ रीडिंग में सेवेन ऑफ स्‍वॉर्ड्स कार्ड मिला है जो कि बेईमानी, धोखे या रिश्‍ते में भरोसे की कमी का प्रति‍निधित्‍व करता है। यह कार्ड इस बात का संकेत हो सकता है कि व्‍यक्‍ति अपने रिश्‍ते में पूरी तरह से ईमानदार नहीं है, वह कपट कर रहा है या उसका कोई गुप्‍त लक्ष्‍य है। यह कार्ड धोखे, दबाव या किसी और के साथ संबंध बनाने को भी दिखा सकता है।

टू ऑफ पेंटाकल्‍स कार्ड आर्थिक जीवन में अक्‍सर कई वित्तीय अवसरों या जिम्‍मेदारियों के बीच संतुलन को दर्शाता है। इसके लिए थोड़ा लचीला बनने और धन को सावधानीपूर्वक संभालने की जरूरत होती है। इस समय आपको पैसों की तंगी हो सकती है या आपको जल्‍दी में महत्‍वपूर्ण निर्णय लेने पड़ सकते हैं। यह कार्ड कहता है कि आपको वित्तीय स्‍तर पर सोच-समझकर रणनीति बनानी चाहिए। कहने का मतलब है कि आर्थिक स्थिति में स्थिरता लाने के लिए प्राथमिकताओं को निर्धारित किया जाना चाहिए और आवश्‍यक बदलाव किए जाने चाहिए।

थ्री ऑफ कप्‍स कार्ड का मतलब है कि आपको अपने करियर में जश्‍न मनाने के कई मौके मिल सकते हैं जैसे कि आपको प्रमोशन मिल सकता है या फिर ऑफ साइट प्रोजेक्‍ट के तहत नए देश में जाने और नए लोगों से मिलने का अवसर मिल सकता है। आपके लिए यात्रा के योग भी बन रहे हैं। थ्री ऑफ कप्‍स कार्ड यह भी दर्शाता है कि व्‍यापारी या नौकरीपेशा जातकों को इस सप्‍ताह काम या करियर के सिलसिले में यात्रा करनी पड़ सकती है।

हेल्‍थ टैरो रीडिंग में फोर ऑफ वैंड्स कार्ड जोश, उत्तम स्‍वास्‍थ्‍य और आशावादी दृष्टिकोण को दर्शाता है। इस कार्ड का कहना है कि आप स्‍वास्‍थ्‍य के क्षेत्र में मुश्किल वक्‍त से गुज़रने या बीमारी से ठीक होने के बाद स्‍वस्‍थ हो पाएंगे। महिलाओं के लिए यह कार्ड स्‍वस्‍थ गर्भावस्‍था या स्‍वस्‍थ शिशु के जन्‍म के संकेत दे रहा है।

महीने की शुभ तिथियां: 12 और 30

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अक्‍सर पूछे जाने वाले प्रश्‍न

प्रश्‍न 1. टैरो डेक में कितने पेंटाकल्‍स कार्ड होते हैं?

उत्तर. 14 कार्ड्स।

प्रश्‍न 2. टैरो डेक में पेंटाकल्‍स कार्ड क्‍या दिखाते हैं?

उत्तर. यह धन को दर्शाते हैं।

प्रश्‍न 3. टैरो डेक में कप्‍स कार्ड क्‍या संकेत देते हैं?

उत्तर. भावनाओं का संकेत देते हैं।

अंक ज्योतिष साप्ताहिक राशिफल: 31 अगस्‍त से 06 सितंबर, 2025

अंक ज्योतिष साप्ताहिक राशिफल: 31 अगस्‍त से 06 सितंबर, 2025

कैसे जानें अपना मुख्य अंक (मूलांक)? 

अंक ज्योतिष साप्ताहिक भविष्यफल जानने के लिए अंक ज्योतिष मूलांक का बड़ा महत्व है। मूलांक जातक के जीवन का महत्वपूर्ण अंक माना गया है। आपका जन्म महीने की किसी भी तारीख़ को होता है, उसको इकाई के अंक में बदलने के बाद जो अंक प्राप्त होता है, वह आपका मूलांक कहलाता है। मूलांक 1 से 9 अंक के बीच कोई भी हो सकता है, उदाहरणस्वरूप- आपका जन्म किसी महीने की 10 तारीख़ को हुआ है तो आपका मूलांक 1+0 यानी 1 होगा। 

इसी प्रकार किसी भी महीने की 1 तारीख़ से लेकर 31 तारीख़ तक जन्मे लोगों के लिए 1 से 9 तक के मूलांकों की गणना की जाती है। इस प्रकार सभी जातक अपना मूलांक जानकर उसके आधार पर साप्ताहिक राशिफल जान सकते हैं।

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अपनी जन्मतिथि से जानें साप्ताहिक अंक राशिफल (31 अगस्‍त से 06 सितंबर, 2025)

अंक ज्योतिष का हमारे जीवन पर सीधा प्रभाव पड़ता है क्योंकि सभी अंकों का हमारे जन्म की तारीख़ से संबंध होता है। नीचे दिए गए लेख में हमने बताया है कि हर व्यक्ति की जन्म तिथि के हिसाब से उसका एक मूलांक निर्धारित होता है और ये सभी अंक अलग-अलग ग्रहों द्वारा शासित होते हैं। 

जैसे कि मूलांक 1 पर सूर्य देव का आधिपत्य है। चंद्रमा मूलांक 2 का स्वामी है। अंक 3 को देव गुरु बृहस्पति का स्वामित्व प्राप्त है, राहु अंक 4 का राजा है। अंक 5 बुध ग्रह के अधीन है। 6 अंक के राजा शुक्र देव हैं और 7 का अंक केतु ग्रह का है। शनिदेव को अंक 8 का स्वामी माना गया है। अंक 9 मंगल देव का अंक है और इन्हीं ग्रहों के परिवर्तन से जातक के जीवन में अनेक तरह के परिवर्तन होते हैं।

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मूलांक 1

(अगर आपका जन्म किसी भी महीने की 1, 10, 19, 28 तारीख़ को हुआ है)

इस मूलांक वाले जातकों में अधिक प्रशासनिक कौशल होते हैं। इनकी नेतृत्‍व करने की क्षमता भी उत्‍कृष्‍ट होती है। इसके साथ ही ये जातक अपनी पूरी क्षमता के साथ प्रदर्शन करने में सक्षम होते हैं।

प्रेम जीवन: इस समय आपकी अपने पार्टनर में रुचि कम हो सकती है और इसकी वजह से आपके निजी जीवन से खुशियां गायब रह सकती हैं। इसके कारण आप दोनों का रिश्‍ता भी कमज़ोर पड़ सकता है।

शिक्षा: इस सप्‍ताह छात्रों को परीक्षा में कम अंक प्राप्‍त होने की उम्‍मीद है। इस वजह से आप शिक्षा के क्षेत्र में तेजी से प्रगति करने में असमर्थ रह सकते हैं। आपका प्रदर्शन अपने साथी छात्रों से कमज़ोर रह सकता है।

पेशेवर जीवन: नौकरीपेशा जातक एकाग्रता में कमी के कारण प्रगत‍ि करने में असफल रह सकते हैं। आपको अपने करियर पर अधिक फोकस करने की जरूरत है। यदि आप व्‍यवसाय करते हैं, तो आप अपने लक्ष्‍यों को तेजी से प्राप्‍त करने के मामले में अपने प्रतिद्वंदियों से पीछे रह सकते हैं। आप वर्तमान समय में व्‍यवसाय के क्षेत्र में हो रहे नए बदलावों के साथ तालमेल बिठाने में असमर्थ हो सकते हैं।

सेहत: इस सप्‍ताह आपका स्‍वास्‍थ्‍य अच्‍छा नहीं रहने वाला है क्‍योंकि आपको ट्यूमर और सनबर्न होने का खतरा है। आपकी इम्‍युनिटी के कमज़ोर होने की वजह से ऐसा हो सकता है।

उपाय: आप नियमित रूप से 19 बार ‘ॐ शिवा ॐ शिवा ॐ’ मंत्र का जाप करें।

मूलांक 2

(अगर आपका जन्म किसी भी महीने की 2, 11, 20, 29 तारीख़ को हुआ है)

मूलांक 2 वाले जातकों के मन में कंफ्यूज़न रह सकती है जिसकी वजह से उन्‍हें उचित निर्णय लेने में दिक्‍कत हो सकतीहै। इसके अलावा इन जातकों को अपने जीवन में अधिक कंफ्यूज़न का सामना करना पड़ सकता है।

प्रेम जीवन: इस सप्‍ताह आप अपने पार्टनर के साथ सहयोगी और शांत व्‍यवहार कर सकते हैं। इसके अलावा आप अपने जीवनसा‍थी के साथ कहीं बाहर घूमने भी जा सकते हैं।

शिक्षा: पढ़ाई करते समय आपकी एकाग्रता में कमी आने की आशंका है। शिक्षा के क्षेत्र में सकारात्‍मक परिणाम पाने और खुद को पेशेवर बनाने के लिए आपको पढ़ाई पर ध्‍यान केंद्र‍ित करने की जरूरत है।

पेशेवर जीवन: यदि आपने हाल ही में नई नौकरी शुरू की है, तो हो सकता है कि आप कार्यक्षेत्र में अपनी खुद की उम्‍मीदों को पूरा न कर पाएं। अगर आप नौकरी के नए अवसरों की तलाश कर रहे हैं, तो यह सप्‍ताह इस काम के लिए अनुकूल नहीं है। वहीं अव्‍यवस्‍था के कारण व्‍यापारियों के मुनाफे में कमी आ सकती है।

सेहत: आपको इस समय तेज जुकाम और खांसी होने के संकेत हैं। ऐसा ठंडी चीज़ें खाने की वजह से हो सकता है इसलिए आपको इस तरह के पदार्थों से परहेज़ करना चाहिए।

उपाय: आप शनिवार के दिन राहु ग्रह के लिए यज्ञ-हवन करें।

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मूलांक 3

(अगर आपका जन्म किसी भी महीने की 3, 12, 21, 30 तारीख़ को हुआ है)

इस सप्‍ताह मूलांक 3 वाले जातक दूसरों से बात करनें में अधिक सिद्धांतवादी हो सकते हैं। आपको आध्‍यात्मिक कार्यों से यात्राएं करनी पड़ सकती हैं।

प्रेम जीवन: इस सप्‍ताह आपके और आपके जीवनसाथी के रिश्‍ते से खुशियां गायब रह सकती हैं। इसकी वजह से आपके रिश्‍ते में खटास आने की आशंका है। आपको अपने पार्टनर को खुश रखने पर ध्‍यान देना चाहिए।

शिक्षा: इस समय छात्र पढ़ाई में उच्‍च अंक प्राप्‍त करने में पीछे रह सकते हैं। ऐसा एकाग्रता में कमी और पढ़ाई पर से ध्‍यान भटकने की वजह से हो सकता है।

पेशेवर जीवन: नौकरीपेशा जातक लंबे समय से जिस समृद्धि की कामना कर रहे हैं, उन्‍हें वह नहीं मिल पाएगी। आप अपनी उम्‍मीदों को पूरा करने में असमर्थ रह सकते हैं। व्‍यापारी अपने प्रतिद्वंदियों से हार सकते हैं और उनके हाथ से मुनाफा भी छूट सकता है।

सेहत: आप इस सप्‍ताह इम्‍युनिटी के कमज़ोर होने की वजह से मोटापे और पाचन से संबंधित समस्‍याओं का शिकार हो सकते हैं।

उपाय: आप नियमित रूप से 21 बार ‘ॐ बृहस्‍पताये नम:’ मंत्र का जाप करें।

मूलांक 4

(अगर आपका जन्म किसी भी महीने की 4, 13, 22, 31 तारीख़ को हुआ है)

इस मूलांक वाले जातक किसी एक चीज़ को लेकर अधिक जुनून रख सकते हैं और इसे ही अपनी जिंदगी का राग बना सकते हैं। इन जातकों की लग्‍ज़री चीज़ों पर पैसा खर्च करने में अधिक रुचि हो सकती है।

प्रेम जीवन: इस सप्‍ताह आपके और आपके पार्टनर के बीच अधिक आकर्षण देखने को मिलेगा। ऐसा आप दोनों के बीच अच्‍छी आपसी समझ होने और पार्टनर के साथ अच्‍छा तालमेल बनाकर रखने की वजह से होगा।

शिक्षा: इस समय छात्र शिक्षा के क्षेत्र में खूब प्रगति करेंगे और आप खासतौर पर प्रोफेशनल स्‍टडीज़ जैसे कि विजुअल कम्‍युनिकेशन इंजीनियरिंग और सॉफ्टवेयर टेस्टिंग में अच्‍छा प्रदर्शन करने में सक्षम होंगे। इस तरह आप अधिक अंक प्राप्‍त करने में सफल हो सकते हैं।

पेशेवर जीवन: नौकरीपेशा जातक इस समय अपने कार्यक्षेत्र में अच्‍छा प्रदर्शन करेंगे और अपनी काबिलियत दिखा पाएंगे। इसके साथ ही आपके प्रगति करने की भी संभावना है। इसके लिए आपको इंसेंटिव और अन्‍य कोई लाभ मिल सकता है। यदि आप व्‍यापार करते हैं, तो आप एक सफल उद्यमी के रूप में उभर कर सामने आ सकते हैं और जमकर काम कर सकते हैं।

सेहत: इस समय ऊर्जा के उच्‍च स्‍तर के कारण आपका स्‍वास्‍थ्‍य अच्‍छा रहने वाला है। इससे आपकी सेहत और फिटनेस दोनों अच्‍छी रहेंगी।

उपाय: आप नियमित रूप से 22 बार ‘ॐ दुर्गाय नम:’ मंत्र का जाप करें।

मूलांक 5

(अगर आपका जन्म किसी भी महीने की 5, 14, 23 तारीख़ को हुआ है)

आमतौर पर इस मूलांक वाले जातक अधिक हंसमुख स्‍वभाव के होते हैं। ये अपने मज़ाकिया स्‍वभाव की वजह से खुश रह सकते हैं। ये जातक जोश और उत्‍साह से भरपूर होते हैं।

प्रेम जीवन: इस सप्‍ताह आप अपने पार्टनर के साथ हंसमुख व्‍यवहार करते हुए नज़र आएंगे। इस तरह का व्‍यवहार करने की वजह से आप अपने पार्टनर का विश्‍वास जीतने में सफल हो सकते हैं।

शिक्षा: इस समय छात्र पढ़ाई के मामले में तय किए गए लक्ष्‍यों तक आसानी से पहुंच पाएंगे। आप अपने लक्ष्‍यों को प्राप्‍त करने में सक्षम हो सकते हैं। यदि आप फाइनेंशियल अकाउंटिंग या बिज़नेस एडमिनिस्‍ट्रेशन आदि की पढ़ाई कर रहे हैं, तो इसमें आप अच्‍छा प्रदर्शन कर सकते हैं।

पेशेवर जीवन: इस समय नौकरीपेशा जातकों के लिए सफलता पाना उनका प्रमुख उद्देश्‍य और मार्गदर्शक हो सकता है। व्‍यापारी इस सप्ताह अपने व्‍यवसाय के क्षेत्र में शानदार प्रदर्शन करेंगे और उच्‍च मुनाफा कमाएंगे।

सेहत: इस सप्‍ताह आपकी ऊर्जा का स्‍तर और रोग प्रतिरोधक क्षमता काफी उच्‍च रहने वाली है। इसकी वजह से आपका स्‍वास्‍थ्‍य भी उत्तम रहेगा।

उपाय: आप प्राचीन ग्रंथ नारायणीयम का पाठ करें।

मूलांक 6

(अगर आपका जन्म किसी भी महीने की 6, 15, 24 तारीख़ को हुआ है)

इस मूलांक वाले जातकों में अधिक रचनात्‍मक गुण हो सकते हैं और ये आगे बढ़ने में इसका उपयोग कर सकते हैं। ये जातक जीवन के प्रति जोश और उत्‍साह से भरपूर रहते हैं और इसी का उपयोग कर के प्रगति करने की कोशिश करते हैं।

प्रेम जीवन: इस सप्‍ताह आप अपने पार्टनर के साथ अधिक संवेदशनशील रवैया अपना सकते हैं और इस वजह से आप नाखुश रह सकते हैं। कभी-कभी आप अपने जीवनसाथी का भरोसा भी खो सकते हैं।

शिक्षा: इस सप्‍ताह छात्र पढ़ाई में अपेक्षित अंक लाने में असमर्थ रह सकते हैं। ऐसा आपके पेशेवर तरीके से पढ़ाई न करने और पढ़ाई में कम रुचि रखने की वजह से हो सकता है। आपको पढ़ाई में अपनी रुचि बढ़ाने की जरूरत है।

पेशेवर जीवन: इस समय आपका प्रदर्शन उम्‍मीद से थोड़ा कमज़ोर रह सकता है जिसकी वजह से आप अपने कार्यक्षेत्र में प्रगति करने में पीछे रह सकते हैं। आपको अपने काम पर अधिक ध्‍यान देने और एकाग्रता के साथ काम करने की आवश्‍यकता है।

सेहत: इस सप्‍ताह आपको स्‍वास्‍थ्‍य समस्‍याएं जैसे कि शुगर से संबंधित विकार होने की आशंका है। इसके लिए आपको दवाएं लेनी पड़ सकती हैं। आपको खुद को स्‍वस्‍थ एवं तंदुरुस्‍त रखने पर ध्‍यान देना चाहिए।

उपाय: आप नियमित रूप से 33 बार ‘ॐ शुक्राय नम:’ मंत्र का जाप करें।

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मूलांक 7 

(अगर आपका जन्म किसी भी महीने की 7, 16, 25 तारीख़ को हुआ है)

इस मूलांक वाले जातक ईश्‍वर की भक्‍ति में लीन रह सकते हैं और भौतिक चीज़ों से विमुख हो सकते हैं। इसके अलावा ये जातक हमेशा धर्म के बारे में बात कर सकते हैं और आराम करने में कम समय बिता सकते हैं।

प्रेम जीवन: इस सप्‍ताह आपके और आपके जीवनसाथी के बीच दूरियां आने की आशंका है और इस वजह से आपके रिश्‍ते से खुशियां गायब हो सकती हैं। अपने पार्टनर के साथ रिश्‍ते में खुशियों को बरकरार रखने के लिए आपको संयम से काम लेने की जरूरत है।

शिक्षा: इस सप्‍ताह परीक्षा देते समय आपको सावधानी बरतने की जरूरत है क्‍योंकि आपसे कुछ गलतियां हो सकती हैं और इसकी वजह से आप फेल तक हो सकते हैं। पढ़ाई पर से आपकी पकड़ कमज़ोर होने के संकेत हैं।

पेशेवर जीवन: इस समय आपको पदोन्‍नति मिलने के योग हैं लेकिन यह आपकी अपेक्षा के अनुसार नहीं होगी। वहीं रणनीतियां पुरानी होने की वजह से व्‍यापारियों की अपने व्‍यवसाय से पकड़ ढीली हो सकती है।

सेहत: इस सप्‍ताह इम्‍यु‍निटी के कमज़ोर होने के कारण आपकी त्‍वचा पर दाने निकल सकते हैं। आपको अपनी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने की जरूरत है।

उपाय: आप नियमित रूप से 41 बार ‘ॐ गणेशाय नम:’ मंत्र का जाप करें।

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मूलांक 8

(अगर आपका जन्म किसी भी महीने की 8, 17, 26 तारीख़ को हुआ है)

मूलांक 8 वाले जातकों का हमेशा अपने काम पर ध्‍यान रहता है और ये निजी कार्यों को कम समय देते हैं। आपके दृ‍ष्टिकोण में सकारात्‍मकता की कमी देखने को मिल सकती है जो कि आपके विकास के मार्ग में बाधा बन सकती है।

प्रेम जीवन: इस सप्‍ताह आपको अपने जीवनसाथी के साथ शांति से पेश आना चाहिए। अगर आप ऐसा नहीं करते हैं, तो आपके रिश्‍ते से आकर्षण कम हो सकता है और इस तरह आप दोनों के बीच गलफहमियां पैदा हो सकती हैं। आपको सामंजस्‍य बिठाकर चलने की जरूरत है।

शिक्षा: इस समय छात्रों को अपनी पढ़ाई पर अत्‍य‍धिक ध्‍यान देने की जरूरत है। अच्‍छे परिणाम पाने के लिए ऐसा करना आवश्‍यक है वरना आपकी पढ़ाई पर से पकड़ कमज़ोर पड़ सकती है। प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे जातकों के लिए इस बात का ध्‍यान रखना और भी ज्‍यादा जरूरी है।

पेशेवर जीवन: नौकरी करने वाले जातकों से मूर्खतापूर्ण गलतियां होने के संकेत हैं। इसकी वजह से वरिष्‍ठ अधिकारियों के बीच आपका नाम खराब हो सकता है। आपको फोकस करने की जरूरत है। व्‍यापारियों को इस सप्‍ताह अधिक मुनाफा कमाने के लिए अपनी रणनीति बदलने की जरूरत पड़ सकती है।

सेहत: आपको अत्‍यधिक तनाव के कारण पैरों में दर्द हो सकता है। आपको चीज़ों को शांत एवं सहज तरीके से लेना चाहिए।

उपाय: आप नियमित रूप से 11 बार ‘ॐ हनुमते नम:’ मंत्र का जाप करें।

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मूलांक 9

(अगर आपका जन्म किसी भी महीने की 9, 18, 27 तारीख़ को हुआ है)

इस मूलांक वाले जातक निर्णय लेने के मामले में अधिक साहसी हो सकते हैं। ये अपने कार्यों को तेजी से पूरा कर सकते हैं और इनके अंदर अधिक साहस हो सकता है।

प्रेम जीवन: अहंकार से संबंधित समस्‍याओं के कारण आप अपने पार्टनर के साथ नाखुश रह सकते हैं। इसके अलावा आपकी ओर से  तालमेल की भी कमी देखने को मिल सकती है और इस वजह से आपके रिश्‍ते से खुशियां गायब रह सकती हैं।

शिक्षा: आपको इस सप्‍ताह सफलता प्राप्‍त करने के लिए अपनी पढ़ाई पर फोकस करने और उस पर अधिक ध्‍यान देने की जरूरत है। यदि आप ऐसा नहीं कर पाते हैं, तो आप परीक्षा में फेल हो सकते हैं।

पेशेवर जीवन: नौकरीपेशा जातकों से काम में कुछ गलतियां हो सकती हैं जिसकी वजह से वरिष्‍ठ अधिकारियों के सामने उनकी छवि खराब होने की आशंका है। व्‍यापारियों के हाथ से मुनाफा छूट सकता है और इस वजह से वे दुखी महसूस कर सकते हैं।

सेहत: इस सप्‍ताह आपको हाई बीपी के कारण तेज सिरदर्द होने की आशंका है। इस वजह से आपको सावधान रहने की सलाह दी जाती है।

उपाय: आप नियमित रूप से 27 बार ‘ॐ भूमि पुत्राय नम:’ मंत्र का जाप करें।

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अक्‍सर पूछे जाने वाले प्रश्‍न

प्रश्‍न 1. सबसे ताकतवर मूलांक कौन सा है?

उत्तर. 8 अंक को सबसे शक्‍तिशाली माना जाता है।

प्रश्‍न 2. मूलांक 2 का स्‍वामी कौन है?

उत्तर. इस अंक का स्‍वामी चंद्रमा है।

प्रश्‍न 3. धन को कौन सा अंक आकर्षित करता है?

उत्तर. अंक 8 वित्तीय समृद्धि लेकर आता है।

सूर्य की राशि में आएंगे बुध, इन राशियों पर होगी छप्पर फाड़ दौलत की बरसात!

बुध का सिंह राशि में गोचर, इन राशियों पर होगी छप्पर फाड़ दौलत की बरसात!

बुध का सिंह राशि में गोचर: ज्योतिध में हर ग्रह को महत्वपूर्ण माना जाता है और इन्हीं में से एक है बुध जो ग्रहों के कारक माने गए हैं। ऐसे में, बुध ग्रह का गोचर बेहद अहम माना जाता है क्योंकि यह मनुष्य जीवन के विभिन्न आयामों को बहुत गहराई से प्रभावित करने की अपार क्षमता रखते हैं।

सरल शब्दों में कहें तो, जब बुध महाराज किसी राशि में विराजमान होते हैं, तो इसका असर जीवन पर प्रत्यक्ष रूप से दिखाई देता है। ऐसा माना जाता है किसी भी गोचर में बुध महाराज की स्थिति और दशा करियर और व्यापार में मिलने वाले परिणामों पर असर डालती है। एस्ट्रोसेज एआई का यह विशेष लेख आपको “बुध का सिंह राशि में गोचर” के बारे में समस्त जानकारी प्रदान करेगा जैसे तिथि, समय और प्रभाव।     

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जैसे कि हम जानते हैं कि हर ग्रह एक निश्चित समय तक एक राशि में रहता है और उसके बाद दूसरी राशि में गोचर कर जाता है। इसी क्रम में, बुध भी अपनी राशि में बदलाव करने जा रहे हैं जो न सिर्फ़ मनुष्य जीवन को प्रभावित करेंगे, बल्कि देश-दुनिया के साथ-साथ शेयर मार्केट पर भी अपना प्रभाव डालेंगे।

ऐसे में, कुछ राशियों को यह गोचर अच्छे और कुछ को बुरे परिणाम दे सकता है। वहीं, कुछ जातकों के लिए बुध का गोचर भाग्यशाली साबित होगा। तो आइए बिना देर किए अब हम आगे बढ़ते हैं और जानते हैं कि कौन सी हैं वह राशियां? लेकिन उससे पहल नज़र डाल लेते हैं बुध का सिंह राशि में गोचर के समय और तिथि पर। 

बुध का सिंह राशि में गोचर: तिथि एवं समय

ज्योतिष में बुध ग्रह को तेज़ गति से चलने वाला ग्रह माना जाता है जो लगभग 23 से 27 दिनों तक एक राशि में रहते हैं। इसके बाद, यह एक राशि से दूसरी राशि में प्रवेश कर जाते हैं। ऐसे में, बुध महाराज अब चंद्रमा की राशि कर्क से निकलकर 30 अगस्त 2025 की शाम 04 बजकर 39 मिनट पर सिंह राशि में प्रवेश करने जा रहे हैं।

बता दें कि सूर्य देव सिंह राशि के अधिपति देव हैं और बुध देव इनके मित्र माने जाते हैं। इसके परिणामस्वरूप, बुध का गोचर अपनी मित्र राशि में होगा जो कि शुभ कहा जा सकता है। यह स्थिति उन लोगों को राहत दे सकती है जिन्हें बुध ग्रह के अशुभ परिणामों का सामना करना पड़ रहा है। चलिए अब हम आपको अवगत करवाते हैं बुध सिंह राशि में कैसे फल देते हैं।

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सिंह राशि में बुध ग्रह कैसा फल देता है?

  • राशि चक्र में सिंह राशि पांचवें स्थान पर आती है और इसके स्वामी सूर्य देव हैं। बुध महाराज की सिंह में उपस्थिति राजसी ठाठ-बाठ और बेहतरीन संचार कौशल का प्रतिनिधित्व करती है। 
  • सिंह राशि सिंहासन और अधिकार का प्रतीक मानी जाती है। ऐसे में, बुध देव की सिंह राशि में मौजूदगी जातक की बात करने की क्षमता को मज़बूत करती है और आपकी बातों से लोग प्रभावित होते हैं। 
  • सिंह राशि में विराजमान बुध आपको जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में सही निर्णय लेने में सहायता करते हैं। 
  • साथ ही, बुध का सिंह राशि में प्रभाव होने से आपकी रुचि प्रकृति की तरफ बढ़ सकती है जिससे आप बागबानी और पेड़-पौधे लगाना पसंद करते हैं। 
  • सिंह राशि में बुध होने से आपके व्यक्तित्व और रंग-रूप पर भी इसका असर दिखाई देता है, जिसकी वजह से आपका रंग गौरा, माथा चौड़ा होता है। साथ ही, यह आपको महंगे कपड़े का शौकीन बना सकते हैं। 
  • इस राशि में बुध जातक को सरकारी और प्रशासनिक क्षेत्रों में सफलता प्रदान करते हैं।
  • बुध देव सिंह राशि में बैठे होने से व्यक्ति कपड़ों विशेष रूप से ऊनी कपड़ों, गेहूं, गहनों और अन्य प्राकृतिक उत्पादों से जुड़े व्यापार में अपनी पकड़ बनाता है। 
  • इनका प्रभाव जातक को कला और रंगमंच के प्रति आकर्षित करता है। 

बुध का सिंह राशि में गोचर: बुध ग्रह का महत्‍व 

  • बुध ग्रह के नाम की बात करें तो, बुध शब्द संस्कृत भाषा से जुड़ा है जिसका अर्थ है “बुद्धिमान”। 
  • बुध देव को वैदिक ज्योतिष में बुद्धि, वाणी, व्यापार, तर्क, शिक्षा और संचार कौशल का कारक माना जाता है।
  • शायद ही आप जानते होंगे कि बुध ग्रह प्रत्येक व्यक्ति की सोच-विचारने की क्षमता, ज्ञान, विवेक और तार्किक क्षमता को प्रभावित करता है। 
  • साथ ही, मनुष्य के जीवन में बुध महाराज बुद्धि और शिक्षा को भी दर्शाते हैं। 
  • ऐसे जातक जिनकी कुंडली में बुध देव की स्थिति मज़बूत होती है, उन्हें तेज़ दिमाग के साथ-साथ ज्ञान और बेहतरीन तार्किक क्षमता का आशीर्वाद देते हैं। साथ ही, इनकी रुचि साहित्य, विज्ञान और गणित में होती है।
  • हम सभी जानते हैं कि बुध वाणी और संचार कौशल का ग्रह है, इसलिए इसका सीधा असर आपके वाणी, संचार कौशल और लेखन पर भी पड़ता है। 
  • दूसरी तरफ, बुध देव के शुभ होने पर जातक अच्छा वक्ता, संचारक और लेखक बनता है। 
  • इसके अलावा, बुध व्यापार के प्रमुख ग्रह भी हैं इसलिए यह आपके व्यापार करने की क्षमता, सही निर्णय लेने और आर्थिक योजनाओं को भी नियंत्रित करते हैं। 
  • ऐसे जातक जिनकी कुंडली में बुध ग्रह शुभ होता है, उन्हें व्यापार के क्षेत्र में सफलता की प्राप्ति होती है। साथ ही, वह धन से जुड़े मामलों को बहुत समझदारी से संभालता है। 
  • बुध ग्रह तर्कशक्ति और विवेक का भी प्रतिनिधित्व करता है और ऐसे में, जातक की  निर्णय लेने और समस्याओं का समाधान ढूंढने की क्षमता बेहतर होती है। 

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बुध का सिंह राशि में गोचर: धार्मिक दृष्टि से बुध ग्रह 

  • ज्योतिष के साथ-साथ धार्मिक दृष्टि से भी बुध ग्रह का विशेष महत्व है। बता दें कि बुध देव को जगत के पालनहार भगवान विष्णु का अवतार माना जाता है।
  • विष्णु जी धैर्य और संतुलन के प्रतीक हैं और इसी क्रम में, विष्णु जी का प्रतीक बुध ग्रह को माना गया है। 
  • व्यक्ति को जीवन में बुध देव विवेक, संतुलन और समझदारी प्रदान करते हैं। साथ ही, इनके प्रभाव से इंसान का झुकाव धार्मिक कार्यों में होता है, जिससे वह सही मार्ग पर आगे बढ़ता है। 
  • बात करें बुध ग्रह की तो, यह वेदों, शास्त्रों और धार्मिक ग्रंथों के अध्ययन में विशेष भूमिका अदा करते हैं। 
  • कुंडली में बुध देव की शुभ स्थिति होने से जातक की रुचि धार्मिक ग्रंथों के अध्ययन में बढ़ती है। ऐसे में, वह शिक्षण, प्रचारक और उपदेशक के मार्ग पर आगे बढ़ सकता है। 
  • बुध ग्रह की स्थिति धर्मगुरुओं और प्रचारकों के लिए विशेष मायने रखती है, क्योंकि वह उन्हें धर्म के प्रति स्पष्ट और प्रभावी दृष्टिकोण प्रदान करती है। 
  • अगर कोई जातक बुध ग्रह की कृपा पाना चाहता है, तो उसके लिए बुधवार को हरे रंग के वस्त्र धारण करके विष्णु जी की पूजा करना फलदायी होता है। साथ ही, बुधवार के दिन बुध के मंत्रों का भी जाप करें। 

अब हम आपको बताने जा रहे हैं कुंडली के केंद्र भाव पर बुध के प्रभाव के बारे में  

कालसर्प दोष रिपोर्ट – काल सर्प योग कैलकुलेटर

बुध का सिंह राशि में गोचर: केंद्र भाव पर बुध का प्रभाव 

बुध ग्रह का जीवन पर प्रभाव जानने के बाद अब हम आपको बताएंगे कि बुध कुंडली में केंद्र भावों को कैसे प्रभावित करते हैं।

प्रथम भाव: प्रथम/लग्न भाव में बुध महाराज की स्थिति आपको स्वयं को अभिव्यक्त करने की क्षमता को मज़बूत बनाता है। यह आपके आत्मविश्वास को बढाते हैं जबकि कमज़ोर आत्मविश्वास को भी दर्शाते हैं। 

चौथे भाव: कुंडली के चौथे भाव में बुध महाराज आपको विश्लेषणात्मक बनाते हैं। लेकिन यह स्थिति घर-परिवार में सदस्यों के बीच भावनाओं के टकराव को पैदा करती है। इसके फलस्वरूप, परिवार का माहौल खराब हो सकता है। 

सातवें भाव: बुध देव की सातवें भाव में उपस्थिति आपकी परिजनों और करीबियों के साथ रिश्तों को संभालने की क्षमता को दर्शाती है। साथ ही, सही निर्णय लेने की तरफ संकेत करती है। 

दसवें भाव: कुंडली के दसवें भाव में बैठा बुध महाराज आपके पेशेवर जीवन की तरफ इशारा करता है और करियर को निर्धारित करता है। बुध की शुभ स्थिति आपको स्वयं को समझने की शक्ति को दर्शाया है जबकि अशुभ स्थिति आपकी समस्याएं बढ़ा सकती हैं। 

चलिए अब हम आपको रूबरू करवाते हैं शुभ और अशुभ बुध के प्रभावों से। 

कुंडली में मज़बूत बुध का प्रभाव 

किसी व्यक्ति पर बुध ग्रह की कृपा होने से उसको नीचे दिए गए परिणामों की प्राप्ति होती है जो कि इस प्रकार हैं: 

  • कुंडली के लग्न भाव में बुध ग्रह के विराजमान होने से व्यक्ति बुद्धिमान, तार्किक और सोच-समझकर बात करने वाला होता है। 
  • लग्न भाव में बुध देव बैठे होने से जातक का व्यक्तित्व बहुत आकर्षक होता है। वह सुन्दर होने के साथ-साथ अपनी आयु से कम नज़र आता है। 
  • शुभ बुध वाला व्यक्ति करियर के क्षेत्र में  कंप्यूटर, नेटवर्किंग  व्यापार, अकाउंट, मोबाइल, वाणिज्य और बैंकिंग आदि में कामयाबी हासिल करता है। 
  • जो जातक खुद का व्यापार करते हैं, उन्हें बुध ग्रह की कृपा से शुभ फलों की प्राप्ति होती है। साथ ही, वह व्यापार में बुलंदियां हासिल करता है और उसे एक नए शिख़र पर लेकर जाता है। 
  •  जातक को बुध देव के आशीर्वाद से दीर्घायु, बिज़नेस में कामयाबी मिलती है और वह कई भाषाओं को जानने वाला होता है। 
  • बता दें कि बुध ग्रह मानव शरीर में कान, तंत्रिका तंत्र, फेफड़ों और त्वचा आदि को भी नियंत्रित करते हैं। 

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कुंडली में कमज़ोर बुध का प्रभाव 

  • जिन जातकों की कुंडली में बुध पीड़ित अवस्था में होते हैं, तो इसका सीधा असर आपकी वाणी पर नज़र आता है। ऐसे में, आप अपनी बात दूसरों के सामने रखने में असमर्थ होते हैं। 
  • यदि किसी व्यक्ति का बुध अशुभ होता है या फिर पापी ग्रहों के साथ बैठा होता है या कमज़ोर होता है, तो यह जातक को शारीरिक और मानसिक समस्याएं देने का काम कर सकता है। 
  • बुध ग्रह का अशुभ प्रभाव व्यापार को भी नकारात्मक रूप से प्रभावित करता है। ऐसे में, आपको बिज़नेस में हानि का सामना करना पड़ सकता है। 
  • कुंडली में बुध देव के दुर्बल होने पर जातक गणित और बुद्धि दोनों में थोड़ा कमज़ोर हो सकता है। 

अब हम जान लेते हैं कुंडली में बुध को कैसे बलवान करें?

बुध का सिंह राशि में गोचर: सरल एवं प्रभावी उपाय 

  • बुध ग्रह से शुभ परिणाम पाने के लिए आंवला और हरी सब्जियों का ज्यादा से ज्यादा सेवन करें। 
  • बुधवार के दिन गाय को हरा चारा खिलाएं। 
  • पंचमुखी रुद्राक्ष को धारण करने से जातक के जीवन से बुध का नकारात्मक प्रभाव कम होता है। 
  • घर में तुलसी का पौधा लगाएं और रोज़ाना उसकी पूजा करें।  
  • घर की महिलाओं को हरे रंग के कपड़े और चूड़ियां भेंट करें। 
  • किसी अनुभवी ज्योतिषी से सलाह लेने के बाद बुध ग्रह का रत्न पन्ना धारण करें।   

बुध का सिंह राशि में गोचर: राशि अनुसार प्रभाव और उपाय 

मेष राशि

बुध आपकी कुंडली में तीसरे और छठे भाव के स्वामी होते हैं तथा बुध का… (विस्तार से पढ़ें) 

वृषभ राशि

बुध आपकी कुंडली में दूसरे भाव के साथ-साथ पांचवें भाव के स्वामी होते हैं और … (विस्तार से पढ़ें)

मिथुन राशि

बुध आपके राशि स्वामी होने के साथ-साथ आपके चौथे भाव के भी… (विस्तार से पढ़ें)

कर्क राशि

बुध आपकी कुंडली में तीसरे और द्वादश भाव के स्वामी हैं और बुध का सिंह राशि… (विस्तार से पढ़ें)

सिंह राशि

बुध आपकी कुंडली में लाभ तथा धन भाव के स्वामी होते हैं और बुध का सिंह… (विस्तार से पढ़ें) 

कन्या राशि

बुध आपकी राशि स्वामी होने के साथ-साथ आपके कर्म भाव के भी… (विस्तार से पढ़ें)

तुला राशि

बुध आपकी कुंडली में भाग्य भाव के स्वामी होने के साथ-साथ द्वादश भाव के… (विस्तार से पढ़ें)

वृश्चिक राशि 

बुध आपकी कुंडली में आठवें और लाभ भाव के स्वामी होते हैं तथा अस्त बुध… (विस्तार से पढ़ें) 

धनु राशि 

बुध आपकी कुंडली में सप्तम तथा दशम भाव के स्वामी होते हैं और फिलहाल बुध… (विस्तार से पढ़ें) 

मकर राशि

बुध आपकी कुंडली में छठे और भाग्य भाव के स्वामी हैं तथा वर्तमान में ये अस्त … (विस्तार से पढ़ें) 

कुंभ राशि

बुध आपकी कुंडली में पंचम तथा अष्टम भाव के स्वामी होते हैं और बुध का सिंह… (विस्तार से पढ़ें) 

मीन राशि

बुध आपकी कुंडली में चौथे तथा सातवें भाव के स्वामी हैं और वर्तमान में ये अस्त रहते… (विस्तार से पढ़ें) 

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इसी आशा के साथ कि, आपको यह लेख भी पसंद आया होगा एस्ट्रोसेज के साथ बने रहने के लिए हम आपका बहुत-बहुत धन्यवाद करते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अब बुध ग्रह का गोचर किस राशि में होने जा रहा है?

बुद्धि के कारक ग्रह बुध 30 अगस्त 2025 को सूर्य की राशि सिंह में प्रवेश करेंगे।

सूर्य और बुध शत्रु हैं या मित्र?

ज्योतिष के अनुसार, बुध देव को सूर्य ग्रह का मित्र माना जाता है। 

सूर्य और बुध की युति से कौन सा योग बनता है?

ज्योतिष के अनुसार, जब किसी राशि में सूर्य और बुध एक साथ बैठे होते हैं, तो इनकी युति से बुधादित्य योग का निर्माण होता है।

मासिक अंक फल सितंबर 2025: देखें, कितना भाग्यशाली है यह महीना आपके लिए

मासिक अंक फल सितंबर 2025: देखें, कितना भाग्यशाली है यह महीना आपके लिए

मासिक अंकफल सितंबर 2025: अंक ज्योतिष के अनुसार, महीना साल का नौवां महीना होने के कारण अंक 9 का प्रभाव लिए होता है। यानी कि इस महीने पर मंगल ग्रह का अधिक प्रभाव रहने वाला है। आपको बता दें कि इस साल का अंक भी 9 है, ऐसे में सितम्बर 2025 के महीने पर अंक 9 यानी मंगल ग्रह का प्रबल प्रभाव रहने वाला है।

हालांकि, मूलांक के अनुसार अलग-अलग लोगों पर अंक 9 यानी मंगल ग्रह का अलग-अलग असर पड़ेगा लेकिन सिंबतर 2025 का महीना सामान्य तौर पर लड़ाई-झगड़े, विवाद, सेना, सुरक्षा, दुर्घटनाओं, विस्फोट, आगजनी और तकनीकी मामलों के लिए उल्लेखनीय रह सकता है। आइए जानते हैं कि आपके मूलांक के लिए सितंबर का महीना कैसा रहेगा?

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मूलांक 1

यदि आप किसी महीने की 1, 10, 19 या फिर 28 तारीख को पैदा हुए हैं, तो आपका मूलांक 1 होगा और मूलांक 1 के लिए सितंबर का महीना क्रमशः 1,9,5 और 6 अंकों का प्रभाव लिए हुए है। यानी की अंक 6 के अलावा बाकी के सभी अंक या तो आपके फेवर में हैं या फिर आपके लिए औसत परिणाम दे रहे हैं। उस पर भी इस महीने सबसे अधिक प्रभाव डालने वाला अंक 1 है जो कि आपका मूलांक भी है।

अतः इस महीने सामान्य तौर पर आपको काफी हद तक अनुकूल परिणाम मिलने चाहिए। विशेषकर नए कामों की शुरुआत करने में यह महीना काफी हद तक अच्छे परिणाम दे सकता है। भाई बंधुओं और मित्रों का सपोर्ट भी मिलता हुआ प्रतीत हो रहा है। इन सब के बावजूद भी बेवजह के क्रोध और जिद से बचने की आवश्यकता रहेगी। इस महीने आपके स्वभाव में कुछ जल्दबाजी भी देखने को मिल सकती है। इससे भी बचाव जरूरी रहेगा। शासन प्रशासन से जुड़े मामले इस महीने सकारात्मक परिणाम दे सकते हैं। पिता से संबंधित मामलों में भी अनुकूल परिणाम मिल सकते हैं।

उपाय: उपाय की बात करें तो उपाय के रूप में सूर्य भगवान को कुमकुम मिला हुआ जल चढ़ाएं। 

मूलांक 2

यदि आप किसी महीने की 2, 11, 20 या फिर 29 तारीख को पैदा हुए हैं, तो आपका मूलांक 2 होगा और मूलांक 2 के लिए सितंबर का महीना क्रमशः 2,9,5 और 6 अंकों का प्रभाव लिए हुए है। यानी कि इस महीने अंक 9 के अलावा बाकी के सभी अंक आपके फेवर में नजर आ रहे हैं लेकिन विशेष बात यह है कि अंक 9 इस महीने तीन बार रिपीट हो रहा है अतः उसकी ऊर्जा को हम नजर अंदाज नहीं कर सकते। यद्यपि ज्योतिष की दुनिया में मूलांक 2 के स्वामी अर्थात चंद्रमा का मूलांक 9 के स्वामी अर्थात मंगल से अच्छे संबंध माने गए हैं लेकिन फिर भी दोनों के स्वभाव में अंतर होता है। शायद इसलिए अंक ज्योतिष की दुनिया में अंक 9 को 2 से शत्रुता के भाव रखने वाला अंक कहा गया है।

ऐसे में इस महीने बेवजह के क्रोध और विवाद से बचने की सलाह हम आपको देना चाहेंगे। विशेषकर जब मामला संबंधों को निभाने का हो तो अहंकार को दरकिनार कर भावनाओं को वरीयता देना ही समझदारी का काम होगा। यदि आप समझदारी से काम लेंगे तो संबंधों को निभाने में आप सफल रह सकेंगे। साझेदारी के कामों में भी आपको अच्छे परिणाम मिल सकेंगे। धैर्य पूर्वक काम करने की स्थिति में अधिकांश कामों में सफलता मिल सकेगी।

उपाय: उपाय की बात करें तो उपाय के रूप में शिवलिंग पर दूध मिश्रित जल चढ़ाएं।

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मूलांक 3

यदि आप किसी महीने की 3,12, 21 या फिर 30 तारीख को पैदा हुए हैं, तो आपका मूलांक 3 होगा और मूलांक 3 के लिए सितंबर का महीना क्रमशः 3, 9,5 और 6 अंकों का प्रभाव लिए हुए है। यानी कि इस महीने अंक 5 और 6 आपके फेवर में नहीं हैं। बाकी के सभी अंक पूरी तरह से आपके फेवर में परिणाम देते हुए प्रतीत हो रहे हैं। ऐसे में इस महीने आप काफी हद तक अनुकूल परिणाम प्राप्त कर सकेंगे। कुछ एक मामलों को छोड़ दिया जाए तो लगभग अधिकांश मामलों में अच्छी खासी अनुकूलता देखने को मिल सकती है। आपके भीतर की ऊर्जा और आपका अनुभव आपको बड़ी सफलता दिलाने का काम कर सकते हैं। विशेष कर सामाजिक मामलों में इस महीने काफी अच्छे परिणाम प्राप्त किए जा सकेंगे। क्रिएटिव कामों के लिए भी इस महीने को सामान्य तौर पर अच्छा कहा जाएगा। मित्रता निभाने की बात हो या फिर मित्रों से सहयोग पाने की बात हो; लगभग अधिकांश मामलों में आप अच्छे परिणाम प्राप्त कर सकेंगे। वरिष्ठों का मार्गदर्शन इस महीने आपको काफी अच्छे परिणाम दिलाएगा। अतः बड़े बुजुर्गों का आशीर्वाद और मार्गदर्शन लेते रहें।

उपाय: उपाय की बात करें तो उपाय के रूप में मंदिर में पीले फल चढ़ाएं।

मूलांक 4

यदि आप किसी भी महीने की 4,13, 22 या फिर 31 तारीख़ को पैदा हुए हैं, तो आपका मूलांक 4 होगा और मूलांक 4 के लिए सितंबर का महीना क्रमशः 4,9,5 और 6 अंकों का प्रभाव लिए हुए है। यानी कि इस महीने सिर्फ अंक 6 ही है जो आपके फेवर में नहीं है बाकी सभी अंक आपके फेवर में नजर आ रहे हैं। अत: इस महीने महिलाओं से संबंधित मामलों में सावधानी पूर्वक निर्वाह करने की आवश्यकता रहेगी। शान-ओ-शौकत में बेवजह के खर्चे करने से भी बचना समझदारी का काम होगा। यदि आपकी सीनियर या बॉस कोई महिला है तो इस महीने आपको अपने कामों में पूरी तरह से निष्ठावान बनने की जरूरत रहेगी। साथ ही कोई गलती न होने पाए इस बात को लेकर अच्छी योजना बनाना भी जरूरी रहेगा।

यद्यपि यह महीना आपसे थोड़ी सी एक्स्ट्रा मेहनत करवा सकता है लेकिन इस मेहनत के परिणाम अच्छे मिलेंगे, क्योंकि इस महीने सबसे अधिक प्रभाव डालने वाला अंक 4 है और अंक 4 आपका मूलांक भी है। अतः परिणाम सामान्य तौर पर फ़ेवर के रहेंगे। हालांकि परिणामों को और बेहतर करने के लिए आपको कानून और समाज के नियमों का पालन करना बहुत जरूरी रहेगा। स्वयं को अनुशासित बनाए रखना भी बहुत जरूरी रहेगा।

उपाय: उपाय की बात करें तो उपाय के रूप में माथे पर नियमित रूप से केसर का तिलक लगाएं।

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मूलांक 5

यदि आप किसी भी महीने की 5, 14 या फिर 23 तारीख को पैदा हुए हैं, तो आपका मूलांक 5 होगा और मूलांक 5 के लिए सितंबर का महीना क्रमशः 5,9,5 और 6 अंकों का प्रभाव लिए हुए है। इस महीने अंक 6 आपके लिए औसत परिणाम दे सकता है, तो वही अंक 9 आपके लिए कमजोर परिणाम दे सकता है। बाकी के सभी अंक अर्थात अंक 5 का दो बार आना आपके लिए काफी हितकारी सिद्ध हो सकता है। इस महीने आप पूरी तरह से संतुलित होकर काम करेंगे। स्वाभाविक है कि इसके परिणाम आपको सकारात्मक रूप से मिलेंगे लेकिन अंक 9 की तीन बार उपस्थिति इस बात का संकेत कर रही है कि आप इस महीने कभी कभार संतुलन को नजर अंदाज कर जल्दबाजी से काम लेने की कोशिश कर सकते हैं।

कुछ ऐसे मित्र भी इस महीने आपके सलाहकार बन सकते हैं, जो शॉर्टकट से सफलता प्राप्त करने में यकीन रखते होंगे। इन सभी चीजों से बचने की जरूरत रहेगी। यदि आप ऐसा करते हैं और अपने अनुभव के आधार पर संतुलन बनाते हुए आगे बढ़ते हैं तो आप सकारात्मक परिवर्तन को अंजाम दे सकेंगे। यात्राओं के माध्यम से भी फायदा उठा सकेंगे। साथ ही साथ आमोद प्रमोद और मनोरंजन इत्यादि भी कर सकेंगे।

उपाय: उपाय की बात करें तो उपाय के रूप में नियमित रूप से गणपति अथर्वशीर्ष का पाठ करें। 

मूलांक 6 

यदि आप किसी भी महीने की 6, 15 या फिर 24 तारीख को पैदा हुए हैं, तो आपका मूलांक 6 होगा और मूलांक 6 के लिए सितंबर का महीना क्रमशः 9,5 और 6 अंकों का प्रभाव लिए हुए है। यानी कि इस महीने अंक 9 आपके लिए कमजोर तो वहीं अंक 5 आपके लिए औसत परिणाम दे सकता है। बाकी दो बार आने वाला अंक 6 आपके लिए अच्छे परिणाम देना चाहेगा। ऐसे में आपको भी यही सलाह रहेगी की बेवजह के क्रोध से बचा जाए।

शांत चित्त होकर कामों को अंजाम दिया जाए। किसी मित्र के उकसाने की बजाय अपने पुराने अनुभव के आधार पर काम दिया जाए। यदि वाहन स्वयं चलते हैं तो वाहन की गति को संतुलित रखना भी जरूरी रहेगा। वैसे अंक 6 की उपस्थिति घर गृहस्थी से संबंधित मामलों में आपको काफी अच्छे परिणाम दे सकती है। पारिवारिक संबंधों को निभाने में आप आगे रह सकते हैं। प्रेम संबंधों में भी अच्छी अनुकूलता देखने को मिल सकती है। विवाह आदि के प्रस्ताव मिल सकते हैं। साथ ही साथ वैवाहिक जीवन भी बेहतर रह सकता है।

उपाय: उपाय की बात करें तो उपाय के रूप में कन्याओं को सुगंधित खीर खिलाएं और उनका आशीर्वाद लें। 

कालसर्प दोष रिपोर्ट – काल सर्प योग कैलकुलेटर

मूलांक 7 

यदि आप किसी भी महीने की 7, 16 या फिर 25 तारीख को पैदा हुए हैं, तो आपका मूलांक 7 होगा और मूलांक 7 के लिए सितंबर का महीना क्रमशः 7,9,5 और 6 अंकों का प्रभाव लिए हुए है। यानी कि इस महीने अंक 9 के अलावा बाकी के सभी अंक आपके फेवर में नजर आ रहे हैं लेकिन क्योंकि इस महीने 9 का अंक 3 बार रिपीट हो रहा है तो ऐसे में उसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। अंक 9 इस बात का संकेत कर रहा है कि किसी भी मामले में जरूर से ज्यादा जोश दिखाना, इस महीने ठीक नहीं रहेगा। भाई, बंधु और मित्रों के साथ संबंधों को मेंटेन करने की कोशिश भी जरूरी रहेगी।

किसी के बहकावे में आकर कोई भी निर्णय नहीं लेना है। यदि किसी व्यक्ति ने आपको पहले धोखा दिया है और इस बार वह पूरी ईमानदारी से काम करने का प्रॉमिस कर रहा है तो भी उस पर जरूर से ज्यादा यकीन करना ठीक नहीं रहेगा। यह महीना आपको अच्छे बुरे की पहचान करवाने में भी मददगार बनेगा। धर्म और आध्यात्म के दृष्टिकोण से भी इस महीने को सामान्य तौर पर अच्छा कहा जाएगा।

उपाय: उपाय की बात करें तो उपाय के रूप में शिवलिंग पर हल्दी मिला हुआ जल चढ़ाएं।

मूलांक 8

यदि आप किसी भी महीने की 8, 17 या फिर 26 तारीख को पैदा हुए हैं, तो आपका मूलांक 8 होगा और मूलांक 8 के लिए सितंबर का महीना क्रमशः 8,9,5 और 6 अंकों का प्रभाव लिए हुए है। यानी कि इस महीने अंक 8 आपके लिए पूरी तरह से समर्थन कर रहा है तो वहीं बाकी के अंक आपको औसत परिणाम दे रहे हैं। इस तरह इस महीने आप काफी हद तक अनुकूल या बेहतर परिणाम प्राप्त कर सकेंगे। अंक 8 का आना आर्थिक मामलों में अच्छी अनुकूलता आने का संकेतक माना गया है। अर्थात इस महीने आप सार्थक कमाई कर सकते हैं। उस कमाई का बड़ा हिस्सा बचाने में कामयाब भी रह सकते हैं।

व्यापार व्यवसाय को आगे बढ़ाने में और नई दिशा देने में भी यह महीना आपको अच्छा सपोर्ट कर सकता है। पुराने व्यापार के स्थान पर नया व्यापार शुरू करने में भी महीना मददगार रह सकता है अथवा पुराने व्यापार में कुछ नए प्रयोग करने में भी यह महीना आपके लिए अच्छा मददगार सिद्ध हो सकता है। इन सबके बावजूद भी बेवजह के आलस्य से बचना है। साथ ही साथ क्रोध अहंकार और विवाद जैसी स्थितियों से भी बचने की जरूरत रहेगी। इन सावधानियां को अपना कर इस महीने आप काफी अच्छे परिणाम प्राप्त कर सकेंगे।

उपाय: उपाय की बात करें तो उपाय के रूप में गरीबों में सरसों के तेल से तली हुई पकौड़ियां या पूरियां बांटे।

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मूलांक 9

यदि आप किसी भी महीने की 9,18 या फिर 27 तारीख को पैदा हुए हैं, तो आपका मूलांक 9 होगा और मूलांक 9 के लिए सितंबर का महीना क्रमशः 9,5 और 6 अंकों का प्रभाव लिए हुए है। इस महीने कि पहले हिस्से को प्रभावित करने वाला अंक 5 और दूसरे हिस्से को प्रभावित करने वाला अंक 6; ये दोनों आपके फेवर में नहीं है लेकिन बाकी के 4 अंक पूरी तरह से आपके फेवर में हैं। वो चारों के चारों अंक 9 ही है और 9 आपका मूलांक होता है। अत: इस महीने आप काफी हद तक अनुकूल परिणाम प्राप्त कर सकेंगे। इस महीने आप एनर्जी से पूरी तरह से भरे रहेंगे लेकिन यह एनर्जी गलत डायरेक्शन में न जाने पाए इस बात के प्रति जागरूक रहना भी जरूरी रहेगा क्योंकि जरूरत से ज्यादा जोश कई बार विवाद की स्थितियां भी उत्पन्न करता है। 

अतः बेवजह के विवाद से बचना है। मित्रों और भाइयों का अच्छा सहयोग मिलता हुआ प्रतीत हो रहा है लेकिन इन सब के साथ मिलकर किसी भी तरीके का कोई अनुचित कार्य नहीं करना है बल्कि बड़े बुजुर्गों से परामर्श लेकर आगे बढ़ना है। जिससे कि आपकी एनर्जी सही डायरेक्शन में लग जाएगी और आप अपने लंबे समय से पेंडिंग पड़े हुए कामों को पूरा कर सकेंगे। कामों को संपन्न करने में यह महीना काफी अच्छे परिणाम दे सकता है। भूमि, भवन आदि से संबंधित मामलों में भी यह महीना काफी अच्छे परिणाम दे सकता है। इसके बावजूद भी वाहन इत्यादि सावधानी के साथ चलने की जरूरत रहने वाली है।

उपाय: उपाय की बात करें तो उपाय के रूप में हनुमान जी को मंगलवार के दिन देसी घी मिला हुआ सिंदूर चढ़ाएं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

साल 2025 नंबर 5 के लिए कैसा है?

2025 में, मूलांक 5 वाले व्यक्ति मंगल, बुध और चंद्रमा से प्रभावित होकर जुनून, ऊर्जा और अवसरों से भरे एक परिवर्तनकारी वर्ष का अनुभव करेंगे। 

मासिक अंक फल सितंबर 2025 के अनुसार नंबर 8 के लिए 2025 कैसा रहेगा?

इस महीने आप काफी हद तक अनुकूल या बेहतर परिणाम प्राप्त कर सकेंगे। 

5 नंबर का स्वामी कौन है?

अंक 5 के स्वामी बुध हैं।