टैरो साप्ताहिक राशिफल: 26 अक्‍टूबर से 01 नवंबर, 2025

टैरो साप्ताहिक राशिफल: 26 अक्‍टूबर से 01 नवंबर, 2025

टैरो साप्ताहिक राशिफल 26 अक्‍टूबर से 01 नवंबर, 2025: दुनियाभर के कई लोकप्रिय टैरो रीडर्स और ज्‍योतिषयों का मानना है कि टैरो व्‍यक्‍ति की जिंदगी में भविष्‍यवाणी करने का ही काम नहीं करता बल्कि यह मनुष्‍य का मार्गदर्शन भी करता है। कहते हैं कि टैरो कार्ड अपनी देखभाल करने और खुद के बारे में जानने का एक ज़रिया है।

टैरो इस बात पर ध्‍यान देता है कि आप कहां थे, अभी आप कहां हैं या किस स्थिति में हैं और आने वाले कल में आपके साथ क्‍या हो सकता है। यह आपको ऊर्जा से भरपूर माहौल में प्रवेश करने का मौका देता है और अपने भविष्‍य के लिए सही विकल्‍प चुनने में मदद करता है। जिस तरह एक भरोसेमंद काउंसलर आपको अपने अंदर झांकना सिखाता है, उसी तरह टैरो आपको अपनी आत्‍मा से बात करने का मौका देता है।

आपको लग रहा है कि जैसे जिंदगी के मार्ग पर आप भटक गए हैं और आपको दिशा या सहायता की ज़रूरत है। पहले आप टैरो का मज़ाक उड़ाते थे लेकिन अब आप इसकी सटीकता से प्रभावित हो गए हैं या फिर आप एक ज्‍योतिषी हैं जिसे मार्गदर्शन या दिशा की ज़रूरत है या फिर आप अपना समय बिताने के लिए कोई नया शौक ढूंढ रहे हैं।

इन कारणों से या अन्‍य किसी वजह से टैरो में लोगों की दिलचस्‍पी काफी बढ़ गई है। टैरो डेक में 78 कार्ड्स की मदद से भविष्य के बारे में जाना जा सकता है। इन कार्ड्स की मदद से आपको अपने जीवन में मार्गदर्शन मिल सकता है।

टैरो की उत्पति 15वीं शताब्‍दी में इटली में हुई थी। शुरुआत में टैरो को सिर्फ मनोरंजन के रूप में देखा जाता था और इससे आध्‍यात्मिक मार्गदर्शन लेने का महत्‍व कम था। हालांकि, टैरो कार्ड का वास्तविक उपयोग 16वीं सदी में यूरोप के कुछ लोगों द्वारा किया गया जब उन्होंने जाना और समझा कि कैसे 78 कार्ड्स की मदद से भविष्य के बारे में जाना जा सकता है, उसी समय से इसका महत्व कई गुना बढ़ गया।

टैरो एक ऐसा ज़रिया है जिसकी मदद से मानसिक और आध्‍यात्मिक प्रगति को प्राप्‍त किया जा सकता है। आप कुछ स्‍तर पर अध्‍यात्‍म से, थोड़ा अपनी अंतरात्‍मा से और थोड़ा अपने अंर्तज्ञान और आत्‍म-सुधार लाने से एवं बाहरी दुनिया से जुड़ें।

तो आइए अब इस साप्ताहिक राशिफल की शुरुआत करते हैं और जानते हैं कि 26 अक्‍टूबर से 01 नवंबर, 2025 तक का समय सभी 12 राशियों के लिए कैसे परिणाम लेकर आएगा?

दुनियाभर के विद्वान टैरो रीडर्स से करें कॉल/चैट पर बात और जानें करियर संबंधित सारी जानकारी

टैरो साप्ताहिक राशिफल 26 अक्‍टूबर से 01 नवंबर, 2025: राशि अनुसार राशिफल

मेष राशि

प्रेम जीवन: फोर ऑफ पेंटाकल्‍स

आर्थिक जीवन: व्‍हील ऑफ फॉर्च्‍यून

करियर: ऐट ऑफ वैंड्स

स्वास्थ्य: नाइन ऑफ पेंटाकल्‍स

अपराइट फोर ऑफ पेंटाकल्‍स कार्ड दर्शाता है कि आपके रिश्‍ते में नियंत्रण, सुरक्षा और स्थिरता की बहुत जरूरत है। कभी-कभी यह जरूरत इतनी गहरी हो सकती है कि रिश्‍ते में ज्‍यादा पकड़ या अधिकार जताने की प्रवृत्ति आ सकती है। यह कार्ड इस बात के भी संकेत देता है कि आप अपने पार्टनर को बहुत महत्‍व देते हैं लेकिन उन्‍हें खोने का डर आपको और ज्‍यादा चिपकू या हावी होने वाला बना सकता है।

यह कार्ड जीवन चक्र, किस्‍मत और भाग्‍य में उतार-चढ़ाव को दर्शाता है। यह कार्ड बताता है कि आपकी आर्थिक स्थिति में सकारात्‍मक और नकारात्‍मक दोनों तरह के बदलाव आ सकते हैं। इसमें आपको अचानक अच्‍छे अवसर मिल सकते हैं या फिर आपका खर्चा बढ़ सकता है। इस कार्ड को व्‍हील ऑफ फॉर्च्‍यून नाम की किताब से भी जोड़ा जा सकता है जिसमें आर्थिक मार्गदर्शन मिलता है।

टैरो साप्‍ताहिक राशिफल में करियर रीडिंग के अंदर ऐट ऑफ वैंड्स कार्ड प्रगति, गति और करियर के क्षेत्र में शुभ समाचार मिलने को दर्शाता है। इस कार्ड का कहना है कि आपको अपने कार्यक्षेत्र में नए अवसर और तेजी से प्रगति मिलने की संभावना है। इसके साथ ही आप अपनी कंपनी का विस्‍तार कर सकते हैं या फिर आपको छुट्टी पर जाने का मौका भी मिल सकता है। इस कार्ड का कहना है कि कोई कदम उठाने के लिए यह सही समय है, अवसरों का लाभ उठाएं और अपने पेशेवर लक्ष्‍यों को प्राप्‍त करने के लिए इस तेजी या गति का उपयोग करें।

हेल्‍थ टैरो रीडिंग में नाइन ऑफ पेंटाकल्‍स कार्ड मिला है जो कि अच्‍छी सेहत और स्थिरता का प्रतिनिधित्‍व करता है। खुद का अच्‍छे से ख्‍याल रखने, संतुलित जीवनशैली अपनाने और शारीरिक स्‍वास्‍थ्‍य में समझदारी से निवेश कर के आपका स्‍वास्‍थ्‍य अच्‍छा रहेगा। वहीं रिवर्स कार्ड ज्‍यादा अति करने, अपने शरीर की उपेक्षा करने और पर्यावरणीय स्‍वास्‍थ्‍य समस्‍याओं से सावधान कर रहा है। वहीं अपराइट कार्ड कुछ फुर्सत के पल बिताने और विलासिता का आनंद लेने के लिए प्रोत्‍साहित कर रहा है।

शुभ अक्षर: ए और एल

वृषभ राशि

प्रेम जीवन: नाइट ऑफ वैंड्स

आर्थिक जीवन: टेन ऑफ स्‍वॉर्ड्स

करियर: नाइट ऑफ पेंटाकल्‍स

स्वास्थ्य: सिक्‍स ऑफ स्‍वॉर्ड्स

वृषभ राशि के जातकों को टैरो साप्‍ताहिक राशिफल में नाइट ऑफ वैंड्स कार्ड मिला है जो कि प्रतिबद्धता की कमी या तेजी से आगे बढ़ने को दर्शाता है। लव टैरो रीडिंग में इस कार्ड का कहना है कि आपके रिश्‍ते में जुनून रहेगा और आपको रोमांचक अनुभव हो सकते हैं। इसके साथ ही आपके रिश्‍ते में अचानक आकर्षण बढ़ सकता है। सिंगल जातकों के लिए यह कार्ड संकेत देता है कि आपको जीवन और प्रेम में आत्‍मविश्‍वास के साथ आगे बढ़ना चाहिए। इससे आपके रिश्‍ते में उत्‍साह और जोश आ सकता है लेकिन ये रिश्‍ते ज्‍यादा समय तक टिक नहीं पाएंगे।

धन की बात करें, तो टेन ऑफ स्‍वॉर्ड्स कार्ड धोखे, असफलता या पतन का प्रतीक है। यह कार्ड कहता है कि आप अपनी वित्तीय स्थिति को लेकर निराश या बोझिल महसूस कर सकते हैं। परिस्थिति के आपके नियंत्रण से बाहर जाने या गलत लोगों या सलाह पर भरोसा करने की वजह से ऐसा हो सकता है। यह कार्ड बताता है कि अब आप अपने पैसों से जुड़ी पिछली गलतियों या नुकसान के परिणामों का सामना कर रहे हैं।

अपराइट नाइट ऑफ पेंटाकल्‍स कार्ड अपने लक्ष्‍यों को पाने के लिए कड़ी मेहनत, लगन, विश्‍वसनीयता और एक स्थिर एवं व्‍यवस्थित दृष्टिकोण रखने को दर्शाता है। इस कार्ड का कहना है कि करियर में दीर्घकालिक सफलता पाने के लिए जरूरी प्रयास करते रहना चाहिए। यह कार्ड दर्शाता है कि आप भरोसेमंद और दृढ़ निश्‍चयी हैं एवं अपने लक्ष्‍यों को प्राप्‍त करने के लिए आवश्‍यक प्रयास करने के लिए तैयार हैं, भले ही इसके लिए आपको मुश्किल और व्‍यावहारिक होकर ही काम क्‍यों न करना पड़े।

स्‍वास्‍थ्‍य के मामले में आपको अपराइट सिक्‍स ऑफ स्‍वॉर्ड्स कार्ड मिला है जो कि स्‍वस्‍थ होने और उपचार के मार्ग की ओर संकेत कर रहा है। इस कार्ड का कहना है कि आप पिछली बीमारियों और लक्षणों को पीछे छोड़कर बेहतर भविष्‍य और स्‍वास्‍थ्‍य की ओर आगे बढ़ रहे हैं। यह कार्ड बताता है कि आप अपने स्‍वास्‍थ्‍य की जिम्‍मेदारी ले रहे हैं और आपके उपचार के प्रयासों का प्रभाव पड़ रहा है।

शुभ अक्षर: वी और डब्‍ल्‍यू

मिथुन राशि

प्रेम जीवन: ऐस ऑफ स्‍वॉर्ड्स

आर्थिक जीवन: सेवेन ऑफ वैंड्स

करियर: टू ऑफ पेंटाकल्‍स

स्वास्थ्य: सेवेन ऑफ पेंटाकल्‍स

ऐस ऑफ स्‍वॉर्ड्स कार्ड मानसिक स्‍पष्‍टता, बातचीत द्वारा किसी नतीजे पर पहुंचने और एक पार्टनरशिप या फिर एक नए रिश्‍ते की शुरुआत को दर्शाता है। टैरो साप्‍ताहिक राशिफल के अनुसार यह कार्ड विवाद को सुलझाने के लिए खुलकर बात करने और आपसी समझ को बढ़ाने के लिए कह रहा है। यदि आप सिंगल हैं, तो आप एक ऐसे रिश्‍ते में आ सकते हैं जो कि केवल आकर्षण पर आधारित नहीं होगा बल्कि वह गहरी बातचीत, विचारों के आदान-प्रदान और मानसिक स्‍तर पर जुड़ाव पर टिका होगा।

फाइनेंशियल टैरो रीडिंग में अपराइट सेवेन ऑफ वैंड्स कार्ड स्थिरता और सफलता को दर्शाता है लेकिन इसके साथ ही यह कार्ड कहता है कि आपको सावधानीपूर्वक योजना बनाने और शत्रुता या ईर्ष्‍या से बचने की जरूरत है। अपनी प्रगति को बनाए रखने के लिए आपको अपनी संपत्ति की सुरक्षा करनी है, अपनी वित्तीय सीमाओं का सम्‍मान करना है और दबाव या चुनौती का विरोध करना है।

अपराइट टू ऑफ पेंटाकल्‍स कार्ड इस बात की याद दिलाता है कि आपको अपने ऊपर बोझ बढ़ने से बचने के लिए चीज़ों को संतुलित और व्‍यवस्थित रखना है। यह कार्ड वित्तीय असंतुलन या अव्‍यवस्‍था का संकेत दे रहा है। इस कार्ड के अनुसार आप अपने ऊपर बहुत ज्‍यादा जिम्‍मेदारियां ले रहे हैं, प्राथमिकताओं को तय करने में आपको कठिनाई महसूस हो रही है या फिर आप गलत वित्तीय निर्णय ले रहे हैं। अब आपको अपने कदम पीछे ले लेने चाहिए, अपनी योजना को सरल बनाना चाहिए और नियंत्रण वापस पाने के लिए संतुलन बनाना चाहिए।

हेल्‍थ रीडिंग में अपराइट सेवेन ऑफ पेंटाकल्‍स कार्ड दर्शाता है कि आपने जो पहले प्रयास किए हैं, अब आपको उनका फल मिलने वाला है लेकिन आपको कुछ समय के लिए राहत देने वाले उपचारों से दूर रहना चाहिए। यह कार्ड कहता है कि लंबे समय तक स्‍वास्‍थ्‍य को बनाए रखने के लिए धैर्य, सहनशीलता और सकारात्‍मक आदतों का योजनाबद्ध तरीके से विकास करना जरूरी है।

शुभ अक्षर: के और पी

कर्क राशि

प्रेम जीवन: टू ऑफ स्‍वॉर्ड्स

आर्थिक जीवन: द चैरियट

करियर: थ्री ऑफ वैंड्स

स्वास्थ्य: सिक्‍स ऑफ पेंटाकल्‍स

कर्क राशि के जातकों को टू ऑफ स्‍वॉर्ड्स कार्ड मिला है जो मुश्किल निर्णय लेने, गतिरोध या दो विकल्‍पों के बीच फंसे होने को दर्शाता है। आपको दो लोगों या रास्‍तों या फिर रिश्‍ते की जरूरतों और व्‍यक्‍तिगत इच्‍छाओं में से किसी एक को चुनना पड़ सकता है। इस कार्ड का कहना है कि समस्‍या को अनदेखा करने से तनाव बढ़ेगा और आप अपने रिश्‍ते में आगे नहीं बढ़ पाएंगे।

फाइनेंशियल टैरो रीडिंग में द चैरियट कार्ड कहता है कि आपको जिम्‍मेदारी लेनी चाहिए, चुनौतियों का सामना करना चाहिए और आप दृढ़ता, आत्‍म-संयम एवं एकाग्रता से वित्तीय सफलता प्राप्‍त कर सकते हैं। अपने धन को संभालना और विशेष आर्थिक लक्ष्‍य तय करना, यह दर्शाता है कि आपके पास आर्थिक चुनौतियों को पार करने, समझदारी से निर्णय लेने और भविष्‍य को सुरक्षित करने की इच्‍छाशक्‍ति मौजूद है।

टैरो साप्‍ताहिक राशिफल के अनुसार करियर में आपको थ्री ऑफ वैंड्स कार्ड मिला है जो कि प्रगति के अवसर, विस्‍तार और नए कार्यों को दर्शाता है। इस कार्ड का कहना है कि आपको अधिक बार यात्रा या फिर मार्केट रिसर्च करनी पड़ सकती है। यह कार्ड बताता है कि आप अपने उद्देश्‍यों को प्राप्‍त कर रहे हैं। साथ ही आपने हाल ही में जो उपलब्धियां प्राप्‍त की हैं, उन्‍हें आगे बढ़ाने के लिए साहस एवं आत्‍मविश्‍वास के साथ प्रगति करने का समय आ गया है। यह कार्ड आपको ऊंचे लक्ष्‍य निर्धारित करने, अपने ज्ञान और दक्षता को बढ़ाने की सलाह दे रहा है।

हेल्‍थ टैरो रीडिंग में सिक्‍स ऑफ पेंटाकल्‍स कार्ड आपसी सहयोग और संतुलन का प्रतीक है। इस कार्ड का कहना है कि आप सहायता मांग सकते हैं या दूसरों की मदद कर सकते हैं और साथ ही अपने स्‍वास्‍थ्‍य का ख्‍याल रख सकते हैं। वहीं दूसरी ओर, यह कार्ड इस बात की ओर भी ध्‍यान दिलाता है कि कहीं आपके जीवन में असंतुलन तो नहीं है या आप दूसरों के लिए जरूरत से ज्‍यादा तो नहीं कर रहे हैं। इस कार्ड के अनुसार आपको अपनी जरूरतों को प्राथमिकता देनी चाहिए और अपने प्रति थोड़ी दया दिखानी चाहिए।

शुभ अक्षर: एच और ई

सिंह राशि

प्रेम जीवन: फोर ऑफ कप्‍स

आर्थिक जीवन: थ्री ऑफ स्‍वॉर्ड्स

करियर: द मून

स्वास्थ्य: क्‍वीन ऑफ कप्‍स (रिवर्स्‍ड)

टैरो साप्‍ताहिक राशिफल का कहना है कि सिंह राशि के जातकों को फोर ऑफ कप्‍स कार्ड मिला है जो कि अक्‍सर असफलता के पुराने अनुभवों या भावनात्‍मक रूप से खुलकर सामने आने की अनिच्‍छा के कारण दिखाई देता है। यह कार्ड लव लाइफ में सुस्‍ती, ऊब, असंतोष और अवसरों का लाभ उठाने से चूकने का प्रतिनिधित्‍व करता है। इस कार्ड का कहना है कि आप अपने मौजूदा रिश्‍ते से ऊब महसूस कर सकते हैं या फिर आपके रिश्‍ते में ठहराव या रुकावट आ सकती है या फिर आपको अपने पार्टनर के लिए भावनात्‍मक रूप से मौजूद रहने की जरूरत है।

फाइनेंस में थ्री ऑफ स्‍वॉर्ड्स कार्ड अक्‍सर तनाव, धन की हानि या फिर अपने धन या आय के स्रातों को बांटने जैसे कि तलाक या ब्रेकअप का प्रतीक है। यह कार्ड आपको संकेत दे रहा है कि आने वाला समय आपके लिए चुनौतीपूर्ण रहने वाला है, आपकी नौकरी जा सकती है, आपको अप्रत्‍याशित बाधाएं देखनी पड़ सकती हैं या फिर आपको अपने कर्मचारियों की संख्‍या कम करनी पड़ सकती है। इस समय आपको अपने कदम पीछे खींच लेने चाहिए और अपने वित्तीय निवेश एवं स्थिति का पुनर्मूल्‍यांकन करना चाहिए।

करियर के क्षेत्र में सिंह राशि के लोगों को द मून अपराइट कार्ड मिला है जो कि शक, रहस्‍य, घबराहट और नौकरी के अस्‍पष्‍ट अवसरों से दूर रहने के लिए अपने मन की सुनने की आवश्‍यकता को दर्शाता है। यह कार्ड आत्‍म चिंतन करने और अपने ज्ञान एवं बुद्धि पर विश्‍वास करने का बढ़ावा देता है। यह कार्ड सलाह देता है कि आपको अनजानी चीज़ों से डरने के बजाय अपने अंदर झांक कर जवाब तलाश करना चाहिए।

हेल्‍थ रीडिंग में क्‍वीन ऑफ कप्‍स इनवर्टिड कार्ड मिला है जो कि थकान, कई तरह की भावनाओं को एकसाथ संभालने में असमर्थ होना, खुद को अनदेखा करना या खुद की देखभाल न करने को दर्शाता है। इस कार्ड का कहना है कि आपको धीरे-धीरे आगे बढ़ना चाहिए, आराम करना चाहिए और अपनी जरूरतों पर ध्‍यान देना चाहिए। कभी-कभी यह कार्ड मानसिक समस्‍याओं के संकेत दे सकता है।

शुभ अक्षर: एम और आई

कन्या राशि

प्रेम जीवन: द लवर्स

आर्थिक जीवन: द फूल

करियर: फोर ऑफ स्‍वॉर्ड्स

स्वास्थ्य: द सन

कन्‍या राशि के लोगों को लव लाइफ में द लवर्स कार्ड मिला है। इस कार्ड का कहना है कि आपके रिश्‍ते का भविष्‍य उज्‍जवल है। आपके प्रति आपके पार्टनर की भावनाएं सच्‍ची हैं। आप उनकी सभी जरूरतों को पूरा करने में सक्षम हैं। आपका पार्टनर आपके प्‍यार में पूरी तरह से डूबा हूआ है और आपके प्रति उनके अंदर बहुत पैशन है। इसके अलावा उन्‍हें आपको अपना जीवनसाथी कहने में गर्व महसूस होता है।

टैरो साप्‍ताहिक राशिफल के अनुसार आपको द फूल कार्ड मिला है जिसका कहना है कि आपको नए अवसरों को अपनाना चाहिए लेकिन इसके साथ ही सावधानी बरतनी चाहिए और लापरवाही से काम करने से बचना चाहिए। यह कार्ड बताता है कि नए अवसरों से आर्थिक सफलता मिल सकती है लेकिन बिना ठोस योजना के केवल उत्‍साह से काम करना जोखिमभरा हो सकता है।

करियर टैरो रीडिंग में आपको फोर ऑफ स्‍वॉर्ड्स कार्ड मिला है जो कि आपको तनाव और अत्‍यधिक काम से ब्रेक लेने और उबरने के लिए कह रहा है। इससे खुद की देखभाल करने को बढ़ावा मिलता है और यह नया नज़रिया विकसित करने के लिए सावधानी से तैयारी करने के समय को दर्शाता है। यह कार्ड थकान की ओर भी संकेत कर सकता है और यह बताता है कि मौजूदा परिस्थितियां शारीरिक या मानसिक रूप से आप पर थोप दी गई हैं।

अपराइट सन कार्ड जल्‍दी ठीक होने और स्‍वास्‍थ्‍य में सुधार आने को दर्शाता है जो कि सेहत के लिए बहुत ही सकारात्‍मक संकेत है। यह कार्ड शक्‍ति, ऊर्जा, संतुलन और सामान्‍य स्‍वास्‍थ्‍य का प्रतिनिधित्‍व करता है। सन कार्ड स्‍वस्‍थ जीवनशैली अपनाने और शारीरिक एवं मानसिक स्‍वास्‍थ्‍य के बीच संतुलन लाने को बढ़ावा देता है।

शुभ अक्षर: पी और प्रा

तुला राशि

प्रेम जीवन: द हर्मिट

आर्थिक जीवन: जजमेंट

करियर: नाइट ऑफ वैंड्स

स्वास्थ्य: टू ऑफ वैंड्स

टैरो साप्‍ताहिक राशिफल में तुला राशि के लोगों को द हर्मिट कार्ड मिला है। यह कार्ड आत्‍म खोज, आत्‍मनिरीक्षण और एकांत के समय को दर्शाता है। यह कार्ड संकेत देता है कि व्‍यक्‍ति को अपनी जरूरतों, इच्‍छाओं और पिछले रिश्‍तों के पैटर्न पर गहराई से विचार करने की आवश्‍यकता है। इस कार्ड का कहना है कि आपको मैच्‍योर होने के लिए समय चाहिए, आप प्रतिबद्ध होने के लिए तैयार नहीं हैं या आपको किसी सदमे से उबरने की जरूरत है। यह कार्ड कहता है कि आपको इस बात पर विचार करना चाहिए कि आप असल में प्रेम के संबंध में क्‍या चाहते हैं ताकि आप अधिक सच्‍चा और संतोषजनक रिश्‍ता बना सकें।

आपके पुराने प्रयासों और कड़ी मेहनत के आधार पर अपराइट जजमेंट कार्ड वित्तीय स्‍तर पर अपने भविष्‍य को लेकर महत्‍वपूर्ण और सोच-समझकर निर्णय लेने के समय को दर्शाता है। इन निर्णयों की वजह से आपको प्रमोशन मिल सकता है या फिर आपकी वित्तीय स्थिति में बड़े बदलाव आने की संभावना है। इस कार्ड का कहना है कि अब समय आ गया है कि आप अपनी वित्तीय रुचियों को लेकर निष्‍पक्ष हों, पहल करें और जल्‍दबाज़ी करने से बचें एवं आर्थिक जीवन में किसी भी नए अवसर या बदलाव पर नज़र रखें।

करियर के क्षेत्र में आपको नाइट ऑफ वैंड्स कार्ड मिला है जो कि उत्‍साह, साहस और नए अवसरों एवं चुनौतियों को स्‍वीकार करने की इच्‍छा को दर्शाता है। इसमें अक्‍सर नौकरी में बदलाव या फिर व्‍यक्‍तिगत प्रयास शामिल होते हैं। यह कार्ड जल्‍दबाज़ी में निर्णय लेने से बचने और दीर्घकालिक सफलता के लिए सोच-समझकर काम करने की चेतावनी भी दे रहा है। इस कार्ड का कहना है कि आपको साहसिक कदम उठाने चाहिए, अपने पैशन पर चलना चाहिए और आत्‍मविश्‍वास के साथ आगे बढ़ना चाहिए।

स्‍वास्‍थ्‍य के मामले में आपको टू ऑफ वैंड्स कार्ड मिला है कि जो कि भविष्‍य के लिए अपने स्‍वास्‍थ्‍य को लेकर योजना बनाने और निर्णय लेने को दर्शाता है। यह कार्ड आपको स्‍वास्‍थ्‍य के मामले में नई आदतें अपनानी चाहिए या फिर कई दीर्घकालिक स्‍वास्‍थ्‍य रणनीतियों में से किसी एक को चुनने के लिए प्रोत्‍साहित कर रहा है। यह कार्ड आपको सलाह दे रहा है कि आपको अपने स्‍वास्‍थ्‍य को लेकर अपने लक्ष्‍य निर्धारित करने चाहिए और अपने दीर्घकालिक स्‍वास्‍थ्‍य के लिए विभिन्‍न विकल्‍पों के बारे में सोचना चाहिए।

शुभ अक्षर: आर और टी

करियर की हो रही है टेंशन! अभी ऑर्डर करें कॉग्निएस्ट्रो रिपोर्ट

वृश्चिक राशि

प्रेम जीवन: नाइट ऑफ स्‍वॉर्ड्स

आर्थिक जीवन: सेवेन ऑफ कप्‍स

करियर: नाइन ऑफ वैंड्स

स्वास्थ्य: फाइव ऑफ पेंटाकल्‍स (रिवर्स्‍ड)

लव टैरो रीडिंग में वृश्चिक राशि को नाइट ऑफ स्‍वॉर्ड्स कार्ड मिला है कि जो कि लंबे समय से चले आ रहे रिश्‍ते में समस्‍या और जल्‍दी ऊब जाने की प्रवृत्ति के संकेत दे सकता है। इस कार्ड का कहना है कि आपको अपने पार्टनर से खुलकर और ईमानदारी से बात करने एवं साहसिक कदम उठाने की जरूरत है। यह कार्ड कहता है कि आपको लापरवाह होकर फैसले लेने से बचना चाहिए और रिश्‍ते में संघर्ष या ब्रेकअप से बचने के लिए एक जैसे उद्देश्‍यों और खुलकर बात करने पर ध्‍यान देना चाहिए। सिंगल जातकों के लिए यह कार्ड नए और जोश से भरपूर लेकिन कमजोर रिश्‍ते के सं‍केत दे रहा है।

वित्तीय जीवन में आपको अपराइट सेवेन ऑफ कप्‍स कार्ड मिला है जो कि अनेक अवसरों को दर्शाता है। इसके साथ ही यह कार्ड धोखाधड़ी या गलत निर्णयों से बचने के लिए सावधानी बरतने के लिए भी कह रहा है। यह समय अपने विकल्‍पों पर विचार करने, अपने मन की बात सुनने और कोई भी कदम उठाने से पहले फायदे और नुकसान के बारे में सोचने की सलाह दे रहा है।

करियर टैरो रीडिंग में अपराइट नाइन ऑफ वैंड्स कार्ड मिला है जिसका मतलब है कि आपका मुश्किल वक्‍त अब खत्‍म होने वाला है, आप एक लंबी जंग के बाद थका हुआ महसूस कर रहे हैं लेकिन फिर भी अपने उद्देश्‍यों को पाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। इस कार्ड का कहना है कि आपको मुश्किलों को सहने, अपनी व्‍यक्‍तिगत सीमाओं को बनाए रखने एवं उपलब्धि पाने की राह में आने वाली आखिरी अड़चन को पार करने के लिए अपने अनुभव पर भरोसा करना चाहिए।

सेहत में आपको फाइव ऑफ पेंटाकल्‍स रिवर्स्‍ड कार्ड मिला है जो कि पुरानी स्‍वास्‍थ्‍य समस्‍याओं से ठीक होने, अकेलेपन के दूर होने और स्‍वास्‍थ्‍य को लेकर आशावादी बनने का प्रतिनिधित्‍व करता है। इस कार्ड के आने का मतलब है कि आपको यह सोचने से बचना चाहिए कि आपके पास पर्याप्‍त साधन, पैसा, प्‍यार आौर सहयोग नहीं है। इसके बजाय आपको अपने पास उपलब्‍ध संसाधनों और सहायता को पहचानने की जरूरत है। इससे आपके उपचार को बढ़ावा मिलेगा और आपका मानसिक या शारीरिक स्‍वास्थ्‍य बेहतर होगा।

शुभ अक्षर: एन और टी

धनु राशि

प्रेम जीवन: फाइव ऑफ वैंड्स

आर्थिक जीवन: सेवेन ऑफ पेंटाकल्‍स

करियर:थ्री ऑफ पेंटाकल्‍स

स्वास्थ्य: थ्री ऑफ कप्‍स

धनु राशि के लोगों को लव टैरो रीडिंग में फाइव ऑफ वैंड्स कार्ड मिला है जो कि कलह और असहमति की ओर संकेत कर रहा है। इस कार्ड का कहना है कि आपके और आपके पार्टनर के बीच रिश्‍ते में तालमेल बिठाने या ध्‍यान देने के लिए लड़ाई हो सकती है। आप दोनों के बीच कलह या झगड़े के संकेत मिल रहे हैं। यह कार्ड सलाह देता है कि आपको कोई कदम उठाने, विवादों को सुलझाने के लिए तर्कशील होकर बात करने और अड़चनों को बाधा के बजाय विकास के अवसर के रूप में देखना चाहिए।

फाइनेंस में सेवेन ऑफ पेंटाकल्‍स कार्ड का कहना है कि आपको अपनी दृढ़ता, दीर्घकालिक निवेश और धैर्य से लाभ मिल सकता है। यह कार्ड संकेत करता है कि आपको अपने प्रयासों का फल मिलना शुरू हो गया है। अब आप अपनी सफलता का आंकलन कर सकते हैं और भविष्‍य के लिए योजना बना सकते हैं। इस कार्ड का कहना है कि अगर आप चाहते हैं कि आपके प्रयास सफल हों और लंबे समय तक आपको लाभ पहुंचाएं, तो आपको समय-समय पर ध्‍यान देना होगा और सही देखभाल करनी होगी।

करियर के क्षेत्र में आपको थ्री ऑफ पेंटाकल्‍स कार्ड मिला है जो कि आपसी सहयोग, सीखने, भविष्‍य में सफलता पाने के लिए एक ठोस आधार बनाने और टीम के साथ मिलकर काम करने को दर्शाता है। यह कार्ड आपके कौशल के विकसित होने के सं‍केत दे रहा है जो कि किसी प्रशिक्षण से हो सकता है। आपके प्रयासों की सराहना होगी और आपको दूसरों के साथ मिलकर काम करने से आगे बढ़ने का अवसर प्राप्‍त होगा।

आमतौर पर स्‍वास्‍थ्‍य के मामले में थ्री ऑफ कप्‍स कार्ड सामाजिक और सामुदायिक स्‍तर पर ठीक होने को दर्शाता है। इस कार्ड का कहना है कि आपको अपने प्रियजनों से भावनात्‍मक सहयोग लेना चाहिए। बुरी आदतों या लोगों से बचना चाहिए एवं शराब जैसे पदार्थों का संयम से सेवन करना चाहिए क्‍योंकि ये शारीरिक स्‍वास्‍थ्‍य को नुकसान पहुंचा सकते हैं।

शुभ अक्षर: डी और ध

मकर राशि

प्रेम जीवन: फाइव ऑफ कप्‍स

आर्थिक जीवन: ऐट ऑफ स्‍वॉर्ड्स

करियर: जस्टिस

स्वास्थ्य: व्‍हील ऑफ फॉर्च्‍यून

यह कार्ड हानि, दुख और शोक को दर्शाता है। मकर राशि के जातकों की लव लाइफ में फाइव ऑफ कप्‍स कार्ड पिछले ब्रेकअप, रिश्‍ते में विवाद या असंतोष की भावना के संकेत दे रहा है। इस कार्ड का कहना है कि आप सिर्फ उन चीज़ों पर ध्‍यान दे रहे हैं जिन्‍हें आप खो चुके हैं और जो अच्‍छी बातें या सुधार के अवसर मौजूद हैं, उन्‍हें अनदेखा कर रहे हैं।

टैरो साप्‍ताहिक राशिफल के अनुसार अपराइट ऐट ऑफ स्‍वॉर्ड्स कहता है कि आप खुद को काल्‍पनिक सीमाओं या वित्तीय चिंताओं में फंसा हुआ महसूस कर रहे हैं। ऐसा वास्‍तविक परस्थितियों के कारण नहीं बल्कि आपके मन के द्वारा बनाई गई मानसिक रुकावटों की वजह से हो रहा है। यह कार्ड आपको किसी भरोसेमंद सलाहकार से बात करके नया दृष्टिकोण अपनाने या फिर वित्त से संबंधित अपने कार्यों का पुनर्मूल्‍यांकन करने एवं अपनी मानसिक बाधाओं को दूर करने की सलाह दे रहा है।

करियर के क्षेत्र में अपराइट जस्टिस कार्ड कहता है कि आपको निष्‍पक्षता, जिम्‍मेदारी और तटस्‍थ होकर सही निर्णय लेने की जरूरत है। यह कार्ड अक्‍सर तब दिखाई देता है, जब करियर में किसी विवाद या पेशेवर मार्ग का आंकलन किया जा रहा हो। यह कार्ड आपको नैतिक व्‍यवहार करने, अपने कार्यों की जिम्‍मेदारी लेने और करियर में अनुकूल एवं संतुलित परिणाम प्राप्‍त करने के लिए सभी के साथ न्‍यायपूर्ण व्‍यवहार करने की सलाह दे रहा है।

स्‍वास्‍थ्‍य की बात करें, तो व्‍हील ऑफ फॉर्च्‍यून कार्ड सेहत के चक्रीय पहलू को दर्शाता है। कहने का मतलब है कि आपके स्‍वास्‍थ्‍य में बदलाव आ सकता है। यह कार्ड स्‍वास्‍थ्‍य के मामले में एक बड़े बदलाव को दिखा रहा है। इस कार्ड का कहना है कि आपको पुनर्वास या जीवनशैली में बदलाव लाने की आवश्‍यकता है। इसके अनुसार आपको खुद की देखभाल करने को प्राथमिकता देनी चाहिए, स्‍वस्‍थ दिनचर्या अपनानी चाहिए और शारीरिक एवं मानसिक स्‍वास्थ्‍य में होने वाले बदलावों के अनुसार खुद को ढालना चाहिए।

शुभ अक्षर: जे, घ और ख

कुंभ राशि

प्रेम जीवन: टू ऑफ पेंटाकल्‍स

आर्थिक जीवन: टेन ऑफ स्‍वॉर्ड्स

करियर: स्‍ट्रेंथ

स्वास्थ्य: टेन ऑफ वैंड्स

टैरो साप्‍ताहिक राशिफल के अनुसार कुंभ राशि के लोगों को लव लाइफ में टू ऑफ पेंटाकल्‍स कार्ड मिला है जो कि संतुलन की एक नाजुक स्थिति को दर्शाता है। कहने का मतलब है कि यह एक नए रोमांचक संबंध को संभालना हो जिसमें आपका साथी मनोरंजक हो लेकिन शायद पूरी तरह से भरोसेमंद न हो या फिर किसी मजबूत और प्रतिबद्ध रिश्‍ते में बदलती जरूरतों और लक्ष्‍यों के अनुसार आपको खुद को ढालना पड़ सकता है। इस कार्ड का कहना है कि स्थिरता और प्रतिबद्धता लाने के लिए आपको कई विकल्‍पों या रिश्‍तों में से किसी एक को चुनने का फैसला लेना पड़ सकता है।

वित्तीय जीवन में आपको टेन ऑफ स्‍वॉर्ड्स कार्ड मिला है जो कि एक गंभीर आर्थिक संकट को दर्शाता है जैसे कि पैसों की तंगी या निवेश का नुकसान होना। इसके लिए सच्‍चाई का सामना करना और निए सिरे से शुरुआत करना आवश्‍यक है। लेकिन यह एक निष्‍कर्ष को भी दर्शाता है जिसके बाद आगे बढ़ने के लिए एक सही और नई शुरुआत की जरूरत को दिखाता है। यह कार्ड संकेत देता है कि अगर आप किसी आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं, तो अभी आपको थोड़ा और कष्‍ट सहना पड़ सकता है।

करियर रीडिंग में आपको द स्‍ट्रेंथ कार्ड मिला है जो दर्शाता है कि आपके पास अपने कार्यक्षेत्र में आने वाली बाधाओं को पार करने और अपने लक्ष्‍यों को हासिल करने के लिए आंतरिक शक्‍ति, आत्‍मविश्‍वास और लचीलापन मौजूद है। इस कार्ड का कहना है कि अपने कौशल पर भरोसा करने और अपने करियर के मार्ग में साहसिक एवं निर्णायक कदम उठाने के लिए यह सही समय है। शायद आप कोई नई कंपनी शुरू कर सकते हैं या फिर कॉर्पोरेट जगत में आगे बढ़ सकते हैं।

हेल्‍थ रीडिंग में आपको टेन ऑफ वैंड्स कार्ड मिला है जिसके अनुसार आप बहुत ज्‍यादा काम के बोझ तले दबे हुए हैं जिससे आपको थकान और स्‍वास्‍थ्‍य समस्‍याएं होने का डर है। तनाव, मानसिक या शारीरिक समस्‍या से बचने के लिए आपको खुद की देखभाल करनी चाहिए, कुछ सीमाएं तय करनी चाहिए, काम को बांटना चाहिए और दूसरों की मदद लेनी चाहिए। यह कार्ड दर्शाता है कि मानसिक और शारीरिक रूप से स्‍वस्‍थ रहने के लिए आराम करना, खुश रहना और एक अच्‍छी दिनचर्या अपनाना कितना जरूरी है।

शुभ अक्षर: स और श

आपकी कुंडली में भी है राजयोग? जानिए अपनी  राजयोग रिपोर्ट

मीन राशि

प्रेम जीवन: टू ऑफ कप्‍स

आर्थिक जीवन: ऐट ऑफ स्‍वॉर्ड्स (रिवर्स्‍ड)

करियर: सिक्‍स ऑफ वैंड्स

स्वास्थ्य: सेवेन ऑफ स्‍वॉर्ड्स (रिवर्स्‍ड)

टैरो साप्‍ताहिक राशिफल के अनुसार मीन राशि के लोगों को प्रेम जीवन में टू ऑफ कप्‍स कार्ड मिला है जिसका कहना है कि आपके रिश्‍ते में आपसी सम्‍मान और समझ होगी। इसके साथ ही आपका और आपके पार्टनर का रिश्‍ता बहुत गहरा होगा जो कि एक उत्‍साही प्रेम या रिश्‍ते में संतुलन का आधार होता है। इस कार्ड का कहना है कि आपका रिश्‍ता सामंजस्‍यपूर्ण रहेगा और उसमें आकर्षण एवं भावनात्‍मक जुड़ाव देखने को मिलेगा। यह कार्ड एक ऐसे रिश्‍ते को दर्शाता है जिसमें तालमेल एवं एकता हो और जहां दोनों पार्टनर एक-दूसरे से खुलकर बात कर सकें।

फाइनेंशियल टैरो रीडिंग दर्शाता है कि ऐट ऑफ स्‍वॉर्ड्स आप अपने सवालों का जवाब पाने और एक सुरक्षित भविष्‍य के लिए आप अपनी स्थिति पर नियंत्रण ले रहे हैं। इसके साथ ही आप अपनी चिंता और अपने द्वारा लगाए गए वित्तीय प्रतिबंधों को पार कर रहे हैं। अपनी चिंताओं को अपने फैसलों से अलग कर के, आप सही वित्तीय निर्णय लेने में सक्षम हो सकते हैं।

करियर के क्षेत्र में मीन राशि के लोगों को सिक्‍स ऑफ वैंड्स कार्ड मिला है जो कि सफलता, काम को पहचान मिलने और प्रयासों के सफल होने को दर्शाता है। आपके सहकर्मी और वरिष्‍ठ अधिकारी आपकी प्रतिबद्धता को पहचान सकते हैं और इससे आपको प्रमोशन, वेतन में वृद्धि या नए अवसर मिलने की संभावना है। यह कार्ड शत्रुओं को हराने और विवादों को सुलझाने के बाद जीत का प्रतीक है जिससे आप आत्‍मविश्‍वास और करियर में संतुष्टि की ओर जा सकते हैं।

हेल्‍थ रीडिंग में सेवेन ऑफ स्‍वॉर्ड्स कार्ड का मतलब है कि आपको अपने शरीर से मिल रहे संकेतों को ध्‍यान से सुनना चाहिए, चिकित्‍सकीय मार्गदर्शन के लिए सलाह लेनी चाहिए और उन सभी चेतावनी भरे संकेतों पर ध्‍यान देना चाहिए जो आपसे छूट गए हैं। इस कार्ड का कहना है कि आप स्‍वास्‍थ्‍य से संबंधित किसी योजना में असफल हो सकते हैं या स्‍वास्‍थ्‍य समस्‍याओं से बचने या उनसे भागने की कोशिश कर सकते हैं।

शुभ अक्षर: आई और डी

सभी ज्योतिषीय समाधानों के लिए क्लिक करें: एस्ट्रोसेज एआई ऑनलाइन शॉपिंग स्टोर

इसी आशा के साथ कि, आपको यह लेख भी पसंद आया होगा एस्ट्रोसेज के साथ बने रहने के लिए हम आपका बहुत-बहुत धन्यवाद करते हैं।

अक्‍सर पूछे जाने वाले प्रश्‍न

प्रश्‍न 1. क्‍या सेवेन ऑफ स्‍वॉर्ड्स एक सकारात्‍मक कार्ड है?

उत्तर. नहीं, यह नकारात्‍मक कार्ड है।

प्रश्‍न 2. भविष्‍यवाणी करने के लिए क्‍या टैरो एक अच्‍छा उपकरण है?

उत्तर. भविष्‍य की गणना करने के बजाय यह घटना के आसपास की ऊर्जा को पढ़ने के लिए ज्‍यादा अच्‍छा है।

प्रश्‍न 3. क्‍या टैरो भारत में लोकप्रिय है?

उत्तर. हां, पिछले कुछ सालों में टैरो की भारत में लोकप्रियता बहुत बढ़ी है।

मंगल का वृश्चिक राशि में गोचर: देश-दुनिया और सभी राशियों को कैसे करेगा प्रभावित? जानें!

मंगल का वृश्चिक राशि में गोचर: देश-दुनिया और सभी राशियों को कैसे करेगा प्रभावित? जानें!

मंगल का वृश्चिक राशि में गोचर: एस्ट्रोसेज एआई की हमेशा से यही पहल रही है कि आप ग्रहों-नक्षत्रों की चाल और दशा में होने वाले हर बदलाव के बारे में सबसे पहले जान सकें। बता दें कि मंगल देव को ज्योतिष शास्त्र में महत्वपूर्ण स्थान प्राप्त है और इन्हें नौ ग्रहों के सेनापति माना गया है। मंगल को लाल ग्रह और युद्ध के देवता के नाम से भी जाना जाता है।

प्रत्येक व्यक्ति के जीवन में मंगल ग्रह महत्वपूर्ण भूमिका अदा करते हैं क्योंकि इनका संबंध पराक्रम, जुनून और मनोकामनाओं आदि से है। ऐसे में, मंगल देव की स्थिति और राशि में होने वाला परिवर्तन विशेष महत्व रखता है जो अब जल्द ही वृश्चिक राशि में गोचर करने जा रहे हैं।

इसी क्रम में, एस्ट्रोसेज एआई “मंगल का वृश्चिक राशि में गोचर” आपके लिए ख़ासतौर पर लेकर आया है, जिसके अंतर्गत आपको मंगल गोचर से जुड़ी समस्त जानकारी प्राप्त होगी। साथ ही, मंगल का यह गोचर सभी 12 राशियों को किस तरह के परिणाम देगा? किन जातकों को मिलेगा इस दौरान भाग्य का साथ और किन्हें करना होगा मुश्किलों का सामना? मंगल गोचर संसार के लिए शुभ या अशुभ कैसा रहेगा? इन सभी सवालों का जवाब पाने के लिए आपको यह लेख अंत तक पढ़ना होगा, इसलिए चलिए अब हम आगे बढ़ते हैं और शुरुआत करते हैं मंगल गोचर के इस विशेष लेख की। 

दुनियाभर के विद्वान ज्योतिषियों से करें कॉल/चैट पर बात और जानें अपने संतान के भविष्य से जुड़ी हर जानकारी

मंगल का वृश्चिक राशि में गोचर: तिथि और समय 

पराक्रम और साहस के ग्रह के नाम से विख्यात मंगल देव को उग्र स्वभाव का ग्रह माना जाता है जो तकरीबन 45 दिनों तक एक राशि में रहते हैं। सरल शब्दों में कहें तो, यह लगभग डेढ़ महीने एक राशि में रहने के बाद दूसरी राशि में गोचर कर जाते है। ऐसे में, अब यह 27 अक्टूबर 2025 की दोपहर 02 बजकर 43 मिनट पर वृश्चिक राशि में गोचर करने जा रहे हैं।

शायद ही आप जानते होंगे कि मंगल के इस गोचर को काफ़ी हद तक अनुकूल कहा जाएगा क्योंकि वृश्चिक राशि के स्वामी मंगल ही हैं अर्थात इनका यह गोचर अपनी ही राशि में होने जा रहा है। इस प्रकार, मंगल ग्रह कुछ राशियों को शुभ परिणाम दे सकते हैं। अब हम बात कर लेते हैं इस राशि में होने वाली युतियों की। 

बृहत् कुंडली में छिपा है, आपके जीवन का सारा राज, जानें ग्रहों की चाल का पूरा लेखा-जोखा

वृश्चिक राशि में मंगल-बुध करेंगे युति 

लाल ग्रह के नाम से प्रसिद्ध मंगल ग्रह 27 अक्टूबर को वृश्चिक राशि में गोचर कर जाएंगे, जो कि इनकी खुद की राशि है। जब मंगल ग्रह वृश्चिक राशि में प्रवेश करेंगे, तब वहां पहले से बुद्धि, वाणी, व्यापार और संचार कौशल के ग्रह बुध देव बैठे होंगे। ऐसे में, वृश्चिक राशि में बुध ग्रह और मंगल देव युति का निर्माण करेंगे, जिसे एक अशुभ स्थिति कहा जाएगा, क्योंकि यह दोनों ग्रह एक-दूसरे के प्रति शत्रुता का भाव रखते हैं।

बता दें कि यह दोनों ग्रह इस राशि में लगभग एक माह तक साथ रहेंगे और इसके परिणामस्वरूप, संसार में तनाव बढ़ सकता है और लोगों के बीच वाद-विवाद एवं मतभेद बढ़ने की आशंका है, इसलिए इस दौरान आपको सावधान रहने की सलाह दी जाती है। 

अब हम आपको रूबरू करवाते हैं मंगल ग्रह के धार्मिक और ज्योतिषीय महत्व से।

मंगल ग्रह का ज्योतिषीय महत्व 

वैदिक ज्योतिष में मंगल को पुरुष स्वभाव का उग्र ग्रह माना गया है, जिन्हें युद्ध के देवता भी कहा जाता है। यह सभी ग्रहों में अत्यंत शक्तिशाली हैं जो मनुष्य जीवन में सेना, ऊर्जा, भाई, पराक्रम, साहस, शक्ति और भूमि आदि क्षेत्रों को भी नियंत्रित करते हैं। वहीं, किसी व्यक्ति के भीतर मंगल देव  जुनून, प्रेरणा और दृढ़ संकल्प का प्रतिनिधित्व करते हैं।

इसके अलावा, कोई इंसान अपने जीवन में लक्ष्यों को कैसे हासिल करता है और अपने कार्यों को किस तरह से पूरा करता है? आप शारीरिक रूप से कितने ऊर्जावान हैं? इसका अंदाज़ा भी कुंडली में मंगल ग्रह की स्थिति को देखकर पता लगाया जा सकता है। 

बात करें मंगल ग्रह की, तो राशि चक्र में मंगल महाराज को पहली राशि मेष और आठवीं राशि वृश्चिक पर आधिपत्य प्राप्त है। मंगल देव मकर राशि में उच्च के होते हैं जबकि कर्क राशि में यह नीच अवस्था में होते हैं। बात करें नक्षत्रों की, तो  इन्हें 27 नक्षत्रों मे चित्रा, धनिष्ठा और मृगशिरा  नक्षत्र के अधिपति देव हैं।

दूसरी तरफ़, मंगल ग्रह के प्रभाव से जातक के भीतर ऊर्जा में वृद्धि होती है और इनकी कृपा से इंसान अपने कार्यों को पूरी क्षमता और समर्पण के साथ करता है। जिन लोगों की कुंडली में मंगल की स्थिति शुभ और बलवान होती है, वह साहसी,  निडर और बहादुर होते हैं। साथ ही, वह अपने शत्रुओं पर विजय प्राप्त करने में सक्षम होते हैं। हालांकि, कुंडली में मंगल की गलत भावों में उपस्थिति मंगल दोष को जन्म देती है। 

करियर की हो रही है टेंशन! अभी ऑर्डर करें कॉग्निएस्ट्रो रिपोर्ट 

धार्मिक दृष्टि से मंगल देव 

ज्योतिष के साथ-साथ मंगल ग्रह का अपना धार्मिक महत्व भी है। बता दें कि सनातन धर्म में मंगल देव के नाम का अर्थ ‘पवित्र और शुभ’ से होता है। इन्हें सप्ताह के सात दिनों में मंगलवार का दिन समर्पित होता है इसलिए इस दिन नए काम का आरंभ करना बेहद शुभ माना जाता है। शायद ही आप जानते होंगे कि मंगल ग्रह के नाम पर ही मंगलवार का नाम पड़ा है जिसका अर्थ कुशल होता है। 

धार्मिक दृष्टि से, भगवान राम के परम भक्त हनुमान जी से भी मंगल देव संबंधित हैं। मान्यता है कि अगर किसी से मंगल कुपित होते हैं और नकारात्मक परिणाम देते हैं, तो मंगलवार के दिन हनुमान जी की पूजा से वह प्रसन्न हो जाते हैं। पौराणिक कथाओं में मंगल को पृथ्वी का पुत्र कहा गया है इसलिए इन्हें भौम पुत्र भी कहा जाता है। चलिए अब हम आपको अवगत करवाते हैं मंगल ग्रह की जन्म कथा से। 

मंगल देव के जन्म की कथा 

धार्मिक ग्रंथों में वर्णित कथा के अनुसार, प्राचीन समय में भगवान शिव का युद्ध अंधकासुर नामक असुर से हो रहा था और इस युद्ध के दौरान शिव जी के मस्तक से पसीने की कुछ बूँद भूमि पर जा गिरी। धरती पर पसीने की इन बूंदों के गिरने से भूमि के गर्भ से एक अंगार क्षीण लिंग अवतरित हुआ और उसमें से एक बालक प्रकट हुआ। इस बालक के द्वारा ही अंधकासुर का वध हुआ और इसके पश्चात, महादेव के आशीर्वाद से यह बालक अंतरिक्ष में ग्रह के रूप में स्थापित हुआ, जिसे मंगल ग्रह के नाम से जाना गया।

 चलिए अब हम आपको रूबरू करवाते हैं मंगल ग्रह के अशुभ प्रभावों से। 

विद्वान ज्योतिषियों से प्रश्न पूछें और पाएं हर समस्या का समाधान

कुंडली में मंगल कमज़ोर होने के 9 संकेत 

आत्मविश्वास में कमी  

कुंडली में मंगल ग्रह की कमज़ोर अवस्था होने पर जातकों में आत्मविश्वास की कमी दिखाई देती है। इन लोगों को फैसले लेने में समस्या होती है और मन में एक तरह का डर बना रहता है। 

विवाह में देरी  

जातकों की कुंडली में मंगल दोष होने पर विवाह में देरी या फिर समस्याओं का सामना करना पड़ता है। 

वैवाहिक जीवन में अशांति

दुर्बल मंगल का प्रभाव नकारात्मक रूप से आपके वैवाहिक जीवन को प्रभावित करता है और ऐसे में, व्यक्ति को जीवनसाथी के साथ तनाव और मतभेद से जूझना पड़ता है। 

क्रोध का बढ़ना 

अगर आपका मंगल पीड़ित या दुर्बल अवस्था में होता है, तो आपके भीतर गुस्से में बढ़ोतरी होती है। इन्हें छोटी-छोटी बातों पर गुस्सा आने लगता है। 

कार्यक्षेत्र में परेशानी

यदि मंगल ग्रह आपसे अप्रसन्न होते हैं, तो इसका दुष्प्रभाव आपके करियर को भी प्रभावित करता है। ऐसे में, कार्यक्षेत्र में आपका सहकर्मियों से विवाद हो सकता है और मेहनत का फल भी देर से मिलता है। 

दुर्घटनाएं होना 

 जिन लोगों को बार-बार चोट लग रही है या बार-बार उनका एक्सीडेंट हो रहा है, तो इसे भी मंगल ग्रह के कमज़ोर होने का संकेत माना जाता है। 

आक्रामक या डरपोक होना

ऐसे जातक जिनका मंगल ग्रह अशुभ होता है, तो वह इनके प्रभाव से या तो अत्यधिक आक्रामक हो सकते हैं या फिर पूरी तरह से डरपोक बन सकते हैं। 

रक्तचाप की समस्या 

मंगल के पीड़ित होने पर व्यक्ति को ब्लड प्रेशर या खून से जुड़ी समस्याओं की शिकायत रहती  हैं।  

मतभेदों में वृद्धि 

अशुभ मंगल की वजह से परिवार या समाज में लड़ाई-झगड़े की स्थिति बनने लगती है। साथ ही, आप कानूनी विवादों में भी फंस सकते हैं। 

कुंडली में मंगल ग्रह नकारात्मक स्थिति में होने पर आप नीचे दिए गए उपायों को आज़मा सकते हैं। 

पाएं अपनी कुंडली आधारित सटीक शनि रिपोर्ट

मंगल का वृश्चिक राशि में गोचर: सरल एवं अचूक उपाय 

मंगलवार को हनुमान जी को लगाएं आम का भोग 

मान्यताओं के अनुसार, जब हनुमान जी लंका गए थे, तो वहां पर अशोक वाटिका में उन्होंने आम का फल खाया था, जो उन्हें बहुत अच्छा लगा था। साथ ही, वह श्रीराम के लिए भी आम लेकर आए थे। ऐसे में, कुंडली में मंगल ग्रह को प्रसन्न करने के लिए हनुमान जी को मंगलवार के दिन आम का भोग लगाएं और इस दिन स्वयं भी आम का सेवन करें। 

मंगलवार को करें इन मंत्रों का जाप 

मंगलवार के दिन मंगल ग्रह की कृपा पाने के लिए “ॐ क्रां क्रीं क्रौं सः भौमाय नमः” मंत्र का जाप 108 बार करें। इस मंत्र का जाप करने के लिए सबसे पहले आप अपने घर के मंदिर में हनुमान जी की मूर्ति या तस्वीर स्थापित करें और उसके सामने तिल के तिल का दीपक जलाएं, फिर लाल आसन पर बैठकर मंत्र का जाप करें। 

मंगल का वृश्चिक राशि में गोचर पर करें केले का दान 

कुंडली में मंगल देव को मजबूत करने के लिए मंगलवार के दिन केले का दान करना बहुत शुभ माना जाता है। साथ ही, इस दिन हनुमानजी के मंदिर में जाकर घी का एक दीपक जलाएं और हनुमान जी को केले अर्पित करें। संभव हो, तो लोगों को भी केले बांटे। 

मंगल का वृश्चिक राशि में गोचर पर करें हनुमान चालीसा का पाठ

अगर आप मंगल ग्रह को बलवान करना चाहते हैं, तो मंगलवार के दिन नियमित रूप से हनुमान चालीसा का पाठ करें। इस दिन हनुमान चालीसा का पाठ करने से पूर्व एक तांबे के लोटे में जल भरें और घी का दीपक जलाएं। इसके पश्चात, हनुमान चालीसा का पाठ करें।

मंगलवार को व्रत करें

मंगल देव से शुभ परिणाम पाने के लिए मंगलवार का व्रत करना फलदायी माना जाता है। इस उपाय को करने से मांगलिक दोष का प्रभाव कम हो जाता है। मंगलवार का व्रत करने वाले जातक को तामसिक भोजन का सेवन करने से बचना चाहिए। मंगल ग्रह को बलवान करने के लिए कम से कम 21 या 45 मंगलवार का व्रत अवश्य करें। 

मंगल का वृश्चिक राशि में गोचर: राशि अनुसार प्रभाव और उपाय 

मेष राशि

मंगल आपकी कुंडली में लग्न या राशि के स्वामी ग्रह होने के साथ-साथ… (विस्तार से पढ़ें) 

वृषभ राशि

मंगल आपकी कुंडली में सप्तम भाव का स्वामी होने के साथ-साथ द्वादश… (विस्तार से पढ़ें)

मिथुन राशि

मंगल आपकी कुंडली में छठे तथा लाभ भाव का स्वामी ग्रह होता है और वृश्चिक… (विस्तार से पढ़ें)

कर्क राशि

मंगल आपकी कुंडली में पंचम तथा दशम भाव के स्वामी होते हैं और गोचर… (विस्तार से पढ़ें)

सिंह राशि

मंगल आपकी कुंडली में चौथे तथा भाग्य भाव के स्वामी होते हैं। अर्थात इस कुंडली में… (विस्तार से पढ़ें) 

कन्या राशि

मंगल आपकी कुंडली में तीसरे तथा आठवें भाव के स्वामी होते हैं और मंगल का… (विस्तार से पढ़ें)

तुला राशि

मंगल आपकी कुंडली में दूसरे तथा सातवें भाव के स्वामी होते हैं और मंगल का… (विस्तार से पढ़ें) 

वृश्चिक राशि 

मंगल आपकी कुंडली में पहले तथा छठे भाव के स्वामी ग्रह होते हैं और मंगल का वृश्चिक…(विस्तार से पढ़ें) 

धनु राशि 

मंगल आपकी कुंडली में पंचम तथा द्वादश भाव के स्वामी होते हैं और मंगल का… (विस्तार से पढ़ें)

मकर राशि

मंगल आपकी कुंडली में चौथे तथा लाभ भाव के स्वामी होते हैं और मंगल का वृश्चिक… (विस्तार से पढ़ें)

कुंभ राशि

मंगल आपकी कुंडली में तीसरे तथा दशम भाव के स्वामी होते हैं और मंगल… (विस्तार से पढ़ें)

मीन राशि

मंगल आपकी कुंडली में दूसरे तथा भाग्य भाग के स्वामी होते हैं और मंगल… (विस्तार से पढ़ें)

सभी ज्योतिषीय समाधानों के लिए क्लिक करें: एस्ट्रोसेज एआई ऑनलाइन शॉपिंग स्टोर

इसी आशा के साथ कि, आपको यह लेख भी पसंद आया होगा एस्ट्रोसेज के साथ बने रहने के लिए हम आपका बहुत-बहुत धन्यवाद करते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मंगल का वृश्चिक राशि में गोचर कब होगा?

मंगल देव 27 अक्टूबर 2025 को वृश्चिक राशि में प्रवेश कर जाएंगे। 

वृश्चिक राशि का स्वामी कौन है?

राशि चक्र की आठवीं राशि वृश्चिक के अधिपति देव मंगल ग्रह हैं। 

वृश्चिक राशि में मंगल ग्रह कितने दिन रहेंगे?

मंगल देव हर राशि में लगभग 45 दिनों तक रहते हैं और उसके बाद दूसरी राशि में प्रवेश कर लेते हैं।

अंक ज्योतिष साप्ताहिक राशिफल: 26 अक्टूबर से 01 नवंबर, 2025

अंक ज्योतिष साप्ताहिक राशिफल: 26 अक्टूबर से 01 नवंबर, 2025

कैसे जानें अपना मुख्य अंक (मूलांक)? 

अंक ज्योतिष साप्ताहिक भविष्यफल जानने के लिए अंक ज्योतिष मूलांक का बड़ा महत्व है। मूलांक जातक के जीवन का महत्वपूर्ण अंक माना गया है। आपका जन्म महीने की किसी भी तारीख़ को होता है, उसको इकाई के अंक में बदलने के बाद जो अंक प्राप्त होता है, वह आपका मूलांक कहलाता है। मूलांक 1 से 9 अंक के बीच कोई भी हो सकता है, उदाहरणस्वरूप- आपका जन्म किसी महीने की 10 तारीख़ को हुआ है तो आपका मूलांक 1+0 यानी 1 होगा। 

इसी प्रकार किसी भी महीने की 1 तारीख़ से लेकर 31 तारीख़ तक जन्मे लोगों के लिए 1 से 9 तक के मूलांकों की गणना की जाती है। इस प्रकार सभी जातक अपना मूलांक जानकर उसके आधार पर साप्ताहिक राशिफल जान सकते हैं।

दुनियाभर के विद्वान अंक ज्योतिषियों से करें फ़ोन पर बात और जानें करियर संबंधित सारी जानकारी

अपनी जन्मतिथि से जानें साप्ताहिक अंक राशिफल (26 अक्टूबर से 01 नवंबर, 2025)

अंक ज्योतिष का हमारे जीवन पर सीधा प्रभाव पड़ता है क्योंकि सभी अंकों का हमारे जन्म की तारीख़ से संबंध होता है। नीचे दिए गए लेख में हमने बताया है कि हर व्यक्ति की जन्म तिथि के हिसाब से उसका एक मूलांक निर्धारित होता है और ये सभी अंक अलग-अलग ग्रहों द्वारा शासित होते हैं। 

जैसे कि मूलांक 1 पर सूर्य देव का आधिपत्य है। चंद्रमा मूलांक 2 का स्वामी है। अंक 3 को देव गुरु बृहस्पति का स्वामित्व प्राप्त है, राहु अंक 4 का राजा है। अंक 5 बुध ग्रह के अधीन है। 6 अंक के राजा शुक्र देव हैं और 7 का अंक केतु ग्रह का है। शनिदेव को अंक 8 का स्वामी माना गया है। अंक 9 मंगल देव का अंक है और इन्हीं ग्रहों के परिवर्तन से जातक के जीवन में अनेक तरह के परिवर्तन होते हैं।

 बृहत् कुंडली में छिपा है, आपके जीवन का सारा राज, जानें ग्रहों की चाल का पूरा लेखा-जोखा

मूलांक 1

(अगर आपका जन्म किसी भी महीने की 1, 10, 19, 28 तारीख़ को हुआ है)

मूलांक 1 के जातक इस सप्ताह निडर और साहसी बने रहेंगे। लेकिन, आपको अपनी गतिविधियों और वाणी को लेकर सावधानी बरतनी होगी कि आपका कोई भी कदम या मुंह से निकले शब्द दूसरों को ठेस न पहुंचाएं या फिर किसी को अपमानित महसूस न करवाएं। ऐसे में, लोग आपको अहंकारी समझ सकते हैं।      

प्रेम जीवन: प्रेम जीवन की बात करें तो, मूलांक 1 वालों को इस सप्ताह साथी के साथ अपने रिश्ते पर ध्यान देना होगा। साथ ही, आपके लिए पार्टनर के साथ विवाद या बहस में पड़ने से बचना सबसे अच्छा रहेगा। ऐसे में, आप दोनों को खुद को शांत रखने के लिए ध्यान करने की सलाह दी जाती है क्योंकि आप जीवनसाथी के साथ बहस में पड़ सकते हैं।

शिक्षा: इस मूलांक के जो छात्र इंजीनियरिंग के कोर्स में एडमिशन लेने की तैयारी कर रहे हैं या फिर इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहे हैं, उनके लिए यह सप्ताह अच्छा रहेगा। 

पेशेवर जीवन: मूलांक 1 वाले इस हफ़्ते पेशेवर जीवन में अपनी टीम के सदस्यों और सहकर्मियों का नेतृत्व करने में सक्षम होंगे। बता दें कि आप एक बहुत अच्छे टीम लीडर साबित होंगे और इसके परिणामस्वरूप, आपके द्वारा कार्यों में किए जा रहे प्रयासों से आपको सराहना की प्राप्ति होगी। साथ ही, आपके मान-सम्मान में भी वृद्धि होगी।  

स्वास्थ्य: स्वास्थ्य की दृष्टि से, यह जातक इस सप्ताह उत्साह, साहस और ऊर्जा से भरे रहेंगे। हालांकि, इस अवधि में आपके भीतर ऊर्जा का स्तर अधिक होने के कारण आप कुछ फैसले तुरंत लेते हुए दिखाई दे सकते हैं। ऐसे में, आपको अपनी ऊर्जा को नियंत्रित करना होगा ताकि आप बिना किसी परेशानी के आगे बढ़ सकें। 

उपाय: विनम्र होने का प्रयास करें, विशेष रूप से नौकरों और आपके लिए काम करने वालों के साथ। 

मूलांक 2

(अगर आपका जन्म किसी भी महीने की 2, 11, 20, 29 तारीख़ को हुआ है)

मूलांक 2 के जातकों को इस सप्ताह भावनात्मक उतार-चढ़ाव का सामना करना पड़ सकता है जिसकी वजह कंफ्यूज़न और विचारों में स्पष्टता की कमी हो सकती है। ऐसे में, आपको दूसरों से बात करने में समस्या का अनुभव हो सकता है इसलिए आपको मानसिक स्पष्टता के लिए ध्यान करने और आध्यात्मिक मार्गदर्शन लेने की सलाह दी जाती है।

प्रेम जीवन: जब बात आती है प्रेम जीवन की तो, मूलांक 2 के जातकों को इस सप्ताह जीवनसाथी के साथ रिश्ते में गलतफहमी पैदा होने से रोकने और अपने रिश्ते को मज़बूत बनाने के लिए पार्टनर से भावनात्मक सहयोग की आवश्यकता पड़ेगी। 

शिक्षा: बात करें शिक्षा की तो, मूलांक 2 वालों को इस सप्ताह पढ़ाई में एकाग्रता को बनाए रखने के लिए काफ़ी मेहनत करनी पड़ सकती है जिसकी वजह भावनात्मक समस्याएं हो सकती हैं। ऐसे में, इन समस्याओं की वजह से आपका ध्यान पढ़ाई से भटक सकता है। 

पेशेवर जीवन: पेशेवर जीवन को देखें तो, इस हफ़्ते कार्यक्षेत्र में आपको काफ़ी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। साथ ही, आपको कार्यों में अपने वरिष्ठों और सहकर्मियों का भी पर्याप्त मार्गदर्शन न मिलने की आशंका है इसलिए इस अवधि में आपको खुद को शांत रखना होगा और किसी भी तरह के विवाद में पड़ने से स्वयं को बचाना होगा।

स्वास्थ्य: स्वास्थ्य के लिहाज़ से, यह सप्ताह मूलांक 2 वालों के लिए ज्यादा अच्छा नहीं कहा जा सकता है। ऐसे में, आपको हद से ज्यादा सोचने और खुद पर बोझ डालने से बचना होगा क्योंकि मानसिक तनाव की वजह से आपको स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।   

उपाय: शिवलिंग पर दूध चढ़ाएं, विशेष रूप से सोमवार के दिन।  

करियर की हो रही है टेंशन! अभी ऑर्डर करें कॉग्निएस्ट्रो रिपोर्ट

मूलांक 3

(अगर आपका जन्म किसी भी महीने की 3, 12, 21, 30 तारीख़ को हुआ है)

मूलांक 3 के जातक अगर आध्यात्मिक प्रवृति के इंसान हैं, तो यह सप्ताह आपके लिए बहुत फलदायी रहेगा। इस अवधि में आप अध्यात्म के प्रति लगाव को अगले स्तर पर ले जा सकेंगे। साथ ही, ध्यान को भी समय दे पाएंगे। ऐसे में, आप आध्यात्मिक रूप से प्रगति प्राप्त कर सकेंगे। 

प्रेम जीवन: प्रेम जीवन को देखें तो, मूलांक 3 के शादीशुदा जातक इस सप्ताह अपने पार्टनर के साथ किसी तीर्थस्थल की यात्रा पर जा सकते हैं या फिर घर-परिवार में होने वाले धार्मिक कार्यों जैसे कि हवन या सत्यनारायण की कथा आदि में हिस्सा लेते हुए दिखाई दे सकते हैं। 

शिक्षा: इस हफ़्ते मूलांक 3 के जो छात्र रिसर्च, हिस्ट्री या पुरातन साहित्य में पीएचडी की पढ़ाई कर रहे हैं, उनके लिए यह अवधि शानदार रहेगी। इन जातकों की रुचि गूढ़ विज्ञान और ज्योतिष में बढ़ सकती है।

पेशेवर जीवन: इस मूलांक के जो जातक टीचर, मेंटर, धर्मगुरु या मोटिवेशनल स्पीकर के तौर पर काम कर रहे हैं, उनके लिए यह सप्ताह बहुत अच्छा रहेगा क्योंकि इस अवधि में आप दूसरों की मदद करने में सक्षम होंगे।

स्वास्थ्य: स्वास्थ्य की दृष्टि से, यह सप्ताह आपके लिए शानदार रहेगा। इस दौरान आपको सात्विक भोजन और योग एवं ध्यान करने की सलाह दी जाती है। ऐसा करने से आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता मज़बूत होगी और आप शारीरिक रूप से भी मज़बूत बन सकेंगे। 

उपाय: संभव हो, तो विद्या दान करें। 

मूलांक 4

(अगर आपका जन्म किसी भी महीने की 4, 13, 22, 31 तारीख़ को हुआ है)

मूलांक 4 के जातक इस सप्ताह थोड़े नर्वस और शांत दिखाई दे सकते हैं। साथ ही, छोटी-मोटी बातों को लेकर भी उलझन में रह सकते हैं। इस दौरान आप जीवन में चल रही समस्याओं का पता लगाने में सक्षम होंगे। संभव है कि आप इस अवधि में डिप्रेशन का शिकार हो सकते हैं।

प्रेम जीवन: इस सप्ताह मूलांक 4 के जातक भावनात्मक उतार-चढ़ावों और समस्याओं की वजह से अपने साथी को नज़रअंदाज़ कर सकते हैं या फिर उनको अपमानित महसूस करवा सकते हैं। ऐसे में, आप दोनों के बीच विवाद जन्म ले सकते हैं इसलिए आपको इस अवधि में अपने रिश्ते को प्राथमिकता देने की सलाह दी जाती है। 

शिक्षा: शिक्षा की बात करें तो, यह सप्ताह आपके लिए थोड़ा चुनौतीपूर्ण रह सकता है। ऐसे में, आपको अपनी पढ़ाई के तरीकों को दूसरों को समझने में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है इसलिए आपको दूसरों पर ध्यान न देते हुए अपनी पढ़ाई पर ध्यान देने की सलाह दी जाती है।

पेशेवर जीवन: मूलांक 4 के जो जातक एमएनसी में काम करते हैं या फिर एक्सपोर्ट-इम्पोर्ट से जुड़े हैं, उनके लिए यह सप्ताह काफ़ी अच्छा रहेगा।

स्वास्थ्य: स्वास्थ्य की बात करें तो, मूलांक 4 के जातकों को इस सप्ताह कोई समस्या परेशान नहीं करेगी। लेकिन, फिर भी आपको किसी भी बात को लेकर ज्यादा सोचने से बचने की सलाह दी जाती है, अन्यथा इसका नकारात्मक असर आपके स्वास्थ्य पर पड़ सकता है।

उपाय: ईमानदार बनें, सच बोलें और किसी के साथ छलकपट करने से बचें। 

अब घर बैठे विशेषज्ञ पुरोहित  से कराएं इच्छानुसार ऑनलाइन पूजा और पाएं उत्तम परिणाम!  

मूलांक 5

(अगर आपका जन्म किसी भी महीने की 5, 14, 23 तारीख़ को हुआ है)

मूलांक 5 के तहत पैदा होने वाले जातकों को इस सप्ताह संचार कौशल से जुड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। आप इस अवधि में दूसरों से बेहद ईमानदारी और स्पष्ट तरीके से बात करेंगे। साथ ही, आप कूटनीतिक हो सकते हैं इसलिए आपको अपने शब्दों पर नज़र बनाए रखनी होगी।

प्रेम जीवन: यह अवधि मूलांक 5 के उन जातकों की परीक्षा लेने का काम कर सकती है जो हाल-फिलहाल में नए रिश्ते में आए हैं। ऐसे में, अगर आप एक-दूसरे से वास्तव में प्रेम करते हैं, तो आपका रिश्ता बना रहेगा, वरना आप दोनों ब्रेकअप की राह पर आगे बढ़ सकते हैं।

शिक्षा: बात करें शिक्षा की तो, यह सप्ताह फाइनेंस और स्टेटिस्टिक्स की पढ़ाई करने वाले मूलांक 5 के छात्रों के लिए सामान्य रहेगा। लेकिन, अगर आप कम्युनिकेशन जैसे विषयों की पढ़ाई कर रहे हैं, तो आपको अपने विचार दूसरे के सामने रखने में परेशानी का अनुभव हो सकता है।

पेशेवर जीवन: करियर की दृष्टि से, यह सप्ताह स्थिर रहेगा, लेकिन अगर आप नौकरी या शिफ्ट में बदलाव करने की सोच रहे हैं, तो अभी के लिए आप अपनी इस योजना को टाल सकते हैं।       

स्वास्थ्य: स्वास्थ्य को देखें तो, इस सप्ताह आपको स्वास्थ्य से जुड़ी कुछ समस्याएं परेशान कर सकती हैं जैसे कि स्किन और एलर्जी आदि से संबंधित रोग। वहीं, महिलाओं को मेनोपॉज और हार्मोन से संबंधित रोग परेशान कर सकते हैं। 

उपाय: गरीब एवं जरूरतमंदों की आर्थिक सहायता करें। 

आपकी कुंडली में भी है राजयोग? जानिए अपनी  राजयोग रिपोर्ट

मूलांक 6

(अगर आपका जन्म किसी भी महीने की 6, 15, 24 तारीख़ को हुआ है)

मूलांक 6 के जातकों का झुकाव इस सप्ताह सेवा के कार्यों में हो सकता है और ऐसे में, आप दूसरों की मदद करते हुए नज़र आ सकते हैं। अगर आप एनजीओ या ह्यूमन वेलफेयर से जुड़े किसी ग्रुप में शामिल हैं, तो आप दुनिया को बेहतर बनाने के लिए कड़ी मेहनत करेंगे। 

प्रेम जीवन: जब बात आती है प्रेम जीवन की तो, मूलांक 6 के जातकों को पिछले सप्ताह की तरह ही इस सप्ताह भी अपने साथी की भावनात्मक और मानसिक जरूरतों पर ध्यान देना होगा क्योंकि इन्हें नज़रअंदाज़ करने का सीधा असर आपके रिश्ते पर पड़ सकता है। 

शिक्षा: शिक्षा के क्षेत्र में क्रिएटिव राइटिंग और कविता से संबंधित पढ़ाई कर रहे छात्रों को दूसरों के सामने अपने विचार और आइडिया रखने में परेशानी का अनुभव हो सकता है। साथ ही, इस सप्ताह आपको पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित करने में कठिनाई हो सकती है। इस अवधि को गूढ़ विज्ञान, टैरो रीडिंग या फिर ज्योतिष सीखने के लिए अच्छा कहा जाएगा। 

पेशेवर जीवन: मूलांक 6 के जातकों को कड़ी मेहनत करके अपने करियर को प्रगति के मार्ग पर लेकर जाने के लिए इस सप्ताह का ज्यादा से ज्यादा फायदा उठाना चाहिए। इस दौरान आपको नए-नए आइडिया आएंगे और आप करियर से जुड़ी कुछ नई योजनाओं का निर्माण कर सकते हैं। लेकिन, इन्हें लागू करने में आपको कुछ समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।

स्वास्थ्य: बात करें स्वास्थ्य की तो, इन जातकों को शारीरिक साफ-सफाई रखने और अपनी सेहत पर नज़र बनाए रखने की सलाह दी जाती है। हालांकि, आपको मीठी और तली-भुनी चीज़ों के सेवन से बचना होगा। इसके अलावा, आपको अपने व्यक्तित्व पर ध्यान देना होगा। 

उपाय: नेत्रहीनों या एनजीओ में अपने सामर्थ्य के अनुसार दान करें।  

मूलांक 7

(अगर आपका जन्म किसी भी महीने की 7, 16, 25 तारीख़ को हुआ है)

मूलांक 7 के जातक इस सप्ताह ऊर्जा और आत्मविश्वास से भरे रहेंगे। साथ ही, भाग्य आपका साथ देगा और आप खुद को भाग्यशाली महसूस करेंगे। इस अवधि में कार्यों में की गई मेहनत के परिणाम अब आपको मिलेंगे। इसके अलावा, आपका झुकाव आध्यात्मिकता के प्रति बढ़ेगा और ऐसे में, चैरिटेबल संस्थाओं में दान करते हुए दिखाई दे सकते हैं। 

प्रेम जीवन: बात करें प्रेम जीवन की तो, मूलांक 7 के जातकों को इस सप्ताह रिश्ते में उतार-चढ़ाव का सामना करना पड़ सकता है जिसकी वजह बेकार का अहंकार और मतभेद हो सकते हैं। ऐसे में, आपको अहंकार और विवादों से बचना होगा। दूसरी तरफ, इस अवधि में प्रेम और विवाह से जुड़े मामले आपके नियंत्रण में होंगे।

शिक्षा: शिक्षा के क्षेत्र में जो छात्र पुलिस या आर्मी में भर्ती के लिए प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं, वह इस अवधि में परीक्षा में सफल हो सकते हैं।

पेशेवर जीवन: मूलांक 7 के जिन जातकों का प्रमोशन, वेतन वृद्धि या फिर नौकरी में किसी भी तरह का सकारात्मक बदलाव अटका हुआ था, तो अब वह आपको मिल सकता है। कार्यक्षेत्र में इस दौरान आप उत्साह से भरे रहेंगे और आपकी नेतृत्व क्षमताओं को भी सराहा जाएगा। 

स्वास्थ्य: स्वास्थ्य के लिहाज़ से, यह सप्ताह आपके लिए शानदार रहेगा। इस दौरान आपको अपनी रोग प्रतिरोधक क्षमता और शारीरिक क्षमता को बनाए रखना होगा। ऐसे में, आपको संतुलित खानपान अपनाने और योग करने की सलाह दी जाती है। 

उपाय: नियमित रूप से ध्यान करें और बेसहारा कुत्तों की सेवा करें। 

कालसर्प दोष रिपोर्ट – काल सर्प योग कैलकुलेटर

मूलांक 8 

(अगर आपका जन्म किसी भी महीने की 8, 17, 26 तारीख़ को हुआ है)

मूलांक 8 के अंतर्गत जन्म लेने वाले जातकों को जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में देरी देखने को मिल सकती है जिससे आप चिड़चिड़े रह सकते हैं। ऐसे में, आपको खुद को नियंत्रित करने के लिए ध्यान करने और आध्यात्मिकता के मार्ग पर चलने की सलाह दी जाती है।

प्रेम जीवन: यह सप्ताह उन जातकों के लिए बोरिंग रह सकता है जो रिलेशनशिप में हैं। इस दौरान रिश्ते के प्रति आपका शांत व्यवहार साथी को दुखी कर सकता है। इन तरह की बातें ही आप दोनों के बीच तनाव का कारण बन सकती हैं। 

शिक्षा: मूलांक 8 के जो छात्र रिसर्च या फिर साहित्य और हिस्ट्री जैसे विषयों में पीएचडी की पढ़ाई कर रहे हैं, उनके लिए यह सप्ताह शानदार रहेगा। साथ ही, आपकी रुचि माइथोलॉजी, ज्योतिष या गूढ़ विज्ञान जैसे विषयों को पढ़ने में हो सकती है। 

पेशेवर जीवन: जब बात आती है मूलांक 8 के जातकों के पेशेवर जीवन की तो, इस सप्ताह यह लोग अपनी वर्क लाइफ को लेकर असंतुष्ट नज़र आ सकते हैं। अगर आप कुछ नया शुरू करना चाहते हैं, तो यह अवधि आपको प्रगति पाने में सहायता करेगी। साथ ही, आपके जीवन को एक उद्देश्य भी मिलेगा। 

स्वास्थ्य: स्वास्थ्य को देखें तो, इस सप्ताह मूलांक 8 वालों को छोटे-मोटे रोग परेशान कर सकते हैं। साथ ही, आपको पाचन से जुड़ी समस्याएं भी रह सकती हैं इसलिए आपको सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। इन लोगों को स्वस्थ खानपान अपनाने के साथ-साथ व्यायाम को भी दिनचर्या में शामिल करना होगा। 

उपाय: इस सप्ताह स्वयं को प्राथमिकता दें और अपनी जरूरतों को नज़रअंदाज़ न करें।

मूलांक 9

(अगर आपका जन्म किसी भी महीने की 9, 18, या 27 तारीख को हुआ है)

मूलांक 9 के जातक इस सप्ताह अपने लक्ष्यों को पाने के लिए अत्यधिक समर्पित रहेंगे। इस दौरान आपको कार्य करते समय सावधानी बरतनी होगी क्योंकि आप घमंडी और आत्मकेंद्रित हो सकते हैं। ऐसे में, आप अपने प्रियजनों को ठेस पहुंचा सकते हैं।

प्रेम जीवन: इस सप्ताह मूलांक 9 वालों को अपने अहंकार और क्रोध पर नज़र बनाए रखनी होगी क्योंकि इसका असर आपके वैवाहिक जीवन पर पड़ सकता है। इसके परिणामस्वरूप, आपको अपने गुस्से को काबू में रखने की सलाह दी जाती है। 

शिक्षा: शिक्षा के क्षेत्र में मूलांक 9 के जो जातक किसी भी तरह के परिणाम का इंतज़ार कर रहे हैं, उनके लिए यह अवधि बहुत अच्छी साबित होगी क्योंकि आप परीक्षा पास करने में सफल रहेंगे। वहीं, जो छात्र पुलिस या डिफेन्स से जुड़ी प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी में जुटे हैं, उनके लिए यह हफ़्ता शुभ रहेगा। 

पेशेवर जीवन: मूलांक 9 के जो जातक पुलिस, डिफेंस या खेलों से जुड़े हैं, उनके लिए यह सप्ताह अत्यंत फलदायी रहेगा। इस अवधि में आप उत्साह से भरे रहेंगे और आपके बेहतरीन नेतृत्व क्षमताओं की सराहना की जाएगी। 

स्वास्थ्य: स्वास्थ्य की दृष्टि से, मूलांक 9 वाले इस सप्ताह मज़बूत और स्वस्थ रहेंगे। लेकिन आपको यात्रा और ड्राइव करते समय बहुत सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। 

उपाय: मंगलवार के दिन सुंदरकांड का पाठ करें और हनुमान जी को चोला चढ़ाएं। 

सभी ज्योतिषीय समाधानों के लिए क्लिक करें: ऑनलाइन शॉपिंग स्टोर

हम उम्मीद करते हैं कि आपको हमारा यह लेख ज़रूर पसंद आया होगा। अगर ऐसा है तो आप इसे अपने अन्य शुभचिंतकों के साथ ज़रूर साझा करें। धन्यवाद!

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्‍न

शनि का अंक कौन सा है?

अंक ज्योतिष के अनुसार, शनि देव का अंक 8 माना गया है। 

मूलांक 1 वालों का स्वामी ग्रह कौन है?

सूर्य देव को मूलांक 1 का अधिपति देव माना जाता है। 

मूलांक 2 वाले कैसे होते हैं?

मूलांक 2 के जातक बेहद भावुक और कल्पनाशील होते हैं।   

बुध का वृश्चिक राशि में गोचर, शुभ व अशुभ, कैसे मिलेंगे आपको परिणाम? जानें!

बुध का वृश्चिक राशि में गोचर, शुभ व अशुभ, कैसे मिलेंगे आपको परिणाम? जानें!

बुध का वृश्चिक राशि में गोचर: ग्रहों के राजकुमार के नाम से विख्यात बुध देव को ज्योतिष शास्त्र में तेज़ गति से चलने वाला ग्रह माना जाता है। ऐसे में, बुध ग्रह की दशा, दिशा और स्थिति में समय-समय पर बदलाव होता रहता है, इसलिए यह अक्सर उदित, अस्त, वक्री और मार्गी भी होते हैं।

इसके परिणामस्वरूप, बुध महाराज की स्थिति में होने वाले हर परिवर्तन को महत्वपूर्ण माना जाता है जो मनुष्य जीवन को गहराई से प्रभावित करने की क्षमता रखते हैं। अक्टूबर 2025 में दूसरी बार बुध ग्रह गोचर करते हुए वृश्चिक राशि में प्रवेश करने के लिए तैयार है। बता दें कि इनका यह गोचर संसार समेत राशियों को प्रभवित्व कर सकता है। 

दुनियाभर के विद्वान ज्योतिषियों से करें कॉल/चैट पर बात और जानें अपने संतान के भविष्य से जुड़ी हर जानकारी

एस्ट्रोसेज एआई के इस विशेष लेख के अंतर्गत आपको “बुध का वृश्चिक राशि में गोचर” से जुड़ी जानकारी विस्तारपूर्वक प्राप्त होगी जैसे तिथि और समय आदि। साथ ही, बुध के इस राशि परिवर्तन से किन राशियों का होगा भाग्योदय और किन राशियों को उठाने पड़ेंगे कष्ट? करियर और व्यापार में आएगी समस्या या फिर दूर होगी हर बाधा आदि सवालों का जवाब प्राप्त होगा। इसके अलावा, वृश्चिक राशि में कौन-कौन से ग्रह युति करेंगे और इस दौरान किए जाने वाले उपाय भी प्रदान करेंगे, इसलिए इस ब्लॉग को अंत तक पढ़ना जारी रखें।

बुध का वृश्चिक राशि में गोचर: तिथि और समय 

बुध देव के तेज़ गति से चलने के कारण इनका गोचर हर 23 से 27 दिनों में होता है। अक्टूबर के महीने में यह दूसरी बार गोचर करते हुए 24 अक्टूबर 2025 की दोपहर 12 बजकर 25 मिनट पर वृश्चिक राशि में प्रवेश कर जाएंगे। बता दें कि बुध का यह गोचर मंगल देव की राशि में होगा और मंगल और बुध दोनों एक-दूसरे से शत्रुता रखते हैं इसलिए इस गोचर को अनुकूल नहीं कहा जा सकता है।

यहां बुध देव लगभग एक महीने रहेंगे और इस दौरान वह अस्त और वक्री भी होंगे जिसका प्रभाव संसार और राशियों पर नज़र आ सकता है। चलिए अब हम आगे बढ़ते हैं और जानते हैं वृश्चिक में होने वाली ग्रहों की युति के बारे में।

बृहत् कुंडली में छिपा है, आपके जीवन का सारा राज, जानें ग्रहों की चाल का पूरा लेखा-जोखा

बुध का वृश्चिक राशि में गोचर: वृश्चिक राशि में बुध-मंगल की होगी युति 

 ज्योतिष में बुध महाराज जहां बुद्धि, संचार, तर्क, मित्रता और चतुराई के कारक ग्रह माने जाते हैं, तो वहीं मंगल देव भाई, ऊर्जा, बुद्धि, साहस, युद्ध और पराक्रम के ग्रह हैं। साथ ही, यह दोनों ग्रह एक-दूसरे से शत्रुता का भाव रखते हैं और इन दोनों का एक साथ एक राशि में बैठना शुभ नहीं कहा जा सकता है। ऐसे में, अब जल्द ही मंगल और बुध की युति देखने को मिलेगी। 

जब बुध महाराज का 24 अक्टूबर 2025 को वृश्चिक राशि में गोचर होगा, ठीक उसके 3 दिन बाद यानी कि 27 अक्टूबर 2025 को मंगल ग्रह भी अपनी राशि वृश्चिक में आ जाएंगे। इसके परिणामस्वरूप, मंगल और बुध दोनों ग्रह एक माह तक यानी 23 नवंबर 2025 तक साथ रहेंगे। 

हालांकि, यह एक नकारात्मक स्थिति होगी। मंगल और बुध की युति का दुष्प्रभाव संसार पर दिखाई दे सकता है और ऐसे में, विश्व में तनाव में बढ़ोतरी होगी। साथ ही, इस दौरान लोगों के बीच वाद-विवाद और लड़ाई-झगडे की स्थिति बनेगी, इसलिए इस दौरान सभी राशि के जातकों को सावधानी बरतते हुए आगे बढ़ना होगा। 

बुध का वृश्चिक राशि में गोचर का प्रभाव 

  • बुद्धि और वाणी के ग्रह बुध देव जब वृश्चिक राशि में उपस्थित होते हैं, उस समय जातकों का सारा ध्यान रिसर्च करने पर केंद्रित होता है। 
  • वृश्चिक राशि में बुध के तहत जन्मे जातक अपने विश्वास या मत पर अडिग रहते हैं। 
  • एक ओर, वृश्चिक राशि आपको बातों या चीज़ों को छुपाने के लिए प्रोत्साहित करती है और दूसरी तरफ, बुध देव को अभिव्यक्ति का ग्रह माना जाता है।  
  • जिन जातकों की कुंडली में बुध ग्रह वृश्चिक राशि में विराजमान होते हैं, तो ऐसे लोगों के चेहरे को देखकर कोई आपके मन के भाव को जान नहीं सकता है क्योंकि जैसा आपको दिखाई दे रहा होता है, वैसा हो जरूरी नहीं होता है।
  • कुंडली में बुध वृश्चिक राशि में उपस्थित होने पर जातक नए-नए आविष्कार करने वाला, रिसर्चर, रहस्यवादी, जासूस और वैज्ञानिक आदि बनता है। 
  • अगर बुध देव की स्थिति इस राशि में अशुभ होती है, तो आपको हैकर, मनोरोगी और चोर बनाने का काम कर सकती है। 
  • इनकी अशुभ स्थिति के प्रभाव से व्यक्ति खतरनाक और रहस्यमयी बनता है।
  • साथ ही, बुध की वृश्चिक राशि में कमज़ोर स्थिति होने पर या किसी दूसरे पापी ग्रह का प्रभाव होने पर हालात बद से बदतर हो जाते हैं। 

आइए अब हम आपको बुध ग्रह के बारे में विस्तृत जानकारी।

विद्वान ज्योतिषियों से प्रश्न पूछें और पाएं हर समस्या का समाधान

बुध का वृश्चिक राशि में गोचर: कौन हैं बुध ग्रह?

वैदिक ज्योतिष में बुध ग्रह को नवग्रहों में महत्वपूर्ण स्थान प्राप्त है और यह सूर्य के सबसे नज़दीक स्थित हैं। हालांकि, बुध को एक शुभ ग्रह माना गया है और इन्हें “ग्रहों के युवराज” का पद भी प्राप्त है। लेकिन, द्विस्वभाव होने के कारण यह जिस ग्रह के साथ मौजूद होते है, उसके अनुसार ही परिणाम देते हैं।

अगर बुध महाराज आपकी कुंडली में शुभ ग्रहों जैसे गुरु, शुक्र और चंद्रमा के साथ स्थित होते हैं, तो आपको कार्यों में सकारात्मक परिणाम देंगे। अगर यह कुंडली में किसी अशुभ या पापी ग्रह के साथ बैठ जाते हैं, तो आपको अशुभ फल प्रदान करते हैं।

इसके अलावा, बुध देव सभी राशियों में मिथुन और कन्या राशि के अधिपति देव हैं। यह कन्या राशि में उच्च और मीन राशि में नीच अवस्था में होते हैं। बात करें 27 नक्षत्रों की, तो बुध महाराज अश्लेषा, ज्येष्ठा और रेवती नक्षत्र के स्वामी हैं। इसके अलावा, सूर्य और शुक्र को बुध के मित्र माना जाता है जबकि चंद्रमा और मंगल इनके शत्रु हैं। बुध महाराज का वर्ण हरा है और इन्हें सप्ताह में बुधवार का दिन समर्पित है।

यदि किसी की कुंडली में बुध अशुभ होते हैं, तो इसका नकारात्मक प्रभाव व्यक्ति की वाणी, व्यापार और निर्णय लेने की क्षमता को सीधे तौर पर प्रभावित करता है और नौकरी में घाटा, व्यापार में हानि जैसी समस्याएं जन्म लेने लगती हैं, इसलिए इनकी भूमिका मनुष्य जीवन में विशेष हो जाती है।

धार्मिक दृष्टि से, बुध देव को शांति, समृद्धि और सुख का प्रतीक माना जाता है। इनके इष्ट देव भगवान गणेश और श्रीकृष्ण हैं इसलिए इनकी पूजा से बुध ग्रह प्रसन्न होते हैं। जब बात आती है इनके स्वभाव की, तो बुध ग्रह को शांत और कोमल स्वभाव का बताया जाता है। इनकी वाणी बहुत मधुर मानी जाती है जो दूसरों को मोहित करने में सक्षम हैं। बुध देव की माता देवी तारा और पिता चंद्र हैं। 

बुध ग्रह की स्थिति का जीवन पर प्रभाव 

  • बुध महाराज को बुद्धि के देवता माना गया है इसलिए यह व्यक्ति की बुद्धि को नियंत्रित करते हैं। इनकी मज़बूत स्थिति के प्रभाव से व्यक्ति न सिर्फ़ बुद्धि से जुड़े कार्यों में सफलता प्राप्त करता है, बल्कि यह व्यक्ति के सोए हुए भाग्य को भी जगाती है। 
  • साथ ही, बुध महाराज उत्तर दिशा के स्वामी हैं और इस दिशा को कुबेर देवता का निवास स्थान माना जाता है। साथ ही, यह हमारे जीवन में विचारों, तर्क, निर्णय लेने की क्षमता और तर्क को नियंत्रित करते हैं। 
  • ज्योतिष में बुध को आमतौर पर सीखने, बहुमुखी प्रतिभा और खुद की अभिव्यक्ति से जोड़ा जाता है.
  • सौरमंडल में बुध के सबसे निकट सूर्य देव हैं और इन्हें कालपुरुष की कुंडली में तीसरे और छठे भाव पर स्वामित्व हैं। 
  • ज्योतिष की मानें तो, बुध ग्रह के गोचर और स्थिति में बदलाव का प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रूप से असर पृथ्वी पर होने वाली घटनाओं पर पड़ता है।
  • कुंडली में बुध बलवान हो या फिर ऐसे जातक जिनकी कुंडली में बुध उच्च अवस्था में हो, तो ऐसे व्यक्ति स्वभाव से हंसमुख होता है और यह जीवन को खुलकर जीवन पसंद करते हैं। इन जातकों को दूसरों के साथ हंसी-मजाक करते हुए देखा जा सकता है। 

पाएं अपनी कुंडली आधारित सटीक शनि रिपोर्ट

बुध का वृश्चिक राशि में गोचर: बुध देव से जुड़े अनकहे रहस्य 

बात करें बुध ग्रह की, तो ऐसे अनेक रोचक तथ्य और रहस्य हैं जिनके बारे में आज भी दुनिया को जानकारी नहीं है। यहाँ हम आपको बुध देव से जुड़ी ऐसी ही बातें बताने जा रहे हैं। 

  • वैदिक ज्योतिष में बुध देव को तारा पुत्र, शशि और चंद्रज आदि नामों से जाना जाता है क्योंकि धार्मिक मान्यताओं के अनुसार,  चंद्र देव तथा बृहस्पति देव की पत्नी तारा से बुध ग्रह का जन्म हुआ था। 
  • हालांकि, बुध देव का पालन-पोषण चंद्र देव की पत्नियों रोहिणी और कृतिका ने किया था जो 27 नक्षत्रों में भी शामिल हैं। 
  • भगवान विष्णु ने प्रसन्न होकर बुध महाराज से वरदान में वैदिक विचारों और सभी कलाएं प्रदान की थीं।
  • नवग्रहों में बुध देव एकमात्र ऐसे ग्रह हैं जो हमेशा से सूर्य देव के सानिध्य में रहे हैं इसलिए सूर्य के प्रभाव से अस्त होने पर इन्हें दोष नहीं लगता है । 

बुध का वृश्चिक राशि में गोचर: बुध का करियर पर प्रभाव 

जैसे कि हमने आपको ऊपर बताया है कि बुध देव वाणी, संचार और बुद्धि के ग्रह हैं, लेकिन यह व्यक्ति के करियर और व्यापार को भी नियंत्रित करते हैं। इनकी दशा और दिशा ही व्यापार में सफलता का निर्धारण करती है। ऐसे में, कुंडली के विभिन्न भावों में बुध महाराज की स्थिति आपके करियर के बारे में काफ़ी कुछ बता सकती है।  

  • अगर कुंडली में बुध ग्रह का संबंध शनि और केतु से बनता है और साथ ही, कुंडली का दसवां भाव भी प्रभावित होता है, तो व्यक्ति का झुकाव तकनीक की तरफ होता है। 
  • अगर कुंडली के पांचवें भाव से बुध ग्रह संबंधित होता है और यह संबंध लग्न के स्वामी, लग्नेश, तृतीय भाव के स्वामी, तृतीयेश और दसवें भाव के स्वामी दशमेश से बन रहा होता है, तो जातक संचार से जुड़े क्षेत्रों में करियर बनाता है। 

बुध ग्रह से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी से आपको अवगत करवाने के बाद, आइए नज़र डालते हैं बुध से बनने वाले अशुभ योगों पर। 

कालसर्प दोष रिपोर्ट – काल सर्प योग कैलकुलेटर 

बुध ग्रह से निर्मित अशुभ योग 

कुंडली में जब कभी बुध महाराज किसी शत्रु ग्रह के साथ युति करते हैं या फिर उन पर दृष्टि डालते हैं, तो अनेक तरह के योगों के जन्म लेने की संभावना होती है। बुध ग्रह से कौन से अशुभ योग जन्म लेते हैं? चलिए जानते हैं। 

बुध-शनि योग

कुंडली में बुध-शनि योग उस समय बनता है जब कुंडली में किसी राशि या भाव में बुध और शनि एक साथ बैठकर युति का निर्माण करते हैं। इस अशुभ योग का प्रभाव जातक को हद से ज्यादा विश्लेषणात्मक और आलोचना करने वाला बना सकता है। साथ ही, आप डिप्रेशन का शिकार भी हो सकते हैं। 

बुध ग्रह दोष 

बुध ग्रह दोष को भी एक अशुभ योग माना जाता है और इसका निर्माण कुंडली में उस समय होता है जब बुध देव क्रूर और पापी ग्रह शनि, मंगल या राहु के साथ युति करते हैं या उनकी दृष्टि इन पर पड़ रही होती है। इस योग के प्रभाव से जातक को संचार, शिक्षा और व्यापार से जुड़े क्षेत्रों में समस्या का सामना करना पड़ता है। 

करियर की हो रही है टेंशन! अभी ऑर्डर करें कॉग्निएस्ट्रो रिपोर्ट 

बुध का वृश्चिक राशि में गोचर: सरल एवं प्रभावी उपाय

  • बुध ग्रह की कृपा पाने के लिए नियमित रूप से ‘ॐ बुधाय नमः’ मंत्र का 9, 18 या 27 बार जाप करें। 
  • कुंडली में बुध को बलवान करने के लिए आप पन्ना रत्न धारण कर सकते हैं। लेकिन, इस रत्न को पहनने से पहले आप किसी अनुभवी और विद्वान ज्योतिषियों से सलाह अवश्य लें। 
  • बुधवार के दिन भगवान गणेश की पूजा करें और उन्हें मोदक का भोग अवश्य लगाएं। 
  • बुध महाराज का आशीर्वाद पाने के लिए बुधवार के दिन किन्नरों को हरे रंग की वस्तुओं का दान करें जैसे हरे रंग की साड़ी और चूड़ियां आदि। 
  • सोने की अंगूठी, चैन या कोई रत्न धारण करने से भी बुध ग्रह मज़बूत होते हैं। 
  • बुध देव को प्रसन्न करने के लिए बुधवार के दिन मूंग दाल और कांसे के बर्तन का दान कर सकते हैं।  

बुध का वृश्चिक राशि में गोचर: राशि अनुसार प्रभाव और उपाय 

मेष राशि

मेष राशि वालों के लिए बुध ग्रह आपकी कुंडली में तीसरे तथा छठे… (विस्तार से पढ़ें) 

वृषभ राशि

वृषभ राशि वालों के लिए बुध ग्रह आपकी कुंडली में दूसरे तथा पांचवें भाव… (विस्तार से पढ़ें)

मिथुन राशि

मिथुन राशि वालों के लिए बुध ग्रह आपके राशि स्वामी होने के साथ… (विस्तार से पढ़ें)

कर्क राशि

कर्क राशि वालों के लिए बुध ग्रह आपकी कुंडली में तीसरे तथा … (विस्तार से पढ़ें)

सिंह राशि

सिंह राशि वालों के लिए बुध ग्रह आपकी कुंडली में लाभ भाव और धन भाव… (विस्तार से पढ़ें) 

कन्या राशि

कन्या राशि वालों के लिए बुध ग्रह आपके राशि स्वामी होने के साथ-साथ … (विस्तार से पढ़ें)

तुला राशि

तुला राशि वालों के लिए बुध ग्रह आपके भाग्य भाव और बारहवें भाव के… (विस्तार से पढ़ें) 

वृश्चिक राशि 

वृश्चिक राशि वालों के लिए बुध ग्रह आपकी कुंडली में आठवें भाव और लाभ भाव… (विस्तार से पढ़ें) 

धनु राशि 

धनु राशि वालों के लिए बुध ग्रह आपकी कुंडली में सातवें और दसवें भाव … (विस्तार से पढ़ें)

मकर राशि

मकर राशि वालों के लिए बुध ग्रह आपके छठे भाव और भाग्य भाव के स्वामी हैं जो… (विस्तार से पढ़ें)

कुंभ राशि

कुंभ राशि वालों के लिए बुध ग्रह आपकी कुंडली में पांचवें और आठवें भाव के… (विस्तार से पढ़ें)

मीन राशि

मीन राशि वालों के लिए बुध ग्रह आपके चौथे भाव और सातवें भाव के स्वामी… (विस्तार से पढ़ें)

सभी ज्योतिषीय समाधानों के लिए क्लिक करें: एस्ट्रोसेज एआई ऑनलाइन शॉपिंग स्टोर

इसी आशा के साथ कि, आपको यह लेख भी पसंद आया होगा एस्ट्रोसेज के साथ बने रहने के लिए हम आपका बहुत-बहुत धन्यवाद करते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बुध का वृश्चिक राशि में गोचर कब होगा?

बुध देव 24 अक्टूबर 2025 को वृश्चिक राशि में गोचर करेंगे।

वृश्चिक राशि का स्वामी कौन है?

राशि चक्र की आठवीं राशि वृश्चिक के स्वामी मंगल देव हैं। 

बुध ग्रह वृश्चिक राशि में कैसे फल देते हैं?

वृश्चिक बुध ग्रह की शत्रु राशि है इसलिए इनसे ज्यादा अच्छे परिणाम न मिलने की संभावना है।

मंगल का वृश्चिक राशि में गोचर: देश-दुनिया सहित शेयर बाजार को किस तरह करेगा प्रभावित? जानें!

मंगल का वृश्चिक राशि में गोचर: देश-दुनिया सहित शेयर बाजार को किस तरह करेगा प्रभावित? जानें!

मंगल का वृश्चिक राशि में गोचर: एस्ट्रोसेज एआई हमेशा से अपने पाठकों को ज्योतिष की दुनिया में होने वाली घटनाओं की जानकारी सबसे पहले देता आया है, ताकि आप ग्रहों की चाल, दशा और दिशा में होने वाले हर परिवर्तन से अवगत रह सकें। अब इसी क्रम में, युद्ध, साहस एवं पराक्रम के कारक ग्रह मंगल की राशि में बदलाव होने जा रहा है जिसका प्रभाव संसार पर दिखाई दे सकता है।

बता दें कि मंगल ग्रह अब 27 अक्टूबर 2025 की दोपहर 02 बजकर 43 मिनट पर अपनी राशि वृश्चिक में गोचर करने जा रहे हैं और ऐसे में, इनका यह गोचर पंच महापुरुष योग में से एक रूचक योग का निर्माण करेगा। 

दुनियाभर के विद्वान ज्योतिषियों से करें कॉल/चैट पर बात और जानें अपने संतान के भविष्य से जुड़ी हर जानकारी

वैदिक ज्योतिष में मंगल देव को उग्र स्वभाव का ग्रह माना जाता है जो साहस, ऊर्जा और लक्ष्यों को पाने की दिशा में उठाए गए कदमों को दर्शाते हैं। साथ ही, यह व्यक्ति की समस्याओं से लड़ने की और आंतरिक क्षमता का प्रतिनिधित्व करते हैं। इन्हें सभी नवग्रहों में सेनापति और युद्ध के देवता के नाम से प्रसिद्ध मंगल ग्रह को जुनून, महत्वाकांक्षा, सहनशक्ति और दृढ़ता का मुख्य ग्रह माना जाता है।

साथ ही, यह नियंत्रण से बाहर होने पर आक्रामकता, क्रोध और संघर्ष को भी दर्शाते हैं। इसके अलावा, मंगल महाराज जीवनशक्ति, ताकत, भूमि, संपत्ति और तकनीकी क्षमताओं को भी नियंत्रित करते हैं और इनका प्रभाव करियर में रक्षा, इंजीनियरिंग, सर्जरी और स्पोर्ट्स जैसे क्षेत्रों को प्रभावित करने का सामर्थ्य रखते हैं। 

कुंडली में मंगल ग्रह की मज़बूत अवस्था व्यक्ति को जीवन में आत्मविश्वास, अनुशासन और नेतृत्व क्षमता आदि गुणों का आशीर्वाद देती है, जबकि मंगल देव की कुंडली में कमज़ोर या दुर्बल अवस्था आवेग, वाद-विवाद और दुर्घटनाओं की वजह बनती है। सामान्य शब्दों में, मंगल ग्रह हमारे जीवन को आकार देते हैं कि हम अपनी ऊर्जा का उपयोग किस तरह से और किस दिशा में करते हैं, इसके माध्यम से निर्धारित करते हैं कि वह हमारे जीवन को प्रगति या विनाश की तरफ लेकर जाएंगे।

मंगल का वृश्चिक राशि में गोचर: विशेषताएं 

जब मंगल महाराज वृश्चिक राशि में अपनी स्वयं की राशि में विराजमान होते हैं, तब जातक बहुत साहसी और बहादुर होता है। यह जातक ऐसी किसी भी घटना को भूलना या ऐसे व्यक्ति को माफ़ करने में असमर्थ होते हैं, जिसकी वजह से उनको कभी बुरा महसूस हुआ हो। यह जातक अपने आसपास सुरक्षा का एक ऐसा चक्र बना लेते हैं जिसे पार करना दूसरों के लिए बहुत मुश्किल होता है। अगर कोई व्यक्ति इनकी सहायता करने का प्रयास करता है, तो यह काफ़ी सोच-विचार में आ जाते हैं और एक बारी में किसी की मदद स्वीकार नहीं करते हैं।  

मंगल की वृश्चिक राशि में मौजूदगी जीवन में एक नई शुरुआत की तरफ संकेत करती है। यह जातक बेहद गुस्सैल होते हैं जो स्वयं को भी नुकसान पहुंचा लेते हैं। हालांकि, चाहे मित्रता हो या शत्रुता, आप दोनों को ही सच्चाई और ईमानदारी से निभाते हैं। वृश्चिक राशि में मंगल के तहत जन्मे जातक अपने लिए एक सीमा का निर्धारण कर लेते हैं और साथ ही, इनका व्यक्तित्व भावनात्मक रूप से काफ़ी मज़बूत होता है। 

जब कभी आप किसी कारण से उदास होते हैं, तो आपको ऐसा महसूस होता है कि जैसे दुनिया खत्म हो रही है। इसके विपरीत, जब यह जातक प्रेम में होते हैं, तो अपने जीवन का आनंद लेते हुए दिखाई देते हैं। इस जातकों के व्यक्तित्व का सबसे बड़ा गुण होता है कि यह लोग जिनसे प्यार करते हैं और जिन पर भरोसा करते हैं, उन्हें भी इनके मन की छिपी भावनाओं के बारे में पता नहीं होता है। अज्ञात बातों को जानना और अपने मन की आवाज़ सुनना इन लोगों को पसंद होता है। साथ ही, यह जातक समय आने पर अपनी क्षमताओं का प्रदर्शन करने में सक्षम होते हैं। 

मंगल का वृश्चिक राशि में गोचर से बनेगा शुभ योग 

मंगल का वृश्चिक राशि में प्रवेश होने से एक बेहद शुभ योग का निर्माण होगा। बता दें कि वैदिक ज्योतिष में पंच महापुरुष योगों में से एक है रूचक योग। कुंडली में रूचक योग का निर्माण उस समय होता है जब साहस, शक्ति और जीवनशक्ति के कारक ग्रह मंगल महाराज केंद्र भाव (पहले, चौथे, सातवें या दसवें भाव) में अपनी राशि मेष या वृश्चिक राशि में बैठे होते हैं या फिर मंगल अपनी उच्च राशि मकर में उपस्थित होते हैं। इस योग के आशीर्वाद से जातकों को साहस, नेतृत्व क्षमता, प्रसिद्धि, शारीरिक मज़बूती और अधिकार की प्राप्ति होती है।

साथ ही, व्यक्ति निडर, बेखौफ़ और महत्वाकांक्षी बनता है और जीवन की चुनौतियों से लड़ने में सक्षम होता है। रूचक योग के प्रभाव से व्यक्ति की नेतृत्व क्षमता मज़बूत होती है और ऐसे में, वह करियर, राजनीति, रक्षा और प्रशासन से जुड़े क्षेत्रों में अधिकार हासिल करने में कामयाब रहता है। इस प्रकार, मंगल का वृश्चिक राशि में गोचर कुछ राशियों के लिए बहुत शुभ रहेगा जिसके बारे में हम आगे विस्तार से बात करेंगे। 

फ्री ऑनलाइन जन्म कुंडली सॉफ्टवेयर से जानें अपनी कुंडली का पूरा लेखा-जोखा

मंगल का वृश्चिक राशि में गोचर: इन राशियों के लिए रहेगा बेहद शुभ

मिथुन राशि 

मिथुन राशि वालों की कुंडली में मंगल महाराज आपके छठे और ग्यारहवें भाव के अधिपति देव है। अब इनका गोचर आपके छठे भाव में होने जा रहा है और यह भाव कुंडली में शत्रु, स्वास्थ्य, प्रतिस्पर्धा और मामा आदि का प्रतिनिधित्व करता है। ज्योतिष के अनुसार, मंगल देव की छठे भाव में मौजूदगी जातक को आरामदायक महसूस करवाती है क्योंकि यह अपनी राशि में बैठे होते हैं इसलिए वृश्चिक राशि में इनकी स्थिति मज़बूत मानी जाएगी। ऐसे में, मंगल देव का यह गोचर आपके लिए काफ़ी सकारात्मक कहा जाएगा। मंगल का वृश्चिक राशि में गोचर होने से आप प्रतियोगिता में अच्छा प्रदर्शन करेंगे और अपने प्रतिद्वंदियों पर जीत हासिल कर सकेंगे। इसके अलावा, मंगल का यह गोचर आपके सामने उन दोस्तों की हकीकत सामने लेकर आएगा जो आपको धोखा दे सकते हैं या फिर आपके खिलाफ भी होंगे।    

बता दें कि मंगल के वृश्चिक राशि में प्रवेश की अवधि को किसी भी तरह के निवेश के लिए अच्छा नहीं कहा जा सकता है। लेकिन अगर आप ऐसा करते हैं, तो आपको अपनी पहचान अज्ञात रखने की सलाह दी जाती है, अन्यथा आपको समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। मंगल ग्रह कई तरह से लोगों के जीवन को प्रभावित करने की क्षमता रखता है। इसके अलावा, मंगल महाराज की चौथी दृष्टि आपके नौवें भाव पर, सातवीं दृष्टि आपके बारहवें भाव पर और आठवीं दृष्टि आपके लग्न भाव/पहले भाव पर होगी। ऐसे में, इस दौरान आपकी अपने पिता के साथ छोटी-मोटी बहस हो सकती है इसलिए आपको उनके स्वास्थ्य पर ध्यान देने की सलाह दी जाती है, क्योंकि आपका नौवां भाव मंगल द्वारा प्रभावित होगा। 

मिथुन साप्ताहिक राशिफल

कर्क राशि

कर्क राशि के जातकों की कुंडली में मंगल देव आपके योगकारक ग्रह हैं क्योंकि यह आपके केंद्र (दसवें भाव) और त्रिकोण भाव (पांचवें भाव) के स्वामी हैं। बता दें कि मंगल का यह गोचर आपके पांचवें भाव में होने जा रहा है जिसे पूर्व पुण्य का भाव भी कहा जाता है। व्यक्ति के जीवन में पांचवां भाव शिक्षा, रोमांस, संतान और रिलेशनशिप को दर्शाता है। 

दूसरी तरफ, मंगल का वृश्चिक राशि में गोचर कर्क राशि के छात्रों के लिए शानदार रहेगा, विशेष रूप से मेडिकल या इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने वालों के लिए। इस राशि के माता-पिता अपनी संतान के आक्रामक और व्यवहार की वजह से तनाव में आ सकते हैं। मंगल गोचर के दौरान कर्क राशि की गर्भवती महिलाओं को अपना ध्यान रखने की सलाह दी जाती है क्योंकि आपको अत्यधिक गर्मीं लगने की समस्या परेशान कर सकती है। 

कर्क साप्ताहिक राशिफल

सिंह राशि 

सिंह राशि वालों के लिए मंगल देव आपकी कुंडली में बेहद लाभकारी और योग कारक ग्रह हैं क्योंकि यह आपके नौवें भाव (त्रिकोण) और चौथे भाव (केंद्र) के स्वामी हैं। वर्तमान समय में आपके योगकारक ग्रह का गोचर आपके चौथे भाव में होगा जिसका संबंध माता, आपके घर, आपकी कार और आपकी संपत्ति से होता है। इसके फलस्वरूप, मंगल का वृश्चिक राशि में गोचर आपके लिए काफ़ी अच्छे परिणाम लेकर आ सकता है। हालांकि, मंगल गोचर की अवधि कार खरीदने या रियल एस्टेट में धन निवेश करने के लिए अनुकूल रहेगी। बता दें कि यह अवधि आपके पारिवारिक जीवन में समस्याएं पैदा कर सकती हैं जिसके चलते आपकी अपनी माता या जीवनसाथी के साथ मतभेद या बहस भी हो सकती है। 

इस अवधि में आपको घर-परिवार की समस्याओं का कम करने और लाभ को बढ़ाने के लिए प्रयास करने होंगे क्योंकि वृश्चिक राशि में मंगल गोचर के दौरान मंगल देव आपके सातवें भाव और ग्यारहवें भाव को प्रभावित करेंगे जो आपके चौथे भाव में उपस्थित होंगे। कुंडली के चौथे भाव में बैठकर यह आपके सातवें भाव को देखेंगे और इसके फलस्वरूप, आप जीवनसाथी को लेकर अत्यधिक सुरक्षात्मक हो सकते हैं।इस प्रकार, आपका यह व्यवहार आप दोनों के बीच विवाद की वजह बन सकता है। इसके अलावा, मंगल देव का दसवें और ग्यारहवें भाव पर प्रभाव आपको करियर में तरक्की पाने के लिए ध्यान केंद्रित करने की सलाह दे रहा है जो सिंह राशि के नौकरीपेशा जातकों के लिए फलदायी रहेगा। कुल मिलाकर, यह अवधि आपकी कंपनी, पेशेवर जीवन के रिश्ते, आर्थिक जीवन और लाभ के लिए लाभदायक रहेगी। 

सिंह साप्ताहिक राशिफल

वृश्चिक राशि

वृश्चिक राशि वालों के लिए मंगल ग्रह आपके लग्न भाव और छठे भाव के स्वामी हैं जो अब आपके लग्न भाव में गोचर करने जा रहे हैं। इसके परिणामस्वरूप, मंगल का वृश्चिक राशि में गोचर आपके लिए लाभकारी कहा जा सकता है। ऐसे में, यह आपके मान-सम्मान को बढ़ाएगा और आपके लिए कल्याणकारी साबित होगा। वहीं, इस राशि के जो छात्र प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं या फिर एथलीट हैं, उनके लिए यह समय बहुत शुभ साबित होगा। लेकिन, मंगल महाराज की यह स्थिति आपको आक्रामक और दूसरों पर हावी होने वाला भी बना सकती है। अगर आप किसी कानूनी विवाद में फंसे हैं, तो इस दौरान आपको इन मामलों को बहुत धैर्य और बुद्धिमानी से सुलझाना होगा। 

मंगल गोचर की इस अवधि में आपको हर कदम पर अपने जीवनसाथी का साथ मिलेगा। हालांकि, मंगल की सातवीं दृष्टि आपके सातवें भाव पर होना बिज़नेस पार्टनरशिप के लिए लाभदायक रहेगी। साथ ही, मंगल के इस गोचर के दौरान आप अपने गुस्से और आक्रामकता के कारण अपने जीवनसाथी के साथ बहस या विवाद में पड़ सकते हैं। इसके फलस्वरूप, आपको अपने व्यवहार और गुस्से दोनों पर नज़र बनाए रखनी होगी, ताकि आपके रिश्ते साथी के साथ मज़बूत बने रहें। वहीं, मंगल ग्रह की आठवीं दृष्टि आपके आठवें भाव पर होना जीवनसाथी के साथ संयुक्त संपत्ति और नए व्यापार की शुरुआत की तरफ इशारा कर रही है। 

वृश्चिक साप्ताहिक राशिफल

पाएं अपनी कुंडली आधारित सटीक शनि रिपोर्ट  

मकर राशि

मकर राशि के जातकों के लिए मंगल ग्रह आपके चौथे और ग्यारहवें भाव के स्वामी हैं जो अब आपके ग्यारहवें भाव में गोचर करने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं। कुंडली में ग्यारहवां भाव धन लाभ, इच्छा, बड़े भाई-बहन और मामा आदि का प्रतिनिधित्व करता है। ऐसे में, मंगल देव का ग्यारहवें भाव में गोचर धन लाभ की दृष्टि से फलदायी कहा जाएगा जो आपको अच्छा ख़ासा लाभ प्रदान कर सकता है। इस अवधि में रियल एस्टेट में किया गया निवेश आपके लिए लाभदायक साबित होगा। साथ ही, आप विभिन्न स्रोतों से धन कमाने में सक्षम होंगे। 

इस प्रकार, मंगल का यह गोचर धन से जुड़ी दीर्घकालिक योजनाएं बनाने के लिए बहुत शुभ समय रहेगा। इसके अलावा, इस दौरान आपको अपने मामा और बड़े भाई-बहनों से सहायता प्राप्त होगी। आपकी कुंडली के ग्यारहवें भाव में बैठकर मंगल आपके दूसरे, पांचवें और छठे भाव को देख रहे होंगे। हालांकि, आपके दूसरे भाव पर मंगल की चौथी दृष्टि को धन से जुड़े मामलों के लिए बहुत शुभ माना जाएगा, लेकिन यह आपको अपने घर-परिवार को लेकर काफ़ी सुरक्षात्मक बना सकता है। 

मकर साप्ताहिक राशिफल

कुंभ राशि

कुंभ राशि के जातकों के लिए मंगल देव आपके तीसरे और दसवें भाव के स्वामी हैं जो अब गोचर करके आपके दसवें भाव में जा रहे हैं। ऐसे में, मंगल की यह स्थिति रूचक योग का निर्माण करेगी क्योंकि दसवें भाव में मंगल ग्रह को दिग्बल यानी दिशाओं का बल प्राप्त होता है। साथ ही, इस भाव में मंगल की स्थिति को बहुत शुभ माना जाता है और ऐसे में, यह आपको कार्यक्षेत्र पर शानदार प्रदर्शन करने का साहस प्रदान करेंगे।

जैसे कि मंगल देव आपके दसवें भाव में बैठकर आपके लग्न भाव/पहले भाव, चौथे भाव और पांचवें भाव को प्रभावित करेंगे। ऐसे में, इनकी दृष्टि करियर के क्षेत्र में आपकी स्थिति को मज़बूत बनाएगी। इस राशि के जिन जातकों का संबंध रियल एस्टेट या इंफ्रास्ट्रक्चर इंडस्ट्री से है, वह इस अवधि में किसी डील के माध्यम से अच्छा लाभ प्राप्त करेंगे। वहीं, जो जातक फैमिली बिज़नेस करते हैं, उनके छोटे भाई-बहन या रिश्तेदार आपके व्यापार में शामिल होने की इच्छा ज़ाहिर कर सकते हैं। 

कुंभ साप्ताहिक राशिफल

मीन राशि

मीन राशि के जातकों के लिए मंगल देव का गोचर आपके धर्म, भाग्य और पिता के भाव यानी कि नौवें भाव में होगा। बता दें कि आपकी कुंडली में मंगल ग्रह दूसरे और नौवें भाव के स्वामी हैं। नौवां भाव पिता, दूर स्थान की यात्रा, तीर्थ स्थल, धर्म और सौभाग्य का भाव होता है, इसलिए इस दौरान आपका झुकाव धार्मिक कार्यों में बढ़ेगा और आपकी रुचि धर्म के गूढ़ रहस्यों को जानने में होगी। 

इसके अलावा, आप मंगल गोचर की अवधि में धार्मिक कार्यों के लिए दान आदि करेंगे और इस दौरान दान-पुण्य के कार्यों में भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लेंगे। इस अवधि में आपको अपने पिता के साथ-साथ अपने गुरु का आशीर्वाद और मार्गदर्शन प्राप्त होगा। मंगल का वृश्चिक राशि में गोचर का समय परिवार के साथ किसी तीर्थ स्थल या धार्मिक यात्रा की योजना बनाने के लिए अनुकूल रहेगा। वहीं, मीन राशि के जो छात्र मास्टर की डिग्री या उच्च शिक्षा हासिल करने की सोच रहे हैं, तो वह इस समय इस दिशा में कदम बढ़ा सकते हैं। 

मीन साप्ताहिक राशिफल

करियर की हो रही है टेंशन! अभी ऑर्डर करें कॉग्निएस्ट्रो रिपोर्ट

मंगल का वृश्चिक राशि में गोचर: इस राशि के लिए रहेगा अशुभ

कन्या राशि 

कन्या राशि वालों की कुंडली में मंगल ग्रह आपके तीसरे भाव में गोचर करने जा रहा है जिसका संबंध भाई-बहनों, आदतों, छोटी दूरी की यात्राओं और संचार कौशल से होगा। साथ ही, यह आपके नौवें भाव के स्वामी हैं और इस भाव का संबंध अस्पष्टता और गोपनीयता से है जो आपके तीसरे भाव में प्रवेश करने जा रहे हैं और इसे बेहद शुभ भाव माना जाता है। इस प्रकार, मंगल का वृश्चिक राशि में गोचर आपके लिए कई तरह से लाभदायक रहेगा।

मंगल गोचर की अवधि आपको साहस, आत्मविश्वास और भरपूर ऊर्जा प्रदान करेगी। मंगल का यह गोचर आपके कार्यक्षेत्र के लिए अनुकूल रहेगा। हालांकि, आपको अपने भाई-बहनों, विशेषकर छोटे भाई के साथ आपका रिश्ता कैसा रहेगा, यह पूरी तरह से आपकी कुंडली में चल रही दशाओं पर निर्भर करता है।

बता दें कि इस अवधि में आपको निश्चित रूप से उनका साथ मिलेगा, लेकिन अष्टमेश के तीसरे भाव में बैठे होने के कारण आपको उनके साथ अप्रत्याशित वाद-विवाद का सामना करना पड़ सकता है। इसके परिणामस्वरूप, आपको उनके स्वास्थ्य का ध्यान रखना होगा और साथ ही, उन्हें सावधानी से वाहन चलाने की सलाह दी जाती है।

मंगल देव की दृष्टि तीसरे भाव से आपके छठे भाव, नौवें भाव और दसवें भाव पर पड़ रही होगी। ऐसे में, इस अवधि में आपके पिता, गुरु और मेंटर जीवन में आगे बढ़ने में आपका मार्गदर्शन करेंगे, लेकिन मंगल की नौवें भाव पर दृष्टि होने से आपको अपनी सेहत पर ध्यान देना होगा। साथ ही, आपके करियर में लेकर सतर्क रहना होगा क्योंकि मंगल की दसवीं दृष्टि आपकी दसवें भाव पर होगी। 

कन्या साप्ताहिक राशिफल

मंगल का वृश्चिक राशि में गोचर: इस दौरान अपनाएं ये सरल और अचूक उपाय

  • मंगल देव को मज़बूत करने के लिए प्रतिदिन “ॐ क्रां क्रीं क्रौं सः भौमाय नमः” मंत्र का 108 बार जाप करें।
  • मंगलवार के दिन हनुमान चालीसा या सुंदरकांड का पाठ करें। 
  • हनुमान जी को मंगलवार के दिन सिंदूर, चमेली का तेल और लाल फूल अर्पित करें।
  • साहस और सुरक्षा के लिए भगवान कार्तिकेय की पूजा करें।
  • मंगलवार को लाल रंग के कपड़े, गुड़, मसूर दाल या तांबे की वस्तुओं का दान करें।
  • मंगल से शुभ फल पाने के लिए अपने भाई-बहनों, सैनिकों या खेल से जुड़े लोगों की सहायता करें।
  • मंगल की ऊर्जा को मज़बूत करने के लिए योग, प्राणायाम या मार्शल आर्ट्स का अभ्यास करें। 
  • जल्दबाज़ी में फैसले लेने या कार्यों को करने से बचें। 

बृहत् कुंडली में छिपा है, आपके जीवन का सारा राज, जानें ग्रहों की चाल का पूरा लेखा-जोखा

मंगल का वृश्चिक राशि में गोचर: विश्व पर प्रभाव

वैदिक ज्योतिष में मंगल ग्रह को साहस, युद्ध और ऊर्जा का ग्रह माना जाता है और अपनी राशि में विराजमान होने से इनकी ऊर्जा में वृद्धि होती है। वहीं, वृश्चिक राशि को रहस्यों की राशि माना जाता है और ऐसे में, मंगल गोचर की इस अवधि में दुनियाभर में कई बड़े बदलाव, भूमिगत संसाधनों, रिसर्च, तकनीक, शक्ति के लिए संघर्ष और सत्ता में अचानक से परिवर्तन देखने को मिल सकता है। 

राजनीतिक शक्ति के लिए संघर्ष और परिवर्तन 

  • भारत समेत दुनिया भर के कई देशों में सरकार के अंदर गुपचुप तरीके से गठबंधन बन सकते हैं, जो भविष्य में कोई बड़े बदलाव लेकर आ सकते हैं।
  • मंगल गोचर के दौरान राजनेताओं द्वारा आक्रामक रुख या नीतियां अपनाई जा सकती हैं और इससे विभिन्न देशों के बीच अंतर्राष्ट्रीय क्षेत्र को लेकर तनाव पैदा हो सकता है।
  • इस अवधि में युद्ध होने, सीमाओं को लेकर संघर्ष बढ़ने और सेना के हस्तक्षेप करने की संभावना बनेगी।  
  • जब मंगल वृश्चिक राशि में मौजूद होंगे, उस समय कुछ देशों द्वारा हथियारों, सुरक्षा की नीतियों या फिर परमाणु हथियारों का परीक्षण हो सकता है। 

विज्ञान के क्षेत्र में खोज और आविष्कार 

जेनेटिक, मेडिसिन, गुप्त विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़ी तकनीक में कुछ बड़ी सफलता हाथ लग सकती है।   

सुरक्षा और ऊर्जा के क्षेत्र में गुप्त ज्ञान, रिसर्च और नए-नए आविष्कारों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।

कालसर्प दोष रिपोर्ट – काल सर्प योग कैलकुलेटर 

प्राकृतिक और पर्यावरण से जुड़ी घटनाएं 

  • मंगल के वृश्चिक राशि में उपस्थित होने से ज्वालामुखी फटना, भूकंप, बाढ़ और खनन से जुड़ी घटनाएं हो सकती हैं। 
  • जल से जुड़ी समस्याएं जैसे बांध, नदिया आदि वैश्विक समस्याओं का रूप ले सकती हैं। 
  • भारत समेत दुनियाभर के कई हिस्सों में मौसम में अचानक से बदलाव देखने को मिलेगा। 
  • मौसम में होने वाला असमय परिवर्तन फसलों को प्रभावित कर सकता है, विशेष रूप से फलों और सब्जियों की पैदावार पर असर पड़ सकता है, जिससे दुनिया में महंगाई बढ़ सकती है। 

विद्वान ज्योतिषियों से प्रश्न पूछें और पाएं हर समस्या का समाधान

मंगल का वृश्चिक राशि में गोचर: विश्व पर प्रभाव

शेयर बाज़ार भविष्यवाणी के अनुसार, जब मंगल महाराज वृश्चिक राशि में बैठे होंगे, तब शेयर बाजार अस्थिर और उतार-चढ़ाव से भरा हो सकता है। जैसे कि मंगल ग्रह क्रोध, जोखिम उठाने और अचानक से कार्य करने को दर्शाते हैं जबकि वृश्चिक राशि रहस्य, गुप्त संपत्ति, तेल, खनन आदि से जुड़ी है। ऐसे में, यह अवधि बड़े परिवर्तन और आर्थिक स्थिति में अचानक से बदलाव लेकर आ सकती है। 

  • अग्नि तत्व के ग्रह मंगल और भूमिगत संसाधनों की राशि वृश्चिक की वजह से बाजार में अस्थिरता आ सकती है।
  • सीमाओं और भू-राजनितिक तनाव के चलते कच्चे तेल और प्राकृतिक गैसों की कीमत में अचानक से तेज़ी या गिरावट आने की आशंका है। 
  • मंगल गोचर की अवधि में सोना, चांदी और कीमती धातुओं के मूल्य में तेज़ी आने की प्रबल संभावना है। 
  • खनन से जुड़ी कंपनियों को लाभ हो सकता है, लेकिन इस दौरान कोई दुर्घटना होने या नियमों के सख़्त होने की आशंका है। 
  • यह समय सैन्य हथियारों और साइबर सुरक्षा से जुड़े क्षेत्रों में तेज़ी लेकर आएगा। 
  • साथ ही, सरकार द्वारा सैन्य बजट बढ़ाया जा सकता है। 

सभी ज्योतिषीय समाधानों के लिए क्लिक करें: एस्ट्रोसेज एआई ऑनलाइन शॉपिंग स्टोर

इसी आशा के साथ कि, आपको यह लेख भी पसंद आया होगा एस्ट्रोसेज के साथ बने रहने के लिए हम आपका बहुत-बहुत धन्यवाद करते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

किन ग्रहों के साथ मंगल मित्रवत संबंध रखते हैं?

ज्योतिष के अनुसार, सूर्य, चंद्र और गुरु ग्रह के मंगल ग्रह के साथ मित्रवत संबंध हैं। 

मंगल ग्रह की मूल त्रिकोण राशि कौन सी है? 

मेष राशि को मंगल देव की मूल त्रिकोण राशि माना जाता है।

मंगल ग्रह की उच्च राशि कौन सी है?

मकर राशि में मंगल देव उच्च अवस्था में होते हैं। 

शुभ योग में मनाया जाएगा भाई दूज 2025, राशि अनुसार करें तिलक, भाग्य होगा प्रबल

शुभ योग में मनाया जाएगा भाई दूज 2025, राशि अनुसार करें तिलक, भाग्य होगा प्रबल

भाई दूज 2025 सनातन धर्म का एक प्रमुख त्योहार है, जो भाई-बहन के अटूट प्रेम और स्नेह का उत्सव है। यह पर्व दिवाली के बाद कार्तिक मास की शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को मनाया जाता है। इसे यम द्वितीया, भाई टीका, भाई फोंटा आदि नामों से भी जाना जाता है। इस दिन बहनें अपने भाइयों के माथे पर लाल तिलक लगाकर उनकी लंबी आयु, सुख समृद्धि और सुरक्षा की कामना करती हैं। भाई भी बहनों को उनकी रक्षा करने तथा हर कष्ट से बचाने का वचन देते हैं। यह त्योहार रक्षाबंधन की तरह ही भाई-बहन के प्रेम और अपनत्व को मजबूत करता है। 

भविष्य से जुड़ी किसी भी समस्या का समाधान मिलेगा विद्वान ज्योतिषियों से बात करके 

अपने इस विशेष ब्लॉग में आज हम बात करेंगे दिवाली के बाद मनाये जाने वाले भाई दूज की। साथ ही जानेंगे इस दिन से जुड़ी परंपरा के बारे में,  जानेंगे कि वर्ष 2025 में भाई दूज का यह त्यौहार किस दिन मनाया जाएगा, इस दिन की सही विधि क्या है और साथ ही जानेंगे इस दिन किए जाने वाले उपायों की जानकारी जिन्हें अपनाकर आप अपने और अपने भाई से अपना रिश्ता और भी ज्यादा मजबूत बना सकते हैं।

तो चलिए आगे बढ़ते हैं और सबसे पहले जान लेते हैं वर्ष 2025 में भाई दूज का त्योहार किस दिन मनाया जाएगा।

2025 में भाई दूज कब है? 

द्वितीया तिथि प्रारम्भ: अक्टूबर 22, 2025 की शाम 08 बजकर 18 मिनट से

द्वितीया तिथि समाप्त : अक्टूबर 23, 2025 की रात 10 बजकर 47 मिनट तक

भाई दूज का त्योहार 23 अक्टूबर 2025, गुरुवार को मनाया जाएगा। बात करें इस दिन के शुभ तिलक मुहूर्त की तो,

भाई दूज तिलक का समय : दोपहर 01 बजकर 13 मिनट से 03 बजकर 28 मिनट तक

अवधि : 2 घंटे 15 मिनट

भाई दूज 2025 पर शुभ योग

इस दिन आयुष्मान योग और प्रीति योग का निर्माण हो रहा है। जिस वजह से इस दिन का महत्व और अधिक बढ़ जाता है। प्रीति योग में किए गए धार्मिक कार्यों, व्रत, पूजा-पाठ और दान का विशेष फल मिलता है। भाई दूज जैसे पावन पर्व पर प्रीति योग बनने से भाई बहन के रिश्तों में और अधिक प्रेम और सौहार्द बढ़ेगा।

वहीं आयुष्मान योग लंबी आयु, उत्तम स्वास्थ्य और समृद्धि का योग है। इस योग में किए गए कार्य लंबे समय तक शुभ फल प्रदान करते हैं। भाई दूज पर आयुष्मान योग बनना भाई की दीर्घायु और बहन की समृद्धि के लिए बहुत लाभकारी रहेगा।

अधिक जानकारी: उपरोक्त मुहूर्त नई दिल्ली के लिए मान्य है। अगर आप अपने शहर के अनुसार इस दिन का सही और शुभ तिलक मुहूर्त जानना चाहते हैं तो यहां क्लिक करें

बृहत् कुंडली में छिपा है, आपके जीवन का सारा राज, जानें ग्रहों की चाल का पूरा लेखा-जोखा

भाई दूज का महत्व

भाई दूज का त्योहार कार्तिक मास की शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को मनाया जाता है। यह पर्व भाई-बहन के प्रेम, स्नेह और विश्वास का प्रतीक है। मान्यता है कि इस दिन बहनें अपने भाई लंबी आयु, अच्छे स्वास्थ्य और सुख समृद्धि के प्रार्थना करती हैं। भाई दूज का महत्व रक्षाबंधन जैसा ही है, फर्क सिर्फ इतना है कि इसमें राखी बांधी नहीं जाती है, बल्कि बहन अपने भाई को तिलक करती है और आरती उतारता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भाई दूज के दिन यमराज अपनी बहन यमुनाजी से मिलने आए थे।

यमुनाजी ने प्रेमपूर्वक उनका स्वागत किया और उन्हें भोजन कराया। इस पर यमराज ने वचन दिया कि इस दिन जो बहन अपने भाई को तिलक कर आदर- सत्कार करेगी, उसके भाई की आयु लंबी होगी और उसे अकाल मृत्यु का भय नहीं रहेगा। इसी कारण इस दिन को यम द्वितीया भी कहा जाता है। 

इस दिन का सामाजिक महत्व भी बहुत गहरा है। भाई-बहन का रिश्ता विश्वास, सहयोग और आत्मीयता पर आधारित होता है। यह त्योहार इस रिश्ते को और मजबूत करता है और परिवार में आपसी प्रेम और एकता का संदेश देता है।

भाई दूज 2025 पर होने वाली परंपराएं और पूजा विधि

भाई दूज के दिन बहनें अपने भाई के तिलक और आरती की तैयारी के लिए विशेष पूजन थाली सजाती हैं। इस थाल में रोली, कुमकुम, चंदन, सिंदूर के साथ-साथ पूल, मिठाई, सुपारी और फल रखे जाते हैं। तिलक की शुरुआत से पहले बहनें चावल के घोल से जमीन पर एक चौक बनाती है और उसी पर अपने भाई को बैठाकर पूजन करती हैं।

शुभ मुहूर्त आने पर भाई की पेशानी पर तिलक लगाया जाता है। इसके बाद बहनें भाई को काले चने, बताशे, पान और सुपारी अर्पित कराती हैं और उसकी आरती उतारती हैं। पूजा सम्पन्न होने के बाद भाई अपनी बहन को उपहार देकर उसे खुश करता है और साथ ही जीवन भर उसकी रक्षा करने का वचन भी देता है। इस तरह भाई दूज का यह पर्व भाई-बहन के रिश्ते में और अधिक प्रेम, विश्वास और अपनापन भर देता है।

भाई दूज 2025 पर भूलकर भी न करें ये गलतियां

  • भाई का तिलक हमेशा शुभ मुहूर्त में ही करें, राहुकाल या अशुभ समय पर नहीं। 
  • इस दिन भाई-बहनों दोनों को ही उजले और शुभ रंग के कपड़े पहनना चाहिए। काले कपड़े पहननें से बचना चाहिए।
  • पूजा थाली में कुमकुम, चावल, फूल, मिठाई और सुपारी जरूर होनी चाहिए।
  • परंपरा है कि भाई को चौक या पूजन स्थल पर बैठाकर ही तिलक किया जाए।
  • भाई-बहन के रिश्ते में इस दिन प्यार और सम्मान ही होना चाहिए।
  • भाई अपनी बहन को तिलक और आरती के बाद उपहार ज़रूर दे और रक्षा का वचन भी निभाए।

अब घर बैठे विशेषज्ञ पुरोहित  से कराएं इच्छानुसार ऑनलाइन पूजा और पाएं उत्तम परिणाम!

भाई दूज की पौराणिक कथा

भाई दूज से जुड़ी कई पौराणिक कथाएं प्रचलित हैं, जिनमें से सबसे प्रसिद्ध कथा यमराज और उनकी बहन यमुनाजी की है। कहा जाता है कि सूर्यदेव और उनकी पत्नी संज्ञा के दो संतानें थीं यमराज और यमुनाजी। यमुनाजी अपने भाई यमराज से बेहद स्नेह करती थीं और हमेशा उन्हें अपने घर भोजन के लिए बुलाया करती थीं। लेकिन व्यस्त रहने के कारण यमराज उनके घर नहीं जा पाते थे। एक बार कार्तिक मास की शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि पर यमराज अपनी बहन यमुनाजी से मिलने उनके घर पहुंचे। 

यमुनाजी अपने भाई को देखकर बहुत प्रसन्न हुईं। उन्होंने बड़े प्रेम से उनका स्वागत किया, तिलक किया, आरती उतारी और स्वादिष्ट भोजन कराया। भाई के प्रति इस प्यार और सम्मान से यमराज अत्यंत प्रसन्न हो गए। उन्होंने बहन यमुनाजी से वरदान मांगने को कहा।

यमुना जी ने कहा कि मैं यही वर चाहती हूं कि इस दिन हर बहन अपने भाई का तिलक करें और उसकी लंबी आयु की कामना करें। जो भी भाई-बहन इस परंपरा का पालन करेंगे, उन्हें यमराज के भय से मुक्ति मिलेगी।” यमराज ने उनकी यह इच्छा पूरी कर दी। तभी से भाई दूज का यह पर्व मनाया जाने लगा। इसलिए भाई दूज को यम द्वितीया भी कहा जाता है और इस दिन भाई-बहन का पवित्र रिश्ता और भी मजबूत हो जाता है।

विभिन्न क्षेत्रों में भाई दूज 2025 के पर्व का महत्व

उत्तर भारत: में भाई दूज का त्योहार बेहद धूमधाम से मनाया जाता है। बहनें भाई को तिलक कर आरती उतारती हैं। खास मिठाइयां जैसे पेड़े, लड्डू और मिठाई के थाल सजते हैं। इस दिन भाई अपनी बहन को उपहार और नकद राशि देते हैं।

बिहार और पूर्वी भारत: यहां भाई दूज को यम द्वितीया भी कहा जाता है। मान्यता है कि इस दिन यमराज अपनी बहन यमुनाजी से मिलने आए थे। बहनें भाई की दीर्घायु और अच्छे स्वास्थ्य की कामना करती है।

पश्चिम बंगाल: इसे भाई फोंटा के नाम से पश्चिम बंगाल में जानते हैं। यहां बहनें अपने भाई को खास चंदन और काजल का फोंटा लगाती हैं। भाई बहन एक दूसरे को उपहार देते हैं। इस मौके पर खास बंगाली व्यंजन और मिठाई बनाई जाती हैं।

महाराष्ट्र और गोवा:  यहां भाई दूज को “भाऊबीज” कहते हैं। बहनें भाई को “सत्कारी भोजन” कराती हैं। भाई बहन को उपहार और कपड़े भेंट करता है। घर में उत्सव का माहौल रहता है।

नेपाल :  नेपाल में इस पर्व को “भाई टीका” कहा जाता है। बहनें भाई को “सप्तवर्णी तिलक” यानी सात रंगों का तिलक लगाती हैं। बहनें भाई को “भेंट स्वरूप” दक्षिणा देती हैं और भाई बहन को उपहार। यह पर्व नेपाल में भाई-बहन के रिश्ते का सबसे बड़ा त्योहार माना जाता है।

करियर की हो रही है टेंशन! अभी ऑर्डर करें कॉग्निएस्ट्रो रिपोर्ट

भाई दूज 2025 पर राशि अनुसार पहनें किस रंग का वस्‍त्र

मेष राशि

बहनें लाल रंग के कपड़े पहनें, भाई को पीले रंग की मिठाई खिलाएं। इससे भाई की कुंडली शांत होती है और जीवन में सफलता मिलती है।

वृषभ राशि

सिल्वर रंग के कपड़े पहनें, भाई को सफेद मिठाई खिलाएं। भाई-बहन का प्रेम बढ़ता है।

मिथुन राशि

हरे रंग के कपड़े पहनें, भाई को पीली मिठाई खिलाएं। रिश्ते में गहराई आती है।

कर्क राशि

लाल या सफेद कपड़े पहनें, भाई का तिलक करें और उनके पैर छूकर आशीर्वाद लें। मनमुटाव खत्म होता है।

सिंह राशि

गोल्डन रंग के कपड़े पहनें, कमजोर ग्रहों की स्थिति मजबूत होती है और रिश्ते मजबूत होते हैं।

कन्या राशि

हरे रंग के कपड़े पहनें, भाई का कुमकुम से तिलक करें, रिश्तों की खटास कम होगी।

नये साल में करियर की कोई भी दुविधा कॉग्निएस्ट्रो रिपोर्ट से करें दूर

तुला राशि

सिल्वर या गोल्डन रंग के कपड़े पहनें, भाई से रिश्ता मजबूत होगा और खुशियां बनी रहेंगी।

वृश्चिक राशि

भूरे रंग के कपड़े पहनें, भाई का रोली से तिलक करें, बेसन की मिठाई खिलाएं। प्रेम बढ़ता है।

धनु राशि 

बहनें लाल, भाई गरे रंग के कपड़े पहनें, भाई का रोली से तिलक करें। रिश्ते मजबूती पाएंगे।

मकर राशि

लाल रंग के कपड़े पहनें, चंदन से तिलक करें, बेसन की मिठाई खिलाएं। खटास कम होगी।

कुंभ राशि

नेवी ब्लू या सिल्वर रंग के कपड़े पहनें, भाई का रोली से तिलक करें, सफेद मिठाई खिलाएं। रिश्ते में मिठास आएगी।

मीन राशि

लाल या गोल्डन रंग के कपड़े पहनें। मनमुटाव कम होंगे, रिश्ते गहरें होंगे।

सभी ज्योतिषीय समाधानों के लिए क्लिक करें: ऑनलाइन शॉपिंग स्टोर

हम उम्मीद करते हैं कि आपको हमारा यह लेख ज़रूर पसंद आया होगा। अगर ऐसा है तो आप इसे अपने अन्य शुभचिंतकों के साथ ज़रूर साझा करें। धन्यवाद!

अक्‍सर पूछे जाने वाले प्रश्‍न

भाई दूज पर राशि अनुसार उपाय क्यों करें? 

राशि अनुसार उपाय करने से ग्रहों की शुभता बढ़ती है और भाई-बहन के रिश्ते में प्रेम और समृद्धि आती है।

क्या हर राशि के लिए अलग-अलग रंग और मिठाई इस्तेमाल करनी चाहिए?  

हां, हर राशि के लिए विशेष रंग और मिठाई निर्धारित होती है, जो शुभता और लाभकारी प्रभाव लाती है।

क्या भाई दूज 2025 के दिन तिलक करना आवश्यक है?  

हां, तिलक करना भाई दूज का प्रमुख संस्कार है, जिससे परिवार में खुशहाली और भाई के लिए शुभ कार्य होता है।

नवंबर 2025 की देवउठनी एकादशी से होगी शुरुआत, पढ़ें राशिफल!

नवंबर 2025 की देवउठनी एकादशी से होगी शुरुआत, पढ़ें राशिफल!

ज्‍योतिषीय दृष्टि से नवंबर 2025 बहुत महत्‍व रखता है। इस पवित्र मास में देवउठनी एकादशी और कार्तिक पूर्णिमा एवं संकष्‍ठी चतुर्थी जैसे पवित्र व्रत-त्‍योहार आते हैं। नवंबर से ही भारत के कई हिस्‍सों में ठंड बढ़ने लगती है। ग्रेगोरियन कैलेंडर के अनुसार नवंबर माह में कुल 30 दिन होते हैं और यह साल का ग्‍यारहवां महीना है।

इस महीने में सूर्य का वृश्चिक राशि में गोचर होता है जिसकी वजह से यह समय परिवर्तन और गहराई का प्रतीक बन जाता है। ज्‍योतिष की दृष्टि से यह महीना आत्‍मविश्‍लेषण, रहस्‍यों को जानने और अपनी आंतरिक शक्‍ति को पहचानने के लिए अनुकूल होता है। इस समय रिश्‍तों और आर्थिक मामलों के बारे में गहराई से सोचने की प्रवृत्ति बढ़ती है। अगर आप भी नवंबर के महीने को लेकर अपने भविष्‍यफल के बारे में जानना चाहते हैं, तो एस्‍ट्रोसेज एआई के इस ब्‍लॉग में आपको अपने हर सवाल का जवाब मिल सकता है।

इस ब्‍लॉग में बताया गया है कि नए महीने में आपका करियर कैसा रहेगा, लव लाइफ में सब कुछ ठीक रहेगा या नहीं, क्‍या इस महीने आप अपना घर ले पाएंगे, परिवार की समस्‍याएं दूर होंगी या नहीं। साथ ही इस ब्‍लॉग में यह भी जानकारी दी गई है कि नवंबर में कौन से ग्रह किस तिथि पर गोचर करने वाले हैं और नवंबर 2025 में किन तिथियों पर बैंक का अवकाश रहेगा एवं मुंडन मुहूर्त कब है। तो चलिए अब आगे बढ़ते हैं और जानते हैं कि इस बार नवंबर के महीने में क्‍या खास है।

भविष्य से जुड़ी किसी भी समस्या का समाधान मिलेगा विद्वान ज्योतिषियों से बात करके 

नवंबर 2025 का ज्योतिषीय तथ्य और हिंदू पंचांग की गणना

हिंदू पंचांग के अनुसार 01 नवंबर, 2025 को शतभिषा नक्षत्र में शुक्‍ल पक्ष की दशमी तिथि को नवंबर माह 2025 की शुरुआत होगी। नवंबर 2025 का समापन 30 नवंबर को उत्तरा भाद्रपद नक्षत्र में शुक्‍ल पक्ष की एकादशी तिथि को होगा।

नवंबर 2025 के हिंदू व्रत व त्योहार

तिथिपर्व व व्रत
02 नवंबर 2025देवउठनी एकादशी
03 नवंबर 2025प्रदोष व्रत (शुक्ल)
05 नवंबर 2025कार्तिक पूर्णिमा व्रत
08 नवंबर 2025संकष्टी चतुर्थी
15 नवंबर 2025उत्पन्ना एकादशी
16 नवंबर 2025वृश्चिक संक्रांति
17 नवंबर 2025प्रदोष व्रत (कृष्ण)
18 नवंबर 2025मासिक शिवरात्रि
20 नवंबर 2025मार्गशीर्ष अमावस्या

नवंबर 2025 के लिए अन्नप्राशन मुहूर्त

तिथि दिनमुहूर्त
03 नवंबर 2025सोमवार07:06-10:29, 12:33-17:08, 18:43-22:53
07 नवंबर 2025शुक्रवार07:55-14:00, 15:27-20:23
17 नवंबर 2025सोमवार07:16-13:20, 14:48-21:58
27 नवंबर 2025गुरुवार07:24-12:41, 14:08-21:19

नवंबर 2025 में बैंक अवकाश की सूची

तिथिअवकाशराज्य 
01 नवंबरकुटमणिपुर
01 नवंबरपुडुचेरी विलय दिवसपुदुचेरी 
01 नवंबरहरियाणा दिवसहरियाणा 
01 नवंबरकन्नड़ राज्योत्सवकर्नाटक
05 नवंबरकार्तिक पूर्णिमाउड़ीसा और तेलंगाना
05 नवंबरगुरु नानक जयंतीआंध्र प्रदेश, बिहार, दादर और नगर हवेली, दमन और दीव, गोवा, कर्नाटक, केरल, मणिपुर, मेघालय, उड़ीसा, पांडिचेरी, सिक्किम, तमिलनाडु, त्रिपुरा आदि राज्यों को छोड़कर राष्ट्रीय अवकाश
07 नवंबरवांगला उत्‍सवमेघालय
11 नवंबरलहबाब धुचेनसिक्किम
23 नवंबर सेंग कूट स्नेममेघालय
25 नवंबरश्री गुरु तेग बहादुर शहादत दिवसपंजाब 

फ्री ऑनलाइन जन्म कुंडली सॉफ्टवेयर से जानें अपनी कुंडली का पूरा लेखा-जोखा

नवंबर 2025 में सार्वजनिक अवकाश

तारीखअवकाशराज्य
1 नवंबर 2025, शनिवारकुटमणिपुर
1 नवंबर 2025, शनिवारपांडिचेरी विलय दिवसपुदुचेरी 
1 नवंबर 2025, शनिवारहरियाणा दिवसहरियाणा 
1 नवंबर 2025, शनिवारकन्नड़ राज्योत्सवकर्नाटक
5 नवंबर 2025, बुधवारकार्तिक पूर्णिमाउड़ीसा और तेलंगाना
5 नवंबर 2025, बुधवारगुरु नानक जयंतीराष्ट्रीय दिवस (इन राज्यों को छोड़कर- आंध्र प्रदेश, असम बिहार, दादर और नगर हवेली, दमन और दीव, गोवा, कर्नाटक, केरल, मणिपुर, मेघालय, उड़ीसा, पांडिचेरी, सिक्किम तमिलनाडु और त्रिपुरा आदि)
7 नवंबर 2025, शुक्रवारवंगाला उत्सवमेघालय
8 नवंबर 2025, शनिवारकनकदास जयंतीकर्नाटक
11 नवंबर 2025, मंगलवारलहबाब धुचेनसिक्किम
23 नवंबर 2025, रविवार सेंग कूट स्नेममेघालय
25 नवंबर 2025, मंगलवारश्री गुरु तेग बहादुर शहादत दिवसपंजाब 

नवंबर 2025 के लिए मुंडन मुहूर्त

दिन समय 
1 नवंबर 202507:04-08:1810:37-15:5117:16-18:50
3 नवंबर 202515:43-17:08
10 नवंबर 202510:02-16:40
17 नवंबर 202507:16-13:2014:48-18:28
21 नवंबर 202517:32-19:28
22 नवंबर 202507:20-09:1411:18-15:53
27 नवंबर 202507:24-12:4114:08-19:04
28 नवंबर 202515:29-19:00

नवंबर 2025 में कर्णवेध मुहूर्त

तिथि मुहूर्त
3 नवंबर 202515:43-17:08
10 नवंबर 202510:02-16:40
16 नवंबर 202507:19-13:24 14:52-19:47
17 नवंबर 202507:16-13:20 14:48-18:28
20 नवंबर 202513:09-16:01 17:36-19:32
21 नवंबर 202507:20-09:18 11:22-14:32
26 नवंबर 202507:24-12:45 14:12-19:08
27 नवंबर 202507:24-12:41 14:08-19:04

नये साल में करियर की कोई भी दुविधा कॉग्निएस्ट्रो रिपोर्ट से करें दूर

नवंबर 2025 में देवउठनी एकादशी

02 नवंबर, 2025 को देवउठनी एकादशी मनाई जाएगी। शास्‍त्रों में इस दिन को अत्‍यंत पवित्र और शुभ माना गया है। यहीं से एक लंबे अंतराल के बाद शुभ एवं मांगलिक कार्यों की शुरुआत हो जाती है। मान्‍यता है कि इस दिन भगवान विष्‍णु चार महीने तक योग निद्रा में रहने के बाद जागते हैं। इस दिन भगवान विष्‍णु के शालिग्राम रूप का तुलसी से विवाह करवाया जाता है।

क्‍या है देवउठनी एकदाशी 2025 का महत्‍व

नवंबर का महीना इसलिए भी बहुत खास होता है क्‍योंकि इस मास में देवउठनी एकादशी आती है जो कि बहुत ही ज्‍यादा महत्‍व रखती है। इस एकादशी से मांगलिक एवं शुभ कार्य एक बार फिर से शुरू हो जाते हैं।

बता दें कि कार्तिक माह की शुक्‍ल पक्ष की एकादशी पर भगवान विष्‍णु योग निद्रा से जागते हैं। यही वजह है कि इस एकादशी को देवउठनी एकादशी नाम दिया गया है। इस दिन विष्‍णु जी और मां लक्ष्‍मी की विधि-विधान से पूजा की जाती है। इस दिन व्रत रखने का भी विधान है। ऐसा माना जाता है कि देवउठनी एकादशी व्रत 2025 करने से मनुष्‍य को अपने सभी पापों से छुटकारा मिल सकता है।

नवंबर 2025 में पड़ने वाले ग्रहों के गोचर

जानें कि नवंबर में किस तिथि पर किस ग्रह का गोचर होने जा रहा है।

  • 02 नवंबर 2025 की दोपहर 01 बजकर 05 मिनट पर शुक्र का तुला राशि में गोचर होगा।
  • 07 नवंबर 2025 की दोपहर 01 बजकर 46 मिनट पर मंगल वृश्चिक राशि में अस्त होने जा रहे हैं।
  • 10 नवंबर 2025 की मध्यरात्रि 12 बजकर 03 मिनट पर बुध वृश्चिक राशि में वक्री हो जाएंगे।
  • 11 नवंबर, 2025 को शाम 06 बजकर 31 मिनट पर बृहस्पति कर्क राशि में वक्री होंगे।
  • 15 नवंबर को रात 03 बजकर 01 मिनट पर बुध वृश्चिक राशि में अस्त होने जा रहे हैं।
  • 16 नवंबर 2025 की दोपहर 01 बजकर 26 मिनट पर सूर्य का वृश्चिक राशि में गोचर होगा।
  • 23 नवंबर, 2025 को रात 08 बजकर 08 मिनट पर बुध का तुला राशि में गोचर होने जा रहा है।
  • 26 नवंबर को सुबह 06 बजकर 01 मिनट पर बुध का वृश्चिक राशि में उदय होगा।
  • 26 नवंबर, 2025 को सुबह 11 बजकर 10 मिनट पर शुक्र का वृश्चिक राशि में गोचर होगा।
  • 26 नवंबर, 2025 को सुबह 11 बजकर 27 मिनट पर शुक्र वृश्चिक राशि में अस्त होंगे।
  • 28 नवंबर 2025 की सुबह 07 बजकर 26 मिनट पर शनि मीन राशि में मार्गी हो जाएंगे।
  • बुध 29 नवंबर 2025 की रात 10 बजकर 33 पर वृश्चिक राशि में मार्गी हो जाएंगे।

इस माह में कोई सूर्य या चंद्र ग्रहण नहीं है।

कालसर्प दोष रिपोर्ट – काल सर्प योग कैलकुलेटर

नवंबर 2025 में आने वाले व्रत-त्‍योहार

  • प्रदोष व्रत: 03 नवंबर 2025 को प्रदोष व्रत है। हर मास के शुक्ल और कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि पर प्रदोष व्रत रखा जाता है। इस व्रत में माता पार्वती और भगवान शिव की पूजा की जाती है। प्रदोष व्रत करने से दीर्घायु और अच्छे स्वास्थ्य का आशीर्वाद मिलता है।
  • कार्तिक पूर्णिमा: 05 नवंबर, 2025 को कार्तिक पूर्णिमा है। कार्तिक शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा को कार्तिक पूर्णिमा कहते हैं। मान्यता है कि भगवान शिव ने त्रिपुरासुर नामक राक्षस का संहार कार्तिक पूर्णिमा के दिन किया था। कार्तिक पूर्णिमा को देव दीपावली के नाम से भी जाना जाता है।
  • वृश्चिक संक्रांति: 16 नवंबर, 2025 को वृश्चिक संक्रांति पड़ रही है। सूर्य देव तुला राशि से निकलकर वृश्चिक राशि में प्रवेश करने जा रहे हैं इसलिए इस संक्रांति को वृश्चिक संक्रांति कहा जाएगा।
  • संकष्‍टी चतुर्थी: 08 नवंबर, 2025 को संकष्टी चतुर्थी का व्रत है। यह हर माह की कृष्ण और शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि पर आती है। इस व्रत को जो भक्त सच्चे मन से करता है, उसके जीवन से भगवान गणेश सारे दुखों एवं बाधाओं को हर लेते हैं।
  • उत्‍पन्‍ना एकादशी: 15 नवंबर, 2025 को उत्पन्ना एकादशी मनाई जाएगी। ऐसा माना जाता है कि उत्पन्ना एकादशी के दिन एकादशी माता का जन्म हुआ था इसलिए इसका नाम उत्पन्ना एकादशी पड़ा। देवी एकादशी को श्रीहरि विष्णु का शक्ति स्वरूप माना गया है।
  • मासिक शिवरात्रि: 18 नवंबर, 2025 को मासिक शिवरात्रि है। इस व्रत को करने से भक्त के जीवन में उत्पन्न सभी समस्याओं का अंत होता है और उसकी समस्त मनोकामनाओं की पूर्ति होती है।

नवंबर में जन्‍मे लोगों का स्‍वभाव

जिन लोगों का जन्‍म नवंबर के महीने में होता है, उनका दृष्टिकोण हमेशा आशावादी रहता है। इस वजह से इन्‍हें चुनौतियों और मुश्किलों से डर नहीं लगता है। इन्‍होंने अपने हाथ में जो काम लिया है, जब तक वो पूरा न हो जाए, तब तक ये हार नहीं मानते हैं। ये अपनी बातों को किसी से भी शेयर करना पसंद नहीं करते हैं और अपने परिवार एवं दोस्‍तों से भी कुछ बातें छिपाने की कोशिश करते हैं।

ये मुश्किल परिस्थिति का बुद्धिमानी एवं समझदारी से सामना करते हैं। इन्‍हें कोई भी नई चीज सीखने में ज्‍यादा समय नहीं लगता है। ये स्‍वभाव से जिज्ञासु होते हैं। ये अपनी बुद्धिमानी और ज्ञान की मदद से सही निर्णय लेने में सक्षम होते हैं। इनके बारे में कोई भी यह नहीं बता सकता है कि ये किस परिस्थिति में किस तरह से प्रतिक्रिया देंगे।

शुभ अंक: 03, 01, 07  

शुभ रंग: गुलाबी, सफ़ेद और चॉकलेटी

शुभ दिन: गुरुवार, मंगलवार 

शुभ रत्न: मोती, मूनस्टोन

आज का गोचर

नवंबर में पैदा होने वाले लोगों की राशियां

जिनका जन्‍म 23 अक्‍टूबर से 23 नवंबर के बीच होता है, उनकी वृश्चिक राशि होती है। वहीं 22 नवंबर से 21 दिसंबर के बीच पैदा होने वाले लोगों की धनु राशि होती है। वृश्चिक स्थिर जल तत्‍व की राशि है जिसे गहराई और भावनात्‍मक प्रतिबद्धता के लिए जाना जाता है। वहीं धनु अग्नि तत्‍व की राशि है जिसे आशावादी, जिज्ञासु और स्‍वतंत्रता प्रिय होने के लिए जाना जाता है।

सभी 12 राशियों के लिए नवंबर 2025 का राशिफल

मेष राशि

नवंबर मासिक राशिफल 2025 के अनुसार मेष राशि के लोगों के लिए यह महीना मिले-जुले या फिर औसत लेवल के परिणाम लेकर आ सकता है। कभी कभार अप्रत्याशित रूप से मंगल कुछ अच्छे परिणाम दे सकता है।

करियर: कार्यक्षेत्र में कुछ कठिनाइयां रह सकती हैं। काम के मामले में इस महीने सावधानी पूर्वक निर्वाह करना जरूरी रहेगा। नए सिरे से किसी काम की शुरुआत या निवेश आदि न करें।

शिक्षा: प्राथमिक शिक्षा प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को कुछ कठिनाई का सामना करना पड़ सकता है। मेष राशि वाले लोगों की शिक्षा के लिए यह महीना औसत रहने वाला है।

पारिवारिक जीवन: परिवार के सदस्यों के बीच सामंजस्य कम देखने को मिल सकता है। एक दूसरे से कहासुनी होने की आशंका है। भाई बंधुओं के साथ संबंध औसत या औसत से कुछ कमज़ोर ही रह सकते हैं।

प्रेम और वैवाहिक जीवन: प्रेम संबंध में सावधानी पूर्वक निर्वाह करने की जरूरत है। छोटी-छोटी बातों का बतंगड़ बनाने से बचें। प्रेम संबंध में मर्यादा भी रखनी है। विवाह आदि की बातों को आगे बढ़ाने के लिए भी अनुकूल समय नहीं है।

आर्थिक जीवन: आपको अपनी मेहनत का कुछ फल मिल सकता है। व्यवसाय में भी कम फायदा मिलेगा। बचत के दृष्टिकोण से भी महीना बहुत अनुकूल नहीं है।

स्वास्थ्य: इस महीने खान-पान बहुत संयमित रखें। आपका बहुत ज्यादा तीखा चरपरा खाने की इच्छा हो सकती है। इसका नकारात्मक प्रभाव आपके पेट पर पड़ सकता है।

उपाय: मंदिर में गुड़ और चने की दाल का दान करें।

मेष साप्ताहिक राशिफल

वृषभ राशि

नवंबर मासिक राशिफल 2025 के अनुसार इस महीने आपको मिलेजुले या कुछ हद तक कमज़ोर परिणाम मिलने की संभावना है। कुछ मामलों में बृहस्पति आपको काफी अच्छे परिणाम भी दे सकते हैं।

करियर: कामों में कुछ रुकावटों के बाद सफलता मिलने के योग बनेंगे। व्यवसाय में किसी भी प्रकार का जोखिम लेना उचित नहीं रहेगा। नौकरी में छोटी-मोटी परेशानियां देखने को मिल सकती हैं।

शिक्षा: प्रतिस्पर्धात्मक परीक्षाओं में अच्छे परिणाम मिल सकते हैं। लापरवाही की स्थिति में बात बनते-बनते बिगड़ भी सकती है। प्रतिस्पर्धात्मक परीक्षाओं के लिए महीना का पहला हिस्सा ज्यादा अच्छा है।

पारिवारिक जीवन: परिजनों के साथ कहासुनी हो सकती है। हालांकि, कोई बड़ी पारिवारिक समस्या आने के संकेत नहीं हैं। घर गृहस्थी से जुड़े मामलों में इस महीने सावधानीपूर्वक निर्वाह करें।

प्रेम और वैवाहिक जीवन: इस महीने अपनी लव लाइफ को लेकर गंभीर रहें। आप हर तरह से मर्यादित आचरण करने की को‍शिश करें। इस महीने वैवाहिक मामलों में कुछ परेशानियां देखने को मिल सकती है।

आर्थिक जीवन: आपके लिए धन लाभ के योग बन रहे हैं। आपको आपकी मेहनत के अनुरूप अच्छा लाभ मिल सकता है। आप कमाई का कुछ हिस्सा बचाने में कामयाब हो सकते हैं।

स्वास्थ्य: यदि पिछले महीने से स्वास्थ्य में कोई समस्या नहीं रही है तो शायद इस महीने भी नए सिरे से कोई समस्या नहीं आएगी। आपको चोट खरोंच, सिरदर्द, बुखार इत्यादि जैसी कुछ समस्याएं होने का डर है।

उपाय: आप काली गाय की सेवा करें।

वृषभ साप्ताहिक राशिफल

ऑनलाइन सॉफ्टवेयर से मुफ्त जन्म कुंडली प्राप्त करें

मिथुन राशि

नवंबर 2025 का महीना आपके लिए काफी हद तक अनुकूल रहने वाला है। मिथुन राशि के लोगों को सूर्य से काफी अच्छे परिणाम मिल सकते हैं।

करियर: आपके कामों में कुछ धीमापन देखने को मिल सकता है। आप अपने व्यापार में काफी अच्छा कर सकेंगे। नौकरीपेशा लोगों के लिए महीना बेहतर रह सकता है।

शिक्षा: प्रतिस्पर्धात्मक परीक्षाओं में भाग लेने वाले छात्रों को विशेष परिणाम मिल सकते हैं। विद्यार्थी अपनी योग्यता और मेहनत के अनुरूप काफी अच्छा प्रदर्शन कर सकेंगे।

पारिवारिक जीवन: इस महीने परिवार के सदस्यों के बीच अच्छा सामंजस्य देखने को मिल सकता है। परिवारजन एक दूसरे की परेशानियों को समझ कर एक दूसरे की मदद करेंगे।

प्रेम और वैवाहिक जीवन: विवाह इत्यादि से संबंधित मामलों को आगे बढ़ाने के लिए अनुकूल समय नहीं है। हालांकि, शादीशुदा लोगों के लिए यह महीना बहुत अच्‍छा रहने वाला है।

आर्थिक जीवन: आप अपनी मेहनत के अनुरूप कमाई करते रहेंगे। लोन की जरूरत है, तो वो भी पूरी होगी। आपके लिए धन लाभ के योग बन रहे हैं।

स्वास्थ्य: नवंबर मासिक राशिफल 2025 के अनुसार, आपको स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहना चाहिए। नए सिरे से किसी समस्या के आने के योग नहीं हैं।

उपाय: मांस मदिरा व अंडे का सेवन न करें।

मिथुन साप्ताहिक राशिफल

कर्क राशि

नवंबर 2025 का महीना कर्क राशि वालों को औसत से कुछ हद तक कमज़ोर परिणाम दे सकता है। मंगल ग्रह आपको मिले-जुले परिणाम दे सकता है।

करियर: आपको अपने कार्यक्षेत्र में कोई नकारात्मकता देखने को नहीं मिलेगी। आप सोच-समझकर काम करें। इस महीने आप नौकरी बदलने के बारे में सोच सकते हैं।

शिक्षा: पढ़ाई पर ध्यान देने वाले छात्र अच्छे परिणाम प्राप्त कर सकेंगे। लापरवाही करने पर मन विचलित रह सकता है। आप अपने शिक्षा के स्तर को मेंटेन कर सकेंगे।

पारिवारिक जीवन: आपको परिवार में कुछ परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। आप बड़े बुजु़र्गों का आदर करते हुए उनके बताए गए रास्ते पर चलें। इससे परिवार में शांति बनी रहेगी।

प्रेम और वैवाहिक जीवन: इस महीने रिश्‍ते में नोक-झोंक होने का डर है। हालांकि, आपके और आपके पार्टनर के बीच लगाव और जुड़ाव के भाव मज़बूत बने रहेंगे।

आर्थिक जीवन: आपके पास अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्‍त धन होगा। हालांकि, पैसों की बचत करने में आपको थोड़ी परेशानी हो सकती है।

स्वास्थ्य: यदि पहले से कोई स्वास्थ्य समस्या है तो इस महीने सावधानी पूर्वक निर्वाह करें। खानपान पर संयम रखें। आपको एसिडिटी, पेट में जलन, कब्ज, इत्यादि की कुछ समस्याएं देखने को मिल सकती हैं।

उपाय: नीम के पेड़ पर रोज़ जल चढ़ाएं।

 कर्क साप्ताहिक राशिफल

सिंह राशि

नवंबर 2025 में आपको मिले-जुले परिणाम मिल सकते हैं। लापरवाही करने से आपको नुकसान हो सकता है।

करियर: व्‍यापारिक यात्राओं से लाभ मिलने के योग हैं। नौकरी में बदलाव की कोशिश भी कामयाब रहेगी। नौकरी बदलने को लेकर जल्दबाज़ी से बचने की ज़रूरत है।

शिक्षा: उच्‍च शिक्षा ले रहे सिंह राशि वाले छात्रों के लिए बहुत अच्‍छा समय है। अन्य विद्यार्थियों को अपेक्षाकृत अधिक मेहनत करने की आवश्यकता रह सकती है। छात्रों का ध्‍यान भटकने का भी डर है।

पारिवारिक जीवन: परिवार में अशांति का माहौल रह सकता है। परिवार के सदस्‍यों के बीच नोक-झोंक बढ़ सकती है। भाई बंधुओं के साथ भी औसत संबंध रह सकते हैं।

प्रेम और वैवाहिक जीवन: लॉन्ग डिस्टेंस रिलेशनशिप में रहने वाले लोगों के लिए अच्छा समय है। रिश्‍ते में मर्यादा का पूरा ख्याल रखना बहुत ज़रूरी रहेगा। दांपत्य सुख के लिए महीना थोड़ा सा कमज़ोर रह सकता है।

आर्थिक जीवन: आपको अपनी मेहनत के हिसाब से धन लाभ मिलता रहेगा। आमदनी के साथ-साथ आप पैसों की बचत करने में भी सक्षम होंगे। हालांकि, बचत के मामले में आपको कुछ हद तक कंजूस बनने की ज़रूरत रह सकती है।

स्वास्थ्य: आपको मौसम जनित बीमारियां परेशान कर सकती हैं। आप स्वयं को थका हुआ सुस्त या कमज़ोर महसूस कर सकते हैं। आप सूर्य ग्रह की पूजा करें।

उपाय: आप रोज़ हनुमान चालीसा का पाठ करें।

सिंह साप्ताहिक राशिफल

कन्या राशि

नवंबर 2025 के अनुसार इस महीने सूर्य आपको अनुकूल परिणाम नहीं दे सकेंगे। यदि आप समझदारी से काम लेंगे तो बुध के द्वारा अच्छे परिणाम मिल सकते हैं।

करियर: बेहतर होगा कि आप अपने बिज़नेस से जुड़े सभी फैसले 23 नवंबर के बाद लें। नौकरी में किया गया बदलाव फायदेमंद रह सकता है।

शिक्षा: कन्‍या राशि के छात्रों को 11 नवंबर के बाद किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरतनी है। आप ज्‍यादा मेहनत करें और पूरी लगन के साथ पढ़ाई करें। उच्च शिक्षा प्राप्त करने वाले विद्यार्थी ज्यादा अच्छे परिणाम प्राप्त कर सकेंगे।

पारिवारिक जीवन: पारिवारिक मामलों में सावधानीपूर्वक निर्वाह करने की आवश्यकता है। अगर ऐसा लगे कि कोई भाई किसी बात पर बेवजह बहस कर रहा है तो स्वयं को शांत कर लेना ही समझदारी का काम होगा।

प्रेम और वैवाहिक जीवन: किसी बात पर एक दूसरे को समझने में गलती या चूक हो सकती है। विवाह आदि से संबंधित बातों को आगे बढ़ाने के लिए महीना बहुत अनुकूल नहीं है।

आर्थिक जीवन: आपकी आमदनी में वृद्धि देखने को मिलेगी। आपको अपनी मेहनत के परिणाम मिलने में कोई व्यवधान नहीं आएंगे। आपको संचित किए हुए धन को बचाने पर ध्‍यान देना होगा।

स्वास्थ्य: आपको मौसम जनित परेशानियां बीच-बीच में परेशान कर सकती हैं। आपको स्वास्थ्य के प्रति किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरतनी है। महीने के दूसरे हिस्से में आप बेहतर स्वास्थ्य का आनंद ले सकेंगे।

उपाय: आप काली गाय की सेवा करें।

कन्या साप्ताहिक राशिफल

तुला राशि

नवंबर 2025 का महीना तुला राशि के जातकों के लिए काफी हद तक अनुकूल रहने वाला है। ज्यादातर ग्रहों का अनुकूल प्रभाव प्राप्‍त होने की संभावना है।

करियर: कार्यक्षेत्र में आपकी उन्नति होगी। आपको इस महीने काम के मामले में कोई नया प्रयोग करने से बचने की सलाह दी जाती है। नई नौकरी ढूंढ़ रहे लोगों को भी कामयाबी मिलने के आसार हैं।

शिक्षा: आपकी मेहनत व्यर्थ नहीं जाएगी। आपको अपनी मेहनत और लगन का फल जरूर मिलेगा। हालांकि, आलस्य की स्थिति में परिणाम कमज़ोर रह सकते हैं। कभी-कभी छात्रों का ध्‍यान पढ़ाई पर से भटक सकता है।

पारिवारिक जीवन: इस समय आपकी बातों में कड़वाहट आ सकती है। कुछ नोक-झोंक के बाद परिजनों के बीच सामंजस्य बना रहेगा। भाई बंधुओं के साथ कोई नकारात्मकता नज़र नहीं आ रही है।

प्रेम और वैवाहिक जीवन: आपके और आपके प्रेमी के बीच कुछ छोटी-मोटी परेशानियां रह सकती हैं। नाराज़ होने से पहले सामने वाले के मनोभावों को ठीक तरीके से समझने की कोशिश करें।

आर्थिक जीवन: इस महीने आमदनी की गति थोड़ी सी कमज़ोर रह सकती है। थोड़ी कंजूसी दिखाकर आप पैसों की बचत करने में कामयाब हो सकते हैं।

स्वास्थ्य: आपको मौसम जनित कुछ परेशानियां देखने को मिल सकती हैं। आपको अपने स्वास्थ्य का बहुत अधिक ख्याल रखना होगा।

उपाय: इस महीने आप गुड़ का सेवन न करें।

तुला साप्ताहिक राशिफल

वृश्चिक राशि

वृश्चिक राशि के जातकों के लिए नवंबर 2025 का महीना कुछ हद तक कमज़ोर परिणाम लेकर आ सकता है। शनि से इस महीने मिले-जुले परिणामों की उम्मीद रखी जा सकती है।

करियर: आपको अपने कार्यक्षेत्र में संघर्ष करना पड़ सकता है। इस महीने व्यापार भागदौड़ की तुलना में फायदा कम मिल सकता है। संभव है कि कार्यालय का माहौल मन के मुताबिक नहीं रहेगा।

शिक्षा: छात्रों की एकाग्रता में कमी आ सकती है।  आप अपने सब्जेक्ट पर फोकस करने में पीछे रह सकते हैं। उच्च शिक्षा प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को थोड़ी सी अधिक मेहनत करने की ज़रूरत है।

पारिवारिक जीवन: फैमिली लाइफ में छोटी-मोटी विसंगतियां रह सकती हैं। आपको इन्‍हें समझदारी से सुलझाना चाहिए। यदि पहले से कोई मनमुटाव चल रहा है तो उसमें कमी देखने को मिल सकती है।

प्रेम और वैवाहिक जीवन: प्रेम संबंध में चल रहा मनमुटाव दूर हो सकता है। नए सिरे से कोई समस्या आने की संभावना नहीं है। आपके लिए वासनात्मक विचारों पर नियंत्रण रखना ज़रूरी रहेगा।

आर्थिक जीवन: इस महीने आपको ज्‍यादा लाभ नहीं मिल पाएगा। आप अनुभवी लोगों के मार्गदर्शन में आर्थिक निर्णय लेते हैं तो आपको नुकसान नहीं होगा। आप मेहनत के अनुरूप संतोषप्रद लाभ कमाते रहेंगे।

स्वास्थ्य: नवंबर मासिक राशिफल 2025 के अनुसार आपको सिरदर्द, बुखार इत्यादि की कुछ शिकायतें देखने को मिल सकती हैं।

उपाय: आप रोज़ हनुमान चालीसा का पाठ करें।

वृश्चिक साप्ताहिक राशिफल

धनु राशि

नवंबर 2025 का कहना है कि इस महीने आपको मिले-जुले परिणाम मिल सकते हैं। केतु से भी औसत परिणाम की उम्मीद आप रख सकते हैं।

शिक्षा: खूब मेहनत करने वाले विद्यार्थी शिक्षा के मामले में अच्छे परिणाम प्राप्त कर सकेंगे। इस समय छात्रों को आलस आ सकता है। उनके मन के भी विचलित रहने का डर है।

पारिवारिक जीवन: परिवारिक मामलों में कोई बड़ी समस्या नहीं आएगी। भाई बंधु एक-दूसरे के बर्ताव से कुछ हद तक असंतुष्ट रह सकते हैं। परिवार में कुछ परेशानियां आ तो सकती हैं लेकिन आप उन्हें शांत करने में सक्षम होंगे।

प्रेम और वैवाहिक जीवन: लॉन्ग डिस्टेंस रिलेशनशिप वाले लोगों को कुछ फायदे मिल सकते हैं। मर्यादित आचरण अपनाने की सलाह दी जाती है। वैवाहिक जीवन के दृष्टिकोण से भी यह समय ज्‍यादा अनुकूल नहीं है।

आर्थिक जीवन: भले ही कामों में कुछ रुकावटें देखने को मिलें लेकिन जो भी काम पूरे होंगे उनसे अच्छा लाभ मिलने की उम्‍मीद है। आपकी बचत थोड़ी कम रह सकती है।

स्वास्थ्य: योग, ध्यान, मेडिटेशन से स्वास्थ्य अच्‍छा रहेगा। शरीर में सुस्ती के भाव रह सकते हैं। काम में मन कम लग सकता है।

उपाय: मंगलवार के दिन हनुमान जी के मंदिर में लाल रंग का प्रसाद चढ़ाएं।

धनु साप्ताहिक राशिफल

मकर राशि

इस महीने मकर राशि के लोगों को काफी हद तक अनुकूल परिणाम मिल सकते हैं। राहु से आपको कभी-कभार कुछ अच्छे परिणाम मिल सकते हैं।

करियर: आपको कुछ कठिनाईयों या अवरोधों के बाद कार्यक्षेत्र में अच्छे परिणाम मिल सकते हैं। ऑफिस में वाद-विवाद से बचने की कोशिश करें। व्यवसाय में कोई बड़ा जोखिम नहीं लेना है।

शिक्षा: छात्रों को अधिक मेहनत करने की जरूरत है। वे अपने से बड़ों की सलाह भी ले सकते हैं। ऐसा करने से आप अपने लक्ष्य को प्राप्त कर सकेंगे और अपनी उपलब्धियों का आनंद ले पाएंगे।

पारिवारिक जीवन: परिवार के मामले में आपको इस महीने लापरवाही से बचना चाहिए। पारिवारिक मामलों में कुछ समस्याएं भी आ सकती हैं। भाई बंधुओं के साथ संबंध सामान्य तौर पर अनुकूल रहेंगे।

प्रेम और वैवाहिक जीवन: इस समय आपके लिए मर्यादित आचरण अपनाना बहुत ज़रूरी रहेगा। वैवाहिक जीवन में कोई बड़ी समस्या नहीं आएगी बल्कि पुरानी समस्याएं कम होंगी। 

आर्थिक जीवन: कहीं रुके हुए पैसे वापस मिल सकते हैं। कहीं से कोई लोन इत्यादि लेने की कोशिश में लगे हुए हैं, तो इसमें आपको सफलता मिल सकती है। आप पैसों की बचत करने में भी सफल होंगे।

स्वास्थ्य: नवंबर मासिक राशिफल 2025 के अनुसार संतुलित आहार-विहार अपनाने की स्थिति में आपका स्वास्थ्य अच्छा रह सकता है। आपको अपनी प्रकृति के विरुद्ध आहार-विहार करने से बचने की सलाह दी जाती है।

उपाय: मांस, मदिरा व अंडे इत्यादि से दूरी बनाकर रखें।

मकर साप्ताहिक राशिफल

कुंभ राशि

नवंबर 2025 में कुंभ राशि के जातकों को मिले-जुले परिणाम प्राप्‍त होंगे। 23 नवंबर के बाद बुध ग्रह अनुकूलता देने में असमर्थ हो जाएंगे।

करियर: ऑफिस में शालीनतापूर्वक बात करने से आपके वरिष्ठ या आपके क्षेत्र से जुड़े हुए प्रमुख लोग आपको महत्‍व देंगे और आपकी तरक्की के रास्ते भी खुलेंगे। व्यवसाय को बढ़ाने के लिए व नई डील मिलने के लिए सही समय है।

शिक्षा: छात्र उच्च शिक्षा के मामले में अच्छा कर सकेंगे। आप प्रतिस्पर्धात्मक परीक्षा में अपनी अच्छी छाप छोड़ सकेंगे। हालांकि, आपको छोटी-मोटी परेशानियां आ सकती हैं।

पारिवारिक जीवन: समझदारी से काम लेने की स्थिति में परिवार में सुख-शांति बनी रहेगी। छोटी-मोटी विसंगतियों को छोड़ दिया जाए तो पारिवारिक मामले में कोई बड़ी विसंगति नहीं आएगी।

प्रेम और वैवाहिक जीवन: आप अपने काम पर पूरा फोकस कर सकेंगे। कार्यक्षेत्र और लव लाइफ दोनों के बीच संतुलन बिठाने में समर्थ होंगे। दाम्पत्य संबंधी मामलों में इस महीने सावधानी बरतने की आवश्यकता है।

आर्थिक जीवन: आपको वित्तीय जीवन में संतोषप्रद लाभ प्राप्त होंगे। आप पैसों की बचत भी कर पाएंगे। बीच-बीच में व्यर्थ के खर्चे हो सकते हैं।

स्वास्थ्य: इस समय आपका खान-पान असंतुलित रह सकता है। इस महीने स्वास्थ्य को लेकर आपको पूरी तरह से जागरूक रहने की ज़रूरत रहेगी।

उपाय: मांस, मदिरा व अश्लीलता आदि से दूरी बनाए रखें।

कुंभ साप्ताहिक राशिफल

मीन राशि

नवंबर मासिक राशिफल 2025 कहता है कि इस महीने आपको औसत से थोड़े से बेहतर परिणाम मिल सकते हैं। ज्यादातर समय शुक्र के द्वारा आपको अनुकूल परिणाम मिल सकते हैं।

करियर: व्यवसाय में नए सिरे से कोई प्रयोग शायद आप न कर पाएं लेकिन पुराने कामों में अच्छी उन्नति मिल सकती है। नौकरी में कुछ परेशानियां देखने को मिल सकती हैं।

शिक्षा: टीचर, गुरु या वरिष्ठों के द्वारा आपको अच्छा सहयोग मिल सकता है। उच्‍च और प्राथमिक शिक्षा ले रहे छात्रों के लिए अच्‍छा समय है।

पारिवारिक जीवन: पारिवारिक मामलों में मंगल ग्रह से अच्छे परिणाम मिलते रहेंगे। आप अपने परिजनों के कामों को समय निकालकर पूरा कर सकेंगे। भाई-बंधुओं के साथ औसत संबंध रह सकते हैं।

प्रेम और वैवाहिक जीवन: लव लाइफ में बहुत ज्यादा दिमाग लगाना ठीक नहीं रहेगा। भावनात्मक रिश्तों को भावनाओं से ही हैंडल करना उचित होता है। यह महीना दांपत्य सुख के लिए औसत रहेगा।

आर्थिक जीवन: आपके काम बनेंगे और आप अच्छा लाभ भी कमा सकेंगे। आप धन को बचाने में कामयाब हो सकेंगे।

स्वास्थ्य: यह महीना स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से काफी अच्छा रहने वाला है। आपको अपनी पिछली समस्याओं से छुटकारा मिल सकता है।

उपाय: रोज़ गणपति अथर्वशीर्ष का पाठ करें।

मीन साप्ताहिक राशिफल

सभी ज्योतिषीय समाधानों के लिए क्लिक करें: ऑनलाइन शॉपिंग स्टोर

हम उम्मीद करते हैं कि आपको हमारा यह लेख ज़रूर पसंद आया होगा। अगर ऐसा है तो आप इसे अपने अन्य शुभचिंतकों के साथ ज़रूर साझा करें। धन्यवाद!

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

प्रश्‍न 1.  नवंबर 2025 में कुंभ राशि वाले क्‍या उपाय करें?

उत्तर. मांस, मदिरा से दूर रहें।

प्रश्‍न 2. नवंबर साल का कौन सा महीना है?

उत्तर. यह ग्‍यारहवां महीना है।

प्रश्‍न 3. नवंबर में मेष राशि वालों का करियर कैसा रहेगा?

उत्तर. कार्यक्षेत्र में कुछ कठिनाईयां रह सकती हैं।

क्यों की जाती है गोवर्धन पूजा 2025, सिर्फ ये एक उपाय आपको दिलाएंगे हर समस्या से मुक्ति!

गोवर्धन पूजा 2025 पर ये एक उपाय दिलाएगा हर समस्या से मुक्ति!

गोवर्धन पूजा 2025 का पर्व हर साल कार्तिक मास की शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि को यानी दीपावली के अगले दिन बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। यह सिर्फ एक धार्मिक परंपरा ही नहीं बल्कि प्रकृति, अन्न और भगवान श्री कृष्ण के प्रति आभार प्रकट करने का उत्सव है। पौराणिक मान्यता के अनुसार, जब इंद्रदेव के प्रकोप से गोकुल वासी संकट में पड़ गए थे, तब भगवान श्री कृष्ण ने अपनी छोटी अंगुली पर गोवर्धन पर्वत उठाकर सभी की रक्षा की थी। तभी से  इस दिन गोवर्धन पर्वत और श्रीकृष्ण की पूजा की जाती है। 

दुनियाभर के विद्वान ज्योतिषियों से करें कॉल/चैट पर बात और जानें अपने संतान के भविष्य से जुड़ी हर जानकारी

इस अवसर पर लोग घर-घर में अन्नकूट को भोग लगाते हैं और गोबर से गोवर्धन बनाकर पूजा करते हैं। इस दिन को अलग-अलग जगहों पर अलग नामों से जाना जाता है, कहीं इसे अन्नकूट उत्सव कहा जाता है, तो कहीं गोवर्धन पूजा या गिरिराज पर्वत पूजा के नाम से प्रसिद्ध है।

अपने इस खास ब्लॉग में आज हम जानेंगे कि गोवर्धन पूजा इतनी महत्वपूर्ण क्यों होती है, इसकी विधि क्या होती है, और इस दिन पूजा करने से क्या कुछ लाभ मिलते हैं लेकिन आगे बढ़ने से पहले सबसे पहले जान लेते हैं वर्ष 2025 में गोवर्धन पूजा किस दिन मनाई जाएगी।

गोवर्धन पूजा 2025: तिथि और समय

गोवर्धन पूजा तिथि: 22 अक्टूबर 2025, बुधवार

गोवर्धन पूजा प्रात:काल मुहूर्त: सुबह 06 बजकर 25 मिनट से सुबह 08 बजकर 41 मिनट तक

अवधि: 2 घंटे 15 मिनट

गोवर्धन पूजा सायंकाल मुहूर्त: दोपहर 03 बजकर 29 मिनट से शाम 05 बजकर 45 मिनट तक

अवधि: 02 घंटे 15 मिनट

अधिक जानकारी: ऊपर दिया गया मुहूर्त नई दिल्ली के लिए मान्य है। अगर आप अपने शहर के अनुसार इस दिन का शुभ मुहूर्त जानना चाहते हैं तो यहां क्लिक करें

बृहत् कुंडली में छिपा है, आपके जीवन का सारा राज, जानें ग्रहों की चाल का पूरा लेखा-जोखा

गोवर्धन पूजा 2025 विधि और नियम

गोवर्धन पूजा का दिन केवल भगवान श्रीकृष्ण ही नहीं, बल्कि इंद्रदेव, वरुणदेव और अग्निदेव की आराधना का भी विधान है। इस अवसर पर गोवर्धन पर्वत, गौमाता और भगवान श्रीकृष्ण की पूजा विशेष रूप से की जाती है। यह पावन पर्व मानव जीवन को यह संदेश देता है कि हमारे अस्तित्व के लिए प्रकृति का सरंक्षण और उसका सम्मान सबसे जरूरी है।

  • इस दिन गोबर से गोवर्धन का स्वरूप तैयार किया जाता है।
  • इसके बाद उन पर धूप, दीप, नवैद्य, जल,फल और फूल अर्पित किए जाते हैं। इसी के साथ गाय, बैल और खेती किसानी में सहायक सभी पशुओं की पूजा भी परंपरा का हिस्सा है।
  • गोवर्धन जी को लेटे हुए पुरुष का स्वरूप दिया जाता है और उनकी नाभि पर एक छोटा मिट्टी का दीपक रखा जाता है।
  • इस दीपक में दूध, दही, गंगाजल, शहद और बताशे डालकर बाद में उसे प्रसाद के रूप में सभी में बांटा जाता है।
  • पूजा संपन्न होने के बाद सात परिक्रमा करने का विधान है। परिक्रमा करते समय भक्त हाथ में जल से भरा लोटा रखते हैं और धीरे-धीरे जल अर्पित करते हुए साथ ही जौ बोते जाते हैं।
  • मान्यता है कि गोवर्धन पर्वत को स्वयं भगवान का स्वरूप माना जाता है और इस दिन की पूजा करने से घर में अन्न-धन, संतान सुख और गौ-समृद्धि बढ़ती है।

नये साल में करियर की कोई भी दुविधा कॉग्निएस्ट्रो रिपोर्ट से करें दूर

गोवर्धन पूजा 2025 का महत्व

गोवर्धन पूजा का धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व बहुत गहरा है। यह पर्व भगवान श्रीकृष्ण द्वारा किए गए उस दिव्य कार्य की याद दिलाता है, जब उन्होंने इंद्रदेव के क्रोध से ब्रजवासियों को बचाने के लिए गोवर्धन पर्वत को अपनी छोटी अंगुली पर उठाया था। इस घटना ने लोगों को यह संदेश दिया कि प्रकृति की पूजा करनी चाहिए, न कि अहंकार में डूबे देवताओं की।

इस दिन गोवर्धन पर्वत का प्रतीक बनाकर उसकी पूजा की जाती है और अन्नकूट का भोग लगाया जाता है। इससे हमें यह शिक्षा मिलती है कि हमें धरती, जल, वायु, पशु-पक्षी और पेड़-पौधों का सम्मान करना चाहिए, क्योंकि यही हमारे जीवन का आधार हैं।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, गोवर्धन पूजा करने से घर में सुख-समृद्धि आती है, धन-धान्य की वृद्धि होती है और परिवार में सदैव खुशहाली बनी रहती है। साथ ही, यह पर्व हमें अहंकार छोड़कर विनम्रता और सेवा का मार्ग अपनाने की प्रेरणा देता है।

गोवर्धन पूजा 2025 के लिए मंत्र

संकट मोचन मंत्र:

“ॐ गोवर्धनाय नमः”

अर्थ:

मैं गोवर्धन पर्वत को प्रणाम करता/करती हूं। यह मंत्र गोवर्धन पर्वत और भगवान कृष्ण के संरक्षण का स्मरण कराता है और जीवन में सुख, समृद्धि और सुरक्षा की कामना करता है।

अन्नकूट आराधना मंत्र

ऊं श्रीकृष्णाय गोवर्धनाय नमः

अर्थ:

मैं भगवान श्रीकृष्ण और गोवर्धन पर्वत को नमन करता/करती हूं। इस मंत्र से परिवार में खुशहाली, बच्चों के लिए स्वास्थ्य और दीर्घायु, और घर में सुख-शांति की प्राप्ति होती है।

मंत्र: गोवर्द्धनधराधार गोकुलत्राणकारक। विष्णुबाहुकृतोच्छ्राय गवां कोटिप्रदो भव॥ या लक्ष्मीर्लोकपालानां धेनुरूपेण संस्थिता। घृतं वहति यज्ञार्थे मम पापं व्यपोहतु॥ अग्रतः सन्तु मे गावो गावो मे सन्तु पृष्ठतः। गावो मे हृदये सन्तु गवां मध्ये वसाम्यहम् ॥

अर्थ: पृथ्वी को धारण करने वाले गोवर्धन आप गोकुल की रक्षा करने वाले हैं। भगवान विष्णु ने अपनी भुजाओं से आपको ऊंचा उठाया था। आप मुझे कोटी गोदान देने वाले हो लोकपालों की जो लक्ष्मी यहां धेनुरूप से विराज रही है और यज्ञ के लिए घृत का भार वहन करती है, वह मेरे पापों को दूर करें. गायें मेरे आगे हों, गायें मेरे पीछे हों, गायें मेरे हृदय में हों और मैं सदा गायों के मध्य में निवास करूं।

ऑनलाइन सॉफ्टवेयर से मुफ्त जन्म कुंडली प्राप्त करें

गोवर्धन पूजा की पौराणिक कथा

बहुत समय पहले, ब्रज में लोग हर साल इंद्रदेव की पूजा करते थे ताकि वर्षा अच्छी हो और उनकी फसलें हरी-भरी रहें। लोग इंद्रदेव को भव्य भेंट और अनाज अर्पित करते थे। एक वर्ष भगवान श्रीकृष्ण ने देखा कि लोग गोवर्धन पर्वत और अपनी गायों की रक्षा के लिए भगवान कृष्ण की दीक्षा को भूलकर केवल इंद्रदेव की पूजा में व्यस्त हो गए हैं। उन्होंने ब्रजवासियों को समझाया कि असली पूजा प्रकृति और गोवर्धन पर्वत की करनी चाहिए, क्योंकि यही हमारी जीविका और जीवन का आधार हैं।

कृष्ण के उपदेश से नाराज होकर इंद्रदेव ने भारी वर्षा भेज दी। तब भगवान श्रीकृष्ण ने अपनी छोटी अंगुली पर गोवर्धन पर्वत उठाया और सभी ब्रजवासियों और उनकी गायों को बारिश और तूफान से बचाया। यह घटना यह सिखाती है कि अहंकार छोड़कर सच्ची भक्ति और प्रकृति की पूजा करना चाहिए।

तब से हर साल कार्तिक मास की प्रतिपदा को गोवर्धन पूजा और अन्नकूट महोत्सव मनाया जाता है। इस दिन घर-घर में गोवर्धन का छोटा पर्वत बनाया जाता है, उसकी पूजा की जाती है और विविध प्रकार के पकवान अर्पित किए जाते हैं।

गोवर्धन पूजा 2025 के दिन क्या करें, क्या न करें

गोवर्धन पूजा 2025 पर क्या करें

  •  पूजा से पहले स्नान करें और साफ कपड़े पहनें।
  •  घर में मिट्टी या खाद से छोटा गोवर्धन पर्वत बनाएं।
  • फूल, दीपक, जल, दूध, गेहूं, चावल और मिठाई अर्पित करें।
  • विविध प्रकार के पकवान अन्नकूट के रूप में माता को अर्पित करें।
  • अहोई माता या गोवर्धन पूजा की कथा सुनें, इससे पूजा का पुण्य बढ़ता है।
  • अपने बच्चों के स्वास्थ्य, लंबी उम्र और सफलता के लिए विशेष ध्यान दें।
  • इस दिन गरीबों को भोजन, कपड़े या अनाज दान करना शुभ माना जाता है।

गोवर्धन पूजा 2025 पर क्या न करें

  • पूजा के दौरान अशुद्ध स्थान या गंदे कपड़े का प्रयोग न करें।
  • गोवर्धन पर्वत को बिना श्रद्धा या जल्दबाजी में न बनाएं।
  • पूजा के समय अश्लील बातें या झगड़े न करें।
  • अन्नकूट में रखा भोजन किसी तरह की बर्बादी न होने दें।
  • पूजा में दूसरों का अपमान या ताने देना वर्जित है।

पाएं अपनी कुंडली आधारित सटीक शनि रिपोर्ट

गोवर्धन पूजा 2025 के दिन करें ये ख़ास उपाय

सात नारियल अर्पित करें

पूजा में सात नारियल अर्पित करना बहुत शुभ माना जाता है। इसे करने से संतान का स्वास्थ्य मजबूत होता है, दीर्घायु बढ़ती है और घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह होता है।

गोवर्धन पूजा 2025 पर अन्नकूट भोग लगाएं

गेहूं, चावल, दाल, मिठाई, फल और अन्य अन्नकूट सामग्री माता को अर्पित करें। यह उपाय घर में सुख-समृद्धि लाता है, बच्चों की पढ़ाई, करियर और स्वास्थ्य में लाभ होता है।

संतान के नाम का दीपक जलाएं

दीपक हमेशा बच्चे के नाम पर जलाएं। यह संतान के जीवन को उज्जवल करता है, नकारात्मक ऊर्जा दूर करता है और माता का आशीर्वाद लगातार प्राप्त होता है।

गोवर्धन पूजा 2025 पर सात मिट्टी के बर्तन दान करें

जरूरतमंदों को सात मिट्टी के बर्तन दान करना बहुत शुभ है। इससे संतान के अच्छे कर्म बनते हैं, भविष्य सुरक्षित रहता है और परिवार में खुशहाली बनी रहती है।

गोवर्धन पर्वत बनाकर पूजा करें

मिट्टी या खाद से गोवर्धन पर्वत बनाएं और उसे फूल, दीपक और अन्नकूट से सजाकर पूजें। यह उपाय बच्चों की सुरक्षा और घर में समृद्धि लाने में अचूक माना जाता है।

गोवर्धन पूजा 2025 पर संतान के लिए विशेष प्रार्थना करें

पूजा के दौरान बच्चे की लंबी उम्र, सफलता और उज्ज्वल भविष्य के लिए हृदय से प्रार्थना करें। माता के प्रति भक्ति और श्रद्धा से यह टोटका और अधिक उपयोगी बन जाता है।

सप्ताह में एक बार दीपक जलाएं

गोवर्धन पूजा के दिन से ही हर शनिवार या व्रत वाले दिन बच्चे के नाम पर दीपक जलाने की आदत डालें। इससे संतान की पढ़ाई, करियर और स्वास्थ्य में निरंतर लाभ मिलता है।

सभी ज्योतिषीय समाधानों के लिए क्लिक करें: ऑनलाइन शॉपिंग स्टोर

हम उम्मीद करते हैं कि आपको हमारा यह लेख ज़रूर पसंद आया होगा। अगर ऐसा है तो आप इसे अपने अन्य शुभचिंतकों के साथ ज़रूर साझा करें। धन्यवाद!

अक्‍सर पूछे जाने वाले प्रश्‍न

गोवर्धन पूजा कब मनाई जाती है?

गोवर्धन पूजा कार्तिक मास की शुक्ल प्रतिपदा (अन्नकूट) को मनाई जाती है। वर्ष 2025 में यह पूजा कार्तिक शुक्ल प्रतिपदा को होगी।

गोवर्धन पूजा क्यों की जाती है?

यह पूजा भगवान श्री कृष्ण द्वारा गोवर्धन पर्वत को उठाकर ब्रजवासियों और उनकी गायों को वर्षा और संकट से बचाने की घटना की याद में मनाई जाती है।

पूजा में क्या सामग्री चाहिए?

मिट्टी या खाद से बने गोवर्धन पर्वत, फूल, दीपक, जल, दूध, अन्नकूट (गेहूं, चावल, दाल, मिठाई), नारियल और बालक के लिए दीपक।

कब मनाई जाएगी दिवाली 2025 ? नोट करें सही डेट और पूजा का समय!

कब मनाई जाएगी दिवाली 2025? नोट करें सही डेट और पूजा का समय!

दिवाली 2025 सनातन धर्म का सबसे बड़ा और महत्वपूर्ण त्योहार माना जाता है। कार्तिक मास की अमावस्या तिथि को यह पर्व मनाया जाता है और पांच दिनों तक चलने वाला यह त्योहार केवल भारत ही नहीं बल्कि विदेशों में बसे भारतीयों द्वारा भी बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। 

दिवाली का प्रमुख आकर्षण देवी लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा है, जिनमें मां लक्ष्मी से धन-समृद्धि और भगवान गणेश से बुद्धि व विवेक की कामना की जाती है। इस दिन दीप जलाने का विशेष महत्व है, क्योंकि दीपक अंधकार पर प्रकाश और नकारात्मकता पर सकारात्मकता की विजय का प्रतीक है।

भविष्य से जुड़ी किसी भी समस्या का समाधान मिलेगा विद्वान ज्योतिषियों से बात करके 

दिवाली से जुड़े धार्मिक, आध्यात्मिक और सामाजिक पहलू इसे और भी खास बना देता है। एक ओर यह त्योहार भगवान श्रीराम के अयोध्या लौटने की स्मृति में मनाया जाता है, वहीं दूसरी ओर इसे मां लक्ष्मी के प्रकट होने का दिन भी माना जाता है। दिवाली का हर दिन विशेष महत्व रखता है, धनतेरस से शुरुआत होती है, उसके बाद नरक चतुर्दशी , मुख्य दिवाली, गोवर्धन पूजा और भाई दूज आते हैं।  

आज इस ब्लॉग में हम आपको दिवाली 2025 की सही तिथि, पूजा विधि, दिवाली का महत्व, इस दिन किए जाने वाले अचूक उपाय आदि के बारे में जानकारी देंगे तो बिना देरी किए आगे बढ़ते हैं और जानते हैं विस्तार से।

दिवाली 2025 के विशेष मुहूर्त

साल 2025 में कार्तिक माह की अमावस्या तिथि अक्टूबर 20, 2025 की दोपहर 03 बजकर 46 मिनट से शुरू होगी और अक्टूबर 21, 2025 की शाम 05 बजकर 56 मिनट तक समाप्त होगी। ऐसे में दिवाली 2025 का त्योहार 21 अक्टूबर 2025 मंगलवार के दिन मनाया जाएगा।

लक्ष्मी-गणेश पूजन का समय: 21 अक्टूबर की शाम 05 बजकर 50 मिनट से 05 बजकर 56 मिनट तक।

अवधि :0 घंटे 5 मिनट

प्रदोष काल मुहूर्त: शाम 05 बजकर 50 मिनट से 08 बजकर 18 मिनट तक

महानिशीथ काल :23:36:12 से 24:25:32 तक

सिंह काल : 25:45:12 से 27:52:10 तक

दिवाली शुभ चौघड़िया मुहूर्त

प्रातःकाल मुहूर्त (चल, लाभ, अमृत): 09:05:40 से 13:28:14 तक

अपराह्न मुहूर्त (शुभ):14:55:46 से 16:23:17 तक

बृहत् कुंडली में छिपा है, आपके जीवन का सारा राज, जानें ग्रहों की चाल का पूरा लेखा-जोखा

दिवाली 2025 का महत्व

दिवाली केवल रोशनी का त्योहार नहीं, बल्कि बुराई पर अच्छाई की जीत, अंधकार पर प्रकाश की विजय और घर-घर में सुख-समृद्धि के आगमन का प्रतीक है। यह पर्व हमें याद दिलाता है कि जीवन में चाहे कितनी भी कठिनाइयां क्यों न आएं अंत में जीत सच्चाई और प्रकाश की ही होती है। पौराणिक मान्यता के अनुसार, दिवाली उस खुशी का दिन है, जब भगवान श्री राम 14 वर्षों का वनवास पूरा करके माता सीता और भाई लक्ष्मण के साथ अयोध्या लौटे थे। 

अयोध्यावासियों ने दीप जलाकर उनका स्वागत किया और तभी से दीपावली को दीपों का त्योहार कहा जाने लगा। इसी दिन समुद्र मंथन से देवी लक्ष्मी का प्रकट होनी भी माना जाता है इसलिए दिवाली पर मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा का विशेष महत्व है। इस दिन लोग अपने घरों की साफ-सफाई करते हैं, दरवाजों और आंगन को दीपों और रंगोलियों से सजाते हैं, नए वस्त्र पहनते हैं और मिठाई व उपहारों का आदान-प्रदान करते हैं।

व्यापारी वर्ग के लिए यह नया वित्तीय वर्ष आरंभ करने का शुभ समय होता है। आध्यात्मिक दृष्टि से यह पर्व हमें अपने भीतर के अंधकार जैसे जैसे क्रोध, लोभ, ईर्ष्या और नकारात्मकता को दूर करके प्रेम, करुणा, ज्ञान और सकारात्मक ऊर्जा को अपनाने का संदेश देता है। 

अब घर बैठे विशेषज्ञ पुरोहित  से कराएं इच्छानुसार ऑनलाइन पूजा और पाएं उत्तम परिणाम!

दिवाली 2025 के दिन इस विधि से करें पूजन

  • दिवाली से पहले पूरे घर की अच्छे से सफाई करें और घर को दीपक, झालर और रंगोली से सजाएं। 
  • पूजा करने के लिए घर के उत्तर पूर्व दिशा में साफ-सुथरा स्थान चुनें। लकड़ी की चौकी या पटरे पर लाल कपड़ा बिछाकर उस पर लक्ष्मी गणेश की मूर्ति या चित्र स्थापित करें। 
  • एक तांबे या मिट्टी के कलश में पानी भरें, उस पर आम के पत्ते रखें और नारियल रखकर कलश को चौकी पर रखें। इस समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। 
  • पूजा के लिए थाली में हल्दी, रोली, कुमकुम, चावल, मिठाई, फूल, दीपक और अगरबत्ती रखें। 
  • सबसे पहले भगवान गणेश की पूजा करें। उन्हें चंदन, फूल, धूप, दीप, मिठाई और मोदक अर्पित करें। 
  • इसके बाद मां लक्ष्मी की पूजा करें। उन्हें कमल का फूल, मिठाई, हल्दी-कुमकुम और दीप अर्पित करें। 
  • लक्ष्मी जी को सिक्के और नोट अर्पित करना भी शुभ माना जाता है। इस दौरान लक्ष्मी जी के 108 नामों या श्री सूक्त का पाठ करना उत्तम है। 
  • दीप जलाना और आरती पूजन के बाद पूरे घर में दीप जलाएं और मां लक्ष्मी गणेश की आरती करें। घर के मुख्य द्वार पर चारों ओर दीपक जलाना बहुत शुभ माना जाता है।
  • व्यापारिक खाते की पूजा व्यापारी वर्ग इस दिन नए बही खाते की पूजा करता है और भगवान गणेश व मां लक्ष्मी से नए वर्ष में व्यापार में उन्नति की कामना करता है। 
  • प्रसाद वितरण अंत में प्रसाद बांटें और घर के सभी सदस्य आरती में शामिल हों।

करियर की हो रही है टेंशन! अभी ऑर्डर करें कॉग्निएस्ट्रो रिपोर्ट

दिवाली 2025: पौराणिक कथा

दीपावली या दिवाली भारत का सबसे बड़ा और महत्वपूर्ण त्योहार है, जो बुराई पर अच्छाई की विजय और अंधकार पर प्रकाश के प्रतीक के रूप में मनाया जाता है। इसकी पौराणिक कथाएं कई रूपों में प्रचलित हैं, जिनमें सबसे प्रसिद्ध कथा भगवान राम से जुड़ी हुई है।

रामायण के अनुसार, जब भगवान राम ने 14 वर्ष का वनवास पूरी किया और माता सीता व भाई लक्ष्मण के साथ अयोध्या लौटे, तब अयोध्यावासियों ने दीप जलाकर उनका स्वागत किया। उस रात अमावस्या थी और दीपों की रोशनी से पूरा नगर जगमगा उठा।

तभी से हर साल कार्तिक मास की अमावस्या को दीपावली का पर्व मनाया जाने लगा। एक अन्य कथा के अनुसार, इस दिन समुद्र मंथन के दौरान देवी लक्ष्मी समुद्र से प्रकट हुई थीं। इसलिए दीपावली पर लक्ष्मी पूजन का विशेष महत्व है। लोग मानते हैं कि इस दिन मां लक्ष्मी घर-घर आती हैं और जिन घरों में साफ-सफाई व प्रकाश होता है, वहां स्थायी रूप से सुख-समृद्धि का वास होता है। 

इसके अलावा, कुछ मान्यताओं में यह भी कहा जाता है कि इस दिन भगवान विष्णु ने राक्षस राजा बलि को पाताल लोक भेजकर देवताओं और मनुष्यों को अत्याचार से मुक्त कराया। इन सभी कथाओं में एक बात समान है कि दिवाली का पर्व आशा, प्रकाश, समृद्धि और नई शुरुआत का संदेश देता है। इसलिए लोग इस दिन दीपक जलाते हैं, घरों को सजाते हैं, लक्ष्मी-गणेश की पूजा करते हैं और बुराइयों को छोड़कर जीवन में सकारात्मकता अपनाने का संकल्प लेते हैं।

दिवाली 2025 के दिन अपनाएं ये अचूक टोटके

माता लक्ष्मी का आशीर्वाद पाने के लिए

दिवाली की रात पहला दीपक घर के मंदिर या तिजोरी के पास जलाएं। मान्यता है कि इससे लक्ष्मी माता घर में स्थायी रूप से वास करती हैं।

घर में सुख-शांति के लिए

मुख्य दरवाजे पर सरसों के तेल और काले तिल का दीपक जलाने से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और घर में सुख-शांति आती है।

नये साल में करियर की कोई भी दुविधा कॉग्निएस्ट्रो रिपोर्ट से करें दूर

दिवाली 2025 पर दरिद्रता दूर करने के लिए 

दिवाली के दिन नया झाड़ू खरीदकर उसे घर में रखना शुभ माना जाता है। यह घर से दरिद्रता दूर कर लक्ष्मी कृपा बढ़ाता है।

धन-वृद्धि के लिए

धनतेरस या दिवाली की रात तिजोरी या पैसे रखने की जगह पर कुबेर भगवान की पूजा करें और तांबे के पात्र में चांदी का सिक्का रखकर पूजन करें। यह धन वृद्धि के लिए अचूक उपाय माना जाता है।

दिवाली 2025 पर अच्छे स्वास्थ्य के लिए

दिवाली की रात दूध से भरा दीपक जलाकर पीपल के पेड़ के नीचे रखने से व्यक्ति को अच्छे स्वास्थ्य की प्राप्ति होती है।

नकारात्मक ऊर्जा दूर करने के लिए

लक्ष्मी पूजन से पहले पूरे घर में गंगा जल का छिड़काव करें। इससे घर की नकारात्मक ऊर्जा दूर होकर सकारात्मकता का वास होता है।

सभी ज्योतिषीय समाधानों के लिए क्लिक करें: ऑनलाइन शॉपिंग स्टोर

हम उम्मीद करते हैं कि आपको हमारा यह लेख ज़रूर पसंद आया होगा। अगर ऐसा है तो आप इसे अपने अन्य शुभचिंतकों के साथ ज़रूर साझा करें। धन्यवाद!

अक्‍सर पूछे जाने वाले प्रश्‍न

दिवाली की पूजा कैसे करनी चाहिए?

घर को साफ-सुथरा कर के सजाएं, चौक-रंगोली बनाकर दीप जलाएं। फिर लक्ष्मी-गणेश की मूर्तियों को स्थापित कर धूप-दीप, पुष्प, मिठाई और विशेष मंत्रों से पूजा करें।

दिवाली 2025 पर कौन-कौन से टोटके किए जाते हैं?

दिवाली की रात पहला दीपक तिजोरी के पास जलाना चाहिहए, दरवाजे पर सरसों तेल का दीपक लगाना और नया झाड़ू खरीदना बेहद शुभ माना जाता है।

 दिवाली पर न करने योग्य कार्य कौन से हैं?

इस दिन कर्ज देना-लेना, झाड़ू-पोंछा करना और घर को गंदा रखना अशुभ माना जाता है।

बुध का वृश्चिक राशि में गोचर

बुध का वृश्चिक राशि में गोचर: देश-दुनिया सहित कैसे करेगा आपको प्रभावित? जानें

बुध का वृश्चिक राशि में गोचर: एस्ट्रोसेज एआई का हमेशा से यही प्रयास रहा है कि ज्योतिष की दुनिया में होने वाले हर घटनाक्रम से आप अवगत रहें। ऐसे में, हमारे आज का यह विशेष ब्लॉग आपको बुध का वृश्चिक राशि में गोचर के बारे में जानकारी प्रदान करेगा जो 24 अक्टूबर 2025 की दोपहर 12 बजकर 25 मिनट पर होने जा रहा है। बुध का यह गोचर संसार, शेयर बाजार सहित राशियों के लिए अच्छे या बुरे किस तरह के परिणाम लेकर आएगा।   

दुनियाभर के विद्वान ज्योतिषियों से करें कॉल/चैट पर बात और जानें अपने संतान के भविष्य से जुड़ी हर जानकारी

ज्योतिष में बुध ग्रह का संबंध व्यापार, विश्लेषण और सभी तरह की अभिव्यक्ति से है, फिर चाहे वह शब्दों या लिखने के माध्यम से हो। साथ ही, यह उत्सुकता, सीखने, याददाश्त और बदलती हुई परिस्थितियों को तुरंत स्वीकार करने की क्षमता का प्रतिनिधित्व करते हैं। इसके अलावा, बुध ग्रह मोलभाव, कूटनीति और नेटवर्क आदि को भी दर्शाते हैं।

कुंडली में मज़बूत बुध आपको तेज़ बुद्धि, गहराई से सोच-विचारने की क्षमता और बहुमुखी प्रतिभा का आशीर्वाद देते हैं। इसके विपरीत, बुध देव की कमज़ोर अवस्था भ्रम, सही तरीके से बात न कर पाना या सही निर्णय न ले पाने जैसी स्थिति आपके जीवन में पैदा करती है।

बुध का वृश्चिक राशि में गोचर: विशेषताएं

बुध देव की वृश्चिक राशि में मौजूदगी एक ऐसे व्यक्ति का प्रतिनिधित्व करती है जो रहस्यमय होगा और उसकी बुद्धि बहुत तेज़ होगी। ऐसा इंसान किसी बात की गहराई में जाकर छानबीन करके वास्तविक कारण जानने में सक्षम होता है। यह स्थिति आपको ऐसी चीज़ों के प्रति आकर्षित कर सकती है जो सामान्य रूप से लोगों को पसंद नहीं आती होगी। जिन जातकों की कुंडली में बुध वृश्चिक राशि में होता है, उस व्यक्ति का झुकाव डरावनी, षड्यंत्र, अपराधी मानसिकता, हत्या के अनसुलझे रहस्य, कामुकता, साइबर अपराध, हैकिंग, भ्रष्टाचार, हिंसा, रक्तपात आदि में हो सकता है।

बृहत् कुंडली में छिपा है, आपके जीवन का सारा राज, जानें ग्रहों की चाल का पूरा लेखा-जोखा

इसके अलावा, बुध देव की यह उपस्थिति आपको शोध या रिसर्च करने वाली बुद्धि प्रदान करती है। साथ ही, इस स्थिति के प्रभाव से जातक अपने विचार और मान्यताओं को लेकर कठोर और बेहद सुरक्षात्मक होता है। वृश्चिक राशि में बैठे बुध महाराज आपको बातों को अपने अंदर रखने के लिए मजबूर करते हैं।

बुध देव इस बात को भी दर्शाते हैं कि आप दूसरों के सामने खुद को कैसे व्यक्त करते हैं और अपनी बात कैसे रखते हैं। बुध के वृश्चिक राशि में स्थित होने की वजह से व्यक्ति की भावनाएं और विचार दोनों मन में दबे रह जाते हैं। ऐसे में, अन्य लोगों को जो बाहर से दिखाई देता है, वह वास्तविक स्थिति नहीं होती है। 

वृश्चिक राशि में बुध के तहत जन्मे जातक जासूस, आध्यात्मिक, ज्योतिषी, रिसर्चर, वैज्ञानिक और नए-नए अविष्कार करने वाला बनता है। हालांकि, बुध ग्रह के कमज़ोर या पीड़ित अवस्था में होने से जातक हैकर, चोर या फिर मानसिक रोगी बन सकते हैं।

अगर बुध की स्थिति वृश्चिक में नकारात्मक होती है और यह रहस्यमयी होता है या किसी अशुभ या पापी ग्रह बुध की इस स्थिति को प्रभावित करने लगता है, तो हालात बिगड़ने लगते हैं। जब बात आती है स्वास्थ्य की, तो जातक को कोई गुप्त रोग या फिर असामान्य स्थिति का सामना करना पड़ सकता है जिसका असर आपकी वाणी, त्वचा, गले, कान या जीभ आदि अंगों पर पड़ सकता है।

फ्री ऑनलाइन जन्म कुंडली सॉफ्टवेयर से जानें अपनी कुंडली का पूरा लेखा-जोखा

बुध का वृश्चिक राशि में गोचर: इन राशियों को मिलेंगे सकारात्मक परिणाम 

मेष राशि 

मेष राशि वालों के लिए बुध ग्रह आपके तीसरे और छठे भाव के स्वामी हैं जो अब आपके आठवें भाव में गोचर करने जा रहे हैं। बुध का यह गोचर आपके लिए शुभ रहेगा इसलिए आपको सकारात्मक परिणाम मिलने की संभावना है। जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में बुध देव आपकी सहायता करने का प्रयास करेंगे क्योंकि यह आपके स्वामी ग्रह मंगल की राशि में विराजमान होंगे। बता दें कि बुध का वृश्चिक राशि में गोचर आपको अप्रत्याशित रूप से लाभ प्रदान करने का काम कर सकता है। 

हालांकि, इस दौरान आपको कार्यों में समस्याओं से दो-चार होना पड़ सकता है, लेकिन उनमें आपको सफलता मिलने की संभावना प्रबल होगी। साथ ही, बुध देव प्रतियोगी परीक्षाओं में आपको कामयाबी दिला सकते हैं, परंतु फिर भी आपकी राह में समस्याएं बनी रह सकती हैं क्योंकि बुध महाराज आपके आठवें भाव में बैठे होंगे। बता दें कि बुध ग्रह की यह स्थिति परिणामों को आपके पक्ष में करने का पूरा प्रयास करेगी, परंतु इस दौरान सूर्य देव की कमज़ोर अवस्था आपको इस अवधि में मान-सम्मान दिलाने में ज्यादा मददगार साबित नहीं होगी। कुल मिलाकर, बुध का यह गोचर आपको जीवन में सही दिशा में आगे बढ़ने में मार्गदर्शन करेगा, लेकिन फिर भी सब कुछ योजना के अनुसार न होने की आशंका है। 

मेष साप्ताहिक राशिफल

पाएं अपनी कुंडली आधारित सटीक शनि रिपोर्ट  

मिथुन राशि 

मिथुन राशि वालों की कुंडली में बुध महाराज आपके चौथे भाव के स्वामी होने के साथ-साथ आपके राशि के भी स्वामी हैं। अब यह आपके छठे भाव में गोचर करने जा रहे हैं। बता दें कि सामान्य रूप से बुध का छठे भाव में गोचर अनुकूल कहा जाता है। इसके परिणामस्वरूप, बुध का वृश्चिक राशि में प्रवेश आपके लिए शुभ परिणाम लेकर आ सकता है। हालांकि, ज्योतिष शास्त्र में बुध का छठे भाव में गोचर स्वास्थ्य को मज़बूत बनाने वाला कहा गया है। लेकिन, फिर भी सेहत को नज़रअंदाज़ करने से आपको बचना होगा क्योंकि बुध देव आपके लग्न भाव के स्वामी के रूप में छठे भाव में प्रवेश करेंगे। जब बुध ग्रह वृचिक राशि में उपस्थित होंगे, तो आपको जीवन के विभिन्न आयामों में ज्यादातर अच्छे परिणामों की प्राप्ति होगी।

इसके अलावा, बुध महाराज पर गुरु ग्रह की दृष्टि पड़ रही होगी जो आपके कर्म भाव के स्वामी हैं और ऐसे में, आप मानसिक रूप से मज़बूत होंगे। साथ ही, आपको कार्यक्षेत्र में सफलता की प्राप्ति होगी और इस अवधि में आप सोच-समझकर फैसले लेने में सक्षम होंगे। इस दौरान बुध देव प्रतियोगी परीक्षाओं में आपका मार्गदर्शन करेंगे जिसके चलते आपके मान-सम्मान में बढ़ोतरी होगी। यदि आपका संबंध आर्ट्स, साहित्य या फिर लेखन से है, तो आपको बहुत शुभ फलों की प्राप्ति होगी। वहीं, जिन जातकों का जुड़ाव वाणी से संबंधित क्षेत्र से हैं, उनकों भी इस समय सफलता प्राप्त होगी। 

मिथुन साप्ताहिक राशिफल

सिंह राशि 

सिंह राशि वालों के लिए बुध महाराज आपकी कुंडली में दूसरे और ग्यारहवें भाव के स्वामी हैं जो कि धन और लाभ के भाव हैं। ऐसे में, अब इनका गोचर आपके चौथे भाव में होने जा रहा है। इस भाव में बुध महाराज आपके आय और बचत दोनों भावों के स्वामी बन जाते है। ज्योतिष के अनुसार, बुध का चौथे भाव में गोचर आपके लिए भाग्यशाली कहा जाएगा और ऐसे में, आपको इस अवधि में सकारात्मक परिणाम मिल सकते हैं। ग्यारहवें भाव के स्वामी के आपके चौथे भाव में प्रवेश करने से रियल एस्टेट और प्रॉपर्टी से जुड़ा काम करने वाले जातकों को विशेष रूप से लाभ की प्राप्ति होगी। 

बुध का वृश्चिक राशि में गोचर के दौरान आपके द्वारा किए गए प्रयासों में आपको सफलता प्राप्त होगी क्योंकि ग्यारहवें भाव के स्वामी की दृष्टि करियर के भाव यानी कि दसवें भाव पर होगी। इसके अलावा, जैसे कि धन भाव अर्थात दूसरे भाव के स्वामी आपके चौथे भाव में जा रहे हैं। ऐसे में, आप घर-परिवार और घर से जुड़ी चीज़ों पर ख़र्च कर सकते हैं। लेकिन, आपको अपना पैसा सही चीज़ों पर ख़र्च करने की सलाह दी जाती है। बुध गोचर की यह अवधि आपके लिए अनुकूल रहेगा और परिस्थितियां भी आपके पक्ष में रहेंगी। साथ ही, इस समय किसी के साथ आपकी दोस्ती मज़बूत होगी। 

सिंह साप्ताहिक राशिफल

तुला राशि

तुला राशि के जातकों के लिए बुध महाराज नौवें और बारहवें भाव के अधिपति देव हैं जो धन और ख़र्चों का भाव है। वर्तमान समय में बुध वृश्चिक राशि में आपके दूसरे भाव में गोचर करने जा रहे हैं और इस भाव में बुध का गोचर बहुत शुभ माना जाता है। इसके परिणामस्वरूप, आपको अच्छे परिणाम प्राप्त हो सकते हैं। इनकी कृपा से बुध गोचर की अवधि में आप नए आभूषण और कपड़े खरीद सकते हैं। साथ ही, चौथे भाव में बुध की स्थिति आपके संचार कौशल को मज़बूत करने का काम करेगी। 

बुध के इस गोचर की अवधि में छात्रों को शिक्षा के क्षेत्र में लाभ की प्राप्ति होगी। अगर आप खाने-पीने के शौक़ीन हैं, तो आपको अपना मनपसंद और स्वादिष्ट पकवान खाने के कई अवसर मिल सकते हैं। साथ ही, इन जातकों को अपने परिवार के सदस्यों के साथ मिलने का मौका मिलेगा जिससे आपका रिश्ता उनके साथ मज़बूत होगा। 

तुला साप्ताहिक राशिफल

मकर राशि

मकर राशि के जातकों के लिए बुध देव आपकी कुंडली में छठे और नौवें भाव के स्वामी हैं और अब यह आपके ग्यारहवें भाव में गोचर करने जा रहे हैं। ज्योतिष के अनुसार, बुध देव का आपके ग्यारहवें भाव में गोचर शुभ और लाभकारी माना जाता है। इसके परिणामस्वरूप, वृश्चिक राशि में बुध की उपस्थिति की वजह से प्रतिस्पर्धा से जुड़े मामलों में लाभ मिलने के योग बनेंगे। इस दौरान आपकी सेहत अच्छी बनी रहेगी जिसके चलते आपका स्वभाव भी खुशमिज़ाज रहेगा। यदि आप लोन अदा करने की कोशिश कर रहे हैं, तो इस समय आपको सफलता प्राप्त होने की प्रबल संभावना है।

इसके अलावा, बुध का वृश्चिक राशि में गोचर धर्म-कर्म या फिर अध्यात्म से जुड़े क्षेत्रों में सकारात्मक परिणाम दे सकता है। करियर और व्यापार के क्षेत्र में लाभ, वेतन में वृद्धि के साथ-साथ रियल एस्टेट के क्षेत्र में तेज़ी देखने को मिल सकती है। दोस्तों और संतान से जुड़े क्षेत्रों में भी आपको शुभ फल प्राप्त होंगे। 

मकर साप्ताहिक राशिफल

कुंभ राशि

कुंभ राशि के जातकों के लिए बुध ग्रह आपके पांचवें और आठवें भाव के स्वामी हैं जो अब आपके दसवें भाव में गोचर करने जा रहे हैं। ऐसा माना जाता है कि बुध देव का दसवें भाव में गोचर शुभ परिणाम देता है। साथ ही, इनकी यह स्थिति आपको जीवन में लोकप्रिय बनाने के साथ-साथ मान-सम्मान दिलाने का काम करती है। इस अवधि में आप प्रतिद्वंदियों से बेहतर प्रदर्शन करेंगे और साथ ही, कंपनी के लाभ को बढ़ाने में भी सक्षम होंगे। इस प्रकार, मान-सम्मान और प्रतिष्ठा दिलाने में बुध ग्रह की भूमिका महत्वपूर्ण हो जाती है।

बुध का वृश्चिक राशि में गोचर के दौरान आपको कार्यक्षेत्र में सफलता और लाभ दोनों की प्राप्ति होगी। इस प्रकार, यह गोचर आपके करियर के लिए अच्छा कहा जाएगा। वहीं, जो जातक संचार कौशल से जुड़े क्षेत्रों में रुचि रखते हैं, उनको विशेष रूप से लाभ प्राप्त होगा क्योंकि आपके पांचवें भाव के स्वामी दसवें भाव में गोचर करने जा रहे हैं। हालांकि, इस अवधि में आपके काम अचानक से पूरे होंगे क्योंकि आपके आठवें भाव के स्वामी दसवें भाव में गोचर कर जाएंगे। 

कुंभ साप्ताहिक राशिफल

बृहत् कुंडली में छिपा है, आपके जीवन का सारा राज, जानें ग्रहों की चाल का पूरा लेखा-जोखा

बुध का वृश्चिक राशि में गोचर: इन राशियों को रहना होगा सावधान

वृषभ राशि 

वृषभ राशि वालों की कुंडली में बुध देव आपके दूसरे और पांचवें भाव के स्वामी हैं जो अब आपके सातवें भाव में प्रवेश करने जा रहे हैं। बता दें कि कुंडली का सातवां भाव विवाह, सामाजिक रिश्ते और व्यापार का होता है। इस प्रकार, वृषभ राशि के दूसरे और पांचवें भाव के स्वामी का सातवें भाव में जाना ज्यादा अच्छा नहीं कहा जा सकता है इसलिए इस दौरान आपको  अच्छे परिणामों की उम्मीद नहीं करनी चाहिए। 

बुध गोचर के दौरान जो जातक अपने रिश्ते को लेकर समर्पित और वफादार हैं, उन्हें शुभ फल मिलने की संभावना है क्योंकि आपके पांचवें भाव के स्वामी सातवें भाव में जा रहे हैं। हालांकि, प्रेम के ग्रह शुक्र भी नीच अवस्था में होंगे और उसके बाद इस पर मंगल ग्रह का सीधा प्रभाव बुध से मिलने वाले परिणामों को प्रभावित कर सकता है। जब प्रेम जीवन के संबंधों की बात आती है, तो रिस्क लेना ठीक नहीं रहेगा। आर्थिक जीवन में आपको उतार-चढ़ाव का सामना करना पड़ सकता है। 

वृषभ साप्ताहिक राशिफल

कर्क राशि

कर्क राशि के जातकों की कुंडली में बुध ग्रह आपके तीसरे और बारहवें भाव के स्वामी हैं। अब यह आपके पांचवें भाव में गोचर करने जा रहे हैं। बता दें कि बुध का वृश्चिक में गोचर आपके लिए सकारात्मक नहीं कहा जा सकता है। इसके फलस्वरूप, इस अवधि में आपको सावधानी बरतने की आवश्यकता होगी। हालांकि, शुरुआत में परेशानी झेलने के बाद आपके भाग्य भाव यानी कि नौवें भाव के स्वामी बृहस्पति देव आपको आराम से जीवनयापन करने में सहायता करेंगे क्योंकि यह अपनी राशि में लग्न भाव में होंगे और पांचवें भाव में बैठे बुध पर अपनी दृष्टि डालेंगे।

बुध का वृश्चिक राशि में गोचर की अवधि में आपको संतान से जुड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है, विशेष रूप से छोटे बच्चों को। हालांकि, आप समस्याओं का समाधान ढूंढ सकेंगे। इस गोचर का नकारात्मक असर आपकी दीर्घकालिक योजनाओं पर पड़ सकता है। ऐसे में, आपको आर्थिक जीवन में कोई बड़े बदलाव लेकर आने से बचना होगा, अन्यथा आपको धन से जुड़ी समस्याएं परेशान कर सकती हैं। साथ ही, आपको बेकार के खर्चों को भी नियंत्रित करना होगा। 

कर्क साप्ताहिक राशिफल

कालसर्प दोष रिपोर्ट – काल सर्प योग कैलकुलेटर 

वृश्चिक राशि

वृश्चिक राशि वालों के लिए बुध महाराज आपके आठवें भाव और ग्यारहवें भाव के स्वामी हैं जो अब आपके लग्न भाव में गोचर करने जा रहे हैं। बता दें कि आठवां भाव परिवर्तन और लग्न भाव स्वयं का भाव होता है। ज्योतिष के अनुसार, बुध महाराज का लग्न भाव में गोचर ज्यादा अच्छा नहीं कहा जा सकता है। इसके अलावा, इन जातकों को अपनी सेहत पर बहुत ज्यादा देने की आवश्यकता होगी क्योंकि आठवें भाव के स्वामी लग्न भाव में बैठे होंगे। अगर आप ड्राइव करते हैं, तो आपको गाड़ी सावधानी से चलाने की सलाह दी जाती है। साथ ही, गाड़ी चलाते समय फोन पर बात करने से बचें। 

जब बुध देव वृश्चिक राशि में बैठे होते हैं, तो इस दौरान आपको दूसरों की आलोचना करने से बचना होगा और इस तरह के लोगों से दूरी बनाकर रखनी होगी। अगर आप दूसरों का सम्मान करेंगे और सावधानियों का पालन करते हुए आगे बढ़ेंगे, तो आपको सकारात्मक परिणामों की प्राप्ति होगी। दूसरी तरफ, आपको जीवन के कुछ क्षेत्रों में लाभ की प्राप्ति होगी क्योंकि लाभ भाव यानी ग्यारहवें भाव के स्वामी लग्न भाव में जा रहे हैं, इसलिए इस दौरान आपको सतर्क रहना होगा।

वृश्चिक साप्ताहिक राशिफल

धनु राशि 

धनु राशि के जातकों के लिए बुध महाराज आपके सातवें और दसवें भाव के स्वामी हैं। अब यह आपके बारहवें भाव में गोचर करने जा रहे हैं। बता दें कि बुध देव की बारहवें भाव में उपस्थिति को शुभ नहीं माना जाता है इसलिए इस दौरान बुध ग्रह से जुड़े क्षेत्रों में सावधानी बरतते हुए आगे बढ़ना होगा। करियर के क्षेत्र में विशेष रूप से आपको किसी भी तरह का जोख़िम लेने से बचना होगा क्योंकि आपके दसवें भाव के स्वामी बारहवें भाव में गोचर कर रहे होंगे, इसलिए आपको अपने वरिष्ठों और सहकर्मियों के साथ अच्छे रिश्ते बनाए रखने का प्रयास करना होगा। 

इसके अलावा, आपके सातवें भाव के स्वामी का बारहवें भाव में जाना दर्शाता है कि इन जातकों को इस बात का ध्यान रखना होगा कि आपका रिश्ता अपने जीवनसाथी के साथ मज़बूत बना रहे, और आपको उनके साथ किसी तरह के उतार-चढ़ाव का सामना न करना पड़ें। धनु राशि के छात्रों को बुध का वृश्चिक राशि में गोचर के दौरान मन लगाकर पढ़ाई करनी होगी। वहीं, अगर आपने किसी प्रतियोगिता में भाग लिया है, तो आपको सावधान रहना होगा। आप इन सावधानियों का पालन करेंगे, तो आप बुध के नकारात्मक प्रभावों से बच सकेंगे। 

धनु साप्ताहिक राशिफल

करियर की हो रही है टेंशन! अभी ऑर्डर करें कॉग्निएस्ट्रो रिपोर्ट

बुध का वृश्चिक राशि में गोचर: सरल एवं प्रभावी उपाय 

  • बुध देव से शुभ परिणाम पाने के लिए प्रतिदिन “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” या “ॐ बुध बुधाय नमः” का जाप करें।
  • रोज़ाना विष्णु सहस्रनाम या दुर्गा चालीसा का पाठ करें, क्योंकि बुध के इस गोचर के दौरान शुक्र और मंगल दोनों की युति का निर्माण होगा।
  • छात्रों या जरूरतमंद बच्चों को हरे रंग के कपड़े, मूंग दाल, हरे पत्तेदार सब्जियां या पेन, नोटबुक आदि दान करें।
  • बुधवार के दिन शिवलिंग पर जल में दूध मिलाकर अर्पित करें। 
  • बुध को मज़बूत करने के लिए गाय को हरा चारा खिलाएं।  
  • व्यर्थ और चतुराई से भरी बातें करने से बचें। साथ ही, ईमानदारी अपनाएं और स्पष्ट संचार कौशल पर ध्यान दें। 
  • जैसे कि वृश्चिक राशि भावनात्मक संतुलन लेकर आती है इसलिए आंतरिक शांति को पाने के लिए मेडिटेशन, प्राणायाम और डायरी लिखने का अभ्यास करें। 
  • बुध गोचर की अवधि में धन से जुड़े लेन-देन में पारदर्शिता बनाए रखें।

ऑनलाइन सॉफ्टवेयर से मुफ्त जन्म कुंडली प्राप्त करें।

बुध का वृश्चिक राशि में गोचर: वैश्विक स्तर पर प्रभाव 

आर्थिक प्रगति, व्यापार और ट्रेड 

  • बुध का वृश्चिक राशि में गोचर के दौरान शेयर बाज़ार में विशेष रूप से भारत में अस्थिरता दिखाई दे सकती है क्योंकि इस दौरान घोटाले और छुपे हुए रहस्य सामने आ सकते हैं जिसके चलते व्यापार में गिरावट आ सकती है।
  • साइबर सिक्योरिटी से जुड़ी एजेंसियां, रिसर्च फर्म और खनन से जुड़े क्षेत्र प्रगति की राह पर आगे बढ़ेंगे क्योंकि दुनिया की नज़रें अब इन क्षेत्रों पर होगी।
  • इस अवधि के दौरान बड़े बदलाव, टैक्स में सुधार और मल्टीनेशनल कंपनियां दूसरी कंपनियों के साथ मिलकर काम कर सकती हैं। 

भू-राजनीति और कूटनीति 

  • बुध का वृश्चिक राशि में गोचर के दौरान अनेक देश अपने छिपे हुए एजेंडा पर केंद्रित कर सकते हैं। साथ ही, कई बड़े देशों के बीच वार्ताओं का दौर शुरू हो सकता है।
  • गुपचुप तरीके से हुए सौदे, गुप्त एजेंडा और महत्वपूर्ण जानकारी दुनिया के सामने आने से कई राष्ट्रों को उतार-चढ़ाव का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में, एक गलत कदम की वजह से भारत समेत कई देशों को भारी कीमत चुकानी पड़ सकती है।
  • सुरक्षा, वित्त और महत्वपूर्ण क्षेत्रों को लेकर दुनिया के कई बड़े राष्ट्रों के बीच तनाव और संघर्ष की स्थिति पैदा हो सकती है।  

विज्ञान और तकनीक 

  • बुध के वृश्चिक राशि में प्रवेश के दौरान कुछ सकारात्मक घटनाएं भी हो सकती हैं। इस दौरान रिसर्च के माध्यम से मेडिसिन, साइबर सुरक्षा और बायोटेक्नोलॉजी में होने वाले आविष्कारों से दुनियाभर को लाभ मिलेगा।
  • इस समय विभिन्न देशों की सरकारों के बीच गुप्त संबंध, रहस्य और घोटाले उजागर होकर मीडिया के सामने आ सकते हैं और इस वजह से कई प्रसिद्ध हस्तियों का नाम सुर्ख़ियों में आ सकता है। 
  • बुध गोचर के दौरान भूमिगत संसाधनों, वायु और जल प्रदूषण से निपटने के लिए रिसर्च की सहायता से नई-नई तकनीक खोजने की कोशिश की जाएगी। 

विद्वान ज्योतिषियों से प्रश्न पूछें और पाएं हर समस्या का समाधान

बुध का वृश्चिक राशि में गोचर: शेयर बाज़ार

  • बुध का वृश्चिक राशि में गोचर के दौरान अज्ञात  रहस्य, घोटाले और अचानक खुलासे होने की आशंका है, जिससे बाजार में अस्थिरता का दौर शुरू हो सकता है। 
  • इस अवधि में निवेशक सावधानी से निवेश करने का प्रयास करेंगे और कोई भी कदम उठाने से पहले अच्छे से सोच-विचार और रिसर्च करेंगे। 
  • बुध गोचर के दौरान देश में चलने वाली अफवाह बाजार के रुझान को प्रभावित कर सकती है। 
  • इस अवधि में होने वाले नए-नए आविष्कार फार्मास्यूटिकल्स और बायोटेक्नोलॉजी क्षेत्रों के लिए फलदायी साबित होंगे। 
  • दुनियाभर में भूमिगत संसाधनों की वजह से खनन, तेल और प्राकृतिक संसाधन से जुड़े क्षेत्रों में तेज़ी देखने को मिलेगी, जिससे कई उद्योगों को लाभ प्राप्त होगा।
  • वृश्चिक राशि में बुध के प्रवेश के दौरान साइबर सिक्योरिटी और डाटा एनालिटिक्स का प्रदर्शन शानदार रहेगा क्योंकि बुध संचार कौशल और वृश्चिक राशि रहस्य को नियंत्रित करती है इसलिए इस अवधि में डाटा सुरक्षा की मांग बढ़ेगी। 
  • वित्त और बैंक जैसे वित्तीय क्षेत्रों की जाँच-पड़ताल होने की संभावना है।

सभी ज्योतिषीय समाधानों के लिए क्लिक करें: एस्ट्रोसेज एआई ऑनलाइन शॉपिंग स्टोर

इसी आशा के साथ कि, आपको यह लेख भी पसंद आया होगा एस्ट्रोसेज के साथ बने रहने के लिए हम आपका बहुत-बहुत धन्यवाद करते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बुध ग्रह वृश्चिक राशि में गोचर कब करेंगे?

बुध महाराज 24 अक्टूबर 2025 को वृश्चिक राशि में गोचर करेंगे। 

क्या बुध और मंगल मित्र हैं?

नहीं, ज्योतिष में मंगल और बुध को एक-दूसरे के शत्रु माना जाता है। 

वृश्चिक राशि का स्वामी कौन है?

मंगल देव को वृश्चिक राशि पर स्वामित्व है।