मंगल का मकर राशि में गोचर: जानें, किसे मिलेगा प्रेम का वरदान!
वैदिक ज्योतिष में मंगल का मकर राशि में गोचर एक प्रभावशाली और ऊर्जा से भरपूर खगोलीय परिवर्तन है। मंगल को साहस, उत्साह, निर्णय लेने की क्षमता, जोश और संघर्ष का कारक माना गया है। जब मंगल ग्रह गोचर करते हैं, तो इसका सीधा प्रभाव मन, विचारों और कर्मों पर पड़ता है।
यह गोचर कई जातकों के लिए नई शुरुआत, दृढ़ इच्छाशक्ति, प्रेम-सौभाग्य और करियर में तेजी ला सकता है, वहीं कुछ लोगों के लिए यह धैर्य, संयम और व्यवहार में संतुलन की आवश्यकता भी उत्पन्न कर देता है।
इस बार मंगल का मकर राशि में गोचर 12 राशियों के जीवन में खास बदलाव लेकर आएगा। कहीं रिश्तों में नज़दीकियां और उत्साह बढ़ेगा, तो कहीं गलतफहमी, उतावलापन और तकरार की स्थिति बन सकती है। कुछ राशियों के लोगों को अपने भाग्य का साथ मिलेगा जबकि कुछ को तुरंत निर्णय लेने से बचने की सलाह दी जाती है।
एस्ट्रोसेज एआई के इस विशेष ब्लॉग में हम जानेंगे कि “मंगल का मकर राशि में गोचर” आपकी राशि को कैसे प्रभावित करेगा, प्रेम, करियर, स्वास्थ्य और धन पर इसका क्या असर पड़ेगा और कौन से उपाय आपके जीवन में संतुलन और सफलता लाने में सहायक होंगे। तो आइए, शुरुआत करते हैं, सबसे पहले जानते हैं इस महत्वपूर्ण गोचर की तिथि और समय।
अब 16 जनवरी 2026 की रात 03 बजकर 51 मिनट पर मकर राशि में गोचर करेंगे। मंगल ग्रह पुरुष स्वभाव का उग्र ग्रह है।
ज्योतिष में मंगल ग्रह का महत्व
मंगल ग्रह को साहस, ऊर्जा और कर्म का कारक माना जाता है। यह ग्रह साहस, आत्मविश्वास और निर्णय लेने की क्षमता को नियंत्रित करता है। यदि कुंडली में मंगल मजबूत हो, तो व्यक्ति अपने जीवन में चुनौतियों का सामना करने में सक्षम होता है। वह जल्दी हार नहीं मानता है और अपने लक्ष्य की ओर तेजी से आगे बढ़ने के लिए तत्पर रहता है।
हम क्या करते हैं और कैसे करते हैं, उस पर मंगल ग्रह का सीधा प्रभाव पड़ता है। ज्योतिष में मंगल को भूमि, संपत्ति, वाहन और रियल एस्टेट का कारक बताया गया है इसलिए कुंडली में शुभ स्थिति में मंगल के होने पर व्यक्ति को जमीन-प्रॉपर्टी का लाभ मिलता है। उसे अपने घर में रहने का सुख प्राप्त होता है। वहीं अशुभ मंगल या कमजोर मंगल भूमि-विवाद, दुर्घटना, गुस्सा, झगड़ा या रुकावटें ला सकता है।
अगर कुंडली में मंगल अशुभ स्थिति में हो, तो विवाह में देरी, पार्टनर से असहमति या संबंधों में तनाव बढ़ सकता है।
मंगल ग्रह व्यक्ति के अंदर कार्य करने की क्षमता, दूसरों से प्रतिस्पर्धा करने का साहस एवं जज्बा और चुनौतियों का सामना करने की ताकत को दर्शाता है। मकर राशि में मंगल के प्रवेश करने को महत्वपूर्ण माना जाता है। मकर राशि में मंगल उच्च का होता है।
ऐसे में उच्च का मंगल अपने सर्वोत्तम गुणों को प्रकट करता है और मनुष्य के जीवन में अनुशासन का संचार करता है।
मकर राशि के स्वामी ग्रह शनि देव हैं जिन्हें कर्म, अनुशासन, न्याय और धैर्य का प्रतीक माना गया है। स्वभाव से मंगल एक उग्र ग्रह है जो शीघ्र प्रतिक्रिया देता है जबकि शनि को स्थिर और धीमा एवं व्यवस्थित ग्रह माना गया है।
ऐसे में मकर राशि में मंगल के प्रवेश करने पर मंगल की उग्र ऊर्जा शनि ग्रह के अनुशासन से नियंत्रित हो जाती और व्यवहारिक एवं उद्देश्यपूर्ण बन जाती है। ऐसा होने पर व्यक्ति आवेग आकर नहीं बल्कि ठोस योजना बनाकर और निरंतर प्रयास एवं मेहनत से काम करता है।
मंगल का मकर राशि में गोचर का सबसे अधिक प्रभाव करियर पर पड़ता है। इस स्थिति में व्यक्ति अपने लक्ष्यों पर फोकस करता है और उसकी नेतृत्व करने की क्षमता में असीम वृद्धि होती है। जो लोग प्रशासन, पुलिस, सेना, निर्माण, रियल एस्टेट और मशीनरी एवं इंजीनियरिंग के साथ-साथ तकनीकी क्षेत्रों में काम करते हैं, उन्हें इस गोचर से विशेष लाभ होने के आसार हैं।
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सभी 12 भावों पर मंगल ग्रह का प्रभाव
पहला भाव
इस भाव में मंगल साहस प्रदान करता है और उसे ऊर्जावान, मेहनती एवं तेज निर्णय लेने वाला बनाता है। ये जातक कई बार गुस्सैल भी हो सकते हैं।
दूसरा भाव
कुंडली के दूसरे भाव में मंगल व्यक्ति की धन कमाने की क्षमता को बढ़ाता है, लेकिन खर्चों में भी वृद्धि कर देता है। इनके लिए पारिवारिक तनाव बढ़ सकता है।
तीसरा भाव
यह स्थान मंगल के लिए बहुत शुभ माना जाता है। ऐसा व्यक्ति बहादुर, मेहनती, कम्युनिकेशन में मजबूत और भाइयों के लिए सहायक होता है। कार्यक्षेत्र में तेजी से सफलता मिलती है।
चौथा भाव
चौथे भाव में मंगल की उपस्थिति घर-गाड़ी और प्रॉपर्टी का सुख देती है। लेकिन इस स्थिति में मां का स्वास्थ्य खराब रह सकता है या गृह-सुख में उतार-चढ़ाव आ सकता है।
पांचवा भाव व्यक्ति को तेज दिमाग और दूसरों से प्रतिस्पर्धा करने वाला बनाता है। मंगल इनके अंदर गुस्सा या आवेग बढ़ा सकता है। इन्हें इंजीनियरिंग के क्षेत्र में सफलता मिलती है।
छठा भाव
छठे भाव का मंगल कानूनी मामलों, प्रतियोगिताओं और स्पोर्ट्स में विजय दिलाता है। इनके अंदर साहस अधिक देखने को मिलता है।
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सातवां भाव
सातवें भाव में मंगल विवाह में देरी, विवाद या पार्टनर से अनबन करा सकता है। यही कारण है कि इसे मंगल दोष माना जाता है। सही मेल, दशा और उपाय से रिश्ते सुधरते हैं। पार्टनर ऊर्जावान या आक्रामक हो सकता है।
आठवां भाव
मंगल आठवें भाव में होने पर दुर्घटना, चोट, ऑपरेशन या अचानक खर्च बढ़ा सकता है। मंगल की इस स्थिति में जीवन में उतार-चढ़ाव अधिक रहते हैं।
नौवे भाव में मंगल साहस प्रदान करता है और अधिक यात्राएं एवं पिता से विवाद या दूरी देता है। इनकी आध्यात्मिकता के प्रति रुचि ज्यादा रहती है।
दसवां भाव
दसवें भाव का मंगल करियर में बड़ी सफलता देता है। यह नेता, पुलिस सेना, इंजीनियर, स्पोर्ट्समैन या बिजनेस में श्रेष्ठ बनाता है। बहुत परिश्रम, संघर्ष और अंत में सम्मान मिलता है।
ग्यारहवां भाव
इस भाव में मंगल मोटी आमदनी, बड़े सपने और तेज़ी से लक्ष्य प्राप्ति देता है। आर्थिक स्थिति बेहद मजबूत होती है।
बारहवां भाव
बारहवे भाव में मंगल खर्च बढ़ाता है और जातक अधिक विदेश यात्रा कर सकता है। यह नींद व मानसिक शांति कम करता है। यह रहस्यमयी विद्या में प्रगति देता है।
मंगल ग्रह को मजबूत करने के सरल उपाय
यदि आप मंगल का मकर राशि में गोचर होने के दौरान इस ग्रह से अच्छे फल प्राप्त करना चाहते हैं या इसे प्रसन्न करना चाहते हैं, तो निम्न उपाय कर सकते हैं:
रोज़ या मंगलवार के दिन हनुमान चालीसा, बजरंग बाण या सुंदरकांड का पाठ करें। इससे अशुभ मंगल के प्रभाव कम होते हैं।
मंगल ग्रह का संबंध लाल रंग से है। इस गोचर के दौरान या मंगल को प्रसन्न करने के लिए अपनी जेब में लाल रुमाल रखें, लाल वस्त्र पहन सकते हैं या मंगलवार को लाल फूल चढ़ाएं।
तांबे के बर्तन में पानी पीना या तांबे का कड़ा पहनना मंगल की ऊर्जा को संतुलित और मजबूत करता है।
मंगल को शांत एवं मजबूत करने के लिए मंगलवार का व्रत रख सकते हैं। इस दिन लाल चने की दाल या गुड़ का सेवन करने से मंगल मजबूत होता है।
मंगल का मकर राशि में गोचर: राशि अनुसार प्रभाव और उपाय
मेष राशि
करियर के क्षेत्र में मंगल गोचर के दौरान आपको कार्यों में लाभ मिलेगा। इस दौरान आपको नौकरी के नए अवसर प्राप्त होंगे जबकि…(विस्तार से पढ़ें)
वृषभ राशि
मंगल का मकर राशि में गोचर की अवधि में आपको जीवनसाथी, बिज़नेस पार्टनर और दोस्तों के साथ समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। यह जातक भाग्य…(विस्तार से पढ़ें)
मिथुन राशि
करियर के क्षेत्र में आपको सीमित प्रगति मिलने के आसार हैं। साथ ही, नौकरी में बदलाव या नौकरी के नए अवसर मिलने में भी बाधाएं आ…(विस्तार से पढ़ें)
कर्क राशि
मंगल का मकर राशि का गोचर के दौरान इन जातकों का सारा ध्यान परिवार की प्रगति और रिश्तों पर केंद्रित होगा। धन प्राप्ति होने की संभावना है और ऐसे में…(विस्तार से पढ़ें)
सिंह राशि
आपका सारा ध्यान परिवार की प्रगति पर केंद्रित होगा। मंगल का मकर राशि में गोचर के दौरान आपके नई संपत्ति खरीदने या उसके माध्यम से लाभ…(विस्तार से पढ़ें)
कन्या राशि
मंगल का मकर राशि में गोचर की अवधि में आपको धन हानि और समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि, इस दौरान आपके पास…(विस्तार से पढ़ें)
तुला राशि
मंगल का मकर राशि में गोचर लाभ कमाने की दृष्टि से औसत रहेगा और आपके सामने एक के बाद एक खर्चे आ सकते हैं…(विस्तार से पढ़ें)
वृश्चिक राशि
कार्यों में की जा रही मेहनत और प्रयासों से आपको अच्छी सफलता की प्राप्ति होगी। ऐसे में, आप जीवन में सकारात्मक बदलाव देखेंगे…(विस्तार से पढ़ें)
धनु राशि
मंगल का मकर राशि में गोचर आपके लिए मिले-जुले परिणाम लेकर आ सकता है। सरल शब्दों में कहें, तो आपको सकारात्मक और नकारात्मक परिणाम मिल सकते हैं…(विस्तार से पढ़ें)
मकर राशि
आपके मन में नकारात्मक विचार रह सकते हैं, जिससे आपका आत्मविश्वास कम हो सकता है। ऐसे में, आपको अपने लक्ष्यों को हासिल करना…(विस्तार से पढ़ें)
कुंभ राशि
मंगल गोचर के दौरान आपके सामने व्यर्थ के खर्च में वृद्धि हो सकती है। इन लोगों को करियर में कुछ समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है…(विस्तार से पढ़ें)
मीन राशि
इन जातकों को मंगल का मकर राशि में गोचर शुभ फल प्रदान करेगा। इस दौरान आप ज्यादा से ज्यादा धन कमाने के साथ-साथ बचत करने में भी सक्षम होंगे। ऐसे में…(विस्तार से पढ़ें)
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
1. मंगल का मकर राशि में गोचर कब होगा?
मंगल का मकर राशि में गोचर 16 जनवरी 2026 को होगा।
2. मंगल ग्रह कौन हैं?
मंगल ग्रह को नवग्रहों के सेनापति और युद्ध के ग्रह माना जाता है।
3. मकर राशि का स्वामी कौन है?
राशि चक्र की दसवीं राशि मकर के अधिपति देव शनि ग्रह हैं।
बुध का मकर राशि में गोचर: इन राशियों का होगा भाग्य परिवर्तन, ये रखें खास सावधानी!
एस्ट्रोसेज एआई के इस विशेष ब्लॉग में हम आपकोबुध का मकर राशि में गोचर के बारे में विस्तार से जानकारी प्रदान करेंगे। साथ ही, यह भी बताएंगे कि बुध के गोचर का प्रभाव सभी 12 राशियों पर किस प्रकार से पड़ेगा।
बता दें कुछ राशियों को बुध ग्रहके गोचर से बहुत अधिक लाभ होगा तो, वहीं कुछ राशि वालों को इस अवधि बहुत ही सावधानी से आगे बढ़ने की आवश्यकता होगी क्योंकि उन्हें कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। इसके अलावा, इस ब्लॉग में बुध ग्रह को मजबूत करने के कुछ शानदार व आसान उपायों के बारे में भी बताएंगे और देश-दुनिया व शेयर मार्केटपर भी इसके प्रभाव के बारे में चर्चा करेंगे।
ज्योतिष में बुध ग्रह बुद्धि, बातचीत करने की क्षमता, तर्क शक्ति, सीखने की योग्यता और विश्लेषण क्षमता का प्रतीक माना जाता है। वैदिक ज्योतिष में इसे बुध कहा जाता है। बुध वाणी, लेखन, व्यापारिक समझ, खुद को परिस्थितियों के अनुसार ढालने की क्षमता और तार्किक सोच को प्रभावित करता है। यह ग्रह बताता है कि कोई व्यक्ति जानकारी को कैसे समझता है, अपने विचार कैसे व्यक्त करता है और फैसले कैसे लेता है।
जन्म कुंडली में यदि बुध मजबूत स्थिति में हो,तो व्यक्ति तेज बुद्धि वाला, साफ बोलने वाला, हाजिर जवाब और बातचीत व समझौते में कुशल होता है। वहीं अगर बुध कमजोर या पीड़ित हो, तो व्यक्ति में भ्रम, घबराहट, गलतफहमी या निर्णय लेने में कठिनाई हो सकती है। बुध युवावस्था, जिज्ञासा और बहुमुखी प्रतिभा का भी कारक है। यह शिक्षा, व्यापार, तकनीक और जीवन में होने वाले हर तरह के लेनदेन को प्रभावित करता है।
बुध का मकर राशि में गोचर : समय व तिथि
17 जनवरी 2026 की दोपहर 02 बजकर 50 मिनट पर बुध मकर राशि में गोचर करेंगे। सामान्य रूप से मकर राशि में स्थित बुध को शुभ फल देने वाला माना जाता है। अब आइए जानते हैं कि इस गोचर का प्रभाव वैश्विक घटनाओं, शेयर मार्केट और राशियों पर किस प्रकार पड़ सकता है।
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बुध का मकर राशि में गोचर: विशेषताएं
ज्योतिष में मकर राशि में बुध का होना एक व्यावहारिक, अनुशासित और परिणाम पर केंद्रित सोच को दर्शाता है। इस स्थिति में व्यक्ति तार्किक रूप से सोचता है और बातचीत में व्यवस्था व स्पष्टता पसंद करता है। ऐसे लोग भावनाओं या जल्दबाजी वाले विचारों की बजाय तथ्यों, जिम्मेदारी और लंबे समय की योजना को महत्व देते हैं। इनकी वाणी गंभीर, सोच समझकर कही गई और प्रभावशाली होती है, जिससे कम उम्र में भी परिपक्कता झलकती है। मकर राशि में बुध व्यक्ति को अच्छी व्यावसायिक समझ, रणनीतिक सोच और धैर्य व मेहनत से विचारों को सफलता में बदलने की क्षमता देता है।
हालांकि, कभी-कभी ऐसे लोग जरूरत से ज्यादा सतर्क, अपनी राय पर अड़े हुए या भावनाएं व्यक्त करने में संकोची हो सकते हैं क्योंकि तर्क भावनाओं पर हावी रहता है। इसके अलावा, मकर राशि में बुध बेहतरीन संगठन क्षमता और समस्याओं को क्रमबद्ध तरीके से सुलझाने की योग्यता देता है। ऐसे लोग पेशेवर और प्रशासनिक क्षेत्रों में भरोसेमंद निर्णय लेने वाले साबित होते हैं।
ये कम लेकिन उद्देश्यपूर्ण और साफ बातचीत पसंद करते हैं, जिससे इन्हें अपनी समझदार सोच के कारण सम्मान मिलता है। यह स्थिति प्रबंधन, वित्त, कानून, सरकारी सेवा, इंजीनियरिंग या ऐसे क्षेत्रों के लिए अनुकूल मानी जाती है, जहां योजना और जिम्मेदारी जरूरी हो।
नकारात्मक पक्ष में, कभी-कभी निराशावाद आत्म-संदेह या मानसिक दबाव देखने को मिल सकता है, क्योंकि व्यक्ति खुद से बहुत अधिक अपेक्षाएं रखता है। यदि व्यावहारिकता के साथ लचीलापन और भावनात्मक खुलापन रखा जाए, तो मकर राशि में बुध वाले लोग अपनी बौद्धिक क्षमता का पूरा लाभ उठा सकते हैं।
AstroSage AI पॉडकास्ट सुनें – यहां आपको मिलेंगे ज्योतिष, जीवन के रहस्य, किस्मत के संकेत और AI द्वारा बताए गए सटीक ज्योतिषीय समाधान। अपनी ज़िंदगी के अहम सवालों के जवाब अब आवाज़ में, आसान भाषा में।
बुध का मकर राशि में गोचर: इन राशियों पर पड़ेगा अच्छा असर
मेष राशि
मेष राशि वालों के लिए बुध आपकी कुंडली के तीसरे और छठे भाव के स्वामी हैं। इसलिए इसे पूरी तरह अनुकूल ग्रह नहीं माना जाता, लेकिन बुध ऐसा ग्रह है, जो असर जल्दी दिखाता है। करियर, काम और समाज में पहचान से जुड़े दसवें भाव में बुध अच्छे फल देता है। इस समय आपकी बोलने और अपनी बात रखने की क्षमता काफी अच्छी रहेगी। इसी वजह से मीडिया, पत्रकारिता, मास कम्युनिकेशन जैसे क्षेत्रों में काम करने वालों के लिए समय अनुकूल रहेगा।
अकाउंटिंग, फाइनेंस और इन्वेस्टमेंट बैंकिंग से जुड़े मेष राशि के लोगों को भी अपने काम में तरक्की देखने को मिल सकती है। जो लोग काफी समय से नौकरी की तलाश में हैं, उन्हें इस दौरान मनपसंद नौकरी मिलने के योग बन सकते हैं। अगर आप किसी प्रतियोगी माहौल में अच्छा करने को लेकर परेशान हैं, चाहे आप कलाकार हों, डांसर हों या लेखक, तो आपको अपने आसपास के लोगों और ऑफिस से पूरा सहयोग मिलेगा।
काम के सिलसिले में छोटी-छोटी यात्राएं बार-बार करनी पड़ सकती हैं, जिससे थोड़ी थकान या सेहत से जुड़ी परेशानी हो सकती है।
सिंह राशि
सिंह राशि वालों के लिए बुध आपकी कुंडली के दूसरे और ग्यारहवें भाव के स्वामी हैं यानी ये धन और लाभ से जुड़ा ग्रह बन जाता है। इस समय बुध आपके छठे भाव में गोचर कर रहा है। अगर आपका काम पालतू जानवरों, हेल्थ, फिटनेस या न्यूट्रिशन से जुड़ा है, तो यह समय आपके लिए फायदेमंद साबित होगा।
इस समय आपका करियर अच्छा चल रहा है। अगर आपने कोई प्रतियोगी परीक्षा दी है, तो उसमें भी अच्छे नतीजे मिल सकते हैं। छठे भाव में बुध होने पर नए और बड़े निवेश की सलाह आमतौर पर दी जाती है। हालांकि, इस दौरान पैसे बता पाना थोड़ा मुश्किल हो सकता है, इसलिए खर्चों पर ध्यान देना जरूरी होगा।
कन्या राशि वालों के लिए बुध लग्न और दसवें भाव के स्वामी है और इस समय पांचवें भाव में गोचर कर रहा है। इसका मतलब है कि इस दौर में आपका ध्यान पढ़ाई, प्रेम संबंधों और बच्चों से जुड़े मामलों पर ज्यादा रहेगा। पांचवां भाव बुद्धि और समझ का भी होता है और मकर राशि में बुध होने से आप अपने करियर के लक्ष्यों को लेकर काफी गंभीर और फोकस्ड रहेंगे। इस दौरान आप अपनी मेहनत से हालात को अपने पक्ष में बदल सकते हैं।
अचानक कुछ बदलाव भी देखने को मिल सकते हैं, लेकिन वे आपके लिए फायदेमंद साबित होंगे। अगर आप पूरे ध्यान से अपने लक्ष्य पर काम करें और कुछ नया करने की कोशिश करें, तो आप ज़िंदगी के अहम फैसले ले पाएंगे। इन फैसलों का सीधा असर आपकी पहचान, समाज में छवि और प्रोफेशनल लाइफ पर पड़ेगा। खासकर प्रोफेशनल कोर्स कर रहे छात्रों और नौकरी की तलाश में लगे लोगों के लिए यह समय अच्छा है।
तुला राशि
तुला राशि वालों के लिए बुध बारहवें और नौवें भाव का स्वामी है और अब चौथे भाव में जा रहा है। नौवें भाव का स्वामी होने के कारण बुध आपके लिए शुभ ग्रह माना जाता है। लेकिन बारहवें भाव से जुड़ा होने की वजह से इस गोचर में घर-परिवार से जुड़े कुछ खर्चे हो सकते हैं। अच्छी बात यह है कि ये खर्चे नुकसान नहीं देंगे, बल्कि आपके वैवाहिक और पारिवारिक जीवन को मजबूत करेंगे।
करियर की बात करें तो अगर आप नया घर लेने, शिफ्ट होने या अपने काम की जगह बदलने का सोच रहे हैं, तो इस दौरान बदलाव देखने को मिल सकते हैं। ये बदलाव किस्मत के लिहाज़ से अच्छे होंगे, लेकिन थोड़े असुविधाजनक भी हो सकते हैं। इंटीरियर डिजाइन, आर्किटेक्चर, राजनीति, पब्लिक सर्विस, रियल एस्टेट और कंस्ट्रक्शन से जुड़े लोगों के लिए यह गोचर खास तौर पर फायदेमंद रहेगा। कुल मिलाकर यह समय आपके काम को आगे बढ़ाने में मदद करेगा।
मकर राशिवालों के लिए बुध छठे और नौवें भाव के स्वामी हैं और अब आपके पहले भाव में प्रवेश कर रहा है। यह आपके लिए समृद्धि और सफलता का संकेत है। इस समय आप अपनी खूबियों और क्षमताओं का पूरा इस्तेमाल कर पाएंगे। जिन लोगों के काम में बोलना, प्रेजेंटेशन देना या लोगों से बात करना शामिल है, उनके लिए यह समय बहुत अच्छा है।
आप अलग-अलग हालात और लोगों को आसानी से संभाल पाएंगे, मल्टीटास्किंग करेंगे और बिज़नेस से जुड़े अहम फैसले सही तरीके से लेंगे। चूंकि बुध छठे भाव का भी स्वामी है, इसलिए प्रतियोगिता में आपको जीत मिलने के योग हैं। आप समय रहते जोखिम पहचान पाएंगे और उनसे बच भी जाएंगे। कुल मिलाकर मकर राशि वालों के लिए बुध का यह गोचर निजी और पेशेवर दोनों ही ज़िंदगी में सफलता दिलाने वाला रहेगा।
मीन राशि
मीन राशि वालों के लिए बुध चौथे और सातवें भाव के स्वामी हैं और अब ग्यारहवें भाव में गोचर कर रहा है, जो इच्छाओं, लाभ और सोशल नेटवर्क से जुड़ा होता है। यह समय किसी भी बड़े बिजनेस या पैसों से जुड़े फैसले लेने के लिए अनुकूल है। घर या गाड़ी खरीदने के लिए भी यह अच्छा समय है। इस दौरान शादी के योग भी बन सकते हैं या फिर आप अपने रिश्ते को आगे बढ़ते हुए पार्टनर को परिवार से मिलवा सकते हैं।
करियर के लिहाज से भी यह समय फायदेमंद है। नौकरी बदलने का सोच रहे हैं तो बदलाव आपके आपके पक्ष में जा सकता है। बुध की दृष्टि पढ़ाई के भाव पर भी पड़ रही है इसलिए छात्रों के लिए यह समय खास तौर पर अच्छा रहेगा। मास कम्युनिकेशन, लेखन या आईची जैसे कोर्स करने वाले छात्रों को इस दौरान अच्छा लाभ मिल सकता है।
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बुध का मकर राशि में गोचर: इन राशियों पर पड़ सकता है नकारात्मक प्रभाव
मिथुन राशि
मिथुन राशि वालों के लिए यह गोचर थोड़ा संवेदनशील रह सकता है। बुध आपकी लग्न राशि के स्वामी हैं और इस समय चौथे भाव के स्वामी होकर आठवें भाव में गोचर कर रहे हैं। आमतौर पर आठवें भाव में बुध का गोचर बहुत शुभ नहीं माना जाता है, लेकिन एक राहत की बात यह है कि बुध शनि की राशि मकर में जा रहे हैं, जो उनके मित्र माने जाते हैं। इसलिए असर बहुत ज्यादा नकारात्मक नहीं होगा। फिर भी इस दौरान सेहत को लेकर सावधानी जरूरी है।
त्वचा से जुड़ी दिक्कतें या नर्वस सिस्टम से संबंधित परेशानी हो सकती है। अचानक खर्च बढ़ सकते हैं, जिससे मानसिक तनाव महसूस हो सकता है। अगर आप रिसर्च, खोज, रहस्यमय विषयों या गूढ़ विद्याओं से जुड़े काम करते हैं, तो यह समय आपके लिए फायदेमंद साबित हो सकता है। इसके अलावा अगर आप विरासत या पार्टनर के साथ साझा संपत्ति को लेकर किसी जवाब या समाधान का इंतज़ार कर रहे थे, तो इस महीने कुछ स्पष्टता मिल सकती है।
इस गोचर में आपकी वाणी पर भी असर पड़ेगा। आप भले ही सोच-समझकर बोलें, लेकिन व्यंग्य या मज़ाक किसी को बुरा लग सकता है और परिवार में गलतफहमी पैदा हो सकती है। इसलिए बोलचाल में थोड़ा संयम रखें।
धनु राशि वालों के लिए बुध का यह गोचर कई मामलों में अच्छा साबित होगा। बुध आपके द्वितीय भाव में गोचर कर रहे हैं और साथ ही सातवें और दसवें भाव के स्वामी भी हैं। इससे परिवार में आपसी तालमेल बेहतर होगा और करियर से जुड़े महत्वपूर्ण आर्थिक फैसले लेने के मौके मिल सकते हैं। हालांकि पार्टनर के साथ रिश्तों में सावधानी जरूरी है, खासकर अगर आप बिजनेस से जुड़े हैं। सातवें भाव के स्वामी बुध का अपने ही भाव से आठवें स्थान में होना रिश्तों में भ्रम और चुनौतियों ला सकता है।
परिवार और जीवनसाथी के बीच खींचतान की स्थिति भी बन सकती है, खासकर संयुक्त परिवार में। इस समय निजी और पेशेवर दोनों तरह के रिश्तों में तनाव की संभावना है, इसलिए शांति बनाए रखें, खुलकर बातचीत करें और छोटी बातों को बढ़ने न दें।
करियर के लिहाज से देखा जाए तो दसवें भाव के स्वामी बुध का यह गोचर संकेत देता है कि अगर आप समझदारी और विवेक से काम लेंगे, तो अपनी जिम्मेदारियों को अच्छे से निभा पाएंगे और कुछ अहम फैसले भी ले सकेंगे।
बुध के मकर राशि में जाने से अलग-अलग क्षेत्रों में, खासकर इंजीनियरिंग और मेडिकल क्षेत्र में रिसर्च और डेवलपमेंट को बढ़ावा मिलेगा।
क्योंकि बुध और मकर दोनों का संबंध ज्ञान, समझ और शिक्षा से है इसलिए यह गोचर रिसर्च को आगे बढ़ाने में मदद करेगा और वैज्ञानिकों को अपनी खोजों के लिए मजबूत आधार बनाने में सहयोग देगा।
यह गोचर दुनिया भर में रिसर्चर्स, वैज्ञानिकों, इंजीनियरों, डॉक्टरों और मेडिकल छात्रों के लिए लाभदायक साबित होगा।
हीलिंग और चिकित्सा
मकर राशि में बुध का गोचर याददाश्त को मजबूत करता है और शनि चिकित्सा व उपचार से जुड़े पेशों का समर्थन करता है। इसलिए मकर राशि में बुध का यह गोचर इन क्षेत्रों में काम करने वालों के लिए लाभदायक रहेगा। इन पेशों में टैरो रीडर, डॉक्टर, मेडिकल स्टॉफ और हीलर शामिल हैं।
डॉक्टर, नर्स और अन्य मेडिकल प्रोफेशनल्स के काम में तेज़ी और बढ़ोतरी देखने को मिलेगी। खासतौर पर मेडिकल क्षेत्र में नए रिसर्च और खोजें सामने आ सकती हैं, जो इस क्षेत्र के लिए फायदेमंद होंगी। जो लोग उच्च शिक्षा जैसे पीएचडी आदि कर रहे हैं, उनके लिए यह समय लाभकारी रहेगा।
जो लोग अपनी कौशल क्षमता बढ़ाना या आगे पढ़ाई जारी रखना चाहते हैं, उन्हें अच्छी सफलता मिल सकती है।
बिज़नेस और काउंसलिंग
यह गोचर किसी भी तरह की काउंसलिंग से जुड़े लोगों के लिए फायदेमंद रहेगा।
जो व्यापारी धार्मिक या आध्यात्मिक वस्तुएं जैसे अगरबत्ती, हवन सामग्री आदि का व्यापार या निर्यात करते हैं, उन्हें भी लाभ मिलेगा।
यह समय शिक्षकों और शिक्षाविदों के लिए भी शुभ रहेगा। आप अपने ज्ञान और अनुभव को ज्यादा लोगों तक आसानी से पहुंचा पाएंगे।
27 जनवरी 2026 से बुध ग्रह मकर राशि में प्रवेश करेगा। किसी बड़े राष्ट्रीय घटनाक्रम की तरह इसका असर शेयर बाज़ार पर भी देखने को मिलेगा। बुध के मकर राशि में जाने पर बाज़ार में क्या बदलाव हो सकते हैं, इस बारे में एस्ट्रोसेज एआई भविष्यवाणियां देता है।
मीडिया और ब्रॉडकास्टिंग, टेलीकम्युनिकेशन, हॉस्पिटल मैनेजमेंट और ऑटोमोटिव सेक्टर के अच्छा करने की उम्मीद है।
ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन की इंडस्ट्री के भी अच्छा करने की उम्मीद है।
इस समय इंस्टीट्यूशनल कॉर्पोरेशन, इंपोर्ट और एक्सपोर्ट सभी में तरक्की होगी।
फार्मास्यूटिकल और पब्लिक दोनों सेक्टर के अच्छा परफॉर्म करने की उम्मीद है।
हम उम्मीद करते हैं कि आपको हमारा यह ब्लॉग ज़रूर पसंद आया होगा। अगर ऐसा है तो आप इसे अपने अन्य शुभचिंतकों के साथ ज़रूर साझा करें। धन्यवाद!
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
1. मकर राशि पर कौन सा ग्रह राज करता है?
शनि
2. बुध किन दो राशियों पर राज करता है?
मिथुन और कन्या
3. शनि किन दो राशियों पर राज करता है?
मकर और कुंभ
सूर्य का मकर राशि में गोचर, जानें किन राशि वालों का चमकेगा भाग्य!
सूर्य का मकर राशि में गोचर होने पर करियर के क्षेत्र में स्थिरता आती है और जिम्मेदारियां भी बढ़ सकती हैं। इसके साथ ही सरकारी कार्यों में तेजी आती है और नौकरीपेशा जातकों को प्रमोशन मिलने की संभावना बढ़ जाती है। लोगों को अपनी मेहनत का फल धीरे-धीरे मिलना शुरू हो जाता है।
यह गोचर आत्मविश्वास बढ़ाता है लेकिन इस दौरान अहंकार के कारण नुकसान होने का भी डर रहता है। करियर, पद-प्रतिष्ठा और जिम्मेदारियों में वृद्धि होती है। स्वास्थ्य के स्तर पर हड्डी, घुटनों और त्वचा को लेकर सावधानी बरतनी आवश्यक होती है। इस गोचर के दौरान रिश्तों में भावनात्मक स्तर पर दूरी और व्यवहार में कठोरता आने का डर रहता है। इस समयावधि में अनुशासन में रहने वाले और नियमों को मानने वाले लोगों को विशेष लाभ होता है।
एस्ट्रोसेज एआई के इस ब्लॉग में हम जानेंगे कि सूर्य का मकर राशि में गोचर आपकी 12 राशियों के प्रेम, करियर, धन, शिक्षा, स्वास्थ्य और पारिवारिक जीवन को कैसे प्रभावित करेगा, साथ ही, कौन से उपाय इस समय को और लाभकारी बना सकते हैं। तो आइए शुरुआत करते हैं और सबसे पहले जानते हैं इस गोचर की तिथि और समय।
AstroSage AI पॉडकास्ट सुनें – यहां आपको मिलेंगे ज्योतिष, जीवन के रहस्य, किस्मत के संकेत और AI द्वारा बताए गए सटीक ज्योतिषीय समाधान। अपनी ज़िंदगी के अहम सवालों के जवाब अब आवाज़ में, आसान भाषा में।
सूर्य का मकर राशि में गोचर: समय व तिथि
वैदिक ज्योतिष में सूर्य देव को नवग्रहों के राजा कहा जाता है जो 14 जनवरी 2026 की दोपहर 02 बजकर 50 मिनट पर मकर राशि में गोचर करने जा रहे हैं। सूर्य एक शक्तिशाल, तेजस्वी और पुरुषत्व वाला ग्रह है। सूर्य हर महीने राशि परितर्वन करता है, जिससे ऊर्जा और प्रभावों में महत्वपूर्ण परिवर्तन आते हैं।
ज्योतिष में सूर्य ग्रह का महत्व
ज्योतिष में सूर्य ग्रह को व्यक्ति की आत्मा, जीवन शक्ति और व्यक्तित्व का कारक माना जाता है। मनुष्य का स्वभाव, आत्मविश्वास, निर्णय लेने की क्षमता और नेतृत्व गुण, यह सभी सूर्य पर निर्धारित होते हैं।
यदि कुंडली में सूर्य मजबूत हो, तो जातक तेजस्वी, आकर्षण से भरपूर, समाज में सम्मान पाने वाला और अधिकारिक पद पर नियुक्त होता है। यह राजनीति, प्रशासन, सरकारी सेवाओं, नेतृत्व वाले पदों और प्रतिष्ठा से जुड़े क्षेत्रों में उन्नति प्रदान करता है।
स्वास्थ्य पर भी सूर्य का महत्वपूर्ण प्रभाव देखने को मिलता है। यह शरीर में ऊर्जा, रोग प्रतिरोधक क्षमता और मानसिक स्थिरता प्रदान करता है। कमजोर सूर्य के कारण थकान, आत्मविश्वास में कमी, आंखों या हड्डियों की समस्या, करियर में रुकावट और पिता से जुड़ी चुनौतियां देखनी पड़ सकती हैं।
वहीं दूसरी ओर, अत्यधिक प्रबल सूर्य के कारण अहंकार, गुस्सा और संबंधों में दूरी जैसी समस्याएं आ सकती हैं। वहीं संतुलित सूर्य सफलता, सम्मान, शक्ति और मानसिक स्पष्टता प्रदान करता है।
ज्योतिषशास्त्र में सूर्य ग्रह को आत्मा, नेतृत्व करने की क्षमता, पिता और सत्ता एवं जीवन शक्ति का कारक बताया गया है। मकर राशि में सूर्य के गोचर को काफी महत्वपूर्ण माना जाता है। मकर राशि के स्वामी ग्रह शनि देव हैं जिन्हें कर्म, अनुशासन, परिश्रम और न्याय का प्रतीक माना गया है।
सूर्य और शनि देव का स्वभाव एक-दूसरे से भिन्न होता है। सूर्य अधिकार, स्वाभिमान का प्रतिनिधित्व करता है, वहीं शनि धैर्य, सीमा और नियमों में रहना सिखाता है। यही वजह है कि मकर राशि में सूर्य का गोचर व्यक्ति के आत्मसंयम और कर्तव्यबोध की परीक्षा लेता है।
ज्योतिष शास्त्र में मकर राशि को सूर्य की शत्रु राशि माना गया है। कहने का मतलब है कि मकर राशि में होने पर सूर्य कमजोर हो जाता है। इस स्थिति में आत्मविश्वास और अधिकार मेहनत, निरंतर प्रयास करने और अनुशासन का पालने करने के बाद ही प्राप्त होते हैं। मकर राशि में सूर्य का गोचर होने पर लोगों को यह सीख मिलती है कि अहंकार या पद के दम पर नहीं बल्कि कर्म और जिम्मेदारी का पालन करने पर सम्मान मिलता है।
सूर्य के मकर राशि में गोचर करने पर उत्तरायण का भी आरंभ हो जाता है। ज्योतिष में इसे बहुत ज्यादा शुभ माना जाता है। उत्तरायण के समय को देवताओं का दिन बताया गया है इसलिए इस समयावधि में दान, जप, तप और पुण्य करने से विशेष लाभ प्राप्त होता है। सूर्य के मकर राशि में गोचर करने को मकर संक्रांति के रूप में मनाया जाता है। यह आत्मा की शुद्धि, नई शुरुआत और सकारात्मक दिशा का संकेत देता है।
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12 भावों में सूर्य ग्रह का महत्व
पहला भाव
इस भाव में होने पर व्यक्ति तेजस्वी बनता है, उसका आत्मविश्वास बढ़ता है, व्यक्ति की नेतृत्व क्षमता मजबूत होती है। व्यक्तित्व प्रभावशाली होता है, लोग स्वाभाविक रूप से उसकी ओर आकर्षित होते हैं।
दूसरे भाव
दूसरे भाव में सूर्य धन, वाणी और परिवार में प्रभाव बढ़ता है। यह स्थिर आय, सम्मान और पारिवारिक प्रतिष्ठा प्रदान करता है। कभी-कभी बोलते समय कठोरता आ सकती है और खर्च भी बढ़ सकता है।
तीसरे भाव
इस भाव में सूर्य की उपस्थिति व्यक्ति को साहसी, जोखिम लेने वाला और मेहनती बनाता है। इन्हें अपने भाई-बहनों का सहयोग मिलता है। उसके संचार कौशल बेहतर होते हैं। इन्हें कभी-कभी रिश्तों में प्रतिस्पर्धा देखने को मिल सकती है।
कुंडली के चौथे भाव में सूर्य घर, माता और वाहन/जमीन से लाभ करवाता है। व्यक्ति को मानसिक शांति और स्थिरता मिलती है। हालांकि मां का स्वास्थ्य खराब रह सकता है।
पांचवां भाव
बुद्धि, शिक्षा, कला और संतान संबंधी मामलों में शुभ है। पढ़ाई में अच्छा प्रदर्शन और रचनात्मकता देता है। लेकिन संतान से थोड़ी दूरी या चिंता बढ़ सकती है।
छठा भाव
सूर्य इस भाव में होने पर शत्रुओं पर विजय, प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता और नौकरी में स्थिरता दिलवाते हैं। इन्हें कभी-कभी पेट और पाचन से जुड़ी दिक्कतें हो सकती हैं।
सातवां भाव
साझेदारी, विवाह और सार्वजनिक जीवन में सक्रियता बढ़ती है। जीवनसाथी प्रभावशाली होता है। पर अहंकार टकराव का कारण बन सकता है, इसलिए मीठे संवाद जरूरी हैं।
आठवां भाव
आठवां भाव शोध, गहन ज्ञान और परिवर्तन का प्रतीक है और इस भाव में सूर्य के होने पर व्यक्ति रहस्यमयी और आध्यात्मिक बनता है। उसके जीवन में अचानक घटनाएं घटित हो सकती हैं।
नौवां भाव
यह भाव भाग्य, ज्ञान, गुरु, धर्म और यात्रा का कारक है। इस भाव में सूर्य के होने पर भाग्य मजबूत होता है, विदेश यात्रा व उच्च शिक्षा में सफलता मिलती है।
दसवां भाव
दसवें भाव में होकर सूर्य व्यक्ति को प्रशासन, सत्ता, सरकार, मैनेजमेंट या उच्च पद मिल सकता है। नाम-यश देना इसका प्रमुख परिणाम है।
ग्यारहवां भाव
कुंडली का ग्यारहवां भाव आय, लाभ और बड़े नेटवर्क का कारक होता है। इस स्थिति में सूर्य व्यक्ति को मोटी कमाई, सामाजिक पहचान और शक्तिशाली लोगों का साथ देता है।
बारहवें भाव
सूर्य यहां आध्यात्मिकता को बढ़ाने का काम करता है और विदेश से लाभ देता है। हालांकि, इन्हें नींद से जुड़ी परेशानियां हो सकती हैं।
सूर्य का मकर राशि में गोचर: राशि अनुसार प्रभाव और उपाय
मेष राशि
सूर्य का मकर राशि में गोचर आपकी संतान के जीवन में प्रगति और सौभाग्य लेकर आएगा…(विस्तार से पढ़ें)
वृषभ राशि
वृषभ राशि के जातकों के लिए सूर्य का मकर राशि में गोचर पिता और बड़े बुजुर्गों के साथ आपके रिश्ते में समस्याएं पैदा करेगा…(विस्तार से पढ़ें)
मिथुन राशि
आपकी प्रगति धीमी रह सकती है और खुशियाँ भी नदारद रह सकती हैं। साथ ही, आपको व्यर्थ की समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है…(विस्तार से पढ़ें)
कर्क राशि
आपका सारा ध्यान परिवार और उसकी प्रगति पर केंद्रित होगा। धन से जुड़े मामलों में आपको धन हानि हो सकती है और ऐसे में…(विस्तार से पढ़ें)
सिंह राशि
आपके जीवन में थोड़े प्रयासों से भी प्रगति और सफलता लेकर आएगा। करियर के क्षेत्र में आपको नौकरी के नए अवसर मिल सकते हैं, जिससे…(विस्तार से पढ़ें)
कन्या राशि
आपका सारा ध्यान लक्ष्य पूरे करने और जीवन का आनंद लेने में होगा। इन लोगों की रुचि सट्टेबाजी और ट्रेडिंग में होगी। हालांकि…(विस्तार से पढ़ें)
तुला राशि
सूर्य का मकर राशि में गोचर आपकी सुख-सुविधाओं में वृद्धि करवाएगा। साथ ही, आपको संपत्ति के माध्यम से लाभ प्राप्ति के योग बनेंगे…(विस्तार से पढ़ें)
वृश्चिक राशि
आपका ध्यान व्यक्तिगत विकार पर होगा और ऐसे में, आप काफ़ी प्रयास करते हुए दिखाई दे सकते हैं…(विस्तार से पढ़ें)
धनु राशि
आपको पिता का हर कदम पर साथ मिलेगा। आपको किस्मत का भी साथ मिलेगा। करियर के क्षेत्र में आपको अपनी मेहनत और समर्पण के बल पर…(विस्तार से पढ़ें)
मकर राशि
पैतृक संपत्ति और अप्रत्याशित स्रोतों के माध्यम से धन लाभ होगा जिससे आप काफी ख़ुश दिखाई देंगे। हालांकि, इस दौरान कुछ अप्रिय परिस्थितियां…(विस्तार से पढ़ें)
कुंभ राशि
सूर्य का मकर राशि में गोचर आपके जीवन में सफलता पाने के मार्ग में बाधाएं लेकर आ सकता है। करियर के क्षेत्र में आपको समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है…(विस्तार से पढ़ें)
मीन राशि
आपको कार्यों में किए गए प्रयासों के द्वारा सफलता दिलाएगा। ऐसे में, आप अपनी क्षमताओं और योग्यताओं को साबित कर सकेंगे…(विस्तार से पढ़ें)
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
1. सूर्य का मकर राशि में गोचर कब होगा?
सूर्य देव 14 जनवरी 2025 को मकर राशि में गोचर करेंगे।
2. मकर राशि पर किसका आधिपत्य है?
राशि चक्र की दसवीं राशि मकर के स्वामी शनि देव हैं।
3. सूर्य कितने दिनों में गोचर करते हैं?
सूर्य ग्रह एक राशि में 30 दिन रहते हैं।
मकर संक्रांति 2026 से खत्म होगा खरमास और पुनः शुरू हो जाएंगे मांगलिक कार्य, जानें तिथि, महत्व एवं उपाय!
मकर संक्रांति 2026: मकर संक्रांति हिंदू धर्म के सबसे शुभ और महत्वपूर्ण त्योहारों में से एक है जिसे नए वर्ष की शुरुआत में बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है। इस त्योहार को प्रत्येक वर्ष लोहड़ी के अगले दिन मनाया जाता है और इसके साथ ही नए साल में त्योहारों की शुरुआत हो जाती है।
हालांकि, मकर संक्रांति का धार्मिक के साथ-साथ ज्योतिषीय महत्व भी है जिससे इस दिन का महत्व बढ़ जाता है। बता दें कि मकर संक्रांति को पूरे भारत में बहुत उत्साह और जोश से मनाया जाता है। इसी क्रम में, यह पर्व भिन्न-भिन्न स्थानों पर अलग-अलग नामों जैसे पंजाब और हरियाणा में लोहड़ी, तमिलनाडु में पोंगल, असम में माघ बिहू या भोगाली बिहू औरबिहार और उत्तर प्रदेश में मकर संक्रांति या खिचड़ी पर्व आदि नामों से जाना जाता है। मकर संक्रांति पर स्नान और दान का विशेष महत्व बताया गया है।
एस्ट्रोसेज एआई अपने पाठकों के लिए “मकर संक्रांति 2026” का यह विशेष ब्लॉग लेकर आया है जिसके अंतर्गत आपको मकर संक्रांति से जुड़ी विस्तृत जानकारी प्राप्त होगी। इस साल 14 या 15 जानवर कब मनाई जाएगी मकर संक्रांति? इस पर्व का क्या है धार्मिक महत्व और क्यों है मकर संक्रांति ज्योतिषीय रूप से विशेष? मकर संक्रांति के दिन कौन से उपाय करना आपके लिए फलदायी साबित होगा, इससे भी हम आपको अवगत करवाएंगे, इसलिए इस ब्लॉग को अंत तक पढ़ना जारी रखें।
आइए सबसे पहले हम जान लेते हैं मकर संक्रांति 2026 की सही तिथि और मुहूर्त।
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मकर संक्रांति 2026: तिथि एवं पूजा मुहूर्त
वैसे तो हम सभी जानते हैं कि मकर संक्रांति का पर्व हर साल लोहड़ी के त्योहार के बाद यानी कि अगले दिन मनाया जाता है। बात करें हिंदू पंचांग की, तो पौष मास के शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि पर मकर संक्रांति का त्योहार मनाया जाता है। वहीं, अंग्रेजी कैलेंडर में यह पर्व हर साल जनवरी के महीने में आता है। हिंदू धर्म के अन्य त्योहारों की तरह ही मकर संक्रांति भी चंद्र देव की स्थिति पर आधारित होता है। चलिए अब नज़र डाल लेते हैं मकर संक्रांति की तिथि पर।
मकर संक्रांति 2026 की तिथि: 14 जनवरी 2026, बुधवार
मकर संक्रांति पुण्य काल मुहूर्त: दोपहर 02 बजकर 49 मिनट से शाम 05 बजकर 45 मिनट तक
अवधि: 2 घंटे 55 मिनट
महापुण्य काल मुहूर्त: दोपहर 02 बजकर 49 मिनट से दोपहर 03 बजकर 13 मिनट तक
अवधि: 0 घंटे 24 मिनट
संक्रांति का क्षण: दोपहर 02 बजकर 49 मिनट तक
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खरमास का अंत और शुभ कार्यों का आरंभ
जैसे कि हमने आपको ऊपर बताया कि मकर संक्रांति का धार्मिक और ज्योतिषीय दोनों रूपों में अपना महत्व है। इसी क्रम में, जब बीते वर्ष दिसंबर के महीने में सूर्य देव ने धनु राशि में प्रवेश किया था, तो उसी के साथ खरमास लग गया था, जो लगभग 30 दिनों के लिए रहता है। खरमास के साथ ही सभी तरह के शुभ और मांगलिक कार्यों जैसे गृह प्रवेश, विवाह, नए व्यवसाय की शुरुआत और मुंडन आदि पर रोक लग जाती है क्योंकि यह समय अशुभ माना जाता है। इस साल खरमास का समापन 14 जनवरी 2026 को हो जाएगा। इसके साथ ही शादी-विवाह जैसे कार्यों का पुनः आरंभ हो जाएगा।
मकर संक्रांति 2026 का धार्मिक महत्व
सनातन धर्म में मकर संक्रांति को विशेष स्थान प्राप्त है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन दान और पवित्र नदियों में स्नान करना अत्यंत फलदायी होता है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, मकर संक्रांति के अवसर पर भगवान सूर्य अपने रथ से खर अर्थात् गधे को अलग करके पुनः सात घोड़ों पर सवार हो जाते हैं और चारों दिशाओं का भ्रमण करते हैं। ऐसे में, एक बार फिर से सूर्य के प्रभाव में वृद्धि होती है और संसार को रोशन करने के लिए तैयार हो जाते हैं।
ऐसा माना जाता है कि जब भगवान सूर्य देव अपना एक राशि चक्र पूरा करते हुए मकर राशि में गोचर करते हैं, तब वह दक्षिणायन से उत्तरायण हो जाते हैं। यह वह अवधि होती है जब देवताओं के दिन और दानवों की रात की शुरुआत होती है। मांगलिक कार्यों का आरंभ होता है। बता दें कि मकर संक्रांति के दिन सूर्य देव को अर्घ्य देते समय वस्त्र, लाल फूल, अक्षत (चावल), सुपारी और गेहूं आदि अर्पित करने की परंपरा है।
मकर संक्रांति पर खिचड़ी को भी अत्यधिक महत्व दिया जाता है, इसलिए इस दिन देश में अनेक स्थानों पर लोग खिचड़ी का दान करते हैं। मकर संक्रांति के शुभ अवसर पर सुबह सूर्योदय से पूर्व उठकर पवित्र नदियों के जल में स्नान करना कल्याणकारी माना जाता है। पवित्र स्नान करने के पश्चात गायत्री मंत्र का जाप करते हुए सूर्य देव की पूजा और अपने इष्टदेव की आराधना करने से मन को शांति प्राप्त होती है।
ज्योतिषीय दृष्टि से मकर संक्रांति 2026
ज्योतिष में सूर्य देव को नवग्रहों के राजा का पद प्राप्त है इसलिए इन्हें सभी ग्रहों में सबसे प्रमुख एवं महत्वपूर्ण माना जाता है। इस प्रकार, साल में एक बार सूर्य देव मकर संक्रांति के अवसर पर अपने पुत्र शनि महाराज से मिलने के लिए उनके घर जाते हैं। सरल शब्दों में कहें, तो सूर्य का गोचर मकर राशि में होता है जिसके स्वामी शनि देव हैं। सूर्य ग्रह, शनि देव की राशि में बैठे होते हैं। हालांकि, इन दोनों के बीच संबंध सामान्य नहीं है क्योंकि पिता और पुत्र एक-दूसरे के प्रति शत्रुता का भाव रखते हैं। सामान्य शब्दों में कहें तो, सूर्य का गोचर मकर राशि में होता है और मकर राशि के स्वामी शनि देव हैं। ऐसे में, मकर राशि में सूर्य के प्रभाव से सभी तरह की नकारात्मकता का नाश हो जाता है।
मकर संक्रांति 2026 पर मनाए जाएंगे कौन-कौन से त्योहार?
भारतीय सभ्यता में मकर संक्रांति का पर्व ख़ास महत्व रखता है क्योंकि इस दिन से नई फसल बोई जाती है। ऐसे में, किसान फसल की कटाई के बाद मकर संक्रांति को पूरे उत्साह के साथ मनाते हैं। देश के भिन्न-भिन्न हिस्सों में मकर संक्रांति को अलग-अलग रूपों में मनाया जाता है जो इस प्रकार हैं:
उत्तरायण: उत्तरायण को गुजरात में बहुत धूमधाम से मनाया जाता है जो प्रत्येक वर्ष नई फसल और ऋतु के आने के प्रतीक के रूप में 14 और 15 जनवरी को मनाया जाता है। इस दिन गुजरात में पतंग उड़ाई जाती है और पतंग महोत्सव भी आयोजित किया जाता है।
पोंगल: पोंगल दक्षिण भारत का एक प्रमुख पर्व है जिसे विशेष रूप से तमिलनाडु, केरल और आंध्र प्रदेश में मनाया जाता है। पोंगल किसानों का मुख्य त्योहार है जिसे धान की फसल कटने के बाद किसान अपनी खुशी को प्रकट करने के लिए मानते हैं। यह पर्व लगातार तीन दिनों तक मनाया जाता है जो सूर्य और इंद्र देव को समर्पित है।
लोहड़ी: सिख और पंजाबी समुदाय का प्रमुख पर्व हैलोहड़ी और इसे फसलों की कटाई के बाद 13 जनवरी को पूरे उत्साह के साथ मनाया जाता है। इस अवसर पर शाम के समय लोहरी की आग जलाई जाती है और उसमें किसान अपनी पहली फसल अर्पित करते हैं और भगवान का आभार प्रकट करते हैं।
आइए अब जानते हैं कि मकर संक्रांति पर आप कौन से उपाय कर सकते हैं।
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मकर संक्रांति 2026 पर राशि अनुसार करें इन चीज़ों का दान
मेष राशि:मेष राशि के जातक मकर संक्रांति 2026 पर चावल, लाल कपड़े, काली उड़द दाल और घी आदि का दान करें।
वृषभ राशि: मकर संक्रांति पर वृषभ राशि वाले सफेद रंग के वस्त्रों का दान करें और अपनी क्षमता के अनुसार जरूरतमंद वृद्ध महिलाओं की सहायता करें।
मिथुन राशि:मिथुन राशि वाले मकर संक्रांति के अवसर पर गायत्री मंत्र का जाप करें। साथ ही, गरीबों को हरे कपड़े, हरी पत्तेदार सब्जियां, चावल और घी आदि का दान करें।
कर्क राशि: कर्क राशि के जातकों के लिए मकर संक्रांति पर माँ पार्वती की पूजा-अर्चना करना और मंदिर में चावल व घी दान करना शुभ रहेगा।
सिंह राशि: सिंहराशि के जातक मकर संक्रांति 2026 पर आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करें। साथ ही, आप गुड़ और लाल कपड़े दान करें और आप अपनी ऊर्जा को सकारात्मक बनाए रखने के लिए टालमटोल करने से बचें।
कन्या राशि: कन्या राशि वालों को मकर संक्रांति पर चावल और धान से माता लक्ष्मी की पूजा करनी चाहिए।
तुला राशि: तुला राशि के जातक मकर संक्रांति के मौके पर मंदिर में दीपक जलाएं। साथ ही, तिल, दूध और गुड़ से बनी मिठाई चढ़ाएं।
वृश्चिक राशि: वृश्चिक राशि वालों के लिए मकर संक्रांति 2026 पर क्षेत्रपाल काल भैरव की पूजा करना शुभ रहेगा।
धनु राशि: मकर संक्रांति के दिन धनु राशि के जातक गरीब एवं जरूरतमंदों को चावल, गेहूं और चीनी आदि का दान करें।
मकर राशि: मकर राशि के जातक मकर संक्रांति पर माँ पार्वती और देवी लक्ष्मी की पूजा करें। इसके पश्चात, गरीबों को काले तिल और गुड़ का दान करें।
कुंभ राशि: मकर संक्रांति के अवसर पर कुंभ राशि वाले गरीबों को कंबल, गुड़, चावल और काले चने का दान करें।
मीन राशि: मीन राशि वालों को मकर संक्रांति के दिन घर के पास के किसी मंदिर में उड़द की दाल, दही, घी, गुड़ और बेसन का दान करें। साथ ही, कनकधारा स्तोत्र का पाठ करें।
हम उम्मीद करते हैं कि आपको हमारा यह ब्लॉग ज़रूर पसंद आया होगा। अगर ऐसा है तो आप इसे अपने अन्य शुभचिंतकों के साथ ज़रूर साझा करें। धन्यवाद!
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
1. साल 2026 में मकर संक्रांति कब है?
इस साल मकर संक्रांति का पर्व 14 जनवरी 2026 को मनाया जाएगा।
2. मकर संक्रांति कब मनाई जाती है?
जब सूर्य देव मकर राशि में प्रवेश करते हैं, तो इसे मकर संक्रांति के रूप में मनाया जाता है।
3. खरमास 2026 में कब ख़त्म होगा?
मकर संक्रांति के दिन खरमास का अंत हो जाएगा।
मकर राशि में शुक्र का गोचर, जानें किन राशि वालों के लिए रहेगा शुभ!
मकर राशि में शुक्र का गोचर: ज्योतिष शास्त्र में शुक्र ग्रह को एक शुभ ग्रह माना गया है। शुक्र ग्रह के शुभ प्रभाव से व्यक्ति को अपने जीवन में सभी तरह की सुख-सुविधाएं प्राप्त होती हैं और वह कला के क्षेत्र में उन्नति कर सकता है।
शुक्र को भौतिक सुख, वैवाहिक सुख, शोहरत, कला, सौंदर्य और फैशन डिज़ाइनिंग आदि का कारक माना गया है। शुक्र एक राशि में लगभग 23 दिनों तक रहते हैं और उसके बाद राशि परिवर्तन कर लेते हैं।
मकर राशि में शुक्र का प्रवेश 12 राशियों के जीवन में ऐसा समय लाता है, जहां भावनाओं में खुलेपन के साथ-साथ व्यवहार में संयम और व्यावहारिकता भी आवश्यक हो जाती है।
अब 2026 के पहले माह में ही शुक्र मकर राशि में गोचर करने जा रहे हैं। यह गोचर बताएगा कि किसे करियर में नए अवसर मिलेंगे, किसके प्रेम जीवन में चमक लौटेगी, कौन आर्थिक रूप से मजबूत होगा और किसे अपने खर्चों या रिश्तों में सावधानी रखनी होगी।
एस्ट्रोसेज एआई के इस विशेष ब्लॉग में हम जानेंगे कि मकर राशि में शुक्र का गोचर आपकी राशि को कैसे प्रभावित करेगा, प्रेम, करियर, स्वास्थ्य, धन और पारिवारिक जीवन पर इसका क्या असर पड़ेगा और कौन से उपाय इस अवधि को आपके लिए और अधिक शुभ बना सकते हैं। तो आइए शुरुआत करते हैं, सबसे पहले जानते हैं इस महत्वपूर्ण गोचर की तिथि और समय
AstroSage AI पॉडकास्ट सुनें – यहां आपको मिलेंगे ज्योतिष, जीवन के रहस्य, किस्मत के संकेत और AI द्वारा बताए गए सटीक ज्योतिषीय समाधान। अपनी ज़िंदगी के अहम सवालों के जवाब अब आवाज़ में, आसान भाषा में।
मकर राशि में शुक्र का गोचर : तिथि और समय
शुक्र ग्रह 13 जनवरी 2026 की सुबह 03 बजकर 40 मिनट पर मकर राशि में गोचर करने जा रहे हैं। शुक्र के मकर राशि में होने पर व्यक्ति वफादार, समर्पित और प्रतिबद्ध रहते हैं। ये अपने काम को लेकर प्रतिबद्ध रहते हैं। इन्हें वास्तुकला, इंटीरियर डिज़ाइनिंग और फाइनेंस के बिज़नेस में सफल मिल सकती है।
शुक्र ग्रह को प्रेम, आकर्षण, कला, सौंदर्य, भोग-विलास, विवाह और धन-संपन्नता का कारक माना गया है। जब कुंडली में शुक्र मजबूत होता है, तब उस व्यक्ति के स्वभाव में आकर्षण, समाज में प्रभावशीलता, रोमांटिक स्वभाव और रचनात्मकता आती है।
ये लोग अपने रिश्तों में मिठास बनाए रखते हैं और कला, संगीत, अभिनय, फैशन या किसी भी क्रिएटिव क्षेत्र में तेजी से तरक्की करते हैं। महिलाओं में यह ग्रह सौंदर्य और वैवाहिक सुख का कारक होता है, जबकि पुरुषों में यह जीवनसाथी और प्रेम को दर्शाता है। स्वास्थ्य की दृष्टि से शुक्र शरीर में हार्मोनल संतुलन, प्रजनन क्षमता और आनंद–ऊर्जा को प्रभावित करता है। कमजोर होने पर त्वचा, बाल, प्रजनन, हार्मोन या वैवाहिक जीवन से जुड़ी समस्याएं देखने को मिल सकती हैं।
मकर राशि में शुक्र का होना
मकर राशि में शुक्र के होने पर जीवनसाथी के साथ रिश्ते में समझदारी और स्नेह बढ़ता है। इससे रिश्ते में स्थिरता और सुरक्षा आती है। इस स्थिति में आप एक ऐसे व्यक्ति की ओर आकर्षित हो सकते हैं जो मानसिक रूप से स्थिर और मजबूत हो। प्रेम संबंध व्यक्ति समर्पण से भरा रहता है।
किन राशियों के स्वामी हैं शुक्र
वैदिक ज्योतिष के अनुसार शुक्र ग्रह वृषभ और तुला राशि के स्वामी हैं और मीन उनकी उच्च राशि है। वहीं कन्या राशि में शुक्र को नीच का माना जाता है। कुल 27 नक्षत्रों में शुक भरणी, पूर्वा फाल्गुनी और पूर्वाषाढ़ा नक्षत्रों के स्वामी हैं। बुध एवं शनि ग्रह के साथ शुक्र की मित्रता है और सूर्य एवं चंद्रमा के साथ शुक्र शत्रुता रखते हैं।
बृहत् कुंडली में छिपा है, आपके जीवन का सारा राज, जानें ग्रहों की चाल का पूरा लेखा-जोखा
शुक्र का शुभ-अशुभ प्रभाव
कुंडली में शुक्र अपनी स्थिति के अनुसार फल देता है। यदि शुक्र बलवान है, तो व्यक्ति वैवाहिक सुख का आनंद लेता है। पति-पत्नी के बीच प्यार बढ़ता है। इन्हें भौतिक सुख मिलता है और साहित्य एवं कला में रुचि बढ़ती है।
जिनकी जन्मकुंडली में शुक्र कमजोर होती है उन्हें अपनी शादीशुदा जिंदगी में परेशानियों का सामना करना पड़ता है। पति-पत्नी के बीच लड़ाई होती है। इन्हें गरीबी में जीवनयापन करना पड़ सकता है और इन्हें कई तरह की शारीरिक, मानसिक और आर्थिक एवं सामाजिक समस्याएं आ सकती हैं।
मकर राशि के जातकों का व्यक्तित्व
मकर राशि के जातक कभी भी मेहनत करने से डरते नहीं हैं। ये महत्वाकांक्षी और अनुशासित होते हैं एवं इनके स्वभाव में कभी-कभी जिद्दीपन देखा जा सकता है। ये अपने लक्ष्य को पाने के लिए धैर्य आर दृढ़ संकल्प रखते हैं। ये भावुक होते हैं और गहन विचार करते हैं।
इस राशि वाले लोग अपने काम को लेकर पूरी तरह से समर्पित रहते हैं। इनके अंदर सफलता पाने को लेकर परिश्रम करने का जज्बा होता है। इन्हें अनुशासन में रहना पसंद होता है। ये अपने कार्यों को व्यवस्थित तरीके से करते हैं। ये अपने जीवन में प्रगति करना चाहते हैं और उसके लिए हर संभव प्रयास करते हैं। ये अपनी जिम्मेदारियों से भागते नहीं हैं और उन्हें पूरी निष्ठा के साथ निभाते हैं। ये भावनाओं से ज्यादा तथ्यों पर विश्वास करते हैं। रिश्तों के मामले में ये बहुत वफादार और ईमानदार रहते हैं।
धनु राशि में शुक्र का गोचर : 12 भावों में शुक्र ग्रह का महत्व
पहले भाव में शुक्र
शुक्र के पहले भाव में होने पर व्यक्ति स्वभाव से आकर्षक, सौम्य, कलात्मक और लोगों से जल्दी घुलने-मिलने वाला होता है। ये सुंदर, विनम्र और ईमानदार स्वभाव के होते हैं।
दूसरे भाव में शुक्र
इस भाव में शुक्र पारिवारिक सुख, उत्तम भोजन और सौंदर्य के प्रति लगाव को दर्शाता है। इस स्थिति में व्यक्ति को धन-संपन्नता प्राप्त होती है। इनकी कला, संगीत या ट्रेडिंग में रुचि होती है और ये उससे लाभ भी प्राप्त कर सकते हैं।
शुक्र के तीसरे भाव में होने पर व्यक्ति क्रिएटिव, फैशन-प्रेमी और कम्युनिकेशन में श्रेष्ठ बनता है। इनके अपने छोटे भाई–बहनों से संबंध अच्छे रहते हैं और इन्हें सोशल मीडिया या कंटेंट से लाभ मिल सकता है।
चौथे भाव में शुक्र
शुक्र का चौथे भाव में होने का मतलब है कि व्यक्ति को घर, वाहन, प्रॉपर्टी और पारिवारिक सुख प्राप्त होगा। ये रियल एस्टेट से लाभ प्राप्त कर सकते हैं।
पांचवें भाव में शुक्र
पंचम भाव में शुक्र की उपस्थिति प्रेम संबंधों, शिक्षा, रचनात्मकता और बच्चों से जुड़े मामलों में लाभ पहुंचाता है। ये रोमांटिक, बुद्धिमान और कलात्मक होते हैं। इन्हें फिल्मों, संगीत, क्रिएटिव करियर, स्टॉक मार्केट या सट्टा से लाभ मिलता है।
छठे भाव में शुक्र
छठे भाव में शुक्र के होने पर जातक अपने स्वास्थ्य को लेकर सतर्क बनता है। वह पूरे धैर्य के साथ अपने कार्य करता है। इनकी लव लाइफ़ में तनाव या गलतफहमियां आ सकती हैं।
सातवें भाव में शुक्र
विवाह, पार्टनरशिप और संबंधों के लिए यह सबसे शुभ स्थितियों में से एक है। यह व्यक्ति को आकर्षक जीवनसाथी, प्रेमपूर्ण दाम्पत्य जीवन और बिज़नेस पार्टनरशिप में सौभाग्य देता है। ऐसे लोगों के रिश्ते मजबूत और संतुलित रहते हैं।
आठवें भाव में शुक्र
आठवें भाव में शुक्र ग्रह के होने पर व्यक्ति रहस्यमयी बन सकता है। उसे आध्यात्मिक अनुभव और गुप्त लाभ मिल सकता है। यह कभी-कभी प्रेम मामलों में उतार-चढ़ाव ला सकता है। इनके अंदर रिसर्च, गूढ़ विज्ञान में रुचि और दूसरों को प्रभावित करने की क्षमता अधिक होती है।
नौवें भाव में शुक्र
नवम भाव में शुक्र की उपस्थिति अच्छे कर्मों, भाग्य, विदेश यात्रा, उच्च शिक्षा और अध्यात्म में वृद्धि करती है। इन्हें अपने जीवन में भाग्य का साथ मिलता है। ये यात्राओं का आनंद उठाते हैं।
करियर में सफलता, प्रसिद्धि, पब्लिक इमेज और क्रिएटिव क्षेत्रों में ग्रोथ मिलती है। ऐसे जातक सौंदर्य, कला, मीडिया, डिजाइन, मनोरंजन या पब्लिक-डीलिंग से खूब उभरते हैं। लोग इनके काम से प्रभावित रहते हैं।
ग्यारहवें भाव में शुक्र
शुक्र के ग्यारहवें भाव में होने का मतलब है धन, आय, नेटवर्किंग और बड़े लाभ मिलना। इन्हें अपने सामाजिक दायरे की वजह से बड़े अवसर और आर्थिक प्रगति मिल सकती है। इस भाव में शुक्र की उपस्थिति को बहुत शुभ माना जाता है।
बारहवें भाव में शुक्र
बारहवें भाव में शुक्र व्यक्ति को आध्यात्मिक, दयालु और कलात्मक बनाता है। इनके जीवन में आंतरिक शांति और रचनात्मकता बनी रहती है।
मकर राशि में शुक्र का गोचर: उपाय
मकर राशि में शुक्र के गोचर करने पर इस ग्रह को प्रसन्न करने के लिए आप निम्न उपाय कर सकते हैं:
शुक्रवार के दिन मां लक्ष्मी की उपासना करें।
सफेद मिठाई या खीर का मां लक्ष्मी को भोग लगाकर कन्याओं में बांट दें।
गरीबों को भोजन करवाएं।
स्वयं सफेद रंग के वस्त्रों का अधिक से अधिक उपयोग करें।
मकर राशि में शुक्र का गोचर: राशि अनुसार प्रभाव और उपाय
मेष राशि
शुक्र का मकर राशि में गोचर आपकी सुख-सुविधाओं और ख़ुशियों में कमी कर सकता है जिनकी वजह…. (विस्तार से पढ़ें)
वृषभ राशि
शुक्र का मकर राशि में गोचर आपको प्रयासों से मिलने वाली सफलता की तरफ संकेत करता है और आपके विदेश यात्रा के योग…. (विस्तार से पढ़ें)
मिथुन राशि
आप संतान और उनकी प्रगति को लेकर चिंतित नज़र आ सकते हैं। साथ ही, आपको पैतृक संपत्ति के माध्यम से धन लाभ होगा…. (विस्तार से पढ़ें)
कर्क राशि
आपको काफ़ी ज्यादा यात्राएं करनी पड़ सकती हैं। करियर के क्षेत्र में शुक्र का यह गोचर आपके लिए सफलता लेकर आ सकता है। इस दौरान…. (विस्तार से पढ़ें)
सिंह राशि
आप संतुष्टि की कमी की वजह से नौकरी में बदलाव करने का मन बना सकते हैं। साथ ही, आप आत्म-विकास पर विशेष ध्यान दे सकते हैं…. (विस्तार से पढ़ें)
कन्या राशि
आपकी कार्य क्षमता बढ़ेगी और ऐसे में, आपको सकारात्मक परिणाम मिल सकेंगे। इस दौरान आपको भाग्य का साथ मिलेगा और इस प्रकार…. (विस्तार से पढ़ें)
तुला राशि
आपको अचानक धन लाभ कमाने के अवसर मिलेंगे। साथ ही, शुक्र का मकर राशि में गोचर के दौरान आपकी इच्छाओं की भी पूर्ति होगी और आप…. (विस्तार से पढ़ें)
वृश्चिक राशि
आपके लिए रिश्तों को बनाए रखना और व्यक्तिगत प्रगति पर ध्यान देना आवश्यक होगा। व्यापार में आपके हाथ से निकले हुए सुनहरे अवसर आपके बिज़नेस करने…. (विस्तार से पढ़ें)
धनु राशि
आपको अपने शब्दों और कार्यों को लेकर सतर्क रहना होगा, अन्यथा आप किसी के साथ बहस में पड़ सकते हैं। साथ ही, इस दौरान आपको बड़े फैसले लेने से बचना होगा…. (विस्तार से पढ़ें)
मकर राशि
आपको अपनी संतान की प्रगति पर ध्यान देना होगा। इस दौरान आपका मन प्रेम भावनाओं से गुलज़ार रह सकता है और साथ ही, आप धार्मिक स्थलों की यात्रा कर सकते हैं…. (विस्तार से पढ़ें)
कुंभ राशि
आपको परिवार में समस्याओं, भाग्य का साथ न मिलना और बड़े भाई/बहन के साथ रिश्तों में परेशानियों आदि का सामना करना पड़ सकता है। साथ ही, यात्रा के दौरान…. (विस्तार से पढ़ें)
मीन राशि
आपको अपनी व्यक्तिगत प्रगति पर ध्यान देना होगा और इस दिशा में अनेक प्रयास करने होंगे। इस समय आप अपनी इच्छाओं को पूरा करने में सक्षम होंगे…. (विस्तार से पढ़ें)
हम उम्मीद करते हैं कि आपको हमारा यह लेख ज़रूर पसंद आया होगा। अगर ऐसा है तो आप इसे अपने अन्य शुभचिंतकों के साथ ज़रूर साझा करें। धन्यवाद!
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
1. मकर राशि में शुक्र का गोचर क्या होता है?
मकर राशि में शुक्र का प्रवेश 12 राशियों के जीवन में ऐसा समय लाता है, जहां भावनाओं में खुलेपन के साथ-साथ व्यवहार में संयम और व्यावहारिकता भी आवश्यक हो जाती है।
2. यह गोचर 2026 में कब हो रहा है?
शुक्र 13 जनवरी 2026 की सुबह 03 बजकर 40 मिनट पर मकर राशि में गोचर करने जा रहे हैं।
3. शुक्र की नीच राशि कौन सी है?
कन्या राशि।
13 या 14 जनवरी, नए साल में कब मनाई जाएगी लोहड़ी 2026? जानें तिथि, महत्व एवं उपाय!
लोहड़ी 2026: नए साल की शुरुआत के साथ सबको बेसब्री से वर्ष के पहले त्योहार यानी कि “लोहड़ी” का इंतज़ार रहता है जो पंजाबी और सिख समुदाय के प्रमुख पर्व होता है। इसे पर्व को हर साल बहुत धूमधाम से मनाया जाता है जिसके रौनक पूरे भारतवर्ष में देखने को मिलती है। इसी क्रम में, एस्ट्रोसेज एआई अपने पाठकों के लिए लोहड़ी 2026 का यह विशेष ब्लॉग लेकर आए हैं जिसके अंतर्गत हम आपको वर्ष 2026 के सबसे बड़े और महत्वपूर्ण पर्व लोहड़ी के बारे में जानकारी प्रदान करेंगे।
साथ ही, इस दिन का धार्मिक, ज्योतिषीय और ऐतिहासिक महत्व से भी आपको अवगत करवाएंगे। इसके अलावा, लोहड़ी 2026 के अवसर पर आप किन उपायों को अपनाकर जीवन में धन-धान्य और समृद्धि प्राप्त कर सकते हैं. इसके बारे में भी हम विस्तार से चर्चा करेंगे। तो आइए आगे बढ़ते हैं और बिना देर किए शुरुआत करते हैं लोहड़ी 2026 स्पेशल इस ब्लॉग की।
भारत एक ऐसा देश है जो विविधताओं से भरा है जहां भिन्न-भिन्न धर्मों और संस्कृतियों के लोग एक-साथ मिलजुल कर रहते हैं और हर पर्व को बेहद प्रेम और सौहार्द से मनाते हैं। नए साल की शुरुआत होते ही त्योहारों का सिलसिला शुरू हो जाता है, और इन्हीं में से एक है उत्तर भारत का प्रमुख त्योहार लोहड़ी।
मकर संक्रांति की तरह लोहड़ी को भी पूरे उत्साह और जोश से मनाया जाता है, विशेष रूप से पंजाब और हरियाणा में। बता दें कि लोहड़ी का त्योहार मकर संक्रांति से एक दिन पहले मनाया जाता है। इस अवसर पर संध्या के समय सभी लोग पारंपरिक पोशाक पहनते हैं और खुले स्थान पर आग जलाते हैं और उसकी परिक्रमा करते हुए ईश्वर से प्रार्थना करते हैं। चलिए अब हम जान लेते हैं वर्ष 2026 में लोहड़ी कब मनाई जाएगी और क्या रहेगा पूजा का शुभ मुहूर्त।
लोहड़ी 2026 तिथि और पूजा मुहूर्त
लोहड़ी की सही तिथि को लेकर हर साल लोगों के बीच एक कन्फ्यूजन देखने को मिलती है। ऐसे में, एस्ट्रोसेज एआई आपको लोहड़ी 2026 की सही तिथि के बारे में बताने जा रहा है। हिंदू पंचांग के अनुसार, लोहड़ी का पर्व प्रत्येक वर्ष पौष माह की शुक्ल पक्ष तिथि पर मनाया जाता है। इसके अगले दिन मकर संक्रांति आती है। इस प्रकार, साल 2026 में लोहड़ी का त्योहार 13 जनवरी 2026 को मनाया जाएगा।
लोहड़ी 2026 की तिथि: 13 जनवरी 2026, मंगलवार
लोहड़ी का क्षण: 14 जनवरी 2026 की दोपहर 03 बजकर 13 मिनट से।
आइए अब हम जानते हैं लोहड़ी 2026 का धार्मिक महत्व।
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धार्मिक दृष्टि से लोहड़ी 2026
धार्मिक दृष्टि से लोहड़ी का विशेष महत्व माना गया है जिसे बहुत हर्षोउल्लास से मनाया जाता है। लोहड़ी पर्व से अनेक प्रकार की पौराणिक और ऐतिहासिक कथाएं जुड़ी हुई हैं जिनके बारे में हम आपको बताएंगे। इस पर्व का मुख्य उद्देश्य प्रकृति के प्रति आभार व्यक्त करना और नई फसल का स्वागत करना होता है। सिखोंऔर पंजाबी समुदाय के लोगों के लिए लोहड़ी का पर्व विशेष स्थान रखता है और यह दिन किसानों के लिए बेहद ख़ास होता है, इसलिए लोहड़ी को “फसल का त्योहार” भी कहा जाता है।
लोहड़ी के अवसर पर किसान अपनी कटी हुई फसल अग्नि देव को सबसे पहले अर्पित करते हैं और अगले वर्ष भी अच्छी फसल की कामना करते हैं। लोहड़ी के अवसर पर अग्नि देव की भी पूजा की जाती है। मान्यता है कि इस दिन अग्नि देव के पूजन से आपको धन-धान्य, शांति और सुख-समृद्धि का आशीर्वाद मिलता है। इनकी कृपा से जीवन की सभी समस्याओं और बाधाओं का अंत होता है।
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लोहड़ी का अर्थ और महत्व
बात करें लोहड़ी 2026 के अर्थ की, तो लोहड़ी में ‘ल’ का अर्थ है लकड़ी, ओह का अर्थ उपले, और ड़ी का मतलब रेवड़ी से होता है। इन तीनों को मिलाने पर लोहड़ी शब्द की उत्पति होती है। लोहड़ी का त्योहार प्रत्येक वर्ष पौष माह के अंतिम दिन मनाने की परंपरा है और इसी दिन लोहड़ी जलाई जाती है। बता दें कि लोहड़ी के त्योहार को सर्दियों के अंत और वसंत ऋतु की शुरुआत का प्रतीक माना जाता है। इस पर्व के बाद से प्रकृति में अनेक तरह के बदलाव नज़र आने लगते हैं।
ऐसा माना जाता है कि लोहड़ी की रात वर्ष की सबसे लंबी रात होती है और इसके बाद से दिन बड़े होने लगती है और रातें छोटी। मौसम भी धीरे-धीरे अनुकूल होने लगता है और ठंड का प्रकोप कम होने लगती है, इसलिए लोहड़ी की अग्नि में मक्के, तिल, मूंगफली गजक, चिड़वे, गुड़ आदि अर्पित करने के बाद खाने का रिवाज है।
पंजाब, हरियाणा जैसे राज्यों में लोहड़ी की अलग ही रौनक देखने को मिलती है क्योंकि इस दिन फसलों की कटाई और गन्ने की फसल की बुवाई की जाती है। लोहड़ी पर किसान भगवान के प्रति आभार व्यक्त करते हैं और वहीं, कुछ किसान नए वित्तीय वर्ष का आरंभ करते हैं।
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कैसे मनाया जाता है लोहड़ी 2026 का पर्व?
जैसे कि हम आपको ऊपर बता चुके हैं कि लोहड़ी का पर्व सर्दियों के अंत का प्रतीक है जिसे पंजाब में रबी की फसल की कटाई के जश्न के अवसर मनाया जाता है। लोहड़ी पर घर-घर जाकर लोकगीत गाए जाते हैं और बच्चे हर घर लोहड़ी लेने के लिए जाते हैं, उन्हें मूंगफली, गुड़, तिल और गजक देने की परंपरा है। लोहड़ी की अग्नि को प्रजव्वलित करने के लिए सर्वप्रथम लकड़ियों को इकट्ठा किया जाता है और संध्या के समय खुले स्थान पर लोहड़ी की आग जलाई जाती है।
इसके पश्चात, पूजा के दौरान लोहड़ी की अग्नि में मक्का, तिल और गुड़ आदि को प्रसाद के रूप में चढ़ाया जाता है और बाद में, इसे प्रसाद के तौर पर सबको दिया जाता जाता है। साथ ही, लोग अपने-अपने घरों के बाहर ढोल बजाकर पारंपरिक पंजाबी गानों पर भांगड़ा करते हैं। यह त्योहार नवविवाहित दंपतियों के लिए भी विशेष मायने रखता है जिसके बारे में हम आगे बात करेंगे।
चलिए अब हम आपको अवगत करवाते हैं नव विवाहितों के लिए लोहड़ी का पर्व क्या महत्व रखता है।
नव विवाहित दंपतियों के लिए लोहड़ी का पर्व विशेष मायने रखता है। मान्यताओं के अनुसार, इस पर्व का संबंध माता पार्वती और भगवान शिव से है। हिंदू धार्मिक कथाओं में वर्णन मिलता है कि प्रजापति दक्ष ने अपने यज्ञ में अपनी पुत्री सत्ती और अपने दामाद शिव जी का अपमान किया था जिससे क्रोधित होकर माता सती ने हवन कुंड की अग्नि में अपने प्राण त्याग दिए थे।
इसके पश्चात, भगवान शंकर ने राजा दक्ष का क्रोधवश सिर धड़ से अलग कर दिया था। लेकिन ब्रह्मा जी के आग्रह करने पर शिव जी ने प्रजापति दक्ष को पुनः जीवनदान दे दिया था और उनके शरीर पर बकरे का सिर लगा दिया था। युगों के बाद जब माता सती ने पुनः देवी पार्वती के रूप जन्म लिया, तब लोहड़ी के दिन ही प्रजापति दक्ष ने माता पार्वती से अपनी गलती की क्षमा मांगते हुए उनके ससुराल उपहार भेजे थे। उस समय से ही लोहड़ी पर नवविवाहित जोड़े को आशीर्वाद और उपहार देने की परंपरा चली आ रही है। साथ ही, लोहड़ी के दिन नव विवाहितों के सुखी दांपत्य जीवन के लिए प्रार्थना की जाती है।
लोहड़ी के त्योहार से दुल्ला भट्टी की एक पुरानी कथा जुड़ी है जिसे आपने कभी न कभी जरूर सुना होगा। इसके बिना लोहड़ी अधूरी मानी जाती है। मध्यकाल में जब भारत के पंजाब पर मुगल राजा अकबर का शासन था, उस समय वहां एक दुल्ला भट्टी नाम का साहसी और वीर व्यक्ति रहता था। पौराणिक कथा के अनुसार, पंजाब के संदल नामक स्थान पर अमीर सौदागरों को लड़कियां बेचीं जा रही थी, उस समय दुल्ला भट्टी ने उनकी इन सौदागरों से रक्षा की थी, न सिर्फ़ दुल्ला भट्टी ने इन लड़कियों को आज़ाद करवाया था, बल्कि उनकी शादी भी करवाई थी। इस प्रकार, हर साल लोहड़ी के त्योहार पर दुल्ला भट्टी को याद किया जाता है जो आज भी हमे गलत के खिलाफ आवाज उठाने की शिक्षा देते हैं।
लोहड़ी 2026 पर जरूर करें ये 3 उपाय
गरीबों को दान: लोहड़ी 2026 के अवसर पर गरीब एवं जरूरतमंदों को रेवड़ी, गुड़, मक्का, गेहूं और गर्म कपड़े आदि का दान करना शुभ माना जाता है। ऐसा करने से आपको माता लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होती है। साथ ही, इस दिन गेहूं और अन्य अनाजों के दान से माँ लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं।
लोहड़ी की अग्नि में अर्पित करें ये चीज़ें: लोहड़ी की अग्नि में गुड़, रेवड़ी और तिल अर्पित करना शुभ होता है। ऐसा करने से आपके जीवन में धन-धान्य और समृद्धि का आगमन होता है। घर में सदैव बरकत बनी रहती है।
अग्नि की परिक्रमा: लोहड़ी की अग्नि की सात बार परिक्रमा करते हुए मन में अपनी मनोकामना कहें। मान्यता है कि ऐसा करने से आपकी सभी इच्छाएं पूर्ण होती हैं।
आइए अब जान लेते हैं लोहड़ी 2026 पर अग्नि में क्या डालना शुभ रहेगा।
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लोहड़ी 2026 पर राशि अनुसार अग्नि में अर्पित करें ये चीज़ें
मेष राशि:मेष राशि के जातक घर से नकारात्मक ऊर्जा दूर करने के लिए सरसों के तेल में दो कीलें भिगोने के बाद आग में डालें। लोहड़ी की अग्नि ठंडी होने के बाद इन दोनों कीलों को घर के कोनों में रखने से नकारात्मक दूर होती है।
वृषभ राशि:वृषभ राशि के जातक लोहड़ी की आग में काली उड़द की दाल से बनी थोड़ी खिचड़ी अर्पित करें। ऐसा करने से घर में सकारात्मकता रहती है और शनि देव की का प्रकोप भी कम होता है। पूजा के बाद, शेष खिचड़ी गाय को खिलाएं या गरीबों को बांट दें।
मिथुन राशि: अगर आपका कोई करीबी या प्रियजन अस्वस्थ हैं, तो लोहड़ी के अवसर पर ग्यारह काली मिर्च लेकर उस व्यक्ति का नाम ग्यारह बार लें। इसके बाद, यह काली मिर्च अग्नि में चढ़ा दें।
कर्क राशि: कर्क राशि के जातकों को अपने माता-पिता की लंबी आयु की कामना के लिए लोहड़ी की आग में बताशा और खील डालना शुभ रहेगा।
सिंह राशि: सिंह राशि वाले अपनी किस्मत का साथ पाने के लिए लोहड़ी पर गेहूं, खील और बताशा आग में अर्पित करें।
कन्या राशि: कन्या राशि के जातक लोहड़ी पर आग में लौंग और मूंग अर्पित करें। ऐसा करने से आपके रिश्ते परिवार के सदस्यों के साथ अच्छे बने रहेंगे।
तुला राशि: लोहड़ी के दिन नौकरी के बेहतर अवसर या व्यापार में वृद्धि के लिए बताशा और ज्वार का दान करें।
वृश्चिक राशि: वृश्चिक राशि वाले अपने रिश्ते में प्यार बनाए रखने के लिए लोहड़ी की आग में 2 लौंग और तिल चढ़ाएं।
धनु राशि: धनु राशि के जातक कार्यों में आ रही बाधाओं को दूर करने के लिए चंदन और हल्दी की जड़ को अपने सिर के ऊपर से घुमाकर लोहड़ी की अग्नि में डाल दें।
मकर राशि: मकर राशि के जातक इस दिन मन की शांति पाने के लिए लोहड़ी की आग में दो लौंग और काली सरसों के दाने अर्पित करें।
कुंभ राशि: लोहड़ी के अवसर पर कुंभ राशि वाले जरूरतमंदों, विशेष रूप से कन्याओं को गेहूं, तिल, गुड़ और गर्म कपड़े आदि का दान करें। साथ ही, अग्नि में तिल डालें। ऐसा करने से देवी लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होती है और कार्यों में आ रही समस्याएं दूर होती हैं।
मीन राशि:मीन राशि के जातक रिश्तों में मधुरता बनाए रखने के लिए लोहड़ी की अग्नि में गन्ना डालें। ऐसा करने से रिश्ते में उत्पन्न गिले-शिकवे दूर होंगे।
हम उम्मीद करते हैं कि आपको हमारा यह ब्लॉग ज़रूर पसंद आया होगा। अगर ऐसा है तो आप इसे अपने अन्य शुभचिंतकों के साथ ज़रूर साझा करें। धन्यवाद!
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
1. साल 2026 में लोहड़ी कब है?
इस वर्ष लोहड़ी का पर्व 13 जनवरी 2026 को मनाया जाएगा।
2. लोहड़ी का त्योहार मुख्य रूप से कहाँ मनाया जाता है?
लोहड़ी को विशेष रूप से पंजाब में मनाया जाता है।
3. लोहड़ी की अग्नि कब जलाई जाती है?
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, लोहड़ी की अग्नि संध्या के समय खुले स्थान पर जलाई जाती है।
इस सप्ताह के ग्रह-गोचर और त्योहारों की पूरी सूची, जानें आपकी राशि पर क्या होगा असर!
साप्ताहिक राशिफल 12 जनवरी 2026 से 18 जनवरी 2026: जनवरी 2026 का सप्ताह सिर्फ कैलेंडर का एक और पन्ना नहीं, बल्कि नए साल की ताजा ऊर्जा नए संयोगों और नए अवसरों का शक्तिशाली संगम लेकर आया है। ग्रहों की बदलती चाल, नक्षत्रों की उलटफेर और खगोलीय घटनाओं की तीव्र लय, सब मिलकर इस सप्ताह को बेहद खास बना रही है।
इस समय हर किसी के मन में एक सवाल है, मेरे आने वाले सात दिन कैसे रहेंगे? क्या करियर में कोई सुनहरा दरवाजा खुलेगा? क्या व्यापार में नई गति मिलेगी? क्या प्रेम जीवन में मिठास बढ़ेगी या रिश्तों के इम्तिहान आएंगे? और क्या परिवार, स्वास्थ्य और आर्थिक स्थिति में कोई बड़ा परिवर्तन हो सकता है? इन्हीं सभी सवालों के सटीक, गहन और विश्वसनीय उत्तर लेकर आया है एस्ट्रोसेज एआई का यह विशेष साप्ताहिक राशिफल, जिसे अनुभवी और विद्वान ज्योतिषियों ने ग्रह-गोचर, दशा, नक्षत्रों और खगोलीय ऊर्जा के सूक्ष्म विश्लेषण के बाद तैयार किया है।
इस ब्लॉग में आप न सिर्फ़ 12 से 18 जनवरी 2026 के बीच होने वाले महत्वपूर्ण ग्रहण, ग्रह-परिवर्तन, व्रत-त्योहार और शुभ तिथियों की जानकारी पाएंगे, बल्कि यह भी समझेंगे कि इन घटनाओं का आपकी राशि पर क्या वास्तविक प्रभाव पड़ेगा। इतना ही नहीं, इस सप्ताह जन्म लेने वाले प्रसिद्ध व्यक्तित्वों के रोचक तथ्य और उनसे जुड़ी प्रेरणादायक बातें भी आपके ज्ञान को और समृद्ध बनाएंगी।
इसलिए यदि आप नए साल की दिशा, अपनी किस्मत के संकेत और आने वाले दिनों का सही मार्गदर्शन चाहते हैं, तो इस साप्ताहिक राशिफल को अंत तक ज़रूर पढ़ें क्योंकि यही वह मार्गदर्शक है जो आपके अगले सात दिनों की तस्वीर साफ़ कर देगा।
इस सप्ताह का ज्योतिषीय तथ्य और हिंदू कैलेंडर की गणना
आगे बढ़ने से पहले हम बात करेंगे इस सप्ताह के पंचांग की, तो हिंदू पंचांग के अनुसार, इस हफ्ते की शुरुआत पुष्य नक्षत्र के अंतर्गत नवमी तिथि,स्वाति नक्षत्र और कृष्ण पक्ष यानी 12 जनवरी को होगी। वहीं इस सप्ताह का समापन 18 जनवरी यानी उत्तराषाढ़ा नक्षत्र, कृष्ण पक्ष औरअमावस्या तिथि को होगा।
बृहत् कुंडली में छिपा है, आपके जीवन का सारा राज, जानें ग्रहों की चाल का पूरा लेखा-जोखा
इस सप्ताह में पड़ने वाले व्रत और त्योहार
साप्ताहिक राशिफल का यह विशेष सेक्शन उन सभी लोगों के लिए बेहद उपयोगी है, जो अपनी व्यस्त दिनचर्या में अक्सर महत्वपूर्ण व्रत-त्योहारों की तिथियां ध्यान में नहीं रख पाते। आपकी इसी सुविधा को ध्यान में रखते हुए हम इस सप्ताह 12 जनवरी से 18 जनवरी 2026 के बीच पड़ने वाले सभी प्रमुख व्रतों और त्योहारों की एक संपूर्ण और आसान सूची लेकर आए हैं। इससे न केवल आप धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों की सही जानकारी समय पर प्राप्त कर सकेंगे, बल्कि सप्ताह की अपनी आध्यात्मिक और पारिवारिक योजनाएं भी सुगमता से बना पाएंगे। तो आइए देखते हैं इस सप्ताह कौन-कौन से महत्वपूर्ण व्रत और त्योहार आएंगे।
मकर संक्रांति: मकर संक्रांति वह पावन दिन है जब सूर्य दक्षिणायन से उत्तरायण की ओर प्रवेश करता है। यह दिन नई ऊर्जा, नए आरंभ और शुभ कार्यों की शुरुआत का प्रतीक माना जाता है। तिल-गुड़ के सेवन, दान-पुण्य और स्नान का खास महत्व रहता है। इस त्योहार को भारत के अलग-अलग राज्यों में अलग नाम और परंपराओं के साथ मनाया जाता है।
मासिक शिवरात्रि: प्रत्येक माह कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को मनाई जाने वाली मासिक शिवरात्रि भगवान शिव की आराधना के लिए अत्यंत शुभ मानी जाती है। इस दिन भक्त उपवास रखते हैं और रात में शिवलिंग पर बेलपत्र, जल, दूध और धूप-दीप अर्पित करते हैं। माना जाता है कि इस व्रत से मन की शांति, बाधाओं का नाश और इच्छाओं की पूर्ति होती है। शिवभक्तों के लिए यह दिन आध्यात्मिक साधना और आंतरिक ऊर्जा को जागृत करने का समय होता है।
प्रदोष व्रत: प्रदोष व्रत हर महीने दो बार त्रयोदशी तिथि को, भगवान शिव के सम्मान में रखा जाता है। यह व्रत विशेष रूप से संध्या काल (प्रदोष काल) में पूजा करने पर अत्यंत फलदायी माना जाता है। मान्यता है कि प्रदोष व्रत से धन-समृद्धि, सेहत और पारिवारिक सुख में वृद्धि होती है। शिवजी की कृपा प्राप्त करने के लिए यह व्रत सबसे सरल और प्रभावशाली उपायों में से एक माना जाता है।
माघ अमावस्या: माघ महीने की अमावस्या को पवित्र नदी में स्नान करना अत्यंत शुभ माना जाता है। इस दिन पितरों की शांति के लिए तर्पण, दान और पूजा करने का विशेष महत्व है। यह अमावस्या नकारात्मक ऊर्जा को दूर कर जीवन में शांति और सौभाग्य लाने वाली मानी जाती है। भक्तगण इस दिन व्रत रखकर देवी देवताओं की आराधना करते हैं और भविष्य के लिए शुभ फल की कामना करते हैं।
हम आशा करते हैं कि यह व्रत-त्योहार आपके जीवन में खुशियां और आशा की नई किरण लेकर आयेंगे।
वैदिक ज्योतिष में ग्रहों के गोचर का विशेष महत्व माना जाता है क्योंकि यह हमारे जीवन को सीधे और परोक्ष रूप से प्रभावित करते हैं। जहां तक इस सप्ताह के ग्रहण और गोचर का संबंध है 12 जनवरी 2026 से 18 जनवरी 2026 के दौरान चार बड़े ग्रह गोचर कर रहे हैं। ग्रहण की बात करें तो जनवरी 2026 के इस सप्ताह को ग्रहण नहीं पड़ेगा, जिससे यह समय पूरी तरह शांत और संतुलित रहेगा।
शुक्र का मकर राशि में गोचर: शुक्र देव को स्त्री ग्रह माना जाता है जो ऐश्वर्य और सौंदर्य के ग्रह माने जाते है। अब शुक्र ग्रह 13 जनवरी 2026 की सुबह 03 बजकर 40 मिनट पर मकर राशि में गोचर करने जा रहे हैं।
सूर्य का मकर राशि में गोचर: वैदिक ज्योतिष में सूर्य देव को नवग्रहों के राजा कहा जाता है जो 14 जनवरी 2026 की दोपहर 02 बजकर 50 मिनट पर मकर राशि में गोचर करने जा रहे हैं।
मंगल का मकर राशि में गोचर: वैदिक ज्योतिष में मंगल देव को सेनापति का पद प्राप्त है जो अब 16 जनवरी 2026 की रात 03 बजकर 51 मिनट पर मकर राशि में गोचर करेंगे।
बुध का मकर राशि में गोचर:वैदिक ज्योतिष में बुध ग्रह को “ग्रहों के युवराज”का पद प्राप्त है जो 17 जनवरी 2026 की सुबह 10 बजकर 10 मिनट पर मकर राशि में गोचर करने जा रहे हैं।
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इस सप्ताह में पड़ने वाले बैंक अवकाश
साप्ताहिक राशिफल के इस ब्लॉग में आपको व्रत, त्योहार, ग्रहण और गोचर की जानकारी देने के बाद अब हम आपको इस हफ़्ते के बैंक अवकाश की सूची प्रदान करने जा रहे हैं, ताकि बैंक से जुड़ा आपका कोई काम रुक न जाए।
इस सप्ताह (12 जनवरी 2026 से 18 जनवरी 2026) के शुभ मुहूर्त
भारतीय धार्मिक परंपराओं में यह मान्यता प्रचलित है कि किसी भी कार्य की सफलता केवल प्रयासों से नहीं, बल्कि उसके शुभ समय पर आरंभ होने से भी जुड़ी होती है। इसलिए मांगलिक कार्यों को हमेशा श्रेष्ठ तिथि, अनुकूल नक्षत्र और समृद्धि देने वाले मुहूर्त में करना शुभ माना जाता है। इसी भावनात्मक और आध्यात्मिक महत्व को ध्यान में रखते हुए हम आपके लिए जनवरी के लिए इस सप्ताह 12 जनवरी 18 जनवरी 2026 के बीच आने वाले नामकरण, अन्नप्राशनऔर अन्य महत्वपूर्ण संस्कारों को शुभ मुहूर्त की संपूर्ण सूची प्रस्तुत कर रहे हैं। ये मुहूर्त न केवल आपके कार्यों को सफल बनाने में सहायक होंगे, बल्कि जीवन की नई शुरुआतों में सकारात्मक ऊर्जा, शांति और मंगल का आशीर्वाद भी प्रदान करेंगे।
12 जनवरी 2026 से 18 जनवरी 2026 के नामकरण मुहूर्त
नवजात शिशु का नामकरण हर माता-पिता के लिए जीवन भर याद रहने वाला, अत्यंत आनंद और आशा से भरा पवित्र क्षण होता है। यह वह पल है, जब बच्चा अपना पहला पहचान सूत्र प्राप्त करता है और परिवार की खुशियों में नई रोशनी जुड़ती है। यदि आप इस विशेष संस्कार के लिए सर्वश्रेष्ठ और शुभ समय की तलाश में हैं, तो आपके लिए हम इस सप्ताह के सभी उत्तम और मंगलकारी नामकरण मुहूर्त कर रहे हैं।
तिथि
दिन
मुहूर्त
12 जनवरी, 2026
सोमवार
दोपहर 12 बजकर 45 मिनट से रात 09 बजकर 06 मिनट तक।
14 जनवरी, 2026
बुधवार
सुबह 07 बजकर 15 मिनट से अगले दिन सुबह 03 बजकर 07 मिनट तक।
12 जनवरी 2026 से 18 जनवरी 2026 के अन्नप्राशन मुहूर्त
अन्नप्राशन वह दिव्य और स्मरणीय क्षण होता है जब शिशु पहली बार अन्न का स्पर्श और स्वाद ग्रहण करता है। जीवन में पोषण, समृद्धि और स्वास्थ्य के नए अध्याय की शुरुआत होने के कारण यह संस्कार अत्यंत पवित्र और शुभ माना जाता है। यदि आप अपने बच्चे के इस अनमोल संस्कार को इस सप्ताह सम्पन्न करने का सोच रहे हैं, तो आपकी सुविधा के लिए हम इस अवधि के सभी श्रेष्ठ और शुभ अन्नप्राशन मुहूर्त प्रस्तुत कर रहे हैं।
तिथि
दिन
मुहूर्त
12 जनवरी, 2026
सोमवार
दोपहर 02 बजकर 08 मिनट से 06 बजकर 18 मिनट तक
12 जनवरी, 2026
सोमवार
रात 08 बजकर 38 मिनट से रात 10 बजकर 56 मिनट तक।
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
1. साप्ताहिक राशिफल कितना सटीक होता है?
यदि राशिफल चंद्र राशि, ग्रहों की चाल, नक्षत्रों और दशा के सूक्ष्म विश्लेषण पर तैयार किया गया हो, तो यह बहुत सटीक मार्गदर्शन प्रदान करता है। व्यक्तिगत सटीकता के लिए जन्म कुंडली आधारित विश्लेषण सबसे श्रेष्ठ माना जाता है।
2. इस सप्ताह 12 जनवरी से 18 जनवरी 2026 के बीच कौन-कौन से व्रत और त्योहार मनाए जाएंगे?
इस सप्ताह प्रमुख रूप से षटतिला एकादशी, पोंगल, उत्तरायण, मकर संक्रांति, प्रदोष व्रत, मासिक शिवरात्रि और माघ अमावस्या मनाई जाएंगी। ये सभी तिथियां हिंदू कैलेंडर के अनुसार अत्यंत शुभ मानी जाती हैं।
3. इस सप्ताह कौन-कौन से ग्रह गोचर करेंगे?
12 से 18 जनवरी 2026 के दौरान शुक्र, सूर्य, मंगल और बुध, चार बड़े ग्रह मकर राशि में गोचर करेंगे। इन गोचरों का प्रभाव सभी राशियों के करियर, धन, प्रेम, स्वास्थ्य और पारिवारिक जीवन पर खास असर डालेगा।
टैरो साप्ताहिक राशिफल (11 से 17 जनवरी, 2026): क्या ये हफ्ता लाएगा खुशखबरी? जानें अभी!
टैरो साप्ताहिक राशिफल 11 जनवरी से 17 जनवरी 2026: टैरो सिर्फ कुछ रहस्यमयी कार्डों का सेट नहीं है, यह आत्मचिंतन, अंतर्ज्ञान और आध्यात्मिक मार्गदर्शन का एक शक्तिशाली साधन है। हर कार्ड अपने अंदर अलग-अलग प्रतीक, ऊर्जा और कहानी छिपाए होता है, जो हमें हमारी छिपी भावनाओं को समझने, सच्चाइयों को पहचानने और जीवन के मोड़ पर सही दिशा पाने में मदद करता है।
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टैरो की इस रहस्यमय दुनिया में हर कार्ड एक ऊर्जा का द्वार है, जो अंतर्ज्ञान, ब्रह्मांडीय ज्ञान और उपचारकारी तरंगों को जोड़ता है, जो हमारे भीतर और बाहर दोनों को प्रभावित करती हैं।
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टैरो साप्ताहिक राशिफल 11 जनवरी से 17 जनवरी 2026: राशि अनुसार राशिफल
मेष राशि
प्रेम जीवन: द सन
आर्थिक जीवन: पेज़ ऑफ वैंड्स
करियर: नाइट ऑफ कप्स
स्वास्थ्य: द एम्परर
प्रेम जीवन की बात करें ते द सन कार्ड खुशी, समृद्धि और एक खुशहाल रिश्ते का संकेत देता है। यह कार्ड गर्माहट, संतोष और ऐसे समय का प्रतीक है, जब रिश्ते बहुत अच्छे और साफ-साफ दिखाई देते हैं और प्यार सच्चा होता है। अगर आप सिंगल हैं, तो यह बताता है कि आप अपने अंदर की चमक, आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच अपनाकर किसी अच्छे साथी को आकर्षित कर सकते हैं।
आर्थिक जीवन की बात करें तो, पेज़ ऑफ वैंड्स उत्सुकता, नए विचारों और नई वित्तीय शुरुआत का संकेत है। यह कार्ड बताता है कि इस समय आप नए तरीकों को आजमाने के लिए तैयार रहेंगे। अगर आप मन से खुले रहेंगे तो नई योजनाएं, निवेश या काम आपको अच्छा आर्थिक लाभ दे सकते हैं।
करियर की बात करें तो नाइट ऑफ कप्स किसी अच्छी खबर या किसी अनुकूल अवसर की ओर इशारा करता है। अगर आप नौकरी या किसी कोर्स के आवेदन के जवाब का इंतज़ार कर रहे हैं, तो यह सफलता का संकेत है। यह कार्ड अचानक मिलने वाले किसी अच्छे ऑफ़र का भी प्रतीक हो सकता है। कुल मिलाकर, पेशेवर जीवन में चीज़ें आपके लिए अनुकूल रहेंगी। अगर काम पर कोई तनाव या बातचीत है, तो आप उसे शांति, समझदारी और अच्छे व्यवहार से संभाल लेंगे। भविष्य में होने वाले महत्वपूर्ण समझौते या बातचीत भी आसानी से आगे बढ़ेंगी।
स्वास्थ्य की बात करें तो द एम्परर टैरो कार्ड जीवनशक्ति, देखभाल, पोषण और भरपूरता का प्रतीक है। यह कार्ड अच्छे स्वास्थ्य, संभावित गर्भावस्था और खुद का ध्यान रखने की जरूरत का संकेत देता है। यह बताता है कि प्रकृति से जुड़कर, आत्म-देखभाल करके और कोमल/स्त्री ऊर्जा को अपनाकर आप अपने जीवन में विकास, संतुलन और खुशी ला सकते हैं।
शुभ अंक- 18
वृषभ राशि
प्रेम जीवन: व्हील ऑफ फॉर्च्यून
आर्थिक जीवन: द हाई प्रीस्टेस
करियर: पेज ऑफकप्स
स्वास्थ्य: फोर ऑफ वैंड्स
प्रेम जीवन की बात करें तो व्हील ऑफ फॉर्च्यून कार्ड बदलाव, चक्र और किस्मत का संकेत देता है। यह बताता है कि आपका रिश्ता किसी नए मोड़ पर आने वाला है या नए नया चरण शुरू हो सकता है। अपराइट आने पर यह फिर से प्यार मिलने, मौजूदा रिश्ते में नए उत्साह आने या किसी ऐसे कर्मिक नियति आधारित कनेक्शन का संकेत देता है, जिसमें लचीलापन और बदलाव को स्वीकार करना जरूरी होता है।
आर्थिक जीवन में द हाई प्रीस्टेस सलाह देती है कि अपने आर्थिक फैसलों में अपनी अंतर्मन की आवाज पर भरोसा करें। यह कार्ड बताता है कि अपनी आर्थिक स्थिति को हर किसी के साथ शेयर न करें और फैसले लेते समय बाहरी शोर की बजाय अपने भीतर की समझ पर ध्यान दें किसी भी डील को ध्यान से पढ़ें और तुरंत मिलने वाले लाभ की बजाय लंबे समय के फायदे या छिपी जानकारी को प्राथमिकता दें। सही फैसले, थोड़ा गोपनीय रहना और अपने दिल की आवाज़ पर भरोसा करना ही आपकी आर्थिक स्थिति को सुरक्षित रखेगा।
करियर की बात करें तो, पेज ऑफ कप्स नए अवसरों, रचनात्मक प्रेरणा और उत्साह से भरे काम का संकेत है। यह बताता है कि जिज्ञासा के साथ आगे बढ़ें और “नया होने के डर” को अपने रास्ते में न आने दें। खासकर क्रिएटिव फील्ड में, अपने पैशन को फॉलो करना आपके लिए लाभदायक रहेगा। रिवर्स आने पर यह चेतावनी देता है कि भावनात्मक रूप से परिपक्व रहें, अव्यवहारिक उम्मीदों से बचें और जल्दबाज़ी में आर्थिक फैसले न लें।
स्वास्थ्य की बात करें तो फोर ऑफ वैंड्स अच्छा स्वास्थ्य, ऊर्जा, स्थिरता और जश्न के समय का प्रतीक है। यह बताता है कि शरीर मजबूत महसूस करेगा, मेटाबॉलिज़्म अच्छा रहेगा और आप किसी भी स्वास्थ्य समस्या को पार कर पाएंगे। यह कार्ड रिकवरी, सकारात्मक परिणामों और किसी हेल्थ माइलस्टोन को हासिल करने के संकेत भी देता है।
शुभ अंक- 06
मिथुन राशि
प्रेम जीवन: क्वीन ऑफ वैंड्स
आर्थिक जीवन: किंग ऑफ पेंटाकल्स
करियर: थ्री ऑफ पेंटाकल्स
स्वास्थ्य: फाइव ऑफ वैंड्स
प्रेम जीवन क्वीन ऑफ वैंड्स बताता है कि यदि आप किसी नए रिश्ते के बारे में सोच रहे हैं, तो यह रिश्ता साफ-साफ और सीधा रहेगा। आपको बहुत जल्दी समझ आ जाएगा कि आपके और इस व्यक्ति के बीच आगे बढ़ने की संभावना है या नहीं। भले ही यह व्यक्ति बाहर से भावुक न दिखे, लेकिन अंदर से बहुत संवेदनशील और ईमानदार होता है। यह कभी किसी को धोखा नहीं देता। अगर इन्हें रुचि नहीं होगी, तो वे साफ-साफ बता देंगे। अगर वे आपके प्रति इच्छा या दिलचस्पी दिखाते हैं, तो इसका मतलब है कि उनकी भावनाएं सच्ची हैं।
आर्थिक जीवन की बात करें तोकिंग ऑफ पेंटाकल्स बहुत शुभ संकेत है। यह बताता है कि आपकी मेहनत का फल अब आपको मिल रहा है। इस समय आर्थिक स्थिति मजबूत रहेगी। यह स्थिति यूं ही नहीं बनी, यह आपकी लगातार मेहनत, समझदारी और सही निवेशों का परिणाम है। अब आप जीवन की बेहतर चीज़ों का आनंद ले सकते हैं और दूसरों की मदद करने की क्षमता भी रखते हैं।
करियर में थ्री ऑफ पेंटाकल्स टीमवर्क, सहयोग और कौशल बढ़ने का संकेत है। यह बताता है कि आपके काम की सराहना हो रही है और आपको पुरस्कार, प्रमोशन या अधिक जिम्मेदारी मिलने की संभावना है। आपका प्रयास सही दिशा में जा रहा है।
स्वास्थ्य की बात करें तो फाइव ऑफ वैंड्स तेजी से बढ़ने वाली समस्याएं, बेचैनी, थकान या संक्रमण जैसी स्थितियों का संकेत हो सकता है। यह कार्ड मानसिक उलझन, तनाव, आंतरिक संघर्ष और स्वास्थ्य के अलग-अलग लक्ष्यों के बीच टकराव (जैसे बहुत कठोर फिटनेस लक्ष्य या अलग-अलग इलाजों को लेकर भ्रम) को दर्शाता है, जिससे संतुलन बिगड़ सकता है।
शुभ अंक- 05
कर्क राशि
प्रेम जीवन: टू ऑफ वैंड्स
आर्थिक जीवन: फाइव ऑफ पेंटाकल्स
करियर: स्ट्रेंथ
स्वास्थ्य: थ्री ऑफ कप्स
प्रेम जीवन में टू ऑफ वैंड्स बताता है कि नया रिश्ता मजबूत शुरुआत कर चुका है। यह कार्ड भविष्य की योजनाओं और आगे बढ़ने की ऊर्जा का संकेत देता है। यह व्यक्ति आपकी लाइफ में सिर्फ एक साइड रोल में नहीं रहना चाहता, बल्कि साफ-साफ अपनी जगह बनाना चाहता है। आप दोनों सिर्फ बहाव में बह जाने वाले नहीं हैं, यह व्यक्ति साहसी और आपके जीवन में एक विशेष स्थान चाहता है।
आर्थिक जीवन में फाइव ऑफ पेंटाकल्स अपराइट आने पर आर्थिक तनाव, कर्ज, नौकरी खोने या पैसों की कमी से जुड़ी असुरक्षा का संकेत देता है। यह समय आपको अकेलापन या सहायता से कटे होने जैसा महसूस करा सकता है। इस समय पैसों की तंगी रह सकती है। सबसे जरूरी बात, मदद मांगने में हिचकिचाएं नहीं। कभी-कभी सहारा लेना ही समाधान होता है।
करियर में स्ट्रेंथ कार्ड बताता है कि आपके अंदर काम की मुश्किलों को जीतने की शक्ति और हिम्मत है। यह सलाह देता है कि अपने लिए आवाज उठाएं, आत्मविश्वास के साथ फैसले लें और अपनी क्षमताओं का पूरा उपयोग करें। यह कार्ड ईमानदारी, धैर्य और जुनून के साथ अपने करियर को आगे बढ़ाने का संकेत देता है। यदि आप भावनात्मक रूप से मजबूत और स्थिर रहेंगे, तो आपको तरक्की और सफलता मिल सकती है।
स्वास्थ्य में थ्री ऑफ कप्स समुदाय, दोस्तों और खुशियों के जरिए मिलने वाली हीलिंग का प्रतीक है। यह बताता है कि अच्छे दोस्त और सकारात्मक माहौल आपके स्वास्थ्य को बेहतर बनाएंगे। लेकिन साथ ही यह ज्यादा खाना-पीना या पार्टी में अति करने से सावधान रहने की सलाह भी देता है। खुशियां जरूरी हैं, लेकिन संतुलन बनाए रखना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। शुभ अंक- 02
प्रेम जीवन के मामले में द हीरोफेंट टैरो बताता है कि रिश्ता विश्वास, समान सोच और परंपरागत तरीके पर आधारित होगा। लंबे समय के रिश्ते में यह कार्ड शादी या किसी स्थायी और पारंपरिक संबंध की इच्छा दिखाता है। अगर आप प्यार की तलाश में हैं, तो इसका मतलब है कि आपको ऐसा साथी मिल सकता है, जो आपके जैसे ही मूल्यों वाला हो और रिश्ता लंबे समय तक चले।
आर्थिक जीवन के मामले में सिक्स ऑफ पेंटाकल्स यह सलाह देता है कि अपने पैसे सोच-समझकर खर्च करें और जहां जरूरत हो, मदद दें या मदद लें। यह कार्ड बताता है कि पैसे को समझदारी से संभालने के साथ-साथ दूसरों की सहायता करना भी जरूरी है। मतलब अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए समाज के साथ जुड़कर चलना।
करियर में नाइट ऑफ वैंड्स का अपराइट कार्ड बताता है कि आपके अंदर ऊर्जा और नया जोश आएगा। यह किसी नए प्रोजेक्ट, नौकरी बदलने या नया काम शुरू करने का संकेत है। यह कार्ड आपको अपने लक्ष्यों को पूरा करने के लिए हिम्मत और उत्साह के साथ आगे बढ़ने की सलाह देता है, जिससे बड़ी सफलता मिल सकती है।
स्वास्थ्य के मामले में, फोर ऑफ कप्स यह दिखाता है कि आप थकान, तनाव या किसी चल रही स्वास्थ्य समस्या के कारण भावनात्मक रूप से थके हुए महसूस कर सकते हैं। यह समय ऐसा हो सकता है जब आप खुद की देखभाल के अच्छे मौके भी नजरअंदाज कर रहे हों। इससे मन में उदासी और अलगाव की भावना आ सकती है।
प्रेम जीवन में सेवन ऑफ स्वॉर्ड्स कार्ड आमतौर पर धोखा, छुपाव और भरोसे की कमी को दिखाता है। यह बेवफाई, मन में दबे हुए भाव या ऐसा व्यक्ति भी संकेत कर सकता है, जो आपके रिश्ते में दिक्कतें पैदा करना चाहता है। यह इस बात का भी संकेत है कि रिश्ते में कोई एक व्यक्ति कुछ छुपा रहा है या आपको समझदारी से सोचकर कदम उठाने की जरूरत है। अगर आप सिंगल हैं, तो यह कार्ड चेतावनी देता है कि आपको ऐसा इंसान मिल सकता है जो चालाक, झूठा या मन से खेल करने वाला हो।
आर्थिक जीवन में द लवर्स कार्ड बताता है कि आपको अपने पैसों से जुड़े फैसले अपने मूल्यों और सही सोच के आधार पर लेने चाहिए। यह बड़े निवेश, पार्टनरशिप या दो रास्तों में से एक चुनने के मौके का संकेत देता है, जैसे नौकरी बदलना, नई फाइनेंशियल प्लानिंग आदि। यह सलाह देता है कि लालच से दूर रहकर ईमानदारी और लंबे समय के फायदे वाले रास्ते को चुनें।
करियर में, किंग ऑफ़ कप्स यह सलाह देता है कि अगर आप अपने करियर की स्थिति को लेकर असमंजस में हैं, तो भावनात्मक समझ को मजबूत करें। दूसरों के प्रति सहानुभूति और दयालुता रखें। इससे कार्यस्थल पर सहयोग और सकारात्मक माहौल बन सकता है। कोशिश करें कि अपनी आपसी बातचीत और समझ को बेहतर करें और उसे काम में उपयोग करें। साथ ही, काम और निजी जीवन के बीच अच्छा संतुलन बनाए रखें।
स्वास्थ्य में डेथ कार्ड बताता है कि आप नशे या किसी तरह की लत में जूझ रहे हैं और इसका आपकी सेहत पर बुरा असर पड़ सकता है। बेहतर होगा कि आप जल्द से जल्द किसी विशेष की मदद लें, ताकि आगे चलकर सेहत से जुड़ी गंभीर समस्याएं न हों और समय रहते सही कदम उठाए जा सकें।
प्रेम जीवन में द टॉवर कार्ड अचानक हुए बदलाव या टूटन को दिखाता है। यह अक्सर ब्रेकअप, रिश्ते का अंत, या उन झूठी उम्मीदों के खत्म होने का संकेत देता है जिन्हें आप सच मानते थे। यह बदलाव एक झटका हो सकता है, लेकिन इसका मतलब हमेशा बुरा नहीं होता। यह एक ज़रूरी परिवर्तन है, जो आपको हकीकत से सामना कराता है और नए आधार पर दोबारा जीवन बनाने का मौका देता है। यह प्रक्रिया पुराने, गलत या नुकसान देने वाले चीज़ों को हटाकर गहरी व्यक्तिगत प्रगति और हीलिंग ला सकती है। इस हफ्ते, तुला राशि वालों, आपको दोस्तों या परिवार से आर्थिक मदद मिल सकती है।
सिक्स ऑफ़ कप्स कार्ड बचपन की यादों, सरल खुशियों और आपसी बाँटने को दर्शाता है। यह संकेत देता है कि किसी करीबी से आर्थिक सहायता या छोटी-छोटी खुशियाँ मिल सकती हैं। लेकिन यह सावधान भी करता है कि पुराने समय में खोए न रहें और बहुत ज़्यादा भरोसा या मासूमियत न दिखाएं।
द डेविल कार्ड करियर में दिखाता है, जहां आप पैसों, लालच, ज़िद, लत या ज़हरीले काम के माहौल में फंस सकते हैं। यह कार्ड बताता है कि आप किसी मजबूरी के कारण, जैसे पैसे की जरूरत, एक ऐसे चक्र में फंस जाते हैं जहां से निकलना मुश्किल लगता है। इससे खुद को नुकसान पहुंचाना, दूसरों को दोष देना, या ऑफिस पॉलिटिक्स का शिकार होना जैसी स्थितियां बन सकती हैं।
स्वास्थ्य की बात करें तो द टॉवर कार्ड उम्मीद, हीलिंग और नए सिरे से ठीक होने का संकेत देता है। यह मानसिक शांति, प्रेरणा और सकारात्मक सोच लाता है। यह बताता है कि भावनाओं और वास्तविकता में संतुलन बनाकर आप अपनी पुरानी बीमारियों या चोटों से अच्छी तरह उबर सकते हैं। यह कार्ड भविष्य में अच्छे स्वास्थ्य पर भरोसा करने की प्रेरणा देता है।
शुभ अंक- 15
वृश्चिक राशि
प्रेम जीवन: ऐस ऑफ स्वॉर्ड्स
आर्थिक जीवन: नाइट ऑफ कप्स
करियर: क्वीन ऑफ वैंड्स
स्वास्थ्य: ऐस ऑफ पेंटाकल्स
ऐस ऑफ स्वॉर्ड्स कार्ड बताता है कि आपका रिश्ता वायु तत्व के अच्छे गुणों जैसा है, यानी साफ और स्वस्थ बातचीत। आप और आपके पार्टनर एक दूसरे को बहुत अच्छी तरह समझते हैं। आपकी मानसिक और भावनात्मक तालमेल बहुत मजबूत है। इस रिश्ते में स्त्री और पुरुष ऊर्जा का संतुलन भी बहुत महत्वपूर्ण है।
आपके आर्थिक जीवन की बात करें तो पैसे के मामले में यह कार्ड संकेत देता है कि आपके लिए अच्छी खबर और फायदे वाले ऑफर आने वाले हैं। आपको कुछ अचानक मिलने वाले अवसर या किसी समस्या का नया समाधान मिल सकता है। पैसों का आने-जाने का प्रवाह अच्छा रहेगा, लेकिन यह कार्ड चेतावनी भी देता है, बेपरवाही या जरूरत से ज्यादा खर्च करने से बचें।
क्वीन ऑफ वैंड्स कार्ड बताता है कि आपके करियर में ऊर्जा, जोश और रचनात्मकता का दौर आएगा। आपमें नेतृत्व करने की क्षमता है और अपने क्षेत्र में बड़ा कदम उठाने का समय है, जैसे नई शुरुआत करना या महत्वपूर्ण भूमिका संभालना। यह कार्ड आपको अपने टैलेंट पर भरोसा रखने और दूसरों को भी प्रेरित करने का संदेश देता है।
ऐस ऑफ पेंटाकल्स कार्ड स्वास्थ्य में एक नई शुरुआत का संकेत देता है, अधिक ऊर्जा, बेहतर सेहत और अपने शरीर पर ध्यान देने का सही समय। आप व्यायाम, अच्छी दिनचर्या और सही खान-पान में निवेश करके अपनी सेहत को बेहतर बना सकते हैं।
टेन ऑफ वैंड्स यह दर्शाता है कि जिम्मेदारियों के बोझ से दबे हुए महसूस कर सकते हैं। इसका असर रिश्तों पर भी पड़ता है और एक-दूसरे के साथ अच्छा समय बिताना मुश्किल हो सकता है। यह संकेत देता है कि दोनों पार्टनर्स को मिलकर काम बांटने, मदद लेने या अपनी प्राथमिकताएं बदलने की जरूरत है, क्योंकि बाहरी दबावों की वजह से मानसिक या व्यावहारिक भार बढ़ गया है।
द चैरिएट आर्थिक जीवन में बहुत सकारात्मक कार्ड माना जाता है। यह बताता है कि आपके अंदर अनुशासन, दृढ़ निश्चय और कठिन आर्थिक परिस्थितियों को पार करने की क्षमता है। यदि आप फोकस के साथ काम करेंगे, तो आर्थिक स्थिरता और सफलता दोनों हासिल कर सकते हैं।
करियर के मामले में हर्मिट कार्ड अपराइट यह दर्शाता है कि आपको अपने काम को लेकर गहराई से सोचने, खुद को समझने और थोड़ा ठहरकर अपनी दिशा का पुनः मूल्यांकन करने की ज़रूरत है। यह सुझाव देता है कि आप अकेले में काम, अध्ययन या किसी शोध जैसे कार्य में मन लगा सकते हैं, या फिर किसी ऐसे करियर की ओर बढ़ सकते हैं जो आपको भीतर से संतुष्टि दे। कोई बड़ा कदम लेने से पहले सोच-समझकर तैयारी करना ज़रूरी है।
किंग ऑफ स्वॉर्ड्स स्वास्थ्य के मामले में बताता है कि आपको अपने स्वास्थ्य को लेकर एक स्पष्ट, तार्किक और अनुशासित तरीके से चलने की ज़रूरत है। यह मधुमेह, किडनी की समस्या या किसी ऑपरेशन की आवश्यकता का संकेत भी दे सकता है। अच्छा स्वास्थ्य बनाए रखने के लिए सही खान-पान, पर्याप्त नींद और नियमित जीवनशैली बेहद जरूरी है।
शुभ अंक- 12
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मकर राशि
प्रेम जीवन: ऐस ऑफ पेंटाकल्स
आर्थिक जीवन: किंग ऑफ स्वॉर्ड्स
करियर: क्वीन ऑफ वैंड्स
स्वास्थ्य: नाइट ऑफ कप्स
मकर राशि के प्रेम जीवन की बात करें तो आपके लिए नई शुरुआत का संकेत देता है। जल्द ही आपकी मुलाकात किसी नए व्यक्ति से हो सकती है, चाहे काम के माध्यम से या निजी जीवन में। यह रिश्ता आपके जीवन में स्थिरता, सुरक्षा और एक मजबूत आधार लेकर आएगा। अगर आप पहले से रिश्ते में हैं, तो यह कार्ड बताता है कि आपका संबंध मजबूत, स्थिर और समृद्ध रहेगा।
किंग ऑफ स्वॉर्ड्स कार्ड आर्थिक जीवन में यह संकेत देता है कि लंबे समय तक सफलता पाने के लिए आपको अपने पैसों का बहुत सोच-समझकर, तार्किक और अनुशासित ढंग से प्रबंधन करना होगा। इसमें गहराई से रिसर्च करना, स्पष्ट वित्तीय लक्ष्य बनाना और पैसों का अनुशासन बनाए रखना शामिल है।
करियर में क्वीन ऑफ वैंड्स दर्शाती है कि इस समय आप ऊर्जा से भरे हुए हैं और अपने काम या बिजनेस से जुड़ी कई जिम्मेदारियां सफलतापूर्वक निभा रहे हैं। लोग आपकी क्षमता देखकर हैरान हो सकते हैं कि आप कितने काम एक साथ संभाल लेते हैं। आपकी नेतृत्व क्षमता और दक्षता यह भी बताती है कि आप एक अच्छे मैनेजर साबित हो सकते हैं।
किंग ऑफ कप्स स्वास्थ्य में अच्छे भाग्य और सकारात्मक खबरों का संकेत देता है। यदि आप किसी बीमारी या स्वास्थ्य समस्या से जूझ रहे थे, तो जल्द ही आपके लिए अच्छी खबर आने की संभावना है।
शुभ अंक -17
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कुंभ राशि
प्रेम जीवन: पेज़ ऑफ पेंटाकल्स
आर्थिक जीवन: नाइन ऑफ वैंड्स
करियर: सिक्स ऑफ स्वॉर्ड्स
स्वास्थ्य: टेन ऑफ पेंटाकल्स
पेज़ ऑफ पेंटाकल्स नए वास्तविक और स्थिर अवसरों का संकेत देता है। यह किसी से संभावित साथी का प्रतिनिधित्व कर सकता है, जो समझदार, वफादार और भविष्य को स्थिर बनाने के लिए तैयार है। यह कार्ड ऐसे रिश्ते की ओर भी इशारा करता है, जो समान रुचियों, लक्ष्यों और आपकी विकास पर आधारित हो। यदि आप रिश्ते में हैं, तो यह आपके संबंध के धीरे-धीरे मजबूत और परिपक्व होने का संकेत देता है।
आर्थिक जीवन के मामले में नाइन ऑफ वैंड्स बताता है कि आप मुश्किल समय के अंत की ओर बढ़ रहे हैं, लेकिन अभी भी थोड़ा और संघर्ष, अतिरिक्त खर्च या बचत का उपयोग करना पड़ सकता है। यह आर्थिक दबाव का समय दर्शाता है और आपको हिम्मत और धैर्य के साथ इन अंतिम चुनौतियों को पार करने की सलाह देता है।
करियर में सिक्स ऑफ स्वॉर्ड्स यह संकेत देता है कि आप एक तनावपूर्ण या कठिन स्थिति से निकलकर अब एक अधिक सुरक्षित, शांत और सपोर्टिव कार्य वातावरण की ओर बढ़ रहे हैं। इसमें नौकरी बदलना, स्थान परिवर्तन या नई जिम्मेदारियां शामिल हो सकती हैं। यह हमेशा बेहतर दिशा में उठाया गया कदम माना जाता है।
स्वास्थ्य के मामले में, टेन ऑफ पेंटाकल्स बताता है कि आपको अपनी लंबी अवधि की सेहत पर ध्यान देना चाहिए और इसके लिए मजबूत आधार बनाने की जरूरत है, जैसे अच्छी आदतें, दिनचर्या और परिवार से मिली हुई स्वास्थ्य संबंधी समझ। यदि कोई वर्तमान स्वास्थ्य समस्या है, तो उसे धीरे-धीरे और समझदारी से संभालने की जरूरत है।
शुभ अंक-26
मीन राशि
प्रेम जीवन: एस ऑफपेंटाकल्स
आर्थिक जीवन: क्वीन ऑफ पेंटाकल्स
करियर: द चैरिएट
स्वास्थ्य: द एम्परर
यदि आप यह सोच रहे हैं कि आपका रिश्ता कैसे खत्म होगा और आपको ऐस ऑफ पेंटाकल्स कार्ड मिलता है, तो इसका मतलब है कि आपके जीवन में एक नई शुरुआत होने वाली है। ज्योतिष के अनुसार, यह कार्ड पृथ्वी तत्व से जुड़ा है यह एक रोमांटिक और आकर्षक ऊर्जा देता है। यह कार्ड सौभाग्य का भी संकेत है, इसलिए संभव है कि आप अपने जीवनसाथी से किस्मत के साथ मिले हों, शायद तब जब आप तलाश भी नहीं कर रहे थे।
क्वीन ऑफ पेंटाकल्स कार्ड पैसों के मामले में बताता है कि आप आर्थिक रूप से मजबूत और आत्मनिर्भर बनेंगे। अगर आप नई कमाई के तरीके खोज रहे हैं, तो इस हफ्ते आपको एक से ज्यादा आय के साधन मिल सकते हैं। आपके पैसे बढ़ने और सही निवेश करने के भी अच्छे योग हैं। प्रॉपर्टी खरीदने-बेचने की भी संभावना बन रही है।
द चैरिएट कार्ड बताता है कि अगर आप नई नौकरी शुरू कर रहे हैं, तो आपकी मेहनत, आत्मविश्वास और नियंत्रण आपको सफलता दिलाएंगे। यह कार्ड कहता है कि बॉस और सहकर्मियों से सम्मान पाने के लिए आप थोड़ा सक्रिय, हिम्मती और लक्ष्य-केन्द्रित रहें। अगर आप अपनी मौजूदा नौकरी से परेशान हैं, तो यह कार्ड सलाह देता है कि अब समय है अपने करियर की कमान खुद संभालने का और इसे अपनी पसंद की दिशा में आगे बढ़ाने का।
स्वास्थ्य में द एम्परर कार्ड अनुशासन, नियम और जिम्मेदारी का संकेत देता है। यह बताता है कि अपनी सेहत का ध्यान नियम से रखें, जरूरत पड़े तो डॉक्टर से सलाह लें और अपनी सेहत सुधारने के लिए सही और मजबूत फैसले लें।
इसी आशा के साथ कि, आपको यह लेख भी पसंद आया होगा एस्ट्रोसेज के साथ बने रहने के लिए हम आपका बहुत-बहुत धन्यवाद करते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
1. टैरो डेक में कितने इक्के कार्ड होते हैं?
4 कार्ड
2. छड़ी किस तत्व का प्रतिनिधित्व करती है?
अग्नि तत्व
3. मैजिशियन कार्ड में कौन से मुख्य रंग होते हैं?
लाल और पीला
अंक ज्योतिष साप्ताहिक राशिफल: 11 से 17 जनवरी, 2026
कैसे जानें अपना मुख्य अंक (मूलांक)?
अंक ज्योतिष साप्ताहिक भविष्यफल जानने के लिए अंक ज्योतिष मूलांक का बड़ा महत्व है। मूलांक जातक के जीवन का महत्वपूर्ण अंक माना गया है। आपका जन्म महीने की किसी भी तारीख़ को होता है, उसको इकाई के अंक में बदलने के बाद जो अंक प्राप्त होता है, वह आपका मूलांक कहलाता है। मूलांक 1 से 9 अंक के बीच कोई भी हो सकता है, उदाहरणस्वरूप- आपका जन्म किसी महीने की 10 तारीख़ को हुआ है तो आपका मूलांक 1+0 यानी 1 होगा।
इसी प्रकार किसी भी महीने की 1 तारीख़ से लेकर 31 तारीख़ तक जन्मे लोगों के लिए 1 से 9 तक के मूलांकों की गणना की जाती है। इस प्रकार सभी जातक अपना मूलांक जानकर उसके आधार पर साप्ताहिक राशिफल जान सकते हैं।
अपनी जन्मतिथि से जानें साप्ताहिक अंक राशिफल (11 से 17 जनवरी 2026)
अंक ज्योतिष का हमारे जीवन पर सीधा प्रभाव पड़ता है क्योंकि सभी अंकों का हमारे जन्म की तारीख़ से संबंध होता है। नीचे दिए गए लेख में हमने बताया है कि हर व्यक्ति की जन्म तिथि के हिसाब से उसका एक मूलांक निर्धारित होता है और ये सभी अंक अलग-अलग ग्रहों द्वारा शासित होते हैं।
जैसे कि मूलांक 1 पर सूर्य देव का आधिपत्य है। चंद्रमा मूलांक 2 का स्वामी है। अंक 3 को देव गुरु बृहस्पति का स्वामित्व प्राप्त है, राहु अंक 4 का राजा है। अंक 5 बुध ग्रह के अधीन है। 6 अंक के राजा शुक्र देव हैं और 7 का अंक केतु ग्रह का है। शनिदेव को अंक 8 का स्वामी माना गया है। अंक 9 मंगल देव का अंक है और इन्हीं ग्रहों के परिवर्तन से जातक के जीवन में अनेक तरह के परिवर्तन होते हैं।
बृहत् कुंडलीमें छिपा है, आपके जीवन का सारा राज, जानें ग्रहों की चाल का पूरालेखा-जोखा
मूलांक 1
(अगर आपका जन्म किसी भी महीने की 1, 10, 19, 28 तारीख़ को हुआ है)
इस मूलांक वाले लोग अधिक व्यवस्थित होते हैं और पेशेवर दृष्टिकोण अपनाते हैं जिससे उन्हें जीवन में सफलता पाने में मदद मिलती है। इस सप्ताह मूलांक 1 वाले जातक आध्यात्मिक उद्देश्यों से यात्रा कर सकते हैं जो कि फलदायी साबित होगी। ये जातक इस सप्ताह जीवन के विभिन्न पहलुओं में विशिष्टता दिखा सकते हैं।
प्रेम जीवन: इस सप्ताह आपके और आपके पार्टनर के बीच का रिश्ता मधुर रहने वाला है। आप दोनों के बीच आपसी तालमेल और बातचीत अच्छी रहने वाली है जिससे आपके चेहरे पर एक प्यारी सी मुस्कान रहेगी। आप अपने जीवनसाथी को अधिक महत्व दे सकते हैं। इसके अलावा आप अपने पार्टनर के साथ कहीं बाहर घूमने जाकर अच्छा समय बिता सकते हैं। इसके अलावा आप अपने पार्टनर के साथ कहीं बाहर घूमने जाकर अच्छा समय बिता सकते हैं।
शिक्षा: छात्र अपनी पढ़ाई को पेशेवर तरीके से आगे बढ़ाकर उसे बेहतर बनाने के लिए सकारात्मक कदम उठा सकते हैं। प्रतियोगी परीक्षा में हिस्सा लेना भी मददगार साबित हो सकता है और आप अच्छे अंक प्राप्त कर सकते हैं। इन परीक्षाओं में शामिल होने से आपके अंदर परीक्षा को लेकर विश्वास बढ़ेगा और आप अच्छे अंक प्राप्त कर पाएंगे।
पेशेवर जीवन: आप अपने कार्यक्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करेंगे। अगर आप सार्वजनिक क्षेत्र में काम करते हैं, तो यह सप्ताह आपके लिए शानदार रहने वाला है। आपको कार्यस्थल में अपने काम में अच्छे लाभ मिल सकते हैं। वहीं व्यापारियों को आउटसोर्स डील से अच्छा मुनाफा होने के योग हैं। इसके अलावा आप नेटवर्क बिज़नेस में भी जा सकते हैं।
स्वास्थ्य: इस सप्ताह आपका स्वास्थ्य अच्छा रहने वाला है और जोश एवं उत्साह से भरपूर महसूस करेंगे। नियमित व्यायाम से आप अधिक फिट रह पाएंगे। आप उत्तम स्वास्थ्य का आनंद ले पाएंगे। इसके अलावा योग या ध्यान से आपकी स्थिति अच्छी बनी रहेगी।
उपाय: आप नियमित रूप से 19 बार ‘ॐ सूर्याय नम:’ का जाप करें।
मूलांक 2
(अगर आपका जन्म किसी भी महीने की 2, 11, 20, 29 तारीख़ को हुआ है)
मूलांक 2 वाले जातकों को निर्णय लेते समय कंफ्यूज़न हो सकती है और यह उनकी प्रगति में बाधा का काम कर सकता है। आपको इस सप्ताह को लेकर योजना बनाने की जरूरत है और आपके अंदर अच्छे परिणाम प्राप्त करने की आशा बनी रहेगी। ये जातक सोच-विचार में डूबे रह सकते हैं। ये जातक समुद्री मार्ग से लंबी यात्रा कर सकते हैं।
प्रेम जीवन: आपके और आपके पार्टनर के बीच बहस होने की आशंका है जिससे इस सप्ताह आपको बचना चाहिए। अपने जीवनसाथी के साथ इस सप्ताह को अधिक रोमांटिक बनाने के लिए आपको अपने पार्टनर के साथ कुछ तालमेल बिठाने की जरूरत है। इस समय आपके और आपके साथी के बीच अहंकार का टकराव और गलतफहमियां होने का डर है।
शिक्षा: इस सप्ताह छात्रों की एकाग्रता भंग हो सकती है जिसकी वजह से उन्हें काम पर अधिक ध्यान देने की जरूरत है। आपको कड़ी मेहनत और पेशेवर तरीके से पढ़ाई करने की आवश्यकता है। शिक्षा के क्षेत्र में शिखर पर पहुंचने के लिए आपको उच्च स्तर पर योजना बनाने की जरूरत है।
पेशेवर जीवन: इस समय नौकरीपेशा जातकों के काम में कुछ अस्थिरताएं रह सकती हैं जो उनके पेशेवर विकास में बाधा का काम कर सकता है। आपसे काम में गलतियां हो सकती हैं जिससे आपको बचने की जरूरत है। यदि आप व्यवसाय करते हैं, तो आपको घाटा देखना पड़ सकता है। प्रतिद्वंदियों से अधिक दबाव मिलने की वजह से ऐसा हो सकता है।
स्वास्थ्य: आपको खांसी होने की आशंका है इसलिए आपको अपनी शारीरिक फिटनेस पर अधिक ध्यान देना चाहिए। इम्युनिटी के कमजोर होने की वजह से आपको जुकाम-खांसी हो सकती है।
उपाय: आप सोमवार के दिन चंद्रमा के लिए यज्ञ-हवन करें।
(अगर आपका जन्म किसी भी महीने की 3, 12, 21, 30 तारीख़ को हुआ है)
इस सप्ताह मूलांक 3 वाले जातक अपने लिए महत्वपूर्ण निर्णय लेने में अधिक साहस खा सकते हैं। इस समय आप अधिक आत्मविश्वासी और आत्म संतुष्ट रहने वाले हैं। आपके अंदर आध्यात्मिक प्रवृत्ति अधिक देखने को मिल सकती है। इस मूलांक वाले जातक अधिक खुले विचारों वाले हो सकते हैं।
प्रेम जीवन: इस समय आप अपने पार्टनर के प्रति अधिक रोमांटिक भावनाएं दिखा सकते हैं। आप दोनों अपने विचारों को कुछ इस तरह से व्यक्त करेंगे जिससे आपके बीच में आपसी समझ बढ़ेगी। इस तरह की भावनाओं को दिखाकर आप अपने जीवनसाथी के साथ मधुर बातचीत कर सकते हैं।
शिक्षा: यह समय छात्रों के लिए पढ़ाई के मामले में शानदार रहने वाला है क्योंकि आप पेशेवर तरीके से पढ़ाई करने के साथ ही उसमें गुणवत्ता प्रदान करने में भी उत्कृष्टता प्रदान कर सकते हैं। आप मैनेजमेंट, फाइनेंशियल अकाउंटिंग और कॉस्टिंग आदि में उत्कृष्टता प्राप्त कर सकते हैं।
पेशेवर जीवन: इस सप्ताह नौकरीपेशा जातकों को नौकरी के नए अवसर मिलने की संभावना है जिससे आपको खुशी मिलेगी। नौकरी के नए अवसरों में आप अपने कौशल और कार्यकुशलता का प्रदर्शन करेंगे। यदि आप व्यवसाय करते हैं, तो आप कोई दूसरा बिज़नेस शुरू कर सकते हैं जिससे आपको अधिक मुनाफा मिलने के संकेत हैं। इसके अलावा आप मल्टी नेटवर्किंग बिज़नेस में शानदार प्रदर्शन कर सकते हैं।
स्वास्थ्य: इस सप्ताह आपकी शारीरिक फिटनेस बहुत अच्छी रहने वाली है और इससे आपके अंदर उत्साह एवं ऊर्जा बढ़ेगी। उत्साह बढ़ने की वजह से आपका स्वास्थ्य सकारात्मक रहेगा। इसके अलावा आपका साहसी व्यवहार स्वस्थ रहने में आपका मार्गदर्शन कर सकता है।
उपाय: आप नियमित रूप से 21 बार ‘ॐ बृहस्पताये नम:’ का जाप करें।
मूलांक 4
(अगर आपका जन्म किसी भी महीने की 4, 13, 22, 31 तारीख़ को हुआ है)
इस मूलांक वाले जातकों की आराम से घूमने-फिरने में अधिक रुचि हो सकती है और ये जीवन में आलीशान दृष्टिकोण रखते हैं। इसके अलावा ये जातक अपनी रचनात्मकता को बढ़ाने में दिलचस्पी रख सकते हैं। इनके अंदर अधिक जुनून देखा जा सकता है।
प्रेम जीवन: इस सप्ताह मूलांक 4 वाले जातक अपने जीवनसाथी के साथ हंसमुख व्यवहार कर सकते हैं जिससे आप अपने पार्टनर के साथ मधुर संबंध बनाए रखने में सक्षम होंगे। इस वजह से आपके जीवन स्तर में सुधार आ सकता है। आप अपने जीवनसाथी के साथ मिलकर अपने जीवन की गुणवत्ता को बढ़ाने का काम कर सकते हैं।
शिक्षा: सामान्य पढ़ाई हो या प्रोफेशनल स्टडीज़, छात्र अपनी पढ़ाई पर पूरा नियंत्रण रखेंगे और उस पर ध्यान देंगे। आप अपने साथी छात्रों के साथ अच्छे से प्रतिस्पर्धा कर सकते हैं। छात्र प्रतियोगी परीक्षा में अच्छा प्रदर्शन कर सकते हैं।
पेशेवर जीवन: करियर के क्षेत्र में आप अपनी कार्यक्षमता को बढ़ाने एवं प्रदर्शन के अवसरों पर नियंत्रण पाने की स्थिति में हो सकते हैं। नौकरीपेशा जातकों को अपने काम के लिए अधिक इंसेंटिव और लाभ मिलने के संकेत हैं। अगर आप बिज़नेस में रुचि रखते हैं, तो आप एक सफल उद्यमी के रूप में खुद को आगे बढ़ाने के लिए उत्साहित हो सकते हैं। आपको इस संबंध में लंबी यात्राएं करनी पड़ सकती हैं।
स्वास्थ्य: आपका स्वास्थ्य अच्छा रहेगा और आप जोश एवं उत्साह से भरपूर महसूस करेंगे। उत्साह के कारण आपकी सेहत अच्छी रहने वाली है। आपके साहस और आत्मविश्वास की वजह से यह उत्तम स्वास्थ्य संभव हो सकता है।
उपाय: आप रोज़ 22 बार ‘ॐ राहवे नम:’ मंत्र का जाप करें।
मूलांक 5
(अगर आपका जन्म किसी भी महीने की 5, 14, 23 तारीख़ को हुआ है)
मूलांक 5 वाले जातक सफलता प्राप्त करने में सक्षम हो सकते हैं। ये अपने द्वारा निर्धारित किए गए नए लक्ष्यों को प्राप्त कर पाएंगे। आपके अंदर अधिक कलात्मक कौशल देखने को मिल सकता है। इस मूलांक वाले जातक अधिक आत्मनिर्भर हो सकते हैं।
प्रेम जीवन: इस समय आपके और आपके पार्टनर के बीच आपसी समझ बहुत अच्छी रहने वाली है। प्यार के मामले में आपके लिए यह दौर शानदार रहने वाला है। आपको अपने पार्टनर के साथ अच्छा समय बिताने का मौका मिलेगा। इस प्यार की वजह से आप दोनों का रिश्ता भी मजबूत होगा। इस सप्ताह के दौरान आप अपने जीवनसाथी के साथ अच्छे विचारों को साझा कर सकते हैं।
शिक्षा: इस सप्ताह छात्र पढ़ाई में अपने कौशल को साबित करने और शिक्षा के क्षेत्र में अपने प्रदर्शन में तेजी से प्रगति करेंगे। आप उच्च शिक्षा में शामिल होने के लिए महत्वपूर्ण निर्णय ले सकते हैं।
पेशेवर जीवन: इस सप्ताह आप कार्यक्षेत्र में शानदार प्रदर्शन करेंगे और अपनी कार्यक्षमता को साबित कर पाएंगे। आपको व्यावसायिक अवसर भी मिलने की संभावना है। यदि आप बिज़नेस करते हैं, तो आप खुद को एक सफल उद्यमी के रूप में दिखाने में सक्षम होंगे।
स्वास्थ्य: आप अपनी फिटनेस को बनाए रखने में सक्षम हो सकते हैं। आपके दृढ़ संकल्प और उत्साह की वजह से यह संभव हो पाएगा। इसके अलावा आप अधिक साहसी हो सकते हैं।
उपाय: आप रोज़ 41 बार ‘ॐ नमो नारायण’ का जाप करें।
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मूलांक 6
(अगर आपका जन्म किसी भी महीने की 6, 15, 24 तारीख़ को हुआ है)
मूलांक 6 वाले लोगों को रचनात्मकता, कलात्मक कार्यों और अन्य चीज़ों में कम अच्छे परिणाम मिलने के संकेत हैं। इसके अलावा ये जातक अधिक हंसमुख हो सकते हैं।
प्रेम जीवन: इस सप्ताह मूलांक 6 वाले जातक अपनी स्थिति को समझने और अपने जीवनसाथी के साथ मधुर संबंध का आनंद लेने में समर्थ होंगे। आपका स्वभाव थोड़ा सहज हो सकता है। यही सहजता आपको अपने पार्टनर के लिए और अधिक प्रिय या खास बना सकती है।
शिक्षा: आप कुछ खास विषयों जैसे कि सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग, सॉफ्टवेयर टेस्टिंग और कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग आदि में विशेषज्ञता हासिल कर सकते हैं। यह सब आपके पेशेवर दृष्टिकोण की वजह से संभव हो पाएगा। आपमें से कुछ लोग उच्च शिक्षा के लिए विदेश जा सकते हैं।
पेशेवर जीवन: नौकरीपेशा जातकों के लिए यह सप्ताह शानदार रहने वाला है और इसकी वजह से आप उन सभी लाभों का आनंद ले पाएंगे जिसकी आप अपेक्षा करते हैं। यदि आप बिज़नेस करते हैं, तो आप एक मजबूत दावेदार और प्रतिद्वंदी बनने की ओर आगे बढ़ सकते हैं और बड़ा मुनाफा कमा सकते हैं।
स्वास्थ्य: इस सप्ताह आपका स्वास्थ्य बेहतर रहने वाला है। आपकी इम्युनिटी मजबूत रहने वाली है और इस वजह से आपकी शारीरिक फिटनेस में सकारात्मकता देखने को मिलेगी। ध्यान और योग से आपको अपने स्वास्थ्य को बेहतर करने में मदद मिलेगी।
उपाय: नियमित रूप से 33 बार ‘ॐ शुक्राय नम:’ मंत्र का जाप करें।
(अगर आपका जन्म किसी भी महीने की 7, 16, 25 तारीख़ को हुआ है)
इस मूलांक वाले जातक कम आकर्षक और असुरक्षित रह सकते हैं। आप अपनी प्रगति और भविष्य के बारे में सोच सकते हैं। आप अपने लाभ के लिए आध्यात्मिक यात्रा पर जा सकते हैं और ये यात्राएं आपका मार्गदर्शन कर सकती हैं।
प्रेम जीवन: इस सप्ताह आप अपने पार्टनर के साथ प्यार का आनंद नहीं उठा पाएंगे। पारिवारिक समस्याओं की वजह से ऐसा हो सकता है और इसके कारण आपका रिश्ता कमजोर रह सकता है।
शिक्षा: इस समय छात्रों को पढ़ाई में तालमेल बिठाने और अच्छे अंक प्राप्त करने में थोड़ी मुश्किल हो सकती है। आपकी याद रखने की क्षमता औसत रहने वाली है और यह शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने में एक बड़ी बाधा बन सकता है।
पेशेवर जीवन: नौकरीपेशा जातकों की काम में रुचि कम हो सकती है और इस वजह से आप सफलता पाने में पीछे रह सकते हैं। इस तरह आप आगे मिलने वाले अच्छे अवसरों को खो सकते हैं। यदि आप व्यवसाय करते हैं, तो आप उच्च मुनाफा कमाने से चूक सकते हैं।
स्वास्थ्य: इस सप्ताह आपको त्वचा पर जलने और खुजली होने की आशंका है। इम्युनिटी के कमजोर होने की वजह से ये सारी समस्याएं हो सकती हैं। आपको पाचन से संबंधित समस्याएं होने का डर है।
उपाय: आप नियमित रूप से 41 बार ‘ॐ केतवे नम:’ का जाप करें।
मूलांक 8
(अगर आपका जन्म किसी भी महीने की 8, 17, 26 तारीख़ को हुआ है)
इस सप्ताह मूलांक 8 वाले जातकों की छवि ज्यादा अच्छी नहीं रहने वाली है और ये अपने भविष्य को लेकर निराशावादी हो सकते हैं। आमतौर पर ये जातक धीमी गति से आगे बढ़ सकते हैं। इस समय कभी-कभी इनके अंदर दृढ़ संकल्प की कमी देखने को मिल सकती है।
प्रेम जीवन: इस समय आपके परिवार में कई समस्याएं आ सकती हैं जिसकी वजह से आपको चिंता हो सकती है। इस वजह से आप अपने जीवनसाथी के साथ खुश नहीं रह पाएंगे। आप कभी-कभी अपने पार्टनर के साथ अपनी ईमानदारी को लेकर शक कर सकते हैं। अपने पार्टनर की वफादारी पर शक करने की वजह से आपके और आपके जीवनसाथी के बीच आपसी मतभेद हो सकते हैं।
शिक्षा: इस सप्ताह छात्रों को अच्छा प्रदर्शन करने में मुश्किल हो सकता है और इसके लिए आपको योजना बनाकर उस पर काम करने की आवश्यकता हो सकती है। आपको अधिक पेशेवर होकर पढ़ाई करने की जरूरत है।
पेशेवर जीवन: नौकरीपेशा जातकों को अपने काम के लिए पहचान नहीं मिल पाएगी। अगर आप व्यवसाय करते हैं, तो बिज़नेस को लेकर आपके निर्णय अनुचित हो सकते हैं।
स्वास्थ्य: आपको पैर की उंगलियों, जांघों और जोड़ों में दर्द हो सकता है। अधिक तनाव के कारण ऐसा हो सकता है। इसके अलावा आप यात्रा के दौरान गिर सकते हैं इसलिए आपको सावधान रहने की जरूरत है।
उपाय: आपको नियमित रूप से 11 बार ‘ॐ वायु पुत्राय नम:’ का जाप करें।
(अगर आपका जन्म किसी भी महीने की 9, 18, 27 तारीख़ को हुआ है)
इस मूलांक वाले जातक अधिक मजबूत और जिद्दी हो सकते हैं। ये तेज और आक्रामक स्वभाव के हो सकते हैं। वहीं दूसरी ओर, ये आवेगशील भी हो सकते हैं।
प्रेम जीवन: इस सप्ताह आप अपने पार्टनर के प्रति प्यार दिखाने में असमर्थ हो सकते हैं। ऐसा गलत धारणाओं और एक-दूसरे पर विश्वास कम होने की वजह से ऐसा हो सकता है।
शिक्षा: इस समय छात्र पढ़ाई में अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाएंगे। इसके लिए आपको पेशेवर दृष्टिकोण अपनाने की जरूरत है। आपको इस सप्ताह महत्वपूर्ण निर्णय लेने से बचना चाहिए।
पेशेवर जीवन: यह सप्ताह नौकरी के मामले में ज्यादा अच्छा नहीं रहने वाला है। आपके ऊपर काम का दबाव बढ़ सकता है। इस संबंध में आपको संघर्ष करना पड़ सकता है। यदि आप व्यवसाय करते हैं, तो आपको इस समय अपने प्रतिद्वंदियों से कड़ी प्रतिस्पर्धा देखनी पड़ सकती है।
स्वास्थ्य: आपको स्किन से जुड़ी समस्याएं और ट्यूमर आदि होने का डर है। ऐसा इम्युनिटी के कमजोर होने की वजह से हो सकता है। आपको सिरदर्द ज्यादा परेशान कर सकता है जो कि हाई बीपी के कारण हो सकता है।
उपाय: मंगलवार के दिन मंगल ग्रह के लिए यज्ञ-हवन करें।
इसी आशा के साथ कि, आपको यह लेख भी पसंद आया होगा एस्ट्रोसेज के साथ बने रहने के लिए हम आपका बहुत-बहुत धन्यवाद करते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
1. अंक ज्योतिष क्या है?
इसमें मूलांक के आधार पर गणना की जाती है।
2. मूलांक 2 का स्वामी कौन है?
इस पर चंद्रमा का आधिपत्य है।
3. मूलांक 5 पर कौन राज करता है?
बुध ग्रह।
मंगल का मकर राशि में गोचर: इन राशियों की बदलेगी किस्मत, इन्हें रहना होगा सावधान!
एस्ट्रोसेज एआई के इस विशेष ब्लॉग में हम आपकोमंगल का मकर राशि में गोचर के बारे में विस्तार से जानकारी प्रदान करेंगे। साथ ही, यह भी बताएंगे कि मंगल के गोचर का प्रभाव सभी 12 राशियों पर किस प्रकार से पड़ेगा।
बता दें कुछ राशियों को मंगलके गोचर से बहुत अधिक लाभ होगा तो, वहीं कुछ राशि वालों को इस अवधि बहुत ही सावधानी से आगे बढ़ने की आवश्यकता होगी क्योंकि उन्हें कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। इसके अलावा, इस ब्लॉग मेंमंगल ग्रह को मजबूत करने के कुछ शानदार व आसान उपायों के बारे में भी बताएंगे और देश-दुनिया वशेयर मार्केटपर भी इसके प्रभाव के बारे में चर्चा करेंगे।
बता दें कि शुक्र कामकर राशिमें गोचर 16 जनवरी 2026 को होगा। तो आइए आगे बढ़ते हैं और जानते हैं किस राशि के जातकों को इस दौरान शुभ परिणाम मिलेंगे और किन्हें अशुभ।
ज्योतिष में मंगल ग्रह ऊर्जा, साहस, कर्म, जोश और खुद को आगे बढ़ाने की शक्ति का प्रतीक माना जाता है। वैदिक ज्योतिष में इसे मंगल कहा जाता है। यह ग्रह बताता है कि व्यक्ति कितनी पहल करता है, मुश्किल हालात से कैसे निपटता है और अपने लक्ष्यों को कितने दृढ़ संकल्प के साथ पूरा करता है।
मंगल ग्रह शारीरिक बल, महत्वाकांक्षा, नेतृत्व क्षमता, प्रतिस्पर्धा की भावना और व्यक्ति के भीतर छिपे योद्धा स्वभाव को दर्शाता है। जब कुंडली में मंगल शुभ स्थिति में होता है, तो जातक को आत्मविश्वास, अनुशासन, निडरता और बाधाओं पर विजय पाने की शक्ति देता है। लेकिन यदि मंगल अशुभ या पीड़ित हो, तो व्यक्ति में गुस्सा, अधीरता, आक्रामक स्वभाव, जल्दबाजी में फैसले लेना और रिश्तों में टकराव देखने को मिल सकता है।
मंगल ग्रह रक्त मांसपेशियों, भूमि, संपत्ति और तकनीकी कौशल का भी कारक है। इसलिए यह ग्रह इंजीनियरिंग, रक्षा, खेल, सर्जरी, पुलिस और सुरक्षा सेवाओं जैसे पेशों में विशेष महत्व रखता है। कुल मिलाकर मंगल ग्रह यह दर्शाता है कि कोई व्यक्ति अपनी आंतरिक शक्ति और जीवन ऊर्जा का उपयोग कितनी हिम्मत और प्रभावी तरीके से करता है।
मंगल का मकर राशि में गोचर: समय व तिथि
16 जनवरी की दोपहर 02 बजकर 50 मिनट पर मंगल ग्रह मकर राशि में गोचर करेगा। सामान्य रूप से ज्योतिष में मकर राशि में मंगल को उच्च का माना जाता है और इसे मंगल की सबसे श्रेष्ठ स्थिति कहा जाता है। अब हम जानेंगे कि इस गोचर का प्रभाव वैश्विक घटनाओं, शेयर बाज़ार और सभी राशियों पर किस प्रकार पड़ सकता है।
बृहत् कुंडली में छिपा है, आपके जीवन का सारा राज, जानें ग्रहों की चाल का पूरा लेखा-जोखा
मकर राशि में मंगल : विशेषताएं
मकर राशि में मंगल का होना जिम्मेदारी और समय प्रबंधन से जुड़ा होता है। इस स्थिति में व्यक्ति में अच्छा आत्म-संयम होता है, वह व्यावहारिक योजनाएं बना पाता है और अपने अनुभव व ज्ञान से गलतियां से सीखकर आगे बढ़ने की इच्छा रखता है, ताकि सफलता हासिल कर सके। मकर राशि में मंगल आपको अपने लक्ष्यों को पूरा करने के लिए आवश्यक ऊर्जा देता है।
यह गोचर आपके ठोस योजना बनाने, अपनी मजबूत नींव खोजने और भौतिक व जीवन से जुड़ी चिंताओं पर काबू पाने में मदद करता है। इस स्थिति में व्यक्ति हमेशा खुद को बदलने और ढालने के लिए तैयार रहता है, ताकि वह अपनी परेशानियों और डर का सामना कर सके और उन पर विजय पा सके।
हालांकि, कभी-कभी यह आत्म-रक्षा की भावना अंदर ही अंदर डर की एक श्रृंखला भी पैदा कर सकती है। मकर राशि के लोग बाहर की दुनिया का सामना बहादुरी से करते हैं, लेकिन भीतर ही भीतर अपने आंतरिक संघर्षों से लगातार जूझते रहते हैं। मकर राशि जैसे उच्च स्थान में स्थित मंगल, जो कि कर्म और क्रियाशीलता का ग्रह है, व्यक्ति को काम करने, पहल करने और अधूरे कार्य पूरे करने की जबरदस्त प्रेरणा देता है। इसका ऊर्जावान प्रभाव व्यक्ति की मूल प्रवृत्तियों और अपनी इच्छाओं को व्यवहार में कैसे लाया जाए, इसे नियंत्रित करता है।
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मंगल का मकर राशि में गोचर: इन राशियों पर पड़ेगा सकारात्मक प्रभाव
मेष राशि
इस गोचर के दौरानमेष राशि के जातकों को अधिक जिम्मेदारियां मिल सकती हैं या वे नेतृत्व की भूमिका में नजर आ सकती हैं। व्यक्तिगत और पेशेवर जीवन, दोनों में ही अनुशासन, व्यवस्था और सही योजना का महत्व अब आपको पहले से कहीं अधिक समझ में आएगा। हालांकि इस समय आपकी आर्थिक स्थिति में सुधार होने की पूरी संभावना है, फिर भी आप अपनी उपलब्धियों से पूरी तरह संतुष्ट नहीं होंगे। आपकी आगे बढ़ने की तीव्र इच्छा और जुनून आपको और भी बड़े लक्ष्य हासिल करने के लिए प्रेरित करेगा।
रिश्तों की बात करें तो, आपके आपसी संबंध मजबूत होंगे और जीवन में खुशी के पल आएंगे। समझदारी और गहराई से भरे रिश्ते बनेंगे। साथ ही, किसी रोमांचक यात्रा या खास समय के संकेत भी मिल सकते हैं, जो आपके रिश्तों को और भी खूबसूरत बना सकते हैं।
सिंह राशि
मंगल जब सिंह राशि के जातकों के छठे भाव में गोचर करेंगे, जो कि ऋण, शत्रु और रोग से संबंधित होता है, तब शुरुआत में आपके कामकाज में कुछ परेशानियां आ सकती हैं। सिंह राशि के जातकों के लिए मंगल चौथे भाव (घर, सुख-सुविधा) और नौवें भाव (धर्म, लंबी यात्राएं आदि) के स्वामी होते हैं। हालांकि, अगर आप ईमानदारी और मेहनत से काम करते हैं, तो आपकी करियर में प्रगति अवश्य होगी। आपके प्रयासों को वरिष्ठ अधिकारी सराहेंगे और आप कार्यक्षेत्र में मौजूद प्रतिस्पर्धियों और बाधाओं पर समझदारी व नेतृत्व क्षमता से विजय प्राप्त करेंगे।
इस दौरान लंबी दूरी की यात्राओं में कुछ दिक्कतें आ सकती हैं और खर्चों में भी बढ़ोतरी हो सकती है। फिर भी, जो लोग प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं, उनके लिए यह समय अच्छा है और सफलता मिलने की संभावना बनी हुई है।
वृश्चिक राशि
वृश्चिक राशि के जातकों के लिए इस गोचर के दौरान काम और यात्रा के बीच संतुलन बनाए रखना बहुत जरूरी होगा, क्योंकि इससे आपको पेशेवर रूप से लाभ मिलेगा। आर्थिक दृष्टि से यह समय काफी अच्छा रहने वाला है। इस दौरान धन लाभ के कई अवसर मिल सकते हैं, जिससे आपकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।
मंगल का यह शुभ प्रभाव आपके धन से जुड़े मामलों पर सकारात्मक असर डालेगा और समृद्धि बढ़ने के संकेत देगा। साथ ही, इस समय करियर से जुड़े नए अवसर भी सामने आ सकते हैं। यह गोचर आपको लाभकारी कामों या निवेश की ओर प्रेरित कर सकता है, जो आगे चलकर आपको अच्छा फायदा देंगे।
निजी जीवन की बात करें तो आपके रिश्ते मधुर रहेंगे, खासतौर पर भाई-बहनों और परिवार के अन्य सदस्यों के साथ। इस दौरान आपसी संबंधों में सहयोग और समझदारी साफ नजर आएगी।
धनु राशि
धनु राशि वालों के लिए पेशेवर क्षेत्र में करियर प्रगति सकारात्मक रहने की संभावना है, खासतौर पर विदेशी या अंतरराष्ट्रीय संस्थानों से जुड़े कामों में विकास और लाभ मिल सकता है। हालांकि, आपको सतर्क रहने की जरूरत है, क्योंकि आपके सहकर्मी आपके कड़े प्रतिस्पर्धी बन सकते हैं। किसी भी तरह की गलतफहमी से बचने के लिए कार्यस्थल पर कूटनीति और समझदारी से व्यवहार करना बहुत जरूरी होगा।
आर्थिक मामलों में कुछ परेशानियां बढ़ सकती हैं, क्योंकि लेन-देन में धोखाधड़ी, बेईमानी या विरोधी गतिविधियों की संभावना बनी रह सकती है। इसलिए इस समय सोच-समझकर और सावधानी से फैसले लेना बेहतर रहेगा। निजी जीवन में रिश्तों को ध्यान, धैर्य और शांत स्वभाव की आवश्यकता होगी। जब मंगल दूसरे भाव में रहेगा, तब लंबी दूरी की यात्राओं के लिए यह समय बहुत अनुकूल नहीं माना जाता।
मीन राशि
मीन राशि के जातकों के लिए मंगल नौवें भाव (संस्कृति, धर्म और विदेश यात्रा) और दूसरे भाव (परिवार, धन और वाणी ) के स्वामी हैं। जब मंगल आपकी ग्यारहवें भाव, जो कि आय, इच्छाओं की पूर्ति और लाभ से जुड़ा है, से गोचर करता है, तब यह आपके जीवन के कई क्षेत्रों में लंबे समय तक लाभ देने वाले सकारात्मक बदलाव लेकर आता है। इस दौरान करियर के क्षेत्र में आपके अच्छा प्रदर्शन करने के संकेत हैं।
व्यापार से जुड़े जातकों को अच्छा मुनाफा मिल सकता है। साथ ही आय में वृद्धि , पदोन्नति या वेतन बढ़ोतरी जैसे शुभ परिणाम भी देखने को मिल सकते हैं। यह सब आपकी पिछली मेहनत और समर्पण का फल होगा। आगे चलकर यात्रा के अवसर भी बन सकते हैं, जिनसे आपको लाभ मिलने की संभावना है। निजी जीवन की बात करें तो आप मित्रों के साथ मेलजोल बढ़ाने सामाजिक कार्यक्रमों में शामिल होने और जीवनसाथी व परिवार के साथ खुशहाल समय बिताने की इच्छा रखेंगे।
मंगल का मकर राशि में गोचर: इन राशियों पर पड़ सकता है नकारात्मक प्रभाव
मिथुन राशि
मिथुन राशि के जातकों के लिए मंगल ग्यारहवें भाव (लाभ और इच्छाएं) और छठे भाव (ऋण, रोग और शत्रु) के स्वामी हैं। मकर राशि में मंगल का यह गोचर आपके आठवें भाव में होगा, जिसके कारण इस दौरान कामकाज में परेशानियां और निजी रिश्तों में मतभेद देखने को मिल सकते हैं। इस समय अचानक होने वाले बदलाव सामने आ सकते हैं, जो कभी लाभ तो कभी हानि का कारण बन सकते हैं। इसलिए मानसिक रूप से तैयार रहना जरूरी होगा।
करियर के रास्ते में इस गोचर के दौरान कठिनाइयां बढ़ सकती हैं, जिनसे निपटने के लिए आपको मानसिक और शारीरिक दोनों तरह की सहनशक्ति की जरूरत पड़ेगी। यदि काम में लापरवाही बरती गई, तो रुकावटें या कानूनी परेशानियां भी सामने आ सकती हैं। इसलिए हर कार्य को पूरी लगन, सावधानी और एकाग्रता के साथ करना बेहद जरूरी है।
कुंभ राशि
कुंभ राशि के जातकों के लिए मंगल दसवें भाव (नाम, मान-सम्मान और पहचान) और तीसरे भाव (संवाद, भाई-बहन और छोटी यात्राएं) के स्वामी हैं। इस गोचर के दौरान मंगल आपके बारहवें भाव में रहेंगे, जो कि खर्च, स्वास्थ्य, विदेश से जुड़े मामले और आध्यात्मिक कार्यों से संबंधित होता है। करियर के लिहाज से इस समय कार्यस्थल का माहौल बदलता हुआ महसूस हो सकता है।
सहकर्मियों या वरिष्ठ अधिकारियों की आपके प्रति सोच में बदलाव आ सकता है। बड़े अधिकारी या घर के बुजुर्ग भी इस दौरान कुछ सख्त व्यवहार कर सकते हैं। यह समय अपने आर्थिक प्लान की समीक्षा करने और भविष्य की सुरक्षा के लिए समझदारी भरे फैसले लेने का है। साथ ही, अपने खर्चों पर नजर रखना बहुत जरूरी होगा, क्योंकि इस दौरान अचानक खर्च सामने आ सकते हैं। निजी जीवन में रिश्तों में उथल-पुथल हो सकता है। आपसी मतभेद बढ़ सकते हैं, जिसका असर आपकी मानसिक शांति पर भी पड़ सकता है।
इस समय सावधानी बरतने और जीवन से जुड़े बड़े फैसले टालने की सलाह दी जाती है। बारहवें भाव से मंगल का गोचर यह संकेत देता है कि इस दौरान जल्दबाजी में निर्णय लेने से बचें और हर काम धैर्य व समझदारी के साथ करें।
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मंगल का अपने उच्च राशि मकर में गोचर सरकार और उसके कार्यों को समर्थन देगा। साथ ही, सरकार अपने अधिकार और तर्क को बनाए रखते हुए थोड़ा आक्रामक रवैया अपना सकती है।
भारत सरकार के प्रवक्ता और महत्वपूर्ण पदों पर बैठे अन्य राजनेता इस दौरान सोच-समझकर फैसले लेते हुए और व्यावहारिक योजनाएं बनाते हुए नजर आएंगे।
सरकारी अधिकारी अपने कार्यों और योजनाओं का तेजी से विश्लेषण करते दिखाए देंगे, लेकिन इसके साथ-साथ वे काफी समझदारी और बुद्धिमानी से भी काम करेंगे।
सरकार की ओर से भविष्य को लेकर आक्रामक योजना निर्माण देखने को मिल सकता है।
इस अवधि के दौरान भारतीय सरकार की कार्यप्रणाली और नीतियां आम जनता के एक बड़े वर्ग को प्रभावित और आकर्षित करने में सफल रहेंगी।
सरकार अब आक्रामक तरीके से ऐसी योजनाओं को लागू करेगी, जो आबादी के बड़े हिस्से को लाभ पहुंचाने वाली होंगी, जिनमें चिकित्सा, तकनीकी (मैकेनिकल) और अन्य क्षेत्रों से जुड़े कदम शामिल हो सकते हैं।
हमारे नेता इस समय आक्रामक लेकिन सोच-समझकर और बुद्धिमानी से निर्णय़ लेते हुए दिखाई देंगे।
मनोरंजन व्यवसाय
मकर राशि में मंगल मनोरंजन या अभिनय से जुड़े व्यवसाय का समर्थन करता है। मंगल का यह गोचर इन क्षेत्रों से जुड़े लोगों और पेशों के लिए काफी सहायक सिद्ध होगा।
मकर राशि में मंगल का यह गोचर मनोरंजन उद्योग, खासतौर पर फिल्म इंडस्ट्री के लिए लाभकारी साबित होने वाला है। इस दौरान ये क्षेत्र शानदार और उल्लेखनीय कारोबार कर सकते हैं।
मंगल ग्रह अब शनि की राशि मकर में प्रवेश कर रहा है। आइए जानते हैं कि मंगल के मकर राशि में गोचर का शेयर बाजार पर क्या असर पड़ेगा।
मंगल के मकर राशि में गोचर करने से रासायनिक खाद उद्योग, कॉफी उद्योग, स्टील उद्योग, हिंडाल्को और ऊनी मिलों जैसे क्षेत्रों में अच्छी तेजी देखने को मिल सकती है।
इस गोचर के बाद दवा उद्योग का प्रदर्शन भी अच्छा रहने की संभावना है।
इसके साथ ही सर्जिकल उपकरण बनाने और बेचने वाले उद्योगों को भी फायदा हो सकता है।
वहीं दूसरी ओर रिलायंस इंडस्ट्रीज, इत्र और कॉस्मेटिक उद्योग, कंप्यूटर सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी, सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) और कुछ अन्य सेक्टरों में महीने के अंत तक गति धीमी हो सकती है, हालांकि इनमें आगे चलकर स्थिति बनी रहने की संभावना भी है।