सावधान! गुरु चांडाल योग से टूट सकता है इन राशियों पर मुसीबत का पहाड़!

गुरु चांडाल योग 2023: जैसे कि हम जानते हैं कि गुरु चांडाल योग का नाम ही लोगों को भयभीत करने के लिए काफ़ी है। इस अशुभ योग का निर्माण कुंडली में बृहस्पति और राहु की युति से होता है और इसके फलस्वरूप, बृहस्पति के मार्गी तथा राहु के वक्री चलने के कारण यह दोनों ग्रह एक-दूसरे की तरफ बढ़ने लगते हैं। व्यक्ति की कुंडली में गुरु चांडाल योग का निर्माण जिस भी भाव में होता है यह उस भाव से संबंधित क्षेत्र में ही समस्याएं पैदा करने लगता है। लेकिन, गुरु चांडाल योग के बारे में विस्तारपूर्वक जानने से पहले हम जानेंगे राहु और बृहस्पति के बारे में। 

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ज्योतिष में बृहस्पति और राहु का महत्व

वैदिक ज्योतिष में बृहस्पति ग्रह को देवताओं का गुरु भी कहा जाता है। सौरमंडल में गुरु ग्रह को सबसे बड़ा और सबसे महत्वपूर्ण ग्रह माना गया है। यह एक लाभकारी ग्रह है जिन्हें राशिचक्र की राशि धनु और मीन पर आधिपत्य प्राप्त है। गुरु ज्ञान, विस्तार, आध्यात्मिकता, शिक्षा, संतान, महिलाओं के लिए पति, धन, धर्म, आध्यात्मिक प्रगति, शिक्षक, गुरु आदि के कारक ग्रह हैं जो कि मनुष्य शरीर में वसा और लीवर को नियंत्रित करते हैं।

इसके विपरीत, राहु को सभी नौ ग्रहों में सबसे रहस्यमय ग्रह माना जाता है। जैसे ही हम राहु का नाम सुनते हैं एक डर हमारे मन और मस्तिष्क को घेर लेता है क्योंकि यह किसी व्यक्ति के जीवन में अनिश्चितताओं और अचानक से होने वाली घटनाओं का प्रतिनिधित्व करता है। ऐसे में, किसी के लिए भी राहु के अच्छे-बुरे प्रभाव की भविष्यवाणी करना बेहद कठिन होता है। अब हम आगे बढ़ते हैं और राहु के महत्व को खगोलीय दृष्टि से जानते हैं। 

विज्ञान की दृष्टि में राहु

खगोलीय विज्ञान के अनुसार, राहु और केतु वह दो बिंदु हैं जिनके माध्यम से पृथ्वी और चंद्रमा की दूरी का अनुमान लगाया जाता है। पृथ्वी और चंद्रमा के बीच की दूरी को राहु-केतु एक्सिस के नाम से भी जाता है। साथ ही, चंद्रमा का उत्तरी नोड (राहु) और दक्षिण नोड (केतु) का प्रतिनिधित्व करता है। हालांकि, राहु और केतु, इन दोनों ही ग्रहों को छाया ग्रह माना जाता है।  

ऐसे में, जब गुरु और राहु एक साथ आते हैं और युति करते हैं, तब गुरु चांडाल योग का निर्माण होता है जो कि अशुभ योग माना जाता है। गुरु चांडाल योग बनने से जातकों के जीवन से सकारात्मकता कम होने लगती है और नकारात्मकता बढ़ने लगती है। साथ ही, लोगों में मानवता और नैतिक मूल्यों का अभाव दिखाई देने लगता है। इस दौरान व्यक्ति को स्वास्थ्य समस्याओं का भी सामना करना पड़ता है और यदि कुंडली में कोई दशा कमज़ोर चल रही हो, तो महिलाओं को लीवर, हार्मोन्स आदि से संबंधित दीर्घकालिक स्वास्थ्य समस्याओं से जूझना पड़ता है। 

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गुरु चांडाल योग: तिथि और समय

इस साल 22 अप्रैल 2023 को बृहस्पति के मेष राशि में प्रवेश के साथ गुरु चांडाल योग का निर्माण हो चुका है क्योंकि राहु पहले से मेष राशि में मौजूद थे। ऐसे में, इस अशुभ योग का अंत 30 अक्टूबर 2023 को उस समय होगा जब राहु मेष राशि को छोड़कर दूसरी राशि में गोचर कर जाएंगे। लेकिन 10 मई 2023 से 01 जुलाई 2023 तक समस्याएं काफ़ी हद तक बढ़ सकती हैं क्योंकि इस दौरान मेष राशि के स्वामी मंगल अस्त अवस्था में होंगे। ऐसे में, हमें देखना होगा कि यह अशुभ योग किस तरह से आपकी राशि को प्रभावित करेगा और इन प्रभावों को कम करने के लिए किन उपायों को अपनाना फायदेमंद साबित होगा। 

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गुरु चांडाल योग: 12 राशियों पर प्रभाव एवं उपाय

मेष राशि

मेष राशि के जातकों के लिए गुरु चांडाल योग आपके लग्न भाव में बन रहा है और इसके परिणामस्वरूप आपको सेहत को लेकर सावधान रहना होगा, विशेष रूप से  01 जुलाई 2023 तक क्योंकि इस दौरान आपके लग्न भाव के स्वामी मंगल अस्त अवस्था में होंगे। साथ ही, इन जातकों को अपने पिता के स्वास्थ्य का भी ध्यान रखना होगा क्योंकि इस अवधि में आपकी उनकी साथ बहस या मतभेद होने की आशंका है। जब धार्मिक सलाह या मार्गदर्शन की बात आती है, तो मेष राशि वालों को थोड़ा सतर्क रहना होगा, अन्यथा आप धर्म के नाम पर किसी धोखेबाज़ी का शिकार हो सकते हैं। 

उपाय – बहते हुए जल में जौ प्रवाहित करें।

वृषभ राशि

वृषभ राशि के जातकों की कुंडली में गुरु चांडाल योग का निर्माण आपके बारहवें भाव में हो रहा है। हालांकि, यह आपके लिए ज्यादा समस्याएं पैदा नहीं करेगा, लेकिन बृहस्पति आपके ग्यारहवें भाव यानी कि निवेश और आर्थिक लाभ के स्वामी हैं और ऐसे में, आपको सलाह दी जाती है कि आपको धन के प्रति जागरूक रहना होगा और निवेश सोच-समझकर करना होगा। साथ ही, इस समय किसी भी तरह का जोखिम लेने से बचें।

उपाय: बृहस्पतिवार के दिन भगवान विष्णु की पूजा करें और उन्हें पीले रंग के फूल अर्पित करें।  

मिथुन राशि

मिथुन राशि वालों के लिए गुरु चांडाल योग का निर्माण आपके ग्यारहवें भाव में हो रहा है और यह योग आपके वैवाहिक जीवन से लेकर पेशेवर जीवन में अनेक समस्याएं उत्पन्न कर सकता है। साथ ही, आपको अपने वैवाहिक जीवन या नौकरी में चल रही परेशानियों के कारण सामाजिक जीवन में बदनामी का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में, आपको इन क्षेत्रों में ध्यान देने की सलाह दी जाती है। 

उपाय: शनिवार के दिन नारियल को बहते हुए जल में प्रवाहित करें।

कर्क राशि   

कर्क राशि वालों के लिए गुरु चांडाल योग आपके दसवें भाव में बन रहा है और यह पेशे का भाव है। ऐसे में, यह अशुभ योग आपके पेशेवर जीवन में समस्याएं पैदा कर सकता है विशेष रूप से उन लोगों के लिए जो नौकरी करते हैं या फिर सर्विस सेक्टर से जुड़े हैं और स्थान, करियर या नौकरी में बदलाव करना चाहते हैं। इसके परिणामस्वरूप, आपको सलाह दी जाती है कि बदलाव के विचार को कुछ समय के लिए टाल देना ही ठीक रहेगा क्योंकि ऐसा करने के लिए इस अवधि को अच्छा नहीं कहा जा सकता है। साथ ही, इन जातकों को धर्म-कर्म के नाम पर होने वाले धोखे से सावधान रहने की सलाह दी जाती है। 

उपाय: नियमित रूप से भगवान शिव की पूजा-अर्चना करें।

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सिंह राशि

सिंह राशि के जातकों के लिए गुरु चांडाल योग आपके नौवें भाव में बन रहा है और इसके फलस्वरूप आपको अपने पिता के स्वास्थ्य को लेकर सावधान रहना होगा। साथ ही, आपको उनके साथ बहस और विवाद का सामना भी करना पड़ सकता है। इन जातकों को अपनी संतान की सेहत का भी ध्यान रखना होगा, तो वहीं गर्भवती महिलाओं को सतर्क रहने की आवश्यकता होगी। सिंह राशि के छात्रों को पढ़ाई में समस्याओं से जूझना पड़ सकता है। आपको धर्म के नाम पर होने वाली धोखाधड़ी का शिकार होने से बचना होगा। 

उपाय: जरूरतमंद छात्रों की शिक्षा के लिए सामर्थ्य अनुसार दान करें। 

कन्या राशि

कन्या राशि वालों को इस अवधि के दौरान विशेष रूप से सतर्क रहना होगा क्योंकि गुरु चांडाल योग का निर्मल आपके आठवें भाव में हो रहा है जो कि आपके जीवन में अनिश्चितता लेकर आ सकता है। साथ ही, आपको अपनी माता के स्वास्थ्य का ध्यान रखने की सलाह दी जाती है। वैवाहिक जीवन की समस्याओं के चलते आपका घरेलू जीवन प्रभावित हो सकता है इसलिए आपको थोड़ा सावधान रहना होगा। 

उपाय: घर पर सत्यनारायण पूजा करवाएं।

तुला राशि  

तुला राशि वालों के लिए इस अशुभ योग का निर्माण आपके सातवें भाव में हो रहा है जिसे आपके वैवाहिक जीवन, व्यापार या कानूनी साझेदारी के लिए अच्छा नहीं कहा जा सकता है। ऐसे में, आपको किसी भी तरह की गलतफ़हमी से बचने के लिए इन क्षेत्रों पर अधिक ध्यान देने की सलाह दी जाती है, अन्यथा यह लंबे समय तक चलने वाले विवादों को जन्म दे सकते हैं। 

उपाय: नियमित रूप से भगवान विष्णु की पूजा करें।

वृश्चिक राशि

वृश्चिक राशि के छठे भाव में गुरु चांडाल योग का निर्माण हो रहा है जो कि शत्रुओं और प्रतिद्वंदियों पर विजय पाने के लिए फलदायी साबित होगा। वहीं दूसरी तरफ, यह परिवार के सदस्यों के बीच समस्याएं उत्पन्न कर सकता है और इसका असर आपकी बचत पर भी दिखाई दे सकता है। साथ ही, इन जातकों को संतान से जुड़ी परेशानियों से भी दो-चार होना सकता है क्योंकि उनके स्वास्थ्य में उतार-चढ़ाव आने की आशंका है। प्रेम जीवन में भी पार्टनर के साथ तकरार हो सकती है। 

उपाय: प्रतिदिन सात बार हनुमान चालीसा का पाठ करें।

धनु राशि

धनु राशि वालों के लिए गुरु चांडाल योग अनेक प्रकार की समस्याएं लेकर आ सकता है क्योंकि बृहस्पति आपके लग्न भाव के स्वामी हैं जो कि आपके पूरे जीवन को नियंत्रित करते हैं। ऐसे में, इस दौरान आपके भीतर की सकारात्मकता प्रभावित हो सकती है और आपके स्वास्थ्य पर इस योग का नकारात्मक असर दिखाई दे सकता है जिसके चलते आप निराशा में डूब सकते हैं। गुरु चांडाल योग का बुरा असर आपके घरेलू जीवन पर भी दिखाई दे सकता है और आपकी माता का स्वास्थ्य बिगड़ सकता है। यह योग आपके पांचवें भाव में बन रहा है और इसके परिणामस्वरूप, धनु राशि वालों को संतान और प्रेम जीवन से जुड़ी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। 

उपाय: संभव हो, तो ज्यादा से ज्यादा पीले रंग के कपड़े पहनें और यदि ऐसा न कर सकें, तो पीले रंग का रुमाल अपने पास रखें।

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मकर राशि

मकर राशि के जातकों के लिए इस योग को ज्यादा बुरा नहीं कहा जा सकता है अन्य राशियों की तुलना में। लेकिन, इस योग का निर्माण आपके घरेलू जीवन और माता के भाव यानी कि चौथे भाव में हो रहा है और इसके परिणामस्वरूप आपकी माता का स्वास्थ्य प्रभावित हो सकता है। साथ ही, इन जातकों को घरेलू जीवन में भी समस्याओं से जूझना पड़ सकता है। 

उपाय: वृद्धाश्रमों में सामर्थ्य के अनुसार दान करें या फिर उनकी सेवा करें। 

कुंभ राशि

कुंभ राशि वालों के लिए गुरु चांडाल योग आपके तीसरे भाव में बन रहा है और इसके परिणामस्वरूप इन जातकों को अपने छोटे भाई-बहनों के साथ समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि, इस योग को आपके लिए इतना बुरा नहीं कहा जाएगा क्योंकि राहु आपके लिए एक लाभकारी ग्रह है, लेकिन हम इस बात को नज़रअंदाज नहीं कर सकते हैं कि बृहस्पति आपके धन को नियंत्रित करता है और बृहस्पति पर राहु का अशुभ प्रभाव है। ऐसे में, इन जातकों को सलाह दी जाती है कि धन से जुड़े मामलों को लेकर सतर्क रहे और किसी भी तरह का जोखिम उठाने से बचें। 

उपाय: मंदिर या पार्क में पीपल के पौधे लगाएं।

मीन राशि

मीन राशि के जातकों के लिए गुरु चांडाल योग कई समस्याओं का कारण बन सकता है क्योंकि धनु राशि की तरह ही आपके लिए भी बृहस्पति लग्न भाव के स्वामी हैं जो कि आपके जीवन को नियंत्रित करते हैं। इस अवधि में आपके अंदर सकारात्मकता की कमी देखने को मिल सकती है। आपको स्वास्थ्य समस्याएं परेशान कर सकती हैं और आप आशा की किरण खो सकते हैं। पेशेवर जीवन भी तनावग्रस्त रह सकता है। इस योग का निर्माण आपके दूसरे भाव में हो रहा है, तो इसके फलस्वरूप आपके परिवार के सदस्यों के बीच मतभेद हो सकते हैं और साथ ही, आपकी बचत भी प्रभावित हो सकती है। 

उपाय: बृहस्पतिवार के दिन सोने की अंगूठी में पीला पुखराज तर्जनी उंगली में धारण करें। (एस्ट्रोसेज आपको सलाह देता है कि यह रत्न धारण करने से पहले किसी अनुभवी ज्योतिषी से सलाह अवश्य लें) 

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