एस्ट्रोसेज एआई; भारत का नंबर 1 एआई ऐप

एस्ट्रोसेज एआई: भारत का नंबर 1 एआई ऐप

AstroSage AI Leads India AI: #1 Indian AI App

आज भारत दुनिया के सबसे बड़े एआई शिखर सम्मेलन की मेजबानी कर रहा है। तकनीक के साथ कदम से कदम मिलाते हुए एस्ट्रोसेज एआई चुपचाप देश के सबसे तेजी से बढ़ते एआई क्षेत्र में अपनी एक अलग पहचान बनाने में सफल रहा है, वह भी बिना किसी बाहरी फंडिंग, बिना किसी वेंचर कैपिटल के। 

इस हफ्ते जब दुनिया भर के नेता, टेक कंपनियों के बड़े अधिकारी और देश के लिए योजनाएं बनाने वाले नई दिल्ली के भारत मंडपम में इंडिया एआईइम्पैक्ट समिट 2026 में शामिल हुए, तो बातचीत का केंद्र एआई का भविष्य होगा। 

लेकिन हमारा मानना है कि एआई के भविष्य को लेकर बात करने से पहले यह जानना ज़रूरी है कि यह सही काम कर रहा है या नहीं?

इस समय AstroSage AI भारत का सबसे बड़ा ज्योतिष प्लेटफॉर्म बन गया है। पिछले 18 महीनों से एआई से होने वाली हमारी आय में हर महीने लगभग 20% तक बढ़ोतरी हुई है। वहीं, एआई कंसल्टेशन सेवाओं से करीब 90% मुनाफा हुआ है। अभी तक हम एआई की मदद से 25 करोड़ से ज्यादा सवालों के जवाब दे चुके हैं।

80M+
डाउनलोड
1.5M
डेली एक्टिव यूज़र्स
25Cr+
एआई द्वारा प्रश्नों के उत्तर दिए गए
~90%
एआई मार्जिन

गूगल प्ले स्टोर पर बना नंबर 1 भारतीय ऐप

एस्ट्रोसेज एआई अब भारत में गूगल प्ले स्टोर पर नंबर 1 ज्योतिष ऐप बन गया है और  यह सभी कैटेगरी के टॉप 75 फ्री ऐप्स में 51वें अपनी जगह बनाने में सफल रहा है। हम पहली ऐसी भारतीय कंपनी बन गई है जिन्होंने बिना किसी विदेशी फंडिंग और बड़े मार्केटिंग बजट के यह मुकाम हासिल किया है, इसलिए आज एस्ट्रोसेज एआई असली ऑर्गेनिक प्रोडक्ट-मार्केट फिट का बेहतरीन उदाहरण बना है, यानी लोगों ने इस ऐप को विज्ञापनों की वजह से नहीं, बल्कि विश्वास और अच्छी सेवाओं की वजह से चुना है।

एस्ट्रोसेज एआई: नंबर 1 ज्योतिष ऐप और भारत में गूगल प्ले स्टोर पर सभी टॉप फ्री ऐप्स में 51वें स्थान पर

एआई का निर्माण, तब से जब यह ट्रेंड नहीं था

हमारी एआई की कहानी साल 2024 से शुरू नहीं हुई थी, जब एआई टेक दुनिया का सबसे बड़ा ट्रेंड बन गया था, बल्कि इसका सफर दो दशक पहले शुरू हो चुका था। 

साल 2001 में हमने पाल्म हैंडहेल्ड डिवाइस पर “मोबाइल कुंडली” को लॉन्च किया था और उस समय स्मार्टफोन का अस्तित्व भी नहीं था। 2004 में हमने AstroSage.com के द्वारा ज्योतिष को क्लाउड पर पहुंचाया और फिर 2011 में हमने एस्ट्रोसेज कुंडली मोबाइल ऐप लॉन्च की जो आगे चलकर 10 मिलियन, फिर 50 मिलियन और अब 80 मिलियन से ज्यादा डाउनलोड पार करने वाली भारत की पहली ज्योतिष ऐप बनी। साल 2018 में ChatGPT के लोकप्रिय होने से पहले हमने Bhrigoo.ai लॉन्च किया। यह भारत के शुरुआती एआई आधारित ज्योतिषीय सिस्टम्स में से एक था। Bhrigoo एक वॉइस-बेस्ड एआई असिस्टेंट था जो हिंदी और अंग्रेज़ी दोनों भाषाओँ में ही ज्योतिष से जुड़े सवालों के जवाब दे सकता था।

एआई का निर्माण, तब से जब यह ट्रेंड नहीं था
2001
मोबाइल कुंडली
पाल्म पर
2004
AstroSage.com
क्लाउड
2011
एस्ट्रोसेज कुंडली
ऐप
2018
Bhrigoo.ai
पहला एआई ज्योतिषी
2024
एस्ट्रोसेज एआई
रिमेजिन

हमें क्या अलग बनता है: 90% मार्जिन वर्सेज 50%मार्जिन

पारंपरिक ज्योतिष बिज़नेस एक सर्विस मॉडल पर काम करता है। यह प्लेटफ़ॉर्म यूज़र्स को मानव ज्योतिषियों से जोड़ता है और इस कार्य के लिए उन्हें कमीशन मिलती है। आमतौर पर इसमें 45% से 55% तक का ग्रॉस मार्जिन होता है। इस क्षेत्र से जुड़ी कई बड़ी कंपनियों ने लेबर-इंटेंसिव मार्केटप्लेस को बढ़ाने के लिए करोड़ों डॉलर की फंडिंग की है। 

हमने न सिर्फ़ एक बिल्कुल अलग रास्ता चुना, बल्कि हमने अपने एआई ज्योतिषी भी खुद तैयार किए। मानव ज्योतिषी की तुलना में एआई ज्योतिषियों की फीस बहुत कम होती है इसलिए हमारे लाभ में लगभग 90% तक की बढ़ोतरी हुई है। यह कोई सामान्य कंपनी नहीं है, बल्कि यह एक टेक्नोलॉजी कंपनी है जिसका काम करने का तरीका मार्केटप्लेस से ज्यादा सॉफ्टवेयर कंपनी जैसा है।

ऐसा नहीं है कि हमारे एआई ज्योतिषी बहुत कम कीमतों पर उपलब्ध होते हैं, बल्कि उन्हें पसंद भी किया जाता है इसलिए हमारे एआई ज्योतिषियों को यूज़र्स 5 में से 4.6 रेटिंग देते हैं, जबकि मानव ज्योतिषियों की औसत रेटिंग 4.3 दी जाती है। एआई ज्योतिषी 24 घंटे, हफ्ते के सातों दिन उपलब्ध रहते हैं और आप उनसे सभी प्रमुख भारतीय भाषाओं में बात कर सकते हैं, यहां तक कि भोजपुरी और ब्रज-भाषा जैसी बोलियों में भी। हम भारत में सबसे पहले करेक्टर एआई जैसी अवतार लेकर आए, जहां यूज़र्स अलग-अलग एआई ज्योतिषियों को चुन सकते हैं। हर एआई ज्योतिषी का अपना नाम, विशेषज्ञता और बात करने का अलग अंदाज़ है।

पिछले 18 महीनों से एआई से होने वाली हमारी आय में हर महीने लगभग 20% तक बढ़ोतरी हुई है। वहीं, एआई कंसल्टेशन सेवाओं से करीब 90% मुनाफा हुआ है, और बिना किसी बाहरी फंडिंग के कंपनी पहले दिन से मुनाफे में रही है।

वॉइस एआई: सिर्फ डेमो नहीं, एक लाइव प्रोडक्ट 

पिछले साल यानी अक्टूबर 2025 में हमने दुनिया का पहला एआई ज्योतिषी लॉन्च किया जो फोन फ़ोन पर बात कर सकता है। अब यूज़र किसी भी भारतीय भाषा में एआई ज्योतिषी से फोन पर बात कर सकते हैं। यह कोई डेमो या प्रोटोटाइप नहीं है, बल्कि एक लाइव प्रोडक्ट है जो आज लाखों लोगों द्वारा इस्तेमाल किया जा रहा है और कमाई के मामले में रिकॉर्ड बना रहा है। 

भारत जैसे देश में जहां करोड़ों लोग टाइप करने के बजाय फ़ोन पर बात करना पसंद करते हैं, उनके लिए यह बहुत बड़ा बदलाव साबित हुआ है। बिहार की ग्रामीण महिलाएं अपनी भोजपुरी भाषा में एआई ज्योतिषी से फ़ोन पर बात कर सकती हैं। वहीं, गुजराती व्यापारी अपनी ही भाषा में फोन पर एआई ज्योतिषियों से मार्गदर्शन ले सकते हैं। टेक इंडस्ट्री आज भी वॉइस एआई को “बड़ा बदलाव” कह रहे हैं जबकि हम इसका सामान्य जीवन में बड़े स्तर पर उपयोग कर रहे हैं।

अगला कदम क्या होगा? ऑटोनॉमस एआई ज्योतिषी

अब हम अपने अगले कदम की तरफ आगे बढ़ रहे हैं, एक ऐसा ऑटोनॉमस एआई ज्योतिषी जो अपनी खुद की डिजिटल पहचान बना सकें जिसका अपना फोन नंबर और अपनी ईमेल आईडी होगी। उनका सोशल मीडिया पर अपना अकाउंट होगा और वह खुद कॉल कर सकेगा, कॉल रिसीव कर सकेगा, मैसेज भेज सकेगा और अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर यूज़र्स से बिना किसी परेशानी के बात कर सकेगा। 

आज जब दुनिया एआई को उपयोग करने के तरीके खोज रही है, तब हम ऐसे ऑटोनॉमस एजेंट पर काम कर रहे हैं जो न सिर्फ सवालों का दें, बल्कि आवश्यक होने पर खुद कदम भी उठाएं। फर्क बस इतना होगा कि हम इसका उपयोग एक ऐसे क्षेत्र में करेंगे जहां पहले से करोड़ों यूज़र्स हैं, एक मजबूत बिज़नेस मॉडल है। यह सिर्फ भविष्य की कल्पना नहीं है, बल्कि यह हमारा अगला कदम है। 

“हमने 2001 में पाल्म हैंडहेल्ड डिवाइस पर “मोबाइल कुंडली” को लॉन्च किया। 2018 में एआई ज्योतिष को लॉन्च किया जब यह ट्रेंड में भी नहीं था और 2025 में वॉइस एआई की शुरुआत की। अब हम पूरी तरह ऑटोनॉमस एआई ज्योतिषी बनाने जा रहे हैं। हम हर बार समय से आगे रहे हैं और मार्केट का साथ हमेशा बाद में मिला है, इसे ही असली एआई नेतृत्व कहते हैं।”

– पुनीत पांडेय, संस्थापक और सीईओ, एस्ट्रोसेज एआई

एस्ट्रोसेज एआई बना राष्ट्रीय अखबारों की सुर्खियां 

इस सप्ताह इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 के कारण दुनिया का ध्यान भारत की एआई क्षमताओं पर केंद्रित रहा, उस समय हमने अपनी कहानी वहीं रखी जहाँ उसे होना चाहिए यानी कि देश के अखबारों के पहले पन्नों पर। एस्ट्रोसेज एआई को भारत के चार बड़े अखबारों, इकोनॉमिक टाइम्स, मिंट, इंडियन एक्सप्रेस और फाइनेंशियल एक्सप्रेस आदि ने फुल-पेज विज्ञापनों पर दिखाया था। 

📰
AstroSage AI — Economic Times, February 2026
📰
AstroSage AI — Mint, February 2026
📰
AstroSage AI — Indian Express, February 2026
📰
AstroSage AI — Financial Express, February 2026

भारतीय परंपराओं से जुड़ा

ज्योतिष प्राचीन समय से ही भारत का अभिन्न अंग रहा है और आज यह करोड़ों लोगों की ज़िंदगी का हिस्सा बन गया है। लोग शादी के फैसले से लेकर व्यापार शुरू करने तक के लिए ज्योतिष की सहायता लेते हैं। एस्ट्रोसेज एआई लगभग दो दशकों से ज्योतिष के क्षेत्र में भरोसे का नाम बन गया है। कुंडली बनाने से लेकर गुण मिलान और ज्योतिष सॉफ्टवेयर तक में हमारा 80% से अधिक का मार्केट शेयर रहा है। यहां तक कि अन्य प्लेटफॉर्म पर काम करने वाले ज्योतिषी भी जन्म कुंडली बनाने के लिए एस्ट्रोसेज का उपयोग करते हैं। 

हमारे प्लेटफॉर्म पर 7 लाख से ज्यादा ज्योतिषी रजिस्टर्ड हैं और हर दिन 15 लाख एक्टिव यूज़र्स एस्ट्रोसेज एआई का उपयोग करते हैं। इस प्लेटफॉर्म का निर्माण हमने भारत में, भारत के लिए, भारत की संस्कृति और परंपराओं से जुड़े रहने के लिए किया है।

अब आगे क्या?

हर महीने एआई से होने वाली हमारी आय औसतन 20% बढ़ रही है। आने वाले कुछ महीनों में हमारी कुल कमाई का सबसे बड़ा हिस्सा एआई से आ सकता है। अब हम एस्ट्रोसेज एआई को एक नए पड़ाव पर ले जाते हुए अंतरराष्ट्रीय स्तर जैसे फ्रांस, जर्मनी, जापान और ब्राज़ील में भी लॉन्च करने की योजना बना रहे हैं, ताकि एआई की सहायता से वैदिक ज्योतिष को दुनिया तक पहुंचाया जा सके। 

एआई समिट में होने वाली वार्ताएं जरूरी हैं। नीतियां और रिसर्च भी महत्वपूर्ण हैं। लेकिन असली सवाल यह है कि क्या किसी देश की कंपनियां ऐसा एआई बना रही हैं जिसे करोड़ों लोग रोज़ाना इस्तेमाल करें और उनके लिएभुगतान भी करें? 

और इस सवाल का जवाब है, एस्ट्रोसेज एआई।

डाउनलोड एस्ट्रोसेज एआई।: Google Play Store और Apple App Store पर उपलब्ध है