'श्रीमद्भागवतम' : बड़े पर्दे पर सात पार्ट में छाने को तैयार

‘श्रीमद्भागवतम’ : बड़े पर्दे पर सात पार्ट में छाने को तैयार

नई दिल्ली, 29 जुलाई, 2026: जाने माने निर्माता-निर्देशक रामानंद सागर के पोते आकाश सागर और अमृत सागर बड़े पर्दे पर एक बड़ा शाहकार ला रहे हैं। सागर पिक्चर्स इंटरटेनमेंट नए दौर में बड़े पर्दे के लिए  सात भागों में बनने वाली एक विशाल सिनेमाई श्रृंखला ‘श्रीमद्भागवतम’बनाने जा रही है। गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर सागर पिक्चर्स इंटरटेनमेंट ने इसकी घोषणा करते हुए कहा कि यह घोषणा स्टूडियो की पहली बड़े पैमाने की थिएटर फ्रेंचाइज़ी है और भारत की कालजयी कथाओं को आधुनिक सिनेमाई तकनीक, यथार्थवादी प्रस्तुति और वैश्विक स्तर की कहानी कहने की शैली के माध्यम से दुनिया भर के दर्शकों तक पहुँचाने की उसकी दीर्घकालिक दृष्टि की शुरुआत भी है। ‘भागवतम्’ श्रृंखला की परिकल्पना और निर्माण जाने माने निर्माता-निर्देशक रामानंद सागर के पोते अमृत सागर चोपड़ा और आकाश सागर चोपड़ा ने किया है, जो इसके पार्ट-1 का निर्देशन भी कर रहे हैं। इसका निर्माण सागर पिक्चर्स ग्लोबल द्वारा किया गया है। परियोजना के शोध मार्गदर्शक पद्म भूषण से सम्मानित आध्यात्मिक गुरु और लेखक श्री एम हैं, जबकि रामायण (1987) के सह-निर्देशक और सागर समूह के अध्यक्ष मोती सागर इसके मेंटर हैं।

महर्षि वेदव्यास द्वारा रचित भागवत महापुराण से प्रेरित श्रीमद्भागवतम, जिसे सामान्यतः भागवत भी कहा जाता है, प्राचीन भारतीय साहित्य के अठारह महापुराणों में सर्वाधिक पूजनीय माना जाता है। यह ग्रंथ अपनी मौलिक संरचना में भगवान श्रीकृष्ण के संपूर्ण जीवन और उनके उपदेशों को गैर-रेखीय (Non-linear) शैली में प्रस्तुत करता है, साथ ही भगवान महाविष्णु के विभिन्न अवतारों की कथाओं का भी विस्तार से वर्णन करता है। इसके केंद्र में भक्ति, अध्यात्म और मोक्ष की मानव की सनातन यात्रा का गहन दर्शन है, जो युगों, लोकों और पीढ़ियों को जोड़ने वाली परस्पर संबद्ध कथाओं के माध्यम से सामने आता है।

यह परियोजना श्रीमद्भागवतम का अपनी मौलिक संरचना में पहला पूर्ण सिनेमाई रूपांतरण होगी। इस घोषणा के साथ सागर पिक्चर्स एंटरटेनमेंट के सीईओ आकाश सागर ने कहा, “श्रीमद्भागवतम भारत की सबसे महान साहित्यिक और आध्यात्मिक कृतियों में से एक है। इसका विस्तार और दार्शनिक गहराई रामायण और महाभारत से भी कहीं अधिक व्यापक मानी जा सकती है। इसकी बहुस्तरीय कथाएँ और विराट स्वरूप इसे विश्वस्तरीय सिनेमाई प्रस्तुति के लिए अद्वितीय बनाते हैं। हमारा उद्देश्य इन कथाओं को पूर्ण प्रामाणिकता, गहराई और ऐसी सिनेमाई भाषा में प्रस्तुत करना है, जैसा पहले कभी नहीं देखा गया। प्रत्येक कथा अपनी अलग दृश्य शैली और फिल्म निर्माण की भाषा स्वयं निर्धारित करेगी।”

इस सिनेमाई रूपांतरण में भगवान श्रीकृष्ण के ब्रज में बिताए गए बाल एवं किशोर जीवन, पहली बार यथार्थवादी शैली में प्रस्तुत की जाने वाली रासलीला और गोपी गीत, तथा मत्स्य, वराह और नरसिंह जैसे पूर्णावतारों का भव्य चित्रण शामिल होगा। इसके अलावा दर्शक समुद्र मंथन, सूर्यवंश और चंद्रवंश की स्थापना, भगवान महाविष्णु के अपेक्षाकृत कम चर्चित अवतारों पृथु और कपिल, तथा ध्रुव और भरत जैसे महान भक्तों के प्रेरणादायी जीवन को भी इस श्रृंखला में देख सकेंगे। इसके अतिरिक्त सनातन इतिहास के अनेक ऐसे अध्याय और लोकप्रिय प्रसंग भी पहली बार इस स्तर की भव्यता, प्रामाणिकता और यथार्थवादी प्रस्तुति के साथ बड़े पर्दे पर दिखाई देंगे।

उल्लेखनीय है कि श्रृंखला की पहली फिल्म की शूटिंग हैदराबाद स्थित रामोजी फिल्म सिटी में शुरू हो चुकी है, जिसकी औपचारिक शुभारंभ तेलंगाना के माननीय मुख्यमंत्री ने किया था। प्रीमियम लार्ज-फॉर्मेट स्क्रीनिंग के लिए तैयार की जा रही इस फिल्म की सिनेमैटोग्राफी जोएल शेफ़र कर रहे हैं, जबकि अकादमी पुरस्कार विजेता और विश्वप्रसिद्ध फिल्मों से जुड़े विजुअल इफेक्ट्स विशेषज्ञ क्लाइड एडवर्ड्स इसके एक्जीक्यूटिव प्रोड्यूसर हैं।

दिवंगत डॉ. रामानंद सागर और श्रीमती लीला सागर की स्मृति को समर्पित ‘श्रीमद्भागवतम’ सागर पिक्चर्स एंटरटेनमेंट की उस नई यात्रा की शुरुआत है, जिसके अंतर्गत भारत के प्राचीन ग्रंथों से प्रेरित विश्वस्तरीय सिनेमाई कंटेंट तैयार किया जाएगा। आज फिल्म के टाइटल की घोषणा के बाद स्टूडियो आने वाले महीनों में पार्ट-1 से संबंधित अन्य महत्वपूर्ण जानकारियाँ साझा करेगा।