वास्तु शास्त्र : घर में मौजूद इन वास्तु दोषों से स्वास्थ्य पर होता हैं नकारात्मक असर

वास्तु शास्त्र एक प्राचीन विज्ञान है जिसे हमारे पूर्वजों और साधु-संतों ने दिशा का अध्ययन कर के तैयार किया है। वास्तु शास्त्र का मानना है कि हम जहां रहते हैं, जहां काम करते हैं या अपना ज्यादा समय बिताते हैं, इन सभी जगहों का हमारे और आपके जीवन पर सकारात्मक या नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। यही वजह है कि कई घरों में आपने देखा होगा कि उस घर में रहने वाले सदस्य अक्सर बीमार रहते हैं या फिर घर का कोई सदस्य किसी लंबी बीमारी से पीड़ित है। मुमकिन है कि ये सब घर में मौजूद वास्तु दोष की वजह से हो रहा हो। 

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ऐसे में आज हम आपको इस लेख में बताने वाले हैं कि वास्तु शास्त्र के मुताबिक वे कौन से कारण हैं जिसका असर घर में रहने वाले सदस्यों के स्वास्थ्य पर पड़ता है। इसके साथ ही हम आपको इस लेख में ऐसे वास्तु दोष को खत्म करने के उपाय भी बताने वाले हैं।

स्वास्थ्य पर प्रभाव डालने वाले वास्तु दोष और उसके उपाय

  • यदि किसी घर के मुख्य दरवाजे के सामने गंदगी रहती हो, बारिश का पानी जमा होता हो या फिर कोई गड्ढा रहता हो तो ऐसे घर के सदस्य अक्सर बीमार रहते हैं। ऐसी स्थिति में मुख्य द्वार के सामने मौजूद गड्ढे को जितनी जल्दी हो भर देना चाहिए। साथ ही मुख्य द्वार के सामने हमेशा साफ-सफाई रखने से भी घर के सदस्यों का स्वास्थ्य बेहतर होता है।
  • यदि किसी घर में सूखे पौधे बगीचे में लगे हों तो ऐसे घर के बुजुर्ग सदस्यों का स्वास्थ्य अक्सर खराब रहता है। इस वास्तु दोष को दूर करने के लिए जितनी जल्दी हो सके घर से सूखे पौधे हटा दें। आपको बता दें कि घर में तुलसी के सूखे पौधे भी नहीं रखने चाहिए। यदि आपके घर में कोई तुलसी का सूखा पौधा है तो उसे किसी नदी में प्रवाह कर दें या किसी साफ सुथरी जगह पर जमीन के अंदर दफना दें। इसके अलावा घर के आग्नेय कोण में लाल रंग की मोमबत्ती जलाने से भी यह वास्तु दोष खत्म होता है।
  • घर के मध्य स्थान को ब्रह्मस्थान कहा जाता है। वास्तु में इस जगह का बड़ा महत्व है। ब्रह्मस्थान पर भगवान बृहस्पति का प्रभाव होता है। इस स्थान पर कभी भी भारी सामान न रखें। कोशिश करें कि इस स्थान को जितना हो सके खाली ही रखें। आपको बता दें कि किसी भी जातक की कुंडली में बृहस्पति देवता संतान के कारक होते हैं, ऐसे में घर के ब्रह्मस्थान में वास्तु दोष होने से निसंतान जैसी समस्या घर के सदस्यों को झेलनी पड़ती है। 
  • यदि किसी घर में आग्नेय कोण में रसोई न रहने से घर के सदस्यों के स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। आपको बता दें कि घर का आग्नेय कोण दक्षिण पूर्व दिशा होती है। यदि आपके लिए रसोई बदलना नामुमकिन है तो कम से कम रसोई का चूल्हा आग्नेय कोण में रख कर जलाएं। इससे इस वास्तु दोष के नकारात्मक प्रभाव कम हो सकते हैं।
  • यदि किसी घर के मुख्य दरवाजे के सामने कोई बिजली का खंभा हो या फिर कोई घना वृक्ष हो तो ऐसे घर के बच्चों का स्वास्थ्य खराब रहता है। ऐसे में कोशिश ये करें कि घर के सामने मौजूद इस खंभे या पेड़ को हटवा दें या फिर अगर ऐसा करना मुमकिन नहीं है तो घर के मुख्य द्वार पर रोज स्वास्तिक का चिन्ह बनाकर उसकी पूजा करें। इससे यह वास्तु दोष खत्म हो जाएगा।
  • किसी भी घर के मुख्य द्वार के सामने कभी भी पूजा घर नहीं होना चाहिए। इसकी वजह से घर के सदस्यों के स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। इसके साथ ही हमेशा इस बात का ध्यान रखें कि पूजा घर में भगवान का मुख हमेशा दक्षिण दिशा में हो।
  • कभी भी घर में जिस दिशा में वाशिंग मशीन हो या फिर शौचालय हो, उस दिशा में कभी भी सिर रखकर नहीं सोना चाहिए। इससे मानसिक तनाव बढ़ता है।

ये भी पढ़ें : जानिए वास्तु शास्त्र के नजरिए से क्यों इतनी महत्वपूर्ण है घर की पश्चिम दिशा

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