वरुथिनी एकादशी 2021: इस दिन अवश्य करें तुलसी के पत्ते के ये उपाय, मिलेगी भगवान विष्णु की असीम कृपा

एकादशी का व्रत भगवान विष्णु को समर्पित होता है। अलग-अलग एकादशियों को अलग-अलग नामों से जाना जाता है। ऐसे में मई महीने की पहली एकादशी का नाम है वरुथिनी एकादशी। यह एकादशी सुख और सौभाग्य की प्रतीक मानी जाती है। कहा जाता है यदि सच्ची श्रद्धा भक्ति के साथ वरुथिनी एकादशी का व्रत और इस दिन भगवान विष्णु की पूजा की जाए तो व्यक्ति के समस्त दुख और परेशानियां दूर होते हैं वह जीवन में सुख समृद्धि बनी रहती है। जानकारी के लिए यह भी बता दें कि वरुथिनी एकादशी के दिन भगवान की पूजा की जाती है।

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वरुथिनी एकादशी मुहूर्त 2021

कहा जाता है वरुथिनी एकादशी का व्रत और पूजन करने से सूर्य ग्रहण के समय जो फल स्वर्ण दान करने से मिलता है उतना प्राप्त होता है। इसके अलावा इस व्रत को करने से व्यक्ति अपने जीवन के साथ-साथ मृत्यु के बाद मोक्ष भी प्राप्त करता है। 7 मई को की जाने वाली वरुथिनी एकादशी का पारण मुहूर्त हम आपको नीचे प्रदान कर रहे हैं।

वरुथिनी एकादशी पारणा मुहूर्त :05:35:17 से 08:16:17 तक 8, मई को

अवधि :2 घंटे 41 मिनट

वरुथिनी एकादशी उपाय

अब जानते हैं वरुथिनी एकादशी के दिन किन उपायों को करने से आप अपने जीवन से दुर्भाग्य को बदलकर सौभाग्य में तब्दील कर सकते हैं। 

  • सबसे पहली बात वरुथिनी एकादशी के दिन यदि आप भगवान विष्णु को तुलसी की माला अर्पित करते हैं तो इससे भगवान विष्णु बेहद ही प्रसन्न होते हैं और आपके जीवन में हमेशा सुख सौभाग्य बनाए रखते हैं। 
  • वरुथिनी एकादशी के दिन पीपल के पेड़ में जल अवश्य अर्पित करें। कहा जाता है पीपल के पेड़ में भगवान विष्णु का वास होता है। ऐसे में इस उपाय को करने से भी भगवान विष्णु की प्रसन्नता हासिल की जा सकती है। 
  • इस दिन आप चाहे तो दक्षिणावर्ती शंख में गंगा जल भर के भी भगवान विष्णु को अर्पित कर सकते हैं इससे व्यक्ति के जीवन के सभी दुर्भाग्य देखते ही देखते सौभाग्य में तब्दील हो जाते हैं। 
  • इसके अलावा वरुथिनी एकादशी के दिन भगवान विष्णु को भोग में केसर वाली खीर, पीले रंग के फूल और पीले रंग के ही फल और मुमकिन हो तो पीले रंग की ही मिठाइयां अर्पित करें। ऐसा करने से भी व्यक्ति को शुभ फल प्राप्त होते हैं। 
  • यदि आपका मन हर वक्त अशांत रहता है या भटकता रहता है तो वरुथिनी एकादशी के दिन तुलसी की माला पूजा में शामिल करें और पूजा के बाद इसे धारण कर लें। ऐसा करने से आपका मन शांत होगा और जीवन में सकारात्मकता आएगी। 
  • वरुथिनी एकादशी के दिन आप जितना हो सके जरूरतमंदों को पीले रंग की वस्तुओं का दान करें। 
  • यदि घर में नजर दोष की समस्या है तो वरुथिनी एकादशी के दिन अपने घर के कोनों में पीली सरसों के दाने रख दें। एकादशी के अगले दिन इन दानों को लें और जला दें। ऐसा करने से आपके घर में मौजूद समस्त नजर दोष दूर अवश्य होगा। 
  • इसके अलावा जिन लोगों की विवाह में अनचाहा विलंब हो रहा हो या शादी ना हो पा रही हो उन्हें वरुथिनी एकादशी का व्रत करने की सलाह दी जाती है। इसके अलावा इस दिन की कथा अवश्य पढ़ें और इस दिन पीले रंग का भोजन करें। ऐसा करने से भगवान विष्णु प्रसन्न होंगे और आपकी मनोकामना शीघ्र ही पूरी करेंगे। 
  • आर्थिक संपन्नता के लिए वरुथिनी एकादशी के दिन भगवान विष्णु के साथ-साथ मां लक्ष्मी की पूजा अवश्य करें। ऐसा करने से व्यक्ति के जीवन में सुख समृद्धि और धन बना रहता है।

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