जानें साल के आखिरी चंद्र ग्रहण से जुड़े सभी प्रश्नों के जवाब और आपके जीवन पर इसका प्रभाव

चंद्र ग्रहण वैसे तो लगभग हर वर्ष होते हैं लेकिन इस वर्ष कुल मिलाकर 4 चंद्रग्रहण हुए हैं। पहला चंद्रग्रहण 10 से 11 जनवरी, दूसरा 5 से 6 जून, तीसरा 5 जुलाई और चौथा अब 30 नवंबर को लगने जा रहा है। चंद्र ग्रहण चंद्रमा को प्रभावित करता है और  चंद्रमा हमारी जन्म कुंडली में एक महत्वपूर्ण ग्रह है क्योंकि यह जल तत्व पर आधिपत्य रखता है। हमारे शरीर में भी लगभग 70 प्रतिशत से अधिक जल है इसलिए हमारे शरीर को प्रभावित करने में चंद्रमा का महत्व अधिक है। यदि आपके मन में भी अपने जीवन को लेकर किसी भी तरह का कोई सवाल है तो अभी हमारे विशेषज्ञ ज्योतिषियों से आप उससे जुड़े प्रश्न पूछ सकते हैं।

30 नवंबर को लगेगा साल का चौथा चंद्र ग्रहण

यह चंद्र ग्रहण सोमवार के दिन पड़ेगा। सोमवार का दिन भी चंद्रमा को ही समर्पित है। ऐसे में यह ग्रहण बहुत खास हो जाएगा। इस ग्रहण की एक विशेषता यह भी है कि यह चंद्रग्रहण पूर्ण या आंशिक चंद्रग्रहण ना होकर केवल एक उपच्छाया चंद्रग्रहण कहलाएगा। 

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कहां कहां देखा जाएगा 30 नवंबर 2020 का चंद्र ग्रहण

हिंदू पंचांग के अनुसार यह ग्रहण सोमवार के दिन  कार्तिक पूर्णिमा को  वृषभ राशि और रोहिणी नक्षत्र में आकार लेगा। वृषभ राशि शुक्र ग्रह के स्वामित्व की राशि है और चंद्रमा इस राशि में उच्च अवस्था में माना जाता है और रोहिणी नक्षत्र स्वयं चंद्रमा का नक्षत्र है। इस प्रकार यह एक विशेष चंद्रग्रहण है क्योंकि यह सोमवार के दिन,  चंद्रमा की उच्च राशि में और चंद्रमा के ही नक्षत्र में घटित हो रहा है। यह उपच्छाया चंद्रग्रहण एशिया ऑस्ट्रेलिया प्रशांत महासागर और अमेरिका के कुछ हिस्सों में देखा जा सकेगा।

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चंद्र ग्रहण का समय

वर्ष 2020 का चौथा चंद्रग्रहण, जो कि एक उपच्छाया चंद्रग्रहण है भारतीय समयानुसार दोपहर 1:04 से सायंकाल 5:22 तक रहेगा। इस प्रकार 4 घंटों से अधिक की अवधि वाला यह चंद्र ग्रहण अपनी उच्च राशि वृषभ में चंद्रमा के गोचर के दौरान घटित होगा।

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क्यों अलग है उपच्छाया चंद्र ग्रहण

यह हम सभी को पता है कि खगोल विज्ञान के अनुसार चंद्र ग्रहण तब होता है, जब सूर्य, पृथ्वी और चंद्रमा एक सीधी रेखा में आ जाते हैं अर्थात सूर्य और चंद्रमा के बीच में पृथ्वी आ जाती है और पृथ्वी की छाया सूर्य के प्रकाश को चंद्रमा तक पहुंचने से रोकती है जिसकी वजह से चंद्रमा  पर सूर्य का प्रकाश नहीं पहुंच पाता है लेकिन अनेक बार ऐसा नहीं होता है। कई बार चंद्रमा पृथ्वी की छाया में प्रवेश तो करता है लेकिन वहीं से बाहर निकल जाता है और पृथ्वी की वास्तविक छाया में प्रवेश नहीं कर पाता है। ऐसे में चंद्रमा ग्रसित होता हुआ प्रतीत नहीं होता अपितु उसकी सतह पर थोड़ा धुंधलापन आ जाता है। यह कई बार इतना हल्का होता है कि इसे नग्न आंखों से भी सरलता से नहीं देखा जा सकता है। इस तरह के ग्रहण में चंद्रमा का तनिक भी अंश ग्रसित नहीं होता अपितु वह केवल धुंधला हो जाता है। इसी को उपच्छाया चंद्रग्रहण कहा जाता है। 

उपच्छाया चंद्र ग्रहण और सूतक काल

सूतक काल किसी भी ग्रहण के दौरान लगने वाला वह समय है जो किसी भी शुभ काम के लिए अच्छा नहीं माना जाता है। आमतौर पर चंद्र ग्रहण से नौ घंटे पूर्व सूतक काल प्रारंभ होता है और चंद्र ग्रहण समाप्ति पर सूतक काल समाप्त हो जाता है लेकिन ऐसा केवल आंशिक या पूर्ण चंद्र ग्रहण पर ही होता है। धर्म शास्त्रों के अनुसार छाया चंद्र ग्रहण में केवल उसकी छाया मलिन होती है इसलिए इसको ग्रहण की श्रेणी में नहीं रखा जाता है और यही वजह है कि इस का सूतक भी मान्य नहीं होता है। इस दिन पूर्णिमा किसी से जुड़े सभी प्रकार के व्रत, उपवास, दान, स्नान, पुण्य कर्म आदि सामान्य रूप से किए जा सकते हैं। अगर आप ग्रहों की स्थिति के अनुसार अपने बारे में विस्तृत जानकारी और व्यक्तिगत मार्गदर्शन प्राप्त करना चाहते हैं, तो एस्ट्रोसेज बृहत् कुंडली आपके लिए मददगार विकल्प साबित हो सकती है।

वर्तमान समय में इसके विपरीत कुछ लोग मानने लगे हैं कि उपच्छाया चंद्र ग्रहण में सूतक प्रभावी होता है। ऐसे में हम यह आप पर छोड़ते हैं कि आप क्या मानते हैं। वास्तविक वस्तुस्थिति से हम आपको अवगत करा चुके हैं। 

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30 नवंबर 2020 के उपच्छाया चंद्र ग्रहण का राशियों पर प्रभाव

ग्रहण काल में चंद्रमा प्रभावित होगा और यह ग्रहण वृषभ राशि में घटित होगा तथा रोहिणी नक्षत्र में आकार लेगा। इसका तात्पर्य है कि वृषभ राशि के लोगों को विशेष रूप से इस ग्रहण का प्रभाव मिलेगा तथा अन्य राशियों के लोगों को भी चंद्रमा की स्थिति के अनुसार शुभाशुभ परिणाम प्राप्त होंगे। आइए जानते हैं आपकी राशि के लिए क्या होगा चंद्र ग्रहण का प्रभाव:

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मेष राशि 

आर्थिक तौर पर समय आपके लिए मध्यम रहेगा लेकिन स्वास्थ्य समस्याएं परेशान कर सकती हैं। पारिवारिक जीवन में विवाद होने की संभावना रहेगी। संभल कर बोलें और गलत शब्दों के चयन से बचने की कोशिश करें। अच्छा भोजन करें तथा शुद्ध जल का सेवन करें।

वृषभ राशि 

मानसिक तनाव की प्रबलता रहेगी जिससे कार्यों में विलंब होगा। शारीरिक कष्ट अथवा दुर्घटना संभव हो सकती है इसलिए बेहद सावधानी से वाहन चलाएं। शारीरिक दर्द अथवा किसी बात को लेकर जुनूनी होना नुकसानदायक रहेगा। एकांत में ना रहकर लोगों से बातचीत करते रहें।

मिथुन राशि 

पारिवारिक जीवन में दूरी आ सकती है। मानसिक तनाव में वृद्धि होने की प्रबल संभावना होगी। आमदनी की अपेक्षा खर्चों की अधिकता रहेगी इसलिए बजट प्लान करके चलना अच्छा रहेगा। स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याएं परेशान कर सकती हैं। मौसम में बदलाव से भी स्वास्थ्य कष्ट संभव हैं।

कर्क राशि 

मानसिक तनाव महसूस करेंगे लेकिन आर्थिक तौर पर अच्छा लाभ मिलने की संभावना रहेगी। आपकी सामाजिक प्रतिष्ठा में भी वृद्धि हो सकती है। मित्रों से कोई अच्छा लाभ का समाचार सुनने को मिल सकता है। कार्यों में सफलता प्राप्त होगी जिसकी वजह से मन में खुशी रहेगी।

सिंह राशि 

कार्यक्षेत्र में व्यस्तता रहेगी। कार्यभार में वृद्धि होने की अच्छी संभावना है। धन आगमन के लिए कुछ नए स्तोत्र प्राप्त हो सकते हैं। नौकरी में उन्नति और व्यावसायिक क्षेत्र में लाभ होने के योग बनेंगे। मन में खुशी की भावना रहेगी। पारिवारिक जीवन में थोड़ा तनाव रहेगा। काम के प्रयासों में भागदौड़ और यात्रा करनी पड़ेगी।

कन्या राशि 

तनाव बढ़ने से परेशानी होगी जिसकी वजह से लंबी दूरी की यात्राएं कष्टदायक हो सकती हैं। कामों में विघ्न आ सकते हैं और नाम और प्रसिद्धि पाने के लिए आपको कड़ा संघर्ष करना पड़ेगा। पिता जी के साथ संबंधों पर नकारात्मक असर पड़ेगा तथा आर्थिक चुनौतियां आएंगी।

तुला राशि 

स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। जीवन में बेवजह की यात्राएं और तनाव रहने से मन की खुशी कम होगी। अचानक से धन हानि या मानहानि संभव है। कामों में रुकावट आएगी जिससे उत्साह में कमी रहेगी। किसी गलतफहमी की वजह से रिश्तों में तनाव बढ़ेगा।

वृश्चिक राशि 

जीवनसाथी से संबंधों पर बुरा असर पड़ सकता है और वैवाहिक जीवन में विवाद जन्म ले सकते हैं। जीवनसाथी को स्वास्थ्य कष्ट भी पीड़ा पहुंचा सकता है। व्यवसाय में रुकावट आने से समस्याएं आएंगी और व्यापारिक साझेदार से रिश्ते बिगड़ सकते हैं। सामाजिक छवि कमजोर पड़ सकती है। स्वास्थ्य बिगड़ सकता है।

धनु राशि 

विरोधियों पर विजय प्राप्त करेंगे। कोर्ट कचहरी से जुड़े मामलों में सफलता प्राप्त होगी। कार्यों में सफलता मिलेगी जिससे मन में प्रसन्नता आएगी। जोश और उत्साह के साथ कामों को पूरा करने की इच्छा सफलता का मूल कारण बनेगी। मानसिक तनाव से मुक्ति मिलेगी।

मकर राशि 

पारिवारिक जीवन में संतान के साथ मतभेद उत्पन्न हो सकते हैं और संतान को स्वास्थ्य कष्ट हो सकते हैं। विद्यार्थियों को पढ़ने लिखने में एकाग्रता की कमी बाधा बनेगी जिससे पढ़ाई में विघ्न उत्पन्न होंगे। प्रेम संबंधों में गलतफहमी बढ़ने से आपके रिश्ते में परेशानियां बढ़ेंगी। लाभ प्राप्त करने के लिए अधिक प्रयास करने होंगे।

कुंभ राशि 

मन में प्रसन्नता और खुशी की भावना में कमी आएगी। मन उदास हो सकता है। मानसिक तनाव बढ़ेगा जिसके प्रभाव से कार्यो में विलम्ब होगा। पारिवारिक जीवन में अशांति बढ़ सकती है। माताजी का स्वास्थ्य पीड़ित हो सकता है।

मीन राशि

साहस और पराक्रम में बढ़ोतरी होगी। आत्मविश्वास और इच्छाशक्ति की वृद्धि होने से कार्यों में सफलता मिलेगी। अपनी किसी हॉबी को निखारने का मौका मिलेगा जिसके परिणाम स्वरूप अच्छा धन भी अर्जित कर सकते हैं। भाई – बहनों से संबंध मधुर बनेंगे और उनकी मदद से कुछ अच्छा काम करेंगे। हल्की-फुल्की यात्रा हो सकती है जो सुख प्रदान करेगी।

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आशा करते हैं कि आपको ये आर्टिकल पसंद आया होगा। एस्ट्रोसेज के साथ जुड़े रहने के लिए आपका बहुत-बहुत धन्यवाद।

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