सूर्य का कुंभ राशि में गोचर: जानें कैसे करेगा 12 राशियों को प्रभावित?

सूर्य का कुंभ राशि में गोचर: आत्मा, शक्ति, रोशनी, अनुशासन के कारक ग्रह सूर्य 13 फरवरी 2024 से लेकर 14 मार्च 2024 तक कुंभ राशि में गोचर करेंगे। सूर्य देव 13 फरवरी 2024 को मकर राशि को छोड़कर शनि की दूसरी राशि कुंभ राशि में गोचर करने जा रहे हैं, जो कि सूर्य के लिए अतिशत्रु राशि मानी जाएगी। 14 मार्च 2024 तक सूर्य कुंभ राशि में ही बने रहेंगे। सूर्य के इस गोचर का आपकी राशि पर क्या प्रभाव पड़ेगा यह जानने से पहले आइए जानते हैं कि सूर्य के इस गोचर का भारतवर्ष पर क्या प्रभाव पड़ने वाला है?

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सूर्य गोचर का भारत पर प्रभाव

सूर्य आजाद भारत की कुंडली में चौथे भाव के स्वामी होते हैं और वर्तमान में सूर्य गोचर में दशम भाव में पहुंचे हैं। वैसे तो दशम भाव में सूर्य के गोचर को अच्छा माना जाता है लेकिन सूर्य शनि की युति के चलते शासन प्रशासन और सत्ता में बैठे लोगों के लिए यह समय अवधि थोड़ी सी कठिनाई भरी रह सकती है। विभिन्न राज्यों में सत्तारूढ़ दलों में उथल-पुथल देखने को मिल सकती है कई वरिष्ठ नेताओं पर भ्रष्टाचार के दाग लग सकते हैं। कुछ प्रशासनिक अधिकारी भी भ्रष्टाचार के आरोप में  फंसते हुए देखे जा सकेंगे। सूर्य के इस गोचर का आपकी राशि पर क्या असर पड़ेगा?

सूर्य का कुंभ राशि में गोचर: 12 राशियों पर प्रभाव और उपाय  

मेष राशि

सूर्य आपकी कुंडली में पंचम भाव के स्वामी हैं और वर्तमान में ये आपके लाभ स्थान पर गोचर करने जा रहे हैं। वैसे तो सामान्य तौर पर यहां पर स्थित सूर्य आपको अनुकूल परिणाम ही देना चाहेंगे लेकिन इन सब के बावजूद भी अति शत्रु राशि में होने के कारण सूर्य अपना सौ प्रतिशत देने में थोड़े से पीछे रह सकते हैं। इन सबके बावजूद भी पद प्रतिष्ठा तथा आर्थिक लाभ दिलवाने में सूर्य आपके लिए मददगार रह सकते हैं।

उपाय: मांस और मदिरा से बचाव उपाय की तरह काम करेगा। 

वृषभ राशि

सूर्य आपकी कुंडली में चौथे भाव के स्वामी हैं तथा वर्तमान में ये आपके दशम भाव में गोचर करने वाले हैं। वैसे तो दशम भाव में सूर्य का गोचर पद एवं प्रतिष्ठा के साथ-साथ कामों में सफलता और पिता आदि से संबंधित मामलों में अनुकूलता देने वाला कहा गया है लेकिन वर्तमान में शनि की संगति होने के कारण यह अनुकूल परिणाम तभी मिल सकेंगे जब आप इन मामलों में बहुत ही सावधानी पूर्वक निर्वहन करेंगे। अर्थात बड़ों और अनुभवी लोगों के मार्गदर्शन से सावधानी पूर्वक काम करके आप सामाजिक तथा कार्य क्षेत्र से जुड़े मामलों में अच्छे परिणाम प्राप्त कर सकते हैं।

उपाय: उपाय के रूप में उगते हुए सूर्य को कुमकुम मिला जल चढ़ाना शुभ रहेगा। 

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मिथुन राशि

सूर्य आपकी कुंडली में तीसरे भाव के स्वामी हैं तथा ये गोचरवश आपके भाग्य भाव में जा रहे हैं। सूर्य के गोचर को यहां पर अनुकूल नहीं माना गया है। ऊपर से शनि शत्रु राशि में होने के कारण आपको अनुकूल परिणाम देने में पीछे रह सकते हैं। अतः भाग्य के भरोसे बैठने की बजाय इस समय पूरी कर्मकता के साथ कार्य करना जरूरी रहेगा। साथ ही साथ भाई बंधुओं के साथ अच्छे संबंध मेंटेन रखने की कोशिश भी जरूर रहेगी।

उपाय: पिता तथा पिता तुल्य व्यक्तियों की सेवा सत्कार करके उनका आशीर्वाद लेना शुभ रहेगा। 

कर्क राशि

सूर्य आपकी कुंडली में धन भाव के स्वामी होकर आपके आठवें भाव में गोचर करने वाले हैं। आठवें भाव में सूर्य के गोचर को अनुकूल नहीं कहा गया है। ऊपर से सूर्य अति शत्रु राशि में अतिशत्रु ग्रह के साथ बैठे हुए हैं। फलस्वरूप आपको अपने स्वास्थ्य के प्रति पूरी तरह से जागरूक रहना जरूरी रहेगा। शासन प्रशासन के किसी भी काम में अड़चन डालने से भी बचना जरूरी रहेगा। ऐसा कोई भी कार्य नहीं करना है जो आपकी प्रतिष्ठा को कमजोर करें।

उपाय: स्वयं को क्रोध और चिड़चिड़ेपन से बचाना उपाय की तरह काम करेगा। 

सिंह राशि

सूर्य आपके लग्न या राशि के स्वामी हैं तथा वर्तमान में ये आपके सप्तम भाव में गोचर करने वाले हैं। सप्तम भाव में सूर्य के गोचर को अच्छा नहीं माना जाता। ऐसी स्थिति में यदि आप विवाहित हैं तो जीवनसाथी अथवा जीवन संगिनी के साथ संबंधों को बेहतर से बेहतर रखने की कोशिश करें। साझेदारी के कामों में निष्ठापूर्वक तथा शांत चित्त होकर कार्य करें। ऐसा करने की स्थिति में ही आप नकारात्मकता को अपने से दूर रख सकेंगे।

उपाय: इस महीने नमक कम खाएं और संभव हो तो रविवार के दिन इसका सेवन करने से बचें। 

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कन्या राशि

सूर्य आपकी कुंडली में द्वादश भाव के स्वामी होते हैं और द्वादश भाव के स्वामी होते हुए ये आपके छठे भाव में गोचर करने वाले हैं। सामान्य तौर पर सूर्य के गोचर को छठे भाव में अच्छे परिणाम देने वाला कहा गया है लेकिन शनि की संगति के कारण अच्छाइयों का ग्राफ थोड़ा सा कमजोर रह सकता है। इसके बावजूद भी ओवरऑल आपको अच्छे परिणाम मिल सकेंगे। आप अपने प्रतिस्पर्धियों से बेहतर करते हुए देखे जा सकेंगे। कामों में सफलता तथा शासन प्रशासन से जुड़े मामलों में अनुकूलता देखने को मिल सकती है।

उपाय: उपाय के रूप में बंदरों को गुड़ और चना खिलाएं। 

तुला राशि

सूर्य आपके लाभेश होकर पंचम भाव में गोचर करने वाले हैं। वैसे तो पंचम भाव सूर्य का अपना स्थाई भाव माना जाता है लेकिन इसके बावजूद भी पंचम भाव में सूर्य के गोचर को मन मस्तिष्क को भ्रमित करने वाला कहा गया है। विशेषकर विद्यार्थियों को इस समय अवधि में अपने सब्जेक्ट पर फोकस करने के लिए अधिक मेहनत करनी पड़ सकती है। संतान के साथ आपके संबंध अच्छे बने रहें, इस बात की कोशिश लगातार जरूरी रहेगी। खान-पान को उचित रखकर आप पेट से संबंधित परेशानियों को भी दूर रख सकेंगे। अर्थात सूर्य का यह गोचर कमजोर है, कुछ सावधानियां रखनी जरूरी रहेंगी।

उपाय: सरसों के तेल की कुछ बंदे कच्ची मिट्टी में टपकाएं। 

वृश्चिक राशि

दशम भाव के स्वामी होकर सूर्य आपके चतुर्थ भाव में जा रहे हैं। चौथे भाव में सूर्य के गोचर को अच्छा नहीं माना गया है। हालांकि यहां पर स्थित सूर्य अपने स्वयं के घर अर्थात कर्म भाव को दिखेंगे लेकिन फिर भी शनि के संयुक्त प्रभाव के कारण कार्यक्षेत्र में भी कुछ व्यवधान रह सकते हैं। व्यवधान के बाद आपकी युक्ति आपको सफलता दिला सकेगी। घर गृहस्थी को लेकर कुछ चिंताएं रह सकती हैं। यदि आपको हृदय से संबंधित अथवा सीने के आसपास की कोई तकलीफ पहले से रही है तो सूर्य के इस गोचर के चलते आपको उन परेशानियों के प्रति जागरूक या सचेत रहना जरूरी रहेगा।

उपाय: अपनी सामर्थ्य के अनुसार जरूरतमंद लोगों को भोजन करवाएं।

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धनु राशि

भाग्य भाव के स्वामी होकर सूर्य आपके तीसरे भाव में गोचर करने वाले हैं। तीसरे भाव में सूर्य के गोचर को सामान्य तौर पर अनुकूल परिणाम देने वाला कहा गया है। हालांकि अनुकूलता का ग्राफ तुलनात्मक रूप से थोड़ा सा कमजोर रह सकता है। क्योंकि सूर्य ग्रह शनि के प्रभाव में रहने वाले हैं। इसके बावजूद भी यात्राएं लाभकारी हो सकती हैं। आपका कॉन्फिडेंस बेहतर रहेगा। आप अपने प्रतिस्पर्धियों से बेहतर कर सकेंगे। पद प्रतिष्ठा की दृष्टिकोण से भी सूर्य का यह गोचर अनुकूल कहा जाएगा।

उपाय: माता और माता तुल्य स्त्रियों की सेवा करके उनका आशीर्वाद लेना शुभ रहेगा। 

मकर राशि

सूर्य आपके अष्टमेश होते हैं और वर्तमान में ये आपके प्रथम भाव अर्थात आपके दूसरे भाव में गोचर कर रहे हैं। दूसरे भाव में सूर्य के गोचर को सामान्य तौर पर अनुकूल नहीं कहा जाता है। ऊपर से शनि के प्रभाव के चलते सूर्य का यह गोचर पारिवारिक मामलों में कुछ परेशानियां देने का काम कर सकता है। सूर्य के इस गोचर की अवधि में आर्थिक मामलों में भी सावधानी जरूरी रहेगी। नेत्र पीड़ा या मुख से संबंधित कुछ परेशानियां भी देखने को मिल सकती हैं। अर्थात सामान्य तौर पर सूर्य के इस गोचर से अनुकूल परिणाम की उम्मीद नहीं रखनी चाहिए।

उपाय: मंदिर में सूखे हुए जटा वाले सूखे नारियल दान करना शुभ रहेगा।

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कुंभ राशि

सप्तमेश सूर्य आपकी लग्न या आपकी राशि के ऊपर से में गोचर करने वाले हैं। प्रथम भाव में सूर्य के गोचर को अच्छा नहीं माना जाता है। ऊपर से शनि की संगति के कारण पेट से संबंधित कुछ परेशानियां देखने को मिल सकती हैं। पित्त या एसिड अथवा एसिडिटी आदि की शिकायत के चलते कुछ परेशानियां रह सकती हैं। कामों में व्यवधान और संबंधियों से विवाद आदि की संभावनाएं भी बन रही है। इस समय अवधि में यथासंभव क्रोध को त्यागना समझदारी का काम होगा।

उपाय: इस गोचर की अवधि गुड़ न खाना उपाय की तरह काम करेगा।

मीन राशि

सूर्य आपके छठे भाव के स्वामी होकर आपके द्वादश भाव में गोचर कर रहे हैं। द्वादश भाव में सूर्य के गोचर को सामान्य तौर पर अच्छा नहीं माना जाता। अतः सूर्य के इस गोचर की अवधि में कुछ बेकार की यात्राएं करनी पड़ सकती हैं। कुछ बेकार के खर्च भी देखने को मिल सकते हैं। शासन प्रशासन से जुड़े मामलों में कुछ व्यवधान रह सकते हैं। बेहतर होगा कि किसी प्रशासनिक व्यक्ति से व्यर्थ का विवाद करने से बचे। नेत्रों और पैरों से संबंधित कष्ट भी देखने को मिल सकते हैं। अत: इन मामलों में सावधानी भी जरूरी रहेगी।

उपाय: नियमित रूप से श्रद्धापूर्वक मंदिर जाना शुभ रहेगा। 

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