सूर्य ग्रहण 2019 : इस दिन लग रहा है साल का अंतिम सूर्य-ग्रहण, इन जगहों पर आएगा नज़र

इस साल का अंतिम सूर्य-ग्रहण 26 दिसंबर को दिखाई देगा। ये साल का तीसरा और अंतिम सूर्य ग्रहण होगा।  इस बार का सूर्य ग्रहण एक आग की रिंग या आग की अंगूठी की तरह नज़र आने वाला है। वैज्ञानिक भाषा में इसे ‘रिंग ऑफ़ फायर’ भी कहा जा रहा है।  इससे पहले 6 जनवरी 2019 को इस साल का पहला सूर्य ग्रहण लगा था. हालाँकि वो आंशिक सूर्य ग्रहण ही था। वहीं दूसरा सूर्य ग्रहण 2 जुलाई 2019 को लगा था। इस सूर्य ग्रहण को वैज्ञानिकों ने पूर्ण सूर्य ग्रहण का दर्जा दिया था। ऐसे में इस साल के तीसरे सूर्य ग्रहण को वैज्ञानिको ने वलयाकार ग्रहण बताया है।

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कहाँ नज़र आएगा ये सूर्य ग्रहण?

वलयाकार ग्रहण को पूरा सूर्य ग्रहण नहीं माना जाता है। कहा जाता है कि ऐसे सूर्य ग्रहण को उचित सुरक्षा में ही देखना चाहिए वरना ये काफी घातक साबित हो सकता है।  साल का अंतिम सूर्य ग्रहण भारत, सऊदी अरब, कतर, इंडोनेशिया, श्रीलंका, सुमात्रा, मलेशिया, फिलीपींस, सिंगापुर और गुआम में नज़र आएगा। इसके अलावा एशिया,ऑस्ट्रेलिया और अफ्रीका के अन्य हिस्सों में इस सूर्य ग्रहण को आंशिक ग्रहण के तौर पर भी देखा जा सकेगा।

सबसे पहले यहाँ नज़र आएगा सूर्य ग्रहण

बताया जा रहा है कि सूर्य ग्रहण देखने का पहला स्थान रियाद, सऊदी अरब के उत्तर-पूर्व में 137 मील (220 किमी) होगा। यह स्थानीय समय के अनुसार सुबह 6:34 बजे (3:34 GMT) शुरू होगा, और यह 2 मिनट और 59 सेकंड तक चलेगा। इसके अलावा ग्रहण देखने के लिए पृथ्वी पर अंतिम स्थान गुआम होगा।

सूर्य ग्रहण का विभिन्न राशियों पर प्रभाव एवं उपाय

भारत में किस समय नज़र आएगा सूर्य ग्रहण

भारत के मुंबई में इस सूर्य-ग्रहण का काल 26 दिसंबर की रात 08:17:02 से शुरू हो कर 10:57:09 मिनट तक चलेगा। अगर आपको भी ये सूर्य ग्रहण देखना है तो इसके लिए आप या तो YouTube चैनल पर इसकी लाइव स्ट्रीमिंग देख सकते हैं या फिर आप NASA की आधिकारिक वेबसाइट पर भी इसे देख सकते हैं।

26 दिसंबर 2019 को दिखाई देने वाले सूर्य ग्रहण का सूतक एक दिन पहले ही यानि कि 25 दिसंबर को शाम 5:33 बजे से शुरू हो जायेगा और अगले दिन सुबह 10:57 पर सूर्य ग्रहण की समाप्ति के बाद ही खत्म होगा। अतः 25 दिसंबर शाम साढ़े 5 बजे से ही सूतक के नियम प्रभावी हो जाएंगे। इस समय में मूर्ति पूजा और स्पर्श आदि कार्य न करें।

बता दें कि सूतक लगने के बाद सभी हर तरह के शुभ कार्यों को करने ही मनाही हो जाती है।  इसके अलावा सूतक लगने के बाद मंदिरों के कपाट भी बंद कर दिए जाते हैं। इस दौरान पूजा-पाठ या फिर किसी भी प्रकार के धार्मिक अनुष्‍ठान नहीं किए जाते हैं। ये सूर्य ग्रहण अलग-अलग राशियों पर अलग-अलग तरह के प्रभाव डालता है।

सूर्य-ग्रहण के समय ज़रूर बरतें ये सावधानियां:

सूर्य ग्रहण के समय एक सावधानी जो आवश्यक रूप से सबको बरतनी चाहिए वो यह है कि इस दौरान किसी भी गर्भवती महिला को घर से बाहर नहीं निकलना चाहिए। माना जाता है कि सूर्य ग्रहण के समय सूर्य से कुछ ऐसी हानिकारक किरणें निकलती हैं जो माँ और उसके अजन्मे बच्चे पर बुरा प्रभाव डाल सकती हैं.

इसके अलावा लोगों को इस बात का ध्यान देना चाहिए कि सूर्य ग्रहण के दौरान पहले से पका या बना हुआ खाना नहीं खाना चाहिए। सावधानी के तौर पर आप खाने में तुलसी की पत्ती डाल कर रख सकते हैं जिससे उस पर ग्रहण का कोई असर नहीं होता।

हालाँकि यहाँ ये बात भी जानने की ज़रूरत है कि ये सब सावधानी-परहेज उसी जगह के लोगों को रखनी चाहिए जहाँ सूर्य ग्रहण नज़र आने वाला होता है।

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