शुक्र का कन्या राशि में गोचर: किन राशियों को होगा लाभ और किन्हें होगा नुकसान?

शुक्र का कन्या राशि में गोचर: ज्योतिष की दुनिया में शुक्र ग्रह को वैभव, ऐश्वर्य, धन, विलासिता, भौतिक सुख सुविधाओं तथा सुंदरता इत्यादि का कारक माना जाता है। ऐसी स्थिति में जब शुक्र राशि परिवर्तन करता है, तो इन तमाम क्षेत्रों में इसका गहरा प्रभाव पड़ता है। 3 नवंबर 2023 को शुक्र कन्या राशि में प्रवेश कर चुके हैं और 30 नवंबर तक शुक्र इसी राशि में ही रहेंगे। कन्या राशि में शुक्र नीच अवस्था में होता है। इस कारण से इन तमाम क्षेत्रों में कुछ धीमापन अथवा कुछ समस्याएं देखने को मिल सकती हैं। लेकिन, राशियों पर पड़ने वाले प्रभाव से पहले हम बात करेंगे शुक्र गोचर भारतवर्ष को कैसे प्रभावित करेगा।

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शुक्र का कन्या राशि में गोचर: भारत पर प्रभाव 

भारतवर्ष की कुंडली में शुक्र ग्रह पंचम भाव में गोचर करेगा और पंचम भाव में शुक्र के गोचर को अच्छा माना जाता है। इस कारण से भारतवर्ष पर शुक्र की नीचता का कोई बड़ा नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ना चाहिए। इस गोचर की अवधि में महिलाओं से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण निर्णय लिए जा सकते हैं। हालांकि, उन निर्णयों में कुछ त्रुटि रहने की भी संभावना प्रतीत हो रही है। जिन जगहों पर चुनाव हैं और वहां कोई महिला प्रतिद्वंदी है, तो ऐसी स्थिति में पुरुष प्रतिद्वंदियों को सजग और सावधान रहने की आवश्यकता रहेगी क्योंकि वहां जीतने के लिए कोई भी हथकंडा अपनाया जा सकता है। जीत के बाद मंत्रिमंडल इत्यादि में महिलाओं को वरीयता मिलने की भी संभावना है। शुक्र के इस गोचर का आपकी राशि पर क्या असर पड़ेगा, आइए जानते हैं। 

शुक्र का कन्या राशि में गोचर: राशि अनुसार प्रभाव और उपाय 

मेष राशि

मेष राशि वालों के लिए शुक्र आपकी कुंडली में दूसरे और सातवें भाव के स्वामी हैं और वर्तमान में शुक्र आपके छठे भाव में नीच अवस्था में गोचर कर गए हैं। शुक्र की इस स्थिति को अच्छा नहीं माना गया है। इसके फलस्वरूप आपको आर्थिक और पारिवारिक मामलों में सावधानीपूर्वक निर्वाह करने की आवश्यकता रहने वाली है। दांपत्य जीवन से जुड़े मामलों में भी सतर्क रहना होगा। इसके अलावा रोग, ऋण व शत्रु से संबंधित क्षेत्रों में भी आपको समझदारी से काम लेना होगा। किसी भी स्त्री से किसी भी प्रकार का विवाद करने से बचें।

उपाय: मां दुर्गा को लाल फूलों की माला पहनना शुभ रहेगा। 

वृषभ राशि

वृषभ राशि वालों के लिए शुक्र आपकी राशि स्वामी या लग्न स्वामी होने के साथ-साथ आपके छठे भाव के भी स्वामी हैं। वर्तमान में यह आपके पंचम भाव में नीच अवस्था में जा रहे हैं। वैसे तो पंचम भाव में शुक्र के गोचर को अच्छा माना गया है। इसके फलस्वरूप, संतान और शिक्षा से संबंधित मामलों में आप अच्छा कर सकेंगे क्योंकि शुक्र नीच का है। अतः इन्हीं मामलों में गंभीरतापूर्वक समझदारी के साथ निर्वाह करने की स्थिति में ही अच्छे परिणाम मिल सकेंगे। मनोरंजन इत्यादि से संबंधित मामलों में समय अनुकूल रहेगा। अपनी सीमा में रहते हुए आप लव लाइफ का आनंद ले सकेंगे। आर्थिक मामलों में बड़े जोखिम न उठाने की स्थिति में कुछ प्रयासों में सफलता मिलने की संभावनाएं भी मजबूत हो रही हैं।

उपाय: देवी दुर्गा को खीर का भोग लगाना शुभ रहेगा। 

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मिथुन राशि

मिथुन राशि वालों के लिए शुक्र आपकी कुंडली में पंचम तथा द्वादश भाव के स्वामी हैं तथा वर्तमान में शुक्र आपके चौथे भाव में नीच अवस्था में गोचर करने जा रहे हैं। वैसे तो, चौथे भाव में शुक्र के गोचर को अच्छा माना गया है। अतः दूर के स्थान से संबंधित मामलों में अच्छे परिणाम मिलने की संभावनाएं हैं। मित्रों तथा शिक्षा के क्षेत्र में भी अच्छे परिणाम मिल सकते हैं, लेकिन इन सभी मामलों में गंभीरतापूर्वक कार्य करना भी जरूरी रहेगा। समझदारी दिखाकर आप भूमि, भवन, वाहन इत्यादि से संबंधित मामलों में अच्छा कर सकेंगे तथा लोगों के बीच में भी आप लोकप्रिय हो सकेंगे लेकिन अपनी छवि को लेकर किसी भी प्रकार का रिस्क लेना उचित नहीं रहेगा।

उपाय: माता तथा माता तुल्य स्त्रियों की सेवा व सत्कार करना शुभ रहेगा। 

कर्क राशि

कर्क राशि वालों के लिए शुक्र आपकी कुंडली में चौथे तथा लाभ भाव के स्वामी हैं तथा वर्तमान में शुक्र आपके तीसरे भाव में गोचर करने जा रहे हैं। वैसे तो सामान्य तौर पर शुक्र के इस गोचर को अच्छा माना गया है, क्योंकि यहां पर शुक्र का गोचर लाभ करवाता है। शत्रुओं तथा प्रतिस्पर्धियों से आगे ले जाने में मदद करता है। कॉन्फिडेंस अच्छा रहता है। अच्छे समाचार भी सुनने को मिलते हैं। भाई-बंधु और पड़ोसियों के साथ संबंध भी मजबूत रहते हैं, लेकिन क्योंकि आपके मामले में तीसरे भाव में शुक्र नीच का होता है। ऐसे में, इन सभी मामलों में लापरवाही नहीं बरतनी है। ईमानदारी तथा निष्ठापूर्वक इन संबंधों को निभाने की कोशिश करनी है। ऐसा करने की स्थिति में आप अच्छे परिणाम प्राप्त कर सकेंगे।

उपाय: जल में साबुत चावल बहाना शुभ रहेगा। 

सिंह राशि

सिंह राशि वालों के लिए शुक्र आपकी कुंडली में तीसरे तथा दशम भाव के स्वामी हैं और वर्तमान में शुक्र आपके दूसरे भाव में नीच अवस्था में गोचर करने जा रहे हैं। दूसरे भाव में शुक्र के गोचर को सामान्य तौर पर अच्छे परिणाम देने वाला कहा गया है। ऐसी स्थिति में आप आर्थिक तथा पारिवारिक मामलों में सावधानीपूर्वक निर्वाह करके अच्छे परिणाम प्राप्त कर सकेंगे। नौकरीपेशा  जातकों को नौकरी के बेहतर अवसर मिल सकते हैं, लेकिन नौकरी में बदलाव से पहले संबंधित संस्थान के बारे में विधिवत जांच-पड़ताल जरूर कर लें। साथ ही, कहीं पर निवेश करने से पूर्व अच्छे से सोच-विचार करें। जैसे कि मैंने पहले भी कहा कि शुक्र यहां पर आपको अच्छे परिणाम दिलाने की कोशिश में रहेंगे लेकिन क्योंकि शुक्र नीच का है इसलिए आर्थिक, पारिवारिक तथा करियर से संबंधित मामलों में किसी भी प्रकार का रिस्क लेने से बचना भी समझदारी का काम होगा।

उपाय: देसी गाय के घी से बनी हुई मिठाइयां मां दुर्गा को चढ़ाएं। 

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कन्या राशि

कन्या राशि वालों के लिए शुक्र आपकी कुंडली में दूसरे तथा भाग्य भाव के स्वामी हैं और वर्तमान में शुक्र आपके पहले भाव में गोचर करने जा रहे हैं। सामान्य तौर पर पहले भाव में शुक्र के गोचर को अच्छे परिणाम देने वाला कहा गया है। ऐसे में, शुक्र आपको यथा संभव धन लाभ करवाने की कोशिश करेगा। शिक्षा से संबंधित मामलों में विशेषकर कला या साहित्य से जुड़ी शिक्षा में शुक्र अच्छे परिणाम दिलाना चाहेगा। प्रेम और वैवाहिक जीवन में भी अच्छे परिणाम मिल सकते हैं। कार्यक्षेत्र में विस्तार तथा व्यापार-व्यवसाय में उन्नति की संभावनाएं भी मजबूत होंगी। लेकिन इन मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरतनी है क्योंकि नीच का शुक्र जरा सी लापरवाही में नुकसान भी दे सकता है। वैसे सामान्य तौर पर आपको सकारात्मक परिणाम मिलने की अच्छी संभावनाएं बन रही हैं।

उपाय: काली गाय की सेवा करना शुभ रहेगा। 

तुला राशि

तुला राशि वालों के लिए शुक्र आपकी कुंडली में आपकी राशि या लग्न के स्वामी होने के साथ-साथ आपके आठवें भाव के भी स्वामी हैं। वर्तमान में शुक्र आपके द्वादश भाव में नीच अवस्था में जा रहे हैं। वैसे तो द्वादश भाव में शुक्र के गोचर को सामान्य तौर पर अनुकूल परिणाम देने वाला कहा गया है, लेकिन शुक्र नीच के हैं तथा राहु-केतु के प्रभाव में हैं। इन तमाम कारणों से आपको स्वास्थ्य से संबंधित किसी भी प्रकार का रिस्क नहीं लेना है तथा जिस मामले की पूरी जानकारी आपको न हो उस काम को हाथ में लेने से बचें। यथासंभव खर्चों को रोकने की कोशिश करनी होगी। ऐसा करने से आप धन बढ़ाने में कामयाब रह सकेंगे। विदेश से संबंधित मामलों में अच्छे परिणाम मिल सकेंगे। आमोद-प्रमोद और मनोरंजन इत्यादि के लिए आप एक क्वालिटी टाइम निकाल सकेंगे और उसका आनंद ले सकेंगे।

उपाय: यदि विवाहित हैं, तो पत्नी को अन्यथा भाभी को श्रृंगार सामग्री भेंट करना शुभ रहेगा। 

वृश्चिक राशि

वृश्चिक राशि वालों के लिए शुक्र आपकी कुंडली में सातवें तथा द्वादश भाव के स्वामी हैं और वर्तमान में शुक्र आपके लाभ भाव में नीच अवस्था में गोचर करने जा रहे हैं। वैसे तो यहां पहुंचा हुआ शुक्र सामान्य तौर पर आपको अच्छे परिणाम दिलाना चाहेगा। आपके धन तथा ऐश्वर्य में वृद्धि करवाना चाहेगा। कामों में सफलता मिलेगी और मित्रों का सहयोग भी मिल सकता है। लेकिन इन सबके बावजूद भी सजग और सावधान रहना होगा। विशेषकर दैनिक रोजगार तथा दांपत्य जीवन के मामलों में किसी भी प्रकार के लापरवाही नहीं बरतनी है। दूर की यात्राओं के दौरान जागरूक व सजग रहना होगा अर्थात कुछ सावधानियां को अपनाकर आप शुक्र गोचर के दौरान अच्छा लाभ प्राप्त कर सकेंगे।

उपाय: नियमित रूप से लक्ष्मी चालीसा का पाठ करें। 

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धनु राशि

धनु राशि वालों के लिए शुक्र आपकी कुंडली में छठे भाव के स्वामी होने के साथ-साथ लाभ भाव के भी स्वामी हैं। वर्तमान में शुक्र आपके दशम भाव में नीच अवस्था में गोचर करने जा रहे हैं। दशम भाव में शुक्र के गोचर को सामान्य तौर पर अच्छा नहीं माना गया है। अतः कार्यक्षेत्र से संबंधित मामलों में किसी भी प्रकार का रिस्क नहीं लेना है। काम-धंधे को लेकर कोई नया प्रयोग करने से बचें। साथ ही, अपनी मान-प्रतिष्ठा को लेकर भी सावधान रहें। नौकरी को लेकर किसी भी प्रकार का रिस्क नहीं लेंगे तो ज्यादा अच्छा रहेगा। यदि आपके सीनियर या बॉस कोई स्त्री है तो उनसे विवाद करने से बचें। अगर सामने की तरफ से विवाद की स्थिति निर्मित हो, तो आपको यथा संभव विवाद को टालने की कोशिश करनी होगी अर्थात इन सावधानियों को अपनाकर आप परिस्थितियों को संतुलित रखने में कामयाब हो सकेंगे।

उपाय: भगवान शिव की उपासना करें।  

मकर राशि

मकर राशि वालों के लिए शुक्र आपकी कुंडली में पांचवें तथा दशम भाव के स्वामी हैं और वर्तमान में यह आपके भाग्य भाव में गोचर करने जा रहे हैं। सामान्य तौर पर भाग्य भाव में शुक्र गोचर को अच्छे परिणाम देने वाला कहा गया है। ऐसा शुक्र शासन-प्रशासन से जुड़े मामलों में अनुकूलता देता है। धार्मिक यात्राओं पर जाने की संभावना है। घर-परिवार अथवा रिश्तेदार के यहां कोई मांगलिक कार्य संभव हो सकता है और भाग्य भी बेहतर ढंग से सपोर्ट करेगा। ऐसी स्थिति में हम अच्छे परिणाम की उम्मीद तो कर रहे हैं लेकिन शुक्र की नीच अवस्था को देखते हुए इन मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतने की सलाह भी आपको देना चाहेंगे। विशेषकर संतान, शिक्षा, कार्यक्षेत्र तथा सामाजिक प्रतिष्ठा से संबंधित मामलों में किसी भी प्रकार का रिस्क लेना उचित नहीं रहेगा।

उपाय: इत्र मिले हुए जल से शिवजी का अभिषेक करें। 

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कुंभ राशि

कुंभ राशि वालों के लिए शुक्र आपकी कुंडली में चौथे तथा भाग्य भाव के स्वामी हैं और वर्तमान में यह आपके आठवें भाव में नीच अवस्था में गोचर करने वाले हैं। वैसे तो, आठवें भाव में शुक्र के गोचर को अच्छे परिणाम देने वाला कहा गया है क्योंकि यहां का शुक्र कष्टों से मुक्ति देता है। आर्थिक मामलों में सपोर्ट करता है तथा सुख बढ़ाने का काम करता है, लेकिन क्योंकि शुक्र नीच का है। ऐसी स्थिति में घर-गृहस्थी से संबंधित मामलों में किसी भी प्रकार का रिस्क नहीं लेना है। वाहन इत्यादि सावधानी से चलाना होगा तथा दूर की यात्राओं के दौरान जागरूक व चौकन्ना रहना होगा। धार्मिक यात्राओं की संभावनाएं भी हैं। ऐसे में, संभव हो, तो कहीं पर किसी देवी के दर्शन करने जाना ज्यादा अच्छा रहेगा।

उपाय: गाय को दूध और चावल खिलाना शुभ रहेगा। 

मीन राशि

मीन राशि वालों के लिए शुक्र आपकी कुंडली में तीसरे तथा आठवें भाव के स्वामी हैं। वहीं, वर्तमान में शुक्र आपके सातवें भाव में नीच अवस्था में गोचर करने जा रहे हैं। शुक्र के इस गोचर को सामान्य तौर पर अच्छा नहीं माना गया है क्योंकि सातवें भाव में पहुंचा हुआ शुक्र, विशेषकर नीच अवस्था का शुक्र आपको जननेंद्रियों से संबंधित कुछ रोग या परेशानी दे सकता है। यात्राओं के दौरान भी कुछ कष्ट रह सकता है। दांपत्य जीवन के मामलों में किसी भी प्रकार के लापरवाही नहीं बरतनी है न केवल एक-दूसरे के स्वास्थ्य का ख्याल रखना होगा, बल्कि एक-दूसरे की भावनाओं का भी ध्यान ध्यान रखें। दैनिक रोजगार से संबंधित मामलों में भी किसी भी प्रकार की लापरवाही उचित नहीं रहेगी अर्थात इन सावधानियां को अपनाने के पश्चात आप परिस्थितियों को संतुलित रख सकेंगे।

उपाय: भूरी गाय की सेवा करना शुभ रहेगा। 

हम उम्मीद करते हैं कि शुक्र के इस गोचर के परिणामों को पहले से जान कर आप एक बेहतरीन योजना बनाएंगे और शुक्र के गोचर का न केवल लाभ ले सकेंगे बल्कि इससे होने वाले नुकसान को भी योजनाबद्ध तरीके से दूर कर सकेंगे। हम आशा करते हैं कि हमारा यह प्रयास आपके जीवन में बेहतरी लाने का काम करेगा। भगवती आप सब पर कृपा बनाए रखें। 

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