Shukra-Guru Yuti: मीन राशि में शुक्र-गुरु की युति; तुला सहित इन 4 राशियों की बढ़ सकती हैं परेशानियां, ऐसे बरतें सावधानी!

Shukra-Guru Yuti: वैदिक ज्योतिष के अनुसार, प्रत्येक ग्रह अपनी राशि और स्थिति को समय-समय पर बदलते रहते हैं। ग्रह राशि परिवर्तन करने के अलावा मार्गी, वक्री, अस्त और उदय व एक दूसरे से साथ युति भी बनाते हैं। बता दें कि जब दो ग्रह एक ही राशि में हों तो इसे ग्रहों की युति कहा जाता है। राशि में युति से शुभ और अशुभ दोनों तरह के योग बनते हैं और जिसका जिसका असर मानव जीवन और देश- दुनिया पर देखने को मिलता है। इसी क्रम में 15 फरवरी से लेकर 12 मार्च तक शुक्रदेव बृहस्पति की मीन राशि में मौजूद रहेंगे। जिससे मीन राशि में शुक्र व बृहस्पति की युति बन रही है। हालांकि गुरु और शुक्र अपने आप में ही शुभ ग्रह हैं लेकिन आपस में दोनों की शत्रुता है।

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बृहस्पति ग्रह वैवाहिक जीवन, सफलता, आध्यात्मिकता, वैभव, धन, संतान और विवाह, समृद्धि और सौभाग्य आदि के कारक ग्रह माने जाते हैं, वहीं शुक्र दांपत्य सुख, सौंदर्य, रोमांस और रचनात्मकता का प्रतिनिधित्व करते हैं। ऐसे में इन दोनों ग्रहों के आमने-सामने होने पर सभी 12 राशियों के जीवन पर प्रभाव पड़ेगा। यह प्रभाव सकारात्मक व नकारात्मक दोनों प्रकार के हो सकते हैं लेकिन 4 राशियां ऐसी है जिन्हें इस युति के दौरान कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। आइए जानते हैं एस्ट्रोसेज के इस विशेष ब्लॉग में कौन सी है वह राशियां व इन युति के दुष्प्रभाव से बचने के उपाय।

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मीन राशि में शुक्र गुरु की युति से इन राशियों को रहना होगा सावधान!

मेष राशि

मेष राशि के जातकों के लिए शुक्र दूसरे और सातवें भाव के स्वामी हैं और यह आपके बारहवें भाव में प्रवेश कर चुके हैं। ऐसे में आपके खर्चों में बढ़ोतरी देखी जा सकती है इसलिए आपको व्यर्थ में धन खर्च करने से बचने की सलाह दी जाती है अन्यथा भविष्य में समस्या का सामना करना पड़ सकता है। इस दौरान आपकी खराब स्वास्थ्य स्थिति आपके काम को भी नकारात्मक रूप से प्रभावित कर सकती है। स्वास्थ्य को लेकर आपको सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। नियमित रूप से व्यायाम करें। इसके अलावा संतुलित आहार लें और ध्यान करें। ऐसा करने से आपको आराम मिलेगा।

मिथुन राशि

मिथुन राशि के जातकों की बात करें तो शुक्र आपके बारहवें भाव के स्वामी होने के साथ-साथ पंचम भाव के स्वामी भी हैं और शुक्र का मीन राशि में गोचर आपके दशम भाव में हुआ है। ऐसे में 12 मार्च 2023 तक मिथुन राशि वालों को कार्यक्षेत्र में कुछ समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। साथ ही आप दिखावे की आदत से परेशान रहेंगे और शुक्र-बृहस्पति की युति आपको अभिमानी बना सकता है, जिससे आप खुद को सर्वोत्तम मानने की भूल कर सकते हैं और अपने आसपास के लोगों को नीचा दिखा सकते हैं। ऐसे में अपने रवैया को लेकर विचार करें और अपने अंदर अहंकार की भावना को मत आने दें। इस दौरान किसी भी तरह की गप्पेबाजी से बचकर रहें क्योंकि यह आपके लिए कार्यक्षेत्र में समस्या पैदा कर सकता है। 

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तुला राशि

इस दौरान आपके खर्चों में बेतहाशा वृद्धि देखने को मिलेगी। आप अपनी विलासिता पर भी पैसे खर्च करते नजर आ सकते हैं। नौकरी में स्थिति अनुकूल रहेगी। व्यापार को लेकर आप थोड़ा सा चिंतित नजर आएंगे। कार्यक्षेत्र में मेहनत और काम का दबाव रह सकता है। स्वास्थ्य की बात करें, तो इस दौरान स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखना होगा क्योंकि कोई बड़ी स्वास्थ्य समस्या इस दौरान परेशान कर सकती है। यदि आप पहले से ही किसी बड़ी समस्या से पीड़ित हैं तो इस दौरान वह बीमारी जोर पकड़ सकती है, इसलिए सतर्क रहें और समय-समय पर अपनी उचित जांच कराते रहें।

कुंभ राशि

इस दौरान आपकी वाणी थोड़ी कठोर होगी और यदि आप उस पर ध्यान नहीं देते हैं और बिना सोचे समझे बोलते हैं तो आपके कई बने बनाए काम बिगड़ सकते हैं और परिवार व कार्यक्षेत्र पर भी इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। स्वास्थ्य के क्षेत्र की बात करें तो अत्यधिक भोजन करने या स्वादिष्ट भोजन के चक्कर में आपका स्वास्थ्य बिगड़ सकता है। आपको दांत में दर्द या मुंह में छाले की समस्या परेशान कर सकती है। करियर के लिहाज से यह समय आपके लिए काफी सकारात्मक परिणाम लाएगा लेकिन कोई भी फैसला लेते समय कई बार विचार जरूर करें और अपने गुरु व परिवार में बड़ों की सलाह जरूर लें।

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शुक्र और गुरु करीब एक महीने होंगे आमने सामने, इन उपायों से होगा फायदा

कुछ उपाय करने से गुरु और शुक्र ग्रह का शुभ फल आपको प्राप्त हो सकता है। साथ ही कुंडली में इनका दोष भी खत्म होता है। आइए जानते हैं इन उपायों के बारे में:

  • बृहस्पति के अशुभ प्रभाव से बचने के लिए गुरुवार के दिन गुरु यंत्र की स्थापना करके पूजा करें और गुरु के बीज मंत्र “ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं सः गुरुवे नमः” का जप करें। ध्यान रहें कि पूजा करते समय पीले रंग के वस्त्र ही पहनें।
  • गुरु ग्रह से संबंधित वस्तुएं जैसे हल्दी, पीली मिठाई, सेंधा नमक, शुद्ध देसी घी, पीले फूल व माला, चने की दाल आदि का जरूरतमंदों को दान करें। साथ ही माता-पिता, गुरुजन और अन्य पूज्यनीय व्यक्तियों के प्रति आदर व सम्मान का भाव रखें।
  • गुरुवार के दिन केले के पेड़ के नीचे घी का दीपक जलाएं और आटे की लोई में चने की दाल, गुड़ व हल्दी डालकर गाय को खिला दें।
  • कुंडली में शुक्र ग्रह को मजबूत बनाने के लिए व दोष को दूर करने के लिए 6 या 13 मुखी रुद्राक्ष धारण करें। साथ ही शुक्रवार के दिन शुक्र यंत्र की स्थापना करें।
  • शुक्र ग्रह के बुरे प्रभाव को कम करने के लिए अरंड मूल व शरपुंखा मूल धारण करें। इसके साथ ही आप शुक्रवार से शुरू करके सात दिनों तक गाय को हरा चारा खिलाएं।
  • प्रत्येक शुक्रवार के दिन हल्के पीले रंग के वस्त्र धारण करें और घर में तुलसी का पौधा लगाएं। साथ ही शुक्रवार के दिन 5 कन्याओं की पूजा करें।
  • पांच शुक्रवार तक मंदिर में दूध, सफेद वस्त्र, बर्फी, मिश्री और चावल का दान करें। साथ ही घर में स्त्रियों का सम्मान करें।

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