शुक्र गोचर 2021: विलासिता के ग्रह का गोचर देश और दुनिया में लायेगा क्या बड़े बदलाव?

शुक्र ग्रह को अंग्रेजी में वीनस कहते हैं। वीनस अर्थात सुंदरता की देवी। सभी नौ ग्रहों में वीनस को स्त्री ग्रह माना जाता है और ज्योतिष की दुनिया में शुक्र ग्रह को सुख सुविधाओं और विलासिताओं से संबंधित ग्रह माना गया है। सभी 12 राशियों में वृषभ और तुला राशि का स्वामित्व भी शुक्र ग्रह के पास होता है। तमाम सुख-सुविधाओं का कारक शुक्र ग्रह जल्द ही धनु राशि में गोचर करने वाला है।

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अपने इस विशेष आर्टिकल में जानेंगे शुक्र गोचर का देश, दुनिया और सभी 12 राशियों पर क्या प्रभाव पड़ेगा, और साथ ही जानेंगे कुंडली में मौजूद शुक्र ग्रह को मजबूत करने के कुछ ज्योतिषीय उपायों के बारे में भी।

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शुक्र गोचर समय और महत्व

गोचर अर्थात ग्रहों का एक राशि से दूसरी राशि में प्रवेश करना या परिवर्तन करना। बात करें शुक्र गोचर की तो शुक्र गोचर की अवधि लगभग 23 दिनों की होती है। यानी कि एक राशि में शुक्र ग्रह 23 दिनों तक रहता है और उसके बाद अपना राशि परिवर्तन कर लेता है। इसी कड़ी में 30 अक्टूबर को शुक्र ग्रह वृश्चिक राशि से निकलकर धनु राशि में प्रवेश करने जा रहा है।

यह गोचर 30 अक्टूबर 2021 को 15.56 बजे होगा, इसके बाद शुक्र ग्रह 8 दिसंबर 2021 को दोपहर 12.56 बजे मकर राशि में प्रवेश कर जाएगा।

इसके बाद शुक्र ग्रह के इस वर्ष में दो अन्य गोचर होने वाले हैं:

धनु राशि से मकर राशि में 8 दिसंबर बुधवार को 12:56 पर गोचर करेगा 

मकर राशि से धनु राशि में 30-दिसंबर बृहस्पतिवार को 9:57 पर गोचर करेगा

वैदिक ज्योतिष में शुक्र ग्रह को शुभ ग्रह माना जाता है। शुक्र ग्रह कला, प्रेम, सौंदर्य, वैवाहिक जीवन, वाहन जैसे अन्य भौतिक सुखों का कारक भी होता है। ऐसे में जिन व्यक्तियों की कुंडली में शुक्र ग्रह शुभ स्थिति में होता है ऐसे व्यक्तियों को तमाम तरह के सांसारिक सुख अपने जीवन में प्राप्त होते हैं। वहीं इसके विपरीत जिन लोगों की कुंडली में शुक्र ग्रह कमजोर या पीड़ित अवस्था में होता है ऐसे लोगों के वैवाहिक जीवन में परेशानियां, सांसारिक सुखों की कमी, किडनी रोग जैसी परेशानियां जीवन में बनी रहती हैं।

जिन व्यक्तियों की कुंडली में शुक्र पीड़ित या कमजोर अवस्था में होता है उन लोगों को शुक्र ग्रह की शांति के उपाय करने की सलाह दी जाती है शुक्र ग्रह शांति के उपाय और शुक्र ग्रह को मजबूत करने के उपाय जानने के लिए यह लेख आखिर तक अवश्य पढ़ें

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शुक्र ग्रह व्यक्ति की कुंडली में विवाह से लेकर संतान योग बनाने के लिए जाने जाता है। इसके अलावा शुक्र ग्रह को लाभ का कारक भी माना गया है। व्यक्ति के जीवन में सुख समृद्धि भी शुक्र ग्रह के प्रभाव से आती है। जिन व्यक्तियों की कुंडली में शुक्र ग्रह शुभ स्थिति में होता है ऐसे व्यक्ति कला के प्रति आकर्षित रहते हैं। शुक्र ग्रह व्यक्ति के कलात्मकता का विकास करने के लिए भी जाना जाता है। शुक्र ग्रह जहां मीन राशि में उच्च का होता है वहीं कन्या इसकी नीच राशि मानी गई है।

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शुक्र गोचर से मिलने वाला फल

अन्य सभी ग्रहों की ही तरह शुक्र ग्रह का कुंडली के अलग-अलग भावों पर अलग-अलग प्रभाव देखने को मिलता है। हालांकि ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक प्रथम भाव, द्वितीय भाव, तृतीय भाव, चतुर्थ भाव, पंचम भाव, अष्टम भाव, नवम भाव, एकादश भाव, और द्वादश भाव में शुक्र गोचर के समय शुभ फल प्राप्त होते हैं, लेकिन, षष्टम भाव, सप्तम भाव, और अष्टम भाव में इसके फल थोड़े प्रतिकूल हो सकते हैं।

कुंडली में शुक्र ग्रह के शुभ और अशुभ होने के संकेत

कुंडली में कोई भी ग्रह शुभ स्थिति में बैठा है या अशुभ स्थिति में है इससे संबंधित कुछ संकेत व्यक्ति के जीवन में प्राप्त होते हैं। आइए जान लेते हैं कि कुंडली में शुक्र ग्रह के शुभ और अशुभ होने के क्या कुछ संकेत होते हैं।

कुंडली में शुक्र के शुभ होने के संकेत

  • जिन लोगों की कुंडली में शुक्र ग्रह शुभ या मजबूत स्थिति में स्थित होता है उन्हें जीवन में तमाम तरह के भौतिक सुखों की प्राप्ति होती है। 
  • ऐसे व्यक्तियों का जीवन सुख और शांति में बीतता है। 
  • ऐसे जातक आकर्षक व्यक्तित्व वाले और विपरीत लिंग के लोगों को अपनी तरफ आकर्षित करने की इनमें शानदार शक्ति होते हैं। 
  • शुक्र ग्रह शुभ स्थिति में होता है तो व्यक्ति के जीवन में सुख सुविधा के साथ ही यश और कीर्ति बनी रहती है। 
  • ऐसे व्यक्ति मीडिया, कला, मनोरंजन के क्षेत्र में नाम कमाते हैं।

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कुंडली में शुक्र के अशुभ होने के संकेत और उपाय

वहीं इसके विपरीत जिन लोगों की कुंडली में शुक्र ग्रह कमजोर स्थिति में होता है, 

  • ऐसे व्यक्तियों को आर्थिक परेशानियां जीवन में परेशान करती हैं। 
  • साथ ही ऐसे व्यक्तियों के जीवन में भौतिक सुखों की कमी बनी रहती है। 
  • इसके अलावा ऐसे व्यक्तियों के जीवन में दरिद्रता भी लगातार बनी रहती है। 
  • शुक्र कमजोर हो तो व्यक्ति के जीवन से आकर्षण खत्म होने लगता है। 
  • स्त्री सुख में कमी आने लगती है। 
  • साथ ही शुक्र ग्रह अशुभ स्थिति में हो तो व्यक्ति का वैवाहिक जीवन अच्छा नहीं रहता और बेवजह के तनाव, गलतफहमियां और लड़ाई झगड़े बने रहते हैं।

यदि आपके जीवन में भी शुक्र के कमजोर होने के अशुभ होने के संकेत मिल रहे हैं तो घबराने की आवश्यकता नहीं है ज्योतिष में इससे संबंधित उपाय आदि बताए गए हैं।

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कुंडली में शुक्र को मजबूत करने के ज्योतिषीय उपाय

  • स्त्रियों का सम्मान करें। 
  • सफेद रंग शुक्र ग्रह से संबंधित माना जाता है। ऐसे में अपने जीवन में ज्यादा से ज्यादा सफेद रंग शामिल करें। 
  • शुक्रवार के दिन और पूर्णिमा के दिन शुक्र मंत्र का जाप करें। 
  • सफेद वस्तुओं जैसे की खीर, दूध, चावल, इत्यादि का अपनी यथाशक्ति के अनुसार दान करें। 
  • इसके अलावा रत्न की बात करें तो शुक्र ग्रह को मजबूत करने के लिए पुरुष ओपल रत्न धारण कर सकते हैं और महिलाएं हीरा या जरकन रत्न पहन सकती हैं। हालांकि कोई भी रत्न हमेशा किसी विद्वान ज्योतिषी से सलाह मशवरा और परामर्श के बाद ही धारण करें। रत्न से संबंधित कोई भी परामर्श प्राप्त करने के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं। 
  • शुक्रवार का उपवास करें और मालक्ष्मी की पूजा करें। 
  • शुक्र देव को प्रसन्न करने के लिए अपने भोजन का एक हिस्सा निकालकर गाय, कुत्ते, कौवों को खिलाएं। 
  • शुक्रवार के दिन सफेद वस्तुओं के साथ शक्कर और दक्षिणा किसी नाबालिक कन्या या फिर एक आंख वाले व्यक्ति को दान करें। 

जल्द होने वाले शुक्र गोचर का देश-दुनिया पर प्रभाव 

  • शुक्र ग्रह का गोचर धनु राशि में होने से इस समय प्राकृतिक आपदाओं  में बदलाव  दिखेगा।  
  • इसके अलावा इस गोचर के प्रभाव से प्रेम प्यार में बढ़ोतरी होने की संभावना है।
  • शुक्र के गोचर होने से रुके हुए कार्य पूरे होंगे। 
  • मांगलिक कार्यों के योग बनते हुए दिख रहे हैं।
  • शुक्र ग्रह के गोचर होने से कई राशियों पर राजयोग तुल्य फल देखने को भी मिलेगा।
  • देश दुनिया की तरफ से शेयर बाजार में गिरावट देखने को मिलेगी।
  • इस दौरान देश विदेशों में शांति का माहौल बना रहेगा।
  • खगोलीय गणना के माध्यम से इस दौरान किसी नई चीज का आविष्कार होता हुआ भी दिख रहा है।

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इन 3 राशियों पर दिखेगा शुक्र गोचर का शुभ परिणाम

मेष राशि

सिंह राशि 

धनु राशि।

इन तीन राशियों के जीवन में इन शुभ परिणामों की है प्रबल संभावना:

  • विदेशी कार्य में बढ़ोतरी दिखेगी। वाणी में निखार आएगा। समझदारी बढ़ेगी।
  • आप इस दौरान कोई बड़ा निर्णिय ले सकते हैं। 
  • यह गोचर सौंदर्य के प्रति आपको संवेदनशील बनाएगा। 
  • धार्मिक कार्य में रुचि बढ़ेगी।
  • उच्च पदाधिकारियों के लिए यह समय अच्छा देखने को मिलेगा।
  • वैवाहिक जीवन में चल रही परेशानियों में निजात मिलेगी। 
  • वहीं प्रेमी प्रेमिकाओं के बीच में चल रही लड़ाईया खत्म होंगी और प्यार प्रेम देखने को मिलेगा और विवाह के लिए योग मज़बूत होंगे।

वहीं विशेषकर 2 राशियों को रहना होगा सावधान

1- कर्क राशि

2- कुंभ राशि

  •  धन हानि होने की संभावना। शत्रुओं से भय बढ़ने की आशंका है।
  • नौकरी में सचेत रहें, परेशानी आ सकती है।
  • कोर्ट कचहरी केसों से दूरी बनाकर रखें। 
  • पुराने रोग परेशान कर सकते हैं।
  • अनजान लोगों से धोखाधड़ी के योग बन रहे हैं इसलिए सावधान रहें। 
  • स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां दिखें तो तुरंत डॉक्टर सलाह लें। 

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 उपाय:

  • अपनी कुलदेवी की पूजा करें।
  • मां दुर्गा को घी का दीपक अर्पित करें।
  • शुक्र की बीज मंत्र का जाप करें।
  • कुंवारी कन्याओं को लाल चुनरी भेंट स्वरूप दें और उनसे आशीर्वाद लें।
  • दूध दही घी गरीबों को दान करें।

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