07 अप्रैल पापमोचिनी एकादशी, जान लीजिये इस विशेष दिन का महत्व और सही मुहूर्त

हिंदू धर्म में एकादशी तिथि का बेहद महत्व बताया गया है। प्रत्येक महीने में दो एकादशी व्रत पड़ते हैं। एकादशी का यह व्रत भगवान विष्णु को समर्पित होता है। ऐसे में यदि किसी व्यक्ति ने इस दिन भगवान विष्णु की प्रसन्नता हासिल कर ली तो उसके जीवन में कभी कोई कष्ट और परेशानी नहीं आती है। इस आर्टिकल में बात करते हैं अप्रैल माह की शुरुआत में ही आने वाली पापमोचनी एकादशी की। जैसा कि नाम से ही साफ है इस एकादशी का व्रत करने से व्यक्ति के सभी पाप, कष्ट और परेशानियां दूर होते हैं।

सिर्फ इतना ही नहीं व्यक्ति की कुंडली में मौजूद ग्रहों के बुरे प्रभाव को कम करने के लिए भी पापमोचनी एकादशी ने बेहद फलदाई मानी जाती है। कहते हैं इस दिन का व्रत करने से इसका सीधा असर व्यक्ति के मन और शरीर पर पड़ता है। इस वर्ष पापमोचनी एकादशी 7 अप्रैल बुधवार के दिन पड़ रही है।

पापमोचनी एकादशी 2021 शुभ मुहूर्त 

पापमोचनी एकादशी पारणा मुहूर्त :13:39:14 से 16:10:59 तक 8, अप्रैल को

अवधि :2 घंटे 31 मिनट

हरि वासर समाप्त होने का समय :08:42:30 पर 8, अप्रैल को

पापमोचनी एकादशी महत्व 

चैत्र माह में पड़ने वाली पापमोचनी एकादशी का विशेष महत्व बताया जाता है। कहते हैं भगवान विष्णु की असीम कृपा प्राप्त करने के लिए पापमोचनी एकादशी का यह दिन बेहद ही उत्तम होता है। इस दिन व्रत करने से व्यक्ति के जीवन के सभी कष्ट और परेशानियां देखते ही देखते नष्ट हो जाते हैं। यही वजह है कि इस एकादशी को पापमोचनी एकादशी कहा जाता है। 

भगवान विष्णु को पीला रंग बेहद प्रिय होता है। ऐसे में कोशिश करें और जहां तक संभव हो इस दिन की पूजा में पीले रंग के फूल, पीले रंग के वस्त्र आदि अवश्य शामिल करें। इसके अलावा पापमोचनी एकादशी के दिन नवग्रहों की पूजा भी किए जाने का विधान बताया गया है। ऐसा करने से व्यक्ति को शुभ परिणाम हासिल होते हैं।

पापमोचनी एकादशी पूजन विधि 

पापमोचनी एकादशी के दिन भगवान विष्णु के चतुर्भुज स्वरूप की पूजा की जाती है। इस दिन की पूजा में भगवान विष्णु को पीले रंग के वस्त्र, और पीले रंग के फूल अर्पित करें। साथ ही पूजा में 11 फल, फूल और 11 मिठाइयों को भी अवश्य शामिल करें। इस दिन की पूजा में भगवान विष्णु को पीला चंदन और पीला जनेऊ भी अर्पित किया जाता है। इसके बाद भागवत कथा का पाठ करें या सुनें और साथ ही मुमकिन हो तो विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ भी करें। पूजा के बाद विधिवत आरती उतारें और अपने मन की इच्छा भगवान विष्णु से कहें। आपकी मनोकामना अवश्य पूरी होगी।

इस वर्ष आगे आने वाली सभी एकादशी व्रत की सूची 

बुधवार, 07 अप्रैल पापमोचिनी एकादशी

शुक्रवार, 23 अप्रैल कामदा एकादशी

शुक्रवार, 07 मई वरुथिनी एकादशी

रविवार, 23 मई मोहिनी एकादशी

रविवार, 06 जून अपरा एकादशी

सोमवार, 21 जून निर्जला एकादशी

सोमवार, 05 जुलाई योगिनी एकादशी

मंगलवार, 20 जुलाई देवशयनी एकादशी

बुधवार, 04 अगस्त कामिका एकादशी

बुधवार, 18 अगस्त श्रावण पुत्रदा एकादशी

शुक्रवार, 03 सितंबर अजा एकादशी

शुक्रवार, 17 सितंबर परिवर्तिनी एकादशी

शनिवार, 02 अक्टूबर इन्दिरा एकादशी

शनिवार, 16 अक्टूबर पापांकुशा एकादशी

सोमवार, 01 नवंबर रमा एकादशी

रविवार, 14 नवंबर देवुत्थान एकादशी

मंगलवार, 30 नवंबर उत्पन्ना एकादशी

मंगलवार, 14 दिसंबर मोक्षदा एकादशी

गुरुवार, 30 दिसंबर सफला एकादशी

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