मंगल का सिंह में गोचर: इन 4 राशियों के महालाभ के प्रबल योग!

मंगल का सिंह राशि में गोचर: 1 जुलाई 2023- ग्रहों की दुनिया में सेनापति के पद पर विराजमान मंगल ग्रह 1 जुलाई 2023 को अपनी नीच राशि का त्याग करने जा रहे हैं। अब मंगल 1 जुलाई 2023 से लेकर 18 अगस्त 2023 तक सिंह राशि में गोचर करने वाले हैं। क्योंकि मंगल पराक्रम के कारक होते हैं ये रक्त और मज्जा से संबंध रखने वाले, युद्ध, लड़ाई-झगड़े, बिजली और तकनीक जैसे क्षेत्रों में दखल रखने वाले ग्रह माने गए हैं। मंगल अग्नि तत्व के ग्रह हैं और यह जल तत्व की राशि को छोड़कर अग्नि तत्व की राशि में ही जा रहे हैं तो स्वाभाविक है कि मंगल के लिए यह एक बेहतर स्थिति होगी। ऐसी स्थिति में मंगल की स्थिति का मजबूत होना सब पर प्रभाव डालने का काम करेगा लेकिन ऐसा भी जरूरी नहीं कि मंगल का सिंह राशि में गोचर सबके लिए अनुकूल परिणाम ही दें। 

Varta Astrologers

मंगल जिनके लिए अनुकूल ग्रह है अथवा जिनकी कुंडली में बेहतर स्थिति में बैठा है, उनके लिए तो मंगल का सिंह राशि में गोचर अच्छा परिणाम दे सकता है लेकिन जिनकी कुंडली में मंगल विरोधी ग्रह के रूप में स्थित है उनके लिए मंगल का मजबूत होना कुछ हद तक नुकसानदायक भी हो सकता है लेकिन यहां पर ध्यान देने वाली बात यह रहेगी की शनि-मंगल आमने सामने रहेंगे और शनि तथा मंगल का समसप्तक होना कुछ मामलों में घातक भी हो सकता है। मंगल की यह स्थिति 18 अगस्त 2023 तक रहने वाली है। 

तो आइए अब आगे बढ़ते हैं और जानते हैं कि मंगल के इस गोचर का आपकी राशि पर क्या प्रभाव पड़ेगा। 

दुनियाभर के विद्वान ज्योतिषियों से करें फ़ोन पर बात और जानें करियर संबंधित सारी जानकारी

मेष राशि

मेष राशि वालों, मंगल आपके राशि स्वामी होने के साथ-साथ अष्टम भाव के भी स्वामी हैं और गोचर में यह पंचम भाव में जा रहे हैं। यद्यपि पंचम भाव में मंगल के गोचर को अच्छे परिणाम देने वाला नहीं कहा गया है लेकिन आपके मामले में गौर करने वाली बात यह है कि मंगल आपकी राशि स्वामी हैं और अभी तक वह नीच राशि में थे। स्वाभाविक है कि जब राशि स्वामी नीच का होता है तो वह विभिन्न मामलों के परिणामों से आने वाली नकारात्मकता को रोकने में असमर्थ होता है। इस स्थिति को ध्यान में रखें तो मंगल की स्थिति का मजबूत होना आपको विभिन्न मामलों में तुलनात्मक रूप से बेहतर परिणाम दिलाने का काम करेगा। फिर भी मन में कुछ हद तक अशांति रह सकती है। पेट से संबंधित कुछ परेशानियां भी देखने को मिल सकती हैं। यदि आप विद्यार्थी हैं तो पढ़ाई पर मन लगाने की कुछ एक्स्ट्रा कोशिश करनी पड़ सकती है। साथ ही साथ यदि मन बुरी आदतों की ओर आकृष्ट हो तो उसे रोकने की कोशिश भी करनी है। यदि आप किसी संतान के पिता हैं तो संतान के साथ आपके संबंध अच्छे बने रहें तथा संतान सुखी और संपन्न रहें इस बात के लिए भी प्रयत्न जरूरी रहेंगे। अर्थात पिछले गोचर की तुलना में मंगल का गोचर आपकी राशि के लिए बेहतर है लेकिन फिर भी कुछ सावधानियां जरूरी रहेंगी।

उपाय: नीम की जड़ों में जल चढ़ाना शुभ रहेगा।

वृषभ राशि

वृषभ राशि वालों, मंगल आपकी कुंडली में सातवें और द्वादश भाव के स्वामी हैं और यह चौथे भाव में गोचर करने जा रहे हैं। चौथे भाव में मंगल की गोचर को अच्छा नहीं माना गया है। ऊपर से चतुर्थ में पर मंगल शनि के प्रभाव से युक्त रहेगा ऐसे में मंगल आपका अधिक फेवर नहीं कर पाएगा। स्वाभाविक है कि ऐसी स्थिति में आपको अपनी संगति पर ध्यान देने की आवश्यकता रहेगी। यानी अच्छे, भले और शरीफ लोगों के साथ उठना बैठना फायदेमंद रहेगा। वहीं यदि उपद्रवी लोगों के साथ आपके संबंध रहेंगे तो उसका प्रभाव न केवल आपके व्यक्तित्व पर पड़ेगा बल्कि घर गृहस्ती पर भी उसका प्रभाव पड़ सकता है। मंगल के इस गोचर के चलते माता के साथ आपके संबंध अच्छे बने रहें इस बात की भी कोशिश करनी होगी। घर परिवार के किसी भी सदस्य के साथ विवाद करने से बचना जरूरी रहेगा। यदि सीने से संबंधित कोई परेशानी आपको पहले से है; जैसे कि कफ, कोल्ड की शिकायत अक्सर रहती हो अथवा ब्लड प्रेशर इत्यादि की समस्या रहती हो तो इस महीने योग व्यायाम की मात्रा को बढ़ाना है। साथ ही साथ उचित दवाओं का सेवन बिना लापरवाही के करते रहना है। यदि आप सामाजिक प्रोफाइल के व्यक्ति हैं तो कोई भी ऐसा विवादित बयान न दें जिससे लोगों की भावनाएं आहत हों क्योंकि मंगल का यह गोचर लोगों से विरोध दिलाने का काम कर सकता है। साथ ही साथ जमीन जायदाद से संबंधित मामलों में भी सचेत रहना जरूरी रहेगा अर्थात मंगल का सिंह राशि में गोचर वृष राशि वाले लोगों के लिए कुछ हद तक परेशानियां देने का काम कर सकता है।

उपाय: बरगद की जड़ों पर मीठा दूध चढ़ाना शुभ रहेगा।

मिथुन राशि

मिथुन राशि वालों, मंगल आपके छठे भाव का स्वामी होने के साथ-साथ लाभ भाव का भी स्वामी है और मंगल आपके तीसरे भाव में गोचर करने जा रहा है। तीसरे भाव में मंगल के गोचर को सामान्य तौर पर अच्छे परिणाम देने वाला कहा गया है। अतः मंगल का यह गोचर आपके पराक्रम में वृद्धि करवाने का काम कर सकता है। आप अपने आत्मविश्वास के चलते अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत करने में सफल रहे सकते हैं। प्रत्येक प्रतिस्पर्धात्मक कार्यों में आप बेहतर स्थिति में रहेंगे। आप अपने विरोधियों से बेहतर करते हुए देखे जा सकेंगे। सामाजिक दायरे में भी वृद्धि होने के योग मंगल का गोचर निर्मित करेगा। शासन प्रशासन से जुड़े मामलों में भी अनुकूलता देखने को मिल सकती है। कहीं से अच्छे और शुभ समाचार भी सुनने को मिल सकते हैं। इन तमाम कारणों से मन प्रसन्न रहेगा और आप ऐसा महसूस करेंगे मानो भाग्य आपके साथ है। इन सभी मामलों में भाई बंधुओं और मित्रों का सहयोग भी चार चांद लगाने का काम कर सकता है। पड़ोसियों के साथ आपके संबंध बेहतर होंगे और उनकी घनिष्ठता के चलते आप अपने आसपास सामाजिक रूप से भी मजबूत होते हुए देखे जा सकेंगे। सारांश यह कि मंगल का सिंह राशि में गोचर मिथुन राशि वाले लोगों के लिए अनुकूल परिणाम देने का काम कर सकता है, फिर भी शनि की दृष्टि को नजरअंदाज न करते हुए आपको किसी भी संबंध में लापरवाही नहीं बरतनी है। 

उपाय: क्रोध और अहंकार का त्याग करें तथा भाइयों के साथ अच्छे संबंध रखना शुभ रहेगा।

कर्क राशि 

कर्क राशि वालों, मंगल आपकी कुंडली में आपके पंचम भाव तथा दशम भाव के स्वामी होते हैं। यानी कि मंगल आपकी कुंडली के लिए अच्छे ग्रह माने गए हैं। ज्योतिष में इसे योगकारी या योगकारक ग्रह कहा जाता है। आपकी कुंडली के लिए योगकारक ग्रह मंगल दूसरे भाव में गोचर करने जा रहे हैं। दूसरे भाव में मंगल के गोचर को सामान्य तौर पर अच्छे परिणाम देने वाला नहीं कहा गया है लेकिन यदि हम तुलना करें तो पिछले गोचर की तुलना में मंगल का यह गोचर आपके लिए बेहतर रह सकता है। क्योंकि मंगल अभी तक आपके प्रथम भाव में नीच अवस्था में थे जो न केवल आपके स्वास्थ्य को कमजोर कर रहे थे बल्कि आप अपनी योग्यताओं का समुचित ढंग से प्रयोग करने में भी पीछे रहे होंगे। इस तरह की सभी परेशानियां मंगल के इस गोचर से ठीक होने वाली हैं। इन सबके बावजूद भी गोचरशास्त्र के नियम को ध्यान में रखते हुए हम आपको यह सुझाव देना चाहेंगे कि आपको अपने खान-पान पर संयम रखना चाहिए। साथ ही साथ वाणी में किसी भी प्रकार की अप्रियता न आने पाए, इस बात का भी ख्याल रखना है। मूल्यवान चीजें टूटने फूटने या खराब ना होने पाएं, साथ ही साथ मूल्यवान चीजें मिस्प्लेस या चोरी न होने पाएं इस बात का भी ख्याल रखना है। घर परिवार के सदस्यों के साथ प्रेम भाव से रहना है। इन तमाम सावधानियों को अपनाने की स्थिति में आप मंगल के इस गोचर से कुछ हद तक अनुकूल परिणामों की उम्मीद कर सकते हैं। सारांश यह कि पिछले गोचर की तुलना में मंगल का गोचर कर्क राशि वाले लोगों के लिए अच्छा है लेकिन पूरी तरह से अच्छे परिणामों की उम्मीद नहीं है। अतः सावधानीपूर्वक निर्वाह करके आप संतोषप्रद परिणाम प्राप्त कर सकेंगे। 

उपाय: प्यासों के लिए नि:शुल्क प्याऊ खुलवाना शुभ रहेगा।

पाएं अपनी कुंडली आधारित सटीक शनि रिपोर्ट

सिंह राशि

सिंह राशि वालों, मंगल आपके लिए भी योगकारी ग्रह माने जाते हैं। अर्थात सामान्य तौर पर मंगल आपका हित चाहने वाले ग्रह माने गए हैं। ऐसी स्थिति में आपके चतुर्थ और नवम भाव के स्वामी का प्रथम भाव से संबंध कुछ हद तक अनुकूल परिणाम दिलाने की कोशिश करेगा। अलबत्ता गोचरशास्त्र के नियम के अनुसार पहले भाव में मंगल के गोचर को अच्छा नहीं माना गया है। ऊपर से शनि का प्रभाव भी है, इन तमाम कारणों से सावधानियां तो जरूरी रहेंगी। सावधानियों को रखने की स्थिति में ही प्रारब्ध और ईश्वर की कृपा से, घर परिवार और माता के आशीर्वाद से; आपको कुछ अच्छे परिणाम भी मिलेंगे, हम ऐसी उम्मीद करते हैं। वैसे पहले भाव में मंगल के गोचर को शारीरिक तापमान में परिवर्तन करने वाले रोगों को देने वाला कहा गया है। अर्थात सिर दर्द, बुखार इत्यादि की शिकायतें रह सकती हैं। यदि आपका काम आग या बिजली से जुड़ा हुआ है तो आपको उन मामलों में सावधानी से काम करने की जरूरत रहेगी। यात्रा आदि के समय भी सावधान व सचेत रहने की आवश्यकता रहेगी। यदि आप विवाहित हैं तो जीवन साथी अथवा जीवनसंगिनी के स्वास्थ्य का और उनकी भावनाओं का ख्याल रखना भी जरूरी रहेगा। अर्थात इन सावधानियों को रखने की स्थिति में आपकी शारीरिक ऊर्जा संतुलित रहेगी और आप कुछ कठिन कार्यों को संपन्न करने में सफल रहेंगे। फलस्वरूप परिणाम भी अनुकूल मिल सकेंगे। सारांश यह कि कुछ सावधानियों को रखने की स्थिति में मंगल के इस गोचर से अनुकूल परिणाम भी प्राप्त किए जा सकेंगे जबकि सामान्य तौर पर मंगल के इस गोचर को गोचरशास्त्र में अच्छा नहीं कहा गया है।

उपाय: मुफ्त की कोई भी चीज जैसे उपहार इत्यादि न लेना शुभ रहेगा।

कन्या राशि 

कन्या राशि वालों, मंगल आपकी कुंडली में तीसरे और आठवें भाव के स्वामी हैं और वह गोचर में आपके द्वादश भाव में जा रहे हैं। हालांकि अष्टमेश का द्वादश भाव में जाना कुछ मामलों में अनुकूल परिणाम दिलाने का काम कर सकता है। अर्थात अप्रत्याशित रूप से कुछ लाभ मिल सकते हैं। विशेषकर यदि आपका काम विदेश से संबंधित है तो आपको अच्छे परिणाम भी मिल सकते हैं। तीसरे भाव का स्वामी होकर मंगल द्वादश भाव में जा रहा है अतः यात्राओं से जुड़े लोगों को चाहिए कि यात्राओं के दौरान अपेक्षाकृत अधिक सावधान रहें। हालांकि यात्राओं से लाभ मिलने की भी उम्मीद है। छोटे भाई या भाई के जैसे संबंध रखने वाले व्यक्ति आपसे दूर रहने के लिए जा सकते हैं। हालांकि तीसरे भाव का स्वामी होकर मंगल गोचर में तीसरे भाव को देखेगा। अतः बहुत संभव है कि कुछ अच्छे काम के लिए वह आपसे दूर हो रहे होंगे। इन सब के बावजूद भी गोचरशास्त्र के नियम को ध्यान में रखते हुए हम आपको यह सलाह देना चाहेंगे कि व्यर्थ के खर्चों से बचना है। जीवनसाथी या जीवनसंगिनी के साथ अच्छे संबंध रखने हैं। अपने स्वास्थ्य का भी ख्याल रखना है। बेवजह की चिंताओं से बचना है तथा अपनी संगति को भी अच्छा बनाए रखना है। इसके अलावा यदि मन शरारती होने लगे तो उसे समझाना है और रोकना भी है। सारांश यह कि मंगल का सिंह राशि में गोचर आपके लिए बहुत अच्छा नहीं माना गया है लेकिन कुछ मामलों में अच्छे परिणाम भी मिल सकते हैं।

उपाय: हनुमान जी के मंदिर में मिठाई चढ़ाना और लोगों में प्रसाद बांटना शुभ रहेगा।

तुला राशि

तुला राशि वालों, मंगल आपके धन भाव तथा सप्तम भाव के स्वामी होकर लाभ भाव में गोचर करने जा रहे हैं। सप्तमेश का लाभ भाव में गोचर करना व्यापार-व्यवसाय में बढ़ावा देने का काम कर सकता है। इसके अलावा यदि उम्र विवाह की है और विवाह करने की कोशिशें भी चल रही हैं तो उन कोशिशों में अनुकूल परिणाम मिलने की उम्मीदें हैं। यदि आप विवाहित हैं तो जीवनसाथी अथवा जीवनसंगिनी को कहीं से कुछ अच्छी उपलब्धियां और फायदे मिल सकते हैं। धन भाव के स्वामी का लाभ भाव में जाना, आर्थिक मामलों में भी अनुकूलता देने का काम कर सकता है। अर्थात अच्छे लाभ की उम्मीदें हैं। विशेष बात यह कि धन भाव का स्वामी होकर मंगल लाभ भाव में रहेगा और लाभ भाव से धन भाव को देखेगा। इस तरह से लाभ और धन का एक मजबूत कनेक्शन बन रहा है जो न केवल लाभ करवाने में मदद करेगा बल्कि कमाई को बचत करने में भी मदद करेगा। अर्थात मंगल का यह गोचर आमदनी में बढ़ोतरी व व्यापार से लाभ तो दिलाएगा ही साथ ही साथ आपके स्वास्थ्य को भी अच्छा करेगा। यदि आपका काम भूमि या भवन से जुड़ा हुआ है अथवा इस समय कोई जमीनी विवाद फैसले के लेवल पर है, तो बहुत संभव है कि उसमें आपके फेवर का फैसला आ सकता है। भाई बंधुओं और मित्रों से सुख मिल सकता है। आप अपने विरोधियों से बेहतर करते हुए देखे जा सकेंगे। सारांश यह कि मंगल का सिंह राशि में गोचर आपके लिए काफी अच्छे परिणाम दे सकता है। 

उपाय: शिव जी का शहद से अभिषेक करना शुभ रहेगा।

वृश्चिक राशि

वृश्चिक राशि वालों, मंगल आपके राशि स्वामी होने के साथ-साथ आपके छठे भाव के भी स्वामी है और गोचर में यह आपके कर्म स्थान पर गोचर करने वाले हैं। हालांकि राशि स्वामी का कर्म भाव से कनेक्शन अच्छे परिणाम देने का काम करेगा अर्थात लंबे समय से पेंडिंग पड़े हुए कामों के आगे बढ़ने की संभावनाएं मजबूत होगी। विनम्र होने की स्थिति में वरिष्ठों के साथ संबंध मजबूत होंगे। साथ ही साथ विनम्रता पूर्वक निष्काम भाव से सामाजिक कार्य करने पर अच्छे परिणामों की भी उम्मीद की जा सकेगी। अधिकांश मामलों में अपने प्रतिस्पर्धियों से बेहतर स्थिति में रह सकते हैं। इन सबके बावजूद भी शनि मंगल का आपस में कनेक्शन घर गृहस्ती में कुछ परेशानियां देने का काम कर सकता है। वहीं विनम्र न होने की स्थिति में वरिष्ठों से तालमेल बिगड़ सकते हैं। कार्यालय में किसी से विवाद भी संभावित है। अतः स्वयं को विनम्र बनाना बहुत जरूरी रहेगा। अन्यथा काम या नौकरी में दिक्कतें रह सकती हैं। शासन प्रशासन से जुड़े व्यक्ति से किसी भी प्रकार से उलझना ठीक नहीं रहेगा। साथ ही साथ पिता के साथ संबंध अच्छे बने रहें इस बात की हर कोशिश करनी है। इतना ही नहीं पिता तुल्य किसी भी व्यक्ति से विवाद नहीं करना है। सारांश यह कि मंगल का सिंह राशि में गोचर आपकी राशि के लिए मिले जुले परिणाम देने का काम कर सकता है। वहीं यदि आप विनम्र रहे और प्रत्येक कार्य को नीतिपरक ढंग से करते रहे, तो आप अच्छे परिणाम प्राप्त कर सकेंगे। वहीं क्रोध या आवेश से काम लेने की स्थिति में परेशानियां भी संभावित रहेंगी।

उपाय: निसंतान व्यक्तियों की मदद करना शुभ रहेगा।

करियर की हो रही है टेंशन! अभी ऑर्डर करें कॉग्निएस्ट्रो रिपोर्ट

धनु राशि

धनु राशि वालों, मंगल आपकी कुंडली में पंचमेश और द्वादसेश है तथा गोचर में यह भाग्य भाव में जा रहा है। पंचमेश का भाग्य भाव में जाना ऐसे विद्यार्थियों के लिए काफी अच्छे परिणाम देने का काम कर सकता है जो अपने जन्म स्थान से दूर जाकर पढ़ाई कर रहे हैं अथवा ऐसे विद्यार्थी जो वही पढ़ाई या उसी क्षेत्र की पढ़ाई कर रहे हैं जिस क्षेत्र का अध्ययन उनके पिताजी ने किया था; ऐसे विद्यार्थियों को मंगल का गोचर अच्छे परिणाम दे सकता है। दूर से संबंध रखने वाले लोग भी अच्छे परिणाम प्राप्त कर सकेंगे अर्थात यदि आपका काम विदेश से या जन्मस्थान से काफी दूर के किसी स्थान से संबंधित है तो आपको अच्छे परिणाम मिल सकते हैं। वैसे सामान्य तौर पर गोचरशास्त्र के नियम के अनुसार मंगल का नवम भाव में गोचर बहुत अच्छे परिणाम देने वाला नहीं कहा गया है। अतः भाग्य के भरोसे न रहकर काम करते रहना है। पूरी निष्ठा के साथ अपने काम पर लगे रहना है। शासन प्रशासन से जुड़े किसी भी मामले में लापरवाही नहीं बरतनी है और न ही शासन प्रशासन से जुड़े व्यक्ति से किसी भी प्रकार का विरोध लेना है। धर्म-कर्म के प्रति लगाव बनाए रखना है। साथ ही साथ ऐसा कोई काम नहीं करना है जिससे कमर के आसपास की तकलीफें बढ़े है या चोट लगने का डर रहे। सारांश यह कि मंगल का सासिंह राशि में गोचर आपके लिए अधिक अनुकूल परिणाम देता हुआ प्रतीत नहीं हो रहा है। अतः कुछ सावधानियों को रखते हुए निर्वाह करना जरूरी रहेगा।

उपाय: शिवजी का दूध से अभिषेक करना शुभ रहेगा।

मकर राशि

मकर राशि वालों, मंगल आपके लाभ भाव के स्वामी है, साथ ही साथ चतुर्थ भाव के स्वामी भी हैं। इन दो महत्वपूर्ण भावों के स्वामी होकर मंगल आठवें भाव में गोचर करने जा रहे हैं।  सामान्य तौर पर मंगल के गोचर को आठवें भाव में अच्छा नहीं माना गया है। ऐसी स्थिति में आपका खान-पान बहुत ही संयमित होना जरूरी रहेगा। विशेषकर यदि आप पित्त प्रकृति के व्यक्ति हैं अर्थात आपको एसिडिटी इत्यादि बहुत रहती है तो मंगल के सिंह राशि में रहने तक आपको अपना खान-पान बहुत अधिक संयमित रखने की आवश्यकता रहेगी। जिससे आपको पेट से संबंधित कोई परेशानी न होने पाए। यदि आप वाहन स्वयं चलाते हैं तो वाहन की गति बहुत संयमित रहे और धीमी रहे तो ज्यादा अच्छा रहेगा। यदि आपका काम आग या बिजली से संबंधित है अथवा आप ऐसे क्षेत्र में काम करते हैं जहां आए दिन विवाद होने की संभावनाएं रहती हैं तो आपको बहुत ही सावधानी पूर्वक निर्वाह करने की आवश्यकता रहेगी। यह समय अवधि जननेंद्रिय अथवा गुदा से संबंधित कुछ परेशानियां देने का काम भी कर सकती है। मंगल के इस गोचर के चलते भाइयों से अनबन हो सकती है अथवा कामों में नुकसान हो सकता है। इस कारण से आपको अपने स्वजनों से अच्छे संबंध रखने हैं साथ ही साथ किसी भी प्रकार का बड़ा निवेश नहीं करना है। विशेषकर जमीन जायदाद में निवेश करने से बचना जरूरी रहेगा। सारांश यह कि मंगल का गोचर आपकी राशि के लिए अधिक अनुकूल नहीं है। अतः सावधानी पूर्वक निर्वाह करने की आवश्यकता रहेगी।

उपाय: मंदिर में चने की दाल का दान करना शुभ रहेगा।

कुंभ राशि

कुंभ राशि वालों, मंगल आपके कर्म स्थान के स्वामी हैं। साथ ही साथ तीसरे भाव के स्वामी हैं और यह आपके सप्तम भाव में गोचर करने जा रहे हैं। सामान्य तौर पर मंगल के सप्तम भाव में गोचर को अच्छे परिणाम देने वाला नहीं कहा गया है। विशेषकर यदि आप विवाहित हैं तो जीवनसाथी के साथ कोई विवाद न होने पाए इस बात का ख्याल रखना है। साथ ही साथ इस बात का भी ख्याल रखना है कि न तो आपको चोट लगने पाए और न ही जीवन साथी अथवा जीवनसंगिनी को चोट लगे। अर्थात आपका आचार व्यवहार बहुत ही सावधान व सजग होना चाहिए। यथासंभव यात्राओं को टालना उचित रहेगा। मंगल के इस गोचर के चलते मुख या दांत से संबंधित कोई तकलीफ भी रह सकती है। हालांकि मंगल के इस गोचर को व्यापार व्यवसाय में हानि करवाने वाला कहा गया है लेकिन आप के मामले में मंगल दशम भाव का स्वामी है और दशम भाव के स्वामी का सप्तम भाव में होना कुछ अच्छे व्यापारिक सौदे भी दिला सकता है। अर्थात भयभीत हुए बिना अच्छे प्रपोजल को स्वीकार करना है लेकिन कोई बड़ा निवेश नहीं करना है। कहने का मतलब यह है कि ऐसे प्रपोजल आप एक्सेप्ट कर सकते हैं जहां कोई आर्थिक जोखिम उठाना पड़े। इसके अलावा यदि आपका काम भाई बंधु या पड़ोसी के साथ साझेदारी में है तो आपको यथासंभव विवादों को टालना भी है अर्थात कुछ सावधानियां रखने की स्थिति में मंगल के इस गोचर से कुछ अच्छे परिणाम प्राप्त किए जा सके सकेंगे।

उपाय: कन्याओं को मिठाई खिलाना शुभ रहेगा।

मीन राशि

मीन राशि वालों, मंगल आपकी कुंडली में दूसरे तथा भाग्य भाव के स्वामी होकर छठे भाव में गोचर करने जा रहे हैं। छठे भाव में मंगल के गोचर को सामान्य तौर पर अच्छे परिणाम देने वाला कहा गया है। क्योंकि मंगल इस समय शनि के प्रभाव में है अतः इस समय अवधि में यथासंभव विवादों को टालना उचित रहेगा। हालांकि यदि किसी तरह का विवाद होता है तो उसमें आप बेहतर स्थिति में रहेंगे। अर्थात आप अपने शत्रुओं पर भारी पड़ेंगे लेकिन फिर भी विवादों में पड़ना कोई अच्छी बात तो नहीं है। अतः यथासंभव विवादों को टालें। हालांकि कुछ मामलों में जोखिम उठाने से आपको फायदे भी मिलेंगे। यदि आपका काम सोना या तांबे से जुड़ा हुआ है तो आपको अच्छे लाभ मिल सकते हैं। वहीं यदि आपका काम आग बिजली से जुड़ा हुआ है तो भी आप अच्छे परिणाम प्राप्त कर सकते हैं। यदि आप किसी भी तरह से क्राइम से जुड़े हुए हैं जैसे कि आप क्रिमिनल लॉयर हैं या इसी तरह के किसी अन्य काम को करते हैं तो भी आप मंगल के इस गोचर के चलते फायदे में रह सकते हैं। मंगल का यह गोचर स्वास्थ्य को बेहतर रखने में आपकी मदद कर सकता है। सामाजिक पद प्रतिष्ठा दिलाने में भी मंगल ग्रह का यह गोचर आपका फेवर कर सकता है। फिर भी शनि के प्रभाव के चलते धैर्य और संयम की आवश्यकता तो रहेगी ही रहेगी। सारांश यह कि मंगल का सिंह राशि में गोचर आपके लिए सामान्य तौर पर काफी अच्छे परिणाम दे सकता है, फिर भी कुछ सावधानियों को रखने की आवश्यकता तो रहेगी ही। 

उपाय: मित्रों में नमकीन खाद्य सामग्री बांटना शुभ रहेगा।

हम आशा करते हैं कि मंगल के इस गोचर से मिलने वाले परिणामों को जानकर आप आने वाले समय को और बेहतर ढंग से प्लान कर सकेंगे और बेहतर परिणाम भी प्राप्त कर सकेंगे। भगवती आप सब का कल्याण करें। 

सभी ज्योतिषीय समाधानों के लिए क्लिक करें: ऑनलाइन शॉपिंग स्टोर

हम उम्मीद करते हैं कि आपको हमारा यह लेख ज़रूर पसंद आया होगा। अगर ऐसा है तो आप इसे अपने अन्य शुभचिंतकों के साथ ज़रूर साझा करें। धन्यवाद!

Dharma

बजरंग बाण: पाठ करने के नियम, महत्वपूर्ण तथ्य और लाभ

बजरंग बाण की हिन्दू धर्म में बहुत मान्यता है। हनुमान जी को एक ऐसे देवता के रूप में ...

51 शक्तिपीठ जो माँ सती के शरीर के भिन्न-भिन्न अंगों के हैं प्रतीक

भारतीय उप महाद्वीप में माँ सती के 51 शक्तिपीठ हैं। ये शक्तिपीठ माँ के भिन्न-भिन्न अंगों और उनके ...

सिद्ध कुंजिका स्तोत्र (Kunjika Stotram) से पाएँ दुर्गा जी की कृपा

सिद्ध कुंजिका स्तोत्र एक ऐसा दुर्लभ उपाय है जिसके पाठ के द्वारा कोई भी व्यक्ति पराम्बा देवी भगवती ...

12 ज्योतिर्लिंग: शिव को समर्पित हिन्दू आस्था के प्रमुख धार्मिक केन्द्र

12 ज्योतिर्लिंग, हिन्दू आस्था के बड़े केन्द्र हैं, जो समूचे भारत में फैले हुए हैं। जहाँ उत्तर में ...

दुर्गा देवी की स्तुति से मिटते हैं सारे कष्ट और मिलता है माँ भगवती का आशीर्वाद

दुर्गा स्तुति, माँ दुर्गा की आराधना के लिए की जाती है। हिन्दू धर्म में दुर्गा जी की पूजा ...

Leave a Reply

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा.