मंगल का तुला राशि में गोचर: जानें शेयर बाजार सहित देश-दुनिया पर इसका प्रभाव!

एस्ट्रोसेज के इस विशेष ब्लॉग में हम आपको मंगल का तुला राशि में गोचर के बारे में विस्तार से जानकारी प्रदान करेंगे। साथ ही, यह भी बताएंगे कि यह देश-दुनिया को कैसे प्रभावित करेगा और इस दौरान शेयर बाजार में क्या-क्या बदलाव देखने को मिलेंगे। इसके अलावा, यह भी जानेंगे कि यह गोचर किन राशि वालों के लिए सकारात्मक व किन राशि वालों के लिए नकारात्मक साबित होने वाला है और साथ ही, मंगल के नकारात्मक प्रभाव से बचने के उपाय के बारे में जानकारी प्राप्त करेंगे। इन सभी बातों को जानने के लिए ब्लॉग को अंत तक जरूर पढ़ें।

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मंगल को ग्रहों का सेनापति कहा गया है और यह जीवन शक्ति, इच्छा शक्ति, सहनशक्ति, समर्पण, कुछ करने की प्रेरणा और किसी कार्य को पूरा करने की लगन आदि के भी कारक माने गए हैं। मंगल के शुभ प्रभाव से जातक आवेगी और अपने विचारों को लेकर स्पष्ट होते हैं। इसके अलावा, यह भूमि, वास्तविक स्थिति, आविष्कार और डिजाइनिंग आदि का भी प्रतिनिधित्व करते हैं। योद्धा ग्रह मंगल अक्टूबर 2023 के पहले सप्ताह में तुला राशि में गोचर करने जा रहे हैं। मंगल का तुला राशि में गोचर राशियों के लिए भी बहुत प्रभावशाली साबित होगा क्योंकि यह व्यक्ति के शरीर में अग्नि तत्व को नियंत्रित करते हैं।

मंगल के तुला राशि में होने पर व्यक्ति में संतुलन का गुण आता है। इसके प्रभाव से व्यक्ति स्वभाव में शांत, सौम्य, प्रभावी, आर्थिक रूप से समृद्ध, रचनात्मक और कुशल प्रबंधक बनाता है। इसके अलावा मंगल की उग्रता को यहां स्थिरता मिलती है जो अचानक से प्रतिक्रिया को थोड़ा धीमा करने में सहायक बनती है।

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मंगल का तुला राशि में गोचर: तिथि और समय

मंगल अन्य सभी ग्रहों की तरह एक राशि से दूसरी राशि में गोचर करने के लिए 40 से 45 दिनों का समय लगाते हैं यानी इस समय अवधि के अंतराल में ये राशि परिवर्तन करते हैं। कुछ मामलों में मंगल का गोचर एक राशि में 5 महीने तक भी चल सकता है। इस बार साहस, वीरता और शौर्य के कारक ग्रह मंगल 03 अक्टूबर, 2023 की शाम 05 बजकर 12 मिनट पर वैभव, प्रेम-सौंदर्य के कारक ग्रह शुक्र की स्वामित्व वाली राशि तुला में गोचर करने जा रहे हैं। आइए अब जानते हैं इस गोचर का देश-दुनिया में क्या प्रभाव देखने को मिलेगा लेकिन इससे पहले जान लेते हैं तुला राशि में मंगल किस प्रकार परिणाम देते हैं।

तुला राशि में मंगल ग्रह का प्रभाव

तुला राशि में मंगल ग्रह के प्रभाव से जातक अपने रिश्ते को सबसे पहली प्राथमिकता देते हैं। मंगल प्रेरणा, जुनून, कार्रवाई और आक्रामकता के कारक हैं। वहीं, दूसरी ओर तुला राशि वाले जातक खुशमिजाज और प्रेम भावनाओं को समझने वाले होते हैं। इस राशि के स्वामी शुक्र हैं जो एक स्त्रीत्व वाली राशि है। ऐसे में तुला राशि में मंगल के प्रभाव से जातक मिलनसार होते हैं। इनके अंदर प्रेम, सौम्यता, तर्क संगत का गुण भी होता है और इनका व्यक्तित्व काफी प्रभावित करने वाला होता है। इनके स्वभाव में शीतलता की झलक देखने को मिलती है और ये झगड़े विवाद से दूर रहना पसंद करते हैं। ये बहुत जल्दी क्रोधित नहीं होते हैं। साहस और निडरता का गुण तो मंगल इन्हें देता ही है पर साथ ही इन्हें कला का गुण भी प्राप्त होता है। 

तुला राशि में मंगल के प्रभाव से जातक जल्दी समझौता कर लेते हैं और शांतिपूर्ण तरीकों से चीज़ों का हल निकालते हैं। इनके भीतर क्रोध व जुनून भी होता है जिसे ये अपनी चीज़ों को हासिल करने के लिए उपयोग भी करते हैं। इनके स्वभाव का सही से पता लगा पाना थोड़ा मुश्किल होता है क्योंकि कई बार इनके बाहर की कोमलता तो दिख जाती है पर अंदर की कठोरता हर किसी को पता नहीं चल पाती है। अपने जीवन में अच्छी वस्तुओं को पाने की इच्छा भी व्यक्ति में बहुत होती है। 

ये शान से जीवन जीना, महंगी अच्छी वस्तुओं को पाना, भौतिक सुख-सुविधाओं से युक्त जीवन जीने की इच्छा भी इनके अंदर होती है। करियर के मामले में इनके पास कई सारे विकल्प हो सकते हैं। काम के मामले में आगे रहते हैं और पूरे उत्साह के साथ और नई-नई योजनाओं के साथ जुड़ते हैं। इन लोगों में मजबूत संचार कौशल भी होता है और अपने इस गुण द्वारा ये एक अच्छे वक्ता भी बन सकते हैं।

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मंगल का तुला राशि में गोचर: वैश्विक स्तर पर प्रभाव

राजनीति और सरकार

  • भारत सरकार के प्रवक्ता और महत्वपूर्ण पदों पर बैठे अन्य राजनेता योजना बनाकर और सोच-विचार कर कोई भी कार्य कर सकते हैं।
  • सरकारी अधिकारी अपने कार्यों और योजनाओं का विश्लेषण जल्दबाजी में कर सकते हैं, लेकिन साथ ही, बहुत ही समझदारी और गहनता से विश्लेषण करते हुए नज़र आ  सकते हैं। 
  • सरकार की ओर से भविष्य के लिए आक्रामक योजना देखने को मिल सकती है।
  • मंगल गोचर के दौरान भारत सरकार के कार्य करने का तरीका और उनकी नीतियां जनता को पसंद आ सकती हैं।
  • भारत सरकार अब गंभीरता से विभिन्न क्षेत्रों जैसे मेडिसिन, मैकेनिक्स आदि से संबंधित योजनाओं को लागू करने की दिशा में काम करेगी जिसका फायदा देश की आबादी के एक बड़े हिस्से को मिलेगा।
  • देश के नेता आक्रामकता से पूर्ण लेकिन सोच-समझकर कार्य करते हुए दिखाई देंगे।

मेडिकल और अन्य क्षेत्र

  • मंगल के गोचर के दौरान चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े लोगों को तेज़ी उन्नति देखने को मिल सकती है।
  • मेडिकल और नर्सिंग के सेक्टर में विकास देखने को मिलेगा जिसका फायदा आम जनता को मिलेगा।
  • आईटी, सॉफ्टवेयर और मैकेनिकल इंडस्ट्री से जुड़े लोगों को लाभ प्राप्त होगा।
  • मंगल गोचर की अवधि लेखकों और कवियों के लिए फलदायी साबित होगी। विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लेखक इस दौरान प्रगति हासिल करेंगे।
  • मंगल का तुला राशि में गोचर का समय व्यापारियों और वार्ताकारों के लिए अच्छा साबित होगा।

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कला और मनोरंजन

  • मंगल का तुला राशि में गोचर एक्टिंग, सिंगिंग, डांसिंग से जुड़े लोगों का समर्थन करेगा।
  • इस गोचर के दौरान लोगों का झुकाव रचनात्मक क्षेत्रों की तरफ अधिक हो सकता है और जो लोग पहले से ही रचनात्मक क्षेत्रों से जुड़े हैं वे अपने करियर में उत्कृष्ट प्रदर्शन करेंगे।
  • इस अवधि के दौरान मनोरंजन और फैशन इंडस्ट्री तेज़ी से फलेगी-फूलेगी।

मंगल का तुला राशि में गोचर: शेयर बाजार की भविष्यवाणी

अक्टूबर के महीने में मंगल शुक्र द्वारा शासित राशि तुला में गोचर करने जा रहे हैं। मंगल के गोचर का प्रभाव देश-दुनिया के साथ-साथ शेयर बाजार पर भी देखने को मिलेगा। आइए देखते हैं कि मंगल का तुला राशि में गोचर के दौरान किस तरह के बदलाव देखने को मिलेंगे। शेयर बाजार भविष्यवाणी 2023 के अनुसार,

  • जैसे कि मंगल कन्या राशि में प्रवेश कर रहे हैं, तो इस दौरान रासायनिक उर्वरक, चाय, कॉफ़ी, स्टील, हिंडाल्को, वूलेन मिल्स आदि इंडस्ट्रीज़ में तेज़ी आने की संभावना है।
  • फार्मास्युटिकल इंडस्ट्रीज का प्रदर्शन मंगल गोचर के दौरान अच्छा रहेगा।
  • सर्जरी में उपयोग होने वाले उपकरण बनाने और उनका व्यापार करने वालों के लिए अवधि शुभ साबित होगी।
  • रिलायंस इंडस्ट्री, परफ्यूम और कॉस्मेटिक उद्योग, इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी आदि सेक्टरों की रफ़्तार धीमी पड़ सकती है और यह महीने के अंत तक जारी रहने की अनुमान है।
  • इस गोचर के दौरान फैशन फर्में और मिलें तेज़ी से फलेंगे-फूलेंगे।

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वृषभ राशि

वृषभ राशि वालों के लिए मंगल सातवें और बारहवें भाव के स्वामी हैं और यह आपके छठे भाव में गोचर करने जा रहे हैं। कुंडली में छठा भाव शत्रु, स्वास्थ्य, प्रतियोगिता, चाचा आदि का प्रतिनिधित्व करता है। ऐसे में, वृषभ राशि वालों के लिए मंगल का तुला राशि में गोचर अनुकूल कहा जा सकता है। क्योंकि इस दौरान आपके शत्रु और प्रतिद्वंद्वी आपको नुकसान पहुंचाने में असफल हो सकते हैं और आप उन पर हावी हो सकते हैं।

इस गोचर काल के दौरान आपको अपने कार्यक्षेत्र में कुछ सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकते हैं या फिर काम के सिलसिले में आपको लंबी दूरी की यात्रा या विदेश यात्रा पर जाना पड़ सकता है क्योंकि मंगल आपके बारहवें भाव पर दृष्टि डाल रहे हैं जो कि विदेशी भूमि का भाव है। मंगल का छठे भाव में गोचर के परिणामस्वरूप आप अपने प्रतिद्वंद्वियों से आगे निकलने में सक्षम होंगे। यदि आप प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं तो इस अवधि आपको सफलता मिलने की प्रबल संभावना है।

मिथुन राशि 

मिथुन राशि वालों के लिए मंगल छठे और ग्यारहवें भाव के स्वामी हैं और मंगल का गोचर आपके पांचवें भाव में होने जा रहा है। मंगल का यह गोचर सट्टा बाजार जैसे व्यवसाय से जुड़े लोगों के लिए अत्यंत फलदायी साबित होगा। इस दौरान आप अच्छा खासा लाभ कमाने में सक्षम होंगे। करियर की बात करें तो, यह गोचर मिथुन राशि के उन छात्रों के लिए अनुकूल रहेगा जो इंजीनियरिंग, मेडिकल आदि क्षेत्र की पढ़ाई कर रहे हैं या किसी अन्य प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं। इसके अलावा, जो लोग रचनात्मक कार्यों से जुड़े हैं वे भी अच्छा प्रदर्शन करने में सक्षम होंगे। जो छात्र विदेशी यूनिवर्सिटी में पढ़ाई कर रहे हैं या किसी विदेशी कोर्स या रिसर्च कार्य से जुड़े हैं उन्हें अपनी पढ़ाई व रिसर्च के लिए पूरा समर्थन प्राप्त होगा। ग्यारहवें भाव पर मंगल की दृष्टि पड़ने से यह समय निवेश और लाभ कमाने के लिए शानदार रहेगा।

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कर्क राशि

कर्क राशि के जातकों के लिए मंगल एक योगकारक ग्रह है क्योंकि यह आपके केंद्र भाव और त्रिकोण भाव को नियंत्रित करते हैं जो कि कुंडली का पांचवां और दसवां भाव होता है। मंगल का गोचर आपके चौथे भाव में होने जा रहा है और यह भाव भूमि, संपत्ति, वाहन, विलासिता, माता को दर्शाता है। ऐसे में यह गोचर कर्क राशि के जातकों के लिए बेहद शानदार साबित हो रहा है। यह समय घर, वाहन या संपत्ति आदि के खरीदारी के लिए अनुकूल रहेगा और इसका लाभ भविष्य में आपको मिलेगा।

वहीं चौथे भाव से मंगल आपके सातवें, दसवें और ग्यारहवें भाव पर दृष्टि डाल रहे हैं और इसके परिणामस्वरूप यह अवधि व्यापार में प्रगति के लिए फलदायी साबित होगी और साथ ही, आप पेशेवर जीवन में तरक्की हासिल करने के लिए पूरी तरह समर्पित होकर काम करेंगे। इस दौरान व्यापार, बिज़नेस पार्टनरशिप और वित्त आदि के क्षेत्र में लाभ की प्राप्ति होगी।

सिंह राशि

सिंह राशि के जातकों के लिए मंगल चौथे और नौवें भाव के स्वामी हैं और मंगल का यह गोचर आपके तीसरे भाव में होने जा रहा है। जिन जातकों का संबंध संवाद वाले क्षेत्रों जैसे कि डिजिटल मीडिया, वकालत आदि से है, उन्हें इस दौरान खूब तरक्की हासिल होगी। साथ ही, आपको अपने भाइयों, छोटे भाई-बहनों और चचेरे भाई-बहनों आदि का भी समर्थन प्राप्त होगा। तीसरे भाव में मंगल का गोचर आपको साहस से भर सकता है और इसके परिणामस्वरूप आप कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी जीत का परचम लहराएंगे। तीसरे भाव से, मंगल आपके छठे, नौवें और दसवें भाव पर दृष्टि डाल रहे हैं। ऐसे में, यह समय दुश्मनों और प्रतिद्वंदियों पर जीत हासिल करने के लिए अच्छा रहेगा क्योंकि इस दौरान वह आपको नुकसान पहुंचाने में सफल नहीं होंगे।

हालांकि, आपको अपने पिता के स्वास्थ्य पर अधिक ध्यान देने की आवश्यकता होगी। पिता की सेहत को लेकर आप चिंतित हो सकते हैं। इसके अलावा, आप इस गोचर के दौरान धर्म-कर्म के कार्यों में रुचि लेंगे और धार्मिक गतिविधियों में आप खुद को काफी व्यस्त रखेंगे। मंगल तीसरे भाव में बैठकर आपके दसवें भाव को देखेंगे जो कि प्रोफेशन का भाव है। ऐसे में, सिंह राशि के जातक पेशेवर जीवन में अच्छा प्रदर्शन करेंगे और करियर में तेज़ी से वृद्धि होगी। जो जातक हाल-फिलहाल में ग्रेजुएट हुए हैं और किसी प्रभावशाली व्यक्ति की मदद से करियर को शुरू करने के लिए अच्छी नौकरी की तलाश में हैं, तो मंगल का गोचर इसमें आपकी सहायता कर सकता है।

तुला राशि

तुला राशि वालों के लिए मंगल दूसरे और सातवें भाव के स्वामी हैं और मंगल का गोचर आपके पहले यानी लग्न भाव में होने जा रहा है। लग्न भाव से मंगल आपके चौथे, सातवें और आठवें भाव पर दृष्टि डाल रहे हैं। हालांकि, मंगल महाराज की चौथे भाव पर दृष्टि पड़ने से यह समय संपत्ति या वाहन की खरीद-बिक्री के माध्यम से लाभ कमाने के लिए श्रेष्ठ रहेगा। साथ ही, आपको अपनी माता का भी सहयोग मिलेगा लेकिन आपको उनके स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहने की आवश्यकता हो सकती है। ऐसे में हो सकता है कि आप उनके बारे में जरूरत से ज्यादा पजेसिव हो जाएं।

वहीं सातवें भाव में मंगल की दृष्टि बिज़नेस पार्टनरशिप करने वालों के लिए अच्छी साबित होगी और आपको हर कदम पर अपने जीवनसाथी का सहयोग भी प्राप्त होगी। हालांकि, मंगल का लग्न भाव में गोचर के परिणामस्वरूप आपको स्वभाव में आक्रामक बना सकती है, जिसके कारण आपका अपने पार्टनर के साथ विवाद या झगड़ा हो सकता है। ऐसे में, इन जातकों को अपने व्यवहार पर नज़र बनाए रखने और वाणी पर नियंत्रण बनाए रखने की सलाह दी जाती है।

धनु राशि

धनु राशि वालों के लिए मंगल पांचवें और बारहवें भाव के स्वामी हैं और यह आपके ग्यारहवें भाव में गोचर करने जा रहे हैं। धनु राशि के जातकों, मंगल का यह गोचर आर्थिक लाभ की दृष्टि से आपके लिए अच्छा रहेगा। इस दौरान आपको विदेश से धन लाभ हो सकता है। इसके परिणामस्वरूप, शेयर बाजार से जुड़े लोगों और विदेशी कंपनियों के शेयरों जैसे- क्रिप्टो, रियल एस्टेट आदि में निवेश के इच्छुक लोगों के लिए समय फलदायी साबित होगा।

इसके अलावा, मंगल का ग्यारहवें भाव में गोचर आपके भीतर भौतिक चीज़ों के प्रति इच्छाओं को बढ़ा सकता है। साथ ही, आपको अपने बड़े भाई, मेल फ्रेंड्स, चाचा आदि का सहयोग भी प्राप्त होगा और ग्यारहवें भाव से मंगल आपके दूसरे, पांचवें और छठे भाव पर दृष्टि डाल रहे हैं। जब मंगल की दृष्टि आपके दूसरे भाव पर होगी उस समय आपका रवैया परिवार को लेकर सकारात्मक रहेगा और बचत करने के बारे में भी आप विचार कर सकते हैं लेकिन आपकी वाणी आक्रामक हो सकती है। छठे भाव पर मंगल की दृष्टि किसी क़ानूनी मुकदमे का फैसला आपके पक्ष में आने की संभावना है। साथ ही, जो लोग सरकारी क्षेत्र से जुड़े हैं या प्रशासनिक स्तर पर रहकर काम कर रहे हैं उनके लिए यह अवधि लाभदायक होगी।

मकर राशि

मकर राशि वालों के लिए मंगल आपके चौथे और ग्यारहवें भाव के स्वामी है और यह पेशे के दसवें भाव में गोचर करने जा रहे हैं। मंगल का दसवें भाव में गोचर बहुत अधिक अनुकूल माना जाता है क्योंकि इस भाव में उसे दिग्बल प्राप्त होता है। इसके परिणामस्वरूप, मकर राशि के जातकों के लिए मंगल का गोचर आपके पेशेवर जीवन के लिए फलदायी रहेगा। आपको कार्यस्थल पर अपने आसपास के लोगों और वरिष्ठों का पूरा सहयोग प्राप्त होगा। साथ ही, यह अवधि प्रॉपर्टी, कंस्ट्रक्शन और रियल एस्टेट आदि से जुड़े लोगों के लिए भी शानदार रहेगा।

मंगल दसवें भाव से आपके पहले, चौथे और पांचवें भाव पर दृष्टि डाल रहे हैं। ऐसे में, आप अति आत्मविश्वासी और ऊर्जा से खुद को भरा हुआ महसूस करेंगे, जिसके चलते आप अपने पेशेवर जीवन को बेहतर बना सकें। इसी दौरान मंगल की दृष्टि आपके चौथे भाव पर होगी जो आपकी मेहनत और समर्पण के बल पर पेशेवर जीवन में नई संभावनाएं पैदा करेगी।

मंगल का तुला राशि में गोचर: इस एक राशि को चुनौतियों का करना पड़ सकता है सामना!

वृश्चिक राशि

वृश्चिक राशि वालों के लिए, मंगल आपके लग्न यानी पहले और छठे भाव के स्वामी हैं और यह आपके बारहवें भाव में गोचर करने जा रहे हैं, जो कि विदेशी भूमि, पृथक्करण, अस्पतालों, एमएनसी कंपनियों को दर्शाता है। ऐसे में, यह गोचर आपके लिए विदेश यात्रा या फिर किसी दूर स्थान की यात्रा के अवसर लेकर आ सकता है और हो सकता है कि आप इस नई जगह आपक संतुष्टि महसूस न हो। छठे भाव का स्वामी आपके बारहवें भाव में जा रहा है और फलस्वरूप, यह अवधि पैसे उधार लेने या देने के लिए सही नहीं होगी क्योंकि इससे आपकी बचत प्रभावित हो सकती है और साथ ही, आपकी प्रतिष्ठा में भी गिरावट आ सकती है। मंगल बारहवें भाव से आपके तीसरे, छठे और सातवें भाव पर दृष्टि डाल रहे हैं इसलिए अवधि में किसी छोटी यात्रा या फिर चिकित्सा पर होने वाले ख़र्चों या क़ानूनी विवाद आदि के कारण आपके खर्चें बढ़ सकते हैं। वहीं, इसके सकारात्मक पक्ष को देखें तो, वृश्चिक राशि वालों के दुश्मन आपको नुकसान पहुंचाने में सफल नहीं हो पाएंगे।

मंगल के गोचर के अशुभ प्रभाव से बचने के आसान ज्योतिषीय उपाय

  • प्रतिदिन हनुमान चालीसा का पाठ करें
  • मंगलवार का व्रत रखें
  • छोटे बच्चों को बेसन के लड्डू या बूंदी के लड्डू खिलाएं।
  • बजरंग बाण का पाठ करें।
  • अपने घर और कार्यस्थल पर मंगल यंत्र स्थापित करें और उसकी विधि-विधान से पूजा करें।

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